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  • निलंबन के बाद धरने पर बैठे सपा विधायक सचिन यादव, वही पोस्टर दिखाकर बोले- सरकार चर्चा से भाग रही है

    निलंबन के बाद धरने पर बैठे सपा विधायक सचिन यादव, वही पोस्टर दिखाकर बोले- सरकार चर्चा से भाग रही है

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से निलंबित किए गए समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक सचिन यादव बुधवार को विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए। इस दौरान उनके हाथ में वही पोस्टर था, जिसे सदन के भीतर दिखाने पर उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई थी।

    धरने के दौरान सचिन यादव ने आरोप लगाया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है और जनता इस पर सरकार से जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले कहा था कि “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनके अनुसार विपक्ष इस मुद्दे पर सदन में चर्चा चाहता है, जबकि सरकार इससे बच रही है।

    सचिन यादव के पास मौजूद पोस्टर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के साथ उनके पुराने बयान का उल्लेख करते हुए सवाल किया गया था कि मामले में कार्रवाई का क्या हुआ।

    पोस्टर दिखाने पर हुआ था निलंबन
    मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सपा विधायक राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर चर्चा कराने की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। दोपहर बाद जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना वक्तव्य दे रहे थे, तभी सचिन यादव ने मुख्यमंत्री की तस्वीर वाला पोस्टर सदन में लहराया।

    इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कड़ी आपत्ति जताई और पहले चेतावनी दी। पोस्टर हटाने से इनकार करने पर सचिन यादव को सदन से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद सदन में हंगामा बढ़ गया और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

    बुधवार को भी नहीं चल सकी कार्यवाही
    बुधवार को भी विधानसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच गतिरोध बना रहा। हंगामे के कारण कार्यवाही पहले आधे घंटे के लिए और बाद में दोपहर एक बजे तक स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष लगातार राम मंदिर चढ़ावा मामले पर चर्चा की मांग करता रहा, जबकि सदन की कार्यवाही बाधित होती रही।

  • बहन से मुलाकात के बाद लौट रहा था युवक, रास्ते में चलती बाइक से गिरा, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

    बहन से मुलाकात के बाद लौट रहा था युवक, रास्ते में चलती बाइक से गिरा, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया


    देवास देवास में बुधवार को एक दुखद घटना सामने आई जहां बहन से मुलाकात कर घर लौट रहे 30 वर्षीय युवक की चलती बाइक से गिरने के बाद मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने साइलेंट हार्ट अटैक की आशंका जताई है। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है जबकि युवक के दोस्तों के भी अस्पताल पहुंचने से माहौल गमगीन हो गया।

    जानकारी के अनुसार मानकुंड निवासी धर्मेंद्र मालवीय एक निजी कंपनी में कार्यरत था। बुधवार को वह अपनी बहन से मिलने देवास आया था। परिजनों के मुताबिक मुलाकात के बाद वह बाइक से अपने घर लौट रहा था। घर से कुछ ही दूरी पर पहुंचने के दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह चलती बाइक से सड़क पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने उसे तुरंत संभाला लेकिन वह बेसुध अवस्था में था।

    घटना के तुरंत बाद परिजन धर्मेंद्र को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी जांच की लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई इस घटना से परिवार और परिचितों को गहरा सदमा लगा है।

    जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. कमल प्रजापति के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला साइलेंट हार्ट अटैक का प्रतीत हो रहा है। कई बार व्यक्ति को बिना किसी स्पष्ट लक्षण के हार्ट अटैक आ जाता है जिससे वह अचानक बेहोश होकर गिर सकता है। हालांकि डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि अभी यह केवल प्रारंभिक आशंका है और मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही की जाएगी। जांच के लिए विसरा भी सुरक्षित रख लिया गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर विस्तृत परीक्षण किया जा सके।

    परिजनों ने बताया कि धर्मेंद्र की शादी करीब चार से पांच वर्ष पहले हुई थी और वह निजी कंपनी में नौकरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। उसकी अचानक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। घटना की सूचना मिलते ही इंदौर से उसके कई मित्र भी जिला अस्पताल पहुंच गए और परिजनों को सांत्वना दी।

    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत साइलेंट हार्ट अटैक से हुई या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सीय कारण था। फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रहे हैं।

  • इंदौर की राजनीति में जुबानी जंग चरम पर, भाजपा ने कांग्रेस को घेरा, अंदरूनी विवाद और नेतृत्व पर उठाए सवाल

    इंदौर की राजनीति में जुबानी जंग चरम पर, भाजपा ने कांग्रेस को घेरा, अंदरूनी विवाद और नेतृत्व पर उठाए सवाल


    इंदौर । इंदौर की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसके शहर और प्रदेश नेतृत्व पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान अब सार्वजनिक हो चुकी है और पार्टी का संगठन आंतरिक विवादों में उलझा हुआ है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं का व्यवहार राजनीतिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है और पार्टी का नेतृत्व अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ते विवादों पर कार्रवाई करने में विफल रहा है।

    मीडिया से बातचीत के दौरान सुमित मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के भीतर नेताओं के बीच चल रहे विवाद अब शहरभर में चर्चा का विषय बन चुके हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि पार्टी के अलग-अलग नेताओं के बीच लगातार टकराव हो रहा है और कई बार वरिष्ठ नेताओं को बीच-बचाव तक करना पड़ रहा है। भाजपा नेता का कहना था कि कांग्रेस संगठन में अनुशासन की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।

    उन्होंने शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनका व्यवहार किसी जिम्मेदार राजनीतिक पदाधिकारी जैसा नहीं बल्कि गुंडा प्रवृत्ति वाले व्यक्ति जैसा दिखाई देता है। मिश्रा ने दावा किया कि कभी पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ विवाद होता है तो कभी वरिष्ठ नेताओं के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कांग्रेस की ओर से इन पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

    भाजपा नगर अध्यक्ष ने हाल ही में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के घर पर कथित रूप से हुए विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां पार्टी नेताओं के बीच मारपीट और धमकी जैसी घटनाएं हुईं। उनका कहना था कि मामला प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व से जुड़ा होने के बावजूद पार्टी ने अब तक कोई ठोस अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं के सम्मान की रक्षा क्यों नहीं कर पा रही है।

    सुमित मिश्रा ने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश और शहर कांग्रेस में ऐसे लोगों का प्रभाव बढ़ रहा है जिनकी वजह से पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है। इसी दौरान उन्होंने शहर कांग्रेस अध्यक्ष पर स्टेरॉयड लेने का आरोप भी लगाया और कहा कि इसी कारण उनका व्यवहार आक्रामक रहता है। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।

    भाजपा नेता के इन बयानों के बाद इंदौर की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी गतिविधियों से पहले दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी और अधिक तीखी हो सकती है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से भाजपा के इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

  • क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, फरार हथियार तस्कर संजय मराठा दबोचा गया, सप्लायर और नेटवर्क की तलाश तेज

    क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, फरार हथियार तस्कर संजय मराठा दबोचा गया, सप्लायर और नेटवर्क की तलाश तेज


    इंदौर । इंदौर क्राइम ब्रांच ने अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी संजय उर्फ संजू मराठा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पहले से 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं और पुलिस को आशंका है कि वह लंबे समय से अवैध हथियारों की सप्लाई के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। अब उससे पूछताछ कर हथियारों के स्रोत, सप्लायर और इस पूरे गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    क्राइम ब्रांच के अनुसार गिरफ्तार आरोपी संजय मराठा गुमास्ता नगर का रहने वाला है। वह प्रॉपर्टी ब्रोकिंग के साथ ई-रिक्शा किराये पर देने का कारोबार करता था। पुलिस का मानना है कि वह अपने अन्य व्यवसायों की आड़ में अवैध गतिविधियों को भी अंजाम देता था। मामले की जांच के दौरान उसका नाम सामने आने के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था।

    इस प्रकरण में इससे पहले पुलिस परसराम उर्फ परसिया श्रीवास्तव और सोहेल उर्फ बलबली पटेल को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों आरोपियों के कब्जे से चार देसी पिस्टल, चार मैगजीन, चार जिंदा कारतूस, एक मारुति स्विफ्ट कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब छह लाख रुपए आंकी गई थी। इन गिरफ्तारियों के बाद हुई पूछताछ में संजय मराठा की भूमिका सामने आई थी।

    क्राइम ब्रांच ने आरोपी की तलाश के लिए लगातार तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र का सहारा लिया। आखिरकार पुख्ता सूचना मिलने पर टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कितने समय से हथियारों की तस्करी में शामिल था और उसका नेटवर्क किन राज्यों या जिलों तक फैला हुआ है।

    एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया के अनुसार संजय मराठा आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ वर्ष 2005 से 2020 के बीच कुल 17 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट, मारपीट, धमकी, अवैध वसूली और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े प्रकरण शामिल हैं। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी वर्तमान जांच से जोड़कर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

    जांच एजेंसियों का फोकस अब इस बात पर है कि आरोपी अवैध हथियार कहां से हासिल करता था और उन्हें किन लोगों तक पहुंचाता था। पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस संभावित सप्लायरों और खरीदारों की पहचान करने में जुटी है। संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

    क्राइम ब्रांच का कहना है कि शहर में अवैध हथियारों की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में शामिल प्रत्येक आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से अवैध हथियारों के नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे शहर में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी।

  • उर्स-ए-रजवी: बरेली जंक्शन पर 25 ट्रेनों का अतिरिक्त ठहराव, यात्रियों की सुविधा के लिए छह स्पेशल ट्रेनें भी चलेंगी

    उर्स-ए-रजवी: बरेली जंक्शन पर 25 ट्रेनों का अतिरिक्त ठहराव, यात्रियों की सुविधा के लिए छह स्पेशल ट्रेनें भी चलेंगी


    बरेली।
    आला हजरत के उर्स-ए-रजवी के मद्देनजर रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। 6 से 8 अगस्त तक बरेली जंक्शन पर 25 ट्रेनों को अतिरिक्त ठहराव दिया जाएगा। इनमें छह ऐसी सुपरफास्ट ट्रेनें भी शामिल हैं, जिनका नियमित रूप से यहां ठहराव नहीं होता। इसके अलावा आठ अगस्त को तीन जोड़ी विशेष अनारक्षित ट्रेनों का संचालन भी किया जाएगा।

    सीनियर डीसीएम महेश यादव ने बताया कि उर्स के दौरान 20 ट्रेनों के ठहराव की अवधि बढ़ाई गई है, ताकि यात्रियों को चढ़ने और उतरने में सुविधा मिल सके। वहीं, बरेली-सहारनपुर, इज्जतनगर-लालकुआं और बरेली सिटी-पीलीभीत रूट पर तीन जोड़ी विशेष अनारक्षित ट्रेनें चलाई जाएंगी।

    इन ट्रेनों को मिलेगा अतिरिक्त ठहराव
    अस्थायी रूप से जिन प्रमुख ट्रेनों का बरेली जंक्शन पर ठहराव रहेगा, उनमें गंगा-सतलुज एक्सप्रेस, अर्चना एक्सप्रेस, जम्मूतवी-कानपुर सेंट्रल सुपरफास्ट, जननायक एक्सप्रेस, चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, जनसेवा एक्सप्रेस, योग नगरी ऋषिकेश-प्रयागराज संगम एक्सप्रेस, शहीद एक्सप्रेस, सरयू-यमुना एक्सप्रेस, अकाल तख्त एक्सप्रेस, कोलकाता-नांगल डैम एक्सप्रेस और जलियांवाला बाग एक्सप्रेस शामिल हैं।

    इसके अलावा जनसाधारण एक्सप्रेस, बेगमपुरा एक्सप्रेस और सप्तक्रांति एक्सप्रेस की दोनों दिशाओं की सेवाओं को भी बरेली जंक्शन पर अतिरिक्त अस्थायी ठहराव दिया गया है। रेलवे ने बताया कि 8 अगस्त को बरेली-मुरादाबाद पैसेंजर (64177) अपने निर्धारित समय दोपहर 2:40 बजे के बजाय 3:45 बजे रवाना होगी।

    दिल्ली कैंट पर चार ट्रेनों का ठहराव रहेगा निरस्त
    उधर, दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 के उन्नयन कार्य के चलते 13 अक्तूबर तक चार ट्रेनों का वहां ठहराव अस्थायी रूप से रद्द कर दिया गया है। इनमें जैसलमेर-काठगोदाम एक्सप्रेस, साबरमती-वाराणसी सुपरफास्ट, उदयपुर सिटी-नई दिल्ली एक्सप्रेस और बीकानेर-हावड़ा साप्ताहिक एक्सप्रेस शामिल हैं। यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेने की अपील की गई है।

  • UP : बारिश बनी आफत: फिरोजाबाद में भरभराकर गिरा मकान, परिवार ने भागकर बचाई जान

    UP : बारिश बनी आफत: फिरोजाबाद में भरभराकर गिरा मकान, परिवार ने भागकर बचाई जान

    फिरोजाबाद। लगातार हो रही बारिश ने फिरोजाबाद में एक परिवार का आशियाना छीन लिया। थाना बसई मोहम्मदपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत सोफीपुर में बुधवार सुबह बारिश के चलते एक मकान अचानक भरभराकर ढह गया। गनीमत रही कि परिवार के सभी सदस्य समय रहते घर से बाहर निकल आए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, मकान गिरने से लाखों रुपये का घरेलू सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया।

    पीड़ित राजन सिंह ने बताया कि पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण मकान में सीलन आ गई थी और उसकी हालत काफी जर्जर हो चुकी थी। बुधवार सुबह अचानक दीवार और छत एक साथ गिर गईं, जिससे वर्षों की मेहनत से बसाया गया घर मलबे में तब्दील हो गया।

    घटना की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दी गई, लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि काफी समय बीतने के बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसे लेकर ग्रामीणों में भी नाराजगी देखी गई।

    आर्थिक रूप से कमजोर राजन सिंह के सामने अब परिवार और छोटे बच्चों के लिए रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। उनका कहना है कि वे अपने दम पर दोबारा मकान बनाने की स्थिति में नहीं हैं। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और तहसील अधिकारियों से आर्थिक सहायता, तत्काल राहत और सरकारी आवास योजना के तहत मदद उपलब्ध कराने की मांग की है।

  • यूपी विधानसभा में भावुक हुए सतीश महाना, बोले- राजनीति अंतिम पड़ाव पर, तय करूंगा इस कुर्सी के योग्य हूं या नहीं

    यूपी विधानसभा में भावुक हुए सतीश महाना, बोले- राजनीति अंतिम पड़ाव पर, तय करूंगा इस कुर्सी के योग्य हूं या नहीं

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना सदन में भावुक हो गए। मंगलवार को हुई तीखी नोकझोंक और हंगामे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन अंतिम चरण में है और अब उन्हें गंभीरता से विचार करना होगा कि वे विधानसभा अध्यक्ष के पद के योग्य हैं या नहीं।

    सतीश महाना ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों से उन्होंने सदन को संवाद, मर्यादा और लोकतांत्रिक परंपराओं के साथ चलाने का प्रयास किया, लेकिन हाल की घटनाओं ने उन्हें आत्ममंथन के लिए मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा लगा कि या तो उनके प्रयासों में कहीं कमी रह गई या फिर डॉ. भीमराव आंबेडकर की वह बात सही साबित हो रही है कि कमी संविधान में नहीं, बल्कि उसे संचालित करने वालों में होती है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीरता से विचार करेंगे और यह तय करेंगे कि उनकी भूमिका और कार्यशैली उचित रही या नहीं।

    बिना चर्चा के पारित हुए कई विधेयक
    सदन में लगातार हंगामे के बीच कई महत्वपूर्ण विधेयक बिना विस्तृत चर्चा के पारित हो गए। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सभापति ने स्वीकार कर लिया।

    केशव मौर्य ने साधा विपक्ष पर निशाना
    उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी पर लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी बात रखने का अवसर तक नहीं दिया, जिससे स्पष्ट है कि उसका उद्देश्य केवल सदन की कार्यवाही बाधित करना था। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय विपक्ष ने हंगामे का रास्ता चुना। साथ ही उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

    हंगामे के बीच सपा विधायक निलंबित
    मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वक्तव्य के दौरान विपक्ष के हंगामे के बीच समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद वह विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ गए। बाद में अन्य विपक्षी विधायक भी उनके समर्थन में पहुंचे। विपक्ष का आरोप था कि वह राम मंदिर चढ़ावा मामले पर चर्चा कराना चाहता था, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर सदन में बहस से बच रही है।

  • नैचुरल ऑर्गेनिक और हेल्दी के दावों की खुल रही पोल, FSSAI ने कंपनियों को भेजे नोटिस उपभोक्ताओं को किया सतर्क

    नैचुरल ऑर्गेनिक और हेल्दी के दावों की खुल रही पोल, FSSAI ने कंपनियों को भेजे नोटिस उपभोक्ताओं को किया सतर्क


    नई दिल्ली । आज के समय में पैकेज्ड फूड हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सुपरमार्केट की शेल्फ से लेकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक हर जगह ऐसे उत्पाद दिखाई देते हैं जिन पर बड़े अक्षरों में नैचुरल हेल्दी ऑर्गेनिक प्योर फ्रेश हार्ट हेल्दी और जीरो मैदा जैसे आकर्षक दावे लिखे होते हैं। इन शब्दों को देखकर ज्यादातर लोग बिना ज्यादा जांच पड़ताल किए ही उत्पाद खरीद लेते हैं। लेकिन अब भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने ऐसे दावों को लेकर सख्त रुख अपनाया है और कई बड़ी कंपनियों से जवाब मांगा है कि क्या उनके पैकेट पर लिखे दावे वास्तव में सही हैं।

    FSSAI का कहना है कि किसी भी खाद्य उत्पाद पर किया गया दावा वैज्ञानिक तथ्यों और निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए। केवल ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए हेल्दी या नैचुरल जैसे शब्द लिखना स्वीकार्य नहीं है। यदि कोई कंपनी ऐसा करती है तो उसे अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त प्रमाण भी देने होंगे।

    हाल के दिनों में FSSAI ने ब्रेड नूडल्स चॉकलेट जूस कुकिंग ऑयल सप्लीमेंट्स पैकेज्ड पानी और कैफीन युक्त पेय पदार्थ बनाने वाली कई कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें खास तौर पर 100 प्रतिशत नैचुरल प्योर फ्रेश ऑर्गेनिक हेल्दी हार्ट हेल्दी डिटॉक्स एंटी कैंसर और जीरो मैदा जैसे दावों पर सवाल उठाए गए हैं। नियामक संस्था यह जानना चाहती है कि क्या इन उत्पादों की सामग्री और निर्माण प्रक्रिया वास्तव में इन दावों के अनुरूप है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश उपभोक्ता पैकेट के सामने लिखी बातों पर भरोसा कर लेते हैं लेकिन पीछे दिए गए पोषण संबंधी विवरण और सामग्री सूची को पढ़ने की जहमत नहीं उठाते। इसी का फायदा कई कंपनियां उठाती हैं। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट इसे हेल्थ हेलो इफेक्ट कहते हैं जिसमें किसी एक आकर्षक शब्द के कारण पूरा उत्पाद स्वास्थ्यवर्धक दिखाई देने लगता है जबकि वास्तविकता अलग हो सकती है।

    डाइट विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी पैकेज्ड फूड को खरीदने से पहले उसकी सामग्री सूची अवश्य पढ़नी चाहिए। पैकेट पर सबसे पहले जिस सामग्री का नाम लिखा होता है उसकी मात्रा सबसे अधिक होती है। इसके अलावा शुगर नमक सैचुरेटेड फैट ट्रांस फैट प्रोटीन और कैलोरी की जानकारी भी ध्यान से देखनी चाहिए। यदि किसी उत्पाद के सामने बड़े बड़े दावे लिखे हों लेकिन पीछे उनका कोई वैज्ञानिक आधार या प्रमाण न दिया गया हो तो ऐसे उत्पाद से सावधान रहना चाहिए।

    अगर किसी उत्पाद पर ऑर्गेनिक लिखा है तो उसके पास मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र होना जरूरी है। इसी तरह हेल्दी या हार्ट हेल्दी जैसे दावे भी तभी किए जा सकते हैं जब उत्पाद निर्धारित पोषण मानकों पर खरा उतरता हो। इसलिए केवल विज्ञापन या पैकेजिंग देखकर निर्णय लेना समझदारी नहीं है।

    विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि उपभोक्ता खरीदारी करते समय केवल कीमत या ऑफर पर ध्यान न दें बल्कि लेबल को पढ़ने की आदत भी विकसित करें। इससे न केवल सही उत्पाद चुनने में मदद मिलेगी बल्कि भ्रामक दावों से भी बचा जा सकेगा। बच्चों बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह और भी जरूरी हो जाता है क्योंकि गलत जानकारी के आधार पर चुना गया खाद्य पदार्थ उनकी सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

    FSSAI की यह कार्रवाई केवल कंपनियों पर निगरानी रखने के लिए नहीं बल्कि उपभोक्ताओं को जागरूक बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। अब समय आ गया है कि खरीदारी करते समय चमकदार पैकेजिंग और बड़े बड़े दावों से प्रभावित होने के बजाय उत्पाद की वास्तविक गुणवत्ता और पोषण संबंधी जानकारी को प्राथमिकता दी जाए। जागरूक ग्राहक ही सही और सुरक्षित भोजन का चुनाव कर सकता है।

  • तमिलनाडु एक्सप्रेस में ट्रॉली बैग से मिले मानव अंग, आगरा कैंट स्टेशन पर मचा हड़कंप, जांच शुरू

    तमिलनाडु एक्सप्रेस में ट्रॉली बैग से मिले मानव अंग, आगरा कैंट स्टेशन पर मचा हड़कंप, जांच शुरू

    आगरा। चेन्नई से नई दिल्ली जा रही तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में एक ट्रॉली बैग से मानव अंग मिलने के बाद आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर सनसनी फैल गई। बैग से तेज बदबू और तरल पदार्थ निकलने की सूचना मिलने पर जीआरपी और आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए उसे कब्जे में लिया। पुलिस फिलहाल हत्या, शव को ठिकाने लगाने और मानव अंगों की तस्करी समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।

    जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे ट्रेन के आगरा कैंट स्टेशन पहुंचने पर प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने संदिग्ध ट्रॉली बैग बरामद किया। बैग खोलने पर उसमें मानव अंग मिले, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    जीआरपी के सीओ राजेश दीक्षित ने बताया कि चेन्नई से चलकर नई दिल्ली जा रही तमिलनाडु एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक यात्री ने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर सूचना दी थी कि जनरल कोच में रखे एक ट्रॉली बैग से बदबू आ रही है और उसमें से लिक्विड रिस रहा है। सूचना मिलने के बाद रास्ते में ट्रेन की जांच कराने का प्रयास किया गया, लेकिन ट्रेन ग्वालियर स्टेशन से आगे निकल चुकी थी।

    आगरा कैंट स्टेशन पर ट्रेन पहुंचते ही पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल ने बैग को कब्जे में लेकर जांच की। अधिकारियों के अनुसार बैग में मिले मानव अंग काफी सड़ चुके थे और उनका रंग काला पड़ गया था, जिससे तेज दुर्गंध फैल रही थी।

    प्रारंभिक जांच में बैग पर चेन्नई का रैपर मिला है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि बैग वहीं से ट्रेन में रखा गया था। पुलिस अब मृतक की पहचान करने के साथ-साथ यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मामला हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने का है या मानव अंगों की तस्करी से जुड़ा हुआ है।

    मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम को चेन्नई भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि सभी संभावित एंगल पर जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

  • UP विधानसभा सत्र: विपक्ष पर बरसे CM योगी, बोले- इनका आचरण शर्मनाक, ये लोकतंत्र विरोधी हैं

    UP विधानसभा सत्र: विपक्ष पर बरसे CM योगी, बोले- इनका आचरण शर्मनाक, ये लोकतंत्र विरोधी हैं


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान लगातार दूसरे दिन हुए हंगामे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि विपक्ष का व्यवहार लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है और उसका आचरण बेहद शर्मनाक है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही बाधित कर विपक्ष ने प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के हितों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि सरकार 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट लेकर आई थी, जिसमें जनकल्याण और विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल थीं, लेकिन हंगामे के कारण इन विषयों पर सार्थक चर्चा नहीं हो सकी।

    जनकल्याण योजनाओं पर चर्चा नहीं हो सकी
    सीएम योगी ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, रसोइयों, ग्राम चौकीदारों समेत विभिन्न वर्गों के मानदेय में वृद्धि और महिला, दिव्यांग तथा वृद्धावस्था पेंशन से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा करना चाहती थी। उनका कहना था कि विपक्ष के विरोध के कारण इन मुद्दों पर सदन में विचार-विमर्श नहीं हो सका। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा ने अनुपूरक बजट को पारित कर दिया है और इससे जुड़ी योजनाओं पर जल्द अमल शुरू किया जाएगा।

    राम मंदिर चढ़ावा मामले पर भी साधा निशाना
    मुख्यमंत्री ने मंगलवार को दिए अपने बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि राम मंदिर चढ़ावा मामले की एसआईटी जांच में किसी भी साधु-संत की संलिप्तता सामने नहीं आई है। इसके बावजूद विपक्ष तथ्यों को तोड़-मरोड़कर अयोध्या, सनातन परंपरा और राम मंदिर की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई और अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें छह आरोपी चढ़ावे की धनराशि के कथित दुरुपयोग से जुड़े पाए गए हैं।

    विपक्ष पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में अध्यक्ष पीठ का भी अनादर किया गया और प्लेकार्ड लहराकर कार्यवाही बाधित करने की कोशिश की गई। उनके अनुसार विपक्ष का उद्देश्य केवल भ्रम फैलाना और उत्तर प्रदेश की सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने विपक्ष के इस रवैये को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया।