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  • शाहरुख खान की 'किंग' ने रिलीज से पहले बनाया बड़ा रिकॉर्ड, 175 करोड़ रुपये में बिके विदेशी राइट्स, धुरंधर और RRR को देगी चुनौती

    शाहरुख खान की 'किंग' ने रिलीज से पहले बनाया बड़ा रिकॉर्ड, 175 करोड़ रुपये में बिके विदेशी राइट्स, धुरंधर और RRR को देगी चुनौती

    नई दिल्ली ।बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान की आगामी फिल्म ‘किंग’ रिलीज से पहले ही चर्चा में आ गई है। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है और इसी बीच इसके विदेशी वितरण अधिकारों से जुड़ी बड़ी डील की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि फिल्म के ओवरसीज राइट्स करीब 175 करोड़ रुपये में बेचे गए हैं। इस बड़ी रकम के साथ ‘किंग’ ने रिलीज से पहले ही कारोबार के स्तर पर मजबूत शुरुआत की है। फिल्म की इस डील को भारतीय सिनेमा के बड़े विदेशी वितरण सौदों में शामिल किया जा रहा है।

    शाहरुख खान की फिल्मों का विदेशी बाजार में लंबे समय से मजबूत प्रभाव रहा है। उनकी लोकप्रियता भारत के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी देखने को मिलती है। यही वजह है कि उनकी नई फिल्मों को लेकर विदेशी वितरकों की दिलचस्पी बनी रहती है। ‘किंग’ के अधिकारों के लिए हुई इतनी बड़ी डील को भी इसी बाजार की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, फिल्म की वास्तविक सफलता का फैसला उसकी रिलीज के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन से होगा।

    फिल्म के विदेशी अधिकारों से जुड़े इस सौदे ने ‘किंग’ की व्यावसायिक संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज कर दी है। 175 करोड़ रुपये की रकम यह संकेत देती है कि फिल्म को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़े स्तर पर उतारने की तैयारी है। विदेशी वितरण अधिकार हासिल करने वाली कंपनियां आमतौर पर किसी फिल्म की स्टारकास्ट, निर्देशक, कहानी, दर्शकों के बीच लोकप्रियता और संभावित कमाई जैसे पहलुओं को ध्यान में रखती हैं। ऐसे में ‘किंग’ के लिए हुई यह डील फिल्म की रिलीज से पहले एक महत्वपूर्ण कारोबारी उपलब्धि मानी जा रही है।

    अब इस फिल्म की तुलना उन भारतीय फिल्मों से भी होने लगी है, जिन्होंने विदेशों में शानदार कारोबार किया है। इनमें ‘धुरंधर’ और ‘RRR’ जैसी फिल्मों के नाम शामिल हैं। इन फिल्मों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सिनेमा की पहुंच और कमाई की संभावनाओं को नए सिरे से चर्चा में ला दिया था। ऐसे में शाहरुख खान की ‘किंग’ से भी विदेशी बाजार में बड़े प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। हालांकि, केवल अधिकारों की बिक्री के आधार पर बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड टूटने का दावा नहीं किया जा सकता।

    ‘किंग’ को लेकर एक और महत्वपूर्ण पहलू शाहरुख खान की मौजूदगी है। अभिनेता की फिल्मों को लेकर उनके प्रशंसकों में खास उत्साह रहता है। उनकी पिछली सफल फिल्मों ने भी यह दिखाया है कि भारतीय दर्शकों के अलावा विदेशों में रहने वाले भारतीयों के बीच उनकी लोकप्रियता कितनी व्यापक है। यही दर्शक आधार किसी बड़ी फिल्म के अंतरराष्ट्रीय कारोबार में अहम भूमिका निभा सकता है।

    फिल्म की रिलीज से पहले हुई यह डील निर्माताओं और वितरकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि सिनेमाघरों में पहुंचने के बाद ‘किंग’ दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है और विदेशी बॉक्स ऑफिस पर कितना कारोबार कर पाती है। 175 करोड़ रुपये के विदेशी अधिकारों की बिक्री ने फिल्म के लिए पहले ही एक बड़ा व्यावसायिक पैमाना तय कर दिया है। रिलीज के बाद ही स्पष्ट होगा कि शाहरुख खान की यह फिल्म धुरंधर और RRR जैसी फिल्मों के विदेशी कारोबार को चुनौती दे पाती है या नहीं।

  • जनगणना 2027 : दूसरे चरण में होगी जनसंख्या की गणना… जानिए कब से शुरू होगी प्रक्रिया?

    जनगणना 2027 : दूसरे चरण में होगी जनसंख्या की गणना… जानिए कब से शुरू होगी प्रक्रिया?


    नई दिल्ली।
    आपके घर भी कुछ महीने पहले जनगणना (Census 2027) के अधिकारी आए होंगे और मकान (House) से लेकर पानी, बिजली और इंटरनेट (Internet) तक के बारे में सवाल पूछे होंगे। अब सरकार ने जनगणना 2027 (Census 2027) के अगले चरण (Second Phase) की तारीखों का एलान कर दिया है।


    जनगणना 2027 का पूरा शेड्यूल क्या है?

    जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जा रही है। पहले चरण में मकान सूचीकरण और आवास जनगणना का काम अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच पूरा किया गया। अब दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना की प्रक्रिया होगी।

    गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, ज्यादातर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जनसंख्या गणना 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक होगी। इसके बाद 1 से 5 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण का दौर चलेगा। इससे पहले 10 से 24 जनवरी 2027 तक लोगों को ऑनलाइन स्व-गणना का विकल्प मिलेगा। हालांकि, कुछ राज्यों और क्षेत्रों में जनगणना का कार्यक्रम अलग रखा गया है।


    अगर आप इन राज्यों में रहते हैं तो जनवरी-फरवरी में नहीं होगी जनगणना

    मणिपुर, गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड के साथ ही लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर के बर्फीले क्षेत्रों में सामान्य कार्यक्रम के अनुसार जनगणना नहीं होगी। मणिपुर में जातीय हिंसा के कारण हालात सामान्य नहीं होने की वजह से जनगणना अगली अधिसूचना तक टाल दी गई है। वहीं, गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने होने है, इसे देखते हुए इन राज्यों में अलग कार्यक्रम रखा गया है।

    इसके अलावा लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के बर्फीले इलाकों में भी अलग समय पर जनगणना होगी। इनमें लाहौल-स्पीति और किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाके शामिल हैं। यहां सर्दियों में बर्फबारी के कारण रास्ते बंद हो जाते हैं, जिससे कर्मचारियों को घर-घर पहुंचने में परेशानी होती है। इनमें से उत्तर प्रदेश के लिए जनगणना का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। बाकी राज्यों और क्षेत्रों की तारीखों के लिए अलग अधिसूचना का इंतजार है।


    उत्तर प्रदेश में कब आएंगे जनगणना अधिकारी?

    अगर आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं तो आपके यहां जनगणना का दूसरा चरण दिसंबर 2026 में शुरू होगा। प्रदेश में 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक कर्मचारी घर-घर जाकर परिवार के सदस्यों की जानकारी जुटाएंगे। इससे पहले 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन स्व-गणना का विकल्प मिलेगा। इसके बाद गणनाकर्मी घर पहुंचकर ऑनलाइन भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे। प्रदेश में पुनरीक्षण दौर 5 से 9 जनवरी 2027 तक चलेगा।


    क्या घर बैठे खुद भर सकते हैं जनगणना का फॉर्म?

    हां, इस बार सरकार ने लोगों को स्व-गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा दी है। इसके जरिए आप घर बैठे अपने मकान और परिवार से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए आपको गणनाकर्मी के घर आने का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी।


    ऑनलाइन स्व-गणना फॉर्म कैसे भरें? समझिए पूरा तरीका
    स्टेप 1: पोर्टल खोलें

    सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउजर में Census India Self Enumeration Portal खोलें। इसके अलावा जणगणना पोर्टल पर जाकर सेल्फ एन्यूमरेशन के विकल्प पर क्लिक कर सकते हैं।


    स्टेप 2: लॉग इन करें

    पोर्टल पर अपना राज्य या केंद्रशासित प्रदेश चुनें। इसके बाद स्क्रीन पर दिया गया कैप्चा भरें। अब परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें। आपके मोबाइल पर एक ओटीपी (OTP) आएगा। इसे भरकर अपना सत्यापन पूरा करें।


    स्टेप 3: घर की लोकेशन दर्ज करें

    लॉग इन करने के बाद जिला, गांव या शहर और पिनकोड जैसी जानकारी भरें। इसके बाद स्क्रीन पर दिखाई देने वाले नक्शे यानी मैप पर अपने घर की सही लोकेशन मार्क करें।


    स्टेप 4: पूछे गए सवालों के जवाब भरें

    पहले चरण में भी आपके घर से संबंधित 33 सवाल इसमें दिए गए थे। अब फिर से नए 40 सवाल इसमें दिए जाएंगे।

    स्टेप 5: जानकारी चेक करके सबमिट करें
    फॉर्म भरने के बाद Preview विकल्प पर क्लिक करके सभी जानकारियां जांच लें। अगर कोई गलती है तो उसे ठीक करें। इसके बाद Final Submit पर क्लिक करें। फॉर्म जमा होने के बाद आपको 11 अंकों की एक विशेष पहचान संख्या मिलेगी। इसे SE ID कहा जाता है।


    SE ID मिलने के बाद क्या करना होगा?

    फॉर्म जमा करने के बाद मिली 11 अंकों की SE ID को सुरक्षित रखें। इसका स्क्रीनशॉट ले सकते हैं या प्रिंट निकालकर रख सकते हैं। जब जनगणना कर्मचारी आपके घर आएंगे तो उन्हें यह आईडी दिखानी होगी। इसके आधार पर वे ऑनलाइन भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे।


    ऑनलाइन फॉर्म भरते समय इन बातों का रखें ध्यान

    – एक मोबाइल नंबर से केवल एक घर का स्व-गणना फॉर्म भरा जा सकता है।
    – सभी जानकारियां सही और सच्ची भरें।
    – फॉर्म सबमिट करने से पहले सभी जवाब दोबारा जांच लें।
    – स्व-गणना करना वैकल्पिक है। आप चाहें तो गणनाकर्मी के घर आने पर भी जानकारी दे सकते हैं।


    दूसरे चरण में क्या-क्या सवाल पूछे जाएंगे?

    पहले चरण में मकान और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी ली गई थी, जबकि दूसरे चरण में परिवार के प्रत्येक सदस्य की व्यक्तिगत जानकारी जुटाई जाएगी। इस बार कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे, जबकि 2011 की जनगणना में 29 सवाल पूछे गए थे। यानी इस बार 11 नए सवाल जोड़े गए हैं। इन सवालों में जाति, धर्म, माता-पिता और पति या पत्नी का नाम, घोषित राष्ट्रीयता और स्थायी पता जैसी जानकारियां शामिल हैं। इसके अलावा डिजिटल साक्षरता, शिक्षा का स्तर और परिवार के कुल बैंक खातों की संख्या के बारे में भी पूछा जाएगा। मोबाइल नंबर, आधार और वोटर आईडी नंबर, कोविड-19 टीकाकरण की जगह, पासपोर्ट नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता से जुड़े सवाल भी इस चरण का हिस्सा होंगे।

  • दिवाली पर मां लक्ष्मी के साथ क्यों होती है गणेश जी की पूजा, जानिए धन-संपत्ति और बुद्धि से जुड़ी पौराणिक मान्यता

    दिवाली पर मां लक्ष्मी के साथ क्यों होती है गणेश जी की पूजा, जानिए धन-संपत्ति और बुद्धि से जुड़ी पौराणिक मान्यता


    नई दिल्ली ।दिवाली हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह पर्व हर साल कार्तिक महीने की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। साल 2026 में दिवाली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी। इस दिन घरों और दुकानों को दीपों से सजाया जाता है और सुख-समृद्धि की कामना के साथ विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। दिवाली के अवसर पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दोनों देवी-देवताओं की एक साथ आराधना करने के पीछे विशेष महत्व और पौराणिक कथा जुड़ी हुई है।

    हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन, वैभव और समृद्धि की देवी माना जाता है। वहीं, भगवान गणेश बुद्धि, विवेक और शुभ कार्यों के आरंभ के देवता के रूप में पूजे जाते हैं। मान्यता है कि जीवन में केवल धन का होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सही इस्तेमाल करने के लिए समझदारी और विवेक भी जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति के पास पर्याप्त धन हो, लेकिन उसे सही तरीके से खर्च करने और संभालने की बुद्धि न हो तो वह संपत्ति उसके लिए लाभकारी नहीं रह सकती। इसी विचार को ध्यान में रखते हुए दिवाली पर लक्ष्मीजी के साथ गणेशजी की पूजा की जाती है।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां लक्ष्मी की आराधना से धन-संपत्ति और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है, जबकि भगवान गणेश की पूजा से बुद्धि, विवेक और जीवन की बाधाओं से मुक्ति का आशीर्वाद मांगा जाता है। दोनों की संयुक्त पूजा का संदेश है कि व्यक्ति के जीवन में आर्थिक संपन्नता के साथ सही निर्णय लेने की क्षमता भी होनी चाहिए। धन और सद्बुद्धि का संतुलन ही सुखी एवं समृद्ध जीवन का आधार माना जाता है।

    मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की एक साथ पूजा करने के पीछे एक पौराणिक कथा भी प्रचलित है। कथा के अनुसार, एक बार मां लक्ष्मी को अपने धन और वैभव पर अभिमान हो गया था। तब भगवान विष्णु ने उन्हें समझाया कि संसार में भले ही हर कोई उनकी कृपा प्राप्त करना चाहता हो, लेकिन मातृत्व के बिना उनका जीवन अधूरा है। भगवान विष्णु की यह बात सुनकर मां लक्ष्मी दुखी हो गईं।

    मां लक्ष्मी को उदास देखकर माता पार्वती ने अपने पुत्र भगवान गणेश को उनकी गोद में बैठा दिया। इससे लक्ष्मीजी बेहद प्रसन्न हुईं और उन्होंने गणेशजी को अपना पुत्र स्वीकार कर लिया। इसके बाद उन्होंने वरदान दिया कि जो भी भक्त उनकी पूजा करेगा, उसे भगवान गणेश की आराधना भी करनी होगी। तभी उसे दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। इसी पौराणिक मान्यता को दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की संयुक्त पूजा की एक प्रमुख वजह माना जाता है।

    भगवान गणेश से जुड़ी रिद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ की मान्यताएं भी इस परंपरा को विशेष बनाती हैं। धार्मिक कथाओं में रिद्धि और सिद्धि को गणेशजी की पत्नियां बताया गया है। रिद्धि को समृद्धि और संपन्नता का प्रतीक माना जाता है, जबकि सिद्धि सफलता और उपलब्धियों से जुड़ी हैं। वहीं, शुभ और लाभ को रिद्धि-सिद्धि का पुत्र माना जाता है। शुभ का अर्थ मंगल और कल्याण से है, जबकि लाभ उन्नति और तरक्की का प्रतीक है।

    इसी कारण दिवाली के अवसर पर कई लोग अपने घरों, दुकानों और पूजा स्थलों के प्रवेश द्वार पर शुभ-लाभ लिखते हैं। धार्मिक विश्वास है कि इससे घर में सकारात्मकता, सुख और समृद्धि बनी रहती है। इस तरह दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा केवल धन प्राप्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन में संपन्नता के साथ बुद्धि, विवेक, सफलता और मंगल की कामना का भी प्रतीक मानी जाती है।

  • Israel: बदू महिलाओं ने पलटा नेतन्याहू का चुनावी पासा…! विपक्ष ला सकता है PM चुनने का विधेयक

    Israel: बदू महिलाओं ने पलटा नेतन्याहू का चुनावी पासा…! विपक्ष ला सकता है PM चुनने का विधेयक


    यरूशलम।
    उम्म खालिद फतून (Umm Khalid Fatoun) पिछले साल युद्ध पीड़ितों के लिए बने एक यहूदी-अरब सहायता केंद्र (Jewish-Arab Aid Center) में स्वयंसेवा करके लौटीं तो उन्होंने देखा कि बुलडोजर अजारनुग गांव (Ajarnug Village) में उनके बेटे के घर को ढहा रहे थे। पुलिस की निगरानी में आई टीम ने घर पर बुलडोजर चलाने से पहले फर्नीचर या सोलर पैनल तक हटाने का मौका नहीं दिया।

    अब, इस हफ्ते जब फतून को मौका मिला तो उन्होंने अपनी नाराजगी का जवाब इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Prime Minister Benjamin Netanyahu) के सत्तारूढ़ गठबंधन के खिलाफ मतदान करके दिया। उनका सीधा निशाना राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेन-ग्विर थे जिन्होंने फलस्तीनी और अरब समुदाय के लोगों के घरों को व्यापक स्तर पर ढहाने का आदेश दिया था। फतून कहती हैं, बेन-ग्विर को सत्ता से बाहर करना ही मेरा एकमात्र मकसद था। बदू समुदाय में ऐसा एक भी परिवार नहीं है जो हमारे खिलाफ उसके अभियानों से पीड़ित न हुआ हो। चुनाव से कुछ हफ्ते पहले फतून ने बदू महिलाओं को उनके अधिकारों और राजनीतिक ताकत के प्रति जागरूक करने के लिए जमीनी स्तर पर बाकायादा अभियान शुरू किया। इसके शानदार नतीजे भी दिखे, और चुनाव में दक्षिणी नेगेव इलाके के कुछ बदू गांवों में मतदान प्रतिशत तीन गुना तक बढ़ गया।


    हमें अपने हर वोट की ताकत झोंकनी होगी

    अल-नश्मियात अभियान का नेतृत्व करने वाली वकील हनान अलसनाह ने कहा, वर्षों के हिंसक शासन ने इस रूढ़िवादी समुदाय में बदलाव का दरवाजा खोल दिया है। हमने महिलाओं से कहा कि भले सभी पुरुष वोट दें फिर भी समुदाय का आधा हिस्सा ही होंगे। आपको अपने हर वोट की ताकत चाहिए, क्योंकि बेन-ग्विर के पास बहुत ताकत है।


    62% से 93% तक दर्ज की गई वोटिंग

    बदू समुदाय इस्राइली संसद नेसेट में अरब पार्टियों को 19 सीटें दिलाकर किंगमेकर की भूमिका में ला दिया। बदू समुदाय में सबसे कम मतदान 62% रहा, जबकि सबसे ज्यादा मतदान 93% दर्ज किया गया। उनके उत्साह से ही रआम पार्टी को चुनावी अनुमानों से काफी अधिक सफलता मिली।


    विपक्षी दल सीधे पीएम चुनने का ला सकता है विधेयक

    इस्राइल में सरकार गठन में राजनीतिक गतिरोध को तोड़ने के लिए विपक्षी गुट अरब पार्टियों के समर्थन पर निर्भर रहे बिना अल्पमत सरकार बनाने के लिए सीधे प्रधानमंत्री चुनने से संबंधित विधेयक लाने पर विचार कर रहा है। टाइम्स ऑफ इस्राइल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रस्ताव लागू होने पर मतदाता सरकार से अलग सीधे पीएम पद के लिए वोट डाल सकेंगे।

  • रामायण में रावण बने यश को पर्दे पर देख भावुक हुआ बेटा, जटायु की मौत पर छलके आंसू, साई पल्लवी ने बताया दिल छूने वाला किस्सा..

    रामायण में रावण बने यश को पर्दे पर देख भावुक हुआ बेटा, जटायु की मौत पर छलके आंसू, साई पल्लवी ने बताया दिल छूने वाला किस्सा..

    नई दिल्ली ।कन्नड़ सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता यश अब बड़े पर्दे पर रावण की भूमिका में नजर आने वाले हैं। निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म रामायण को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर लॉस एंजेलिस में आयोजित किया गया, जहां यश अपने पूरे परिवार के साथ पहुंचे थे। इस खास मौके पर उनकी पत्नी राधिका पंडित और दोनों बच्चे यथर्व तथा आयरा भी मौजूद थे। इस दौरान उनके परिवार ने एक साथ फिल्म देखी। यश के लिए यह मौका इसलिए भी खास था, क्योंकि उनके बच्चों ने पहली बार कोई फिल्म बड़े पर्दे पर देखी थी।

    यश ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने हाल ही में अपने दोनों बच्चों को उनकी पहली फिल्म दिखाई। वर्ल्ड प्रीमियर के दौरान बच्चों ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बैठकर रामायण देखी। अभिनेता के मुताबिक, फिल्म देखते समय बच्चों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे अभी जीवन की शुरुआती अवस्था में हैं और धीरे-धीरे यह समझ रहे हैं कि सार्वजनिक जगहों पर किस तरह व्यवहार करना चाहिए और दूसरों के प्रति सम्मान कैसे व्यक्त करना चाहिए।

    हालांकि, फिल्म देखने के बाद उनके बेटे यथर्व की प्रतिक्रिया ने सभी का ध्यान खींचा। यश अपने बेटे के अनुभव के बारे में बता रहे थे, तभी फिल्म में सीता की भूमिका निभाने वाली साई पल्लवी ने उस भावुक पल से जुड़ा एक खास किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि जब सभी लोग फिल्म देखकर सिनेमाघर से बाहर निकल रहे थे, तब उन्होंने यश के बेटे को रोते हुए देखा। साई पल्लवी ने बच्चे के पास जाकर उससे पूछा कि आखिर वह क्यों रो रहा है।

    इस पर यथर्व ने बताया कि उसे फिल्म में पक्षी जटायु की मौत देखकर बहुत दुख हुआ। उसने कहा कि उसे जटायु का मरना अच्छा नहीं लगा। इतना ही नहीं, बच्चे ने अपने पिता यश से यह सवाल भी किया कि उन्होंने जटायु को क्यों मारा। दरअसल, फिल्म में यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं और जटायु की मृत्यु का प्रसंग कहानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। पर्दे पर दिखाई गई इस घटना को देखकर यथर्व इतना भावुक हो गया कि उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे।

    साई पल्लवी ने इस प्रतिक्रिया को बेहद प्यारा और भावुक करने वाला अनुभव बताया। उनके अनुसार, यथर्व को संभवतः यह जानकारी है कि उनके पिता फिल्मों में अभिनय करते हैं और पर्दे पर दिखाई जाने वाली घटनाएं वास्तविक नहीं होतीं। इसके बावजूद जटायु की मौत का दृश्य उसे दुखी कर गया। बच्चे ने फिल्म के घटनाक्रम को एक वास्तविक घटना की तरह महसूस किया और अपने पिता से उसका कारण जानना चाहा। इस प्रतिक्रिया ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।

    यश और राधिका पंडित के दो बच्चे हैं। उनके बेटे यथर्व का जन्म 30 अक्टूबर 2019 को हुआ था, जबकि बेटी आयरा का जन्म 2 दिसंबर 2018 को हुआ था। रामायण के वर्ल्ड प्रीमियर में दोनों बच्चों की मौजूदगी परिवार के लिए एक यादगार अनुभव बन गई।

    फिल्म रामायण में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि साई पल्लवी सीता के किरदार में नजर आएंगी। यश इसमें रावण की भूमिका निभाने के साथ फिल्म के सह-निर्माता भी हैं। इसके अलावा रवि दुबे और अरुण गोविल भी फिल्म का हिस्सा हैं। नमित मल्होत्रा ने फिल्म का निर्माण किया है और इसका निर्देशन नितेश तिवारी ने किया है। फिल्म 5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

  • MP: CM यादव ने 3.69 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को बांटा 30 करोड़ का बोनस,,, बैतूल को दी विकास कार्यों की सौगात

    MP: CM यादव ने 3.69 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को बांटा 30 करोड़ का बोनस,,, बैतूल को दी विकास कार्यों की सौगात


    भोपाल/बैतूल।
    मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) 31 अक्टूबर को बैतूल (Betul) पहुंचे. उन्होंने यहां पुलिस ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में जिले को कई सौगातें प्रदान कीं. उन्होंने 3.69 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों (Tendu leaf Collectors) के खातों में 30 करोड़ से अधिक की बोनस राशि (Bonus amount) ट्रांसफर की. इसके अलावा उन्होंने ग्राम वन समितियों के सदस्यों को 13 करोड़ से अधिक की काष्ठ लाभांश राशि भी  सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया. इस मौके पर उन्होंने 297 करोड़ से अधिक की लागत के 52 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 145 करोड़ से अधिक की लागत के 55 विकास कार्यों का लोकार्पण किया. इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में आए स्थानीय नागरिकों का पुष्पवर्षा कर स्वागत-अभिनंदन किया. उन्होंने विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सच्चा वादा और पक्का काम के संकल्प के साथ जनहितैषी कार्यों को आगे बढ़ा रही है. प्रदेश के गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए अनेकों कार्य हो रहे हैं. कल ही किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की राशि की सौगात मिली है. प्रदेश के किसानों को पर्याप्त बिजली और सिंचाई सुविधाएं मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि आज बैतूल में चार जिलों के 3.69 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को 30 करोड़ रुपये से अधिक की बोनस राशि मिली है. यह दक्षिण बैतूल, पश्चिम बैतूल, उत्तर बैतूल, पांढुर्णा (दक्षिण छिंदवाड़ा), पूर्व छिंदवाड़ा, पश्चिम छिंदवाड़ा एवं नर्मदापुरम वन मंडल के तेंदूपत्ता संग्राहकों के हक की राशि है. प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहकों को अब तक 80 करोड़ से अधिक राशि दी गई है।


    छात्रों का पूरा ख्याल रख रही सरकार

    सीएम मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार माताओं-बहनों के कल्याण के लिए निरंतर लाड़ली बहनों को लाभ दे रही है. ग्राम वन समितियों को 13 करोड़ से अधिक काष्ठ लाभांश राशि भी मिली है. अद्भुत वन संपदा और नैसर्गिक सौन्दर्य के मामले में बैतूल जिला अतुलनीय है. बैतूल जिले के समग्र विकास के लिए यहां 443 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की अनुपम सौगात मिली है. प्रदेशभर में बन रहे सांदीपनि विद्यालय बेहतर और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा का मॉडल बन चुके हैं. उन्होंने कहा कि बैतूल में जनजातीय बेटियों के लिए 50 करोड़ की लागत से कन्या शिक्षा परिसर और छात्रावास का भूमि-पूजन किया गया है. राज्य सरकार मेधावी योजना के अंतर्गत बोर्ड परीक्षाओं में 70 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाले बच्चों को 25 हजार रुपए कीमत के लैपटॉप और स्कूल टॉपर्स को स्कूटी प्रदान कर रही है।


    सरकार ने खोले नौकरियों के रास्ते

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार विद्यार्थियों के स्वर्णिम भविष्य के लिए किताबें, साइकिल, ड्रेस और छात्रवृत्ति देकर उनकी हर तरीके से मदद कर रही है. बच्चे और युवा मध्यप्रदेश का भविष्य हैं. उनके लिए पर्याप्त रोजगार उपलब्ध हों, इसके लिए प्रदेशभर में उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं. हमारे बच्चे पढ़-लिखकर नौकरी मांगने की बजाय रोजगार देने वाले बनें, इसके लिए उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. राज्य सरकार ने अब तक 85 हजार शासकीय पदों पर युवाओं को नियुक्ति दी है. उन्होंने कहा कि अब एक लाख नए पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है. पुलिस विभाग में 18 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति की गई है. प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर, माइनिंग इंस्पेक्टर, डॉक्टर जैसे पदों पर भी भर्ती हुई है. प्रदेश के 1 लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है. हमारी सरकार सबका साथ-सबका विकास की भावना से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले कर्मचारियों को 2 प्रतिशत अतिरिक्त डीए की सौगात भी मिली है।


    बैतूल-मुलताई में लगेंगे नए कारखाने

    मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बैतूल के कुकरू खामला का सौंदर्य देखती ही बनता है. यहां 15 करोड़ रुपए की लागत से पर्यटन सुविधिओं को विस्तार दिया जा रहा है. यहां कॉफी के बागान लगाए जाएंगे. बैतूल-मुलताई में 24 करोड़ के नए कारखाने लगाए जाएंगे. भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के अवसर प्रदेशभर में 15 नवंबर से 17 नवंबर तक तीन दिन उत्सव मनाया जाएगा. राज्य सरकार ने जनजातीय नायकों को सम्मान देने के लिए विशेष कैबिनेट आयोजित कीं. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने गोवर्धन पूजा के अवसर पर वृंदावन गांवों में अच्छे पशुधन की प्रतियोगिताएं आयोजित करने और पशुपालकों को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है. हमारे किसान भाई, जनजातीय बंधु गोपालन और दूध उत्पादन से आय बढ़ाएं. राज्य सरकार कोदो-कुटकी सहित सभी मोटे अनाज को प्रोत्साहन प्रदान कर रही है. मजरे-टोले में रहने वाले जनजातीय भाई-बहनों को भी बेहतर सड़कों और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बसों की सौगात मिल रही है. मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित संपत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री करवाई जा रही है. हमारे जनजातीय किसान भाइयों को भी सम्मान से जीने का हक मिले. इसके लिए लगातार जनकल्याणकारी कार्यों को आगे बढ़ा रही है. सीएम मोहन यादव ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उनका स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार गरीब, किसान, युवा, नारी और जनजातीय सहित सभी वर्गों के कल्याण के लिए समान रूप से काम करेगी. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को दीपावली और गोवर्धनपूजा की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।


    मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं

    1. नल जल योजना के कार्यों के लिए 50 करोड़ राशि दी जाएगी .
    2. बैतूल में 15 करोड़ की लागत से गीता भवन और हाट बाजार बनेगा.
    3. सड़क चौड़ीकरण के लिए 47 करोड़ रुपए दिए जाएंगे.
    4. जिले में 70 करोड़ की लागत से चार जलाशयों को निर्माण किया जाएगा.
    5. 154 करोड़ की लागत से रामघाटी मध्यम सिंचाई परियोजना विकसित की जाएगी.
    6. घोड़ाडोंगरी में बैराज और जलाशय बनाएं जाएंगे.
    7. शासकीय हाई स्कूलों में 50 करोड़ की लागत से सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी.
    8. 100 करोड़ से अधिक लगात से फुटबॉल टर्फ, इनडोर और आउटडोर स्टेडियम बनाएं जाएंगे.
    9. बैतूल में जनजातीय संग्रहालय बनाया जाएगा.
    10. प्रदेश के पहले ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व फॉरेस्ट में 7 करोड़ की लागत से सफारी गेट का निर्माण किया जाएगा.
    11. ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व फॉरेस्ट के पास 3 करोड़ की लागत से बटर फ्लाई पार्क विकसित किया जाएगा।

  • बॉलीवुड में शोक की लहर, संजय गुप्ता को याद कर भावुक हुए ऋतिक और अमिताभ, बोले इतनी जल्दी चले गए दोस्त

    बॉलीवुड में शोक की लहर, संजय गुप्ता को याद कर भावुक हुए ऋतिक और अमिताभ, बोले इतनी जल्दी चले गए दोस्त


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक संजय गुप्ता के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। शनिवार को मुंबई स्थित अपने घर पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके जाने से फिल्मी दुनिया ने एक ऐसे निर्देशक को खो दिया है जिन्होंने अपनी अलग कहानी कहने की शैली और दमदार फिल्मों के जरिए दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई थी। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद बॉलीवुड के कई सितारों ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी है। इस बीच अभिनेता ऋतिक रोशन और सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की भावुक प्रतिक्रियाओं ने सभी का ध्यान खींचा है। दोनों कलाकारों ने संजय गुप्ता को याद करते हुए उनके साथ बिताए पलों और उनके व्यक्तित्व से जुड़ी यादें साझा की हैं।

    अभिनेता ऋतिक रोशन ने निर्देशक संजय गुप्ता के निधन पर सोशल मीडिया के जरिए अपना दुख जाहिर किया। ऋतिक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर संजय गुप्ता की एक तस्वीर साझा की और एक भावुक संदेश लिखा। उन्होंने कहा कि संजय को वह हमेशा याद करेंगे और उनके साथ केवल एक फिल्म करना काफी नहीं था। ऋतिक के इस बयान से साफ जाहिर हुआ कि दोनों के बीच केवल निर्देशक और अभिनेता का रिश्ता नहीं था बल्कि एक अच्छी दोस्ती और आपसी सम्मान भी था।

    ऋतिक ने अपने संदेश में संजय की हंसी उनके जुनून और उनके भीतर छिपे उस बच्चे का जिक्र किया जो किसी नए और अच्छे विचार को सुनकर उत्साहित हो जाता था। अभिनेता ने लिखा कि उन्हें संजय के साथ अभी बहुत कुछ करना था लेकिन उनका इस तरह चले जाना बेहद दुखद है। ऋतिक के मुताबिक वह उनके साथ बिताए समय को हमेशा प्यार से याद रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि काश वह संजय को आखिरी बार और कसकर गले लगा पाते और फिल्म काबिल के जरिए उन्हें जिंदगी का बेहतरीन अनुभव देने के लिए धन्यवाद कह पाते।

    ऋतिक ने फिल्म काबिल में संजय गुप्ता के योगदान को याद करते हुए कहा कि शायद कोई पूरी तरह नहीं समझ पाएगा कि निर्देशक ने इस फिल्म में अपना कितना कुछ लगाया था। अभिनेता ने संजय को दोस्त बताते हुए उनके प्रति आभार जताया और उनके परिवार को इस कठिन समय में हिम्मत मिलने की प्रार्थना की। ऋतिक का यह संदेश पढ़कर उनके प्रशंसक भी भावुक हो गए।

    वहीं अमिताभ बच्चन ने भी संजय गुप्ता के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अपने ब्लॉग पर निर्देशक को याद करते हुए उन्हें मित्र और सहपाठी बताया। अमिताभ ने लिखा कि एक मित्र एक सहपाठी एक कलाकार और कला का पुजारी इतनी कम उम्र में दुनिया छोड़कर चला गया। उन्होंने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि समझ में नहीं आ रहा कि आखिर यह सब कैसे हो रहा है।

    अमिताभ बच्चन ने संजय गुप्ता की याद में एक कविता भी लिखी। उनकी इन पंक्तियों में अपनों के लगातार बिछड़ने का दर्द और जिंदगी की अनिश्चितता साफ झलकती है। कविता के जरिए उन्होंने अपने मन की पीड़ा व्यक्त की और दोस्त को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

    संजय गुप्ता का जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी क्षति है। ऋतिक रोशन और अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गज कलाकारों की भावुक श्रद्धांजलि बताती है कि संजय ने अपने काम के साथ लोगों के दिलों में भी खास जगह बनाई थी। उनकी फिल्में और उनसे जुड़ी यादें हमेशा प्रशंसकों और फिल्मी दुनिया के लोगों के बीच जीवित रहेंगी।

  • श्रीदेवी के आइकॉनिक नागिन लुक में दिखीं जान्हवी कपूर, ऋषि कपूर बने ओरी और खुशी ने लूटी महफिल

    श्रीदेवी के आइकॉनिक नागिन लुक में दिखीं जान्हवी कपूर, ऋषि कपूर बने ओरी और खुशी ने लूटी महफिल


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में इन दिनों हेलोवीन का रंग छाया हुआ है। फिल्मी सितारे अपने अलग अलग अंदाज में इस खास मौके को सेलिब्रेट कर रहे हैं। इसी बीच कपूर सिस्टर्स यानी जान्हवी कपूर और खुशी कपूर ने भी अपने अनोखे अंदाज से सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी हैं। दोनों बहनों ने हेलोवीन के मौके पर ऐसे लुक अपनाए जिन्हें देखकर फैंस भी हैरान रह गए। जहां जान्हवी कपूर ने अपनी मां और दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी की यादों को ताजा करते हुए फिल्म नगीना की नागिन का रूप धारण किया वहीं खुशी कपूर सुपरवुमन के अवतार में नजर आईं। दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गई हैं।

    जान्हवी कपूर का यह हेलोवीन लुक सबसे ज्यादा खास रहा क्योंकि इसके पीछे उनकी मां श्रीदेवी से जुड़ी खूबसूरत यादें थीं। जान्हवी ने साल 1986 में रिलीज हुई श्रीदेवी की सुपरहिट फिल्म नगीना के चर्चित किरदार को दोबारा जीवंत करने की कोशिश की। इस फिल्म में श्रीदेवी ने इच्छाधारी नागिन की भूमिका निभाई थी और उनका यह किरदार हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार किरदारों में गिना जाता है। जान्हवी ने उसी अंदाज को अपनाते हुए कई तस्वीरें साझा कीं। उनके लुक में श्रीदेवी की पुरानी झलक दिखाई दी। खास बात यह रही कि जान्हवी ने केवल एक कॉस्ट्यूम नहीं पहना बल्कि अपनी मां के सिनेमाई सफर से जुड़े एक यादगार पल को अपने अंदाज में फिर से जीने की कोशिश की।

    इस खास तस्वीरों में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरी भी जान्हवी के साथ दिखाई दिए। उन्होंने फिल्म नगीना से जुड़े ऋषि कपूर के किरदार को अपने अंदाज में पेश किया। इस तरह दोनों ने मिलकर फिल्म के पुराने दौर की यादें ताजा कर दीं। जान्हवी ने तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि उनका मन सिनेमा के सबसे यादगार पलों में से एक को दोबारा बनाने का हुआ। उन्होंने अपनी मां श्रीदेवी के साथ ऋषि कपूर और अमरीश पुरी को भी याद किया। उनका यह संदेश फैंस के लिए भावुक कर देने वाला रहा क्योंकि इसमें मनोरंजन के साथ परिवार और पुरानी यादों का जुड़ाव भी नजर आया।
    इस खास तस्वीरों में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरी भी जान्हवी के साथ दिखाई दिए। उन्होंने फिल्म नगीना से जुड़े ऋषि कपूर के किरदार को अपने अंदाज में पेश किया। इस तरह दोनों ने मिलकर फिल्म के पुराने दौर की यादें ताजा कर दीं। जान्हवी ने तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि उनका मन सिनेमा के सबसे यादगार पलों में से एक को दोबारा बनाने का हुआ। उन्होंने अपनी मां श्रीदेवी के साथ ऋषि कपूर और अमरीश पुरी को भी याद किया। उनका यह संदेश फैंस के लिए भावुक कर देने वाला रहा क्योंकि इसमें मनोरंजन के साथ परिवार और पुरानी यादों का जुड़ाव भी नजर आया।

    जान्हवी की तस्वीरों पर सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर प्यार बरसाया। कई फैंस ने उनके लुक की तुलना श्रीदेवी से की तो कुछ ने कहा कि उन्होंने अपनी मां के प्रतिष्ठित किरदार को बेहद खूबसूरती से याद किया है। जान्हवी का यह अंदाज इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने हेलोवीन को केवल डरावने कपड़ों और डरावने चेहरों तक सीमित नहीं रखा बल्कि इसे हिंदी सिनेमा के सुनहरे पलों को याद करने का जरिया बना दिया।

    दूसरी ओर खुशी कपूर भी इस जश्न में पीछे नहीं रहीं। उन्होंने सुपरवुमन का लुक अपनाकर सबका ध्यान खींचा। उनका कॉस्ट्यूम काफी आकर्षक था और वह अपने अलग अंदाज में नजर आईं। कॉमिक्स और पॉप कल्चर से जुड़े इस किरदार ने उनके हेलोवीन लुक को खास बना दिया। दोनों बहनों की तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी।

    कुल मिलाकर कपूर सिस्टर्स का यह हेलोवीन सेलिब्रेशन केवल फैशन और कॉस्ट्यूम तक सीमित नहीं रहा। जान्हवी ने मां श्रीदेवी की यादगार विरासत को सलाम किया तो खुशी ने अपने अंदाज से पार्टी में रंग जमाया। वहीं ओरी के ऋषि कपूर वाले लुक ने इस पूरे सेलिब्रेशन को और भी दिलचस्प बना दिया।

  • WTC अंकतालिका में न्यूजीलैंड का दबदबा, ऑस्ट्रेलिया टॉप-2 से बाहर, भारत के सामने फाइनल में पहुंचने की बड़ी चुनौती..

    WTC अंकतालिका में न्यूजीलैंड का दबदबा, ऑस्ट्रेलिया टॉप-2 से बाहर, भारत के सामने फाइनल में पहुंचने की बड़ी चुनौती..


    नई दिल्ली ।
    वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) 2025-27 की अंकतालिका में साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज के नतीजे के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिला है। साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को घरेलू टेस्ट सीरीज में 2-1 से हराकर अंकतालिका का समीकरण बदल दिया है। इस परिणाम का सीधा फायदा न्यूजीलैंड को मिला है, जिसने ऑस्ट्रेलिया को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है। वहीं, साउथ अफ्रीका दूसरे और ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। भारतीय टीम भी चौथे स्थान पर बनी हुई है।

    ताजा स्थिति के अनुसार, न्यूजीलैंड का अंक प्रतिशत 72.22 है, जबकि साउथ अफ्रीका 71.43 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया का अंक प्रतिशत 69.23 है। भारत 51.52 प्रतिशत के साथ चौथे नंबर पर है। बांग्लादेश 47.62 प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर मौजूद है। इसके बाद इंग्लैंड 38.54 प्रतिशत, श्रीलंका 33.33 प्रतिशत और वेस्टइंडीज 26.92 प्रतिशत के साथ क्रमशः छठे, सातवें और आठवें स्थान पर हैं। पाकिस्तान 4.63 प्रतिशत के साथ नौवें नंबर पर है।

    मौजूदा चक्र में अभी 10 टेस्ट सीरीज खेली जानी बाकी हैं। किसी भी टीम ने फाइनल में अपनी जगह पक्की नहीं की है। अंकतालिका में टीमों की स्थिति का फैसला उनके अंक प्रतिशत के आधार पर होता है। टेस्ट मैच जीतने पर टीम को 12 अंक मिलते हैं, जबकि मुकाबला ड्रॉ होने पर चार अंक दिए जाते हैं। वहीं, टाई होने की स्थिति में दोनों टीमों को छह-छह अंक मिलते हैं। इसी व्यवस्था के आधार पर फाइनल में पहुंचने वाली शीर्ष दो टीमों का चयन किया जाएगा।

    न्यूजीलैंड के पास अपनी स्थिति मजबूत करने का अच्छा अवसर है। उसे भारत और श्रीलंका के खिलाफ घरेलू मैदान पर दो-दो टेस्ट खेलने हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर चार और पाकिस्तान के खिलाफ दो टेस्ट मुकाबले खेलने हैं। इस तरह कीवी टीम के सामने अभी आठ टेस्ट मैच बाकी हैं। मौजूदा समीकरण के अनुसार, इन मुकाबलों में सात जीत दर्ज करना उसे शीर्ष दो में जगह बनाने की दौड़ में मजबूत स्थिति में पहुंचा सकता है।

    दूसरी ओर, साउथ अफ्रीका के सात टेस्ट मुकाबले बाकी हैं। इनमें पांच मैच घरेलू मैदान पर खेले जाएंगे। टीम को बांग्लादेश के खिलाफ दो और इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट खेलने हैं, जबकि श्रीलंका के दौरे पर भी दो मुकाबले खेलने हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली सीरीज जीत से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है। अब बाकी मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन उसे फाइनल की दौड़ में बनाए रख सकता है।

    ऑस्ट्रेलिया के लिए भी आगे की राह महत्वपूर्ण होगी। साउथ अफ्रीका दौरे से पहले अंकतालिका में शीर्ष पर रही कंगारू टीम अब तीसरे स्थान पर है। उसके नौ टेस्ट मुकाबले बाकी हैं। इनमें न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर चार और भारत के खिलाफ भारतीय जमीन पर पांच टेस्ट शामिल हैं। इन मुकाबलों के परिणाम से उसकी फाइनल की संभावनाएं तय होंगी।

    भारतीय टीम के सामने भी फाइनल तक पहुंचने के लिए कड़ी चुनौती है। उसे न्यूजीलैंड में दो टेस्ट खेलने हैं, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने घरेलू मैदान पर पांच मुकाबलों की सीरीज खेलनी है। भारत यदि अपने बाकी सभी सात टेस्ट जीत लेता है तो उसका अंक प्रतिशत 70.37 तक पहुंच सकता है। छह जीत की स्थिति में यह 65 प्रतिशत रहेगा। वहीं, पांच जीत और एक ड्रॉ मिलने पर टीम को अन्य मुकाबलों के परिणामों पर भी निर्भर रहना पड़ सकता है। यदि भारत न्यूजीलैंड में 0-2 से सीरीज हार जाता है और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांचों टेस्ट जीत भी लेता है, तब उसका अंक प्रतिशत 59.26 ही रहेगा।

    बांग्लादेश के पांच और श्रीलंका के छह टेस्ट मुकाबले बाकी हैं। बांग्लादेश की एक और हार उसकी फाइनल की संभावनाओं को कमजोर कर सकती है। वहीं, श्रीलंका यदि अपने सभी छह मुकाबले जीतता है तो उसका अंक प्रतिशत 66.67 तक पहुंच सकता है। ऐसे में WTC फाइनल की दौड़ अभी खुली हुई है और आने वाली टेस्ट सीरीज अंकतालिका की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती हैं।

  • दिवाली पर पुराने पर्दों को फेंकने की बजाय अपनाएं ये 5 तरीके, कम खर्च में चमकेगा आपका घर

    दिवाली पर पुराने पर्दों को फेंकने की बजाय अपनाएं ये 5 तरीके, कम खर्च में चमकेगा आपका घर


    नई दिल्ली ।
    दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में साफ-सफाई और सजावट की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इस दौरान लोग घर को आकर्षक बनाने के लिए नई लाइट्स, कुशन कवर, फूलों और सजावटी सामान की खरीदारी करते हैं। हालांकि, घर को नया और खूबसूरत लुक देने के लिए हर बार बाजार से महंगी चीजें खरीदना जरूरी नहीं है। घर में रखे पुराने पर्दों का इस्तेमाल करके भी कई आकर्षक सजावटी सामान तैयार किए जा सकते हैं। थोड़ी रचनात्मकता और मेहनत से पुराने कपड़ों को उपयोगी होम डेकोर आइटम में बदला जा सकता है।

    पुराने पर्दों से सजावट करने का एक आसान तरीका नए कुशन कवर तैयार करना है। अगर आपके पास मोटे या खूबसूरत प्रिंट वाले पर्दे हैं, तो उनके अच्छे हिस्से का इस्तेमाल सोफा और बेड के कुशन कवर बनाने में कर सकते हैं। इसके लिए कपड़े को कुशन के आकार के अनुसार काटकर किनारों पर सिलाई करनी होगी। तैयार कवर को अधिक आकर्षक बनाने के लिए पुराने बटन, लेस और रंगीन धागों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे घर के बैठने वाले हिस्से को नया अंदाज मिलेगा।

    डाइनिंग टेबल की सजावट के लिए पुराने पर्दों से टेबल रनर भी बनाया जा सकता है। यदि पर्दे का कपड़ा मजबूत और अच्छी स्थिति में है, तो उसे टेबल की लंबाई के अनुसार काटकर चारों तरफ सिलाई कर दें। इसके बाद इसे टेबल के बीच में बिछाया जा सकता है। इसके ऊपर फूलदान, सजावटी कटोरी या एलईडी कैंडल रखने से डाइनिंग एरिया आकर्षक दिखाई देगा। दिवाली पर मेहमानों के स्वागत के लिए यह एक अच्छा और कम खर्च वाला विकल्प हो सकता है।

    घर के मुख्य दरवाजे और अंदरूनी दरवाजों को सजाने के लिए पुराने पर्दों से डोर हैंगिंग तैयार की जा सकती है। इसके लिए कपड़े की लंबी-लंबी पट्टियां काटकर लकड़ी की छड़ी या गोल रिंग पर बांध दें। इसके निचले हिस्से में रंगीन धागे, छोटे लटकन और मोती लगाकर इसे सजाया जा सकता है। तैयार डेकोरेशन को दरवाजे या खाली दीवार पर टांगकर घर की सजावट में इस्तेमाल किया जा सकता है।

    पूजा घर को सजाने के लिए भी पुराने पर्दे उपयोगी साबित हो सकते हैं। अगर पर्दे का कपड़ा सिल्क, वेलवेट या आकर्षक डिजाइन वाला है, तो उससे पूजा की चौकी के लिए सुंदर आसन बनाया जा सकता है। इसके अलावा कपड़े को मंदिर के पीछे बैकड्रॉप के रूप में भी लगाया जा सकता है। किनारों पर लेस लगाकर इसे और आकर्षक बनाया जा सकता है। हालांकि, पूजा स्थल पर कपड़े का इस्तेमाल करते समय उसे दीये, अगरबत्ती और मोमबत्तियों से सुरक्षित दूरी पर रखना जरूरी है।

    दिवाली पर मिठाई और उपहार देने के लिए पुराने पर्दों से कपड़े के गिफ्ट बैग भी बनाए जा सकते हैं। इसके लिए कपड़े को जरूरत के अनुसार काटकर तीन तरफ से सिलाई करें और ऊपर दो पट्टियां लगाकर हैंडल तैयार कर लें। इन बैग को लेस, बटन या कपड़े से बने छोटे फूलों से सजाया जा सकता है। इनका इस्तेमाल त्योहार के दौरान गिफ्ट देने के साथ भविष्य में भी किया जा सकता है।

    पुराने पर्दों को सजावटी सामान में बदलने से पहले उनकी अच्छी तरह सफाई करना जरूरी है। कपड़े को धोकर पूरी तरह सुखा लें और छेद, फंगस या खराब हिस्सों का इस्तेमाल करने से बचें। सिलाई से पहले सही नाप लेना भी जरूरी है, ताकि कपड़ा बेकार न हो। बचे हुए छोटे टुकड़ों से रिबन, कपड़े के फूल और सजावटी पैच भी बनाए जा सकते हैं।

    इस तरह पुराने पर्दों का दोबारा इस्तेमाल करके दिवाली पर घर की सजावट को नया रूप दिया जा सकता है। इससे बेकार पड़े कपड़े उपयोग में आएंगे और नई सजावटी चीजें खरीदने का खर्च भी कम होगा।