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  • घर की खुशहाली के लिए आज ही करें ये वास्तु उपाय! छोटी छोटी गलतियां बन सकती हैं तनाव और परेशानियों की वजह

    घर की खुशहाली के लिए आज ही करें ये वास्तु उपाय! छोटी छोटी गलतियां बन सकती हैं तनाव और परेशानियों की वजह


    नई दिल्ली। घर को केवल रहने की जगह नहीं बल्कि सुख शांति और सकारात्मक माहौल का केंद्र माना जाता है। वास्तु शास्त्र में घर की दिशा कमरे की स्थिति और अलग अलग वस्तुओं की व्यवस्था को काफी महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि घर में वास्तु से जुड़ी कुछ गलतियां होने पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है और इसका असर परिवार के माहौल पर दिखाई दे सकता है। ऐसे में कुछ आसान वास्तु उपायों को अपनाकर घर के वातावरण को बेहतर और सकारात्मक बनाए रखने की कोशिश की जा सकती है।

    वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मुख्य दरवाजे के आसपास गंदगी कूड़ा या अनावश्यक सामान जमा नहीं रखना चाहिए। प्रवेश स्थान को साफ सुथरा और व्यवस्थित रखने से घर का वातावरण बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। दरवाजे के पास पर्याप्त रोशनी रखना भी अच्छा माना जाता है। टूटे हुए दरवाजे या खराब सामान को लंबे समय तक घर में रखना भी वास्तु की दृष्टि से उचित नहीं माना जाता।

    घर के उत्तर पूर्व हिस्से को वास्तु में विशेष महत्व दिया जाता है। इस दिशा को साफ और खुला रखने की सलाह दी जाती है। यहां भारी सामान या अनावश्यक वस्तुओं का ढेर लगाने से बचना चाहिए। मान्यता के अनुसार इस हिस्से में साफ सफाई और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने से घर में अच्छी ऊर्जा का संचार बना रह सकता है।

    घर में टूटे हुए शीशे बंद घड़ी खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान या लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं आने वाली चीजें जमा करके रखना भी उचित नहीं माना जाता। ऐसी वस्तुओं को समय समय पर हटाकर घर को व्यवस्थित रखना बेहतर होता है। इससे घर में अनावश्यक अव्यवस्था कम होती है और रहने का माहौल भी ज्यादा सहज महसूस हो सकता है।

    वास्तु से जुड़े उपायों में घर की साफ सफाई को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। रोजाना घर की सफाई करने के साथ उन स्थानों पर विशेष ध्यान देना चाहिए जहां धूल और गंदगी आसानी से जमा होती है। रसोई और बाथरूम को साफ रखना भी जरूरी है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार गंदगी नकारात्मकता को बढ़ावा दे सकती है इसलिए घर को साफ और हवादार रखना अच्छा माना जाता है।

    घर में प्राकृतिक रोशनी और हवा का पर्याप्त इंतजाम रखना भी सकारात्मक वातावरण के लिए उपयोगी हो सकता है। दिन के समय खिड़कियां खोलने से घर में ताजी हवा और प्राकृतिक रोशनी आती है। पौधे भी घर के वातावरण को सुंदर और खुशनुमा बनाने में मदद करते हैं। हालांकि पौधों को सही स्थान पर रखना और सूखे या मुरझाए पौधों को समय पर हटाना जरूरी है।

    सोने के कमरे में भी व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। बिस्तर के आसपास अनावश्यक सामान रखने से बचें और कमरे को शांत तथा व्यवस्थित रखें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल कम करना भी बेहतर दिनचर्या का हिस्सा हो सकता है। वास्तु उपायों को मान्यता के तौर पर देखा जाना चाहिए। इनका वैज्ञानिक रूप से यह साबित नहीं है कि वे किसी समस्या का निश्चित समाधान करते हैं। इसलिए घर की परेशानियों के व्यावहारिक कारणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

  • बादशाह की दूसरी शादी का भी हुआ अंत! ईशा रिखी संग आपसी सहमति से अलग हुए रैपर, बोले- अफवाहों और अटकलों से दूर रहें

    बादशाह की दूसरी शादी का भी हुआ अंत! ईशा रिखी संग आपसी सहमति से अलग हुए रैपर, बोले- अफवाहों और अटकलों से दूर रहें


    नई दिल्ली । पॉपुलर रैपर और सिंगर बादशाह की निजी जिंदगी एक बार फिर सुर्खियों में है। बादशाह ने पंजाबी अभिनेत्री ईशा रिखी के साथ अपने रिश्ते को खत्म करने का ऐलान कर दिया है। दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए साफ किया कि उन्होंने आपसी सहमति से अलग होने और अपनी अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने का फैसला लिया है। इस ऐलान के साथ ही बादशाह की दूसरी शादी भी महज पांच महीने में टूट गई है। दोनों ने अपने बयान में लोगों से अपील की है कि वे इस मुश्किल समय में उनकी प्राइवेसी और फैसले का सम्मान करें।

    बादशाह और ईशा रिखी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लगभग एक जैसा संदेश साझा करते हुए बताया कि यह फैसला आपसी सम्मान और सहमति के साथ लिया गया है। दोनों ने स्पष्ट किया कि वे अपने रिश्ते को लेकर किसी तरह की नई अफवाह या अटकल नहीं चाहते। बादशाह ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने और ईशा ने आपसी सहमति से अलग होकर अपनी अपनी राहों पर आगे बढ़ने का फैसला किया है और सभी से इस समय उनकी निजता का सम्मान करने की अपील की है। ईशा रिखी ने भी यही संदेश साझा कर यह संकेत दिया कि अलगाव का फैसला दोनों की सहमति से लिया गया है।

    यह खबर इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि बादशाह और ईशा ने अपने रिश्ते और शादी को लंबे समय तक दुनिया की नजरों से दूर रखा था। दोनों की शादी की खबरें मार्च 2026 में उस समय सामने आई थीं जब ईशा की मां पूनम रिखी ने सोशल मीडिया पर उनकी निजी शादी की तस्वीरें साझा की थीं। इसके बाद जून 2026 में ईशा रिखी ने एक सोशल मीडिया सेशन के दौरान अपनी शादी की पुष्टि भी की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक शादी से पहले बादशाह और ईशा करीब चार साल तक एक दूसरे को डेट कर रहे थे।

    लंबे समय तक चले रिश्ते के बाद शादी करने वाले इस कपल के अलग होने की खबर ने फैंस को हैरान कर दिया है। शादी के कुछ ही महीनों बाद दोनों के रिश्ते में तनाव की खबरें सामने आने लगी थीं। अब बादशाह और ईशा ने खुद अलगाव की पुष्टि कर इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया है। हालांकि दोनों के बीच तलाक की वजह क्या रही इस बारे में अभी तक कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

    ईशा रिखी के साथ बादशाह की यह दूसरी शादी थी। इससे पहले उन्होंने साल 2012 में जैस्मिन मसीह से शादी की थी। दोनों की एक बेटी भी है जिसका जन्म 2017 में हुआ था। बादशाह और जैस्मिन का रिश्ता बाद में खत्म हो गया और दोनों साल 2020 में अलग हो गए। बताया जाता है कि अलग होने के बावजूद दोनों अपनी बेटी की जिम्मेदारियां मिलकर निभा रहे हैं।

    अब ईशा रिखी के साथ दूसरी शादी के भी पांच महीने में खत्म होने से बादशाह की निजी जिंदगी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। फिलहाल बादशाह और ईशा दोनों ने साफ कर दिया है कि अलगाव को लेकर उनका यही एकमात्र सार्वजनिक बयान होगा और वे नहीं चाहते कि उनके रिश्ते पर आगे किसी तरह की अफवाहें या अनुमान लगाए जाएं। दोनों ने अपने फैसले के साथ एक दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखने और आगे की जिंदगी में अपनी अपनी राह चुनने का संदेश दिया है।

  • सोनिया गांधी की किताब पर पेंगुइन का खुलासा: बोला- कोई बाहरी दबाव नहीं, एक मुद्दे पर नहीं बनी सहमति

    सोनिया गांधी की किताब पर पेंगुइन का खुलासा: बोला- कोई बाहरी दबाव नहीं, एक मुद्दे पर नहीं बनी सहमति


    नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ को भारत में प्रकाशित नहीं करने के फैसले पर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने सफाई दी है। प्रकाशक ने कहा कि किताब न छापने के पीछे किसी तरह का बाहरी दबाव नहीं था, बल्कि संपादकीय चर्चा के दौरान एक खास मुद्दे पर लेखक की टीम और प्रकाशक के बीच सहमति नहीं बन सकी।

    पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) के मुताबिक, पांडुलिपि पर सामान्य संपादकीय प्रक्रिया के तहत चर्चा हुई थी। कई मुद्दों पर लेखक की टीम ने बदलाव स्वीकार किए, जबकि कुछ मामलों में प्रकाशक ने लेखक के रुख को मान लिया। हालांकि, एक विशेष मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद सोनिया गांधी की टीम ने प्रकाशन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया।

    10 नवंबर को दुनियाभर में आएगी किताब

    सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ का दुनियाभर में प्रकाशन 10 नवंबर को प्रस्तावित है। अमेरिका स्थित प्रकाशक अल्फ्रेड ए. नॉफ, जो पेंगुइन रैंडम हाउस का ही एक प्रकाशन संस्थान है, ने इसके वैश्विक प्रकाशन की घोषणा की है। विवाद भारत में इसके प्रकाशन को लेकर सामने आया है।

    कांग्रेस ने उठाए थे दबाव को लेकर सवाल

    पेंगुइन के फैसले के बाद कांग्रेस के कई नेताओं ने सरकार के दबाव और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए थे। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया था कि पेंगुइन इंडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस और मोदी सरकार के दौरान चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र पर किए गए कब्जे से जुड़े अंश हटाने का दबाव था।

    हालांकि, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने इन अटकलों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। प्रकाशक का कहना है कि किताब प्रकाशित नहीं करने का फैसला किसी बाहरी हस्तक्षेप की वजह से नहीं लिया गया।

    पेंगुइन ने क्या कहा?

    PRHI की प्रवक्ता पल्लवी नारायण ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि प्रकाशक इस किताब को प्रकाशित करने के लिए काफी उत्सुक था और इसके अधिकार हासिल करने के लिए काफी प्रयास किए गए थे। उन्होंने कहा कि किताब की विषय-वस्तु गोपनीय है और प्रकाशन से पहले उस पर प्रतिबंध (एम्बार्गो) है, इसलिए किसी बाहरी दबाव की बात सही नहीं है।

    प्रकाशक के मुताबिक, पांडुलिपि की समीक्षा के दौरान कई बिंदु उठाए गए और सोनिया गांधी के प्रतिनिधियों के साथ उन पर चर्चा की गई। कुछ बदलावों पर सहमति बनी, जबकि कुछ मामलों में लेखक के मूल रुख को स्वीकार किया गया।

    आखिर किस मुद्दे पर अटकी बात?

    पेंगुइन ने यह बताने से इनकार कर दिया कि आखिर वह कौन-सा मुद्दा था जिस पर सहमति नहीं बन सकी। प्रकाशक ने कहा कि वह एक समझौते से बंधा है और लेखक की गोपनीयता उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए गतिरोध के कारणों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।

    पेंगुइन इंडिया ने यह भी कहा कि किसी भी पांडुलिपि का आलोचनात्मक मूल्यांकन करना, सवाल उठाना, सुझाव देना और स्वतंत्र संपादकीय निर्णय लेना प्रकाशक की जिम्मेदारी है। कंपनी के अनुसार, ‘बिलॉन्गिंग’ के मामले में भी इसी सामान्य संपादकीय प्रक्रिया का पालन किया गया।

  • OTT के बाद थिएटर्स में मचेगा मिर्जापुर का भौकाल! टिकट के दाम ने चौंकाया, पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर हो सकता है बड़ा धमाका

    OTT के बाद थिएटर्स में मचेगा मिर्जापुर का भौकाल! टिकट के दाम ने चौंकाया, पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर हो सकता है बड़ा धमाका


    नई दिल्ली । ओटीटी की दुनिया में अपने भौकाल से दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाने वाली मिर्जापुर अब बड़े पर्दे पर धमाका करने के लिए तैयार है। मिर्जापुर द मूवी की रिलीज को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और एडवांस बुकिंग शुरू होते ही फिल्म के टिकटों के दाम चर्चा का विषय बन गए हैं। देश के अलग अलग शहरों में फिल्म के टिकट अलग अलग कीमतों पर उपलब्ध हैं लेकिन कुछ प्रीमियम शो के टिकटों की कीमत देखकर दर्शक भी हैरान हैं। दिल्ली एनसीआर के नोएडा स्थित डीएलएफ मॉल में फिल्म के एक प्रीमियम शो का टिकट 1800 रुपये तक पहुंच गया है। इसके बावजूद फिल्म को लेकर बनी जबरदस्त चर्चा ने संकेत दिए हैं कि बड़े पर्दे पर मिर्जापुर का भौकाल पहले दिन से ही देखने को मिल सकता है।

    मिर्जापुर द मूवी की एडवांस बुकिंग 31 अगस्त से शुरू हुई है। फिल्म के कई शो देशभर के सिनेमाघरों में लगाए गए हैं और अलग अलग शहरों तथा थिएटर्स के हिसाब से टिकटों की कीमतों में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। सामान्य शो में टिकट करीब 149 रुपये से शुरू हो रहे हैं जबकि कई जगहों पर इनकी कीमत 500 रुपये तक पहुंच रही है। दूसरी ओर प्रीमियम स्क्रीन और खास शो के टिकट इससे कहीं ज्यादा महंगे हैं। नोएडा के डीएलएफ मॉल में रात के एक शो का टिकट 1800 रुपये तक देखा गया है। टिकटों की यह कीमत बताती है कि फिल्म को लेकर दर्शकों में कितनी उत्सुकता है और बड़े पर्दे पर मिर्जापुर की दुनिया देखने के लिए फैंस कितना खर्च करने को तैयार हैं।

    फिल्म की एडवांस बुकिंग के साथ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक मिर्जापुर द मूवी पहले दिन 15 से 20 करोड़ रुपये के बीच नेट कलेक्शन कर सकती है। अगर फिल्म इस आंकड़े तक पहुंचती है तो यह इसके मुख्य कलाकारों पंकज त्रिपाठी अली फजल और दिव्येंदु शर्मा के करियर की बड़ी ओपनिंग फिल्मों में शामिल हो सकती है। हालांकि अभी रिलीज में समय है और एडवांस बुकिंग की शुरुआत ही हुई है इसलिए अंतिम कमाई का सही अनुमान फिल्म की रिलीज के बाद ही सामने आएगा। जैसे जैसे रिलीज डेट करीब आएगी टिकटों की बिक्री और दर्शकों की प्रतिक्रिया से ओपनिंग डे के आंकड़े की तस्वीर साफ होती जाएगी।

    मिर्जापुर द मूवी की कहानी को लेकर भी दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता है। बताया जा रहा है कि फिल्म की कहानी वेब सीरीज के एपिसोड 6 और 7 के बीच की घटनाओं के आसपास सेट की गई है। अभिनेता अली फजल के अनुसार फिल्म में नए किरदारों की एंट्री भी होगी जिससे मिर्जापुर की दुनिया और ज्यादा बड़ी तथा दिलचस्प हो जाएगी। इन नए किरदारों की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि आगे चलकर इन्हें वेब सीरीज की कहानी से भी जोड़ा जा सकता है।

    फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसमें मिर्जापुर की दुनिया के कई पुराने और चर्चित किरदारों की वापसी देखने को मिलेगी। ऐसे पात्र भी बड़े पर्दे पर नजर आएंगे जिन्हें वेब सीरीज की कहानी में पहले किसी मोड़ पर खत्म कर दिया गया था। दिव्येंदु शर्मा अभिषेक बनर्जी और कुलभूषण खरबंदा जैसे कलाकार एक बार फिर अपने चर्चित किरदारों में दिखाई देंगे। यही वजह है कि फिल्म को लेकर पुराने फैंस के साथ नए दर्शकों में भी उत्साह बना हुआ है।

    मिर्जापुर द मूवी का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है जबकि इसके निर्माता फरहान अख्तर हैं। ओटीटी पर अपनी लोकप्रियता साबित कर चुकी मिर्जापुर अब सिनेमाघरों में अपनी ताकत दिखाने की तैयारी कर रही है। महंगे टिकटों से लेकर बंपर ओपनिंग की उम्मीदों तक फिल्म को लेकर माहौल पूरी तरह गर्म है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मिर्जापुर का भौकाल बड़े पर्दे पर भी वैसा ही जादू चलाएगा जैसा उसने ओटीटी की दुनिया में चलाया था। इसका जवाब फिल्म की रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस के आंकड़े देंगे।

  • पाकिस्तान में नई तकनीक का खतरनाक टेस्ट! रिमोट से चल रही कार हुई बेकाबू, व्यस्त सड़क पर होता हादसा तो जा सकती थीं जानें

    पाकिस्तान में नई तकनीक का खतरनाक टेस्ट! रिमोट से चल रही कार हुई बेकाबू, व्यस्त सड़क पर होता हादसा तो जा सकती थीं जानें


    नई दिल्ली । पाकिस्तान में नई तकनीक का प्रदर्शन उस समय चर्चा का विषय बन गया जब ड्राइवरलेस कार का लाइव टेस्ट अचानक हादसे में बदल गया। इस्लामाबाद के डी-चौक इलाके में रिमोट और इंटरनेट के जरिए संचालित की जा रही कार का कंट्रोल बिगड़ गया और वह सड़क किनारे खड़ी पुलिस वैन से जा टकराई। पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि ऑटोमेटेड और रिमोट कंट्रोल तकनीक को सार्वजनिक सड़कों पर इस्तेमाल करने से पहले सुरक्षा के कितने मजबूत इंतजाम जरूरी हैं।

    जानकारी के अनुसार कार को ड्राइवरलेस या ऑटो मोड में चलाने का लाइव टेस्ट किया जा रहा था। कार को सीधे उसमें बैठा कोई ड्राइवर नियंत्रित नहीं कर रहा था बल्कि इंटरनेट और सैटेलाइट कनेक्शन के जरिए दूर से ऑपरेट किया जा रहा था। पत्रकार मुहम्मद अलीजा कार की आगे वाली पैसेंजर सीट पर बैठे हुए थे और टेस्ट के दौरान कार की तकनीक तथा उसके फीचर्स के बारे में जानकारी दे रहे थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य नजर आया और कार आगे बढ़ती रही लेकिन कुछ ही देर बाद स्थिति अचानक बदल गई।

    टेस्ट के दौरान रिमोट से नियंत्रित स्टीयरिंग का कंट्रोल बिगड़ने लगा। कार सड़क पर आगे बढ़ते हुए सीधे किनारे खड़ी पुलिस वैन की दिशा में जाने लगी। कार के अंदर मौजूद पत्रकार ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और वीडियो में वह कार को रोकने के लिए हैंडब्रेक खींचते हुए भी दिखाई देते हैं। इसके बावजूद कार को समय रहते रोका नहीं जा सका और वह पुलिस वैन से जा टकराई। यह पूरी घटना कुछ ही पलों में हुई और लाइव टेस्ट देखते ही देखते तकनीकी खराबी का उदाहरण बन गया।

    पत्रकार मुहम्मद अलीजा के अनुसार शुरुआत में कार का सिस्टम ठीक तरीके से काम कर रहा था लेकिन इंटरनेट कनेक्शन में समस्या आने के बाद तकनीकी खराबी पैदा हुई। उनका कहना था कि कार को इंटरनेट के जरिए रिमोट से नियंत्रित किया जा रहा था और कनेक्शन में रुकावट आने के बाद उसका नियंत्रण प्रभावित हो गया। यह टेस्ट एबटाबाद के टेक्नोलॉजी उत्साही एहसान जफर से जुड़े ऑटोमेटेड ड्राइविंग तकनीक के प्रयोग की रिपोर्टिंग के दौरान किया जा रहा था।

    घटना के बाद वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया में कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने ड्राइवरलेस कार के इस प्रयोग को लेकर मजेदार टिप्पणियां कीं तो कई लोगों ने इसे नई तकनीक के परीक्षण में सुरक्षा की कमी का उदाहरण बताया। हालांकि पत्रकार अलीजा ने बाद में स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी युवा टेक इनोवेटर को बदनाम करना नहीं था। उनके मुताबिक ऐसी तकनीक पर काम करने वाले लोगों के प्रयासों को समझना जरूरी है लेकिन किसी भी नए प्रयोग में सुरक्षा को सबसे पहली प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

    उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर इसी तरह कार का कंट्रोल किसी व्यस्त सड़क पर बिगड़ जाता तो परिणाम कहीं अधिक गंभीर हो सकते थे। सड़क पर चल रहे अन्य वाहन और पैदल यात्री भी खतरे में आ सकते थे। यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ड्राइवरलेस और ऑटोमेटेड वाहनों की तकनीक को भविष्य के परिवहन के रूप में देखा जा रहा है लेकिन इसके साथ विश्वसनीय इंटरनेट कनेक्शन और मजबूत सुरक्षा प्रणाली की आवश्यकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

    फिलहाल इस्लामाबाद का यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है और ड्राइवरलेस तकनीक की सुरक्षा को लेकर बहस भी तेज हो गई है। लाइव टेस्ट में पुलिस वैन से हुई टक्कर ने साफ कर दिया कि नई तकनीक के प्रयोग में केवल आधुनिक सिस्टम होना काफी नहीं बल्कि उसके फेल होने की स्थिति में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और भरोसेमंद बैकअप सिस्टम भी बेहद जरूरी है।

  • ट्विशा शर्मा डेथ केस में बड़ा मोड़: जिस कोर्ट से मिली थी गिरिबाला सिंह को बेल वहीं चलेगा मां-बेटे पर मुकदमा

    ट्विशा शर्मा डेथ केस में बड़ा मोड़: जिस कोर्ट से मिली थी गिरिबाला सिंह को बेल वहीं चलेगा मां-बेटे पर मुकदमा


    भोपाल  भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब मुकदमे की अगली प्रक्रिया उसी विशेष अदालत में आगे बढ़ेगी जहां से पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को इस मामले में शुरुआत में अग्रिम जमानत मिली थी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मामले को विशेष न्यायाधीश ओडब्ल्यू पल्लवी द्विवेदी की अदालत में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद अब रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे तथा ट्विशा के पति समर्थ सिंह के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर इसी अदालत में आगे की सुनवाई होगी।

    मामले में अधिवक्ता अंकुर पांडे के अनुसार विशेष अदालत ने ही पहले गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दी थी। हालांकि बाद में जबलपुर हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया था। इसके बाद सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए गिरिबाला सिंह को हिरासत में लिया था। वह तब से जेल में हैं। अब मामले को उसी विशेष अदालत में भेजे जाने के बाद मुकदमे की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।

    ट्विशा शर्मा मौत मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है और इसकी जांच सीबीआई कर रही है। जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने 17 अगस्त को भोपाल की अदालत में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब अदालत के सामने अगला अहम चरण आरोप तय करने का है। उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशों के अनुसार चार्जशीट दाखिल होने के बाद निचली अदालतों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आरोपियों पर आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का प्रयास करना होता है। ऐसे में इस मामले में भी सुनवाई की दिशा अब तेजी से आगे बढ़ सकती है।

    मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट में एम्स दिल्ली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार ट्विशा के शरीर पर किसी तरह की गंभीर चोट के निशान नहीं मिले थे। दूसरी ओर इससे पहले एम्स भोपाल में तैयार की गई शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत से पहले शरीर पर छह चोटों के निशान दर्ज किए गए थे। दोनों रिपोर्टों में सामने आए इस अंतर ने मामले को और गंभीर बना दिया है और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों की अहमियत बढ़ गई है।

    अब अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान चार्जशीट में शामिल साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया होगी। आरोप तय होने के बाद मुकदमे की सुनवाई किस दिशा में जाती है यह अदालत के सामने पेश किए जाने वाले दस्तावेजों और साक्ष्यों पर निर्भर करेगा। फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ा घटनाक्रम यही है कि मुकदमे को विशेष न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया है और इसी अदालत में गिरिबाला सिंह तथा समर्थ सिंह के खिलाफ मामले की अगली कार्यवाही आगे बढ़ेगी।

  • दिल्ली नाबालिग गैंगरेप केस: आरोपी ड्राइवर की मां ने बेटे को बताया निर्दोष, कहा- झूठा फंसाया जा रहा

    दिल्ली नाबालिग गैंगरेप केस: आरोपी ड्राइवर की मां ने बेटे को बताया निर्दोष, कहा- झूठा फंसाया जा रहा


    नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में चलती स्लीपर बस में 16 वर्षीय नाबालिग से गैंगरेप के मामले में गिरफ्तार बस चालक कुलदीप की मां ने अपने बेटे को निर्दोष बताया है। रोते हुए उन्होंने दावा किया कि उनके बेटे को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच की अपील करते हुए कहा कि उनका परिवार बेहद गरीब है और उनके छोटे बच्चे हैं।

    कुलदीप की मां ने कहा कि करीब दो महीने पहले उनके पति की हत्या कर दी गई थी। उन्हें शक है कि पति की हत्या में शामिल लोगों ने ही उनके बेटे को इस मामले में फंसाया है। उन्होंने सरकार से हाथ जोड़कर अपील करते हुए कहा कि उनके बेटे को निर्दोष घोषित किया जाए।

    मां बोली- ‘मेरा बच्चा पूरी तरह निर्दोष’

    कुलदीप की मां के मुताबिक, “मेरा बच्चा पूरी तरह निर्दोष है। उसे झूठा फंसाया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि उनके परिवार में बहुत छोटे बच्चे हैं और उनके पास दिल्ली जाकर अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त साधन भी नहीं हैं। उन्होंने सरकार से मामले में सच्चाई सामने लाने की मांग की है।

    चलती बस में वारदात का आरोप

    पुलिस के मुताबिक, 4 अगस्त की रात दिल्ली-एनसीआर में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ चलती स्लीपर बस में ड्राइवर और कंडक्टर ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया। घटना उस समय हुई जब भारी बारिश के बीच लड़की नोएडा जाने के लिए रास्ते में थी। पुलिस ने मामले में बस चालक कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया है।

    बस ग्रेटर नोएडा के परी चौक से पुरानी दिल्ली के कश्मीरी गेट जा रही थी। करीब 47 किलोमीटर की यात्रा के दौरान कथित तौर पर वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने बस को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।

    बारिश में परी चौक पहुंची थी नाबालिग

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, लड़की 11वीं कक्षा की छात्रा है और मैनपुरी की रहने वाली है। वह परिवार को बताए बिना नोएडा में अपने कजिन से मिलने निकली थी। भारी बारिश और अंधेरे के बीच वह रास्ता भटककर ग्रेटर नोएडा के परी चौक पहुंच गई।

    इसी दौरान वहां से गुजर रही एक खाली स्लीपर बस लड़की के इशारा करने पर रुकी। ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे नोएडा सेक्टर-63 की तरफ जाने की बात बताकर वहां छोड़ने की पेशकश की।

    पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी गिरफ्तार

    लड़की के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोप लगाया है कि बस चलने के कुछ देर बाद कंडक्टर ने उसके साथ अश्लील हरकतें शुरू कीं। इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर ने कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।

    DCP नॉर्थ निहारिका भट्ट ने सोमवार को मामले की पुष्टि करते हुए दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, 29 वर्षीय आरोपी संदीप का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।

    अब पुलिस मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों, पीड़िता के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच कर रही है। कुलदीप की मां के लगाए गए साजिश के आरोपों की भी जांच में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • कांग्रेस के गढ़ में BJP का बड़ा दांव, जयपुर निगम चुनाव में उतारे 8 मुस्लिम उम्मीदवार, 51 महिलाओं को टिकट

    कांग्रेस के गढ़ में BJP का बड़ा दांव, जयपुर निगम चुनाव में उतारे 8 मुस्लिम उम्मीदवार, 51 महिलाओं को टिकट


    जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने सामाजिक और महिला समीकरण साधते हुए 8 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया है। पार्टी ने 150 वार्डों में 51 सीटों पर महिलाओं को प्रत्याशी बनाया है। वहीं, कांग्रेस ने टिकट वितरण में संगठन से जुड़े नेताओं और मौजूदा पार्षदों पर भरोसा जताया है। ऐसे में दोनों दलों की रणनीति ने चुनावी मुकाबले को रोचक बना दिया है।

    भाजपा ने 51 महिलाओं को दिया टिकट

    भाजपा की सूची में महिला और सामाजिक समीकरण पर खास फोकस दिखाई दे रहा है। पार्टी ने 33% महिला आरक्षण के सिद्धांत से आगे बढ़ते हुए करीब 35% टिकट महिलाओं को दिए हैं। इनमें महिला मोर्चा से जुड़ी कार्यकर्ताओं के साथ लंबे समय से संगठन में सक्रिय महिला चेहरों को भी मौका दिया गया है।

    वार्ड 47 से दीपा नाथावत, वार्ड 56 से रेखा सैनी, वार्ड 107 से अनुराधा माहेश्वरी और वार्ड 123 से पूनम मेहता को प्रत्याशी बनाया गया है।

    सबसे चर्चित नाम कांग्रेस की पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल का है। भाजपा ने उन्हें वार्ड 110 से मैदान में उतारा है। ज्योति खंडेलवाल जयपुर नगर निगम की महापौर रह चुकी हैं और लंबे समय तक कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रही हैं। अब भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने से वार्ड 110 का मुकाबला खास हो गया है।

    8 मुस्लिम चेहरों पर भाजपा का भरोसा

    भाजपा ने मुस्लिम बहुल और कांग्रेस के प्रभाव वाले इलाकों में भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं। पार्टी ने कुल 8 मुस्लिम नेताओं को पार्षद का टिकट दिया है।

    वार्ड 19 से शहनवाज अंसारी, वार्ड 109 से जाकिर खान कायमखानी, वार्ड 113 से फरीदुद्दीन ‘जैकी’, वार्ड 117 से शब्बो जहां, वार्ड 128 से माजिद पठान, वार्ड 136 से मिजाना मिर्जा, वार्ड 137 से रहीस मंसूरी और वार्ड 146 से अफसाना को प्रत्याशी बनाया गया है।

    इनमें वार्ड 19 का टिकट सबसे ज्यादा चर्चा में है। सामान्य सीट होने के बावजूद भाजपा ने यहां मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। इसे पार्टी की वार्डवार सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

    कांग्रेस ने संगठन के चेहरों पर जताया भरोसा

    कांग्रेस ने टिकट वितरण में अपने संगठन को प्राथमिकता दी है। पार्टी ने 4 ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों, 2 पीसीसी प्रकोष्ठ प्रमुखों और एक पीसीसी सचिव को चुनाव मैदान में उतारा है।

    इसके अलावा कई मौजूदा पार्षदों को भी दोबारा टिकट दिया गया है। पार्टी ने अपने मौजूदा जनप्रतिनिधियों के स्थानीय जनाधार और वार्ड में सक्रियता को टिकट का आधार बनाया है।

    कांग्रेस की रणनीति संगठन के पुराने नेटवर्क और मौजूदा पार्षदों के स्थानीय प्रभाव के सहारे भाजपा को चुनौती देने की है। हालांकि टिकट वितरण के बाद दोनों दलों के सामने बागियों को संभालने की चुनौती भी रहेगी।

    2500 से ज्यादा दावेदारों में से चुने 150 चेहरे

    जयपुर निगम चुनाव के लिए भाजपा में कई दिनों तक टिकट को लेकर मंथन चला। 150 वार्डों के लिए करीब 2500 से ज्यादा दावेदारों ने टिकट की दावेदारी की थी। पार्टी के सामने जिताऊ उम्मीदवार चुनने के साथ पुराने कार्यकर्ताओं, जातीय समीकरण और स्थानीय प्रभाव के बीच संतुलन बनाने की चुनौती थी।

    भाजपा की सूची में महिला, युवा, सामाजिक और संगठन से जुड़े चेहरों का मिश्रण दिखाई दे रहा है। पार्टी ने वार्डवार समीकरण को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है।

    बागियों पर रहेगी दोनों दलों की नजर

    टिकट वितरण के बाद अब भाजपा और कांग्रेस के सामने नाराज दावेदारों को मनाने की चुनौती है। टिकट नहीं मिलने पर कुछ दावेदार निर्दलीय मैदान में उतर सकते हैं या दूसरे दलों का रुख कर सकते हैं। ऐसे में कई वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय होने की संभावना है।

    भाजपा का 8 मुस्लिम उम्मीदवारों और 51 महिलाओं को टिकट देने का फैसला तथा कांग्रेस का संगठन के मजबूत चेहरों पर दांव अब चुनावी नतीजों पर कितना असर डालता है, यह चुनाव के दौरान देखने वाली बात होगी।

  • मंगल-बुध की लाभकारी युति से बनेगा त्रिएकादश राजयोग, 4 राशियों के लिए खुलेंगे कमाई और तरक्की के रास्ते

    मंगल-बुध की लाभकारी युति से बनेगा त्रिएकादश राजयोग, 4 राशियों के लिए खुलेंगे कमाई और तरक्की के रास्ते


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की चाल और उनकी आपसी स्थिति को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। जब दो प्रभावशाली ग्रह शुभ संबंध बनाते हैं तो इसका असर अलग-अलग राशियों के जातकों के जीवन पर देखने को मिलता है। मंगल और बुध के बीच बनने वाला विशेष संबंध कुछ राशियों के लिए आर्थिक, करियर और कारोबार के लिहाज से शुभ माना जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस योग को लाभ-दृष्टि योग या त्रिएकादश राजयोग कहा जाता है।

    मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम और नेतृत्व का कारक माना जाता है, जबकि बुध बुद्धि, तर्क, संवाद, व्यापार और गणना से संबंधित ग्रह है। दोनों के शुभ संबंध से निर्णय क्षमता, कामकाज और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना जताई जाती है। खासतौर पर नौकरी, कारोबार, निवेश और आय के मामलों में कुछ राशियों को नए अवसर मिल सकते हैं।

    मेष राशि: आय के नए स्रोत बनने के संकेत

    मेष राशि के जातकों के लिए मंगल-बुध का यह योग आर्थिक रूप से लाभकारी रह सकता है। आय के नए स्रोत बनने से आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन, वेतन वृद्धि या नई जिम्मेदारी से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है।

    लंबे समय से अटका पैसा वापस मिलने के भी योग बन सकते हैं। यदि किसी को उधार दिया हुआ धन वापस आने का इंतजार है तो उसमें सकारात्मक प्रगति हो सकती है। निवेश से जुड़े मामलों में भी लाभ के अवसर मिल सकते हैं।

    मिथुन राशि: करियर में बढ़ेगा मान-सम्मान

    मिथुन राशि वालों के लिए यह योग करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और काम करने के तरीके की सराहना हो सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा मिलने के साथ करियर में आगे बढ़ने के अवसर भी मिल सकते हैं।

    पारिवारिक जीवन में चल रही परेशानियां धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। घर या प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई पुराना मामला भी समाधान की ओर बढ़ सकता है। इस दौरान आत्मविश्वास मजबूत रहेगा और महत्वपूर्ण फैसले लेने में मदद मिलेगी।

    सिंह राशि: मेहनत का मिलेगा पूरा फायदा

    सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक और व्यावसायिक मामलों में सकारात्मक रह सकता है। मेहनत का परिणाम मिलने और कार्यक्षेत्र में अलग पहचान बनने के संकेत हैं।

    इस दौरान लिए गए सही फैसले भविष्य की योजनाओं को नई दिशा दे सकते हैं। निवेश और आर्थिक योजनाओं में सोच-समझकर कदम उठाने से फायदा मिल सकता है। लगातार प्रयास करने वाले जातकों को अपनी मेहनत का लाभ मिलने की संभावना है। आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता भी मजबूत रह सकती है।

    तुला राशि: नौकरी और कारोबार में नए मौके

    तुला राशि के जातकों के लिए मंगल-बुध का यह योग खासा लाभकारी माना जा रहा है। कारोबार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। कोई महत्वपूर्ण डील या समझौता भविष्य में अच्छा लाभ दे सकता है।

    नौकरीपेशा लोगों के लिए भी करियर में आगे बढ़ने के रास्ते खुल सकते हैं। लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे लोगों को सकारात्मक खबर मिल सकती है। नई नौकरी तलाश रहे जातकों को भी अच्छा प्रस्ताव मिलने की संभावना है। अटका हुआ धन वापस आने और आय बढ़ने के योग बन सकते हैं। साथ ही जीवन में सुख-सुविधाओं में वृद्धि होने के संकेत हैं।

    मंगल-बुध की युति क्यों मानी जाती है खास?

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल ऊर्जा, साहस, नेतृत्व और कार्यक्षमता का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि बुध बुद्धि, तर्क, संवाद, व्यापार और गणना से जुड़ा ग्रह है। ऐसे में दोनों के बीच शुभ संबंध बनने से व्यक्ति की निर्णय क्षमता और कामकाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

    हालांकि, किसी भी ग्रह योग का वास्तविक प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली, लग्न, ग्रहों की स्थिति और संबंधित भावों पर निर्भर करता है। इसलिए इन भविष्यवाणियों को सामान्य ज्योतिषीय संकेत के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

  • मुंबई में महंगाई का डबल झटका, CNG-PNG के साथ ऑटो-टैक्सी किराया भी बढ़ा

    मुंबई में महंगाई का डबल झटका, CNG-PNG के साथ ऑटो-टैक्सी किराया भी बढ़ा


    नई दिल्ली। मुंबई में एक सितंबर से आम लोगों की जेब पर महंगाई का दोहरा असर पड़ा है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने सीएनजी और घरेलू पीएनजी के दाम बढ़ा दिए हैं। वहीं, मुंबई महानगर क्षेत्र में ऑटो रिक्शा और काली-पीली टैक्सी का न्यूनतम किराया भी बढ़ गया है। दोनों बढ़ोतरी एक सितंबर से लागू हो गई हैं।

    CNG 2 रुपये और PNG 1 रुपये महंगी

    MGL के मुताबिक, मुंबई और आसपास के इलाकों में सीएनजी की कीमत 2 रुपये प्रति किलो बढ़कर 88 रुपये प्रति किलो हो गई है। घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के दाम में भी 1 रुपये प्रति एससीएम की बढ़ोतरी की गई है।

    कंपनी ने कीमत बढ़ाने के पीछे पश्चिम एशिया में जारी तनाव को वजह बताया है। MGL के अनुसार, इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें बढ़ी हैं। सीएनजी की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए महंगे दाम पर आयातित स्पॉट RLNG का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

    इस बढ़ोतरी का असर मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, लातूर और धाराशिव के अलावा कर्नाटक के चित्रदुर्ग और दावणगेरे में MGL के नेटवर्क से सीएनजी लेने वाले करीब 13 लाख वाहन मालिकों पर पड़ेगा। वहीं, करीब 30 लाख घरेलू PNG उपभोक्ताओं को भी अब ज्यादा भुगतान करना होगा।

    ऑटो-टैक्सी का सफर भी हुआ महंगा

    मुंबई महानगर क्षेत्र में ऑटो और टैक्सी से सफर करने वालों के लिए भी किराया बढ़ गया है। मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण (MMRTA) ने ऑटो रिक्शा का न्यूनतम किराया 27 रुपये और काली-पीली टैक्सी का न्यूनतम किराया 33 रुपये कर दिया है।

    ऑटो के किराए में 1 रुपये और टैक्सी के किराए में 2 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। अब टैक्सी का किराया 20.66 रुपये से बढ़कर 21.90 रुपये प्रति किलोमीटर हो गया है, जबकि ऑटो का किराया 17.14 रुपये से बढ़कर 18.22 रुपये प्रति किलोमीटर हो गया है।

    टैक्सी में पहले 1.5 किलोमीटर के लिए 31 रुपये देने पड़ते थे, अब इसके लिए 33 रुपये चुकाने होंगे।

    ड्राइवरों को मीटर अपडेट कराने के लिए नवंबर तक का समय

    आरटीओ अधिकारियों के मुताबिक, ड्राइवर अपने इलेक्ट्रॉनिक मीटर को नई दरों के अनुसार कैलिब्रेट करा सकते हैं। इसके अलावा आरटीओ से मंजूर किराया तालिका भी वाहन में प्रदर्शित की जा सकती है। मीटर को दोबारा कैलिब्रेट कराने के लिए ड्राइवरों को नवंबर के अंत तक का समय दिया गया है। तय अवधि में मीटर अपडेट नहीं कराने पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

    ज्यादातर ऑटो-टैक्सी CNG पर निर्भर

    मुंबई महानगर क्षेत्र में 4.5 लाख से ज्यादा ऑटो रिक्शा और 50 हजार से अधिक काली-पीली टैक्सियां संचालित होती हैं। इनमें से अधिकांश वाहन सीएनजी से चलते हैं। ऐसे में ईंधन और किराया दोनों बढ़ने से यात्रियों के साथ-साथ ऑटो-टैक्सी चालकों पर भी खर्च का असर पड़ना तय है।

    मुंबई में इससे पहले ऑटो और टैक्सी का किराया फरवरी 2025 में बढ़ाया गया था। करीब 18 महीने बाद एक बार फिर किराए में बढ़ोतरी की गई है।