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  • वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों से 2 फीट तक खिसकी धरती… NISAR सैटेलाइट ने किया खुलासा

    वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों से 2 फीट तक खिसकी धरती… NISAR सैटेलाइट ने किया खुलासा


    कराकस ।
    वेनेजुएला (Venezuela) में पिछले महीने आए दो शक्तिशाली भूकंपों (Earthquakes) को लेकर इसरो (ISRO) और नासा (NASA) के संयुक्त मिशन NISAR सैटेलाइट ने बड़ा खुलासा किया है. सैटेलाइट डेटा के विश्लेषण से पता चला है कि इस भीषण भूकंप के कारण कई जगहों पर जमीन लगभग 60 सेंटीमीटर यानी 2 फीट तक खिसक गई, जिसके कारण राजधानी कराकस (Caracas) और ला गुएरा (La Guaira) में भीषण तबाही मची।

    वैज्ञानिकों ने 24 जून को आए भूकंप से पहले और बाद में NISAR सैटेलाइट से ली गई पृथ्वी की तस्वीरों का अध्ययन किया. इसके लिए 13 और 18 जून की तस्वीरों की तुलना 25 और 30 जून को लिए गए डेटा से की गई, ताकि भूकंप के बाद जमीन की सतह में हुए बदलाव का पता लगाया जा सके।

    बता दें कि 24 जून को उत्तरी वेनेजुएला में 7.2 तीव्रता का भूकंप आया था. इसके 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का एक और शक्तिशाली भूकंप आया. इन भूकंपों में 5,000 से अधिक लोगों की मौत और करीब 16,700 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी. कराकस और ला गुएरा के अलावा त्रुजिलो, याराकुय, काराबोबो, अरागुआ और मिरांडा राज्य भी प्रभावित हुए थे।

    वैज्ञानिकों ने जमीन की सतह में हुए मामूली बदलावों का पता लगाने के लिए ‘इंटरफेरोमेट्रिक सिंथेटिक अपर्चर रडार’ (InSAR) तकनीक का इस्तेमाल किया. इसमें सैटेलाइट के बार-बार गुजरने के दौरान जुटाए गए डेटा की तुलना करके सैटेलाइट और जमीन के बीच की दूरी में हुए बदलावों का पता लगाया जाता है.

    यह पहली बार था जब किसी बड़े भूकंप के कारण जमीन की सतह में हुए बदलाव को मैप करने के लिए NISAR के ‘अर्जेंट रिस्पॉन्स सिस्टम’ का इस्तेमाल किया गया। नासा की जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी के भू-भौतिकीविद एरिक फील्डिंग के अनुसार, भूकंप की फॉल्ट लाइन समुद्र से होते हुए पूर्व की ओर बढ़ी और कराकस के उत्तर में स्थित इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास वापस तट पर आई. इस हिस्से के ठीक दक्षिण में जमीन का खिसकाव सबसे ज़्यादा लगभग 60 सेमी (2 फीट) रहा, यही वजह है कि कराकस और ला गुएरा में इतनी व्यापक तबाही देखने को मिली।

    एरिक के मुताबिक, InSAR तकनीक से वैज्ञानिकों को यह समझने में काफी मदद मिली कि भूकंप के दौरान वास्तव में क्या हुआ था. NISAR सैटेलाइट पृथ्वी की सतह को सीधे ऊपर से नहीं, बल्कि करीब 40 डिग्री के कोण से देखता है. इससे वह जमीन के क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर, दोनों तरह के विस्थापन को रिकॉर्ड कर सकता है।

  • ITR: डेडलाइन के अंतिम दिनों में इनकम टैक्स पोर्टल हुआ ठप… टैक्सपेयर्स की बढ़ी टेंशन

    ITR: डेडलाइन के अंतिम दिनों में इनकम टैक्स पोर्टल हुआ ठप… टैक्सपेयर्स की बढ़ी टेंशन


    नई दिल्ली।
    अगर आपने अभी तक अपना ITR फाइल नहीं किया है, तो अलर्ट हो जाइए। 31 जुलाई की आखिरी तारीख से ठीक पहले इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) का ई-फाइलिंग पोर्टल (E-filing portal) कई यूजर्स के लिए ठप पड़ गया। लोगों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की कि न तो वेबसाइट खुल रही है, न लॉगिन हो रहा है और न ही टैक्स पेमेंट या ITR फाइल हो पा रहा है। 31 जुलाई को इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return 2026- ITR) भरने की आखिरी तारीख है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग अपना रिटर्न दाखिल करने और बाकी टैक्स का पेमेंट करने में जुटे हैं। लेकिन कई टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिकायत की कि इनकम टैक्स विभाग का ई-फाइलिंग पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहा है।


    टैक्सपेयर्स ने की शिकायत

    यूजर्स के मुताबिक पोर्टल पर लॉगिन करने में दिक्कत आ रही है। कई लोगों का कहना है कि वे आईटीआर फाइल नहीं कर पा रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स टैक्स पेमेंट भी नहीं कर सके। एक यूजर ने लिखा कि पिछले दो घंटे से पोर्टल काम नहीं कर रहा है और इनकम टैक्स पर भी वेबसाइट का इस तरह बंद होना हैरान करने वाला है।


    आखिरी दिनों में पोर्टल पर बढ़ा ट्रैफिक

    इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट के मुताबिक असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अब तक 3.5 करोड़ से ज्यादा आईटीआर दाखिल किए जा चुके हैं। हर साल की तरह इस बार भी आखिरी कुछ दिनों में बड़ी संख्या में लोग रिटर्न फाइल करने के लिए पोर्टल पर पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि बढ़ते ट्रैफिक की वजह से भी तकनीकी दिक्कतें सामने आ सकती हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    31 जुलाई है आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख
    फिलहाल इनकम टैक्स विभाग की ओर से पोर्टल में आई दिक्कतों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। साथ ही 31 जुलाई की आखिरी तारीख बढ़ाने को लेकर भी कोई घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में जिन लोगों का आईटीआर अभी तक फाइल नहीं हुआ है, उन्हें सलाह दी जाती है कि पोर्टल सामान्य होते ही तुरंत अपना रिटर्न दाखिल करें। जब तक इनकम टैक्स विभाग की ओर से कोई नई सूचना नहीं आती, तब तक 31 जुलाई की अंतिम तारीख पहले की तरह ही लागू रहेगी।

  • UP: कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे उद्घाटन के 13वें दिन ही धंसा, जर्मनी की वर्ल्ड क्लास सड़कों से हो रही थी तुलना

    UP: कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे उद्घाटन के 13वें दिन ही धंसा, जर्मनी की वर्ल्ड क्लास सड़कों से हो रही थी तुलना


    उन्नाव।
    जिस कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे (Kanpur-Lucknow Elevated Expressway) का 13 जुलाई को बड़े जोर-शोर से उद्घाटन हुआ था और जिसकी क्वालिटी की तुलना जर्मनी की वर्ल्ड क्लास सड़कों (Germany’s World-class Roads) से की जा रही थी, वह उद्घाटन के महज 13 दिनों के भीतर ही बड़े विवादों में घिर गया है. लगातार हो रही बारिश के बीच उन्नाव जिले के कोरारी के पास 6-लेन सड़क का एक बड़ा हिस्सा कई मीटर तक धंस गया।

    घटना के तुरंत बाद समाजवादी पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने धंसे हुए एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. देखते ही देखते इस वीडियो को लेकर मुख्य विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने BJP सरकार और एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए हमला बोल दिया।


    4200 करोड़ की लागत

    करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से बने 63 किमी लंबे इस 6-लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का निर्माण PNC कंस्ट्रक्शन कंपनी ने किया था, जिसे निर्माण कार्य पूरा होने के बाद NHAI को सौंपा गया था।

    घटना के बाद स्थानीय जनता और सोशल मीडिया पर यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि लाखों रुपये का वेतन लेने वाले NHAI के विशेषज्ञ इंजीनियरों की निगरानी के बावजूद इतनी कम अवधि में सड़क का हिस्सा कैसे धंस गया? क्या निर्माण के दौरान सामग्री की क्वालिटी से समझौता किया गया था?


    सपा-कांग्रेस का सरकार पर तीखा प्रहार

    समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर धंसी हुई सड़क की तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया. विपक्ष का कहना है कि 13 दिन पहले जिस सौगात का ढिंढोरा पीटा गया था, वह पहली ही बारिश में जनता के पैसों की बर्बादी का सबूत बन गई।


    मचा बवाल तो जागी NHAI

    मामले के तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के बाद कंस्ट्रक्शन कंपनी PNC तुरंत मौके पर मरम्मत कार्य में जुट गई. वहीं, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर सफाई जारी कर दी। अथॉरिटी ने लिखा, ”NHAI आपको अवगत कराना चाहता है कि कानपुर से लखनऊ की ओर किमी 64 के पास ‘स्लिपेज’ यानी सड़क का हिस्सा धंसका हुआ है, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक मरम्मत की कार्रवाई जारी है।

  • रोमानिया ने हवा में ही मार गिराया संदिग्ध रूसी ड्रोन…. 3 दिन में तीसरी बार घुसपैठ की कोशिश

    रोमानिया ने हवा में ही मार गिराया संदिग्ध रूसी ड्रोन…. 3 दिन में तीसरी बार घुसपैठ की कोशिश


    कीव।
    रोमानिया (Romania) ने रविवार को अपने हवाई क्षेत्र में घुसे एक संदिग्ध रूसी ड्रोन (Russian Drone) को मार गिराया। यह लगातार तीन दिनों में तीसरी ऐसी घटना है, जब यूरोपीय संघ (EU) और नाटो (NATO) सदस्य देश रोमानिया (Romania) के हवाई क्षेत्र में ड्रोन घुसपैठ हुई। देश के राष्ट्रपति ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

    ड्रोन को कैसे मार गिराया गया?
    नाटो के परिचालन नियंत्रण के तहत फेटेस्टी एयरबेस से रोमानियाई वायुसेना के दो F-16 लड़ाकू विमान तत्काल उड़ान भरकर पहुंचे और काला सागर (Black Sea) के ऊपर उस ड्रोन को मार गिराया।


    राष्ट्रपति ने क्या कहा?

    रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर दान ने कहा कि आज सुबह 10:13 बजे रोमानियाई वायुसेना के एक F-16 विमान ने सुलीना-चिलिया क्षेत्र में रोमानिया के क्षेत्रीय जलक्षेत्र के ऊपर एक नए ड्रोन को मार गिराया। राष्ट्रपति ने बताया कि पहले रोके गए ड्रोन में से एक की जांच में पता चला है कि वह संभवतः शाहेद प्रकार का ड्रोन था, जिसका इस्तेमाल रूस यूक्रेन के खिलाफ अपने युद्ध में कर रहा है।


    यह हाल के दिनों में कितनी बड़ी कार्रवाई है?

    नाटो के सुप्रीम हेडक्वार्टर्स एलाइड पावर्स यूरोप के प्रवक्ता कर्नल मार्टिन ओ’डॉनेल ने कहा कि नाटो के समन्वय से रोमानिया द्वारा नाटो हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने वाले ड्रोन को मार गिराने की यह हाल के समय की चौथी कार्रवाई है।


    क्या इससे पहले भी रोमानिया ने ड्रोन गिराया था?

    उन्होंने बताया कि हाल की तीन घटनाओं से पहले मई में रोमानियाई लड़ाकू विमानों ने एस्टोनिया के ऊपर उड़ रहे एक ड्रोन को भी मार गिराया था। रोमानियाई पायलट और विमान फिलहाल लिथुआनिया में तैनात हैं, जहां से वे नाटो की पूर्वी सुरक्षा व्यवस्था के तहत व्यापक अभियान चलाने में सक्षम हैं।


    नाटो ने क्या संदेश दिया?

    कर्नल ओ डॉनेल ने कहा कि हम लगातार साबित कर रहे हैं कि नाटो हर समय सतर्क है और किसी भी खतरे से अपनी सुरक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।


    रोमानिया ने ड्रोन से निपटने के लिए क्या तैयारी की है?

    रोमानिया ने MEROPS काउंटर-ड्रोन सिस्टम खरीदा है। यह अपेक्षाकृत कम लागत वाले लगभग तीन फीट लंबे ड्रोन दागकर शाहेद और अन्य प्रकार के दुश्मन ड्रोन को नष्ट करता है। यह प्रणाली नाटो की पूर्वी सीमा पर ड्रोन खतरों से सुरक्षा मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।


    क्या इससे पहले भी रूसी ड्रोन रोमानिया में नुकसान पहुंचा चुके हैं?

    मई में यूक्रेन पर रूसी हमले के दौरान एक रूसी ड्रोन रास्ता भटककर पूर्वी रोमानिया की एक अपार्टमेंट इमारत से टकरा गया था। इस घटना में दो लोग घायल हुए थे और इससे आशंका बढ़ गई थी कि युद्ध नाटो क्षेत्र तक फैल सकता है।


    राष्ट्रपति ने रूस को क्या चेतावनी दी?

    राष्ट्रपति निकुशोर दान ने कहा, ‘रूस द्वारा लगातार रोमानिया के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करना अस्वीकार्य और असहनीय है। यह न केवल रोमानिया बल्कि नाटो और यूरोपीय संघ के हवाई क्षेत्र का भी उल्लंघन है। ऐसे कदम बिल्कुल स्वीकार्य नहीं हैं और हम अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इन्हें पूरी गंभीरता से ले रहे हैं।’


    बेल्जियम ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?

    नाटो और यूरोपीय संघ के सदस्य बेल्जियम ने रविवार की इस घुसपैठ को यूरोपीय सुरक्षा के लिए रूस के युद्ध से पैदा हो रहे खतरे की गंभीर याद दिलाने वाली घटना बताया। बेल्जियम के विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवो ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में रोमानिया के ऊपर कई ड्रोन मार गिराए गए हैं। जांच में पहले ही पुष्टि हो चुकी है कि उनमें से एक रूसी शाहेद ड्रोन था। बेल्जियम इस कठिन समय में रोमानिया के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि नाटो की पूर्वी सुरक्षा व्यवस्था के तहत बेल्जियम के 300 सैनिक रोमानिया में तैनात हैं।


    क्या नाटो देशों में ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं बढ़ रही हैं?

    फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर हमला शुरू करने के बाद से रूस और यूक्रेन के ड्रोन कई बार रोमानिया सहित अन्य नाटो सदस्य देशों के हवाई क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। इन घटनाओं ने पूरे यूरोप की सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

  • दतिया में बीजेपी की अग्निपरीक्षा नरोत्तम समर्थकों की नाराजगी और जातीय समीकरणों के बीच फंसा उपचुनाव

    दतिया में बीजेपी की अग्निपरीक्षा नरोत्तम समर्थकों की नाराजगी और जातीय समीकरणों के बीच फंसा उपचुनाव


    दतिया  दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के सामने इस बार सबसे बड़ी चुनौती विपक्ष नहीं बल्कि बदले हुए राजनीतिक समीकरण बन गए हैं। पूर्व गृह मंत्री और लंबे समय तक दतिया की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद चुनावी माहौल बदलता नजर आ रहा है। पार्टी ने उनकी जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है लेकिन जमीन पर नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव और समर्थकों की भावनाएं अब भी चुनावी चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं।

    ग्रामीण इलाकों में कई मतदाता आज भी नरोत्तम मिश्रा को दादा के नाम से याद करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान में उनकी सक्रिय भूमिका रहती थी। ऐसे में टिकट बदलने के फैसले के बाद कुछ समर्थकों में नाराजगी दिखाई दे रही है। हालांकि पार्टी इसे पूरी तरह नियंत्रित करने का दावा कर रही है।

    पिछले करीब 18 वर्षों में दतिया बीजेपी संगठन में नरोत्तम मिश्रा का मजबूत प्रभाव रहा। इस दौरान उनका समर्थक नेटवर्क बूथ स्तर तक सक्रिय रहा और चुनावी प्रबंधन की जिम्मेदारी भी काफी हद तक इसी टीम के पास रही। अब नए उम्मीदवार के साथ पार्टी को बूथ स्तर पर संगठन को फिर से सक्रिय करना पड़ रहा है। पुराने कार्यकर्ता दोबारा मैदान में जरूर उतरे हैं लेकिन स्थानीय स्तर पर उनका जनसंपर्क पहले जैसा मजबूत नहीं माना जा रहा।

    इसी चुनौती को देखते हुए बीजेपी ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। अब तक आठ मंत्री क्षेत्र में प्रचार कर चुके हैं जबकि 20 विधायकों को अलग अलग शक्ति केंद्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी भी लगातार मतदाताओं तक पहुंचने में जुटे हैं। पार्टी को उम्मीद है कि व्यापक संगठनात्मक अभियान से संभावित नुकसान की भरपाई की जा सकेगी।

    नरोत्तम मिश्रा भी चुनावी अभियान से पूरी तरह दूर नहीं हैं। उन्हें चुनाव संचालन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है और उनके फोटो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा प्रदेश अध्यक्ष के साथ प्रचार सामग्री में प्रमुखता से लगाए गए हैं। हालांकि उनका प्रचार करने का तरीका अलग है। वे उम्मीदवार के साथ मंच साझा करने के बजाय स्वयं घर घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं।

    नरोत्तम मिश्रा ने समर्थकों की नाराजगी के सवाल पर कहा कि अब पार्टी में कोई असंतुष्ट नहीं है और सभी कार्यकर्ता भाजपा की जीत के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ने उन्हें लंबे समय तक विधायक और मंत्री बनने का अवसर दिया और अब वे केवल एक कार्यकर्ता के रूप में संगठन की जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस उपचुनाव में जातीय समीकरण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। खासकर ब्राह्मण मतदाताओं का रुझान चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में दतिया का उपचुनाव केवल उम्मीदवारों की लड़ाई नहीं बल्कि संगठन की मजबूती स्थानीय नेतृत्व और सामाजिक समीकरणों की भी बड़ी परीक्षा बन गया है।

  • गेहूं उत्पादन के बाद अब भंडारण में भी एमपी का दम 35 लाख मीट्रिक टन क्षमता के साथ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल

    गेहूं उत्पादन के बाद अब भंडारण में भी एमपी का दम 35 लाख मीट्रिक टन क्षमता के साथ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल


    नई दिल्ली । देश में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन के लिए पहचान बना चुका मध्य प्रदेश अब सरकारी खाद्यान्न भंडारण क्षमता के मामले में भी नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। केंद्र सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 34.94 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न भंडारण क्षमता उपलब्ध है। इस उपलब्धि के साथ मध्य प्रदेश देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है और पंजाब हरियाणा राजस्थान गुजरात तमिलनाडु तेलंगाना तथा ओडिशा जैसे कई बड़े कृषि राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।

    राज्यसभा में उपभोक्ता मामले खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से दिए गए लिखित उत्तर में यह जानकारी सामने आई है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 3493.80 हजार मीट्रिक टन यानी लगभग 34.94 लाख मीट्रिक टन सरकारी खाद्यान्न भंडारण क्षमता उपलब्ध है। यह क्षमता प्रदेश में खरीदे गए गेहूं धान और अन्य खाद्यान्नों के सुरक्षित भंडारण तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    केंद्र सरकार के अनुसार वर्ष 2024-25 के दौरान भारतीय खाद्य निगम राज्य एजेंसियों और अन्य व्यवस्थाओं को मिलाकर देशभर में कुल 55493.76 हजार मीट्रिक टन यानी लगभग 5.55 करोड़ मीट्रिक टन खाद्यान्न भंडारण क्षमता उपलब्ध है। इसमें अकेले मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 6.3 प्रतिशत है। यह दर्शाता है कि देश के खाद्य सुरक्षा तंत्र में मध्य प्रदेश की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है।

    भंडारण क्षमता के मामले में प्रदेश से आगे केवल उत्तर प्रदेश बिहार महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश का स्थान आता है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि प्रदेश पिछले कुछ वर्षों में गेहूं उत्पादन और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद में भी लगातार अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। अब पर्याप्त भंडारण क्षमता उपलब्ध होने से खरीदे गए अनाज के सुरक्षित संरक्षण और समय पर वितरण में भी आसानी होगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक गोदामों और वैज्ञानिक भंडारण सुविधाओं के विस्तार से अनाज की बर्बादी कम होगी और किसानों से खरीदी गई उपज को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूती मिलेगी और जरूरत के समय विभिन्न राज्यों तक खाद्यान्न की आपूर्ति भी सुचारु रूप से की जा सकेगी।

    मध्य प्रदेश की यह उपलब्धि राज्य के कृषि और खाद्य प्रबंधन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। उत्पादन के साथ साथ भंडारण क्षमता में हुई यह बढ़ोतरी प्रदेश को देश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का और अधिक मजबूत स्तंभ बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।

  • वीकेंड पर क्या देखें यहां है इस हफ्ते रिलीज होने वाली फिल्मों की पूरी लिस्ट एक्शन कॉमेडी रोमांस और फैमिली ड्रामा सब कुछ मिलेगा

    वीकेंड पर क्या देखें यहां है इस हफ्ते रिलीज होने वाली फिल्मों की पूरी लिस्ट एक्शन कॉमेडी रोमांस और फैमिली ड्रामा सब कुछ मिलेगा

    नई दिल्ली । अगर आप वीकेंड पर परिवार या दोस्तों के साथ थिएटर में नई फिल्म देखने की योजना बना रहे हैं तो यह सप्ताह आपके लिए शानदार रहने वाला है। 27 जुलाई से 2 अगस्त के बीच बड़े पर्दे पर एक्शन सुपरहीरो कॉमेडी फैमिली ड्रामा और रोमांस से भरपूर कई फिल्में रिलीज होने जा रही हैं। हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक अलग अलग जॉनर की फिल्मों के साथ दर्शकों को मनोरंजन का भरपूर मौका मिलेगा।

    स्पाइडर मैन ब्रांड न्यू डे
    रिलीज डेट – 30 जुलाई
    इस सप्ताह की सबसे बड़ी रिलीज हॉलीवुड की सुपरहीरो फिल्म स्पाइडर मैन ब्रांड न्यू डे है। फिल्म में पीटर पार्कर अपनी सुपरहीरो पहचान से दूर एक सामान्य कॉलेज छात्र की जिंदगी जीने की कोशिश करता है। लेकिन जब उसके करीबियों पर नया खतरा मंडराता है तो उसे फिर से स्पाइडर मैन बनकर दुनिया की रक्षा के लिए मैदान में उतरना पड़ता है। एक्शन और सुपरहीरो फिल्मों के प्रशंसकों के लिए यह फिल्म खास आकर्षण होगी।

    भाई तेरा स्टार है
    रिलीज डेट – 30 जुलाई
    राघव जुयाल अभिनीत यह फिल्म कॉमेडी और फैमिली ड्रामा का अनोखा मिश्रण है। कहानी एक ऐसे अभिनेता की है जो क्रिकेट सट्टेबाजी के कारण कर्ज में फंस जाता है। मुश्किलों से निकलने की कोशिश में बोला गया एक झूठ उसे और उसके परिवार को हास्यास्पद और रोमांचक घटनाओं के बीच पहुंचा देता है। राघव जुयाल की कॉमिक टाइमिंग इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत मानी जा रही है।

    ओह माय डॉग
    नई रिलीज डेट – 7 अगस्त
    यह फिल्म पहले 31 जुलाई को रिलीज होने वाली थी लेकिन निर्माताओं ने इसकी रिलीज टाल दी है। अब यह 7 अगस्त को सिनेमाघरों में आएगी। फिल्म एक छोटे बच्चे और एक बेघर कुत्ते के बीच बने भावनात्मक रिश्ते की कहानी है। पेट लवर्स और पारिवारिक दर्शकों के लिए यह एक भावुक और प्रेरणादायक फिल्म मानी जा रही है।

    दिल दीवाना हो गया
    रिलीज डेट – 31 जुलाई
    रोमांस और फैमिली ड्रामा से भरपूर यह फिल्म राहुल नैना और राज की जिंदगी के इर्द गिर्द घूमती है। प्यार विश्वास त्याग और रिश्तों की खूबसूरती को दर्शाती यह म्यूजिकल फिल्म पूरे परिवार के साथ देखने के लिए उपयुक्त मानी जा रही है। साफ सुथरी कहानी और पारिवारिक भावनाओं के कारण यह फिल्म हर आयु वर्ग के दर्शकों को पसंद आ सकती है।

    इस सप्ताह सिनेमाघरों में हर वर्ग के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ खास मौजूद है। जहां सुपरहीरो फिल्मों के प्रशंसकों के लिए स्पाइडर मैन सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा वहीं कॉमेडी पसंद करने वालों के लिए भाई तेरा स्टार है और पारिवारिक दर्शकों के लिए दिल दीवाना हो गया अच्छी पसंद साबित हो सकती है। हालांकि ओह माय डॉग देखने के लिए दर्शकों को अब 7 अगस्त तक इंतजार करना होगा।

  • रावण बनने के लिए यश का अनोखा तरीका बड़े स्पीकर्स पर बजाते थे शिव भक्ति के गाने सेट पर बात करना भी हो जाता था मुश्किल

    रावण बनने के लिए यश का अनोखा तरीका बड़े स्पीकर्स पर बजाते थे शिव भक्ति के गाने सेट पर बात करना भी हो जाता था मुश्किल


    नई दिल्ली । फिल्म रामायण के बहुप्रतीक्षित ट्रेलर लॉन्च के दौरान अभिनेता यश ने शूटिंग से जुड़ा एक दिलचस्प अनुभव साझा किया। रावण का किरदार निभा रहे यश ने बताया कि वह सेट पर बड़े स्पीकर्स लेकर आते थे और तेज आवाज में शिव भक्ति के गीत बजाते थे। उन्होंने हंसते हुए कहा कि उनकी इस आदत से पूरे सेट का माहौल बदल जाता था और कई बार लोगों को बातचीत करने में भी दिक्कत होती थी।

    सैन डिएगो कॉमिक कॉन में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर निर्देशक नितेश तिवारी निर्माता नमित मल्होत्रा और यश मौजूद रहे। बातचीत के दौरान जब यश से पूछा गया कि वह हर दिन खुद को रावण के किरदार में कैसे ढालते थे तो उन्होंने बताया कि जैसे ही वह रावण का विशाल मुकुट पहनते थे वह अपने किरदार के भाव में पहुंच जाते थे। इसके साथ ही संगीत भी उनके लिए इस तैयारी का अहम हिस्सा था।

    इसी दौरान निर्देशक नितेश तिवारी ने यश को उनके तेज म्यूजिक की याद दिलाई। इस पर यश ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्होंने एक तरह से पूरे सेट का माहौल बदल दिया था। वह बड़े स्पीकर्स पर पूरी आवाज में गाने चलाते थे ताकि अपने किरदार की मानसिक स्थिति में बने रह सकें।

    यश ने बताया कि वह खास तौर पर भगवान शिव की भक्ति से जुड़े गीत सुनते थे। उनके अनुसार रावण भगवान शिव का परम भक्त था इसलिए वह उसी भक्ति और ऊर्जा को महसूस करना चाहते थे। उनका मानना था कि इस तरह का माहौल उन्हें अपने अभिनय में गहराई लाने में मदद करता था। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि तेज संगीत के कारण सेट पर मौजूद अन्य लोगों को बातचीत करने में परेशानी होती थी।

    रणबीर कपूर ने भी इस दौरान यश की तारीफ करते हुए कहा कि भले ही पहले भाग में उनके और यश के साथ कोई दृश्य नहीं है लेकिन जिन कलाकारों ने यश के साथ काम किया उन्होंने बताया कि उनका व्यक्तित्व और उनकी तैयारी पूरे सेट की ऊर्जा बदल देती थी। रणबीर ने कहा कि यश का प्रभाव इतना मजबूत था कि उनके किरदार की झलक शूटिंग के माहौल में भी महसूस होती थी।

    फिल्म रामायण का पहला भाग इस साल दिवाली पर रिलीज होने वाला है। पहले भाग में राम और रावण आमने सामने नहीं दिखाई देंगे जबकि दोनों के बीच महायुद्ध दूसरे भाग में दिखाया जाएगा जो वर्ष 2027 में रिलीज होगा। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में और यश रावण के किरदार में नजर आएंगे। इसके अलावा साई पल्लवी सीता सनी देओल हनुमान काजल अग्रवाल मंदोदरी रवि दुबे लक्ष्मण अरुण गोविल दशरथ और लारा दत्ता कैकेयी सहित कई कलाकार अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

  • टीम इंडिया का अगला मिशन श्रीलंका 15 अगस्त से शुरू होगी टेस्ट सीरीज अक्टूबर तक का पूरा कार्यक्रम आया सामने

    टीम इंडिया का अगला मिशन श्रीलंका 15 अगस्त से शुरू होगी टेस्ट सीरीज अक्टूबर तक का पूरा कार्यक्रम आया सामने


    नई दिल्ली । जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार 3-0 की जीत दर्ज करने के बाद अब भारतीय क्रिकेट टीम की नजर अगले विदेशी दौरे पर है। करीब 15 दिन के ब्रेक के बाद टीम इंडिया श्रीलंका का दौरा करेगी जहां उसे दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। इस दौरे के साथ भारतीय टीम एक बार फिर लाल गेंद के क्रिकेट में मैदान पर उतरेगी। माना जा रहा है कि इस सीरीज के लिए टीम का ऐलान 28 जुलाई को किया जा सकता है।

    आईपीएल 2026 के बाद भारतीय टीम लगातार विदेशी दौरों पर व्यस्त रही है। सबसे पहले टीम ने आयरलैंड का दौरा किया जहां उसे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर भी भारत वनडे और टी20 दोनों सीरीज जीतने में सफल नहीं रहा। हालांकि जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया ने टी20 सीरीज 3-0 से अपने नाम कर आत्मविश्वास हासिल किया है।

    अब भारतीय टीम का अगला मुकाबला श्रीलंका से होगा। दोनों देशों के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला टेस्ट 15 अगस्त से गॉल में शुरू होगा जबकि दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के एसएससी मैदान पर खेला जाएगा। श्रीलंका की घरेलू परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजी बड़ी भूमिका निभाती है इसलिए यह दौरा भारतीय टीम के लिए आसान नहीं माना जा रहा।

    श्रीलंका दौरे के बाद भारतीय खिलाड़ियों को लगभग एक महीने का आराम मिलेगा। इसके बाद सितंबर के आखिर में वेस्टइंडीज की टीम भारत दौरे पर आएगी। इस दौरे में तीन वनडे और पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जाएंगे। घरेलू मैदान पर होने वाली इस सीरीज में भारतीय टीम मजबूत प्रदर्शन के इरादे से उतरेगी।

    अक्टूबर तक टीम इंडिया का शेड्यूल
    15 अगस्त 2026 -पहला टेस्ट, श्रीलंका बनाम भारत, गॉल, सुबह 10 बजे
    23 अगस्त 2026 -दूसरा टेस्ट, श्रीलंका बनाम भारत, कोलंबो (SSC), सुबह 10 बजे

    वेस्टइंडीज का भारत दौर
    27 सितंबर 2026 -पहला वनडे, तिरुवनंतपुरम, दोपहर 2 बजे
    30 सितंबर 2026 -दूसरा वनडे, गुवाहाटी, दोपहर 2 बजे
    3 अक्टूबर 2026 -तीसरा वनडे, न्यू चंडीगढ़, दोपहर 2 बजे

    टी20 सीरी
    6 अक्टूबर 2026 -पहला टी20, लखनऊ, शाम 7 बजे
    9 अक्टूबर 2026  -दूसरा टी20, रांची, शाम 7 बजे
    11 अक्टूबर 2026  -तीसरा टी20, इंदौर, शाम 7 बजे
    14 अक्टूबर 2026 -चौथा टी20, हैदराबाद, शाम 7 बजे
    17 अक्टूबर 2026 -पांचवां टी20, बेंगलुरु, शाम 7 बजे

    भारतीय टीम के सामने अब लगातार चुनौतीपूर्ण मुकाबलों का सिलसिला है। श्रीलंका में टेस्ट सीरीज जीतने के बाद टीम घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज खेलेगी। ऐसे में आने वाले महीनों में क्रिकेट प्रशंसकों को लगातार रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।

  • बादाम के तेल से निखरेगी त्वचा की प्राकृतिक चमक जानिए कैसे पाएं बेदाग मुलायम और जवां स्किन का राज

    बादाम के तेल से निखरेगी त्वचा की प्राकृतिक चमक जानिए कैसे पाएं बेदाग मुलायम और जवां स्किन का राज


    नई दिल्ली । त्वचा की खूबसूरती बनाए रखने के लिए लोग तरह तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार महंगे उत्पाद भी उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं दे पाते। ऐसे में प्राकृतिक उपाय हमेशा बेहतर विकल्प माने जाते हैं। बादाम का तेल उन्हीं प्राकृतिक उपायों में से एक है जो सदियों से त्वचा की देखभाल के लिए उपयोग किया जाता रहा है। इसमें मौजूद विटामिन ई विटामिन ए ओमेगा फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को अंदर से पोषण देकर उसे स्वस्थ चमकदार और मुलायम बनाने में मदद करते हैं।

    बादाम का तेल त्वचा को गहराई तक नमी प्रदान करता है। जिन लोगों की त्वचा रूखी रहती है उनके लिए यह किसी प्राकृतिक मॉइस्चराइजर से कम नहीं है। नियमित रूप से रात में चेहरे पर हल्के हाथों से बादाम के तेल की मालिश करने से त्वचा लंबे समय तक हाइड्रेट रहती है और उसकी प्राकृतिक चमक भी बढ़ने लगती है। यह त्वचा को मुलायम बनाने के साथ उसकी लोच बनाए रखने में भी सहायक माना जाता है।

    अगर चेहरे पर हल्के दाग धब्बे या पिगमेंटेशन की समस्या है तो बादाम का तेल धीरे धीरे त्वचा की रंगत को समान बनाने में मदद कर सकता है। इसमें मौजूद विटामिन ई त्वचा की कोशिकाओं को पोषण देता है और नई कोशिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया को बेहतर बनाता है। लगातार और सही तरीके से उपयोग करने पर चेहरा अधिक साफ और दमकता हुआ नजर आने लगता है।

    आंखों के नीचे काले घेरे और सूजन की समस्या से परेशान लोगों के लिए भी बादाम का तेल फायदेमंद माना जाता है। रात में सोने से पहले आंखों के आसपास इसकी कुछ बूंदों से हल्की मालिश करने से त्वचा को पोषण मिलता है और धीरे धीरे डार्क सर्कल्स कम होने लगते हैं। हालांकि इसका असर व्यक्ति की जीवनशैली और नींद पर भी निर्भर करता है इसलिए पर्याप्त आराम करना भी जरूरी है।

    बादाम के तेल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। इससे समय से पहले झुर्रियां और फाइन लाइंस आने की संभावना कम हो सकती है। बढ़ती उम्र के साथ त्वचा की कसावट बनाए रखने के लिए भी इसका नियमित उपयोग लाभकारी माना जाता है।

    अगर त्वचा धूप के कारण बेजान हो गई है तो बादाम का तेल उसे पोषण देकर उसकी चमक लौटाने में मदद कर सकता है। यह त्वचा को शांत करने के साथ हल्की जलन और रूखेपन को भी कम करने में सहायक होता है। कई लोग इसे फेस मसाज ऑयल के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं जिससे रक्त संचार बेहतर होता है और त्वचा अधिक स्वस्थ दिखाई देती है।

    हालांकि बादाम का तेल पूरी तरह प्राकृतिक है फिर भी इसे पहली बार इस्तेमाल करने से पहले त्वचा पर पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है। जिन लोगों को नट्स से एलर्जी है उन्हें डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका उपयोग करना चाहिए। साथ ही संतुलित आहार पर्याप्त पानी और अच्छी नींद के साथ बादाम के तेल का उपयोग किया जाए तो त्वचा की खूबसूरती लंबे समय तक बरकरार रखी जा सकती है। प्राकृतिक देखभाल अपनाकर बिना महंगे उत्पादों के भी स्वस्थ चमकदार और आकर्षक त्वचा पाना संभव है।