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  • यूएस ओपन के पहले दिन मचा घमासान: राखिमोवा ने 27वीं सीड क्रेजिकोवा को किया बाहर, प्लिस्कोवा की सनसनीखेज वापसी

    यूएस ओपन के पहले दिन मचा घमासान: राखिमोवा ने 27वीं सीड क्रेजिकोवा को किया बाहर, प्लिस्कोवा की सनसनीखेज वापसी


    नई दिल्ली। यूएस ओपन 2026 के पहले दिन महिला सिंगल्स में मुकाबलों का रोमांच चरम पर रहा। टूर्नामेंट में उतरी कई शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ियों ने अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की लेकिन इसी बीच 27वीं वरीयता प्राप्त बारबोरा क्रेजिकोवा के बाहर होने से बड़ा उलटफेर देखने को मिला। कामिला राखिमोवा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रेजिकोवा को मात दी और टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। दूसरी ओर एलिना स्वितोलिना मार्ता कोस्त्युक और जैस्मीन पाओलिनी ने जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह बनाई। पहले दिन सात सीडेड खिलाड़ी मुकाबले में उतरे थे और पाओलिनी को छोड़कर बाकी सभी सीडेड खिलाड़ियों ने सीधे सेटों में जीत हासिल की।

    यूक्रेन की नौवीं वरीयता प्राप्त एलिना स्वितोलिना ने लुइस आर्मस्ट्रांग स्टेडियम में शानदार अंदाज में अपने अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सोलाना सिएरा को महज 52 मिनट में 6-1 6-2 से हराया। स्वितोलिना का ग्रैंड स्लैम के शुरुआती दौर में रिकॉर्ड भी प्रभावशाली रहा है। पिछले 11 ग्रैंड स्लैम ओपनिंग मुकाबलों में उन्होंने नौ जीत दर्ज की हैं। ग्रैंड स्लैम में उनकी कुल जीत का आंकड़ा 117 तक पहुंच चुका है जो किसी भी यूक्रेनी खिलाड़ी के लिए सबसे ज्यादा है।

    11वीं वरीयता प्राप्त मार्ता कोस्त्युक ने भी शानदार खेल दिखाया। उन्होंने स्टॉर्म हंटर को 67 मिनट में 6-4 6-1 से शिकस्त दी। कोस्त्युक ने मुकाबले के आखिरी पांच गेम लगातार जीते और पिछले आठ में से सात गेम अपने नाम किए। इस जीत के साथ इस सीजन में उनका रिकॉर्ड 33-8 हो गया है। मुकाबले में उन्होंने आठ ऐस और 22 विनर्स लगाए जबकि 12 अनफोर्स्ड एरर किए।

    19वीं वरीयता प्राप्त जैस्मीन पाओलिनी के लिए हालांकि मुकाबला आसान नहीं रहा। उन्हें वेरोनिका एर्जावेक के खिलाफ तीन सेट तक संघर्ष करना पड़ा। पाओलिनी ने 1 घंटे 46 मिनट में 6-3 3-6 6-4 से जीत हासिल की। दूसरे सेट में उनका प्रदर्शन कमजोर पड़ा लेकिन निर्णायक सेट में उन्होंने वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। पाओलिनी ने मैच में 36 विनर्स लगाए लेकिन 27 अनफोर्स्ड एरर भी किए। अब उनकी नजर यूएस ओपन में पहली बार क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने पर होगी।

    18वीं वरीयता प्राप्त एकातेरिना अलेक्जेंड्रोवा ने मैककार्टनी केसलर को 6-2 6-2 से हराया जबकि 31वीं वरीयता प्राप्त लेयला फर्नांडीज ने झांग शुआई को 6-3 6-2 से मात दी। इन दोनों खिलाड़ियों ने भी बिना ज्यादा परेशानी के दूसरे दौर में प्रवेश किया।

    दिन का एक और रोमांचक मुकाबला पूर्व विश्व नंबर एक कैरोलिना प्लिस्कोवा ने खेला। बिना सीडिंग के उतर रहीं प्लिस्कोवा एक समय हैने वैंडेविंकेल के खिलाफ 2-6 2-5 से पीछे थीं और उनके सामने मैच प्वाइंट भी था। इसके बावजूद उन्होंने जबरदस्त वापसी की। प्लिस्कोवा ने लगातार नौ गेम जीतकर मुकाबले का रुख पलट दिया और 2 घंटे 30 मिनट में 2-6 7-5 6-3 से जीत हासिल की। इस जीत के साथ वह लगातार 10वें यूएस ओपन में दूसरे दौर तक पहुंचने में सफल रही हैं। इस तरह यूएस ओपन का पहला दिन कई बड़े सितारों की जीत और एक बड़े उलटफेर के साथ यादगार बन गया।

  • यूएस ओपन में जोकोविच को झटका, नवोन ने रचा इतिहास: पांच सेट की जंग के बाद दिग्गज को हराकर दूसरे दौर में बनाई जगह

    यूएस ओपन में जोकोविच को झटका, नवोन ने रचा इतिहास: पांच सेट की जंग के बाद दिग्गज को हराकर दूसरे दौर में बनाई जगह


    नई दिल्ली। यूएस ओपन 2026 की शुरुआत टेनिस जगत के सबसे बड़े उलटफेर के साथ हुई है। 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन और चार बार के यूएस ओपन विजेता नोवाक जोकोविच को अर्जेंटीना के मारियानो नवोन ने टूर्नामेंट के पहले ही दौर में हराकर बाहर कर दिया। पांच सेट तक चले रोमांचक मुकाबले में नवोन ने जोकोविच को 7-6 5-7 4-6 6-2 6-1 से शिकस्त दी। यह मुकाबला 4 घंटे 36 मिनट तक चला और किसी भी ग्रैंड स्लैम के पहले दौर का अब तक का सबसे लंबा मैच बन गया।

    जोकोविच के लिए यह हार इसलिए भी बेहद निराशाजनक रही क्योंकि 2006 ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद पहली बार उन्हें किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में हार का सामना करना पड़ा है। 39 वर्षीय सर्बियाई खिलाड़ी मुकाबले की शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी करने में सफल रहे थे। उन्होंने दूसरा और तीसरा सेट जीतकर मैच पर अपनी पकड़ बना ली थी। ऐसे में माना जा रहा था कि अनुभव के दम पर जोकोविच मुकाबला अपने नाम कर लेंगे लेकिन इसके बाद उनकी शारीरिक परेशानियां बढ़ती चली गईं।

    चौथे सेट में जोकोविच ने बढ़त बनाने की कोशिश की लेकिन नवोन ने शानदार वापसी की और सेट 6-2 से अपने नाम कर लिया। निर्णायक पांचवें सेट में अर्जेंटीना के खिलाड़ी ने कोई मौका नहीं दिया और 6-1 से सेट जीतकर इतिहास रच दिया। इस दौरान जोकोविच शारीरिक रूप से काफी संघर्ष करते नजर आए। उनकी ऊर्जा कम होती गई और मैच के दौरान उन्हें उल्टी और शरीर में दर्द जैसी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। कई मौकों पर उन्हें कोर्ट पर चलने फिरने में भी परेशानी दिखाई दी।

    दिलचस्प बात यह थी कि मुकाबले से पहले आंकड़े पूरी तरह जोकोविच के पक्ष में थे। पांच सेट वाले मुकाबलों में उनका रिकॉर्ड 42-12 था जबकि नवोन इससे पहले ऐसे किसी मुकाबले में जीत दर्ज नहीं कर सके थे। हार्ड कोर्ट पर भी नवोन का रिकॉर्ड ज्यादा प्रभावशाली नहीं था। इसके बावजूद अर्जेंटीना के खिलाड़ी ने दबाव के बीच बेहतरीन मानसिक मजबूती दिखाई और दिग्गज खिलाड़ी को मात दे दी।

    मैच के निर्णायक दौर में न्यूयॉर्क की भीड़ लगातार जोकोविच का हौसला बढ़ा रही थी। पांचवें सेट में जब उन्होंने एक गेम जीतकर स्कोर 1-3 किया तो दर्शकों की आवाज और तेज हो गई। इस दौरान जोकोविच बेसलाइन के पीछे खड़े होकर भावुक भी नजर आए। प्रशंसकों का समर्थन उन्हें मुकाबले में वापस लाने के लिए पर्याप्त नहीं रहा और नवोन ने कुछ ही देर बाद मैच खत्म कर दिया।

    निर्णायक प्वाइंट पर भी नवोन ने अपनी फुर्ती का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जोकोविच की ड्रॉप वॉली तक तेजी से पहुंचकर गेंद को खाली कोर्ट में भेज दिया और जीत पक्की कर ली। मुकाबला खत्म होने के बाद नवोन नेट पर पहुंचे और जोकोविच को गले लगाया। जोकोविच ने भी हार के बावजूद खेल भावना का परिचय दिया और कोर्ट से बाहर जाते समय प्रशंसकों को ऑटोग्राफ देकर उनका अभिवादन किया।

    नवोन के लिए यह जीत किसी सपने के सच होने जैसी रही। जोकोविच जैसे दिग्गज खिलाड़ी को ग्रैंड स्लैम में हराना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। वहीं जोकोविच के लिए यह हार इसलिए और बड़ा झटका है क्योंकि उनके पास अपना 25वां मेजर खिताब जीतकर इतिहास रचने का मौका था। लेकिन यूएस ओपन में उनका सफर पहले ही दौर में समाप्त हो गया।

  • लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान की हार का ठीकरा बल्लेबाजों पर: बाबर बोले- हमने हालात का फायदा उठाया लेकिन बैटिंग में चूक गए

    लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान की हार का ठीकरा बल्लेबाजों पर: बाबर बोले- हमने हालात का फायदा उठाया लेकिन बैटिंग में चूक गए


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में 194 रनों की करारी हार के बाद पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने टीम की बल्लेबाजी को हार की सबसे बड़ी वजह बताया है। 389 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की पूरी टीम दूसरी पारी में सिर्फ 194 रन पर सिमट गई। इस हार के साथ ही पाकिस्तान ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज भी गंवा दी है। लगातार दो मुकाबले हारने के बाद अब पाकिस्तानी टीम के सामने आखिरी टेस्ट में सम्मान बचाने की चुनौती है।

    मैच के बाद बाबर आजम ने कहा कि टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला मौसम और पिच की परिस्थितियों को देखते हुए किया था। आसमान में बादल छाए होने के कारण पाकिस्तान के गेंदबाजों ने शुरुआती परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाया और इंग्लैंड को पहली पारी में 290 रन तक रोक दिया। इसके बाद उम्मीद थी कि पाकिस्तानी बल्लेबाज भी परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

    बाबर ने माना कि गेंदबाजों ने दोनों पारियों में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन बल्लेबाज उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरी पारी में भी पाकिस्तान की बल्लेबाजी बिखर गई और 389 रनों के लक्ष्य के सामने पूरी टीम 194 रन पर ऑलआउट हो गई। कप्तान के मुताबिक टीम के पास मुकाबले में वापसी करने के मौके थे लेकिन खिलाड़ी उन मौकों को जीत में बदलने में नाकाम रहे।

    पाकिस्तान की गेंदबाजी की तारीफ करते हुए बाबर आजम ने तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास के प्रदर्शन को खास तौर पर सराहा। अब्बास ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट अपने नाम किए और इंग्लैंड की बल्लेबाजी को परेशानी में डाला। बाबर ने कहा कि लॉर्ड्स में पांच विकेट लेना अब्बास के लिए यादगार पल है। कप्तान ने सऊद शकील की बल्लेबाजी की भी तारीफ की और कहा कि वह जिस तरह से खेल रहे थे उससे उनकी क्लास और समर्पण नजर आया।

    इंग्लैंड ने इस मुकाबले में पहली पारी में 290 रन बनाए थे जिसके जवाब में पाकिस्तान की टीम महज 110 रन पर ढेर हो गई। इसके बाद इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 208 रन बनाकर पाकिस्तान के सामने 389 रनों का लक्ष्य रखा। पाकिस्तानी बल्लेबाज एक बार फिर इंग्लिश गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके और टीम 194 रन पर सिमट गई। इंग्लैंड ने मुकाबला 194 रनों से अपने नाम कर लिया।

    इससे पहले सीरीज के पहले टेस्ट में भी पाकिस्तान को बेहद निराशाजनक हार मिली थी। इंग्लैंड ने वह मुकाबला एक पारी और 103 रनों से जीता था। लगातार दो टेस्ट में हार के साथ पाकिस्तान ने सीरीज गंवा दी है। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में टीम के नाम लगातार चार पारियों में 200 से कम रन पर ऑलआउट होने का निराशाजनक रिकॉर्ड भी दर्ज हुआ है।

    अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से एजबेस्टन के मैदान पर खेला जाएगा। बाबर आजम ने संकेत दिया है कि पाकिस्तान आखिरी मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन के इरादे से उतरेगा। टीम की सबसे बड़ी चुनौती उसकी बल्लेबाजी होगी क्योंकि गेंदबाजों के अच्छे प्रदर्शन के बावजूद लगातार कम स्कोर पाकिस्तान की हार का कारण बन रहे हैं।

  • इंग्लैंड की जीत से बदली WTC Points Table की तस्वीर: पाकिस्तान की हालत खस्ता, श्रीलंका खिसका और इंग्लिश टीम ने लगाई छलांग

    इंग्लैंड की जीत से बदली WTC Points Table की तस्वीर: पाकिस्तान की हालत खस्ता, श्रीलंका खिसका और इंग्लिश टीम ने लगाई छलांग


    नई दिल्ली। इंग्लैंड ने लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान को 194 रनों से करारी शिकस्त देकर न सिर्फ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की प्वाइंट्स टेबल में भी अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। लीड्स के बाद लॉर्ड्स में लगातार दूसरी जीत दर्ज करने वाली इंग्लैंड की टीम अब डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में एक पायदान ऊपर पहुंच गई है। इस जीत के बाद इंग्लैंड का जीत प्रतिशत बढ़कर 34.44 हो गया है और टीम छठे स्थान पर पहुंच गई है। इंग्लैंड की इस छलांग का सीधा असर श्रीलंका पर पड़ा है जो एक स्थान नीचे खिसककर सातवें नंबर पर पहुंच गया है। दूसरी ओर पाकिस्तान के लिए स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और टीम महज 16.67 के जीत प्रतिशत के साथ अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर बनी हुई है।

    डब्ल्यूटीसी प्वाइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा बरकरार है। ऑस्ट्रेलियाई टीम 80 के जीत प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर मौजूद है जबकि साउथ अफ्रीका 75 प्रतिशत जीत के साथ दूसरे नंबर पर है। न्यूजीलैंड 72.22 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर काबिज है। बांग्लादेश 55.56 प्रतिशत के साथ चौथे नंबर पर बना हुआ है। भारतीय टीम 51.52 प्रतिशत जीत प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर है। इंग्लैंड की लॉर्ड्स टेस्ट में जीत के बाद टेबल में एक अहम बदलाव देखने को मिला और वह श्रीलंका को पीछे छोड़ते हुए छठे स्थान पर पहुंच गई।

    लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। पहली पारी में इंग्लिश टीम ने 290 रन बनाए। इसके जवाब में पाकिस्तान की बल्लेबाजी बुरी तरह लड़खड़ा गई और पूरी टीम सिर्फ 110 रन पर सिमट गई। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने पाकिस्तानी बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया और पहली पारी में ही मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

    इसके बाद इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 208 रन बनाए और पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 389 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम से बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाजों ने एक बार फिर अपना दम दिखाया। ओली रॉबिन्सन जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की शानदार गेंदबाजी के सामने पाकिस्तान की दूसरी पारी भी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। पूरी टीम 194 रन पर ऑलआउट हो गई और इंग्लैंड ने 194 रनों से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से बर्मिंघम के एजबेस्टन क्रिकेट मैदान पर खेला जाएगा। इंग्लैंड की नजर अब सीरीज में क्लीन स्वीप के साथ डब्ल्यूटीसी अभियान में अपनी स्थिति और मजबूत करने पर होगी जबकि पाकिस्तान के सामने वापसी की बड़ी चुनौती होगी।

  • शतक से चूके लेकिन गेंदबाजों को खूब धोया: वैभव सूर्यवंशी ने 81 गेंदों में जड़ा 92 रन का तूफान, ईस्ट जोन को मिली शानदार शुरुआत

    शतक से चूके लेकिन गेंदबाजों को खूब धोया: वैभव सूर्यवंशी ने 81 गेंदों में जड़ा 92 रन का तूफान, ईस्ट जोन को मिली शानदार शुरुआत


    नई दिल्ली। दलीप ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच खेले जा रहे मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपने बल्ले की चमक दिखाई। सेंट्रल जोन की टीम को पहली पारी में 266 रनों पर समेटने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी ईस्ट जोन को वैभव ने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर शानदार शुरुआत दिलाई। वैभव ने महज 81 गेंदों में 92 रनों की तूफानी पारी खेलकर सेंट्रल जोन के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। हालांकि वह शतक पूरा करने से सिर्फ 8 रन दूर रह गए लेकिन उनकी पारी ने मुकाबले में ईस्ट जोन की स्थिति मजबूत कर दी।

    मुकाबले के दूसरे दिन ईस्ट जोन की पारी की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने की। दोनों बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए पहले विकेट के लिए 153 गेंदों में 162 रनों की शानदार साझेदारी की। वैभव शुरुआत से ही बेहद आक्रामक नजर आए और उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए। 81 गेंदों की अपनी पारी में उन्होंने 7 चौके और 7 छक्के जमाए। उनकी बल्लेबाजी में तेजी के साथ आत्मविश्वास भी साफ नजर आया और उन्होंने सेंट्रल जोन के गेंदबाजों को लगातार बैकफुट पर रखा।

    वैभव सूर्यवंशी की पारी का अंत हर्ष दुबे ने किया। बाउंड्री लगाने की कोशिश में वैभव अरशद खान के हाथों कैच आउट हो गए। शतक से चूकने के बावजूद उनकी 92 रनों की पारी ईस्ट जोन के लिए बेहद अहम साबित हुई। वैभव के आउट होने के बाद ईस्ट जोन को एक और झटका लगा जब कुमार कुशाग्र पहली ही गेंद पर पवेलियन लौट गए। इसके बावजूद अभिमन्यु ईश्वरन ने मोर्चा संभाले रखा और अपना अर्धशतक पूरा कर क्रीज पर डटे रहे। उनके साथ सुदीय कुमार पारी को आगे बढ़ाने में जुटे रहे।

    लंच ब्रेक तक ईस्ट जोन ने पहली पारी में 2 विकेट गंवाकर 183 रन बना लिए थे। इस तरह टीम ने सेंट्रल जोन के पहली पारी के स्कोर की ओर मजबूती से कदम बढ़ा दिए। ईस्ट जोन की शुरुआत में वैभव की विस्फोटक पारी की बड़ी भूमिका रही जिसने टीम को तेज रन गति के साथ मजबूत आधार दिया।

    इससे पहले ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया था। उनकी घातक गेंदबाजी के सामने सेंट्रल जोन की पूरी टीम पहली पारी में 266 रन पर सिमट गई। सेंट्रल जोन की ओर से रिंकू सिंह ने संघर्ष करते हुए 88 गेंदों पर 60 रन बनाए और अर्धशतक पूरा किया। उनके अलावा आर्यन जुयाल ने 46 रनों का योगदान दिया। हालांकि रिंकू को दूसरे छोर से लगातार मजबूत साझेदारी नहीं मिल सकी और टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल नहीं हो पाई।

    ईस्ट जोन की गेंदबाजी में मुकेश कुमार और अभिजीत सरकार सबसे प्रभावी रहे। दोनों गेंदबाजों ने 3-3 विकेट अपने नाम किए। वहीं मोहम्मद शमी और मोहम्मद कौनेन कुरैशी ने 2-2 विकेट लेकर सेंट्रल जोन की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। अब मुकाबले में ईस्ट जोन की नजर बड़ी बढ़त हासिल करने पर है और वैभव सूर्यवंशी की 92 रनों की आतिशी पारी ने सेमीफाइनल मुकाबले में रोमांच बढ़ा दिया है।

  • दो सेट जीतकर भी मैच नहीं बचा पाए जोकोविच: उल्टी और ऐंठन ने बढ़ाई मुश्किलें, हार के बाद बोले- अनुभव बहुत बुरा था

    दो सेट जीतकर भी मैच नहीं बचा पाए जोकोविच: उल्टी और ऐंठन ने बढ़ाई मुश्किलें, हार के बाद बोले- अनुभव बहुत बुरा था


    नई दिल्ली। 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नोवाक जोकोविच के लिए यूएस ओपन 2026 का सफर बेहद निराशाजनक तरीके से खत्म हो गया। 39 साल के सर्बियाई स्टार को पहले ही राउंड में अर्जेंटीना के मारियानो नवोन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले के दौरान जोकोविच लगातार शारीरिक परेशानियों से जूझते नजर आए। उन्हें उल्टी हुई और शरीर में ऐंठन के साथ दर्द की शिकायत भी रही। मैच खत्म होने के बाद जोकोविच ने कोर्ट पर अपने अनुभव को बेहद खराब बताया और कहा कि इस साल लगभग हर मैच में उन्हें ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है।

    जोकोविच के मुताबिक उल्टी के बाद उनका पूरा शरीर जवाब देने लगता है और खासतौर पर ऐंठन और दर्द की वजह से उनके लिए खेलना मुश्किल हो जाता है। इस मुकाबले में उनकी पीठ और कंधे ने भी आखिरकार उनका साथ छोड़ दिया। हालांकि शारीरिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने मुकाबले में वापसी की कोशिश जारी रखी और एक समय मैच में मजबूत स्थिति बना ली थी। जोकोविच शुरुआती चरण में दो सेट अपने नाम कर चुके थे और चौथे सेट में भी एक ब्रेक की बढ़त हासिल कर चुके थे लेकिन इसके बाद उनकी शारीरिक परेशानी लगातार बढ़ती चली गई।

    जोकोविच ने बताया कि चौथे सेट के चौथे गेम से ही उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा था। इसके बावजूद उन्होंने मुकाबला छोड़ने के बजाय आखिरी तक लड़ने का फैसला किया। उन्होंने माना कि एक समय उनके मन में मैच से हटने का विचार भी आया था लेकिन जब उन्होंने एक सेट जीत लिया और फिर तीसरे सेट में भी वापसी की तो उन्हें लगा कि शायद मुकाबला अभी बचाया जा सकता है। वह चौथे और पांचवें सेट में हार मानने के बजाय मैच को किसी भी तरह पूरा करना चाहते थे।

    इस हार के साथ जोकोविच के ग्रैंड स्लैम रिकॉर्ड में भी बड़ा बदलाव आया। 2006 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद से वह किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के शुरुआती राउंड में नहीं हारे थे। इससे पहले ग्रैंड स्लैम में उनकी शुरुआती दौर की हार 2005 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में हुई थी। ऐसे में यूएस ओपन के पहले ही राउंड में मिली यह हार उनके लंबे और शानदार ग्रैंड स्लैम रिकॉर्ड के लिहाज से काफी बड़ी मानी जा रही है।

    मैच के आखिरी दौर में जोकोविच को न्यूयॉर्क के दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिला। निर्णायक सेट में जब वह 1-3 से पीछे चल रहे थे तब स्टेडियम में मौजूद दर्शक उनका हौसला बढ़ाते रहे। दर्शकों के समर्थन से जोकोविच भावुक भी नजर आए। चार बार के यूएस ओपन चैंपियन ने कहा कि भीड़ ने शुरुआत से ही उनका शानदार समर्थन किया और अहम पलों में उन्हें प्रोत्साहित करने की कोशिश की।

    जोकोविच ने दर्शकों के इस प्यार और समर्थन के लिए आभार जताया। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि मैच और अपने शरीर के साथ उनका अनुभव बिल्कुल सुखद नहीं था। कोर्ट पर बिताया गया हर पल उन्हें बेहद कठिन लगा। उन्हें इस बात का भी अफसोस रहा कि वह दर्शकों के लिए वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाए जैसा वह करना चाहते थे।

    दूसरी ओर जोकोविच ने मारियानो नवोन की जीत का पूरा श्रेय उन्हें दिया। उन्होंने अर्जेंटीना के खिलाड़ी को बधाई देते हुए उन्हें अच्छा इंसान और मजबूत फाइटर बताया। जोकोविच की इस हार ने जहां यूएस ओपन में बड़ा उलटफेर किया वहीं उनकी शारीरिक परेशानियों ने उनके भविष्य के ग्रैंड स्लैम अभियान को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल इस मुकाबले की सबसे बड़ी तस्वीर यही रही कि दो सेट जीतने और वापसी की तमाम कोशिशों के बावजूद शारीरिक समस्याओं के आगे जोकोविच को हार माननी पड़ी।

  • 3200 करोड़ की निवेश ठगी के आरोपी लविश चौधरी को दुबई से लाने की तैयारी तेज! MP STF ने तैयार किए 200 दस्तावेज

    3200 करोड़ की निवेश ठगी के आरोपी लविश चौधरी को दुबई से लाने की तैयारी तेज! MP STF ने तैयार किए 200 दस्तावेज


    भोपाल । निवेश के नाम पर देशभर में करीब 3200 करोड़ रुपए की ठगी के आरोपी लविश उर्फ लविश चौधरी को दुबई से भारत लाने के लिए मध्य प्रदेश एसटीएफ ने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। विदेश में छिपे किसी आरोपी को वापस भारत लाने के लिए मध्य प्रदेश की किसी जांच एजेंसी की ओर से की जा रही यह पहली बड़ी प्रत्यर्पण कवायद बताई जा रही है। लविश के खिलाफ पहले ब्लू नोटिस और उसके बाद रेड नोटिस जारी कराया जा चुका है। ब्लू नोटिस के जरिए एसटीएफ को उसके दुबई में होने और उसकी लोकेशन की पुष्टि करने में मदद मिली। अब जांच एजेंसी का अगला लक्ष्य आरोपी को दुबई से भारत लाकर भारतीय न्यायिक प्रक्रिया के सामने पेश करना है।

    एसटीएफ ने प्रत्यर्पण की कार्रवाई के लिए केस से जुड़े करीब 200 दस्तावेज अरबी भाषा में तैयार कराए हैं। इन दस्तावेजों को सत्यापन के लिए इंदौर जिला एवं सत्र न्यायालय भेजा गया है। कानूनी प्रक्रिया के तहत उस अदालत से दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी है जहां आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया गया है। एसटीएफ के डीआईजी राहुल लोढ़ा के मुताबिक अदालत से सत्यापन और मंजूरी मिलने के बाद अगले 15 दिनों में पूरी फाइल दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय भेजी जाएगी। इसके बाद दस्तावेज राज्य स्तरीय प्रक्रिया से गुजरते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय तक पहुंचेंगे और इन्हीं माध्यमों से प्रत्यर्पण का अनुरोध संयुक्त अरब अमीरात के संबंधित प्राधिकरण या अदालत के सामने रखा जाएगा।

    भारत और यूएई के बीच वर्ष 1999 से प्रत्यर्पण संधि लागू है। इसी संधि के तहत तय शर्तों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार किसी आरोपी के प्रत्यर्पण के अनुरोध पर कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में लविश को भारत लाने की प्रक्रिया अब अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंचने वाली है। इस मामले में एसटीएफ अब तक करीब 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी का फोकस अब विदेश में मौजूद मुख्य आरोपी तक पहुंचने पर है।

    प्रत्यर्पण के लिए तैयार की गई फाइल में आरोपी के खिलाफ दर्ज एफआईआर केस डायरी जांच के दौरान सामने आए साक्ष्य अदालत से जुड़े दस्तावेज और अन्य जरूरी रिकॉर्ड शामिल किए गए हैं। एसटीएफ के अनुसार मूल केस डायरी और ज्यादातर रिकॉर्ड हिंदी में हैं। यूएई की कानूनी प्रक्रिया में दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए इनका अरबी भाषा में अनुवाद कराया गया है। इसके साथ ही अंग्रेजी भाषा की कॉपी भी तैयार की गई है। इस तरह भारतीय जांच से जुड़े दस्तावेजों को यूएई की कानूनी व्यवस्था के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

    लविश की तलाश में एसटीएफ ने सबसे पहले ब्लू नोटिस का सहारा लिया था। जांच एजेंसी के मुताबिक ब्लू नोटिस के जरिए किसी व्यक्ति की पहचान उसकी लोकेशन या उसकी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी हासिल करने में मदद मिलती है। इसी प्रक्रिया के दौरान एसटीएफ को इनपुट मिला कि लविश अपने पासपोर्ट के जरिए दुबई पहुंचा था और इसके बाद उसके बाहर निकलने का कोई रिकॉर्ड सामने नहीं आया। इस जानकारी के आधार पर उसके दुबई में मौजूद होने की पुष्टि की गई।

    इसके बाद एसटीएफ ने उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी कराया। रेड नोटिस किसी वांछित व्यक्ति की तलाश और प्रत्यर्पण या इसी तरह की कानूनी कार्रवाई के लिए अस्थायी गिरफ्तारी का अनुरोध होता है। हालांकि रेड नोटिस अपने आप में अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं होता और जिस देश में आरोपी मौजूद है वहां की कानून व्यवस्था के मुताबिक ही आगे की कार्रवाई होती है।

    अब लविश के मामले में एसटीएफ ने लोकेशन की पुष्टि से आगे बढ़ते हुए प्रत्यर्पण की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। अदालत से दस्तावेजों के सत्यापन के बाद फाइल सीबीआई मुख्यालय पहुंचेगी और फिर केंद्रीय गृह मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय के जरिए यूएई के संबंधित प्राधिकरण तक मामला पहुंचेगा। इसके बाद दुबई में आरोपी के प्रत्यर्पण को लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

  • 3 हजार से 4-5 हजार रुपए तक ही अटका वेतन: 23 साल बाद भी नियमितीकरण नहीं, 7 सितंबर को BJP ऑफिस पहुंचकर कर्मचारी मांगेंगे हक

    3 हजार से 4-5 हजार रुपए तक ही अटका वेतन: 23 साल बाद भी नियमितीकरण नहीं, 7 सितंबर को BJP ऑफिस पहुंचकर कर्मचारी मांगेंगे हक


    भोपाल । मध्य प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में वर्षों से काम कर रहे अस्थायी और अंशकालीन कर्मचारियों ने अब अपनी मांगों को लेकर सरकार और भाजपा संगठन के सामने मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। स्कूलों छात्रावासों पंचायतों अस्पतालों और नगरीय निकायों समेत अलग अलग विभागों में सेवाएं दे रहे सैकड़ों कर्मचारी 7 सितंबर को भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचेंगे। कर्मचारी संगठन का कहना है कि वे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को वर्ष 2003 में किए गए उस वादे की याद दिलाएंगे जिसमें अस्थायी कर्मचारियों को नियमित कर शासकीय सेवक का दर्जा देने की बात कही गई थी। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को अनिश्चितकालीन धरना अनशन में बदला जा सकता है।

    अस्थायी आउटसोर्स कर्मचारी मोर्चा की ओर से भाजपा संगठन को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2003 का विधानसभा चुनाव अस्थायी कर्मचारियों के मुद्दे पर लड़ा गया था। संगठन के मुताबिक उस समय तत्कालीन भाजपा नेता उमा भारती ने कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में वल्लभ भवन के सामने अनिश्चितकालीन धरना दिया था। प्रदेशभर में यात्राएं कर अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने और उन्हें शासकीय सेवक का दर्जा देने का वादा भी किया गया था। कर्मचारियों का कहना है कि उस समय से अब तक करीब 23 साल बीत चुके हैं लेकिन उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

    कर्मचारी नेताओं के मुताबिक सरकारी विभागों के नियमित कर्मचारियों की तरह ही अस्थायी और अंशकालीन कर्मचारी भी लंबे समय से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। स्कूलों और छात्रावासों में सफाई खाना बनाने और भृत्य के काम से लेकर पंचायतों में चौकीदारी नल जल व्यवस्था अस्पतालों में विभिन्न सेवाओं नगरीय निकायों में सफाई और टैक्स वसूली जैसे काम भी इन कर्मचारियों से कराए जा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय या वेतन मिलने का आरोप संगठन ने लगाया है।

    मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा का कहना है कि 2003 में अंशकालीन कर्मचारियों को करीब 3 हजार रुपए मिलते थे जबकि आज भी कई कर्मचारियों को महज 4 से 5 हजार रुपए ही मिल रहे हैं। इसी तरह पंचायतों के चौकीदार और नल जल कर्मचारी उस समय करीब 2 हजार रुपए पाते थे और वर्तमान में भी कई कर्मचारियों का भुगतान 2 से 3 हजार रुपए के आसपास होने का दावा किया गया है। संगठन का कहना है कि 23 साल में महंगाई कई गुना बढ़ गई लेकिन हजारों कर्मचारियों की आय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई।

    कर्मचारी नेताओं ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से अस्थायी कर्मचारियों का वेतन दोगुना करने की घोषणा का भी उल्लेख किया है। उनका आरोप है कि यह घोषणा भी पूरी तरह लागू नहीं हो सकी। अब संगठन सरकार द्वारा निर्धारित 12,425 रुपए न्यूनतम वेतन दिए जाने की मांग कर रहा है।

    कर्मचारी संगठन ने आंदोलन को दो चरणों में रखने की जानकारी दी है। स्कूलों छात्रावासों और विभिन्न विभागों में काम करने वाले अंशकालीन कर्मचारी 7 सितंबर को भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचकर अपनी मांग रखेंगे जबकि ग्राम पंचायतों के चौकीदार नल जल चालक और अन्य कर्मचारी 8 सितंबर को संगठन के सामने अपनी बात रखेंगे। कर्मचारियों ने सरकार के 1.62 लाख रुपए प्रति व्यक्ति वार्षिक आय के दावे पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि जब बड़ी संख्या में कर्मचारी बेहद कम मासिक आय में काम कर रहे हैं तो उनके जीवन यापन और आर्थिक सुरक्षा पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

    अब कर्मचारियों की नजर 7 और 8 सितंबर को होने वाले प्रदर्शन पर है। संगठन का कहना है कि वह सरकार से केवल आश्वासन नहीं बल्कि न्यूनतम वेतन और स्थायीकरण को लेकर स्पष्ट निर्णय चाहता है। मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना अनशन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

  • आतंकवादियों की बहन बयान पर विजय शाह को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई: अभियोजन मंजूरी का फैसला राज्यपाल के पास, कोर्ट ने कहा रिपोर्ट पेश करें

    आतंकवादियों की बहन बयान पर विजय शाह को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई: अभियोजन मंजूरी का फैसला राज्यपाल के पास, कोर्ट ने कहा रिपोर्ट पेश करें


    भोपाल । मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह से जुड़े विवादित बयान के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए बयान के बाद दर्ज FIR को चुनौती देने वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच और अभियोजन मंजूरी की स्थिति पर जानकारी ली। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के सामने सरकार की ओर से बताया गया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और जांच रिपोर्ट फिलहाल सीलबंद है। अब चार्जशीट या क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने से पहले सक्षम प्राधिकारी से अभियोजन की मंजूरी लेना जरूरी है। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि इस मामले में कैबिनेट स्तर पर विचार हो चुका है और फाइल अंतिम निर्णय के लिए राज्यपाल के पास भेजी गई है।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच की स्थिति को लेकर स्पष्ट सवाल किया कि जब जांच रिपोर्ट पूरी तरह तैयार है तो क्या अब केवल सरकार की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। सरकार की ओर से इसकी पुष्टि की गई। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज ने बताया कि कैबिनेट इस विषय पर विचार कर चुकी है और फाइल राज्यपाल के पास भेजी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय हो जाएगा। सरकार की ओर से मंत्री के माफीनामे का भी हवाला दिया गया। अदालत से अनुरोध किया गया कि सक्षम प्राधिकारी जब मामले पर विचार करे तो विजय शाह की ओर से घटना के अगले दिन सार्वजनिक रूप से मांगी गई माफी को भी ध्यान में रखा जाए।

    विजय शाह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने भी अदालत के सामने यही बात रखी कि मंत्री ने बयान के बाद माफी मांग ली थी और इस तथ्य को रिकॉर्ड पर लिया जाना चाहिए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले के गुण दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की। अदालत ने कहा कि जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट सीलबंद है। अभियोजन मंजूरी का विषय फिलहाल सक्षम प्राधिकारी के सामने लंबित है। मंजूरी मिलने के बाद सीलबंद रिपोर्ट को संबंधित सक्षम अदालत के सामने पेश किया जाएगा।

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जांच अधिकारी और DIG इंटेलिजेंस डी कल्याण चक्रवर्ती की भूमिका को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी अपना काम पूरा कर चुके हैं इसलिए उन्हें बार बार व्यक्तिगत रूप से अदालत में आने की जरूरत नहीं है। अब सक्षम प्राधिकारी के फैसले के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि अभियोजन की मंजूरी नहीं मिलती है तो क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने की बात भी अदालत के सामने रखी गई।

    मामला मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की उस टिप्पणी से जुड़ा है जो उन्होंने 11 मई 2025 को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में हलमा कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की थी। ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में दिए गए बयान में उन्होंने कर्नल सोफिया को आतंकवादियों की बहन कहकर टिप्पणी की थी। बयान सामने आने के बाद इस पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया हुई थी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले का स्वत संज्ञान लिया था और बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया।

    इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले भी मध्य प्रदेश सरकार के रुख पर नाराजगी जता चुका है। अभियोजन की मंजूरी में देरी को लेकर अदालत ने सरकार को सख्त चेतावनी दी थी और कहा था कि उसके निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए। पिछली सुनवाई में मंत्री की ओर से कई बार माफी मांगे जाने की दलील भी दी गई थी लेकिन अदालत ने इसे पर्याप्त नहीं माना था।

    अब पूरा मामला अभियोजन की मंजूरी पर टिक गया है। मध्य प्रदेश कैबिनेट ने मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं देने का प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा है। राज्यपाल के निर्णय के बाद ही यह तय होगा कि सीलबंद जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे अभियोजन की कार्रवाई होगी या मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाएगी।

  • बैरसिया रोड पर तेज रफ्तार ट्रक ने ली मैकेनिक की जान, पीछे से टक्कर के बाद दो ट्रकों के बीच फंसे प्यारे मियां

    बैरसिया रोड पर तेज रफ्तार ट्रक ने ली मैकेनिक की जान, पीछे से टक्कर के बाद दो ट्रकों के बीच फंसे प्यारे मियां


    भोपाल । भोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में रविवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 54 वर्षीय फोर व्हील मैकेनिक की मौत हो गई। प्यारे मियां रोज की तरह अपने परिवार के साथ लांबाखेड़ा स्थित घर पर थे और रात करीब 8 बजे दूध लेने के लिए चौरसिया ढाबे की तरफ निकले थे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि घर से कुछ दूरी पर हुआ एक सड़क हादसा उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। ढाबे के पास पहुंचते ही पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वे संभल भी नहीं सके और ट्रक के आगे बढ़ने के साथ ही सामने खड़े दूसरे ट्रक की चपेट में आ गए।

    बताया जा रहा है कि सड़क पर पहले से एक ट्रक खड़ा हुआ था। पीछे से आ रहे ट्रक ने प्यारे मियां को टक्कर मारने के बाद आगे खड़े ट्रक को भी टक्कर मार दी। इस दौरान प्यारे मियां दोनों भारी वाहनों के बीच फंस गए। हादसा इतना भीषण था कि उन्हें बचने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई। हादसे की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई।

    सूचना मिलते ही ईंटखेड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। सोमवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। प्यारे मियां के अचानक चले जाने से परिजन सदमे में हैं।

    पुलिस के मुताबिक हादसे के बाद ट्रक चालक मौके पर वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस अब ट्रक को कब्जे में लेकर चालक की तलाश कर रही है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ के साथ हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ट्रक की रफ्तार कितनी थी और सड़क पर खड़े दूसरे ट्रक की स्थिति क्या थी।

    बैरसिया रोड और आसपास के इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में सड़क पर खड़े वाहनों और तेज रफ्तार ट्रकों के कारण हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की रफ्तार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रात के समय सड़क पर पर्याप्त सावधानी नहीं बरतने और वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी नहीं होने की स्थिति कितनी खतरनाक हो सकती है इसका दर्दनाक उदाहरण यह हादसा बन गया है।

    फिलहाल ईंटखेड़ी थाना पुलिस फरार ट्रक चालक की तलाश में जुटी है। पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। वहीं पोस्टमार्टम के बाद प्यारे मियां का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। परिवार के लिए यह हादसा अचानक आई ऐसी त्रासदी है जिसने कुछ ही देर में एक सामान्य रात को मातम में बदल दिया।