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  • आज रात होगा Lock Upp 2 का ग्रैंड फिनाले, पांच फाइनलिस्ट में कौन जीतेगा ट्रॉफी और 1 करोड़ का इनाम?

    आज रात होगा Lock Upp 2 का ग्रैंड फिनाले, पांच फाइनलिस्ट में कौन जीतेगा ट्रॉफी और 1 करोड़ का इनाम?

    नई दिल्ली । चर्चित रियलिटी शो ‘Lock Upp 2’ का बहुप्रतीक्षित ग्रैंड फिनाले आज रात आयोजित होगा। पूरे सीजन में रणनीति, प्रतिस्पर्धा, दोस्ती, टकराव और भावनात्मक पलों से भरपूर सफर के बाद अब मुकाबला अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। आज रात सभी प्रतिभागियों के लिए शो के दरवाजे खुल जाएंगे, लेकिन ट्रॉफी और एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि केवल एक विजेता के हिस्से में आएगी। दर्शकों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि आखिर इस सीजन का खिताब कौन अपने नाम करेगा।

    इस बार फिनाले में पांच मजबूत प्रतियोगियों ने जगह बनाई है। शिवांगी जोशी, शिल्पा शिंदे, योगेश रावत, श्रेया कालरा और राम कपूर अंतिम मुकाबले में आमने-सामने हैं। पूरे सीजन के दौरान इन सभी प्रतिभागियों ने अलग-अलग अंदाज में अपना खेल दिखाया और कई कठिन चुनौतियों को पार करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। यही वजह है कि अंतिम मुकाबले को इस सीजन का सबसे रोमांचक चरण माना जा रहा है।

    शिवांगी जोशी ने शुरुआती दौर में अपेक्षाकृत धीमी शुरुआत की थी, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपने खेल में लगातार सुधार किया। रणनीतिक फैसलों, शांत स्वभाव और बेहतर प्रदर्शन के दम पर उन्होंने खुद को मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित किया। सोशल मीडिया पर भी उन्हें बड़ी संख्या में समर्थन मिलता दिखाई दिया, जिसके कारण उन्हें खिताब का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।

    वाइल्ड कार्ड एंट्री के रूप में शो में शामिल हुईं शिल्पा शिंदे ने कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके अनुभव, आत्मविश्वास और बेबाक अंदाज ने उन्हें फाइनल तक पहुंचाया। दूसरी ओर योगेश रावत ने पूरे सीजन में टास्क आधारित प्रदर्शन से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। शांत रणनीति और लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्होंने भी मजबूत प्रतिस्पर्धा पेश की।

    श्रेया कालरा ने शुरुआत से ही संतुलित खेल दिखाया और लगभग हर चुनौती में प्रभावी प्रदर्शन किया। कई दर्शक उन्हें इस सीजन का ‘डार्क हॉर्स’ मान रहे हैं। वहीं राम कपूर ने भी संयम और धैर्य के साथ खेलते हुए अंतिम दौर में अपनी जगह बनाई। फिनाले में पहुंचने के बाद अब सभी प्रतिभागियों के सामने एक ही लक्ष्य है—ट्रॉफी और एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि अपने नाम करना।

    ग्रैंड फिनाले को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। विभिन्न प्रतिभागियों के समर्थक लगातार अपने पसंदीदा प्रतियोगियों के समर्थन में अभियान चला रहे हैं। हालांकि अंतिम फैसला दर्शकों के वोट और फिनाले के परिणामों के आधार पर होगा। पूरे सीजन की प्रतिस्पर्धा के बाद अब कुछ ही समय में यह स्पष्ट हो जाएगा कि ‘Lock Upp 2’ का नया विजेता कौन बनेगा और किसके नाम ट्रॉफी के साथ एक करोड़ रुपये की इनामी राशि दर्ज होगी।

  • सेंसेक्स निफ्टी में गुरुवार को रहेगा उतार चढ़ाव या मिलेगी तेजी निवेश से पहले जान लें अहम संकेत

    सेंसेक्स निफ्टी में गुरुवार को रहेगा उतार चढ़ाव या मिलेगी तेजी निवेश से पहले जान लें अहम संकेत


    नई दिल्ली। गुरुवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार की नजर घरेलू और वैश्विक दोनों तरह के संकेतों पर रहेगी। पिछले कुछ दिनों से बाजार में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है और निवेशक हर नए आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। ऐसे में गुरुवार का दिन भी निवेशकों के लिए काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि कई ऐसे फैक्टर हैं जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों का रुख भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत पर असर डाल सकता है। अगर अमेरिका और एशियाई बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो सेंसेक्स और निफ्टी मजबूत शुरुआत कर सकते हैं। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और डॉलर इंडेक्स की चाल भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकती है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी या बिकवाली भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    गुरुवार के कारोबार में बैंकिंग आईटी ऑटो फार्मा और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों पर खास नजर रहेगी। अगर इन प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी का माहौल बना रहता है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है। दूसरी ओर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी गतिविधि देखने को मिल सकती है क्योंकि हाल के दिनों में इन शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

    विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों को किसी भी अफवाह या छोटी अवधि की तेजी को देखकर जल्दबाजी में निवेश नहीं करना चाहिए। बाजार में उतार चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत कंपनियों पर ही भरोसा बनाए रखना चाहिए। अच्छे वित्तीय प्रदर्शन मजबूत प्रबंधन और भविष्य की विकास संभावनाओं वाली कंपनियां लंबे समय में बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखती हैं।

    गुरुवार को कई कंपनियों के तिमाही नतीजे भी निवेशकों के लिए अहम रहेंगे। उम्मीद से बेहतर या कमजोर परिणाम संबंधित शेयरों के साथ पूरे सेक्टर की चाल को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा देश और विदेश से आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर भी बाजार की नजर रहेगी। महंगाई ब्याज दर और औद्योगिक उत्पादन से जुड़े संकेत भविष्य की निवेश रणनीति तय करने में मदद करेंगे।

    विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नए निवेशक बिना पूरी जानकारी के किसी भी शेयर में पैसा लगाने से बचें। निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति कारोबार का भविष्य और जोखिम का सही आकलन करना जरूरी है। अगर किसी शेयर में बहुत तेजी आ चुकी है तो उसमें प्रवेश करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं गिरावट के दौरान मजबूत कंपनियों में चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

    कुल मिलाकर गुरुवार का कारोबारी सत्र कई महत्वपूर्ण संकेतों के बीच शुरू होगा। बाजार में तेजी और गिरावट दोनों की संभावना बनी रहेगी इसलिए निवेशकों को धैर्य के साथ सोच समझकर निर्णय लेना चाहिए। सही रिसर्च और संतुलित निवेश रणनीति ही लंबे समय में बेहतर लाभ दिलाने का सबसे सुरक्षित तरीका मानी जाती है।

  • ऑपरेशन सिंदूर पर पूर्व CDS का बड़ा खुलासा, पाकिस्तान ने मांगा युद्धविराम, भारत ने रणनीति के तहत कराया इंतजार

    ऑपरेशन सिंदूर पर पूर्व CDS का बड़ा खुलासा, पाकिस्तान ने मांगा युद्धविराम, भारत ने रणनीति के तहत कराया इंतजार

    नई दिल्ली । भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उनके अनुसार, सैन्य अभियान के दौरान पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम की मांग की गई थी, लेकिन भारत ने अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए तत्काल सहमति नहीं दी। उन्होंने बताया कि भारतीय पक्ष ने पहले अपने निर्धारित सैन्य उद्देश्यों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित किया और उसके बाद ही युद्धविराम की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। इस खुलासे के बाद ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

    जनरल अनिल चौहान के अनुसार 10 मई 2025 की सुबह पाकिस्तान ने डीजीएमओ हॉटलाइन के माध्यम से भारत से संपर्क किया और तत्काल संघर्ष विराम की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि भारतीय पक्ष ने तत्काल प्रतिक्रिया देने के बजाय कुछ समय तक इंतजार कराया, क्योंकि उस समय तक अभियान के सभी निर्धारित सैन्य लक्ष्य पूरे नहीं हुए थे। उनका कहना था कि सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रखी गई जब तक निर्धारित उद्देश्यों की प्राप्ति सुनिश्चित नहीं हो गई।

    उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी। इस हमले में कई निर्दोष पर्यटकों की जान गई थी, जिसके बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाते हुए सीमापार अभियान चलाया। अभियान के पहले चरण में आतंकवादी संगठनों से जुड़े कई ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की गई। इसके बाद सीमा पार से ड्रोन और मिसाइलों के माध्यम से जवाबी प्रयास किए गए, जिनका भारतीय वायु एवं रक्षा प्रणालियों ने प्रभावी ढंग से मुकाबला किया।

    पूर्व सीडीएस के अनुसार अभियान के अगले चरण में पाकिस्तान के कई सैन्य प्रतिष्ठानों और एयरबेस को भी निशाना बनाया गया। इन कार्रवाइयों में सैन्य ढांचे, रडार प्रणाली और अन्य रणनीतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया। उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई सैन्य योजना के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से संचालित की गई थी और प्रत्येक कदम पहले से तय रणनीति के आधार पर उठाया गया।

    जनरल चौहान ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम का अनुरोध आने के बाद भी भारतीय सेना ने अपनी निर्धारित कार्रवाई जारी रखी। उनके अनुसार अंतिम सैन्य कार्रवाई दोपहर के समय पूरी की गई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच संघर्ष विराम पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि किसी भी सैन्य अभियान में राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के बीच समन्वय के साथ-साथ स्पष्ट रणनीतिक लक्ष्य अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं और ऑपरेशन सिंदूर में भी इसी सिद्धांत का पालन किया गया।

    इस खुलासे ने एक बार फिर सीमापार आतंकवाद के खिलाफ भारत की सुरक्षा नीति और सैन्य रणनीति पर चर्चा तेज कर दी है। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि आधुनिक सैन्य अभियानों में समय, रणनीति, तकनीक और समन्वय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े इस नए विवरण ने अभियान की योजना, निर्णय प्रक्रिया और सैन्य संचालन के कई पहलुओं को समझने का अवसर प्रदान किया है। हालांकि अभियान से जुड़े कई परिचालन संबंधी विवरण सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

  • गुरुवार पूजा का महत्व इस आसान विधि से करें भगवान विष्णु की आराधना धन वैभव और सौभाग्य का मिलेगा आशीर्वाद

    गुरुवार पूजा का महत्व इस आसान विधि से करें भगवान विष्णु की आराधना धन वैभव और सौभाग्य का मिलेगा आशीर्वाद


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। यह दिन ज्ञान समृद्धि सुख शांति और वैवाहिक जीवन में खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जो श्रद्धालु इस दिन पूरी श्रद्धा और नियम के साथ भगवान विष्णु की पूजा करते हैं उनके जीवन की अनेक परेशानियां दूर होती हैं और परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है। गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए भी गुरुवार का व्रत और पूजा अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।

    गुरुवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद पीले या साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थान की अच्छी तरह सफाई करें और भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। भगवान को पीले रंग के फूल अर्पित करें और हल्दी चंदन का तिलक लगाएं। पूजा में पीले फल केले चने की दाल बेसन के लड्डू केसर युक्त मिठाई और तुलसी दल का विशेष महत्व माना गया है। भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है इसलिए बिना तुलसी के पूजा अधूरी मानी जाती है।

    पूजा के दौरान घी का दीपक जलाएं और भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें। विष्णु सहस्रनाम अथवा श्री विष्णु चालीसा का पाठ करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो देवगुरु बृहस्पति के बीज मंत्र का जाप भी करें। पूजा के बाद भगवान से परिवार की सुख समृद्धि अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की प्रार्थना करें।

    गुरुवार के दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालु सामान्यतः केवल एक समय सात्विक भोजन करते हैं। इस दिन पीले रंग के भोजन का विशेष महत्व माना गया है। केले चने की दाल बेसन से बने व्यंजन और केसर युक्त प्रसाद का सेवन शुभ माना जाता है। कई लोग इस दिन नमक का सेवन भी नहीं करते और पूरी श्रद्धा के साथ व्रत का पालन करते हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन कुछ कार्यों से बचना चाहिए। इस दिन बाल और नाखून नहीं काटने चाहिए। महिलाओं को बाल धोने से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है। किसी का अपमान करना झूठ बोलना या क्रोध करना भी अशुभ माना जाता है। गरीबों और जरूरतमंदों को पीले वस्त्र चने की दाल हल्दी या केले का दान करने से भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

    मान्यता है कि गुरुवार के दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु की आराधना करने वाले भक्तों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। आर्थिक परेशानियां धीरे धीरे समाप्त होती हैं और विवाह शिक्षा करियर तथा पारिवारिक जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त होने लगते हैं। श्रद्धा विश्वास और नियम के साथ की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में सुख शांति समृद्धि और सौभाग्य का मार्ग प्रशस्त करती है।

  • रुवार का राशिफल 6 अगस्त 2026 मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा दिन जानिए भाग्य का संकेत

    रुवार का राशिफल 6 अगस्त 2026 मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा दिन जानिए भाग्य का संकेत


    नई दिल्ली। आज 6 अगस्त 2026 गुरुवार का दिन ग्रह नक्षत्रों की चाल के अनुसार कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आया है जबकि कुछ लोगों को धैर्य और समझदारी से फैसले लेने की जरूरत होगी। नौकरी करने वालों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं वहीं व्यापारियों के लिए लाभ के नए रास्ते खुलने के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन में भी कई राशियों को सुखद समाचार मिल सकते हैं।

    मेष राशि के लोगों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। वृषभ राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में सोच समझकर निर्णय लेना चाहिए। मिथुन राशि वालों के लिए नए संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित होंगे जबकि कर्क राशि के लोगों को परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा।

    सिंह राशि के लिए दिन सम्मान और सफलता लेकर आ सकता है। कन्या राशि के जातकों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है और खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। तुला राशि वालों के लिए प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और पुराने मतभेद समाप्त हो सकते हैं।

    वृश्चिक राशि के लोगों को करियर में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। धन लाभ के योग भी बन रहे हैं। धनु राशि के जातकों को अनावश्यक खर्च से बचना चाहिए और निवेश करते समय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा। मकर राशि वालों के लिए कार्यक्षेत्र में नई उपलब्धियां मिलने के संकेत हैं और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा।

    कुंभ राशि के लोगों को किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है जिससे मन प्रसन्न रहेगा। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल रहेगा। मीन राशि के जातकों के लिए धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा और मानसिक शांति का अनुभव होगा।

    ज्योतिष के अनुसार आज का दिन अधिकांश राशियों के लिए सकारात्मक ऊर्जा लेकर आया है। हालांकि किसी भी बड़े निर्णय से पहले परिस्थितियों का सही आकलन करना जरूरी रहेगा। संयम और धैर्य के साथ किए गए कार्य सफलता दिला सकते हैं। दिनभर सकारात्मक सोच बनाए रखें और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें। मेहनत का फल अवश्य मिलेगा और भाग्य भी आपका साथ देता नजर आएगा।

  • निलंबन के बाद धरने पर बैठे सपा विधायक सचिन यादव, वही पोस्टर दिखाकर बोले- सरकार चर्चा से भाग रही है

    निलंबन के बाद धरने पर बैठे सपा विधायक सचिन यादव, वही पोस्टर दिखाकर बोले- सरकार चर्चा से भाग रही है

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से निलंबित किए गए समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक सचिन यादव बुधवार को विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए। इस दौरान उनके हाथ में वही पोस्टर था, जिसे सदन के भीतर दिखाने पर उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई थी।

    धरने के दौरान सचिन यादव ने आरोप लगाया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है और जनता इस पर सरकार से जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले कहा था कि “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनके अनुसार विपक्ष इस मुद्दे पर सदन में चर्चा चाहता है, जबकि सरकार इससे बच रही है।

    सचिन यादव के पास मौजूद पोस्टर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के साथ उनके पुराने बयान का उल्लेख करते हुए सवाल किया गया था कि मामले में कार्रवाई का क्या हुआ।

    पोस्टर दिखाने पर हुआ था निलंबन
    मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सपा विधायक राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर चर्चा कराने की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। दोपहर बाद जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना वक्तव्य दे रहे थे, तभी सचिन यादव ने मुख्यमंत्री की तस्वीर वाला पोस्टर सदन में लहराया।

    इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कड़ी आपत्ति जताई और पहले चेतावनी दी। पोस्टर हटाने से इनकार करने पर सचिन यादव को सदन से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद सदन में हंगामा बढ़ गया और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

    बुधवार को भी नहीं चल सकी कार्यवाही
    बुधवार को भी विधानसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच गतिरोध बना रहा। हंगामे के कारण कार्यवाही पहले आधे घंटे के लिए और बाद में दोपहर एक बजे तक स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष लगातार राम मंदिर चढ़ावा मामले पर चर्चा की मांग करता रहा, जबकि सदन की कार्यवाही बाधित होती रही।

  • बहन से मुलाकात के बाद लौट रहा था युवक, रास्ते में चलती बाइक से गिरा, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

    बहन से मुलाकात के बाद लौट रहा था युवक, रास्ते में चलती बाइक से गिरा, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया


    देवास देवास में बुधवार को एक दुखद घटना सामने आई जहां बहन से मुलाकात कर घर लौट रहे 30 वर्षीय युवक की चलती बाइक से गिरने के बाद मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने साइलेंट हार्ट अटैक की आशंका जताई है। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है जबकि युवक के दोस्तों के भी अस्पताल पहुंचने से माहौल गमगीन हो गया।

    जानकारी के अनुसार मानकुंड निवासी धर्मेंद्र मालवीय एक निजी कंपनी में कार्यरत था। बुधवार को वह अपनी बहन से मिलने देवास आया था। परिजनों के मुताबिक मुलाकात के बाद वह बाइक से अपने घर लौट रहा था। घर से कुछ ही दूरी पर पहुंचने के दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह चलती बाइक से सड़क पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने उसे तुरंत संभाला लेकिन वह बेसुध अवस्था में था।

    घटना के तुरंत बाद परिजन धर्मेंद्र को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी जांच की लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई इस घटना से परिवार और परिचितों को गहरा सदमा लगा है।

    जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. कमल प्रजापति के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला साइलेंट हार्ट अटैक का प्रतीत हो रहा है। कई बार व्यक्ति को बिना किसी स्पष्ट लक्षण के हार्ट अटैक आ जाता है जिससे वह अचानक बेहोश होकर गिर सकता है। हालांकि डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि अभी यह केवल प्रारंभिक आशंका है और मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही की जाएगी। जांच के लिए विसरा भी सुरक्षित रख लिया गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर विस्तृत परीक्षण किया जा सके।

    परिजनों ने बताया कि धर्मेंद्र की शादी करीब चार से पांच वर्ष पहले हुई थी और वह निजी कंपनी में नौकरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। उसकी अचानक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। घटना की सूचना मिलते ही इंदौर से उसके कई मित्र भी जिला अस्पताल पहुंच गए और परिजनों को सांत्वना दी।

    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत साइलेंट हार्ट अटैक से हुई या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सीय कारण था। फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रहे हैं।

  • इंदौर की राजनीति में जुबानी जंग चरम पर, भाजपा ने कांग्रेस को घेरा, अंदरूनी विवाद और नेतृत्व पर उठाए सवाल

    इंदौर की राजनीति में जुबानी जंग चरम पर, भाजपा ने कांग्रेस को घेरा, अंदरूनी विवाद और नेतृत्व पर उठाए सवाल


    इंदौर । इंदौर की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसके शहर और प्रदेश नेतृत्व पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान अब सार्वजनिक हो चुकी है और पार्टी का संगठन आंतरिक विवादों में उलझा हुआ है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं का व्यवहार राजनीतिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है और पार्टी का नेतृत्व अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ते विवादों पर कार्रवाई करने में विफल रहा है।

    मीडिया से बातचीत के दौरान सुमित मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के भीतर नेताओं के बीच चल रहे विवाद अब शहरभर में चर्चा का विषय बन चुके हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि पार्टी के अलग-अलग नेताओं के बीच लगातार टकराव हो रहा है और कई बार वरिष्ठ नेताओं को बीच-बचाव तक करना पड़ रहा है। भाजपा नेता का कहना था कि कांग्रेस संगठन में अनुशासन की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।

    उन्होंने शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनका व्यवहार किसी जिम्मेदार राजनीतिक पदाधिकारी जैसा नहीं बल्कि गुंडा प्रवृत्ति वाले व्यक्ति जैसा दिखाई देता है। मिश्रा ने दावा किया कि कभी पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ विवाद होता है तो कभी वरिष्ठ नेताओं के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कांग्रेस की ओर से इन पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

    भाजपा नगर अध्यक्ष ने हाल ही में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के घर पर कथित रूप से हुए विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां पार्टी नेताओं के बीच मारपीट और धमकी जैसी घटनाएं हुईं। उनका कहना था कि मामला प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व से जुड़ा होने के बावजूद पार्टी ने अब तक कोई ठोस अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं के सम्मान की रक्षा क्यों नहीं कर पा रही है।

    सुमित मिश्रा ने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश और शहर कांग्रेस में ऐसे लोगों का प्रभाव बढ़ रहा है जिनकी वजह से पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है। इसी दौरान उन्होंने शहर कांग्रेस अध्यक्ष पर स्टेरॉयड लेने का आरोप भी लगाया और कहा कि इसी कारण उनका व्यवहार आक्रामक रहता है। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।

    भाजपा नेता के इन बयानों के बाद इंदौर की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी गतिविधियों से पहले दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी और अधिक तीखी हो सकती है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से भाजपा के इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

  • क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, फरार हथियार तस्कर संजय मराठा दबोचा गया, सप्लायर और नेटवर्क की तलाश तेज

    क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, फरार हथियार तस्कर संजय मराठा दबोचा गया, सप्लायर और नेटवर्क की तलाश तेज


    इंदौर । इंदौर क्राइम ब्रांच ने अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी संजय उर्फ संजू मराठा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पहले से 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं और पुलिस को आशंका है कि वह लंबे समय से अवैध हथियारों की सप्लाई के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। अब उससे पूछताछ कर हथियारों के स्रोत, सप्लायर और इस पूरे गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    क्राइम ब्रांच के अनुसार गिरफ्तार आरोपी संजय मराठा गुमास्ता नगर का रहने वाला है। वह प्रॉपर्टी ब्रोकिंग के साथ ई-रिक्शा किराये पर देने का कारोबार करता था। पुलिस का मानना है कि वह अपने अन्य व्यवसायों की आड़ में अवैध गतिविधियों को भी अंजाम देता था। मामले की जांच के दौरान उसका नाम सामने आने के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था।

    इस प्रकरण में इससे पहले पुलिस परसराम उर्फ परसिया श्रीवास्तव और सोहेल उर्फ बलबली पटेल को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों आरोपियों के कब्जे से चार देसी पिस्टल, चार मैगजीन, चार जिंदा कारतूस, एक मारुति स्विफ्ट कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब छह लाख रुपए आंकी गई थी। इन गिरफ्तारियों के बाद हुई पूछताछ में संजय मराठा की भूमिका सामने आई थी।

    क्राइम ब्रांच ने आरोपी की तलाश के लिए लगातार तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र का सहारा लिया। आखिरकार पुख्ता सूचना मिलने पर टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कितने समय से हथियारों की तस्करी में शामिल था और उसका नेटवर्क किन राज्यों या जिलों तक फैला हुआ है।

    एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया के अनुसार संजय मराठा आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ वर्ष 2005 से 2020 के बीच कुल 17 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट, मारपीट, धमकी, अवैध वसूली और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े प्रकरण शामिल हैं। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी वर्तमान जांच से जोड़कर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

    जांच एजेंसियों का फोकस अब इस बात पर है कि आरोपी अवैध हथियार कहां से हासिल करता था और उन्हें किन लोगों तक पहुंचाता था। पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस संभावित सप्लायरों और खरीदारों की पहचान करने में जुटी है। संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

    क्राइम ब्रांच का कहना है कि शहर में अवैध हथियारों की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में शामिल प्रत्येक आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से अवैध हथियारों के नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे शहर में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी।

  • उर्स-ए-रजवी: बरेली जंक्शन पर 25 ट्रेनों का अतिरिक्त ठहराव, यात्रियों की सुविधा के लिए छह स्पेशल ट्रेनें भी चलेंगी

    उर्स-ए-रजवी: बरेली जंक्शन पर 25 ट्रेनों का अतिरिक्त ठहराव, यात्रियों की सुविधा के लिए छह स्पेशल ट्रेनें भी चलेंगी


    बरेली।
    आला हजरत के उर्स-ए-रजवी के मद्देनजर रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। 6 से 8 अगस्त तक बरेली जंक्शन पर 25 ट्रेनों को अतिरिक्त ठहराव दिया जाएगा। इनमें छह ऐसी सुपरफास्ट ट्रेनें भी शामिल हैं, जिनका नियमित रूप से यहां ठहराव नहीं होता। इसके अलावा आठ अगस्त को तीन जोड़ी विशेष अनारक्षित ट्रेनों का संचालन भी किया जाएगा।

    सीनियर डीसीएम महेश यादव ने बताया कि उर्स के दौरान 20 ट्रेनों के ठहराव की अवधि बढ़ाई गई है, ताकि यात्रियों को चढ़ने और उतरने में सुविधा मिल सके। वहीं, बरेली-सहारनपुर, इज्जतनगर-लालकुआं और बरेली सिटी-पीलीभीत रूट पर तीन जोड़ी विशेष अनारक्षित ट्रेनें चलाई जाएंगी।

    इन ट्रेनों को मिलेगा अतिरिक्त ठहराव
    अस्थायी रूप से जिन प्रमुख ट्रेनों का बरेली जंक्शन पर ठहराव रहेगा, उनमें गंगा-सतलुज एक्सप्रेस, अर्चना एक्सप्रेस, जम्मूतवी-कानपुर सेंट्रल सुपरफास्ट, जननायक एक्सप्रेस, चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, जनसेवा एक्सप्रेस, योग नगरी ऋषिकेश-प्रयागराज संगम एक्सप्रेस, शहीद एक्सप्रेस, सरयू-यमुना एक्सप्रेस, अकाल तख्त एक्सप्रेस, कोलकाता-नांगल डैम एक्सप्रेस और जलियांवाला बाग एक्सप्रेस शामिल हैं।

    इसके अलावा जनसाधारण एक्सप्रेस, बेगमपुरा एक्सप्रेस और सप्तक्रांति एक्सप्रेस की दोनों दिशाओं की सेवाओं को भी बरेली जंक्शन पर अतिरिक्त अस्थायी ठहराव दिया गया है। रेलवे ने बताया कि 8 अगस्त को बरेली-मुरादाबाद पैसेंजर (64177) अपने निर्धारित समय दोपहर 2:40 बजे के बजाय 3:45 बजे रवाना होगी।

    दिल्ली कैंट पर चार ट्रेनों का ठहराव रहेगा निरस्त
    उधर, दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 के उन्नयन कार्य के चलते 13 अक्तूबर तक चार ट्रेनों का वहां ठहराव अस्थायी रूप से रद्द कर दिया गया है। इनमें जैसलमेर-काठगोदाम एक्सप्रेस, साबरमती-वाराणसी सुपरफास्ट, उदयपुर सिटी-नई दिल्ली एक्सप्रेस और बीकानेर-हावड़ा साप्ताहिक एक्सप्रेस शामिल हैं। यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेने की अपील की गई है।