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  • रोहित-विराट के विश्व कप भविष्य पर संदीप पाटिल का बड़ा बयान, कहा- दोनों रहें या नहीं, भारत को नहीं होगी परेशानी

    रोहित-विराट के विश्व कप भविष्य पर संदीप पाटिल का बड़ा बयान, कहा- दोनों रहें या नहीं, भारत को नहीं होगी परेशानी

    नई दिल्ली । भारत के दो दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली के वनडे भविष्य को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। 2027 वनडे विश्व कप में अब करीब एक साल का समय बचा है और टूर्नामेंट शुरू होने तक रोहित 40 जबकि विराट 39 साल के हो जाएंगे। ऐसे में दोनों के विश्व कप में खेलने को लेकर सवाल बने हुए हैं। इसी बीच पूर्व भारतीय ऑलराउंडर संदीप पाटिल ने टीम की बेंच स्ट्रेंथ का जिक्र करते हुए बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि अगर भविष्य में रोहित और विराट टीम का हिस्सा नहीं रहते हैं, तो भी भारतीय टीम के सामने बड़ी समस्या नहीं होगी।

    ‘रोहित-विराट रहें या नहीं, कोई परेशानी नहीं’

    पाटिल ने कहा कि दोनों खिलाड़ियों का भविष्य कई चीजों पर निर्भर करेगा। इनमें उनकी खुद खेलने की इच्छा, फिटनेस और चयनकर्ताओं की रणनीति शामिल है। उन्होंने कहा, ‘यह इन दोनों खिलाड़ियों पर निर्भर करता है। क्या वे खेलना जारी रखना चाहेंगे? क्या वे अपनी फिटनेस बनाए रख पाएंगे? चयनकर्ताओं की रणनीति क्या है? क्या चयनकर्ता भविष्य को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रहे हैं? मौजूदा खिलाड़ियों के साथ हमें हमेशा यह भी देखना होगा कि अगर इन खिलाड़ियों को टीम से बाहर करने का समय आता है तो क्या हमारे पास उनकी जगह लेने के लिए कोई मजबूत खिलाड़ी है।’

    पाटिल ने आगे कहा, ‘भारतीय टीम की बेंच स्ट्रेंथ को देखते हुए, जिसके बारे में मैंने अभी बात की, मुझे नहीं लगता कि कोई समस्या होगी, चाहे विराट या रोहित टीम में हों या नहीं।’

    दोनों दिग्गजों को बताया ‘लीजेंड’

    हालांकि, पाटिल ने रोहित और विराट के योगदान की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों लंबे समय से भारतीय क्रिकेट का हिस्सा रहे हैं और उन्हें दिग्गजों के रूप में याद किया जाएगा। पाटिल ने कहा, ‘ये दोनों खिलाड़ी कई वर्षों से टीम के साथ हैं और उन्हें लीजेंड के तौर पर देखा जाएगा। रोहित शर्मा सफेद गेंद के क्रिकेट में शानदार खिलाड़ी रहे हैं। जहां तक विराट की बात है, उनके बारे में मैं जितना कहूं, उतना ही कम होगा।’

    वेस्टइंडीज सीरीज में दोनों टीम का हिस्सा

    फिलहाल रोहित और विराट के वनडे भविष्य पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। दोनों को वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। शुभमन गिल कप्तान और केएल राहुल उपकप्तान हैं। वनडे सीरीज 27 सितंबर से शुरू होगी। इस टीम चयन के साथ रोहित और विराट के पास 2027 विश्व कप की तैयारियों के बीच वनडे क्रिकेट में अपनी जगह बनाए रखने का एक और मौका होगा।

  • बिग बॉस 20 से रोहिद खान हुए बाहर, काजी और रीति तिवारी में तीखी बहस; आम्रपाली बनीं घर की ठकुराइन

    बिग बॉस 20 से रोहिद खान हुए बाहर, काजी और रीति तिवारी में तीखी बहस; आम्रपाली बनीं घर की ठकुराइन

    नई दिल्ली । रविवार को ‘बिग बॉस 20’ का वीकेंड का वार काफी हंगामा भरा रहा। इसी बीच शो से पहला एविक्शन हो गया है। इस हफ्ते घर से बाहर होने के लिए चार सदस्यों के नाम सामने आए थे। ये चार सदस्य आसिफ, स्काउट ओपी, यंग डीएसए और रोहिद खान थे। चारों प्रतिभागियों ने नॉमिनेशन प्रक्रिया पर चर्चा की थी, जो बिग बॉस के घर के नियम के खिलाफ था।

    घर से बाहर हुए रोहिद

    चूंकि यंग पिछले हफ्ते कैप्टन थे इसलिए नॉमिनेट नहीं किए गए। बाकी तीनों से बिग बॉस ने वरदान यानी दूसरा मौका छीन लिया। ऐसे में इस हफ्ते सीधे बेघर होने के लिए आसिफ, स्काउट और रोहिद के नाम चुने गए। इसमें से रोहिद को सबसे कम वोट मिले और वो ‘बिग बॉस 20’ से बेघर होने वाले पहले प्रतिभागी बने।

    ठकुराइन चुनी गईं आम्रपाली

    सलमान ने घर में एक फन टास्क कराया। सबसे पूछा गया कि आम्रपाली और माही में से घर सबसे अच्छे से कौन संभालता है। चार लोगों ने माही को वोट दिए, बाकी सबने आम्रपाली को वोट दिए। आम्रपाली घर की ठकुराइन चुनी गईं, हालांकि इस टास्क का उन्हें कोई फायदा नहीं मिला।

    सलमान के लिए हलवा लेकर पहुंचीं सोनाली बेंद्रे

    इसके अलावा सोनाली बेंद्रे और मुन्नावर फारुखी ‘बिग बॉस 20’ के सेट पर पहुंचे। वह सलमान खान से मिलीं और अभिनेता के लिए हलवा भी बनाकर लाईं थीं। उन्होंने भाईजान को हलवा चखाया। वह शो पर अपने अपकमिंग शो के प्रमोशन के लिए पहुंची थीं। इस पर उन्होंने सलमान से चर्चा की और घर वालों से बात भी की।

    सिद्धार्थ और तमन्ना भी सेट पर पहुंचे

    शो में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया भी पहुंचे। सिद्धार्थ ने बताया कि उनकी मां की पसंदीदा कंटेस्टेंट कनिका हैं। तमन्ना ने काजी को बहुत सपोर्ट किया। उन्होंने कहा कि आप बहुत अच्छा कर रहे हैं। उन्होंने काजी से कहा कि वह रॉकस्टार स्टेप सीखना चाहती हैं। इसके बाद काजी ने उन्हें स्टेप सिखाए।

    सलमान ने क्यों किया था नाटक?

    सलमान ने शनिवार को वीकेंड का वार के दौरान सीने में दर्द का नाटक किया था। उन्होंने यह घर वालों को बताने के लिए किया था कि पिछले कुछ हफ्तों से काजी तौकीर उन्हें बेवकूफ बना रहे हैं। वह घर वालों के साथ अपनी मेंटल हेल्थ को लेकर प्रैंक कर रहे थे।

    सलमान ने कहा कि जो काजी ने किया वो गलत था। जो सेट पर उन्होंने किया वो भी गलत है। हालांकि, इससे किसी को शारीरिक नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह गलत है। सलमान ने काजी को समझाया कि उन्हें यह करने की जरूरत नहीं थी। वह बहुत अच्छा खेल रहे थे। बहरहाल, सलमान को तकलीफ में देख सभी घर वाले चिंतित हो गए थे, जबकि आम्रपाली तो उनका हाल देखकर रो पड़ीं।

    काजी की रीति से हुई बहस

    सलमान खान ने घर वालों के सामने काजी की पोल खोल दी, जिसकी वजह से आधे से ज्यादा घर वाले काजी के खिलाफ हो गए। उन्होंने काजी को झूठा और दोगला बताया। घर वालों ने कहा कि काजी ने उनके साथ धोखा किया है। आसिफ खान, यंग डीएसए, रीति तिवारी और अरिश्फा समेत कई साथी प्रतिभागियों ने काजी को खूब खरी-खोटी सुनाईं।

    इस बीच काजी और रीति तिवारी के बीच बहस भी हो गई। रीति ने काजी से कहा कि वो उनसे बिल्कुल बात ना करें। वो फ्रॉड स्टार हैं। गुस्से में आकर रीति ने काजी को गाली भी दी, लेकिन काजी ने शांत रहकर सिर्फ इतना कहा कि आपका गुस्सा जायज है, पर आप मुझे गाली ना दें।

    हालांकि बाद में काजी ने कैमरे से बात करते हुए जनता से माफी मांगी कि मेंटल हेल्थ को लेकर उन्होंने कुछ गलत किया हो तो वह शर्मिंदा हैं। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ मजाक कर रहे थे और किसी का नुकसान नहीं कर रहे थे।

  • मोहम्मद शमी की जयंत चौधरी से मुलाकात के बाद सियासी चर्चा तेज, अमरोहा से खुद या भाई के चुनाव लड़ने की अटकलें

    मोहम्मद शमी की जयंत चौधरी से मुलाकात के बाद सियासी चर्चा तेज, अमरोहा से खुद या भाई के चुनाव लड़ने की अटकलें

    नई दिल्ली/उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी और राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी की मुलाकात के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। दोनों की मुलाकात रविवार को दिल्ली में हुई। इसके बाद शमी के राजनीति में आने और अमरोहा सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर कयास लगाए जाने लगे हैं। हालांकि, अभी तक शमी या राष्ट्रीय लोक दल की ओर से चुनाव लड़ने को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

    मोहम्मद शमी अमरोहा सदर तहसील के सहसपुर अलीनगर के रहने वाले हैं। ऐसे में जयंत चौधरी से उनकी मुलाकात को उनके गृह जिले की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। चर्चा है कि शमी अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत अमरोहा से कर सकते हैं। इसी बीच उनके बड़े भाई मोहम्मद हसीब को भी चुनाव मैदान में उतारने की संभावना की चर्चा सामने आई है। हालांकि, इस बारे में भी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    अमरोहा सीट का सियासी इतिहास भी इस चर्चा को अहम बनाता है। इस विधानसभा सीट पर पहला चुनाव 1957 में हुआ था। वर्तमान में समाजवादी पार्टी के महबूब अली लंबे समय से यहां चुनाव जीतते आ रहे हैं। उन्होंने 2002 से लगातार इस सीट पर जीत दर्ज की है। पिछले चार चुनाव उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीते हैं। इससे पहले 2002 में वह राष्ट्रीय परिवर्तन दल के टिकट पर चुनाव जीते थे और बाद में समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे।

    2022 के विधानसभा चुनाव में महबूब अली ने भाजपा के राम सिंह को 71,036 वोटों के अंतर से हराया था। महबूब अली को 1,28,735 वोट मिले थे, जबकि राम सिंह को 57,699 वोट हासिल हुए थे। अमरोहा विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या भी काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक करीब 3.25 लाख मतदाताओं वाली इस सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग दो लाख बताई जाती है।

    मोहम्मद शमी की जयंत चौधरी से मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब वह लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर हैं। उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 9 मार्च 2025 को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। इसके बाद से भारतीय टीम में उनकी वापसी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। हाल में वेस्टइंडीज दौरे के लिए घोषित टीम में भी उनका नाम नहीं था।

    जयंत चौधरी के साथ मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या शमी खुद चुनावी मैदान में उतरेंगे या परिवार के किसी सदस्य को राजनीति में आगे बढ़ाएंगे। फिलहाल दोनों ही संभावनाएं चर्चा का हिस्सा हैं और किसी भी विकल्प पर आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। ऐसे में अमरोहा से शमी या उनके भाई के चुनाव लड़ने की चर्चा को अभी राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।

  • कनाडा का यूरोप की ओर बढ़ा कदम, मैक्रों ने ईयू का सहयोगी सदस्य बनाने के प्रस्ताव का किया समर्थन; कार्नी से रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा

    कनाडा का यूरोप की ओर बढ़ा कदम, मैक्रों ने ईयू का सहयोगी सदस्य बनाने के प्रस्ताव का किया समर्थन; कार्नी से रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा

    नई दिल्ली । फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कनाडा के यूरोपीय संघ का पहला एसोसिएट सदस्य बनने के प्रस्ताव का समर्थन किया। साथ ही, उन्होंने और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अंतरिक्ष, रक्षा, ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्रों में रणनीतिक संबंध और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए।

    दोनों नेताओं की मुलाकात रविवार को सेंट-पियरे-ए-मिकेलॉन में हुई। यह न्यूफाउंडलैंड के तट के पास स्थित फ्रांस का एक इलाका है, जहां फ्रांस और कनाडा के बीच की दूरी बस कुछ ही किलोमीटर है। अमेरिका के साथ बिगड़ते रिश्तों के बीच कनाडा का यूरोप की ओर तेजी से झुकाव हो रहा है। इसके साथ ही यह जगह इस बदलाव के लिए एक दिलचस्प पृष्ठभूमि है।

    कार्नी के साथ खड़े होकर मैक्रों ने फ्रेंच भाषा में कहा कि वे यूरोपीय संघ के साथ करीबी रिश्ते बनाने के एजेंडे के बहुत ज्यादा पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता संघ के सहयोगी सदस्य के तौर पर हो या फिर यूरोपीय समुदाय के पूर्ण सदस्य के तौर पर। वहीं, कार्नी ने फ्रेंच भाषा में कहा कि कनाडा और फ्रांस के बीच सबसे नजदीकी बिंदु पर सिर्फ कुछ किलोमीटर की दूरी है और दोनों देशों के मूल्य और भी ज्यादा करीब हैं।

    किन क्षेत्रों में सहयोग देने की हुई बात?

    कार्नी ने कहा कि दोनों देश अपनी स्पेस एजेंसियों और रक्षा मंत्रालयों को लॉन्च सिस्टम और जमीन पर आधारित रिसेप्शन सुविधाओं जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने और साझा करने का काम सौंपेंगे। वे ऊर्जा, टेलीकम्युनिकेशन, जलवायु के प्रति लचीलेपन और आर्थिक विकास के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए।

    मैक्रों का यह समर्थन यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की ओर से कनाडा को ईयू का पहला एसोसिएट सदस्य बनाने का प्रस्ताव रखने के कुछ दिनों बाद आया है।

    कनाडा यूरोप के साथ संबंध मजबूत क्यों कर रहा?

    कार्नी ने इस संभावना का स्वागत किया और तर्क दिया कि यूरोप के साथ गहरे संबंध कनाडा को और अधिक विकल्प देंगे। इससे उसे किसी एक देश की ओर से आने वाले आर्थिक दबाव के प्रति कम संवेदनशील बनाया जा सकेगा। ट्रंप के टैरिफ, आर्थिक रियायतों की मांग और कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बार-बार की बातों ने यूरोप की ओर इस झुकाव को तेज कर दिया है।

    ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक नक्शा भी पोस्ट किया था, जिसमें कनाडा और सेंट-पियरे-एट-मिकेलॉन सहित पूरे उत्तरी अमेरिका पर अमेरिकी झंडा दिखाया गया था।

    मैक्रों ने रविवार को सेंट-पियरे-एट-मिकेलॉन हवाई अड्डे पर कार्नी का स्वागत किया। यह न्यूफाउंडलैंड के तट के पास स्थित लगभग 5,800 लोगों की आबादी वाला फ्रांसीसी क्षेत्र है। मैक्रों ने कहा कि कनाडा महत्वपूर्ण खनिजों और रेयर अर्थ के महत्वपूर्ण संसाधनों वाला देश है। यह तेल और प्राकृतिक गैस का भी एक प्रमुख उत्पादक है।

    मैक्रों ने कहा कि दोनों देश अधिक लिक्विफाइड नेचुरल गैस सुरक्षित करने के लिए समझौते करना चाहते हैं, जिसे यूरोप के अटलांटिक तट पर भेजा जा सके।

    कार्नी के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि नेताओं ने एयरोस्पेस, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और क्वांटम कंप्यूटिंग, उपग्रहों और सुपरकंप्यूटिंग जैसी उन्नत तकनीकों पर भी चर्चा की।

  • माता वैष्णो देवी हेलीपैड टर्मिनल में तड़के लगी आग, टिकट और डोनेशन काउंटर समेत कॉफी शॉप का सामान जलकर राख

    माता वैष्णो देवी हेलीपैड टर्मिनल में तड़के लगी आग, टिकट और डोनेशन काउंटर समेत कॉफी शॉप का सामान जलकर राख

    नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित माता वैष्णो देवी के बेस कैंप कटड़ा स्थित हेलीपैड टर्मिनल में कल तड़के करीब 3:15 बजे आग लग गई। इसकी चपेट में आने से टिकट बुकिंग काउंटर, डोनेशन काउंटर और एक कॉफी शॉप का सारा सामान जल गया। घटना के समय टर्मिनल बंद था और यात्रियों की आवाजाही नहीं थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

    त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित विश्व प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर के दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेलीपैड टर्मिनल एक बेहद महत्वपूर्ण सुविधा केंद्र है। यह एक ट्रांजिट पॉइंट है और यहां से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए मंदिर की ओर रवाना होते हैं। हेलिकॉप्टर सेवा से संबंधित टिकटों की बुकिंग, यात्रियों का पंजीकरण, सुरक्षा जांच और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं इस ट्रांजिट पॉइंट पर पूरी की जाती हैं।

    आग की सूचना मिलते ही हेलीपैड के कर्मचारी, वहां मौजूद सुरक्षा कर्मी और फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की टीम तुरंत हरकत में आ गई। त्वरित कार्रवाई के चलते 30 मिनट में आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। दमकल कर्मियों ने आग को टर्मिनल के अन्य संवेदनशील हिस्सों में फैलने से रोक लिया, अन्यथा नुकसान कहीं अधिक हो सकता था। घटना के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मौके का मुआयना कर स्थिति का जायजा लिया है। अधिकारियों ने कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

    महत्वपूर्ण दस्तावेज, टिकट काउंटर के कुछ कंप्यूटर जले

    आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रारंभिक जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि महत्वपूर्ण दस्तावेज, टिकट काउंटर के कुछ कंप्यूटर और अन्य सामान कुछ ही देर में जलकर राख हो गए। आग से टर्मिनल को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। आग के चलते सुबह हेलीकॉप्टर भी करीब डेढ़ घंटे देरी से शुरू हो सका। सामान्य परिस्थितियों में हेलीकॉप्टर सुबह सात बजे से उड़ान भरने लगते हैं।

  • कॉकरोच और कीड़े-मकोड़ों से हैं परेशान तो घर की इन चीजों का करें इस्तेमाल, बिना तेज केमिकल गंध के पाएं राहत

    कॉकरोच और कीड़े-मकोड़ों से हैं परेशान तो घर की इन चीजों का करें इस्तेमाल, बिना तेज केमिकल गंध के पाएं राहत

    नई दिल्ली । घर में अचानक कॉकरोच या दूसरे कीड़े-मकोड़े दिखाई देने लगें तो परेशानी बढ़ जाती है। खासकर रसोई में इनका नजर आना साफ-सफाई को लेकर चिंता पैदा कर सकता है। इनसे छुटकारा पाने के लिए लोग अक्सर बाजार में मिलने वाले स्प्रे और दूसरे केमिकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, इन उत्पादों की गंध तेज हो सकती है और कुछ समय बाद समस्या दोबारा सामने आने की बात भी कही जाती है।

    अगर आप घर में मौजूद चीजों के जरिए कॉकरोच को दूर रखने का तरीका तलाश रहे हैं, तो किचन में इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजें मददगार हो सकती हैं। तेज पत्ता, लौंग और दालचीनी ऐसी ही चीजें हैं, जिनकी तेज खुशबू कॉकरोच को कुछ जगहों से दूर रखने में सहायक मानी जाती है।

    सबसे पहले तेज पत्ते की बात करें। आमतौर पर इसका इस्तेमाल खाने में स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन इसकी गंध कॉकरोच को पसंद नहीं आती। इसके लिए सूखे तेज पत्ते लेकर उन्हें हल्का सा कुचल सकते हैं। ऐसा करने से उनमें मौजूद खुशबू और प्राकृतिक तेल बाहर आने लगते हैं।

    कुचले हुए तेज पत्तों को रसोई के कोनों, दराजों के किनारों और फ्रिज या गैस जैसे उपकरणों के पीछे रखा जा सकता है। इन जगहों पर इसकी खुशबू कॉकरोच को दूर रखने में मदद कर सकती है। जब तेज पत्ते की खुशबू कम होने लगे तो उन्हें बदल देना बेहतर रहेगा।

    दूसरा घरेलू विकल्प साबुत लौंग है। लौंग की तेज और तीखी खुशबू भी कॉकरोच को असहज कर सकती है। इसे किचन के उन हिस्सों में रखा जा सकता है जहां कॉकरोच दिखाई देते हैं या उनके आने की संभावना रहती है।

    सिंक के नीचे, मसाले रखने वाली अलमारी और कूड़ेदान के आसपास कुछ साबुत लौंग रखने का तरीका अपनाया जा सकता है। इसकी खुशबू कॉकरोच को उन जगहों से दूर रखने में मदद कर सकती है। साथ ही किचन में लौंग की प्राकृतिक सुगंध भी बनी रहती है।

    तीसरा विकल्प दालचीनी है। इसकी तेज खुशबू को भी कॉकरोच दूर रखने में उपयोगी माना जाता है। इसके लिए खिड़की की चौखट, दरवाजे के किनारे और फ्रिज के पीछे जैसी जगहों पर थोड़ी मात्रा में दालचीनी पाउडर रखा या छिड़का जा सकता है।

    किचन की अलमारी या पेंट्री में साबुत दालचीनी की स्टिक भी रखी जा सकती है। इसकी सुगंध कॉकरोच को उन स्थानों से दूर रखने में मदद कर सकती है।

    हालांकि, घरेलू उपायों का असर हर घर और हर स्थिति में एक जैसा होना जरूरी नहीं है। अगर कॉकरोच की समस्या लगातार बनी हुई है या बहुत ज्यादा बढ़ गई है, तो केवल खुशबू आधारित उपायों पर निर्भर रहने के बजाय घर की साफ-सफाई और कीड़ों के संभावित ठिकानों पर भी ध्यान देना जरूरी है। रसोई को साफ और सूखा रखने से भी कीड़ों की समस्या को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

  • शादी का वादा और फिर दूरी बनाने का आरोप सौरव गुर्जर पर महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने की कार्रवाई

    शादी का वादा और फिर दूरी बनाने का आरोप सौरव गुर्जर पर महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने की कार्रवाई

    नई दिल्ली। महाभारत सीरियल में भीम का किरदार निभाकर पहचान बनाने वाले अभिनेता और प्रोफेशनल रेसलर सौरव गुर्जर इन दिनों कानूनी मामले को लेकर चर्चा में हैं। हैदराबाद की गाचीबोली पुलिस ने एक महिला की शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। महिला ने सौरव गुर्जर पर शादी का वादा करके धोखा देने और उत्पीड़न करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने जांच के बाद सौरव को मुंबई एयरपोर्ट से हिरासत में लिया और आगे की कार्रवाई के लिए हैदराबाद लेकर आई। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस स्तर पर जारी है।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महिला ने पुलिस को बताया है कि उसकी सौरव गुर्जर से मुलाकात की शुरुआत सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। महिला के अनुसार दोनों की बातचीत साल 2021 में इंस्टाग्राम के माध्यम से शुरू हुई और बाद में व्हाट्सऐप पर बातचीत होने लगी। धीरे धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। महिला का दावा है कि 25 दिसंबर 2021 को दोनों की पहली मुलाकात हुई थी और इसी दौरान सौरव ने उनसे शादी करने का वादा किया था।

    महिला ने आरोप लगाया है कि इसके बाद दोनों के बीच रिश्ता आगे बढ़ा और वे कुछ समय अमेरिका में साथ रहे। महिला के अनुसार सौरव ने उन्हें अमेरिका की नौकरी छोड़ने के लिए भी कहा था। उन्होंने साथ मिलकर कारोबार शुरू करने का वादा किए जाने का भी दावा किया है। महिला का कहना है कि इस दौरान उन्होंने सौरव के साथ अपने भविष्य को लेकर कई योजनाएं बनाई थीं।

    शिकायत में महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि जब वह सौरव से शादी की बात करती थीं तो वह कथित तौर पर उन्हें ब्लॉक कर देते थे और उनसे दूरी बनाने लगते थे। महिला के अनुसार अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच दोनों हैदराबाद में साथ रह रहे थे। इसी दौरान एक दिन सौरव कथित तौर पर बिना बताए वहां से चले गए। इसके बाद महिला ने पुलिस से संपर्क किया और अपनी शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की। जांच के बाद पुलिस ने सौरव को मुंबई एयरपोर्ट से हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें हैदराबाद लाया गया और अदालत की प्रक्रिया के तहत न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच के बाद ही आरोपों से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।

    सौरव गुर्जर के अभिनय करियर की बात करें तो उन्होंने 2013 में टीवी की दुनिया में कदम रखा था। उन्हें सबसे ज्यादा पहचान महाभारत में भीम की भूमिका से मिली। इसके अलावा वे संकटमोचन महाबली हनुमान में बाली का किरदार निभा चुके हैं। सौरव रणबीर कपूर की फिल्म ब्रह्मास्त्र में भी नजर आए थे।

    अभिनय के साथ सौरव गुर्जर का जुड़ाव प्रोफेशनल रेसलिंग से भी रहा है। वे WWE से जुड़े रहे हैं और रेसलिंग की दुनिया में भी अपनी पहचान बनाई है। सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी फैन फॉलोइंग है। इंस्टाग्राम पर उन्हें लाखों लोग फॉलो करते हैं। अब महिला की शिकायत के बाद दर्ज इस मामले के कारण उनका नाम एक बार फिर सुर्खियों में है और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।

  • दिल्ली SIR में आडवाणी, जयशंकर और धनखड़ समेत कई दिग्गजों को नोटिस, चुनाव आयुक्त एसएस संधू का नाम भी सूची में

    दिल्ली SIR में आडवाणी, जयशंकर और धनखड़ समेत कई दिग्गजों को नोटिस, चुनाव आयुक्त एसएस संधू का नाम भी सूची में

    नई दिल्ली । दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत कई दिग्गजों के नाम गड़बड़ी के कारण नोटिस जारी किए गए हैं. इसमें पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, चुनाव आयुक्त एसएस संधू सहित कई अन्य शामिल हैं.

    दिल्ली में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जारी है. इस दौरान कई दिग्गजों के नाम SIR के तहत नोटिस पहुंच रहा है. सामने आया है कि इनमें पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ तक के नाम शामिल हैं. यहां तक चुनाव आयुक्त एसएस संधू का भी नाम इस लिस्ट में है, जिनके SIR विवरण में विसंगतियां हैं और उन्हें भी नोटिस जारी किया गया है.

    दिलचस्प है कि इस लिस्ट में प्रख्यात अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय का नाम भी है, जिनका दिसंबर 2024 में निधन हो चुका है.

    दिल्ली में SIR के बाद 97 लाख से ज्यादा वोटर्स की ड्राफ्ट लिस्ट जारी की गई है. इसमें करीब 33.13 लाख वोटर्स के रिकॉर्ड में किसी न किसी तरह की गड़बड़ी या अंतर मिला है. इन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं. ज्यादातर मामले ऐसे हैं, जिनमें मौजूदा वोटर की जानकारी का 2002 में हुए पिछले SIR की वोटर लिस्ट से मिलान नहीं हो पाया है.

    नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि किसी का नाम वोटर लिस्ट से काट दिया जाएगा. नोटिस पाने वाले लोगों को अपनी बात रखने और जरूरी दस्तावेज देने का मौका मिलेगा.

    पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, उनकी बेटी प्रतिभा और बहू गीतिका को SIR के तहत नोटिस मिला है. इन तीनों के मौजूदा रिकॉर्ड का 2002 की वोटर लिस्ट से मिलान नहीं हो पाया. हालांकि एलके आडवाणी के बेटे जयंत के रिकॉर्ड का मिलान हो गया है. परिवार के सभी चार सदस्य नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के वोटर हैं.

    विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनकी पत्नी क्योको जयशंकर को भी नोटिस मिला है. दोनों के रिकॉर्ड को ‘Unmapped with Last SIR’ कैटेगरी में रखा गया है. आसान भाषा में इसका मतलब है कि उनके मौजूदा वोटर रिकॉर्ड का 2002 में हुए पिछले SIR की वोटर लिस्ट से मिलान नहीं हो सका. दोनों नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के सुनहरी बाग इलाके के वोटर हैं. पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश को भी नोटिस दिया गया है.

    चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू का नाम भी इस लिस्ट में आया है. उनके मामले में नाम का अंतर सामने आया है. उन्होंने SIR फॉर्म में अपना नाम ‘डॉ. एसएस संधू’ लिखा है, जबकि वोटर लिस्ट में उनका नाम ‘सुखबीर सिंह संधू’ दर्ज है. संधू नई मोती बाग के रहने वाले हैं और दिल्ली कैंट विधानसभा क्षेत्र के वोटर हैं. दस्तावेज देखकर नाम से जुड़ी गड़बड़ी ठीक की जाएगी. उनके बेटे दमनबीर के रिकॉर्ड में माता-पिता के नाम से जुड़ा अंतर पाया गया है.

    पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, उनकी पत्नी सीमा सिसोदिया और बेटे मीर को भी नोटिस मिला है. उनकी पत्नी सीमा के रिकॉर्ड में उनके नाम से जुड़ा अंतर मिला है, जबकि बेटे मीर के रिकॉर्ड में माता-पिता के नाम से जुड़ी गड़बड़ी सामने आई है. विदेश सचिव विक्रम मिसरी को भी नोटिस मिला है. उनका रिकॉर्ड भी पिछले SIR से नहीं जुड़ पाया है.

    इसके अलावा पूर्व JNU कुलपति एम. जगदीश कुमार, दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया, सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे, पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद जैसे कई बड़े नाम भी इस लिस्ट में हैं.

    दिवंगत अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय का नाम भी सामने आया है. उनका नवंबर 2024 में निधन हो गया था. इसके बावजूद उनका नाम उन लोगों की लिस्ट में आया है, जिनके रिकॉर्ड में अंतर मिला है. उनका नाम अंतिम वोटर लिस्ट से हटाया जाएगा.

    इससे पहले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को भी नोटिस मिल चुका है. राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल और उनकी पत्नी को भी इसी वजह से नोटिस मिला है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी नोटिस मिला था, लेकिन दस्तावेजों की जांच के बाद उनका रिकॉर्ड सही पाया गया.

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने साफ किया है कि नोटिस मिलने का मतलब वोटर लिस्ट से नाम कटना नहीं है. किसी भी व्यक्ति का नाम हटाने से पहले उसे अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा. नोटिस पाने वाले वोटर्स को अपने विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी या बूथ लेवल ऑफिसर के पास जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. नोटिस से जुड़े मामलों को 29 अक्टूबर तक निपटाया जाना है. इसके बाद दिल्ली की अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर को जारी की जाएगी।

  • चीन को साधने का प्रयास… US ने दिया AI से जुड़ी घटनाओं के लिए नई सूचना व्यवस्था का प्रस्ताव

    चीन को साधने का प्रयास… US ने दिया AI से जुड़ी घटनाओं के लिए नई सूचना व्यवस्था का प्रस्ताव


    न्यूयॉर्क।
    अमेरिका (America) ने चीन (China) के साथ बातचीत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) (Artificial Intelligence – AI) से जुड़ी घटनाओं के लिए नई सूचना व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (American Treasury Secretary Scott Bessent) ने रविवार को कहा कि इस व्यवस्था के तहत एआई से जुड़ी ऐसी घटनाओं की जानकारी साझा की जा सकेगी, जिनसे राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

    यह प्रस्ताव इस सप्ताह व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Chinese President Xi Jinping) के बीच होने वाली बातचीत से पहले हुई चर्चा का हिस्सा है। न्यूयॉर्क में चीन के उपप्रधानमंत्री हे लिफेंग के साथ बातचीत के बाद बेसेंट ने कहा कि अमेरिका साझा लक्ष्यों और साझा खतरों को लेकर एक समान दृष्टिकोण चाहता है।


    एआई शक्तियों के बीच हो पारदर्शिता : स्कॉट बेसेंट

    स्कॉट बेसेंट ने कहा कि दुनिया की नंबर एक और नंबर दो एआई शक्तियों के बीच पारदर्शिता बढ़ाना जरूरी है। बेसेंट ने कहा, “हमारा मानना है कि किसी भी सीमा पार गतिविधि की तरह, दुनिया की नंबर एक और नंबर दो एआई शक्तियों के बीच अपारदर्शिता से अधिक पारदर्शिता की ओर बढ़ना बहुत महत्वपूर्ण है।” ट्रंप एआई विकास धीमा करने के सुझावों का विरोध कर चुके हैं। उनका कहना है कि ऐसा करने से चीन को अमेरिकी कंपनियों की बराबरी करने का मौका मिल सकता है।


    अमेरिका-चीन में व्यापार वार्ता को लेकर बनी सहमति

    रविवार देर रात जेपी मॉर्गन चेज के मुख्यालय की लॉबी में बेसेंट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने कहा कि इस सप्ताह ट्रंप और शी के बीच होने वाली बातचीत के लिए आधार तैयार हो चुका है। दोनों नेताओं की बैठक आगामी गुरुवार को होने वाली है।

    बेसेंट और ग्रीर ने बताया कि दोनों देश एक नई ‘व्यापार परिषद’ को अमल में लाने पर सहमत हुए हैं। इस व्यवस्था पर ट्रंप और शी ने मई में बीजिंग में मुलाकात के दौरान चर्चा की थी। ग्रीर ने कहा, “आज वे विचार वास्तविकता बन गए हैं।”

    कम संवेदनशील वस्तुओं पर कम शुल्क की चर्चा
    ग्रीर ने कहा कि दोनों देश अभी भी इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि किन ‘गैर-संवेदनशील’ वस्तुओं को कम शुल्क की श्रेणी में रखा जा सकता है। संभावित सूची में उपभोक्ता वस्तुएं, कृषि उत्पाद, ऊर्जा उत्पाद और चिकित्सा उपकरण शामिल हो सकते हैं। दोनों देशों के बीच हुई ताजा चर्चा ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और चीन एआई, व्यापार और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपने संबंधों को लेकर बातचीत कर रहे हैं।

  • ESIC : वेतन गणना का फॉर्मूला बदला…., नई व्यवस्था में लाखों कर्मचारियों को फायदा

    ESIC : वेतन गणना का फॉर्मूला बदला…., नई व्यवस्था में लाखों कर्मचारियों को फायदा


    नई दिल्ली।
    कर्मचारियों के वेतन की गणना (Calculation Employees’ Salaries) को लेकर तस्वीर और साफ हो गई है। सामाजिक सुरक्षा संहिता (Social Security Code) के तहत लागू नई व्यवस्था में वेतन का बड़ा हिस्सा अलग-अलग भत्तों के नाम पर बाहर नहीं रखा जा सकेगा। अगर वेतन से बाहर रखी गई भत्तों की रकम कुल पारिश्रमिक के 50 फीसदी से अधिक है, तो 50 फीसदी से ऊपर की रकम को भी वेतन में जोड़कर माना जाएगा। इसका असर कर्मचारी राज्य बीमा यानी ईएसआई (Employees’ State Insurance- ESIC) के दायरे पर पड़ेगा।


    50 फीसदी से अधिक भत्ते की रकम तो वेतन में जुड़ेगी

    नई गणना का फायदा देश के लाखों कर्मचारियों को मिल सकता है। नई व्यवस्था के प्रभावी होने की स्थिति भी साफ हो गई है। ईएसआईसी के डीजी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि 21 नवंबर 2025 से ही सामाजिक सुरक्षा संहिता की धारा 2(88) के तहत नई वेतन परिभाषा लागू हो गई है। जबकि इसे आठ मई 2026 को गजट जारी होने की तारीख से प्रभावी माना जाएगा। निगम ने इसको लेकर नियोक्ताओं को नई वेतन परिभाषा के आधार पर कर्मचारियों की ईएसआई कवरेज की गणना करने को कहा।


    नई परिभाषा से कैसे होगी गणना?

    मान लीजिए, किसी कर्मचारी को हर महीने 20 हजार रुपये मिलते हैं। उसमें मूल वेतन 8 हजार रुपये है। इसके अलावा मकान किराया और दूसरे भत्ते 12 हजार रुपये दिए जाते हैं। इस तरह से कुल भुगतान 20 हजार रुपये हो गया। मतलब भत्ते के रूप में वेतन से बाहर भुगतान 12 हजार रुपये हैं। अब 20 हजार रुपये का आधा यानी 10 हजार रुपये है। यानी 10 हजार की सीमा से 2 हजार रुपये ज्यादा। नए वेतन परिभाषा के तहत यही अतिरिक्त 2 हजार रुपये का भत्ता भी वेतन में जोड़ा जाएगा। इस तरह ईएसआई की गणना के लिए वेतन सिर्फ 8 हजार रुपये नहीं माना जाएगा। उसमें अतिरिक्त 2 हजार रुपये जुड़ेंगे और 10 हजार रुपये वेतन माना जाएगा।