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  • गुरुवार का राशिफल

    मेष राशि :- शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। बुरी संगति से बचें। नौकरी में सावधानीपूर्वक कार्य करें। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। अर्थपक्ष मजबूत रहेगा। शुभांक-3-5-7

    वृष राशि :- अपने अधीनस्थ लोगों से कम सहयोग मिलेगा। बाहरी सहयोग की अपेक्षा रहेगी। सलाह उपयोगी सिद्घ होगी। विपरीत परीस्थितियों में भी हानि नहीं होगी। आवेश में आना आपके हित में नहीं होगा इसलिए व्यवहार व वाणी पर नियत्रंण रखें। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। शुभांक-5-6-9

    मिथुन राशि :- व्यापार व नौकरी में स्थिति अच्छी रहेगी। आलस्य का त्याग करें। कार्यसिद्घि होने में देर नहीं लगेगी। आर्थिक लाभ उत्तम रहेगा। शैक्षणिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में किसी मांगलिक कार्य पर वार्ता होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। लेन-देन में अस्पष्टता ठीक नहीं। स्त्री-संतान पक्ष का सहयोग मिलेगा। शुभांक-2-6-8

    कर्क राशि :- समय पक्ष का बना रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। लेन-देन में आ रही बाधा दूर करने का प्रयास होंगे। धार्मिक कार्य में समय और धन व्यय होगा। अपना काम दूसरों के सहयोग से पूरा होगा। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। पुराने मित्र से मिलन होगा। शुभांक-4-6-7

    सिंह राशि :- पैतृक सम्पत्ति से लाभ। मेहमानों का आगमन होगा। राजकीय कार्यों से लाभ। पुरानी गलती का पश्चाताप होगा। विद्यार्थियों को लाभ। दाम्पत्य जीवन सुखद रहेगा। परिवारजनों का सहयोग व समन्वय काम को बनाना आसान करेगा। कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा। शुभांक-3-5-8

    कन्या राशि :- जीवनसाथी अथवा यार-दोस्तों के साथ साझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। एकाकी वृत्ति त्यागें। हित के काम में आ रही बाधा मध्याह्न पश्चात् दूर हो जाएगी। अपने काम आसानी से बनते चले जाएंगे। साथ ही आगे के लिए रास्ता भी बन जाएगा। कार्य सफल होंगे। शुभांक-2-5-7

    तुला राशि :- प्रसन्नता के साथ सभी जरूरी कार्य बनते नजर आएंगे। मनोरथ सिद्घि का योग है। सभा-गोष्ठियों में सम्मान मिलेगा। प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए कुछ सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। कई प्रकार के हर्ष उल्लास के बीच आनन्ददायक दिन रहेगा। आमोद-प्रमोद का दिन होगा और व्यावसायिक प्रगति भी होगी। शुभांक-6-8-9

    वृश्चिक राशि :- स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की अपेक्षा रहेगी। ज्ञान-विज्ञान की वृद्घि होगी और सज्जनों का साथ भी रहेगा। कुछ कार्य भी सिद्घ होंगे। व्यर्थ की दौड़़-भाग से यदि बचा जाए तो अच्छा है। प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। आय के अच्छे योग बनेगें। संतान की उन्नति के योग हैं। शुभांक-5-6-8

    धनु राशि :- आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। आगे बढऩे के अवसर लाभकारी सिद्घ होंगे। कोई प्रिय वस्तु या नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। सभाओं में मान-सम्मान बढ़ेगा। धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। माता पक्ष से विशेष लाभ। पुराने मित्र से मिलन होगा। आत्मङ्क्षचतन करें। शुभांक-4-6-8

    मकर राशि :- लेन-देन में आ रही बाधा को दूर करने के प्रयास सफल होंगे। धार्मिक कार्य में समय और धन व्यय होगा। कारोबारी काम में बाधा बनी रहेगी। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। व्यापार में स्थिति नरम रहेगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। संतोष रखने से सफलता मिलेगी। शुभांक-3-6-9

    कुंभ राशि :- पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। मित्र से मिलन होगा। शुभांक-1-5-8

    मीन राशि :- धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। लाभ में आशातीत वृद्घि तय हैं मगर नकारात्मक रुख न अपनाएं। किसी पुराने संकल्प को पुरा कर लेने का दिन हैं। ”आगे-आगे गौरख जागे” वाली कहावत चरितार्थ होगी। निष्ठा से किया गया कार्य पराक्रम व आत्मविश्वास बढ़ाने वाला होगा। इच्छित कार्य सफल होंगें। शुभांक-1-6-9
  • PM मोदी 7–8 फरवरी को जाएंगे मलेशिया, रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत

    PM मोदी 7–8 फरवरी को जाएंगे मलेशिया, रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत


    नई दिल्‍ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 और 8 फरवरी 2026 को मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो सेरी अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर मलेशिया की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। यह यात्रा कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक ओर यह प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया की तीसरी यात्रा होगी, वहीं दूसरी ओर अगस्त 2024 में भारत मलेशिया संबंधों को समग्र रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिए जाने के बाद उनकी यह पहली मलेशिया यात्रा होगी। ऐसे में इस दौरे से दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    विदेश मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच व्यापक द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस बातचीत में भारत-मलेशिया संबंधों के सभी अहम पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। दोनों नेता न केवल अब तक हुए सहयोग की समीक्षा करेंगे, बल्कि भविष्य में आपसी हितों के लिए सहयोग की नई रूपरेखा भी तय करेंगे।

    द्विपक्षीय वार्ता के साथ विविध कार्यक्रम

    प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं रहेगी। वे मलेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी संवाद करेंगे। मलेशिया में भारतीय प्रवासियों की बड़ी और प्रभावशाली आबादी है, जो दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु का काम करती है। इसके अलावा प्रधानमंत्री उद्योग और व्यापार जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे, जिससे व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को और बढ़ावा मिलने की संभावना है।

    इस यात्रा के दौरान 10वां भारत-मलेशिया सीईओ फोरम आयोजित किया जाना भी तय है। यह मंच दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट नेताओं को एक साथ लाएगा, जहां वे निवेश के नए अवसरों, व्यापारिक साझेदारियों और आर्थिक सहयोग को लेकर विचार-विमर्श करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फोरम भारत-मलेशिया आर्थिक संबंधों को और मजबूती देने में अहम भूमिका निभा सकता है।

    ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों की मजबूत नींव

    भारत और मलेशिया के रिश्ते केवल कूटनीतिक या आर्थिक नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे ऐतिहासिक, सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों की गहरी नींव है। सदियों पुराने संपर्कों के चलते दोनों देशों के बीच आपसी समझ और विश्वास का स्तर हमेशा ऊंचा रहा है। मलेशिया में लगभग 29 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दुनिया में भारतीय प्रवासियों का तीसरा सबसे बड़ा समुदाय है। यह प्रवासी समुदाय दोनों देशों के रिश्तों को सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर और अधिक मजबूत बनाता है।
    भारतीय मूल के लोग मलेशिया की अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, राजनीति और संस्कृति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि भारत और मलेशिया के रिश्तों में पीपल-टू-पीपल कॉन्टैक्ट एक केंद्रीय तत्व रहा है।

    बहुआयामी और विस्तारशील संबंध

    विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत-मलेशिया संबंध बहुआयामी हैं और समय के साथ लगातार विस्तार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की इस आगामी यात्रा के दौरान व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा सहयोग, समुद्री सहयोग, डिजिटल और वित्तीय प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की व्यापक समीक्षा की जाएगी।

    खासतौर पर रक्षा और समुद्री सहयोग के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच साझेदारी को रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत और मलेशिया का सहयोग बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा डिजिटल तकनीक, फिनटेक और स्टार्टअप जैसे उभरते क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।

    भविष्य की दिशा तय करेगी यात्रा

    प्रधानमंत्री मोदी की यह मलेशिया यात्रा न केवल मौजूदा सहयोग की समीक्षा का अवसर होगी, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए भारत-मलेशिया संबंधों की दिशा और प्राथमिकताओं को भी स्पष्ट करेगी। अगस्त 2024 में संबंधों को समग्र रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिलने के बाद यह यात्रा दोनों देशों के लिए उस साझेदारी को जमीन पर उतारने का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

  • राहुल गांधी ने संसद को बनाया बंधक, लोकसभा में BJP सांसद निशिकांत दुबे का तीखा हमला

    राहुल गांधी ने संसद को बनाया बंधक, लोकसभा में BJP सांसद निशिकांत दुबे का तीखा हमला


    नई दिल्‍ली । लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को लेकर भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने एक बड़ा और तीखा बयान दिया है। संसद के भीतर जारी गतिरोध और हंगामे के बीच निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि बीते कई दिनों से संसद का कामकाज पूरी तरह ठप है और इसके लिए सीधे तौर पर राहुल गांधी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने संसद को बंधक बना लिया है, जिसकी वजह से देश से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है।

    निशिकांत दुबे ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी ऐसे विषय उठा रहे हैं जिनका न तो कोई ठोस आधार है और न ही कोई स्पष्ट संदर्भ। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सदन में जिस किताब का हवाला दिया है, वह आज तक प्रकाशित ही नहीं हुई है। भाजपा सांसद के मुताबिक, “जो किताब छपी ही नहीं, उसका संसद में जिक्र करना दर्शाता है कि उनकी बातें बे सिर-पैर की हैं और उनका कोई वास्तविक मतलब नहीं निकलता।”

    छपी ही नहीं किताब, फिर भी संसद में हंगामा

    निशिकांत दुबे ने कहा कि राहुल गांधी का रवैया गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ राहुल गांधी ऐसी किताबों का हवाला दे रहे हैं जो अस्तित्व में ही नहीं हैं, वहीं दूसरी ओर वे खुद ऐसी किताबें लेकर आए हैं जो वास्तव में प्रकाशित हो चुकी हैं, लेकिन भारत में प्रतिबंधित हैं या जिन पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना था कि अगर किताबों के आधार पर ही चर्चा करनी है, तो इन पुस्तकों पर भी बात होनी चाहिए।

    इन विवादित किताबों का किया जिक्र

    BJP सांसद निशिकांत दुबे ने इस दौरान कई चर्चित और विवादास्पद किताबों का नाम लिया। इनमें इंडिया इंडिपेंडेंट, एडवीना एंड नेहरू, द लाइफ ऑफ़ इंदिरा एंड नेहरू, नेहरू ए पॉलिटिकल बायोग्राफी, सीजफायर, द हर्ट ऑफ़ इंडिया नेपाल जैसी किताबें शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने कुछ अन्य पुस्तकों का भी उल्लेख किया, जिनमें रेड साड़ी, बोफोर्स गेट, एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर और इमरजेंसी रिटोल्ड प्रमुख हैं।

    निशिकांत दुबे का कहना था कि इन किताबों में इतिहास, राजनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई संवेदनशील विषयों का जिक्र है, लेकिन इन पर संसद में कभी विस्तार से चर्चा नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर राहुल गांधी किताबों के हवाले से सरकार को घेरना चाहते हैं, तो इन पुस्तकों के तथ्यों पर भी खुली बहस होनी चाहिए।

    सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा

    निशिकांत दुबे ने अपने बयान में आर्मी एक्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सेना से जुड़े किसी भी विषय पर किताब लिखने से पहले रक्षा मंत्रालय की अनुमति लेना अनिवार्य होता है। उन्होंने पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के बयान का हवाला देते हुए कहा कि “जनरल नरवणे खुद साफ कह चुके हैं कि भारत की एक इंच जमीन भी नहीं गई। इसके बावजूद एक “छोटी सी बात” को लेकर संसद को ठप कर दिया गया है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना था कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर राजनीति करना देशहित में नहीं है। इसी वजह से वे चाहते हैं कि जिन किताबों में सेना, युद्ध और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संदर्भ हैं, उन पर भी गंभीरता से चर्चा हो।

    सोशल मीडिया पर भी राहुल गांधी पर निशाना

    निशिकांत दुबे ने एक दिन पहले राहुल गांधी को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पूर्व में ट्विटर पर भी एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में उन्होंने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए लिखा था कि वे अपने नाना पंडित जवाहरलाल नेहरू के तत्कालीन सेनाध्यक्ष जनरल करियप्पा के बारे में दिए गए विचार जरूर पढ़ें। इसके साथ ही उन्होंने जनरल थिमय्या का पत्र, फील्ड मार्शल मानेकशॉ का पत्र और मथाई जी की किताब का भी जिक्र किया।उन्होंने पोस्ट में लिखा कि ये सभी दस्तावेज और किताबें बेहद खतरनाक हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से इन्हें हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से अपील की कि वे कम से कम राष्ट्रीय सुरक्षा का तो लिहाज करें।

    सियासी माहौल और तेज होता टकराव

    निशिकांत दुबे के इस बयान के बाद संसद के भीतर और बाहर सियासी माहौल और गरमा गया है। एक तरफ BJP राहुल गांधी पर संसद को बाधित करने का आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष सरकार पर सवाल उठाने की अपनी रणनीति पर अड़ा हुआ है। फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में संसद का गतिरोध कैसे खत्म होता है और क्या इन आरोप-प्रत्यारोप के बीच सदन का कामकाज पटरी पर लौट पाता है या नहीं।

  • भारत–सऊदी सुरक्षा सहयोग को नई धार: NSA डोभाल और सऊदी समकक्ष के बीच हुई अहम चर्चा

    भारत–सऊदी सुरक्षा सहयोग को नई धार: NSA डोभाल और सऊदी समकक्ष के बीच हुई अहम चर्चा


    नई दिल्‍ली । भारत और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बुधवार को रियाद में अपने सऊदी समकक्ष मूसाएद बिन मोहम्मद अल-ऐबन से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षाआतंकवाद से निपटने और आपसी हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अजीत डोभाल और सऊदी अरब के विदेश राज्य मंत्री, कैबिनेट सदस्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ. मूसाएद बिन मोहम्मद अल-ऐबन के बीच हुई यह बैठक बेहद सकारात्मक और उपयोगी” रही। पोस्ट के अनुसार, बातचीत में भारत सऊदी संबंधों के विभिन्न आयामों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

    आधिकारिक दौरे पर रियाद पहुंचे डोभाल

    अजीत डोभाल मंगलवार को एक आधिकारिक दौरे पर सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे थे। किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनका स्वागत सऊदी अरब में भारत के राजदूत सुहेल एजाज खान और सऊदी विदेश मंत्रालय में राजनीतिक मामलों के उप मंत्री सऊद अल-साती ने किया। डोभाल की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत और सऊदी अरब के बीच सुरक्षा और काउंटर टेररिज्म सहयोग लगातार गहराता जा रहा है।

    रणनीतिक साझेदारी के तहत सुरक्षा सहयोग पर जोर

    गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही भारत और सऊदी अरब ने रियाद में स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप काउंसिल के तहत पॉलिटिकल, काउंसलर और सिक्योरिटी कोऑपरेशन कमेटी के अंतर्गत सिक्योरिटी वर्किंग ग्रुप की तीसरी बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच चल रहे द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग की व्यापक समीक्षा की गई थी और भविष्य की दिशा तय करने पर सहमति बनी थी।

    आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ साझा रणनीति

    विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने आतंकवाद का मुकाबला करने से जुड़ी मौजूदा और उभरती चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श किया। इसमें उग्रवाद और कट्टरपंथ से निपटना, आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकना, आतंकवादी उद्देश्यों के लिए टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग को नियंत्रित करना और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध व आतंकवाद के बीच बढ़ते संबंधों जैसे मुद्दे शामिल रहे।

    ने बताया कि भारत और सऊदी अरब के अधिकारियों ने द्विपक्षीय कानूनी और न्यायिक सहयोग को और मजबूत करने तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की। इसका उद्देश्य आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

    आतंकवाद की कड़ी निंदा, हालिया हमलों का उल्लेख

    विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा दोहराई। इसमें सीमा पार आतंकवाद के साथ-साथ भारत में हुए हालिया आतंकवादी हमलों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया। बयान में 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले और 10 नवंबर, 2025 को नई दिल्ली में लाल किले के पास हुई आतंकवादी घटना को गंभीर चिंता का विषय बताया गया।

    उच्चस्तरीय अधिकारियों की भागीदारी

    सिक्योरिटी वर्किंग ग्रुप की इस अहम बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव काउंटर टेररिज्म विनोद बहादे और सऊदी अरब की ओर से गृह मंत्रालय में लीगल अफेयर्स एवं इंटरनेशनल कोऑपरेशन के डायरेक्टर जनरल अहमद अल-ईसा ने की। बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ सुरक्षा और कूटनीतिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

    अगली बैठक भारत में होगी

    MEA के अनुसार, सिक्योरिटी वर्किंग ग्रुप की अगली बैठक आपसी सहमति से तय की गई तारीख पर भारत में आयोजित की जाएगी। यह बैठक भारत–सऊदी अरब के बीच बढ़ते रणनीतिक विश्वास और सुरक्षा साझेदारी को और मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगी।

  • ओडिशा में मानवता को शर्मसार, 9वीं की छात्रा से सहपाठियों ने किया गैंगरेप, वीडियो बनाकर दी धमकी

    ओडिशा में मानवता को शर्मसार, 9वीं की छात्रा से सहपाठियों ने किया गैंगरेप, वीडियो बनाकर दी धमकी


    भुवनेश्वर/बलांगीर । ओडिशा के बलांगीर जिले से एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। यहां 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ उसी की कक्षा में पढ़ने वाले पांच छात्रों और एक अन्य युवक ने सामूहिक दुष्कर्म किया। इस जघन्य अपराध की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपियों ने न सिर्फ इस घटना को अंजाम दिया, बल्कि इसे वीडियो में रिकॉर्ड कर पीड़िता को धमकाया भी, ताकि वह किसी को कुछ न बता सके। हालांकि, आरोपियों की एक बड़ी चूक के कारण यह मामला उजागर हो गया, जब उनमें से एक ने वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जो तेजी से वायरल हो गया।

    पुलिस के अनुसार, यह घटना बलांगीर जिले के एक इलाके में हुई। पीड़िता और आरोपी सभी एक ही स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ते थे। बताया जा रहा है कि छात्रा को बहला-फुसलाकर एक सुनसान जगह पर ले जाया गया, जहां उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया गया। इस दौरान एक अन्य युवक भी मौके पर मौजूद था, जिसने इस अपराध में सहयोग किया। घटना के बाद आरोपियों ने पूरी वारदात का वीडियो बनाया और छात्रा को गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर उसने किसी को भी इस बारे में बताया तो वीडियो को सार्वजनिक कर दिया जाएगा।

    डर और मानसिक दबाव के चलते नाबालिग छात्रा कुछ समय तक चुप रही। लेकिन मामला तब सामने आया, जब आरोपियों में से एक ने वही वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाल दिया। वीडियो वायरल होते ही यह पीड़िता के परिवार तक पहुंच गया। वीडियो देखकर परिवार सदमे में आ गया और तुरंत बेटी से सच्चाई जानने की कोशिश की। पूछे जाने पर छात्रा फूट-फूटकर रो पड़ी और पूरी घटना के साथ-साथ धमकियों के बारे में भी बताया।

    परिवार ने बिना किसी देरी के बलांगीर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामला दर्ज कर वीडियो को जब्त कर लिया गया। पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज किया और मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की। चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए इस मामले में पॉक्सो एक्ट समेत भारतीय दंड संहिता की कड़ी धाराएं लगाई गई हैं।

    बलांगीर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहे सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा, “हम वीडियो में नजर आ रहे छह अपराधियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे हैं। वीडियो फुटेज और पीड़िता के परिवार द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और आगे की जांच जारी है।” पुलिस ने यह भी कहा कि डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि अदालत में मजबूत केस पेश किया जा सके।

    इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों द्वारा इस तरह का अमानवीय कृत्य समाज के लिए बेहद चिंताजनक है और यह दर्शाता है कि बच्चों और किशोरों में नैतिक शिक्षा और संवेदनशीलता की कितनी कमी हो गई है।

  • नेपाल से इस्तांबुल जा रही तुर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट की कोलकाता में इमरजेंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित

    नेपाल से इस्तांबुल जा रही तुर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट की कोलकाता में इमरजेंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित


    कोलकाता/काठमांडू। नेपाल की राजधानी काठमांडू से तुर्की के इस्तांबुल जा रही तुर्किश एयरलाइंस की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान को बुधवार दोपहर उस समय आपात स्थिति का सामना करना पड़ा जब विमान के एक इंजन में गंभीर तकनीकी खराबी और आग की आशंका सामने आई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलटों ने सूझबूझ और त्वरित निर्णय लेते हुए विमान को भारत के कोलकाता की ओर मोड़ दिया जहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस घटना में विमान में सवार सभी 236 यात्री और 11 चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।

    एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार तुर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या टीएचवाई-727 जो एक वाइडबॉडी एयरक्राफ्ट थी ने बुधवार दोपहर 1 बजकर 29 मिनट पर काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इस्तांबुल के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद जब विमान ऊंचाई पकड़ रहा था तभी कॉकपिट में पायलटों को चेतावनी संकेत मिला कि विमान के दो इंजनों में से एक इंजन में खराबी आ गई है। कुछ रिपोर्टों में दाहिने इंजन में आग लगने की आशंका भी जताई गई।

    तकनीकी संकेत मिलते ही पायलटों ने तुरंत काठमांडू एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इसकी जानकारी दी। स्थिति का सही आकलन करने और आगे की रणनीति तय करने के लिए विमान को नेपाल के धाडिंग जिले के धरके क्षेत्र के ऊपर कुछ समय तक होल्ड पर रखा गया। इस दौरान पायलट और तकनीकी टीम ने विमान के सिस्टम की बारीकी से जांच की और संभावित जोखिमों का मूल्यांकन किया।

    प्रारंभिक जांच के बाद चालक दल इस नतीजे पर पहुंचा कि एक ही इंजन के सहारे लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ान जारी रखना यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं होगा। हालांकि पायलटों के पास काठमांडू लौटने या नेपाल के ही भैरहवा हवाई अड्डे पर विमान उतारने जैसे विकल्प मौजूद थे लेकिन अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों और रनवे सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कोलकाता को सबसे सुरक्षित विकल्प माना गया।

    कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल को जैसे ही संभावित आपात स्थिति की सूचना मिली हवाई अड्डे पर फुल इमरजेंसी घोषित कर दी गई। फायर ब्रिगेड मेडिकल टीम एंबुलेंस और तकनीकी स्टाफ को रनवे के पास तैनात कर दिया गया। सभी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर रहीं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

    करीब डेढ़ घंटे की उड़ान के बाद विमान ने दोपहर 3 बजकर 3 मिनट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की। जैसे ही विमान रनवे पर उतरा फायर और रेस्क्यू टीमों ने उसे घेर लिया और इंजन की तत्काल जांच शुरू की गई। राहत की बात यह रही कि लैंडिंग के दौरान किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई और सभी यात्री सुरक्षित विमान से बाहर निकल आए।

    हवाई अड्डा अधिकारियों ने बताया कि लैंडिंग के बाद विमान को एक अलग बे में खड़ा कर विस्तृत तकनीकी निरीक्षण किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में इंजन में तकनीकी खराबी की पुष्टि हुई है हालांकि आग लगने की वास्तविक स्थिति को लेकर विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। तुर्किश एयरलाइंस की तकनीकी टीम और भारतीय विमानन सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं।

    यात्रियों को टर्मिनल भवन में ले जाया गया जहां उनके लिए भोजन पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई। एयरलाइन की ओर से यात्रियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों या ठहरने की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है। कई यात्रियों ने पायलट और क्रू की प्रशंसा करते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम के दौरान चालक दल ने शांत रहकर यात्रियों को भरोसा दिलाया जिससे घबराहट नहीं फैली।

    नागरिक उड्डयन विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में पायलट का समय पर निर्णय लेना सबसे अहम होता है। वाइडबॉडी विमानों में भले ही एक इंजन पर उड़ान भरने की क्षमता होती है लेकिन लंबी अंतरराष्ट्रीय दूरी के लिए यह जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में कोलकाता में इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला पूरी तरह से सुरक्षा मानकों के अनुरूप और सराहनीय माना जा रहा है।

    फिलहाल विमान की तकनीकी जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही खराबी के सही कारणों का पता चल सकेगा। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आधुनिक विमानन प्रणाली में सुरक्षा सर्वोपरि है और समय पर लिए गए फैसले सैकड़ों जिंदगियों को बचा सकते हैं।

  • इंदौर-बैतूल हाईवे पर दर्दनाक हादसा, मां-बेटे समेत चार की मौत

    इंदौर-बैतूल हाईवे पर दर्दनाक हादसा, मां-बेटे समेत चार की मौत


    इंदौर-बैतूल/ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। गुराडिया और दुलवा क्षेत्र में हुई घटनाओं में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार तीन लोगों को टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही नेमावर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। लेकिन उनकी जान बचाई नहीं जा सकी।

    हादसे में मरने वाले तीन में से दो लोग क्षेत्र के ग्राम खूबगांव के निवासी थे। 23 वर्षीय महेंद्र और उनकी 65 वर्षीय मां नर्मदाबाई के साथ ही 45 वर्षीय चंदू नामक युवक ने भी अपनी जान गंवाई। शुरुआती जांच में पुलिस ने पता लगाया कि यह सभी लोग किसी मवेशी के सौदे के लिए नेमावर की ओर जा रहे थे। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया कि उनका अंतिम गंतव्य कहां था।

    नेमावर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद उनके स्वजनों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हादसे में तेज रफ्तार और हाईवे पर असुरक्षित ड्राइविंग प्रमुख कारण रही या अन्य कोई कारक भी शामिल था।स्थानीय लोग और राहगीर हाईवे पर वाहन चलाते समय सतर्क रहने की चेतावनी दे रहे हैं। हादसे ने हाईवे पर सुरक्षा उपायों और सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण और परिवार के लोग शोक में हैं और मृतकों को अंतिम विदाई दे रहे हैं।

    इस हादसे ने यह भी याद दिलाया कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन न करना और तेज रफ्तार वाहन चलाना किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकता है। नेमावर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे हाईवे पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और नियमों का पालन करें ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों।

  • एलन मस्क ने रचा इतिहास, बने दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति

    एलन मस्क ने रचा इतिहास, बने दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति


    नई दिल्ली । दुनिया के दिग्गज उद्योगपति और टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। उनकी एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया से जुड़ी फर्म xAI के अधिग्रहण के बाद मस्क की संपत्ति में रिकॉर्ड उछाल देखने को मिला है। इस बड़े मर्जर के बाद एलन मस्क की नेटवर्थ 800 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर गई है, जिससे वह दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं।

    फोर्ब्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, SpaceX और xAI के मर्ज होने के बाद दोनों कंपनियों की संयुक्त वैल्यू करीब 1.25 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गई है। इस सौदे का सीधा फायदा एलन मस्क की व्यक्तिगत संपत्ति को मिला, जिसमें करीब 84 बिलियन डॉलर की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई। फिलहाल मस्क की कुल नेटवर्थ अनुमानित रूप से 852 बिलियन डॉलर करीब 7.7 लाख करोड़ रुपये आंकी जा रही है, जो अब तक किसी भी व्यक्ति के लिए ऐतिहासिक स्तर माना जा रहा है।

    SpaceX-xAI डील से कैसे बढ़ी मस्क की दौलत

    मर्जर से पहले एलन मस्क के पास स्पेसएक्स में लगभग 42 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। दिसंबर 2025 में हुए एक टेंडर ऑफर के बाद स्पेसएक्स की वैल्यू करीब 800 बिलियन डॉलर आंकी गई थी। इस हिसाब से मस्क के हिस्से की कीमत लगभग 336 बिलियन डॉलर बैठती थी। वहीं, उनकी दूसरी कंपनी xAI में मस्क की हिस्सेदारी करीब 49 प्रतिशत थी।

    इस महीने की शुरुआत में xAI ने एक प्राइवेट फंडरेजिंग राउंड पूरा किया था, जिसके बाद कंपनी की वैल्यू लगभग 250 बिलियन डॉलर आंकी गई। इस वैल्यूएशन के हिसाब से xAI में मस्क के शेयर की कीमत करीब 122 बिलियन डॉलर थी। यानी मर्जर से पहले ही मस्क की दोनों कंपनियों में हिस्सेदारी की कुल कीमत सैकड़ों अरब डॉलर में पहुंच चुकी थी।

    मर्जर के बाद वैल्यू में जबरदस्त उछाल

    SpaceX और xAI के मर्ज होने के बाद स्पेसएक्स की वैल्यू बढ़कर करीब 1 ट्रिलियन डॉलर हो गई, जबकि xAI की वैल्यू 250 बिलियन डॉलर पर बनी रही। फोर्ब्स के अनुमान के मुताबिक, इस नई संयुक्त कंपनी में अब एलन मस्क की हिस्सेदारी करीब 43 प्रतिशत है। मौजूदा वैल्यू के आधार पर इस हिस्सेदारी की कीमत लगभग 542 बिलियन डॉलर आंकी जा रही है।

    इसी के चलते मस्क की कुल संपत्ति में एक ही झटके में करीब 84 बिलियन डॉलर का इजाफा हुआ और उनकी नेटवर्थ 800 बिलियन डॉलर के पार निकल गई। यह आंकड़ा उन्हें न केवल मौजूदा समय का सबसे अमीर व्यक्ति बनाता है, बल्कि आधुनिक इतिहास में भी एक नया रिकॉर्ड स्थापित करता है।

    मर्जर का विचार क्यों आया?

    SpaceX और xAI के मर्जर के पीछे सिर्फ बिजनेस वैल्यू बढ़ाना ही मकसद नहीं है, बल्कि इसके पीछे एलन मस्क का एक दीर्घकालिक तकनीकी विजन भी छिपा है। स्पेस ट्रांसपोर्टेशन और सैटेलाइट कम्युनिकेशन से जुड़ी कंपनी SpaceX और एआई स्टार्टअप xAI को इस उद्देश्य से जोड़ा गया है ताकि अंतरिक्ष में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की कंप्यूटिंग क्षमता को कई गुना बढ़ाया जा सके।

    इस योजना के तहत आने वाले समय में अंतरिक्ष में बड़ी संख्या में सैटेलाइट्स भेजे जाएंगे, जो केवल इंटरनेट या कम्युनिकेशन के लिए नहीं, बल्कि एक विशाल “स्पेस-बेस्ड डेटा सेंटर” के रूप में भी काम करेंगे। इन सैटेलाइट्स के जरिए एआई मॉडल्स को ट्रेन करना, रियल-टाइम डेटा प्रोसेसिंग और ग्लोबल-लेवल कंप्यूटिंग संभव हो सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भविष्य की टेक्नोलॉजी में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।

    पहले भी कर चुके हैं मर्जर

    यह पहली बार नहीं है जब एलन मस्क ने अपनी कंपनियों को आपस में मर्ज किया हो। इससे पहले मार्च 2025 में उन्होंने अपने एआई स्टार्टअप xAI को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) के साथ मर्ज किया था। उस मर्जर का मकसद सोशल मीडिया डेटा को एआई डेवलपमेंट के लिए इस्तेमाल करना था। अब SpaceX और xAI का मर्जर मस्क की “स्पेस-एआई इकोसिस्टम” की दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है।

    दुनिया की अमीरी की रेस में मस्क सबसे आगे

    एलन मस्क पहले भी कई बार दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति रह चुके हैं, लेकिन 800 बिलियन डॉलर से ज्यादा की नेटवर्थ उन्हें बाकी अरबपतियों से कहीं आगे ले जाती है। बिजनेस एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर SpaceX-xAI का यह मॉडल सफल रहा, तो आने वाले वर्षों में मस्क की संपत्ति और प्रभाव दोनों में और इजाफा हो सकता है।

  • SIR विवाद: ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में उठाए न्याय और मतदाता सूची पर सवाल

    SIR विवाद: ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में उठाए न्याय और मतदाता सूची पर सवाल


    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण SIR प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ रिट याचिका दायर कर कहा कि इस प्रक्रिया में न्याय के मूल सिद्धांतों की अनदेखी हो रही है। ममता ने सुप्रीम कोर्ट में अपने बयान में कहा कि जब न्याय नहीं मिलता, तब लगता है कि न्याय बंद दरवाजों के पीछे रो रहा है।

    सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष हो रही है। इस दौरान राज्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने प्रक्रियात्मक कठिनाइयों, वास्तविक निवासियों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने और SIR के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित विसंगतियों पर जोर दिया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि यह प्रक्रिया संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का जोखिम पैदा कर सकती है और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ जा सकती है।

    मुख्य न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान कहा कि राज्य ने अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत याचिका दायर की है और यह मामला गंभीरता से लिया जाएगा। कोर्ट ने निर्देश दिया कि सभी पक्ष अपने दस्तावेज और प्रमाणों के साथ प्रस्तुत हों। ममता बनर्जी की दलीलों में यह भी कहा गया कि SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और यह सीधे नागरिकों के मतदान अधिकार को प्रभावित कर सकती है।

    सुनवाई के दौरान ममता ने यह भी स्पष्ट किया कि वह कोई बहुत महत्वपूर्ण व्यक्ति नहीं हैं, लेकिन राज्य की जनता के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा उनके लिए प्राथमिकता है। उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि SIR प्रक्रिया में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं ताकि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की अनुचित छंटनी या असुविधा को रोका जा सकराज्य सरकार की ओर से उठाए गए मुख्य बिंदुओं में यह भी शामिल है कि SIR प्रक्रिया से वास्तविक निवासियों का मताधिकार प्रभावित हो सकता है और यह चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा सकता है। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पक्षों से तर्क और दस्तावेज मांगे हैं।

    इस याचिका की सुनवाई जारी है और सुप्रीम कोर्ट जल्द ही SIR प्रक्रिया की संवैधानिक वैधता और मतदाता अधिकारों की रक्षा पर फैसला सुनाएगा। इस सुनवाई को राजनीतिक और संवैधानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह प्रक्रिया पूरे राज्य के मतदाता अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर असर डाल सकती है।

  • हजीरा गोलीकांड में आरोपी राहुल राजावत को झटका, हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत से किया इनकार

    हजीरा गोलीकांड में आरोपी राहुल राजावत को झटका, हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत से किया इनकार


    ग्वालियर के बहुचर्चित हजीरा गोलीकांड मामले में हाईकोर्ट की एकल पीठ ने आरोपी राहुल राजावत को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने आरोपी द्वारा प्रस्तुत निजी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाते हुए ग्वालियर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को अस्पताल की कार्यप्रणाली और इलाज से जुड़े दस्तावेजों की जांच के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के इस रुख से मामले में सख्ती का संकेत मिला है।

    यह आदेश न्यायमूर्ति मिलिंद रमेश फडके की एकल पीठ द्वारा पारित किया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी ने अपनी पत्नी और नाबालिग बच्चे की गंभीर बीमारी का हवाला देकर अंतरिम जमानत की मांग की थी लेकिन स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट से इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी।

    न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी ने निजी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट लगाकर यह दावा किया था कि उसकी पत्नी सेप्टिक शॉक जैसी गंभीर स्थिति से गुजर चुकी है और नाबालिग बच्चा एनीमिया से पीड़ित है। आरोपी का तर्क था कि परिवार की देखभाल के लिए उसकी उपस्थिति अनिवार्य है। हालांकि कोर्ट के निर्देश पर गठित स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में पत्नी की स्थिति को फिलहाल स्थिर बताया और बच्चे को उपचार योग्य अवस्था में पाया।

    कोर्ट ने दोनों रिपोर्टों में स्पष्ट विरोधाभास पाया। निजी अस्पताल के दस्तावेज स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट से मेल नहीं खाते पाए गए। प्रथम दृष्टया इन दस्तावेजों को भ्रामक मानते हुए न्यायालय ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज की और CMHO को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

    यह मामला जून 2025 में हजीरा थाना क्षेत्र में हुए गोलीकांड से जुड़ा है। इस घटना में एक युवक की मौके पर मौत हो गई थी जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ था। अभियोजन पक्ष के अनुसार वारदात को अंजाम देने में कई आरोपी शामिल थे और सुनियोजित तरीके से फायरिंग की गई थी।जांच के दौरान सामने आया कि राहुल राजावत पर केवल घटनास्थल से जुड़ा होना ही नहीं बल्कि पूरे मामले की साजिश रचने मुख्य आरोपियों को उकसाने उन्हें संरक्षण देने और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने जैसे गंभीर आरोप हैं। इसी आधार पर उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

    गौरतलब है कि आरोपी ने यह तीसरी बार अंतरिम जमानत के लिए आवेदन किया था। इससे पहले भी उसकी याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि इस स्तर पर अंतरिम राहत का कोई आधार नहीं बनता।फिलहाल आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में रहेगा और हजीरा गोलीकांड मामले की नियमित सुनवाई जारी रहेगी। कोर्ट के इस आदेश को निजी अस्पतालों की मेडिकल रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर कड़ा संदेश माना जा रहा है।