Blog

  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाज गुजरे तो लगा देंगे आग… ईरान ने जल मार्ग बंद कर जारी की चेतावनी

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाज गुजरे तो लगा देंगे आग… ईरान ने जल मार्ग बंद कर जारी की चेतावनी


    तेहरान।
    अमेरिका और ईरान युद्ध (America and Iran War) अपने चरम पर है। अब खबर है कि ईरान ने अहम जल मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) या होर्मुज जल डमरू मध्य बंद कर दिया है। इतना ही नहीं, चेतावनी भी जारी की गई है कि अगर कोई जहाज यहां से गुजरा तो आग लगा दी जाएगी। खास बात है कि यह मार्ग भारत (India) के लिए भी काफी अहम है और इसके बंद होने का असर पड़ सकता है। इधर, अमेरिका दावा कर रहा है कि अब तक उसने बड़ा हमला किया नहीं है। वहीं, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका से कोई बातचीत नहीं करेगा।

    रॉयटर्स ने ईरानी मीडिया की रिपोर्ट्स के हवाले से बताया, IRGC यानी ईरान रिवॉल्युशनरी गार्ड्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि गुजरने वाले किसी भी जहाज को आग के हवाले कर दिया जाएगा। शनिवार को मार्ग बंद करने के ऐलान के बाद ईरान की तरफ से दी गई यह सबसे बड़ी धमकी है।


    चेतावनी

    कमांडर इन चीफ के सलाहकार इब्राहिम जबारी ने कहा, ‘स्ट्रेट (ऑफ होर्मुज) बंद कर दिया गया है। अगर कोई भी गुजरने की कोशिश करता है, तो रिवॉल्युशनरी गार्ड्स के हीरो और नौसेना उन जहाजों को आग के हवाले कर देगी।’ खास बात है कि दुनिया की तेल खपत का करीब 20 फीसदी हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरता है।


    क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

    होर्मुज जलडमरू मध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला संकरा समुद्री रास्ता है। दुनिया के ऊर्जा व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है, इसलिए यह वैश्विक अर्थव्यवस्था की धड़कन माना जाता है। इस मार्ग से वैश्विक तेल और गैस का लगभग 20 प्रतिशत प्रवाह होता है। इसे बंद करने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर परिणाम होंगे, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार बाधित होगा और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी।

    होर्मुज के भारत और दुनिया के लिए मायने
    भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। यह तेल ज्यादातर होर्मुज से होकर गुजरता है। मार्ग बाधित होने पर भारत की ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर तुरंत असर पड़ेगा। तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे महंगाई और राजकोषीय दबाव बढ़ सकता है। साथ ही आयात बिल बढ़ने से चालू खाते का घाटा भी बढ़ता है।

    भारत के ईरान, सऊदी अरब और यूएई के साथ महत्वपूर्ण संबंध हैं। ऐसे में संतुलित कूटनीति और समुद्री सुरक्षा सहयोग भारत के लिए अहम है। यदि यहां तनाव बढ़ने और जहाजों पर पाबंदी लगती है, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तुरंत उछाल आ जाएगा। इसका असर महंगाई, परिवहन लागत और वैश्विक शेयर बाजारों पर पड़ेगा।

    दुनिया के समुद्री रास्ते से होने वाले कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा एलएनजी इसी रास्ते से गुजरती है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत, यूएई और कतर जैसे प्रमुख ऊर्जा उत्पादक देश अपने निर्यात के लिए इस मार्ग पर निर्भर हैं।

  • बॉम्बे HC का बड़ा आदेश….हिन्दू श्मशान में दफनाए गए मुसलमान के शव को निकालने का दिया आदेश

    बॉम्बे HC का बड़ा आदेश….हिन्दू श्मशान में दफनाए गए मुसलमान के शव को निकालने का दिया आदेश


    नागपुर।
    मृत्यु के बाद भी गरिमा का संवैधानिक अधिकार (Constitutional Right After Death) बना रहता है, इस बात की पुष्टि बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने की है। हाई कोर्ट ने नागपुर (Nagpur) के एक हिंदू श्मशान घाट में गलती से दफनाए गए एक मुस्लिम व्यक्ति के शव को कब्र से निकालने का आदेश दिया। ट्रेन दुर्घटना के बाद मृतक को शुरू में अज्ञात माना गया था। हाई कोर्ट की नागपुर बेंच के न्यायमूर्ति अनिल किलोर और राज वाकोडे की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। याचिका मृतक के भाई जावेद खान ने दायर की थी। हाई कोर्ट ने नागपुर ग्रामीण के तहसीलदार और उप-विभागीय अधिकारी के उन आदेशों को रद्द कर दिया, जिनमें पहले शव को कब्र से निकालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था।

    अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नागपुर नगर निगम की देखरेख में घाट रोड स्थित मोक्षधाम घाट से साजिद खान का शव निकाला जाए। शव याचिकाकर्ता को सौंप दिया जाए ताकि इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार किया जा सके।


    25 जनवरी को नागपुर से लापता हुए थे साजिद खान

    मालेगांव निवासी साजिद खान 25 जनवरी को ताजुद्दीन बाबा के उर्स में शामिल होने के लिए दो मित्रों के साथ नागपुर गए थे। वे 26 जनवरी को लापता हो गए और बाद में बुटीबोरी के पास उनकी मृत्यु हो गई। उनकी पहचान तुरंत न हो पाने के कारण पुलिस ने शव को अज्ञात मानकर हिंदू श्मशान घाट मोक्षधाम घाट में दफना दिया।


    स्थानीय अधिकारियों ने आवेदन किया खारिज

    पुलिस से पूछताछ के बाद याचिकाकर्ता ने अधिकारियों द्वारा दिखाई गई तस्वीरों के माध्यम से शव की पहचान की। उसके बाद शव को निकालने की अनुमति मांगी ताकि मुस्लिम धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार कब्रिस्तान, बड़ा ताजबाग में अंतिम संस्कार किया जा सके। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों ने अनुरोध को अस्वीकार कर दिया और उन्हें सक्षम न्यायालय से आदेश प्राप्त करने का निर्देश दिया।


    बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला

    अदालत ने माना कि इस तरह के इनकार का कोई औचित्य नहीं था। हाई कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार की न्यायिक व्याख्या में गरिमा के अधिकार को भी शामिल किया गया है, जो मृत्यु के बाद भी लागू रहता है। न्यायालय ने आश्रय अधिकार अभियान बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए टिप्पणी की।

    अनुच्छेद 25 धर्म की स्वतंत्रता की गारंटी देता है, जिसमें आवश्यक धार्मिक अनुष्ठान करने का अधिकार भी शामिल है। इस न्यायालय के समक्ष ऐसा कोई वैधानिक निषेध नहीं दिखाया गया है जो कानूनी पर्यवेक्षण के तहत शव निकालने पर रोक लगाता हो।- बॉम्बे हाई कोर्ट बेंच


    बॉम्बे हाई कोर्ट अनुच्छेद 14, 21 और 25 का जिक्र

    पूर्व प्रशासनिक आदेशों को अस्पष्ट बताते हुए, न्यायालय ने फैसला सुनाया कि परिवार को शव की अभिरक्षा से वंचित करना अनुच्छेद 14, 21 और 25 के तहत संवैधानिक संरक्षणों का उल्लंघन होगा। पीठ ने नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक और बुटीबोरी पुलिस को शव निकालने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि शव मृतक के भाई को सौंप दिया जाए।

  • MP: होली पर CM ने सरकारी कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा, डीए 3% बढ़ाकर केन्द्र के समान 58 प्रतिशत किया

    MP: होली पर CM ने सरकारी कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा, डीए 3% बढ़ाकर केन्द्र के समान 58 प्रतिशत किया


    भोपाल।
    होली (Holi) से दो दिन पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने सरकारी कर्मचारियों (Government Employees) को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री के इस एलान के बाद यह बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है। इसका फायदा राज्य के करीब 7.30 लाख कर्मचारियों को मिलेगा।

    मोहन यादव ने होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा ‘होली के पावन पर्व पर, मैं प्रदेश के सभी भाई-बहनों और देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। होली आपसी मेल-जोल को मजबूत करने, कड़वाहट मिटाने और प्रेम बढ़ाने का त्योहार है। सभी को मेरी तरफ से हार्दिक बधाई और होली की मंगलकामनाएं। इस अवसर पर राज्य सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने का फैसला लिया है, जिससे यह बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है।’

    करीब 10 महीने बाद बढ़ा डीए
    करीब 10 महीने पहले 27 अप्रैल 2025 को कर्मचारियों का डीए 5 फीसदी बढ़ाया गया था जिससे यह तब केंद्रीय कर्मचारियों के सामान हो गया था। कर्मचारियों को एरियर की राशि का भुगतान किया गया था। इससे पहले 28 अक्तूबर 2024 को इसमें 4 फीसदी तो 14 मार्च 2024 को 4 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई थी। 19 जुलाई 2023 और 27 जनवरी 2023 को भी 4-4 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई थी। वहीं 22 अगस्त 2022 को 3 फीसदी तो 21 मार्च 2022 को 11 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई थी।

    आपको बता दें कि सरकार महंगाई से निपटने के लिए सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देती है। इसकी दरें ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेंक्स के आधार पर तय की जाती हैं। कर्मचारियों के मंहगाई भत्ते में साल में दो बार (हर 6 महीने में) बढ़ोत्तरी की जाती है।

    जनजातीय बहुल बड़वानी जिले में सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कृषि कैबिनेट की बैठक की। बैठक के बाद उन्हें कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी जनजातीय इलाके में हुई इस बैठक में किसानों को कई सौगात देने पर मुहर लगी। मोहन यादव की पहली कृषि कैबिनेट में किसानों के लिए 27,746 करोड़ रुपये की राशि का प्रस्ताव रखा है।

  • अहान पांडे का चौंकाने वाला खुलासा: एक्सीडेंट ने शरीर को कर दिया था 'जीरो', अब अली अब्बास जफर की एक्शन फिल्म के लिए कर रहे हैं महा-ट्रांसफॉर्मेशन

    अहान पांडे का चौंकाने वाला खुलासा: एक्सीडेंट ने शरीर को कर दिया था 'जीरो', अब अली अब्बास जफर की एक्शन फिल्म के लिए कर रहे हैं महा-ट्रांसफॉर्मेशन


    नई दिल्ली :बॉलीवुड के उभरते हुए सितारे अहान पांडे के लिए साल 2025 खुशियों और चुनौतियों का एक मिला-जुला सफर रहा है। एक तरफ जहाँ मोहित सूरी द्वारा निर्देशित उनकी फिल्म “सैयारा” ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए झंडे गाड़े और उन्हें एक रोमांटिक स्टार के रूप में स्थापित किया, वहीं दूसरी तरफ पर्दे के पीछे अहान एक ऐसे दर्दनाक दौर से गुजर रहे थे, जिससे वे पूरी तरह टूट सकते थे। हाल ही में एक साक्षात्कार में अहान ने खुलासा किया कि “सैयारा” की रिलीज के ठीक बाद उन्हें कंधे की एक बेहद जटिल और दर्दनाक सर्जरी करानी पड़ी थी। यह सर्जरी एक पुराने स्नोमोबाइल एक्सीडेंट का नतीजा थी, जिसके कारण उनका कंधा ‘सब्लक्सेशन’ (आंशिक रूप से खिसक जाना) का शिकार हो गया था।

    हैरान करने वाली बात यह है कि अहान ने इस पूरी शारीरिक पीड़ा और संघर्ष को दुनिया से छिपाकर रखा। सर्जरी के बाद अभिनेता कई महीनों तक प्लास्टर में रहे और उनकी स्थिति ऐसी थी कि वे ठीक से हिल भी नहीं पा रहे थे। डॉक्टरों ने तो उन्हें यहाँ तक चेतावनी दे दी थी कि सर्जरी के बाद उनका शरीर ‘जीरो’ के स्तर पर पहुँच जाएगा और अगली फिल्म के लिए फिट बॉडी बनाना उनके लिए लगभग नामुमकिन होगा। अहान ने बताया कि रिकवरी का वह समय उनके लिए मानसिक रूप से भी कठिन था क्योंकि वे वजन उठाने तक की अनुमति नहीं रखते थे। इस दौरान सोशल मीडिया से उनकी दूरी को लेकर लोग उनकी माँ डिएन पांडे से सवाल पूछने लगे थे कि अहान का वजन इतना कम क्यों हो रहा है, लेकिन अहान खामोशी से अपनी वापसी की तैयारी कर रहे थे।

    अहान पांडे ने अपनी इस कमजोरी को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। उन्होंने बताया कि जहाँ अन्य कलाकार अनहेल्दी बॉडी से हेल्दी बॉडी का सफर तय करते हैं, वहीं उन्हें एक गंभीर चोट से उबरकर खुद को फिर से तैयार करना पड़ा। अब अहान पूरी तरह फिट हैं और अली अब्बास जफर की अगली अनाम एक्शन-रोमांटिक फिल्म के लिए जबरदस्त ‘फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन’ में जुटे हुए हैं। इस फिल्म में वे अभिनेत्री शरवरी के साथ नजर आएंगे। एक साल तक बिस्तर पर रहने और डॉक्टरों की आशंकाओं को गलत साबित करते हुए अहान अब बड़े पर्दे पर एक नए अवतार में धमाका करने को तैयार हैं।

  • आज साल का पहला चंद्रग्रहण… जानें टाइमिंग और सूतक काल का समय

    आज साल का पहला चंद्रग्रहण… जानें टाइमिंग और सूतक काल का समय


    नई दिल्ली।
    आज साल का पहला चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026) लगने जा रहा है. खास बात यह है कि यह ग्रहण भारत (India) के कई हिस्सों में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल (Sutak Period) भी मान्य होगा. ज्योतिष के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि (Leo Zodiac sign) और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा. चंद्रमा को मन का कारक ग्रह माना जाता है, इसलिए ग्रहण का सीधा असर व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है. ऐसे में इस ग्रहण से जुड़ी जरूरी जानकारी जैसे समय, सूतक काल के बारे में जानना बेहद जरूरी हो जाता है. तो आइए पंडित प्रवीण मिश्र द्वारा जानते हैं कि साल का पहला चंद्र ग्रहण कितने बजे से शुरू होगा, कहां कहां दिखाई देगा और सूतक काल कब से शुरू होगा।


    चंद्र ग्रहण का समय (Chandra Grahan 2026 Timing)

    साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च यानी आज दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा. इस तरह ग्रहण की कुल अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट रहेगी।


    भारत में इतने बजे से दिखाई देगा चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026 kitne baje lgega in India)

    गणनाओं के मुताबिक, 3 मार्च 2026 यानी आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा पर चंद्रमा का उदय शाम 5 बजकर 59 मिनट पर होगा, जबकि ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर होगी. ग्रहण का (मध्यकाल) मध्यान्ह समय शाम 5 बजकर 4 मिनट पर होगा और ग्रहण का मोक्ष काल शाम 6 बजकर 47 मिनट रहेगा. पूरे भारत में आज शाम 05 बजकर 59 के बाद ही सभी स्थानों में चंद्रग्रहण देखा जा सकेगा. केवल ग्रहण का मोक्ष काल ही दिखाई देगा, जबकि ग्रहण का प्रारंभ और मध्य काल भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा, क्योंकि चंद्रोदय से पहले ही ग्रहण का आरंभ हो जाएगा.


    चंद्र ग्रहण के सूतक काल की टाइमिंग (Chandra Grahan 2026 Sutak kaal Timing)

    यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दृश्यमान होगा इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा. ऐसे में आज इस पूर्ण चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हो चुका है.

    कहां कहां दिखाई देगा ये चंद्र ग्रहण? (Chandra Grahan 2026 When and Where to Watch)
    यह चंद्र ग्रहण भारत के पूर्वी हिस्सों में ज्यादा स्पष्ट रूप से दिखाई देगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में आंशिक रूप से नजर आ सकता है. भारत के अलावा यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी दिखाई देगा.


    चंद्र ग्रहण 2026 का किन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव (Chandra Grahan 2026 Effect)

    साल 2026 के पहले चंद्र ग्रहण से सिंह राशि, कर्क राशि और कुंभ राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है. जिनकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, उन्हें मानसिक तनाव या चिंता का सामना करना पड़ सकता है.


    चंद्र ग्रहण 2026 देश-दुनिया पर प्रभाव

    यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है. इस ग्रहण से सिंह और कुंभ राशि प्रभावित होंगी. इस ग्रहण से दुनिया में सत्ता में उथल-पुथल होने की संभावना है. इस ग्रहण के बाद से युद्ध की स्थितियां ज्यादा नकारात्मक हो सकती हैं. इस ग्रहण की वजह से बड़े राजनेतों की सत्ता पर असर पड़ सकता है।


    सिंह राशि वालों के लिए सलाह

    चूंकि यह ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है, इसलिए इस राशि के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. आने वाले कुछ दिनों तक जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें, विवादों से दूर रहें और सोच-समझकर ही कदम उठाएं.


    सूतक के दौरान क्या न करें (Chandra Grahan 2026 Sutak kaal Precautions)

    ग्रहण के दौरान धर्मशास्त्रों में सूतक की व्यवस्था बताई गई है. सूर्य ग्रहण में चार पहर पहले यानी 12 घंटें पहले तथा चंद्र ग्रहण में 3 पहर यानी 9 घंटे पहले सूतक लग जाता है. सूतक के दौरान अन्न का त्याग कर देना चाहिए. किसी प्रकार के नकारात्मक कार्य को करना निषेध रहता है. इस दौरान आध्यात्मिक चिंतन और सात्विक आहार विहार रखना चाहिए।

    कच्चे पके हुए अन्न को ग्रहण के दौरान नहीं रखना चाहिए और तेल में तले पदार्थ और दूध-दही इत्यादि में तुलसी का पत्ता डाल देना चाहिए. इस चंद्रग्रहण का सूतक भारतीय समयानुसार 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20 से शुरू हो जाएगा. ग्रहण के दौरान पूरी तरह से अन्न-जल का त्याग कर देना चाहिए. अपने इष्टदेव का ध्यान और ओम नम: शिवाय का जप करना चाहिए।


    चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें (Chandra Grahan 2026 Dos)

    1. चंद्र ग्रहण के दौरान सिर्फ भगवान के मंत्रों का जप करना चाहिए, जो कि दस गुना फलदायी माना जाता है.
    2. चंद्र ग्रहण के बाद शुद्ध जल से स्नान करके, गरीबों का दान देना चाहिए.
    3. चंद्र ग्रहण के बाद पूरे घर को शुद्ध करना चाहिए. ऐसा करने से घर की सभी नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती है.
    4. ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जरूरत मंदों को वस्त्र दान देने से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है।


    चंद्र ग्रहण का क्या हो सकता है प्रभाव

    ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण का असर सबसे ज्यादा मन और भावनाओं पर पड़ता है. इस दौरान तनाव, भ्रम और नकारात्मक सोच बढ़ सकती है. इसलिए इस समय शांत रहना और बड़े फैसलों से बचना बेहतर माना जाता है।


    क्या होता है चंद्र ग्रहण? (What is Lunar Eclipse?)

    चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) एक खगोलीय घटना है. जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और अपनी छाया चंद्रमा पर डालती है तो ऐसी स्थिति चंद्र ग्रहण कहलाता है.


    क्या होता है पूर्ण चंद्र ग्रहण?

    जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आ जाता है, तो इसे पूर्ण चंद्र ग्रहण कहते हैं. इस स्थिति में चंद्रमा का रंग तांबे या लाल रंग का दिखाई देता है, जिसे “ब्लड मून” भी कहा जाता है।

  • ईरान ने दुबई में US मिलिट्री ठिकानों पर किया हमला, शाहेद-136 ड्रोन से साधा निशाना

    ईरान ने दुबई में US मिलिट्री ठिकानों पर किया हमला, शाहेद-136 ड्रोन से साधा निशाना


    दुबई।
    ईरान (Iran) ने यूएई (UAE) के दुबई (Dubai) में यूएस मिलिट्री ठिकाने (US Military Bases) पर बड़ा ड्रोन हमला किया है. ईरानी मीडिया के मुताबिक, ईरान ने शाहेद-136 ड्रोन (Shahed-136 Drone) से दुबई में उस बिल्डिंग पर हमला किया है, जहां अमेरिकी मिलिट्री के अधिकारी मौजूद थे.

    इससे पहले सऊदी में स्थित अमेरिकी दूतावास पर ईरान ने ड्रोन के जरिए निशाना साधा था, जहां पर हमले के बाद आग लगने की खबर आई थी. हालांकि, रिपोर्ट्स में पता चला है कि एंबेसी हमले के वक्त खाली थी.


    कतर की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन्स

    कतर के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उसने हमले शुरू होने के बाद से देश पर दागे गए अधिकांश ईरानी प्रोजेक्टाइल को रोक दिया है, जिसमें तीनों क्रूज मिसाइलें, 101 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 98, 39 ड्रोन में से 24 और दोनों SU-24 लड़ाकू जेट शामिल हैं।

    सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी किया है. रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता, मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा, “रियाद और अल-खार्ज शहरों के पास 8 ड्रोन को रोका और नष्ट किया गया.”

    सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दिखाया गया है कि मंगलवार सुबह-सुबह ईरानी ड्रोन के हमले के बाद इज़राइल में US एंबेसी में आग लग गई.

  • Iran के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की पत्नी की भी मौत.. US-इजराइली हमलें हो गई थीं घायल

    Iran के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की पत्नी की भी मौत.. US-इजराइली हमलें हो गई थीं घायल


    तेहरान।
    ईरान (Iran) के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei) की पत्नी, मंसूरेह खोजस्तेह बाघेरजादेह की मौत हो गई है। खबर है कि US-इजराइली हमलों में लगी चोटों की वजह से उनकी मौत हो गई। ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर (Government Broadcaster) प्रेस टीवी ने सोमवार को कहा कि हमले के बाद वह ‘शहीद हो गईं’ खामेनेई खुद शनिवार को अमेरिका और इजराइल के हमलों में मारे गए थे। ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि खोजस्तेह भी उन्हीं हमलों में घायल हो गई थीं और बाद में उनकी चोटों की वजह से मौत हो गई।

    ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि अयातुल्ला खामेनेई हमलों के शुरुआती दौर में ही मारे गए। US और इज़राइली अधिकारियों ने कहा कि ये हमले स्ट्रेटेजिक मिलिट्री और सिक्योरिटी टारगेट पर किए गए थे। इसकी पुष्टि US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के धर्मगुरु की मौत की घोषणा के कुछ घंटों बाद हुई, जो सरकार बदलने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा था।


    सुप्रीम लीडर के परिवार में हुई मौतों की पहले ही पुष्टि कर दी थी

    रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि खामेनेई के कई रिश्तेदार, जिनमें उनकी बेटी, दामाद और उनकी पोती शामिल हैं, उन्हीं हमलों में मारे गए। रॉयटर्स ने यंग जर्नलिस्ट्स क्लब के ज़रिए तेहरान सिटी काउंसिल के एक सदस्य का ज़िक्र किया, जिन्होंने हमलों के बाद सुप्रीम लीडर के परिवार में हुई मौतों की पहले ही पुष्टि कर दी थी।

    सुप्रीम लीडर के परिवार के सदस्यों की मौत से तेहरान की लीडरशिप पर अंदरूनी दबाव बढ़ने और पूरे इलाके में तनाव और बढ़ने की उम्मीद है। ईरानी अधिकारियों ने पहले ही चेतावनी दी है कि देश पर किसी भी हमले का बदला लिया जाएगा।


    सीनियर मौलवी अयातुल्ला अराफी अंतरिम सुप्रीम लीडर के तौर पर काम करेंगे

    सरकार से जुड़ी IRNA न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, अली खामेनेई की हत्या के बाद सीनियर मौलवी अयातुल्ला अलीरेज़ा अराफी ईरान के अंतरिम सुप्रीम लीडर के तौर पर काम करेंगे। अराफी को टेम्पररी लीडरशिप काउंसिल का ज्यूरिस्ट मेंबर बनाया गया है, जिसे ईरान के कॉन्स्टिट्यूशनल प्रोसेस के तहत परमानेंट उत्तराधिकारी चुने जाने तक ट्रांज़िशन के दौरान सुप्रीम लीडर की शक्तियों का इस्तेमाल करने का काम सौंपा गया है।

    ईरान के संवैधानिक ढांचे के तहत, अंतरिम लीडरशिप काउंसिल में प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन, चीफ जस्टिस गुलाम-होसैन मोहसेनी-एजेई और गार्डियन काउंसिल के एक मौलवी शामिल हैं। यह तीन सदस्यों वाली बॉडी मिलकर सुप्रीम लीडर की शक्तियों का इस्तेमाल करेगी और खामेनेई की मौत के बाद बदलाव के समय में देश के मामलों की देखरेख करेगी, जब तक कि कोई परमानेंट उत्तराधिकारी नहीं चुना जाता।

  • रोहित शर्मा की भविष्यवाणी सच हुई: संजू सैमसन का धमाका, सेमीफाइनल का टिकट बन गया सुनिश्चित

    रोहित शर्मा की भविष्यवाणी सच हुई: संजू सैमसन का धमाका, सेमीफाइनल का टिकट बन गया सुनिश्चित


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया ने एक यादगार पल देखा, जब संजू सैमसन ने अपनी शानदार पारी से टीम को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया। इस मौके से पहले ही पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने सैमसन को प्रेरित किया था, कहा, “दुखी मत हो, यह टूर्नामेंट लंबा है, मौका कभी भी आ सकता है।”

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और यूएसए के बीच हुई थी। उस दिन रोहित शर्मा, जो टूर्नामेंट के ब्रांड एंबेसडर थे, मैदान पर मौजूद थे।टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और यूएसए के बीच हुई थी। उस दिन रोहित शर्मा, जो टूर्नामेंट के ब्रांड एंबेसडर थे, मैदान पर मौजूद थे। उन्हें पता था कि संजू सैमसन अभी प्लेइंग इलेवन में नहीं होंगे, लेकिन उन्होंने सैमसन से कहा कि मौके के लिए तैयार रहो।

    संजू सैमसन टी20 वर्ल्ड कप 2024 की विनिंग टीम का हिस्सा रहे थे, लेकिन उस टूर्नामेंट में उनका खेल नहीं हुआ था। 2026 के लिए टीम में शामिल होने के बावजूद, न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में उनका प्रदर्शन कमजोर रहा। इसके चलते ओपनिंग की जिम्मेदारी अभिषेक शर्मा और ईशान किशन को मिली और सैमसन बाहर बैठ गए।

    7 फरवरी को ICC ने रोहित और सैमसन का वीडियो शेयर किया, जिसमें रोहित कहते हैं, “दुखी मत हो भाई, यह लंबा टूर्नामेंट है और मौका कभी भी आ सकता है।” संजू सैमसन का जवाब था, “मैं ठीक हूं।” यह बातचीत उनकी वापसी और प्रदर्शन का संकेत बन गई।

    सुपर 8 में संजू सैमसन ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। पहले मैच में उन्होंने 8 गेंदों में 22 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन दूसरे मैच में 15 गेंदों में 24 रन बनाए। 1 मार्च को उन्होंने धमाकेदार 97 रनों की पारी खेली और टीम इंडिया को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया। इस पारी ने न केवल टीम को जीत दिलाई, बल्कि फैंस और क्रिकेट विश्लेषकों को भी रोमांचित कर दिया।

    रोहित शर्मा की भविष्यवाणी सच साबित हुई। संजू सैमसन ने सही समय पर सही मौके का फायदा उठाकर सबका दिल जीत लिया और साबित कर दिया कि क्रिकेट में धैर्य, तैयारी और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी हैं।

  • रास्ता मिला, रफ्तार नहीं! टी20 वर्ल्ड कप में भारत की बैटिंग पर उठे सवाल

    रास्ता मिला, रफ्तार नहीं! टी20 वर्ल्ड कप में भारत की बैटिंग पर उठे सवाल


    नई दिल्ली। टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम 5 मार्च को इंग्लैंड के खिलाफ छठी बार टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में उतरने जा रही है। कागजों पर यह उपलब्धि शानदार दिखती है, लेकिन घरेलू सरजमीं पर खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में सुपर-8 तक का सफर भारत के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं रहा। टीम के प्रदर्शन में वह चैंपियन वाली धार लगातार नजर नहीं आई, खासकर बल्लेबाजी में कई खामियां उजागर हुईं।

    बल्लेबाजी बनी सबसे बड़ी चिंता
    पूरे टूर्नामेंट में भारत की सबसे बड़ी कमजोरी बल्लेबाजी रही है। पहले ही मैच में अमेरिका के खिलाफ भारतीय बैटिंग ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। महज 77 रन पर टीम ने अपने छह प्रमुख बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे। ऐसे मुश्किल समय में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 84 रनों की जिम्मेदार पारी खेलकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

    हालांकि यह पारी टीम की कमजोरी को ढंकने भर का काम कर सकी, समस्या खत्म नहीं हुई। नामीबिया जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम के खिलाफ भी बल्लेबाज संघर्ष करते दिखे। ईशान किशन और हार्दिक पांड्या ने कुछ रन जरूर जोड़े, लेकिन बाकी बल्लेबाजों की धीमी बल्लेबाजी चिंता का कारण बनी। खुद कप्तान सूर्यकुमार यादव 12 रन बनाने में 13 गेंदें खेल गए, जबकि तिलक वर्मा 21 गेंदों पर 25 रन ही बना सके।

    बड़े मैचों में भी डगमगाया क्रम
    पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में ईशान किशन ने 40 गेंदों में 77 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम को संभाला। लेकिन उनके अलावा सिर्फ सूर्यकुमार यादव ही 30 रन का आंकड़ा पार कर सके। उन्होंने 29 गेंदों में 32 रन बनाए, जो उनकी आक्रामक शैली के मुताबिक धीमा प्रदर्शन माना गया।

    नीदरलैंड के खिलाफ शिवम दुबे ने 31 गेंदों में 66 रन की तेज पारी खेली, लेकिन यह भी टीम के समग्र प्रदर्शन को स्थिर नहीं कर सकी। ग्रुप स्टेज में छोटी टीमों के खिलाफ खेलने के बावजूद अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और खुद कप्तान रनों के लिए जूझते नजर आए। इससे यह सवाल खड़ा हुआ कि क्या भारत का बल्लेबाजी क्रम दबाव में बिखर जाता है?

    सुपर-8 में और बढ़ीं मुश्किलें
    उम्मीद थी कि सुपर-8 राउंड में भारतीय बल्लेबाज अपने असली रंग में नजर आएंगे, लेकिन कहानी उलटी साबित हुई। साउथ अफ्रीका के खिलाफ मजबूत माने जाने वाले बल्लेबाजी क्रम ने सिर्फ 111 रन बनाए। इस मैच ने टीम की कमजोरियों को फिर उजागर कर दिया।

    जिम्बाब्वे के खिलाफ जरूर बल्लेबाजी ने दम दिखाया और भारत ने टी20 विश्व कप में अपना सबसे बड़ा स्कोर बनाया। इससे टीम को आत्मविश्वास मिला, लेकिन निरंतरता की कमी साफ झलकती रही। वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू सैमसन ने 97 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई, पर बाकी बल्लेबाज अपेक्षा के अनुरूप योगदान नहीं दे सके।

    स्टार खिलाड़ियों से उम्मीदें अधूरी
    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अभिषेक शर्मा से सबसे ज्यादा उम्मीदें थीं, लेकिन वह छह मैचों में सिर्फ 80 रन ही बना सके। तीन मुकाबलों में तो वह खाता तक नहीं खोल पाए। कप्तान सूर्यकुमार यादव, जो अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, इस टूर्नामेंट में तेज रन बनाने में संघर्ष करते दिखे। उनका स्ट्राइक रेट करीब 135 रहा, जो उनके मानकों के हिसाब से कम है। हार्दिक पांड्या भी बड़े और निर्णायक मौकों पर अपेक्षित योगदान देने में नाकाम रहे। कुल मिलाकर, टीम इंडिया के लिए ईशान किशन ही ऐसे बल्लेबाज रहे, जिनके प्रदर्शन में निरंतरता दिखी।

    सेमीफाइनल की चुनौती
    अब 5 मार्च को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भारत को अपनी बल्लेबाजी की कमियों से पार पाना होगा। नॉकआउट मुकाबले में छोटी-सी चूक भी भारी पड़ सकती है। अगर बल्लेबाज सामूहिक रूप से जिम्मेदारी नहीं लेते, तो मजबूत गेंदबाजी के बावजूद टीम मुश्किल में फंस सकती है। भारतीय टीम ने सेमीफाइनल तक का सफर तय कर लिया है, लेकिन खिताब जीतने के लिए बल्लेबाजी को चैंपियन जैसी धार दिखानी ही होगी

  • शशि कपूर के हाथों मिला पहला अवॉर्ड और आर.के. स्टूडियो की वो रातें; अनिल कपूर ने खोल दिए करियर के सुनहरे राज

    शशि कपूर के हाथों मिला पहला अवॉर्ड और आर.के. स्टूडियो की वो रातें; अनिल कपूर ने खोल दिए करियर के सुनहरे राज


    नई दिल्ली :बॉलीवुड के ‘झक्कास’ अभिनेता अनिल कपूर आज भले ही वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हों, लेकिन उनके करियर की नींव बेहद सादगी और संघर्ष के साथ पड़ी थी। हाल ही में गेमिंग रियलिटी शो ‘व्हील ऑफ फॉर्च्यून’ में अक्षय कुमार के साथ बातचीत के दौरान अनिल कपूर ने अपने जीवन के उन पन्नों को पलटा, जो आज की पीढ़ी के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं। अभिनेता ने भावुक होते हुए बताया कि उनके पेशेवर सफर की शुरुआत साल 1976 में मुंबई के वर्ली स्थित दूरदर्शन स्टूडियो से हुई थी। उस समय एक छोटे से कार्यक्रम में परफॉर्म करने के बदले उन्हें पहली कमाई के रूप में मात्र 250 रुपये मिले थे। अनिल कपूर के लिए वह महज एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनके हुनर पर लगी पहली मुहर थी, जिसने उन्हें भविष्य का सुपरस्टार बनने का आत्मविश्वास दिया।

    अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए अनिल कपूर ने एक दिलचस्प वाकया साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पहली बार एक नाटक में हिस्सा लिया, तो वहां मुख्य अतिथि के रूप में दिग्गज अभिनेता शशि कपूर मौजूद थे। अनिल की प्रतिभा से प्रभावित होकर शशि कपूर ने उन्हें ‘बेस्ट एक्टर’ की ट्रॉफी से नवाजा। उस पल को याद करते हुए अभिनेता ने कहा कि महान कलाकार के हाथों मिले उस सम्मान ने ही उन्हें यकीन दिलाया कि वे अभिनय की दुनिया में लंबी रेस का घोड़ा साबित हो सकते हैं। हालांकि, अनिल आज भी अपने उस शुरुआती दौर की रिकॉर्डिंग तलाश रहे हैं, ताकि वे देख सकें कि पांच दशक पहले वे स्क्रीन पर कैसे दिखते और अभिनय करते थे, लेकिन अफसोस कि वह क्लिप अब तक नहीं मिल पाई है।

    बातचीत का सिलसिला जब उनके करियर के सबसे प्रतिष्ठित गाने ‘धक-धक करने लगा’ पर पहुँचा, तो अनिल कपूर ने कई राज खोले। फिल्म ‘बेटा’ के इस कालजयी गाने को लेकर उन्होंने विनम्रता से कहा कि यह गाना पूरी तरह से माधुरी दीक्षित का है और उन्होंने केवल उनका साथ निभाया था। अक्षय कुमार के टोकने पर कि यह गाना दोनों की मेहनत का फल है, अनिल ने बताया कि इसकी शूटिंग बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हुई थी। मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान के निर्देशन में आर.के. स्टूडियो में फिल्माए गए इस गाने की शूटिंग रातों में होती थी। उन दिनों अनिल और माधुरी दोनों ही दिन में दो-दो अलग फिल्मों की शूटिंग कर रहे थे और थकान के बावजूद रात भर जागकर ‘धक-धक’ गाने को पूरा किया गया। आज भी इस गाने में जो ऊर्जा और ताजगी नजर आती है, उसके पीछे उन सितारों की रातों की नींद और समर्पण छिपा है