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  • एमपी में अगले 4 दिन तेज बारिश के आसार, सतना-रीवा समेत 17 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में अगले 4 दिन तेज बारिश के आसार, सतना-रीवा समेत 17 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया और ट्रफ के असर से अगले चार दिन प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने का अनुमान है। मंगलवार को उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि सतना, रीवा, पन्ना समेत 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश को देखते हुए मैहर में मंगलवार को भी सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी रहेगी।

    4 सितंबर तक कई संभागों में बारिश

    IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया और ट्रफ के कारण 4 सितंबर तक जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 1 और 2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश होगी। 3 सितंबर को भोपाल और ग्वालियर संभाग में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 4 सितंबर को सिस्टम पश्चिम की ओर बढ़ते हुए उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग को प्रभावित करेगा।

    आज 17 जिलों में अलर्ट

    मंगलवार को उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश हो सकती है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।

    मैहर में आज भी स्कूल बंद

    मैहर में लगातार भारी बारिश और नदी-नालों के उफान को देखते हुए कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने 1 सितंबर को सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने सोमवार देर रात आदेश जारी किया।

    डैमों में 70% से ज्यादा पानी

    लगातार बारिश से प्रदेश के ज्यादातर डैमों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। अधिकांश बांधों में 70% तक पानी पहुंच चुका है और कुछ के गेट भी खोले गए हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के डैमों की स्थिति अभी अपेक्षाकृत कमजोर है।

    भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। अब यह फुल टैंक लेवल से सिर्फ 0.30 फीट खाली है। बड़ा तालाब भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाएंगे। इससे कलियासोत डैम का जलस्तर भी बढ़ेगा।

    अब तक 27.7 इंच बारिश

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 702.9 मिमी यानी 27.7 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 782.6 मिमी यानी 30.8 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अभी 3.1 इंच बारिश कम हुई है। ओवरऑल बारिश सामान्य से 10% कम है। पूर्वी हिस्से में 5% और पश्चिमी हिस्से में 15% कम बारिश दर्ज की गई है।

    39 जिलों में 2 से 57% तक कम बारिश

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल मिलाकर 5% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत जिलों में 4% से 53% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 4% से 53% तक कम बारिश हुई है।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    IMD के मुताबिक अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • सितंबर का पहला दिन किसके लिए रहेगा खास? आज इन राशियों पर बरसेगी कृपा, नौकरी कारोबार और रिश्तों में आएगा बदलाव

    सितंबर का पहला दिन किसके लिए रहेगा खास? आज इन राशियों पर बरसेगी कृपा, नौकरी कारोबार और रिश्तों में आएगा बदलाव


    नई दिल्ली। 1 सितंबर से नए महीने की शुरुआत हो रही है और ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन कई राशि वालों के लिए नई उम्मीद और नए अवसर लेकर आ सकता है। महीने के पहले दिन ग्रहों की स्थिति का असर कामकाज धन रिश्तों और व्यक्तिगत जीवन पर देखने को मिल सकता है। कुछ लोगों को लंबे समय से अटके कामों में सफलता मिलने के संकेत हैं तो कुछ राशि वालों को खर्च और महत्वपूर्ण फैसलों के मामले में संयम बरतना होगा। मेष राशि के जातकों के लिए दिन उत्साह और आत्मविश्वास से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता का फायदा मिलेगा और कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। कारोबारियों को नए अवसर मिलने के संकेत हैं लेकिन किसी भी योजना को आगे बढ़ाने से पहले पूरी जानकारी लेना बेहतर रहेगा।

    वृषभ राशि वालों के लिए सितंबर की शुरुआत आर्थिक मामलों में सकारात्मक रह सकती है। रुका हुआ धन मिलने की संभावना बन सकती है और परिवार की ओर से भी सहयोग प्राप्त होगा। नौकरी करने वाले लोगों को अपने काम में निरंतरता बनाए रखनी होगी। मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन संपर्क और संवाद के लिहाज से खास रहेगा। किसी पुराने परिचित से बातचीत भविष्य में लाभ का रास्ता खोल सकती है। करियर से जुड़े किसी महत्वपूर्ण निर्णय को लेकर आपको सोच समझकर आगे बढ़ना चाहिए। कर्क राशि वालों को परिवार के मामलों में अधिक समय देना पड़ सकता है। घर में किसी विषय को लेकर चर्चा हो सकती है और समझदारी से बातचीत करने पर स्थिति बेहतर रहेगी। आर्थिक मामलों में अनावश्यक खर्च से बचना आपके लिए फायदेमंद होगा।

    सिंह राशि वालों के लिए महीने का पहला दिन उपलब्धियों की शुरुआत का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और नेतृत्व क्षमता की सराहना हो सकती है। कारोबार में भी लाभ के अवसर सामने आ सकते हैं। कन्या राशि के जातकों को आज योजनाओं को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की जरूरत होगी। काम अधिक हो सकता है लेकिन सही योजना बनाकर चलने से आप समय पर जिम्मेदारियां पूरी कर पाएंगे। धन के मामले में संतुलन बनाए रखना जरूरी रहेगा। तुला राशि वालों के लिए करियर और रिश्तों के लिहाज से दिन अच्छा रह सकता है। किसी पुराने मतभेद को बातचीत के जरिए खत्म करने का मौका मिलेगा और कामकाज में नई दिशा मिल सकती है।

    वृश्चिक राशि के जातकों को आज अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाने की जरूरत होगी। कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है लेकिन आपका आत्मविश्वास आपको आगे रखेगा। निवेश या बड़े आर्थिक फैसले लेने में जल्दबाजी से बचना बेहतर होगा। धनु राशि वालों के लिए सितंबर की शुरुआत नए अवसरों का संकेत दे रही है। नौकरी कारोबार या किसी नए प्रोजेक्ट से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। यात्रा से भी लाभ के संकेत हैं। मकर राशि के लोगों को अपनी मेहनत का परिणाम मिलने की संभावना है। जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन इसके साथ पद और सम्मान में भी वृद्धि हो सकती है।

    कुंभ राशि के लिए आज का दिन नए विचारों और रचनात्मक कार्यों के लिहाज से बेहतर रहेगा। आपका कोई विचार आगे चलकर लाभ का कारण बन सकता है। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक सुकून मिलेगा। मीन राशि वालों के लिए दिन आत्ममंथन और नई शुरुआत का संकेत दे रहा है। पुराने अनुभवों से सीख लेकर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। करियर में बदलाव की योजना बना रहे लोगों को सही दिशा तलाशने में मदद मिल सकती है। कुल मिलाकर 1 सितंबर कई राशि वालों के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोल सकता है। मेहनत धैर्य और समझदारी के साथ उठाए गए कदम आने वाले दिनों में बेहतर परिणाम दे सकते हैं। राशिफल सामान्य ज्योतिषीय संकेतों पर आधारित है और किसी भी महत्वपूर्ण व्यक्तिगत या आर्थिक निर्णय को केवल इसके आधार पर नहीं लेना चाहिए।

  • ट्रेड डील से पहले निर्यातकों का फीडबैक लेगा भारत, अमेरिका में शुल्क और रूस से तेल खरीद के असर पर बनेगी रणनीति

    ट्रेड डील से पहले निर्यातकों का फीडबैक लेगा भारत, अमेरिका में शुल्क और रूस से तेल खरीद के असर पर बनेगी रणनीति


    नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत लगातार आगे बढ़ रही है। इसी बीच भारत सरकार ने उद्योग जगत की चिंताओं और सुझावों को समझने के लिए अहम कदम उठाया है। वाणिज्य मंत्रालय मंगलवार को प्रमुख उद्योग संगठनों और निर्यात संवर्धन परिषदों के साथ बैठक करेगा। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत अमेरिका व्यापार संबंधों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करना और अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यातकों के सामने आ रही चुनौतियों को समझना होगा। बैठक की अध्यक्षता वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन करेंगे जो भारत अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए भारत के मुख्य वार्ताकार भी हैं। बैठक में अलग अलग क्षेत्रों के निर्यात प्रदर्शन और हाल के व्यापारिक रुझानों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।

    इस महत्वपूर्ण बैठक में फार्मास्युटिकल्स इंजीनियरिंग वस्त्र कृषि रसायन समुद्री उत्पाद चमड़ा ऑटोमोबाइल ऑटो कंपोनेंट्स हस्तशिल्प और प्लास्टिक जैसे प्रमुख क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा सीआईआई फिक्की एसोचैम और फियो जैसे प्रमुख उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि भी अपने सुझाव रख सकते हैं। सरकार यह समझना चाहती है कि मौजूदा शुल्क व्यवस्था और अमेरिकी बाजार से जुड़ी व्यापारिक बाधाओं का भारतीय कारोबार और निर्यात पर कितना असर पड़ रहा है। उद्योग जगत से मिलने वाला फीडबैक आगे की बातचीत में भारत की रणनीति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

    यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सितंबर के अंत में अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले हैं। वह 30 सितंबर से मिल्वौकी में होने वाली जी20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे। इस दौरान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी प्रस्तावित है। ऐसे में उससे पहले भारतीय उद्योगों की स्थिति और उनकी प्राथमिकताओं को समझना सरकार के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    पीयूष गोयल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भारत अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण तभी लागू होगा जब भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर या कम से कम तुलनात्मक लाभ हासिल हो। यही वजह है कि सरकार अलग अलग सेक्टर से सीधे जानकारी जुटा रही है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल भी कह चुके हैं कि दोनों देश फरवरी में तय किए गए ढांचे के आधार पर समझौते को अंतिम रूप देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।

    हालांकि व्यापार समझौते के रास्ते में कुछ चुनौतियां भी मौजूद हैं। भारतीय निर्यात फिलहाल अमेरिका में सेक्शन 301 जांच के तहत लगाए गए अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क से प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा रूस से भारत की कच्चे तेल की खरीद भी अमेरिका के साथ व्यापारिक बातचीत में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकती है। अमेरिकी सीनेट से जुड़े हालिया घटनाक्रम में रूस से तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों के निर्यात पर भारी शुल्क लगाने की संभावना ने अनिश्चितता बढ़ाई है। भारत बड़ी मात्रा में रूसी कच्चा तेल खरीदता है और जुलाई में देश के कुल कच्चे तेल आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक रही थी।

    इन परिस्थितियों के बीच भारत सरकार फिलहाल बातचीत को रचनात्मक बनाए रखने पर जोर दे रही है। उद्योग जगत के साथ होने वाली बैठक से सरकार को यह समझने में मदद मिलेगी कि अमेरिकी बाजार में किन क्षेत्रों को सबसे ज्यादा राहत की जरूरत है और प्रस्तावित व्यापार समझौते में किन मुद्दों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। माना जा रहा है कि आने वाले समय में भारत अमेरिका ट्रेड डील को लेकर होने वाली बातचीत में इन सुझावों का असर साफ दिखाई दे सकता है।

  • सीलिंग से सहमा भोपाल का कारोबार अरेरा कॉलोनी में निगम टीम का विरोध 15 से ज्यादा प्रतिष्ठान बंद व्यापारियों ने मास्टर प्लान की मांग उठाई

    सीलिंग से सहमा भोपाल का कारोबार अरेरा कॉलोनी में निगम टीम का विरोध 15 से ज्यादा प्रतिष्ठान बंद व्यापारियों ने मास्टर प्लान की मांग उठाई


    भोपाल । भोपाल के रहवासी इलाकों में चल रही कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम ने सोमवार सुबह से बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह करीब 9 बजे शुरू हुए अभियान के तहत शहर के अलग अलग इलाकों में दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराया गया। चार घंटे के भीतर 15 से ज्यादा प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के दौरान अरेरा कॉलोनी में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब नगर निगम की टीम आर्य समाज मंदिर के पास कार्रवाई करने पहुंची। दुकानदारों ने निगम की कार्रवाई का विरोध करते हुए सवाल उठाया कि केवल छोटे कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर ही कार्रवाई क्यों की जा रही है जबकि बड़े शॉपिंग मॉल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर समान कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।

    अरेरा कॉलोनी में विरोध कर रहे दुकानदारों का कहना था कि एक ही इलाके में कई जगह कमर्शियल गतिविधियां संचालित हो रही हैं लेकिन निगम का अमला चुनिंदा दुकानों को ही निशाना बना रहा है। दुकानदारों के विरोध के बाद निगम की टीम आगे बढ़ गई। इस दौरान निगम अधिकारी पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। कार्रवाई के दौरान कई व्यापारियों ने अपनी परेशानी सामने रखते हुए कहा कि अचानक प्रतिष्ठान बंद होने से उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

    10 नंबर मार्केट व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि व्यापारियों को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उनका कहना है कि अगर भोपाल का मास्टर प्लान समय पर लागू किया जाता तो आज इस तरह की समस्या सामने नहीं आती। व्यापारियों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द मास्टर प्लान लागू करे या फिर मिक्स्ड लैंड यूज की व्यवस्था को लेकर समाधान निकाले ताकि रहवासी इलाकों में लंबे समय से चल रहे कारोबार को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बन सके।

    व्यापारियों का दावा है कि सीलिंग की कार्रवाई का असर भोपाल के बड़े हिस्से के कारोबार पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि पिछले डेढ़ महीने से मुख्यमंत्री मंत्री सांसद विधायक महापौर और अन्य जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी समस्या रखी जा चुकी है लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। व्यापारियों के मुताबिक कार्रवाई से कई बाजारों में सन्नाटा छा गया है और छोटे कारोबारियों के सामने भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    नगर निगम की कार्रवाई रचना नगर सर्वधर्म अरेरा कॉलोनी खानूगांव और गौतम नगर तक पहुंची। रचना नगर में जूंबा डांस हाउस को सील किया गया। सर्वधर्म बी सेक्टर में एक होटल को बंद कराया गया। गौतम नगर में एक होटल संचालक ने खुद ही कमर्शियल गतिविधि बंद कर दी। खानूगांव में भी एक भवन में चल रही व्यावसायिक गतिविधि को बंद कराया गया। ई-3 अरेरा कॉलोनी में कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने कुछ और समय देने की मांग की लेकिन निगम अधिकारियों ने कहा कि पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है।

    इस बीच मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले रहवासी विवेक त्रिपाठी ने भी निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बड़े और प्रभावशाली लोगों के प्रतिष्ठानों को छोड़कर छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में रखी जाएगी। दूसरी ओर निगम की कार्रवाई के बाद कई प्रतिष्ठानों पर यह तख्तियां भी लगाई गई हैं कि भवन में व्यवसायिक गतिविधियां बंद हैं। अब इस पूरे मामले में व्यापारियों और नगर निगम के बीच टकराव बढ़ता नजर आ रहा है और स्थायी समाधान के लिए मास्टर प्लान तथा मिक्स्ड लैंड यूज की मांग फिर तेज हो गई है।

  • ग्लोबल तनाव के बीच भारत की इकोनॉमी ने पकड़ी रफ्तार GDP 7.8% बढ़ी घरेलू मांग और सर्विस सेक्टर ने संभाली विकास की कमान

    ग्लोबल तनाव के बीच भारत की इकोनॉमी ने पकड़ी रफ्तार GDP 7.8% बढ़ी घरेलू मांग और सर्विस सेक्टर ने संभाली विकास की कमान


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर अपनी मजबूती का प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान देश की GDP ग्रोथ 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह आंकड़ा भारतीय रिजर्व बैंक के 7 प्रतिशत के अनुमान से काफी बेहतर है। एक साल पहले इसी अवधि में GDP ग्रोथ 6.9 प्रतिशत रही थी। ऐसे में ताजा आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं।

    सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक पहली तिमाही में रियल GDP बढ़कर 81.36 लाख करोड़ रुपए हो गई जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 75.46 लाख करोड़ रुपए थी। इसी दौरान रियल GVA में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 73.82 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। नॉमिनल GDP भी 10.3 प्रतिशत बढ़कर 88.27 लाख करोड़ रुपए रही। वहीं नॉमिनल GVA में 11.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    भारतीय अर्थव्यवस्था के इस मजबूत प्रदर्शन में सर्विस सेक्टर की अहम भूमिका रही है। फाइनेंस रियल एस्टेट IT और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में 12 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि देखने को मिली। इन सेक्टर्स में तेजी ने आर्थिक गतिविधियों को गति देने के साथ घरेलू मांग को भी मजबूती प्रदान की। पैसेंजर व्हीकल और हाउसहोल्ड व्हीकल रजिस्ट्रेशन में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है जो उपभोक्ताओं के बीच खर्च करने की क्षमता और आर्थिक भरोसे का संकेत देती है।

    इस प्रदर्शन को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस दौरान पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल और गैस की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। ऊर्जा की ऊंची कीमतें भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए महंगाई और लागत दोनों को प्रभावित कर सकती हैं। इसके बावजूद पहली तिमाही में GDP की रफ्तार 7.8 प्रतिशत रहना अर्थव्यवस्था की आंतरिक मजबूती को दर्शाता है। हालांकि विशेषज्ञों के लिए आगे की तिमाहियां भी महत्वपूर्ण रहेंगी क्योंकि लंबे समय तक चलने वाला वैश्विक तनाव आर्थिक गतिविधियों पर दबाव डाल सकता है।

    GDP के आंकड़ों में इस बार एक और महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। सरकार ने नई सीरीज के तहत 2022-23 को नया बेस ईयर बनाया है। इसके साथ अर्थव्यवस्था को मापने की प्रक्रिया में कई नए आंकड़ों को शामिल किया गया है। GST नेटवर्क ई-वाहन डेटाबेस और घरेलू सेवाओं से जुड़े आंकड़े भी नई व्यवस्था का हिस्सा बनाए गए हैं। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की GVA गणना में डबल डिफ्लेशन अप्रोच को भी शामिल किया गया है।

    नए बेस ईयर का उद्देश्य अर्थव्यवस्था में समय के साथ आए बदलावों को ज्यादा सटीक तरीके से आंकड़ों में शामिल करना है। मौजूदा अर्थव्यवस्था में डिजिटल भुगतान गिग इकोनॉमी ऑनलाइन सेवाओं और नए उपभोक्ता व्यवहार की भूमिका बढ़ी है। ऐसे में पुराने आधार वर्ष के बजाय नए आर्थिक ढांचे को ध्यान में रखकर आंकड़ों की गणना करना जरूरी माना गया है।

    हालांकि पहली तिमाही का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है लेकिन पूरे वित्त वर्ष की तस्वीर अभी बाकी है। RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 6.7 प्रतिशत रखा है। आगे की तिमाहियों में 6.4 प्रतिशत से 6.8 प्रतिशत के बीच वृद्धि का अनुमान जताया गया है। अगर वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का दबाव लंबे समय तक नहीं रहता है तो मजबूत घरेलू मांग और निवेश भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार को आगे भी बनाए रख सकते हैं।

  • नेपाल की बाढ़ ने छीनी हजारों की जिंदगी और रोजी-रोटी, 10 मिनट में खाली हुआ देवीघाट; मलबे में दबे घरों के बीच अपनों की तलाश

    नेपाल की बाढ़ ने छीनी हजारों की जिंदगी और रोजी-रोटी, 10 मिनट में खाली हुआ देवीघाट; मलबे में दबे घरों के बीच अपनों की तलाश


    नई दिल्ली। नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने देवीघाट कस्बे की तस्वीर ही बदल दी है। कभी लोगों की आवाजाही और कारोबार से गुलजार रहने वाला यह इलाका अब मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है। नुवाकोट जिले में त्रिशूली और ताड़ी नदी के संगम पर बसे देवीघाट में बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते घर दुकानें सड़कें और दूसरी सुविधाएं पानी और मलबे की चपेट में आ गईं। स्थानीय लोगों के मुताबिक बाढ़ का मंजर इतना भयावह था कि उस वक्त किसी को अपना सामान बचाने की चिंता नहीं थी। हर किसी के सामने सिर्फ अपनी जान बचाने की चुनौती थी।

    30 अगस्त को जब लोग तबाही के चार दिन बाद अपने घरों और दुकानों के मलबे में जरूरी सामान तलाशने के लिए लौटे तो उन्हें एक बार फिर भागना पड़ा। अचानक बाढ़ का अलर्ट जारी हुआ और पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई। लोग सुरक्षित जगह की तलाश में ऊंचाई की ओर दौड़ने लगे। कुछ ही समय में पूरा कस्बा फिर से खाली हो गया। जिन लोगों ने अपने घरों में बचा हुआ सामान निकालने की उम्मीद में वापसी की थी उन्हें दोबारा अपनी जान बचाकर वहां से निकलना पड़ा। इस घटना ने लोगों के डर को और गहरा कर दिया है।

    देवीघाट में करीब 20 हजार लोगों की आबादी बताई जाती है लेकिन बाढ़ के बाद यहां हजारों लोगों के सामने अपना भविष्य बचाने का संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 7 हजार लोगों की अब तक कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है। बाढ़ के तेज बहाव में कई परिवार बिछड़ गए हैं और लोग अपनों की तलाश में भटक रहे हैं। कई घर पूरी तरह मलबे में दब चुके हैं जबकि कई मकानों की सिर्फ दीवारें बची हैं। दुकानों में रखा सामान कीचड़ और पानी में खराब हो चुका है।

    स्थानीय निवासी पवन नेगी बताते हैं कि इलाके में पहले भी बाढ़ आती रही है लेकिन इस बार जैसी तबाही उन्होंने कभी नहीं देखी। लोगों को उम्मीद थी कि पानी कुछ समय बाद उतर जाएगा और हालात सामान्य हो जाएंगे लेकिन इस बार बाढ़ ने घरों के साथ खेत और कारोबार भी तबाह कर दिए। अब प्रभावित परिवारों के सामने दोबारा जिंदगी शुरू करने की बड़ी चुनौती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इलाके को फिर से बसाने में कई साल लग सकते हैं।

    बाढ़ ने केवल लोगों के घर ही नहीं छीने बल्कि उनकी रोजी रोटी का साधन भी खत्म कर दिया है। कई लोगों की दुकानें बह गईं और पशुधन तक बाढ़ की भेंट चढ़ गया। बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भविष्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। मेडिकल स्टूडेंट राधिका थापा भी अपने परिवार के साथ मलबे में कपड़े और जरूरी सामान तलाशती नजर आईं। उनका घर और दुकान दोनों बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।

    देवीघाट की नंदा थापा के मुताबिक अचानक लोगों की चीख सुनाई दी कि बाढ़ आ गई है। इसके बाद किसी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और हर कोई जान बचाने के लिए सुरक्षित जगह की ओर भागने लगा। अब वही लोग मलबे के बीच अपनी जिंदगी के बचे हुए निशान तलाश रहे हैं। नेपाल की इस त्रासदी ने साफ कर दिया है कि प्राकृतिक आपदा के कुछ मिनट भी इंसान की पूरी जिंदगी बदल सकते हैं। देवीघाट में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन लोगों ने अपना सब कुछ खो दिया है वे दोबारा अपनी जिंदगी कैसे शुरू करेंगे।

  • नेपाल में कुदरत का कहर और 10 सेकेंड की जिंदगी की जंग! सैकड़ों मौतों के बीच लापता लोगों की तलाश जारी

    नेपाल में कुदरत का कहर और 10 सेकेंड की जिंदगी की जंग! सैकड़ों मौतों के बीच लापता लोगों की तलाश जारी


    नई दिल्ली। नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने पूरे देश को गहरे संकट में डाल दिया है। 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई और बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई। इस आपदा के बीच कुछ सेकेंड की सतर्कता कई लोगों के लिए जिंदगी और मौत के बीच का अंतर साबित हुई। रसुवा कस्टम ऑफिस के अधिकारी करबीर गैरे ने जब भोटेकोशी नदी में तेजी से बढ़ता बाढ़ का पानी देखा तो उन्होंने आसपास मौजूद लोगों को तुरंत ऊंचाई की तरफ भागने की चेतावनी दी। बताया गया कि चेतावनी के करीब 10 सेकेंड बाद ही तेज बहाव ने आसपास के ढांचों को अपनी चपेट में ले लिया। समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थान की ओर भेजने से कई जानें बच सकीं।

    नेपाल के फ्लड फोरकास्टिंग डिविजन के अनुसार सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की तरफ से भोटेकोशी में बाढ़ की सूचना मिली थी। इसके कुछ ही मिनट बाद रसुवा नुवाकोट धादिंग और चितवन समेत प्रभावित क्षेत्रों में करीब 6 लाख एसएमएस अलर्ट भेजे गए। आपदा के दौरान समय पर चेतावनी और लोगों की सतर्कता ने राहत और बचाव के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बावजूद बाढ़ की भयावहता इतनी ज्यादा थी कि बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ गए।

    अब तक नेपाल और तिब्बत में बाढ़ से 919 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। इनमें अकेले नेपाल में 903 लोगों की जान गई है जबकि तिब्बत में 16 मौतें दर्ज की गई हैं। इसके अलावा 4200 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की तलाश के साथ उनकी पहचान सुनिश्चित करने की चुनौती भी प्रशासन के सामने है। नेपाल पुलिस ने लापता लोगों के परिजनों से डीएनए सैंपल देने की अपील की है। माता पिता और बच्चों से डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए नमूने मांगे जा रहे हैं ताकि बरामद शवों की पहचान लापता लोगों के परिवारों से मिलान करके की जा सके।

    बाढ़ का असर नेपाल की सीमाओं से बाहर भी दिखाई दिया है। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में नारायणी गंडक नदी से चार अज्ञात शव बरामद किए गए जिन्हें नेपाल प्रशासन को सौंप दिया गया। इनमें तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। पहचान सुनिश्चित करने के लिए पोस्टमॉर्टम के दौरान डीएनए सैंपल लिए गए हैं जिन्हें नेपाल प्रशासन के साथ साझा किया जाएगा।

    इस बीच हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। त्रिशूली-3A समेत कई परियोजनाओं की सुरंगों के मुहानों पर जमा मलबा और कीचड़ हटाकर अंदर पहुंचने की कोशिश की जा रही है। नेपाल के सुरक्षा बलों के साथ भारत और चीन के विशेषज्ञ भी बचाव अभियान में सहयोग कर रहे हैं। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से सुरंगों के रास्ते खोलने का प्रयास किया जा रहा है।

    नेपाल की इस भीषण आपदा के बाद कई देशों ने मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत ने मानवीय सहायता के साथ मेडिकल और टनल रेस्क्यू टीम भेजी है। ब्रिटेन यूरोपीय संघ कनाडा अमेरिका और चीन की ओर से भी आर्थिक और मानवीय सहायता की घोषणा की गई है। ऐसे समय में राहत और बचाव अभियान के साथ लापता लोगों की तलाश सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है। नेपाल अब इस त्रासदी से उबरने की कठिन चुनौती के बीच प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और बाढ़ से तबाह हुए क्षेत्रों को दोबारा खड़ा करने की कोशिश में जुटा है।

  • उज्जैन में धधकती चिता के सामने तांत्रिक क्रिया का वीडियो वायरल, मानव अवशेष खाने का दावा; संतों ने मांगी कार्रवाई

    उज्जैन में धधकती चिता के सामने तांत्रिक क्रिया का वीडियो वायरल, मानव अवशेष खाने का दावा; संतों ने मांगी कार्रवाई

    उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित चक्रतीर्थ श्मशान घाट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में किन्नर अखाड़े से जुड़ी किन्नर साधक काली उर्फ नंद गिरि धधकती चिता के सामने कथित रूप से तांत्रिक क्रिया करती नजर आ रही हैं। वीडियो में वह तलवार की मदद से चिता से कथित मानव अवशेष निकालकर उसे खाने का दावा करती दिखाई देती हैं। वीडियो सामने आने के बाद संत समाज ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।

    बताया गया है कि उक्त वीडियो काली उर्फ नंद गिरि ने अपने इंस्टाग्राम खाते पर साझा किया था। वीडियो में वह जलती चिता के सामने तलवार लेकर तांत्रिक क्रिया करती दिखाई देती हैं। इसके बाद वह तलवार से चिता के भीतर से कथित मानव अंग का अवशेष निकालती हैं और कैमरे के सामने उसे खाने का दावा करती हैं।

    वीडियो में किन्नर साधक यह कहते हुए भी सुनाई देती हैं कि गर्म अवस्था में मानव शरीर का हिस्सा खाना हर किसी के बस की बात नहीं है और यह उनके लिए रोजमर्रा की साधना का हिस्सा है। वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और मामले में कार्रवाई की मांग उठ रही है।

    संत समाज ने कहा है कि अघोर एवं तांत्रिक साधना की अपनी परंपराएं और मर्यादाएं होती हैं। ऐसी साधनाओं को सार्वजनिक प्रदर्शन या प्रचार का माध्यम बनाना उचित नहीं है। संतों का कहना है कि इस प्रकार के वीडियो से धार्मिक परंपराओं को लेकर समाज में गलत संदेश जाता है।

    महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरि ने कहा कि अघोर साधना की अपनी मर्यादा है और तांत्रिक क्रियाओं का सार्वजनिक प्रदर्शन उचित नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार, वैदिक परंपराओं के नाम पर इस तरह की गतिविधियों का प्रचार-प्रसार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि निजी प्रसिद्धि और प्रचार के लिए ऐसी गतिविधियों को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।

    इधर, अघोरी अखाड़े के पीठाधीश्वर एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़ेश्वरी अघोरी बाबा विष्णुनाथ ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि वीडियो में एक महिला जलती चिता के पास धारदार हथियार लेकर चिता की सामग्री और कथित मानव अवशेषों से छेड़छाड़ करती दिखाई दे रही है।

    शिकायतकर्ता के अनुसार, यदि वीडियो में दिखाई दे रही सामग्री वास्तव में मानव शव के अवशेष हैं और उनके साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई है, तो यह भारतीय न्याय संहिता की धारा 301 के अंतर्गत अपराध के दायरे में आ सकता है। शिकायत में पुलिस से वीडियो की सत्यता की जांच कराने तथा तथ्य सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की गई है।

    वीडियो के वायरल होने के बाद चक्रतीर्थ श्मशान घाट की सुरक्षा और वहां होने वाली कथित तांत्रिक गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए दावों और उसमें दिखाई दे रही सामग्री की वास्तविक प्रकृति की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

  • MP के 1 लाख 22 हजार विद्यार्थियों को कल मिलेंगे 25-25 हजार रुपये

    MP के 1 लाख 22 हजार विद्यार्थियों को कल मिलेंगे 25-25 हजार रुपये


    भोपाल। कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या अधिक अंक पाने वाले प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों का आधुनिक तकनीक से जुड़ने का सपना जल्द ही पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के लगभग 1 लाख 22 हजार विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि का अंतरण करेंगे। विद्यार्थियों को यह राशि 1 सितंबर को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर
    , भोपाल में आयोजित लैपटॉप क्रय के लिये राशि वितरण कार्यक्रम के दौरान प्रदान की जाएगी।

    प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें डिजिटल तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। इसके अंतर्गत कक्षा 12वीं की परीक्षा में पहले ही प्रयास में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को लैपटॉप खरीदने के लिए 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।

    प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा का संबल

    प्रदेश सरकार द्वारा योजना के अंतर्गत इस वर्ष प्रदेश के लगभग 1 लाख 22 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। प्रत्येक विद्यार्थी के खाते में 25 हजार रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। इस प्रकार विद्यार्थियों को कुल 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया जाएगा।

    उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की यह पहल प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लैपटॉप के माध्यम से विद्यार्थी ऑनलाइन अध्ययन, डिजिटल पाठ्य सामग्री, ई-लर्निंग और अन्य तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर अपनी शिक्षा को और बेहतर बना सकेंगे।

  • चित्रकूट में लगातार बारिश से मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर, रामघाट पर जाने पर रोक, 2 दिन स्कूल बंद

    चित्रकूट में लगातार बारिश से मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर, रामघाट पर जाने पर रोक, 2 दिन स्कूल बंद

    मध्‍य प्रदेश। चित्रकूट में लगातार बारिश के चलते मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। सोमवार को रामघाट पर नदी खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर बहती रही। सतना के पहाड़ी इलाकों और चित्रकूट में हुई बारिश का असर नदी के जलस्तर पर पड़ा। बाढ़ का पानी रामघाट के आसपास स्थित मठ-मंदिरों तक पहुंच गया। भरत मंदिर परिसर में भी पानी घुसने से फर्श पर मलबा जमा हो गया है।

    बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने रामघाट पर बैरिकेडिंग कर लोगों को नदी और घाट क्षेत्र की ओर जाने से रोक दिया है। कई मठ-मंदिरों के निचले हिस्से पानी में डूब गए हैं। पानी कम होने के बाद मंदिरों और घाट क्षेत्र में जमा मलबे की सफाई शुरू करा दी गई है।

    भरत मंदिर में घुसा पानी, मलबे की सफाई शुरू
    मंदाकिनी का पानी भरत मंदिर परिसर में भी पहुंच गया। पानी के साथ बहकर आया मलबा मंदिर के अंदर फर्श पर जमा हो गया। जलस्तर कम होने के बाद मंदिर परिसर में सफाई का काम शुरू कराया गया। आसपास के मठ-मंदिरों में भी पानी और मलबे के कारण सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। प्रशासन की ओर से रामघाट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। लोगों को नदी के बढ़े जलस्तर से दूर रहने की हिदायत दी जा रही है।

    सड़क-रास्ते जलमग्न, प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक स्कूल बंद
    लगातार बारिश और बाढ़ के कारण जिले के कई इलाकों में सड़क और रास्ते जलमग्न हो गए हैं। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए डीएम पुलकित गर्ग के आदेश पर 31 अगस्त और 1 सितंबर को जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों का अवकाश घोषित किया गया है।

    जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रंजना शुक्ला ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। प्रशासन के अनुसार जलभराव और तेज बहाव के बीच छोटे बच्चों का स्कूल आना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए दो दिन के लिए अवकाश किया गया है।

    छात्रों की छुट्टी, शिक्षक पहुंचेंगे स्कूल
    बीएसए रंजना शुक्ला के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अवकाश केवल छात्र-छात्राओं के लिए है। स्कूलों में पदस्थ शिक्षक और शिक्षिकाएं निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचेंगे और विभागीय एवं अन्य आवश्यक सरकारी कार्य करेंगे। सभी विद्यालय प्रबंधनों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि बारिश और अवकाश के दौरान बच्चों को जलभराव वाले इलाकों, नदी-नालों और तेज बहाव वाले पानी के पास न जाने दें।

    फिलहाल प्रशासन की नजर मंदाकिनी के जलस्तर और बारिश की स्थिति पर बनी हुई है। रामघाट पर बैरिकेडिंग के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है। पानी उतरने के बाद घाट और मंदिर क्षेत्रों में जमा मलबे की सफाई कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।