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  • Flydubai को-पायलट पर विमान क्रैश कराने की साजिश का आरोप, UAE ने आतंकी हमले के प्रयास के तौर पर शुरू की जांच

    Flydubai को-पायलट पर विमान क्रैश कराने की साजिश का आरोप, UAE ने आतंकी हमले के प्रयास के तौर पर शुरू की जांच

    नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में भारतीय मूल के कैप्टन Smit Machchhar पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हमाम-अल-हम्मामी की पहचान सामने आई है। UAE के अटॉर्नी जनरल ने इस मामले को कथित तौर पर आतंकवादी हमले के प्रयास के तौर पर जांच के दायरे में रखा है। जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान हमाम-अल-हम्मामी ने कथित रूप से स्वीकार किया कि वह विमान को क्रैश करना चाहता था। मामले में को-पायलट द्वारा कैप्टन पर किए गए हमले और विमान को दुर्घटनाग्रस्त कराने की कथित साजिश की जांच जारी है।

    फ्लाइट जब हवा में थी, उसी दौरान ओमानी को-पायलट ने कैप्टन Smit Machchhar पर अचानक चाकू या किसी अन्य धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले के बाद विमान की स्थिति अचानक गंभीर हो गई और वह हजारों फीट नीचे की ओर जाने लगा। इस घटना के बाद विमान को सुरक्षित रखने और स्थिति को नियंत्रित करने की कार्रवाई की गई। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमाम-अल-हम्मामी ने कथित तौर पर विमान को क्रैश कराने की कोशिश क्यों की और इस घटना के पीछे उसकी क्या मंशा थी। UAE के प्रॉसिक्यूटर जनरल के अनुसार, पूछताछ में को-पायलट ने इस घटना को आतंकवादी हमले के तौर पर अंजाम देने की कोशिश किए जाने की बात स्वीकार की है।

    जांच के दौरान हमाम-अल-हम्मामी के पुराने रिकॉर्ड और गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पिछले साल ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन Oman Air ने कथित तौर पर उसके कट्टरपंथी विचारों के कारण उसे प्रशिक्षण से जुड़ी भूमिका से हटा दिया था। जांच अधिकारियों को उसके निजी सामान से ‘फ्री फिलिस्तीन’ से जुड़े पर्चे और फिलिस्तीन समर्थक दस्तावेज मिलने की बात भी सामने आई है। बताया गया है कि वह सार्वजनिक और निजी तौर पर लगातार फिलिस्तीन के समर्थन तथा इजरायल के विरोध में बातें करता रहा था। इन तथ्यों की जांच मौजूदा मामले के संदर्भ में की जा रही है।

    रिपोर्टों के अनुसार, हमाम-अल-हम्मामी के पुराने सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की गई है। इनमें अल-कायदा से जुड़े लोगों की तस्वीरें और अन्य संदिग्ध सामग्री मिलने की बात कही गई है। जांच एजेंसियां इस सामग्री और उसके कथित विचारों के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विमान को नुकसान पहुंचाने की कथित कोशिश केवल उसकी व्यक्तिगत कार्रवाई थी या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति, संगठन या नेटवर्क की भूमिका थी। मामले में संभावित संपर्कों और निर्देशों की भी जांच जारी है।

    इस घटना को लेकर UAE में जांच का दायरा अब को-पायलट की कार्रवाई से आगे बढ़कर कथित साजिश और संभावित नेटवर्क तक पहुंच गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या हमाम-अल-हम्मामी को किसी अन्य व्यक्ति से निर्देश मिले थे या किसी बड़े नेटवर्क से उसका संबंध था। फिलहाल जांच में सामने आए उसके कथित कबूलनामे, निजी सामान, पुराने सोशल मीडिया अकाउंट्स और पूर्व गतिविधियों को अलग-अलग पहलुओं से देखा जा रहा है। विमान में कैप्टन Smit Machchhar पर हमला और फ्लाइट को कथित तौर पर क्रैश कराने की कोशिश इस जांच का मुख्य केंद्र बनी हुई है।

  • इलॉन मस्क और शिवॉन जिलिस का ब्रेकअप, चार बच्चों की मां ने कहा- एक हफ्ते में प्यार से अलगाव तक पहुंचना मुश्किल था

    इलॉन मस्क और शिवॉन जिलिस का ब्रेकअप, चार बच्चों की मां ने कहा- एक हफ्ते में प्यार से अलगाव तक पहुंचना मुश्किल था


    नई दिल्ली:
    इलॉन मस्क और न्यूरालिंक की एग्जीक्यूटिव शिवॉन जिलिस के रिश्ते के खत्म होने की खबर सामने आई है। जिलिस ने 2 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि मस्क ने अचानक रिश्ता खत्म कर दिया। उनके मुताबिक, ब्रेकअप से पहले उन्हें इसकी कोई चेतावनी नहीं मिली थी। जिलिस ने कहा कि उनके लिए एक हफ्ते के भीतर प्यार से अलगाव तक पहुंचना बेहद मुश्किल था। उन्होंने यह भी बताया कि वह इस ब्रेकअप से दुखी हैं, लेकिन अब भी मस्क की परवाह करती हैं। जिलिस ने उम्मीद जताई कि दोनों आगे अच्छे दोस्त बने रहेंगे और अपने बच्चों की मिलकर परवरिश करेंगे।

    मस्क और शिवॉन जिलिस चार बच्चों के माता-पिता हैं। उनके जुड़वां बच्चों स्ट्राइडर और एज्योर का जन्म नवंबर 2021 में हुआ था। इसके बाद 2024 में उनकी बेटी अर्काडिया का जन्म हुआ। फरवरी 2025 में जिलिस ने बेटे सेल्डन लाइकर्गस के जन्म की घोषणा की थी। इसे मस्क का 14वां ज्ञात बच्चा बताया गया था। जिलिस की मां पंजाबी मूल की हैं, जबकि उनके पिता कनाडाई हैं। इसी वजह से उन्हें भारतीय मूल से भी जोड़ा जाता है। मस्क और जिलिस के रिश्ते और उनके बच्चों को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है।

    इलॉन मस्क की निजी जिंदगी में इससे पहले भी कई रिश्ते और शादियां चर्चा में रही हैं। उनकी पहली शादी जस्टिन विल्सन से हुई थी। दोनों के छह बच्चे हुए थे, जिनमें एक बेटे की शैशवावस्था में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद मस्क ने अभिनेत्री तालुलाह रिले से दो बार शादी की। उनके चर्चित रिश्तों में अभिनेत्री एम्बर हर्ड और ग्राइम्स के नाम भी शामिल रहे हैं। मस्क की निजी जिंदगी और परिवार से जुड़े मामलों को लेकर समय-समय पर सार्वजनिक रूप से चर्चा होती रही है।

    शिवॉन जिलिस ने अपने बयान में रिश्ते के अचानक खत्म होने और उसके भावनात्मक असर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते के भीतर प्यार से अलगाव तक पहुंचना उनके लिए मुश्किल था। हालांकि, उन्होंने मस्क के प्रति अपनी परवाह कायम रहने की बात कही और भविष्य में दोनों के अच्छे दोस्त बने रहने की उम्मीद जताई। साथ ही, उन्होंने बच्चों की परवरिश मिलकर करने की बात भी कही है। इससे दोनों के बीच भविष्य में सह-पालन की भूमिका जारी रहने की बात सामने आती है।

    इलॉन मस्क लंबे समय से दुनिया में घटती जन्मदर को लेकर अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखते रहे हैं। वह अधिक बच्चे पैदा करने की जरूरत की बात कहते रहे हैं और कम जन्मदर को सभ्यता के लिए संभावित खतरा बता चुके हैं। मस्क और जिलिस के चार बच्चे हैं। अब उनके रिश्ते के खत्म होने की जानकारी के बाद दोनों के परिवार और बच्चों से जुड़ी जिम्मेदारियों को लेकर जिलिस के बयान पर भी चर्चा हो रही है।

  • अमेरिका में महिला कैदी को मौत की दवा के दो इंजेक्शन दिए, फिर भी नहीं हुई मौत; टेनेसी में बाकी फांसी पर रोक

    अमेरिका में महिला कैदी को मौत की दवा के दो इंजेक्शन दिए, फिर भी नहीं हुई मौत; टेनेसी में बाकी फांसी पर रोक

    नई दिल्ली: अमेरिका के टेनेसी में मौत की सजा पाए महिला कैदी क्रिस्टा गेल पाइक को जानलेवा दवा के दो इंजेक्शन दिए जाने के बावजूद उनकी मौत नहीं हुई। इंजेक्शन दिए जाने के बाद भी उनकी धड़कन चलती रही और वह सांस लेती हुई खर्राटे ले रही थीं। घटना के बाद टेनेसी में इस साल निर्धारित बाकी सभी मौत की सजाओं को फिलहाल रोक दिया गया है। राज्य के गवर्नर ने मौत की सजा देने के लिए इस्तेमाल की गई पूरी प्रक्रिया की जांच के आदेश दिए हैं। टेनेसी डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शन के अनुसार अधिकारियों ने अदालत से मंजूर प्रक्रिया के सभी चरणों का पालन किया था, लेकिन इसके बावजूद प्रक्रिया सफल नहीं हो सकी।

    पाइक को बुधवार को स्ट्रेचर पर बांधकर मौत का इंजेक्शन दिया गया। उनके वकीलों के अनुसार अधिकारियों ने उन्हें पेंटोबार्बिटल के दो इंजेक्शन दिए, लेकिन इसके बाद भी उनकी मौत नहीं हुई। प्रक्रिया के दौरान कुछ समय के लिए उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया और गवाहों को बाहर जाने के लिए कहा गया। इसके बाद उनके वकीलों ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में आपात याचिका दायर कर प्रक्रिया को रोकने की मांग की। मामला सामने आने के बाद राज्य में मौत की सजा की प्रक्रिया और उससे जुड़े नियमों को लेकर जांच शुरू की गई है।

    मौजूदा नियमों के अनुसार पहले इंजेक्शन के बाद कैदी की मौत नहीं होने पर दूसरा इंजेक्शन देने का प्रावधान है। हालांकि, दोनों इंजेक्शन दिए जाने के बाद भी कैदी के जीवित रहने की स्थिति में आगे क्या किया जाना चाहिए, इसे लेकर नियम स्पष्ट नहीं हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका में पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें नस में घातक दवा पहुंचाने में परेशानी के कारण मौत की सजा पूरी नहीं हो सकी। हालांकि, पाइक के मामले में उनके वकीलों का दावा है कि दवा शरीर में पहुंचने के बावजूद उनकी मौत नहीं हुई।

    क्रिस्टा गेल पाइक को 1995 में अपनी 19 वर्षीय सहपाठी कोलीन स्लेमर की हत्या का दोषी ठहराया गया था और 1996 में उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी। अदालत में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार पाइक, उनके तत्कालीन बॉयफ्रेंड तादारिल शिप और एक अन्य दोस्त ने कोलीन स्लेमर को टेनेसी यूनिवर्सिटी कैंपस के पास जंगल में बुलाया था। वहां स्लेमर पर हमला किया गया और उनकी हत्या कर दी गई। अपराध के समय पाइक 18 वर्ष की थीं, जबकि शिप 17 वर्ष के थे। नाबालिग होने के कारण शिप को मौत की सजा नहीं दी गई और उन्हें उम्रकैद की सजा मिली।

    घटना के बाद टेनेसी के गवर्नर ने मौत के इंजेक्शन की पूरी प्रक्रिया की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, इस साल राज्य में निर्धारित बाकी सभी मौत की सजाओं पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। अधिकारियों के सामने अब यह जांच का विषय है कि अदालत से मंजूर प्रक्रिया के सभी चरणों का पालन किए जाने के बावजूद पाइक की मौत क्यों नहीं हुई। टेनेसी डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शन ने कहा है कि निर्धारित प्रक्रिया के सभी चरणों का पालन किया गया था, लेकिन इसके बावजूद मौत की सजा पूरी नहीं हो सकी। जांच के दौरान इसी प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है।

  • हेमंत खंडेलवाल ने कहा- अमित शाह ने सहकारिता को दी नई दिशा, मध्यप्रदेश में 50 लाख लीटर दूध कलेक्शन का लक्ष्य

    हेमंत खंडेलवाल ने कहा- अमित शाह ने सहकारिता को दी नई दिशा, मध्यप्रदेश में 50 लाख लीटर दूध कलेक्शन का लक्ष्य


    मध्यप्रदेश:
    की राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश में सहकारिता को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र की दिशा बदली है और प्रदेश में दुग्ध क्रांति की शुरुआत की गई है। खंडेलवाल ने राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में अमित शाह की मौजूदगी को प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से दुग्ध उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

    खंडेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में अब तक 1700 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा चुकी हैं। सांची और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के बीच हुए समझौता ज्ञापन के बाद प्रदेश में दूध का कलेक्शन बढ़कर 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है। उनके मुताबिक प्रदेश के गौपालकों को अब दूध के लिए 8.50 रुपये प्रति लीटर अधिक दाम मिल रहा है। इससे दूध उत्पादन से जुड़े कृषकों की आय में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि उद्देश्य यह है कि दूध से किसानों की आय बढ़े, गोबर से खाद बने और सरकार के सहयोग से समृद्धि आए। सहकारिता के जरिए दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

    भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। उन्होंने आगामी वर्षों में दूध कलेक्शन को 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का संकल्प जताया। खंडेलवाल के अनुसार मध्यप्रदेश में दूध से आय आधारित अर्थव्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इस लक्ष्य के लिए दुग्ध सहकारी समितियों और दूध उत्पादन से जुड़े किसानों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सम्मेलन में दुग्ध उत्पादन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने और किसानों की आय बढ़ाने की बात भी सामने रखी गई।

    भोपाल में आयोजित इस राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में सहकारिता और दुग्ध क्षेत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में दूध कलेक्शन बढ़ाने और दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि के लिए सहकारी मॉडल को मजबूत करने की बात कही गई। खंडेलवाल ने सहकारिता, दुग्ध उत्पादन और गोपालकों की आय को एक-दूसरे से जोड़कर आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उनके बयान के अनुसार, मौजूदा 12 लाख लीटर प्रतिदिन के दूध कलेक्शन को आने वाले वर्षों में 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

    खंडेलवाल ने कहा कि प्रदेश में दूध से आय आधारित अर्थव्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही गोबर से खाद तैयार करने और सरकार के सहयोग से समृद्धि लाने की दिशा में काम करने की बात उन्होंने कही। उन्होंने सहकारिता के क्षेत्र में हुए काम को आगे बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को प्रदेश की अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया। सम्मेलन में कही गई बातों के अनुसार, आने वाले वर्षों में दूध कलेक्शन बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करना इस दिशा में प्रमुख लक्ष्य हैं।

  • मुंबई में प्रदर्शन के दौरान 75 वर्षीय बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत, सीने में दर्द के बाद अस्पताल ले जाया गया

    मुंबई में प्रदर्शन के दौरान 75 वर्षीय बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत, सीने में दर्द के बाद अस्पताल ले जाया गया

    नई दिल्ली: मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान 75 वर्षीय गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई की हार्ट अटैक से मौत हो गई। पिल्लई ठाणे के दोस्ती वेस्ट काउंटी के बी विंग में रहते थे और प्रदर्शन में शामिल होने के लिए शाम करीब 4:30 बजे शिवाजी पार्क पहुंचे थे। करीब 5 बजे उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद उनके दोस्तों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें पास के अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर उठाई गई आपत्तियों से जुड़ी थी। प्रदर्शन शाम करीब 4 बजे शुरू हुआ और शुरुआत में ही बड़ी संख्या में लोग शिवाजी पार्क के आसपास जमा हो गए। प्रदर्शन में युवाओं, कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों से जुड़े लोगों ने भी हिस्सा लिया।

    प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है और इसके कारण लाखों नागरिकों के मतदान के अधिकार प्रभावित हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने तिरंगा, पोस्टर और बैनर लेकर अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे भी लगाए।

    प्रदर्शन के आयोजकों ने एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रोकने, 2025 की मतदाता सूची को फ्रीज करने और पुरानी मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने की मांग की। इसके अलावा नागरिक समाज की भागीदारी के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार की मांग भी रखी गई। संगठन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने की मांग भी की गई। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कही।

    प्रदर्शन के दौरान हुई 75 वर्षीय गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई की मौत अलग स्वास्थ्य संबंधी घटना के रूप में सामने आई। पिल्लई शाम करीब 4:30 बजे प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे और करीब आधे घंटे बाद उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों के इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रदर्शन के दौरान उनकी मौत की खबर से वहां मौजूद लोगों को घटना की जानकारी मिली।

  • शनि की मार्गी चाल से 5 राशियों को लाभ के संकेत, करियर से आर्थिक स्थिति तक बदलाव का ज्योतिषीय अनुमान

    शनि की मार्गी चाल से 5 राशियों को लाभ के संकेत, करियर से आर्थिक स्थिति तक बदलाव का ज्योतिषीय अनुमान

    नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्मफलदाता और न्याय का देवता माना जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार शनि की चाल में बदलाव का प्रभाव अलग-अलग राशियों पर पड़ता है। वर्तमान में शनि मीन राशि में वक्री यानी टेढ़ी चाल से गोचर कर रहे हैं और 11 दिसंबर 2026 तक इसी स्थिति में रहने वाले हैं। इसके बाद शनि मार्गी यानी सीधी चाल में आ जाएंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि के मार्गी होने से कुछ राशियों के जातकों को लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में राहत मिल सकती है। इस बदलाव का असर मुख्य रूप से वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला और मकर राशि पर सकारात्मक रहने के संकेत बताए गए हैं।

    वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि के मार्गी होने के बाद काम-धंधे में आ रही अड़चनें और मानसिक तनाव धीरे-धीरे कम होने की बात कही गई है। परिवार का सहयोग मिलने से आत्मबल बढ़ सकता है और रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। मिथुन राशि के लिए शनि की सीधी चाल का प्रभाव दीर्घकालिक रूप से देखने को मिलने की बात कही गई है। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की या नए जॉब ऑफर मिलने की संभावना बताई गई है। हालांकि, किसी बड़े कदम से पहले सभी पहलुओं पर विचार करने की सलाह दी गई है। आर्थिक स्थिति में मजबूती आने से घरेलू समस्याओं के सुलझने के भी संकेत बताए गए हैं।

    कन्या राशि के जातकों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आने और करियर तथा कारोबार में वृद्धि के संकेत बताए गए हैं। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए पुराने संपर्क फायदेमंद साबित हो सकते हैं। प्रेम संबंधों और पारिवारिक जीवन में स्थिरता तथा मधुरता आने की बात कही गई है। तुला राशि के लिए कार्यक्षेत्र में अनावश्यक दबाव कम होने और कामकाज के सुचारू रूप से आगे बढ़ने के संकेत हैं। व्यापारियों को लाभदायक डील मिलने की संभावना बताई गई है। साथ ही प्रेम जीवन में सुधार और नए लोगों से मुलाकात के जरिए भविष्य के अवसर बेहतर होने की बात कही गई है।

    मकर राशि पर भी शनि की मार्गी चाल का विशेष प्रभाव बताए जाने की बात कही गई है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 11 दिसंबर के बाद इस राशि के जातकों की कई चिंताएं कम हो सकती हैं। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नए अवसर मिलने के संकेत हैं। लंबे समय से धैर्य बनाए रखने वाले लोगों के प्रयासों के परिणाम सामने आने की बात कही गई है और जीवन में स्थिरता आने का अनुमान है। शनि के वक्री से मार्गी होने को ज्योतिष में महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता के अनुसार मार्गी अवस्था में ग्रह की ऊर्जा अधिक प्रत्यक्ष रूप से प्रभाव डालती है और शनि कर्म के कारक होने के कारण पिछले कर्मों का फल मिलने की अवधारणा जुड़ी है।

    ज्योतिषीय जानकारों के अनुसार ग्रहों की चाल अनुकूल मानी जाए, तब भी जातकों को अपने प्रयासों में निरंतरता बनाए रखनी चाहिए। शॉर्टकट अपनाने से बचने और फैसले लेते समय व्यावहारिक दृष्टिकोण रखने की सलाह दी जाती है। इस तरह शनि के मार्गी होने को इन पांच राशियों के लिए करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन से जुड़े बदलावों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, ये सभी बातें ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित हैं।

  • सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, इस सप्ताह सोना 2,800 रुपये और चांदी 5,000 रुपये तक सस्ती

    सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, इस सप्ताह सोना 2,800 रुपये और चांदी 5,000 रुपये तक सस्ती


    नई दिल्ली:
    त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। वैश्विक और घरेलू बाजारों के मिले-जुले रुख के बीच पूरे सप्ताह दोनों कीमती धातुओं के भाव में उतार-चढ़ाव रहा। सप्ताह के दौरान सोने की कीमत में कुल मिलाकर 2,800 रुपये प्रति 10 ग्राम यानी करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, चांदी के भाव में भी सप्ताह के आखिरी कारोबारी सत्रों में करीब 5,000 रुपये तक की बड़ी गिरावट दर्ज हुई। ऐसे में दोनों धातुओं की खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए इस सप्ताह के भाव महत्वपूर्ण रहे हैं।

    आज 22 कैरेट सोने की कीमत कई प्रमुख शहरों में 1,38,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक है, जबकि 24 कैरेट सोने का भाव 1,50,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा बना हुआ है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ और जयपुर जैसे शहरों में भी 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,38,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक है। 24 कैरेट सोने का भाव इन शहरों में 1,50,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर है। सप्ताह के दौरान गिरावट के बावजूद सोने की कीमतें इन स्तरों पर बनी हुई हैं।

    दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,50,550 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव 1,38,004 रुपये प्रति 10 ग्राम है। मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,50,400 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,37,854 रुपये प्रति 10 ग्राम है। अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,50,450 रुपये और 22 कैरेट की कीमत 1,37,904 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। कोलकाता में 24 कैरेट सोने का भाव 1,50,400 रुपये और 22 कैरेट का भाव 1,37,854 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

    जयपुर में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,50,550 रुपये और 22 कैरेट की कीमत 1,38,004 रुपये प्रति 10 ग्राम है। बेंगलुरु में 24 कैरेट सोना 1,50,400 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,37,854 रुपये प्रति 10 ग्राम है। लखनऊ में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,50,550 रुपये और 22 कैरेट सोने का भाव 1,38,004 रुपये प्रति 10 ग्राम है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,50,450 रुपये और 22 कैरेट सोने का भाव 1,37,904 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इस तरह अलग-अलग शहरों में सोने के भाव में मामूली अंतर बना हुआ है।

    चांदी की कीमत की बात करें तो आज इसके भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, पिछले कारोबारी सत्रों में हुई गिरावट के कारण अधिकांश शहरों में चांदी का भाव 2,26,570 रुपये प्रति किलोग्राम बना हुआ है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी सत्रों में चांदी की कीमत में करीब 5,000 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई थी। इस तरह सप्ताह के दौरान सोने और चांदी दोनों के भाव में कमी देखने को मिली है। त्योहारों से पहले खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए मौजूदा बाजार भाव इसी स्तर पर बने हुए हैं।

  • LPG सिलेंडर के दाम आज स्थिर, लेह में घरेलू सिलेंडर 1179 रुपये; अक्टूबर में कॉमर्शियल गैस के रेट बढ़े

    LPG सिलेंडर के दाम आज स्थिर, लेह में घरेलू सिलेंडर 1179 रुपये; अक्टूबर में कॉमर्शियल गैस के रेट बढ़े

    नई दिल्ली: घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं हुआ है। अलग-अलग शहरों में घरेलू सिलेंडर के दाम अलग हैं। लेह में घरेलू सिलेंडर 1179 रुपये, दिल्ली में 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये और भोपाल में 947.50 रुपये में मिल रहा है। पटना में इसकी कीमत 1031.50 रुपये, लखनऊ में 979.50 रुपये, अहमदाबाद और कन्याकुमारी में 949 रुपये तथा तवांग में 1007.50 रुपये है। आम उपभोक्ताओं के लिए घरेलू सिलेंडर के दाम फिलहाल स्थिर हैं। घरेलू सिलेंडर की कीमत में आखिरी बढ़ोतरी जून में हुई थी और उसके बाद से इसमें बदलाव नहीं किया गया है।

    1 अक्टूबर को कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। इस दौरान कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम में अधिकतम 71.50 रुपये तक का इजाफा हुआ। इसके बाद चेन्नई में कॉमर्शियल सिलेंडर का रेट 2983 रुपये हो गया। मुंबई में 63 रुपये की बढ़ोतरी के बाद कीमत 2701 रुपये और अहमदाबाद में 2831.50 रुपये पहुंच गई। लेह में कॉमर्शियल सिलेंडर 3450 रुपये का है। भोपाल में इसका दाम 2815 रुपये और लखनऊ में 2932.50 रुपये हो गया। लखनऊ में 1 अक्टूबर को कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 62.50 रुपये बढ़ाई गई थी। बिहार की राजधानी पटना में भी 1 अक्टूबर को 71.50 रुपये की बढ़ोतरी के बाद कॉमर्शियल सिलेंडर का दाम 3100.50 रुपये हो गया।

    इस साल कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कई बार बदलाव हुआ है। 1 जनवरी को दिल्ली में इसका रेट 1691.50 रुपये था। 1 फरवरी को यह बढ़कर 1740.50 रुपये और 1 मार्च को 1768.50 रुपये हो गया। इसके बाद 7 मार्च को 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत बढ़कर 1883 रुपये पहुंच गई। 1 अप्रैल को दाम 2078.50 रुपये और 1 मई को 3071.50 रुपये हो गया। 1 जून को दिल्ली में कॉमर्शियल सिलेंडर का रेट 3113.50 रुपये था। इसके बाद जुलाई में पहली बार कीमत में कमी की गई और राष्ट्रीय राजधानी में दाम 2930 रुपये हो गया।

    अगस्त में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत में एक बार फिर कटौती हुई। 1 अगस्त के बाद दिल्ली में इसका रेट घटकर 2738 रुपये रह गया। सितंबर में यह रुख फिर बदला और कीमत बढ़ाई गई। इसके बाद 1 सितंबर को दिल्ली में कॉमर्शियल सिलेंडर का दाम 2747.50 रुपये हो गया। वहीं, घरेलू सिलेंडर की कीमतों में इस साल मार्च और फिर जून में बढ़ोतरी हुई थी। जून के बाद घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर बने हुए हैं और अक्टूबर की शुरुआत में भी इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया।

  • जी7 देश जारी करेंगे 100 मिलियन बैरल कच्चा तेल और डीजल, अगले चार महीनों में होगी आपूर्ति

    जी7 देश जारी करेंगे 100 मिलियन बैरल कच्चा तेल और डीजल, अगले चार महीनों में होगी आपूर्ति


    नई दिल्ली:
    जी7 और उसके साझेदार देश अपने इमरजेंसी भंडार से करीब 100 मिलियन बैरल कच्चा तेल और डीजल जारी करेंगे। यह फैसला बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच लिया गया है। फ्रांस के राष्ट्रपति और जी7 के मौजूदा चेयरमैन इमैनुएल मैक्रों ने बताया कि जी7 ईंधन की कीमतों में कमी लाना चाहता है। इसके तहत अगले चार महीनों में इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी की देखरेख में रणनीतिक भंडार से आपूर्ति जारी की जाएगी।

    यह फैसला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ने संकेत दिया है कि अगर यूरोपीय देशों ने अपने भंडार से और आपूर्ति जारी नहीं की, तो डीजल निर्यात पर भारी असर डालने वाला प्रतिबंध लगाया जा सकता है। ऐसा कदम यूरोप के लिए आपूर्ति के एक महत्वपूर्ण स्रोत को प्रभावित कर सकता है। यूरोपीय महाद्वीप डीजल उत्पादन में कमी को पूरा करने के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। जी7 देशों का यह कदम बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया है।

    ईरान युद्ध शुरू होने के तुरंत बाद आईईए ने मार्च में 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने की योजना बनाई थी। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय देशों की आलोचना करते हुए कहा था कि उन्होंने इन बैरल को अपेक्षित तेजी से उपलब्ध नहीं कराया। जी7 के एक बयान से संकेत मिला है कि अब जारी किए जाने वाले 100 मिलियन बैरल में वे बैरल भी शामिल हो सकते हैं, जो मार्च में जारी किए गए स्टॉक के तहत अभी तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।

    मैक्रों ने कहा कि सभी देशों ने मिलकर उन अनुपातों के अनुसार रणनीतिक भंडार जारी करने का संकल्प लिया है जिनका उन्होंने उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि इसमें डीजल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, सभी देश यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि निर्यात पर कोई रोक न लगे। इस कदम का उद्देश्य ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों में कमी लाने की कोशिश करना है। अगले चार महीनों के दौरान होने वाली आपूर्ति की निगरानी आईईए करेगा।

    हालांकि, जी7 और उसके साझेदार देशों की ओर से इमरजेंसी भंडार से तेल और डीजल जारी करने के फैसले के बाद भी कच्चे तेल की कीमत में कोई खास कमी नहीं आई। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बंद हुआ। इस तरह करीब 100 मिलियन बैरल की प्रस्तावित आपूर्ति के बावजूद बाजार में कच्चे तेल की कीमत ऊंचे स्तर पर बनी रही। फैसला बढ़ती ईंधन कीमतों और डीजल की आपूर्ति को लेकर बने दबाव के बीच लिया गया है।

  • IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत मामले में प्रोफेसर दूल्ला से 8 घंटे पूछताछ, करीब 50 लोगों के बयान दर्ज

    IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत मामले में प्रोफेसर दूल्ला से 8 घंटे पूछताछ, करीब 50 लोगों के बयान दर्ज

    नई दिल्ली: IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान जांच टीम ने उनसे मामले से जुड़े कई सवाल किए। साहिल के परिवार ने प्रोफेसर दूल्ला पर जातिगत भेदभाव का आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। पूछताछ के दौरान प्रोफेसर दूल्ला ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि छात्र से जुड़े मामले में उन्होंने संस्थान के नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार ही काम किया था। साहिल वाकोडे की मौत की जांच लगातार जारी है और मामले में अलग-अलग लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है।

    22 वर्षीय साहिल वाकोडे ने 18 सितंबर को पवई कैंपस स्थित हॉस्टल के कमरे में आत्महत्या कर ली थी। जानकारी के अनुसार, परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए उसे पकड़ा गया था। इसके कुछ घंटे बाद उसका शव हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला था। साहिल के माता-पिता ने आरोप लगाया था कि प्रोफेसर दूल्ला ने उनके बेटे के साथ जातिगत भेदभाव किया। परिवार ने इस मामले में प्रोफेसर की गिरफ्तारी की मांग की है। मामले को लेकर परिवार की ओर से लगातार कार्रवाई की मांग की जा रही है। वहीं, 18 सितंबर के सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया था कि परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के बाद प्रोफेसर दूल्ला ने साहिल वाकोडे को एक तरफ खींच लिया था।

    मुंबई पुलिस के मुताबिक, क्राइम ब्रांच इस मामले में IIT बॉम्बे के डायरेक्टर शिरीष केदारे को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है। जांच के दौरान क्राइम ब्रांच अब तक साहिल के माता-पिता और उसके क्लासमेट समेत करीब 50 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। पुलिस ने साहिल के पिता रविंद्र वाकोड़े की शिकायत के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। जांच टीम मामले से जुड़े लोगों के बयान और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। दूसरी ओर, IIT बॉम्बे के कुछ संकाय सदस्यों ने प्रोफेसर दूल्ला के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि उन्हें केवल अपना काम करने के लिए बदनाम किया जा रहा है।

    इस मामले को लेकर साहिल के परिवार की ओर से विरोध भी जारी है। मुंबई के आजाद मैदान में साहिल के माता-पिता पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वे प्रोफेसर दूल्ला की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। परिवार का आरोप है कि साहिल के साथ जातिगत भेदभाव किया गया था और इसी मामले में वे प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, प्रोफेसर दूल्ला ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए संस्थान के नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करने की बात कही है। क्राइम ब्रांच की ओर से अब तक करीब 50 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और प्रोफेसर दूल्ला से लंबी पूछताछ भी की गई है। मामले में आगे की जांच जारी है।