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  • छत्रपति शिवाजी महाराज पर बयान से विवाद, रितेश देशमुख का तीखा रिएक्शन—‘ऐसी बातें स्वीकार नहीं’

    छत्रपति शिवाजी महाराज पर बयान से विवाद, रितेश देशमुख का तीखा रिएक्शन—‘ऐसी बातें स्वीकार नहीं’

    नई दिल्ली। छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर दिए गए एक बयान के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह मामला उस समय और गर्मा गया जब अभिनेता और फिल्ममेकर रितेश देशमुख ने इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। रितेश ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए साफ शब्दों में कहा कि महान ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के बारे में इस तरह की बातें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकतीं।

    जानकारी के अनुसार, हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़ा एक कथन सामने आया था, जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया।

    इस कथन में महाराज के संघर्ष और उनके निर्णयों को लेकर टिप्पणी की गई थी, जिसे उनके समर्थकों और इतिहास से जुड़े जानकारों ने गलत और भ्रामक बताया। इसके बाद यह मुद्दा तेजी से चर्चा में आ गया और अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

    रितेश देशमुख, जो खुद शिवाजी महाराज के जीवन और विचारों से गहरी प्रेरणा लेने की बात करते रहे हैं, इस बयान से काफी आहत नजर आए। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्वों की विरासत को कमजोर करने या गलत तरीके से पेश करने की कोशिशें स्वीकार नहीं की जाएंगी। उनके अनुसार, शिवाजी महाराज केवल एक ऐतिहासिक नाम नहीं, बल्कि प्रेरणा और स्वाभिमान का प्रतीक हैं, जिनका सम्मान हर हाल में बनाए रखना जरूरी है।

    विवाद बढ़ने के बाद संबंधित पक्ष की ओर से स्पष्टीकरण और खेद व्यक्त किया गया। कहा गया कि बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है और किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं था। इसके बावजूद मामला शांत होता नहीं दिखा और सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर बहस जारी रही।

    इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर टिप्पणी करते समय कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि इतिहास से जुड़े विषय केवल तथ्यों के आधार पर ही प्रस्तुत किए जाने चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी या विवाद से बचा जा सके।

    इसी बीच, रितेश देशमुख अपनी आगामी ऐतिहासिक फिल्म को लेकर भी चर्चा में हैं, जिसमें वह छत्रपति शिवाजी महाराज के किरदार में नजर आने वाले हैं। फिल्म को लेकर दर्शकों में पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है, और यह विवाद इसे और अधिक सुर्खियों में ले आया है।

    पूरा मामला अब सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह इतिहास, भावनाओं और अभिव्यक्ति की सीमाओं पर एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है।

  • कोलंबिया में बस में भीषण धमाका, 14 की मौत; सरकार ने बताया आतंकी हमला

    कोलंबिया में बस में भीषण धमाका, 14 की मौत; सरकार ने बताया आतंकी हमला


    नई दिल्ली! दक्षिण-पश्चिमी कोलंबिया में शनिवार को एक यात्री बस को निशाना बनाकर किए गए भीषण विस्फोट में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 38 से अधिक यात्री घायल हो गए। कोलंबियाई सेना ने इस घटना को आतंकी हमला बताया है।

    यह धमाका काउका क्षेत्र के काजिबियो नगर स्थित पैनअमेरिकन हाईवे पर उस समय हुआ, जब बस वहां से गुजर रही थी। स्थानीय प्रशासन के अनुसार विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि बस के परखच्चे उड़ गए और आसपास का इलाका दहल उठा।

    घायलों में बच्चे भी शामिल

    काउका क्षेत्र की स्वास्थ्य अधिकारी कैरोलिना कामार्गो ने बताया कि घायलों में पांच बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है, जबकि कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    आतंकी गुटों पर आरोप

    कोलंबिया सेना के कमांडर जनरल ह्यूगो लोपेज ने हमले के लिए इवान मोर्दिस्को गिरोह और जैमी मार्टिनेज गुट को जिम्मेदार ठहराया है। ये दोनों गुट पूर्व विद्रोही संगठन एफएआरसी (FARC) के असंतुष्ट धड़े माने जाते हैं, जिन्होंने वर्ष 2016 के शांति समझौते को स्वीकार नहीं किया था।

    राष्ट्रपति की कड़ी प्रतिक्रिया

    कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों, विशेषकर आदिवासी समुदाय के लोगों को निशाना बनाना आतंकवाद है। उन्होंने हमलावरों को मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े हिंसक गिरोह बताया।

    क्षेत्र में बढ़ रही हिंसा

    दक्षिण-पश्चिमी कोलंबिया में हाल के दिनों में हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो दिनों में ही क्षेत्र में 26 से अधिक हिंसक घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें सार्वजनिक ढांचे और आम नागरिकों को निशाना बनाया गया।

    मेक्सिको में भी गोलीबारी

    इसी बीच मेक्सिको में भी एक अलग घटना सामने आई है। टियोटिहुआकन पिरामिड परिसर में एक हथियारबंद व्यक्ति ने पर्यटकों पर गोलीबारी कर दी। इस हमले में एक कनाडाई नागरिक की मौत हो गई, जबकि 13 अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। बाद में हमलावर ने खुद को गोली मार ली।

    घायलों में विभिन्न देशों के नागरिक शामिल हैं और सभी का उपचार जारी है।

  • आध्यात्मिक शक्ति का केंद्र 'गरुड़ घंटी': जानिए पूजा के दौरान इसे बजाने के पीछे छिपे गहरे रहस्य

    आध्यात्मिक शक्ति का केंद्र 'गरुड़ घंटी': जानिए पूजा के दौरान इसे बजाने के पीछे छिपे गहरे रहस्य

    नई दिल्ली। सनातन संस्कृति में पूजा-पाठ के दौरान घंटी बजाने का विधान सदियों पुराना है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर के छोटे से मंदिर में इस्तेमाल होने वाली घंटी का भी अपना एक विशेष विज्ञान और महत्व है? हिंदू परिवारों में मुख्य रूप से ‘गरुड़ घंटी’ का उपयोग किया जाता है, जिसके ऊपरी भाग पर भगवान विष्णु के वाहन और संदेशवाहक गरुड़ देव की आकृति बनी होती है।

    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गरुड़ देव को भगवान विष्णु का द्वारपाल माना गया है, इसलिए घर में इस घंटी का होना और इसे बजाना साक्षात श्रीहरि और माता लक्ष्मी को आमंत्रित करने के समान है।

    धार्मिक ग्रंथों में इस विशेष घंटी की ध्वनि को ‘ब्रह्म नाद’ की संज्ञा दी गई है। माना जाता है कि जब सृष्टि का निर्माण हुआ था, तब जो पहली आवाज गूँजी थी, घंटी की ध्वनि उसी का सूक्ष्म रूप है। यही कारण है कि पूजा के दौरान इसे बजाने से वातावरण शुद्ध हो जाता है और व्यक्ति का मन संसार की मोह-माया से हटकर सीधे ईश्वर की ओर केंद्रित होने लगता है।

    गरुड़ घंटी बजाने से घर में मौजूद नकारात्मक शक्तियां दूर भागती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह तेज होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, जिन घरों में नियमित रूप से गरुड़ घंटी का नाद होता है, वहां कभी दरिद्रता का वास नहीं होता और परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बना रहता है।

    वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी घंटी बजाने के कई फायदे बताए गए हैं। घंटी से निकलने वाली विशेष तरंगें और सूक्ष्म कंपन वातावरण में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और सूक्ष्म कीटाणुओं को नष्ट करने की क्षमता रखते हैं। इसके अलावा, इसकी सुरीली आवाज हमारे मस्तिष्क के दोनों हिस्सों को सक्रिय कर देती है, जिससे मानसिक तनाव और थकान कम होती है।

    आरती के समय घंटी बजाना हमारे एकाग्रता स्तर को बढ़ाता है, जिससे भक्त पूरी तरह से पूजा में लीन हो जाता है। गरुड़ जी की उपस्थिति इस बात का भी प्रतीक है कि हमारी प्रार्थनाओं को भगवान तक पहुँचाने का कार्य स्वयं उनके संदेशवाहक कर रहे हैं।

    शास्त्रों के अनुसार, घंटियों के मुख्य रूप से चार प्रकार होते हैं। ‘गरुड़ घंटी’ का प्रयोग व्यक्तिगत पूजा और छोटे मंदिरों में किया जाता है। इसके अलावा ‘द्वार घंटी’ होती है जो घरों या मंदिरों के प्रवेश द्वार पर शुभता के लिए लगाई जाती है। ‘हाथ घंटी’ पीतल की एक गोलाकार प्लेट की तरह होती है जिसे लकड़ी के डंडे से बजाया जाता है, जबकि ‘बड़ा घंटा’ मंदिरों के विशाल प्रांगण में स्थापित किया जाता है जिसकी गूँज मीलों दूर तक सुनाई देती है।

    इन सभी में गरुड़ घंटी को घर की सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए सबसे उत्तम और प्रभावी माना गया है। घर में नियमित इसका प्रयोग न केवल सौभाग्य लाता है बल्कि जीवन में अनुशासन और शांति का भी संचार करता है।

  • लंदन में नीलामी के लिए तैयार जयपुर राजघराने का ‘सुपरकंप्यूटर’, 25 करोड़ तक लग सकती है बोली

    लंदन में नीलामी के लिए तैयार जयपुर राजघराने का ‘सुपरकंप्यूटर’, 25 करोड़ तक लग सकती है बोली


    जयपुर। राजस्थान के शाही इतिहास और वैज्ञानिक विरासत से जुड़ा एक दुर्लभ खगोलीय यंत्र ‘एस्ट्रोलेब’ अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 17वीं सदी का यह ऐतिहासिक उपकरण 29 अप्रैल को लंदन में नीलामी के लिए पेश किया जाएगा। विशेषज्ञ इसे उस दौर का ‘सुपरकंप्यूटर’ और ‘प्राचीन स्मार्ट डिवाइस’ बता रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि यह यंत्र कभी जयपुर राजघराने के शाही संग्रह का हिस्सा था। सवाई मानसिंह द्वितीय के निधन के बाद यह महारानी गायत्री देवी के पास रहा और बाद में निजी संग्रह में शामिल हो गया। अब पहली बार इसे सार्वजनिक नीलामी में उतारा जा रहा है।

    आकार, बनावट और कीमत खास

    पीतल से निर्मित यह एस्ट्रोलेब आकार और उपयोगिता दोनों में विशेष माना जा रहा है। इसका वजन करीब 8.2 किलोग्राम और ऊंचाई लगभग 46 सेंटीमीटर है, जो सामान्य यंत्रों की तुलना में काफी बड़ा है।

    विशेषज्ञों के अनुसार इसकी दुर्लभता और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसकी कीमत 1.5 से 2.5 मिलियन पाउंड (करीब 15 से 25 करोड़ रुपये) तक जा सकती है।

    17वीं सदी का बहुउपयोगी यंत्र

    जानकारों के मुताबिक, यह यंत्र अपने समय में कई जटिल गणनाओं के लिए उपयोग किया जाता था। इसके माध्यम से सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तारों की स्थिति, इमारतों की ऊंचाई तथा कुओं की गहराई तक मापी जा सकती थी।

    इसके अलावा धार्मिक दिशा निर्धारण और पंचांग आधारित ज्योतिषीय गणनाओं में भी इसका उपयोग होता था।

    मुगलकालीन विरासत की झलक

    यह एस्ट्रोलेब 17वीं सदी की शुरुआत में लाहौर के प्रसिद्ध कारीगर कायम मुहम्मद और मुहम्मद मुकीम द्वारा तैयार किया गया था। इसकी विशेषता यह है कि इसमें तारों के नाम फारसी भाषा तथा उनके संस्कृत समकक्ष देवनागरी लिपि में अंकित हैं, जो उस दौर में विज्ञान और संस्कृति के अद्भुत संगम को दर्शाते हैं।

    वैश्विक स्तर पर बढ़ी दिलचस्पी

    इस यंत्र में 94 शहरों के अक्षांश-देशांतर और 38 तारों के संकेतक अंकित हैं, जिन्हें आज भी काफी सटीक माना जाता है। यही वजह है कि दुनिया भर के संग्रहालयों और निजी कलेक्टरों में इसे लेकर खास रुचि देखी जा रही है।

  • वित्तीय साक्षरता शिविर में पहुंचकर आरबीआई गवर्नर ने दिया आर्थिक सशक्तिकरण का संदेश

    वित्तीय साक्षरता शिविर में पहुंचकर आरबीआई गवर्नर ने दिया आर्थिक सशक्तिकरण का संदेश

    नई दिल्ली। देहरादून जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम के दौरान आर्थिक जागरूकता और वित्तीय सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण और स्वयं सहायता समूहों से जुड़े लोगों को वित्तीय प्रणाली की बुनियादी समझ देना और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना था।

    कार्यक्रम के दौरान यह बात विशेष रूप से सामने रखी गई कि आज के समय में आर्थिक स्थिरता केवल बचत पर निर्भर नहीं है, बल्कि सही जानकारी और योजनाओं के उपयोग पर भी आधारित है। लोगों को बताया गया कि पेंशन और बीमा जैसी योजनाएं भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और हर नागरिक को इनके बारे में जागरूक होना चाहिए।

    इस अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं की पहुंच को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। यह भी कहा गया कि दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों तक बैंकिंग और वित्तीय सुविधाएं सरल तरीके से पहुंचनी चाहिए, ताकि वे मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जुड़ सकें।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं शामिल हुईं, जिन्होंने अपने स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन भी किया। उनके प्रयासों की सराहना करते हुए यह संदेश दिया गया कि ऐसे समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और इन्हें और अधिक प्रोत्साहित किए जाने की आवश्यकता है।

    लोगों को यह भी समझाया गया कि वित्तीय जानकारी को केवल व्यक्तिगत उपयोग तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों के साथ भी साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।

    इस दौरान बैंकिंग सेवाओं को आसान बनाने के लिए मौके पर ही कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे लोगों को सीधे लाभ मिला। छोटे स्तर पर नकद और सिक्कों के आदान-प्रदान जैसी सेवाओं ने भी ग्रामीण लोगों के लिए सुविधा का काम किया।

    इसके अलावा, वित्तीय सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के लिए मोबाइल बैंकिंग जैसी सुविधाओं पर भी जोर दिया गया, जिससे लोगों को अपने क्षेत्र में ही बैंकिंग सेवाएं प्राप्त हो सकें।

    कार्यक्रम में विभिन्न वित्तीय संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और वित्तीय समावेशन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि वित्तीय शिक्षा ही एक मजबूत और आत्मनिर्भर समाज की नींव है।

  • ट्रंप का दावा- पुतिन और जेलेंस्की से ‘अच्छी बातचीत’, जल्द खत्म हो सकता है युद्ध

    ट्रंप का दावा- पुतिन और जेलेंस्की से ‘अच्छी बातचीत’, जल्द खत्म हो सकता है युद्ध


    वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक रही है तथा जल्द समाधान निकलने की उम्मीद है।

    फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम ‘द संडे ब्रीफिंग’ में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दोनों देशों के बीच हालात सामान्य करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी पुतिन और जेलेंस्की दोनों से बातचीत होती रही है, हालांकि आखिरी बातचीत कब हुई, इस पर उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी।

    ‘नफरत से नहीं सुलझेगा विवाद’

    ट्रंप ने दोनों नेताओं के बीच बढ़ती कटुता पर चिंता जताते हुए कहा कि आपसी नफरत किसी भी समाधान में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने इसे “हास्यास्पद और पागलपन” बताया तथा कहा कि शांति स्थापित करने के लिए संवाद ही सबसे जरूरी रास्ता है।

    गौरतलब है कि फरवरी 2022 में शुरू हुए रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने का वादा ट्रंप ने अपने चुनाव अभियान के दौरान किया था। हालांकि उनके दूसरे कार्यकाल में भी संघर्ष जारी है।

    जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण

    इधर युद्ध क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। यूक्रेन के निप्रो शहर पर रूस के ड्रोन और मिसाइल हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार हमले में एक मकान पूरी तरह नष्ट हो गया।

    वहीं रूस के बेलगोरोद क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमले में एक महिला की मौत और एक व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। यह घटनाएं हाल ही में युद्धबंदियों की अदला-बदली के बाद सामने आई हैं।

    रूस का दावा

    रूस के विशेष दूत रोदियोन मिरोशनिक ने दावा किया कि फरवरी 2022 से अब तक यूक्रेनी हमलों में 8 हजार से अधिक रूसी नागरिक मारे गए हैं और करीब 20 हजार घायल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेन ने नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया है।

  • इंडिगो शेयर को झटका, ग्लोबल फर्म ने डाउनग्रेड कर बदला नजरिया..

    इंडिगो शेयर को झटका, ग्लोबल फर्म ने डाउनग्रेड कर बदला नजरिया..

    नई दिल्ली। विमानन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इंडिगो को लेकर वित्तीय बाजार में एक अहम बदलाव देखने को मिला है, जहां एक ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी की रेटिंग और अनुमानित लक्ष्य मूल्य दोनों में कटौती कर दी है। इस फैसले के बाद निवेशकों के बीच हलचल बढ़ गई है और शेयर पर दबाव साफ नजर आने लगा है।

    ब्रोकरेज फर्म ने पहले जहां कंपनी को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ रखा था, वहीं अब उसे न्यूट्रल श्रेणी में डाल दिया गया है। इसके साथ ही टारगेट प्राइस को भी पहले के मुकाबले नीचे संशोधित किया गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में शेयर में तेज उछाल की उम्मीदें कम हो सकती हैं।

    इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता और विमानन उद्योग पर पड़ रहा लागत का दबाव माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने एयरलाइंस कंपनियों के परिचालन खर्च को काफी बढ़ा दिया है, जिससे उनके मार्जिन पर सीधा असर पड़ रहा है।

    हालांकि इंडिगो को अपने बड़े नेटवर्क और मजबूत ऑपरेशनल सिस्टम की वजह से उद्योग में अपेक्षाकृत स्थिर स्थिति वाली कंपनियों में गिना जाता है, लेकिन मौजूदा हालात ने इसके भविष्य के अनुमान को प्रभावित किया है। बढ़ती लागत और अस्थिर वैश्विक माहौल ने कंपनी की ग्रोथ संभावनाओं पर सवाल खड़े किए हैं।

    घरेलू स्तर पर सरकार की ओर से ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने के प्रयासों से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन यह राहत पूरी तरह पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति अब भी एयरलाइंस के लिए चुनौती बनी हुई है।

    शेयर बाजार में भी इंडिगो के स्टॉक ने पिछले कुछ समय में उतार-चढ़ाव का सामना किया है। कभी हल्की बढ़त तो कभी गिरावट के चलते निवेशकों के लिए यह स्टॉक अस्थिर बना हुआ है। लंबी अवधि के प्रदर्शन में भी दबाव देखने को मिला है, जिससे बाजार में सतर्कता का माहौल है।

  • वॉशिंगटन के होटल में गोलीबारी से पहले ट्रंप-एपस्टीन तस्वीरों का विरोध प्रदर्शन, वीडियो वायरल

    वॉशिंगटन के होटल में गोलीबारी से पहले ट्रंप-एपस्टीन तस्वीरों का विरोध प्रदर्शन, वीडियो वायरल

    वॉशिंगटन । अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन स्थित वॉशिंगटन हिल्टन होटल में हुई गोलीबारी की घटना के बाद अब एक नया घटनाक्रम चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले से कुछ घंटे पहले होटल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिसमें होटल की बाहरी दीवार पर प्रोजेक्शन के जरिए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जेफरी एपस्टीन से जुड़ी तस्वीरें तथा दस्तावेज दिखाए गए।
    बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान एक ऑडियो क्लिप भी चलाई गई, जिसमें कथित ईमेल पढ़कर सुनाए गए। इस अनोखे प्रदर्शन को देखने के लिए होटल के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

    इसके कुछ समय बाद होटल में गोलीबारी की घटना सामने आई।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति सुरक्षा घेरा पार करने की कोशिश में पकड़ा गया। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत अन्य शीर्ष अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

    घटना में एक सुरक्षा अधिकारी घायल हुआ, जिसे बुलेट-रेसिस्टेंट जैकेट होने के कारण गंभीर चोट नहीं आई। संदिग्ध को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद ट्रंप और एपस्टीन से जुड़े पुराने विवाद एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गए हैं।

  • भोपाल मंडल को नई सौगात: कल से चलेगी बनारस–हडपसर अमृत भारत एक्सप्रेस, कई प्रमुख स्टेशनों से गुजरेगी

    भोपाल मंडल को नई सौगात: कल से चलेगी बनारस–हडपसर अमृत भारत एक्सप्रेस, कई प्रमुख स्टेशनों से गुजरेगी


    भोपाल। भोपाल मंडल के रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। पश्चिम मध्य रेलवे ने बनारस से हडपसर के बीच नई अमृत भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन विशेष फेरे की शुरुआत 28 अप्रैल से करने का फैसला लिया है। यह ट्रेन आधुनिक सुविधाओं से लैस अमृत भारत रेक के साथ चलाई जाएगी।

    गाड़ी संख्या 02531 बनारस–हडपसर उद्घाटन स्पेशल वाराणसी से शाम 4:45 बजे रवाना होगी। इस ट्रेन में कुल 22 कोच होंगे, जो यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव देंगे।

    भोपाल मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव
    यह ट्रेन भोपाल मंडल के कई अहम स्टेशनों से होकर गुजरेगी, जिससे क्षेत्र के यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। तय समय के अनुसार—

    बीना: सुबह 5:15 आगमन, 5:20 प्रस्थान
    रानी कमलापति स्टेशन: सुबह 7:35 आगमन, 7:40 प्रस्थान
    नर्मदापुरम: सुबह 8:50 आगमन, 8:55 प्रस्थान
    इटारसी: सुबह 9:25 आगमन, 9:30 प्रस्थान
    हरदा: सुबह 10:20 आगमन, 10:25 प्रस्थान

    इन शहरों से होते हुए पहुंचेगी हडपसर
    इसके बाद ट्रेन खंडवा, भुसावल, जलगांव, मनमाड, कोपरगांव, अहिल्यानगर और दौंड कॉर्ड लाइन से होते हुए अगले दिन रात 12:55 बजे हडपसर पहुंचेगी।

    यात्रियों को मिलेगा तेज और आधुनिक सफर
    इस नई ट्रेन सेवा के शुरू होने से पूर्व और पश्चिम भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और आधुनिक रेल सुविधा का लाभ मिलेगा। रेल प्रशासन के मुताबिक, फिलहाल यह उद्घाटन विशेष फेरा है और इसके नियमित संचालन की जानकारी अलग से जारी की जाएगी।

  • खराब फॉर्म ने बढ़ाई चिंता, क्या 2026 होगा आखिरी सीजन?

    खराब फॉर्म ने बढ़ाई चिंता, क्या 2026 होगा आखिरी सीजन?

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शुमार रहे अजिंक्य रहाणे के लिए मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का सीजन किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हो रहा है। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कप्तान के तौर पर मैदान में उतर रहे रहाणे का बल्ला इस साल पूरी तरह खामोश है, जिसके चलते क्रिकेट गलियारों में अब उनके आईपीएल करियर के अंत की चर्चाएं तेज हो गई हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उनके प्रदर्शन में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो साल 2027 के मेगा ऑक्शन में इस दिग्गज खिलाड़ी को कोई भी फ्रेंचाइजी खरीदने का जोखिम नहीं उठाना चाहेगी।

    अजिंक्य रहाणे को कोलकाता नाइट राइडर्स ने 1.5 करोड़ रुपये की कीमत पर रिटेन किया था और उन पर कप्तानी का भरोसा भी जताया था। हालांकि, टीम के नेतृत्व में तो वह अपनी सूझबूझ दिखा रहे हैं, लेकिन व्यक्तिगत प्रदर्शन के मोर्चे पर वह बुरी तरह विफल रहे हैं। मौजूदा सीजन में खेले गए अब तक के 8 मैचों में रहाणे ने मात्र 23.14 की औसत से केवल 162 रन बनाए हैं। उनके स्कोर कार्ड पर नजर डालें तो 67 रनों की एक पारी को छोड़कर बाकी मैचों में वह 8, 41, 28 और शून्य जैसे अंकों पर आउट हुए हैं। रविवार को लखनऊ के खिलाफ हुए मैच में भी वह 15 गेंदों पर केवल 10 रन ही बना सके, जिसने टीम की मुश्किलों को बढ़ाया।

    आईपीएल के इतिहास में रहाणे का रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने अब तक 206 मैचों में 30.2 की औसत से 5194 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 34 अर्धशतक शामिल हैं। लेकिन क्रिकेट की दुनिया में वर्तमान फॉर्म सबसे अधिक मायने रखती है। बढ़ती उम्र और टी-20 फॉर्मेट की मांग के अनुसार घटते स्ट्राइक रेट ने उनकी जगह पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। कोलकाता की टीम जिस आक्रामक खेल के लिए जानी जाती है, उसमें रहाणे की धीमी बल्लेबाजी फिट नहीं बैठ रही है। ऐसे में पूरी संभावना है कि आगामी सीजन से पहले टीम उन्हें रिलीज कर दे।

    आगामी समय में होने वाले मेगा ऑक्शन के दौरान सभी टीमें भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए युवाओं पर दांव लगाना पसंद करेंगी। रहाणे जैसे अनुभवी खिलाड़ी के लिए खराब फॉर्म के साथ ऑक्शन पूल में जाना एक बड़ा खतरा हो सकता है। यदि अगले कुछ मैचों में रहाणे कोई बड़ी और प्रभावपूर्ण पारी नहीं खेलते हैं, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि 2026 उनके सुनहरे आईपीएल सफर का अंतिम पड़ाव साबित हो सकता है। फिलहाल, टीम मैनेजमेंट और प्रशंसकों की नजरें उनके अगले प्रदर्शन पर टिकी हैं, जो उनके भविष्य का फैसला करेगा।