Blog

  • Russia: साइबेरिया की लैब में प्लैग से महिला रिसर्चर की मौत से मचा हड़कंप, 200 लोगों को किया आइसोलेट

    Russia: साइबेरिया की लैब में प्लैग से महिला रिसर्चर की मौत से मचा हड़कंप, 200 लोगों को किया आइसोलेट


    मॉस्को।
    रूस (Russia) के साइबेरिया (Siberia) स्थित इरकुत्स्क क्षेत्र (Irkutsk region) में लैब (Lab) में काम करने वाली एक महिला शोधकर्ता (Female Researcher) की प्लेग से मौत हो गई है। घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लगभग 200 लोगों को मेडिकल निगरानी और आइसोलेशन में रखा है। ‘द मॉस्को टाइम्स’ और रूसी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बुरियाटिया गणराज्य के प्रमुख एलेक्सी त्सिदेनोव ने महिला की मौत का कारण प्लेग होने की पुष्टि की है। मीडिया रिपोर्टों में आशंका जताई जा रही है कि महिला न्यूमोनिक प्लेग से पीड़ित थी, जो प्लेग का सबसे घातक रूप माना जाता है।


    कौन थी मरने वाली महिला

    मृतक महिला की पहचान डारिया(27साल) के रूप में हुई है। वह इरकुत्स्क एंटी-प्लेग इंस्टीट्यूट में कार्यरत थी। 29 सितंबर को उसे गंभीर निमोनिया के लक्षणों के साथ इरकुत्स्क के पास शेलेखोव के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। एक अक्तूबर को उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, उसने मेडिकल स्टाफ को बताया था कि सैंपल इकट्ठा करते समय गलती से उससे जिंदा बैक्टीरिया वाली एक टेस्ट ट्यूब टूट गई थी। यह जानकारी टेलीग्राम चैनल पर दी गई है, अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है।


    इमरजेंसी बैठक बुलाई गई

    एक अन्य दावे के मुताबिक यह भी दावा किया जा रहा है कि महिला बुरियाटिया के आधिकारिक दौरे से लौटी थी। यहां मंगोलिया सीमा के पास प्लेग का प्रकोप रिपोर्ट किया गया था। इरकुत्स्क के प्रांतीय अधिकारियों ने शुरुआत में इसे केवल अत्यंत खतरनाक संक्रमण करार दिया था। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए महिला के संपर्क में आए डॉक्टरों, अस्पताल के कर्मचारियों और अन्य लोगों सहित करीब 200 लोगों को एहतियातन निगरानी में रखा गया है। आपात बैठक के बाद इरकुत्स्क क्षेत्र के गवर्नर इगोर लोबजेव ने कहा कि संपर्क में आए लोगों में फिलहाल बीमारी के लक्षण नहीं हैं और उनकी शुरुआती लैब रिपोर्ट नेगेटिव आई है। फिलहाल सभी लोगों को निगरानी में रखा गया है।

    रेन टीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि महिला के संपर्क में आए लोगों को दो अस्पतालों में भर्ती कराया गया और 12 लोगों को निगरानी के लिए एंटी-प्लेग इंस्टीट्यूट भेजा गया। इनमें से कुछ लोगों में बीमारी के लक्षण दिख रहे हैं, लेकिन अभी तक संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, प्लेग ‘येर्सिनिया पेस्टिस नामक जीवाणु से होता है, जो आमतौर पर छोटे स्तनधारियों और उनके पिस्सुओं में पाया जाता है।’येर्सिनिया पेस्टिस’ से संक्रमित लोगों में अक्सर एक से सात दिनों के बाद लक्षण दिखाई देते हैं।

  • संसद की दो समितियों का पुनर्गठन…. TMC को बड़ा झटका, गंवा दिए चेयरमैन के पद

    संसद की दो समितियों का पुनर्गठन…. TMC को बड़ा झटका, गंवा दिए चेयरमैन के पद


    नई दिल्ली।
    संसद (Parliament) की विभाग संबंधी स्थायी समितियों का पुनर्गठन (Standing Committees Reconstitution) किया गया है. इसमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) को दो अहम समितियों की चेयरपर्सनशिप गंवानी पड़ी है. दरअसल, राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन (C.P. Radhakrishnan) और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) ने शनिवार को समितियों का पुनर्गठन किया।

    कॉमर्स से जुड़ी संसदीय समिति के नए चेयरपर्सन बीजेपी के सुधांशु त्रिवेदी बनाए गए हैं. उन्होंने TMC की डोला सेन की जगह ली है. वहीं, केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स समिति की चेयरपर्सन काकोली घोष दस्तीदार बनी हैं. उन्होंने अपनी पूर्व पार्टी सहयोगी कीर्ति आजाद की जगह ली है।


    TMC में टूट के बाद बदली तस्वीर

    दरअसल, संसदीय समितियों में यह बदलाव TMC में हुई टूट के बाद हुआ है. TMC के 20 बागी लोकसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है. इन सांसदों का नेतृत्व काकोली घोष दस्तीदार कर रही हैं. इन सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी का दामन थामा है. साथ ही NDA को समर्थन देने की बात कही है।

    TMC ने राज्यसभा के तहत आने वाली आठ समितियों में से किसी की भी चेयरपर्सनशिप नहीं मिलने पर आपत्ति जताई है. पार्टी के राज्यसभा नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने इसे लेकर राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन को पत्र लिखा है.

    डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि राज्यसभा में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है. इसके बाद कांग्रेस और TMC का स्थान है. उन्होंने कहा कि TMC को 2024-25 और 2025-26 में समितियों की चेयरपर्सनशिप मिली थी. अब ये जिम्मेदारियां उससे ले ली गई हैं।

    ओ’ब्रायन ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. उन्होंने 2019 का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भी TMC को चेयरपर्सनशिप से वंचित किया गया था. बाद में इसमें सुधार हुआ था. अब फिर वही स्थिति बन गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि संसद को एक गहरा और अंधेरा कक्ष बनाया जा रहा है. यह सभी बातें उन्होंने अपने लेटर में लिखी हैं]

    पुनर्गठन के दौरान कई समितियों के चेयरपर्सन को बरकरार रखा गया है. DMK के तिरुचि शिवा को फिर से उद्योग समिति का चेयरपर्सन बनाया गया है. कनिमोझी को खाद्य, उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण समिति की जिम्मेदारी मिली है।

    कांग्रेस के शशि थरूर विदेश मामलों की समिति के चेयरपर्सन बने रहेंगे. कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी भी कृषि समिति के चेयरपर्सन पद पर बने रहेंगे. कांग्रेस के मुकुल वासनिक को शिक्षा, महिला, बाल और युवा मामलों की समिति की जिम्मेदारी फिर मिली है. समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव पहले की ही तरह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण समिति के चेयरपर्सन की जिम्मेदारी संभालेगें।


    BJP समेत सहयोगी दलों के नेताओं को भी जिम्मेदारी

    बीजेपी के राधा मोहन सिंह रक्षा समिति की कमान संभालेंगे. अनुराग ठाकुर को कोयला, खान और इस्पात समिति का चेयरपर्सन फिर बनाया गया है. बीजेपी के भरतृहरि महताब वित्त समिति के प्रमुख बने रहेंगे. राधा मोहन दास अग्रवाल गृह मामलों की समिति के चेयरपर्सन बने रहेंगे. निशिकांत दुबे को संचार और सूचना प्रौद्योगिकी समिति की जिम्मेदारी फिर मिली है।

    JD(U) के संजय कुमार झा को परिवहन, पर्यटन और संस्कृति समिति का चेयरपर्सन फिर बनाया गया है. शिवसेना के श्रीरंग बारणे ऊर्जा समिति के प्रमुख बने रहेंगे. NCP के सुनील तटकरे को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस समिति का चेयरपर्सन बनाया गया है।

    दरअसल, संसद में विभाग संबंधी कुल 24 स्थायी समितियां हैं. इनमें आठ समितियां राज्यसभा के सभापति के तहत काम करती हैं. बाकी 16 समितियां लोकसभा अध्यक्ष के निर्देशन और नियंत्रण में रहती हैं।

    इन समितियों का कार्यकाल एक साल का होता है. इसके बाद इनका दोबारा गठन किया जाता है. इस बार हुए पुनर्गठन में कई नए चेयरपर्सन बनाए गए हैं, जबकि कई पुराने चेयरपर्सन को फिर जिम्मेदारी दी गई है।

  • सेशन कोर्ट के सुझाव देने के तरीके पर भड़का SC…., मांगा स्पष्टीकरण

    सेशन कोर्ट के सुझाव देने के तरीके पर भड़का SC…., मांगा स्पष्टीकरण


    नई दिल्ली।
    देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) के द्वारा राज्यों के हाईकोर्ट (High Court) और जिला अदालतों (District courts) को आदेश, सलाह या सुझाव देने की बात तो आपने अक्सर सुनी होगी। हालांकि, आज हम जो बताने जा रहे हैं वह थोड़ा अटपटा लग सकता है। सेशन कोर्ट के एक जज ने सुप्रीम कोर्ट को यह सुझाव दे दिया है आपराधिक मामले में आरोपी को कब जमानत देनी चाहिए और कब नहीं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए उस जज से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के जज ने कहा कि वह पश्चिम बंगाल के एक अतिरिक्त सत्र जज के सुझाव वाली पत्र लिखने के तरीके से काफी परेशान है।

    दरअसल, पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में बतौर अतिरिक्त सत्र जज ने एक आपराधिक मामले में ट्रायल पूरा करने के लिए और समय देने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट को एक पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को यह सुझाव देने का प्रयास किया कि आपराधिक मामले में आरोपी को कब जमानत दी जानी चाहिए और कब नहीं। इसको लेकर जस्टिस जेबी पारदीवाला और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि ऐसा करना ट्रायल जज का काम नहीं है। पत्र के आखिरी दो पैराग्राफ हमें पसंद नहीं आए।


    ट्रायल पूरा करने के लिए मांगा था समय

    सत्र अदालत ने जज ने गत 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के असिस्टेंट रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर ट्रायल पूरा करने के लिए और समय देने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने याद दिलाया कि गत 11 मई के एक आदेश से उसने सत्र अदालत को निर्देश दिया था कि तीन माह में मामले का ट्रायल पूरा किया जाए।


    लालू समेत नौ पर आरोप तय करने का फैसला टला

    एक अन्य मामले में राउज एवेन्यू अदालत ने शनिवार को पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और छह अन्य लोगों के खिलाफ कथित आईआरसीटीसी होटल घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में औपचारिक रूप से आरोप तय करने के फैसले को 30 अक्तूबर तक स्थगित कर दिया। विशेष न्यायाधीश प्रशांत कुमार की अदालत में सभी आरोपी पेश हुए। अदालत ने औपचारिक रूप से आरोप तय करने के निर्णय को अगली सुनवाई तक स्थगित कर दिया।

  • बांग्लादेश में दुर्गा पूजा से पहले हिंदू मंदिर में तैयार की जा रही 7 मूर्तियों से तोड़फोड़

    बांग्लादेश में दुर्गा पूजा से पहले हिंदू मंदिर में तैयार की जा रही 7 मूर्तियों से तोड़फोड़


    ढाका।
    बांग्लादेश (Bangladesh) के टंगाइल जिले (Tangail district) में दुर्गा पूजा (Durga Puja) से पहले हिंदू मंदिर (Hindu temple) में तैयार की जा रही 7 प्रतिमाओं में अज्ञात लोगों ने तोड़फोड़ कर दी। यह घटना बुधवार रात से गुरुवार सुबह के बीच मिर्जापुर उपजिला के जमुरकी पश्चिमपाड़ा स्थित मंदिर में हुई। स्थानीय अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर में करीब 85 साल से जमुरकी आर्य समिति की देखरेख में दुर्गा पूजा आयोजित की जा रही है। इस घटना के बाद इलाके में रहने वाले हिंदू समुदाय के लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    रिपोर्ट के अनुसार, जिन 7 प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाया गया, उनमें मुख्य दुर्गा प्रतिमा भी शामिल थी। सभी प्रतिमाएं लगभग पूरी हो चुकी थीं और उनमें सिर्फ रंग भरने का काम बाकी था। जमुरकी आर्य समिति के अध्यक्ष प्रकाश बाकली ने बताया कि गुरुवार को जब वह अन्य समुदाय के लोगों के साथ मंदिर पहुंचे तो प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त हालत में पाया। उन्होंने कहा कि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि तोड़फोड़ किसने की। मामले की औपचारिक शिकायत पुलिस से की गई है। अब उनकी मांग है कि पुलिस जिम्मेदार लोगों की पहचान करे और उन्हें कानून के तहत सजा दिलाए।


    पुलिस मामले की जांच कर रही

    घटना की सूचना मिलने के बाद टंगाइल के पुलिस अधीक्षक मोहम्मद शमसुल आलम सरकार और सीनियर पुलिस अधिकारी मंदिर पहुंचे। अधिकारियों ने हिंदू समुदाय के लोगों को भरोसा दिलाया कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिले के सहायक पुलिस अधीक्षक मोहम्मद अदनान मुस्तफिज ने बताया कि कुछ प्रतिमाओं को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। इलाके में जरूरी सुरक्षा इंतजाम भी किए गए हैं।


    सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का सामना

    बांग्लादेश में हिंदू सबसे बड़ा धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय है और देश की आबादी में उनकी हिस्सेदारी करीब 7.95 प्रतिशत है। रिपोर्ट में कहा गया कि यह समुदाय लंबे समय से सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का सामना करता रहा है। राजनीतिक और सामाजिक तनाव के अलग-अलग दौर में हिंदू समुदाय के लोगों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं। स्थानीय मंदिरों और प्रतिमाओं में तोड़फोड़ की घटनाएं भी इसी तरह की चुनौतियों का हिस्सा रही हैं। टंगाइल की ताजा घटना ऐसे समय हुई है जब दुर्गा पूजा की तैयारियां चल रही हैं और मंदिर में प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा था।

  • IND vs WI सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाडी बने शुभमन गिल, विराट कोहली टॉप-5 से बाहर

    IND vs WI सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाडी बने शुभमन गिल, विराट कोहली टॉप-5 से बाहर


    नई दिल्ली।
    शुभमन गिल (Shubman Gill) की अगुवाई वाली टीम इंडिया (Team India) को वेस्टइंडीज (West Indies) के खिलाफ तीसरे वनडे में 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि टीम इंडिया (Team India) ने यह सीरीज 2-1 से अपने नाम की, क्योंकि भारत सीरीज के पहले दो मैच जीतकर सीरीज अपने नाम कर चुका था। न्यू चंडीगढ़ में खेले गए आखिरी वनडे में ना तो कप्तान शुभमन गिल कमाल दिखा सकते और ना ही विराट कोहली (Virat Kohli), दोनों ही खिलाड़ी काफी सस्ते में पवेलियन लौटे।

    हालांकि गिल IND vs WI वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में फिर भी पहले पायदान पर रहे, मगर किंग कोहली टॉप-5 से बाहर हो गए। जी हां, कोहली का टॉप-5 से बहार होना हैरान कर देने वाला है। तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले वनडे में विराट ने 139 रनों की नाबाद पारी खेलते हुए टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। भारत बनाम वेस्टइंडीज वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाजों में शुभमन गिल के अलावा एक और भारतीय है, जबकि लिस्ट में तीन बल्लेबाज वेस्टइंडीज के हैं।


    शुभमन गिल ने बनाए IND vs WI सीरीज में सबसे ज्यादा रन

    भारतीय कप्तान शुभमन गिल 334 रनों के साथ भारत बनाम वेस्टइंडीज वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। गिल के अलावा कोई भी बल्लेबाज 300 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। उन्होंने इस सीरीज में एक शतक और एक दोहरा शतक लगाया। गिल ने 3 मैचों में 167 की हैरतअंगेज औसत के साथ यह रन बनाए। हालांकि तीसरे वनडे में उनके हाथ निराशा लगी क्योंकि वह मात्र 1 रन बनाकर ही आउट हो गए थे।

    रोहित शर्मा लिस्ट में शामिल होने वाले दूसरे भारतीय हैं। पहले वनडे में हिटमैन को अच्छी शुरुआत मिली थी, मगर वह उसे बड़ी पारी में तबदील नहीं कर पाए थे। वह 32 रन बनाकर आउट हो गए थे। हालांकि उन्होंने यह गलती गुवाहटी में खेले गए दूसरे वनडे में नहीं की थी। रोहित ने दूसरे वनडे में शतक जड़ा था और भारत को 406 रनों का विशाल टारगेट चेज कराने में अपना अहम योगदान दिया था। इसके बाद तीसरे वनडे में उनके बल्ले से 92 रनों की पारी निकली, वह 8 रनों से सीरीज का दूसरा शतक पूरा करने से चूक गए। रोहित शर्मा ने इंडिया वर्सेस वेस्टइंडीज वनडे सीरीज में 75 की औसत के साथ 225 रन बनाए और वह लिस्ट में चौथे पायदान पर रहें।

    सीरीज के पहले मैच में शतक जड़ने वाले विराट कोहली के बल्ले से इस सीरीज में 168 रन ही निकले और वह टॉप-5 से बाहर 6ठे पायदान पर रहे। कोहली दूसरे और तीसरे वनडे में ज्यादा कुछ कमाल नहीं दिखा पाए।

    IND vs WI वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 खिलाड़ी
    प्लेयर – रन

    शुभमन गिल – 334
    शे होप – 278
    अमीर जंगू – 239
    रोहित शर्मा – 225
    जोन कैम्पबेल – 173


    शे होप समेत 3 वेस्टइंडीज के खिलाड़ी लिस्ट में

    वेस्टइंडीज के कप्तान शे होप समेत 3 खिलाड़ी IND vs WI वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में टॉप-5 में रहे। होप ने सीरीज में दो शतक जड़े, न्यू चंडीगढ़ में खेले गए आखिरी मुकाबले में उन्होंने 162 रनों की नाबाद पारी खेल भारत के खिलाफ 352 रनों का विशाल टारगेट चेज करने में अहम रोल अदा किया। उनके बल्ले से सीरीज में कुल 278 रन निकले, वह शुभमन गिल के बाद सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की रेस में दूसरे पायदान पर रहे। वहीं अमीर जंगू 239 रनों के साथ तीसरे तो जोन कैम्पबेल 173 रनों के साथ लिस्ट में पांचवें और आखिरी पायदान पर रहे।

  • जब अपनी ही छवि से परेशान हो गए थे सलमान खान, पिता सलीम खान की एक सलाह ने बदल दिया करियर का रुख

    जब अपनी ही छवि से परेशान हो गए थे सलमान खान, पिता सलीम खान की एक सलाह ने बदल दिया करियर का रुख


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान अपनी फिल्मों और दमदार अंदाज के लिए पहचाने जाते हैं लेकिन उनकी जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया था जब मीडिया में उनके बारे में लगातार नकारात्मक खबरें प्रकाशित हो रही थीं। निजी रिश्तों से लेकर कोर्ट केस और फिल्मों तक को लेकर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था। अब बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार एपिसोड में सलमान खान ने अपने जीवन के उस मुश्किल दौर को याद किया और बताया कि किस तरह टेलीविजन के लोकप्रिय रियलिटी शो 10 का दम ने उनकी छवि बदलने में अहम भूमिका निभाई। इस दौरान उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए यह भी बताया कि शुरुआत में वह इस शो का हिस्सा बनने के लिए तैयार नहीं थे।

    सलमान खान ने फिल्म मैंने प्यार किया से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई थी। हालांकि सफलता के साथ उनकी निजी जिंदगी भी लगातार चर्चा का विषय बनने लगी। अभिनेता के मुताबिक उस समय अखबारों और टेलीविजन पर उनके बारे में ज्यादातर नकारात्मक खबरें दिखाई देती थीं। उनके रिश्तों और कानूनी मामलों को लेकर लगातार चर्चाएं होती थीं। इस माहौल का असर उनकी सार्वजनिक छवि पर भी पड़ रहा था। सलमान ने बताया कि जब भी वह अखबार खोलते या टेलीविजन देखते तो उन्हें अपने बारे में नकारात्मक खबरें ही नजर आती थीं। ऐसे समय में उनके लिए यह तय करना आसान नहीं था कि उन्हें आगे क्या करना चाहिए।

    इसी दौर में सलमान खान को साल 2008 में टेलीविजन शो 10 का दम होस्ट करने का प्रस्ताव मिला। शुरुआत में वह इस ऑफर को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं थे। उन्हें लग रहा था कि जब पहले से ही उनके खिलाफ इतना नकारात्मक माहौल बना हुआ है तो ऐसे में टेलीविजन पर आना कितना सही होगा। उन्हें आशंका थी कि लोग उनके बारे में पहले से बनी धारणा के कारण शो को भी उसी नजर से देखेंगे। हालांकि इस मुश्किल समय में उन्होंने अपने पिता और मशहूर पटकथा लेखक सलीम खान से सलाह ली।

    सलमान ने बताया कि उनके पिता ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें अपनी परवरिश पर भरोसा है। जब अभिनेता ने हां में जवाब दिया तो सलीम खान ने उन्हें सलाह दी कि यदि उन्हें अपनी परवरिश और खुद पर विश्वास है तो उन्हें 10 का दम जरूर करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि शो में उन्हें किसी दूसरे व्यक्ति की तरह व्यवहार करने की जरूरत नहीं है बल्कि उन्हें वैसे ही रहना चाहिए जैसे वह वास्तविक जीवन में हैं। पिता की इस सलाह ने सलमान को अपने फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए प्रेरित किया और आखिरकार उन्होंने शो की मेजबानी स्वीकार कर ली।

    सलमान खान के अनुसार 10 का दम का केवल एक एपिसोड करने के बाद ही लोगों को उनका एक अलग पक्ष देखने का मौका मिला। दर्शक उन्हें सिर्फ फिल्मों में निभाए गए किरदारों के आधार पर नहीं बल्कि उनके वास्तविक व्यक्तित्व और सहज अंदाज के जरिए भी जानने लगे। अभिनेता ने इस बदलाव की तुलना अमिताभ बच्चन के टेलीविजन शो कौन बनेगा करोड़पति से जुड़ी लोकप्रियता से भी की। उनके मुताबिक टेलीविजन ने कलाकारों को दर्शकों के करीब आने और अपनी अलग पहचान बनाने का अवसर दिया।

    हालांकि सलमान ने यह भी माना कि उनकी जिंदगी में इसके बाद भी कई उतार-चढ़ाव आए। इसके बावजूद 10 का दम उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ। बिग बॉस में अपने अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने यह संदेश दिया कि मुश्किल परिस्थितियों में खुद पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है। कई बार लोगों की धारणा बदलने के लिए अपनी बातों से ज्यादा अपने व्यवहार और व्यक्तित्व को सामने आने का अवसर देना पड़ता है। सलमान की यह कहानी उनके प्रशंसकों के लिए उनके करियर के एक अनदेखे पहलू को सामने लाती है।

  • Vastu Tips For Home, घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के आसान उपाय, जानें किस दिशा में क्या रखना माना जाता है शुभ

    Vastu Tips For Home, घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के आसान उपाय, जानें किस दिशा में क्या रखना माना जाता है शुभ


    नई दिल्ली। घर केवल ईंट और दीवारों से बनी जगह नहीं होता बल्कि यह परिवार के सुख शांति और सकारात्मक माहौल से जुड़ा स्थान माना जाता है। वास्तु शास्त्र में घर की दिशा कमरे की व्यवस्था और वस्तुओं को रखने के स्थान का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता के अनुसार घर में चीजों को सही दिशा और व्यवस्थित तरीके से रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बेहतर हो सकता है। यही वजह है कि लोग नया घर बनाते समय या पुराने घर में बदलाव करते समय वास्तु से जुड़े नियमों का ध्यान रखते हैं।

    घर के मुख्य द्वार को वास्तु में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता के अनुसार मुख्य प्रवेश द्वार साफ सुथरा और रोशनी वाला होना चाहिए। दरवाजे के आसपास बेकार सामान या कूड़ा जमा नहीं करना चाहिए। प्रवेश द्वार पर पर्याप्त प्रकाश रखने और नियमित सफाई करने से घर का वातावरण भी बेहतर बना रहता है। घर के दरवाजे की आवाज यदि बहुत अधिक आती है तो उसकी मरम्मत कराना भी उचित माना जाता है क्योंकि वास्तु में इसे सकारात्मक वातावरण के लिए अच्छा नहीं माना जाता।

    वास्तु के अनुसार घर का उत्तर और पूर्व दिशा विशेष महत्व रखती है। इन दिशाओं में पर्याप्त रोशनी और खुली जगह रखना शुभ माना जाता है। घर में खिड़कियां और प्राकृतिक रोशनी आने की व्यवस्था होने से वातावरण हवादार और आरामदायक रहता है। भारी सामान रखने के लिए दक्षिण और पश्चिम दिशा को अपेक्षाकृत उपयुक्त माना जाता है। हालांकि घर की बनावट और उपलब्ध जगह के अनुसार फर्नीचर की व्यवस्था अलग हो सकती है।

    रसोई को लेकर भी वास्तु में कई मान्यताएं हैं। सामान्य तौर पर दक्षिण पूर्व दिशा को अग्नि तत्व से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए इस दिशा को रसोई के लिए उपयुक्त माना जाता है। रसोई में गैस चूल्हा और पानी के स्थान को व्यवस्थित रखने की सलाह दी जाती है। सिंक और चूल्हे के बीच पर्याप्त दूरी रखना व्यावहारिक रूप से भी सुविधाजनक हो सकता है। रसोई को साफ रखना घर के स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए सबसे जरूरी है।

    शयनकक्ष में भी अनावश्यक सामान जमा करने से बचना चाहिए। बिस्तर के नीचे कबाड़ या लंबे समय से इस्तेमाल न होने वाली वस्तुएं रखने के बजाय जगह को खाली रखना बेहतर होता है। कमरे में हल्की और आरामदायक रोशनी तथा पर्याप्त हवा आने की व्यवस्था नींद और आराम के लिए उपयोगी हो सकती है। दर्पण को बिस्तर के ठीक सामने लगाने से बचने की सलाह कई वास्तु परंपराओं में दी जाती है।

    घर के पूजा स्थल को साफ और शांत स्थान पर रखना चाहिए। पूजा के स्थान पर नियमित सफाई करें और वहां अनावश्यक सामान जमा न होने दें। पौधे लगाने की बात करें तो घर में हरियाली वातावरण को सुंदर और ताजा बनाने में मदद करती है। सूखे और मुरझाए पौधों को घर में लंबे समय तक रखना उचित नहीं माना जाता क्योंकि इससे घर की सुंदरता भी प्रभावित होती है।
    घर के पूजा स्थल को साफ और शांत स्थान पर रखना चाहिए। पूजा के स्थान पर नियमित सफाई करें और वहां अनावश्यक सामान जमा न होने दें। पौधे लगाने की बात करें तो घर में हरियाली वातावरण को सुंदर और ताजा बनाने में मदद करती है। सूखे और मुरझाए पौधों को घर में लंबे समय तक रखना उचित नहीं माना जाता क्योंकि इससे घर की सुंदरता भी प्रभावित होती है।

    सबसे जरूरी बात यह है कि वास्तु से जुड़े उपायों को आस्था और परंपरा के रूप में देखा जाना चाहिए। घर में सुख शांति बनाए रखने के लिए साफ सफाई पर्याप्त रोशनी अच्छा वेंटिलेशन और व्यवस्थित जीवनशैली का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। बिना सोचे समझे किसी बड़े निर्माण परिवर्तन या तोड़फोड़ के बजाय विशेषज्ञ की सलाह और घर की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखना बेहतर है। सकारात्मक माहौल के लिए घर को साफ व्यवस्थित और शांत रखना सबसे आसान और उपयोगी उपायों में से एक है।

  • डिगर में टॉम क्रूज का जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन, भारी फैट सूट पहनकर निभाया अनोखा किरदार, 10 मिनट के मोनोलॉग ने चौंकाया

    डिगर में टॉम क्रूज का जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन, भारी फैट सूट पहनकर निभाया अनोखा किरदार, 10 मिनट के मोनोलॉग ने चौंकाया


    नई दिल्ली। हॉलीवुड के सुपरस्टार टॉम क्रूज अपनी नई फिल्म डिगर को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में उनका अंदाज और किरदार पहले की फिल्मों से काफी अलग नजर आ रहा है। फिल्म में क्रूज ने डिगर रॉकवेल नाम के एक ताकतवर और अजीब स्वभाव वाले ऑयल टाइकून की भूमिका निभाई है। खास बात यह है कि इस किरदार को पर्दे पर उतारने के लिए अभिनेता को न केवल अपने लुक में बड़ा बदलाव करना पड़ा बल्कि एक बेहद चुनौतीपूर्ण सीन भी फिल्माना पड़ा। टॉम क्रूज ने हाल ही में खुलासा किया कि फिल्म का लगभग 10 मिनट लंबा मोनोलॉग उनके लिए खास अनुभव रहा जिसे उन्होंने एक ही शॉट और एक ही टेक में पूरा किया।

    फिल्म डिगर का निर्देशन ऑस्कर विजेता फिल्ममेकर एलेजांद्रो जी. इनारितु ने किया है। यह एक ब्लैक कॉमेडी फिल्म है जो एक ऐसे प्रभावशाली व्यक्ति की कहानी दिखाती है जो दुनिया को यह विश्वास दिलाने की कोशिश करता है कि वह मानवता को उस तबाही से बचा सकता है जिसे पैदा करने में उसकी अपनी भूमिका रही है। फिल्म की कहानी और किरदारों की जटिलता इसे सामान्य मनोरंजक फिल्मों से अलग बनाती है। दर्शकों को टॉम क्रूज का एक नया रूप देखने को मिल रहा है और यही वजह है कि फिल्म को लेकर प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है।

    लंदन में 23 सितंबर को आयोजित फिल्म के वर्ल्ड प्रीमियर के दौरान अभिनेत्री अवनीत कौर ने टॉम क्रूज से खास बातचीत की थी। अवनीत ने इस मुलाकात का वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया। बातचीत के दौरान उन्होंने क्रूज से कहा कि उन्होंने उन्हें पहले कभी डिगर जैसे किरदार में नहीं देखा। इस पर अभिनेता ने बताया कि इस फिल्म को बनाने के लिए काफी हुनर कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता की जरूरत थी। उनके मुताबिक कलाकारों के लिए हर नया किरदार सीखने और कुछ अलग करने का अवसर लेकर आता है।

    जब अवनीत ने उनसे फिल्म के किसी खास सीन के बारे में पूछा तो टॉम क्रूज ने 10 मिनट के लंबे मोनोलॉग का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह सीन बिना किसी कट के एक ही शॉट में फिल्माया गया था और इसे पूरा करने के लिए उन्होंने केवल एक टेक लिया। अभिनेता ने निर्देशक एलेजांद्रो और पूरी टीम के साथ काम करने के अनुभव को शानदार बताया। उन्होंने समझाया कि इस तरह के सीन में संवाद बोलना ही काफी नहीं होता बल्कि किरदार की भावनाओं उसकी गति और हर नाटकीय पल को सही ढंग से प्रस्तुत करना भी जरूरी होता है।

    क्रूज ने इस प्रक्रिया की तुलना डांस और रिदम से की। उनके अनुसार एक अभिनेता को यह समझना होता है कि किस पल किस तरह प्रतिक्रिया देनी है और दृश्य की लय को कैसे बनाए रखना है। निर्देशक की सटीक स्टेजिंग ने इस चुनौतीपूर्ण सीन को प्रभावशाली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभिनेता ने कहा कि उन्होंने इस मोनोलॉग को कुछ ही बार किया लेकिन अंतिम प्रस्तुति एक ही टेक में पूरी हो गई।

    फिल्म के लिए टॉम क्रूज को अपने शारीरिक हावभाव और आवाज पर भी खास काम करना पड़ा। उन्होंने बताया कि किरदार के लुक को वास्तविक बनाने के लिए उन्हें भारी फैट सूट पहनना पड़ा जो काफी वजनदार था। कॉमेडी टाइमिंग के साथ इस पोशाक में अभिनय करना उनके लिए अलग अनुभव रहा। डिगर में रिज अहमद जॉन गुडमैन सैंड्रा हुलर माइकल स्टुहलबर्ग जेसी प्लेमन्स सोफी वाइल्ड और एम्मा डी’आर्सी जैसे कलाकार भी नजर आते हैं। फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। अब दर्शकों की दिलचस्पी इस बात में है कि टॉम क्रूज का यह नया अवतार और फिल्म की अनोखी कहानी उन्हें कितना प्रभावित करती है।

  • बचत का पैसा शेयर मार्केट में लगाने से पहले जान लें ये जरूरी नियम छोटी गलती पड़ सकती है भारी

    बचत का पैसा शेयर मार्केट में लगाने से पहले जान लें ये जरूरी नियम छोटी गलती पड़ सकती है भारी


    नई दिल्ली। शेयर मार्केट में निवेश करके पैसा बढ़ाने की चाहत आज बड़ी संख्या में लोगों में देखने को मिल रही है। खासकर डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन ट्रेडिंग की सुविधा ने शेयर बाजार तक आम निवेशकों की पहुंच आसान कर दी है। हालांकि शेयर मार्केट में पैसा लगाना केवल किसी शेयर को खरीदने और कुछ समय बाद बेचने तक सीमित नहीं है। इसमें बाजार की समझ जोखिम उठाने की क्षमता और सही वित्तीय योजना का होना बेहद जरूरी माना जाता है। इसलिए अगर आप अपनी कमाई या बचत का पैसा शेयर मार्केट में इस्तेमाल करने की सोच रहे हैं तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि कितना पैसा निवेश करना चाहिए और किस उद्देश्य से करना चाहिए।

    शेयर बाजार में निवेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए रखे पैसे को बाजार में लगाने से बचना चाहिए। घर का खर्च बच्चों की पढ़ाई स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें बीमा और आपातकालीन स्थिति के लिए जरूरी रकम अलग रखना बेहतर वित्तीय अनुशासन माना जाता है। निवेश के लिए वही पैसा इस्तेमाल करना चाहिए जिसकी तत्काल जरूरत नहीं है। बाजार में उतार चढ़ाव सामान्य है इसलिए अचानक जरूरत पड़ने पर निवेश को नुकसान में बेचने की स्थिति से बचना जरूरी है।

    अगर आप शेयर मार्केट में नए हैं तो बिना जानकारी किसी दोस्त रिश्तेदार या सोशल मीडिया की सलाह पर शेयर खरीदना जोखिम भरा हो सकता है। किसी कंपनी में निवेश करने से पहले उसके कारोबार वित्तीय स्थिति आय मुनाफे कर्ज और भविष्य की संभावनाओं जैसी बुनियादी बातों को समझना जरूरी है। केवल इसलिए किसी शेयर में पैसा लगाना उचित नहीं माना जाता क्योंकि उसकी कीमत तेजी से बढ़ रही है। बाजार में किसी भी समय तेजी के बाद गिरावट आ सकती है।

    निवेश में पैसे को अलग अलग विकल्पों में बांटने की रणनीति भी महत्वपूर्ण हो सकती है। पूरी बचत को एक ही शेयर या एक ही सेक्टर में लगाने के बजाय अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्य के अनुसार विविधता रखना जोखिम को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। लंबी अवधि के निवेश और छोटी अवधि की ट्रेडिंग को भी एक जैसा नहीं समझना चाहिए। ट्रेडिंग में बाजार की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और अधिक जोखिम उठाने की जरूरत पड़ सकती है जबकि लंबी अवधि का निवेश अलग रणनीति पर आधारित होता है।

    निवेश करते समय जल्द अमीर बनने की उम्मीद से बचना भी जरूरी है। शेयर बाजार में रिटर्न निश्चित नहीं होता और पिछले प्रदर्शन से भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं मिलती। इसलिए किसी भी निवेश का फैसला अपनी आर्थिक स्थिति वित्तीय लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर लेना चाहिए।

    सबसे जरूरी बात यह है कि शेयर मार्केट को कमाई का आसान रास्ता समझने के बजाय एक वित्तीय निवेश माध्यम के रूप में देखा जाए। पर्याप्त जानकारी हासिल करने नियमित रूप से अपने निवेश की समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाह लेने से निवेश संबंधी फैसलों को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है। बाजार में पैसा लगाने से पहले यह तय करें कि आपका लक्ष्य क्या है कितने समय के लिए निवेश करना है और नुकसान की स्थिति में आप कितना जोखिम उठा सकते हैं। यही तैयारी आपके निवेश को अधिक अनुशासित बनाने में मदद कर सकती है।

  • नाक बंद गले में खराश और लगातार छींक से हैं परेशान तो जानिए सर्दी जुकाम में राहत पाने के असरदार उपाय

    नाक बंद गले में खराश और लगातार छींक से हैं परेशान तो जानिए सर्दी जुकाम में राहत पाने के असरदार उपाय


    नई दिल्ली। बदलते मौसम में सर्दी जुकाम की समस्या आम हो जाती है। मौसम में बदलाव तापमान का उतार चढ़ाव धूल धुआं और वायरल संक्रमण जैसी वजहों से नाक बहना छींक आना गले में खराश खांसी और हल्का बुखार जैसी परेशानियां हो सकती हैं। सामान्य सर्दी जुकाम अक्सर कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाता है लेकिन इस दौरान सही देखभाल करने से असहजता और लक्षणों से राहत मिल सकती है। इसके लिए सबसे पहले शरीर को पर्याप्त आराम और पानी देना जरूरी है।

    सर्दी जुकाम के दौरान पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना फायदेमंद हो सकता है। पानी गुनगुने तरल पदार्थ और सूप जैसे विकल्प शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते और गले को आराम पहुंचाने में मदद कर सकते हैं। बहुत गर्म पेय लेने से बचना चाहिए क्योंकि इससे मुंह या गले में जलन हो सकती है। गले में खराश होने पर गुनगुने नमक वाले पानी से गरारे भी किए जा सकते हैं। छोटे बच्चों को गरारे कराते समय विशेष सावधानी जरूरी है।

    नाक बंद होने की समस्या में कमरे की हवा में पर्याप्त नमी बनाए रखना मददगार हो सकता है। गर्म पानी से भाप लेने की सलाह आमतौर पर दी जाती है लेकिन बहुत गर्म भाप से त्वचा या सांस की नली जलने का खतरा रहता है। खासकर बच्चों को सीधे गर्म पानी की भाप देने से बचना चाहिए। आरामदायक तापमान पर नम हवा या सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल किया गया ह्यूमिडिफायर बेहतर विकल्प हो सकता है।

    सर्दी जुकाम में नींद और आराम को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शरीर संक्रमण से लड़ने के दौरान अधिक आराम चाहता है इसलिए पर्याप्त नींद लेना जरूरी है। साथ ही हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना और इस्तेमाल किए गए टिश्यू को तुरंत फेंकना संक्रमण फैलने की संभावना कम करने में मदद कर सकता है। घर में किसी अन्य व्यक्ति को संक्रमण होने से बचाने के लिए व्यक्तिगत सामान साझा करने से भी बचना बेहतर है।

    दवाओं के मामले में खुद से एंटीबायोटिक लेना उचित नहीं है। सामान्य सर्दी जुकाम अक्सर वायरस के कारण होता है और एंटीबायोटिक वायरल संक्रमण पर काम नहीं करते। बुखार या दर्द जैसी परेशानी होने पर दवा लेने से पहले उम्र स्वास्थ्य स्थिति और पहले से चल रही दवाओं को ध्यान में रखना जरूरी है। बच्चों के लिए किसी भी दवा की खुराक डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह के अनुसार ही होनी चाहिए।

    अगर सर्दी जुकाम के लक्षण लगातार बढ़ रहे हों तेज या लंबे समय तक बुखार बना रहे सांस लेने में परेशानी हो सीने में दर्द हो अत्यधिक कमजोरी महसूस हो या लक्षण कुछ समय बाद भी बेहतर न हों तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। छोटे बच्चों बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में लक्षणों को लेकर विशेष सावधानी जरूरी है। सही आराम पर्याप्त तरल पदार्थ और साफ सफाई की आदतें सामान्य सर्दी जुकाम के दौरान राहत पाने और संक्रमण फैलने से रोकने में मदद कर सकती हैं।