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  • भारतीय अर्थव्यवस्था की ताकत पर मारुति चेयरमैन का भरोसा! 2031 तक 63 लाख कारों का बाजार होने का अनुमान

    भारतीय अर्थव्यवस्था की ताकत पर मारुति चेयरमैन का भरोसा! 2031 तक 63 लाख कारों का बाजार होने का अनुमान


    नई दिल्ली। मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव ने भारतीय अर्थव्यवस्था और ऑटो सेक्टर को लेकर बड़ा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा है कि जीएसटी 2.0 के सुधारों ने न केवल ऑटोमोबाइल सेक्टर को फायदा पहुंचाया है बल्कि अर्थव्यवस्था के कई दूसरे क्षेत्रों को भी मजबूती दी है। पश्चिमी एशिया में युद्ध के कारण पैदा हुई वैश्विक अस्थिरता के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था का मजबूत प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि आर्थिक सुधारों का असर जमीन पर दिखाई दे रहा है। भार्गव ने यह बात कंपनी की वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कही।

    भार्गव के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था मौजूदा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। पश्चिमी एशिया में युद्ध के कारण दुनिया के कई हिस्सों में आर्थिक अनिश्चितता बढ़ी है लेकिन इसके बावजूद भारत का जीएसटी कलेक्शन अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। उनका मानना है कि अगर जीएसटी में सुधार नहीं किए गए होते तो पिछले कुछ मुश्किल महीनों में भारतीय अर्थव्यवस्था इतना बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाती। उन्होंने जीएसटी सुधारों को ऐतिहासिक बदलाव बताते हुए केंद्र सरकार और संबंधित सभी पक्षों के प्रयासों की सराहना की।

    मारुति सुजुकी चेयरमैन ने कहा कि आर्थिक सुधारों से देश की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है और इसका सीधा असर आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है। जब कारोबार का विस्तार होता है तो रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से सुधारों की प्रक्रिया को और तेज करने की अपील की। साथ ही कारोबार करना आसान बनाने और तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उनके अनुसार सरकारी कामकाज में तकनीक का अधिक इस्तेमाल होने से भ्रष्टाचार और देरी को कम करने में मदद मिल सकती है।

    आरसी भार्गव ने यह भी कहा कि देश में जितनी तेजी से संपत्ति का निर्माण होगा उतनी ही तेजी से सरकारी राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। उनका मानना है कि यदि सरकारी कार्यक्रम इसी दिशा में आगे बढ़ते रहे तो आर्थिक विकास का लाभ समाज के ज्यादा बड़े हिस्से तक पहुंच सकता है। इस दौरान उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था में मौजूद विकास की संभावनाओं को लेकर भी सकारात्मक रुख जाहिर किया।

    ऑटोमोबाइल सेक्टर की बात करें तो मारुति सुजुकी ने आने वाले वर्षों में कार बाजार के मजबूत विस्तार का अनुमान जताया है। कंपनी के अनुसार वर्ष 2031 तक भारत में कार इंडस्ट्री का आकार 61 लाख से 63 लाख यूनिट तक पहुंच सकता है। खासतौर पर छोटी कारों के बाजार में आने वाले वर्षों में तेज वृद्धि की उम्मीद जताई गई है। कंपनी इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपनी उत्पादन क्षमता में लगातार विस्तार कर रही है।

    मारुति सुजुकी की इंस्टॉल्ड प्रोडक्शन क्षमता वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक 29 लाख यूनिट तक पहुंचाने की योजना है। इसके बाद वित्त वर्ष 2030-31 के अंत तक इसे बढ़ाकर 36.5 लाख यूनिट करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी ने अगले पांच वर्षों के लिए अपना पूंजीगत खर्च भी बढ़ाकर 77500 करोड़ रुपए कर दिया है। भार्गव ने संकेत दिया कि कंपनी का यह बड़ा निवेश भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास क्षमता और आने वाले समय में ऑटोमोबाइल बाजार में बढ़ती मांग पर भरोसे को दर्शाता है।

  • नेपाल त्रासदी में अपनों का इंतजार, बीमार माता-पिता से छिपाया बेटा-बहू के लापता होने का दर्द, टीवी-अखबार कराया बंद

    नेपाल त्रासदी में अपनों का इंतजार, बीमार माता-पिता से छिपाया बेटा-बहू के लापता होने का दर्द, टीवी-अखबार कराया बंद

    कानपुर। नेपाल में आई भीषण त्रासदी के बाद कानपुर के एक परिवार की उम्मीदें अब भी अपनों की वापसी पर टिकी हैं। श्यामनगर निवासी और अमेरिकी नागरिक पंकज मिश्रा, उनकी पत्नी रागिनी मिश्रा और छोटे भाई की पत्नी पूनम मिश्रा का 25 अगस्त के बाद से कोई पता नहीं चल सका है। परिवार को अब भी उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद है। वहीं, बेटे और बहू के लापता होने की खबर बुजुर्ग माता-पिता से इसलिए छिपाई जा रही है, क्योंकि दोनों हृदय रोगी हैं। उन्हें जानकारी न मिले, इसके लिए घर में आने वाला अखबार बंद करा दिया गया है और टीवी का कनेक्शन भी कटवा दिया गया है।

    श्यामनगर के ई-ब्लॉक निवासी राजेंद्र मिश्रा सेवानिवृत्त एयरफोर्स कर्मी हैं। परिवार में पत्नी सुमन मिश्रा और तीन बेटे पंकज, धीरज और अनुज हैं। पंकज पत्नी रागिनी और बेटे अरमान के साथ अमेरिका में रहते हैं। उनके छोटे भाई धीरज भी पत्नी पूनम, बेटे ध्रुव और बेटी मानसी के साथ अमेरिका में रहते हैं। पंकज, धीरज और पूनम सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जबकि रागिनी सरकारी शिक्षिका हैं। परिवार के सभी सदस्य अमेरिका के नागरिक हैं।

    कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए काठमांडू गए थे
    परिवार के मुताबिक, 20 अगस्त को सभी लोग अमेरिका से फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे थे। इसके बाद दिल्ली से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए काठमांडू रवाना हुए। इससे पहले उन्होंने नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन भी किए थे। उनके साथ कुल 31 लोग थे, जिनमें 26 पर्यटक और पांच गाइड शामिल थे।

    श्यामनगर में रहने वाले सबसे छोटे भाई डॉ. अनुज मिश्रा ने बताया कि आखिरी बार 25 अगस्त को उनकी भाई पंकज से बात हुई थी। इसके बाद से पंकज, रागिनी और पूनम से संपर्क नहीं हो सका है। परिवार लगातार फोन मिलाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा। नेपाल में आई त्रासदी के बाद से परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिवार नेपाल के पीएमओ से भी संपर्क करने की कोशिश कर रहा है।

    माता-पिता को बताया- फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा
    अनुज ने बताया कि उनके पिता राजेंद्र और मां सुमन दोनों हृदय रोगी हैं। ऐसे में परिवार ने उन्हें नेपाल में अपनों के लापता होने की जानकारी नहीं दी है। माता-पिता बार-बार बेटे और बहू से बात कराने के लिए कह रहे हैं तो परिजन उन्हें फोन पर संपर्क नहीं हो पाने की बात बताकर टाल रहे हैं।

    बुजुर्ग माता-पिता को किसी तरह खबर न मिल जाए, इसके लिए घर में आने वाला अखबार बंद करा दिया गया है। टीवी का कनेक्शन भी कटवा दिया गया है। परिवार इस समय एक तरफ अपनों के सुरक्षित लौटने की प्रार्थना कर रहा है, वहीं दूसरी ओर माता-पिता से सच्चाई छिपाने की मजबूरी से जूझ रहा है।

    ‘बहन राखी भेजती थी, इस बार मन बेचैन है’
    पीरोड में रहने वाले रागिनी मिश्रा के भाई प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि रक्षाबंधन पर उनकी बहन हर साल राखी भेजती थीं। इस बार भी उन्होंने राखी भेजी थी, लेकिन अब बहन, बहनोई और उनकी देवरानी के लापता होने की खबर ने पूरे परिवार को बेचैन कर दिया है। प्रवीण ने कहा कि परिवार लगातार उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है। हर फोन कॉल और हर नई सूचना के साथ परिजनों की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।

  • यूपी चुनाव से पहले मायावती का मंथन, बोलीं- विरोधी अपना सकते हैं कई हथकंडे, बसपा कार्यकर्ता रहें सावधान

    यूपी चुनाव से पहले मायावती का मंथन, बोलीं- विरोधी अपना सकते हैं कई हथकंडे, बसपा कार्यकर्ता रहें सावधान

    लखनऊ। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को लखनऊ में पार्टी की अहम बैठक की। इसमें प्रदेश के सभी राज्य स्तरीय पदाधिकारी और सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्ष शामिल हुए। दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह के बेटे युकेश भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक में चुनावी तैयारियों के साथ संगठन की प्रगति की समीक्षा की गई।

    मायावती ने पार्टी नेताओं से चुनाव की तैयारियों में तेजी लाने और बदलते राजनीतिक हालात के अनुसार संगठन को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विरोधी दल साम, दाम, दंड और भेद जैसे हथकंडे अपना सकते हैं, इसलिए बसपा कार्यकर्ताओं को मजबूती से उनका सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।

    मायावती ने कहा कि बसपा उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार ऐसी सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम करेगी, जिसमें कानून के जरिए बेहतर कानून का राज स्थापित हो और ‘सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय’ के उद्देश्य को पूरा किया जा सके।

    ‘चुनावी रेवड़ियों और लुभावने वादों से रहें सावधान’
    बसपा प्रमुख ने चुनाव के दौरान किए जाने वाले वादों और घोषणाओं को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता को आगाह किया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले महिलाओं समेत विभिन्न वर्गों को निजी लाभ देने वाली योजनाओं, लुभावने वादों और घोषणाओं के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है।

    उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद इन्हीं वादों को लेकर वादाखिलाफी की शिकायतें सामने आती हैं। इसलिए जनता को विरोधी दलों के छलावे और विश्वासघात से बचना चाहिए और अपने विवेक से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष होकर मतदान करना चाहिए।

    9 अक्टूबर को कांशीराम की पुण्यतिथि पर बड़ा कार्यक्रम
    बैठक में बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम की 9 अक्टूबर को होने वाली पुण्यतिथि के कार्यक्रम की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मायावती ने बताया कि इस बार कार्यक्रम लखनऊ में वीआईपी रोड स्थित बौद्ध स्मृति उपवन के सामने विकसित किए गए ‘मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल’ में आयोजित किया जाएगा।

    पार्टी के मुताबिक कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित प्रदेशभर से लोग शामिल होंगे और कांशीराम को श्रद्धांजलि देंगे। बसपा ने कार्यक्रम को ‘कांशीराम का मिशन अधूरा, बीएसपी करेगी पूरा’ और ‘बहनजी करेंगी पूरा’ जैसे संकल्पों के साथ आयोजित करने की बात कही है।

    नेपाल की बाढ़ पर जताई चिंता
    मायावती ने पड़ोसी देश नेपाल में बाढ़ से हुए जान-माल के भारी नुकसान पर भी चिंता जताई। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से बाढ़ प्रभावित लोगों तक हरसंभव मदद तत्काल पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपदा योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक समय पर पहुंचना चाहिए। मायावती ने कहा कि बाढ़ हर साल आने वाली त्रासदी है, इसलिए इसके स्थायी समाधान के लिए भी गंभीरता से प्रयास किए जाने चाहिए।

  • अखिलेश का योगी सरकार पर हमला, बोले- विपक्ष को बदनाम करने AI वीडियो बनाकर वायरल कर रही सरकार

    अखिलेश का योगी सरकार पर हमला, बोले- विपक्ष को बदनाम करने AI वीडियो बनाकर वायरल कर रही सरकार

    लखनऊ। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी नेताओं को बदनाम करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से वीडियो तैयार कराकर वायरल कर रही है। अखिलेश ने कहा, ‘सरकार हमें बदनाम करने के लिए बच्चों के खेल न खेले। AI में हम उनसे काफी आगे हैं।’

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर बनाया गया एक AI वीडियो भी दिखाया गया। इसमें प्रदेश की कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए गए। अखिलेश ने कहा कि सरकार अगर AI का इस्तेमाल विपक्ष को बदनाम करने के लिए करेगी तो वे भी इस तकनीक में उसे पीछे छोड़ देंगे। उन्होंने सरकार को ऐसी गतिविधियों से बचने की नसीहत दी।

    ‘यूपी में बड़े पैमाने पर लूट, सबसे ज्यादा भ्रष्ट सरकार’
    सपा प्रमुख ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा, ‘प्रदेश में इस समय बड़े पैमाने पर लूट हो रही है। यह अब तक यूपी की सबसे ज्यादा भ्रष्ट सरकार है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्कूल बंद करवा रही है। अखिलेश ने कहा कि सपा बंद किए गए स्कूलों में जाकर कार्यक्रम करेगी और लोगों को सरकार के कामकाज की जानकारी देगी।

    एक्सप्रेसवे में गड्ढों को लेकर सरकार पर सवाल
    अखिलेश ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए एक्सप्रेसवे में गड्ढे हो गए हैं। अब इसके डिजाइन में गड़बड़ी की बात कही जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि अगर डिजाइन में गलती हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित एक एक्सप्रेसवे की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उसमें भी गड्ढे हो गए हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है।

    ‘कुंभ से अब तक एक लाख करोड़ से ज्यादा खर्च, विकास कहां हुआ?’
    अखिलेश ने प्रयागराज में हुए खर्च को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कुंभ से लेकर अब तक प्रयागराज में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो चुका है। इसके बावजूद सवाल यह है कि वास्तव में कितना विकास हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और पूरा राज्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।

    जयंत चौधरी पर बोले अखिलेश- ‘भाजपा 61 सीटें दे तो सम्मान होगा’
    अखिलेश यादव ने केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा अगर जयंत चौधरी को 61 सीटें देती है तो इसे उनका सम्मान माना जाएगा। इससे कम सीटें मिलने पर यह उनका अपमान होगा।

  • कौशाम्बी में पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट, मनौरी बाजार दहला, 5 की मौत, कई की हालत नाजुक

    कौशाम्बी में पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट, मनौरी बाजार दहला, 5 की मौत, कई की हालत नाजुक

    कौशाम्बी। पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर पटाखा फैक्टरी में भीषण आग लगने के बाद लगातार कई धमाके हुए। करीब 12 बजे हुए विस्फोटों से पूरा इलाका दहल उठा। धमाकों की आवाज दो से तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। फैक्टरी के आसपास बने 15 से ज्यादा मकान धराशायी हो गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि दर्जनभर से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं। इनमें कई की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।

    विस्फोट के बाद उठे धुएं के गुबार ने आसपास के इलाके को ढक लिया। बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। धमाका इतना तेज था कि मकानों की ईंट और मलबा करीब 250 मीटर दूर स्थित रेलवे पुल तक जा पहुंचा। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है।

    फैक्टरी में मौजूद थे करीब दर्जनभर लोग
    बताया जा रहा है कि बस्ती से कुछ दूरी पर एक मकान में पटाखा फैक्टरी संचालित हो रही थी। हादसे के समय फैक्टरी के अंदर करीब दर्जनभर लोगों के मौजूद होने की सूचना है। अचानक मकान से धुआं उठने के बाद पटाखों में विस्फोट शुरू हो गया। इसके बाद एक के बाद एक कई धमाके हुए।

    आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन लगातार हो रहे विस्फोटों के कारण फैक्टरी के अंदर जाना मुश्किल था। मकान के ऊपर से बिजली के तार भी गुजर रहे थे। आग और विस्फोट की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    जेसीबी से मलबा हटाकर तलाशे जा रहे लोग
    हादसे की सूचना मिलते ही कौशाम्बी और प्रयागराज जिले के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दो थानों की पुलिस फोर्स के साथ राहत और बचाव दल को लगाया गया है। जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाकर उसमें दबे लोगों की तलाश की जा रही है।

    घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया है। कौशाम्बी के डीएम डॉ. अमित पाल ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डॉक्टरों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

    सेना और एयरफोर्स के जवान भी रेस्क्यू में जुटे
    हादसे की गंभीरता को देखते हुए सेना के जवानों को भी मौके पर बुलाया गया है। एयरफोर्स के जवान राहत और बचाव अभियान में शामिल होकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं।

    प्रयागराज के एडीजी, आईजी, डीआईजी और अपर पुलिस आयुक्त के अलावा कौशाम्बी के डीएम और एसपी समेत दोनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। एडीएम सिटी प्रयागराज और एसीपी डॉ. अजय पाल शर्मा भी बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं।

    आसपास के इलाकों में दहशत
    लगातार हुए धमाकों से मनौरी बाजार और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। कई मकानों के शीशे टूट गए और बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।

    फिलहाल प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने और घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की है। फैक्टरी में आग लगने और उसके बाद हुए भीषण विस्फोट का वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।

  • पाकिस्तान पर जीत से जो रूट का डंका: स्ट्रॉस का रिकॉर्ड तोड़ा, एशियाई टीमों के खिलाफ सबसे सफल इंग्लिश कप्तान बने

    पाकिस्तान पर जीत से जो रूट का डंका: स्ट्रॉस का रिकॉर्ड तोड़ा, एशियाई टीमों के खिलाफ सबसे सफल इंग्लिश कप्तान बने


    नई दिल्ली। इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 194 रनों से बड़ी जीत दर्ज की। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। मुकाबले में पाकिस्तान की बल्लेबाजी एक बार फिर इंग्लिश गेंदबाजों के सामने बिखर गई लेकिन इस जीत के साथ इंग्लैंड के कप्तान जो रूट के नाम एक बड़ी उपलब्धि भी जुड़ गई। रूट अब एशियाई टीमों के खिलाफ सबसे ज्यादा टेस्ट जीत दर्ज करने वाले इंग्लैंड के कप्तान बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस को पीछे छोड़ दिया है।

    जो रूट की कप्तानी में इंग्लैंड ने एशियाई टीमों के खिलाफ अब तक 15 टेस्ट जीत दर्ज की हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड एंड्रयू स्ट्रॉस के नाम था जिन्होंने अपनी कप्तानी के दौरान एशियाई टीमों के खिलाफ 14 जीत हासिल की थीं। इस सूची में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलिस्टर कुक 12 जीत के साथ तीसरे स्थान पर हैं। पाकिस्तान के खिलाफ लॉर्ड्स में मिली जीत ने रूट को इस रिकॉर्ड में सबसे ऊपर पहुंचा दिया है और उनकी कप्तानी के सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ दी है।

    लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 389 रनों का बड़ा लक्ष्य रखा था। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम दूसरी पारी में सिर्फ 194 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। पाकिस्तान की ओर से सऊद शकील ने जरूर संघर्ष किया और 97 रनों की शानदार पारी खेली लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। शान मसूद ने 26 रन बनाए जबकि अली उस्मान 16 रन बनाकर आउट हुए। मोहम्मद अब्बास 13 रन बनाकर नाबाद रहे लेकिन टीम को जीत की मंजिल तक नहीं पहुंचा सके।

    इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। ओली रॉबिन्सन ने दूसरी पारी में चार विकेट हासिल किए जबकि जोश टंग ने तीन और जोफ्रा आर्चर ने दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। रॉबिन्सन ने पूरे मुकाबले में कुल आठ विकेट झटके और उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। आर्चर और टंग ने भी दोनों पारियों को मिलाकर पांच-पांच विकेट अपने नाम किए।

    इस मुकाबले में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। पाकिस्तान की टीम पहली पारी में भी बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी थी और दूसरी पारी में 389 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक बार फिर उसका बल्लेबाजी क्रम लड़खड़ा गया। सऊद शकील को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज लंबे समय तक क्रीज पर टिक नहीं सका। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने लगातार विकेट निकालकर पाकिस्तान की वापसी की उम्मीदों को खत्म कर दिया।

    सीरीज का पहला टेस्ट भी इंग्लैंड ने एक पारी और 103 रनों से अपने नाम किया था। अब दो मुकाबलों में लगातार जीत के बाद इंग्लैंड सीरीज पर कब्जा कर चुका है। तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से एजबेस्टन के मैदान पर खेला जाएगा। पाकिस्तान के सामने अब सम्मान बचाने की चुनौती होगी जबकि इंग्लैंड की नजर सीरीज में क्लीन स्वीप करने पर रहेगी। इस बीच जो रूट के लिए लॉर्ड्स की जीत खास बन गई है क्योंकि उन्होंने कप्तानी के रिकॉर्ड में एंड्रयू स्ट्रॉस को पीछे छोड़कर एशियाई टीमों के खिलाफ इंग्लैंड के सबसे सफल कप्तान का तमगा हासिल कर लिया है।

  • लॉर्ड्स में भी पाकिस्तान की किरकिरी: इंग्लैंड ने 194 रन से रौंदा, टेस्ट इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा शर्मनाक हाल

    लॉर्ड्स में भी पाकिस्तान की किरकिरी: इंग्लैंड ने 194 रन से रौंदा, टेस्ट इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा शर्मनाक हाल


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। लीड्स के बाद लॉर्ड्स में भी पाकिस्तान को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 194 रनों से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस हार के साथ पाकिस्तान के नाम टेस्ट क्रिकेट में ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया जो टीम कभी नहीं चाहेगी। पाकिस्तान की पूरी टीम लगातार चौथी पारी में 200 रन के आंकड़े को पार करने में नाकाम रही और टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि पाकिस्तान लगातार चार पारियों में 200 से कम रन पर ऑलआउट हुआ है।

    लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में पाकिस्तान की टीम महज 110 रन पर सिमट गई थी। इससे पहले लीड्स टेस्ट की पहली पारी में पाकिस्तान ने 171 रन बनाए थे जबकि दूसरी पारी में पूरी टीम सिर्फ 135 रन पर ढेर हो गई थी। लॉर्ड्स में दूसरी पारी में भी बल्लेबाजों ने निराश किया और 389 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम 194 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह लगातार चार पारियों में पाकिस्तान का स्कोर 200 रन तक भी नहीं पहुंच सका। लॉर्ड्स टेस्ट की दोनों पारियों को मिलाकर पाकिस्तान के बल्लेबाज सिर्फ 529 गेंदों का सामना कर सके।

    पाकिस्तान की दूसरी पारी में सऊद शकील ने अकेले मोर्चा संभालने की कोशिश की। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 97 रन की पारी खेली और टीम को लक्ष्य के करीब ले जाने का प्रयास किया लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी बल्लेबाज का पर्याप्त साथ नहीं मिला। कप्तान बाबर आजम का प्रदर्शन एक बार फिर निराशाजनक रहा। वह दोनों पारियों में प्रभाव नहीं छोड़ सके और पूरे मैच में उनके बल्ले से कुल 14 रन ही निकले। शान मसूद ने दूसरी पारी में 26 रन बनाए लेकिन टीम को संकट से बाहर नहीं निकाल सके। पाकिस्तान के छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू सके।

    इंग्लैंड के गेंदबाजों ने पाकिस्तान की कमजोर बल्लेबाजी का पूरा फायदा उठाया। ओली रॉबिन्सन ने दोनों पारियों में शानदार गेंदबाजी करते हुए मैच में कुल आठ विकेट अपने नाम किए। जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने भी पाकिस्तान के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और दोनों गेंदबाजों ने मैच में पांच-पांच विकेट हासिल किए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने पाकिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखरी हुई नजर आई और टीम एक बार फिर बड़े लक्ष्य का पीछा करने में नाकाम रही।

    पाकिस्तान के लिए विदेश में टेस्ट क्रिकेट का प्रदर्शन भी चिंता बढ़ाने वाला है। दक्षिण अफ्रीका इंग्लैंड न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में 2018 से खेले गए 18 टेस्ट मैचों में पाकिस्तान को 16वीं हार मिली है। टीम को इन देशों में आखिरी टेस्ट जीत 2018 में मिली थी। लगातार खराब प्रदर्शन ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी और टीम संयोजन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    दूसरे टेस्ट में मिली इस हार ने न केवल पाकिस्तान को सीरीज गंवा दी बल्कि टीम के टेस्ट इतिहास में एक बेहद खराब रिकॉर्ड भी जोड़ दिया। इंग्लैंड ने लगातार दो टेस्ट जीतकर अपना दबदबा कायम कर लिया है। अब पाकिस्तान की नजर तीसरे और आखिरी टेस्ट पर होगी जहां टीम कम से कम सम्मान बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। वहीं इंग्लैंड की कोशिश सीरीज का आखिरी मुकाबला जीतकर पाकिस्तान का पूरी तरह सफाया करने की होगी।

  • एशिया कप में भारत का शानदार आगाज: दीप्ति शर्मा ने रचा विश्व रिकॉर्ड, बिना रन दिए झटके 3 विकेट

    एशिया कप में भारत का शानदार आगाज: दीप्ति शर्मा ने रचा विश्व रिकॉर्ड, बिना रन दिए झटके 3 विकेट


    नई दिल्ली। विमेंस एशिया कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अभियान की शुरुआत धमाकेदार जीत के साथ की है। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने थाईलैंड को 94 रनों से करारी शिकस्त दी। इस जीत के दौरान भारतीय टीम की गेंदबाज दीप्ति शर्मा ने ऐसा इतिहास रच दिया जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा। दीप्ति ने अपनी घातक गेंदबाजी से महज 1.1 ओवर में बिना कोई रन दिए 3 विकेट हासिल किए और इसी के साथ वह विमेंस टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गईं। दीप्ति के नाम अब टी20 इंटरनेशनल में कुल 171 विकेट हो गए हैं और उन्होंने थाईलैंड की थिपाचा पुथावोंग को पीछे छोड़ दिया है जिनके नाम 170 विकेट दर्ज हैं। रवांडा की हेनरीट इशिम्वे 164 विकेट के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं।

    दीप्ति शर्मा के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने केवल सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड ही नहीं बनाया बल्कि भारत की ओर से टी20 इंटरनेशनल में तीन या उससे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाजों में सबसे बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन भी अपने नाम कर लिया। दीप्ति ने अपने स्पेल में एक भी रन खर्च किए बिना तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। इससे पहले यह रिकॉर्ड रेणुका सिंह के नाम था जिन्होंने 2022 में पांच रन देकर तीन विकेट हासिल किए थे। दीप्ति ने इस प्रदर्शन के साथ भारतीय महिला क्रिकेट में अपनी खास जगह और मजबूत कर ली।

    मुकाबले की बात करें तो भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की लेकिन पारी के दौरान लगातार विकेट गिरने के कारण टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी। भारतीय टीम ने निर्धारित पारी में 9 विकेट खोकर 159 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 64 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली और टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। उनके अलावा प्रतिका रावल ने 22 रन बनाए जबकि स्मृति मंधाना 19 रन के स्कोर पर रनआउट हो गईं। कप्तान हरमनप्रीत कौर सिर्फ 5 रन बना सकीं जबकि भारती फुलमाली के बल्ले से 13 रन निकले। ऋचा घोष खाता खोले बिना पवेलियन लौट गईं और दीप्ति शर्मा भी बल्ले से सिर्फ 5 रन का योगदान दे सकीं।

    भारत के 159 रन के जवाब में थाईलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई। 160 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी थाईलैंड की पूरी टीम महज 65 रन पर ऑलआउट हो गई। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा और उन्हें खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दिया। दीप्ति शर्मा ने तीन विकेट लेकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। उनके अलावा नंदनी शर्मा ने 18 रन देकर तीन विकेट हासिल किए जबकि श्री चरणी को दो सफलताएं मिलीं।

    इस तरह भारत ने 94 रन की बड़ी जीत के साथ एशिया कप का शानदार आगाज किया। मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण हालांकि दीप्ति शर्मा का ऐतिहासिक प्रदर्शन रहा। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बनकर भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी। उनकी शानदार गेंदबाजी ने न केवल थाईलैंड की पारी को जल्दी समेटने में मदद की बल्कि भारत को टूर्नामेंट में आत्मविश्वास से भरपूर शुरुआत भी दिलाई।

  • यूएस ओपन के पहले दिन मचा घमासान: राखिमोवा ने 27वीं सीड क्रेजिकोवा को किया बाहर, प्लिस्कोवा की सनसनीखेज वापसी

    यूएस ओपन के पहले दिन मचा घमासान: राखिमोवा ने 27वीं सीड क्रेजिकोवा को किया बाहर, प्लिस्कोवा की सनसनीखेज वापसी


    नई दिल्ली। यूएस ओपन 2026 के पहले दिन महिला सिंगल्स में मुकाबलों का रोमांच चरम पर रहा। टूर्नामेंट में उतरी कई शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ियों ने अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की लेकिन इसी बीच 27वीं वरीयता प्राप्त बारबोरा क्रेजिकोवा के बाहर होने से बड़ा उलटफेर देखने को मिला। कामिला राखिमोवा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रेजिकोवा को मात दी और टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। दूसरी ओर एलिना स्वितोलिना मार्ता कोस्त्युक और जैस्मीन पाओलिनी ने जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह बनाई। पहले दिन सात सीडेड खिलाड़ी मुकाबले में उतरे थे और पाओलिनी को छोड़कर बाकी सभी सीडेड खिलाड़ियों ने सीधे सेटों में जीत हासिल की।

    यूक्रेन की नौवीं वरीयता प्राप्त एलिना स्वितोलिना ने लुइस आर्मस्ट्रांग स्टेडियम में शानदार अंदाज में अपने अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सोलाना सिएरा को महज 52 मिनट में 6-1 6-2 से हराया। स्वितोलिना का ग्रैंड स्लैम के शुरुआती दौर में रिकॉर्ड भी प्रभावशाली रहा है। पिछले 11 ग्रैंड स्लैम ओपनिंग मुकाबलों में उन्होंने नौ जीत दर्ज की हैं। ग्रैंड स्लैम में उनकी कुल जीत का आंकड़ा 117 तक पहुंच चुका है जो किसी भी यूक्रेनी खिलाड़ी के लिए सबसे ज्यादा है।

    11वीं वरीयता प्राप्त मार्ता कोस्त्युक ने भी शानदार खेल दिखाया। उन्होंने स्टॉर्म हंटर को 67 मिनट में 6-4 6-1 से शिकस्त दी। कोस्त्युक ने मुकाबले के आखिरी पांच गेम लगातार जीते और पिछले आठ में से सात गेम अपने नाम किए। इस जीत के साथ इस सीजन में उनका रिकॉर्ड 33-8 हो गया है। मुकाबले में उन्होंने आठ ऐस और 22 विनर्स लगाए जबकि 12 अनफोर्स्ड एरर किए।

    19वीं वरीयता प्राप्त जैस्मीन पाओलिनी के लिए हालांकि मुकाबला आसान नहीं रहा। उन्हें वेरोनिका एर्जावेक के खिलाफ तीन सेट तक संघर्ष करना पड़ा। पाओलिनी ने 1 घंटे 46 मिनट में 6-3 3-6 6-4 से जीत हासिल की। दूसरे सेट में उनका प्रदर्शन कमजोर पड़ा लेकिन निर्णायक सेट में उन्होंने वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। पाओलिनी ने मैच में 36 विनर्स लगाए लेकिन 27 अनफोर्स्ड एरर भी किए। अब उनकी नजर यूएस ओपन में पहली बार क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने पर होगी।

    18वीं वरीयता प्राप्त एकातेरिना अलेक्जेंड्रोवा ने मैककार्टनी केसलर को 6-2 6-2 से हराया जबकि 31वीं वरीयता प्राप्त लेयला फर्नांडीज ने झांग शुआई को 6-3 6-2 से मात दी। इन दोनों खिलाड़ियों ने भी बिना ज्यादा परेशानी के दूसरे दौर में प्रवेश किया।

    दिन का एक और रोमांचक मुकाबला पूर्व विश्व नंबर एक कैरोलिना प्लिस्कोवा ने खेला। बिना सीडिंग के उतर रहीं प्लिस्कोवा एक समय हैने वैंडेविंकेल के खिलाफ 2-6 2-5 से पीछे थीं और उनके सामने मैच प्वाइंट भी था। इसके बावजूद उन्होंने जबरदस्त वापसी की। प्लिस्कोवा ने लगातार नौ गेम जीतकर मुकाबले का रुख पलट दिया और 2 घंटे 30 मिनट में 2-6 7-5 6-3 से जीत हासिल की। इस जीत के साथ वह लगातार 10वें यूएस ओपन में दूसरे दौर तक पहुंचने में सफल रही हैं। इस तरह यूएस ओपन का पहला दिन कई बड़े सितारों की जीत और एक बड़े उलटफेर के साथ यादगार बन गया।

  • यूएस ओपन में जोकोविच को झटका, नवोन ने रचा इतिहास: पांच सेट की जंग के बाद दिग्गज को हराकर दूसरे दौर में बनाई जगह

    यूएस ओपन में जोकोविच को झटका, नवोन ने रचा इतिहास: पांच सेट की जंग के बाद दिग्गज को हराकर दूसरे दौर में बनाई जगह


    नई दिल्ली। यूएस ओपन 2026 की शुरुआत टेनिस जगत के सबसे बड़े उलटफेर के साथ हुई है। 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन और चार बार के यूएस ओपन विजेता नोवाक जोकोविच को अर्जेंटीना के मारियानो नवोन ने टूर्नामेंट के पहले ही दौर में हराकर बाहर कर दिया। पांच सेट तक चले रोमांचक मुकाबले में नवोन ने जोकोविच को 7-6 5-7 4-6 6-2 6-1 से शिकस्त दी। यह मुकाबला 4 घंटे 36 मिनट तक चला और किसी भी ग्रैंड स्लैम के पहले दौर का अब तक का सबसे लंबा मैच बन गया।

    जोकोविच के लिए यह हार इसलिए भी बेहद निराशाजनक रही क्योंकि 2006 ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद पहली बार उन्हें किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में हार का सामना करना पड़ा है। 39 वर्षीय सर्बियाई खिलाड़ी मुकाबले की शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी करने में सफल रहे थे। उन्होंने दूसरा और तीसरा सेट जीतकर मैच पर अपनी पकड़ बना ली थी। ऐसे में माना जा रहा था कि अनुभव के दम पर जोकोविच मुकाबला अपने नाम कर लेंगे लेकिन इसके बाद उनकी शारीरिक परेशानियां बढ़ती चली गईं।

    चौथे सेट में जोकोविच ने बढ़त बनाने की कोशिश की लेकिन नवोन ने शानदार वापसी की और सेट 6-2 से अपने नाम कर लिया। निर्णायक पांचवें सेट में अर्जेंटीना के खिलाड़ी ने कोई मौका नहीं दिया और 6-1 से सेट जीतकर इतिहास रच दिया। इस दौरान जोकोविच शारीरिक रूप से काफी संघर्ष करते नजर आए। उनकी ऊर्जा कम होती गई और मैच के दौरान उन्हें उल्टी और शरीर में दर्द जैसी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। कई मौकों पर उन्हें कोर्ट पर चलने फिरने में भी परेशानी दिखाई दी।

    दिलचस्प बात यह थी कि मुकाबले से पहले आंकड़े पूरी तरह जोकोविच के पक्ष में थे। पांच सेट वाले मुकाबलों में उनका रिकॉर्ड 42-12 था जबकि नवोन इससे पहले ऐसे किसी मुकाबले में जीत दर्ज नहीं कर सके थे। हार्ड कोर्ट पर भी नवोन का रिकॉर्ड ज्यादा प्रभावशाली नहीं था। इसके बावजूद अर्जेंटीना के खिलाड़ी ने दबाव के बीच बेहतरीन मानसिक मजबूती दिखाई और दिग्गज खिलाड़ी को मात दे दी।

    मैच के निर्णायक दौर में न्यूयॉर्क की भीड़ लगातार जोकोविच का हौसला बढ़ा रही थी। पांचवें सेट में जब उन्होंने एक गेम जीतकर स्कोर 1-3 किया तो दर्शकों की आवाज और तेज हो गई। इस दौरान जोकोविच बेसलाइन के पीछे खड़े होकर भावुक भी नजर आए। प्रशंसकों का समर्थन उन्हें मुकाबले में वापस लाने के लिए पर्याप्त नहीं रहा और नवोन ने कुछ ही देर बाद मैच खत्म कर दिया।

    निर्णायक प्वाइंट पर भी नवोन ने अपनी फुर्ती का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जोकोविच की ड्रॉप वॉली तक तेजी से पहुंचकर गेंद को खाली कोर्ट में भेज दिया और जीत पक्की कर ली। मुकाबला खत्म होने के बाद नवोन नेट पर पहुंचे और जोकोविच को गले लगाया। जोकोविच ने भी हार के बावजूद खेल भावना का परिचय दिया और कोर्ट से बाहर जाते समय प्रशंसकों को ऑटोग्राफ देकर उनका अभिवादन किया।

    नवोन के लिए यह जीत किसी सपने के सच होने जैसी रही। जोकोविच जैसे दिग्गज खिलाड़ी को ग्रैंड स्लैम में हराना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। वहीं जोकोविच के लिए यह हार इसलिए और बड़ा झटका है क्योंकि उनके पास अपना 25वां मेजर खिताब जीतकर इतिहास रचने का मौका था। लेकिन यूएस ओपन में उनका सफर पहले ही दौर में समाप्त हो गया।