Blog

  • इंदौर में चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों को टक्कर मारकर भागी स्कॉर्पियो, तीन किलोमीटर पीछा कर दो युवक गिरफ्तार

    इंदौर में चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों को टक्कर मारकर भागी स्कॉर्पियो, तीन किलोमीटर पीछा कर दो युवक गिरफ्तार


    इंदौर: के संयोगितागंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात पुलिस चेकिंग के दौरान तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने दो पुलिसकर्मियों को टक्कर मार दी और स्टॉपर तोड़कर मौके से फरार हो गई। घटना के बाद पुलिस टीम ने तुरंत कार का पीछा शुरू किया और करीब तीन किलोमीटर तक पीछा करने के बाद तिलक नगर इलाके में घेराबंदी कर स्कॉर्पियो को रोक लिया।
    पुलिस ने कार में सवार दो युवकों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए युवकों की पहचान अनुज मीणा और शिवम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, घटना के समय अनुज मीणा कार चला रहा था। प्राथमिक जांच में दोनों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार, देर रात शहर के संवेदनशील स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पीसी सेठी अस्पताल की ओर से नवलखा की तरफ जा रही काले रंग की स्कॉर्पियो को पुलिसकर्मियों ने रुकने का इशारा किया। आरोप है कि चालक ने वाहन की रफ्तार कम करने के बजाय उसे और तेज कर दिया और सीधे पुलिस स्टॉपर में टक्कर मार दी। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात कॉन्स्टेबल लाल साहब और हेड कॉन्स्टेबल राजेश मिश्रा वाहन की चपेट में आ गए और घायल हो गए। टक्कर के बाद चालक कार को लेकर तिलक नगर मार्ग की तरफ तेजी से भाग निकला।

    घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने वायरलेस सेट के जरिए आगे तैनात पुलिस बल को जानकारी दी और स्कॉर्पियो का पीछा शुरू कर दिया। तिलक नगर क्षेत्र में पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रोक लिया और उसमें सवार दोनों युवकों को पकड़ लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो को भी जब्त कर लिया है। जांच के दौरान कार के आगे वाले हिस्से पर ‘दादा’ लिखा हुआ मिला। संयोगितागंज थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, लापरवाही से वाहन चलाने और पुलिसकर्मियों को चोट पहुंचाने से जुड़ी विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

    हादसे के तुरंत बाद घायल दोनों पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। हेड कॉन्स्टेबल राजेश मिश्रा को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। वहीं कॉन्स्टेबल लाल साहब का उपचार अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति सामान्य और खतरे से बाहर बताई गई है। पुलिस मामले में दोनों युवकों से घटना को लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

  • सलमान खान के सवाल पर अरबाज खान ने नहीं दिया जवाब, इवेंट में पैपराजी से बात टालकर आगे बढ़े

    सलमान खान के सवाल पर अरबाज खान ने नहीं दिया जवाब, इवेंट में पैपराजी से बात टालकर आगे बढ़े


    नई दिल्ली:
    मुंबई में एक इवेंट में पहुंचे अरबाज खान उस समय चर्चा में आ गए, जब पैपराजी ने उनसे उनके भाई सलमान खान को लेकर सवाल किया। अरबाज इवेंट में पैपराजी से बातचीत कर रहे थे और कुछ सवालों के जवाब भी दे रहे थे। हालांकि, जैसे ही उनसे सलमान खान से जुड़ा सवाल पूछा गया, उन्होंने जवाब देने के बजाय उसे टाल दिया और आगे बढ़ गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में अरबाज का यह अंदाज दिखाई दे रहा है। इस घटना के बाद उनके सलमान से जुड़े सवाल पर जवाब नहीं देने की चर्चा होने लगी।

    वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि अरबाज पहले पैपराजी से बातचीत करते हैं। इस दौरान उनसे कई सवाल पूछे जाते हैं और वह उनका जवाब देते नजर आते हैं। लेकिन जब पैपराजी ने सलमान खान के हालिया बयान को लेकर सवाल करने की कोशिश की, तो अरबाज ने उसे नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘एक्सक्यूज मी… थैंक्यू’ और वहां से आगे बढ़ने लगे। सलमान का नाम आते ही उनके इस रुख को वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है। इसके बाद अरबाज फोटो के लिए आगे बढ़ गए और बातचीत खत्म करने की कोशिश की।

    हालांकि, कुछ देर बाद अरबाज पीछे मुड़े और पैपराजी से सवाल किया कि क्या वह सवाल ज्वेलरी से संबंधित था या फिर आज के इवेंट से जुड़ा हुआ था। उन्होंने पूछा, ‘ज्वेलरी से सम्बंधित था? आज के इवेंट से जुड़ा था वो सवाल?’ इसके बाद वह आगे बढ़ गए।अरबाज के इस अंदाज का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने सलमान खान से जुड़े सवाल का कोई जवाब नहीं दिया। वीडियो में उनका पहले बातचीत करना और फिर सलमान से जुड़े सवाल के बाद वहां से आगे बढ़ जाना दिखाई देता है।

    सलमान खान का परिवार अक्सर त्योहारों और पारिवारिक कार्यक्रमों में साथ नजर आता है। हालांकि, कुछ समय से अरबाज खान को परिवार के साथ कम देखा गया है। इस साल गणपति विसर्जन के दौरान सलमान खान और अर्पिता खान ने परिवार के साथ गणेशोत्सव मनाया था। इस दौरान सोहेल खान भी नजर आए, लेकिन अरबाज खान और उनकी पत्नी शूरा खान दिखाई नहीं दीं।

    अब मुंबई के इवेंट में सलमान से जुड़े सवाल पर अरबाज के जवाब नहीं देने के बाद सोशल मीडिया पर दोनों भाइयों और परिवार के बीच रिश्तों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अरबाज की ओर से परिवार में किसी तरह की अनबन को लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है। अरबाज ने दिसंबर 2023 में बॉलीवुड मेकअप आर्टिस्ट शूरा खान से शादी की थी। इस शादी से उनकी एक बेटी सिपारा खान है।
  • जान्हवी कपूर के ‘चुट्टमल्ले’ गाने का AI-मॉर्फ्ड वीडियो वायरल, जूनियर एनटीआर ने कानूनी कार्रवाई की दी चेतावनी

    जान्हवी कपूर के ‘चुट्टमल्ले’ गाने का AI-मॉर्फ्ड वीडियो वायरल, जूनियर एनटीआर ने कानूनी कार्रवाई की दी चेतावनी


    नई दिल्ली: अभिनेत्री जान्हवी कपूर एक बार फिर AI से बनाए गए आपत्तिजनक वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। उनकी फिल्म ‘देवरा’ के गाने ‘चुट्टमल्ले’ का एक AI-मॉर्फ्ड वर्जन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जान्हवी कपूर के चेहरे और लुक को डिजिटल तकनीक की मदद से बदला गया है और ऐसा कंटेंट तैयार किया गया है, जो मूल गाने का हिस्सा नहीं था। वीडियो सामने आने के बाद फिल्म में जान्हवी के साथ नजर आए जूनियर एनटीआर ने इस मामले पर कड़ी नाराजगी जताई और इसे लेकर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।

    जूनियर एनटीआर ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए AI से तैयार किए गए इस मॉर्फ्ड वीडियो को बेहद आपत्तिजनक और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान करने वाली संस्कृति में किसी महिला को इस तरह अपमानित करने के लिए AI का इस्तेमाल करना गंभीर मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस मामले में चुप नहीं बैठेंगे। जूनियर एनटीआर ने वीडियो बनाने वालों के साथ-साथ उसे फैलाने वालों के खिलाफ भी हर संभव कानूनी कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस तरह के कंटेंट को न देखें, न शेयर करें और न ही उस पर किसी तरह का रिएक्शन या एंगेजमेंट करें।

    जूनियर एनटीआर ने AI के गलत इस्तेमाल को लेकर राज्य सरकारों और भारत सरकार से भी सख्त कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि AI के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े नियम बनाए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आज इस तरह के मामले में कोई और व्यक्ति निशाना बन रहा है, लेकिन भविष्य में किसी की मां, बहन, पत्नी या बेटी भी इसका शिकार हो सकती है। उनका बयान AI तकनीक के गलत इस्तेमाल और इससे जुड़े आपत्तिजनक डिजिटल कंटेंट को लेकर चिंता के बीच सामने आया है।

    ‘चुट्टमल्ले’ फिल्म ‘देवरा’ का रोमांटिक गाना है, जिसमें जूनियर एनटीआर और जान्हवी कपूर नजर आए थे। गाने में दोनों किरदारों के बीच की केमिस्ट्री दिखाई गई है। इसे समुद्र और जंगलों की लोकेशन पर फिल्माया गया था और कहानी को महिला किरदार के नजरिए से दिखाया गया था। इस गाने को अनिरुद्ध रविचंदर ने कंपोज किया, जबकि इसके बोल रामजोगय्या शास्त्री ने लिखे और शिल्पा राव ने इसे आवाज दी। इसकी कोरियोग्राफी बॉस्को मार्टिस ने की थी। गाना तमिल, हिंदी, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज हुआ था।

    फिल्म ‘देवरा’ में जूनियर एनटीआर ने डबल रोल निभाया था और देवरा तथा वरधा के किरदार में नजर आए थे। फिल्म में जान्हवी कपूर के अलावा सैफ अली खान, प्रकाश राज, श्रीकांत मेका, टॉम शाइन चाको और नारायण जैसे कलाकार भी शामिल थे। फिल्म 27 सितंबर 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इसका निर्माण एनटीआर आर्ट्स और युवासुधा आर्ट्स के बैनर तले कोसाराजू हरि कृष्णा और सुधाकर मिक्किलिनेनी ने किया था, जबकि नंदमुरी कल्याण राम ने इसे प्रस्तुत किया था। फिल्म तेलुगु के अलावा तमिल, मलयालम, कन्नड़ और हिंदी में रिलीज हुई थी। इसका अंत क्लिफहैंगर के साथ हुआ था।

  • झांसी में इलाज के लिए चार घंटे तक गुहार लगता रहा पति, पत्नी को नर्सिंगहोम के बाहर जमीन पर लिटाकर मांगी मदद

    झांसी में इलाज के लिए चार घंटे तक गुहार लगता रहा पति, पत्नी को नर्सिंगहोम के बाहर जमीन पर लिटाकर मांगी मदद

    झांसी। गंभीर हालत में पत्नी को लेकर इलाज की उम्मीद में नर्सिंगहोम पहुंचे पति की बेबसी का शुक्रवार को गुमनावारा में मार्मिक नजारा देखने को मिला। आरोप है कि डॉक्टर और कर्मचारी नर्सिंगहोम पर ताला लगाकर चले गए, जबकि पति करीब चार घंटे तक पत्नी को बाहर जमीन पर लिटाकर इलाज की गुहार लगाता रहा।

    महिला की हालत देखकर मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी गई। इसके बाद डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष अग्निहोत्री मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिला को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया। डिप्टी सीएमओ ने पुलिस के साथ नर्सिंगहोम की जांच कर संबंधित दस्तावेज कब्जे में लिए।

    प्रथम दृष्टया उन्होंने मामले को चिकित्सकीय नैतिक मानकों के विपरीत बताया। सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी के आदेश पर नर्सिंगहोम का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया है। नर्सिंगहोम संचालक और संबंधित डॉक्टर को शनिवार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर कार्रवाई की बात कही गई है।

    जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद बिगड़ी हालत
    निवाड़ी निवासी राहुल आदिवासी ने बताया कि उसकी पत्नी रेखा आदिवासी के गर्भ में जुड़वा बच्चे थे। प्रसव के लिए वह उसे गुमनावारा स्थित नर्सिंगहोम लेकर आया था। वहां महिला डॉक्टर ने ऑपरेशन के जरिए दोनों बच्चों का जन्म कराया।

    राहुल के मुताबिक ऑपरेशन के बाद टांकों में संक्रमण हो गया और मवाद पड़ने लगा। इसके बाद रेखा को कई दिन तक नर्सिंगहोम में भर्ती रखकर उपचार किया गया। घर लौटने के बाद दोबारा परेशानी होने पर राहुल उसे लेकर नर्सिंगहोम पहुंचा। वहां जांच और उपचार के साथ बाहर से भी जांच कराई गई।

    बाद में रेखा को दूसरे नर्सिंगहोम भेजा गया। वहां डॉक्टर ने ऑपरेशन कर मवाद निकाला। कुछ दिन बाद टांकों की जगह से मल आने लगा। इसके बाद राहुल अपनी पत्नी को एक और नर्सिंगहोम लेकर पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने बताया कि अब उसका उपचार एम्स जैसे बड़े संस्थान में ही संभव है।

    सुबह 9 बजे पत्नी को लेकर पहुंचा था
    राहुल के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे वह गंभीर हालत में पत्नी को लेकर संबंधित नर्सिंगहोम पहुंचा था। आरोप है कि उसे भर्ती करने के बजाय डॉक्टर और कर्मचारी नर्सिंगहोम पर ताला लगाकर चले गए।

    राहुल करीब चार घंटे तक पत्नी को नर्सिंगहोम के बाहर जमीन पर लिटाकर इलाज के लिए मदद की गुहार लगाता रहा। उसने बताया कि पत्नी के इलाज के लिए वह अपनी बाइक और जेवर तक गिरवी रख चुका है और अब उसके पास इलाज कराने के लिए पैसे भी नहीं हैं। महिला की गंभीर हालत और पति की बेबसी देखकर आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी गई।

    पुलिस के साथ पहुंचकर डिप्टी CMO ने की जांच
    मामले की जानकारी मिलने पर डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष अग्निहोत्री मौके पर पहुंचे। महिला की हालत को देखते हुए उन्होंने तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कराई और उसे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया। इसके बाद डिप्टी सीएमओ ने पुलिस के साथ नर्सिंगहोम की जांच की और वहां मौजूद संबंधित दस्तावेज कब्जे में लिए। उन्होंने प्रथम दृष्टया पूरे मामले को चिकित्सकीय नैतिक मानकों के विपरीत बताया।

    नोटिस के बाद होगी आगे की कार्रवाई
    डॉ. आशीष अग्निहोत्री के मुताबिक सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी के आदेश पर नर्सिंगहोम का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया है। कोंच निवासी नर्सिंगहोम संचालक और संबंधित डॉक्टर को शनिवार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नोटिस के जवाब की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • लखनऊ: गोमती का जलस्तर बढ़ने से निवासियों की बढ़ी चिंता, प्रशासन से बचाव की तैयारियों की मांग

    लखनऊ: गोमती का जलस्तर बढ़ने से निवासियों की बढ़ी चिंता, प्रशासन से बचाव की तैयारियों की मांग

    लखनऊ। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से एमार गोमती ग्रीन्स के निवासियों की चिंता बढ़ गई है। जलस्तर में और इजाफा होने पर सोसाइटी के आसपास जलभराव की आशंका है, ऐसे में आरडब्ल्यूए ने प्रशासन से समय रहते बचाव की तैयारियां करने और विद्युत सब-स्टेशन समेत अन्य उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

    आरडब्ल्यूए ने जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, नगर निगम और विद्युत विभाग से मौके का निरीक्षण कर संभावित स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम पहले से करने की अपील की है। आरडब्ल्यूए के मुताबिक, गोमती के जलस्तर पर लगातार निगरानी के साथ सोसाइटी के आसपास जलभराव की संभावित जगहों को भी चिह्नित किया जाना चाहिए।

    रात में बढ़ा जलस्तर तो मुश्किल बढ़ सकती है
    आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राज किशोर राजेश ने कहा कि यदि रात के समय भी गोमती का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो किसी आकस्मिक स्थिति में राहत और बचाव शुरू करने में समय लग सकता है। इसलिए प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच तत्काल समन्वय जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ते ही बिना देरी के राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

    उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए संभावित जलभराव वाले स्थानों पर पहले से पंप और जनरेटर की व्यवस्था की जानी चाहिए। साथ ही राहत एवं बचाव से जुड़े जरूरी उपकरण भी तैयार रखे जाएं।

    अफवाहों पर ध्यान न दें, आधिकारिक सूचना मानें
    आरडब्ल्यूए ने स्पष्ट किया कि प्रशासन से तैयारियां करने की मांग का उद्देश्य किसी तरह की दहशत फैलाना नहीं है। यह संभावित जोखिम को देखते हुए समय रहते संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया जा रहा है।

    निवासियों से भी अपील की गई है कि वे गोमती के बढ़ते जलस्तर को लेकर किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें। प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य अधिकृत एजेंसियों की ओर से जारी सूचनाओं को ही सही मानें।

    सब-स्टेशन और बिजली उपकरणों की सुरक्षा पर जोर
    गोमती का जलस्तर बढ़ने पर सोसाइटी की विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका है। इसे देखते हुए आरडब्ल्यूए ने विद्युत विभाग से इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन और अन्य विद्युत उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा करने की मांग की है।

    आरडब्ल्यूए ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी पहले से रखी जाए, ताकि जलभराव की स्थिति में सोसाइटी के निवासियों को अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।

    आरडब्ल्यूए ने सुझाए ये इंतजाम
    – गोमती नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जाए।
    – सोसाइटी के आसपास जलभराव वाले संभावित स्थानों का निरीक्षण किया जाए।
    – जरूरत वाले स्थानों पर पंप और जनरेटर की व्यवस्था पहले से रखी जाए।
    – राहत एवं बचाव से जुड़े उपकरण तैयार रखे जाएं।
    – आपदा प्रबंधन टीम के संपर्क नंबर निवासियों को उपलब्ध कराए जाएं।
    – जरूरत पड़ने पर निकासी और बचाव की योजना तत्काल लागू करने की तैयारी रखी जाए।

  • अनूपपुर में युवक ने मां, नाना-नानी और मासूम बहन समेत चार को लाठी-डंडों से पीटा, चार की मौत; कई घायल

    अनूपपुर में युवक ने मां, नाना-नानी और मासूम बहन समेत चार को लाठी-डंडों से पीटा, चार की मौत; कई घायल


    मध्य प्रदेश: के अनूपपुर जिले के ग्राम अमोदा बिजौरा में शनिवार को लाठी-डंडों से किए गए हमले में चार लोगों की मौत की सूचना है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। बताया गया है कि ग्राम मरदरी, थाना नौरोजाबाद निवासी प्रेम सिंह करीब एक सप्ताह पहले अपनी मां अनुपिया बाई के साथ अमोदा बिजौरा स्थित अपने नाना-नानी के घर आया था। सनी धाम के समीप शुक्रवार को किसी बात को लेकर उसका वहां के पंडा गंगा सिंह से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर प्रेम सिंह ने कथित तौर पर गंगा सिंह के साथ मारपीट की। इसके बाद ग्रामीणों ने युवक को पकड़ लिया और उसके नाना-नानी के घर ले जाकर रस्सी से बांध दिया।

    बताया जा रहा है कि प्रेम सिंह को रस्सी से बंधा देखकर उसकी मां अनुपिया बाई ने उसे खोल दिया। इसके बाद युवक ने कथित तौर पर अपनी ही मां पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। उसने अपने नाना संपत और नानी भन्नी को भी निशाना बनाया। हमले में मां, नाना और नानी की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने अपने मामा चैन सिंह समेत परिवार के अन्य सदस्यों पर भी हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।

    इस हमले में करीब पांच वर्षीय मुनका सिंह, भारती सिंह और चंचल समेत कई लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल उपचार के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इलाज के दौरान करीब पांच वर्षीय मुनका सिंह ने दम तोड़ दिया। इस तरह घटना में मृतकों की संख्या चार होने की सूचना है। इसी घटनाक्रम में सनी धाम के पंडा गंगा सिंह भी घायल हुए हैं। उन्हें भी उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है।

    वारदात की सूचना मिलते ही अनूपपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। घटनास्थल पर उमरिया और अनूपपुर, दोनों जिलों की पुलिस मौजूद रही। पुलिस ने आरोपी प्रेम सिंह को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है और वारदात के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।

    पुलिस द्वारा मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने और घायलों के बयान दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। आरोपी ने परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों पर किस वजह से हमला किया, इसकी जानकारी पूछताछ और जांच के बाद सामने आने की बात कही जा रही है। घटना के बाद अमोदा बिजौरा और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।

  • राजा रघुवंशी के दोस्त अर्पित चौहान ने की आत्महत्या, साले के घर में फांसी लगाकर दी जान

    राजा रघुवंशी के दोस्त अर्पित चौहान ने की आत्महत्या, साले के घर में फांसी लगाकर दी जान


    इंदौर: के चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के बाद अब उनके करीब 8 से 10 साल पुराने दोस्त अर्पित चौहान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। अर्पित ने अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र स्थित अपने साले के घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह मूल रूप से एरोड्रम थाना क्षेत्र के अरिहंत नगर का रहने वाला था। राजा की मौत के बाद अर्पित उनके हिस्से का ट्रांसपोर्ट कारोबार संभाल रहा था। घटना के बाद राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने अर्पित की मौत के कारणों की गहराई से जांच किए जाने की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की परिस्थितियों और अर्पित की मौत के कारणों की जांच कर रही है।

    राजा रघुवंशी की मौत के बाद उनके ट्रांसपोर्ट कारोबार की जिम्मेदारी अर्पित चौहान ने संभाली थी। राजा के भाई विपिन रघुवंशी के मुताबिक, राजा, अर्पित और विपिन का साला मिलकर ट्रांसपोर्ट का काम देखते थे। राजा की मौत के बाद अर्पित ने उनके हिस्से का पूरा काम संभाल लिया था। विपिन ने बताया कि अर्पित और राजा की दोस्ती करीब 8 से 10 साल पुरानी थी। राजा की मौत के बाद भी अर्पित उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा रहा और परिवार के सदस्य की तरह उनकी जिम्मेदारियों में साथ देता रहा। इसी वजह से परिवार के लोगों के साथ उसका करीबी संबंध बना हुआ था।

    विपिन रघुवंशी ने बताया कि वह अर्पित को अपने छोटे भाई की तरह मानते थे। उनके मुताबिक, जब राजा के बड़े भाई सचिन रघुवंशी के घर बेटे का जन्म हुआ था, तब परिवार ने इसे राजा का पुनर्जन्म मानते हुए खुशी मनाई थी। इस दौरान अर्पित भी परिवार के साथ था और वह इस मौके पर बेहद खुश था। विपिन ने यह भी बताया कि राजा की शादी की खरीदारी के दौरान अर्पित उनके साथ रहता था। राजा की शादी से जुड़े कार्यक्रमों के लिए जो कपड़े उन्होंने पसंद किए थे, अर्पित ने भी अपनी शादी के कार्यक्रमों के लिए उनसे मिलते-जुलते कपड़े खरीदे थे। इन घटनाओं से दोनों दोस्तों के बीच लंबे समय से चले आ रहे करीबी संबंधों का पता चलता है।

    अर्पित की मौत के बाद अब इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। परिवार के मुताबिक, राजा की मौत के बाद अर्पित उनके ट्रांसपोर्ट कारोबार की जिम्मेदारी संभाल रहा था और परिवार के साथ भी संपर्क में था। ऐसे में उसने यह कदम क्यों उठाया, इसे लेकर उसके करीबी लोग सवाल कर रहे हैं। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि अर्पित की मौत की गहराई से जांच होना जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसने आत्महत्या जैसा कदम किन परिस्थितियों में उठाया। अर्पित ने अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र स्थित अपने साले के घर में फांसी लगाई। पुलिस अब घटना से जुड़ी परिस्थितियों और मौत के कारणों की जांच कर रही है। इस घटना ने राजा रघुवंशी के परिवार और उनके करीबी लोगों के बीच एक और सवाल खड़ा कर दिया है।

  • यूपी में सपा ने बदले दो MLC प्रत्याशी: आगरा से आकाश अग्रवाल, गोरखपुर-फैजाबाद से संजयन त्रिपाठी

    यूपी में सपा ने बदले दो MLC प्रत्याशी: आगरा से आकाश अग्रवाल, गोरखपुर-फैजाबाद से संजयन त्रिपाठी


    लखनऊ।
    उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपने दो प्रत्याशियों को बदल दिया है। पार्टी ने आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल और गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. संजयन त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है।

    सपा ने इससे पहले आगरा खंड शिक्षक सीट से प्रकाश चंद्र गुप्ता और गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक सीट से कमलेश यादव को प्रत्याशी घोषित किया था। अब दोनों नामों को बदलकर नए उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि यह बदलाव पहले घोषित प्रत्याशियों की सहमति से किया गया है।

    भाजपा से टिकट नहीं मिला तो संजयन ने दाखिल किया था नामांकन

    गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक सीट पर डॉ. संजयन त्रिपाठी का नाम पहले भाजपा के संभावित दावेदारों में था। भाजपा ने इस सीट से मौजूदा एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को अपना प्रत्याशी बनाया। इसके बाद संजयन त्रिपाठी ने अलग से चुनाव लड़ने का ऐलान किया था और 2 अक्टूबर को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भी दाखिल किया था।

    अब सपा ने उन्हें अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इस घटनाक्रम से गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट का चुनावी मुकाबला भी बदल गया है। ध्रुव कुमार त्रिपाठी को भाजपा ने 29 सितंबर को प्रत्याशी घोषित किया था। वह इस सीट से तीन बार एमएलसी रह चुके हैं।

    आकाश अग्रवाल की भी बदली राजनीतिक भूमिका

    आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. आकाश अग्रवाल मौजूदा निर्दलीय एमएलसी हैं। 2020 के चुनाव में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज की थी। इस बार भाजपा से टिकट की दावेदारी के बीच अब वह सपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरेंगे।

    सपा ने पहले इसी सीट से प्रकाश चंद्र गुप्ता को प्रत्याशी बनाया था। वहीं आगरा खंड स्नातक सीट अलग निर्वाचन क्षेत्र है, जहां पार्टी ने पहले शशांक यादव को प्रत्याशी घोषित किया था।

    23 अक्टूबर को मतदान, 27 को मतगणना

    उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों के लिए चुनाव होना है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं, 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी।

    अखिलेश बोले- नई पीढ़ी भाजपा से नाराज

    प्रत्याशियों के बदलाव के साथ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2024 में समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन ने भाजपा को हराया था और इस बार पीडीए की ताकत के सामने भाजपा नहीं टिक पाएगी।

    अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के पीडीए में प्रेम, दया और अपनापन है। पार्टी हर दुखी, पीड़ित और अपमानित व्यक्ति के साथ खड़ी है। उन्होंने भाजपा पर समाज के विभिन्न तबकों के शोषण और उन्हें धोखा देने का आरोप लगाया।

    उन्होंने बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नई पीढ़ी और जेन-जी के पास नौकरी और रोजगार नहीं है तथा बेरोजगारी बढ़ रही है। उनके मुताबिक, नई पीढ़ी भाजपा से नाराज है। अखिलेश ने यह भी कहा कि भाजपा समाजवादी पार्टी के विकास कार्यों का मुकाबला नहीं कर सकती।

  • भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत, वैश्विक अनिश्चितता के बीच अर्थव्यवस्था की मजबूती पर वित्त मंत्री सीतारमण का जोर

    भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत, वैश्विक अनिश्चितता के बीच अर्थव्यवस्था की मजबूती पर वित्त मंत्री सीतारमण का जोर

    नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट से पैदा हुई वैश्विक अनिश्चितता का भारत ने सफलतापूर्वक सामना किया है और देश की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है। राष्ट्रीय राजधानी में 5वें कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2026 के विशेष पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत इस दौर से उल्लेखनीय रूप से बेहतर स्थिति में निकला है और उसकी आर्थिक बुनियाद में और मजबूती आई है। उन्होंने वैश्विक सार्वजनिक ऋण का जिक्र करते हुए कहा कि 2025 में यह बढ़कर वैश्विक जीडीपी के करीब 94 प्रतिशत तक पहुंच गया और 2029 तक इसके 100 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।

    उन्होंने कहा कि ऐसे समय में आर्थिक झटके व्यापक आर्थिक प्रणालियों, वितरण तंत्र और राज्य की क्षमता की परीक्षा लेते हैं। वित्त मंत्री के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी 7.8 प्रतिशत बढ़ी, अगस्त 2026 में सीपीआई मुद्रास्फीति करीब 4.8 प्रतिशत रही और पहली तिमाही में चालू खाते का घाटा जीडीपी का 0.5 प्रतिशत रहा।

    सीतारमण ने कहा कि 2014 से सरकार ने सतत विकास के लिए जरूरी क्षमताओं को मजबूत करने पर काम किया है। इनमें राज्य की प्रतिक्रिया देने की क्षमता, अर्थव्यवस्था की उत्पादन क्षमता और नागरिकों तथा उद्यमों की विकास में भागीदारी शामिल है। उन्होंने पहली बुनियाद परिवारों के स्तर पर लचीलेपन को मजबूत करना बताया। उनके अनुसार सरकारी खर्च और योजनाओं को लोगों के जीवन में ठोस सुधार में बदलने, पारदर्शी तंत्र, निगरानी और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन से परिवारों की असुरक्षा के अलग-अलग स्रोतों को कम करने में मदद मिली।

    जन धन-आधार-मोबाइल यानी जेएएम और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर ने लाभार्थियों तक सीधे सहायता पहुंचाने वाली व्यवस्थाओं को मजबूत किया। पीएम आवास योजना, स्वच्छ भारत, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत किए गए कार्यों का भी उन्होंने उल्लेख किया।

    वित्त मंत्री ने दूसरी बुनियाद को आर्थिक अवसरों को उत्पादक गतिविधियों में बदलने की क्षमता बताया। उन्होंने कहा कि वित्त तक पहुंच इसका महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। पीएम मुद्रा योजना के तहत 52 करोड़ से अधिक बिना गारंटी वाले ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जिससे स्वरोजगार और छोटे उद्यमों को समर्थन मिला। पीएम स्वनिधि योजना से रेहड़ी-पटरी वालों को सहायता मिलने का भी उन्होंने उल्लेख किया। सीतारमण के अनुसार, बैंकिंग क्षेत्र में पुनर्पूंजीकरण, संकट वाली परिसंपत्तियों के समाधान, बेहतर प्रशासन और जोखिम प्रबंधन ढांचे के जरिए वित्तीय प्रणाली को मजबूत किया गया है।

    अगस्त 2026 तक के एक वर्ष में गैर-खाद्य ऋण में 18.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना ने कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने, परिचालन और रोजगार बनाए रखने तथा व्यवधान के समय नकदी की कमी से निपटने में मदद की।

    तीसरी बुनियाद के तौर पर सीतारमण ने उस बुनियादी ढांचे को बताया, जो लोगों, कारखानों और बाजारों को जोड़ता है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में अकेले पूंजीगत व्यय के लिए 12.22 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। उनके अनुसार प्रभावी पूंजीगत व्यय 17.15 लाख करोड़ रुपये है, जो जीडीपी का 4.4 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि 2014 से लगातार किए गए निवेश के संचयी परिणाम दिखाई दे रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार करीब 61 प्रतिशत हुआ है, परिचालन रेलवे मार्ग दोगुने से अधिक हो गए हैं और प्रमुख बंदरगाहों की माल ढुलाई क्षमता में करीब 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

    चौथी बुनियाद के रूप में उन्होंने मजबूत सुधारवादी सोच वाले नेतृत्व का उल्लेख किया। सीतारमण ने कहा कि सरकार ने जीएसटी, दिवाला और दिवालियापन संहिता, चार श्रम संहिताओं और जन विश्वास अधिनियमों के जरिए राष्ट्रीय स्तर के ढांचे को आगे बढ़ाया है। उन्होंने परिचालन हवाई अड्डों की संख्या दोगुने से अधिक होने और प्रमुख बंदरगाहों की माल ढुलाई क्षमता में करीब 60 प्रतिशत वृद्धि का भी उल्लेख किया।

  • यूपी में 15 IAS अफसरों के तबादले: जौनपुर-मऊ के CDO बदले, पंचायती राज से मेडिकल सप्लाई तक नई जिम्मेदारियां

    यूपी में 15 IAS अफसरों के तबादले: जौनपुर-मऊ के CDO बदले, पंचायती राज से मेडिकल सप्लाई तक नई जिम्मेदारियां


    लखनऊ।
    उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 15 आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। तबादला सूची में जौनपुर और मऊ के मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है।

    शासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक जौनपुर के मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खांडिया का तबादला कर उन्हें मऊ का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। वहीं मऊ के CDO विवेक कुमार श्रीवास्तव को राजस्व परिषद, प्रयागराज में सदस्य (न्यायिक) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    नरेंद्र बहादुर सिंह होंगे जौनपुर के नए CDO

    जौनपुर में अब नरेंद्र बहादुर सिंह मुख्य विकास अधिकारी की जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे पहले वह लखीमपुर खीरी में अपर जलाधिकारी (वित्त/राजस्व) के पद पर तैनात थे। शासन के इस फेरबदल के बाद जौनपुर और मऊ, दोनों जिलों के विकास प्रशासन में नए अधिकारियों की तैनाती हो गई है।

    पंचायती राज से चिकित्सा शिक्षा तक बदलाव

    तबादला सूची में कई अन्य विभागों के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। अमित कुमार सिंह को निदेशक, पंचायती राज के पद से हटाकर प्रबंध निदेशक, पीसीडीएफ बनाया गया है। वहीं प्रकाश बिंदु को प्रबंध निदेशक, पीसीडीएफ के पद से स्थानांतरित कर सचिव, चिकित्सा शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है।

    इसी क्रम में डॉ. उज्ज्वल कुमार को उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक पद से हटाकर विशेष सचिव एवं निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म बनाया गया है।

    वहीं जे. रिभा को विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म के पद से स्थानांतरित कर प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    शासन के इस प्रशासनिक फेरबदल में पंचायती राज, चिकित्सा शिक्षा, भूतत्व एवं खनिकर्म, मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन समेत कई विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।