फाल्गुन पूर्णिमा तिथि और स्नान-दान
होलिका दहन और भद्रा काल
उत्तम मुहूर्त

फाल्गुन पूर्णिमा तिथि और स्नान-दान
होलिका दहन और भद्रा काल

यह बयान दोनों देशों के मजबूत द्विपक्षीय संबंध और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को उजागर करता है। इजरायल में बॉलीवुड की लोकप्रियता को देखते हुए नेतन्याहू ने 2018 में भारत दौरे के दौरान भी इस जुड़ाव पर जोर दिया था।
पीएम मोदी की यह यात्रा उनके 2017 के ऐतिहासिक दौरे के बाद दूसरी है। इस दौरे के दौरान दोनों नेता सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा कर रहे हैं।
भारत और इजरायल के बीच फिल्म सह-निर्माण समझौता 2018 में हुआ था, जब नेतन्याहू भारत आए थे। इस समझौते को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। समझौते के तहत सह-निर्मित फिल्मों को दोनों देशों में राष्ट्रीय उत्पादन का दर्जा मिला है, जिससे अंतरराष्ट्रीय फंडिंग, पटकथा लेखन, प्रतिभा और वितरण में सहयोग संभव हुआ।
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते से दोनों देशों के रचनात्मक, तकनीकी, वित्तीय और मार्केटिंग संसाधनों का साझा उपयोग किया जा सकता है। सह-निर्मित फिल्में दोनों देशों के फिल्म समारोहों में घरेलू फिल्म की तरह भाग ले सकती हैं और निर्माण तथा पोस्ट-प्रोडक्शन में प्रोत्साहन भी मिलता है।
यह समझौता कलाकारों और तकनीकी कर्मियों के बीच रोजगार सृजन में सहायक साबित हो रहा है। इससे कला-संस्कृति का आदान-प्रदान बढ़ा है और दोनों देशों के लोगों के बीच सद्भावना मजबूत हुई है।
2018 में भारत यात्रा के दौरान ‘शालोम बॉलीवुड’ कार्यक्रम में नेतन्याहू ने Amitabh Bachchan और Imtiaz Ali समेत अन्य सितारों से मुलाकात की थी। उन्होंने इजरायल में बॉलीवुड फिल्मों के लिए न्योता भी दिया था और वादा किया कि वहां बॉलीवुड फिल्में बढ़ेंगी।
सुरक्षा, कृषि, ऊर्जा, विज्ञान और फार्मास्युटिकल्स के क्षेत्र में सहयोग के साथ-साथ फिल्म उद्योग में यह समझौता भारत-इजरायल संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जा रहा है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और सांस्कृतिक, तकनीकी तथा आर्थिक सहयोग में भी विस्तार हुआ है।

राज्यवार स्थिति
हरियाणा: पार्टी को एक सीट मिलने की संभावना है। उम्मीदवार चयन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अहम भूमिका रहेगी। इसके लिए पूर्व सांसद राजबब्बर और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदयभान पर विचार चल रहा है। तेलंगाना: कांग्रेस सत्ता में है और यहां दो सीटें जीतने की संभावना है। इसके तहत उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी के लिए वादा पूरा किया जा सकता है। इसके साथ अभिषेक मनु सिंघवी को दोबारा राज्यसभा भेजने पर विचार है।
तमिलनाडु: कांग्रेस ने डीएमके के साथ एक सीट पर चर्चा की है। सकारात्मक संकेत मिलने पर यहां भी पार्टी एक प्रत्याशी घोषित कर सकती है। असम: पार्टी अकेले कोई सीट जीतने में सक्षम नहीं है। एआईयूडीएफ का समर्थन मिलने पर एक सीट मिल सकती है लेकिन विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस अभी सावधानी बरत रही है। कुल मिलाकर कांग्रेस के लिए इस बार का राज्यसभा चुनाव संतुलन बनाने और सहयोगियों के साथ तालमेल साधने की चुनौती लेकर आया है।

जस्टिस बीवी नागरत्ना और आर महादेवन की बेंच ने सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट किया कि रूह अफ़जा फलों से बनाया जाता है और इसे केवल पानी में मिलाकर पीया जाता है। इसलिए इसे टैक्स कानून के तहत फ्रूट ड्रिंक माना जाएगा।
विवाद की जड़
इलाहाबाद हाईकोर्ट और टैक्स अधिकारियों के 2018 के फैसलों को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया। इन फैसलों में रूह अफ़जा को उत्तर प्रदेश वैल्यू एडेड टैक्स एक्ट के तहत 12.5% टैक्सेबल अनक्लासिफाइड आइटम के रूप में देखा गया था।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
मामले में अधिकारियों ने फूड सेफ्टी रेगुलेशन का हवाला देते हुए कहा था कि फ्रूट सिरप में कम से कम 25% फ्रूट जूस होना चाहिए। चूंकि रूह अफ़जा में केवल 10% जूस होता है, इसलिए इसे नॉन-फ्रूट सिरप बताया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि फूड सेफ्टी कानून टैक्सिंग कानून की व्याख्या को नियंत्रित नहीं कर सकता।

फरवरी में मौसम ने चार बार मिजाज बदला। महीने की शुरुआत में प्रदेश में दो बार ओले बारिश और आंधी आई थी जिससे फसलों को नुकसान हुआ। प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया गया था। तीसरी बार 18 फरवरी को प्रदेश में बारिश हुई 19-21 फरवरी तक इसका असर जारी रहा। चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर देखने को मिला।
बुधवार को अधिकांश जिलों में दिन गर्म रहा कुछ जगहों पर बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने बताया कि भोपाल इंदौर जबलपुर उज्जैन ग्वालियर बैतूल दतिया धार गुना नर्मदापुरम खंडवा खरगोन रतलाम श्योपुर शाजापुर राजगढ़ दमोह खजुराहो मंडला नरसिंहपुर नौगांव सागर सतना सिवनी सीधी टीकमगढ़ उमरिया में अधिकतम तापमान 30 डिग्री या उससे अधिक रहा। निमाड़ी खरगोन और खंडवा में पारा 34 डिग्री के पार पहुँच गया जबकि उज्जैन में 33.5 डिग्री दर्ज किया गया।
रात का तापमान भी बढ़ा है। कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री और शहडोल के कल्याणपुर में 9.5 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 13.8 इंदौर में 14.2 ग्वालियर में 14.8 उज्जैन में 16.5 और जबलपुर में 14.5 डिग्री रहा। नर्मदापुरम में सबसे ज्यादा 18.2 डिग्री दर्ज किया गया। धार सिवनी नरसिंहपुर रतलाम और गुना में रात का तापमान 16 डिग्री से अधिक रहा।
24 और 25 फरवरी को साइक्लोनिक सकुर्लेशन और ट्रफ की वजह से 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी और बारिश आई थी कुछ जिलों में ओले भी गिरे। इस दौरान गेहूं और चने की फसलों पर असर पड़ा। मौसम विभाग ने बताया कि गुरुवार को मौसम साफ रहेगा और बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार 2 मार्च से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा जिसका असर प्रदेश में भी दिखाई दे सकता है।

न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के बीच पहला सुपर-8 मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया था जिससे दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला। इसके बाद न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को हराकर खुद को बेहतर स्थिति में पहुंचा दिया। अब पाकिस्तान के सामने साफ समीकरण है उसे अपना आखिरी मैच हर हाल में जीतना ही होगा और वह भी बड़े अंतर से।
पाकिस्तान का अगला मुकाबला 28 फरवरी को श्रीलंका से है। सेमीफाइनल की उम्मीद जिंदा रखने के लिए इस मैच में जीत अनिवार्य है। लेकिन उससे पहले 27 फरवरी को न्यूजीलैंड का सामना पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुकी इंग्लैंड क्रिकेट टीम से होगा। अगर न्यूजीलैंड यह मुकाबला जीत जाती है तो पाकिस्तान बिना खेले ही टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा। ऐसे में पाकिस्तान की पहली उम्मीद इंग्लैंड की जीत पर टिकी है।
मान लीजिए इंग्लैंड न्यूजीलैंड को हरा देता है तब भी पाकिस्तान का काम आसान नहीं होगा। उस स्थिति में न्यूजीलैंड और पाकिस्तान दोनों के 3-3 अंक हो सकते हैं और फैसला नेट रन रेट से होगा। फिलहाल न्यूजीलैंड का नेट रन रेट +3.050 है जबकि पाकिस्तान का -0.461। यह बड़ा अंतर है जिसे पाटने के लिए पाकिस्तान को श्रीलंका के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करनी होगी।
समीकरणों के अनुसार अगर इंग्लैंड न्यूजीलैंड को 15 रन से हराता है तो पाकिस्तान को श्रीलंका के खिलाफ कम से कम 55 रन से जीत हासिल करनी होगी। वहीं अगर इंग्लैंड सिर्फ 1 रन से जीतता है तो पाकिस्तान को 69 रन से जीत दर्ज करनी पड़ेगी। यानी इंग्लैंड की जीत जितनी छोटी होगी पाकिस्तान पर उतना ही ज्यादा दबाव बढ़ेगा।
सलमान आगा की अगुवाई वाली पाकिस्तान टीम के लिए यह चुनौती कठिन जरूर है लेकिन असंभव नहीं। टीम को न सिर्फ शानदार बल्लेबाजी और गेंदबाजी करनी होगी बल्कि मैच की रणनीति भी नेट रन रेट को ध्यान में रखकर बनानी होगी। अब नजरें इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड मुकाबले पर टिकी हैं

फिल्म में आलिया भट्ट रणबीर कपूर और विकी कौशल मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। इन तीनों सितारों की मौजूदगी ने फिल्म को पहले ही चर्चा का केंद्र बना दिया था लेकिन अब इसका बढ़ता बजट इसे इंडस्ट्री की सबसे महंगी फिल्मों की कतार में खड़ा कर रहा है। बताया जा रहा है कि शुरुआत में फिल्म को लगभग 350 करोड़ रुपये में पूरा करने की योजना थी मगर बार-बार प्रोडक्शन शेड्यूल बढ़ने विशाल सेट्स और तकनीकी स्तर पर बड़े पैमाने पर काम होने के कारण लागत तेजी से बढ़ती चली गई।
भंसाली अपनी परफेक्शन के लिए मशहूर हैं। वे तब तक संतुष्ट नहीं होते जब तक हर फ्रेम उनके विजन के अनुरूप न हो। यही कारण है कि फिल्म की शूटिंग अवधि भी बढ़ा दी गई। पहले इसे 120 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य था लेकिन अब यह शेड्यूल बढ़कर लगभग 175 दिनों का हो गया है। इसमें भव्य डांस सीक्वेंस बड़े एरियल एक्शन सीन और भारी-भरकम विजुअल इफेक्ट्स शामिल हैं। हाई-एंड वीएफएक्स पर काम होने के कारण पोस्ट-प्रोडक्शन में भी अधिक समय लग रहा है जिससे रिलीज में देरी हो रही है।
दिलचस्प पहलू यह है कि फिल्म के बजट में तीनों सितारों की पारंपरिक फीस शामिल नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार रणबीर आलिया और विकी ने प्रॉफिट शेयरिंग मॉडल अपनाया है। यानी वे फिल्म की कमाई से हिस्सा लेंगे। इससे शुरुआती लागत का बड़ा हिस्सा सीधे प्रोडक्शन वैल्यू पर खर्च किया गया है।
हालांकि मेकर्स ने रिलीज से पहले ही अच्छी रिकवरी कर ली है। फिल्म के डिजिटल राइट्स Netflix को लगभग 130 करोड़ रुपये में बेचे गए हैं जबकि सैटेलाइट राइट्स से करीब 80 करोड़ रुपये हासिल हुए हैं। इस तरह लगभग 200 करोड़ रुपये पहले ही सुरक्षित कर लिए गए हैं जिससे प्रोजेक्ट को वित्तीय मजबूती मिली है।
रिलीज डेट को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन खबरों के मुताबिक फिल्म 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है। रणबीर कपूर के व्यस्त रिलीज शेड्यूल को भी देरी की एक वजह माना जा रहा है क्योंकि उनकी बड़ी फिल्म रामायण पार्ट 1 भी इसी वर्ष दिवाली पर रिलीज होने वाली है।
लव एंड वॉर की एक और खास बात यह है कि रणबीर और विकी इससे पहले संजू में साथ नजर आ चुके हैं जबकि आलिया और विकी राज़ी में साथ काम कर चुके हैं। रणबीर और आलिया की जोड़ी ब्रह्मास्त्र पार्ट 1: शिवा में दर्शकों को पसंद आई थी। अब पहली बार ये तीनों सितारे एक साथ बड़े पर्दे पर दिखाई देंगे जिससे उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं।

इजरायल की दूसरी यात्रा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो दिन की इजरायल यात्रा पर बुधवार को तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे पहुंचे। यहां पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी पत्नी सारा नेतन्याहू के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इजरायली संसद को भी करेंगे संबोधित
प्रधानमंत्री का दो दिन की यात्रा के दौरान नेतन्याहू के साथ द्विपक्षीय वार्ता के अलावा इजरायली संसद नेसेट को भी संबोधित करने का कार्यक्रम है। वह भारतीय समुदाय के लोगों से भी बात करेंगे। उनका इजरायल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से भी शिष्टाचार भेंट करेंगे।
इससे पहले पीएम मोदी ने सुबह रवाना होने से पहले कहा था कि उनकी इजरायल यात्रा से दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे। साथ ही साझा विजन से दोनों देशों का भविष्य खुशहाल होगा।
पीएम मोदी ने कहाकि मैं प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ अपनी बातचीत का इंतज़ार कर रहा हूं। इसका मकसद विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, कृषि, जल प्रबंधन, प्रौद्योगिकी, रक्षा और सुरक्षा, व्यापार तथा निवेश के साथ ही लोगों के बीच संबंधों सहित अलग-अलग क्षेत्रों में हमारे सहयोग को और मजबूत करना है। हम आपसी फायदे क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा करेंगे।

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की न्यायिक व्यवस्था से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने नियुक्तियों की पारदर्शिता और डिग्री सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तारिक महमूद जहांगीरी नामक जज को कथित तौर पर फर्जी कानून की डिग्री के आधार पर वर्षों तक पद पर बने रहने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है।
यह कार्रवाई इस्लामाबाद हाई कोर्ट के 116 पन्नों के विस्तृत फैसले के बाद की गई, जिसमें अदालत ने मामले को “गंभीर संस्थागत धोखाधड़ी” बताया।
अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट कहा कि जहांगीरी की लॉ डिग्री वैध नहीं थी, इसलिए उनकी न्यायिक नियुक्ति भी कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं मानी जा सकती। कोर्ट के अनुसार, किसी भी न्यायिक पद के लिए शैक्षणिक योग्यता की प्रामाणिकता अनिवार्य है, और इस मामले में वही मूल आधार ही संदिग्ध पाया गया।
मीडिया रिपोर्ट, विशेषकर डॉन में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, अदालत को कराची विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार से आधिकारिक रिकॉर्ड प्राप्त हुए। इन दस्तावेजों ने प्रस्तुत किए गए प्रमाणपत्रों को पूरी तरह फर्जी साबित कर दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि:
1988 में जहांगीरी ने कथित तौर पर फर्जी नामांकन संख्या के साथ परीक्षा दी।
परीक्षा के दौरान नकल करते पकड़े गए और उन पर तीन वर्ष का प्रतिबंध लगाया गया।
बाद में उन्होंने दंड स्वीकार नहीं किया और किसी अन्य छात्र के एनरोलमेंट नंबर का इस्तेमाल कर दोबारा परीक्षा देने का प्रयास किया।
सुनवाई के दौरान संबंधित लॉ कॉलेज प्रशासन ने अदालत को बताया कि जहांगीरी ने संस्थान में कभी औपचारिक प्रवेश ही नहीं लिया था। अदालत ने उन्हें मूल दस्तावेज पेश करने और अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर दिया, लेकिन वे ऐसा करने में असफल रहे।
जहांगीरी ने फुल बेंच से सुनवाई की मांग, चीफ जस्टिस को मामले से अलग करने की अपील और कार्यवाही स्थगित कराने जैसे कई प्रयास किए। अदालत ने इन कदमों को “मामले को लंबा खींचने की रणनीति” बताते हुए खारिज कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि जब याचिकाकर्ता पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत कर चुका था, तब संबंधित जज की जिम्मेदारी थी कि वह अपनी डिग्री की वैधता सिद्ध करें। ऐसा न कर पाने पर उन्हें पद से हटाना आवश्यक हो गया।
यह मामला अब पाकिस्तान में न्यायिक नियुक्तियों की पारदर्शिता, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन और संस्थागत जवाबदेही को लेकर व्यापक बहस का कारण बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद नियुक्ति प्रक्रिया की जांच और कड़े सत्यापन तंत्र की मांग तेज हो सकती है।