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  • महानगर पालिका चुनावों से पहले महायुति को मिली बढ़त 66 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए

    महानगर पालिका चुनावों से पहले महायुति को मिली बढ़त 66 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र में आगामी महानगरपालिका चुनावों से पहले भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को बड़ी बढ़त मिली है। शुक्रवार को नामांकन पत्रों की वापसी की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद महायुति के 66 उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। वहीं अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के दो उम्मीदवारों को भी निर्विरोध जीत मिली है।महानगरपालिका चुनावों में अब तक की स्थिति यह रही कि विपक्षी दलों और गठबंधनों के उम्मीदवारों ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है जिससे कुल 68 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं। इनमें से 66 भाजपा और शिवसेना गठबंधन से हैं जबकि एनसीपी के दो उम्मीदवार भी निर्विरोध विजयी हुए हैं।

    प्रमुख क्षेत्रों में महायुति की बढ़त

    मुंबई महानगर क्षेत्र एमएमआर में कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में महायुति के सबसे अधिक 21 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए जिनमें से 15 भाजपा और 6 शिवसेना के थे। उत्तर महाराष्ट्र के जलगांव जिले में भी भाजपा और शिवसेना ने समान सफलता हासिल की जहां दोनों दलों के छह-छह उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए।

    पनवेल और भिवंडी में महायुति की मजबूत पकड़

    पनवेल में भाजपा ने सात उम्मीदवारों को निर्विरोध जीत दिलाई है जबकि भिवंडी में जहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी NCP का प्रभाव रहा है भाजपा के छह उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए।

    धुले और अहिल्यानगर में परिणाम

    धुले जिले में भाजपा के तीन उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। अहिल्यानगर में निर्विरोध चुनावों में एनसीपी को दो सीटें मिलीं जबकि भाजपा ने एक सीट पर विजय प्राप्त की।ठाणे में शिवसेना की सफलताएं और राज ठाकरे का विरोध ठाणे जिले में जहां सत्तारूढ़ महायुति के बीच राजनीतिक मतभेद थे शिवसेना ने छह सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज की है। हालांकि राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना MNS ने इन निर्विरोध चुनावों को लेकर आपत्ति जताई है और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।

    राजनीतिक विश्लेषक की राय

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि हाल ही में संपन्न नगर परिषद चुनावों में महायुति के क्लीन स्वीप के बाद इन निर्विरोध जीतों से राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन को मनोवैज्ञानिक बढ़त और नई ऊर्जा मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार निर्विरोध जीत के चलते महायुति को संगठनात्मक मजबूती मिलेगी और वे उन क्षेत्रों में भी पूरी ताकत से प्रचार कर सकेंगे जहां सीधा चुनावी मुकाबला बाकी है।महाराष्ट्र में बीएमसी समेत अन्य महानगरपालिका चुनावों के लिए 15 जनवरी को मतदान होगा और 16 जनवरी को परिणाम घोषित किए जाएंगे।

  • प्रयागराज माघ मेला 2026 त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का तांता साधु-संतों ने भी किया पवित्र स्नान

    प्रयागराज माघ मेला 2026 त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का तांता साधु-संतों ने भी किया पवित्र स्नान


    नई दिल्ली । प्रयागराज में माघ मेले के पहले दिन त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का तांता लग गया। पौष पूर्णिमा के अवसर पर लाखों भक्त अपनी आस्था के साथ पवित्र नदियों में स्नान करने पहुंचे। माघ मेला एक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है जो देशभर से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

    श्रद्धालुओं की भारी भीड़
    साधु-संतों और आम श्रद्धालुओं के अलावा माघ मेला के पहले दिन त्रिवेणी संगम में किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर स्वामी कल्याणी नंदगिरी भी पहुंची। उन्होंने इस मौके पर कहा यह लघु कुंभ का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में श्रद्धालुओं के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं की गई हैं। स्वामी कल्याणी ने मां गंगा से सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रार्थना की और कहा कि गंगा उन्हें कष्टों से मुक्त करें।

    मेला अधिकारी और सुरक्षा व्यवस्था

    माघ मेला के आयोजन को लेकर मेला अधिकारी ऋषि राज ने बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के मद्देनज़र सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। पौष पूर्णिमा के अवसर पर माघ मेला शुरू हो चुका है। सुबह 8 बजे तक लगभग 65 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके थे उन्होंने कहा।प्रयागराज के डीएम मनीष कुमार वर्मा ने माघ मेला के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी और बताया कि पुलिसकर्मी जल पुलिस एनडीआरएफ और जीआरएफ की टीमें पूरी तत्परता से तैनात हैं। उन्होंने कहा स्नान के बाद श्रद्धालु सुरक्षित रूप से अपने-अपने गंतव्यों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।

    श्रद्धालुओं के अनुभव

    एक श्रद्धालु ने स्नान के बाद कहा यह मेरी तीसरी यात्रा है। मैं पहले भी आया हूं और 144 वर्षों बाद हुए कुंभ में भी था। यहां की व्यवस्था बहुत अच्छी है सब कुछ सुव्यवस्थित है। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी प्रशासन ने सारी तैयारियां कर रखी हैं। अगर किसी को तबियत खराब होती है तो डॉक्टर भी उपलब्ध हैं। इस साल के माघ मेले में आने वाले दिनों में और भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। प्रशासन और सुरक्षा बल पूरी तत्परता से उनका स्वागत करने के लिए तैयार हैं।

  • प्रधानमंत्री मोदी और बड़े नेताओं ने सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें नमन किया, नारी सशक्तिकरण और शिक्षा में योगदान की सराहना

    प्रधानमंत्री मोदी और बड़े नेताओं ने सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें नमन किया, नारी सशक्तिकरण और शिक्षा में योगदान की सराहना


    नई दिल्ली । देश की पहली महिला शिक्षिका और नारी सशक्तिकरण की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती शनिवार को धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृह मंत्री अमित शाह और कई अन्य नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर हम उस अग्रणी समाज सुधारक को स्मरण करते हैं जिन्होंने सेवा और शिक्षा के जरिए सामाजिक बदलाव के लिए अपना जीवन समर्पित किया। वे समानता न्याय और करुणा के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध थीं। उनका मानना था कि शिक्षा सामाजिक बदलाव का सबसे शक्तिशाली साधन है।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं को शिक्षा के मूल अधिकार से जोड़कर नारी सशक्तिकरण को नई दिशा दी। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए देश के पहले बालिका विद्यालय की स्थापना की और समाज सुधार की अलख जगाई। उनका प्रेरणादायी जीवन राष्ट्र निर्माण में सदैव मार्गदर्शक बना रहेगा।

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया नारी शिक्षा व सशक्तिकरण के लिए जीवनपर्यंत संघर्ष करने वाली महान समाज सुधारिका भारत की प्रथम महिला शिक्षिका श्रद्धेय माता सावित्रीबाई फुले जी की जयंती पर उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूं। शोषितों-वंचितों और नारी उत्थान के लिए आपने जो अभूतपूर्व कार्य किए हैं वे सदैव समाज के नवनिर्माण के लिए हम सबको प्रेरित करते रहेंगे।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा ‘क्रांतिज्योति’ सावित्रीबाई फुले ने अपने साहस संघर्ष और दूरदर्शिता से समाज में शिक्षा समानता व महिला अधिकारों की अलख जगाई। उनका जीवन सामाजिक परिवर्तन और मानवीय गरिमा का प्रतीक है। नारी सशक्तिकरण के लिए आजीवन संघर्षरत रहीं सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।

    सावित्रीबाई फुले का जीवन समाज में शिक्षा के प्रसार और महिलाओं के अधिकारों के लिए उनके संघर्ष को दर्शाता है। उन्होंने न केवल महिलाओं के लिए शिक्षा के द्वार खोले बल्कि अपने समय में प्रचलित जातिवाद और महिला शोषण के खिलाफ भी आवाज उठाई। उनके योगदान को आज भी समाज सुधारकों और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे लोगों द्वारा याद किया जाता है।

  • मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

    मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में जनवरी की शुरुआत के साथ ही ठंड और घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शीतलहर के कारण दिन-प्रतिदिन तापमान गिर रहा है और सड़कों पर सन्नाटा छा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जिससे आने वाले दिनों में और ठंड और कोहरे का सामना करना पड़ सकता है।

    9 जिलों में अति घने कोहरे का अलर्ट

    मौसम विभाग ने ग्वालियर दतिया भिंड रीवा सतना पन्ना छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में अति घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में अगले 24 से 48 घंटे तक कोहरे का असर रहने की संभावना जताई गई है साथ ही कुछ इलाकों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट हो सकती है।

    पचमढ़ी रहा प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान

    प्रदेश का प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी एक बार फिर सबसे ठंडा स्थान रहा जहां न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे ठिठुरन और बढ़ गई है और खासकर पहाड़ी इलाकों में लोगों को ठंड से राहत मिलना मुश्किल हो रहा है।

    प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान

    शिवपुरी – 6 डिग्री ,टीकमगढ़ – 8 डिग्री,राजगढ़ – 9 डिग्री,रीवा – 9.2 डिग्री,भोपाल – 10.6 डिग्री,ग्वालियर – 10.2 डिग्री,इंदौर – 12.4 डिग्री,बैतूल – 10 मीटर से कम विजिबिलिटी

    बैतूल में सबसे घना कोहरा

    बैतूल जिले में इस मौसम का अब तक का सबसे घना कोहरा दर्ज किया गया है। कई इलाकों में दृश्यता 10 मीटर से भी कम रही जिससे सड़क यातायात में परेशानी आई। कोहरे के कारण उत्तर भारत से आने-जाने वाली कई ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं। मौसम विभाग ने अगले एक-दो दिन में और घने कोहरे की संभावना जताई है खासकर सुबह के समय। इस मौसम में ठंड और कोहरे का असर शहरों और कस्बों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी देखा जा रहा है जहां लोग गर्म कपड़े और हीटर का इस्तेमाल बढ़ा चुके हैं।

  • भोपाल के संजय नगर में बिजली डिस्ट्रीब्यूशन पाइंट में लगी भीषण आग राहत की बात – कोई जनहानि नहीं

    भोपाल के संजय नगर में बिजली डिस्ट्रीब्यूशन पाइंट में लगी भीषण आग राहत की बात – कोई जनहानि नहीं


    भोपाल । भोपाल के शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र स्थित संजय नगर में शुक्रवार रात एक बिजली डिस्ट्रीब्यूशन पाइंट डीपी में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें आसमान तक उठती हुईं और इलाके में घना धुआं फैल गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    घटना का समय और स्थान
    यह घटना शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे के आसपास की है। संजय नगर क्षेत्र में एक बिजली पोल पर लगे डिस्ट्रीब्यूशन पाइंट डीपी से अचानक चिंगारी निकली जिसके बाद आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग तेज़ी से फैलने लगी और आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए।

    आग फैलने का कारण

    स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआत में पोल के ऊपर से तेज आवाज के साथ चिंगारी निकली उसके बाद आग की लपटें उठने लगीं। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है हालांकि बिजली विभाग की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। डीपी में लगी आग से तारों में जलन हुई जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

    दमकल वाहन का न पहुंच पाना

    घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड को बुलाया गया लेकिन संजय नगर की संकरी गलियों के कारण दमकल वाहन मौके तक नहीं पहुंच सका। इस बीच बिजली विभाग ने आग के फैलने की संभावना को देखते हुए क्षेत्र की बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कर दी जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

    स्थानीय लोगों की सतर्कता

    आग की लपटें तेज हो गईं तो स्थानीय लोगों ने बाल्टियों और अन्य संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की। कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने आग बुझा दी। अगर यह प्रयास समय पर न किया जाता तो आग पास के घरों तक फैल सकती थी।

    प्रशासन और बिजली विभाग की प्रतिक्रिया
    घटना की जानकारी मिलने के बाद बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और जली हुई डीपी का निरीक्षण किया। अधिकारियों का कहना है कि डीपी को बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इलाके में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बिजली आपूर्ति बहाल करने की कोशिश की जा रही है। बिजली विभाग ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए इलाके में लगे पुराने उपकरणों की जांच की जाएगी। स्थानीय निवासियों ने भी यह मांग की है कि जर्जर बिजली ढांचे की समय रहते मरम्मत की जाए ताकि ऐसी घटनाएं फिर से न हों।

  • इंदौर में जहरीले पानी से मौतों का मामला नगर निगम कमिश्नर हटाए गए 15 मौतों के बीच सरकार ने हाईकोर्ट में केवल 4 मौतें मानी

    इंदौर में जहरीले पानी से मौतों का मामला नगर निगम कमिश्नर हटाए गए 15 मौतों के बीच सरकार ने हाईकोर्ट में केवल 4 मौतें मानी


    इंदौर । इंदौर में दूषित और जहरीले पानी के कारण हुई मौतों का मामला प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर गंभीर रूप ले चुका है। सरकारी तंत्र की लापरवाही और बढ़ते जनआक्रोश के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर नगर निगम के कमिश्नर दिलीप यादव को पद से हटा दिया। साथ ही एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब की गई जब इंदौर के भागीरथपुरा और आसपास के क्षेत्रों में नर्मदा जल आपूर्ति से जुड़े पानी को पीने के बाद सैकड़ों लोग बीमार पड़े और कई की जान चली गई।

    स्थानीय लोगों ने पहले ही पानी में गंदगी और बदबू की शिकायत की थी लेकिन प्रशासन ने समय पर पानी की आपूर्ति को रोकने के बजाय इसे नजरअंदाज किया। इसके परिणामस्वरूप कई मौतें हुईं जिनकी संख्या को लेकर विवाद बना हुआ है। मृतकों के परिजनों और अस्पतालों के अनुसार अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है जबकि राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट में केवल 4 मौतों की पुष्टि की है।

    हाईकोर्ट में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने बताया कि सभी मृतकों की उम्र 60 वर्ष से अधिक थी। मृतकों की सूची में उर्मिला 28 दिसंबर तारा 60 नंदा 70 और हीरालाल 65 शामिल हैं। सरकार ने इसे एक “प्रारंभिक रिपोर्ट” बताया जबकि अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी को तय की है।

    इंदौर के अस्पतालों और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसानी द्वारा की गई जांच में पानी को पीने योग्य नहीं पाया गया। लैब रिपोर्ट में फीकल कॉलिफॉर्म ई-कोलाई विब्रियो और प्रोटोजोआ जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं। विशेष रूप से हैजा फैलाने वाला बैक्टीरिया विब्रियो कोलेरी भी पानी में मौजूद था हालांकि सरकार इसे सार्वजनिक नहीं करना चाहती। नगर निगम की लैब में भेजे गए सैंपल भी असंतोषजनक पाए गए।इस घटनाक्रम के बाद इंदौर नगर निगम में तीन नए अपर आयुक्त नियुक्त किए गए हैं। इनमें खरगोन के सीईओ आकाश सिंह आलीराजपुर के सीईओ प्रखर सिंह और इंदौर उप परिवहन आयुक्त आशीष कुमार पाठक शामिल हैं।

    राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी बयानबाजी हो रही है। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने इंदौर में लोगों को “पानी नहीं जहर” बांटने का आरोप लगाया। वहीं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान भी विवादों में रहे जिससे विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इंदौर के प्रभावित इलाकों में अब लोग टैंकरों बोतलबंद पानी और बोरिंग पर निर्भर हैं। प्रशासन ने पानी की आपूर्ति की निगरानी और जांच तेज करने का दावा किया है लेकिन मौतों के वास्तविक आंकड़े और जिम्मेदारी तय होने पर सवाल अभी भी खड़े हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाचरौद में 78.61 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का किया लोकार्पण

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाचरौद में 78.61 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का किया लोकार्पण


    उज्जैन । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन जिले के खाचरौद में 78.61 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने क्षेत्र में शिक्षा, कृषि, और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए कई योजनाओं का उद्घाटन किया।
    मुख्यमंत्री ने खाचरौद में 39 विकास कार्यों की शुरुआत की, जिनमें 16 पूर्ण और 23 नए कार्य शामिल हैं। इनमें 35.40 करोड़ रुपये की लागत से सांदीपनि विद्यालय भवन और 11.30 करोड़ रुपये की लागत से नई कृषि उपज मंडी प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय में आधुनिक शिक्षा सुविधाओं का प्रबंध किया जाएगा, जिससे छात्रों का भविष्य उज्जवल होगा।
    इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में स्मार्ट क्लासेस, संयुक्त तहसील कार्यालय, जनपद पंचायत भवन और स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी परियोजनाओं का भी भूमिपूजन किया। कृषि उपज मंडी में विश्राम भवन, भोजनालय और पेयजल की सुविधा भी प्रदान की जाएगी, ताकि किसानों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खाचरौद में फूड प्रोसेसिंग पार्क की घोषणा की, जो क्षेत्र के कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार प्रदान करेगा। इसके अलावा, उन्होंने नागदा से खाचरौद होते हुए उज्जैन और जावरा तक फोरलेन हाईवे बनाने की योजना की भी जानकारी दी, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र से सीधा लाभ मिलेगा।
    किसानों के हित में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किया और बताया कि सरकार गेहूं खरीदी पर 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे रही है। इसके साथ ही, अगले तीन वर्षों में 32 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे।
    मुख्यमंत्री ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना और केन-बेतवा परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रदेश की सिंचाई क्षमता 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाई जाएगी, जिससे किसानों को  फायदेमंद होगा।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने इन विकास कार्यों को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताया। इस मौके पर उज्जैन सांसद अनि फिरोजिया, राज्यसभा सदस्य उमेशनाथ महाराज, खाचरौद विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।

  • 4 जनवरी का पंचांग त्रिपुष्कर और सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संगम जानें राहुकाल और शुभ मुहूर्त

    4 जनवरी का पंचांग त्रिपुष्कर और सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संगम जानें राहुकाल और शुभ मुहूर्त


    नई दिल्ली । 4 जनवरी 2026 रविवार को कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से माघ का महीना आरंभ हो रहा है। माघ माह को धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक पवित्र और शुभ माना जाता है। इस महीने में पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों से मुक्ति प्राप्त होती है। खास बात यह है कि इस दिन त्रिपुष्कर और सर्वार्थ सिद्धि योग का संगम हो रहा है जो किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ समय है।

    इस दिन नए वाहन की खरीदारी नया घर या व्यापार शुरू करने के लिए यह योग उपयुक्त है। त्रिपुष्कर योग दोपहर 12:29 बजे से लेकर 3:11 बजे तक रहेगा जबकि सर्वार्थ सिद्धि योग 3:11 बजे से लेकर 5 जनवरी की सुबह 7:15 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक रहती है।

    शुभ मुहूर्त के समय पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से लेकर 12:47 बजे तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 5:35 बजे से लेकर 6:02 बजे तक होगा जबकि अमृत काल मुहूर्त दोपहर 1:01 बजे से लेकर 2:27 बजे तक रहेगा। वहीं राहुकाल के दौरान किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से बचना चाहिए। यह राहुकाल शाम 4:20 बजे से लेकर 5:38 बजे तक रहेगा। इसी तरह यमगण्ड काल दोपहर 12:26 बजे से लेकर 1:44 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 3:02 बजे से लेकर 4:20 बजे तक रहेगा।

    सूर्योदय सुबह 7:15 बजे और सूर्यास्त शाम 5:38 बजे होगा। चन्द्रोदय शाम 6:40 बजे होगा और 5 जनवरी की सुबह 8:09 बजे तक रहेगा। इस दिन पश्चिम दिशा की यात्रा से बचना चाहिए क्योंकि दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा। यह दिन धार्मिक और शुभ कार्यों के लिए अत्यधिक उपयुक्त है खासकर जब त्रिपुष्कर और सर्वार्थ सिद्धि योग का लाभ लिया जाए।

  • उज्जैन में महाकाल महोत्सवशंकर महादेवन और सोना महापात्रा देंगे प्रस्तुति

    उज्जैन में महाकाल महोत्सवशंकर महादेवन और सोना महापात्रा देंगे प्रस्तुति


    उज्जैन । उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 14 से 18 जनवरी तक पांच दिवसीय महाकाल महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव में देश-विदेश के प्रसिद्ध कलाकार शंकर महादेवन सोना महापात्रा और अन्य कई कलाकार अपनी शानदार प्रस्तुति देंगे। यह आयोजन महाकाल की महिमा को दर्शाने और लोक संस्कृति के रंगों को उजागर करने के लिए विशेष रूप से आयोजित किया जा रहा है।महोत्सव का उद्घाटन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जनवरी को शाम 7 बजे महाकाल महालोक में करेंगे। इस मौके पर प्रभारी मंत्री गौतम टेटवालसंस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधीराज्यसभा सदस्य संत बालयोगी उमेशनाथसांसद अनिल फिरोजिया और निगम सभापति कलावती यादव भी मौजूद रहेंगे।

    कला और संस्कृति का संगम

    महोत्सव के दौरान शंकर महादेवन और सोना महापात्रा जैसे जानेमाने कलाकारों द्वारा संगीत और कला की शानदार प्रस्तुति दी जाएगी। इसके अलावाभोपाल के भारत भवन में महाभारत का मंचन भी होगाजो दर्शकों के लिए एक अनूठा अनुभव होगा।

    इतिहास से जुड़ा महोत्सव

    यह महोत्सव सिर्फ संगीत और कला के लिए नहींबल्कि उज्जयिनी के इतिहास से भी जुड़ा हुआ है। करीब 2100 साल पहलेसम्राट विक्रमादित्य भी शिव महोत्सव का आयोजन करते थेजो आज भी लोगों की श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है।यह महाकाल महोत्सव उज्जैन के धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर हैजो न केवल स्थानीय बल्कि देश-विदेश से आए पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी आकर्षित करेगा।

  • इंदौर में दूषित पानी से मौतों के 11 दिन बाद सरकार ने पेयजल आपूर्ति के लिए बनाई एसओपी

    इंदौर में दूषित पानी से मौतों के 11 दिन बाद सरकार ने पेयजल आपूर्ति के लिए बनाई एसओपी


    भोपाल। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई मौतों के 11 दिन बादमध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रणाली के लिए मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी जारी की है। यह कदम पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करनेरिसाव रोकने और शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए उठाया गया है। मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने शुक्रवार देर रात इस एसओपी को जारी किया। इसके तहतशहरी क्षेत्रों में जल वितरण प्रणाली की नियमित जांच और अनुरक्षण की व्यवस्था की गई है।

    एसओपी के प्रमुख बिंदु

    सर्वेक्षण शहरी क्षेत्रों में जल वितरण प्रणाली का सात दिन में सर्वे किया जाएगा। पाइपलाइन का निरीक्षण 20 वर्ष से अधिक पुरानी पाइपलाइनों का चिन्हांकन करइन पाइपलाइनों से रिसाव को 48 घंटे के भीतर सुधारने की जिम्मेदारी तय की गई है। जल शोधन संयंत्र और टंकी की सफाई जल शोधन संयंत्रों और उच्च स्तरीय टंकियों की सफाई और निरीक्षण सात दिन के भीतर किया जाएगा।

    शिकायत निवारण शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सशक्त तंत्र स्थापित किया जाएगा। इस एसओपी को केंद्रीय लोक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण अभियंत्रण संगठन द्वारा जारी मैन्युअल ऑन वाटर सप्लाई एंड ट्रीटमेंट और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के आधार पर तैयार किया गया है।

    जलापूर्ति की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की कोशिश

    एसओपी के मुताबिकशहरी स्थानीय निकायों के लिए इसे अनिवार्य किया गया हैताकि लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिले। जलापूर्ति प्रणाली की गुणवत्ता की नियमित जांचपुराने पाइपलाइनों के बदलाव और शोधन संयंत्रों की सफाई इस प्रक्रिया का हिस्सा हैं। इस कदम को लेकर अधिकारियों का कहना है कि इससे पानी की गुणवत्ता में सुधार होगा और भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा।