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  • ईरान वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड रवाना हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, कई दिनों तक चल सकती है बातचीत

    ईरान वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड रवाना हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, कई दिनों तक चल सकती है बातचीत


    नई दिल्ली । अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ अगले चरण की महत्वपूर्ण कूटनीतिक वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड रवाना हो गए हैं। इस दौरे को मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही अंतरराष्ट्रीय चिंताओं के बीच बेहद अहम माना जा रहा है।

    जेडी वेंस ने जॉइंट बेस एंड्रयूज से रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ होने वाली इस बैठक से परमाणु मुद्दे पर ठोस प्रगति होगी। साथ ही उन्होंने लेबनान में लागू नाजुक संघर्ष विराम को बनाए रखने पर भी जोर दिया।

    सूत्रों के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहले ही स्विट्जरलैंड पहुंच चुका है और दोनों पक्षों के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत पहले से ही शुरू हो चुकी है। यह वार्ता ल्यूसर्न के पास किसी डिप्लोमैटिक स्थल पर होने की संभावना है और इसमें कई दिनों तक चर्चा चल सकती है।

    वेंस ने बताया कि इस बातचीत का शुरुआती लक्ष्य एक स्पष्ट ढांचा तैयार करना और आगे की वार्ता के लिए मजबूत आधार बनाना होगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे स्वयं इस दौरे पर एक-दो दिन ही रह सकते हैं, लेकिन पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर फोकस रहेगा।

    मिडिल ईस्ट में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी तनाव ने पहले से ही शांति प्रयासों को प्रभावित किया है। ऐसे में अमेरिका इस वार्ता को क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देख रहा है।

    वेंस ने कहा कि हालांकि हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखा जा रहा है। उन्होंने अमेरिकी विदेश विभाग और डिप्लोमैटिक टीम के प्रयासों की भी सराहना की, साथ ही स्वीकार किया कि संघर्ष विराम को बनाए रखना लगातार निगरानी और प्रयास की मांग करता है।

    फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस वार्ता पर टिकी हुई है, क्योंकि इसके नतीजे न केवल अमेरिका-ईरान संबंधों को प्रभावित करेंगे, बल्कि पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता पर भी इसका गहरा असर पड़ सकता है।

  • योग दिवस पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी, स्वस्थ वृद्धावस्था पर जोर

    योग दिवस पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी, स्वस्थ वृद्धावस्था पर जोर


    मध्यप्रदेश । मंदसौर के नूतन स्टेडियम में रविवार को International Yoga Day 2026 के अवसर पर भव्य जिला स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई, जिसके तहत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का संदेश दिया।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद सुधीर गुप्ता और कलेक्टर अदिति गर्ग उपस्थित रहे। इनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा विजय पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, पूर्व मंत्री कैलाश चावला, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी योगाभ्यास में भाग लिया।

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता में दिए गए योग दिवस संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने ध्यानपूर्वक सुना। इसके साथ ही राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के योग कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया गया।

    इस आयोजन की विशेषता यह रही कि जैन संत प्रणमय सागर ने स्वयं मंच पर योगासन कराए और उपस्थित लोगों को योग के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराते हुए बताया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मिक और मानसिक संतुलन का भी साधन है।

    योगाभ्यास के बाद सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया। कलेक्टर अदिति गर्ग ने नागरिकों से अपील की कि वे योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, क्योंकि यह स्वस्थ और संतुलित जीवन की कुंजी है।

    सांसद सुधीर गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा आज पूरे विश्व के लिए प्रेरणा बन चुकी है। उन्होंने बताया कि ऋग्वेद और महर्षि पतंजलि के योग सूत्रों में योग का विस्तृत वर्णन मिलता है, जिसे आधुनिक समय में वैश्विक पहचान मिली है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2015 के बाद योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली और आज करोड़ों लोग इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए योग अत्यंत आवश्यक है।

    सांसद ने किसानों से जैविक खेती अपनाने और रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने की भी अपील की, यह कहते हुए कि “जब भूमि स्वस्थ होगी तभी समाज भी स्वस्थ रहेगा।”

    कुल मिलाकर, मंदसौर का यह योग कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का प्रतीक बना, बल्कि इसमें आध्यात्मिकता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संदेश का भी सुंदर समावेश देखने को मिला।

  • योग दिवस पर शुजालपुर में उत्साह, सामूहिक योग से दिया फिटनेस का संदेश

    योग दिवस पर शुजालपुर में उत्साह, सामूहिक योग से दिया फिटनेस का संदेश


    मध्यप्रदेश । शुजालपुर में International Yoga Day 2026 के अवसर पर शहरभर में योग को लेकर उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। इस वर्ष “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम के तहत विभिन्न स्थानों पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

    श्री जटाशंकर महादेव मंदिर परिसर में आयुष्मान आरोग्य मंदिर आयुष शुजालपुर मंडी की ओर से विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 90 लोगों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षक देवेंद्र सिंह परमार सहित आयुष विभाग के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया।

    इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों, समाजसेवियों और बच्चों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह आयोजन एक सामुदायिक स्वास्थ्य अभियान का रूप लेता नजर आया। सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग को अपनाकर निरोगी जीवन जीने का संकल्प लिया।

    इसी प्रकार, जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में क्रीड़ा विभाग और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय योग कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, स्वयंसेवकों और स्टाफ सदस्यों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया।

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग दिवस संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जिसे छात्रों और उपस्थित लोगों ने ध्यानपूर्वक सुना। इसमें योग को दैनिक जीवन में अपनाने और इसे स्वस्थ भारत के निर्माण का आधार बनाने पर जोर दिया गया।

    दोनों प्रमुख कार्यक्रमों में “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम को केंद्र में रखते हुए प्रतिभागियों को बताया गया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और समग्र स्वास्थ्य का साधन है। नियमित योग, प्राणायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने से जीवन को अधिक स्वस्थ और सक्रिय बनाया जा सकता है।

    कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। शहर में योग दिवस के अवसर पर बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिसने पूरे आयोजन को सफल और प्रेरणादायक बना दिया।

  • अमेरिका में गूंजा योग का संदेश, न्यूयॉर्क से वॉशिंगटन तक अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन

    अमेरिका में गूंजा योग का संदेश, न्यूयॉर्क से वॉशिंगटन तक अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन

    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर इस बार अमेरिका में भी योग का व्यापक उत्सव देखने को मिला, जहां यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित न रहकर एक बड़े स्वास्थ्य और वेलनेस मूवमेंट के रूप में उभरकर सामने आया। न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर से लेकर वाशिंगटन डीसी, टेक्सास, कैलिफोर्निया और कई अन्य राज्यों तक योग दिवस के कार्यक्रमों ने पूरे देश में लोगों को एक साथ जोड़ दिया।

    वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास के नेतृत्व में लिंकन मेमोरियल के पास बड़े स्तर पर सामूहिक योग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” थीम पर योगाभ्यास किया। इस कार्यक्रम में राजनयिकों, समुदाय के नेताओं और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

    न्यूयॉर्क में सेंट्रल पार्क और टाइम्स स्क्वायर जैसे प्रतिष्ठित स्थानों पर योग सत्रों का आयोजन किया गया, जहां हजारों लोगों ने खुले आसमान के नीचे योग किया। टाइम्स स्क्वायर को एक दिन के लिए विशाल योग स्टूडियो में बदल दिया गया, जो इस आयोजन की लोकप्रियता और वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।

    टेक्सास के शुगर लैंड और ब्रेजोस रिवर पार्क में भी बड़े स्तर पर योग कार्यक्रम हुए, जहां स्थानीय प्रशासन, भारतीय समुदाय और योग प्रेमियों ने मिलकर भाग लिया। इसी तरह सैन फ्रांसिस्को के क्रिसी फील्ड और गोल्डन गेट ब्रिज के पास भी योगाभ्यास के आयोजन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

    इस वर्ष कई अमेरिकी राज्यों ने योग दिवस को आधिकारिक समर्थन भी दिया है। न्यूयॉर्क स्टेट सीनेट में एक प्रस्ताव पारित कर इसे 2026 में आधिकारिक योग दिवस घोषित करने की अपील की गई है, जबकि डेलावेयर और कैलिफोर्निया सहित कई राज्यों और शहरों ने भी योग के महत्व को मान्यता दी है।

    शिकागो, अटलांटा, बोस्टन, मियामी, डेनवर और कई विश्वविद्यालय परिसरों में भी सामुदायिक योग सत्र आयोजित किए गए, जिससे यह साफ हुआ कि योग अब अमेरिकी समाज के बड़े हिस्से में जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है।

    आयोजकों और विशेषज्ञों के अनुसार, योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक शांति और संतुलित जीवन के लिए भी बेहद प्रभावी साधन बन चुका है। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि योग अब भारत की सांस्कृतिक विरासत से आगे बढ़कर एक वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसे दुनिया भर में व्यापक स्वीकृति मिल रही है।

  • योग दिवस पर देवास में अनोखा आयोजन, श्रम योग से दिखी परंपरा और स्वास्थ्य की झलक

    योग दिवस पर देवास में अनोखा आयोजन, श्रम योग से दिखी परंपरा और स्वास्थ्य की झलक


    मध्यप्रदेश । देवास में International Yoga Day 2026 के अवसर पर महिलाओं ने एक अनोखा और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध योग प्रदर्शन प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को भारतीय जीवनशैली की गहराई से परिचित कराया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योग को केवल आसनों तक सीमित न मानकर उसे एक संपूर्ण जीवन पद्धति के रूप में प्रस्तुत करना था।

    इस विशेष आयोजन में पृथ्वी वंदना, शिव वंदना और श्रम योग जैसे पारंपरिक अभ्यासों को शामिल किया गया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्राचीन भारतीय जीवनशैली स्वयं में ही योग का एक स्वरूप थी, जिसमें शरीर, मन और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहता था।

    कार्यक्रम में महिलाओं ने श्रम योग का जीवंत प्रदर्शन करते हुए बताया कि पुराने समय में दैनिक जीवन की गतिविधियां ही वास्तविक योग का आधार थीं। खेतों में काम करना, हाथों से घरेलू कार्य करना, जमीन पर बैठकर भोजन करना और पैदल चलना जैसी आदतें शरीर को प्राकृतिक रूप से सक्रिय और स्वस्थ बनाए रखती थीं।

    इस प्रस्तुति के माध्यम से यह भी दर्शाया गया कि आधुनिक जीवनशैली में इन परंपरागत आदतों के धीरे-धीरे समाप्त होने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। शारीरिक निष्क्रियता और मशीनों पर बढ़ती निर्भरता ने जीवन को आसान जरूर बनाया है, लेकिन स्वास्थ्य पर इसका नकारात्मक प्रभाव भी पड़ा है।

    योग संचालिका गौरी शेकटकर ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय संस्कृति में हर दैनिक क्रिया अपने आप में एक प्रकार का योग थी। उन्होंने बताया कि हमारे पूर्वज बिना किसी विशेष प्रशिक्षण या योग कक्षाओं के भी स्वस्थ जीवन जीते थे, क्योंकि उनकी दिनचर्या प्रकृति और श्रम से गहराई से जुड़ी हुई थी।

    उन्होंने यह भी कहा कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता यह है कि हम अपनी जड़ों की ओर लौटें और भारतीय जीवन मूल्यों को पुनः अपनाएं। योग को केवल व्यायाम के रूप में नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति के रूप में समझना जरूरी है।

    कार्यक्रम के अंत में यह संदेश प्रमुखता से उभरा कि योग केवल शरीर को फिट रखने का साधन नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, अनुशासन और संतुलित जीवन का आधार भी है। प्रतिभागियों और दर्शकों ने इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे अत्यंत प्रेरणादायक बताया।

  • ईरान-अमेरिका बातचीत पर दुनिया की नजर, परमाणु मुद्दे और शांति समझौते पर होगी चर्चा

    ईरान-अमेरिका बातचीत पर दुनिया की नजर, परमाणु मुद्दे और शांति समझौते पर होगी चर्चा


    नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को कम करने और संभावित शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से ईरान और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक वार्ता स्विट्जरलैंड में शुरू होने जा रही है। इस बातचीत के लिए ईरान का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार देर रात स्विट्जरलैंड पहुंच गया है, जिसे कोडनेम ‘मिनाब 168’ के तहत जाना जा रहा है।

    स्विस विदेश मंत्रालय ने इस वार्ता को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि वह ईरानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करता है और दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल उपलब्ध करा रहा है। यह वार्ता बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में आयोजित की जा रही है, जहां पहले से तय समझौते को लागू करने और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।

    सूत्रों के अनुसार, यह बातचीत अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते के कार्यान्वयन से जुड़ी है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव को कम करना और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर समाधान की दिशा तलाशना है। इससे पहले इस वार्ता को स्थगित कर दिया गया था, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाया जा रहा है।

    इस बीच, अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो चुके हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि बातचीत में मुख्य रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और लेबनान में लागू संघर्ष विराम को बनाए रखने जैसे मुद्दों पर फोकस किया जाएगा।

    वेंस ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह बैठक कई दिनों तक चल सकती है और इससे दोनों देशों के बीच संवाद को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की ओर से भी कुछ मुद्दे रखे जाएंगे, जिन पर बातचीत के दौरान चर्चा की जाएगी।

    फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस वार्ता पर टिकी हुई है, क्योंकि इसके परिणाम न केवल ईरान-अमेरिका संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं, बल्कि पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की स्थिरता पर भी इसका गहरा असर पड़ सकता है।

  • योग दिवस पर शिवपुरी में उमड़ा जनसैलाब, मंत्री ने जनचौपाल में सुनीं समस्याएं

    योग दिवस पर शिवपुरी में उमड़ा जनसैलाब, मंत्री ने जनचौपाल में सुनीं समस्याएं


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले में रविवार को International Yoga Day 2026 बड़े उत्साह और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाया गया। इस वर्ष की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” के अनुरूप जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें हजारों लोगों ने भाग लेकर योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

    जिला मुख्यालय स्थित तात्या टोपे खेल परिसर (पोलो ग्राउंड) में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां पूर्व विधायक प्रहलाद भारती, एडीएम दिनेश चंद्र शुक्ला सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाओं का अभ्यास किया।

    कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने यह संदेश दिया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और स्वस्थ जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण साधन है। उपस्थित लोगों ने नियमित योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

    इसी क्रम में खोड़ स्थित धार महादेव मंदिर प्रांगण में भी भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ विधायक देवेंद्र जैन और भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव ने भी योगाभ्यास किया।

    इस कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि योग के बाद प्रभारी मंत्री ने जन चौपाल लगाकर स्थानीय नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने लोगों से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतों और सुझावों को गंभीरता से लिया, जिससे कार्यक्रम केवल योग तक सीमित न रहकर जनसंपर्क का माध्यम भी बन गया।

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस अवसर पर कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर और मन दोनों को संतुलित रखने की एक प्रभावी जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि नियमित योग से व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक रूप से भी अधिक मजबूत बनता है।

    उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करें, ताकि एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण हो सके।

    कुल मिलाकर, शिवपुरी में आयोजित यह योग कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का प्रतीक बना, बल्कि इसमें जनभागीदारी और प्रशासनिक संवाद का भी सुंदर संगम देखने को मिला।

  • भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा, INS दूनागिरी और INS अग्रय से बढ़ी मारक क्षमता

    भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा, INS दूनागिरी और INS अग्रय से बढ़ी मारक क्षमता


    नई दिल्ली । भारतीय नौसेना की ताकत को एक नई दिशा देने के लिए दो अत्याधुनिक युद्धपोतों को औपचारिक रूप से बेड़े में शामिल किया गया है। इनमें स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट INS Dunagiri और एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट INS Agray शामिल हैं। इन दोनों प्लेटफॉर्म्स के शामिल होने से भारतीय नौसेना की सतह, वायु और जल के भीतर युद्ध क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति को देखते हुए भारतीय नौसेना लगातार स्वदेशी तकनीक पर आधारित युद्धपोतों को शामिल कर रही है। आज के दौर में छोटे और सस्ते ड्रोन भी बड़े सैन्य प्लेटफॉर्म्स को चुनौती दे सकते हैं, ऐसे में उन्नत स्टेल्थ तकनीक और मल्टी-डोमेन ऑपरेशन की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।

    INS Dunagiri प्रोजेक्ट 17ए के तहत विकसित एक अत्याधुनिक स्टेल्थ फ्रिगेट है, जो दुश्मन के रडार से बचकर लंबी दूरी तक सटीक हमला करने में सक्षम है। इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, बराक-8 एयर डिफेंस सिस्टम, आधुनिक सोनार, मल्टी-फंक्शन रडार और कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम जैसी अत्याधुनिक तकनीकें शामिल हैं। यह युद्धपोत सतह, हवा और पानी के भीतर मौजूद सभी प्रकार के खतरों का प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम है।

    इस युद्धपोत की सबसे बड़ी विशेषता इसका कम रडार क्रॉस-सेक्शन है, जिससे इसे दुश्मन के लिए ट्रैक करना बेहद कठिन हो जाता है। इसके सेंसर और हथियार प्रणालियां रियल टाइम डेटा के आधार पर तेजी से निर्णय लेने में सक्षम हैं, जिससे प्रतिक्रिया समय काफी कम हो जाता है।

    दूसरी ओर, INS Agray विशेष रूप से समुद्र की सतह के नीचे छिपे खतरों, यानी पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे “गांडीव” जैसे प्रतीकात्मक नाम से जोड़कर इसकी सटीक मारक क्षमता को दर्शाया गया है। यह जहाज स्वदेशी सोनार सिस्टम, हल्के टॉरपीडो, एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर और एडवांस डिकॉय सिस्टम से लैस है।

    यह छोटा आकार होने के बावजूद बेहद घातक प्लेटफॉर्म माना जा रहा है, जो तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों पर सटीक निगरानी और हमला करने में सक्षम है। इसकी गति लगभग 25 नॉट तक है और यह हजारों किलोमीटर तक ऑपरेशन कर सकता है।

    दोनों युद्धपोतों में लगभग 75 प्रतिशत तक स्वदेशी उपकरणों का उपयोग किया गया है, जो भारत की आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इन प्लेटफॉर्म्स का डिजाइन नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा तैयार किया गया है।

    कुल मिलाकर, INS Dunagiri और INS Agray का शामिल होना भारतीय नौसेना की समुद्री शक्ति को नई ऊंचाई देता है और भारत की रणनीतिक रक्षा क्षमता को और अधिक मजबूत बनाता है।

  • योग का वैश्विक उत्सव, जापान में बारिश के बीच भी जुटे 2100 प्रतिभागी

    योग का वैश्विक उत्सव, जापान में बारिश के बीच भी जुटे 2100 प्रतिभागी

    नई दिल्ली । 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर पूरी दुनिया में योग का उत्साह देखने को मिला, जहां सीमाओं और मौसम की बाधाएं भी इस वैश्विक आयोजन के जोश को कम नहीं कर सकीं। इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रही, जिसके तहत सभी आयु वर्ग के लोगों को स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

    दुनिया के विभिन्न देशों में भारतीय मिशनों और स्थानीय संगठनों के सहयोग से बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। यूएई की राजधानी दुबई में भारतीय महावाणिज्य दूतावास द्वारा विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें दुबई पुलिस के अधिकारी, योग साधक, विद्यार्थी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में पुलिस बैंड की प्रस्तुति ने आयोजन को और अधिक आकर्षक बना दिया।

    स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में भी योग दिवस का भव्य आयोजन हुआ, जहां स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारतीय राजदूत अपूर्वा श्रीवास्तव ने इस अवसर पर लोगों को योग को अपनी दैनिक जीवनशैली में शामिल करने और इसे परिवार व समाज तक पहुंचाने का संदेश दिया।

    सबसे उल्लेखनीय आयोजन जापान के त्सुकिजी होंगन-जी मंदिर में देखने को मिला, जहां भारी बारिश के बावजूद 2100 से अधिक योग प्रेमियों ने योगाभ्यास किया। “बारिश हो या धूप, योग नहीं रुकेगा” के संदेश के साथ प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह से कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा और एकजुटता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

    इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दुनिया भर में लगभग 2500 स्थानों पर 210 से अधिक भारतीय मिशनों द्वारा योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। भारत में मुख्य समारोह कोलकाता के रेड रोड पर हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भाग लिया।

    प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि योग आज केवल भारत की परंपरा नहीं, बल्कि पूरी मानवता को जोड़ने का माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि योग ने सीमाओं, भाषाओं और संस्कृतियों से ऊपर उठकर विश्व को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है, और आज पूरी दुनिया इसकी शक्ति को स्वीकार कर रही है।

    नई दिल्ली । 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर पूरी दुनिया में योग का उत्साह देखने को मिला, जहां सीमाओं और मौसम की बाधाएं भी इस वैश्विक आयोजन के जोश को कम नहीं कर सकीं। इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रही, जिसके तहत सभी आयु वर्ग के लोगों को स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

    दुनिया के विभिन्न देशों में भारतीय मिशनों और स्थानीय संगठनों के सहयोग से बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। यूएई की राजधानी दुबई में भारतीय महावाणिज्य दूतावास द्वारा विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें दुबई पुलिस के अधिकारी, योग साधक, विद्यार्थी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में पुलिस बैंड की प्रस्तुति ने आयोजन को और अधिक आकर्षक बना दिया।

    स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में भी योग दिवस का भव्य आयोजन हुआ, जहां स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारतीय राजदूत अपूर्वा श्रीवास्तव ने इस अवसर पर लोगों को योग को अपनी दैनिक जीवनशैली में शामिल करने और इसे परिवार व समाज तक पहुंचाने का संदेश दिया।

    सबसे उल्लेखनीय आयोजन जापान के त्सुकिजी होंगन-जी मंदिर में देखने को मिला, जहां भारी बारिश के बावजूद 2100 से अधिक योग प्रेमियों ने योगाभ्यास किया। “बारिश हो या धूप, योग नहीं रुकेगा” के संदेश के साथ प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह से कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा और एकजुटता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

    इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दुनिया भर में लगभग 2500 स्थानों पर 210 से अधिक भारतीय मिशनों द्वारा योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। भारत में मुख्य समारोह कोलकाता के रेड रोड पर हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भाग लिया।

    प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि योग आज केवल भारत की परंपरा नहीं, बल्कि पूरी मानवता को जोड़ने का माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि योग ने सीमाओं, भाषाओं और संस्कृतियों से ऊपर उठकर विश्व को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है, और आज पूरी दुनिया इसकी शक्ति को स्वीकार कर रही है।
    12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर पूरी दुनिया में योग का उत्साह देखने को मिला, जहां सीमाओं और मौसम की बाधाएं भी इस वैश्विक आयोजन के जोश को कम नहीं कर सकीं। इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रही, जिसके तहत सभी आयु वर्ग के लोगों को स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

    दुनिया के विभिन्न देशों में भारतीय मिशनों और स्थानीय संगठनों के सहयोग से बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। यूएई की राजधानी दुबई में भारतीय महावाणिज्य दूतावास द्वारा विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें दुबई पुलिस के अधिकारी, योग साधक, विद्यार्थी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में पुलिस बैंड की प्रस्तुति ने आयोजन को और अधिक आकर्षक बना दिया।

    स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में भी योग दिवस का भव्य आयोजन हुआ, जहां स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारतीय राजदूत अपूर्वा श्रीवास्तव ने इस अवसर पर लोगों को योग को अपनी दैनिक जीवनशैली में शामिल करने और इसे परिवार व समाज तक पहुंचाने का संदेश दिया।

    सबसे उल्लेखनीय आयोजन जापान के त्सुकिजी होंगन-जी मंदिर में देखने को मिला, जहां भारी बारिश के बावजूद 2100 से अधिक योग प्रेमियों ने योगाभ्यास किया। “बारिश हो या धूप, योग नहीं रुकेगा” के संदेश के साथ प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह से कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा और एकजुटता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

    इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दुनिया भर में लगभग 2500 स्थानों पर 210 से अधिक भारतीय मिशनों द्वारा योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। भारत में मुख्य समारोह कोलकाता के रेड रोड पर हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भाग लिया।

    प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि योग आज केवल भारत की परंपरा नहीं, बल्कि पूरी मानवता को जोड़ने का माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि योग ने सीमाओं, भाषाओं और संस्कृतियों से ऊपर उठकर विश्व को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है, और आज पूरी दुनिया इसकी शक्ति को स्वीकार कर रही है।

  • योग दिवस पर नीति आयोग का संदेश, फिट इंडिया और हेल्दी एजिंग को बढ़ावा

    योग दिवस पर नीति आयोग का संदेश, फिट इंडिया और हेल्दी एजिंग को बढ़ावा


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश की प्रमुख नीति निर्माण संस्था NITI Aayog ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया। इस वर्ष का मुख्य विषय “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखा गया, जिसका उद्देश्य योग के माध्यम से लोगों को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

    कार्यक्रम के दौरान योग, ध्यान और प्राणायाम की विभिन्न विधियों का अभ्यास किया गया, जिसमें आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। इस आयोजन में यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा है जो संपूर्ण स्वास्थ्य और दीर्घायु को बढ़ावा देता है।

    नीति आयोग ने अपने संदेश में कहा कि यह थीम इस बात को स्वीकार करती है कि योग आज के समय में वेलनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। बढ़ती उम्र के साथ शरीर और मन दोनों को स्वस्थ बनाए रखने में योग की भूमिका अत्यंत प्रभावी मानी जा रही है।

    कार्यक्रम में आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने भी ध्यान और योगाभ्यास में भाग लिया। उनके साथ आयोग के अन्य सदस्य जैसे राजीव गौबा, प्रो. के.वी. राजू, डॉ. एम. श्रीनिवास और डॉ. जोरम अनिया भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर योग के महत्व को रेखांकित किया और इसे दैनिक जीवन में अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    इस अवसर पर यह भी बताया गया कि योग न केवल शरीर की ताकत और लचीलापन बढ़ाता है, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करता है और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है। विशेष रूप से वृद्धावस्था में योग को अपनाने से व्यक्ति अधिक सक्रिय, संतुलित और स्वस्थ जीवन जी सकता है।

    इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का नेतृत्व किया। उन्होंने देशभर के लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की और योग को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि योग स्वस्थ मन, स्वस्थ शरीर और दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए एक प्रभावी माध्यम है।

    प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नियमित योग अभ्यास से व्यक्ति उम्र बढ़ने के बावजूद अपनी शारीरिक और मानसिक क्षमता को बनाए रख सकता है। उन्होंने इसे आधुनिक जीवनशैली में संतुलन लाने का एक महत्वपूर्ण साधन बताया।

    कुल मिलाकर इस वर्ष का योग दिवस कार्यक्रम न केवल एक औपचारिक आयोजन रहा, बल्कि यह एक व्यापक संदेश भी लेकर आया कि योग को अपनाकर समाज को अधिक स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित बनाया जा सकता है।