रणबीर ने बताया कि एक अभिनेता के तौर पर उन्हें हमेशा से कुछ अलग करने की तलाश रहती है और ‘एनिमल’ की कहानी में उन्हें वह जोखिम नजर आया। हालांकि शुरुआत में वह डरे हुए थे लेकिन जैसे-जैसे संदीप ने उन्हें इस कहानी के पीछे के जज्बात और एक पिता के प्रति बेटे के पागलपन भरे प्यार को समझाया रणबीर का डर एक्साइटमेंट में बदल गया। उन्होंने कहा कि संदीप रेड्डी वांगा के काम करने का तरीका और उनका अटूट आत्मविश्वास ही वह मुख्य वजह थी जिसने उन्हें इस फिल्म के लिए ‘हां’ कहने पर मजबूर किया। उन्हें लगा कि अगर डायरेक्टर इस कहानी को इतनी ईमानदारी और जुनून के साथ पर्दे पर उतारना चाहता है तो उन्हें भी अपनी सीमाओं को तोड़ना ही होगा।
फिल्म के दौरान आने वाली शारीरिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए रणबीर ने उस यादगार क्लाइमेक्स सीन को याद किया जिसने पर्दे पर तहलका मचा दिया था। उन्होंने बताया कि बॉबी देओल के साथ शर्टलेस फाइट सीक्वेंस शूट करना उनके लिए सबसे कठिन अनुभव रहा। कड़ाके की ठंड में बिना कपड़ों के उस तीव्रता के साथ लड़ना न केवल शारीरिक रूप से थका देने वाला था बल्कि मानसिक तौर पर भी उस गुस्से को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती थी। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि एक्शन सीन्स की मौलिकता ने ही उन्हें इस प्रक्रिया का आनंद लेने के लिए प्रेरित किया।
रणबीर कपूर की यह फिल्म न केवल उनके करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बनी बल्कि इसने सिनेमाई दुनिया में एक नई बहस को भी जन्म दिया। फिल्म में रश्मिका मंदाना बॉबी देओल और तृप्ति डिमरी के किरदारों ने भी कहानी में जान फूंकी। अब जबकि दुनिया भर के दर्शक फिल्म के सीक्वल ‘एनिमल पार्क’ का इंतजार कर रहे हैं रणबीर अपनी अगली बड़ी फिल्म ‘रामायण’ की तैयारी में जुट गए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि जिस अभिनेता ने खूंखार रणविजय बनकर दर्शकों को डराया वह अब भगवान राम के रूप में पर्दे पर क्या जादू बिखेरते हैं।









