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  • शिवपुरी में कारों पर हुड़दंग का वीडियो वायरल, थाने के सामने से भी निकलीं गाड़ियां, 6 वाहन मालिकों पर पुलिस ने कसा शिकंजा

    शिवपुरी में कारों पर हुड़दंग का वीडियो वायरल, थाने के सामने से भी निकलीं गाड़ियां, 6 वाहन मालिकों पर पुलिस ने कसा शिकंजा


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में गरबा कार्यक्रम के प्रचार के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने का मामला सामने आया है। यहां कारों की छत पर बैठकर प्रचार करती युवतियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यातायात पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने छह कारों के मालिकों पर पांच-पांच हजार रुपये के हिसाब से कुल 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे वाहनों की पहचान की गई और उनके नंबर ट्रेस कर वाहन मालिकों को यातायात थाने बुलाया गया। पुलिस ने सभी को भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत भी दी है।

    जानकारी के मुताबिक मामला गुरुवार शाम का है जब शहर में आयोजित होने वाले एक गरबा कार्यक्रम के प्रचार के लिए करीब 20 कारों का काफिला निकाला गया था। बताया गया है कि एक होटल में होने वाले कार्यक्रम के प्रचार के लिए बालिकाओं और युवतियों को कारों में बैठाकर कस्टम गेट से शहर के प्रमुख मार्गों तक घुमाया गया। इस दौरान कुछ युवतियां कारों की छत पर बैठी दिखाई दीं। काफिला शहर के व्यस्त रास्तों से गुजरा और कोतवाली थाने के सामने से भी निकला। इस तरह सड़क पर चलती कारों की छत पर बैठकर प्रचार करने का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया और बाद में सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।

    वीडियो वायरल होने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। शहर में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए अभियान चलाए जाने के बावजूद इस तरह की लापरवाही सामने आने पर पुलिस ने संबंधित वाहनों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यातायात पुलिस और कोतवाली पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे वाहनों के नंबरों के आधार पर उनके मालिकों तक पहुंच बनाई। इसके बाद छह वाहन मालिकों को यातायात थाने बुलाकर कार्रवाई की गई। पुलिस ने प्रत्येक वाहन पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जिससे कुल चालान राशि 30 हजार रुपये हो गई।

    कार्रवाई के दौरान संबंधित वाहन मालिकों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। उन्होंने भविष्य में इस तरह की गलती नहीं दोहराने की बात भी कही। यातायात पुलिस ने उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी कार्यक्रम के प्रचार या उत्सव के दौरान सड़क सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी है।

    चलती कार की छत पर बैठना दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकता है। अचानक ब्रेक लगने या वाहन के मोड़ लेने पर व्यक्ति का संतुलन बिगड़ सकता है और गंभीर हादसा हो सकता है। ऐसे में धार्मिक आयोजनों सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उत्सवों के प्रचार के दौरान भी सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है। शिवपुरी में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने संकेत दिया है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाले यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। लोगों से अपील है कि उत्सव का माहौल बनाए रखते हुए अपनी और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

  • भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले के लिए इंदौर तैयार, 160 कैमरों से होगी निगरानी, 27,500 दर्शकों के बीच सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, ओस पर रहेगी नजर

    भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले के लिए इंदौर तैयार, 160 कैमरों से होगी निगरानी, 27,500 दर्शकों के बीच सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, ओस पर रहेगी नजर


    इंदौर । इंदौर में भारत और वेस्टइंडीज के बीच 11 अक्टूबर को होने वाले T20 इंटरनेशनल मुकाबले के लिए होलकर स्टेडियम में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मैच रात 7 बजे शुरू होगा और करीब 27 हजार 500 दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। मैदान से लेकर दर्शक दीर्घा और प्रवेश द्वारों तक व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। दर्शकों की आवाजाही आसान बनाने के लिए स्टेडियम के बाहर रेलिंग लगाई जा रही हैं जबकि अंदर कुर्सियों की सफाई और धुलाई का काम जारी है। आयोजकों का कहना है कि मुकाबले से पहले लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमियों के पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    मैच से पहले क्रिकेट प्रेमियों के लिए मौसम की खबर भी राहत देने वाली है। मौसम वैज्ञानिक आनंद हर्षाना के मुताबिक 8 से 12 अक्टूबर के बीच बारिश की संभावना नहीं है। मानसून का दौर समाप्त होने के बाद मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है। ऐसे में फिलहाल बारिश के कारण मैच बाधित होने की आशंका कम है। हालांकि रात में होने वाले मुकाबले के दौरान ओस की स्थिति अहम रह सकती है। तापमान हवा और नमी का असर गेंदबाजों के प्रदर्शन पर पड़ सकता है। टॉस के समय कप्तानों को इन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर रणनीति बनानी होगी। अचानक बारिश की स्थिति से निपटने के लिए भी आयोजकों ने बैकअप व्यवस्था तैयार रखी है।

    करीब 27 हजार 500 दर्शकों की संभावित मौजूदगी के कारण स्टेडियम के बाहर और भीतर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इस बार निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। स्टेडियम में लगभग 160 CCTV कैमरे लगाए गए हैं जिनकी मदद से अलग-अलग हिस्सों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा फेस रिकग्नाइजेशन तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। पुलिस और मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। प्रवेश द्वारों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलिंग लगाई जा रही हैं ताकि दर्शक व्यवस्थित कतारों में स्टेडियम के भीतर पहुंच सकें। दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे टिकट पर दर्ज प्रवेश द्वार की जानकारी पहले से देख लें और सुरक्षा जांच के लिए पर्याप्त समय लेकर पहुंचें।

    होलकर स्टेडियम की सबसे बड़ी खासियत इसकी छोटी बाउंड्री मानी जाती है। यहां चौकोर बाउंड्री करीब 56 मीटर और सीधी बाउंड्री लगभग 68 मीटर बताई जाती है। T20 जैसे छोटे प्रारूप में इसका महत्व और बढ़ जाता है क्योंकि सही टाइमिंग से लगाए गए शॉट आसानी से बाउंड्री तक पहुंच सकते हैं। इसी वजह से दर्शकों को बड़े शॉट और तेजी से बनते स्कोर की उम्मीद रहेगी। हालांकि छोटी बाउंड्री बल्लेबाजों के लिए जितनी फायदेमंद होती है उतनी ही गेंदबाजों के लिए चुनौती भी बन सकती है। पावरप्ले के शुरुआती छह ओवर में दोनों टीमों की रणनीति मुकाबले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    होलकर स्टेडियम का इतिहास भी कई यादगार क्रिकेट उपलब्धियों से जुड़ा है। 8 दिसंबर 2011 को भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए वनडे मुकाबले में वीरेंद्र सहवाग ने 149 गेंदों पर 219 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। उनकी बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 50 ओवर में 418 रन बनाए और वेस्टइंडीज को बड़े अंतर से हराया। इस मैदान पर भारत ने लंबे समय तक वनडे मुकाबलों में लगातार जीत का सिलसिला बनाए रखा था। हालांकि जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर यह सिलसिला तोड़ दिया। अब 11 अक्टूबर को भारत और वेस्टइंडीज की टीमें इसी मैदान पर T20 प्रारूप में आमने-सामने होंगी।

    मैच को लेकर इंदौर के क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह है। एक ओर मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात देखने की उम्मीद है तो दूसरी ओर आयोजकों के सामने हजारों दर्शकों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से प्रवेश दिलाने की चुनौती रहेगी। मौसम फिलहाल अनुकूल रहने का अनुमान है और तैयारियां अंतिम दौर में हैं। अब सबकी नजरें मुकाबले पर टिकी हैं जहां खिलाड़ियों का प्रदर्शन पिच की परिस्थितियां और रात में पड़ने वाली ओस मैच का रोमांच बढ़ा सकती हैं।

  • एलन मस्क की संपत्ति 36.4 अरब डॉलर घटी, स्पेसएक्स और टेस्ला के शेयरों में गिरावट से फिर एक ट्रिलियन डॉलर से नीचे पहुंचे

    एलन मस्क की संपत्ति 36.4 अरब डॉलर घटी, स्पेसएक्स और टेस्ला के शेयरों में गिरावट से फिर एक ट्रिलियन डॉलर से नीचे पहुंचे

    नई दिल्ली ।दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शामिल एलन मस्क की कुल संपत्ति एक बार फिर एक ट्रिलियन डॉलर से नीचे आ गई है। स्पेसएक्स और टेस्ला के शेयरों में गिरावट के कारण उनकी संपत्ति में एक ही कारोबारी सत्र के दौरान 36.4 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई। 8 अक्टूबर 2026 को उनकी अनुमानित कुल संपत्ति घटकर 991.6 अरब डॉलर रह गई। इससे केवल तीन दिन पहले ही मस्क ने दोबारा एक ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति का आंकड़ा पार किया था। शेयर बाजार में आई कमजोरी ने उनकी संपत्ति पर सीधा असर डाला।

    स्पेसएक्स के शेयरों में लगभग 3.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ने की एक वजह चिप निर्माता एनवीडिया से चिप खरीदने के लिए 40 अरब डॉलर जुटाने की संभावित योजना बताई गई। इस योजना को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच कंपनी के शेयर कमजोर हुए। वहीं, टेस्ला के शेयरों में भी दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। दोनों कंपनियों के शेयरों में कमजोरी का असर मस्क की कुल संपत्ति पर पड़ा और वह फिर ट्रिलियन डॉलर के स्तर से नीचे आ गए।

    मस्क ने पहली बार जून में एक ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति का आंकड़ा पार किया था। उस समय स्पेसएक्स के सार्वजनिक बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद उनकी अनुमानित संपत्ति लगभग 1.45 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई थी। इसके बाद उनकी संपत्ति में उतार-चढ़ाव जारी रहा। ताजा गिरावट के साथ उनकी कुल संपत्ति 991.6 अरब डॉलर रह गई, जिससे वह एक बार फिर इस स्तर से नीचे आ गए। उनकी संपत्ति में बदलाव का प्रमुख कारण स्पेसएक्स और टेस्ला के शेयरों के मूल्य में आई कमी रही।

    टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट का असर दूसरे प्रमुख अरबपतियों पर भी पड़ा। एनवीडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेन्सन हुआंग की अनुमानित संपत्ति एक दिन में 6.1 अरब डॉलर घटकर 199.3 अरब डॉलर रह गई। इस गिरावट के बाद उनकी संपत्ति 200 अरब डॉलर के स्तर से नीचे आ गई। इसी तरह, ओरेकल के सह-संस्थापक लैरी एलिसन की संपत्ति में 8.9 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई और यह घटकर 176.8 अरब डॉलर रह गई। दोनों कारोबारियों की संपत्ति में आई गिरावट ने टेक क्षेत्र के शेयरों में कमजोरी के व्यापक असर को दिखाया।

    अरबपतियों की संपत्ति में गिरावट के बावजूद जेन्सन हुआंग और लैरी एलिसन की सूची में स्थिति में बदलाव नहीं हुआ। वास्तविक समय में अरबपतियों की संपत्ति का आकलन करने वाली सूची में हुआंग सातवें और एलिसन आठवें स्थान पर बने रहे। हालांकि, गुरुवार के कारोबारी सत्र में दोनों की संपत्ति में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। शेयरों के बाजार मूल्य में होने वाले बदलाव के साथ इन कारोबारियों की अनुमानित संपत्ति भी घटती-बढ़ती रहती है।

    अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर भी टेक शेयरों में बिकवाली का असर दिखाई दिया। नैस्डैक-100 सूचकांक 1.4 प्रतिशत गिर गया। यह पिछले सात सप्ताह में उसकी सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट रही। वहीं, एसएंडपी 500 सूचकांक में 0.5 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। बाजार में आई इस गिरावट के पीछे टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित शेयरों में बढ़ती बिकवाली को प्रमुख कारण बताया गया। इससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई और प्रमुख अमेरिकी सूचकांक दबाव में रहे।

    इसके विपरीत, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी कंपनियों के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। शुरुआती कारोबार के दौरान निफ्टी आईटी सूचकांक तीन प्रतिशत से अधिक चढ़ गया और 28,600 के स्तर को पार कर गया। इस तरह अमेरिकी बाजार में टेक शेयरों की कमजोरी के बीच भारतीय आईटी सूचकांक में तेजी दर्ज की गई।

  • इंदौर में गैरेज संचालक पर 2 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप, बॉडी बिल्डिंग और AC के नाम पर ली रकम, काम अधूरा छोड़कर भागा

    इंदौर में गैरेज संचालक पर 2 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप, बॉडी बिल्डिंग और AC के नाम पर ली रकम, काम अधूरा छोड़कर भागा


    इंदौर । इंदौर में बसों की बॉडी बिल्डिंग और इंटीरियर तैयार करने के नाम पर दो करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक गैरेज संचालक ने 18 से ज्यादा बस मालिकों से बॉडी बनाने सीट कवर लगाने एसी फिट करने और इंटीरियर कस्टमाइजेशन के लिए एडवांस रकम ली लेकिन काम पूरा किए बिना फरार हो गया। लंबे समय तक आरोपी से संपर्क नहीं होने और गैरेज व अन्य ठिकानों पर तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चलने पर पीड़ित बस संचालकों ने पुलिस से शिकायत की। मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ताओं में राजा दिव्यांशु बर्मन प्रथम गुप्ता सूरज भारद्वाज शमशेर सिंह सहित अन्य बस मालिक शामिल हैं। इन लोगों ने जनसुनवाई के दौरान डीसीपी को लिखित शिकायत देकर अपनी परेशानी बताई थी। शिकायत में मोहित उर्फ मन्नू पुत्र सत्यनारायण दीक्षित पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि आरोपी एमबी बस के नाम से बसों की बॉडी बनाने और उन्हें जरूरत के मुताबिक तैयार करने का काम करता था। इसी कारोबार के सिलसिले में बस संचालकों ने उसे अलग-अलग कामों के लिए बड़ी रकम एडवांस में दी थी।

    पीड़ितों का कहना है कि आरोपी के साथ उनका लंबे समय से व्यावसायिक लेनदेन चल रहा था। इसी वजह से उन्हें उस पर भरोसा था और उन्होंने बिना किसी आशंका के बसों के काम के लिए रकम सौंप दी। बसों की बॉडी बिल्डिंग से लेकर सीट कवर एसी और इंटीरियर तैयार कराने तक के काम के लिए भुगतान किया गया था। आरोप है कि रकम मिलने के बाद आरोपी ने कुछ काम अधूरे छोड़ दिए और कई मामलों में काम आगे नहीं बढ़ाया। इसके बाद वह कथित तौर पर अपने ठिकानों से गायब हो गया। पीड़ितों के मुताबिक इस पूरे मामले में कुल दो करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम फंसी हुई है।

    शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में बसों पर काम कराने के बावजूद सप्लायरों और कारीगरों को भुगतान नहीं किया गया। इससे बस मालिकों की परेशानी और बढ़ गई। बसों का काम अधूरा रहने और भुगतान से जुड़ी समस्याओं के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाने की आशंका है। जब आरोपी से संपर्क करने की कोशिशें सफल नहीं हुईं तो बस मालिक कई दिनों तक उसके गैरेज और विजय नगर स्थित ठिकानों पर पहुंचते रहे। लेकिन वहां भी उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।

    पुलिस ने शिकायत और शुरुआती जांच के आधार पर आरोपी मोहित उर्फ मन्नू के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है और आरोपी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों भुगतान के रिकॉर्ड और शिकायतकर्ताओं के बयानों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाएगी। फिलहाल आरोपों की विस्तृत जांच और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस मामले ने व्यावसायिक लेनदेन में भरोसे के आधार पर बड़ी रकम एडवांस देने और भुगतान की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

  • 172 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार को इजरायल का सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान, अमेरिका भी करेगा सम्मानित

    172 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार को इजरायल का सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान, अमेरिका भी करेगा सम्मानित

    नई दिल्ली ।फ्लाईदुबई की उड़ान में गंभीर संकट के दौरान 172 यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा के लिए साहस दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल के सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने उन्हें ‘प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म’ देने की घोषणा की है। इसके अलावा, अमेरिका में भी कैप्टन मच्छार के साहस को सम्मान दिया जाएगा। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति उनके योगदान की सराहना करते हुए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में बयान दर्ज कराएंगे।

    इजरायल के राष्ट्रपति की ओर से सम्मान देने की घोषणा कैप्टन मच्छार के स्वस्थ होने के बाद की जाएगी। भारत में इजरायली दूतावास ने इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए कहा कि कैप्टन की बहादुरी और साहस ने एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की। उनके पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना करते हुए इजरायल ने उनके योगदान के लिए आभार जताया है। यह सम्मान विमान में पैदा हुए गंभीर संकट के दौरान यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के मद्देनजर दिया जा रहा है।

    यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड 1073 में हुई थी। आरोप है कि उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। इस दौरान विमान की स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। राजा कृष्णमूर्ति के बयान के मुताबिक, विमान महज 30 सेकंड में लगभग 16,000 फीट नीचे आ गया था। ऐसे हालात में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद विमान और उसमें सवार लोगों की सुरक्षा के लिए प्रयास करते रहे।

    गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन मच्छार किसी तरह कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचे और उसे खोलने में सफल रहे। इससे विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों को कॉकपिट के भीतर पहुंचने तथा कथित हमलावर को काबू करने का अवसर मिला। इस कार्रवाई ने संकट के दौरान स्थिति संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कैप्टन की कोशिशों के बाद विमान में मौजूद फ्लाईदुबई के दो रिजर्व पायलटों ने नियंत्रण संभाला और उड़ान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबूक में उतारा।

    विमान में कुल 172 यात्री सवार थे। इनमें चार अमेरिकी नागरिक और 27 बच्चे भी शामिल थे। घटना के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया था। इसके बावजूद विमान को सुरक्षित उतारने में सफलता मिली। कैप्टन मच्छार के साहस और संकट के समय लिए गए फैसलों को इसी वजह से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस घटना में उनकी भूमिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है।

    भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मच्छार के पास विमान संचालन का 17 वर्षों का अनुभव है। इसमें 11 वर्ष कप्तान के रूप में काम करने का अनुभव शामिल है। राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि जानलेवा हमले का सामना करने के बावजूद कैप्टन ने विमान में सवार लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उनके मुताबिक, गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में भी कैप्टन को यह अहसास था कि विमान में मौजूद लोगों की जिंदगी उनके अगले कदम पर निर्भर हो सकती है। अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने खतरे को समझा और कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचने का साहसिक फैसला किया।

    कृष्णमूर्ति ने अमेरिकी कांग्रेस के आधिकारिक रिकॉर्ड में कैप्टन मच्छार के साहस की सराहना दर्ज कराने की घोषणा की है। उन्होंने अन्य सांसदों से भी इस बहादुरी को सम्मानित करने की अपील की। उनका कहना है कि कैप्टन की सूझबूझ, दृढ़ निश्चय और साहस ने यात्रियों तथा चालक दल को हमले को रोकने और संभावित बड़े हादसे से बचने का अवसर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि विमान में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के पीछे एक परिवार है और कैप्टन के प्रयासों से अनेक परिवारों को अपूरणीय दुख से बचने का अवसर मिला।

  • IDA की जमीन को लेकर इंदौर में सियासी घमासान, कांग्रेस का आज घेराव, भाजपा के आयोजन और पटाखा बाजार के किराये पर उठे सवाल

    IDA की जमीन को लेकर इंदौर में सियासी घमासान, कांग्रेस का आज घेराव, भाजपा के आयोजन और पटाखा बाजार के किराये पर उठे सवाल


    इंदौर । इंदौर में इंदौर विकास प्राधिकरण यानी IDA के मैदान आवंटन को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने प्राधिकरण पर मैदान उपलब्ध कराने में दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए जवाब मांगा है। पार्टी का दावा है कि राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए मैदान आवंटित करने पर 14 लाख रुपये से अधिक का शुल्क लिया गया जबकि विजय नगर में भाजपा के कार्यक्रम के लिए जमीन मुफ्त उपलब्ध कराई गई। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि यदि दोनों आयोजन के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया गया तो इसके पीछे क्या आधार था और क्या भाजपा के कार्यक्रम के लिए कोई विशेष छूट दी गई थी। इन मुद्दों को लेकर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में शुक्रवार दोपहर कार्यकर्ता IDA कार्यालय पहुंचकर सीईओ का घेराव करने वाले हैं।

    कांग्रेस की मांग है कि सार्वजनिक जमीन के आवंटन से संबंधित सभी दस्तावेज और नियम सार्वजनिक किए जाएं। पार्टी जानना चाहती है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए कितनी राशि निर्धारित की गई थी और भुगतान किन शर्तों के तहत लिया गया। वहीं भाजपा के सेवा संकल्प अभियान के तहत 7 अक्टूबर को विजय नगर में आयोजित कार्यक्रम के लिए मैदान किस आधार पर आवंटित किया गया और इसके बदले कोई शुल्क लिया गया या नहीं। कांग्रेस का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति के उपयोग में पारदर्शिता होनी चाहिए और राजनीतिक आयोजनों के लिए समान नियम लागू होने चाहिए। हालांकि भाजपा को जमीन मुफ्त दिए जाने और नियमों की अनदेखी के आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

    मैदान आवंटन को लेकर विवाद के बीच पिपल्याराव स्थित रीजनल पार्क के सामने भारत जोड़ो मैदान पर प्रस्तावित थोक पटाखा बाजार का मामला भी उठाया गया है। यहां करीब 40 दिनों तक चलने वाले बाजार के लिए 41 अस्थायी दुकानें बनाई जा रही हैं। बाजार में जनरेटर रूम लाइट टावर और पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं भी प्रस्तावित हैं। जानकारी के मुताबिक दुकानों का निर्माण शुरू हो चुका है लेकिन IDA की ओर से किराये की अंतिम राशि तय किए जाने और आधिकारिक डिमांड नोट जारी होने की जानकारी सामने नहीं आई है। इस बीच बाजार के लिए पांच से सात लाख रुपये किराया होने की चर्चा है।

    पटाखा व्यापारी एसोसिएशन ने प्रत्येक दुकान लगाने वाले व्यापारी से एक लाख रुपये जुटाने को कहा है। इसमें दुकान निर्माण मैदान का किराया बिजली सुरक्षा और अन्य खर्च शामिल बताए जा रहे हैं। कांग्रेस ने इसी मुद्दे को उठाते हुए पूछा है कि जब कुछ दिनों के राजनीतिक आयोजन के लिए 14 लाख रुपये से अधिक शुल्क लिया गया तो लगभग 40 दिन तक चलने वाले व्यावसायिक बाजार का किराया किस आधार पर निर्धारित होगा। पार्टी ने पिछले साल और इस साल के पटाखा बाजार के आवंटन शुल्क और खर्च का विवरण भी सार्वजनिक करने की मांग की है।

    कांग्रेस का कहना है कि यदि अलग-अलग आयोजनों के लिए शुल्क निर्धारण में अंतर है तो IDA को उसका स्पष्ट आधार बताना चाहिए। पार्टी ने आशंका जताई है कि आवंटन प्रक्रिया में अनियमितता होने पर प्राधिकरण को राजस्व का नुकसान हो सकता है। फिलहाल इस पूरे मामले में IDA का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही शुल्क निर्धारण और आवंटन की शर्तों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद अब प्राधिकरण के जवाब पर नजर रहेगी क्योंकि यह विवाद सार्वजनिक जमीन के इस्तेमाल में पारदर्शिता और समान नियम लागू करने के सवाल से जुड़ा है।

  • इंदौर में RE-2 सड़क का रास्ता साफ करने उतरा प्रशासन, 130 मकानों पर कार्रवाई से मचेगी हलचल, अब पूरी होगी अधूरी सड़क

    इंदौर में RE-2 सड़क का रास्ता साफ करने उतरा प्रशासन, 130 मकानों पर कार्रवाई से मचेगी हलचल, अब पूरी होगी अधूरी सड़क


    इंदौर । इंदौर में RE-2 रोड के अधूरे हिस्से का निर्माण पूरा करने के लिए प्रशासन और नगर निगम ने एक बार फिर कार्रवाई शुरू कर दी है। बंगाली चौराहा से पीपल्याहाना के बीच बनने वाली इस सड़क के रास्ते में बाधक मकानों को हटाया जा रहा है। गुरुवार सुबह से भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम की टीम कार्रवाई में जुटी हुई है। जानकारी के मुताबिक सड़क निर्माण में बाधा बन रहे शेष 130 मकानों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। मौके पर नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर और एसडीएम घनश्याम धनगर सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। पिछले दिनों कार्रवाई के दौरान पथराव की घटना सामने आने के बाद इस बार सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं ताकि अभियान के दौरान कानून व्यवस्था बनी रहे।

    RE-2 रोड इंदौर की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य शहर के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच आवागमन को बेहतर बनाना और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने के लिए एक वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराना है। सड़क निर्माण के लिए प्रशासन पहले भी कई चरणों में बाधक निर्माण हटाने की कार्रवाई कर चुका है। बिचौली कांकड़ शिव नगर और शिव दर्शन नगर क्षेत्र में रहने वाले परिवारों के व्यवस्थापन की प्रक्रिया भी इस परियोजना से जुड़ी हुई है। अब सड़क के शेष हिस्से को निर्माण के लिए खाली कराने के उद्देश्य से कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

    परियोजना के आंकड़ों के अनुसार RE-2 रोड की कुल लंबाई 4.25 किलोमीटर और चौड़ाई 45 मीटर है। इसमें से लगभग 3.20 किलोमीटर हिस्से का निर्माण पूरा हो चुका है जबकि करीब एक किलोमीटर हिस्सा बाधक निर्माण के कारण लंबे समय से अधूरा पड़ा है। इस परियोजना पर अब तक लगभग 55 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। शेष हिस्से का निर्माण पूरा होने के बाद सड़क को पूरी तरह उपयोग में लाने का रास्ता साफ हो सकता है। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन के लिए अतिरिक्त मार्ग मिलने की उम्मीद है।

    प्रशासन से पहले मिली जानकारी के अनुसार शिव नगर के 80 मकानों में 117 परिवार रहते हैं जबकि शिव दर्शन नगर के 55 मकानों में 72 परिवार निवासरत हैं। इन परिवारों का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नीलगिरि परिसर में व्यवस्थापन किया जाना है। वहीं पीपल्याहाना और बिचौली कांकड़ क्षेत्र के कई परिवारों को पहले ही आवास उपलब्ध कराए जा चुके हैं। ऐसे में सड़क निर्माण के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा भी महत्वपूर्ण बना हुआ है। कार्रवाई के दौरान प्रभावित लोगों के लिए व्यवस्थापन की स्थिति और शेष परिवारों को मिलने वाली सुविधाएं भी अहम रहेंगी।

    RE-2 रोड का अधूरा हिस्सा पूरा होने से भूरी टेकरी पीपल्याहाना बंगाली चौराहा और नायता मुंडला आरटीओ क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। फिलहाल सड़क निर्माण में बाधक मकानों को हटाने की कार्रवाई जारी है। परियोजना पूरी होने के बाद शहरवासियों को एक अतिरिक्त मार्ग मिल सकता है जिससे प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। अब इस परियोजना की प्रगति और प्रभावित परिवारों के व्यवस्थापन पर नजर रहेगी।

  • सूर्य नक्षत्र परिवर्तन 2026: 11 अक्टूबर से वृषभ, सिंह, कन्या और कुंभ राशि के जातकों को करियर में मिल सकते हैं नए अवसर

    सूर्य नक्षत्र परिवर्तन 2026: 11 अक्टूबर से वृषभ, सिंह, कन्या और कुंभ राशि के जातकों को करियर में मिल सकते हैं नए अवसर

    नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों के राजा माने जाने वाले सूर्य देव 11 अक्टूबर 2026 को चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान, यश, उच्च पद और प्रशासनिक सफलता का कारक माना जाता है। मान्यता है कि सूर्य की स्थिति और नक्षत्र में बदलाव का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ सकता है। इस बार सूर्य का चित्रा नक्षत्र में प्रवेश चार राशियों के लिए विशेष रूप से अनुकूल बताया जा रहा है। वृषभ, सिंह, कन्या और कुंभ राशि के जातकों को इस अवधि में करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में नए अवसर मिलने की संभावना जताई गई है।

    चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह माने जाते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सूर्य और मंगल से जुड़ी यह स्थिति ऊर्जा, साहस और काम करने की क्षमता को बढ़ाने वाली मानी जाती है। इस नक्षत्र परिवर्तन को कुछ राशियों के लिए अपने काम में आगे बढ़ने, नई जिम्मेदारियां हासिल करने और आर्थिक स्थिति सुधारने के अवसरों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, ज्योतिषीय अनुमान निश्चित परिणामों की गारंटी नहीं होते। वास्तविक जीवन में सफलता व्यक्ति के प्रयासों, परिस्थितियों और फैसलों पर भी निर्भर करती है।

    वृषभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन आर्थिक और व्यावसायिक मामलों में अनुकूल माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, नौकरी करने वालों को अपनी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने और अपने काम से पहचान बनाने का अवसर मिल सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों के लिए कोई नया समझौता या परियोजना लाभकारी साबित होने की संभावना जताई गई है। परिवार के सदस्यों का सहयोग भी महत्वपूर्ण फैसले लेने में मददगार हो सकता है। इस अवधि में आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देना और नए अवसरों का आकलन करके कदम उठाना उपयोगी रहेगा।

    सिंह राशि के जातकों के लिए इस परिवर्तन को विशेष रूप से सकारात्मक बताया गया है, क्योंकि ज्योतिष में सूर्य को सिंह राशि का स्वामी माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान आत्मविश्वास और ऊर्जा में वृद्धि हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों के काम की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सराहना किए जाने और नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई गई है। कुछ जातकों के लिए पदोन्नति के अवसर भी बन सकते हैं। आर्थिक मामलों में सुधार की उम्मीद के साथ लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, किसी भी वित्तीय योजना को केवल ज्योतिषीय अनुमान के आधार पर तय करने के बजाय वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।

    कन्या राशि के जातकों के लिए सूर्य का चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करियर से जुड़े बदलावों के लिहाज से अनुकूल माना जा रहा है। जो लोग लंबे समय से नौकरी बदलने या नए अवसर तलाशने की योजना बना रहे हैं, उन्हें प्रयास तेज करने का अवसर मिल सकता है। कारोबार करने वालों के लिए नए संपर्क और ग्राहक मिलने की संभावना जताई गई है। ऐसे संपर्क भविष्य में व्यापार बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणामों की उम्मीद बताई गई है। आय के नए स्रोत तलाशने और अपनी पेशेवर क्षमताओं को बेहतर बनाने पर ध्यान देना इस अवधि में उपयोगी हो सकता है।

    कुंभ राशि के जातकों के लिए इस नक्षत्र परिवर्तन को कार्यक्षेत्र और कारोबार में नए रास्ते खुलने से जोड़कर देखा जा रहा है। नौकरी करने वालों को अपनी अलग पहचान बनाने और आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों को नई परियोजनाओं या बड़े ग्राहकों के साथ काम करने का मौका मिलने की संभावना जताई गई है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने और पुरानी बचत बढ़ाने पर भी ध्यान देने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार वृषभ, सिंह, कन्या और कुंभ राशि के लिए यह समय नए अवसरों की तलाश, मेहनत और आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देने का संकेत देता है।

  • नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार देर रात क्यों हुआ? बेटे मल्हार ने बताई वजह, सुबह निधन के बाद लिया था फैसला

    नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार देर रात क्यों हुआ? बेटे मल्हार ने बताई वजह, सुबह निधन के बाद लिया था फैसला

    नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में गोवा में निधन हो गया। 8 अक्टूबर की सुबह उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद देर रात उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे मल्हार पाटेकर और उनकी पत्नी ने उन्हें मुखाग्नि दी। नाना को अंतिम विदाई देने के लिए परिवार के सदस्यों के साथ उनके करीबी और फिल्म जगत से जुड़े कई लोग पहुंचे। अंतिम संस्कार देर रात किए जाने को लेकर जब मल्हार से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इसकी वजह बताई।

    मल्हार पाटेकर से पूछा गया कि अंतिम संस्कार इतनी देर रात क्यों किया गया, जबकि कई अन्य लोग और फिल्म जगत की हस्तियां भी नाना को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचना चाहती थीं। सवाल में यह भी कहा गया कि बॉलीवुड के कई लोग अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके, ऐसे में उसी रात अंतिम विदाई देने की क्या जरूरत थी। इस पर मल्हार ने स्पष्ट किया कि परिवार के फैसले के पीछे ऐसी कोई खास वजह नहीं थी, जैसा सवाल में पूछा जा रहा था।

    मल्हार ने बताया कि नाना पाटेकर के साथ यह घटना सुबह जल्दी हुई थी और तब तक काफी समय बीत चुका था। इसलिए परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई विशेष कारण नहीं था कि अंतिम संस्कार रात में ही करना जरूरी था या अगले दिन नहीं किया जा सकता था। परिवार ने परिस्थितियों को देखते हुए उसी दिन उन्हें विदाई देने का निर्णय लिया। इस तरह मल्हार ने देर रात अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया।

    नाना पाटेकर को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके अंतिम सफर के दौरान ‘नाना साहेब अमर रहें’ के नारे भी सुनाई दिए। अंतिम संस्कार में अभिनेता जैकी श्रॉफ, फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा, प्रवीण तरड़े, ‘क्रांतिवीर’ के निर्देशक मेहुल कुमार, लेखक किरण और महेश मांजरेकर की पत्नी मेधा मांजरेकर सहित कई लोग शामिल हुए। नाना के चाहने वाले और करीबी भी उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। उनके निधन से फिल्म जगत में शोक का माहौल रहा।

    नाना पाटेकर की तबीयत गोवा स्थित उनके फ्लैट में बिगड़ी थी। जानकारी के मुताबिक, उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ था। इसके बाद उनके बेटे मल्हार के अनुसार, घर पर मेडिकल टीम बुलाई गई। टीम जब पहुंची, तब नाना बेहोशी की हालत में थे। उन्हें बचाने की कोशिश की गई और फिर तुरंत मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए प्रयास जारी रखे।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर देकर नाना पाटेकर को बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 75 वर्ष की उम्र में उनके निधन के बाद परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया। मल्हार के बयान के अनुसार, सुबह घटना होने और काफी समय बीत जाने के कारण परिवार ने देर रात अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार में मौजूद लोगों ने नाना को श्रद्धांजलि दी और उन्हें याद किया।

  • विष योग 2026: मेष, तुला और कुंभ राशि के जातक रहें सतर्क, खर्चों और पारिवारिक मामलों में बरतनी होगी सावधानी

    विष योग 2026: मेष, तुला और कुंभ राशि के जातक रहें सतर्क, खर्चों और पारिवारिक मामलों में बरतनी होगी सावधानी


    नई दिल्ली: ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 को चंद्रमा के राशि परिवर्तन से चंद्र-शनि विष योग का निर्माण होगा। पंचांग के मुताबिक, चंद्रमा सुबह कन्या राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि शनि पहले से मीन राशि में मौजूद हैं। कन्या और मीन राशि एक-दूसरे से सातवें स्थान पर हैं। इस स्थिति में चंद्रमा और शनि के बीच समसप्तक योग बनेगा और दोनों ग्रह एक-दूसरे पर सप्तम दृष्टि डालेंगे। ज्योतिष शास्त्र में इस स्थिति को विष योग कहा जाता है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जन्मकुंडली में चंद्रमा और शनि की युति होने या दोनों ग्रहों के एक-दूसरे से सातवें भाव में स्थित होने पर विष योग बनता है। माना जाता है कि इस योग का प्रभाव मानसिक स्थिति, आर्थिक मामलों, पारिवारिक जीवन और कार्यक्षेत्र पर पड़ सकता है। इसी आधार पर 9 अक्टूबर से बनने वाले इस योग को कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण बताया जा रहा है। मेष, तुला और कुंभ राशि के जातकों को विशेष रूप से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि, ये ज्योतिषीय मान्यताएं हैं और इनके आधार पर किसी घटना या परेशानी की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।

    मेष राशि के जातकों के लिए इस अवधि में मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, इस दौरान बेवजह के विवादों से दूर रहना और किसी भी परिस्थिति में धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। आर्थिक लेन-देन करते समय जल्दबाजी से बचने की सलाह दी गई है। वाहन चलाते समय भी सावधानी बरतने और जल्दबाजी न करने पर जोर दिया गया है। वाणी पर नियंत्रण रखना भी महत्वपूर्ण बताया गया है, क्योंकि छोटी-सी बात गलतफहमी या विवाद का कारण बन सकती है। मानसिक शांति के लिए नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने का सुझाव दिया गया है।

    तुला राशि के जातकों को इस दौरान अपने बजट और खर्चों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, अचानक खर्च बढ़ने की आशंका के चलते आमदनी और जरूरतों को ध्यान में रखकर आर्थिक योजना बनाना बेहतर रहेगा। चंद्रमा के बारहवें भाव और शनि के छठे भाव में होने की स्थिति को देखते हुए विरोधियों और प्रतिस्पर्धियों की गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही गई है। किसी व्यक्ति पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करने से बचने की सलाह भी दी गई है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ मतभेद की संभावना बताई गई है। इस अवधि में शांत रहकर बातचीत करने और आर्थिक फैसलों में सावधानी रखने को प्राथमिकता देने का सुझाव है। ज्योतिषीय उपाय के रूप में भगवान शिव की आराधना करने की सलाह दी गई है।

    कुंभ राशि के जातकों को पारिवारिक रिश्तों और आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मान्यता के अनुसार, घर-परिवार में किसी बात को लेकर तनाव की स्थिति बन सकती है, इसलिए बातचीत के दौरान संयम रखना जरूरी होगा। व्यापार करने वालों को पैसों के लेन-देन में सतर्क रहने और बड़े आर्थिक फैसले भरोसेमंद व्यक्ति की मौजूदगी में लेने का सुझाव दिया गया है। स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करने की भी सलाह दी गई है। जो लोग नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अक्टूबर के मध्य तक इंतजार करने का विकल्प सुझाया गया है। विष योग के प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव के मंत्रों का जाप करने की बात कही गई है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, विष योग के दौरान मेष, तुला और कुंभ राशि के जातकों को स्वास्थ्य, खर्च, कार्यस्थल और पारिवारिक मामलों में सोच-समझकर कदम उठाने चाहिए। बजट की योजना बनाना, लेन-देन में सावधानी रखना और विवादों से बचना उपयोगी व्यावहारिक कदम हैं। पूजा-पाठ और मंत्र जाप को धार्मिक आस्था से जुड़े उपायों के रूप में देखा जाना चाहिए।