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  • टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 29 साल से कायम है श्रीलंका का 952 रनों का ऐतिहासिक और अटूट ऑल-टाइम रिकॉर्ड।

    टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 29 साल से कायम है श्रीलंका का 952 रनों का ऐतिहासिक और अटूट ऑल-टाइम रिकॉर्ड।

    नई दिल्ली ।टी20 क्रिकेट के आधुनिक दौर में बल्लेबाजी के तौर-तरीकों और रन बनाने की गति में व्यापक परिवर्तन आया है। पावर हिटिंग, उन्नत फिटनेस और नई रणनीतियों के कारण खेल का स्वरूप काफी आक्रामक हो चुका है। इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट के लंबे इतिहास में एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है, जिसे लगभग तीन दशकों के बीत जाने के बाद भी कोई देश पार नहीं कर सका है। वर्ष 1997 में श्रीलंका की राष्ट्रीय टीम द्वारा भारत के विरुद्ध कोलंबो में बनाया गया 952 रनों का ऐतिहासिक स्कोर आज भी सर्वोच्च बना हुआ है।

    कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में आयोजित उस ऐतिहासिक टेस्ट मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 537 रनों का विशाल स्कोर बनाकर पारी घोषित की थी। भारत की ओर से कप्तान सचिन तेंदुलकर, मोहम्मद अजहरुद्दीन और नवजोत सिंह सिद्धू ने शानदार शतकीय पारियां खेली थीं। उस दौर में 500 से अधिक रनों का स्कोर मैच में बेहद मजबूत स्थिति माना जाता था, किंतु इसके जवाब में उतरी श्रीलंकाई टीम ने ऐसी बल्लेबाजी की जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास के पन्नों को पूरी तरह से बदलकर रख दिया।

    श्रीलंका की पहली पारी में सलामी बल्लेबाज सनत जयसूर्या ने 340 रनों की मैराथन पारी खेली, जबकि रोशन महानामा ने 225 रनों का योगदान दिया। इन दोनों दिग्गजों ने दूसरे विकेट के लिए 576 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी निभाई, जो आज भी टेस्ट इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी मानी जाती है। इसके अतिरिक्त मध्यक्रम के प्रमुख बल्लेबाज अरविंद डी सिल्वा ने भी 126 रन बनाए। श्रीलंकाई टीम ने 271 ओवरों की लंबी बल्लेबाजी के बाद 6 विकेट पर 952 रन बनाकर अपनी पारी घोषित की थी।

    क्रिकेट आंकड़ों के दृष्टिकोण से श्रीलंका का यह स्कोर टेस्ट इतिहास का सबसे बड़ा टीम स्कोर है। इस सूची में इंग्लैंड द्वारा बनाया गया 903/7 का स्कोर दूसरे स्थान पर आता है, जबकि हाल के वर्षों में इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ 823/7 का स्कोर बनाकर इस आंकड़े के समीप पहुंचने का प्रयास अवश्य किया था। हालांकि 952 रनों की यह ऐतिहासिक उपलब्धि पिछले 29 वर्षों से एवरेस्ट की भांति अडिग खड़ी है।

    वर्तमान टी20 युग में यह प्रश्न बार-बार उठता है कि क्या आधुनिक टेस्ट क्रिकेट में कोई टीम 1000 रनों के तिलिस्म को तोड़ सकती है। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, 1000 रन के आंकड़े को छूने के लिए केवल तेज गति से रन बनाना ही पर्याप्त नहीं है। इसके लिए अत्यंत सपाट पिच, दो से तीन बड़ी और लंबी साझेदारियों तथा विपक्षी गेंदबाजों के पूरी तरह प्रभावहीन रहने की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही टीम के कप्तान को व्यक्तिगत या टीम रिकॉर्ड तथा मैच के परिणाम के बीच संतुलन बनाना होगा। मध्य प्रदेश सहित देश भर के खेल प्रेमी इस रिकॉर्ड के महत्व को भली-भांति समझते हैं।

    अधिकांश अवसरों पर टेस्ट मैच जीतने के लिए कप्तानों को समय रहते पारी घोषित करनी पड़ती है, ताकि विपक्षी टीम के 20 विकेट निकाले जा सकें। ऐसे में केवल रिकॉर्ड बनाने के उद्देश्य से बल्लेबाजी जारी रखना मैच के नतीजे को जोखिम में डाल सकता है। श्रीलंका ने 1997 में यह दर्शाया था कि टेस्ट क्रिकेट में धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी की क्या सीमाएं हो सकती हैं। आज के आक्रामक दौर में भी 952 रनों की यह क्रिकेटीय दीवार पूरी मजबूती से खड़ी है।

  • अभिनेत्री सोमी अली का दावा, अभिनेता सलमान खान को प्राइवेट मैसेज भेजकर बिश्नोई समाज से माफी मांगने की दी सलाह।

    अभिनेत्री सोमी अली का दावा, अभिनेता सलमान खान को प्राइवेट मैसेज भेजकर बिश्नोई समाज से माफी मांगने की दी सलाह।


    नई दिल्ली । 
    बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को लगातार मिल रही सुरक्षा संबंधी धमकियों और विवादों के बीच उनकी पूर्व परिचित एवं अभिनेत्री सोमी अली का एक नया बयान सामने आया है। एक हालिया साक्षात्कार में सोमी अली ने दावा किया है कि उन्होंने अभिनेता को उनके निजी नंबर पर एक संदेश भेजा था, जिसमें उन्हें बिश्नोई समाज के मंदिर में जाकर माफी मांगने की सलाह दी गई थी। इस नए दावे के सामने आने के बाद मनोरंजन जगत और सोशल मीडिया पर एक बार फिर से इस विषय को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    नवब्बे के दशक में सोमी अली और सलमान खान का संबंध मीडिया और सिनेमा जगत में काफी सुर्खियों में रहा था। हालांकि बाद में दोनों के रास्ते अलग हो गए थे। इसके बाद से ही सोमी अली विभिन्न अवसरों पर अभिनेता के खिलाफ कई तरह के गंभीर दावे करती रही हैं। वर्तमान परिस्थितियों में जब अभिनेता को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई हैं, ऐसे समय में सोमी अली द्वारा सार्वजनिक रूप से दिए गए इस बयान ने विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है।

    साक्षात्कार के दौरान सोमी अली से पूछा गया कि यदि उनकी अभिनेता से प्रत्यक्ष रूप से बात होती है तो उनकी क्या प्रतिक्रिया होगी। इसके जवाब में उन्होंने बताया कि वह पूर्व में ही उनसे संपर्क करने का प्रयास कर चुकी हैं। सोमी अली के अनुसार, उन्होंने निजी संदेश के माध्यम से अभिनेता से आग्रह किया था कि उन्हें अपने अहंकार को त्यागकर बिश्नोई समाज के धार्मिक स्थल पर जाकर क्षमा याचना करनी चाहिए।

    बातचीत के दौरान जब साक्षात्कारकर्ता ने सोमी अली से यह सवाल किया कि क्या पुरानी बातों को पीछे छोड़कर सामान्य संवाद या मैत्रीपूर्ण ढंग से आगे नहीं बढ़ा जा सकता, तो सोमी अली ने अपनी पुरानी बात पर ही कायम रहने का संकेत दिया। उनका मानना है कि विवादों का स्थायी समाधान और पुरानी शिकायतों का निवारण केवल सार्वजनिक अथवा निष्पक्ष रूप से क्षमा मांगने के बाद ही संभव हो सकता है।

    उल्लेखनीय है कि सलमान खान पिछले काफी समय से कड़े सुरक्षा घेरे में रह रहे हैं और उन्हें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से मिल रही धमकियों के कारण लगातार सतर्कता बरतनी पड़ रही है। इस संवेदनशील माहौल के बीच पूर्व परिचित अभिनेत्री का यह नया दावा मीडिया की सुर्खियों में छाया हुआ है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के फिल्म प्रेमियों की नजरें इस पूरे मामले पर बनी हुई हैं।

    सोशल मीडिया पर इस नए घटनाक्रम को लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कुछ लोग इसे पुरानी व्यक्तिगत रंजिश और पब्लिसिटी स्टंट के रूप में देख रहे हैं, वहीं कुछ अन्य लोग इसे मौजूदा सुरक्षा विवाद से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल इस पूरे मामले पर अभिनेता या उनके आधिकारिक प्रतिनिधियों की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई औपचारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।

  • भारत और श्रीलंका के बीच पहले टेस्ट मैच से पूर्व गॉल की पिच और मौसम को लेकर रणनीतिक खींचतान तेज।

    भारत और श्रीलंका के बीच पहले टेस्ट मैच से पूर्व गॉल की पिच और मौसम को लेकर रणनीतिक खींचतान तेज।

    नई दिल्ली ।भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच से पूर्व गॉल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पिच के मिजाज को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुकाबले से दो दिन पहले तक भारतीय टीम प्रबंधन के सामने यह तस्वीर पूरी तरह से साफ नहीं हो सकी है कि मैदान पर तीन तेज गेंदबाजों के कॉम्बिनेशन के साथ उतरा जाए या फिर स्पिन आक्रमण पर ज्यादा भरोसा जताया जाए। इसी असमंजस के बीच भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने अभ्यास सत्र के दौरान स्वयं 22 गज की पट्टी का विस्तृत जायजा लिया।

    श्रीलंकाई टीम के बंद दरवाजों के पीछे चल रहे अभ्यास सत्र के दौरान दोनों भारतीय कोच मैदान पर पहुंचे, जहां ग्राउंड स्टाफ ने उनके लिए विशेष रूप से मुख्य कवर हटाए। गंभीर और कोटक ने विकेट की नमी, कठोरता और सतह की स्थिति का गहराई से निरीक्षण किया। हालांकि दोनों अधिकारियों के वहां से लौटते ही ग्राउंड स्टाफ ने पिच को दोबारा ढक दिया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य उस पिच की व्यवहारिक प्रकृति को समझना था जिस पर दो मैचों की श्रृंखला का पहला मुकाबला आयोजित होना है।

    भारतीय कोचों के जाने के लगभग दो घंटे पश्चात मैदान पर पिच से मुख्य कवर पूरी तरह हटा दिए गए और घास काटने वाली मशीन उतारी गई। ग्राउंड स्टाफ द्वारा पिच पर कई बार मशीन चलाने के बाद सॉफ्ट रोलर का इस्तेमाल किया गया और सतह को कुछ समय के लिए धूप में खुला छोड़ दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में पिच पर पानी देने की मात्रा और रोलर के उपयोग से ही गॉल की इस पारंपरिक पिच का अंतिम मिजाज निर्धारित हो सकेगा।

    गॉल के मैदान को ऐतिहासिक रूप से स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार माना जाता रहा है, किंतु भारतीय टीम प्रबंधन केवल पुराने आंकड़ों के आधार पर अपनी अंतिम एकादश का चयन करने से बच रहा है। यदि टेस्ट मैच के शुरुआती दिन पिच पर नमी और तेजी बनी रहती है तो भारतीय टीम तीन प्रमुख तेज गेंदबाजों को प्लेइंग इलेवन में अवसर दे सकती है। इस स्थिति में मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार की तिकड़ी को नई गेंद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

    यदि परिस्थितियों को देखते हुए अतिरिक्त स्पिनर को खिलाने का निर्णय लिया जाता है तो कुलदीप यादव की दावेदारी सर्वाधिक मजबूत नजर आ रही है। कप्तान शुभमन गिल को सपाट पिचों पर भी विकेट निकालने वाले गेंदबाज की आवश्यकता होगी, जिसमें कुलदीप कारगर सिद्ध हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त रवींद्र जडेजा अपनी ऑलराउंड क्षमता से टीम को संतुलन प्रदान करेंगे। मध्य प्रदेश और देश भर के क्रिकेट प्रशंसक भी इस महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज के आगाज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

    गॉल में मौसम की स्थिति भी मुकाबला की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र में अचानक तेज बारिश दर्ज की गई है, हालांकि हाल के समय में धूप खिलने से मैदान सूखा है। मैच के दौरान बादलों की मौजूदगी और हवा में नमी रहने पर तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना है, जबकि तेज धूप की स्थिति में पिच जल्दी टूट सकती है और स्पिनरों का प्रभाव बढ़ सकता है। भारतीय टीम अभ्यास सत्र के माध्यम से अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है।

  • पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, 36 घंटे चले सैन्य ऑपरेशन में 62 आतंकवादी ढेर।

    पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, 36 घंटे चले सैन्य ऑपरेशन में 62 आतंकवादी ढेर।

    नई दिल्ली । पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा के उत्तरी वजीरिस्तान और बन्नू जिलों में सुरक्षा बलों द्वारा संचालित खुफिया आधारित अभियानों में व्यापक सफलता प्राप्त हुई है। 36 घंटे से अधिक समय तक चले इन सैन्य ऑपरेशनों के दौरान सुरक्षा बलों ने 62 आतंकवादियों को मार गिराया है। इस दौरान चार प्रमुख कमांडरों समेत अनेक आतंकी ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया।

    सैन्य कार्रवाई की शुरुआत मंगलवार सुबह उत्तरी वजीरिस्तान क्षेत्र से हुई, जहां संदिग्ध गतिविधियों की निरंतर निगरानी के बाद सटीक हमले किए गए। क्षेत्र में घने वृक्षों के नीचे छिपे आतंकियों की लोकेशन का पता लगाने के लिए आधुनिक क्वाडकॉप्टर तकनीक का सहारा लिया गया। इसके माध्यम से जमीनी बलों को आतंकवादियों की सटीक स्थिति की जानकारी मिली, जिसके बाद सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

    सुरक्षा बलों के अनुसार, उत्तरी वजीरिस्तान में हुए प्राथमिक ऑपरेशन में 52 आतंकवादी मारे गए, जिनमें चार मुख्य कमांडर शामिल थे। इस दौरान भागने का प्रयास कर रहे घायल आतंकियों को भी सुरक्षा बलों ने निशाना बनाया। ठिकाने से बड़ी मात्रा में आधुनिक हथियार, गोला-बारूद और अन्य सैन्य सामग्री बरामद की गई है, जिसका इस्तेमाल क्षेत्र में हिंसक घटनाओं को अंजाम देने के लिए किया जाना था।

    उत्तरी वजीरिस्तान के बाद बुधवार को बन्नू जिले में भी कई अलग-अलग स्थानों पर अभियानों की श्रृंखला शुरू की गई। बन्नू में चलाए गए ऑपरेशनों में ड्रोन तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 10 अन्य आतंकवादी मारे गए तथा 16 घायल हुए। इससे पूर्व जानी खेल क्षेत्र में एक खेल स्टेडियम के समीप चलाए गए एक अलग अभियान में भी दो आतंकी ढेर किए गए थे।

    स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बन्नू में आतंकवादियों द्वारा एक धार्मिक शैक्षणिक संस्थान अर्थात मदरसे को अपने ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई प्रारंभ करने से पूर्व आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित रूप से खाली कराया। क्षेत्र को खाली कराने के उपरांत आतंकियों के ठिकानों पर लक्षित हमले किए गए।

    अभियान के अंतिम चरण में बन्नू तथा आसपास के क्षेत्रों में सर्च और क्लीयरेंस ऑपरेशन चलाए गए ताकि किसी भी संभावित खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। मध्य प्रदेश तथा अन्य क्षेत्रों के रणनीतिक विशेषज्ञों की नजर भी पड़ोसी देश में बढ़ते आतंकवाद और सैन्य अभियानों पर टिकी हुई है। सुरक्षा अधिकारियों ने प्रतिबद्धता व्यक्त की है कि प्रांत से आतंकवाद का पूरी तरह सफाया होने तक खुफिया आधारित अभियानों का यह सिलसिला निरंतर जारी रहेगा।

  • आजादी के पर्व पर घर बैठे करें मनोरंजन, नेटफ्लिक्स, जी5 और प्राइम वीडियो पर इस शुक्रवार से स्ट्रीम होंगी नई फिल्में।

    आजादी के पर्व पर घर बैठे करें मनोरंजन, नेटफ्लिक्स, जी5 और प्राइम वीडियो पर इस शुक्रवार से स्ट्रीम होंगी नई फिल्में।


    नई दिल्ली ।
    स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय अवसर और लंबे वीकएंड को ध्यान में रखते हुए देश के प्रमुख डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स ने अपने दर्शकों के लिए फिल्मों और वेब सीरीज की एक नई और व्यापक सूची तैयार की है। सिनेमाघरों के साथ-साथ इस बार ओटीटी माध्यमों पर भी डिजिटल मनोरंजन का बड़ा संगम देखने को मिलेगा। इस सप्ताहांत विभिन्न भाषाओं और शैलियों की फिल्में तथा रियलिटी शो प्रमुख स्ट्रीमिंग सेवाओं पर प्रसारित किए जाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

    डिजिटल माध्यमों पर इस बार देशभक्ति, सामाजिक विषय, ड्रामा और हॉरर-थ्रिलर से भरपूर विषय-सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। प्रमुख प्लेटफॉर्म्स जैसे नेटफ्लिक्स, जी5, अमेजन प्राइम वीडियो और लायंसगेट प्ले पर नई फिल्मों के डिजिटल प्रीमियर की घोषणा की गई है। सिनेमाघरों में अपनी व्यावसायिक अवधि पूरी करने के बाद कई चर्चित फिल्में अब डिजिटल दर्शकों के लिए पहली बार घर पर ही देखने योग्य होंगी।

    सप्ताह के मध्य से ही नए कार्यक्रमों की डिजिटल स्ट्रीमिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभिन्न प्लेटफॉर्म्स ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि सभी आयु वर्गों के दर्शकों के लिए उपयुक्त सामग्री प्रस्तुत की जाए। इसमें बड़े सितारों से सजी हिंदी फिल्मों के अलावा क्षेत्रीय भाषाओं के डब संस्करण और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित साहित्यिक कृतियों पर आधारित धारावाहिक भी शामिल हैं। मध्य प्रदेश सहित देश भर के डिजिटल दर्शक इस अवसर का लाभ उठा सकेंगे।

    डिजिटल स्पेस में इस समय रियलिटी शोज का दायरा भी व्यापक हो रहा है। आम नागरिकों को मंच देने वाले नए प्रयोगों के साथ-साथ प्रसिद्ध हस्तियों की भागीदारी वाले रियलिटी कार्यक्रमों के नए सीजन भी दर्शकों के बीच पेश किए जा रहे हैं। दक्षिण भारतीय भाषाओं से लेकर राष्ट्रीय स्तर के बहुभाषी प्रोजेक्ट्स को एक साथ डिजिटल पटल पर उतारने की रणनीति बनाई गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर पहुंच सुनिश्चित हो सके।

    डिजिटल स्ट्रीमिंग उद्योग के विश्लेषकों का मानना है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसरों पर ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के दर्शकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जाती है। यही कारण है कि प्रमुख प्लेटफॉर्म्स अपने बड़े प्रोजेक्ट्स को रिलीज करने के लिए इस विशेष समयावधि का चुनाव करते हैं। इस रणनीतिक कदम से न केवल प्लेटफॉर्म्स की दर्शक संख्या बढ़ती है बल्कि घर पर मनोरंजन चाहने वाले लोगों को भी विविध विकल्प प्राप्त होते हैं।

    कुल मिलाकर, इस लंबे सप्ताहांत पर डिजिटल दुनिया में मनोरंजन का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर नई प्रस्तुतियां दर्शकों को घर बैठे बेहतर सिनेमाई अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक सशक्त कदम हैं। सूचना और मनोरंजन के इस बढ़ते डिजिटल नेटवर्क से दर्शकों के पास अपनी पसंद और भाषा के अनुसार सामग्री चुनने की पूरी स्वतंत्रता रहेगी।

  • MP: दीपके और उनके साथियों की इंदौर पुलिस में शिकायत, नाबालिगों को बरगलाने का आरोप…

    MP: दीपके और उनके साथियों की इंदौर पुलिस में शिकायत, नाबालिगों को बरगलाने का आरोप…


    इंदौर।
    अभिजीत दीपके (Abhijit Deepke) और सौरव दास (Sourav Das) समेत उनके अन्य साथियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खुद को सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर बताने वाले एक शख्स ने इंदौर पुलिस में इनकी भूमिकाओं की जांच की मांग उठाई है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि यदि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party-CJP) के प्रदर्शन में नाबालिग लड़के-लड़कियों को बरगलाकर जमावड़ा कराने में इनकी कथित भूमिका साबित होती हो और पॉक्सो के तहत अपराध पाए जाएं तो FIR दर्ज किया जाना चाहिए।


    किसने दी शिकायत?

    मुंबई के निवासी फैजान अंसारी ने इंदौर पुलिस की अपराध निरोधक शाखा में दी गई अपनी शिकायत में दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP की अगुवाई में 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन में नाबालिगों की कथित मौजूदगी का दावा करते हुए अभिजीत दीपके और सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास समेत अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करने की मांग की है।


    अभिजीत दीपके, सौरभ दास और अन्य की भूमिकाओं की हो जांच

    मुंबई के निवासी फैजान अंसारी ने शिकायत में कहा कि जांच के जरिये इस बात का पता लगाया जाना चाहिए कि अभिजीत दीपके, सौरभ दास या समूह के अन्य सदस्य नाबालिगों को प्रदर्शन में लाने में कहीं शामिल तो नहीं थे। क्या ये लोग नाबालिगों को भड़काने में शामिल तो नहीं थे।


    इन सुबूतों को सुरक्षित किए जाने की भी मांग

    फैजान अंसारी ने इंदौर पुलिस क्राइम ब्रांच से विरोध प्रदर्शन के फोटो-वीडियो, मीडिया इंटरव्यू, सार्वजनिक बयान, प्रदर्शन स्थल और इसके आस-पास के सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया सामग्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को संरक्षित करके उनकी जांच का अनुरोध किया है।


    जांच में पॉक्सो का अपराध मिले हो तो करें FIR

    शिकायत में कहा गया है कि यदि जांच में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम के तहत किसी भी प्रकार का संज्ञेय अपराध सामने आता है तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।


    इंदौर पुलिस ने भी शुरू की जांच

    अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने बताया कि हमें अंसारी की शिकायत मिली है जो खुद को सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर बता रहे हैं। शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


    दिल्ली पुलिस की भी भूमिका हो जाएगी अहम

    गौरतलब है कि कथित नीट पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन हुआ था। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने संसद तक मार्च की कोशिश थी तब पुलिस के साथ उनकी झड़पें हुई थीं। इसमें कई आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुए थे। ऐसे में इस शिकायत के सामने आने से पूरे प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। यदि इंदौर पुलिस उक्त शिकायत पर आगे बढ़ती है तब जांच में दिल्ली पुलिस की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगी।

  • जियो फाइनेंशियल की बड़ी वैश्विक साझेदारी…. बैंक ऑफ अमेरिका से हुई ₹1,8000 करोड़ की डील

    जियो फाइनेंशियल की बड़ी वैश्विक साझेदारी…. बैंक ऑफ अमेरिका से हुई ₹1,8000 करोड़ की डील


    मुम्बई।
    मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (Jio Financial Services Limited) ने वित्तीय सेवा कारोबार को विस्तार देने के लिए बैंक ऑफ अमेरिका (Bank of America) के साथ बड़ी डील किया है। 12 अगस्त 2026 को हुए ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट के तहत बैंक ऑफ अमेरिका की सहायक कंपनी NB Holdings, जियो क्रेडिट लिमिटेड में कुल 49.9 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करेगी। इसके लिए बैंक ऑफ अमेरिका करीब 1.9 अरब डॉलर यानी लगभग ₹18,168 करोड़ का निवेश करेगा।इस डील से जियो क्रेडिट का वैल्यूएशन उसकी नेटवर्थ के करीब 2.5 गुना पर होता है। खास बात यह है कि जियो क्रेडिट को शुरू हुए अभी करीब दो साल ही हुए हैं।


    मुकेश अंबानी ने क्या कहा?

    मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए ऐसा वित्तीय तंत्र जरूरी है, जो बड़े पैमाने पर काम करने के साथ भरोसेमंद और समावेशी हो। उन्होंने कहा कि जियो फाइनेंशियल तकनीक और बेहतर गवर्नेंस के जरिए भारतीयों के लिए वित्तीय सेवाओं को आसान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके मुताबिक बैंक ऑफ अमेरिका की वैश्विक विशेषज्ञता और जियो की डिजिटल पहुंच का मेल भारत में क्रेडिट की पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा।


    पहले 26.5% हिस्सेदारी, फिर 49.9% तक पहुंच जाएगा निवेश

    समझौते के तहत एनबी होल्डिंग्स पहले प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए जियो क्रेडिट के 4.29 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदेगी। इसके लिए करीब ₹6,613 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। इससे बैंक ऑफ अमेरिका को शुरुआती तौर पर 26.50 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी।

    इसके बाद एनबी होल्डिंग्स 7.56 करोड़ वारंट के लिए करीब ₹11,655 करोड़ का निवेश करेगी। इन वारंट को 18 महीने के भीतर इक्विटी शेयरों में बदला जा सकेगा। वारंट के कन्वर्जन के बाद बैंक ऑफ अमेरिका की हिस्सेदारी बढ़कर 49.90 प्रतिशत हो जाएगी।


    महज 2 साल में खड़ा हो गया बहुत बड़ा कारोबार

    जियो क्रेडिट, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की NBFC कंपनी है। यह ग्राहकों को अलग-अलग तरह के कर्ज उपलब्ध कराती है। कंपनी ने बहुत कम समय में बड़ा कारोबार खड़ा किया है। करीब दो साल में इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट ₹30,667 करोड़, यानी लगभग 3.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। कंपनी का फोकस डिजिटल तरीके से कर्ज उपलब्ध कराने और भारत में क्रेडिट की पहुंच बढ़ाने पर है।


    क्या रंग लाएगी यह साझेदारी

    इस साझेदारी का मकसद जियो फाइनेंशियल की भारत में मजबूत डिजिटल पहुंच और स्थानीय बाजार की समझ को बैंक ऑफ अमेरिका की वैश्विक वित्तीय विशेषज्ञता के साथ जोड़ना है। दोनों कंपनियां डिजिटल वित्तीय सेवाओं, नए क्रेडिट उत्पादों, रिस्कक मैनेजमेंट और ग्राहकों तक कर्ज की पहुंच बढ़ाने पर काम करेंगी।


    बोर्ड में दोनों कंपनियों की बराबर हिस्सेदारी
    डील के बाद जियो क्रेडिट के बोर्ड में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और बैंक ऑफ अमेरिका को बराबर प्रतिनिधित्व मिलेगा। हालांकि कंपनी की मौजूदा मैनेजमेंट टीम ही इसके रोजमर्रा के संचालन और रणनीति को आगे बढ़ाएगी। जियो क्रेडिट, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की वित्तीय रिपोर्टिंग में सहायक कंपनी के रूप में बनी रहेगी।


    बैंक ऑफ अमेरिका भी भारत को लेकर उत्साहित

    बैंक ऑफ अमेरिका के चेयरमैन और सीईओ ब्रायन मोयनिहान ने भारत को दुनिया के महत्वपूर्ण विकासशील बाजारों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि जियो फाइनेंशियल ने सिर्फ दो वर्षों में उल्लेखनीय पैमाना हासिल किया है। बैंक ऑफ अमेरिका की वैश्विक पहुंच और डिजिटल विशेषज्ञता को जियो फाइनेंशियल के मार्केट पर पकड़ और ग्राहक आधार से जोड़ने से भारत में वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

  • BJP अध्यक्ष नवीन की नई टीम में MP के इन 4 नेताओं को मिल सकती है जगह… सुगबुगाहट हुई तेज

    BJP अध्यक्ष नवीन की नई टीम में MP के इन 4 नेताओं को मिल सकती है जगह… सुगबुगाहट हुई तेज


    भोपाल।
    भाजपा (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Navin) की नई टीम के गठन की कवायद के बीच मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) से भी राष्ट्रीय संगठन में जगह पाने वाले संभावित चेहरों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खास बात यह है कि पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद विष्णुदत्त शर्मा (वीडी शर्मा) की हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से हुई मुलाकात के बाद उनके नाम को लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलें और तेज हुई हैं। भाजपा के सामने राष्ट्रीय टीम में नए चेहरों को जगह देने के साथ सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की चुनौती है। ऐसे में मध्यप्रदेश से ब्राह्मण, ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के चेहरों को प्रतिनिधित्व देने पर विचार हो सकता है। संभावित नामों में वीडी शर्मा, राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार, सांसद गजेंद्र पटेल और वरिष्ठ नेता लालसिंह आर्य की चर्चा है। हालांकि, अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा और इसमें जातीय समीकरण के अलावा संगठन में पकड़, चुनावी प्रबंधन, अनुभव और राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता अहम होगी।


    पीएम से मुलाकात के बाद चर्चा तेज

    पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा का नाम संभावित दावेदारों में सबसे प्रमुख माना जा रहा है। वे लंबे समय तक मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं और संगठन को बूथ स्तर से लेकर चुनावी प्रबंधन तक संभालने का अनुभव रखते हैं। प्रदेश में भाजपा को लगातार मजबूत करने के दौर में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात ने भी उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाओं को हवा दी है। वीडी शर्मा के पक्ष में ब्राह्मण प्रतिनिधित्व के साथ संगठनात्मक अनुभव भी जाता है। यदि भाजपा राष्ट्रीय टीम में अनुभवी और संगठन को समझने वाले नेताओं को बड़ी भूमिका देने की रणनीति अपनाती है, तो उनका नाम मजबूत दावेदारों में रह सकता है।


    कविता पाटीदार : महिला और ओबीसी का समीकरण

    राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार भी राष्ट्रीय संगठन के लिए संभावित चेहरों में हैं। प्रदेश भाजपा संगठन में महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुकी पाटीदार के पास संगठन के साथ संसदीय राजनीति का अनुभव भी है। उनके नाम के साथ महिला और ओबीसी दोनों समीकरण जुड़ते हैं। भाजपा के लिए महिला मतदाताओं की बढ़ती राजनीतिक भूमिका को देखते हुए राष्ट्रीय टीम में किसी महिला नेता को प्रमुख जिम्मेदारी देना महत्वपूर्ण संदेश हो सकता है। वहीं ओबीसी प्रतिनिधित्व के लिहाज से भी उनका नाम पार्टी के सामाजिक विस्तार की रणनीति में फिट बैठता है।


    गजेंद्र पटेल : आदिवासी चेहरे पर दांव

    राष्ट्रीय संगठन में आदिवासी प्रतिनिधित्व बढ़ाने की रणनीति बनी तो सांसद गजेंद्र पटेल का नाम भी महत्वपूर्ण हो सकता है। मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में संगठनात्मक और राजनीतिक काम का अनुभव रखने वाले पटेल इस वर्ग के प्रतिनिधि चेहरे के रूप में देखे जा सकते हैं। भाजपा के लिए आदिवासी राजनीति केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं है। मध्यप्रदेश के साथ आसपास के राज्यों में भी आदिवासी मतदाता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में राष्ट्रीय टीम में आदिवासी चेहरे को जगह देना पार्टी की व्यापक सामाजिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है।


    लालसिंह आर्य : दलित प्रतिनिधित्व का विकल्प

    ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के वरिष्ठ नेता लालसिंह आर्य भी संभावित दावेदारों में शामिल हैं। वे भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चे की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और संगठन में लंबे समय से सक्रिय हैं। राष्ट्रीय संगठन में उन्हें जिम्मेदारी मिलती है तो इससे दलित प्रतिनिधित्व का संदेश जाएगा। भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में दलित वोट महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में राष्ट्रीय टीम में इस वर्ग के अनुभवी चेहरे को प्रमुख भूमिका देना राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों लिहाज से उपयोगी हो सकता है।

    दतिया की हार के बाद संगठनात्मक प्रदर्शन भी कसौटी
    प्रदेश में हालिया दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर भी मंथन का दौर है। ऐसे में राष्ट्रीय टीम के लिए प्रदेश से चेहरों के चयन में केंद्रीय नेतृत्व संगठनात्मक प्रदर्शन, चुनावी प्रबंधन और नेताओं की स्वीकार्यता को भी ध्यान में रख सकता है। दतिया के नतीजे ने प्रदेश संगठन के सामने 2028 की तैयारियों को लेकर भी चुनौती बढ़ाई है। ऐसे में राष्ट्रीय जिम्मेदारी पाने वाले नेताओं की उपयोगिता केवल सामाजिक समीकरण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव में संगठन को मजबूत करने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी।

  • MP: ग्वालियर में अवैध खनन को लेकर HC सख्त…. वेतन और बेटे की स्कूल फीस समेत अफसरों से पूछे तीखे सवाल

    MP: ग्वालियर में अवैध खनन को लेकर HC सख्त…. वेतन और बेटे की स्कूल फीस समेत अफसरों से पूछे तीखे सवाल


    ग्वालियर।
    ग्वालियर (Gwalior) के बिलौआ में अवैध खनन (Illegal mining) को लेकर दायर जनहित याचिका पर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की ग्वालियर बेंच में सुनवाई हुई. इस दौरान अदालत ने अफसरों पर तीखे प्रहार किए. करीब ढाई घंटे तक कलेक्टर रुचिका चौहान (Collector Ruchika Chauhan) कोर्ट में रहीं, वहीं प्रभारी माइनिंग अधिकारी पंकजध्वज मिश्रा की सैलरी और उनके बेटे के स्कूल की फीस को लेकर कोर्ट ने सीधा हिसाब मांगा गया।

    सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में बिलौआ खदानों का ड्रोन वीडियो चलाया गया. जस्टिस ने वीडियो पॉज करवाकर कलेक्टर रुचिका चौहान से सीधे सवाल पूछे कि ”यह कौन सी जगह है? किसकी जमीन है? सर्वे नंबर क्या है? कितना क्षेत्र स्वीकृत है और कितनी खुदाई हो चुकी है?”


    जवाब न मिलने पर तल्खी

    जब तत्काल स्पष्ट जानकारी नहीं मिली तो कोर्ट ने 30 सितंबर तक का समय देते हुए कहा कि जितना समय चाहें ले लीजिए, लेकिन अगली सुनवाई पर एक-एक सवाल का स्पष्ट और सटीक जवाब देना होगा।


    10 साल का माल 1 साल में निकालने पर सवाल

    कोर्ट ने खनन की गति पर टिप्पणी करते हुए कहा, ”अगर 10 साल की लीज का माल 1 साल में ही निकाल लिया, तो बाकी 9 साल क्या करोगे?”


    51 हजार सैलरी, 9 लाख स्कूल फीस

    इसके बाद कोर्ट का रुख प्रभारी खनिज अधिकारी पंकजध्वज मिश्रा की तरफ मुड़ा. कोर्ट ने माइनिंग अधिकारी से पूछा कि उनके बेटे की सिंधिया स्कूल में फीस कितनी है? जवाब मिला- ‘करीब 9 लाख रुपये साल.’ जब कोर्ट ने पूछा कि आपकी महीने की तनख्वाह कितनी है? तो उन्होंने बताया- ‘करीब 51 हजार रुपये महीना.’

    कोर्ट ने 51 हजार मासिक वेतन और 9 लाख सालाना फीस के अंतर पर सवाल उठाए, जिस पर माइनिंग अफसर ने सफाई दी कि बेटे की पढ़ाई का खर्च उनकी पत्नी के मामा उठाते हैं. इसको लेकर अदालत ने टिप्पणी की।

    वहीं, माइनिंग अफसर की ओर से लोकायुक्त के आदेश को ‘क्लीन चिट’ बताकर पेश करने की कोशिश की गई, लेकिन जज ने खुद आदेश पढ़ा और साफ किया कि FIR दर्ज होने के कारण लोकायुक्त ने केस बंद किया था, जिसे ‘दोषमुक्ति’ या ‘क्लीन चिट’ नहीं कहा जा सकता।

    दरअसल, इससे पहले हुई सुनवाई में हाई कोर्ट ने ग्वालियर के खनिज अधिकारी घनश्याम यादव को जिले में काम करने से रोक दिया था और उनके आचरण पर गंभीर टिप्पणी की थी. राज्य सरकार को निर्देश दिए कि ग्वालियर में तत्काल ईमानदार और सक्षम खनिज अधिकारी की पोस्टिंग की जाए, तब तक पूरे खनिज विभाग की जिम्मेदारी कलेक्टर संभालेंगे।

    इसके बाद सरकार ने भिंड में पदस्थ खनिज अधिकारी पंकजध्वज मिश्रा को ग्वालियर भेजा तो उनकी नियुक्ति और पहले की पोस्टिंग को लेकर सवाल किए गए थे।


    AAG विवेक खेड़कर की खिंचाई

    सुनवाई के दौरान जब अपर महाधिवक्ता (AAG) विवेक खेड़कर ने माइनिंग अफसर का पक्ष रखने का प्रयास किया, तो अदालत ने उन पर भी कड़ा एतराज जताया. कोर्ट ने सख्त लहजे में टिप्पणी की कि अगर आप शासन का पक्ष छोड़कर अधिकारी का व्यक्तिगत बचाव करना चाहते हैं, तो फिर शासन का पक्ष छोड़ दीजिए। इस दौरान AAG कोर्ट में कई बार माफी मांगते और ‘सॉरी’ बोलते नजर आए. हाईकोर्ट ने मामले में विस्तृत अध्ययन और पूरी जानकारी के साथ 30 सितंबर को अगली रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

  • ट्रंप का समुद्री मार्ग पर नियंत्रण का दावा…. बोले- होर्मुज में अमेरिका ने खड़ी की स्टील की दीवार

    ट्रंप का समुद्री मार्ग पर नियंत्रण का दावा…. बोले- होर्मुज में अमेरिका ने खड़ी की स्टील की दीवार


    वाशिंगटन।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने कहा है कि अल्लाह का शुक्र है कि अमेरिका (America) ने होर्मुज समुद्री मार्ग (Strait of Hormuz Maritime Route) में स्टील की दीवार खड़ी कर दी है और आगे भी उसे बरकरार रखेगा। उन्होंने इस अहम समुद्री मार्ग पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा किया है। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में उन्होंने अमेरिकी नौसेना की इस कार्रवाई की सफलता की तारीफ की और दावा किया कि इसे “स्टील की दीवार” बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब ईरान इसके बारे में कुछ नहीं कर सकता।

    ट्रंप ने बार-बार दावा किया है कि अमेरिका इस अहम जल मार्ग को कंट्रोल करता है, जो मिडिल ईस्ट से तेल-गैस और दूसरी चीज़ों के निर्यात के के लिए ज़रूरी है। दूसरी तरफ ईरान ने ट्रंप के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। दरअसल, ईरान होर्मुज जलमार्ग में एक टोल सिस्टम लागू करना चाहता है। इसीलिए उसने कई बार उन जहाज़ों पर हमला किया है। ईरान का कहना है कि वह 28 फरवरी को ट्रंप द्वारा शुरू किए गए युद्ध के जवाब में उसके पसंदीदा रास्ते को रोक रहा है।


    ईरान को कीमत चुकानी होगी

    इस बीच, ट्रंप ने होर्मुज पर नियंत्रण का दावा करते हुए कहा कि अगर ईरान स्थिति बदलने की कोशिश करता है तो उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमारा पूरा नियंत्रण है। उनका इसपर कोई नियंत्रण नहीं। हम उसे चला रहे हैं। अगर ईरान कभी कुछ करने की कोशिश करता है तो उसे ‘उड़ा दिया’ जायेगा।” उन्होंने कहा कि अमेरिका इस समय मजबूत स्थिति में है और दावा किया कि ईरान ने क्षेत्र में अपना पिछला प्रभाव खो दिया है। ट्रंप ने कहा, “अभी हमारी स्थिति बहुत अच्छी है। हमारे सामने एक ऐसा देश है जो 50 वर्षों से मध्य पूर्व में दबंग बना हुआ था… अब वह पश्चिम एशिया का दबंग नहीं रहा।”


    अमेरिका और ईरान में अंतिम समझौता नहीं

    गौरतलब है कि फरवरी के अंत में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद क्षेत्र में जारी तनाव के बीच उनकी इस तरह की टिप्पणियां आई हैं। अमेरिका और ईरान अब तक टकराव खत्म करने के लिए किसी अंतिम समझौते पर नहीं पहुंच सके हैं, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जारी व्यवधानों से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा बना हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के एक बड़े हिस्से की कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति गुजरती है।


    ईरानी मीडिया क्या कह रहा

    ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई के हवाले से कहा है कि 28 फरवरी, 2026 तक यह जलमार्ग खुला रहा था। उन्होंने पश्चिमी प्रतिबंधों की भी आलोचना की। बघाई ने कहा, “यह नहीं भूलना चाहिए कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की स्थिति और उसके साथ जो कुछ हुआ, वह अमेरिका और इजरायली शासन की सैन्य आक्रामकता के कारण हुआ है, जो अब भी जारी है। जहां तक ईरान द्वारा शर्तें रखे जाने के दावों का सवाल है, उन्हें यह मामला अपनी ही सरकार के समक्ष उठाना चाहिए।” रणनीतिक जलमार्ग को लेकर तनाव अब भी संघर्ष का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस बीच, तेहरान और ओमान के बीच इस महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही के लिए व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत जारी है।