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  • नालसर लॉ यूनिवर्सिटी विवाद के बाद बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ विपक्ष ने खोला मोर्चा।

    नालसर लॉ यूनिवर्सिटी विवाद के बाद बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ विपक्ष ने खोला मोर्चा।


    नई दिल्ली । 
    बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा एक नए प्रशासनिक और वित्तीय विवाद के केंद्र में आ गए हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने बीसीआई के आधिकारिक बजटीय खर्चों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हुए संगठन की कार्यप्रणाली और वित्तीय पारदर्शिता पर तीखा हमला बोला है।

    यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब बीसीआई ने हैदराबाद स्थित प्रतिष्ठित नालसर यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के 2026 बैच के छात्रों के वकालत नामांकन पर अस्थायी रोक लगाने का प्रशासनिक आदेश जारी किया था। आदेश में कहा गया था कि विश्वविद्यालय के वार्षिक दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के आमंत्रण का विरोध करने वाले छात्र जिम्मेदारी से काम नहीं कर रहे हैं, इसलिए उनसे संबंधित विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई थी।

    हालांकि, इस फैसले के सामने आते ही विधिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में व्यापक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। विभिन्न स्तरों पर हुए विरोध और वरिष्ठ अधिवक्ताओं की सलाह के बाद बीसीआई ने कुछ ही घंटों के भीतर अपना आदेश वापस ले लिया। बीसीआई अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि प्राप्त फीडबैक के आधार पर यह पाया गया कि छात्रों की सीधी संलिप्तता नहीं थी, जिसके बाद सभी कार्यवाहियां समाप्त कर दी गईं।

    इस प्रशासनिक यू-टर्न के तुरंत बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने बीसीआई के वार्षिक आय-व्यय के आंकड़ों को सार्वजनिक करते हुए अध्यक्ष की घेराबंदी शुरू कर दी। प्रवक्ता सौरव दास ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के ऑडिटेड आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि बैठकों, सम्मेलनों और यात्रा-आवास मद में करोड़ों रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की गई है।

    सौरव दास ने मीडिया के सामने सवाल उठाया कि संस्था द्वारा इतनी बड़ी धनराशि खर्च किए जाने के बावजूद युवा वकीलों के कल्याण और देश भर के लॉ स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए कोई ठोस योजना लागू नहीं की गई है। उन्होंने बीसीआई नेतृत्व के लंबे कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की है।

    देश के अन्य राज्यों की तरह मध्य प्रदेश के विधिक गलियारों और कानून के छात्रों के बीच भी इस पूरे घटनाक्रम की व्यापक चर्चा हो रही है। इंदौर, भोपाल और ग्वालियर के लॉ कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र और युवा वकील बार काउंसिल की नीतियों तथा हालिया आदेशों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।

    विधिक विशेषज्ञों का मानना है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया जैसी स्वायत्त और शीर्ष विधिक संस्था को अपने फैसलों में अधिक पारदर्शिता और संवेदनशीलता बरतने की आवश्यकता है। छात्रों पर प्रतिबंध लगाने और उसे तुरंत वापस लेने की घटना से संस्था की छवि पर असर पड़ा है, जिसकी भरपाई के लिए प्रशासनिक सुधार जरूरी हैं।

    वर्तमान में इस विवाद के बाद बीसीआई नेतृत्व पर वित्तीय और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने का दबाव लगातार बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बीसीआई प्रबंधन इन वित्तीय आरोपों और प्रशासनिक फैसलों पर क्या आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करता है।

  • नागालैंड के मंत्री तेमजेन इम्ना अलोंग ने बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान नागा व्यक्ति का मजेदार वीडियो शेयर किया।

    नागालैंड के मंत्री तेमजेन इम्ना अलोंग ने बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान नागा व्यक्ति का मजेदार वीडियो शेयर किया।


    नई दिल्ली । 
    पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड के पर्यटन एवं उच्च शिक्षा मंत्री तेमजेन इम्ना अलोंग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक बेहद रोचक और मनोरंजक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में एक स्थानीय नागा व्यक्ति को डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया के दौरान अपनी आंखों को मोबाइल स्कैनर के सामने पहचान कराने में आ रही परेशानियों का सामना करते हुए देखा जा सकता है।

    साझा किए गए इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति अपना बायोमेट्रिक सत्यापन कराने के लिए एक खुले स्थान पर बैठा हुआ है। जब संबंधित अधिकारी मोबाइल डिवाइस के स्कैनर कैमरे से उसकी आंखों की पुतली को स्कैन करने का प्रयास करते हैं, तो डिवाइस का सॉफ्टवेयर छोटी आंखों के कारण पुतली की स्पष्ट पहचान नहीं कर पाता है।

    स्कैनर द्वारा पहचान न कर पाने की स्थिति में वहां उपस्थित दो-तीन अन्य लोग उस व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आते हैं। वे उंगलियों के सहारे उसकी पलकों को थोड़ा चौड़ा करने का प्रयास करते हैं ताकि कैमरा पुतलियों को स्पष्ट रूप से स्कैन कर सके। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान वहां मौजूद लोग और स्वयं वह व्यक्ति अपनी हंसी रोक नहीं पाते हैं।

    इस पूरे घटनाक्रम पर चुटकी लेते हुए मंत्री तेमजेन इम्ना अलोंग ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि यह संघर्ष पूरी तरह से वास्तविक है। अपने अनोखे और हास्यपूर्ण अंदाज के लिए देश भर में पहचाने जाने वाले मंत्री का यह पोस्ट देखते ही देखते इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित हो गया और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

    उल्लेखनीय है कि मंत्री तेमजेन इम्ना अलोंग पूर्व में भी पूर्वोत्तर के लोगों की शारीरिक बनावट और छोटी आंखों को लेकर अपने सकारात्मक और हास्यपूर्ण बयानों के कारण चर्चा में रहे हैं। उन्होंने पूर्व में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा था कि छोटी आंखों के अनेक व्यावहारिक फायदे होते हैं, जिनमें आंखों में धूल-मिट्टी कम जाना और लंबे आयोजनों के दौरान सहजता शामिल है।

    मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में इस प्रकार के वायरल और मनोरंजक वीडियो को सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा व्यापक रूप से पसंद किया जाता है। मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों इंदौर और भोपाल में डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग के बीच तकनीक की व्यावहारिक चुनौतियों और ऐसे हास्यस्पद पलों को लेकर लोगों के बीच अक्सर उत्सुकता देखने को मिलती है।

    यद्यपि यह वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का भरपूर मनोरंजन कर रहा है, लेकिन इसके साथ ही यह आधुनिक तकनीकी प्रणालियों की व्यावहारिक सीमाओं की ओर भी ध्यान आकर्षित करता है। कई तकनीकी विशेषज्ञों और उपयोगकर्ताओं ने इस बात पर चिंता जताई है कि डिजिटल सत्यापन प्रणालियों और सॉफ्टवेयर को देश के सभी क्षेत्रों के नागरिकों की विभिन्न शारीरिक विशेषताओं और विविधता के अनुरूप अधिक सक्षम और सर्वसमावेशी बनाया जाना चाहिए।

    बायोमेट्रिक सत्यापन की इस प्रक्रिया में सामने आई इस अनूठी चुनौती ने जहां एक ओर इंटरनेट पर लोगों को मुस्कुराने का अवसर दिया है, वहीं दूसरी ओर यह संदेश भी दिया है कि तकनीकी विकास के दौर में क्षेत्रीय और भौगोलिक विविधताओं का समावेश किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

  • भारत द्वारा बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को मिले दो द्विपक्षीय निमंत्रणों पर बांग्लादेश सरकार ने व्यस्तता का हवाला दिया।

    भारत द्वारा बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को मिले दो द्विपक्षीय निमंत्रणों पर बांग्लादेश सरकार ने व्यस्तता का हवाला दिया।


    नई दिल्ली । 
    भारत की ओर से बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को दिए गए दो अलग-अलग आधिकारिक निमंत्रणों पर पड़ोसी देश की ओर से अभी तक कोई अंतिम प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ढाका की ओर से संकेत दिए गए हैं कि प्रस्तावित भारत यात्रा का अंतिम ढांचा प्रधानमंत्री के व्यस्त कार्यक्रम और दोनों देशों के बीच जारी द्विपक्षीय बातचीत की प्रगति पर निर्भर करेगा।

    भारत ने सितंबर महीने में आयोजित होने जा रहे आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के विशेष सत्र के लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया है। इसके अतिरिक्त एक पृथक द्विपक्षीय वार्ता के लिए भी नई दिल्ली आने का निमंत्रण भेजा गया है। हालांकि, बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अभी पर्याप्त समय शेष है और सरकार इस दौरान कई महत्वपूर्ण घरेलू व संवैधानिक प्राथमिकताओं में व्यस्त है।

    विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, बिम्सटेक संगठन के वर्तमान अध्यक्ष के नाते भारत ने बांग्लादेश को ब्रिक्स सम्मेलन के संपर्क सत्र में शामिल होने का विशेष अवसर प्रदान किया है। इस कूटनीतिक पहल का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से बने तनावपूर्ण माहौल को सामान्य बनाना और द्विपक्षीय वार्ता के जरिए आपसी संबंधों को नई दिशा देना है।

    ढाका में अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकार सभी देशों के साथ सकारात्मक संबंधों की पक्षधर है। यदि आगामी दिनों में स्थितियां अनुकूल रहती हैं और बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो निश्चित रूप से भारत यात्रा को अंतिम रूप दिया जाएगा। दोनों पड़ोसी मुल्कों के शीर्ष नेतृत्व के बीच प्रत्यक्ष संवाद से कई लंबित क्षेत्रीय व व्यापारिक मुद्दों के हल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

    बांग्लादेश में बीते समय में हुए राजनीतिक बदलावों के बाद से ही नई दिल्ली और ढाका के बीच रणनीतिक व कूटनीतिक संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ऐसे समय में शीर्ष स्तर की यह प्रस्तावित बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। द्विपक्षीय कूटनीति के जानकारों का मानना है कि व्यापार, सुरक्षा और ऊर्जा संकट जैसे संवेदनशील विषयों पर दोनों देशों का मिलकर काम करना बेहद आवश्यक है।

    अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की इस हलचल का सीधा असर भारत के विभिन्न राज्यों और व्यापारिक साझेदारियों पर भी देखा जा सकता है। मध्य प्रदेश जैसे औद्योगिक और कृषि प्रधान राज्य, जो वस्त्र और हस्तशिल्प निर्यात से जुड़े हैं, वे भी पड़ोसी देशों के साथ व्यापारिक स्थिरता की उम्मीद रखते हैं। मध्य प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक घरानों और नीति निर्माताओं की नजरें भी इन अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर बनी रहती हैं।

    दक्षिण एशियाई कूटनीति में बिम्सटेक और ब्रिक्स जैसे मंचों की भूमिका आने वाले समय में और अधिक निर्णायक होने की संभावना है। यदि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री इस सम्मेलन में भाग लेते हैं, तो यह क्षेत्र में आर्थिक सहयोग और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम सिद्ध हो सकता है।

    हाल के समय में पैदा हुए गतिरोध को दूर करने के लिए दोनों देशों के राजनयिक लगातार संपर्क में हैं। अब सभी की नजरें ढाका के अंतिम आधिकारिक निर्णय पर टिकी हुई हैं कि क्या ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता संभव हो पाती है या नहीं।

  • सच्ची घटनाओं पर आधारित मलयालम क्राइम थ्रिलर फिल्म 'उइर' ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर दर्शकों को खूब भा रही है।

    सच्ची घटनाओं पर आधारित मलयालम क्राइम थ्रिलर फिल्म 'उइर' ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर दर्शकों को खूब भा रही है।

    नई दिल्ली ।डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर सस्पेंस और क्राइम थ्रिलर शैलियों की फिल्मों को दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। इसी क्रम में जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही मलयालम भाषा की क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘उइर’ दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा का विषय बनी हुई है। सच्ची घटनाओं पर आधारित यह फिल्म अपने अनूठे कथानक और अप्रत्याशित मोड़ों के चलते लगातार ट्रेंडिंग लिस्ट में बनी हुई है।

    यह फिल्म एक पुलिस अधिकारी अनशाद एस. के वास्तविक जीवन के अनुभवों और सच्ची घटनाओं पर आधारित है। फिल्म की पटकथा दर्शकों को शुरुआत से ही बांधे रखती है। कहानी की शुरुआत एक सामान्य ट्रेन यात्रा से होती है, जहां सफर के दौरान परिवार की एक छोटी बच्ची अचानक गायब हो जाती है। इस घटना के बाद दर्शकों को लगता है कि पूरी कहानी बच्ची की खोज के इर्द-गिर्द घूमेगी, लेकिन यहीं से फिल्म एक नया मोड़ लेती है।

    कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, जांच अधिकारियों को एक कुएं में महिला का संदिग्ध शव मिलने की सूचना प्राप्त होती है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की गहन जांच के बाद पुलिस को अहसास होता है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि बेहद सोच-समझकर अंजाम दिया गया हत्याकांड है।

    हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए जब पुलिस जांच का दायरा बढ़ाती है, तो हर चरण पर नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आते हैं। फिल्म में एक के बाद एक आने वाले मोड़ दर्शकों का सस्पेंस बढ़ाए रखते हैं। जब भी ऐसा प्रतीत होता है कि केस हल हो चुका है, तभी कहानी में आया एक नया मोड़ पूरी जांच प्रक्रिया को एक नई दिशा में मोड़ देता है।

    फिल्म का निर्देशन एम. पद्मकुमार ने किया है, जिन्होंने थ्रिलर जॉनर के तत्वों का बेहद कुशलता से संयोजन किया है। मुख्य भूमिकाओं में सैयामी खेर, रोशन मैथ्यू, दिव्या एम. नायर और विनीत थट्टिल डेविड जैसे कुशल कलाकारों ने अपने अभिनय की छाप छोड़ी है। फिल्म की संवाद अदायगी और बैकग्राउंड स्कोर सस्पेंस को और गहरा बनाता है।

    डिजिटल माध्यमों की बढ़ती पहुंच के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में क्षेत्रीय भाषाओं की उत्कृष्ट फिल्मों की लोकप्रियता बढ़ी है। मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल और ग्वालियर जैसे शहरों में भी ओटीटी के माध्यम से दक्षिण भारतीय सिनेमा की थ्रिलर फिल्मों को काफी पसंद किया जा रहा है। हिंदी भाषा में डब होकर उपलब्ध होने के कारण राज्य के दर्शक भी इस फिल्म का पूरा आनंद ले रहे हैं।

    फिल्म समीक्षकों और दर्शकों की ओर से इस फिल्म को मिली-जुली और विचारोत्तेजक प्रतिक्रियाएं मिली हैं। आईएमडीबी पर 6.5 की रेटिंग हासिल करने वाली यह फिल्म अपनी मनोरंजक और कसी हुई पटकथा के कारण इस वीकेंड के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है।

    वर्तमान में जियो हॉटस्टार की टॉप-10 लिस्ट में शामिल यह फिल्म साबित करती है कि वास्तविक घटनाओं पर आधारित यथार्थवादी सिनेमा दर्शकों को आकर्षित करने में पूरी तरह सफल रहता है। सस्पेंस और थ्रिलर कंटेंट के शौकीनों के लिए यह एक देखने योग्य फिल्म है।

  • संजय दत्त स्टारर पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्म 'आखिरी सवाल' सिनेमाघरों के बाद अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो गई है।

    संजय दत्त स्टारर पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्म 'आखिरी सवाल' सिनेमाघरों के बाद अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो गई है।

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त की हालिया रिलीज पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्म आखिरी सवाल अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्शकों के लिए उपलब्ध हो गई है। सिनेमाघरों में मई महीने के दौरान प्रदर्शित होने के बाद इस फिल्म ने आखिरकार ओटीटी का रुख किया है। जो दर्शक सिनेमाघरों में इस फिल्म को देखने से चूक गए थे, वे अब इसे घर बैठे डिजिटल माध्यम पर देख सकते हैं।

    यह बहुप्रतीक्षित फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म लायनगेट्स प्ले पर 13 अगस्त से स्ट्रीम की जा रही है। प्लेटफॉर्म ने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर फिल्म का आधिकारिक प्रोमो शेयर करते हुए इसकी डिजिटल स्ट्रीमिंग की घोषणा की है। फिल्म की विषय-वस्तु तीखे सामाजिक और राजनीतिक सवालों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसको लेकर दर्शकों में उत्सुकता देखी जा रही है।

    फिल्म की कहानी मुख्य रूप से एक प्रोफेसर और उनके एक बागी छात्र के बीच के वैचारिक मतभेदों और संवाद पर आधारित है। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास और प्रासंगिकता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर तार्किक चर्चा दिखाई गई है। कहानी में छात्र द्वारा उठाए गए पांच मुख्य सवालों और प्रोफेसर द्वारा दिए जाने वाले जवाबों को बेहद नाटकीय अंदाज में प्रस्तुत किया गया है।

    मुख्य स्टारकास्ट की बात करें तो संजय दत्त ने फिल्म में प्रोफेसर गोपाल नाडकर्णी की मुख्य भूमिका निभाई है, जबकि युवा अभिनेता नमाशी चक्रवर्ती ने छात्र की भूमिका में उनका सामना किया है। इनके अलावा नीतू चंद्रा, आयूषी चतुर्वेदी, त्रिधा चौधरी और अर्चना आर्या जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म का निर्देशन अभिजीत वारंग ने किया है।

    इस फिल्म का संगीत मॉन्टी शर्मा द्वारा तैयार किया गया है, जबकि इसके गीत प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास ने लिखे हैं। सिनेमाघरों में अपनी रिलीज के दौरान बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म व्यावसायिक रूप से खास कमाल नहीं दिखा सकी थी और इसका कुल घरेलू बॉक्स ऑफिस कलेक्शन लगभग तीन करोड़ रुपये के आसपास ही सीमित रहा था।

    व्यावसायिक असफलताओं के बावजूद, फिल्म को समीक्षकों और डिजिटल दर्शकों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। संजय दत्त के अभिनय और फिल्म के गंभीर विषय की सराहना की जा रही है। ऑनलाइन रेटिंग प्लेटफॉर्म्स पर भी दर्शकों ने इसे विचारोत्तेजक और संजय दत्त के दमदार अभिनय से सजी फिल्म करार दिया है।

    मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल जैसे प्रमुख शहरों में डिजिटल कंटेंट और ओटीटी फिल्मों को लेकर युवाओं के बीच खासा क्रेज देखा जाता है। राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्मों को राज्य के दर्शक हमेशा से गंभीरता से देखते आए हैं, ऐसे में मध्य प्रदेश के सिनेमा प्रेमियों के बीच भी इस फिल्म की ओटीटी रिलीज को लेकर चर्चा बनी हुई है।

    डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि फिल्म को बड़ा दर्शक वर्ग मिलेगा। संजय दत्त के फैंस के लिए यह फिल्म उनके अभिनय का एक अलग रूप देखने का शानदार मौका है, जहां वे एक गंभीर और बौद्धिक भूमिका में नजर आ रहे हैं।

  • अभिनेता यश ने फिल्म टॉक्सिक के दौरान कियारा आडवाणी के समर्पण और प्रेग्नेंसी में शूटिंग अनुभव की सराहना की।

    अभिनेता यश ने फिल्म टॉक्सिक के दौरान कियारा आडवाणी के समर्पण और प्रेग्नेंसी में शूटिंग अनुभव की सराहना की।

    नई दिल्ली ।भारतीय सिनेमा जगत की बहुप्रतीक्षित आगामी फिल्म टॉक्सिक के एल्बम लॉन्च कार्यक्रम के दौरान मंच पर फिल्म के प्रमुख कलाकारों ने अपने काम करने के अनुभवों को साझा किया है। इस विशेष अवसर पर अभिनेता यश ने अपनी सह-कलाकार कियारा आडवाणी के पेशे के प्रति समर्पण और कठिन परिस्थितियों में भी काम करने के उनके जज्बे की जमकर सराहना की।

    यश ने बताया कि जब कियारा आडवाणी इस फिल्म की शूटिंग कर रही थीं, तब वह गर्भवती थीं। इसके बावजूद उन्होंने अपने काम में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं आने दी और पूरे समर्पण के साथ 100 प्रतिशत योगदान दिया। फिल्म के सेट पर उनके किरदार की शारीरिक और भावनात्मक मांगें बेहद चुनौतीपूर्ण थीं, जिन्हें उन्होंने पूरी कुशलता के साथ पूरा किया।

    फिल्म के निर्माण के दौरान बारिश से जुड़े जटिल दृश्यों और कठिन शेड्यूल की शूटिंग की गई। यश ने स्वीकार किया कि वह और निर्देशक गीतू मोहनदास, कियारा की स्थिति को लेकर शुरुआत में काफी चिंतित थे। सेट पर मौजूद पूरी टीम सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अत्यंत सतर्क थी और एक सुरक्षा कवच या बॉडीगार्ड की तरह उनका ध्यान रखती थी।

    कियारा आडवाणी ने भी अपनी इस विशेष यात्रा के बारे में बात करते हुए पूर्व में बताया था कि उन्होंने गर्भावस्था के सातवें महीने तक फिल्म की शूटिंग जारी रखी थी। शूटिंग के कठिन पलों और भावनात्मक दृश्यों के दौरान वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए लगातार काम में जुटी रहीं। निर्माता और निर्देशक ने उनकी स्थिति को समझते हुए सेट पर हर संभव सुविधा सुनिश्चित की थी।

    मध्य प्रदेश सहित देश भर के सिनेमा प्रेमियों और प्रशंसकों के बीच इस फिल्म को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों के युवाओं में यश और कियारा की इस नई ऑन-स्क्रीन जोड़ी की केमिस्ट्री को बड़े पर्दे पर देखने के लिए काफी उत्सुकता है। खेल और मनोरंजन जगत से जुड़ी ऐसी खबरें प्रदेश के प्रशंसकों को लगातार आकर्षित करती हैं।

    फिल्म टॉक्सिक में यश और कियारा आडवाणी के अलावा तारा सुतारिया, हुमा कुरैशी, नयनतारा और रुकमणि वसंत जैसे कई प्रमुख कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। इस भव्य और बहुभाषी फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है, जो अपने अनूठे विषय और शानदार स्टार कास्ट के कारण लगातार चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

    फिल्म की रिलीज डेट को लेकर लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे। पूर्व में यह फिल्म मार्च के महीने में प्रदर्शित होने वाली थी, लेकिन मध्य पूर्व के वैश्विक हालातों और कुछ तकनीकी कारणों के चलते इसकी रिलीज को आगे बढ़ाना पड़ा था। अब तमाम तैयारियों के बाद यह एक्शन-ड्रामा फिल्म 26 अगस्त को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    कलाकारों के इस पेशेवर रवैये और परस्पर सहयोग की सराहना पूरे फिल्म उद्योग में हो रही है। प्रशंसकों को उम्मीद है कि यश का दमदार अभिनय और कियारा आडवाणी का समर्पित प्रदर्शन बड़े पर्दे पर एक बेहतरीन सिनेमाई अनुभव प्रदान करेगा।

  • हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी छोड़ने की मुख्य वजह बताई और पंजाब में ड्रग्स की समस्या पर सवाल उठाए।

    हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी छोड़ने की मुख्य वजह बताई और पंजाब में ड्रग्स की समस्या पर सवाल उठाए।


    नई दिल्ली । 
    पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने के फैसले को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरानी पार्टी में खेल और जनहित से जुड़े सुझावों की लगातार उपेक्षा की जा रही थी। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब में पैर पसार रहे नशीले पदार्थों के नेटवर्क और ड्रग्स की गंभीर होती समस्या पर राज्य की भगवंत मान सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं।

    हरभजन सिंह ने एक विशेष बातचीत के दौरान बताया कि जब उन्हें पंजाब के मुख्यमंत्री की ओर से पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव मिला था, तब उनका मुख्य उद्देश्य राज्यसभा में खेलों और खिलाड़ियों के मुद्दों को मजबूती से उठाना था। उन्होंने शुरुआत में ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वे सक्रिय राजनीति के बजाय केवल खेल विकास पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इस अवसर के जरिए वे पंजाब समेत पूरे देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना चाहते थे।

    हालांकि, समय बीतने के साथ पार्टी के भीतर उनके सुझावों को दरकिनार किया जाने लगा। भविष्य की योजनाओं और सुधारों को लेकर जब भी उन्होंने अपनी बात रखनी चाही, तो उनकी आवाज़ को अनसुना कर दिया गया। लगातार किनारे किए जाने से वे मानसिक रूप से काफी परेशान महसूस कर रहे थे। जिस सोच और विज़न के साथ वे पार्टी में शामिल हुए थे, वह कार्य पूरा नहीं हो पा रहा था, जिसके चलते उन्होंने अंततः पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया।

    पंजाब में गहराते नशीले पदार्थों के संकट पर चिंता जताते हुए राज्यसभा सांसद ने कहा कि इसके दुष्परिणाम बेहद भयावह रूप ले रहे हैं। यह समस्या केवल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के जिस भी हिस्से में ड्रग्स पहुंचती है, वहां युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब में स्थिति और भी अधिक संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

    उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बात की गहन जांच होनी चाहिए कि नशीले पदार्थों की आपूर्ति राज्य में किस रास्ते से हो रही है। इस समस्या पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए सख्त से सख्त कानून बनाए जाने और उन्हें कड़ाई से लागू करने की तत्काल आवश्यकता है। सरकार को इस दिशा में जवाबदेही तय करते हुए कड़े कदम उठाने होंगे ताकि युवा पीढ़ी को इस दलदल से बचाया जा सके।

    आप से अलग होने के बाद उनके आवास के बाहर हुए विरोध प्रदर्शनों और पुतला दहन की घटनाओं पर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वाले लोगों की पहचान किसी से छिपी नहीं है, इसलिए वे किसी का व्यक्तिगत नाम नहीं लेना चाहते। देश की जनता ने उन्हें एक क्रिकेटर के रूप में अपार प्रेम और सम्मान दिया है, जो उनके लिए सर्वोपरि है।

    देश के अन्य राज्यों की तरह मध्य प्रदेश में भी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और युवाओं को नशे के कुचक्र से दूर रखने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि हरभजन सिंह द्वारा उठाए गए मुद्दे केवल एक राज्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरे देश के खेल जगत और युवा नीति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है।

    हरभजन सिंह का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़कर वे खेलों के विकास और युवाओं के कल्याण के लिए अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेंगे। आने वाले समय में वे खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और नशा विरोधी अभियानों को राष्ट्रव्यापी स्तर पर गति देने के लिए प्रयासरत रहेंगे, ताकि देश का युवा सही दिशा में आगे बढ़ सके।

  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की सूची में स्टीव स्मिथ चौथे पायदान पर पहुंचे।

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की सूची में स्टीव स्मिथ चौथे पायदान पर पहुंचे।


    नई दिल्ली ।
    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मंच पर ऑस्ट्रेलियाई टीम के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने एक नया और महत्वपूर्ण कीर्तिमान अपने नाम दर्ज कर लिया है। बांग्लादेश के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मैच की पहली पारी में संकट के समय संयमित और उपयोगी अर्धशतकीय पारी खेलते हुए उन्होंने पूर्व महान कप्तान एलन बॉर्डर के रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं।

    इस मुकाबले में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम का ऊपरी क्रम लगातार ताश के पत्तों की तरह बिखर रहा था, तब स्टीव स्मिथ ने एक छोर संभालकर धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी का परिचय दिया। मुश्किल परिस्थितियों में खेलते हुए उन्होंने टीम के स्कोर को सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाने का हरसंभव प्रयास किया। अपनी इस जुझारू पारी के दौरान उन्होंने मैदान के चारों तरफ आकर्षक शॉट लगाए और टीम के अन्य बल्लेबाजों के विफल रहने के बावजूद अपनी उपयोगिता साबित की।

    स्टीव स्मिथ ने अब अपने करियर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 17 हजार सात सौ से अधिक रन बना लिए हैं। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने तीन सौ साठ मैचों की चार सौ तीस पारियों का सामना किया है। उनके खाते में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुल 49 शतक और 85 अर्धशतक दर्ज हो चुके हैं। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि वह आधुनिक युग के सबसे निरन्तर और विश्वसनीय खिलाड़ियों में से एक हैं।

    पूर्व कप्तान एलन बॉर्डर ने अपने करियर के दौरान चार सौ उनतीस अंतरराष्ट्रीय मैचों में कुल 17698 रन बनाए थे। बॉर्डर के इस ऐतिहासिक आंकड़े को पार करके स्टीव स्मिथ ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के स्वर्णिम इतिहास में अपना नाम और अधिक मजबूती से दर्ज करवा लिया है। क्रिकेट समीक्षकों का मानना है कि स्मिथ का यह मुकाम उनकी कड़ी मेहनत और तकनीकी श्रेष्ठता का ही प्रतिफल है।

    ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग शीर्ष स्थान पर काबिज हैं। पोंटिंग ने अपने करियर में 27 हजार तीन सौ चौंसठ रन बनाए हैं, जिनमें 70 शतक शामिल हैं। इस सूची में दूसरे स्थान पर पूर्व सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर हैं और तीसरे स्थान पर पूर्व दिग्गज कप्तान स्टीव वॉ मौजूद हैं।

    विश्व स्तर पर दर्ज हुई इस नई उपलब्धि का प्रभाव न केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में देखा जा रहा है, बल्कि भारत के खेल प्रेमियों में भी इसको लेकर गहरा उत्साह है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के युवा खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों के बीच स्टीव स्मिथ की इस तकनीकी पारी और रिकॉर्ड की व्यापक चर्चा हो रही है। मध्य प्रदेश के खेल अकादमियों में अभ्यास कर रहे नवोदित खिलाड़ी उनकी बल्लेबाजी शैली और मुश्किल समय में टिके रहने की क्षमता से प्रेरणा ले रहे हैं।

    बल्लेबाजी के क्षेत्र में लगातार नए रिकॉर्ड स्थापित करने वाले स्टीव स्मिथ का यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब उनकी टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार जिस तरह से स्मिथ कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहकर रन बनाते हैं, वह उनकी मानसिक मजबूती को दर्शाता है। खेल के सबसे लंबे प्रारूप में उनका यह अनुभव आने वाले मुकाबलों में भी टीम के लिए बेहद निर्णायक साबित होगा।

    स्टीव स्मिथ अब 50 अंतरराष्ट्रीय शतकों के बेहद करीब पहुंच चुके हैं और आगामी मैचों में उनकी नजरें इस खास आंकड़े को हासिल करने पर होंगी। हालांकि उनकी वर्तमान उम्र को देखते हुए रिकी पोंटिंग के कुल रनों के रिकॉर्ड तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन चौथे स्थान पर पहुंचना ही अपने आप में एक अभूतपूर्व उपलब्धि है जिसने उनके करियर में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

  • 7 दिन बाद भी इंदौर के अद्वैत का सुराग नहीं, 'स्पाइडर मैन' ने संभाला मोर्चा; ChatGPT सर्च से गहराया रहस्य

    7 दिन बाद भी इंदौर के अद्वैत का सुराग नहीं, 'स्पाइडर मैन' ने संभाला मोर्चा; ChatGPT सर्च से गहराया रहस्य


    नई दिल्ली। कर्नाटक के बेंगलुरु ग्रामीण इलाके की शिवगंगे पहाड़ियों से लापता हुए इंदौर के 31 वर्षीय अद्वैत उपाध्याय की तलाश सातवें दिन भी जारी रही। करीब 4500 फीट ऊंची इस पहाड़ी का दुर्गम इलाका लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। खड़ी चट्टानों के साथ गहरी ढलान घना इलाका और बारिश के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अद्वैत की तलाश में अब कर्नाटक के चर्चित पर्वतारोही ज्योति राज को भी शामिल किया गया है।

    ज्योति राज को कर्नाटक में ‘स्पाइडर मैन’ और ‘मंकी मैन’ के नाम से भी जाना जाता है। बेहद खड़ी चट्टानों पर चढ़ने की अपनी क्षमता के कारण वह पहले भी कई मुश्किल रेस्क्यू अभियानों में मदद कर चुके हैं। अद्वैत की तलाश के दौरान उन्होंने शांताला ड्रॉप और आसपास की खतरनाक ढलानों पर रस्सियों की मदद से सर्च किया। इन इलाकों में सामान्य टीमों के लिए पहुंचना मुश्किल है। इसलिए ज्योति राज की मदद को सर्च ऑपरेशन में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    अद्वैत 7 अगस्त की सुबह मोटरसाइकिल से शिवगंगे पहुंचा था। पुलिस को मिले CCTV फुटेज में उसके पहाड़ी की तरफ जाते और चढ़ाई शुरू करने के संकेत मिले हैं। उसकी किराए की बाइक पहाड़ी की तलहटी में मिली थी। इसके बाद जब वह तय समय तक वापस नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू की गई। ऑपरेशन में NDRF और SDRF के साथ पुलिस तथा वन विभाग के जवान भी जुटे हैं। करीब 100 कर्मियों की टीमें अलग-अलग हिस्सों में तलाश कर रही हैं और कठिन इलाकों की निगरानी के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

    जांच में उस समय नया मोड़ आया जब अद्वैत का मोबाइल और ड्रोन शांताला ड्रॉप के पास मिले। इससे पहले आसपास उसका बैग और स्वेटर भी मिलने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस अब इन सभी सामानों के मिलने की जगह को जोड़कर अद्वैत की आखिरी गतिविधियों की टाइमलाइन तैयार कर रही है। मोबाइल की लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड समेत डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

    पुलिस ने अद्वैत के अन्य संभावित मोबाइल नंबर और SIM कार्ड की जानकारी भी जुटानी शुरू की है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसके नाम पर कोई दूसरा SIM तो जारी नहीं हुआ था। इसके साथ ही 6 और 7 अगस्त को उसने किन लोगों से बात की और उसके लापता होने के बाद किन लोगों ने उससे संपर्क करने की कोशिश की थी इसकी भी पड़ताल की जा रही है। उसकी मंगेतर और अन्य परिचितों से जुड़े संपर्कों को भी जांच के तकनीकी पहलू के तौर पर देखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने किसी व्यक्ति को आरोपी या संदिग्ध नहीं बताया है।

    इस मामले में अद्वैत की ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री भी जांच का अहम हिस्सा बन गई है। पुलिस के अनुसार उसके लैपटॉप में शिवगंगे की ऊंचाई और ट्रैकिंग रूट से जुड़ी जानकारी खोजे जाने के संकेत मिले हैं। इसके अलावा आत्महत्या से जुड़े स्थानों और पहाड़ी से गिरने के संभावित परिणामों को लेकर ऑनलाइन जानकारी खोजे जाने की बात भी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस इसी आधार पर आत्महत्या के एंगल की भी जांच कर रही है। हालांकि केवल इंटरनेट या ChatGPT पर की गई सर्च के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस इसे अन्य डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ जोड़कर देख रही है।

    जांच में 4 अगस्त को भी अद्वैत की शिवगंगे से जुड़ी गतिविधियों के संकेत मिलने की बात सामने आई है। ऐसे में पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि अगर वह 4 अगस्त को भी इस इलाके में गया था तो 7 अगस्त को दोबारा वहां जाने की वजह क्या थी। इसी के साथ उसके ड्रोन की खरीद और आखिरी उड़ान की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि ड्रोन में कोई फोटो वीडियो या अन्य डिजिटल डेटा मौजूद है या नहीं।

    फिलहाल सात दिन बीतने के बाद भी अद्वैत का कोई पुख्ता सुराग नहीं मिला है। सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है और दुर्गम चट्टानों वाले इलाकों में विशेषज्ञों की मदद से तलाश को और व्यापक बनाया जा रहा है। अद्वैत के परिवार और करीबी लोगों की उम्मीदें अब भी रेस्क्यू टीमों से जुड़ी हुई हैं।

  • यश की 'टॉक्सिक' को सेंसर बोर्ड की हरी झंडी, 194 मिनट का रनटाइम और A सर्टिफिकेट

    यश की 'टॉक्सिक' को सेंसर बोर्ड की हरी झंडी, 194 मिनट का रनटाइम और A सर्टिफिकेट


    नई दिल्ली। कन्नड़ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को लेकर दर्शकों का इंतजार अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी इस एक्शन थ्रिलर फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC से A सर्टिफिकेट मिल गया है। इसके साथ ही फिल्म के रनटाइम की आधिकारिक जानकारी भी सामने आ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म करीब 194 मिनट यानी 3 घंटे 14 मिनट लंबी है। फिल्म को 13 अगस्त को CBFC के बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय से प्रमाणित किया गया है।

    ‘A’ सर्टिफिकेट का मतलब है कि फिल्म को केवल वयस्क दर्शक ही सिनेमाघरों में देख सकेंगे। वहीं तीन घंटे से ज्यादा की अवधि ने भी फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि केवल लंबे रनटाइम या A सर्टिफिकेट के आधार पर फिल्म की सामग्री के बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। इतना जरूर है कि फिल्म को लेकर मेकर्स ने शुरुआत से ही इसे आम मसाला फिल्म से अलग और वयस्क दर्शकों के लिए तैयार किए गए डार्क एक्शन ड्रामा के रूप में पेश किया है।

    फिल्म की कहानी आजादी के बाद के गोवा की पृष्ठभूमि में रखी गई है। कहानी ऐसे दौर को दिखाती है जहां हिंसा सत्ता लालच नफरत और अपराध का गहरा असर दिखाई देता है। इसी माहौल में एक गैंगस्टर अपने जीवन के फैसलों और उनके परिणामों से जूझता नजर आता है। कहानी में वफादारी सही और गलत के बीच संघर्ष तथा खुद को बदलने की कोशिश जैसे पहलू अहम बताए गए हैं। यानी ‘टॉक्सिक’ में सिर्फ एक्शन ही नहीं बल्कि किरदारों के भीतर चलने वाली जंग को भी प्रमुखता दी गई है।

    फिल्म के ट्रेलर ने यश के किरदार को लेकर पहले ही जबरदस्त चर्चा पैदा कर दी है। यश फिल्म में राया नाम के किरदार में नजर आ रहे हैं। ट्रेलर में उनका अंदाज बेहद आक्रामक और खतरनाक दिखाई देता है। सत्ता और अपनी ताकत के नशे में डूबा यह किरदार अपने आसपास के लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी करता है। कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है वैसे-वैसे उसके रिश्तों और फैसलों का असर भी सामने आता है।

    ‘टॉक्सिक’ की एक और बड़ी खासियत इसकी स्टारकास्ट है। फिल्म में यश के साथ कियारा आडवाणी नयनतारा तारा सुतारिया हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत जैसे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म को कन्नड़ और अंग्रेजी में तैयार किया गया है और इसे हिंदी तमिल तेलुगु तथा मलयालम समेत कई भाषाओं में दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी है। फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर रवि बसरूर से जुड़ा है जबकि इसके बड़े एक्शन सीक्वेंस पर भी खास काम किया गया है।

    फिल्म की रिलीज डेट भी कई बार बदली जा चुकी है। अलग-अलग कारणों से इसकी रिलीज आगे खिसकती रही और अब मेकर्स ने 26 अगस्त 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज की तारीख तय की है। ऐसे में CBFC से सर्टिफिकेट मिलने के बाद फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ हो गया है। अब नजर इस बात पर है कि यश का यह डार्क और बड़े पैमाने वाला अवतार बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को कितना प्रभावित करता है।