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  • लापरवाही पड़ी भारी: रतलाम में बिना सूचना गैरहाजिर 11 कर्मचारियों को नोटिस, कार्रवाई तय

    लापरवाही पड़ी भारी: रतलाम में बिना सूचना गैरहाजिर 11 कर्मचारियों को नोटिस, कार्रवाई तय


    रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम में जनगणना प्रशिक्षण के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई है। भारत की प्रस्तावित जनगणना 2027 के पहले चरण (मकान सूचीकरण और गणना) की तैयारी के तहत चल रहे प्रशिक्षण सत्र में 11 कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इस पर नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।

    1 मई से शुरू होगा पहला चरण, ट्रेनिंग में ही लापरवाही

    जानकारी के मुताबिक, जनगणना का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इसके लिए नगर निगम क्षेत्र में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। 11 से 13 अप्रैल तक आयोजित इस प्रशिक्षण के पहले ही सत्र में 11 कर्मचारी बिना सूचना गायब रहे, जिससे प्रशासन नाराज हो गया।

    अधिकारियों का सख्त रुख, निलंबन की चेतावनी

    नोटिस अनिल भाना (नगर निगम आयुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी) की ओर से जारी किया गया है। स्पष्ट कहा गया है कि यदि संबंधित कर्मचारी 24 घंटे में संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

    जनगणना अधिनियम के तहत सजा का प्रावधान

    प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत जनगणना कार्य में लापरवाही गंभीर अपराध है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर 1000 रुपए तक का जुर्माना और 3 साल तक की सजा का प्रावधान है।

    कई विभागों के कर्मचारी शामिल

    अनुपस्थित कर्मचारियों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, मलेरिया विभाग और जिला अस्पताल सहित कई विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा नगर निगम के कुछ कंप्यूटर ऑपरेटर और भृत्य वर्ग के कर्मचारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

    प्रशासन का संदेश जनगणना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    प्रशासन ने साफ किया है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर जवाब नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई तय है।

  • वारदात से पहले गिरफ्तारी: ग्वालियर में कैंसर हिल्स से भिंड का आरोपी पकड़ा, हथियार भी मिले

    वारदात से पहले गिरफ्तारी: ग्वालियर में कैंसर हिल्स से भिंड का आरोपी पकड़ा, हथियार भी मिले


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए एक संभावित बड़ी वारदात को टाल दिया। कैंसर हिल्स क्षेत्र में संदिग्ध हालात में खड़े एक बदमाश को क्राइम ब्रांच और कंपू थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक पिस्टल और कारतूस बरामद हुए हैं।

    पुलिस को देखते ही जंगल की ओर भागा, पीछा कर दबोचा

    डीएसपी क्राइम ब्रांच नागेन्द्र सिंह सिकरवार के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक शातिर बदमाश किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में कैंसर हिल्स इलाके में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सर्चिंग शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक सुनसान रास्ते पर खड़ा मिला। पुलिस को देखते ही वह जंगल की ओर भागने लगा, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।

    पिस्टल और कारतूस बरामद, पूछताछ जारी

    तलाशी लेने पर आरोपी के पास से एक देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि वह किस मंशा से हथियार लेकर वहां मौजूद था और किस वारदात की योजना बना रहा था।

    भिंड का निगरानीशुदा बदमाश, रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अंकुश भिंड जिले के लहार क्षेत्र का रहने वाला है और पुलिस का निगरानीशुदा बदमाश बताया जा रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि के लिए ग्वालियर पुलिस ने भिंड पुलिस से उसका आपराधिक रिकॉर्ड मंगाया है।

    अधिकारियों के निर्देश पर संयुक्त कार्रवाई

    इस ऑपरेशन में क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी अमित शर्मा और कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क और संभावित साथियों की भी तलाश कर रही है।

  • हंगरी चुनाव में टिस्जा पार्टी की निर्णायक जीत पर पीएम मोदी ने दी बधाई..

    हंगरी चुनाव में टिस्जा पार्टी की निर्णायक जीत पर पीएम मोदी ने दी बधाई..


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हंगरी के संसदीय चुनावों में पीटर मग्यार और उनकी टिस्जा पार्टी की निर्णायक जीत पर उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए भारत और हंगरी के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। यह चुनाव परिणाम हंगरी की राजनीति में एक बड़े परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है, जहां लंबे समय से सत्ता में रही सरकार को हार का सामना करना पड़ा और देश में नई राजनीतिक दिशा का मार्ग प्रशस्त हुआ।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारत और हंगरी के बीच संबंध सदैव गहरी मित्रता, साझा मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित रहे हैं। उन्होंने नई सरकार के साथ मिलकर कार्य करने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि भारत यूरोपीय संघ के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसरों को और अधिक गति मिलेगी।

    हंगरी के हालिया चुनावों में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया, जो वहां की जनता की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। परिणाम आने के बाद देश की राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है और सत्ता परिवर्तन को विशेषज्ञ यूरोपीय राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देख रहे हैं।

    विश्लेषकों के अनुसार इस चुनाव परिणाम का प्रभाव केवल हंगरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर यूरोपीय संघ की नीतियों और वैश्विक राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है। नए नेतृत्व से यह उम्मीद की जा रही है कि वह अंतरराष्ट्रीय संबंधों में संतुलन और सहयोग को प्राथमिकता देगा।

    भारत और हंगरी के संबंध लंबे समय से स्थिर और सौहार्दपूर्ण रहे हैं। राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के बावजूद दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग की निरंतरता बनी रही है। अब नई सरकार के गठन के साथ यह अपेक्षा की जा रही है कि व्यापार, तकनीक, शिक्षा और वैश्विक साझेदारी जैसे क्षेत्रों में संबंध और अधिक सुदृढ़ होंगे।

    प्रधानमंत्री मोदी के इस संदेश को दोनों देशों के बीच भविष्य में मजबूत कूटनीतिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

  • मधुमक्खियों का हमला पड़ा भारी: जान बचाने मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, घंटों बाद सुरक्षित उतारा गया

    मधुमक्खियों का हमला पड़ा भारी: जान बचाने मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, घंटों बाद सुरक्षित उतारा गया


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक अनोखा लेकिन खतरनाक मामला सामने आया, जहां एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ने के बाद नीचे नहीं उतर सका। घटना पुरानी छावनी थाना क्षेत्र स्थित सम्राट मैरिज गार्डन के पास की है, जहां करीब 60 मीटर ऊंचे टावर पर युवक फंस गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया।

    मेंटेनेंस के दौरान हुआ हादसा

    युवक की पहचान बंटी रावत के रूप में हुई है, जो एक टेलीकॉम कंपनी में टावर मेंटेनेंस का काम करता है। वह नियमित जांच के लिए टावर पर चढ़ा था, लेकिन इसी दौरान एक अप्रत्याशित घटना ने उसे मुश्किल में डाल दिया।

    मधुमक्खियों के हमले से बढ़ी मुश्किल

    टावर पर काम करते समय अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। खुद को बचाने के प्रयास में वह और ऊपर चढ़ गया, लेकिन बाद में नीचे उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पाया और वहीं फंस गया। स्थिति को देखकर आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।

    एक घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने पहले स्थिति का जायजा लिया और फिर सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया।

    प्राथमिक उपचार के बाद हालत सामान्य

    नीचे उतारने के बाद युवक को प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस के अनुसार उसकी हालत अब सामान्य है और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई है।

  • ग्वालियर में इंस्पेक्टर पर रेप का आरोप: फेसबुक दोस्ती के बाद शादी का झांसा, केस दर्ज

    ग्वालियर में इंस्पेक्टर पर रेप का आरोप: फेसबुक दोस्ती के बाद शादी का झांसा, केस दर्ज


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक पुलिस इंस्पेक्टर पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगा है। झांसी रोड थाना में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा ने फेसबुक के जरिए महिला से दोस्ती कर उसे शादी का झांसा दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत करने वाली 38 वर्षीय महिला शहर में बुटीक चलाती है और वर्तमान में 9 महीने की गर्भवती बताई जा रही है।

    फेसबुक से शुरू हुई दोस्ती, खुद को बताया अविवाहित

    पीड़िता के अनुसार, जनवरी 2024 में सोशल मीडिया के जरिए उसकी पहचान रूपेश शर्मा से हुई। बातचीत बढ़ने के साथ दोनों के बीच नजदीकियां भी बढ़ीं। इस दौरान आरोपी ने खुद को अविवाहित बताया और महिला को भरोसे में लिया, जबकि हकीकत में वह पहले से शादीशुदा और दो बच्चों का पिता है।

    शादी का झांसा देकर बनाए संबंध

    महिला का आरोप है कि 2024 में ही आरोपी पहली बार उसके बुटीक पर आया, जहां उसने जबरन संबंध बनाए। विरोध करने पर उसने शादी का वादा कर मामला शांत कराया। इसके बाद भी वह लगातार शादी का आश्वासन देकर महिला के साथ संबंध बनाता रहा। जब महिला ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी टालमटोल करने लगा।

    सच्चाई सामने आई तो दी धमकी

    शक होने पर महिला ने आरोपी के बारे में जानकारी जुटाई, जिसमें उसकी शादी और बच्चों की सच्चाई सामने आई। विरोध करने पर इंस्पेक्टर ने उसे धमकाया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद देर रात आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया।

    ड्यूटी से गायब आरोपी, विभागीय कार्रवाई की तैयारी

    मामले के सामने आने के बाद आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा का मोबाइल बंद है और वह बिना सूचना ड्यूटी से भी गायब बताया जा रहा है। अखिलेश रैनवाल (एसपी, पीटीएस तिघरा) ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।

    पुलिस जांच जारी, गिरफ्तारी की तैयारी

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए बढ़ते अपराधों और भरोसे के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पीएम मोदी ने महिला नेतृत्व को बताया देश की प्रगति का आधार

    विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पीएम मोदी ने महिला नेतृत्व को बताया देश की प्रगति का आधार


    नई दिल्ली। राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला सशक्तिकरण और नेतृत्व की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि जब निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है तो पूरा शासन तंत्र अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और जनहितकारी बनता है। उन्होंने कहा कि महिला नेतृत्व केवल सामाजिक बदलाव का प्रतीक नहीं है बल्कि यह एक मजबूत और प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था की नींव भी है, जिससे देश के विकास को नई दिशा मिलती है।

    प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2023 में इसे सभी राजनीतिक दलों की सहमति से पारित किया गया था, जो भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता और एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी और अधिक प्रभावी और निर्णायक बने, ताकि नीति निर्माण में उनका योगदान और मजबूत हो सके।

    अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भारत की प्रगति का सबसे बड़ा आधार बताया। उन्होंने कहा कि आज देश के सर्वोच्च पदों से लेकर पंचायत स्तर तक महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और अपने दायित्वों को अत्यंत कुशलता और समर्पण के साथ निभा रही हैं। यह बदलाव न केवल शासन व्यवस्था को मजबूत कर रहा है बल्कि समाज की सोच में भी सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है।

    प्रधानमंत्री ने पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि लाखों महिलाएं स्थानीय निकायों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। कई राज्यों में पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी लगभग आधी तक पहुंच चुकी है, जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक सशक्त बना रही है।

    उन्होंने कहा कि विभिन्न अध्ययनों में यह स्पष्ट हुआ है कि जहां निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है वहां व्यवस्था अधिक पारदर्शी और संवेदनशील बनती है। जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं इसका सशक्त उदाहरण हैं, जहां महिलाओं की सक्रिय भूमिका ने ग्रामीण जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया है।

    प्रधानमंत्री ने जनधन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले करोड़ों महिलाएं बैंकिंग व्यवस्था से दूर थीं, लेकिन अब करोड़ों बैंक खाते खुलने से उनकी आर्थिक भागीदारी में बड़ा बदलाव आया है। इससे महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिली है और वे देश की विकास यात्रा का मजबूत हिस्सा बनी हैं।

    उन्होंने मुद्रा योजना और स्टार्टअप क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं उद्यमिता और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिल रही है।

    प्रधानमंत्री ने मातृत्व अवकाश को बढ़ाकर 26 सप्ताह किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह निर्णय महिलाओं के कार्यस्थल पर सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    उन्होंने स्किल इंडिया मिशन और ड्रोन दीदी जैसी पहलों को महिला सशक्तिकरण की नई पहचान बताते हुए कहा कि महिलाएं अब कृषि, तकनीक और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला नेतृत्व वाला विकास भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण आधार बन चुका है, जिससे न केवल महिलाओं का जीवन बदल रहा है बल्कि पूरे समाज की दिशा और सोच भी बदल रही है।

  • अप्रैल में बढ़ी गर्मी: ग्वालियर में 36 डिग्री के पार तापमान, आगे और चढ़ेगा पारा

    अप्रैल में बढ़ी गर्मी: ग्वालियर में 36 डिग्री के पार तापमान, आगे और चढ़ेगा पारा


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मौसम ने करवट ले ली है। अप्रैल की शुरुआत में हुई बारिश और ओलावृष्टि से मिली राहत अब खत्म हो चुकी है और गर्मी ने दोबारा जोर पकड़ लिया है। रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो करीब आठ दिन बाद 36 डिग्री के पार पहुंचा। वहीं सोमवार को न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    पश्चिमी हवाओं का असर, तेजी से बढ़ेगा तापमान

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले दिनों सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और नमी के कारण तापमान में गिरावट आई थी, लेकिन अब इसका असर खत्म हो गया है। वर्तमान में पश्चिमी हवाएं सक्रिय हैं, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में गर्मी और ज्यादा तीखी हो सकती है।

    अगले 24 घंटे में 2-3 डिग्री तक उछाल

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। दिन के समय गर्म हवाएं चलने का अनुमान है, जबकि रात का तापमान भी धीरे-धीरे 20 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। इससे लोगों को दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी का अहसास होने लगेगा।

    अप्रैल में ग्वालियर का गर्मी ट्रेंड सबसे अलग

    ग्वालियर में अप्रैल महीने की गर्मी का ट्रेंड अन्य शहरों की तुलना में ज्यादा तीव्र रहता है। पिछले 10 वर्षों में यहां तापमान कई बार 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। ऐतिहासिक रूप से 28 अप्रैल 1958 को यहां 46.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था, जो अब तक का रिकॉर्ड है। हालांकि इस महीने में कभी-कभी बारिश भी होती है, जिससे अस्थायी राहत मिलती है।

    गर्मी से बचाव के लिए सावधानी जरूरी

    बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने और शरीर को हाइड्रेट रखने की जरूरत बताई गई है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

  • ग्वालियर हादसा: घर में आग से ट्रैक्टर, स्कॉर्पियो, बाइक-स्कूटी जलीं; बोरिंग पंप से बुझाई गई आग

    ग्वालियर हादसा: घर में आग से ट्रैक्टर, स्कॉर्पियो, बाइक-स्कूटी जलीं; बोरिंग पंप से बुझाई गई आग


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर के मुरार इलाके में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात एक मकान में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना मुरार उपनगर में संकल्प हॉस्पिटल के पास प्रेमशंकर नारायण के बाड़े की है, जहां रात करीब 2:30 बजे अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के मकानों तक लपटें पहुंच गईं और लोग दहशत में घर छोड़कर बाहर निकल आए।

    एक घंटे की मशक्कत के बाद काबू, रहवासियों ने खुद संभाली स्थिति

    मकान मालिक बल्ली कांदिल के अनुसार, घर के सामने निर्माण कार्य चल रहा था, जबकि पीछे परिवार रह रहा था। देर रात पड़ोसियों ने आग लगने की सूचना दी, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। फायर ब्रिगेड के समय पर न पहुंचने के कारण स्थानीय लोगों ने खुद मोर्चा संभाला। बोरिंग पंप चालू कर पाइप से पानी डाला गया और आसपास के घरों से भी पानी लाकर आग बुझाने की कोशिश की गई। करीब एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

    ट्रैक्टर-स्कॉर्पियो समेत कई वाहन जलकर खाक

    इस भीषण आग में एक ट्रैक्टर, एक स्कॉर्पियो कार, तीन बाइक और एक स्कूटी पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग से लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। आसपास के घरों की दीवारें भी आग की चपेट में आकर झुलस गईं।

    दमकल पर लापरवाही के आरोप

    मकान मालिक ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड समय पर मौके पर नहीं पहुंची। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दमकल समय पर पहुंच जाती तो नुकसान कम हो सकता था।

    स्पार्किंग से लगी आग की आशंका

    घटना स्थल पर बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण शॉर्ट सर्किट की संभावना से इनकार किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में वाहनों में स्पार्किंग या पेट्रोल-डीजल के कारण आग लगने की आशंका जताई गई है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।

    सिथौली फैक्ट्री में भी लगी आग, समय रहते पाया काबू

    इसी बीच सिथौली औद्योगिक क्षेत्र स्थित रेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में भी रविवार रात कोयले के ढेर में आग लग गई। हालांकि कर्मचारियों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए 10-15 मिनट में आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बाद में दमकल टीम ने पहुंचकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित किया।

  • पुलिस विभाग में हड़कंप मचाने वाला टीआई पर दुष्कर्म का सनसनीखेज आरोप…

    पुलिस विभाग में हड़कंप मचाने वाला टीआई पर दुष्कर्म का सनसनीखेज आरोप…

    ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में पुलिस महकमे को झकझोर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक पुलिस प्रशिक्षण संस्थान से जुड़े टीआई पर विधवा महिला के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाले विभाग पर भी सवाल उठने लगे हैं। पीड़िता की शिकायत के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    जानकारी के अनुसार 38 वर्षीय विधवा महिला, जो बुटीक संचालन का कार्य करती है, की पहचान लगभग दो वर्ष पहले सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपी से हुई थी। बातचीत की शुरुआत सामान्य परिचय के रूप में हुई थी, लेकिन धीरे धीरे आरोपी ने खुद को अविवाहित और कुंवारा बताकर महिला का विश्वास जीत लिया। इसी विश्वास का लाभ उठाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया गया है।

    पीड़िता का कहना है कि जब बाद में उसे यह जानकारी मिली कि आरोपी पहले से शादीशुदा है, तो उसके साथ धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इस सच्चाई के सामने आने के बाद महिला ने साहस दिखाते हुए पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर संबंधित टीआई के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

    यह घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र के हरिशंकर पुरम इलाके की बताई जा रही है। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है और लोग पुलिस विभाग से निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। घटना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आरोपी अधिकारी की भूमिका की भी विस्तृत जांच की जा रही है।

  • MP में नया कानून: अब गांवों में भी बनेंगी कॉलोनियां, 15% मकान गरीबों के लिए रिजर्व

    MP में नया कानून: अब गांवों में भी बनेंगी कॉलोनियां, 15% मकान गरीबों के लिए रिजर्व


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही मप्र कॉलोनी एक्ट 2026 लागू करने जा रही है, जिसका मकसद शहरों के बढ़ते दबाव को कम करते हुए गांवों में भी व्यवस्थित कॉलोनियों का विकास करना है। इस प्रस्तावित कानून के तहत अब शहरों से सटे ग्रामीण इलाकों में भी कॉलोनी बनाने के लिए सख्त नियम लागू होंगे। सरकार का दावा है कि इससे अवैध कॉलोनियों पर रोक लगेगी और लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी।

    अवैध कॉलोनी पर कड़ा प्रहार, अफसर भी नहीं बचेंगे

    नए कानून में अवैध कॉलोनी बनाने वालों के खिलाफ सख्त प्रावधान किए गए हैं। बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करने पर 7 से 10 साल तक की जेल और 50 लाख से 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, लापरवाही बरतने वाले सरकारी अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी और उन्हें 3 महीने तक की सजा हो सकती है। यह प्रावधान प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

    गरीबों के लिए 15% मकान आरक्षित, सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे घर

    इस एक्ट का सबसे अहम प्रावधान आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए है। हर कॉलोनी में 15% क्षेत्र इन वर्गों के लिए आरक्षित रहेगा। इन मकानों या प्लॉट्स को कलेक्टर द्वारा तय बाजार मूल्य के 90% से अधिक कीमत पर नहीं बेचा जा सकेगा। साथ ही, खरीदार 15 साल तक इन संपत्तियों को बेच या ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे।

    कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रेशन और अनुमति अनिवार्य

    अब कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना रजिस्ट्रेशन कॉलोनी विकसित नहीं कर सकेगी। कॉलोनाइजर को जिला या राज्य स्तर पर पंजीयन कराना होगा, जिसकी वैधता 5 साल होगी। इसके अलावा कॉलोनी डेवलप करने से पहले संबंधित प्राधिकरण से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आवेदन के 60 दिन के भीतर फैसला नहीं होने पर 15 दिन बाद अनुमति स्वतः मान्य मानी जाएगी।

    बुनियादी सुविधाएं देना होगी अनिवार्य

    नई कॉलोनियों में सड़क, पानी, बिजली, सीवरेज, ड्रेनेज, पार्क और खेल मैदान जैसी सुविधाएं देना अनिवार्य होगा। साथ ही पाथ-वे (पैदल मार्ग) बनाना भी जरूरी होगा। कॉलोनाइजर को इन सुविधाओं की गारंटी के लिए बैंक गारंटी या संपत्ति गिरवी रखनी होगी, ताकि अधूरे प्रोजेक्ट्स पर रोक लग सके।

    पुरानी अवैध कॉलोनियों को मिलेगी राहत

    सरकार 2021 से पहले बनी करीब 7 हजार अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की तैयारी में है। इन कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रबंधन अपने हाथ में ले सकती है। इसके लिए निवासियों से विकास शुल्क भी लिया जा सकता है, हालांकि गरीब वर्ग को इसमें छूट दी जाएगी।

    क्यों जरूरी था नया कानून?

    शहरों में जहां कॉलोनी डेवलपमेंट के लिए सख्त नियम लागू हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में सिर्फ जमीन के बंटवारे के आधार पर कॉलोनियां बस रही थीं। इससे अव्यवस्थित विकास, संकरी सड़कें और सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएं बढ़ रही थीं। नए कानून से इस असंतुलन को दूर करने की कोशिश की जा रही है।

    मेट्रोपॉलिटन रीजन को मिलेगा बढ़ावा

    सरकार ने मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 2025 को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत भोपाल और इंदौर सहित 5 बड़े शहरों में मेट्रोपॉलिटन रीजन विकसित किए जाएंगे। इससे शहरी विस्तार को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।