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  • E20 पर सरकार का जवाब, इथेनॉल मिश्रण ने बचाए उपभोक्ताओं के हजारों करोड़, पेट्रोल 125 रुपये लीटर तक जाने से रुका

    E20 पर सरकार का जवाब, इथेनॉल मिश्रण ने बचाए उपभोक्ताओं के हजारों करोड़, पेट्रोल 125 रुपये लीटर तक जाने से रुका


    नई दिल्ली। इथेनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा दावा किया है। सरकार का कहना है कि यदि देश में इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम लागू नहीं किया गया होता तो पश्चिम एशिया में ईरान संकट के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी का सीधा असर भारतीय उपभोक्ताओं पर पड़ता और दिल्ली में पेट्रोल की कीमत करीब 125 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती थी। सरकार के अनुसार E20 नीति ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की महंगाई का प्रभाव काफी हद तक कम करने में मदद की है।

    पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण वाली E20 नीति का उद्देश्य केवल वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देना नहीं है बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना भी है। मंत्रालय का कहना है कि वैश्विक बाजार में जब कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं तब इथेनॉल मिश्रण की वजह से पेट्रोल की लागत को नियंत्रित रखने में मदद मिली और उपभोक्ताओं को संभावित भारी मूल्य वृद्धि से राहत मिली।

    सरकार ने उन दावों को भी खारिज किया है जिनमें कहा जा रहा था कि E20 पेट्रोल पुराने वाहनों के लिए नुकसानदायक है या इससे बड़ी संख्या में वाहन अनुपयोगी हो जाएंगे। मंत्रालय के अनुसार E20 को लागू करने से पहले विभिन्न ऑटोमोबाइल कंपनियों और तकनीकी संस्थानों द्वारा व्यापक परीक्षण किए गए थे। सरकार का कहना है कि यह ईंधन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है और कई देशों में लंबे समय से उपयोग किया जा रहा है।

    मंत्रालय के मुताबिक इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का एक बड़ा फायदा विदेशी मुद्रा की बचत भी है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है और कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार चढ़ाव का सीधा असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ऐसे में इथेनॉल ब्लेंडिंग से पेट्रोल में आयातित ईंधन की हिस्सेदारी कम होती है जिससे आयात बिल घटाने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद मिलती है।

    हालांकि E20 को लेकर कुछ वाहन मालिकों और विशेषज्ञों ने माइलेज तथा पुराने इंजनों पर संभावित प्रभाव को लेकर सवाल भी उठाए हैं। सरकार का कहना है कि E20 अनुकूल वाहनों में माइलेज पर प्रभाव सीमित है और यह वाहन की तकनीक रखरखाव तथा ड्राइविंग परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि अपुष्ट दावों और भ्रामक सूचनाओं के बजाय आधिकारिक तकनीकी जानकारी पर भरोसा करें।

    सरकार का मानना है कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम केवल ईंधन लागत नियंत्रित करने तक सीमित नहीं है बल्कि इससे किसानों को अतिरिक्त बाजार उपलब्ध होता है पर्यावरणीय दृष्टि से कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलती है और देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होती है। इसी कारण केंद्र सरकार आने वाले समय में भी इथेनॉल आधारित ईंधन नीति को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।

  • कच्चे तेल की खोज….. समुद्र मंथन योजना पर 84084 करोड़ खर्च करेगा भारत

    कच्चे तेल की खोज….. समुद्र मंथन योजना पर 84084 करोड़ खर्च करेगा भारत


    नई दिल्‍ली।
    भारत (India) एनर्जी निर्भरता (Energy Dependence) को कम करने के लिए कई बड़े कदम उठा रहा है. अब भारत ने समुद्र से कच्‍चे तेल (Crude Oil) को निकालने के लिए एक योजना शुरू किया है. इस योजना के तहत समुद्र के नीचे अधिक तेल और प्राकृतिक गैस की खोज की जाएगी. यह एक लॉन्‍गटर्म स्‍कीम है. इस प्रोग्राम का नाम ‘समुद्र मंथन’ रखा गया है.

    नेशनल आफसोर एक्‍सप्‍लोरेशन योजना (समुद्र मंथन) के तहत 84,084 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी गई है. यह खर्च वित्त वर्ष 2030-31 तक चलेगा, जिसका लक्ष्य गहरे जल क्षेत्रों में घरेलू तेल और गैस की खोज को बढ़ावा देकर भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है. समुद्र में उन जगहों पर तेल और गैस की खोज की जाएगी, जहां पर विशाल संसाधन मौजूद हैं और अभी तक किसी ने खोज नहीं की है।

    सरकार के अनुसार, यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस नजरिए को दर्शाती है, जिसे उन्होंने पहली बार 2025 के स्वतंत्रता दिवस भाषण में चर्चा की थी, जिसमें भारत की ऊर्जा क्षमता को उजागर करने के लिए आधुनिक युग के समुद्र मंथन का संचालन करने की बात कही गई थी।

    यह कार्यक्रम ऐसे समय में शुरू किया गया है जब भारत अपने कच्चे तेल का लगभग 88-89% और प्राकृतिक गैस का लगभग आधा हिस्सा आयात करता है. यानी देश की ऊर्जा की बढ़ती मांग विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भर है और जियो-पॉलिटिक तनाव के कारण भारत के लिए एनर्जी सप्‍लाई प्रभावित हुई है।


    इस योजना के तहत क्‍या होगा?

    भारत में कई आफशोर सेमीडेंट्र्री बेसिन हैं, जिनमें तेल और प्राकृतिक गैस मौजूद हो सकती है, लेकिन इनमें से कई अभी भी बड़े पैमाने पर अनछुए हैं क्योंकि वहां से तेल निकालना कठिन और महंगा है. इस योजना के तहत, सरकार बड़े पैमाने पर सर्वे, भूवैज्ञानिक अध्ययन, ड्रिलिंग और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे प्रमुख प्रारंभिक चरण के कार्यों के लिए धन उपलब्ध कराएगी।

    इसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले भूवैज्ञानिक डेटा का उत्पादन करना है जो आशाजनक हाइड्रोकार्बन संसाधनों की पहचान कर सके और तेल-गैस निकालने में मदद कर सके. भारत के इस कदम से घरेलू स्‍तर पर तेल और गैस में बड़ा निवेश आ सकता है. साथ ही भारत का एनर्जी क्षमता मजबूत हो सकती है।


    समुद्र मंथन आखिर करेगा क्या?

    इस योजना के तहत आधुनिक टेक्‍नोलॉजी का उपयोग करते हुए उन जगहों की पहचानल की जाएगी, जहां पर तेल और गैस के होने की संभावना है. इसके बाद आशाजनक गहरे पानी और अति-गहरे पानी के क्षेत्रों में ड्रिलिंग की जाएगी. इस योजना के तहत सीमावर्ती जगहों में वैज्ञानिक ड्रिलिंग, सामान्य उत्पादन और निकासी, तेल और गैस विनिर्माण और सेवा क्षेत्र, आधुनिक टेक, डिजिटल प्रोगाम मैनेजमेंट और क्षमता निर्माण भी शामिल हैं।

    इससे क्‍या लाभ हो सकता है?
    सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से समय के साथ तेल और गैस भंडार में 600 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक तेल के बराबर मात्रा जुड़ जाएगी. हालांकि व्यावसायिक उत्पादन में अभी कई साल लगेंगे, लेकिन सफल खोजों से भारत की ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम हो सकती है, लॉन्‍गटर्म ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो सकती है, निवेश आकर्षित हो सकता है, रोजगार पैदा हो सकते हैं और देश की ऊर्जा क्षमताओं को बढ़ावा मिल सकता है।

  • अवैध घुसपैठ से निपटने के लिए समुद्र में 1600 फीट की दीवार बनाएगा स्पेन

    अवैध घुसपैठ से निपटने के लिए समुद्र में 1600 फीट की दीवार बनाएगा स्पेन


    मैड्रिड।
    मोरक्को (Morocco) से घुस आए अवैध प्रवासियों (Illegal Immigrants) के चलते स्पेन (Spain) में काफी समस्या हुई है। अब स्पेन ने इससे निपटने के लिए नया तरीका इस्तेमाल करने का फैसला किया है। स्पेन (Spain) ने घोषणा की है कि वह अपने उत्तरी अफ़्रीकी क्षेत्र स्यूटा और पड़ोसी मोरक्को के बीच समुद्री सीमा (Maritime border.) पर 500 मीटर लंबा (1,600 फीट) बैरियर बनाएगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, सेउटा के तटीय इलाके में ताराजल ब्रेकवॉटर के पास एक तैरता हुआ अवरोध लगाया गया था। गौरतलब है कि मोरक्को के साथ लगती स्पेन के सेउटा सीमा पर मरने वालों की संख्या बढ़कर 67 हो गई है। स्पेन सरकार ने शनिवार को यह जानकारी दी।


    ब्रेकवॉटर बैरियर को पार कर गए

    स्पेन सरकार ने कहाकि मृतकों में कुछ ऐसे लोग शामिल हैं जो डूब गए और कुछ ‘ब्रेकवॉटर बैरियर’ को पार करने की भगदड़ में मारे गए। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने सेउटा की घटनाओं पर यूरोपीय संघ के कुछ नेताओं की प्रतिक्रिया की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहाकि स्पेन को यूरोपीय संघ के सीमा-रहित शेंगेन क्षेत्र से निलंबित करने की मांग पूर्वाग्रह, फर्जी खबरों, अज्ञानता या राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित है। शनिवार सुबह तैरकर सेउटा के ताराजल तट पर पहुंचे कुछ थके-हारे प्रवासियों को सैनिकों ने सीमा के पार वापस भेज दिया।


    गृह मंत्रालय ने क्या कहा

    स्पेन के गृह मंत्रालय का कहना है कि उत्तरी अफ्रीका में स्पेन के इलाके में दाखिल होने वालों में ज्यादातर लोग पहले ही मोरक्को लौट चुके हैं। स्पेन के गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का ने शनिवार को सेउटा में पत्रकारों से कहाकि हम कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्ती से पेश आते हैं। जब यह सवाल पूछा गया कि दोनों तरफ कड़ी सुरक्षा के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोग सीमा कैसे पार कर पाए और क्या मोरक्को से सेउटा को कोई खतरा है, तो मार्लास्का ने रबात में मौजूद सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहाकि इन घटनाओं का स्पेन और मोरक्को को मिलकर जायजा लेने की जरूरत है। लेकिन पड़ोसी देशों के साथ सहयोग की वजह से ही स्पेन 24 घंटे में हालात को सामान्य कर पाया।


    इटनी ने शुरू की यात्रियों की जांच

    उधर, इटली ने स्पेन से आने वाले यात्रियों पर अस्थायी रूप से सीमा पर जांच शुरू कर दी है। फ्रांस ने भी अपनी सीमाओं पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है। प्रधानमंत्री सांचेज ने यूरोपीय संघ के गृह मंत्रियों की आपातकालीन बैठक बुलाने का भी आह्वान किया है। करीब 84,000 की आबादी वाले सेउटा शहर पर इस अचानक आए दबाव के कारण स्पेन और पूरे यूरोप में राजनीतिक बहस छिड़ गई है। इटली ने हवाई और समुद्री मार्ग से स्पेन से आने वाले गैर-यूरोपीय संघ के नागरिकों की जांच शुरू कर दी है। इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने कहा कि यूरोपीय सीमाओं की सुरक्षा के लिए यह कदम आवश्यक था।

  • गुजरात से असम तक… भारी बारिश से कई राज्यों में तबाही…केन्द्र ने जारी किए 2,117 करोड़ रुपये

    गुजरात से असम तक… भारी बारिश से कई राज्यों में तबाही…केन्द्र ने जारी किए 2,117 करोड़ रुपये


    नई दिल्ली।
    मूसलाधार मानसूनी बारिश (Monsoon rains), बादल फटने, अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन की घटनाओं से देशभर में तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। केंद्र सरकार ने राज्य आपका राहत कोष से बाढ़ प्रभावित सात राज्यों के लिए 2,117 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh), ओडिशा (Odisha), नगालैंड (Nagaland), अरुणाचल प्रदेश, असम, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं।

    जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के छात्रू इलाके में शुक्रवार की देर रात बादल फटने के बाद पहाड़ी से आए मलबे और पत्थरों से आबादी वाले क्षेत्र में कई दुकानों, घरों को नुकसान पहुंचा और वाहन दब गए।मलबा आने से किश्तवाड़-अनंतनाग राष्ट्रीय राजमार्ग भी कुछ देर के लिए बंद रहा। अमरनाथ यात्रा भी बंद है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने से फंसे 2,200 लोगों को तीन विशेष ट्रेनें चलाकर निकाला गया।

    केरल में भारी बारिश के बाद कई जगह हुए भूस्खलन में छह लोगों की मौत हो गई है और छह लोग लापता हैं। राज्य भर में 65 राहत शिविर खोले गए हैं, जिनमें 1,465 लोगों ने शरण ली है। 12 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसको देखते हुए 2 अगस्त को होने वाली राज्य पात्रता परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है।


    पूरब से पश्चिम तक तबाही का मंजर

    हिमाचल प्रदेश: कुमारसैन में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। धर्मशाला के समीप भूस्खलन की चपेट में आने से दो युवक घायल हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर है।
    – मणिपुर-असम: चुराचांदपुर जिले में भारी बारिश के बाद लानवा नदी आई बाढ़ में एक व्यक्ति बह गया। असम में बाढ़ से अब तक 82 लोगों की मौत हुई है और 1.93 लाख लोग प्रभावित।
    – गुजरात: दक्षिण और मध्य गुजरात में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति के बाद 27 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
    – ओडिशा: महानदी का जल स्तर बढ़ने के बाद हीराकुंड बांध के 22 गेट खोल दिए गए हैं और 10 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। बाढ़ से 8 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

  • CWG 2026: भारत की पदक तालिका में लंबी छलांग….एक दिन में 8 गोल्ड सहित रिकॉर्ड 16 मेडल जीते

    CWG 2026: भारत की पदक तालिका में लंबी छलांग….एक दिन में 8 गोल्ड सहित रिकॉर्ड 16 मेडल जीते


    नई दिल्ली।
    ग्लासगो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स (Glasgow Commonwealth Games) के 10वें दिन भारत (India) की झोली में रिकॉर्ड 16 मेडल (Record 16 medals) आए। इन मेडल के दम पर भारत ने ओवरऑल मेडल टैली में लंबी छलांग लगाई है। भारत अब कुल 39 मेडल के साथ चौथे पायदान पर पहुंच गया है।

    भारत ने 10वें दिन 8 गोल्ड, 5 सिल्वर और 3 बॉन्ज मेडल जीते, जिसमें 7 गोल्ड तो बॉक्सिंग में आए। बॉक्सर प्रीति पवार, जैस्मीन लैम्बोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने टॉप मेडल जीते, जबकि जदुमणि सिंह, लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बेरवाल ने अपने-अपने वेट कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीते। लॉन्ग-डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 5000m फाइनल में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर CWG 2026 का अपना दूसरा मेडल जीता। दूसरी ओर, पुरुषों के F57 शॉट पुट इवेंट में भारत 1-2 पर रहा, जिसमें सोमन राणा ने गोल्ड और शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल जीता। पुरुषों के ट्रिपल जंप इवेंट में, प्रवीण चित्रवेल ने सिल्वर मेडल जीता, जबकि सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। जूडोका उन्नति शर्मा ने भी ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। भारत के कुल 39 मेडल (13 गोल्ड, 17 ​​सिल्वर और नौ ब्रॉन्ज) हो गए हैं, जिससे देश मेडल टेबल में चौथे नंबर पर आ गया है।


    कॉमनवेल्थ गेम्स के 10वें दिन मेडल जीतने वाले भारतीय एथलीट्स

    गोल्ड प्रीति पवार – महिलाओं की 54kg (बॉक्सिंग)
    गोल्ड जैस्मिन लैम्बोरिया – महिलाओं की 57kg (बॉक्सिंग)
    गोल्ड सोमन राणा – पुरुषों की शॉट पुट F57 (पैरा एथलेटिक्स)
    गोल्ड साक्षी चौधरी – महिलाओं की 51kg (बॉक्सिंग)
    गोल्ड प्रिया घनघस – महिलाओं की 60kg (बॉक्सिंग)
    गोल्ड अरुंधति चौधरी – महिलाओं की 70kg (बॉक्सिंग)
    गोल्ड सचिन सिवाच – पुरुषों की 60kg (बॉक्सिंग)
    गोल्ड अंकुश पंघाल – पुरुषों का 80kg (बॉक्सिंग)
    सिल्वर प्रवीण चित्रावेल – पुरुषों का ट्रिपल जंप (एथलेटिक्स)
    सिल्वर जदुमणि सिंह मंडेंगबाम – पुरुषों का 55kg (बॉक्सिंग)
    सिल्वर शुभम जुयाल – पुरुषों का शॉट पुट F57 (पैरा एथलेटिक्स)
    सिल्वर लवलीना बोरगोहेन – महिलाओं का 75kg (बॉक्सिंग)
    सिल्वर नरेंद्र बेरवाल – पुरुषों का +90kg (बॉक्सिंग)
    ब्रॉन्ज सेल्वा प्रभु थिरुमारन – पुरुषों की ट्रिपल जंप (एथलेटिक्स)
    ब्रॉन्ज उन्नति शर्मा – महिलाओं की -57kg (जूडो)
    ब्रॉन्ज गुलवीर सिंह – पुरुषों की 5000m (एथलेटिक्स)


    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारतीय एथलीट्स (13)

    मीराबाई चानू – महिलाओं की 48kg (वेटलिफ्टिंग)
    शर्मिला धनखड़ – महिलाओं की शॉट पुट F57 (पैरा एथलेटिक्स)
    दिलीप महादू गावित – पुरुषों की 100m T47 (पैरा एथलेटिक्स)
    अस्मिता डे – महिलाओं की -48kg (जूडो)
    हर्ष सिंह – पुरुषों की -60kg (जूडो)
    प्रीति पवार – महिलाओं की 54kg (बॉक्सिंग)
    जैस्मिन लैम्बोरिया – महिलाओं की 57kg (बॉक्सिंग)
    सोमन राणा – पुरुषों की शॉट पुट F57 (पैरा एथलेटिक्स)
    साक्षी चौधरी – महिलाओं की 51kg (बॉक्सिंग)
    प्रिया घनघस – महिलाओं की 60kg (बॉक्सिंग)
    अरुंधति चौधरी – महिलाओं की 70kg (बॉक्सिंग)
    सचिन सिवाच – पुरुषों की 60kg (बॉक्सिंग)
    अंकुश पंघाल – पुरुषों का 80kg (बॉक्सिंग)


    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतने वाले भारतीय एथलीट्स (17)

    ऋषिकांत सिंह – पुरुषों का 60kg (वेटलिफ्टिंग)
    मुथुपंडी राजा – पुरुषों का 65kg (वेटलिफ्टिंग)
    ज्ञानेश्वरी यादव – महिलाओं का 53kg (वेटलिफ्टिंग)
    वल्लूरी अजय बाबू – पुरुषों का 79kg (वेटलिफ्टिंग)
    हरजिंदर कौर – महिलाओं का 69kg (वेटलिफ्टिंग)
    सर्वेश कुशारे – पुरुषों का हाई जंप (एथलेटिक्स)
    गुलवीर सिंह – पुरुषों का 10,000m (एथलेटिक्स)
    एम. श्रीशंकर – पुरुषों का लॉन्ग जंप (एथलेटिक्स)
    मोहम्मद बेसिल – पुरुषों का 100m T47 (पैरा एथलेटिक्स)
    लवप्रीत सिंह – पुरुषों का +110kg (वेटलिफ्टिंग)
    यामिनी मौर्या – महिलाओं का -57kg (जूडो)
    नीरज चोपड़ा – पुरुषों का जेवलिन थ्रो (एथलेटिक्स)
    प्रवीण चित्रावेल – पुरुषों का ट्रिपल जंप (एथलेटिक्स)
    जदुमणि सिंह मंडेंगबाम – पुरुषों का 55kg (बॉक्सिंग)
    शुभम जुयाल – पुरुषों का शॉट पुट F57 (पैरा एथलेटिक्स)
    लवलीना बोरगोहेन – महिलाओं का 75kg (बॉक्सिंग)
    नरेंद्र बेरवाल – पुरुषों का +90kg (बॉक्सिंग)


    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले भारतीय एथलीट्स (9)

    झंडू कुमार – पुरुषों का हैवीवेट (पैरा पावरलिफ्टिंग)
    बिंद्यारानी देवी – महिलाओं का 58kg (वेटलिफ्टिंग)
    शिल्पा के. शायला – महिलाओं का शॉट पुट F57 (पैरा एथलेटिक्स)
    सीमा कालीरमना – महिलाओं का डिस्कस थ्रो (एथलेटिक्स)
    तेजस्विन शंकर – डेकाथलॉन (एथलेटिक्स)
    यश वीर सिंह – पुरुषों की जैवलिन थ्रो (एथलेटिक्स)
    सेल्वा प्रभु थिरुमारन – पुरुषों की ट्रिपल जंप (एथलेटिक्स)
    उन्नति शर्मा – महिलाओं की -57kg (जूडो)
    गुलवीर सिंह – पुरुषों की 5000m (एथलेटिक्स)

  • विदेशी फंडिंग और डिजिटल कैंपेन की जांच तेज, जंतर मंतर प्रदर्शन मामले में पांच कंपनियां एजेंसियों के निशाने पर

    विदेशी फंडिंग और डिजिटल कैंपेन की जांच तेज, जंतर मंतर प्रदर्शन मामले में पांच कंपनियां एजेंसियों के निशाने पर


    नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए विवादित प्रदर्शन को लेकर जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे मामले में कथित विदेशी फंडिंग डिजिटल कैंपेन और सोशल मीडिया नेटवर्क की गहन पड़ताल कर रही हैं। शुरुआती जांच के आधार पर पांच से अधिक कंपनियां एजेंसियों के रडार पर बताई जा रही हैं। इनमें कुछ ऐसी कंपनियां भी शामिल हैं जो डिजिटल मार्केटिंग सोशल मीडिया कैंपेन और इंफ्लूएंसर मैनेजमेंट से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि प्रदर्शन से जुड़ी गतिविधियों के लिए धन किस माध्यम से जुटाया गया और उसका इस्तेमाल किस प्रकार किया गया।

    सूत्रों के अनुसार बीते तीन दिनों के दौरान दिल्ली गुरुग्राम मुंबई और बेंगलुरु स्थित कई कार्यालयों और परिसरों में तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज डिजिटल कैंपेन का रिकॉर्ड सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर के साथ हुए समझौते और अन्य महत्वपूर्ण कागजात की जांच की गई। एजेंसियों ने कई डिजिटल उपकरण भी अपने कब्जे में लिए हैं जिनकी फोरेंसिक जांच की जा रही है ताकि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा सके।

    जांच में कुछ संदिग्ध वित्तीय लेनदेन भी सामने आने की बात कही जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन लेनदेन के माध्यम से सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार के प्रचार अभियान चलाए गए हो सकते हैं। इसी कारण कई सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर भी जांच के दायरे में आए हैं। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या किसी प्रकार के भुगतान के बदले सोशल मीडिया पर विशेष अभियान संचालित किए गए थे। जांच पूरी होने और पर्याप्त दस्तावेजी तथा डिजिटल साक्ष्य मिलने के बाद संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

    जांच एजेंसियों ने सोशल मीडिया गतिविधियों की भी विस्तृत समीक्षा शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में करीब दो हजार संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान किए जाने का दावा किया गया है। इनमें से कई अकाउंट विदेशों से संचालित बताए जा रहे हैं जबकि लगभग सात सौ अकाउंट भारत से सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। जांच का फोकस इन खातों के संचालन भुगतान और डिजिटल डेटा को सुरक्षित रखने पर भी है ताकि पूरे डिजिटल नेटवर्क की भूमिका स्पष्ट की जा सके।

    इसी बीच पश्चिम बंगाल एसटीएफ की जांच में गिरफ्तार जैश ए मोहम्मद के संदिग्ध आतंकी हामिम मंडल से जुड़े मामले ने भी जांच को नया आयाम दिया है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि उसने कथित रूप से जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर तोड़फोड़ करने की साजिश रची थी। साथ ही कुछ पुलिस अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी निशाना बनाने की योजना होने की बात सामने आई है। हालांकि इन दावों की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं।

    इसके अलावा कई यूट्यूबर और ऑनलाइन कंटेंट क्रिएटर भी जांच एजेंसियों की निगरानी में हैं। जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि प्रदर्शन और उससे जुड़े डिजिटल प्रचार अभियान में उनकी भूमिका क्या थी और क्या किसी प्रकार का आर्थिक लेनदेन या संगठित अभियान चलाया गया था। फिलहाल एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने तक मामले की विस्तृत पड़ताल जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित वित्तीय नेटवर्क और डिजिटल गतिविधियों में किसकी क्या भूमिका रही।

  • मंगल गोचर 2026 बना सकता है मालामाल, इन चार राशियों के लिए करियर कारोबार और धन के खुलेंगे नए रास्ते

    मंगल गोचर 2026 बना सकता है मालामाल, इन चार राशियों के लिए करियर कारोबार और धन के खुलेंगे नए रास्ते


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों का राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों के जीवन पर किसी न किसी रूप में प्रभाव डालता है। इसी क्रम में 2 अगस्त 2026 की रात लगभग 11 बजे मंगल ग्रह मिथुन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं और 18 सितंबर तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को साहस पराक्रम ऊर्जा आत्मविश्वास भूमि संपत्ति और नेतृत्व क्षमता का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में मंगल का यह गोचर कई राशियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आएगा जबकि कुछ लोगों को संयम और सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस गोचर का सबसे अधिक शुभ प्रभाव मेष सिंह तुला और कुंभ राशि के जातकों पर देखने को मिल सकता है।

    मेष राशि के जातकों के लिए यह गोचर करियर और आर्थिक क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। लंबे समय से पदोन्नति या वेतन वृद्धि का इंतजार कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है जिससे भविष्य में उन्नति के रास्ते खुलेंगे। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं और आय के स्रोत बढ़ सकते हैं। नया कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी यह समय अनुकूल माना जा रहा है। हालांकि किसी भी बड़े फैसले में जल्दबाजी करने से बचना बेहतर रहेगा।

    सिंह राशि के लोगों के लिए मंगल का यह गोचर करियर और व्यवसाय में नई उपलब्धियां दिला सकता है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत और प्रतिभा की सराहना होगी तथा वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। व्यापारियों को नए ग्राहक और लाभदायक सौदे मिलने की संभावना है जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विद्यार्थियों के लिए भी यह समय अनुकूल माना जा रहा है क्योंकि पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ सकती है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता मिलने के योग बन रहे हैं।

    तुला राशि के जातकों के लिए यह गोचर भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को नई संभावनाएं मिल सकती हैं। व्यवसाय विस्तार की योजनाएं सफल हो सकती हैं और आर्थिक स्थिति में पहले से अधिक मजबूती देखने को मिलेगी। परिवार में सुखद वातावरण बना रहेगा तथा पुराने विवाद समाप्त होने के संकेत हैं। घर परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा और नए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना रहेगी।

    कुंभ राशि के लोगों के लिए मंगल का मिथुन राशि में प्रवेश विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है। मेहनत का पूरा फल मिलने के संकेत हैं और नौकरी तथा कारोबार दोनों में सफलता प्राप्त हो सकती है। पुराने निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। विदेश यात्रा या विदेश से जुड़े कार्यों में भी सफलता मिल सकती है। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी और प्रेम संबंध पहले से अधिक मजबूत होंगे। संतान से जुड़ी कोई शुभ सूचना मिलने से परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और मानसिक संतोष प्राप्त होगा।

    हालांकि ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित होती हैं और इन्हें निश्चित परिणाम नहीं माना जाता। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में अपनी परिस्थितियों और विशेषज्ञ सलाह को प्राथमिकता देना आवश्यक है। फिर भी मंगल का यह गोचर कई लोगों के लिए नई ऊर्जा आत्मविश्वास और प्रगति के अवसर लेकर आने वाला माना जा रहा है। यदि मेहनत और सही योजना के साथ आगे बढ़ा जाए तो यह समय कई क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम देने वाला साबित हो सकता है।

  • पापा ने एक हां में बदल दी किस्मत, सनी देओल ने बताया कैसे धर्मेंद्र के भरोसे बनी सुपरहिट फिल्म घायल

    पापा ने एक हां में बदल दी किस्मत, सनी देओल ने बताया कैसे धर्मेंद्र के भरोसे बनी सुपरहिट फिल्म घायल


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल इन दिनों अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म बंटवारा 1947 को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है और इसके साथ ही सनी देओल लगातार प्रमोशन में जुटे हुए हैं। इसी दौरान उन्होंने अपनी सुपरहिट फिल्म घायल से जुड़ा एक ऐसा भावुक किस्सा साझा किया जिसने उनके प्रशंसकों के साथ फिल्म प्रेमियों का भी दिल जीत लिया। सनी ने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब इस फिल्म पर कोई निर्माता पैसा लगाने को तैयार नहीं था लेकिन उनके पिता और दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने उन पर भरोसा जताया और वही भरोसा आगे चलकर भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में से एक की नींव बना।

    सनी देओल ने सोशल मीडिया पर निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ एक वीडियो साझा करते हुए उस दौर को याद किया। उन्होंने बताया कि युवा राजकुमार संतोषी ने घायल की कहानी लिखी थी और उन्हें इस कहानी पर शुरू से पूरा विश्वास था। दोनों कई निर्माताओं के पास गए लेकिन किसी ने भी फिल्म बनाने में रुचि नहीं दिखाई। लगातार निराशा मिलने के बाद सनी ने फैसला किया कि अब इस कहानी को अपने पिता धर्मेंद्र को सुनाया जाए।

    उस समय धर्मेंद्र जयपुर में फिल्म बंटवारा की शूटिंग कर रहे थे और रामबाग पैलेस में ठहरे हुए थे। सनी देओल राजकुमार संतोषी को लेकर उनके पास पहुंचे। संतोषी ने पूरी कहानी सुनाई और कहानी खत्म होते ही धर्मेंद्र ने बिना किसी हिचकिचाहट के फिल्म बनाने के लिए हामी भर दी। सनी ने बताया कि उनके पिता को सिर्फ कहानी ही नहीं बल्कि इस बात पर भी गर्व था कि उनके बेटे ने इतनी दमदार स्क्रिप्ट को पहचाना और उस पर विश्वास बनाए रखा।

    सनी ने कहा कि घायल की सफलता केवल एक फिल्म की सफलता नहीं थी बल्कि यह उनके पिता के भरोसे और विश्वास की जीत थी। उन्होंने कहा कि अगर उस समय धर्मेंद्र उनका साथ नहीं देते तो शायद घायल कभी बड़े पर्दे तक नहीं पहुंच पाती। यही भरोसा उनके जीवन का सबसे बड़ा संबल बना और आगे चलकर घायल ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल करते हुए भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।

    सनी देओल ने एक और दिलचस्प संयोग का जिक्र करते हुए बताया कि जिस जयपुर शहर में धर्मेंद्र ने बंटवारा की शूटिंग के दौरान घायल के लिए हां कही थी उसी शहर में वर्षों बाद वह अपनी नई फिल्म बंटवारा 1947 का पहला प्रमोशन कर रहे हैं। उनके अनुसार यह महज संयोग नहीं बल्कि जीवन का खूबसूरत चक्र है जो उन्हें पुराने संघर्ष और नई सफलता दोनों की याद दिलाता है।

    बंटवारा 1947 की कहानी भारत विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म में सनी देओल एक मुस्लिम व्यक्ति की भूमिका निभा रहे हैं जो विभाजन के दौरान पाकिस्तान पहुंच जाता है। वहां जिस घर में वह रहता है उसकी ऊपरी मंजिल पर एक हिंदू महिला रहती है जो अपना घर छोड़ने से इनकार कर देती है। सांप्रदायिक तनाव और दंगों के बीच सनी का किरदार उस महिला और अपने परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाता है। फिल्म में मानवीय रिश्तों और इंसानियत के संदेश को प्रमुखता से दिखाया गया है।

    फिल्म में प्रीति जिंटा पांच साल से अधिक समय बाद अभिनय की दुनिया में वापसी कर रही हैं। करण देओल भी अहम भूमिका में नजर आएंगे और फिल्म में सनी देओल के बेटे का किरदार निभा रहे हैं। इसके अलावा अली फजल अभिमन्यु सिंह खुशी हजारे और कनिका कपूर भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। एआर रहमान के संगीत और जावेद अख्तर के गीतों से सजी इस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने बिना किसी कट के मंजूरी दी है। आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी यह फिल्म दर्शकों के बीच पहले ही जबरदस्त उत्सुकता पैदा कर चुकी है।

  • रोज योग करते हैं फिर भी नहीं दिख रहा असर तो अपनाइए सही नियम बढ़ेगी ऊर्जा मिलेगा बेहतर स्वास्थ्य

    रोज योग करते हैं फिर भी नहीं दिख रहा असर तो अपनाइए सही नियम बढ़ेगी ऊर्जा मिलेगा बेहतर स्वास्थ्य


    नई दिल्ली। योग भारत की प्राचीन जीवन पद्धति है जो केवल शरीर को स्वस्थ रखने तक सीमित नहीं है बल्कि मानसिक शांति आत्मिक संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली का भी आधार मानी जाती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लाखों लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं लेकिन कई लोग सही नियमों की जानकारी के बिना योग करते हैं जिसकी वजह से उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। योग का वास्तविक फायदा तभी मिलता है जब इसे सही समय सही स्थान और सही विधि से किया जाए।

    योग करने का सबसे उपयुक्त समय सुबह ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय के आसपास माना जाता है। इस समय वातावरण शुद्ध रहता है और शरीर तथा मन दोनों अधिक सक्रिय होते हैं। यदि सुबह समय न मिल पाए तो शाम को भी योग किया जा सकता है लेकिन भोजन के कम से कम तीन से चार घंटे बाद ही अभ्यास करना चाहिए। भरे पेट योग करने से शरीर पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है और कई बार पाचन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।

    योग हमेशा शांत स्वच्छ और हवादार स्थान पर करना चाहिए। खुली हवा में किया गया योग शरीर को अधिक ऑक्सीजन उपलब्ध कराता है जिससे फेफड़े बेहतर तरीके से काम करते हैं। योग करते समय ढीले और आरामदायक सूती कपड़े पहनना सबसे अच्छा माना जाता है ताकि शरीर की गतिविधियों में किसी तरह की रुकावट न आए।

    योग शुरू करने से पहले कुछ मिनट गहरी सांस लेकर शरीर और मन को शांत करना चाहिए। इसके बाद हल्के वार्मअप से मांसपेशियों को तैयार करें ताकि चोट लगने की संभावना कम हो जाए। किसी भी आसन को जल्दबाजी में करने की बजाय धीरे धीरे और पूरी एकाग्रता के साथ करना चाहिए। योग प्रतियोगिता नहीं बल्कि संतुलन और संयम का अभ्यास है इसलिए अपनी क्षमता से अधिक शरीर पर दबाव नहीं डालना चाहिए।

    योग के दौरान सांसों का विशेष महत्व होता है। प्रत्येक आसन में सांस लेने और छोड़ने की सही प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है क्योंकि प्राणायाम और नियंत्रित श्वास शरीर में ऊर्जा का संचार करती है। यदि सांसों पर नियंत्रण सही रहेगा तो योग का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है और मानसिक तनाव भी तेजी से कम होता है।

    किसी भी गंभीर बीमारी उच्च रक्तचाप हृदय रोग गर्भावस्था या हाल ही में हुई सर्जरी की स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही योग करना चाहिए। कुछ कठिन आसनों का अभ्यास प्रशिक्षित योग शिक्षक की देखरेख में करना अधिक सुरक्षित माना जाता है। गलत तरीके से किया गया योग लाभ की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है।

    योग करने के बाद तुरंत भारी भोजन नहीं करना चाहिए। पहले कुछ मिनट शवासन में आराम करें ताकि शरीर सामान्य अवस्था में लौट सके। इसके बाद हल्का गुनगुना पानी या पौष्टिक आहार लिया जा सकता है। योग के साथ संतुलित भोजन पर्याप्त नींद और सकारात्मक सोच भी जरूरी है क्योंकि स्वस्थ जीवन केवल आसनों से नहीं बल्कि अच्छी दिनचर्या से बनता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित और अनुशासित तरीके से किया गया योग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है मानसिक तनाव कम करता है पाचन सुधारता है हृदय को स्वस्थ रखता है और जीवन में नई ऊर्जा का संचार करता है। यदि योग को रोजमर्रा की आदत बना लिया जाए और उसके मूल नियमों का पालन किया जाए तो यह केवल बीमारी से बचाने का माध्यम नहीं बल्कि संपूर्ण स्वस्थ और संतुलित जीवन की मजबूत नींव बन सकता है।

  • देशसेवा और फिटनेस का संगम, राष्ट्रपति मुर्मु ने सोल्जरथॉन व NCC साइक्लोथॉन का किया शुभारंभ

    देशसेवा और फिटनेस का संगम, राष्ट्रपति मुर्मु ने सोल्जरथॉन व NCC साइक्लोथॉन का किया शुभारंभ


    नई दिल्ली। देश में फिटनेस राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से राजधानी दिल्ली में शनिवार को कई प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किए गए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन परिसर से पीबीजी सोल्जरथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जबकि केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम से एनसीसी साइक्लोथॉन 2026 की शुरुआत कर युवाओं को अनुशासन फिटनेस और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया। इन आयोजनों ने देशवासियों विशेषकर युवाओं में देशभक्ति और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया।

    राष्ट्रपति भवन में आयोजित पीबीजी सोल्जरथॉन का आयोजन सैनिकों के साथ दौड़ें सैनिकों के लिए दौड़ें विषय पर किया गया। इस पहल का उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों के साहस समर्पण और बलिदान को सम्मान देना तथा आम नागरिकों और सैनिकों के बीच मजबूत भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करना था। इस अवसर पर मिजोरम के राज्यपाल और इस अभियान के संरक्षक जनरल वीके सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सैनिकों और आम नागरिकों ने भाग लेकर एक साथ दौड़ लगाई और राष्ट्रीय ध्वज के साथ देश के वीर जवानों के प्रति अपना सम्मान और समर्थन व्यक्त किया।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस अवसर पर कहा कि सोल्जरथॉन केवल एक दौड़ नहीं बल्कि नागरिकों और सशस्त्र बलों के बीच विश्वास और सम्मान का मजबूत सेतु है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक सीमाओं पर दिन रात देश की रक्षा करते हैं और उनके साहस तथा त्याग को सम्मान देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। राष्ट्रपति ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं और लोगों को सैनिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराते हैं।

    दूसरी ओर भारत की आजादी के 79 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एनसीसी साइक्लोथॉन 2026 को केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस कार्यक्रम में 79 एनसीसी कैडेट शामिल हुए जिन्होंने अनुशासन फिटनेस और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया। कार्यक्रम में ओलंपिक पदक विजेता और विश्व चैंपियन मुक्केबाज मैरी कॉम की उपस्थिति ने युवाओं का उत्साह और बढ़ा दिया।

    मनसुख मांडविया ने कहा कि एनसीसी केवल एक संगठन नहीं बल्कि अनुशासन नेतृत्व क्षमता और समाज सेवा की पाठशाला है। उन्होंने कहा कि आज के युवा विकसित भारत के सबसे मजबूत आधार हैं और उनकी ऊर्जा देश के भविष्य को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने युवाओं से फिट रहने समाज के प्रति जिम्मेदार बनने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

    मैरी कॉम ने भी युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि एनसीसी की वर्दी केवल कपड़ा नहीं बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारी और सेवा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए अनुशासन मेहनत और समर्पण सबसे महत्वपूर्ण हैं तथा युवा इन्हीं मूल्यों को अपनाकर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।

    इसी क्रम में जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से नशा मुक्त भारत अभियान के तहत फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के 84वें संस्करण का भी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को नियमित व्यायाम स्वस्थ जीवनशैली और नशामुक्त समाज के प्रति जागरूक करना था।

    इन सभी आयोजनों ने यह संदेश दिया कि फिट शरीर अनुशासित जीवन और राष्ट्र के प्रति समर्पण ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। सैनिकों के सम्मान से लेकर युवाओं की भागीदारी तक दिल्ली में आयोजित ये कार्यक्रम देशभक्ति सामाजिक एकता और स्वस्थ भारत के संकल्प को नई मजबूती देने वाले साबित हुए।