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सपा के साथ गठबंधन पर इमरान मसूद का दोटूक संदेश, बोले- कांग्रेस मजबूती से लड़ेगी चुनाव, पार्टी को खड़ा करना मेरी पहली प्राथमिकता
उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन तथा सीटों के बंटवारे को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने गठबंधन की रणनीति और पार्टी की चुनावी तैयारियों पर अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ना चाहती है लेकिन यह समझौता सम्मानजनक होना चाहिए। पार्टी ऐसा कोई समझौता नहीं करेगी जिससे यह संदेश जाए कि कांग्रेस ने आत्मसमर्पण कर दिया है। मसूद के मुताबिक कांग्रेस उत्तर प्रदेश में मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी और सरकार बनाने का लक्ष्य रखेगी।लखनऊ स्थित कांग्रेस कार्यालय में 11 अक्टूबर को पदभार ग्रहण समारोह के दौरान हुए हंगामे पर भी इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया दी। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और जूते-चप्पल चलने की खबरें सामने आई थीं। इस विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में मसूद ने कहा कि कभी-कभी कार्यकर्ताओं से गलतियां हो जाती हैं। उन्होंने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया। मसूद ने कहा कि पिछले चुनाव में अजय राय ने मेहनत करके पार्टी को खड़ा करने का काम किया था और उनके योगदान को किसी भी स्थिति में कम करके नहीं आंका जाना चाहिए।समाजवादी पार्टी के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही चर्चाओं पर मसूद ने कहा कि इस बारे में अंतिम फैसला पार्टी का नेतृत्व करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की कोशिश सम्मानजनक समझौते की है ताकि गठबंधन मजबूत बना रहे। सीटों की संख्या को लेकर अलग-अलग चर्चाओं के बीच उन्होंने किसी निश्चित आंकड़े पर मुहर नहीं लगाई। मसूद के अनुसार अभी बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़नी है और उम्मीदवारों की सूची को लेकर भी समाजवादी पार्टी की ओर से कोई औपचारिक मांग नहीं की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अक्टूबर के आखिर तक सूची को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं।जब उनसे पूछा गया कि यदि गठबंधन नहीं हुआ तो क्या कांग्रेस सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी तो उन्होंने कहा कि फिलहाल इस तरह की संभावना पर विचार करने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक गठबंधन कायम है और पार्टी इसी आधार पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल कांग्रेस के लिए अनुकूल है और पार्टी 2027 में मजबूत प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है।पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस केवल दो सीटों पर सिमट गई थी। इस बार पार्टी के लक्ष्य पर बोलते हुए मसूद ने कहा कि राजनीति में परिस्थितियां तेजी से बदलती हैं। उन्होंने दिल्ली की राजनीति और आम आदमी पार्टी के पिछले चुनावी प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए कहा कि राजनीतिक नैरेटिव चुनाव के नतीजों पर असर डाल सकता है। मसूद का दावा है कि राहुल गांधी ने देशभर में जिस तरह का नैरेटिव खड़ा किया है उससे कांग्रेस की स्थिति पहले के मुकाबले मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के सहयोगी भी राहुल गांधी के साथ खड़े हैं।इमरान मसूद ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता किसी सरकारी पद या मुख्यमंत्री अथवा उपमुख्यमंत्री बनने की नहीं है। उन्होंने कहा कि वह किसी पद के उम्मीदवार नहीं हैं और उनका काम संगठन को मजबूत करना तथा पार्टी को चुनाव के लिए तैयार करना है। कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने पर उन्होंने इसे पार्टी का भरोसा बताया और कहा कि वह इस उम्मीद पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे। टिकट वितरण में अपनी भूमिका को लेकर उन्होंने कहा कि इसका फैसला भी पार्टी नेतृत्व ही करेगा।मसूद ने कांग्रेस की राजनीति पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए कहा कि पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास करती है। उनके अनुसार अब सबसे बड़ी चुनौती संगठन को मजबूत करना और आगामी विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक सीटें जीतने के लिए कार्यकर्ताओं को एकजुट करना है। ऐसे में कांग्रेस और सपा के बीच सीटों के बंटवारे पर होने वाली बातचीत आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति की अहम कड़ी बन सकती है। -

योगी आदित्यनाथ का कांग्रेस-सपा पर तीखा हमला, 9 लाख से ज्यादा किसानों को राहत, बोले- अब बिचौलियों की नहीं चलेगी
गोरखपुर । गोरखपुर में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को राहत राशि वितरित करने के साथ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 9 लाख 18 हजार 91 किसानों के बैंक खातों में 493 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की। यह रकम बाढ़ और अतिवृष्टि के साथ ओलावृष्टि तथा चक्रवात के कारण फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए दी गई है। सरकार के मुताबिक हाल के दिनों में खराब मौसम के कारण किसानों की फसलों को भारी क्षति पहुंची है। ऐसे में प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए यह कदम उठाया गया है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए यदि अराजकता फैलाने से बाज नहीं आती है तो जनता उसका बचा हुआ राजनीतिक अस्तित्व भी समाप्त कर सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अपने नेतृत्व में बदलाव करने की जरूरत है। जिस नेतृत्व पर जनता का विश्वास कमजोर पड़ गया है उसे बदलने पर विचार करना चाहिए। उनके इस बयान को कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक रणनीति और नेतृत्व पर निशाने के रूप में देखा जा रहा है।मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने 2014 में आए हुदहुद चक्रवात का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय किसानों की मदद के लिए केंद्र सरकार की ओर से 3200 करोड़ रुपये भेजे गए थे। योगी के मुताबिक इस राशि में से किसानों तक केवल 800 करोड़ रुपये ही पहुंचे और बाकी रकम का सही इस्तेमाल नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के हक का पैसा तत्कालीन सपा सरकार के लोगों ने हड़प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का श्राप सपा को ले डूबा और इसी वजह से उसे सत्ता से बाहर होना पड़ा। ये आरोप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान लगाए।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी सरकार ने हुदहुद चक्रवात से जुड़े मुआवजे की जांच कराई थी। उनके अनुसार जांच में सामने आया कि कई किसानों को पूरी सहायता राशि नहीं मिली थी। इसके बाद अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था कर प्रभावित किसानों के खातों में भुगतान कराया गया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मौजूदा सरकार प्राकृतिक आपदाओं के दौरान प्रभावित किसानों को जल्द राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि हाल ही में चक्रवात और भारी बारिश के कारण फसलों के साथ जनजीवन और पशुधन को भी नुकसान पहुंचा है। सरकार प्रभावित किसानों को फसल क्षति के अलावा जनहानि और मकानों को हुए नुकसान के लिए भी सहायता उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 500 करोड़ रुपये की राहत राशि सीधे खातों में भेजी जा रही है। उनके मुताबिक अब तक किसानों को लगभग 1000 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि रोकने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाया जा रहा है। यह व्यवस्था मोबाइल फोन के माध्यम से बिजली गिरने की चेतावनी देकर लोगों को सतर्क करती है। उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली की चपेट में आने से किसी व्यक्ति की मौत होने पर निर्धारित सहायता राशि के तहत 24 घंटे के भीतर पांच लाख रुपये उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। योगी ने अधिकारियों को बाढ़ से प्रभावित कटान वाले इलाकों में तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश भी दिए।कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि डीबीटी के माध्यम से 9 लाख से अधिक किसानों को 493 करोड़ रुपये से ज्यादा की राहत राशि दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार ने पिछली सरकारों की तुलना में धान और गेहूं सहित दूसरी फसलों की खरीद में बढ़ोतरी की है और कृषि बजट भी तीन गुना से अधिक बढ़ाया गया है। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति के छठे चरण के तहत जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में 500 से अधिक महिलाएं शामिल हुईं। सरकार ने राहत वितरण और महिला सुरक्षा जागरूकता अभियान को अपने जनकल्याणकारी प्रयासों का हिस्सा बताया। -

अभिषेक शर्मा के तूफान से पस्त हुआ वेस्टइंडीज, हार के बाद कप्तान शाई होप का बड़ा बयान, भारतीय गेंदबाजों की तारीफ में कही ये बात
नई दिल्ली । भारत के खिलाफ तीसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में 14 रन से मिली हार के बाद वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने अपनी टीम की गेंदबाजी को लेकर अहम बात कही है। उन्होंने माना कि गेंदबाज कुछ मौकों पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे और भारतीय बल्लेबाजों को कुछ अतिरिक्त बाउंड्री देने से बचना चाहिए था। रविवार को खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 223 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज की टीम सात विकेट खोकर 209 रन तक ही पहुंच सकी। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली है।मैच के बाद शाई होप ने कहा कि क्रिकेट में जीत और हार का अंतर कई बार बेहद कम होता है। ऐसे मुकाबलों में कुछ अहम पल पूरे परिणाम को बदल सकते हैं। उनके मुताबिक वेस्टइंडीज की टीम ने मैच में वापसी करने की कोशिश की और कुछ विकेट लेकर मुकाबले पर पकड़ भी बनाई। हालांकि गेंदबाजी के दौरान कुछ मौकों पर टीम बेहतर कर सकती थी। होप ने माना कि भारतीय बल्लेबाजों को बाउंड्री लगाने के अवसर मिले और इसका असर अंतिम परिणाम पर पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती साझेदारी काफी खतरनाक साबित हो सकती थी लेकिन रोस्टन चेज की मदद से टीम को जरूरी विकेट मिले।वेस्टइंडीज के कप्तान ने टीम की सलामी जोड़ी के प्रदर्शन पर भी बात की। सीरीज के शुरुआती तीनों मुकाबलों में ओपनिंग साझेदारी टीम को मजबूत शुरुआत देने में नाकाम रही है। होप ने कहा कि किसी भी टीम के लिए अच्छी शुरुआत बेहद जरूरी होती है क्योंकि इससे आगे आने वाले बल्लेबाजों को पारी संभालने और बड़े लक्ष्य का पीछा करने में मदद मिलती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खराब शुरुआत के लिए केवल एक या दो खिलाड़ियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। टीम को सामूहिक रूप से बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत है।होप ने मुकाबले में ओस की स्थिति और गेंद की स्विंग का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक टीम को उम्मीद थी कि परिस्थितियां अलग होंगी लेकिन पारी के अंतिम हिस्से में गेंद अपेक्षाकृत ज्यादा स्विंग करती दिखाई दी। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अच्छी लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी की और यॉर्कर का प्रभावी इस्तेमाल किया। होप के अनुसार भारतीय गेंदबाजों ने दबाव के क्षणों में सटीक गेंदें डालकर अपनी क्षमता दिखाई और उन्हें इसका श्रेय मिलना चाहिए।इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। अभिषेक शर्मा ने केवल 30 गेंदों पर 69 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और पांच छक्के शामिल रहे। ईशान किशन ने 18 गेंदों पर 37 रन बनाकर तेजी से रन जोड़े। तिलक वर्मा ने भी 16 गेंदों पर 28 रन की उपयोगी पारी खेली। इन योगदानों की मदद से भारतीय टीम 223 रन के बड़े स्कोर तक पहुंची और वेस्टइंडीज के सामने 224 रन का लक्ष्य रखा।लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने मुकाबले में बने रहने की कोशिश की। कामिल पूरन ने 27 गेंदों पर 42 रन और शिमरोन हेटमायर ने 26 गेंदों पर 43 रन बनाए। रदरफोर्ड ने 32 रन का योगदान दिया जबकि शमर स्प्रिंगर ने केवल 11 गेंदों पर नाबाद 35 रन बनाकर आखिरी ओवरों में तेजी से रन जुटाए। इसके बावजूद टीम लक्ष्य से 14 रन दूर रह गई। अब वेस्टइंडीज के सामने अगले मुकाबले में वापसी करने की चुनौती होगी जबकि भारतीय टीम सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करने के इरादे से उतरेगी। -

विराट कोहली पर 5 करोड़ रुपये देने का दावा करने वाले दिनेश फलाहारी ने प्रेमानंद महाराज से मांगी माफी
नई दिल्ली:
प्रेमानंद महाराज और भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को लेकर विवादित बयान देने वाले दिनेश शर्मा फलाहारी महाराज ने अपने बयान पर माफी मांग ली है। उन्होंने दावा किया था कि विराट कोहली को वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बुलाने के लिए पांच करोड़ रुपये दिए गए थे। इस बयान के बाद विवाद बढ़ गया था। विराट कोहली की टीम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि क्रिकेटर प्रेमानंद महाराज से अपनी व्यक्तिगत आस्था और श्रद्धा के कारण मिलने जाते हैं।दिनेश फलाहारी ने अपने बयान पर खेद जताते हुए प्रेमानंद महाराज से क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज उनके लिए पहले भी पूजनीय थे और आज भी हैं। यदि उनकी किसी बात से महाराज को दुख पहुंचा है, तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं। उन्होंने महाराज के अनुयायियों और संत समाज से भी क्षमा मांगी। उनके इस रुख के बाद पांच करोड़ रुपये से जुड़े पुराने दावे और उस पर आई प्रतिक्रिया फिर चर्चा में आ गई।
विवाद की शुरुआत तब हुई, जब दिनेश फलाहारी ने आरोप लगाया कि कुछ प्रॉपर्टी कारोबारियों ने विराट कोहली की प्रेमानंद महाराज से मुलाकात करवाने के लिए पांच करोड़ रुपये खर्च किए थे। उन्होंने इस मामले को वृंदावन में जमीन से जुड़े कथित विवादों से भी जोड़ा था। उनका दावा था कि कुछ लोग आध्यात्मिक हस्तियों की लोकप्रियता का इस्तेमाल अपने हितों के लिए कर रहे हैं। इन आरोपों के सामने आने के बाद प्रेमानंद महाराज और विराट कोहली से जुड़ा मामला चर्चा का विषय बन गया।
विराट कोहली के प्रवक्ता ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा, निराधार और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि विराट कोहली प्रेमानंद महाराज के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा के कारण उनसे मिलने जाते हैं। साथ ही, ऐसे दावों को आगे बढ़ाने से पहले तथ्यों की पुष्टि करने की बात कही गई थी। विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा कई बार वृंदावन जाकर प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर चुके हैं। इन मुलाकातों को उनकी आध्यात्मिक आस्था से जुड़ा बताया गया है।
इस विवाद के बीच दिनेश फलाहारी ने अपने पुराने बयान पर खेद जताया और प्रेमानंद महाराज से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य महाराज का अपमान करना नहीं था। हालांकि, पांच करोड़ रुपये के कथित भुगतान को साबित करने वाला कोई प्रमाण उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है। विराट कोहली की टीम ने भी इस दावे का स्पष्ट खंडन किया था। ऐसे में इस कथित भुगतान को स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
प्रेमानंद महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा दोहराते हुए दिनेश फलाहारी ने माफी मांगकर अपने बयान पर सफाई दी। वहीं, विराट कोहली की टीम का कहना रहा कि आश्रम में उनकी मुलाकातें निजी आस्था और श्रद्धा पर आधारित हैं। इस पूरे घटनाक्रम में विवादित दावे, उनका खंडन और उसके बाद मांगी गई माफी प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।
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रोहित शर्मा और विराट कोहली की खास लिस्ट में शामिल हुए तिलक वर्मा, टी20 इंटरनेशनल में 50 कैच पूरे कर रचा इतिहास
नई दिल्ली । भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए तीसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 14 रन से जीत दर्ज की। इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए और गेंदबाजों ने दबाव के क्षणों में अहम विकेट हासिल किए। इस जीत के बीच तिलक वर्मा ने भी एक खास उपलब्धि अपने नाम कर ली। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर फील्डर 50 कैच पूरे कर लिए हैं। इस मुकाम तक पहुंचने वाले वह भारत के पांचवें खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले रोहित शर्मा हार्दिक पांड्या सूर्यकुमार यादव और विराट कोहली यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों की सूची में रोहित शर्मा शीर्ष पर हैं। उनके नाम 65 कैच दर्ज हैं। हार्दिक पांड्या 64 कैच के साथ दूसरे स्थान पर हैं जबकि सूर्यकुमार यादव 58 कैच लेकर तीसरे नंबर पर हैं। विराट कोहली इस सूची में 54 कैच के साथ शामिल हैं। अब तिलक वर्मा ने 50 कैच पूरे करके इस खास क्लब में जगह बना ली है। यह उपलब्धि उनकी फील्डिंग क्षमता और मैदान पर लगातार योगदान को दर्शाती है।वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टी20 में तिलक ने बल्लेबाजी में भी उपयोगी प्रदर्शन किया। उन्होंने केवल 16 गेंदों का सामना करते हुए 28 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके शामिल रहे और उन्होंने 175 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। इससे पहले दूसरे टी20 मुकाबले में भी तिलक ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने उस मैच में 18 गेंदों पर नाबाद 44 रन बनाकर भारतीय पारी को तेज गति दी थी। लगातार दो मुकाबलों में उनके आक्रामक अंदाज ने टीम के मध्यक्रम को मजबूती प्रदान की।तीसरे टी20 में भारत की ओर से अभिषेक शर्मा ने सबसे प्रभावशाली पारियों में से एक खेली। उन्होंने 30 गेंदों पर 69 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और पांच छक्के शामिल रहे। ईशान किशन ने भी तेजी से रन बनाते हुए 18 गेंदों पर 37 रन जोड़े। इन पारियों की मदद से भारतीय टीम 20 ओवर में 223 रन के बड़े स्कोर तक पहुंचने में सफल रही। भारत ने वेस्टइंडीज के सामने जीत के लिए 224 रन का लक्ष्य रखा।लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने संघर्ष किया लेकिन निर्धारित ओवरों में सात विकेट गंवाकर 209 रन ही बना सकी। शिमरोन हेटमायर ने 43 रन और कामिल पूरन ने 42 रन बनाकर टीम को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की। शेरफेन रदरफोर्ड ने 20 गेंदों पर 32 रन बनाए। वहीं शमर स्प्रिंगर ने केवल 11 गेंदों पर नाबाद 35 रन की तेज पारी खेली। इसके बावजूद कैरेबियाई टीम लक्ष्य से 14 रन दूर रह गई। दूसरे टी20 में शतक लगाने वाले कप्तान शाई होप इस बार केवल पांच रन बनाकर आउट हो गए।भारतीय गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने 44 रन देकर तीन विकेट हासिल किए जबकि नमन धीर ने दो विकेट झटके। गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में जरूरी नियंत्रण बनाए रखा और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस मुकाबले में भारत की जीत के साथ तिलक वर्मा की व्यक्तिगत उपलब्धि भी चर्चा में रही। बल्लेबाजी और फील्डिंग दोनों में योगदान देने वाले तिलक के लिए यह रिकॉर्ड उनके टी20 इंटरनेशनल करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। -

वेस्टइंडीज के खिलाफ प्रिंस यादव की तूफानी बल्लेबाजी से प्रभावित हुए अभिषेक, बोले- बड़े शॉट लगाने का हुनर आने वाले समय में और निखरेगा
नई दिल्ली । भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए तीसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में भारतीय टीम ने 14 रन से जीत दर्ज की। इस मैच में जहां भारतीय बल्लेबाजों ने बड़े स्कोर की नींव रखी वहीं आखिरी ओवरों में प्रिंस यादव की छोटी लेकिन उपयोगी पारी भी चर्चा में रही। प्रिंस ने महज छह गेंदों पर नाबाद 13 रन बनाकर टीम के स्कोर को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया। उनकी इस बल्लेबाजी से अभिषेक शर्मा भी प्रभावित नजर आए। अभिषेक ने प्रिंस की तारीफ करते हुए कहा कि वह उनकी बल्लेबाजी पहले देख चुके हैं और दिल्ली के क्रिकेट सर्कल में उनके नाम की चर्चा होती है।भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से साझा किए गए वीडियो में प्रिंस यादव ने बताया कि तीसरे टी20 मुकाबले में बल्लेबाजी के लिए अभिषेक शर्मा ने उन्हें अपना बल्ला दिया था। प्रिंस के मुताबिक टीम के लिए किसी भी तरह से योगदान देना उनके लिए खुशी की बात है। चाहे बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी अथवा फील्डिंग हर खिलाड़ी की कोशिश रहती है कि वह टीम की सफलता में अपना हिस्सा दे। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि अभिषेक ने बल्ला देते समय उनसे कहा था कि उसकी बेइज्जती नहीं होनी चाहिए। प्रिंस ने कहा कि उन्होंने बल्ले की इज्जत रखते हुए कुछ अच्छे शॉट लगा दिए।वीडियो में प्रिंस के साथ मौजूद अभिषेक शर्मा ने उनकी बल्लेबाजी की क्षमता पर भरोसा जताया। अभिषेक ने कहा कि यदि किसी ने प्रिंस को बल्लेबाजी करते हुए नहीं देखा है तो उन्होंने उन्हें खेलते देखा है। दिल्ली में होने वाले सिंगल विकेट क्रिकेट में खिलाड़ियों को आमने-सामने अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों का हुनर दिखाना पड़ता है। अभिषेक के अनुसार प्रिंस में बड़े शॉट लगाने की क्षमता है और इसकी झलक वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में भी देखने को मिली। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में प्रिंस का यह हुनर और निखरेगा। अभिषेक ने यह भी कहा कि बल्ला उनका था लेकिन गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाने में प्रिंस की ताकत और प्रतिभा का योगदान था।प्रिंस ने बातचीत के दौरान यह भी बताया कि इंग्लैंड में भी उन्होंने अभिषेक के बल्ले से बल्लेबाजी की थी और छक्का लगाया था। इसी वजह से अब वह जब भी बल्लेबाजी के लिए उतरेंगे तो अभिषेक से ही बल्ला लेने की कोशिश करेंगे। मैदान पर इस हल्की-फुल्की बातचीत ने दोनों खिलाड़ियों के बीच अच्छे तालमेल की झलक भी दिखाई।मैच में प्रिंस यादव ने भारत की ओर से नंबर 10 या 11 पर बल्लेबाजी करते हुए टी20 इंटरनेशनल में तीन या उससे अधिक बाउंड्री लगाने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में जगह बनाई। उन्होंने अपनी नाबाद 13 रन की पारी में तीन चौके लगाए। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 223 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। जवाब में वेस्टइंडीज की टीम सात विकेट गंवाकर 209 रन ही बना सकी और भारत ने मुकाबला 14 रन से अपने नाम कर लिया।इस जीत में भारतीय टीम के सामूहिक प्रदर्शन की अहम भूमिका रही। हालांकि प्रिंस यादव की छोटी पारी ने यह भी दिखाया कि निचले क्रम के बल्लेबाजों का योगदान टी20 क्रिकेट में कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। अभिषेक शर्मा की तारीफ से प्रिंस का आत्मविश्वास बढ़ने की उम्मीद है और अब नजरें उनके आगे के प्रदर्शन पर रहेंगी। -

देवास की माता टेकरी की अनोखी कथा, रूठकर पाताल में समाने लगीं बड़ी माता तो छोटी माता ने छोड़ी टेकरी
मध्य प्रदेश: के देवास शहर की ऐतिहासिक माता टेकरी धार्मिक आस्था और प्राचीन मान्यताओं के लिए विशेष पहचान रखती है। यहां स्थित मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा के मंदिरों में सालभर श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्रि के दौरान दोनों मंदिरों में विशेष उत्साह दिखाई देता है। इस अवसर पर मंदिरों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मान्यता है कि दोनों देवियों के यहां विराजमान होने के कारण ही इस स्थान का नाम देवास पड़ा। माता टेकरी से जुड़ी कई लोककथाएं प्रचलित हैं, जिनमें दो रूठी हुई बहनों की कहानी विशेष रूप से प्रसिद्ध है।लोकमान्यता के अनुसार, माता टेकरी पर विराजित मां तुलजा भवानी को बड़ी माता और मां चामुंडा को छोटी माता कहा जाता है। प्रचलित कथा के मुताबिक, एक बार किसी बात को लेकर दोनों बहनों के बीच विवाद हो गया। इससे नाराज होकर दोनों ने टेकरी छोड़ने का फैसला कर लिया। बड़ी माता क्रोधित होकर पाताल में समाने लगीं, जबकि छोटी माता टेकरी से नीचे उतरने लगीं। जब इस घटना की जानकारी भैरवजी और हनुमानजी को मिली तो वे दोनों देवियों को मनाने पहुंचे। उस समय तक बड़ी माता का आधा शरीर पाताल में समा चुका था और छोटी माता टेकरी से काफी नीचे उतर आई थीं। देवताओं ने दोनों से रुकने और वापस लौटने की विनती की। उनकी प्रार्थना स्वीकार करते हुए दोनों देवियां उसी अवस्था में रुक गईं। लोकविश्वास के अनुसार, इसी वजह से बड़ी माता के आधे स्वरूप को पाताल में माना जाता है। यह कथा आज भी माता टेकरी की धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
माता टेकरी को लेकर एक अन्य धार्मिक मान्यता भी प्रचलित है। इसे रक्तपीठ के रूप में मान्यता प्राप्त है। धार्मिक विश्वास के अनुसार, यहां माता सती के हृदय से रक्त की बूंदें गिरी थीं। इसी पवित्र स्थान पर पहाड़ों के बीच से मां चामुंडा के प्रकट होने की मान्यता है, जबकि मां तुलजा भवानी को स्वयंभू माना जाता है। इन मान्यताओं के कारण माता टेकरी का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। नवरात्रि के दौरान यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु दोनों देवियों के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।
देवास के इतिहास में भी दोनों मंदिरों का विशेष स्थान रहा है। यहां कभी पवार राजवंश की दो रियासतें थीं, जिन्हें सीनियर और जूनियर रियासत के नाम से जाना जाता था। मान्यता के अनुसार, मां तुलजा भवानी जूनियर रियासत की कुलदेवी थीं, जबकि मां चामुंडा सीनियर रियासत की कुलदेवी मानी जाती थीं। इसी परंपरा के चलते दोनों देवियों के मंदिरों का राजपरिवार और स्थानीय धार्मिक संस्कृति से गहरा संबंध रहा है। आज भी श्रद्धालु इन मंदिरों को आस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में देखते हैं।
माता टेकरी को नाथ संप्रदाय की साधना स्थली के रूप में भी जाना जाता है। इस स्थान की परंपराएं गुरु गोरक्षनाथ, राजा भर्तृहरि और शीलनाथ महाराज जैसे योगियों से जुड़ी हुई हैं। लोककथाओं में टेकरी से उज्जैन तक लगभग 45 किलोमीटर लंबी गुप्त सुरंग होने का उल्लेख भी मिलता है। मान्यता है कि राजा भर्तृहरि इस सुरंग के रास्ते यहां आते थे, हालांकि इस दावे की ऐतिहासिक पुष्टि आवश्यक है।
नवरात्रि के अवसर पर माता टेकरी के दोनों मंदिरों को आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल की व्यवस्था की गई है और गर्मी से राहत देने के लिए कारपेट बिछाए गए हैं। नौ दिनों तक मंदिरों में चौबीस घंटे दर्शन की व्यवस्था रहती है। कई श्रद्धालु घुटनों के बल तो कुछ व्हीलचेयर के सहारे माता के दरबार तक पहुंच रहे हैं। शहर के विभिन्न स्थानों पर भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं, जहां इंदौर, उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं। रसूलपुर चौराहे से इंदिरा गांधी चौराहे तक विद्युत सजावट और विभिन्न स्थानों पर भगवा ध्वजों के साथ देवास में नवरात्रि का धार्मिक उत्साह दिखाई दे रहा है।
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रणजी ट्रॉफी 2026-27 में सितारों का शानदार आगाज, जडेजा-रिंकू के शतक से चमका बल्ला, प्रेरक मांकड़ ने भी खेली 129 रन की पारी
नई दिल्ली । रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन की शुरुआत भारतीय क्रिकेट के कई बड़े खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के साथ हुई है। सौराष्ट्र की ओर से खेलते हुए अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने छत्तीसगढ़ के खिलाफ शतकीय पारी खेलकर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। वहीं उत्तर प्रदेश की तरफ से रिंकू सिंह ने भी बिहार के खिलाफ शतक जड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इन दोनों खिलाड़ियों के अलावा प्रेरक मांकड़ और माधव कौशिक ने भी शानदार पारियां खेलीं। घरेलू क्रिकेट के इस मुकाबले में खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने एक बार फिर रणजी ट्रॉफी के महत्व को सामने रखा है।छत्तीसगढ़ के खिलाफ मुकाबले में रवींद्र जडेजा ने 209 गेंदों का सामना करते हुए 102 रन बनाए। उनकी पारी में सात चौके शामिल रहे। जडेजा जब क्रीज पर बल्लेबाजी करने उतरे थे तब सौराष्ट्र की टीम तीन विकेट के नुकसान पर 120 रन बनाकर खेल रही थी। ऐसे समय में टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। जडेजा ने पहले चिराग जानी के साथ चौथे विकेट के लिए 31 रन जोड़े। चिराग के आउट होने के बाद प्रेरक मांकड़ ने उनका साथ दिया और दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर सौराष्ट्र की पारी को मजबूती प्रदान की।जडेजा और प्रेरक मांकड़ के बीच पांचवें विकेट के लिए 205 रनों की शानदार साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने सौराष्ट्र को शुरुआती झटकों से उबारने में बड़ी भूमिका निभाई। प्रेरक मांकड़ ने 150 गेंदों पर 129 रन बनाए। उनकी पारी में बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन देखने को मिला। इससे पहले चिराग जानी ने भी 83 रनों का उपयोगी योगदान दिया था। इन पारियों की मदद से सौराष्ट्र की टीम पहली पारी में 392 रन तक पहुंचने में सफल रही। जडेजा का शतक इस पारी की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा।दूसरी ओर बिहार के खिलाफ उत्तर प्रदेश की टीम से खेलते हुए रिंकू सिंह ने भी अपने बल्ले से प्रभाव छोड़ा। रिंकू ने 168 गेंदों पर 112 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने आठ चौके और तीन छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी ने उत्तर प्रदेश की पारी को मजबूती दी। रिंकू को दूसरे छोर से माधव कौशिक का शानदार साथ मिला। दोनों के बीच 312 गेंदों में 207 रनों की बड़ी साझेदारी हुई। माधव कौशिक ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 150 रन बनाए। दोनों खिलाड़ियों के शतकों ने उत्तर प्रदेश के लिए इस मुकाबले में मजबूत आधार तैयार किया।रणजी ट्रॉफी के अन्य मुकाबलों में भी कई खिलाड़ियों ने अपनी छाप छोड़ी। बड़ौदा की ओर से खेलते हुए दीपक हुड्डा ने गोवा के खिलाफ 98 गेंदों पर 52 रन बनाए। उनकी पारी में पांच चौके शामिल रहे। हालांकि राजस्थान की तरफ से खेलने वाले मानव सुथार बल्लेबाजी में खास प्रभाव नहीं छोड़ सके और 17 रन बनाकर आउट हो गए। हैदराबाद की ओर से खेलते हुए मोहम्मद सिराज त्रिपुरा के खिलाफ पहली पारी में कोई विकेट हासिल नहीं कर सके।इससे पहले रविवार को भी कुछ प्रमुख खिलाड़ियों का प्रदर्शन चर्चा में रहा था। कर्नाटक की तरफ से खेलने वाले केएल राहुल सिर्फ चार रन बनाकर आउट हो गए थे। मुंबई के लिए खेलते हुए यशस्वी जायसवाल भी खाता नहीं खोल सके थे। वहीं मोहम्मद सिराज ने दिल्ली के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट हासिल किए थे। रणजी ट्रॉफी में इन मुकाबलों के जरिए अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और घरेलू क्रिकेट के प्रतिभाशाली बल्लेबाजों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिल रहा है। जडेजा और रिंकू सिंह के शतकों ने सीजन की शुरुआत को खास बना दिया है। -

: अभिषेक शर्मा ने टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज 2000 रन बनाकर रचा इतिहास, सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़कर हासिल की बड़ी उपलब्धि..
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए इतिहास रच दिया। इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में अभिषेक ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 2,000 रन पूरे किए और इस उपलब्धि तक सबसे कम गेंदों में पहुंचने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने भारत के पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। अभिषेक ने अपने आक्रामक अंदाज से गेंदबाजों पर दबाव बनाया और महज 18 गेंदों में अर्धशतक जड़कर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया।अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2,000 रन पूरे करने के लिए केवल 1,024 गेंदों का सामना किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड सूर्यकुमार यादव के नाम था, जिन्होंने दिसंबर 2023 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गकेबरहा में 1,164 गेंदों में इस आंकड़े को हासिल किया था। इस तरह अभिषेक ने सूर्यकुमार से 140 गेंदें कम खेलकर यह उपलब्धि हासिल की। उनकी इस कामयाबी ने टी20 क्रिकेट में उनकी तेज रन बनाने की क्षमता को फिर सामने रखा। अभिषेक पहले भी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के कारण चर्चा में रहे हैं और इस रिकॉर्ड के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत की।
वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में अभिषेक शुरुआत से ही आक्रामक नजर आए। उन्होंने पारी के दूसरे ओवर में रोस्टन चेज की गेंदों पर दो शानदार छक्के लगाए और कवर के ऊपर से चौका भी जड़ा। इसके बाद उन्होंने शमर स्प्रिंगर और शमर जोसेफ के खिलाफ भी बड़े शॉट लगाए। अभिषेक ने मैदान के अलग-अलग हिस्सों में रन बटोरते हुए वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। उनकी बल्लेबाजी में चौकों और छक्कों का अच्छा तालमेल दिखाई दिया, जिससे भारतीय टीम की रन गति तेज बनी रही।
अभिषेक ने केवल 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। यह इस श्रृंखला में उनका पहला अर्धशतक था और टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का 14वां अर्धशतक भी रहा। उन्होंने अपनी पारी में शुरुआत से ही तेजी बनाए रखी और गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया। इससे पहले श्रृंखला के शुरुआती मुकाबले में वह 21 रन बनाकर आउट हो गए थे। तीसरे मैच में उन्होंने उस प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए दमदार वापसी की। उनकी बल्लेबाजी ने दर्शकों का ध्यान खींचा और भारतीय पारी को तेज शुरुआत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
दूसरे छोर पर संजू सैमसन के जल्दी आउट होने के बाद अभिषेक को ईशान किशन का साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाते हुए केवल 20 गेंदों में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी कर ली। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के कारण वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को लगातार अपनी रणनीति बदलनी पड़ी। ईशान किशन ने भी उपयोगी योगदान दिया, लेकिन रोस्टन चेज ने उनकी पारी समाप्त कर दी। ईशान ने 37 रन बनाए। इसके बाद भी अभिषेक ने रन बनाने की गति बनाए रखी और भारतीय पारी को मजबूती दी।
अभिषेक शर्मा की शानदार पारी का अंत दसवें ओवर में हुआ, जब शमर स्प्रिंगर ने उन्हें कैच आउट कर दिया। अभिषेक ने 30 गेंदों में 69 रन बनाए, जिसमें छह चौके और पांच छक्के शामिल थे। उनकी पारी ने भारत को मजबूत स्कोर की दिशा में आगे बढ़ाया। 2,000 रन का रिकॉर्ड और 18 गेंदों में अर्धशतक इस मुकाबले की प्रमुख उपलब्धियां रहीं। अभिषेक के प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि टी20 प्रारूप में तेजी से रन बनाना उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी ताकत है।
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6 दिन से लापता 18 वर्षीय सुहाना की तलाश में जुटी पुलिस, बाइक पर नंबर प्लेट नहीं और दोनों के मोबाइल बंद, 5 किलोमीटर के CCTV फुटेज खंगाले
ग्वालियर । ग्वालियर में चिड़ियाघर घूमने पहुंची 18 वर्षीय नवविवाहिता सुहाना जाटव के लापता होने का मामला छह दिन बाद भी सुलझ नहीं पाया है। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी है लेकिन अब तक सुहाना और उसके साथ जाने की बात सामने आए युवक अरमान खान का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। पुलिस ने चिड़ियाघर के आसपास पांच किलोमीटर के दायरे में लगे 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं। इसके बावजूद दोनों किस रास्ते से गए और इसके बाद कहां पहुंचे इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है। मामले में सबसे बड़ी परेशानी उस बाइक पर नंबर प्लेट नहीं होना है जिस पर सुहाना के बैठकर जाने की बात सामने आई है। दोनों के मोबाइल फोन भी बंद बताए जा रहे हैं।जानकारी के मुताबिक शिवपुरी निवासी सुहाना जाटव की शादी कुछ महीने पहले करण जाटव से हुई थी। घटना वाले दिन पति-पत्नी किसी रिश्तेदार से मिलने के लिए ग्वालियर आए थे। इसके बाद सुहाना ने चिड़ियाघर घूमने की इच्छा जताई। दोनों दोपहर करीब 1:25 से 1:35 बजे के बीच चिड़ियाघर पहुंचे। पुलिस के अनुसार जब करण अपनी बाइक पार्क करने के लिए आगे गया तो सुहाना वहीं रुक गई। इसी दौरान कथित तौर पर अरमान खान वहां बाइक लेकर पहुंचा और सुहाना उसकी बाइक पर बैठकर चली गई। करण जब बाइक खड़ी करके वापस लौटा तो सुहाना वहां नहीं थी। उसने आसपास तलाश की और कुछ दूरी तक उनका पीछा करने की कोशिश भी की लेकिन दोनों का पता नहीं चल पाया।घटना के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से घटनाक्रम और संभावित रास्तों की जांच शुरू की। पांच किलोमीटर के दायरे में 100 से अधिक कैमरों के फुटेज देखे गए। फुटेज में सुहाना के दूसरी बाइक पर बैठकर जाने से जुड़े दृश्य सामने आने की बात कही गई है। हालांकि इसके बाद दोनों किस दिशा में गए और उन्होंने आगे कौन सा रास्ता चुना इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। महल गेट के आगे कुछ रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से पुलिस की जांच प्रभावित हो रही है। बाइक पर नंबर प्लेट नहीं होने के कारण वाहन की पहचान करना भी चुनौती बना हुआ है।पड़ाव थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव के मुताबिक सुहाना और अरमान के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर रखे गए हैं। लेकिन दोनों के फोन लगातार बंद आ रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल दोबारा चालू होने पर उनकी लोकेशन से जुड़ा कोई सुराग मिल सकता है। जांच टीम ने मुरैना जिले के जरैना गांव में भी उनके रिश्तेदारों के यहां तलाश की लेकिन वहां भी दोनों नहीं मिले। पुलिस अब उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य जानकारियों को जोड़कर उनके आने-जाने के संभावित रास्तों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।इस बीच करण जाटव अपनी पत्नी की तलाश में रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क कर रहा है। घटना के छह दिन बीत जाने के बाद भी परिवार को सुहाना के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। पुलिस का कहना है कि तलाश जारी है और दोनों की गतिविधियों से जुड़े संभावित सुरागों की जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सुहाना और अरमान कहां हैं और वे चिड़ियाघर से निकलने के बाद किस स्थान पर पहुंचे। मामले की जांच पूरी होने और संबंधित लोगों के मिलने के बाद ही घटनाक्रम की आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।