Blog

  • मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया

    मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया


    भोपाल।
    केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार देर शाम मध्य प्रदेश के प्रवास के दौरान भोपाल में मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसी राम सिलावट और विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी उपस्थित थे।

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने सोशल मीडिया एक्स पर उक्त जानकारी साझा करते हुए आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ आत्मीय एवं सार्थक भेंट हुई। उनके नेतृत्व में मध्य प्रदेश विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है। इस अवसर पर राज्य के समावेशी विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रदेश की प्रगति को और गति देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा हुई।

    सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश में ‘स्टेट एआई मिशन’ की शुरुआत, सुशासन को अधिक सशक्त, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की एक दूरदर्शी पहल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विज़न को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह मिशन कृषि, स्वास्थ्य, पोषण एवं आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में बेहतर निर्णय क्षमता और जनकल्याण को नई गति देगा।


    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवार के निवास पहुंचकर व्यक्त की शोक संवेदना

    इससे पहले केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निवास पहुंचे और उनकी सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल के असामयिक निधन होने अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने खंडेलवाल से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

  • मध्य प्रदेश बहुत जल्द लॉन्च करेगा अपना स्टेट एआई मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्य प्रदेश बहुत जल्द लॉन्च करेगा अपना स्टेट एआई मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात् आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज के दौर का सर्वाधिक संभावनाशील सेक्टर है। शासन-प्रशासन व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सरकार भी आगे बढ़ रही है। अब इस दिशा में एआई की मदद ली जाएगी। हम बहुत जल्द मध्य प्रदेश का अपना ‘स्टेट एआई मिशन’ लॉन्च करने जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह एक लक्ष्य केंद्रित मिशन होगा। इस मिशन से शासन प्रणाली में कसावट और सुप्रबंधन लाने के प्रयास किए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुशासन के जरिए नागरिक सेवाओं और सुविधाओं को और भी सिविक-फ्रेंडली बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए नई-नई तकनीकों से जुड़कर प्रदेश में नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सुशासन एवं विकास को नई गति देने और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से इस मिशन को प्रारंभ किया जा रहा है। स्टेट एआई मिशन में कृषि, स्वास्थ्य, पोषण एवं आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संभावित जोखिमों की पूर्व पहचान संभव हो सकेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मिशन को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। वित्त वर्ष 2026-27 में एआई तकनीक के लिए ढांचागत विकास किया जाएगा। वर्तमान एआई पहलों को एकीकृत कर आधारभूत तैयारी सुदृढ़ की जाएगी। वित्त वर्ष 2027-28 में सफल यूज़ केसेस को विभिन्न विभागों में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा तथा वित्त वर्ष 2028-29 से एआई को शासन की स्थायी संस्थागत क्षमता के रूप में विकसित किया जाएगा।


    जयपुर में मिले 5,055 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बताया कि बीते शनिवार को जयपुर प्रवास के दौरान वहां निवेशकों से वन-टू-वन मीटिंग की। इस दौरान निवेशकों ने मध्य प्रदेश के प्रति अगाध स्नेह और अपनत्व जताया। विभिन्न औद्योगिक समूहों, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, फूड-प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों सहित 400 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी रही। सीआईआई राजस्थान के अध्यक्ष एवं न्यूरोइक्विलिब्रियम के एमडी रजनीश भंडारी ने स्वागत भाषण में मध्य प्रदेश की नीतियों एवं उसके क्रियान्वयन की तारीफ की। प्रमुख उद्योगपतियों मनीष गुप्ता (चेयरमैन, इनसोलेशन एनर्जी), महावीर प्रताप शर्मा (चेयरमैन, राजस्थान एंजेल्स) और केएल जैन (अध्यक्ष, राजस्थान चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) ने भी अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस इन्टरैक्टिव सेशन में बेहद सकारात्मक संवाद के बाद सरकार को वहां के निवेशकों से 5,055 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे लगभग 3,530 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जयपुर में मिले निवेश प्रस्ताव के यह आंकड़े बताते हैं कि देश-विदेश के निवेशकों के बीच मध्य प्रदेश की साख और हमारी औद्योगिक नीतियों के प्रति विश्वास कितनी तेजी से बढ़ रहा है।


    139 दिन लगातार चलेगा तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। मध्यप्र देश में तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान गत 19 मार्च से प्रारंभ हो चुका है। बीते दो अभियानों को अच्छा प्रतिसाद मिला। इस दौरान प्रदेश में नये कुंए, बावड़ियों, अमृत सरोवरों, तालाबों के साथ-साथ पुरानी जल संरचनाओं के पुनर्भरण और सूखी नदियों के पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किये गये। बीते साल खंडवा जिले में जल संचयन के लिए अभूतपूर्व काम हुआ।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीसरे अभियान में करीब 2500 करोड़ रुपये से प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों, नगरीय निकायों और पंचायत स्तर पर जल संवर्धन और संचयन कार्य किए जाएंगे। बीते सालों की तरह इस वर्ष भी जल संरक्षण के लिए विभिन्न कार्य किये जायेंगे। साथ-साथ नदियों, तालाबों, बावडियों और कुओं का जीर्णोद्धार भी मिशन मोड में किया जायेगा। नदियों के उद्गम क्षेत्रों में हरित विकास के लिये गंगोत्री हरित योजना में कार्य किये जायेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि हमारे जल गंगा संवर्धन अभियान को केंद्र सरकार से भी सराहना और समर्थन मिला है। जल बचाने के लिए देशभर में चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों में मध्यप्रदेश का जल गंगा संवर्धन अभियान अव्वल श्रेणी में आया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले वर्ष 2024 में करीब 30 दिन, दूसरे वर्ष 2025 में 120 दिन यह अभियान चलाया। मौजूदा साल में गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक कुल 139 दिन तक लगातार यह अभियान चलाया जाएगा।


    3 से 5 अप्रैल तक बनारस में होगा सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन

    मुख्यमंत्री ने मंत्रीगण को बताया कि आगामी 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भगवान काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी (बनारस) में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन किया जायेगा। यह वीर विक्रमादित्य के महात्म्य के दिनों-दिन बढ़ता प्रभाव है।


    उज्जैन में नैवेद्य लोक का लोकार्पण

    मुख्यमंत्री ने मंत्रीगण को बताया कि उन्होंने हाल ही में उज्जैन में नैवेद्य लोक का लोकार्पण किया है। यह मालवांचल के व्यंजनों को एक प्लेटफार्म देने का प्रयोगात्मक प्रयास है। इसे इंदौर की छप्पन दुकानों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां कुल 108 दुकानें हैं, जो विभिन्न मालवी व्यंजनों का रसास्वादन कराती हैं।


    अंतरराष्ट्रीय खुशहाली दिवस

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते सप्ताह आनंद विभाग के अधीन राज्य आनंद संस्थान द्वारा भोपाल में अंतरराष्ट्रीय खुशहाली दिवस मनाया गया। वे स्वयं इस आयोजन में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारे मनुष्यगत मनोभावों को अभिव्यक्त करने मनोरंजक का माध्यम बना। सरकार सबके जीवन में खुशहाली लाने के लिए ही तो काम कर रही है। इस प्रकार के आयोजनों से हमारी कार्यक्षमता और कार्यदक्षता सहित जीवन में खुशहाली भी बढ़ती है।

  • मप्र में 13 दिन से ठप पड़ी कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई ठप…. आज से होगी शुरू, आदेश जारी

    मप्र में 13 दिन से ठप पड़ी कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई ठप…. आज से होगी शुरू, आदेश जारी


    भोपाल।
    पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के चलते मध्य प्रदेश में पिछले 13 दिन से कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद पड़ी हुई है। मंगलवार से इसकी सप्लाई शुरू हो सकती है। दरअसल, सोमवार देर रात राज्य सरकार ने होटल-रेस्टोरेंट समेत ढाबों और स्ट्रीट फूड वेंडर्स को एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई के आदेश जारी कर दिए हैं।

    आदेश के मुताबिक होटल, रेस्टोरेंट और कैर्ट्स को नौ प्रतिशत कमर्शियल एलपीजी सप्लाई दी जाएगी, जबकि ढाबा और स्ट्रीट फूड वेंडर्स को सात प्रतिशत गैस मिलेगी। इसके अलावा कैटर्स और अन्य उद्योगों को भी सिलेंडर देने के निर्देश दिए गए हैं।

    कमर्शियल गैस की सप्लाई 13 दिन तक ठप रहने से प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित रहे। कई होटल बंद होने की कगार पर पहुंच गए थे, तो कई जगह मेन्यू बदलना पड़ा। हालात ऐसे बन गए कि डीजल भट्टी और इंडक्शन के जरिए काम चलाना पड़ा, जिसमें छोटे ढाबे और स्ट्रीट फूड वेंडर्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।

    बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन में 10 प्रतिशत कमर्शियल सिलेंडर देने का प्रावधान है, लेकिन सप्लाई के स्पष्ट आदेश नहीं मिलने से प्रदेश में गैस की किल्लत हो गई। इसी कारण होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर संकट गहरा गया।

    गैस संकट को लेकर एक दिन पहले यानी रविवार को होटल और रेस्टोरेंट संगठनों ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि शमी से मुलाकात कर गैस की निर्बाध सप्लाई बहाल करने की मांग की थी। इसके बाद सरकार ने आदेश जारी किए। भोपाल होटल एवं रेस्टोरेंट संघ के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने कहा कि कमर्शियल गैस आपूर्ति पर पाबंदी के कारण होटल व्यवसाय ठप होने की कगार पर पहुंच गया था। अब इस फैसले से राहत मिलेगी।


    घरेलू उपभोक्ताओं को भी सिलेंडर समय पर उपलब्ध कराने के दिये निर्देश

    खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरूण शमी ने सोमवार को सिलेंडर की वितरण व्यवस्था सुचारू बनाए रखने तथा घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये हैं।

    उन्होंने कहा कि शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को आवश्यकता की 100 प्रतिशत गैस की आपूर्ति की जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के लिए विशेष छूट के निर्देश भी जारी किये हैं। इसके अतिरिक्त राज्यो को 10 प्रतिशत अधिक आवंटन की पेशकश की है जो पीएनजी प्रणाली की ओर बदलाव का समर्थन करने वाले सुधारो से जुड़ा है। मंत्रालय द्वारा पीएनजी गैस के आवेदन तथा शुरूआत के बीच के समय को कम करने के निर्देश भी दिये हैं।

    अपर मुख्य सचिव शमी ने बताया कि ऑइल कंपनियो के प्रतिनिधि के अनुसार पूर्व मे जहां 84 प्रतिशत उपभोक्ता ऑनलाइन बुकिंग करवा रहे थे, वह संख्या बढकर 90 प्रतिशत से अधिक हो गयी है। कंपनियो ने मोबाइल एप, एसएमएस, व्हाट्सएप तथा आईवीआरएस कॉल द्वारा गैस बुकिंग की सुविधा प्रदान की है। उपभोक्ता बुकिंग के लिए इन डिजिटल माध्यम का प्रयोग करें तथा अनावश्यक रूप से एजेंसी पर जाने से बचे।

    उन्होंने बताया कि प्रदेश मे एलपीजी की कालाबाजारी तथा जमाखोरी के विरूद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश मे 1844 स्थानों पर कार्यवाही कर 2717 सिलेंडर जब्त किये गए। पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी तथा घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता के सम्बन्ध में ऑयल कंपनियों से समन्वय के लिए राज्य स्तर पर 6 सदस्यीय समिति भी गठित की गयी है, जो प्रदेश में कामर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी करेगी।

    एसीएस रश्मि अरुण शमी ने औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संस्थाओ से आग्रह किया है कि वे उपलब्धता अनुसार पीएनजीके कनेक्शन लें। उन्होंने कहा कि पीएनजी की आपूर्ति लगातार बनी हुई है और आगे भी जारी रहेगी। पेट्रोल, डीजल, घरेलू पीएनजी तथा सीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता है और इनकी आपूर्ति भी निरंतर एवं बिना कटौती के जारी रहेगी।

    ऑयल कंपनी के स्टेट नोडल ऑफिसर अजय श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक है तथा प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट एवं वितरकों के गोदाम में पर्याप्त सिलेण्डर उपलब्ध हैं। घरेलू उपभोक्ताओं से अपील की गयी है कि विगत अंतिम रिफिल के 25 दिन बाद पुनः बुकिंग करायें।

    प्रशासन द्वारा वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को अपनाने की सलाह भी दी गयी है। जिन कामो में गैस ज्यादा खर्च होती है उनको नियंत्रित करने एवं विकल्प तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रदेश में घरेलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति जारी है, उपभोक्ता अनावश्यक रूप से अफवाहों से भ्रमित न हों। देश की रिफायनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही हैं तथा पश्चिम एशिया के अतिरिक्त अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

    सिलेण्डर बुकिंग संबंधित शिकायत/सुझाव हेतु इन टोल फ्री नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है
    – भारत गैस हेल्पलाइन नंबर – 1800-22-4344 (टोल फ्री)
    – इंडेन गैस कस्टमर केयर नंबर- 1800-2333-555 (टोल फ्री)
    – एचपी गैस कस्टमर केयर नंबर- 1800-2333-555 (टोल फ्री)

  • भोपाल नगर निगम का 3938.45 करोड़ रुपये का बजट पारित…..कोई नया टैक्स नहीं

    भोपाल नगर निगम का 3938.45 करोड़ रुपये का बजट पारित…..कोई नया टैक्स नहीं


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में महापौर मालती राय ने सोमवार को नगर निगम का बजट पेश किया। इसमें शहर के विकास कार्यों के लिए 3938 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नगर निगम ने बजट में शहरवासियों पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है।

    बजट में भोपाल ‘शहर सरकार’ ने कई नए वादे भी किए है। हालांकि, पिछले दो साल से किए जा रहे 7 हेरिटेज गेट, गीता भवन बनाने जैसे वादे अब भी अधूरे हैं। एक साल में सिर्फ दो हेरिटेज गेट के लिए भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे और होशंगाबाद रोड पर भूमिपूजन हुआ है। मंत्री-विधायकों की आपत्ति के बाद प्रॉपर्टी या जल कर बढ़ाने की संभावना कम ही है। पिछली बार कुल 3611 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था।

    इधर, बजट में इस बार टैक्स नहीं बढ़ाया गया है, लेकिन वार्डों में परिसीमन शुल्क बढ़ाने की तैयारी है। ऐसे में कई उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ेगा। दोपहर 12 बजे से शाम 7.30 बजे के बीच पक्ष-विपक्ष में नोक-झोंक की स्थिति बनी। हालांकि, बहुमत के आधार पर बजट पारित कर दिया गया।

    इधर, भोपाल नगर निगम के बजट ने शहर की राजनीति को गरमा दिया है। नए बजट के साथ ही पुराने बजट के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष ने जहां अधूरे कामों और खर्च पर बड़ा हमला बोला है, वहीं महापौर ने विकास कार्यों के जारी रहने का दावा करते हुए आरोपों को खारिज किया है।

    पुराने बजट पर विपक्ष का बड़ा आरोप नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि पिछले बजट का बड़ा हिस्सा अब तक खर्च नहीं हो पाया। उनके अनुसार, कुल बजट का करीब 65% हिस्सा शेष है, जबकि केवल 45% राशि का ही उपयोग हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि खर्च हुई राशि में भी स्थिति चिंताजनक है। सिर्फ 10% काम ही जमीनी स्तर पर शुरू हो पाए हैं, जबकि 90% प्रोजेक्ट अब तक शुरू नहीं हुए। जकी ने इसे पुराने वादों का दोहराव बताते हुए कहा कि जिन योजनाओं पर पहले काम नहीं हुआ, उन्हीं को दोबारा बजट में शामिल कर दिया गया है।


    कागजी बजट, जनता को नहीं मिल रहा लाभ

    नेता प्रतिपक्ष जकी ने कहा कि बजट में कई मद ऐसे हैं, जिनमें पहले भी राशि स्वीकृत हुई, लेकिन न तो काम शुरू हुए और न ही पूरे किए गए। उनके मुताबिक, योजनाओं के नाम पर सिर्फ राशि आवंटित की जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत में काम नजर नहीं आ रहे। उन्होंने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजस्व वसूली पर ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिससे निगम की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। साथ ही पार्षद निधि की फाइलें लंबे समय से टेंडर प्रक्रिया में अटकी होने का मुद्दा भी उठाया, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।


    महापौर ने कहा- विकास कार्य जारी

    वहीं महापौर मालती राय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नगर निगम का 3,938 करोड़ 45 लाख 28 हजार रुपये का बजट शहर के विकास और सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि भोपाल की पहचान को ध्यान में रखते हुए बड़ा तालाब, छोटा तालाब और शाहपुरा लेक के सौंदर्यीकरण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही निगम कर्मचारियों के हित में दुर्घटना सहायता और पुरस्कार राशि बढ़ाने जैसे फैसले लिए गए हैं।


    टैक्स में राहत, योजनाओं पर फोकस

    महापौर ने स्पष्ट किया कि जलकर, संपत्ति कर और सीवेज कर में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे आम नागरिकों को राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि पुराने वादों पर काम जारी है। विसर्जन कुंड और प्रवेश द्वार निर्माण प्रगति पर हैं, म्यूजियम के लिए जमीन की तलाश जारी है और कैंपियन ग्राउंड में छोटा स्टेडियम लगभग तैयार हो चुका है। इसके अलावा घर-घर पानी कनेक्शन योजना की प्रक्रिया जारी है और सोलर पैनल प्रोजेक्ट के जरिए निगम के खर्च को कम करने की दिशा में काम किया जा रहा है।


    इस बार मेयर, अध्यक्ष-एमआईसी मेंबर के लिए फंड नहीं

    भोपाल नगर निगम के इस बार के बजट में मेयर, अध्यक्ष, एमआईसी मेंबर और जोन अध्यक्ष के लिए कोई फंड नहीं रखा गया है। पिछले बजट में मेयर के लिए 10 करोड़ रुपए, अध्यक्ष के लिए पांच करोड़ रुपये और एमआईसी मेंबर के लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान था, लेकिन विभाग के हालिया आदेश के बाद इस बार बजट में इन फंड्स की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।


    सदन में गोमांस को लेकर हुआ हंगामा

    इससे पहले, बैठक में गोमांस को लेकर हंगामा चला। प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष शाबिस्ता जकी ने गोमांस और स्लॉटर हाउस पर पहला प्रश्न किया। इस पर एमआईसी मेंबर आरके सिंह बघेल ने जवाब दिया। इस दौरान महापौर और नेता प्रतिपक्ष के बीच नोंक-झोंक हुई। भाजपा के सीनियर पार्षद सुरेंद्र बाडिका और विलास राव घड़गे ने भी गोमांस के मुद्दे पर विरोध जताया। सभी ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

    इस बीच, नईं पार्किंग व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव, कंडम (बेकार) वाहनों को हटाने का प्रस्ताव पास किया गया। वहीं, लिगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) हटाने का प्रस्ताव पास नहीं हो पाया। विपक्ष की नेता शबिस्ता जकी ने गोमांस का मुद्दा उठाया।

  • नवरात्रि का छठा दिन ऐसे करें मां कात्यायनी की आराधना हर बाधा होगी दूर और मनोकामना होगी पूर्ण

    नवरात्रि का छठा दिन ऐसे करें मां कात्यायनी की आराधना हर बाधा होगी दूर और मनोकामना होगी पूर्ण

    नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि का छठा दिन मां दुर्गा के शक्तिशाली स्वरूप मां कात्यायनी को समर्पित होता है और वर्ष 2026 में यह पावन दिन 24 मार्च को मनाया जाएगा धार्मिक ग्रंथों में मां कात्यायनी को आदिशक्ति का तेजस्वी और पराक्रमी रूप बताया गया है इनकी उपासना करने से भक्तों को साहस शक्ति और हर प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है साथ ही जीवन में विजय और सफलता का मार्ग भी प्रशस्त होता है

    मां कात्यायनी का स्वरूप अत्यंत दिव्य और प्रभावशाली माना जाता है उनका वर्ण स्वर्ण के समान चमकीला होता है और वे सिंह पर सवार रहती हैं उनके चार हाथों में तलवार कमल अभय मुद्रा और वर मुद्रा सुशोभित होती हैं पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महर्षि कात्यायन की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया था इसी कारण उन्हें कात्यायनी कहा जाता है यह देवी दानवों का संहार करने वाली और धर्म की रक्षा करने वाली मानी जाती हैं

    नवरात्रि के इस दिन पूजा करने के लिए प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ लाल या नारंगी रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए इसके बाद पूजा स्थान को साफ कर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर मां कात्यायनी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें पूजा में कुमकुम रोली अक्षत चंदन और गेंदा जैसे नारंगी फूल अर्पित करें एक पान चढ़ाकर अपनी मनोकामना मां के सामने व्यक्त करें और घी का दीपक तथा अगरबत्ती जलाकर विधिपूर्वक पूजा करें इसके बाद मां की कथा सुनना या पढ़ना और आरती करना शुभ माना जाता है

    मां कात्यायनी को शहद विशेष रूप से प्रिय माना जाता है इसलिए इस दिन शहद का भोग अवश्य लगाना चाहिए इसके अलावा हलवा खीर मीठा पान और मौसमी फल भी अर्पित किए जा सकते हैं भोग हमेशा सात्विक होना चाहिए और लहसुन प्याज से परहेज करना चाहिए भोग लगाने के बाद प्रसाद को सभी में बांटना चाहिए इससे घर में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है

    मंत्र जाप का इस दिन विशेष महत्व होता है मां कात्यायनी के मूल मंत्र ॐ देवी कात्यायन्यै नमः का 108 या 1008 बार जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है इसके साथ ही प्रार्थना और स्तुति मंत्रों का उच्चारण भी किया जा सकता है मंत्र जाप करते समय मन को एकाग्र रखना चाहिए और माला का उपयोग करना लाभकारी होता है इससे मानसिक शक्ति बढ़ती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है

    नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा करने से भय शत्रु और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है जो जीवन में साहस और आत्मविश्वास की कमी महसूस करते हैं विवाहित महिलाओं के लिए यह पूजा सौभाग्य और सुख समृद्धि प्रदान करने वाली मानी जाती है

    इस दिन कुछ विशेष उपाय भी किए जा सकते हैं जैसे मां को नारंगी फूलों की माला अर्पित करना शहद का दान करना और पूरे दिन मां के मंत्रों का जाप करना इन उपायों से माता रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली सभी बाधाएं धीरे धीरे समाप्त होने लगती हैं पूरी श्रद्धा और नियम के साथ मां कात्यायनी की पूजा करने से भक्तों को न केवल आध्यात्मिक शक्ति मिलती है बल्कि जीवन में सफलता और संतुलन भी प्राप्त होता है

  • नवरात्रि का 6वां दिन: मां कात्यायनी की पूजा से मिलेंगे विशेष लाभ, जानिए पूजा विधि और मंत्र

    नवरात्रि का 6वां दिन: मां कात्यायनी की पूजा से मिलेंगे विशेष लाभ, जानिए पूजा विधि और मंत्र

    नई दिल्ली। चैत्र नवरात्रि का आज मंगलवार को छठवां दिन है। मां कात्यायनी नवरात्रि के छठे दिन पूजी जाने वाली देवी दुर्गा का छठा स्वरूप हैं। मां कात्यायनी की पूजा करने से जीवन में साहस, धर्म और विजय की प्राप्ति होती है। देवी पुराणों और विशेष रूप से देवी भागवत पुराण में मां कात्यायनी को आदिशक्ति का अत्यंत शक्तिशाली स्वरूप बताया गया है।

    मां कात्यायनी का स्वरूप

    मां कात्यायनी का वर्ण स्वर्ण के समान चमकीला और उनका रूप अत्यंत तेज से परिपूर्ण है। उनका वाहन सिंह है और वे चार भुजाओं में तलवार और कमल धारण किए हुए हैं। एक हाथ अभय मुद्रा और दूसरा वर मुद्रा में है। देवी पुराणों में उनका स्वरूप दिव्य, तेजपूर्ण और युद्धशील बताया गया है।

    पूजा करने के लाभ

    पौराणिक मान्यता के अनुसार, महर्षि कात्यायन की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके घर पुत्री रूप में जन्म लिया, इसलिए उनका नाम कात्यायनी पड़ा। मां कात्यायनी की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं, विवाह में बाधाएं समाप्त होती हैं और नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं। विशेष रूप से कुंवारी कन्याओं के लिए यह व्रत अत्यंत फलदायी माना जाता है। यह देवी शत्रुओं पर विजय, आत्मबल और साहस में वृद्धि का प्रतीक भी हैं।

    मां कात्यायनी की पूजा विधि

    सुबह स्नान कर नारंगी रंग के कपड़े पहनें, क्योंकि मंगलवार को यह रंग शुभ माना जाता है। मां को नारंगी फूल जैसे गेंदा अर्पित करें, कुमकुम और अक्षत चढ़ाएं। माता के समक्ष एक पान चढ़ाएं और अपनी मनोकामना कहकर देवी से प्रार्थना करें। माता की कथा पढ़ें और सुबह-शाम आरती करें। इस दिन दान में लोगों को संतरा, शहद, कपड़े और जूते-चप्पल आदि दान करें। विवाहितों को पूजा के बाद सुहाग की सामग्री भी दान करनी चाहिए।

    मां कात्यायनी का भोग

    मां कात्यायनी को शहद का भोग अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा हलवा या मीठा पान भी भोग में लगाया जा सकता है।

    मां कात्यायनी का मंत्र

    मूल बीज मंत्र है: “ॐ देवी कात्यायन्यै नमः”। विवाह प्राप्ति के लिए विशेष मंत्र: “कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥”। तांत्रिक मंत्र है: “ॐ ह्रीं क्लीं कात्यायन्यै नमः”। मंत्र जाप का सबसे प्रभावी समय ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4 से 6 बजे) माना गया है। नवरात्रि में किए गए जाप का प्रभाव कई गुना अधिक होता है। मंत्र का कम से कम 108 बार (एक माला) जाप करना चाहिए।

    मां कात्यायनी की आरती

    जय जय अम्बे, जय कात्यायनी,
    जय जगमाता, जग की महारानी।
    बैजनाथ स्थान तुम्हारा,
    वहां वरदाती नाम पुकारा।कई नाम हैं, कई धाम हैं,
    यह स्थान भी तो सुखधाम है।
    हर मंदिर में जोत तुम्हारी,
    कहीं योगेश्वरी महिमा न्यारी।
    हर जगह उत्सव होते रहते,
    हर मंदिर में भक्त हैं कहते।
    कात्यायनी रक्षक काया की,
    ग्रंथि काटे मोह माया की।
    झूठे मोह से छुड़ाने वाली,
    जय जय अम्बे, जय कात्यायनी।
    जय जगमाता, जग की महारानी,
    अपना नाम जपाने वाली।
    बृहस्पतिवार को पूजा करियो,
    ध्यान कात्यायनी का धरियो।
    हर संकट को दूर करेगी,
    भंडारे भरपूर करेगी।
    जो भी मां को भक्त पुकारे,
    कात्यायनी सब कष्ट निवारे।
    जय जय अम्बे, जय कात्यायनी,
    जय जगमाता, जग की महारानी।

    (नोट- यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हम किसी भी तरह की मान्यता व परिणाम की पुष्टि नहीं करते हैं।)

  • चैत्र नवरात्रि 2026 में कन्फ्यूजन खत्म एक ही दिन पड़ रही अष्टमी और नवमी जानिए पूजा का सही मुहूर्त

    चैत्र नवरात्रि 2026 में कन्फ्यूजन खत्म एक ही दिन पड़ रही अष्टमी और नवमी जानिए पूजा का सही मुहूर्त

    नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि का पर्व हर वर्ष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है और इसमें अष्टमी तथा नवमी तिथि का विशेष महत्व होता है इन दोनों दिनों में भक्त कन्या पूजन कर व्रत का पारण करते हैं लेकिन वर्ष 2026 में स्थिति कुछ अलग बन रही है जिससे कई लोगों के मन में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है दरअसल इस बार अष्टमी और नवमी दोनों तिथियां एक ही दिन पड़ रही हैं जिसके कारण यह सवाल उठ रहा है कि पूजा किस दिन करना अधिक शुभ रहेगा

    पंचांग के अनुसार 26 मार्च 2026 को अष्टमी तिथि सुबह 11 बजकर 47 मिनट तक रहेगी इसके बाद नवमी तिथि आरंभ हो जाएगी यही कारण है कि इस दिन दोनों तिथियों का विशेष संयोग बन रहा है चूंकि राम नवमी की पूजा परंपरागत रूप से मध्याह्न काल में की जाती है इसलिए 26 मार्च का दिन इस दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है ज्योतिष विद्वानों के अनुसार जब नवमी तिथि मध्याह्न में उपस्थित होती है तो उसी दिन राम नवमी मनाना अधिक शुभ माना जाता है

    ऐसे में 26 मार्च को सुबह के समय अष्टमी की पूजा और कन्या पूजन करना उत्तम रहेगा इस दिन सुबह 6 बजकर 16 मिनट से 7 बजकर 48 मिनट तक का समय विशेष रूप से शुभ माना गया है इस दौरान माता की पूजा अर्चना और कन्या पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है इसके बाद नवमी तिथि शुरू होते ही भगवान श्रीराम की पूजा की जा सकती है

    राम नवमी की पूजा का शुभ समय 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 1 बजकर 41 मिनट तक रहेगा इस अवधि में मध्याह्न का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है जो लगभग 12 बजकर 27 मिनट पर आता है मान्यता है कि इसी समय भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था इसलिए इस समय पूजा करने का विशेष महत्व होता है

    हालांकि कुछ लोग उदया तिथि को अधिक महत्व देते हैं ऐसे में वे 27 मार्च 2026 को राम नवमी मनाना उचित मानते हैं इस दिन भी नवमी तिथि सुबह 10 बजकर 6 मिनट तक रहेगी और पूजा का समय लगभग वही रहेगा जो 26 मार्च को है यानी सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 1 बजकर 41 मिनट तक पूजा की जा सकती है

    कुल मिलाकर इस वर्ष अष्टमी और नवमी का संयोग एक ही दिन होने के कारण 26 मार्च का महत्व अधिक बढ़ गया है यही वजह है कि अधिकांश लोग इसी दिन दोनों पर्व मनाना पसंद करेंगे हालांकि परंपराओं और व्यक्तिगत मान्यताओं के अनुसार कुछ लोग 27 मार्च को भी राम नवमी मना सकते हैं

    इस विशेष संयोग में सबसे जरूरी बात यह है कि पूजा पूरे श्रद्धा और विश्वास के साथ की जाए क्योंकि सच्ची भक्ति ही भगवान तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग है चाहे आप 26 मार्च को पूजा करें या 27 मार्च को यदि विधि विधान और आस्था के साथ आराधना की जाए तो निश्चित रूप से शुभ फल की प्राप्ति होती है

  • विज्ञान भी हैरान ज्वाला देवी मंदिर में जलती प्राकृतिक ज्योतियों का अनोखा रहस्य

    विज्ञान भी हैरान ज्वाला देवी मंदिर में जलती प्राकृतिक ज्योतियों का अनोखा रहस्य


    नई दिल्ली । भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है यहां स्थित देवी मंदिर न केवल आस्था के केंद्र हैं बल्कि अपने भीतर कई अनसुलझे रहस्य भी समेटे हुए हैं इन्हीं में से एक है हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित ज्वाला देवी मंदिर जो भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र और रहस्यमयी स्थल माना जाता है इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां किसी देवी की मूर्ति नहीं है बल्कि चट्टानों के बीच से निकलती प्राकृतिक ज्वालाओं को ही देवी का स्वरूप मानकर पूजा की जाती है

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थान 51 शक्तिपीठों में से एक है कहा जाता है कि जब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से देवी सती के शरीर के टुकड़े किए थे तब उनकी जीभ यहां गिरी थी इसी कारण यहां देवी ज्वाला के रूप में प्रकट हुईं और तभी से यह स्थान श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है मंदिर के गर्भगृह में चट्टानों के बीच से नौ अलग अलग ज्वालाएं निकलती हैं जो लगातार जलती रहती हैं इन ज्वालाओं को नौ दुर्गा का स्वरूप माना जाता है जिनमें महाकाली की ज्वाला सबसे प्रमुख और बड़ी मानी जाती है जबकि अन्य ज्वालाएं अन्नपूर्णा चंडी हिंगलाज विंध्यवासिनी महालक्ष्मी सरस्वती अंबिका और अंजनी के रूप में पूजी जाती हैं

    सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि ये ज्वालाएं सदियों से बिना किसी तेल बाती या घी के निरंतर जल रही हैं यही कारण है कि यह मंदिर आस्था के साथ साथ रहस्य का भी केंद्र बना हुआ है विज्ञान ने भी इस रहस्य को समझने की कई कोशिशें की हैं वैज्ञानिकों का मानना है कि यह ज्वालाएं संभवतः धरती के भीतर से निकलने वाली प्राकृतिक गैस के कारण जलती हैं लेकिन कई वर्षों तक की गई जांच और गहराई तक खुदाई के बावजूद गैस का स्पष्ट स्रोत नहीं मिल पाया है जिससे यह रहस्य आज भी पूरी तरह सुलझ नहीं सका है

    इतिहास में भी इस मंदिर से जुड़ी कई रोचक घटनाएं मिलती हैं कहा जाता है कि मुगल सम्राट अकबर ने इन ज्वालाओं की सत्यता को परखने के लिए उन्हें बुझाने की कोशिश की थी उन्होंने लोहे की प्लेट और पानी का उपयोग किया लेकिन ज्वालाएं बुझ नहीं सकीं इस घटना के बाद उन्होंने देवी की शक्ति को स्वीकार करते हुए मंदिर में सोने का छाता अर्पित किया हालांकि मान्यता है कि वह छाता बाद में किसी अन्य धातु में परिवर्तित हो गया जिसने इस चमत्कार को और भी रहस्यमयी बना दिया

    मंदिर परिसर में स्थित एक और अनोखी जगह है जिसे गोरख डिब्बी कहा जाता है यह एक छोटा कुंड है जिसमें पानी देखने में उबलता हुआ प्रतीत होता है लेकिन जब कोई उसे छूता है तो वह ठंडा महसूस होता है यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आश्चर्य और आस्था का अनूठा अनुभव बन जाता हैज्वाला देवी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि विश्वास और रहस्य का अद्भुत संगम है यहां की प्राकृतिक ज्वालाएं आज भी लोगों के लिए आस्था का प्रतीक बनी हुई हैं और यही कारण है कि हर साल लाखों श्रद्धालु इस दिव्य स्थान के दर्शन के लिए पहुंचते हैं

  • 24 मार्च का राशिफल: आज कैसा रहेगा आपका दिन ? यहां पढ़े सभी राशियों का हाल

    24 मार्च का राशिफल: आज कैसा रहेगा आपका दिन ? यहां पढ़े सभी राशियों का हाल

    राशिफल। आज मंगलवार, 24 मार्च 2026 को ग्रहों की चाल के अनुसार कई राशियों के लिए दिन मिलाजुला रहेगा। कुछ जातकों को आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है, तो कुछ को संबंधों और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा। आइए जानते सभी 12 राशियों के बारे में…

    मेष राशि (Aries)

    आज मेष राशि के जातकों को खर्चों को लेकर चिंता हो सकती है, लेकिन रुका हुआ धन मिलने से राहत भी मिलेगी। परिवार और जीवनसाथी के साथ तालमेल बनाए रखना जरूरी है। पुराने मित्र से मुलाकात मन हल्का करेगी और शिक्षा से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी। कार्यक्षेत्र में सावधानी रखें क्योंकि जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। खर्च अधिक रहेंगे, लेकिन उधार दिया धन वापस मिल सकता है। जीवनसाथी से कहासुनी होने की संभावना है, इसलिए संयम बनाए रखें। मानसिक तनाव से बचें। शुभ रंग लाल और शुभ अंक 1 हैं।

    वृषभ राशि (Taurus)

    वृषभ राशि के जातकों के लिए दिन थोड़ा उलझन भरा रहेगा, लेकिन भाग्य का साथ मिलने से काम पूरे होंगे। परिवार और भाइयों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रह सकता है, इसलिए सतर्क रहें। धार्मिक गतिविधियों में मन लगेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता और सहयोग प्राप्त होगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार का साथ मिलेगा। मौसमी बीमारियों से सावधान रहें। शुभ रंग सफेद और शुभ अंक 6 हैं।

    मिथुन राशि (Gemini)

    आज मिथुन राशि के जातकों के लिए दिन लाभकारी रहेगा। जीवनसाथी के सहयोग से कार्य पूरे होंगे और आय में वृद्धि होगी। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा और परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। निवेश में लाभ मिलने के योग हैं। कार्यक्षेत्र में सफलता और सम्मान मिलेगा। आय में वृद्धि होगी और निवेश से लाभ होगा। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी और स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग हरा और शुभ अंक 5 हैं।

    कर्क राशि (Cancer)

    कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन खुशियों से भरा रहेगा। नई खुशखबरी मिल सकती है। वाहन खरीदने का योग है और कानूनी कार्य पूरे हो सकते हैं। माता का आशीर्वाद मिलेगा, लेकिन निर्णय लेने में थोड़ी दुविधा रह सकती है। कार्यों में सफलता और वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक लाभ के अवसर मिलेंगे। परिवार का सहयोग प्राप्त होगा और स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग सफेद और शुभ अंक 2 हैं।

    सिंह राशि (Leo)

    सिंह राशि वालों के लिए आज साझेदारी में काम करने वालों के लिए दिन अच्छा रहेगा। किसी डील से लाभ मिलेगा, लेकिन भरोसा सोच-समझकर करना जरूरी है। परिवार के साथ घूमने का प्लान बन सकता है और रिश्तेदारों से सहयोग मिलेगा। साझेदारी में सफलता मिलेगी, सतर्क रहें। डील से अच्छा लाभ होगा। परिवार और रिश्तों में खुशी बनी रहेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शुभ रंग सुनहरा और शुभ अंक 3 हैं।

    कन्या राशि (Virgo)

    कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन अत्यंत लाभकारी रहेगा। ऑनलाइन काम करने वालों को बड़ा ऑर्डर मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में प्रशंसा मिलेगी और आय में वृद्धि होगी। रुके हुए काम पूरे होंगे और नौकरी बदलने के प्रयास सफल रहेंगे। नई जिम्मेदारियां और अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि और लाभ के योग हैं। प्रेम संबंधों में समझदारी जरूरी है और स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शुभ रंग हरा और शुभ अंक 5 हैं।

    तुला राशि (Libra)

    तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण रहेगा। मेहनत का पूरा फल मिलेगा और व्यापार में अच्छी डील हो सकती है। परिवार की उलझनें सुलझेंगी और वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता और नए अवसर मिलेंगे। आर्थिक लाभ होगा। जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा और स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग गुलाबी और शुभ अंक 6 हैं।

    वृश्चिक राशि (Scorpio)

    वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहेगा। काम का दबाव बढ़ सकता है, जिससे मानसिक तनाव होगा। अचानक कई जिम्मेदारियां आ सकती हैं। परिवार से जुड़ी अच्छी खबर मिलेगी, लेकिन जीवनसाथी से तालमेल बनाए रखना जरूरी है। कार्यक्षेत्र में दबाव रहेगा, धैर्य रखें। आय सामान्य रहेगी। जीवनसाथी से मतभेद हो सकता है। मानसिक तनाव से बचें। शुभ रंग लाल और शुभ अंक 9 हैं।

    धनु राशि (Sagittarius)

    धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन अनुकूल रहेगा। प्रेम जीवन में खुशियां रहेंगी और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी और नई योजनाओं की शुरुआत कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में सफलता और प्रगति होगी। निवेश के लिए दिन अच्छा है। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग पीला और शुभ अंक 3 हैं।

    मकर राशि (Capricorn)

    मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन बेहतरीन रहेगा। सामाजिक क्षेत्र में सम्मान मिलेगा और परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं और नए अवसर मिलेंगे। कार्यक्षेत्र में नए अवसर और सफलता मिलेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा और स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग नीला और शुभ अंक 8 हैं।

    कुंभ राशि (Aquarius)

    कुंभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन खुशनुमा रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और व्यापार में यात्रा के योग बनेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है, खासकर खान-पान को लेकर सतर्क रहें। व्यापार में नए अवसर मिलेंगे। आय सामान्य रहेगी। वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा। पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है। शुभ रंग आसमानी और शुभ अंक 8 हैं।

    मीन राशि (Pisces)

    मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन अनुकूल रहेगा। चिंताओं से मुक्ति मिलेगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और परिवार में रिश्ते सुधरेंगे। भविष्य के लिए बचत पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। बचत और निवेश के योग हैं। रिश्तों में सुधार होगा और स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शुभ रंग पीला और शुभ अंक 7 हैं।

    डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

  • लंबा कार्यकाल और निर्णायक नेतृत्व: पीएम मोदी पर महंत भक्ति चरण दास महाराज की प्रशंसा

    लंबा कार्यकाल और निर्णायक नेतृत्व: पीएम मोदी पर महंत भक्ति चरण दास महाराज की प्रशंसा


    नई दिल्ली:भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश में चुनी हुई सरकार के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले नेता बनकर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने अपने कार्यकाल के 8931 दिन पूरे कर लिए हैं, जिससे उन्होंने पूर्व रिकॉर्डधारक Pawan Kumar Chamling का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है।

    इस उपलब्धि को लेकर संत समाज और विभिन्न आध्यात्मिक संगठनों ने प्रधानमंत्री की जमकर सराहना की है। महंत भक्ति चरण दास महाराज ने इस मौके पर प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि उनका नेतृत्व स्थिरता, समर्पण और निर्णायकता का प्रतीक है। उन्होंने इस उपलब्धि को केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि देश की राजनीतिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय बताया।

    महंत भक्ति चरण दास महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार देश की सेवा में समर्पित रहे हैं और बिना थके विकास के कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने इसे एक संत की तरह सेवा भावना से जोड़ा और कहा कि यह नेतृत्व राष्ट्र निर्माण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनके अनुसार, यह 8931 दिनों की यात्रा केवल समय का आंकड़ा नहीं, बल्कि निरंतर कार्य और समर्पण का प्रतीक है।

    प्रधानमंत्री मोदी का राजनीतिक सफर भी काफी व्यापक रहा है। वे पहले Gujarat Chief Minister के रूप में लंबे समय तक सेवा कर चुके हैं, जहां उन्होंने विकास और सुशासन के कई मॉडल पेश किए। उनके नेतृत्व में गुजरात को विकास और प्रशासनिक सुधारों के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में देखा गया।

    इसके बाद जब उन्होंने देश के प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली, तो उन्होंने शासन को केवल प्रशासन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे परिवर्तन का माध्यम बनाया। डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास जैसे कई बड़े कार्यक्रम उनके कार्यकाल में आगे बढ़े।

    संत समाज का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है। भारतीय संस्कृति, धर्म और परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत पहचान दिलाने में भी उनका योगदान रहा है। इस कारण देश की सांस्कृतिक छवि और अधिक सुदृढ़ हुई है।

    महंत भक्ति चरण दास महाराज ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आगे भी विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ता रहेगा। साथ ही देश अपने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को भी संरक्षित रखेगा।

    यह उपलब्धि न केवल एक राजनीतिक मील का पत्थर है, बल्कि यह भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है।