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  • राहुल गांधी का खुलासा: मां के कमरे में पूरी रात जागकर बिताया समय

    राहुल गांधी का खुलासा: मां के कमरे में पूरी रात जागकर बिताया समय


    नई दिल्ली।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी मां सोनिया गांधी की तबीयत को लेकर भावुक बयान दिया है। सोनिया गांधी को अस्वस्थ होने के कारण सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां राहुल गांधी पूरी रात उनके साथ अस्पताल के कमरे में मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि वह अपनी मां के कमरे में एक छोटे से सोफे पर सोए और एक बेटे की तरह उनकी सेहत को लेकर बेहद चिंतित थे।

    केरल रैली छोड़ मां के पास रहे

    राहुल गांधी ने केरल में आयोजित एक रैली को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि वह वहां आना चाहते थे, लेकिन मां की तबीयत को देखते हुए उन्हें दिल्ली में ही रुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि एक बेटे के तौर पर उनका फर्ज था कि वह अपनी मां के साथ रहें। उन्होंने भरोसा जताया कि केरल के लोग उनकी स्थिति को समझेंगे।

    नर्स की सेवा से मिली तसल्ली

    राहुल गांधी ने अस्पताल में बिताई रात का जिक्र करते हुए एक खास अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि केरल की एक नर्स हर घंटे आकर सोनिया गांधी की जांच करती थी, उनका हाथ थामती थी और मुस्कुराकर उनका हौसला बढ़ाती थी। राहुल ने कहा कि पूरी रात उन्हें उसी नर्स की सेवा भावना से तसल्ली मिलती रही। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि ऐसी नर्सें न सिर्फ मरीजों की देखभाल करती हैं, बल्कि उनके परिवार को भी मानसिक सहारा देती हैं।

    नर्सों की सेवा भावना की सराहना

    राहुल गांधी ने कहा कि जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब केरल की नर्सें और स्वास्थ्यकर्मी पूरी रात जागकर लोगों की सेवा करते हैं। उन्होंने सुबह नर्स से पूछा कि क्या वह सोती है, तो उसने जवाब दिया कि वह पूरी रात काम करती है। राहुल ने इसे समर्पण और सेवा का बेहतरीन उदाहरण बताया और कहा कि ऐसे लोग समाज की असली ताकत हैं।

    भाजपा-एलडीएफ पर भी साधा निशाना

    अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने राजनीतिक मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि केरल में भाजपा और एलडीएफ के बीच मिलीभगत है। उनका कहना था कि राज्य में असल मुकाबला यूडीएफ और भाजपा-एलडीएफ गठजोड़ के बीच है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दोनों दलों की नीतियों में ज्यादा अंतर नहीं है और वे जनता के प्रति जवाबदेह नहीं हैं।

  • राज्यसभा में तीखी नोकझोंक: जया बच्चन और स्पीकर के बीच गरमागरम बहस

    राज्यसभा में तीखी नोकझोंक: जया बच्चन और स्पीकर के बीच गरमागरम बहस


    नई दिल्ली।बुधवार को राज्यसभा में ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े एक विधेयक पर चर्चा के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन और डिप्टी कमिश्नर पैनल के सदस्य दिनेश शर्मा के बीच माहौल नोकझोंक देखने को मिली। बहस के दौरान जया बच्चन ने असंतोष जताते हुए यहां तक ​​कह दिया कि जितना समय देना है दे दीजिए, फांसी पर चढ़ा दीजिए, जिससे सदन में कुछ देर के लिए हलचल मच गई।

    बोलने के दौरान भटका ध्यान, बताते असंतोष

    दरअसल, जया बच्चन जब विधेयक पर अपनी बात रखने के लिए खड़ी हुईं, उसी दौरान तनावपूर्ण बेंच के कुछ सदस्य आपसी बातचीत करने लगे। इससे उनका ध्यान भटक गया और उन्होंने बीच में ही बोलना रोक दिया। उन्होंने असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि जब कोई बोल रहा हो तो बाकी लोगों को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई और बात करेगा तो ध्यान वहीं होगा और स्पीकर की बात अनसुनी रह जाएगी।

    स्पीकर से माहौल बहस, विवाद बढ़ाएँ

    स्थिति तब और माहौल हो गई जब जया बच्चन ने स्पीकर से कहा कि उन्हें टोकने के बजाय उन सदस्यों पर कार्रवाई की जाए जो बाधाएं पैदा कर रहे हैं। इस पर स्पीकर ने कहा कि सभी को अपनी बात रखने का मौका दिया जाता है। लेकिन जया बच्चन इससे कार्यकर्ता नहीं दिखीं और उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि समय आपके हाथ में है, जितना देना है दे दीजिए, फांसी पर चढ़ा दीजिए, कमजोर लोगों को तो वैसे भी आश्रित जा रहा है। इस दौरान दोनों के बीच कई बार तीखे संवाद हुए।

    विपक्ष ने विधेयक पर उठाए सवाल

    इस बहस के बीच विपक्षी दलों ने ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े इस विधेयक को अन्यायपूर्ण समझाए हुए इसे प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की। जया बच्चन ने भी सवाल उठाया कि बजट सत्र के दौरान इस विधेयक को लाने की क्या जरूरत थी और कहा कि इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना था कि यह समुदाय सामाजिक रूप से पहले ही कमजोर है और उसके साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

    सरकार पर लगे आरोप, पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

    वहीं टीकाकरण कांग्रेस के नेता साकेत गोखले ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह दबाव में फैसला ले रही है और इस मुद्दे पर पूछताछ की जा रही है। दूसरी ओर सत्ता पक्ष ने विरोध पर पलटवार करते हुए कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब उन्होंने इस समुदाय के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच टकराव बहस देखने को मिली।

  • जब सलमान खान के कोरियोग्राफर बने उनके ड्राइवर-कुक, बोनफायर पार्टी की देन था ये फनी डांस मूव

    जब सलमान खान के कोरियोग्राफर बने उनके ड्राइवर-कुक, बोनफायर पार्टी की देन था ये फनी डांस मूव


    नई दिल्ली। साल 2010 में आई सुपरस्टार सलमान खान की फिल्म ‘दबंग’ ने बॉक्स ऑफिस के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। फिल्म न केवल ब्लॉकबस्टर साबित हुई, बल्कि इसने सलमान खान को ‘चुलबुल पांडे’ के रूप में एक नई पहचान दी। इस फिल्म की सक्सेस में मलाइका अरोड़ा पर फिल्माए गए आइटम नंबर ‘मुन्नी बदनाम हुई’ का भी बड़ा हाथ था। यह गाना उन दिनों हर पार्टी और शादी में जरूर बजाया जाता था। गाने में सलमान खान का वो मस्तमौला अंदाज और फनी डांस स्टेप आज भी लोगों को याद है। लेकिन इस गाने के पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है।

    मेकर्स का सोलो प्लान और सलमान की एंट्री
    कम ही लोगों को पता है कि सलमान खान असल में ‘मुन्नी बदनाम हुई’ गाने का हिस्सा होने ही नहीं वाले थे। फिल्म के मेकर्स का शुरुआती प्लान कुछ और ही था। वो चाहते थे कि इस गाने में केवल मलाइका अरोड़ा का सोलो परफॉर्मेंस रहे। मेकर्स को लगा था कि मलाइका का डांस ही गाने में जान फूंकने के लिए काफी है, लेकिन जब सलमान खान ने यह गाना पहली बार सुना, तो उन्हें यह इतना पसंद आ गया कि वह खुद को इसमें शामिल होने से रोक नहीं पाए। उन्होंने मेकर्स के सामने अपनी इच्छा जाहिर की, कि वह भी इस गाने में परफॉर्म करना चाहते हैं।

    मजे-मजे में यूं निकला आइकॉनिक डांस मूव
    गाने में शामिल होने की बात तो तय हो गई, लेकिन अब कोरियोग्राफी तय होनी थी। इसका जवाब सलमान ने खुद ही तलाश लिया। एक दिन वह अपनी टीम के साथ अपने पनवेल वाले फार्म हाउस पहुंचे। वहां उनके साथ उनका ड्राइवर और कुक भी मौजूद थे। सलमान ने रात में बोनफायर जलाया और स्पीकर पर ‘मुन्नी बदनाम हुई’ गाना बजाना शुरू किया। इसके बाद जो हुआ, उसकी उम्मीद शायद खुद भाईजान को भी नहीं थी। सलमान के ड्राइवर्स और कुक ने कुछ स्टेप्स किए, जिन्हें देखकर सलमान खान काफी इंप्रेस हो गए। उन्हें ये स्टेप्स काफी फनी और दिलचस्प लगे। सलमान को वो डांस स्टेप इतने नेचुरल और फन से भरे लगे कि उन्हीं मूव्स को फाइनल कर लिया गया।

    231 करोड़ का बिजनेस और चुलबुल का जादू
    पनवेल के फार्म हाउस की उस बोनफायर पार्टी से निकला वह स्टेप न सिर्फ फिल्म देखने वालों के लिए सरप्राइज बना, बल्कि हमेशा के लिए सलमान खान का सिग्नेचर मूव बन गया। फिल्म के बजट और कमाई की बात करें तो करीब 100 करोड़ रुपये की लागत में बनी ‘दबंग’ ने उस वक्त बॉक्स ऑफिस पर कुल 231 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था।

  • धुरंधर 2 में ACP ओमर का रोल निभाने वाले एक्टर का दावा; पाकिस्तान से आए धमकी भरे मैसेज

    धुरंधर 2 में ACP ओमर का रोल निभाने वाले एक्टर का दावा; पाकिस्तान से आए धमकी भरे मैसेज


    नई दिल्ली। धुरंधर: द रिवेंज बॉक्स ऑफिस पर दुनियाभर में शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म की देश-विदेश में चर्चा हो रही है। धुरंधर 2 में कलाकारों की भी जमकर तारीफ हो रही है। धुरंधर 2 की चर्चाओं के बीच फिल्म में एसीपी ओमर हैदर का किरदार निभाने वाले आदित्य उप्पल ने बताया कि उन्हें पाकिस्तान से भी तारीफें मिल रही हैं। इसी के साथ उन्होंने बताया कि उन्हें पाकिस्तान से जान से मारने की धमकियां भी मिली हैं।

    धुरंधर 2 एक्टर को मिली जान से मारने की धमकी
    डीएनए से खास बातचती में आदित्य उप्पल ने बताया कि कैसे उन्हें पाकिस्तान से धमकी भरे डरावने मैसेज आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से कुछ लोगों ने उन्हें धमकी दी कि अगर वो कभी उनके सामने आ गए तो वो उन्हें छोड़ेंगे नहीं। आदित्य ने कहा कि इनमें से कुछ लोगों को उन्होंने साफ किया कि वो सिर्फ एक एक्टर हैं जिन्होंने फिल्म में बस एक रोल निभाया है।

    रियल लाइफ ओमर के बारे में क्या बोले आदित्य उप्पल
    इसी बातचीत के दौरान आदित्य उप्पल ने बताया कि इंस्टाग्राम पर किसी ने उन्हें असल लाइफ वाले ओमर हैदर से कनेक्ट कराया। उन्होंने कहा कि असल लाइफ वाले ओमर ने उनके रोल को नोटिस किया। आदित्य ने बातचीत में बताया कि असल लाइफ वाले ओमर हैदर आज के वक्त में पाकिस्तान में एसपी के पद पर तैनात हैं।उन्होंने असल लाइफ ओमर हैदर को एक बुद्धिमान व्यक्ति बताया और कहा कि वो कराची में काफी एक्टिव हैं।उन्होंने कहा कि उन्हें ये भी पता चला है असल लाइफ वाले ओमर हैदर ने उनकी इंस्टाग्राम प्रोफाइल देखी थी, लेकिन उनकी प्राइवेसी का सम्मान करते हुए उन्होंने उनको डायरेक्टली मैसेज नहीं किया।

    पाकिस्तान के लोगों से मिल रही प्रशंसा
    आदित्य उप्पल ने बताया कि पाकिस्तान से धमकी भरे मैसेज के बीच कई लोग उनकी तारीफ भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दुबई में रहने वाले एक ग्लोबल ब्रांड के प्रमुख सीईओ, जो जन्म से पाकिस्तानी हैं, इंस्टाग्राम पर नियमित रूप से उन्हें मैसेज भेजकर फिल्म की प्रशंसा कर रहे हैं। ग्लोबल ब्रांड की इसी सीईओ ने आदित्य उप्पल को रियल लाइफ ओमर हैदर से कनेक्ट भी कराया है।

    धुरंधर 2 का बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस
    धुरंधर 2 की बात करें तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत ही शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने दुनियाभर में 950 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है। वहीं, भारत में फिल्म की कमाई 500 करोड़ से कई अधिक हो चुकी है। धुरंधर 2 की बात करें तो फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म का पहला पार्ट पिछले साल सिनेमाघरों में रिलीज हुआ था। फिल्म के दूसरे पार्ट में को पहले पार्ट से कई ज्यादा प्यार मिल रहा है।।

  • घंटों लंबी फिल्में, लेकिन नहीं चला जादू! जानें सबसे लंबी हिंदी फिल्मों की लिस्ट

    घंटों लंबी फिल्में, लेकिन नहीं चला जादू! जानें सबसे लंबी हिंदी फिल्मों की लिस्ट


    नई दिल्ली। धुरंधर 2 सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। सोशल मीडिया पर कई वजहों से इस फिल्म की चर्चा हो रही है। इन वजाहों में से एक वजह है फिल्म का रनटाइम। रणवीर सिंह की धुरंधर 2 का रनटाइम लगभग चार मिनट का है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन भी कर रही है। धुरंधर 2 का नाम टॉप 5 सबसे लंबी हिंदी फिल्मों की लिस्ट में शामिल हो गया है। आइए जानते हैं धुरंधर 2 के अलावा इस लिस्ट में और कौन सी फिल्में शामिल हैं।

    एलओसी: कारगिल: लिस्ट में सबसे पहला नंबर साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म एलओसी: कारगिल का है। इस फिल्म का रनटाइम 4 घंटे 15 मिनट था। यह एक मल्टीस्टारर वॉर ड्रामा फिल्म थी। फिल्म में संजय दत्त, अजय देवगन, अक्षय खन्ना, अभिषेक बच्चन, सुनील शेट्टी, सैफ अली खान, मनोज बाजपेयी और सुदेश बैरी जैसे कलाकार नजर आए थे। boxofficeindia.com के मुताबिक, फिल्म का बजट 33 करोड़ था। वहीं, फिल्म ने भारत में 26.53 करोड़ (ग्रॉस) कमाई की थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई थी। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 5.5 है।

    मेरा नाम जोकर: लिस्ट में दूसरे नंबर पर 1970 में आई फिल्म मेरा नाम जोकर है। फिल्म में राज कपूर, मनोज कुमार और सिमी गरेवाल नजर आई थीं। फिल्म का रनटाइम 4 घंटे 13 मिनट का था। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 7.9 है। ये फिल्म जब रिलीज हुई थी तब बॉक्स ऑफिस पर बड़ी फ्लॉप साबित हुई थी। हालांकि, आज इस फिल्म की गिनती कल्ट फिल्मों में होती है।

    धुरंधर 2: इस लिस्ट में चौथे नंबर पर रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 है। फिल्म हाल ही में रिलीज हुई है। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 8.7 है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर रही है। फिल्म ने खबर लिखे जाने तक (25 मार्च, शाम 5 बजे तक) 598.47 करोड़ की कमाई कर ली है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित होगी। फिल्म का रनटाइम 3 घंटे 49 मिनट है।

    संगम: लिस्ट में तीसरे नंबर पर साल 1964 में रिलीज हुई फिल्म संगम है। इस फिल्म का रनटाइम 3 घंटे 58 मिनट था। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 7.3 है। sacnilk.com के मुताबिक, फिल्म ने भारत में 3.90 करोड़ (नेट) की कमाई की थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 7.3 है।

    लगान: लिस्ट में 5वें नंबर पर आमिर खान की फिल्म लगान है। फिल्म साल 2001 में रिलीज हुई थी। फिल्म का रनटाइम 3 घंटे 44 मिनट है। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 8.1 है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई थी। फिल्म ने भारत में 55.63 करोड़ (ग्रॉस) की कमाई की थी।

  • 50 पैसे का सिक्का 17,000 रुपये में नीलाम… ईरान की मदद के लिए 5 साल के बच्चे ने गुल्लक से किया था दान

    50 पैसे का सिक्का 17,000 रुपये में नीलाम… ईरान की मदद के लिए 5 साल के बच्चे ने गुल्लक से किया था दान


    नई दिल्ली।
    कश्मीर (Kashmir) की वादियों से इंसानियत और मासूमियत की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है। श्रीनगर के डल झील (Dal Lake, Srinagar) स्थित ‘मीर बहरी’ इलाके में युद्ध प्रभावित ईरान के लिए आयोजित एक डोनेशन अभियान (Donation Campaign) के दौरान 50 पैसे का एक पुराना सिक्का 17,000 में नीलाम हुआ। यह सिक्का एक 5 साल के बच्चे ने अपने गुल्लक से दान किया था।

    युद्ध की विभीषिका झेल रहे लोगों की मदद के लिए इलाके में चंदा इकट्ठा किया जा रहा था। इसी दौरान एक पांच साल का बच्चा अपनी ‘पिगी बैंक’ (गुल्लक) लेकर पहुंचा। जब गुल्लक खोली गई, तो उसमें से अन्य पैसों के साथ 50 पैसे का एक सिक्का भी निकला, जो आजकल चलन में लगभग न के बराबर है। बच्चे की इस मासूम कोशिश ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।


    17,000 की ऐतिहासिक नीलामी

    बच्चे की भावना का सम्मान करने के लिए स्थानीय लोगों ने उस 50 पैसे के सिक्के की नीलामी करने का फैसला किया। देखते ही देखते बोली बढ़ती गई और अंत में यह दुर्लभ सिक्का 17,000 रुपये में नीलाम हुआ। सिक्के से प्राप्त यह पूरी राशि ईरान में राहत कार्यों के लिए भेजी जाएगी।

    स्थानीय निवासी जावेद अहमद सूफी ने बच्चे के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह घटना दर्शाती है कि दान का महत्व उसकी कीमत से नहीं, बल्कि देने वाले की भावना से तय होता है। उन्होंने कहा, “एक बच्चे के लिए उसकी गुल्लक की जमापूंजी सबसे कीमती होती है। अपनी सबसे प्रिय चीज को दूसरों की मदद के लिए दे देना ही सच्ची दयालुता है।”

    डाल झील के किनारे घटित इस वाकये की चर्चा पूरे श्रीनगर में हो रही है। लोग इस नन्हे फरिश्ते की तारीफ कर रहे हैं, जिसकी एक छोटी सी बचत ने युद्ध पीड़ितों की मदद के लिए एक बड़ी राशि जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • बॉलीवुड में रिकॉर्ड: भारत का एकमात्र मेल स्टार जिसने जीता बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड

    बॉलीवुड में रिकॉर्ड: भारत का एकमात्र मेल स्टार जिसने जीता बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड


    नई दिल्ली।भारत का इकलौता मेल एक्टर जिसे मिला बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड, रच दिया था अनोखा इतिहास
    आज हम आपको एक ऐसे मेल एक्टर के बारे में बताने वाले हैं जिन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला था वो भी नेशनल नहीं बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर।

    बॉलीवुड एक्टर
    कई एक्टर्स अपने काम से ना सिर्फ भारत बल्कि विदेश में भी अपनी पहचान बनाते हैं। अब आज हम आपको एक ऐसे ही एक्टर के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने अपनी एक्टिंग से इंटरनेशनल अवॉर्ड जीता वो भी एक ऐसी कैटेगरी से जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी।

    निर्मल पांडे
    जिस एक्टर की हम बात कर रहे हैं वह हैं निर्मल पांडे। निर्मल जिन्हें आपने कई हिंदी फिल्मों में विलन के रूप में देखा होगा। आज उनसे जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा आपको बताते हैं।

    फिल्म दायरा
    निर्मल को एक बार बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला था वो भी उनकी फिल्म दायरा के लिए। दरअसल, दायरा में निर्मल ने किन्नर का किरदार निभाया था। फिल्म में निर्मल के साथ सोनाली कुलकर्णी लीड रोल में थीं। दोनों एक्टर्स की काफी तारीफ हुई थी।

    बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड
    वहीं वैलेनसियनेस फिल्म फेस्टिवल फ्रांस 1997 में निर्मल और सोनाली को इस फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला था।

    लंदन में किया थिएटर
    निर्मल की बात करें तो उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में ग्रेजुएशन की। इसके बाद वह लंदन चले गए थिएटर के लिए।

    इस फिल्म से किया डेब्यू
    लंदन से वापस आने के बाद निर्मल ने फिर 1994 में आई शेखर कपूर की फिल्म बैंडिट क्वीन से डेब्यू किया था।

    इन हिट फिल्मों में किया काम
    निर्मल ने अपने करियर में प्यार किया तो डरना क्या, वन टू का फोर, हद कर दी आपने जैसी मूवीज में काम किया है।

    जल्द किया दुनिया को अलविदा
    निर्मल ज्यादा लाइफ नहीं जी सके और साल 2010 में 47 की उम्र में उनका निधन हो गया था। निर्मल के निधन के बाद उनकी आखिरी फिल्म लाहौर रिलीज हुई थी।

  • आईपीएल के इतिहास में किस टीम ने खेला सबसे ज्यादा मैच? सीएसके पर 2 साल का प्रतिबंध नहीं लगा तो बनी नंबर-1 टीम

    आईपीएल के इतिहास में किस टीम ने खेला सबसे ज्यादा मैच? सीएसके पर 2 साल का प्रतिबंध नहीं लगा तो बनी नंबर-1 टीम


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का आगाज होने में दो ही दिन का समय रह गया है। 19वें सीजन का पहला मैच 28 मार्च को डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा। इस नए सीजन के आगाज से पहले हम आपके लिए आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली टीमों की लिस्ट लेकर आए हैं। इस लिस्ट में 5 बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स, जो आईपीएल के इतिहास की सबसे पुरानी टीमों में से एक हैं, वह फिलहाल लिस्ट में 6ठे पायदान पर है। अगर सीएसके पर दो साल का बैन नहीं लगा होता तो वह इस लिस्ट में नंबर-1 होती। चेन्नई के नाम आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा फाइनल खेलने का भी रिकॉर्ड है।

    6 टीमों ने खेले 250 से अधिक मैच
    आईपीएल के इतिहास में 6 टीमें ऐसी है जिन्होंने 250 से अधिक मैच खेले हैं। इसमें सीएसके 253 मैचों के साथ सबसे अखिरी पायदान पर हैं। वहीं उनके ऊपर दिल्ली कैपिटल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, मुंबई इंडियंस, पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु जैसी टीमें हैं।

    मुंबई इंडियंस ने खेले सबसे ज्यादा IPL मैच
    5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस के नाम आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा 277 मैच खेलने का रिकॉर्ड है। MI इस दौरान 151 मैच जीती, वहीं 122 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। मुंबई इंडियंस आईपीएल के इतिहास में 150 से अधिक मैच जीतने वाली भी एकमात्र टीम है।

    आईपीएल में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली टीमें
    मुंबई इंडियंस के बाद इस लिस्ट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु है, जिन्होंने आईपीएल में 271 मैच खेले हैं। वहीं दिल्ली कैपिटल्स ने 266, कोलकाता नाइट राइडर्स ने 265, पंजाब किंग्स ने 263 और चेन्नई सुपर किंग्स ने 253 मैच खेले हैं।

    राजस्थान रॉयल्स ने खेले कितने मैच?
    2008 से आईपीएल का हिस्सा रहीं आईपीएल की सभी टीमों में से राजस्थान रॉयल्स एकमात्र ऐसी टीम है जिसने 250 से कम मैच खेले हैं। आरआर ने इस रंगारंग लीग में अभी तक 236 मैच खेले हैं, जिसमें 114 में उन्हें जीत मिली है, वहीं 115 में हार का सामना करना पड़ा है। राजस्थान पर भी आईपीएल में 2 साल का बैन लगा था।

  • मोहम्मद कैफ बोले: कप्तानी विवाद में हार्दिक के साथ न्याय होना चाहिए

    मोहम्मद कैफ बोले: कप्तानी विवाद में हार्दिक के साथ न्याय होना चाहिए

    नई दिल्ली। मुंबई इंडियंस में सूर्यकमार यादव को कप्तान बनाने की चर्चाओं को लेकर कैफ ने क्रिस श्रीकांत और अश्विन से एकदम उलट बात कही है। उन्होंने कहा है कि मुंबई इंडियंस को इतनी जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहिए। फ्रेंचाइजी यह ध्यान रखे कि जैसा उन्होंने रोहित के साथ किया था वैसा ही हार्दिक के साथ ना हो जाए।
    आईपीएल 2026 के लिए मुंबई इंडियंस की कप्तानी हार्दिक पांड्या के हाथों में है। हालांकि, सूर्यकुमार यादव के टी-20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करने और हार्दिक पांड्या के बतौर कप्तान पिछले दो सीजन में अच्छा प्रदर्शन ना करने के कारण कई लोगों को ऐसा लगता है कि सूर्यकुमार यादव को आगामी सीजन के लिए मुंबई इंडियंस की कप्तानी करनी चाहिए।
    हाल ही में 1983 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे कृष्णमाचारी श्रीकांत ने कहा कि हार्दिक को या तो खुद सूर्यकुमार यादव को कप्तानी दे देनी चाहिए या अब सही समय आ गया है जब फ्रेंचाइजी को सूर्यकुमार यादव को कप्तान बना देना चाहिए। यह मुंबई इंडियंस के लिए काफी अच्छा होगा। बीते दिनों अश्विन ने भी कुछ ऐसी ही बात कही थी। पूर्व भारतीय स्पिनर ने अपने यूट्यूब चैनल पर खेल पत्रकार विमल कुमार के साथ चर्चा के दौरान कहा था कि सूर्यकुमार यादव को मुंबई इंडियस का कप्तान बनना चाहिए था।

    पिछली गलतियों को ना दोहराए मुंबई इंडियंस
    इन सब चर्चाओं के बीच पूर्व भारतीय बल्लेबाज और दुनिया के सबसे बेहतरीन फील्डरों में से एक मोहम्मद कैफ ने क्रिस श्रीकांत और अश्विन से एकदम उलट बात कही है। उन्होंने कहा है कि मुंबई इंडियंस को इतनी जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहिए। कैफ ने यह भी जोडा कि फ्रेंचाइजी यह ध्यान रखे कि जैसा उन्होंने रोहित शर्मा के साथ किया था वैसा ही हार्दिक के साथ ना हो जाए। इससे टीम में अस्थिरता आती है और प्रदर्शन पर साफ असर पड़ता है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने अपने यूट्यब चैनल पर पांच बार के चैंपियन क्लब से हार्दिक के साथ धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया और पिछली गलतियों को न दोहराने की चेतावनी दी। उन्होंने पिछले सीजन में टीम को प्लेऑफ में काफी आगे तक ले जाने के बाद एक लीडर के रूप में हार्दिक पांड्या की प्रगति का समर्थन किया।

    हार्दिक के साथ रोहित जैसा बर्ताव ना हो
    कैफ ने कहा “मुझे नहीं लगता कि मुंबई इंडियंस को वही गलती दोबारा करनी चाहिए। रोहित शर्मा को हटाकर हार्दिक पांड्या को टीम में शामिल करने के बाद उनका प्रदर्शन खराब रहा। हार्दिक पांड्या अब अपनी भूमिका में सहजता से ढल रहे हैं। उन्होंने पिछले साल क्वालीफायर 2 खेला था। इसलिए, कप्तान के तौर पर हार्दिक पांड्या ने अच्छा काम किया।” अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए, कैफ ने मुंबई इंडियंस को जल्दबाजी में नेतृत्व संबंधी निर्णय लेने के खिलाफ आगाह किया, यह बताते हुए कि रुझान कितनी तेजी से बदलते हैं और चेतावनी दी कि सूर्यकुमार जैसे अगले बड़े विकल्प का पीछा करने से बार-बार अस्थिरता आ सकती है। उन्होंने कहा कि “सूर्यकुमार यादव एक विकल्प हैं, लेकिन हार्दिक के साथ वैसा बर्ताव नहीं होना चाहिए जैसा उन्होंने रोहित शर्मा के साथ किया था। उन्होंने कहा था कि अब हमारे पास हार्दिक पांड्या हैं, जिन्होंने गुजरात को चैंपियन बनाया, इसलिए अब वही कप्तान बनेंगे। उस समय हार्दिक चर्चा का विषय थे और उन्हें आगे बढ़ा दिया गया था। अब सूर्यकुमार यादव चर्चा का विषय हैं। अगले साल कोई और होगा, तो क्या आप सूर्या को हटा देंगे?”

  • दर्द-बुखार से लेकर 1000 से ज्यादा जरूरी दवाएं होंगी महंगी…. 1 अप्रैल से बढ़ जाएंगी कीमतें

    दर्द-बुखार से लेकर 1000 से ज्यादा जरूरी दवाएं होंगी महंगी…. 1 अप्रैल से बढ़ जाएंगी कीमतें


    नई दिल्ली।
    आम लोगों की जेब पर एक और असर पड़ने वाला है। 1 अप्रैल 2026 से पेरासिटामोल (Paracetamol), एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) और अन्य जरूरी दवाओं के दाम बढ़ने जा रहे हैं। सरकार ने आवश्यक दवाओं (Necessary Medicines) की राष्ट्रीय सूची (NLEM) में शामिल दवाओं की कीमतों में करीब 0.6% तक बढ़ोतरी की अनुमति दे दी है। यह बढ़ोतरी 1000 से ज्यादा आवश्यक दवाओं पर लागू होगी।

    राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (National Pharmaceutical Pricing Authority-NPPA) ने बताया, “वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार विभाग में आर्थिक सलाहकार कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आंकड़ों के आधार पर, वर्ष 2025 के दौरान वर्ष 2024 की समान अवधि की तुलना में WPI में वार्षिक बदलाव (+) 0.64956% है।” समायोजित कीमतें NLEM की 1,000 से अधिक दवाओं पर लागू होंगी।

    कौन-कौन सी प्रमुख दवाओं पर पड़ेगा असर
    सूचीबद्ध (नियंत्रित) दवाओं के दामों में बदलाव की अनुमति साल में एक बार दी जाती है। आवश्यक दवाओं की सूची में पेरासिटामोल, बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन, खून की कमी (एनीमिया) की दवाएं, विटामिन और खनिज (मिनरल) जैसी दवाएं शामिल हैं। कोविड-19 के मध्यम से गंभीर रोगियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं और स्टेरॉयड भी इस सूची में हैं।

    फार्मा उद्योग के एक अधिकारी के अनुसार, यह मामूली बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब ईरान युद्ध के कारण बढ़ती इनपुट यानी कच्चे माल की लागत ने उद्योग के मुनाफे के मार्जिन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।


    पैरासिटामोल में 25% और सिप्रोफ्लोक्सासिन में 30% बढ़ोतरी

    उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि चल रहे युद्ध के कारण कुछ प्रमुख एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रिएंट्स (APIs) और सॉल्वैंट्स के दाम काफी बढ़ गए हैं और यह बढ़ोतरी मुश्किल से ही कोई राहत देगी।

    उदाहरण के लिए, पिछले कुछ हफ्तों में APIs की कीमतों में औसतन 30-35% की वृद्धि हुई है। उद्योग अधिकारियों ने बताया कि ग्लिसरीन की कीमत 64% बढ़ गई है, जबकि पैरासिटामोल की कीमत 25% और सिप्रोफ्लोक्सासिन की कीमत 30% बढ़ गई है। पॉलीविनाइल क्लोराइड और एल्युमीनियम फॉयल जैसी पैकेजिंग सामग्री की कीमत में भी 40% की वृद्धि हुई है।


    फार्मा लॉबी ने क्या कहा

    एक फार्मा लॉबी समूह के प्रतिनिधि ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “ग्लिसरीन, प्रोपलीन ग्लाइकॉल, और हर लिक्विड दवा जैसे सिरप, ड्रॉप्स में इस्तेमाल होने वाले सॉल्वैंट्स महंगे हो गए हैं। इंटरमीडिएट्स के दाम भी काफी बढ़ गए हैं। इसे देखते हुए, हमें इससे बेहतर बढ़ोतरी की जरूरत है और हम NPPA के सामने अपना पक्ष रखेंगे।”