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  • अगस्त के बॉक्स ऑफिस पर बड़ा मुकाबला, आईएमडीबी की मोस्ट एंटिसिपेटेड लिस्ट में 'टॉक्सिक' ने मारी बाजी

    अगस्त के बॉक्स ऑफिस पर बड़ा मुकाबला, आईएमडीबी की मोस्ट एंटिसिपेटेड लिस्ट में 'टॉक्सिक' ने मारी बाजी

    नई दिल्ली । इस साल अगस्त के महीने में बॉक्स ऑफिस पर दो बड़ी एक्शन-थ्रिलर फिल्मों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिलने वाली है। सुपरस्टार यश की पैन-इंडिया एक्शन थ्रिलर ‘टॉक्सिक’ और इमरान हाशमी की बहुप्रतीक्षित डार्क रोमांटिक थ्रिलर ‘आवारापन 2’ दोनों ही इस महीने सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इन दोनों फिल्मों को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्साह बना हुआ है। हालांकि, फिल्म रेटिंग और रिव्यू प्लेटफॉर्म आईएमडीबी की मोस्ट एंटिसिपेटेड फिल्मों की ताजा सूची में यह स्पष्ट हो गया है कि फैंस किस फिल्म का ज्यादा बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

    आईएमडीबी की रियल-टाइम व्यूज के आधार पर तैयार की जाने वाली मोस्ट एंटिसिपेटेड फिल्मों की सूची में सुपरस्टार यश की ‘टॉक्सिक’ ने पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ इस सूची में पांचवें नंबर पर काबिज है। ‘केजीएफ’ फ्रेंचाइजी की अपार सफलता के बाद सुपरस्टार यश की इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त हाइप देखा जा रहा है। कई बार रिलीज डेट टलने की वजह से ‘टॉक्सिक’ को लेकर उत्सुकता और अधिक बढ़ गई है। गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी यह एक्शन क्राइम थ्रिलर फिल्म 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म में यश के साथ नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुकमणि वसंत जैसे बड़े कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे।

    दूसरी ओर, इमरान हाशमी स्टारर ‘आवारापन 2’ 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। नितिन कक्कड़ के निर्देशन में बन रही यह फिल्म साल 2007 में आई सुपरहिट कल्ट क्लासिक फिल्म ‘आवारापन’ का सीक्वल है। हालांकि, 2007 में रिलीज हुई मूल फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा सकी थी, लेकिन समय के साथ इसकी कहानी, संगीत और इमरान हाशमी के अभिनय ने दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बना ली। 7.4 आईएमडीबी रेटिंग वाली इस फिल्म के सीक्वल का फैंस लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। ‘आवारापन 2’ में इमरान हाशमी के साथ दिशा पाटनी, शबाना आजमी, सलिल आचार्या, विजयंत कोहली और अतुल कुमार मुख्य किरदारों में दिखाई देंगे।

    अगस्त के महीने में इन दोनों फिल्मों की रिलीज से बॉक्स ऑफिस पर बड़े आंकड़े और जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। एक तरफ जहां यश की ‘टॉक्सिक’ अपने बड़े कैनवास, अखिल भारतीय स्टारकास्ट और भारी-भरकम एक्शन के दम पर दर्शकों को आकर्षित कर रही है, वहीं ‘आवारापन 2’ अपने कल्ट सीक्वल स्टेटस, इमोशनल कनेक्ट और डार्क थ्रिलर कंटेंट के बल पर सिनेमाघरों में मजबूत पकड़ बनाने की तैयारी में है।

  • अभिषेक शर्मा ने रचा इतिहास सलामी बल्लेबाज के रूप में बनाया अनोखा रिकॉर्ड भारत ने सीरीज पर किया कब्जा

    अभिषेक शर्मा ने रचा इतिहास सलामी बल्लेबाज के रूप में बनाया अनोखा रिकॉर्ड भारत ने सीरीज पर किया कब्जा


    नई दिल्ली। भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को 90 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। इस जीत के कई नायक रहे लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा अभिषेक शर्मा की गेंदबाजी की रही। बल्लेबाज के रूप में टीम में शामिल अभिषेक ने इस मुकाबले में बल्ले से नहीं बल्कि गेंद से ऐसा कमाल दिखाया कि उनका नाम भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया। उनकी बेहतरीन गेंदबाजी ने भारत की जीत को एकतरफा बना दिया और टीम को तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त दिला दी।

    हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने केवल 2.5 ओवर की गेंदबाजी में 17 रन देकर तीन महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इस प्रदर्शन के साथ वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए सलामी बल्लेबाज के रूप में सबसे बेहतरीन गेंदबाजी स्पेल फेंकने वाले खिलाड़ी बन गए। यह उपलब्धि उनके करियर के लिए बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि वह मुख्य रूप से आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस मैच में उन्होंने अपनी गेंदबाजी से भी टीम के लिए मैच जिताऊ भूमिका निभाई।

    भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अलग अलग प्रारूपों में सलामी बल्लेबाजों द्वारा गेंदबाजी के कई यादगार प्रदर्शन दर्ज हैं। टेस्ट क्रिकेट में यह रिकॉर्ड महान ऑलराउंडर वीनू मांकड़ के नाम है जिन्होंने वर्ष 1952 में पाकिस्तान के खिलाफ 52 रन देकर आठ विकेट हासिल किए थे। वहीं एकदिवसीय क्रिकेट में रवि शास्त्री ने 1991 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 15 रन देकर पांच विकेट लेकर यह उपलब्धि हासिल की थी। अब टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अभिषेक शर्मा ने अपने शानदार स्पेल के दम पर इस सूची में अपना नाम जोड़ लिया है।

    हालांकि बल्लेबाजी में अभिषेक लगातार दूसरे मुकाबले में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। पहले टी20 में एक रन पर आउट होने के बाद दूसरे मुकाबले में भी वह केवल आठ रन बनाकर पवेलियन लौट गए। लेकिन गेंद से उनका प्रदर्शन इतना प्रभावशाली रहा कि बल्लेबाजी की कमी पूरी तरह छिप गई और वह मैच के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल हो गए।

    भारत की बल्लेबाजी की बात करें तो ईशान किशन ने विस्फोटक अंदाज में 44 गेंदों पर 81 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में नौ चौके और दो छक्के शामिल रहे। तिलक वर्मा ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों पर नाबाद 60 रन बनाए जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने 25 रन का उपयोगी योगदान दिया। इन पारियों की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

    220 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई। पूरी टीम 129 रन पर सिमट गई। मेजबान टीम की ओर से ब्रायन बेनेट ने सबसे अधिक 32 रन बनाए लेकिन उन्हें किसी दूसरे बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। अभिषेक शर्मा के तीन विकेटों के अलावा यश ठाकुर और प्रिंस यादव ने भी दो दो विकेट लेकर भारत की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। साथ ही अभिषेक शर्मा ने यह साबित कर दिया कि वह केवल विस्फोटक बल्लेबाज ही नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर अपनी गेंदबाजी से भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।

  • सोशल मीडिया की चमक से दूर रख रहे सीनियर खिलाड़ी ईशान किशन बोले वैभव का पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर होना चाहिए

    सोशल मीडिया की चमक से दूर रख रहे सीनियर खिलाड़ी ईशान किशन बोले वैभव का पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर होना चाहिए


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा जिस युवा खिलाड़ी की हो रही है वह हैं महज 15 वर्ष के वैभव सूर्यवंशी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार शुरुआत करने वाले इस युवा बल्लेबाज ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में केवल 18 गेंदों में अर्धशतक लगाकर सभी को प्रभावित किया। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने उन्हें रातोंरात सुर्खियों में ला दिया लेकिन भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ी इस बात का भी पूरा ध्यान रख रहे हैं कि इतनी कम उम्र में मिली लोकप्रियता उनके खेल पर असर न डाले।

    भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने दूसरे टी20 मुकाबले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वैभव सूर्यवंशी को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि पूरी टीम की कोशिश है कि युवा बल्लेबाज का ध्यान सोशल मीडिया की चर्चाओं और बाहरी शोर से हटाकर केवल क्रिकेट पर केंद्रित रहे। ईशान के अनुसार कम उम्र में प्रसिद्धि मिलने के साथ कई तरह के आकर्षण और दबाव भी आते हैं लेकिन सही मार्गदर्शन मिलने पर खिलाड़ी लंबा और सफल करियर बना सकता है।

    ईशान किशन ने कहा कि वैभव काफी समझदार खिलाड़ी हैं और उन्हें अच्छी तरह पता है कि मैदान पर कैसे खेलना है और मैदान के बाहर किस तरह व्यवहार करना है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस माहौल और पृष्ठभूमि से वैभव आते हैं वहां कई बार दोस्त और सोशल मीडिया जैसी चीजें ध्यान भटका सकती हैं। ऐसे में टीम के सीनियर खिलाड़ी लगातार उन्हें सही दिशा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि केवल वह ही नहीं बल्कि अभिषेक शर्मा अक्षर पटेल और टीम के कई अन्य खिलाड़ी भी वैभव से लगातार बातचीत करते रहते हैं। सभी का उद्देश्य यही है कि युवा बल्लेबाज सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं या आलोचनाओं से प्रभावित न हो। अगर किसी मैच में रन नहीं बनते हैं तो भी उसका असर उनकी बॉडी लैंग्वेज या आत्मविश्वास पर नहीं पड़ना चाहिए। सीनियर खिलाड़ी चाहते हैं कि वैभव अपने खेल को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान दें क्योंकि यही उनके उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी कुंजी होगी।

    दूसरी ओर ईशान किशन ने भी दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन कर अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने केवल 44 गेंदों में 81 रनों की विस्फोटक पारी खेली जिसमें नौ चौके और दो शानदार छक्के शामिल रहे। उनके साथ तिलक वर्मा ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों पर नाबाद 60 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की बेहतरीन साझेदारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

    भारतीय गेंदबाजों ने भी बल्लेबाजों का पूरा साथ दिया और जिम्बाब्वे की टीम को लक्ष्य तक पहुंचने का मौका नहीं दिया। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ युवा खिलाड़ियों और अनुभवी क्रिकेटरों के बीच बेहतर तालमेल भी देखने को मिला जो आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों को सीनियर क्रिकेटरों का मार्गदर्शन मिलना भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अगर वह इसी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखते हैं तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल सकता है।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की तीन यूरोपीय देशों की राजकीय यात्रा संपन्न, भारत के कूटनीतिक रिश्तों को मिला नया विस्तार

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की तीन यूरोपीय देशों की राजकीय यात्रा संपन्न, भारत के कूटनीतिक रिश्तों को मिला नया विस्तार

    नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया की अपनी तीन देशों की राजकीय यात्रा सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद रविवार को नई दिल्ली लौट आईं। यह यात्रा भारत और यूरोप के उभरते साझेदार देशों के साथ संबंधों को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विभिन्न स्तरों पर हुई बैठकों और समझौतों ने यह संकेत दिया कि भारत शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्रों में यूरोपीय देशों के साथ अपने संबंधों को और व्यापक बनाने की दिशा में सक्रिय है।

    यात्रा का अंतिम पड़ाव रोमानिया रहा, जहां राष्ट्रपति मुर्मु का राजधानी बुखारेस्ट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ स्वागत किया गया। उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया और इसके बाद रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर डैन के साथ द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और बहुपक्षीय सहयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय परिदृश्य में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए गए।

    रोमानिया प्रवास के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खेल सहयोग और उच्च शिक्षा से जुड़े तीन महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इनमें बुखारेस्ट विश्वविद्यालय में भारतीय अध्ययन की चेयर स्थापित करने का निर्णय भी शामिल रहा। इसे दोनों देशों के बीच शैक्षणिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। लगभग तीन दशक बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति की यह पहली राजकीय यात्रा भी रही, जिससे इस दौरे का महत्व और बढ़ गया।

    रोमानिया से पहले राष्ट्रपति मुर्मु ने उत्तरी मैसेडोनिया का दौरा किया। राजधानी स्कोप्जे में उनका औपचारिक स्वागत किया गया, जहां उन्होंने राष्ट्रपति गोर्दाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा और प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजान मिकोस्की से अलग-अलग मुलाकात की। दोनों देशों के नेताओं ने आर्थिक सहयोग, शिक्षा, पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने आपसी विश्वास और साझा हितों के आधार पर दीर्घकालिक सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।

    इस राजकीय यात्रा की शुरुआत मोल्दोवा से हुई, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस देश का दौरा करने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं। राजधानी चिसीनाउ में उन्होंने संसद का दौरा किया और संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों के साथ बैठक की। इस दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय सहयोग, आर्थिक साझेदारी और जन-से-जन संपर्क को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। दोनों देशों ने भविष्य में सहयोग के नए अवसर तलाशने और पारस्परिक हितों पर आधारित संबंधों को आगे बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की।

    पूरी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति के साथ भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा, जिसने विभिन्न बैठकों और आधिकारिक कार्यक्रमों में भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा, कृषि, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में संवाद को आगे बढ़ाने के प्रयास किए। इससे भारत और इन तीनों देशों के बीच संस्थागत सहयोग के नए अवसर विकसित होने की संभावना बढ़ी है।

    यह यात्रा ऐसे समय में संपन्न हुई है जब भारत यूरोप के विभिन्न देशों के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को लगातार विस्तार दे रहा है। मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया के साथ हुए संवाद तथा समझौते भविष्य में शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति, व्यापार और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को नई गति देने में सहायक माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह राजकीय यात्रा भारत की संतुलित और सक्रिय विदेश नीति को और मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ यूरोप में उसकी कूटनीतिक उपस्थिति को भी नया आयाम देगी।

  • मस्कट में लहराया तिरंगा भारतीय पुरुष टीम बनी एशियन चैंपियन महिला टीम ने सिल्वर जीतकर रचा शानदार इतिहास

    मस्कट में लहराया तिरंगा भारतीय पुरुष टीम बनी एशियन चैंपियन महिला टीम ने सिल्वर जीतकर रचा शानदार इतिहास


    नई दिल्ली। भारतीय युवा हॉकी ने एक बार फिर एशियाई मंच पर अपना दम दिखाया है। ओमान के मस्कट में आयोजित एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियाई चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 3-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। दूसरी ओर भारतीय महिला टीम भी फाइनल तक पहुंची लेकिन चीन के खिलाफ मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा और उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा। दोनों टीमों के प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि भारतीय हॉकी का भविष्य बेहद मजबूत हाथों में है।

    पुरुष वर्ग के फाइनल मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पाकिस्तान पर लगातार दबाव बनाए रखा। मैच के पांचवें मिनट में रोमित पाल ने शानदार गोल दागकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। उनकी तेज रफ्तार और बेहतरीन फिनिशिंग ने भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ा दिया। पहले हाफ में मिली इस बढ़त के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और विपक्षी टीम को ज्यादा मौके नहीं दिए।

    दूसरे हाफ में भारत ने अपने खेल की रफ्तार और तेज कर दी। कप्तान केतन कुशवाहा ने 12वें मिनट में शानदार गोल कर बढ़त को 2-0 कर दिया। इसके तुरंत बाद शाहरुख अली ने एक और गोल दागते हुए स्कोर 3-0 कर दिया। पाकिस्तान की ओर से मुहम्मद उस्मान ने 16वें मिनट में एकमात्र गोल किया लेकिन तब तक भारतीय टीम मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी। भारतीय डिफेंस ने अंत तक शानदार प्रदर्शन किया और पाकिस्तान को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ भारत ने एशियाई चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

    इस शानदार प्रदर्शन का एक और बड़ा फायदा भारत को मिला। फाइनल में पहुंचने के कारण भारत और पाकिस्तान दोनों ने पहली एफआईएच यूथ हॉकी5एस विश्व कप के लिए भी अपना स्थान पक्का कर लिया। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने जिस अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया उसने भविष्य के लिए उम्मीदें और मजबूत कर दी हैं।

    महिला वर्ग में भी भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि खिताबी मुकाबले में चीन की टीम ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारतीय रक्षा पंक्ति को कई बार भेदा और 4-2 से जीत दर्ज की। भारतीय टीम ने संघर्ष जरूर किया लेकिन चीन की आक्रामक रणनीति के सामने वह जीत हासिल नहीं कर सकी। इसके बावजूद रजत पदक जीतना युवा भारतीय महिला खिलाड़ियों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

    दोनों टीमों की सफलता पर हॉकी इंडिया ने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को सम्मानित करने का फैसला किया है। स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को दो लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं रजत पदक जीतने वाली महिला टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को एक लाख रुपये तथा सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को पचास हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

    एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियाई चैंपियनशिप में भारतीय टीमों का यह प्रदर्शन केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि यह आने वाले वर्षों में भारतीय हॉकी की मजबूत नींव का संकेत भी है। युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और उनका प्रदर्शन यह भरोसा दिलाता है कि भविष्य में भारत विश्व हॉकी में और भी बड़ी सफलताएं हासिल करेगा।

  • 270 रन की ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री मोदी का सलाम लॉर्ड्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा नया इतिहास

    270 रन की ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री मोदी का सलाम लॉर्ड्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा नया इतिहास


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 136वें एपिसोड में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि की खुलकर सराहना की। लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ मिली शानदार टेस्ट जीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय नारी शक्ति ने एक बार फिर पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन किया है। प्रधानमंत्री ने इस जीत को भारतीय खेल इतिहास का गौरवशाली अध्याय बताते हुए खिलाड़ियों की मेहनत समर्पण और जुझारूपन की प्रशंसा की।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स के मैदान पर अपना पहला टेस्ट मैच जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 1983 में इसी ऐतिहासिक मैदान पर भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने पहला विश्व कप जीतकर दुनिया को चौंका दिया था और अब उसी मैदान पर भारतीय महिला टीम ने शानदार जीत दर्ज कर देश का सम्मान बढ़ाया है। उनके अनुसार यह उपलब्धि केवल एक मैच जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि यह भारतीय महिला खिलाड़ियों की बढ़ती ताकत और आत्मविश्वास का प्रतीक भी है।

    लॉर्ड्स में खेले गए इस एकमात्र टेस्ट मुकाबले में भारतीय टीम ने हर विभाग में इंग्लैंड पर अपना दबदबा बनाए रखा। पहली पारी में भारत ने 285 रन बनाए जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम केवल 170 रन पर सिमट गई। इसके बाद भारतीय टीम ने दूसरी पारी में सात विकेट पर 341 रन बनाकर पारी घोषित की और इंग्लैंड के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम दूसरी पारी में भी भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 186 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने 270 रन के बड़े अंतर से ऐतिहासिक जीत अपने नाम कर ली।

    इस मुकाबले में कई रिकॉर्ड भी बने जिन्होंने भारतीय जीत को और यादगार बना दिया। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट मैच में पांच विकेट लेने वाली पहली महिला गेंदबाज बनीं। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने 113 रन की शानदार पारी खेलते हुए लॉर्ड्स में महिला टेस्ट क्रिकेट का पहला शतक लगाने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किया। इन दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भारतीय जीत की मजबूत नींव रखी और पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु की उपलब्धि का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने जापान ओपन का खिताब जीतने पर सिंधु को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। सिंधु जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं। उन्होंने फाइनल मुकाबले में जापान की अकाने यामागुची को सीधे गेमों में हराकर यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। साथ ही यह दो वर्षों के अंतराल के बाद उनका पहला बीडब्ल्यूएफ खिताब भी रहा।

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत और पीवी सिंधु की शानदार उपलब्धि ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारतीय महिला खिलाड़ी विश्व खेल मंच पर लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। प्रधानमंत्री की ओर से मिली यह सराहना देशभर की युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का संदेश है जो भविष्य में भारत का नाम रोशन करने का सपना देख रही हैं।

  • बॉलीवुड में ग्लैमर का ट्रेंड सेट करने वाली हेलेन का खुलासा, गानों को खास बनाने पेरिस-लंदन से लाती थीं एक्सेसरीज

    बॉलीवुड में ग्लैमर का ट्रेंड सेट करने वाली हेलेन का खुलासा, गानों को खास बनाने पेरिस-लंदन से लाती थीं एक्सेसरीज

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा में अपने लाजवाब कैबरे डांस और बोल्ड स्क्रीन प्रेजेंस से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री और डांसर हेलेन ने अपनी आइकॉनिक कॉस्ट्यूम्स को लेकर कई दिलचस्प खुलासे किए हैं। टीवी रिएलिटी शो ‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ में बतौर खास मेहमान पहुंचीं हेलेन ने बताया कि फिल्मों में अपने डांस नंबरों को सबसे अलग और विजुअली शानदार बनाने के लिए वे केवल स्थानीय एक्सेसरीज पर निर्भर नहीं रहती थीं। अपने दौर में वक्त से आगे रहने के लिए वे खुद विदेश यात्राएं करती थीं और लंदन व पेरिस जैसे शहरों से अपने स्टाइल स्टेटमेंट का सामान चुनकर लाती थीं।

    अपनी डांस पोशाकों और लुक के पीछे की मेहनत का जिक्र करते हुए हेलेन ने कहा कि वे हमेशा अपने किरदारों में नयापन और विशिष्टता चाहती थीं। उन्होंने बताया कि वे लंदन से खास पलकें (आईलैशेज) और हरे-नीले रंग के आई लेंस खरीदकर लाती थीं। इसके अलावा, अपने गानों की पहचान बने सिर पर पहने जाने वाले हेडगियर्स वे अपनी हेयर ड्रेसर से तैयार करवाती थीं। अपनी कॉस्ट्यूम्स में इस्तेमाल होने वाले असली पंख (फैदर्स) लेने के लिए वे विशेष रूप से पेरिस गई थीं। बड़ी-बड़ी ज्वैलरी, सनग्लासेज और अनोखी एक्सेसरीज वे खुद चुनती थीं ताकि उनका लुक स्क्रीन पर सबसे अलग नजर आए।

    1951 में फिल्म ‘आवारा’ से बतौर बैकग्राउंड डांसर अपने करियर की शुरुआत करने वाली हेलेन को 1954 की फिल्म ‘अलिफ लैला’ में पहला सोलो ब्रेक मिला था। इसके बाद उन्होंने ‘कारवां’ का ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘शोले’ का ‘महबूबा महबूबा’, ‘डॉन’ का ‘ये मेरा दिल’, ‘तीसरी मंजिल’ का ‘ओ हसीना जुल्फों वाली’ और ‘अनामिका’ का ‘आज की रात कोई आने को है’ जैसे दर्जनों सदाबहार और आइकॉनिक गाने दिए। उनके इन गानों में उनकी अनोखी व ग्लैमरस कॉस्ट्यूम्स ने गानों की लोकप्रियता में अहम भूमिका निभाई और हिंदी सिनेमा में ग्लैमर के मायने बदल दिए।

    कार्यक्रम के दौरान शो के जज जावेद जाफरी और अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने हेलेन के बॉलीवुड में योगदान की जमकर सराहना की। जावेद जाफरी ने कहा कि हेलेन के बोल्ड और एलिगेंट अंदाज ने उस दौर में स्क्रीन प्रेजेंस और फैशन के नए ट्रेंड सेट किए थे। वहीं करिश्मा कपूर ने अपनी मां के हवाले से बताया कि सेट पर हेलेन का दर्जा इतना ऊंचा था कि उनके आते ही हर कोई सम्मान में शांत हो जाता था। उनके अभिनय, स्टाइल और अनुशासन ने उन्हें भारतीय सिनेमा में एक सदाबहार डांसर और अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया।

  • मैच के दौरान सिर के बल गिरे गैब्रियल लैंगटन अब पूरी तरह सुरक्षित स्कैन रिपोर्ट सामान्य आने पर अस्पताल से मिली छुट्टी

    मैच के दौरान सिर के बल गिरे गैब्रियल लैंगटन अब पूरी तरह सुरक्षित स्कैन रिपोर्ट सामान्य आने पर अस्पताल से मिली छुट्टी


    नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दौरान एक दर्दनाक हादसे ने खेल प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी थी लेकिन अब इस घटना से जुड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। इंग्लैंड के युवा जिम्नास्ट गैब्रियल लैंगटन को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। ब्रिटिश जिम्नास्टिक्स ने पुष्टि की है कि विस्तृत मेडिकल जांच और कई स्कैन के बाद उनके शरीर में किसी भी तरह की गंभीर चोट नहीं पाई गई। इसके बाद उन्हें टीम इंग्लैंड की मेडिकल टीम की निगरानी में अस्पताल से सीधे टीम होटल भेज दिया गया।

    19 वर्षीय गैब्रियल लैंगटन पुरुष टीम फाइनल के दौरान हॉरिजॉन्टल बार इवेंट में अपना प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान हवा में लगभग तीन मीटर की ऊंचाई पर उन्होंने बार पर अपनी पकड़ खो दी और सिर के बल जमीन पर गिर पड़े। हादसा इतना गंभीर था कि पूरे एरिना में सन्नाटा छा गया और मुकाबला काफी देर तक रोकना पड़ा। मेडिकल टीम तुरंत मौके पर पहुंची और लंबे समय तक मैट पर उनका इलाज किया गया। इसके बाद सिर और गर्दन को पूरी सुरक्षा देते हुए उन्हें स्ट्रेचर पर ले जाया गया। हालांकि उस समय भी वह होश में थे और अपने हाथ पैर हिला पा रहे थे जिससे सभी को कुछ राहत मिली।

    ब्रिटिश जिम्नास्टिक्स ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि एहतियात के तौर पर गैब्रियल लैंगटन को पूरी रात अस्पताल में निगरानी में रखा गया। इस दौरान उनके कई मेडिकल स्कैन किए गए जिनकी रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य रही। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं लगी है और उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर है। संस्था ने यह भी बताया कि खिलाड़ी का मनोबल अच्छा है और वह दुनियाभर से मिले शुभकामना संदेशों तथा मेडिकल टीम की देखभाल के लिए सभी का आभार व्यक्त कर रहे हैं।

    इस हादसे के बावजूद गैब्रियल लैंगटन का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने फ्लोर और रिंग्स इवेंट में इंग्लैंड के लिए महत्वपूर्ण अंक जुटाए और टीम को स्वर्ण पदक की दौड़ में बनाए रखा। हालांकि अंतिम चरण में कनाडा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लगभग दो दशक बाद कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण पदक जीत लिया जबकि इंग्लैंड को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

    हादसे के कारण गैब्रियल लैंगटन पदक वितरण समारोह में अपनी टीम के साथ मौजूद नहीं रह सके। बाद में जब वह अस्पताल से टीम होटल पहुंचे तो साथियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें उनका सिल्वर मेडल सौंपा गया। टीम इंग्लैंड ने उनकी वापसी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि गैब्रियल को स्वस्थ देखकर पूरी टीम बेहद खुश है और उनके चेहरे की मुस्कान सभी के लिए सबसे बड़ी जीत है।

    यह घटना खेलों में सुरक्षा और त्वरित चिकित्सा व्यवस्था की अहमियत को भी उजागर करती है। समय पर मिले उपचार और विशेषज्ञों की निगरानी के कारण एक संभावित गंभीर हादसा बड़ी राहत में बदल गया। अब खेल प्रेमी यही उम्मीद कर रहे हैं कि गैब्रियल लैंगटन जल्द पूरी तरह फिट होकर फिर से जिम्नास्टिक्स के मंच पर शानदार वापसी करेंगे।

  • काका और डिंपल के रिश्ते पर लिव-इन पार्टनर का बयान, कहा- तलाक के बदले रखी गई थी पूरी जायदाद नाम करने की शर्त

    काका और डिंपल के रिश्ते पर लिव-इन पार्टनर का बयान, कहा- तलाक के बदले रखी गई थी पूरी जायदाद नाम करने की शर्त

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का फिल्मी करियर जितना चमकदार रहा, उनका निजी जीवन और प्रेम संबंध भी उतने ही सुर्खियों में रहे। वर्ष 1973 में 31 वर्ष की उम्र में उन्होंने 16 वर्षीय अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया से विवाह किया था। इस शादी से उनकी दो बेटियां, ट्विंकल खन्ना और रिंकी खन्ना हुईं। हालांकि, यह रिश्ता लंबे समय तक नहीं टिक सका और 80 के दशक की शुरुआत यानी 1982 में डिंपल अपनी दोनों बेटियों के साथ अभिनेता का घर छोड़कर अलग रहने लगीं। दोनों जीवनभर अलग रहे, लेकिन आधिकारिक तौर पर उनका कभी तलाक नहीं हुआ। अब अभिनेता की अंतिम समय में लिव-इन पार्टनर रहीं अनीता आडवाणी ने उनके और डिंपल के बीच तलाक की कोशिशों को लेकर बड़ा खुलासा किया है।

    अनीता आडवाणी ने एक बातचीत के दौरान बताया कि राजेश खन्ना अपनी अलग रह रही पत्नी डिंपल कपाड़िया से औपचारिक तलाक चाहते थे और उन्होंने इसके लिए कई बार प्रयास भी किया। अनीता के अनुसार, राजेश खन्ना की पत्नी उनके साथ रहने के लिए तैयार नहीं थीं, लेकिन वे उन्हें तलाक देने से भी इनकार कर रही थीं। जब भी तलाक की बात उठती, तो डिंपल की तरफ से शर्त रखी जाती थी कि अगर उन्हें तलाक चाहिए तो अभिनेता को अपनी पूरी संपत्ति और सब कुछ उनके और बेटियों के नाम करना होगा। इसी वजह से कई बार कोशिश करने के बावजूद दोनों के बीच कानूनी रूप से तलाक की प्रक्रिया कभी पूरी नहीं हो सकी।

    अपने कानूनी पक्ष और रिश्ते पर चर्चा करते हुए अनीता आडवाणी ने कहा कि उनका मामला हिंदू विवाह कानून के तहत चला गया, जिससे उनका सीधा संबंध नहीं था। उन्होंने राजेश खन्ना के साथ अपने वर्षों पुराने लिव-इन रिश्ते के लिए कानूनी मान्यता की मांग की थी। उन्होंने कहा कि कानून में लिव-इन पार्टनर के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर स्थिति बेहद उलझाऊ है। जब कोई व्यक्ति किसी के साथ लंबे समय तक खड़ा रहता है, तो ऐसे रिश्तों को कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए।

    उल्लेखनीय है कि 1982 में राजेश खन्ना से अलग होने के बाद डिंपल कपाड़िया ने अपनी बेटियों की परवरिश के साथ-साथ फिल्मों में अपनी सफल वापसी की थी। वहीं, जीवन के अंतिम पड़ाव में राजेश खन्ना के साथ अनीता आडवाणी लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थीं। 18 जुलाई 2012 को दिग्गज अभिनेता ने अंतिम सांस ली, लेकिन उनके निधन के बाद भी उनके निजी संबंधों और संपत्ति से जुड़े विवाद अक्सर चर्चा का विषय बनते रहे हैं।

  • नेशनल अवॉर्ड के बाद यामी गौतम की बड़ी छलांग कहानी 3 में निभाएंगी लीड रोल सुजॉय घोष ने शुरू की प्री प्रोडक्शन की तैयारियां

    नेशनल अवॉर्ड के बाद यामी गौतम की बड़ी छलांग कहानी 3 में निभाएंगी लीड रोल सुजॉय घोष ने शुरू की प्री प्रोडक्शन की तैयारियां


    नई दिल्ली। नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीतने के बाद अभिनेत्री यामी गौतम के करियर को नई उड़ान मिलती दिखाई दे रही है। शानदार अभिनय के दम पर लगातार अपनी अलग पहचान बनाने वाली यामी अब बॉलीवुड की सबसे चर्चित थ्रिलर फ्रेंचाइजी में शामिल होने जा रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक निर्देशक सुजॉय घोष अपनी सुपरहिट फिल्म सीरीज कहानी की तीसरी किस्त पर काम शुरू कर चुके हैं और इस बार फिल्म में मुख्य भूमिका के लिए यामी गौतम का नाम सामने आया है। इस खबर ने फिल्म प्रेमियों और यामी के प्रशंसकों के बीच उत्साह बढ़ा दिया है।

    यामी गौतम ने हाल ही में फिल्म आर्टिकल 370 में दमदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अपने नाम किया। इस उपलब्धि के बाद उन्हें लगातार बड़े और चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट्स की पेशकश मिल रही है। अब खबर है कि कहानी 3 में वह एक नए और दमदार किरदार में दिखाई देंगी। हालांकि फिल्म के निर्माताओं की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी रिपोर्ट्स में इस कास्टिंग को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

    कहानी फ्रेंचाइजी भारतीय सिनेमा की सबसे सफल सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों में गिनी जाती है। इसका पहला भाग वर्ष 2012 में रिलीज हुआ था जिसने अपनी अनोखी कहानी और चौंकाने वाले क्लाइमेक्स से दर्शकों का दिल जीत लिया था। इसके बाद 2016 में रिलीज हुई दूसरी फिल्म ने भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। दोनों फिल्मों में विद्या बालन ने मुख्य भूमिका निभाई थी और उनके अभिनय को खूब सराहा गया था। अब तीसरे भाग में नई कहानी और नए किरदार के साथ फ्रेंचाइजी को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार निर्देशक सुजॉय घोष एक बार फिर इस फिल्म का निर्देशन करेंगे। फिल्म फिलहाल प्री प्रोडक्शन स्टेज में है और टीम स्क्रिप्ट को अंतिम रूप देने के साथ शूटिंग शेड्यूल तैयार करने में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि कहानी 3 पहले की फिल्मों से अलग होगी और इसमें पूरी तरह नई कहानी दिखाई जाएगी। यही वजह है कि इस बार मुख्य भूमिका के लिए नए चेहरे को चुने जाने की योजना बनाई गई है।

    अगर यामी गौतम इस फिल्म का हिस्सा बनती हैं तो यह उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जाएगी। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने अलग अलग तरह के किरदार निभाकर खुद को एक मजबूत अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया है। आर्टिकल 370 ए थर्सडे और ओएमजी 2 जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा है। अब कहानी जैसी प्रतिष्ठित फ्रेंचाइजी से जुड़ने की खबर उनके करियर में एक और बड़ा मुकाम साबित हो सकती है।

    फिलहाल दर्शकों की नजरें फिल्म के आधिकारिक एलान पर टिकी हैं। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार आगे बढ़ता है तो जल्द ही कहानी 3 की शूटिंग शुरू हो सकती है और यामी गौतम एक नए रहस्यमयी अंदाज में बड़े पर्दे पर दर्शकों का मनोरंजन करती नजर आएंगी।