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  • शुक्रवार को पत्नी को दें कपड़े से लेकर सुहाग की सामग्री तक, प्रेम और सम्मान से घर में आएगी खुशहाली, जानें क्या कहती है मान्यता

    शुक्रवार को पत्नी को दें कपड़े से लेकर सुहाग की सामग्री तक, प्रेम और सम्मान से घर में आएगी खुशहाली, जानें क्या कहती है मान्यता


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी की पूजा और आराधना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी धन वैभव सुख और समृद्धि की देवी हैं। मान्यता है कि जिस घर में प्रेम शांति और एक दूसरे के प्रति सम्मान का भाव बना रहता है वहां सकारात्मक वातावरण रहता है। इसी मान्यता के आधार पर शुक्रवार को पत्नी को कुछ खास उपहार देने का उपाय बताया जाता है। कहा जाता है कि ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है और घर परिवार में सुख समृद्धि का माहौल बनता है। हालांकि ये उपाय धार्मिक आस्था से जुड़े हैं और धन संबंधी परेशानियां दूर होने की कोई गारंटी नहीं देते।

    पत्नी को उपहार में दें कपड़े

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार के दिन पत्नी को नए कपड़े उपहार में देना शुभ माना जाता है। कपड़े प्रेम और देखभाल का प्रतीक हैं। मान्यता है कि इस दिन पत्नी को उसकी पसंद के कपड़े देने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख समृद्धि बनी रहती है। इसके लिए महंगे कपड़े खरीदना जरूरी नहीं है। अपनी क्षमता और बजट के अनुसार दिया गया छोटा सा उपहार भी रिश्ते में खुशी ला सकता है। उपहार देते समय पत्नी की पसंद का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण है।

    गहने उपहार में देना माना जाता है शुभ

    हिंदू धार्मिक परंपराओं में आभूषणों का संबंध सौंदर्य और शुभता से जोड़ा जाता है। शुक्रवार के दिन पत्नी को कोई आभूषण भेंट करने की भी मान्यता है। ऐसा माना जाता है कि इससे शुक्र ग्रह से जुड़ी शुभता बढ़ती है और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। हालांकि गहने खरीदने के लिए अपनी आर्थिक स्थिति पर दबाव डालना उचित नहीं है। यदि बजट कम है तो कोई छोटा आभूषण या पसंद की दूसरी उपयोगी वस्तु भी दी जा सकती है। उपहार का वास्तविक महत्व उसकी कीमत से ज्यादा उसमें छिपे प्रेम और भावना में होता है।

    सुहाग की सामग्री देना भी है खास

    शुक्रवार को पत्नी को सुहाग से जुड़ी सामग्री भेंट करने का उपाय भी धार्मिक मान्यताओं में बताया जाता है। इसमें सिंदूर बिंदी चूड़ियां और सजने संवरने से जुड़ी दूसरी चीजें शामिल हो सकती हैं। मान्यता है कि इन वस्तुओं को उपहार में देने से वैवाहिक जीवन में प्रेम और सौहार्द बना रहता है। यह परंपरा पति पत्नी के रिश्ते को महत्व देने और एक दूसरे की खुशियों का ध्यान रखने का संदेश भी देती है। उपहार चुनते समय पत्नी की पसंद और सुविधा को प्राथमिकता देना बेहतर है।

    प्यार और सम्मान है सबसे अनमोल उपहार

    इन सभी उपायों में सबसे महत्वपूर्ण बात पत्नी को प्यार और सम्मान देना है। किसी भी रिश्ते की मजबूती केवल महंगे उपहारों पर निर्भर नहीं करती बल्कि उसमें विश्वास सहयोग और एक दूसरे की भावनाओं को समझने की भूमिका सबसे बड़ी होती है। शुक्रवार को पत्नी के साथ समय बिताना उनकी बात ध्यान से सुनना और घर की जिम्मेदारियों में सहयोग करना भी खास मायने रखता है। धार्मिक मान्यता है कि जिस घर में महिलाओं का सम्मान होता है वहां सुख शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहता है।

    इसलिए शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा के साथ परिवार में प्रेम और सम्मान बनाए रखने का संकल्प लिया जा सकता है। कपड़े गहने या सुहाग की सामग्री जैसे उपहार अपनी सामर्थ्य के अनुसार दिए जा सकते हैं। इन परंपराओं का उद्देश्य रिश्तों में मिठास बढ़ाना और सकारात्मकता को महत्व देना है। आर्थिक परेशानियों से निपटने के लिए बचत और खर्चों की सही योजना बनाना भी उतना ही जरूरी है।

  • दिल्ली से इतने KM दूर होगा भगवान कल्कि का अवतार, यूपी के इस थाना क्षेत्र में है वह गांव, जानिए पूरी पौराणिक मान्यता

    दिल्ली से इतने KM दूर होगा भगवान कल्कि का अवतार, यूपी के इस थाना क्षेत्र में है वह गांव, जानिए पूरी पौराणिक मान्यता



    नई दिल्ली। सनातन धर्म में भगवान विष्णु के दसवें अवतार कल्कि को लेकर विशेष मान्यता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार जब कलियुग अपने अंतिम चरण में पहुंचेगा और पृथ्वी पर अधर्म बढ़ जाएगा तब भगवान विष्णु कल्कि अवतार लेकर धर्म की पुनः स्थापना करेंगे। इस अवतार के जन्मस्थान को लेकर उत्तर प्रदेश के संभल जिले का नाम विशेष रूप से चर्चा में रहता है। यहां ऐंचोड़ा कंबोह गांव में श्री कल्कि धाम का निर्माण किया जा रहा है। यह स्थान दिल्ली से करीब 160 किलोमीटर दूर बताया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कल्कि अवतार का जन्म संभल क्षेत्र में एक ब्राह्मण परिवार में होगा। हालांकि यह विषय आस्था और पुराणों में वर्णित भविष्यवाणियों से जुड़ा है और इसे वर्तमान में प्रमाणित ऐतिहासिक तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

    धार्मिक ग्रंथों में भगवान कल्कि के अवतरण का उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि उनका जन्म उस समय होगा जब कलियुग में अन्याय अत्यधिक बढ़ जाएगा और धर्म का प्रभाव कमजोर पड़ने लगेगा। कल्कि पुराण और श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु का यह अवतार अधर्म का नाश कर धर्म की स्थापना करेगा। संभल को इस अवतार से जुड़ा प्रमुख स्थान माना जाता है। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में स्थित ऐंचोड़ा कंबोह गांव इसी धार्मिक विश्वास के कारण श्रद्धालुओं के बीच पहचान बना रहा है। यह गांव असमोली विकासखंड के अंतर्गत आता है और संभल शहर से इसकी दूरी लगभग 16 किलोमीटर बताई जाती है।

    ऐंचोड़ा कंबोह में बन रहा श्री कल्कि धाम इस मान्यता का प्रमुख केंद्र है। इस मंदिर की खास बात यह है कि यह भगवान विष्णु के उस अवतार को समर्पित है जिसके प्रकट होने की धार्मिक मान्यता भविष्य से जुड़ी है। कल्कि धाम के निर्माण से संभल की धार्मिक पहचान को भी नई दिशा मिल रही है। श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान आस्था और भविष्य में धर्म की विजय की उम्मीद का प्रतीक है। मंदिर से जुड़ी गतिविधियों और धार्मिक आयोजनों के कारण यह क्षेत्र लगातार चर्चा में बना हुआ है।

    कल्कि अवतार के माता-पिता को लेकर भी पुराणों में विवरण मिलता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान कल्कि के पिता का नाम विष्णुयश और माता का नाम सुमति होगा। उन्हें एक तपस्वी और धार्मिक ब्राह्मण परिवार से जुड़ा बताया गया है। मान्यता है कि भगवान कल्कि का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और शक्तिशाली होगा। उनका वाहन सफेद घोड़ा बताया जाता है और उनके हाथ में दिव्य तलवार होगी। इन प्रतीकों को बुराई पर अच्छाई की जीत और अधर्म के अंत के रूप में देखा जाता है।

    कल्कि अवतार के प्रकट होने का समय भी धार्मिक चर्चा का महत्वपूर्ण विषय है। सनातन धर्म की प्रचलित कालगणना के अनुसार कलियुग की कुल अवधि चार लाख बत्तीस हजार वर्ष मानी जाती है। धार्मिक गणना में अभी इसके शुरुआती हजारों वर्ष ही बीतने की मान्यता है। इस आधार पर कलियुग के अंत में अभी बहुत लंबा समय शेष माना जाता है। इसलिए कल्कि अवतार के प्रकट होने को निकट भविष्य की घटना मानने के बजाय धार्मिक ग्रंथों में वर्णित भविष्यवाणी के रूप में समझना उचित है।

    कुछ धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में भगवान कल्कि के विवाह का भी उल्लेख मिलता है। मान्यता के अनुसार उनका विवाह सिंहल द्वीप के राजा की पुत्री पद्मा से होगा जिन्हें देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। कल्कि अवतार की कथा में धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश का संदेश प्रमुख है। संभल का ऐंचोड़ा कंबोह गांव इसी मान्यता के कारण विशेष धार्मिक महत्व रखता है। यहां बन रहा कल्कि धाम श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बन रहा है और भगवान विष्णु के दसवें अवतार से जुड़ी पौराणिक कथाओं को फिर से चर्चा में ला रहा है।

  • हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना, नाना पाटेकर की सीख याद कर भावुक हुए शाहरुख खान, निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक

    हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना, नाना पाटेकर की सीख याद कर भावुक हुए शाहरुख खान, निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक


    नई दिल्ली। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से हिंदी और मराठी सिनेमा में शोक की लहर है। अपनी दमदार अदाकारी और बेबाक अंदाज से करोड़ों दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले नाना पाटेकर 75 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए। उनके निधन के बाद गोवा की पणजी पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अभिनेता को गोवा के डोना पाउला स्थित उनके आवास से मणिपाल अस्पताल ले जाया गया था जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की जांच पुलिस सब इंस्पेक्टर नितिन नाइक के नेतृत्व में की जा रही है। हालांकि अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज होना अपने आप में किसी आपराधिक साजिश का प्रमाण नहीं है।
    Loksatta
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    नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार गुरुवार रात पुणे के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए परिवार के सदस्यों के साथ फिल्म जगत की कई हस्तियां और प्रशंसक पहुंचे। अभिनेता के बेटे मल्हार पाटेकर ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि नाना साहेब जैसे लोग वास्तव में कभी दूर नहीं होते। उनके काम और उपलब्धियां उन्हें हमेशा लोगों के बीच जीवित रखेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता की सोच और उनके सपनों को आगे बढ़ाना ही परिवार के लिए भविष्य की दिशा तय करेगा। मल्हार के शब्दों से पिता के प्रति उनका गहरा लगाव और सम्मान साफ झलकता है।

    नाना पाटेकर के निधन पर अभिनेता शाहरुख खान ने भी भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नाना के साथ अपनी पुरानी तस्वीर साझा करते हुए उन्हें अपना गुरु शिक्षक आलोचक और दोस्त बताया। शाहरुख ने नाना के साथ पहली मुलाकात का किस्सा याद किया। उन्होंने बताया कि नाना के सामने वह काफी प्रभावित हो गए थे और अपने बालों से खेलने लगे थे। इस पर नाना ने उन्हें टोकते हुए कहा था कि हीरो की तरह बाल मत बना तू एक्टर है। शाहरुख के लिए यह सिर्फ एक मजाकिया घटना नहीं थी बल्कि अभिनय की असली पहचान समझाने वाला सबक था।

    शाहरुख ने अपने संदेश में बताया कि नाना पाटेकर का स्वभाव बेहद सीधा और बेबाक था। वह सामने वाले को खुश करने के लिए झूठी तारीफ नहीं करते थे बल्कि वही बात कहते थे जो उनके अनुसार जरूरी होती थी। उनका प्यार जताने का तरीका भी अलग था। कभी डांटकर तो कभी तीखी बात कहकर वह अपनेपन का एहसास करा देते थे। शाहरुख ने याद किया कि नाना उनके साथ कैरम खेलने के बेहद शौकीन थे और अक्सर उन्हें हरा देते थे। उनके बीच की यह दोस्ती फिल्मी दुनिया के रिश्तों से कहीं आगे बढ़कर आपसी सम्मान और स्नेह का उदाहरण थी।

    नाना को याद करते हुए शाहरुख ने इस बात का अफसोस जताया कि उन्हें उनके साथ और वक्त बिताने का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि काश दोनों के बीच कुछ और बातचीत होती और कुछ बहसों के साथ चाय पीने तथा कैरम खेलने के और अवसर मिलते। शाहरुख ने नाना की उस सीख को भी याद किया जो उनके दिल में हमेशा रहेगी। नाना ने उनसे कहा था कि हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना। इस बात का अर्थ है कि लोकप्रियता और पर्दे पर बड़ी छवि बनाने की कोशिश में कलाकार को अपने अभिनय की असली पहचान नहीं खोनी चाहिए।

    नाना पाटेकर का करियर कई दशकों तक फैला रहा। उन्होंने हिंदी और मराठी फिल्मों में गंभीर किरदारों से लेकर यादगार व्यावसायिक भूमिकाओं तक अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी तीखी संवाद अदायगी और प्रभावशाली अभिनय ने उन्हें दर्शकों के बीच खास स्थान दिलाया। उनके निधन से भारतीय सिनेमा ने एक विशिष्ट कलाकार को खो दिया है। उनकी फिल्में उनके किरदार और शाहरुख जैसे कलाकारों को दी गई उनकी सीख आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी विरासत बनी रहेगी।

  • एलन मस्क की बादशाहत पर दौलत का झटका, 1.05 ट्रिलियन डॉलर से घटकर 987 अरब डॉलर हुई संपत्ति, जेफ बेजोस दूसरे नंबर पर

    एलन मस्क की बादशाहत पर दौलत का झटका, 1.05 ट्रिलियन डॉलर से घटकर 987 अरब डॉलर हुई संपत्ति, जेफ बेजोस दूसरे नंबर पर


    नई दिल्ली। दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अंतरिक्ष कारोबार में बढ़ते निवेश और कंपनियों की वैल्यूएशन में बदलाव ने अरबपतियों की संपत्ति के समीकरण बदल दिए हैं। अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस की संपत्ति में जबरदस्त उछाल आया है और वह अल्फाबेट के सह-संस्थापक लैरी पेज को पीछे छोड़कर दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। दूसरी ओर टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क की संपत्ति घटकर 987 अरब डॉलर रह गई है। हालांकि वह अब भी दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के आंकड़ों के मुताबिक इस बदलाव के पीछे अंतरिक्ष कारोबार में निवेश और कंपनियों की बाजार में बढ़ती अहमियत बड़ी वजह है।

    जेफ बेजोस की संपत्ति में आई तेजी का प्रमुख कारण उनकी अंतरिक्ष कंपनी ब्लू ओरिजिन की वैल्यूएशन में हुई बढ़ोतरी है। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी का मूल्यांकन 140 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसके बाद बेजोस की कुल संपत्ति में लगभग 80 अरब डॉलर यानी करीब 7.74 लाख करोड़ रुपये का उछाल दर्ज किया गया। इतनी बड़ी बढ़ोतरी ने उन्हें दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया है। हालांकि अरबपतियों की संपत्ति का आकलन कंपनियों में हिस्सेदारी और उनके मूल्यांकन के आधार पर किया जाता है। इसलिए संपत्ति में हुई यह बढ़ोतरी जरूरी नहीं कि उतनी ही रकम नकद के रूप में उनके पास आ गई हो।

    जेफ बेजोस ने वर्ष 2000 में ब्लू ओरिजिन की स्थापना की थी। कंपनी का उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रा और रॉकेट तकनीक के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाना है। हालिया फंडिंग राउंड में ब्लू ओरिजिन ने पहली बार बाहरी निवेशकों से इक्विटी पूंजी जुटाई। इस निवेश के बाद कंपनी का मूल्यांकन 140 अरब डॉलर आंका गया। रिपोर्ट के मुताबिक बेजोस के पास कंपनी की करीब 93 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ऐसे में कंपनी की वैल्यूएशन में बढ़ोतरी का सीधा असर उनकी अनुमानित कुल संपत्ति पर पड़ा है। अंतरिक्ष कारोबार में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने भी इस क्षेत्र की कंपनियों को लेकर उम्मीदें बढ़ाई हैं।

    दूसरी ओर एलन मस्क की संपत्ति में गिरावट ने भी सुर्खियां बटोरी हैं। रिपोर्ट के अनुसार उनकी कुल संपत्ति पहले 1.05 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गई थी लेकिन अब घटकर 987 अरब डॉलर रह गई है। इस गिरावट के बावजूद मस्क दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। उनकी कंपनियां टेस्ला और स्पेसएक्स इलेक्ट्रिक वाहन तथा अंतरिक्ष कारोबार में अहम भूमिका निभाती हैं। उनकी संपत्ति में उतार चढ़ाव का असर अरबपतियों की वैश्विक रैंकिंग पर भी दिखाई देता है।

    अंतरिक्ष कारोबार में एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स और जेफ बेजोस की ब्लू ओरिजिन के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक स्पेसएक्स ने पिछले साल करीब 18.7 अरब डॉलर का राजस्व अर्जित किया जबकि ब्लू ओरिजिन का राजस्व लगभग 800 मिलियन डॉलर रहा। दोनों कंपनियां रॉकेट लॉन्च और चंद्रमा से जुड़े अभियानों सहित कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम कर रही हैं। राजस्व में बड़ा अंतर होने के बावजूद ब्लू ओरिजिन के मूल्यांकन में हुई बढ़ोतरी ने बेजोस की संपत्ति को नई ऊंचाई दी है। यह घटनाक्रम दिखाता है कि अरबपतियों की दौलत केवल मौजूदा कमाई से नहीं बल्कि भविष्य की संभावनाओं और निवेशकों की उम्मीदों से भी प्रभावित होती है। आने वाले समय में अंतरिक्ष उद्योग में होने वाले निवेश और कंपनियों के प्रदर्शन पर दुनिया के सबसे अमीर लोगों की रैंकिंग काफी हद तक निर्भर करेगी।

  • ग्रीन कार्ड और H-1B वीजा पर अमेरिकी शिकंजा, माइक्रोसॉफ्ट ने आरोपों को नकारा, ट्रंप ने सत्या नडेला को किया सम्मानित

    ग्रीन कार्ड और H-1B वीजा पर अमेरिकी शिकंजा, माइक्रोसॉफ्ट ने आरोपों को नकारा, ट्रंप ने सत्या नडेला को किया सम्मानित


    नई दिल्ली। अमेरिका में आव्रजन नियमों को लेकर ट्रंप प्रशासन की सख्ती के बीच माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी एच-1बी वीजा नीति का बचाव किया है। अमेरिकी सरकार की कार्रवाई के बाद कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसके अमेरिकी कार्यबल में अधिकांश कर्मचारी अमेरिकी नागरिक हैं और विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति का उद्देश्य प्रतिभाशाली लोगों को अवसर देना है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्या नडेला को नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन से सम्मानित किया। एक तरफ कंपनी आव्रजन नीति को लेकर सरकारी कार्रवाई का सामना कर रही है तो दूसरी तरफ उसके प्रमुख को तकनीकी क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मान मिलना चर्चा का विषय बन गया है।

    माइक्रोसॉफ्ट ने अपने बयान में बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान कंपनी की ओर से एच-1बी वीजा के लिए किए गए लगभग 6000 आवेदनों में से करीब 80 प्रतिशत मौजूदा कर्मचारियों की वीजा स्थिति बदलने या उसे आगे बढ़ाने से संबंधित थे। कंपनी के अनुसार नए कर्मचारियों के लिए किए गए शेष आवेदन उन लोगों से जुड़े थे जो पहले से ही अमेरिका में कानूनी रूप से रह रहे थे। माइक्रोसॉफ्ट ने यह भी कहा कि एच-1बी वीजा से जुड़े कर्मचारी उसके अमेरिकी कार्यबल का लगभग एक प्रतिशत थे। कंपनी ने उन आरोपों को भी खारिज किया जिनमें विदेशी कर्मचारियों को अमेरिकी कर्मचारियों की तुलना में कम वेतन देने की बात कही गई थी। उसका कहना है कि एच-1बी वीजा पर काम करने वाले कर्मचारियों को अन्य कर्मचारियों के समान वेतन दिया जाता है।

    यह विवाद उस समय बढ़ा जब अमेरिकी श्रम सचिव कीथ सोंडरलिंग ने माइक्रोसॉफ्ट को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम यानी पीईआरएम से निलंबित करने की घोषणा की। इस कार्रवाई के तहत कंपनी के नए और लंबित आवेदनों को स्वीकार नहीं किए जाने की बात कही गई। रिपोर्ट के अनुसार एडोब और कई बड़ी आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियां भी इस कार्रवाई के दायरे में आई हैं। अमेरिकी प्रशासन ने इस फैसले के पीछे चल रही संघीय जांच का हवाला दिया है। पीईआरएम कार्यक्रम विदेशी कर्मचारियों को स्थायी रूप से अमेरिका में काम करने और ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

    अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने माइक्रोसॉफ्ट की भर्ती नीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कंपनी ने लगभग 6000 अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से हटाया जबकि हजारों एच-1बी वीजा और ग्रीन कार्ड का इस्तेमाल किया। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी वीजा नीति का बचाव करते हुए कहा कि उसके आंकड़ों को सही संदर्भ में देखा जाना चाहिए। इस विवाद ने अमेरिकी तकनीकी उद्योग में विदेशी कर्मचारियों की भूमिका और स्थानीय लोगों के रोजगार को लेकर बहस तेज कर दी है। भारतीय आईटी पेशेवरों के लिए भी यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय कर्मचारी अमेरिकी तकनीकी कंपनियों में एच-1बी वीजा के माध्यम से काम करते हैं।

    दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रंप ने सत्या नडेला के नेतृत्व की प्रशंसा की और माइक्रोसॉफ्ट को बदलने में उनकी भूमिका को सराहा। उन्होंने क्लाउड कंप्यूटिंग और सुपरइंटेलिजेंस जैसे तकनीकी क्षेत्रों में नडेला के योगदान का उल्लेख किया। इसके साथ ही अमेरिकी श्रम विभाग ने नौ प्रमुख विश्वविद्यालयों में जे-1 वीजा से जुड़े संभावित उल्लंघनों की ऐतिहासिक जांच की घोषणा भी की है। एफ-1 छात्र वीजा पर आने वाले विद्यार्थियों के वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम यानी ओपीटी के आवेदनों पर नए शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी सामने आया है। कुल मिलाकर अमेरिका में आव्रजन नियमों को सख्त बनाने की कोशिशों का असर तकनीकी कंपनियों विदेशी पेशेवरों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर पड़ सकता है। हालांकि प्रस्तावित शुल्क और प्रशासनिक फैसलों के अंतिम प्रभाव को समझने के लिए आधिकारिक अधिसूचनाओं और आगे के घटनाक्रम पर नजर रखना जरूरी होगा।

  • कांग्रेस-BJP कार्यकर्ताओं के साथ हादसा, CM मोहन यादव की एक टिप्पणी से चौंके विधायक, मंत्री को कह दिया सेठ जी

    कांग्रेस-BJP कार्यकर्ताओं के साथ हादसा, CM मोहन यादव की एक टिप्पणी से चौंके विधायक, मंत्री को कह दिया सेठ जी


    सिलवानी । मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों विरोध प्रदर्शन से लेकर नेताओं के बयानों और नौकरशाही के अंदरूनी घटनाक्रम तक कई दिलचस्प मामले सामने आ रहे हैं। रायसेन के सिलवानी में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान एक कार्यकर्ता आग की चपेट में आ गया तो ग्वालियर में भाजपा की सेवा ज्योति यात्रा के दौरान भी एक कार्यकर्ता झुलस गया। वहीं रतलाम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एक संबोधन ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी। उन्होंने मंत्री चैतन्य काश्यप को सेठ जी कहकर संबोधित किया तो रतलाम ग्रामीण के विधायक मथुरालाल डामर को पूर्व विधायक बता दिया। दूसरी ओर शत्रु संपत्ति को लेकर हुई सरकारी बैठक में एक प्रमुख सचिव के बचाव का मामला भी चर्चा में रहा।

    रायसेन जिले के सिलवानी में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और एसआईआर के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाया जा रहा था तभी अचानक आग भड़क उठी और एक कार्यकर्ता इसकी चपेट में आ गया। युवक के सिर और कपड़ों में आग लग गई। अचानक हुई घटना से घबराया कार्यकर्ता वहां से भागा। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाई जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि राजनीतिक विरोध के दौरान उत्साह के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।

    इधर ग्वालियर में भाजपा की सेवा ज्योति यात्रा के दौरान भी कुछ ऐसा ही घटनाक्रम हुआ। सांसद भरत सिंह कुशवाह मशाल लेकर चल रहे थे। इसी दौरान एक उत्साहित कार्यकर्ता सेवा ज्योति को यात्रा रथ पर स्थापित करने के लिए ऊपर चढ़ गया। जब उसे मशाल सौंपी जा रही थी तभी उसकी लौ से आग कार्यकर्ता के कपड़ों पर गिर गई। देखते ही देखते उसकी शर्ट जलने लगी। आसपास मौजूद लोगों ने उसे आग लगने की जानकारी दी जिसके बाद युवक ने किसी तरह आग बुझाई और नीचे उतर आया। इस घटना में सांसद भरत सिंह कुशवाह भी आग की चपेट में आने से बाल बाल बच गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

    उधर रतलाम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के वर्चुअल संबोधन ने अलग ही चर्चा पैदा कर दी। बलराम महोत्सव में उन्होंने मंत्री चैतन्य काश्यप को सेठ जी कहकर संबोधित किया और उनके लिए तालियां भी बजवाईं। इसके बाद रतलाम ग्रामीण के विधायक मथुरालाल डामर को पूर्व विधायक कह दिया। मुख्यमंत्री की जुबान फिसलने से विधायक के चेहरे के भाव देखने लायक हो गए। कार्यक्रम में रतलाम के महापौर प्रहलाद पटेल की गैरमौजूदगी पर भी मुख्यमंत्री ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि महापौर किसानों के कार्यक्रम में आने के बजाय अपना मैरिज गार्डन चला रहे हैं और नगर निगम भी संभाल रहे हैं। कुछ देर बाद महापौर पहुंचे तो मुख्यमंत्री ने उन्हें और उनके साथ आए नेता को राम लक्ष्मण कहकर संबोधित किया। उनके इस अंदाज की सियासी गलियारों में खूब चर्चा हो रही है।

    इसी बीच शत्रु संपत्ति को लेकर हुई सरकारी बैठक में एक प्रमुख सचिव बिना पूरी तैयारी के पहुंच गए और मांगी गई जानकारी नहीं दे पाए। नाराजगी सामने आने पर उन्होंने जानकारी नहीं मिलने की बात कही लेकिन संबंधित अतिरिक्त मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सूचना पहले ही भेजी जा चुकी थी। मामला बिगड़ता देख बैठक में मौजूद एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रमुख सचिव का बचाव किया और कहा कि उन्हें जानकारी नहीं मिली थी। इस तरह बैठक का माहौल संभल गया। मध्य प्रदेश में इन घटनाओं ने राजनीति के साथ प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चाओं को हवा दे दी है।

  • नाना पाटेकर की मौत के मामले में अप्राकृतिक डेथ का केस दर्ज… पणजी पुलिस ने शुरू की जांच

    नाना पाटेकर की मौत के मामले में अप्राकृतिक डेथ का केस दर्ज… पणजी पुलिस ने शुरू की जांच


    पणजी।
    पणजी पुलिस (Panaji Police) ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर (Nana Patekar) की मौत के मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत (Unnatural death- UD) का मामला दर्ज किया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 76 वर्षीय अभिनेता को गोवा (Goa) के डोना पाउला (Dona Paula) स्थित ओशन पार्क में उनके आवास से मणिपाल अस्पताल, बम्बोलिम के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मामले की आगे की जांच पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) नितिन नाइक के नेतृत्व में की जा रही है।


    राजकीय सम्मान के साथ हुआ नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार

    नाना पाटेकर का गुरुवार रात पुणे के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन की खबर गुरुवार सुबह सामने आई थी। इसके बाद से ही फिल्म जगत से लेकर आम लोगों तक, हर कोई उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दे रहा है। नाना पाटेकर ने अपने अभिनय और बेबाक अंदाज से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी, जिसे उनके जाने के बाद भी भुला पाना आसान नहीं होगा।


    ‘नाना साहेब कभी हमसे दूर नहीं हो सकते’

    अंतिम संस्कार के बाद नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि नाना साहेब जैसे लोग कभी सच में दुनिया से विदा नहीं होते। उनके काम और उपलब्धियों ने उन्हें अमर बना दिया है। नाना साहेब जैसे इंसान हमें कभी छोड़कर नहीं जाते। उनकी उपलब्धियों ने उन्हें अमर बना दिया है। दूसरी बात, उनका हमेशा मानना था कि पूरी दुनिया में लोगों को एक साथ आना चाहिए और सही रास्ते पर चलना चाहिए। तीसरी बात, नाना साहेब ने जो सोच और सपना हमारे लिए छोड़ा है, उसे आगे बढ़ाना ही हमारे आने वाले जीवन की दिशा तय करेगा। मल्हार के इन शब्दों से साफ था कि परिवार के लिए नाना पाटेकर सिर्फ एक पिता ही नहीं, बल्कि एक ऐसी शख्सियत थे, जिनकी सोच और सीख आने वाले समय में भी उनका मार्गदर्शन करती रहेगी।


    शाहरुख खान ने पुरानी तस्वीर साझा कर किया याद

    नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद बॉलीवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान ने भी उन्हें भावुक अंदाज में श्रद्धांजलि दी। शाहरुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नाना के साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर साझा की और उन्हें अपना गुरु, शिक्षक, आलोचक और दोस्त बताया। शाहरुख ने नाना के साथ अपनी पहली मुलाकात का किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि नाना के सामने वह इतने प्रभावित और असहज हो गए थे कि अपने बालों से खेलने लगे। यह देखकर नाना ने उनका हाथ झटक दिया और कहा, ‘हीरो की तरह बाल मत बना… तू एक्टर है।’

    शाहरुख के मुताबिक, नाना पाटेकर का अंदाज बाकी लोगों से बिल्कुल अलग था। वह किसी की झूठी तारीफ नहीं करते थे और न ही वही कहते थे, जो सामने वाला सुनना चाहता था। वह हमेशा वही बात कहते थे, जिसकी किसी को सच में जरूरत होती थी।


    ‘पहले डांटते थे, फिर उसी में प्यार जता देते थे’

    शाहरुख खान ने अपने पोस्ट में लिखा कि नाना पाटेकर सीधे मुंह पर बात कहने वाले इंसान थे। उनका स्वभाव थोड़ा सख्त और बेबाक था, लेकिन उनकी मुस्कान बेहद खूबसूरत थी। प्यार जताने का उनका तरीका भी कुछ अलग ही था। शाहरुख ने लिखा, ‘वह हमेशा अपने प्यार का इजहार अजीब तरीके से करते थे। पहले आप पर चिल्लाते थे और फिर तीसरी या चौथी बार बेइज्जती करने के बीच आपको एहसास होता था कि असल में वह आपको गले लगा रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि नाना उनसे बहुत प्यार करते थे और वह भी नाना को उतना ही चाहते थे। नाना उनके गुरु, शिक्षक, आलोचक और दोस्त थे। इसके साथ ही वह कैरम खेलने में भी माहिर थे। शाहरुख ने मजाकिया अंदाज में याद किया कि नाना बार-बार कैरम के खेल में उन्हें और अपने आसपास मौजूद बाकी लोगों को हरा देते थे और अपनी जीत का पूरा मजा लेते थे।


    साथ में और वक्त बिताना चाहते थे शाहरुख

    नाना पाटेकर को याद करते हुए शाहरुख खान ने इस बात का अफसोस भी जताया कि उन्हें साथ में वक्त बिताने के और मौके नहीं मिले। उन्होंने कहा कि काश, दोनों के बीच कुछ और बातचीत होती, कुछ और बहसें होतीं, साथ बैठकर चाय पीने और कैरम खेलने के कुछ और मौके मिलते। शाहरुख ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘नाना, आपकी तीव्रता, आपकी हंसी, आपका पागलपन और आपका प्यार हमेशा हमारे साथ रहेगा। बस यही अफसोस है कि काश हमारे पास और वक्त होता, ताकि कुछ और बातें कर पाते, एक और बहस होती, एक और कप चाय साथ पीते और कैरम का एक और खेल खेलते।’ उन्होंने आगे कहा कि नाना के जाने से सिर्फ सिनेमा की दुनिया में ही नहीं, बल्कि भारत और पूरी दुनिया के लोगों के दिलों में भी एक खालीपन आ गया है। शाहरुख ने लिखा कि वह नाना को बहुत याद करेंगे और उनके शब्दों को जिंदगी के आखिरी पल तक अपने दिल में संजोकर रखेंगे।


    नाना की वह सीख, जिसे हमेशा याद रखेंगे शाहरुख

    शाहरुख खान ने अपने भावुक संदेश में नाना पाटेकर की एक ऐसी सीख का भी जिक्र किया, जो उनके दिल में हमेशा के लिए बस गई। नाना ने उनसे कहा था, ‘हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना।’ इस छोटी-सी बात में अभिनय की दुनिया के लिए एक बड़ी सीख छिपी है। इसका मतलब है कि पर्दे पर हीरो बनने और बड़ी छवि बनाने की कोशिश में अपने अभिनय की असली पहचान को कभी नहीं खोना चाहिए। शाहरुख ने इस सीख को याद करते हुए बताया कि नाना की बातें आज भी उनके लिए उतनी ही मायने रखती हैं। उन्होंने अपने पोस्ट के आखिर में लिखा, ‘नाना, आपकी आत्मा को शांति मिले। अल्लाह आप पर अपनी रहमत बरसाए। स्वर्ग को आपके आने से और खूबसूरती मिलेगी। आप एक शानदार अभिनेता और कैरम के बेजोड़ खिलाड़ी थे। आपसे प्यार है और आपकी बहुत याद आएगी। बहुत जल्दी चले गए, मेरे हीरो एक्टर! रेस्ट इन पीस।’ अपने संदेश के अंत में शाहरुख ने एक बार फिर नाना के प्रति अपना प्यार जताया और कहा कि वह उनकी सीख को हमेशा अपने दिल में रखेंगे।


    पत्नी नीलकांति और बेटे मल्हार को पीछे छोड़ गए नाना

    नाना पाटेकर अपने पीछे पत्नी नीलकांति पाटेकर और बेटे मल्हार पाटेकर को छोड़ गए हैं। उनके निधन से फिल्म जगत ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जो अपनी दमदार अदाकारी, बेबाक बातचीत और अलग अंदाज के लिए पहचाने जाते थे। शाहरुख खान की भावुक श्रद्धांजलि से भी यही जाहिर हुआ कि नाना का रिश्ता उनके लिए सिर्फ फिल्मी दुनिया तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें अपनापन, दोस्ती और जिंदगी भर साथ रहने वाली सीख भी शामिल थी। नाना पाटेकर की यादें, उनके निभाए किरदार और उनकी कही बातें उनके चाहने वालों के बीच हमेशा जिंदा रहेंगी।

  • ट्रंप का बड़ा ऐलान… बोले- 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर नहीं करेंगे हमला

    ट्रंप का बड़ा ऐलान… बोले- 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर नहीं करेंगे हमला


    वाशिंगटन।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने गुरुवार को ऐलान किया तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव (Mid-term Election) से पहले अमेरिका (America) ईरान (Iran) पर फिर से हमला नहीं करेगा। रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए इस सप्ताह प्रचार करते हुए ट्रंप ने संकेत दिया था कि उन्हें भरोसा है कि युद्ध का निर्णायक दौर चुनाव से पहले या उसके तत्काल बाद खत्म हो सकता है।

    उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि उन्होंने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान फिर शुरू करने के विकल्प को खुला रखा है। हालांकि, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा।

    इससे पहले, व्हाइट हाउस ने अमेरिकी रक्षा विभाग को मध्यावधि कांग्रेसी चुनावों से पहले ईरान पर हमले के विकल्प तैयार करने का निर्देश दिया था। ‘द अटलांटिक’ ने प्रशासन के दो अधिकारियों के हवाले से बुधवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी थी। ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि अमेरिका को ईरान के साथ चल रहे टकराव को “अच्छे तरीके से या बुरे तरीके से” खत्म करना होगा।

    रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी केन्द्रीय कमान (सेंटकॉम) इन योजनाओं को तैयार कर रहा है और संभावित हमलों के दायरे और उद्देश्यों पर चर्चा अभी भी जारी है। रिपोर्टों के मुताबिक यह कदम मध्यावधि चुनावों से पहले पेट्रोल की कीमतें कम करने और टकराव के मामले में प्रगति हासिल करने की ट्रंप की इच्छा को दर्शाता है।

    ईरान ने परमाणु उद्योग की गतिविधियां नहीं रोकी
    वहीं, ईरान ने अपने परमाणु उद्योग की गतिविधियां बंद नहीं की हैं। ईरान के उपराष्ट्रपति और परमाणु ऊर्जा संगठन (एईओआई) के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने बुधवार को यह बात कही। एईओआई के अनुसार, इस्लामी ने तेहरान में बाल कैंसर के निदान एवं उपचार केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर कहा, “ईरान के परमाणु उद्योग पर दबाव, प्रतिबंध, धमकियां और हमले किए जा रहे हैं, लेकिन ईरान अपने विकास को बनाए रखने में सफल रहा है।”

    उन्होंने कहा कि एईओआई में स्वास्थ्य सेवा और खाद्य सुरक्षा को ईरान के विकास के लिए रणनीतिक प्राथमिकताओं के रूप में देखा जाता है। तमाम दबावों और प्रतिबंधों के बावजूद संगठन अपने विकास कार्यों को जारी रखे हुए है। इस्लामी ने कहा कि दबाव के साथ-साथ ईरान के खिलाफ आरोप भी लगाए जा रहे हैं। आरोप लगाने वाले भी जानते हैं कि ये वास्तविकता को प्रतिबिंबित नहीं करते। इसके बावजूद ईरान के परमाणु उद्योग के कर्मचारी अपने दायित्वों का उचित तरीके से निर्वहन कर रहे हैं।

  • कांग्रेस की चुनावी तैयारी तेज, 30 दिन में खुलेगी संगठन की पोल, निष्क्रिय बूथों और नाराज कार्यकर्ताओं की होगी पहचान

    कांग्रेस की चुनावी तैयारी तेज, 30 दिन में खुलेगी संगठन की पोल, निष्क्रिय बूथों और नाराज कार्यकर्ताओं की होगी पहचान


    भोपाल । भोपाल में करीब 930 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में आरोपी मोहित गोगिया के कथित बयान की कॉपी सामने आने के बाद प्रदेश की प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। गोगिया ने अपने बयान में मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के ओएसडी दीपम रायचूरा पर शराब दुकानों का ठेका दिलाने के बदले एक करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया है। आरोपी का दावा है कि इसमें 50 लाख रुपये नकद दिए गए जबकि बाकी 50 लाख रुपये बैंक खाते के जरिए ट्रांसफर कराए गए। हालांकि ये आरोप फिलहाल आरोप ही हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। दीपम रायचूरा ने इन आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए खारिज किया है।

    गोगिया के कथित बयान के मुताबिक उसकी मुलाकात तनुजा सेठी ने दीपम रायचूरा से कराई थी। उस समय रायचूरा आबकारी विभाग में सहायक आबकारी आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। आरोप है कि रायचूरा ने उसे दीपक दुबे से मिलवाया और बताया कि वही उसके कामकाज को देखेंगे। गोगिया ने दावा किया कि वर्ष 2024-25 में भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र की दो शराब दुकानों का ठेका जसवंत कुमार के नाम पर दिलाने में मदद की गई। इसके बदले एक करोड़ रुपये दिए जाने का आरोप लगाया गया है।

    कथित बयान में रकम के लेनदेन का भी जिक्र है। गोगिया के अनुसार 50 लाख रुपये नकद होशंगाबाद रोड स्थित शालीमार फोर्ट लेजा के एक फ्लैट में दिए गए थे। वहीं बाकी 50 लाख रुपये आईएसबीटी के पास स्थित एक होटल के बैंक खाते में ट्रांसफर कराने का आरोप है। बयान में यह भी दावा किया गया है कि शराब दुकानों के ठेके के लिए जरूरी बैंक गारंटी से संबंधित फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद यानी एफडीआर को मंजूरी दिलाने में मदद की गई। इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेजों और लेनदेन की जांच अहम हो सकती है।

    मोहित गोगिया ने अपने कथित बयान में शराब की आपूर्ति से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी लिए हैं। उसका आरोप है कि दीपम रायचूरा ने उसे गौरव शिवहरे से मिलवाया और इसके बाद उसकी मुलाकात कारोबारी अमरीक सिंह से हुई। गोगिया ने दावा किया कि टीटी नगर की शराब दुकानों पर बिना लाइसेंस शराब की आपूर्ति और बिक्री में मदद की गई। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित लोगों का पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

    बयान में भोपाल के सोल क्लब के संचालन और जांच एजेंसी की कार्रवाई रुकवाने के नाम पर कथित तौर पर 50 लाख रुपये मांगे जाने का भी उल्लेख है। गोगिया के मुताबिक इस मामले में सिद्धांत ओझा और पुलिस अधिकारी राजेश मिश्रा के संपर्क का जिक्र आया है। हालांकि बयान के अनुसार राजेश मिश्रा पर सीधे रकम मांगने का आरोप नहीं लगाया गया है।

    मोहित गोगिया पर करीब 200 लोगों से लगभग 930 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। वह फिलहाल पंजाब की जेल में बंद है। आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय उसकी संपत्तियों और कारोबारी गतिविधियों की जांच के तहत कार्रवाई कर चुके हैं और संपत्तियां फ्रीज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

    दीपम रायचूरा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्हें किसी जांच एजेंसी से कोई नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोगिया से उनका परिचय केवल भोपाल में सहायक आबकारी आयुक्त रहते हुए लाइसेंसधारी के रूप में हुआ होगा। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। अब इस मामले में कथित बयान की प्रामाणिकता और लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • रूस के भीषण मिसाइल हमलों से यूक्रेन में मची तबाही…. 33 लोगों की मौत

    रूस के भीषण मिसाइल हमलों से यूक्रेन में मची तबाही…. 33 लोगों की मौत


    कीव।
    रूस- यूक्रन (Russia-Ukraine War) के बीच जंग जारी है। दोनों देश एक दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं। इस बीच पूर्वी यूक्रेन (Ukraine) में रूस (Russia) की ओर से किए गए हवाई हमलों में 33 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इस घटना 18 अन्य घायल हो गए। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की (President Volodymyr Zelenskyy) ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। गुरुवार सुबह क्रामाटोर्स्क शहर में एक सामान्य सार्वजनिक बस स्टॉप को निशाना बनाया गया, जिसमें 12 लोगों की जान चली गयी। बता दें कि रूस ने सर्दियों की शुरुआत से पहले यूक्रेन पर हमले तेज कर दिए हैं, जिससे राजधानी कीव में बिजली संकट गहरा गया है।

    क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख वादिम फिलाश्किन ने कहा कि दोनेत्स्क क्षेत्र के क्रामातोर्स्क और स्लोवियांस्क में सुरक्षा की स्थिति में तेजी से आई गिरावट के कारण सार्वजनिक परिवहन रोक दिया गया है। फिलाश्किन ने रूस पर नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में हमें यात्रियों और चालकों की जान जोखिम में डालने का कोई अधिकार नहीं है। क्रामातोर्स्क और स्लोवियांस्क के निवासियों की सुरक्षा सबसे अहम है।

    बता दें कि रूस ने इससे एक दिन पहले पूर्वी यूक्रेन के प्राइलुकी में मिसाइल हमले किए थे, जिनमें पांच बच्चों समेत 22 लोगों की मौत हो गई थी और 54 अन्य घायल हो गए थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि जैसे-जैसे सर्दी नजदीक आ रही है, रूस की ओर से रोजाना किए जाने वाले मिसाइल और ड्रोन हमले बढ़ सकते हैं। उन्होंने उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के सदस्य देशों से अतिरिक्त रक्षा सहायता की अपील की।

    यूक्रेनी नेतृत्व ने रूसी अपराधों के खिलाफ आवाज उठाने वाले अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है। यह भी कहा गया कि केवल शाब्दिक समर्थन काफी नहीं है और इसे तत्काल नये सैन्य रक्षा पैकेजों के रूप में जमीनी स्तर पर लागू किया जाना चाहिए। एंटी-बैलिस्टिक क्षमताओं की आपूर्ति, लड़ाकू विमानों के लिए गोला-बारूद और इंटरसेप्टर तकनीक में निवेश प्रतिदिन निर्दोष नागरिकों की जान बचाने में सीधे तौर पर मददगार साबित हो रहा है।