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  • स्किन केयर के लिए महंगे प्रोडक्ट नहीं ये आसान आदतें अपनाएं त्वचा लंबे समय तक रहेगी साफ निखरी और स्वस्थ

    स्किन केयर के लिए महंगे प्रोडक्ट नहीं ये आसान आदतें अपनाएं त्वचा लंबे समय तक रहेगी साफ निखरी और स्वस्थ


    नई दिल्ली। आज के समय में हर कोई साफ निखरी और स्वस्थ त्वचा चाहता है लेकिन इसके लिए केवल महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना ही जरूरी नहीं है। त्वचा की सही देखभाल के लिए रोजमर्रा की कुछ आसान आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना ज्यादा जरूरी है। धूल मिट्टी प्रदूषण धूप तनाव नींद की कमी और खानपान का सीधा असर हमारी त्वचा पर दिखाई दे सकता है। ऐसे में अगर स्किन केयर रूटीन को सही तरीके से अपनाया जाए तो त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

    स्किन केयर की शुरुआत चेहरे की सफाई से करनी चाहिए। दिनभर बाहर रहने के दौरान त्वचा पर धूल पसीना और गंदगी जमा हो जाती है। इसलिए त्वचा के प्रकार के अनुसार किसी हल्के क्लींजर से चेहरा साफ करना उपयोगी हो सकता है। हालांकि बहुत ज्यादा बार चेहरा धोने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है इसलिए जरूरत से ज्यादा सफाई करने से बचना चाहिए। चेहरे को साफ करने के बाद त्वचा को मॉइस्चराइज करना भी जरूरी है। तैलीय त्वचा वाले लोगों को हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर पसंद आ सकता है जबकि रूखी त्वचा के लिए थोड़ा ज्यादा हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर उपयोगी हो सकता है।

    धूप से त्वचा की सुरक्षा भी स्किन केयर का अहम हिस्सा है। लंबे समय तक तेज धूप में रहने से त्वचा पर टैनिंग और समय से पहले उम्र बढ़ने के संकेत दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बाहर निकलते समय ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए और जरूरत के अनुसार इसे दोबारा लगाया जा सकता है। इसके साथ छाता टोपी और धूप से बचाने वाले कपड़ों का इस्तेमाल भी मददगार हो सकता है।

    त्वचा की खूबसूरती केवल बाहर से की जाने वाली देखभाल पर निर्भर नहीं करती। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना और अच्छी नींद लेना भी जरूरी है। भोजन में फल सब्जियां दालें साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। बहुत ज्यादा तला भुना और अत्यधिक मीठा भोजन नियमित रूप से लेने की आदत को कम करना बेहतर हो सकता है।

    इसके अलावा चेहरे को बार बार छूने और बिना जरूरत पिंपल दबाने से बचना चाहिए। मेकअप इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए रात में सोने से पहले मेकअप अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। तकिए के कवर तौलिया और मेकअप ब्रश जैसी चीजों की नियमित सफाई भी स्वच्छता बनाए रखने में मदद करती है।

    अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे खुजली लालिमा जलन दाग या किसी तरह का असामान्य बदलाव दिखाई दे रहा है तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। सही स्किन केयर का मतलब बहुत सारे प्रोडक्ट इस्तेमाल करना नहीं बल्कि अपनी त्वचा की जरूरत समझकर नियमित और संतुलित देखभाल करना है। छोटी छोटी अच्छी आदतें लंबे समय में त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं।

  • IAS मर्डर केस में वरुण पर शिकंजा कसने की तैयारी, 5 राज्यों में छापेमारी, रेलवे स्टेशन से दिल्ली जाने का सुराग तलाश रही पुलिस

    IAS मर्डर केस में वरुण पर शिकंजा कसने की तैयारी, 5 राज्यों में छापेमारी, रेलवे स्टेशन से दिल्ली जाने का सुराग तलाश रही पुलिस


    भोपाल। भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। वारदात के बाद फरार चल रहे उनके केयरटेकर वरुण कुमार की तलाश में पुलिस ने अब बड़ा कदम उठाते हुए उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। आरोपी घटना के बाद से पुलिस की पकड़ से बाहर है और उसे गिरफ्तार करने के लिए मध्यप्रदेश समेत पांच राज्यों में पुलिस की करीब 12 टीमें लगातार काम कर रही हैं। जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है वैसे वैसे आरोपी के भागने और संभावित ठिकानों से जुड़े नए सुराग सामने आ रहे हैं।

    पुलिस के अनुसार वरुण कुमार की तलाश मध्यप्रदेश के अलावा पंजाब हरियाणा उत्तरप्रदेश और दिल्ली में की जा रही है। पुलिस की अलग अलग टीमें उसके रिश्तेदारों परिचितों और संभावित संपर्कों से जुड़े ठिकानों पर पहुंचकर जानकारी जुटा रही हैं। कुछ स्थानों पर परिजनों से पूछताछ भी की जा चुकी है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है और गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने परिचितों के संपर्क का सहारा ले सकता है।

    आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने अब तकनीकी जांच को भी तेज कर दिया है। उसकी मोबाइल गतिविधियों और डिजिटल फुटप्रिंट की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के बाद उसने किन लोगों से संपर्क किया और किन स्थानों पर उसकी मौजूदगी रही। इसके साथ ही घटना के बाद उसके आने जाने के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज को जोड़कर आरोपी की गतिविधियों की पूरी कड़ी तैयार की जा सकेगी।

    जांच में एक महत्वपूर्ण जानकारी यह सामने आई है कि वारदात के बाद वरुण भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचा था। इसके बाद उसके ट्रेन से दिल्ली की ओर जाने की जानकारी पुलिस को मिली है। इसी सुराग के आधार पर पुलिस की टीमें दिल्ली और आसपास के इलाकों के साथ दूसरे राज्यों में भी संभावित ठिकानों पर नजर रख रही हैं। पुलिस उसके संपर्कों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि भोपाल से निकलने के बाद उसे किसने मदद दी या किन लोगों के संपर्क में वह रहा।

    राकेश अग्रवाल की हत्या ने भोपाल में सनसनी फैला दी थी। बुधवार सुबह सूरजनगर स्थित उनके घर में उनका शव कमरे के अंदर जमीन पर मिला था। शुरुआती जांच में उनके गले पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान मिले थे। घर के अंदर अलमारी के लॉक टूटे हुए पाए गए थे जिससे पुलिस ने लूट की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा। इसके अलावा किचन में LPG सिलेंडर का पाइप निकला हुआ मिला था। इससे पूरे घर में गैस भर गई थी और पुलिस को आशंका है कि वारदात के बाद आग लगाने की साजिश भी की गई हो सकती है।

    अब पुलिस इस पूरे मामले में हत्या के पीछे की वजह और आरोपी की भूमिका को लेकर अलग अलग पहलुओं की जांच कर रही है। फरार केयरटेकर पर इनाम घोषित होने के बाद उसकी तलाश और तेज होने की उम्मीद है। पांच राज्यों में फैली पुलिस टीमों के साथ तकनीकी विशेषज्ञ भी आरोपी के मोबाइल और डिजिटल गतिविधियों से जुड़े सुराग तलाश रहे हैं। पुलिस का फोकस अब वरुण को जल्द गिरफ्तार करने के साथ वारदात की पूरी कड़ी सामने लाने पर है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और घटना को अंजाम देने के बाद फरार होने में उसे किस स्तर पर मदद मिली।

  • करोड़ों के बकाया भुगतान पर प्राइवेट अस्पतालों का बड़ा ऐलान, 8 अक्टूबर से आयुष्मान इलाज बंद, दिल्ली में होगा प्रदर्शन

    करोड़ों के बकाया भुगतान पर प्राइवेट अस्पतालों का बड़ा ऐलान, 8 अक्टूबर से आयुष्मान इलाज बंद, दिल्ली में होगा प्रदर्शन


    भोपाल। मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना को लेकर प्राइवेट अस्पतालों और सरकार के बीच विवाद अब बड़े आंदोलन की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। प्रदेश के निजी अस्पताल संचालकों और चिकित्सा संगठनों ने 8 अक्टूबर से आयुष्मान योजना का अनिश्चितकालीन बहिष्कार करने का ऐलान किया है। यदि तय समय तक सरकार की ओर से अस्पताल संगठनों की मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकला तो निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का इलाज नहीं किया जाएगा। इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह अस्पतालों के लंबे समय से अटके भुगतान और क्लेम में हो रही कटौती बताई जा रही है।

    अस्पताल संगठनों के अनुसार भोपाल के कई निजी अस्पतालों का आयुष्मान योजना के तहत करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये तक का भुगतान लंबित है। अस्पतालों का कहना है कि मरीजों का इलाज करने के बाद जब भुगतान लंबे समय तक अटकता है तो अस्पतालों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। इसके अलावा कई क्लेम तकनीकी और प्रक्रियागत कारणों से रिजेक्ट किए जा रहे हैं या उनमें बड़ी कटौती की जा रही है। अस्पताल संचालकों का सवाल है कि जब मरीज के इलाज से पहले उसकी बीमारी उपचार और पैकेज को मंजूरी दी जाती है तो इलाज पूरा होने के बाद वैध क्लेम को रोकने या काटने का आधार स्पष्ट होना चाहिए।

    आईएमए मध्य प्रदेश और यूनाइटेड प्राइवेट हॉस्पिटल्स डायरेक्टर्स एसोसिएशन समेत कई संगठनों ने इस मुद्दे पर संयुक्त आंदोलन का फैसला लिया है। संगठनों का कहना है कि वे लंबे समय से सरकार के सामने अपनी समस्याएं रखते आ रहे हैं। ज्ञापन बैठकों प्रतिनिधिमंडलों और अलग अलग स्तर पर विरोध के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। अब अस्पताल संचालक इसे निर्णायक आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।

    अस्पताल संगठनों की एक बड़ी आपत्ति आयुष्मान योजना में एनएबीएच सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को लेकर भी है। उनका कहना है कि अस्पतालों में गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा के मानकों का पालन जरूरी है लेकिन हर अस्पताल के लिए एक जैसी शर्त व्यावहारिक नहीं हो सकती। अस्पताल का आकार बिस्तरों की संख्या उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों के अनुसार मानकों को लागू किया जाना चाहिए। संगठनों ने एनएबीएच की अनिवार्यता समाप्त कर इसे स्वैच्छिक और प्रोत्साहन आधारित व्यवस्था बनाने की मांग की है।

    प्रदेश में आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों के लिए 1 अक्टूबर से नई शर्त लागू होने की बात भी सामने आई है। भोपाल इंदौर ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में योजना से जुड़े अस्पतालों के लिए एनएबीएच सर्टिफिकेट जरूरी किया गया है। अस्पताल संगठनों का दावा है कि इस नियम के कारण बड़ी संख्या में निजी अस्पतालों की आयुष्मान संबद्धता प्रभावित हो सकती है। उनका कहना है कि नियम लागू करने से पहले अस्पतालों को पर्याप्त समय और व्यावहारिक विकल्प दिए जाने चाहिए।

    क्लेम प्रक्रिया को लेकर भी निजी अस्पतालों ने कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि टीएटी प्रमाणीकरण दस्तावेजीकरण ट्रिगर और अन्य तकनीकी वजहों से क्लेम रिजेक्ट किए जाते हैं तो अस्पताल को स्पष्ट लिखित कारण मिलना चाहिए। इसके साथ ही क्लेम की जांच योग्य चिकित्सकों से कराने प्रभावी अपील व्यवस्था बनाने और पैकेज की दरों को वास्तविक चिकित्सा खर्च के अनुरूप संशोधित करने की मांग की गई है।

    अस्पताल संगठनों ने यह भी स्पष्ट किया है कि वास्तविक धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई का वे विरोध नहीं करते। उनकी आपत्ति उन मामलों को लेकर है जहां मरीज वास्तविक है बीमारी वास्तविक है भर्ती और उपचार भी वास्तविक है लेकिन केवल तकनीकी गलती के आधार पर पूरा क्लेम अस्वीकार कर दिया जाता है। उनका कहना है कि ऐसी व्यवस्था में मरीज को कैशलेस सुविधा मिल सकती है लेकिन अस्पताल के लिए इलाज कस्टलेस नहीं हो सकता।

    आंदोलन को लेकर अस्पताल संगठनों ने सरकार को 8 अक्टूबर तक का समय दिया है। यदि इससे पहले शासन और अस्पताल प्रतिनिधियों के बीच सार्थक बातचीत कर लंबित भुगतान और क्लेम से जुड़े मुद्दों का लिखित समाधान नहीं निकला तो प्रदेशभर में आयुष्मान योजना का अनिश्चितकालीन बहिष्कार शुरू हो सकता है। संगठन ने जरूरत पड़ने पर करीब 1000 एम्बुलेंस के साथ दिल्ली कूच करने की चेतावनी भी दी है। अब सरकार और निजी अस्पताल संगठनों के बीच होने वाली बातचीत पर मरीजों की नजर है क्योंकि विवाद लंबा खिंचने पर आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को इलाज की सुविधा प्रभावित होने की चिंता बढ़ सकती है।

  • बॉक्स ऑफिस पर दृश्यम 3 का तूफान, 2 दिनों में 177 करोड़ पार कमाई, 500 करोड़ क्लब पर अजय देवगन की नजर

    बॉक्स ऑफिस पर दृश्यम 3 का तूफान, 2 दिनों में 177 करोड़ पार कमाई, 500 करोड़ क्लब पर अजय देवगन की नजर


    नई दिल्ली। अजय देवगन की फिल्म दृश्यम 3 ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त पकड़ बना ली है। विजय सलगांवकर और उसके परिवार की कहानी का तीसरा अध्याय दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा बटोर रहा है। लंबे समय से इस फ्रेंचाइजी से जुड़े दर्शकों का इंतजार फिल्म की रिलीज के साथ खत्म हुआ और शुरुआती दो दिनों के आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि फिल्म को लेकर दर्शकों में कितना क्रेज है। रिलीज के पहले ही दिन फिल्म ने शानदार शुरुआत करते हुए अजय देवगन के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग में अपनी जगह बना ली।

    दृश्यम 3 ने रिलीज के पहले दिन करीब 62 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। गांधी जयंती की छुट्टी का फिल्म को भरपूर फायदा मिला और सिनेमाघरों में दर्शकों की अच्छी भीड़ देखने को मिली। पहले दिन फिल्म की वर्ल्डवाइड कमाई करीब 95 करोड़ रुपये बताई गई। इसके बाद शनिवार को भी फिल्म ने अपनी पकड़ बनाए रखी। हालांकि शुक्रवार की तुलना में शनिवार को कमाई में कुछ गिरावट जरूर देखने को मिली लेकिन इसके बावजूद फिल्म ने दूसरे दिन करीब 53.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया।

    सैकनिल्क के आंकड़ों के अनुसार दो दिनों में फिल्म का भारत में नेट कलेक्शन 115.50 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं वर्ल्डवाइड स्तर पर इसकी कमाई करीब 177.10 करोड़ रुपये हो चुकी है। यानी फिल्म केवल दो दिनों में 200 करोड़ रुपये के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गई है। रविवार का दिन फिल्म के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर तीसरे दिन भी फिल्म 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार करने में सफल रहती है तो वर्ल्डवाइड कलेक्शन के मामले में यह तेजी से 200 करोड़ क्लब में प्रवेश कर सकती है।

    दृश्यम 3 ने दो दिनों की कमाई के मामले में कई बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। हिंदी फिल्मों की दो दिन की कमाई की तुलना करें तो धुरंधर द रिवेंज सबसे ऊपर है जबकि पुष्पा 2 भी शानदार आंकड़ों के साथ मौजूद है। अब दृश्यम 3 करीब 115.50 करोड़ रुपये के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। इसके नीचे शाहरुख खान की जवान है जिसने दो दिनों में करीब 111.73 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था।

    फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी और पहले से बना हुआ दर्शक वर्ग है। पिछले दोनों पार्ट की सफलता के बाद विजय सलगांवकर का किरदार लोगों के बीच खास पहचान बना चुका है। यही वजह है कि तीसरे पार्ट को लेकर रिलीज से पहले ही काफी उत्सुकता थी। फिल्म को मिल रहे शुरुआती रिस्पॉन्स ने निर्माताओं की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है।

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दृश्यम 3 अजय देवगन के करियर की पहली 500 करोड़ रुपये वाली फिल्म बन पाएगी। फिलहाल फिल्म जिस रफ्तार से आगे बढ़ रही है उससे आने वाले दिनों में इसके कलेक्शन पर नजर रहेगी। शनिवार को कमाई में आई गिरावट के बाद रविवार का प्रदर्शन यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगा कि फिल्म आने वाले दिनों में अपनी रफ्तार कितनी तेजी से बढ़ा पाती है। अगर दर्शकों का उत्साह इसी तरह कायम रहा तो दृश्यम 3 बॉक्स ऑफिस पर अजय देवगन के लिए एक नया अध्याय लिख सकती है।

  • नवरात्रि गरबा प्रैक्टिस के लिए ये 8 बॉलीवुड गाने प्लेलिस्ट में करें शामिल, बेसिक स्टेप्स से तेज फुटवर्क तक होगी तैयारी

    नवरात्रि गरबा प्रैक्टिस के लिए ये 8 बॉलीवुड गाने प्लेलिस्ट में करें शामिल, बेसिक स्टेप्स से तेज फुटवर्क तक होगी तैयारी

    नई दिल्ली: नवरात्रि में गरबा और डांडिया की धूम के बीच अगर इस बार गरबा नाइट में बिना झिझक डांस करना है तो अभी से प्रैक्टिस शुरू की जा सकती है। इसके लिए ऐसी प्लेलिस्ट तैयार की जा सकती है, जिसमें धीमी बीट से लेकर तेज गरबा बीट तक के गाने हों। इससे अलग-अलग तरह के स्टेप्स की रिहर्सल करने में मदद मिल सकती है। खासकर पहली बार गरबा करने वालों के लिए सही गानों के साथ अभ्यास करना उपयोगी हो सकता है। गरबा आमतौर पर गोल घेरे में लयबद्ध कदमों और ताली के साथ किया जाता है, जबकि डांडिया में स्टिक का इस्तेमाल होता है। प्रैक्टिस की शुरुआत बेसिक स्टेप्स से करना बेहतर रहेगा और धीरे-धीरे तेज बीट वाले गानों की ओर बढ़ा जा सकता है।

    गरबा की शुरुआती प्रैक्टिस के लिए ‘Chogada’ को प्लेलिस्ट में रखा जा सकता है। इसकी लय पर बेसिक दो-स्टेप, ताली और घूमने वाले स्टेप्स की प्रैक्टिस की जा सकती है। बेसिक स्टेप्स समझ आने के बाद ‘Dholi Taaro Dhol Baaje’ पर अभ्यास किया जा सकता है। इसकी तेज बीट पर लगातार स्टेप बदलने और ताल के साथ चलने की आदत डालने की कोशिश की जा सकती है। ‘Odhani’ पर पैरों के साथ हाथों के मूवमेंट पर ध्यान दिया जा सकता है। इस गाने पर हाथों की दिशा, ताली और घूमने वाले स्टेप्स को एक साथ करने की रिहर्सल की जा सकती है। इसके बाद ‘Dholida’ पर तेज कदमों और ऊर्जा से भरे मूवमेंट का अभ्यास किया जा सकता है।

    अगर गरबा अकेले के बजाय पार्टनर या दोस्तों के साथ करना है तो ‘Udi Udi Jaye’ को भी प्रैक्टिस प्लेलिस्ट में शामिल किया जा सकता है। इसकी अपेक्षाकृत आसान गति पर पार्टनर के साथ तालमेल और घूमने वाले स्टेप्स की रिहर्सल की जा सकती है। वहीं, गरबा नाइट में बीट तेज होने पर कदमों का तालमेल बनाए रखने के लिए ‘Kamariya’ पर तेज फुटवर्क और लगातार मूवमेंट का अभ्यास किया जा सकता है। प्रैक्टिस शुरू करने से पहले शरीर को तैयार करने के लिए ‘Shubhaarambh’ जैसे गाने पर हल्के स्टेप्स से शुरुआत की जा सकती है। इससे धीरे-धीरे रिदम पकड़ने के बाद तेज गानों पर अभ्यास बढ़ाया जा सकता है।

    जब बेसिक स्टेप्स से लेकर तेज फुटवर्क तक की तैयारी हो जाए तो ‘Nagada Sang Dhol’ पर ग्रुप के साथ डांस की प्रैक्टिस की जा सकती है। इस गाने पर फुल एनर्जी के साथ ग्रुप डांस के लिए रिहर्सल की जा सकती है। हालांकि अभ्यास के दौरान शुरुआत में बहुत तेज स्टेप्स करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। पहले पैरों की चाल और बीट का तालमेल समझना चाहिए। इसके बाद हाथों और घूमने वाले स्टेप्स को इसमें जोड़ा जा सकता है। ग्रुप में डांस करना हो तो सामने वाले की स्पीड के साथ तालमेल बनाना जरूरी है। लंबे समय तक प्रैक्टिस करने से पहले हल्का वार्मअप करना चाहिए। डांस के दौरान अपनी सुविधा के अनुसार स्टेप्स की स्पीड रखनी चाहिए, ताकि अभ्यास के दौरान पैरों, हाथों और शरीर की गतिविधियों में तालमेल बना रहे।

  • सीरीज जीत के बाद भी बढ़ी टेंशन, आखिरी ODI में 6-7 कैच छूटने पर गिल का फूटा गुस्सा, वर्ल्ड कप से पहले दी कड़ी चेतावनी

    सीरीज जीत के बाद भी बढ़ी टेंशन, आखिरी ODI में 6-7 कैच छूटने पर गिल का फूटा गुस्सा, वर्ल्ड कप से पहले दी कड़ी चेतावनी


    नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज भले ही टीम इंडिया ने 2-1 से अपने नाम कर ली हो लेकिन मुल्लांपुर में खेले गए आखिरी मुकाबले ने भारतीय टीम की तैयारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार को हुए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 351 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था और वेस्टइंडीज के सामने 352 रन का लक्ष्य रखा था। इसके बावजूद भारतीय गेंदबाज इस स्कोर का बचाव नहीं कर सके। वेस्टइंडीज ने पांच विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया और इस जीत में कप्तान शाई होप की शानदार पारी सबसे बड़ी वजह रही।

    शाई होप ने भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना करते हुए नाबाद 162 रन बनाए। ग्रोइन इंजरी के बावजूद उन्होंने जिस तरह बल्लेबाजी की उसने भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं। वेस्टइंडीज ने 352 रन का लक्ष्य 48.2 ओवर में हासिल कर लिया। यह वनडे क्रिकेट में वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा सफल रन चेज भी रहा। होप के लिए यह लगातार दूसरा शतक था। इससे पहले गुवाहाटी वनडे में भी उन्होंने शतकीय पारी खेली थी।

    मुकाबला खत्म होने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टीम की कमियों पर खुलकर बात की। गिल की सबसे बड़ी नाराजगी भारतीय टीम की फील्डिंग को लेकर थी। मुकाबले के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने करीब 6-7 कैच छोड़े। इतने मौके गंवाने का सीधा फायदा वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को मिला और शाई होप ने भी मिले मौकों का पूरा फायदा उठाते हुए मैच भारत से दूर कर दिया। गिल ने माना कि वर्ल्ड कप से पहले इस तरह की फील्डिंग चिंता बढ़ाने वाली है और टीम को इस क्षेत्र में तत्काल सुधार करना होगा।

    कप्तान की दूसरी बड़ी चिंता डेथ ओवर्स की गेंदबाजी रही। गिल के मुताबिक आखिरी ओवरों में भारतीय टीम को अपनी रणनीति को लेकर स्पष्टता की जरूरत है। टीम को यह तय करना होगा कि किस स्थिति में बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के लिए आक्रामक गेंदबाजी करनी है और कब रन रोकने के लिए रक्षात्मक फील्ड लगानी है। गिल ने यह भी संकेत दिया कि कई बार टीम डेथ ओवर्स की रणनीति जरूरत से पहले शुरू कर देती है जबकि उस समय मिडिल ओवर्स की तरह गेंदबाजी करने की जरूरत होती है।

    इस हार के बावजूद सीरीज जीतना भारत के लिए राहत की बात है लेकिन वर्ल्ड कप से पहले फील्डिंग और डेथ बॉलिंग जैसी कमजोरियां टीम मैनेजमेंट के लिए गंभीर विषय बन गई हैं। बड़े टूर्नामेंट में छोटी सी गलती भी मुकाबले का रुख बदल सकती है। ऐसे में भारतीय टीम को अगले मुकाबलों में इन कमियों को दूर करने पर खास ध्यान देना होगा।

    दूसरी ओर वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने अपनी शानदार पारी के पीछे पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की सलाह का भी जिक्र किया। होप ने बताया कि धोनी ने उन्हें समझाया था कि बल्लेबाज के पास अक्सर उसकी सोच से ज्यादा समय होता है। इसी सोच के साथ होप अब नतीजे के बजाय अपनी प्रक्रिया पर ध्यान देते हैं। मुल्लांपुर में उनकी पारी ने इसी सोच का शानदार उदाहरण पेश किया और वेस्टइंडीज को ऐतिहासिक जीत दिला दी।

  • क्रिकेट से हॉकी तक भारतीय खिलाड़ियों का जलवा, एशियन गेम्स में 21 स्वर्ण पदकों के साथ भारत ने रचा इतिहास

    क्रिकेट से हॉकी तक भारतीय खिलाड़ियों का जलवा, एशियन गेम्स में 21 स्वर्ण पदकों के साथ भारत ने रचा इतिहास


    नई दिल्ली। जापान के आइची नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया। प्रतियोगिता के आखिरी दिन भारत ने गोल्डन पंच लगाते हुए कुल 9 पदक अपने नाम किए। इनमें 5 गोल्ड 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। इस शानदार प्रदर्शन के साथ भारत के पदकों की कुल संख्या 85 तक पहुंच गई। भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अलग-अलग खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। हालांकि कुछ देशों के मुकाबले रविवार को भी जारी रहने के कारण अंतिम पदक तालिका में बदलाव की संभावना जताई गई थी।

    भारत ने एशियन गेम्स 2026 में कुल 21 स्वर्ण 27 रजत और 37 कांस्य पदक जीते। पदक तालिका में चीन 169 स्वर्ण सहित कुल 341 पदकों के साथ पहले स्थान पर रहा। मेजबान जापान ने 83 स्वर्ण समेत 269 पदक जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया जबकि दक्षिण कोरिया 39 स्वर्ण सहित 150 पदकों के साथ तीसरे नंबर पर रहा। भारत के बाद उज्बेकिस्तान 21 स्वर्ण और कुल 70 पदकों के साथ पांचवें स्थान पर रहा। भारतीय दल के प्रदर्शन ने दिखाया कि देश के खिलाड़ी अब कई खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मजबूत चुनौती पेश कर रहे हैं।

    आखिरी दिन भारतीय खिलाड़ियों की सफलता में तीरंदाजी और गोल्फ का अहम योगदान रहा। 17 वर्षीय तीरंदाज कुमकुम मोहोड ने महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण कोरिया की ओ येजिन को शूट ऑफ में पराजित किया। मुकाबले के निर्णायक क्षण में परफेक्ट 10 का स्कोर कर उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं महिला व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले गोल्फ में प्रणवी शरथ उर्स ने 15 अंडर पार के स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया और भारत की झोली में एक और गोल्ड मेडल डाल दिया।

    कुश्ती में अमन सहरावत ने पुरुषों के फ्रीस्टाइल 57 किलोग्राम वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए उत्तर कोरिया के पहलवान को हराया और स्वर्ण पदक जीता। पुरुष हॉकी टीम ने भी फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया। भारतीय टीम ने लगातार दूसरी बार इस स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए भी सीधा क्वालिफिकेशन हासिल किया। क्रिकेट में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर भारतीय पुरुष टीम ने गोल्ड मेडल जीता। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 211 रन बनाए जबकि पाकिस्तान की टीम 192 रन तक ही पहुंच सकी।

    अन्य मुकाबलों में महिला गोल्फ टीम ने रजत पदक जीता। अंतिम पंघाल ने महिला कुश्ती के 53 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। दीपक पूनिया ने पुरुषों के फ्रीस्टाइल 97 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। तीरंदाजी में नीरज चौहान ने पुरुष रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा के कांस्य पदक मुकाबले में धीरज बोम्मदेवरा को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज जीता।

    इस प्रतियोगिता में भारत के 495 खिलाड़ियों ने 36 खेलों की स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। हॉकी क्रिकेट तीरंदाजी कुश्ती और गोल्फ सहित कई खेलों में मिली सफलताओं ने भारतीय अभियान को यादगार बनाया। 21 स्वर्ण सहित 85 पदकों का आंकड़ा भारतीय खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिस्पर्धी क्षमता को दर्शाता है।

  • दुबई के क्राउन प्रिंस ने कैप्टन स्मित मच्छार से की मुलाकात, उनके साहस को किया सलाम

    दुबई के क्राउन प्रिंस ने कैप्टन स्मित मच्छार से की मुलाकात, उनके साहस को किया सलाम


    दुबई।
    फ्लाईदुबई की फ्लाइट (Flydubai flight) को हाईजैक (Hijack) से बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार (Indian pilot Smit Machhar) से शनिवार को यूएई (UAE) के क्राउन प्रिंस (Crown Prince) ने मुलाकात की है। सऊदी अरब से आबूधाबी शिफ्ट किए गए मच्छार से मुलाकात करते हुए दुबई के क्राउन प्रिंस और डिप्टी पीएम शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद (Sheikh Hamdan bin Mohammed bin Rashid) ने उनके साहस को सलाम किया। शेख ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया साइट पर भी पोस्ट की।

    यूएई के क्राउन प्रिंस ने स्मित मच्छार की तारीफ की। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि स्मित ने साहस, जिम्मेदारी और मानव जीवन के प्रति अपनी चिंता की सर्वोच्च मिसाल को पेश किया है। उन्होंने जोर देकर की यूएई के नेतृत्व की तरफ से स्मित मच्छार को पूरा सम्मान और तारीफ दी जाती है।

    क्राउन प्रिंस ने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि कैप्टन स्मित मच्छार की कहानी उनके देश की कहानी और यूएई के मूल्यों का हिस्सा है। इसके साथ ही उन्होंने यूएई को शांति, करुणा और जीवन की रक्षा करने वाला देश करार दिया। इस पोस्ट के साथ में क्राउन प्रिंस ने स्मित के साथ कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं। इसमें वह मच्छार को गले लगाते हुए और उनके सिर को चूमते हुए नजर आ रहे हैं।

    बता दें, दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाइट को ओमानी को पायलट द्वारा हाईजैक करने की कोशिश हुई थी। उस पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार के ऊपर हमला किया। इसके बाद प्लेन को हाईजैक करने की कोशिश की। लेकिन मच्छार ने सबसे पहले उसे रोकने की कोशिश की। ग्राउंड कंट्रोल को हाईजैक कोड भेजे और घायल होने के बाद भी कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे बाकी यात्रियों को अंदर आने और हाईजैक करने वाले पायलट को कंट्रोल करने में मदद मिली।

    इसके बाद आतंकी को पायलट को सीट से बांध दिया गया। यहां से स्थिति बदल गई। प्लेन को सऊदी अरब ले जाया गया। यहां से सभी यात्रियों को थोड़े इंतजार के बाद उनके गंतव्य तक भेजा गया। कैप्टन अमित मच्छार गंभीर रूप से घायल थे। ऐसे में उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। बाद में मेडीकल इजाजत मिलने के बाद उन्हें आबूधाबी के अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। हाल ही में उन्होंने पीएम मोदी से भी बात की थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि कैसे घटना के दौरान उन्होंने हनुमान चालीसा को याद किया था।

  • बॉर्डर 2 से दूरी और हानिया आमिर संग फिल्म पर विवाद, दिलजीत दोसांझ को लेकर मीका सिंह ने कह दी बड़ी बात

    बॉर्डर 2 से दूरी और हानिया आमिर संग फिल्म पर विवाद, दिलजीत दोसांझ को लेकर मीका सिंह ने कह दी बड़ी बात


    नई दिल्ली। पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका कोई गाना या कॉन्सर्ट नहीं बल्कि मशहूर गायक मीका सिंह का बयान है। मीका ने दिलजीत के फिल्म प्रमोशन के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा है कि बॉलीवुड की फिल्मों में काम करने के बावजूद वह उन्हें खुलकर प्रमोट नहीं करते। खास तौर पर मीका ने फिल्म बॉर्डर 2 का जिक्र करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि दिलजीत पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर के साथ अपनी फिल्म सरदारजी 3 को प्रमोट करते नजर आए लेकिन दूसरी फिल्मों के लिए वैसा उत्साह क्यों नहीं दिखाया। उनके इस बयान के बाद दोनों गायकों को लेकर मनोरंजन जगत में नई बहस शुरू हो गई है।

    टाइम्स नाउ के साथ बातचीत में मीका सिंह ने दिलजीत दोसांझ की लोकप्रियता और उपलब्धियों की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि वह दिलजीत से बिल्कुल नहीं जलते। मीका के मुताबिक उनके भाई दलेर मेहंदी के बाद दिलजीत ने पगड़ी पहनकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और उन्हें इस बात पर गर्व है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्मों के प्रचार को लेकर उनकी राय अलग है। मीका का मानना है कि जब कोई कलाकार किसी बड़े बॉलीवुड प्रोजेक्ट का हिस्सा बनता है तो उसे फिल्म के प्रचार में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

    बॉर्डर 2 को लेकर मीका ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार फिल्म रिलीज होने के दौरान दिलजीत ने इसे पर्याप्त रूप से प्रमोट नहीं किया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि दिलजीत ने अभिनेता सनी देओल के साथ काम करने और इतनी बड़ी फिल्म का हिस्सा बनने को लेकर सार्वजनिक तौर पर ज्यादा बात क्यों नहीं की। मीका के मुताबिक बॉर्डर 2 देश से जुड़ी भावनाओं को सामने रखने वाली महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक है और इसके प्रचार में कलाकारों की भागीदारी भी अहम होती है। उन्होंने कहा कि वह ये बातें किसी विवाद को बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि एक भाई की तरह अपनी राय रखते हुए कह रहे हैं।

    हालांकि इस मामले में एक अहम तथ्य यह भी है कि दिलजीत दोसांझ ने बॉर्डर 2 से जुड़ा प्रमोशनल कंटेंट साझा किया था। उन्होंने दिसंबर 2025 में फिल्म से अपना फर्स्ट लुक जारी किया था और फिल्म के ट्रेलर तथा अन्य प्रचार सामग्री से जुड़ी पोस्ट भी सामने आई थीं। ऐसे में मीका के बयान और उपलब्ध प्रमोशनल गतिविधियों के बीच अंतर नजर आता है। रिपोर्ट के मुताबिक दिलजीत की प्रचार गतिविधियां मुख्य रूप से ऑनलाइन सामग्री तक सीमित रहीं और वह फिल्म के कुछ ऑन-ग्राउंड प्रचार कार्यक्रमों से दूर रहे। इसलिए यह कहना कि उन्होंने फिल्म का बिल्कुल भी प्रचार नहीं किया तथ्यों की पूरी तस्वीर पेश नहीं करता।

    मीका सिंह ने दिलजीत की फिल्म सरदारजी 3 का भी जिक्र किया जिसमें पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर नजर आई थीं। इस फिल्म को लेकर भारत में पहले भी विवाद हुआ था। मीका का कहना था कि दिलजीत ने इस फिल्म को लेकर पोस्ट साझा किए लेकिन बॉर्डर 2 जैसी बड़ी फिल्म के लिए वैसा प्रचार नहीं दिखा। उन्होंने यह भी कहा कि दिलजीत को अपने प्रोजेक्ट्स को प्रमोट करने में अधिक सक्रिय होना चाहिए।

    इस बातचीत में मीका ने दिलजीत के साथ अपने पुराने संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि जब दिलजीत को करियर की शुरुआत में मदद की जरूरत थी तब उन्होंने उनका साथ दिया था। मीका के मुताबिक विवादों के समय भी वह दिलजीत के साथ खड़े रहे। इस तरह उनके बयान में आलोचना के साथ पुराने रिश्तों और सहयोग का जिक्र भी शामिल रहा। अब इस पूरे मामले में दिलजीत की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी और देखना होगा कि फिल्म प्रमोशन को लेकर उठे इन सवालों पर आगे क्या चर्चा होती है।

  • US: वीजा नीति में बड़ा बदलाव…. 50 देशों के लोगों को देना होगा वीजा बॉन्ड, भारतीयों को छूट

    US: वीजा नीति में बड़ा बदलाव…. 50 देशों के लोगों को देना होगा वीजा बॉन्ड, भारतीयों को छूट


    वाशिंगटन।
    संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America) के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन (Donald Trump Administration) ने वीजा नीति (Visa Policy) में बढ़ा बदलाव किया है। अब पर्यटक और कारोबारी वीजा लेने के लिए 50 देशों को नागरिकों को वीजा बॉन्ड (Visa Bond) देना होगा। नए नियमों के तहत इन 50 देशों के लोगों को अब अमेरिकी वीजा लेने के लिए करीब 10 से 20 हजार डॉलर का बॉन्ड लेना पड़ सकता है। इस लिस्ट से भारत को बाहर रखा गया है। इसका मतलब है कि भारतीय नागरिकों (Indian citizens) के ऊपर इन निर्देशों का कोई असर नहीं होगा। हालांकि, भारत के पड़ोसी बांग्लादेश, भूटान और नेपाल सहित कई अन्य देश के नागरिक इस लिस्ट में हैं।

    अमेरिकी विदेश मंत्रालय की तरफ से उन देशों की लिस्ट जारी की गई, जिनके नागरिकों को अब वीजा बॉन्ड देना होगा। एक नागरिक अमेरिकी वीजा के लिए कितने हजार डॉलर का बॉन्ड देगा यह उसके वीजा इंटरव्यू के आधार पर तय होगा। इसमें मुख्य रूप से तीन क्रम रखे गए हैं। काउंसलर अधिकारी आवेदकों के इंटरव्यू के आधार पर उन्हें 10, 15 या 20 हजार के वीजा बॉन्ड की लिस्ट में बांट सकता है।

    बता दें, भारत के पड़ोसी नेपाल और बांग्लादेश के लोगों के ऊपर यह नियम 21 जनवरी से लागू है, जबकि हाल ही में भूटान को इस कार्यक्रम में शामिल किया गया है। इस लिस्ट में अफ्रीका, कैरेबियाई क्षेत्र, पश्चिम एशिया समेत अन्य क्षेत्रों के देश भी शामिल हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक उनके इन नए नियमों का लक्ष्य अमेरिका में आने वाले विदेशी नागरिकों के जरूरत से ज्यादा रुकने पर रोक लगाना है।


    बॉन्ड जमा करने पर भी वीजा की गारंटी नहीं

    अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि ऐसा नहीं है कि अगर आपका वीजा बॉन्ड जमा किया जाता है। उसके बाद आपका वीजा पक्का हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कांसुलर अधिकारियों को वीजा जारी करने से पहले बॉन्ड जमा करवाने का अधिकार है। हालांकि, इसके बाद भी वीजा देना है या नहीं यह अमेरिकी विदेश विभाग के ऊपर निर्भर करेगा।

    बता दें, अमेरिका का डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन शुरुआत से ही दूसरे देशों से आने वाले प्रवासियों के लिए सख्त नियम अपना रहा है। पिछले दो सालों से ट्रंप सरकार ने अप्रवासियों को लेकर काफी कड़े नियम अपनाए हैं। कभी दूसरे देशों से आने वाले प्रवासियों की दम पर बसा अमेरिका, ट्रंप सरकार में गैर कानूनी तरीके से अमेरिका में आ रहे लोगों को हवाईजहाज में भरकर उनके देश भेजने के लिए भी जाना जाता है। अपने कार्यकाल की शुरुआत में ट्रंप ऐसा कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने अमेरिका की जन्म आधारित नागरिकता संबंधी नियम को भी बदलने की कोशिश की है।

    वर्तमान नियमों के मुताबिक अमेरिका में आने वाले लोगों को अब सख्त नियमों का पालन करना होगा। उन्हें कमर्शियल प्लेन सर्विस और अमेरिकी सीमा शुल्क और प्री क्लीयरेंस सर्विस का उपयोग करना होगा। इसके अलावा वह सामान्य चार्टर विमानन, चार्टर विमानों, समुद्री बंदरगाहों का उपयोग नहीं कर सकते।