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  • दिसंबर में ऑटो सेल्स में रिकॉर्ड बढ़त, कारों की बिक्री ऑल-टाइम हाई पर पहुंची

    दिसंबर में ऑटो सेल्स में रिकॉर्ड बढ़त, कारों की बिक्री ऑल-टाइम हाई पर पहुंची

    नई दिल्ली। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने मंगलवार को दिसंबर 2025 के वाहन बिक्री आंकड़े जारी किए। इसके अनुसार, दिसंबर में थोक पैसेंजर वाहनों की बिक्री सालाना आधार पर करीब 26.8 प्रतिशत बढ़कर 3,99,216 यूनिट्स रही, जो पिछले साल दिसंबर में 3,14,934 यूनिट्स थी। इस बढ़त ने वाहन निर्माता और डीलरों के बीच उत्साह पैदा कर दिया है।

    दोपहिया और तिपहिया वाहनों की मजबूत बिक्री

    सियाम के आंकड़ों के मुताबिक, दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री सालाना आधार पर 39 प्रतिशत बढ़कर 15,41,036 यूनिट्स हुई, जबकि दिसंबर 2024 में यह आंकड़ा 11,05,565 यूनिट्स था। तिपहिया वाहनों की बिक्री भी 17 प्रतिशत बढ़कर 61,924 यूनिट्स दर्ज की गई, जो पिछले साल 52,733 यूनिट्स थी। इन आंकड़ों से साफ है कि छोटे और कम लागत वाले वाहन भी ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।

    तीसरी तिमाही में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा

    वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में पैसेंजर वाहनों की थोक बिक्री 12.76 लाख यूनिट्स रही। यह तिमाही की बिक्री का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है और पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 20.6 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है।

    2025 में वार्षिक बिक्री का नया रिकॉर्ड

    पूरा साल 2025 (जनवरी-दिसंबर) देखा जाए तो पैसेंजर वाहनों की कुल थोक बिक्री 44.90 लाख यूनिट्स रही। यह वार्षिक बिक्री का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है और सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

    निर्यात में भी वृद्धि

    साल 2025 में देश से 8.63 लाख पैसेंजर वाहनों का निर्यात हुआ। यह निर्यात का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है और पिछले साल की तुलना में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

    मजबूत बिक्री के पीछे कारक

    सियाम का मानना है कि इस मजबूत वृद्धि के पीछे कई कारक हैं। आयकर में कटौती, जीएसटी 2.0 की सुविधा और आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कमी ने ग्राहकों की खरीद क्षमता और धारणा पर सकारात्मक असर डाला। इन उपायों के चलते उपभोक्ता वाहन खरीदने के लिए ज्यादा प्रेरित हुए।

    सियाम के आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर लगातार बढ़त पर है। दिसंबर और पूरे 2025 के आंकड़े बताते हैं कि पैसेंजर, दोपहिया और तिपहिया वाहनों की मांग में मजबूत रिकवरी हुई है। भविष्य में भी यह रुझान उद्योग के लिए उत्साहजनक संकेत देता है।

  • भेड़ाघाट में नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे पर चाकू हमला, प्रॉपर्टी विवाद से बढ़ा तनाव, पुलिस ने शुरू की तलाश

    भेड़ाघाट में नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे पर चाकू हमला, प्रॉपर्टी विवाद से बढ़ा तनाव, पुलिस ने शुरू की तलाश



    नई दिल्ली। भेड़ाघाट नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे नीलेश लोधी पर देर रात आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया। घटना के तुरंत बाद घायल को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष चतुर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

    घटना तिलवारा थाना क्षेत्र के विशाल मेगा मार्ट के पास हुई। जानकारी के अनुसार, नीलेश लोधी अपने घर भेड़ाघाट लौट रहे थे, तभी तीन बदमाशों ने उन्हें रोककर ताबड़तोड़ चाकू मार दिया। हमलावरों में जीतू पटेल, अंकित और सचिन शामिल थे,

     उन्होंने कहा कि जीतू पटेल आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ अवैध वसूली और मारपीट के कई मामले पहले भी दर्ज हैं। हाल ही में जेल से छूटने के बाद वह अपने साथियों के साथ फिर से प्रॉपर्टी का काम करने लगा था।

    पुलिस की तीन टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।

    जीतू पटेल चौकी लाल का निवासी है और उसके घर एवं आस-पास भी पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि नीलेश लोधी प्रॉपर्टी के काम में सक्रिय थे और उनके घायल होने की खबर से इलाके में तनाव है। पुलिस ने मौके पर सघन गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

    यह मामला भेड़ाघाट में प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा हुआ माना जा रहा है और प्रशासन इसे गंभीरता से ले रहा है। नीलेश की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि पुलिस आरोपियों की सूत्रों और तफ्तीश के आधार पर तलाश में जुटी हुई है।

  • आजीविका मिशन में कोई भर्ती नहीं हो रही है, भ्रामक पत्र पर ध्यान न दें

    आजीविका मिशन में कोई भर्ती नहीं हो रही है, भ्रामक पत्र पर ध्यान न दें


    भोपाल ! मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में अभी किसी भी स्तर पर कोई भर्ती नहीं की जा रही है। विभिन्न जिलों में भर्ती के सम्बंध में एक निराधार पत्र के माध्यम से भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है जो कि पूरी तरह असत्य है।


    वायरल पत्र उप सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास एस. के. मिश्रा, के नाम से हस्ताक्षरित है। जबकि विभाग में इस नाम का कोई उप सचिव नहीं है। इस जाली पत्र में सन्दर्भ भारत सरकार का पत्र क्रमांक F/2479  दिनांक 27.12.2025 उल्लेखित है, जो पूर्णतः निराधार है। आजीविका मिशन में कोई भर्ती नहीं की जा रही है न ही यह पत्र विभाग से संबंधित है।


  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोहड़ी पर्व की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोहड़ी पर्व की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई फसल के स्वागत और हर्ष व उल्लास के पावन पर्व 
    लोहड़ी की  शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा  कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और खुशहाली लेकर आए तथा समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव के भाव को और सुदृढ़ करे, यही मंगलकामना है।

  • मध्यप्रदेश पुलिस की चोरी, डकैती एवं नकबजनी केविरूद्ध बड़ी सफलताएं

    मध्यप्रदेश पुलिस की चोरी, डकैती एवं नकबजनी केविरूद्ध बड़ी सफलताएं


    भोपाल
    । मध्यप्रदेश पुलिस ने विगत चार दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में संपत्ति संबंधी गंभीर अपराधों पर त्वरित, प्रभावीएवंसमन्वितकार्रवाईकरतेहुए उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने चोरी, डकैती, नकबजनीएवं संगठित आपराधिक गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए लगभग 89 लाख 40 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की हैं। यह उपलब्धियां न केवल पुलिस की सतर्कता, बल्कि आधुनिक तकनीक, मजबूत मुखबिर तंत्र एवं जमीनी स्तर पर किए गए सतत प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।

    विदिशा

    जिले की कोतवाली पुलिस ने अरिहंत ज्वैलर्स डकैती कांड का सफल खुलासा किया। 260 से अधिक सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण, 180 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ एवं 08 विशेष टीमों की संयुक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप 03 आरोपियों एवं 02 विधि विरुद्ध बालकों को गिरफ्तार किया। इस प्रकरण में लगभग 13 लाखरूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

    छतरपुर

    जिला के थाना लवकुश नगर क्षेत्र में ग्राम प्रतापपुरा की चोरी का पुलिस ने24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2.6 तोला सोना, 1.435 किलोग्राम चांदी एवं नगद राशि सहित लगभग 5 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

     इंदौर

    शहर में थाना हीरानगरपुलिस ने मोबाइल टावरों से 5G नेटवर्क उपकरण चोरी करने वाली गैंग का पर्दाफाश कर चोरी किए गए नेटवर्क उपकरण एवं घटना में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग 9 लाख 30हजार का सामान बरामद किया है। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में थाना द्वारकापुरी पुलिस ने नकबजनी की 04 वारदातों में संलिप्त शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लगभग 5 लाख 20हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

     देवास

    जिलेमें ऑपरेशन “त्रिनेत्रम” के अंतर्गत लगे सीसीटीवी कैमरों की सहायता से सूने घरों को निशाना बनाने वाले गिरोह का देवास पुलिस ने पर्दाफाश कर 03 चोरी की घटनाओं का खुलासा किया। इन घटनाओं को अंजाम देने वाले 04 आरोपियों एवं 01 नाबालिग को पुलिस ने गिरफ्तार कर 10 लाखरूपए के सोने-चांदी के आभूषण एवं नगद राशि जब्‍त की है।

     उज्जैन

    पुलिस ने लॉकर चोरी की घटना पर त्‍वरित कार्यवाही करते हुए 24 घंटे के भीतरएक आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 35 लाखरूपए230 ग्राम सोना जब्‍त कियाहै।

     सीहोर

    जिले के थाना रेहटी पुलिस द्वारा ग्राम कोसमी से चोरी हुई धान से भरी ट्रैक्टर–ट्रॉली को मात्र तीन दिनों के भीतर बरामद करते हुए लगभग 10 लाख रूपए की संपत्ति शत-प्रतिशत जब्‍त की गई।

     मुरैना

    जिले की थाना पोरसा पुलिस ने क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 80 हजार रूपए के चोरी किए सोने–चांदी के आभूषणजब्त किए।  

    मंडला

    थाना कोतवाली पुलिस ने केबल वायर चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 1लाख 10हजार रूपएका चोरी गया सामान जब्‍त किया है।

    इन कार्यवाहियों से यह स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस गंभीर अपराधों पर नियंत्रण एवं अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रति पूर्णतः सक्रिय, तत्पर और संवेदनशील है। तकनीकी संसाधनों के उपयोग, उत्कृष्ट टीम वर्क और त्वरित फील्ड एक्शन के माध्यम से पुलिस ने अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। ऐसी कार्यवाहियाँ प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ एवं नागरिकों के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत बना रही हैं।

  • भोपाल में शुरू हुई 'जल सुनवाई', लोगों ने लगाया कार्बाइड वाले पानी का आरोप

    भोपाल में शुरू हुई 'जल सुनवाई', लोगों ने लगाया कार्बाइड वाले पानी का आरोप



    भोपाल। शहर के 85 वार्डों में मंगलवार को पहली बार ‘जल सुनवाई’ आयोजित की गई। यह सुनवाई सुबह 11 बजे से शुरू होकर दोपहर 1 बजे तक चली। इस दौरान आमजन ने पानी से जुड़ी अपनी शिकायतें सीधे नगर निगम अधिकारियों के सामने रखीं।
    ब्रिज विहार और निशातपुरा के रहवासियों ने निगम के आईएसबीटी स्थित कार्यालय में पहुंचकर नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि नगर निगम उन्हें कार्बाइड का जहरीला पानी पीने को मजबूर कर रहा है। मोहल्ले के लोगों ने अपने मांगपत्र के साथ कार्यालय के बाहर नारेबाजी भी की।
    प्रदेश में पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है।
    इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से लगभग 23 लोगों की मौत हो चुकी है। भोपाल के आदमपुर छावनी, वाजपेयी नगर और खानूगांव जैसे क्षेत्रों में भी पानी दूषित पाया गया है, जिसके चलते भूजल के उपयोग पर रोक लगा दी गई है।
    सरकार ने इस समस्या को देखते हुए हर मंगलवार को ‘जल सुनवाई’ आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस दौरान अधिकारी और एक्सपर्ट्स मिलकर लोगों की शिकायतें सुनेंगे और जल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देंगे।
    जल सुनवाई में क्या होगा शामिल
    जल के नमूनों का परीक्षण विभिन्न मानकों के आधार पर किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं
    रंग, स्वाद, गंध
    पीएच, कुल क्षारीयता, क्लोराइड
    कुल कठोरता, कैल्शियम कठोरता, मैग्नेशियम कठोरता
    टीडीएस, टरबीडिटी
    रेसिडुअल क्लोरीन, कोलीफार्म, ई-कोलाई

    हर वार्ड में होगी सुनवाई
    नगर निगम के कमिश्नर संस्कृति जैन ने निर्देश दिया है कि सभी वार्ड कार्यालय में जल सुनवाई आयोजित की जाए। लोग अपने पानी के नमूने भी संबंधित वार्ड कार्यालय में जमा करवा सकेंगे।
    इस पहल से जनता को यह सुविधा मिलेगी कि वे सीधे अधिकारियों को अपनी शिकायतें बता सकें और जल की गुणवत्ता पर निगरानी रख सकें। यह कदम भोपाल में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

  • दिल्ली एयरपोर्ट पर 6 दिन तक उड़ानें प्रभावित, गणतंत्र दिवस सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत एयरस्पेस बंद

    दिल्ली एयरपोर्ट पर 6 दिन तक उड़ानें प्रभावित, गणतंत्र दिवस सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत एयरस्पेस बंद


    नई दिल्ली । दिल्ली एयरपोर्ट पर अगले कुछ दिनों में हवाई यात्रियों के लिए एक और मुश्किलें आ सकती हैं क्योंकि गणतंत्र दिवस की सुरक्षा तैयारियों के चलते दिल्ली के ऊपर एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद किया जाएगा। इस एयरस्पेस बंद के कारण 21 जनवरी से शुरू होकर 6 दिन तक उड़ानों में देरी और रद्द होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सरकार ने मंगलवार को एक नोटिस टू एयरमेन जारी किया है जिसके तहत दिल्ली एयरस्पेस रोज़ाना सुबह 10:20 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक बंद रहेगा। लगभग 2 घंटे 25 मिनट के इस बंद के दौरान हजारों उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं खासकर कनेक्टिंग फ्लाइट्स में रुकावटें आ सकती हैं। यह अस्थायी एयरस्पेस बंद गणतंत्र दिवस के सुरक्षा प्रोटोकॉल और ड्रेस रिहर्सल के तहत होता है, जिसमें परेड, वायुसेना का फ्लाईपास्ट, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, और सैन्य साजो-सामान का प्रदर्शन होता है। इस दौरान होने वाली हवाई गतिविधियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयरस्पेस बंद किया जाता है।

    उड़ानों पर प्रभाव और बदलाव

    एविएशन एनालिटिक्स कंपनी सिरियम के आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में 600 से अधिक उड़ानों पर असर पड़ने की संभावना है। यह समय दिल्ली एयरपोर्ट के सबसे व्यस्त स्लॉट्स में से एक होता है, जब यात्री विभिन्न घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते हैं। इसलिए, उड़ानों के रद्द होने, री-शेड्यूलिंग और ऑपरेशनल रुकावटों से हजारों यात्रियों की यात्रा प्रभावित हो सकती है। कम समय में सूचना मिलने की वजह से एयरलाइंस को अपने शेड्यूल में बदलाव करने में परेशानी हो सकती है, और यात्रियों को वैकल्पिक रूट्स, टिकट रिफंड और री-शेड्यूलिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इससे एयरलाइंस पर अतिरिक्त खर्च का बोझ भी पड़ेगा।

    क्यों किया जा रहा है एयरस्पेस बंद

    गणतंत्र दिवस के दौरान दिल्ली में होने वाले फ्लाईपास्ट और सुरक्षा प्रोटोकॉल को देखते हुए, दिल्ली के ऊपर एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद किया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया कर्तव्य पथ पर होने वाली सैन्य परेड, वायुसेना के फ्लाईपास्ट और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को सुरक्षित बनाने के लिए की जाती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि उड़ानें पूरी तरह से रद्द हो जाएंगी। ज्यादातर उड़ानों के समय में बदलाव किया जाएगा, और यात्रियों को अन्य उड़ानों में समायोजित किया जाएगा।

    यात्रियों के लिए सुझाव

    अगर आपकी फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट से तय तारीख और समय पर आ रही या जा रही है, तो यह जरूरी है कि आप अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल्स जैसे मोबाइल नंबर और ईमेल एयरलाइंस के रिकॉर्ड में अपडेट रखें ताकि किसी भी बदलाव या कैंसलेशन की स्थिति में एयरलाइंस आपसे तुरंत संपर्क कर सके। अगर उड़ान रद्द होती है तो एयरलाइंस आमतौर पर यात्रियों को वैकल्पिक फ्लाइट या रिफंड का विकल्प देती है। हालांकि अंतिम समय में टिकट के बदलाव या नई बुकिंग में हवाई किराया पहले की तुलना में अधिक हो सकता है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे उपलब्ध वैकल्पिक फ्लाइट्स को प्राथमिकता दें और यात्रा से पहले एयरलाइंस की अद्यतन जानकारी जरूर जांच लें।

  • 10 मिनट में डिलीवरी का दावा खत्म, गिग वर्कर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता: Blinkit और अन्य कंपनियों को सरकार का आदेश

    10 मिनट में डिलीवरी का दावा खत्म, गिग वर्कर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता: Blinkit और अन्य कंपनियों को सरकार का आदेश


    नई दिल्ली। देशभर के गिग वर्कर्स की सुरक्षा और उनके काम के दबाव को देखते हुए अब 10 मिनट में डिलीवरी का दावा समाप्त कर दिया गया है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया के हस्तक्षेप के बाद क्विक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit ने अपने सभी ब्रांडों से यह दावा हटा लिया है। इसके साथ ही मंत्री ने अन्य बड़ी कंपनियों जैसे Zepto, Swiggy और Zomato के प्रतिनिधियों से भी स्पष्ट कहा कि वे अपने ब्रांड प्रचार में तय समय सीमा वाली डिलीवरी का उल्लेख न करें और कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

    देशभर में गिग वर्कर्स की हड़ताल और लगातार उठ रही सुरक्षा चिंताओं के बाद यह कदम उठाया गया है।

    अब आम ग्राहक 10 मिनट के भीतर डिलीवरी की सुविधा की उम्मीद नहीं कर सकते। हालांकि इससे डिलीवरी की गति में बदलाव हो सकता है, लेकिन सरकार का मानना है कि यह कर्मचारियों के हित में सबसे जरूरी निर्णय है।

    स्रोतों के अनुसार Blinkit जल्द ही अपने सभी विज्ञापन और प्रचार सामग्री से ‘10 मिनट में डिलीवरी’ का दावा हटा देगी। इसके बाद अन्य कंपनियों द्वारा भी इसी तरह का ऐलान आने की संभावना है। यह कदम डिलीवरी कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव कम करने और उनके काम करने के सुरक्षित माहौल को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
     मंत्री ने कहा कि कम समय में डिलीवरी का दबाव कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा करता है।

    गिग वर्कर्स के संगठन लंबे समय से इस क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की स्थितियों, डिलीवरी के दबाव और सोशल सिक्योरिटी की कमी जैसे मुद्दे उठाते आ रहे हैं। उनका कहना है कि तय समय सीमा के कारण कई बार कर्मचारी स्वास्थ्य और सुरक्षा की अनदेखी करने को मजबूर होते हैं। इस निर्णय से यह सुनिश्चित किया गया है कि गिग वर्कर्स की सुरक्षा प्राथमिकता में रहे।

    क्विक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit ने बयान जारी कर कहा कि यह कदम सरकार की सलाह और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

    कंपनी जल्द ही अपने सभी प्रचार और विज्ञापन से ‘10 मिनट में डिलीवरी’ का दावा हटा रही है। इससे पूरे देश में गिग वर्कर्स की सुरक्षा और कार्यस्थल की स्थिति बेहतर होगी।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम गिग वर्कर्स के अधिकारों की दिशा में बड़ा सुधार है। अब कंपनियों को ग्राहकों की सुविधा के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा का संतुलन बनाना होगा। यह संदेश भी जाता है कि व्यवसायिक सफलता केवल तेज डिलीवरी तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि कर्मचारियों की भलाई और सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

    कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम गिग वर्कर्स के हित में एक महत्वपूर्ण सुधार है। अब 10 मिनट में डिलीवरी का दावा खत्म हो गया है और कंपनियों को कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश मिल गए हैं। इससे यह स्पष्ट संदेश भी जाता है कि तेजी से सेवा देना महत्वपूर्ण है, लेकिन कर्मचारियों की सुरक्षा और उनका भला प्राथमिकता में होना चाहिए।

  • Republic Day 2026 Weekend: भीड़ से दूर, इन 6 ऑफबीट डेस्टिनेशन पर करें घूमने का मजा

    Republic Day 2026 Weekend: भीड़ से दूर, इन 6 ऑफबीट डेस्टिनेशन पर करें घूमने का मजा

    नई दिल्ली। कोई हवाई यात्रा नहीं, कोई लंबी छुट्टियां नहीं. बस अपना बैग पैक करें, अपनी कार में बैठें और सड़क पर निकल पड़ें. गणतंत्र दिवस के लिए आने वाले लंबे वीकेंड के साथ, हैदराबाद से ये छोटी रोड ट्रिप एक क्विक, स्ट्रेस-फ्री छुट्टी के लिए एकदम सही हैं. आइए आपको बताते हैं यहां के कुछ खास जगहों के बारे में विस्तार से.
    अनंतगिरी हिल्स, तेलंगाना (80 km): बस थोड़ी ही दूर, फिर भी एक अलग ही दुनिया. कोहरे से ढकी सड़कें, कॉफी के बागान, जंगल के रास्ते और शांत मंदिर—अनंतगिरी बिना किसी खास प्लानिंग के आराम से लंबा वीकेंड बिताने के लिए एकदम सही जगह है.
    बीदर, कर्नाटक (145 km): एक शांत और ऐतिहासिक शहर जहाँ समय रुका हुआ लगता है. बीदर किले के फ़ारसी स्टाइल के मेहराबों में घूमें, पुराने मदरसों को देखें, और किले की दीवारों से सूर्यास्त देखते हुए अपना दिन खत्म करें. यह उन लोगों के लिए एकदम सही है जो भीड़ से दूर एक ऐतिहासिक अनुभव चाहते हैं.
    मेडक (100 km): थोड़ी ही ड्राइव पर, शानदार नज़ारे. मेडक कैथेड्रल शानदार और शांत है, खासकर सर्दियों की रोशनी में यह बहुत सुंदर लगता है. इसके साथ एक आरामदायक दिन की यात्रा, लोकल खाने के ऑप्शन और शांत ग्रामीण माहौल का मज़ा लें.
    नागार्जुन सागर (165 km): खुला पानी, पथरीला इलाका और सुहावना सर्दियों का आसमान. विशाल बांध, नागार्जुनकोंडा तक नाव की सवारी, और जलाशय के किनारे शांत शामें इसे शहर की भागदौड़ से एक आसान और ताज़ा करने वाला ब्रेक बनाती हैं.
    श्रीशैलम (215 km): घने नल्लामाला जंगलों में बसा एक आध्यात्मिक ठिकाना.
    मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन करें, कृष्णा नदी के नज़ारों का आनंद लें, और सुंदर घाट सड़कों का मज़ा लें जो यात्रा को मंज़िल जितना ही मज़ेदार बनाती हैं.
    कुरनूल (210 km): इतिहास पसंद करने वालों और गुफाओं को खोजने वालों के लिए. भारत की सबसे लंबी गुफा प्रणालियों में से एक बेलम गुफाओं को देखें, और मनोरम दृश्यों के लिए कोंडारेड्डी किले में जाएं. यह रोमांच, विरासत और शांतिपूर्ण खोज का एक अनोखा संगम है.
  • SIR प्रक्रिया से डर या प्रशासनिक दबाव? ममता बनर्जी का दावा, 77 मौतें हो चुकीं

    SIR प्रक्रिया से डर या प्रशासनिक दबाव? ममता बनर्जी का दावा, 77 मौतें हो चुकीं


    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन SIR प्रक्रिया के कारण हुई मौतों के आरोप अब बढ़ते जा रहे हैं। राज्य के विभिन्न इलाकों से यह खबरें सामने आ रही हैं कि इस प्रक्रिया से जुड़े मानसिक दबाव और तनाव के कारण कुछ लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि SIR से जुड़ी चिंता के कारण राज्य में अब तक 77 मौतें हो चुकी हैं। उनके मुताबिक, यह स्थिति गंभीर होती जा रही है, और इससे लोगों के जीवन पर गहरा असर पड़ रहा है।

    कोलकाता के विभिन्न हिस्सों और अन्य जिलों से सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि SIR के नोटिस मिलने के बाद मानसिक तनाव और चिंता की वजह से दो लोगों की मौत हो गई। इनमें से एक मामला उत्तर दिनाजपुर जिले के कालियागंज क्षेत्र का है जहां 50 वर्षीय लक्ष्मीकांत राय की सोमवार को अचानक मौत हो गई। उनके परिजनों का कहना है कि उन्हें हाल ही में SIR के तहत सुनवाई के लिए नोटिस मिला था जिसके बाद वे गहरे मानसिक दबाव में थे। राय के बेटे हीरू राय ने कहा नोटिस मिलने के बाद से पापा खाना-पीना छोड़ चुके थे और काम पर भी नहीं जा रहे थे। उन्हें डर था कि उनका नाम मतदाता सूची से हट सकता है और इस कारण उनका वोटिंग अधिकार छिन सकता है।

    दूसरी घटना उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट इलाके की है जहां अनीता बिस्वास नामक बुजुर्ग महिला की स्ट्रोक के कारण मौत हो गई। उनके परिवार का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के तहत सुनवाई में शामिल होने के बाद वह मानसिक रूप से परेशान हो गई थीं। अनीता की मौत के बाद उनके बेटे काशीनाथ बिस्वास ने बताया कि उनकी मां का नाम 1995 की मतदाता सूची में था लेकिन 2002 की सूची में उनका नाम गायब था। 5 जनवरी को दस्तावेज जमा करने के बावजूद कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलने से वह तनाव में रहने लगीं और अंतत स्ट्रोक के कारण उनकी मौत हो गई।

    इस पूरे मामले पर राजनीति भी गर्मा गई है। तृणमूल कांग्रेस के नेता निताई वैश्य ने चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया और इस प्रक्रिया को निरर्थक और दमनकारी बताया। वहीं बीजेपी युवा नेता गौरांग दास ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित करार दिया और कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक विरोध का हिस्सा है। पुलिस ने बताया कि इन मौतों का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा, लेकिन फिलहाल प्रशासन इस मुद्दे को लेकर कोई ठोस कदम उठाने में विफल नजर आ रहा है।

    कोलकाता में बूथ लेवल ऑफिसर कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन किया है और आरोप लगाया है कि अत्यधिक काम के दबाव के कारण कई कर्मचारियों की भी मौत हो चुकी है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़पों की भी खबरें आईं। इसने इस मुद्दे को और भी गंभीर बना दिया है और सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह प्रशासनिक प्रक्रिया आम नागरिकों पर अत्यधिक दबाव डाल रही है।