होली खेलने से पहले अपनाएं यह सुरक्षा कवच
बदलते मौसम और त्वचा का ध्यान
अगर लग जाए पक्का रंग तो क्या करें?

अगर लग जाए पक्का रंग तो क्या करें?

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव माता पार्वती के साथ काशी वाराणसी आए थे जहां नगरवासियों ने उनका रंगों और गुलाल से स्वागत किया था। तब से इस दिवस को रंगभरी एकादशी के रूप में मनाया जाता है और काशी में होली उत्सव की शुभ शुरुआत भी इसी दिन मानी जाती है।
रंगभरी एकादशी 2026 की तिथि वेदिक पंचांग के अनुसार:
फाल्गुन शुक्ल एकादशी तिथि 27 फरवरी 2026 की रात 12:33 बजे से प्रारंभ होकर 10:32 बजे तक रहेगी। उदय तिथि के नियम के अनुसार सुबह के समय पर यह तिथि मौजूद रहने के कारण 27 फरवरी शुक्रवार को ही रंगभरी एकादशी का व्रत रखा जाएगा।
रंगभरी एकादशी पर पूजा का शुभ मुहूर्त
व्रत पारण कब करें?
पूजा का महत्व और विधि
धार्मिक एवं सांस्कृतिक संदर्भ

अर्शदीप का घातक स्पेल
तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने 4 ओवर में 24 रन देकर 3 विकेट झटके और जिम्बाब्वे की पारी की कमर तोड़ दी। उन्होंने सिकंदर रज़ा, रयान बर्ल और टोनी मुन्योंगा को आउट कर मैच भारत की झोली में डाल दिया।
ब्रायन बेनेट की जुझारू पारी
जिम्बाब्वे के लिए ब्रायन बेनेट ने 59 गेंदों में नाबाद 97 रन बनाकर संघर्ष किया। उनकी पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल थे। हालांकि, वह शतक से तीन रन दूर रह गए। भारत की ओर से स्थानीय खिलाड़ी वरुण चक्रवर्ती ने भी कसी हुई गेंदबाजी की, जबकि अक्षर पटेल ने तादिवानाशे मारुमानी का अहम विकेट लिया।
बल्लेबाजी में भी दम
संजू सैमसन को इस बार प्लेइंग इलेवन में मौका मिला था, जो 24 रन बनाकर आउट हो गए। संजू ने लगातार फ्लॉप चल रहे अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 22 गेंदों पर 48 रन जोड़े। इसके बाद अभिषेक शर्मा (55 रन) ने ईशान किशन के साथ न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि तेजी से रन भी बटोरे। दोनों के बीच अगले 7 ओवर में 72 रन की साझेदारी हुई। ईशान किशन ने 38 रन की पारी खेली।
कप्तान सूर्यकुमार ने भी अच्छे हाथ दिखाए और 3 चौके और 2 छक्कों की मददसे 13 गेंदों में 33 रन जड़ दिए। हालांकि मैच का आनंद तब आया जब हार्दिक पंड्या (23 गेंदों पर 50 रन) और तिलक वर्मा (16 गेंद में 44 रन) 31 गेंदों पर 84 रन जोड़ डाले। इस बल्लेबाजी वर्चस्व से भारत ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा और टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर भी बनाया।
अब वेस्टइंडीज से निर्णायक भिड़ंत
इस जीत से भारत का नेट रन रेट बेहतर हुआ और टीम की अभियान पटरी पर लौट आया। अब 1 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला ‘वर्चुअल नॉकआउट’ होगा। इस मैच का विजेता सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ाएगा। भारत के लिए जीत का अंतर भले ही बड़ा रहा हो, लेकिन गेंदबाजी संयोजन में सुधार की जरूरत स्पष्ट दिखी। वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मुकाबले से पहले टीम प्रबंधन इन पहलुओं पर खास ध्यान देगा।

बताया जा रहा है कि एक कबाड़ी की दुकान पर गैस से भरा सिलेंडर लाया गया था। कबाड़ी सिलेंडर को काट रहा था, उसी दौरान उसमें भरी गैस रिसने लगी। गैस फैलते ही आसपास के लोगों को घबराहट और सांस लेने में परेशानी होने लगी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कबाड़ी को हिरासत में ले लिया। दमकल विभाग की टीम ने सिलेंडर को अपने कब्जे में लेकर मौके से हटाया। क्षेत्र में पानी का छिड़काव भी किया गया, जिसके बाद हालात कुछ हद तक काबू में आए।
जहरीली गैस रिसाव से सांस लेने में तकलीफ होने के बाद दो महिलाओं समेत पांच लोगों को एहतियातन अस्पताल भेजा गया। प्रशासन के मुताबिक सभी की हालत स्थिर है और कोई भी गंभीर नहीं है। सीएमएचओ डॉक्टर माधव हसनी ने बताया कि पांचों की हालत ठीक है।
डीसीपी आनंद कालादगी ने बताया कि ककतपुरा पुल के नीचे शहजाद नाम के एक कबाड़ी द्वारा सिलेंडर काटा जा रहा था। इसी दौरान उसमें से अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस फैलते ही आसपास मौजूद लोगों को घबराहट और सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगी। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति गंभीर रूप से प्रभावित नहीं हुआ है। सभी लोग सुरक्षित हैं। पुलिस ने कबाड़ी शहजाद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।

नई दिल्ली में गुरुवार को आयोजित एसएटीटीई अवॉर्ड्स समारोह के दौरान यह पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसे मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने प्राप्त किया। विजेताओं का चयन प्रतिष्ठित विशेषज्ञों और उद्योग जगत के वरिष्ठ नेताओं की जूरी द्वारा किया गया।
पर्यटन सचिव एवं मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने बताया कि एसएटीटीई 2026 में लगातार दूसरे वर्ष ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म’ अवॉर्ड मिलना मध्य प्रदेश के पर्यटन इको सिस्टम को मजबूत करने के हमारे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ सतत, जिम्मेदार और अनुभव-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये सरकार निरंतर प्रयासरत है। बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, पर्यटक सुविधाओं और नवाचारपूर्ण पहलों में लगातार सुधार ने मध्य प्रदेश को विरासत, वन्यजीव, आध्यात्मिक और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में अग्रणी गंतव्य बना दिया है।
प्रबंध संचालक डॉ. इलैया ने कहा कि मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड राज्य की विविधता को व्यापक रूप से प्रस्तुत कर रहा है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों जैसे खजुराहो समूह स्मारक, सांची स्तूप और भीमबेटका रॉक शेल्टर्स से लेकर प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व, पवित्र आध्यात्मिक केंद्र जैसे उज्जैन और ओंकारेश्वर, जीवंत जनजातीय एवं लोक परंपराएं, ग्रामीण पर्यटन अनुभव, एडवेंचर सर्किट और उभरते हुए अनुभवात्मक गंतव्य तक सतत विकास, सामुदायिक भागीदारी और बेहतर पर्यटक अनुभव पर विशेष ध्यान देते हुए मध्यप्रदेश एक ऐसे गंतव्य के रूप में विकसित हो रहा है, जो देश और दुनिया भर के यात्रियों को गहराई, प्रामाणिकता और वर्षभर आकर्षण प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि एसएटीटीई 2026 में मिला यह सम्मान इस बात की पुष्टि करता है कि मध्य प्रदेश घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के पर्यटकों को आकर्षित करने में सफल रहा है और भारत में एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में अपनी स्थिति को निरंतर मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

गुरुवार को सामान्य प्रशासन विभाग के दल द्वारा मंत्रालय, वल्लभ भवन, विंध्याचल भवन एवं सतपुड़ा भवन में स्थित शासकीय कार्यालयों में शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों की प्रात: 10 बजे उपस्थित सुनिश्चित कराये जाने के संबंध में जानकारी प्राप्ति की गई। इस दौरान सभी प्रमुख विभागों के कार्यालय में जाकर उपस्थिति रजिस्टर चेक किए। वहीं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी ऐसा करने को कहा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नववर्ष-2026 के उपलक्ष्य में ली गई बैठक में निर्देश दिये थे कि सभी अधिकारी-कर्मचारी कार्यालयीन शासकीय निर्धारित समय प्रात: 10 से 6 बजे तक उपस्थित रहेंगे। गुरूवार को हुए आकस्मिक निरीक्षण में कई अधिकारियों का अपने दायित्व निर्वाहन किये जाने संबंध में विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा में भी उपस्थिति पाई गई।
शुक्रवार को मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा ली जायेगी जानकारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर शुक्रवार 27 फरवरी को प्रात: 10 से 10.30 के बीच मुख्य सचिव कार्यालय से भी सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिवों को दूरभाष पर संपर्क कर उनके कार्यालय के अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों के उपस्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की जायेगी।

Chief Minister
ण के लिए काम कर रही है। किसान कल्याण के लिए इस साल बजट में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि प्रस्तावित है। किसान कल्याण वर्ष में कृषि आधारित व्यापार गतिविधियां बढ़ाने के लिए प्रयास जारी हैं, जिससे किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को सागर जिले के गढ़ाकोटा के ऐतिहासिक रहस मेले के शुभारंभ एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों के राशि अंतरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सागर जिले के रहली क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देते हुए फूड पार्क स्थापित किया जाएगा। इससे क्षेत्र के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती आल्हा-ऊदल जैसे वीरों की धरती है। सागर जिले का रहस मेला ऐतिहासिक है। उन्होंने रहस मेले के 217 साल पुराने गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए और उनके शौर्य को प्रणाम करते हुए कहा -“बड़े लडैया महोबा वाले, जिन की मार सही ना जाये। एक को मारे दोई मर जावे, तीजा खौफ खाये मर जाये।।”- ऐसी वीरता और पराक्रम का लोहा मनवाने वाले मातृभूमि पर सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान योद्धाओं की भूमि को कोटिशः नमन।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में परमात्मा ने ऋतुओं और मौसम के साथ मेलों का अद्भुत संबंध बनाया है। जब धान और सोयाबीन कटे तो दीवाली और गेहूं की फसल आने पर होली मनाई जाती है। बुंदेलखंड की धरती पर आकर मन आनंदित हो जाता है। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार पशुपालन और दूध उत्पादन बढ़ाने को प्राथमिकता दे रही है। बजट 2026-27 में नई यशोदा योजना की शुरुआत की गई है। अब हमारे स्कूलों में 8वीं तक के विद्यार्थियों को ट्रेटा पैक दूध नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश की बहनों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपये की राशि मिल रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए संकल्पित है। रहली में सूक्ष्म औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए कमेटी गठित की जाए। यहां पारम्परिक बीड़ी उद्योग के साथ हस्त शिल्प कलाओं को भी आगे बढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की माह जनवरी पेड इन फरवरी 2026 की राशि हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक से अंतरित की। इस पेंशन योजनाओं में प्रति हितग्राही प्रतिमाह 600 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री ने 32.78 लाख से अधिक हितग्राहियों के खाते में 196.72 करोड़ की राशि ट्रांसफर की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रहली विधासभा क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूती देते हुए खेजरा-शाहपुर-मोकलपुर फ्लाईओवर के निर्माण की स्वीकृति दी। उन्होंने रहली एवं गढ़ाकोटा कृषि उपज मंडी के उन्नयन के लिए 5-5 करोड़ रुपये एवं शाहपुर उपमंडी के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जिससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज का सही दाम और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें, इसके साथ ही उन्होंने रहली रमखरिया, सिमरिया नायक बहेरिया मढ़ि (लगभग 22 किलोमीटर) मार्ग के उन्नयन और चौड़ीकरण की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड में बीड़ी उद्योग और तेंदूपत्ता संग्रहण केवल व्यापार नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की जीविका रहा है। यहां बीड़ी, तेंदूपत्ते और हस्तकला आधारित लघु इकाइयों को मिलेगा प्रोत्साहन दिया जाएगा। बीड़ी बनाने वाले एवं तेंदूपत्ता का संग्रहण करने वाले व्यक्तियों के उन्नयन के लिए सांसद, विधायक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि एक कमेटी बनाकर लिये गये निर्णय अनुसार कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए स्पोर्ट्स एवं स्टेडियम कॉम्प्लेक्स का निर्माण होगा। इसी प्रकार ढाना में शासकीय महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय और इतिहास के नए विषय खोलने को भी मंजूरी दी।
उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सेवा के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है। रहली क्षेत्र के विद्यार्थियों को भव्य सांदीपनि विद्यालय की सौगात मिली है। अब बच्चों को गणवेश, किताबें, साइकिलें नि:शुल्क वितरित की जा रही हैं। स्कूल टॉपर को स्कूटी दी जाती है। प्रदेश के सांदीपनि विद्यालय प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ रहे हैं।
प्रमुख घोषणाएं
– गढ़ाकोटा और रहली में मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनेगा।
– महाविद्यालय में वाणिज्य और इतिहास के नए संकाय की कक्षाएं शुरू होंगी।
– क्षेत्र में नया फ्लाई-ओवर और सड़कों का उन्नयन किया जाएगा।
– गढ़ाकोटा और रहली कृषि उपज मंडी में विकास कार्यों के लिए 5-5 करोड़ की राशि मिलेगी।
– शाहपुरा कृषि उपज मंडी के विकास कार्यों के लिए भी एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
– सोनार नदी के माध्यम से सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि रहस मेले की शुरुआत 217 साल पहले बुंदेलखंड के तत्कालीन शासक मर्दन सिंह जूदेव के राज्यारोहण के उपलक्ष में हुई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा भी वर्ष 1990 में यहां पधारे थे। मेला परंपरागत रूप से हर वर्ष भव्यता के साथ आयोजित हो रहा है। रहली-गढ़ाकोटा क्षेत्र पहले काफी पिछड़ा था, लेकिन 2003 में राज्य और उसके बाद वर्ष 2014 में केंद्र में हमारी सरकार बनने के बाद यहां विकास की गति तेज हुई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विशेष आशीर्वाद से रहली क्षेत्र की जरूरी आवश्यकताएं पूर्ण हुई हैं। क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं को विस्तार देने की जरूरत है। भार्गव ने लव-कुश धाम निर्माण और राज्य के भीतर नदी जोड़ो प्रकल्प के तहत बुंदेलखंड में मां नर्मदा को सोनार नदी से जोड़ने का सुझाव दिया।

जापान में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि जापान में 90 हजार करोड़ के एमओयू और लगभग 1.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल को प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार सिंगापुर में 60 हजार करोड़ के एमओयू और लगभग एक लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों को आगे बढ़ाने का कार्य इन्वेस्ट यूपी और राज्य के अन्य संबंधित विभाग समयबद्ध ढंग से करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरी यात्रा के दौरान यह स्पष्ट रूप से देखने को मिला कि कानून-व्यवस्था (लॉ एंड ऑर्डर) और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर प्रधानमंत्री मोदी का प्रारंभ से रहा फोकस अब परिणाम दे रहा है। टेक्नोलॉजी के व्यापक उपयोग और प्रशासनिक पारदर्शिता से वैश्विक निवेशकों का विश्वास अर्जित होता है और यही विश्वास दोनों देशों में उत्तर प्रदेश के प्रति दिखाई दिया। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया गया है तथा रूल ऑफ लॉ के अनुरूप बेहतर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिसका सकारात्मक प्रभाव निवेश के माहौल पर पड़ा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि यामानाशी के गवर्नर अगस्त माह में लगभग 200 जापानी सीईओ के प्रतिनिधिमंडल के साथ उत्तर प्रदेश आने वाले हैं, जो संभावित निवेश को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। इसी प्रकार सिंगापुर से भी एक बड़ा बिजनेस डेलिगेशन उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आने को उत्सुक है। योगी ने कहा कि इस यात्रा के दौरान भारतीय समुदाय के साथ संवाद का अवसर भी मिला। सिंगापुर, टोक्यो और यामानाशी, तीनों स्थानों पर भारतीय समुदाय के साथ बड़े और उत्साहपूर्ण कार्यक्रम संपन्न हुए, जिन्होंने भारत और उत्तर प्रदेश के प्रति सकारात्मकता और विश्वास को और सुदृढ़ किया।
पांच लाख रोजगार की संभावना
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास पर्याप्त स्केल, बड़ा लैंड बैंक और निवेश को आकर्षित करने के लिए स्पष्ट सेक्टोरल पॉलिसियां हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था की सुदृढ़ स्थिति और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था निवेशकों के विश्वास को मजबूत कर रही है। यदि 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू और 2.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जमीनी धरातल पर उतरते हैं, तो पांच लाख से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सिंगापुर और जापान की यह यात्रा केवल समझौतों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, स्किलिंग, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास की नई दिशा तय करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौरा उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मील का पत्थर सिद्ध होगा।
नए अवसरों की शुरुआत
सिंगापुर व जापान के चार दिवसीय दौरे के समापन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यात्रा का चौथा दिन है और एक प्रकार से यह यात्रा के विराम का दिन है। उन्होंने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज पूरी दुनिया में भारत के प्रति अत्यंत सकारात्मक भाव बना है। उनके मार्गदर्शन और प्रेरणादायी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पिछले साढ़े आठ-नौ वर्षों में जो ठोस कदम उठाए गए हैं, उनका सकारात्मक संदेश विश्व के देशों तक पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन चार दिनों में प्रतिनिधिमंडल ने अनेक विशिष्ट व्यक्तियों और संस्थाओं के साथ सार्थक संवाद किया। जी2जी (गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट) स्तर पर उच्चस्तरीय बैठकें संपन्न हुईं, जी2बी (गवर्नमेंट-टू-बिजनेस) स्तर पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ तथा बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) बैठकों के माध्यम से औद्योगिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई। दोनों देशों में इन सभी बैठकों और कार्यक्रमों को मिलाकर लगभग 60 से अधिक औपचारिक संवाद और कार्यक्रम आयोजित हुए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस दौरान तीन बड़े निवेश रोड शो आयोजित किए गए। एक सिंगापुर में, जिसमें बड़ी संख्या में निवेशक और वित्तीय संस्थानों के अध्यक्ष एवं सीईओ उपस्थित रहे तो दूसरा टोक्यो में और तीसरा आज जापान के प्रमुख प्रांत यामानाशी में संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में आयोजित इन कार्यक्रमों में कुल मिलाकर लगभग 450 से 500 निवेशक, उद्योगपति तथा वित्तीय संस्थानों के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल हुए, जो उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को लेकर गंभीर और उत्साहित दिखे।
सिंगापुर में टेक्नोलॉजी, फिनटेक से लेकर टूरिज्म तक सकारात्मक संवाद
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरी यात्रा के दौरान सिंगापुर में आईटी, ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर, लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, टूरिज्म, फिनटेक, मेडटेक और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों को लेकर अत्यंत सकारात्मक वार्ता हुई। अनेक निवेशकों ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए एमओयू किए, जबकि कई अन्य कंपनियों ने अपने निवेश प्रस्ताव भी सौंपे। उन्होंने बताया कि कई प्रमुख सिंगापुर-आधारित कंपनियां उत्तर प्रदेश में अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए पूरी तत्परता के साथ आने को तैयार हैं। इसके बाद टोक्यो में जी2जी (गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट) और जी2बी (गवर्नमेंट-टू-बिजनेस) स्तर की बैठकें संपन्न हुईं।
ऑटो, ग्रीन हाइड्रोजन और ‘जापान सिटी’ पर ठोस पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन कंपनियों के साथ बैठकें हुईं, उनमें ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन हाइड्रोजन, सीएनजी और सोलर जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल रहे। विशेष रूप से सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन, होंडा मोटर्स और मित्सुई जैसी अग्रणी कंपनियों के साथ सार्थक चर्चा हुई। इसके अलावा उद्योग एवं वाणिज्य संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
तकनीक, निवेश और स्किल साझेदारी पर सहमति
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर में प्रतिनिधिमंडल ने इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (आईटीई) जैसे उच्च स्तरीय स्किलिंग सेंटर का निरीक्षण किया। वहां संचालित प्रशिक्षण मॉड्यूल, उद्योग-आधारित पाठ्यक्रम और युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था का विस्तार से अध्ययन किया गया। उन्होंने बताया कि जापान प्रवास के दौरान ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण करने के साथ-साथ प्रतिनिधिमंडल ने सुपर हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन का अवलोकन किया और उसमें यात्रा का अनुभव भी प्राप्त किया।

डॉक्टर कहते हैं कि खुद को पॉजिटिव कल्पना में देखें। उदाहरण के लिए सोचें कि आप स्कूल टॉपर बन रहे हैं और अपने जीवन में खुशहाल और संतुलित भविष्य जी रहे हैं। यह मानसिक तैयारी आपको परीक्षा में घबराहट कम करने में मदद करेगी। इतना ही नहीं, यह समझना भी महत्वपूर्ण है कि परीक्षा सफलता का केवल एक तरीका है, जीवन में अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।
पढ़ाई की तैयारी के टिप्स:
छोटे और आसान लक्ष्य तय करें। उदाहरण के लिए 25–30 मिनट पढ़ें, 10 मिनट रिवीजन करें और 15 मिनट ब्रेक लें। खुद के नोट्स बनाएं क्योंकि लिखने से याददाश्त तेज होती है। कठिन टॉपिक्स को छोटे हिस्सों में बांटकर अभ्यास करें और आत्मविश्वास बनाए रखें। डायग्राम और चित्रों का इस्तेमाल याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है। पढ़ाई के लिए टाइम टेबल तय करें और रोज 7–8 घंटे नींद लें। नींद के दौरान पढ़ा हुआ लंबे समय तक याद रहता है। दोस्तों के साथ मिलकर पढ़ाई करें और घर का पौष्टिक खाना खाएं। रोज 30 मिनट हल्की एक्सरसाइज से दिमाग सक्रिय रहता है।
परीक्षा का सामना करने के टिप्स:
आखिरी समय की पढ़ाई से बचें। इससे आत्मविश्वास कमजोर होता है और तनाव बढ़ता है। परीक्षा से एक दिन पहले बैग, पैन-पेंसिल, हॉल टिकट जैसी जरूरी चीजें तैयार रखें। खुद की तुलना दूसरों से न करें। हर छात्र की अपनी ताकत और कमजोरियां होती हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया से दूरी बनाएं। आराम के लिए म्यूजिक सुनें, हल्की टहलें या दोस्तों से बात करें।
डॉक्टर बताते हैं कि अगर अत्यधिक घबराहट या पैनिक अटैक हो तो गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज, योग और मेडिटेशन अपनाएं। फिर भी अगर राहत न मिले तो किसी अच्छे साइकियाट्रिस्ट से परामर्श जरूर लें।
इस तरह, पढ़ाई और परीक्षा की सही तैयारी, पॉजिटिव सोच और मानसिक संतुलन के जरिए छात्र अपनी घबराहट को कम कर सकते हैं और बोर्ड एग्जाम का सामना आत्मविश्वास के साथ कर सकते हैं। याद रखें, असफलता भी सफलता का हिस्सा है और उससे सीखकर आगे बढ़ना सबसे महत्वपूर्ण है।

DGCA द्वारा जारी इन संशोधित नियमों में नाम की गलती सुधारने को लेकर भी विशेष ध्यान दिया गया है। अक्सर बुकिंग के समय नाम में टाइपिंग की गलती हो जाती थी, जिसे ठीक कराने के लिए यात्रियों को मोटी फीस देनी पड़ती थी। अब नए नियमों के मुताबिक, यदि टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक किया गया है, तो यात्री 24 घंटे के भीतर अपने नाम में सुधार मुफ्त में करा सकेंगे। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ‘लुक-इन’ की सुविधा उन टिकटों पर लागू नहीं होगी जो यात्रा की तारीख से बहुत करीबघरेलू के लिए 7 दिन और अंतरराष्ट्रीय के लिए 15 दिन पहले बुक किए गए हैं।
रिफंड की प्रक्रिया को लेकर भी नियामक ने सख्त रुख अपनाया है। अब एयरलाइनों को हर हाल में 14 कार्य दिवसोंWorking Days के भीतर रिफंड की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अक्सर देखा जाता था कि ट्रैवल एजेंट या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बुक किए गए टिकटों का रिफंड हफ्तों तक अटका रहता था, लेकिन अब इसकी सीधी जिम्मेदारी एयरलाइन की तय की गई है। इसके अलावा, मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में भी यात्रियों को राहत दी गई है; यदि परिवार का कोई सदस्य अस्पताल में भर्ती होता है, तो एयरलाइन को रिफंड या क्रेडिट शेल का विकल्प देना होगा।
इन बदलावों की पृष्ठभूमि दिसंबर 2025 में हुई भारी शिकायतों से जुड़ी है। आंकड़ों के अनुसार, अकेले दिसंबर 2025 में 29,000 से अधिक शिकायतें मिली थीं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा रिफंड में देरी से जुड़ा था। साल 2025 में भारतीय एयरलाइनों ने रिकॉर्ड 16.69 करोड़ से अधिक यात्रियों को सफर कराया है। बढ़ते बाजार और यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए DGCA के ये नए नियम विमानन क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ता संतुष्टि की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।