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  • MP में सितंबर के आखिरी सप्ताह होगी तेज बारिश, अगले 4 दिन भोपाल-इंदौर-उज्जैन समेत कई जिलों में गिरेगा पानी

    MP में सितंबर के आखिरी सप्ताह होगी तेज बारिश, अगले 4 दिन भोपाल-इंदौर-उज्जैन समेत कई जिलों में गिरेगा पानी


    भोपाल। दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई से पहले मध्य प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर तेज हो सकता है। उत्तर अंडमान सागर में बन रहा निम्न दाब क्षेत्र प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर सकता है। अगले चार दिनों में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। ताजा मौसम पूर्वानुमान में सितंबर के आखिरी सप्ताह में बारिश की गतिविधियां बढ़ने और 24-25 सितंबर को भारी बारिश के आसार भी जताए गए हैं।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक नए सिस्टम की दिशा और उसकी तीव्रता ही तय करेगी कि इसका प्रदेश पर कितना असर पड़ेगा। 23 सितंबर तक प्रदेश में भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं था, हालांकि सिस्टम की गतिविधियों के आधार पर मौसम के पूर्वानुमान में बदलाव संभव है। IMD के ताजा बुलेटिन में भी 19 से 23 सितंबर के दौरान गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियों तथा इसके बाद 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश की संभावना बताई गई है।

    भोपाल में दो बांधों के गेट खोले

    इससे पहले शनिवार को भोपाल और आसपास के इलाकों में रातभर बारिश के बाद भदभदा डैम का एक और कलियासोत डैम के दो गेट खोलने पड़े। उधर ब्यावरा में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में उफान आ गया। अजनार नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा, जिससे आसपास के इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए।

    आगर जिले में भी कई स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की गई। नलखेड़ा में मां बगलामुखी मंदिर के सामने से गुजर रहे नाले में पानी का बहाव इतना बढ़ गया कि एक कार बह गई। इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। शहडोल में आकाशीय बिजली गिरने से 2 लोगों की जान चली गई।

    45 जिलों में कहीं तेज, कहीं हल्की बारिश

    शनिवार को मध्य प्रदेश के 45 जिलों में बारिश दर्ज की गई। इनमें शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सतना, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, भोपाल, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, रायसेन, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, सागर और दमोह शामिल हैं।

    विदिशा के लटेरी में सबसे ज्यादा 4.2 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। गुना के कुंभराज में 4 इंच और आगर-मालवा के नलखेड़ा में 92 मिमी यानी 3.7 इंच बारिश हुई। आगर के ही बड़ौद में 2.9 इंच, गुना के राघौगढ़ में 2.8 इंच और राजगढ़ के खिलचीपुर में ढाई इंच बारिश दर्ज की गई।

    32 जिलों में अब भी 5 से 48% कम बारिश

    पूरे मानसूनी सीजन की स्थिति देखें तो मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 1% तक कम रही है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 24% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    हालांकि पिछले एक सप्ताह में बारिश के आंकड़ों में काफी सुधार हुआ है। इस दौरान कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात भी बने। सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्से की बारिश की स्थिति बेहतर हुई थी, लेकिन शनिवार तक यह आंकड़ा फिर माइनस 2% हो गया।

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के 23 जिलों में भी बारिश सामान्य से कम है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा समेत इन जिलों में औसत से 5% से 48% तक कम पानी गिरा है।

    इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    इसके उलट प्रदेश के 23 जिलों में मानसून सीजन के दौरान औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

    मानसून अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और देश के कुछ हिस्सों से इसकी वापसी भी शुरू हो गई है। इसके बावजूद मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश का दौर बना रहने और सितंबर के आखिरी सप्ताह में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

  • आज का राशिफल 20 सितंबर 2026: रविवार का दिन किसके लिए रहेगा खास जानिए 12 राशियों का पूरा भविष्यफल

    आज का राशिफल 20 सितंबर 2026: रविवार का दिन किसके लिए रहेगा खास जानिए 12 राशियों का पूरा भविष्यफल


    नई दिल्ली। 20 सितंबर 2026 रविवार का दिन ग्रहों की स्थिति के लिहाज से कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज कुछ जातकों को करियर और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं तो कुछ लोगों को अपने खर्चों और निर्णयों पर नियंत्रण रखना होगा। परिवार में किसी पुराने मुद्दे को बातचीत के जरिए सुलझाने का मौका मिल सकता है। नौकरी करने वाले लोगों को कार्यक्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देना होगा। वहीं व्यापार से जुड़े जातकों के लिए नए संपर्क लाभ का कारण बन सकते हैं।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह से भरा रह सकता है। किसी जरूरी काम में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। व्यापार में नई योजना पर काम शुरू करने का अवसर मिल सकता है। परिवार के किसी सदस्य के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें।

    वृषभ राशि के जातकों के लिए आज आर्थिक मामलों में सावधानी रखने का दिन है। अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है इसलिए बजट पर ध्यान देना जरूरी होगा। नौकरी में काम का दबाव रह सकता है लेकिन आपकी मेहनत आगे चलकर लाभ दे सकती है। परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद हो तो शांत रहकर बातचीत करें। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।

    मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। किसी पुराने संपर्क से महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी पर विचार कर सकते हैं। कारोबार में रुका हुआ काम आगे बढ़ने की संभावना है। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का अच्छा समय है। परिवार का सहयोग मिलेगा।

    कर्क राशि के जातकों को आज भावनाओं पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी। कार्यक्षेत्र में किसी सहकर्मी के साथ मतभेद हो सकता है। किसी भी बात को तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय सोच समझकर जवाब दें। आर्थिक स्थिति सामान्य रह सकती है। घर परिवार में किसी बुजुर्ग की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

    सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रह सकता है। नौकरी में आपके काम की जिम्मेदारी बढ़ सकती है। कारोबार में कोई नया सौदा मिलने की संभावना है। धन से जुड़े मामले में लाभ हो सकता है। सामाजिक स्तर पर आपकी पहचान बढ़ेगी। किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन को प्रसन्न कर सकती है।

    कन्या राशि वालों को आज अपने काम की योजना बनाकर आगे बढ़ना चाहिए। अधूरे काम पूरे करने का मौका मिलेगा। नौकरी में अधिकारी आपके प्रदर्शन से संतुष्ट हो सकते हैं। व्यापारियों को लेनदेन में सावधानी बरतनी होगी। परिवार में सुखद माहौल रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर नियमित दिनचर्या बनाए रखना फायदेमंद रहेगा।

    तुला राशि के लिए आज का दिन संतुलन बनाए रखने का है। करियर से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना पड़ सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं लेकिन खर्च भी बढ़ सकते हैं। रिश्तों में पारदर्शिता बनाए रखें। जीवनसाथी के साथ किसी जरूरी विषय पर बातचीत हो सकती है।

    वृश्चिक राशि वालों के लिए आज मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपकी रणनीति सफल हो सकती है। कारोबार में नए ग्राहक जुड़ सकते हैं। धन से जुड़ा कोई पुराना मामला आपके पक्ष में आ सकता है। हालांकि किसी पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करने से बचें।

    धनु राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। यात्रा से जुड़ी योजना बन सकती है। विद्यार्थियों को मेहनत का लाभ मिलेगा। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। आर्थिक मामलों में सोच समझकर निर्णय लेना बेहतर रहेगा।

    मकर राशि वालों को आज धैर्य के साथ काम करने की जरूरत है। कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। शुरुआत में दबाव महसूस होगा लेकिन मेहनत से स्थिति संभल जाएगी। धन खर्च करते समय प्राथमिकताओं का ध्यान रखें। परिवार में किसी सदस्य की मदद करनी पड़ सकती है।

    कुंभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन नई योजनाओं पर काम करने का है। करियर में बदलाव से जुड़ा विचार आगे बढ़ सकता है। व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे। किसी मित्र की सलाह काम आ सकती है। घर परिवार में सुख शांति बनी रहेगी। अपनी सेहत और आराम के लिए भी समय निकालें।

    मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सामान्य से बेहतर रह सकता है। रुके हुए काम पूरे होने से राहत मिलेगी। नौकरी में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए नई योजना बना सकते हैं। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल बन सकता है। अपनी भावनाओं को संतुलित रखकर आगे बढ़ना आपके लिए लाभदायक रहेगा।

  • कटरीना के लुक पर कमेंट करना पड़ा भारी सेलेब्स ने ट्रोलर्स को दी सोच बदलने की नसीहत

    कटरीना के लुक पर कमेंट करना पड़ा भारी सेलेब्स ने ट्रोलर्स को दी सोच बदलने की नसीहत


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री कटरीना कैफ इन दिनों अपने लुक और बढ़े हुए वजन को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। हाल ही में वह अंबानी परिवार के गणपति समारोह में नजर आईं जिसके बाद सोशल मीडिया के एक वर्ग ने उनके शरीर और पहले के लुक से तुलना करते हुए टिप्पणियां शुरू कर दीं। तस्वीरों और वीडियो को लेकर हुई इस ट्रोलिंग के बाद कई फिल्मी सितारों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों ने कटरीना के समर्थन में अपनी बात रखी। उनका कहना है कि किसी महिला के शरीर वजन उम्र या उसके बदलते रूप को सार्वजनिक टिप्पणी का विषय बनाना उचित नहीं है।

    पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कटरीना के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने वजन उम्र लुक या शरीर में होने वाले बदलावों के लिए किसी को सफाई देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने महिलाओं की व्यक्तिगत पसंद और निजी जीवन का सम्मान किए जाने की बात कही। प्रियंका ने कटरीना के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि आज अगर किसी एक महिला को उसके शरीर के लिए टिप्पणी का सामना करना पड़ रहा है तो भविष्य में किसी दूसरी महिला को भी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

    अभिनेत्री और भाजपा नेता खुशबू सुंदर ने भी कटरीना की ट्रोलिंग पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने महिलाओं की उम्र और शरीर को लेकर समाज में मौजूद अलग अलग मानकों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के बढ़ते वजन सफेद होते बाल झुर्रियों या उम्र बढ़ने को अक्सर सार्वजनिक चर्चा का विषय बना दिया जाता है जबकि पुरुषों के मामले में शारीरिक बदलावों को कई बार अलग नजरिए से देखा जाता है। खुशबू ने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि वजन बढ़ने के दौरान उनका मजाक उड़ाया गया और बाद में वजन कम करने पर भी उन पर सवाल उठाए गए। उनके मुताबिक महिलाओं के बारे में लोग अपनी राय देते रहेंगे लेकिन हर टिप्पणी का जवाब देना जरूरी नहीं है।

    कटरीना कैफ के साथ फिल्म मेरे ब्रदर की दुल्हन में काम कर चुके पाकिस्तानी अभिनेता अली जफर ने भी इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि उन्होंने कटरीना के पुराने और मौजूदा लुक की तुलना करने वाली कई पोस्ट और रील्स देखी हैं। अली जफर ने कहा कि समाज द्वारा बनाए गए खूबसूरती के मानकों पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। उनके मुताबिक किसी व्यक्ति का शरीर तय किए गए मानकों के मुताबिक नहीं है तो इसका मतलब यह नहीं कि उसके बारे में नकारात्मक धारणा बनाई जाए।

    अली जफर ने यह भी कहा कि खूबसूरती के पैमाने लगातार बदलते रहे हैं। उन्होंने पुरुषों के लिए बनाए गए सिक्स पैक जैसे मानकों का उदाहरण देते हुए कहा कि हर व्यक्ति के लिए एक जैसी शारीरिक बनावट हासिल करना संभव या जरूरी नहीं है। उन्होंने लोगों से दूसरों की परिस्थितियों और व्यक्तिगत संघर्षों को समझते हुए संवेदनशील व्यवहार करने की अपील की।

    इसी बीच अभिनेता ऋतिक रोशन की प्रतिक्रिया भी चर्चा में आ गई। रिपोर्ट के अनुसार ऋतिक ने इंस्टाग्राम पर ऐसी पोस्ट को लाइक किया जिसमें कटरीना के पुराने प्रशंसकों और उनके करियर का जिक्र करते हुए केवल वजन बढ़ने के आधार पर उनके बारे में नकारात्मक टिप्पणी किए जाने पर सवाल उठाया गया था। हालांकि इसके बाद सोशल मीडिया पर ऋतिक को लेकर भी अलग अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

    कटरीना की बॉडी शेमिंग से जुड़ा यह मामला एक बार फिर फिल्मी सितारों की निजी जिंदगी और सोशल मीडिया पर होने वाली टिप्पणियों को लेकर बहस सामने लाता है। उम्र या शरीर में बदलाव किसी भी व्यक्ति के निजी जीवन का हिस्सा हो सकते हैं और सोशल मीडिया पर सार्वजनिक मौजूदगी को व्यक्तिगत टिप्पणी की अनुमति के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इस मामले में सामने आए फिल्मी सितारों के बयानों ने इसी मुद्दे पर ध्यान खींचा है।

  • DUSU चुनाव में बदली तस्वीर यश डबास अध्यक्ष तो दीपांशु शोकीन उपाध्यक्ष जानिए किसे कितने वोट मिले

    DUSU चुनाव में बदली तस्वीर यश डबास अध्यक्ष तो दीपांशु शोकीन उपाध्यक्ष जानिए किसे कितने वोट मिले


    नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ यानी DUSU चुनाव 2026 के नतीजों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP ने चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास ने जीत हासिल की जबकि सचिव पद पर रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन ने जीत दर्ज की। इस तरह केंद्रीय पैनल में ABVP के तीन उम्मीदवार चुने गए जबकि एक पद निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गया।

    अध्यक्ष पद का मुकाबला खास तौर पर चर्चा में रहा। मतगणना के अलग अलग चरणों में ABVP और NSUI के उम्मीदवारों के बीच बढ़त बदलती रही। अंतिम उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यश डबास को 22434 वोट मिले जबकि NSUI के विजय शंकर मीणा को 21390 वोट प्राप्त हुए। इस तरह डबास ने 1044 वोट के अंतर से अध्यक्ष पद अपने नाम किया। शुरुआती चरणों में NSUI के उम्मीदवार ने भी बढ़त बनाई थी लेकिन बाद के राउंड में तस्वीर बदली और यश डबास आगे निकल गए।

    सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी ने जीत दर्ज की। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उन्हें 19846 वोट मिले जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 13963 वोट मिले। संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे। इस सीट पर मुकाबला काफी करीबी रहा। लक्ष्य राज सिंह को 14965 वोट मिले जबकि निर्दलीय उम्मीदवार विशेष यादव को 14836 और NSUI के गोपाल चौधरी को 14482 वोट प्राप्त हुए। तीनों उम्मीदवारों के बीच अंतर कम रहा और अंतिम चरण में लक्ष्य राज सिंह ने यह सीट अपने नाम की।

    उपाध्यक्ष पद का परिणाम इस चुनाव की अलग तस्वीर सामने लाता है। यहां निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन ने जीत दर्ज की। उन्हें 28873 वोट मिले जबकि ABVP के ईशू मौर्य को 15346 और NSUI के वीर चतरथ को 4010 वोट मिले। मतगणना के शुरुआती दौर से ही शोकीन इस मुकाबले में आगे बने रहे और अंत तक उनकी बढ़त कायम रही।

    दीपांशु शोकीन का चुनाव अभियान भी चर्चा में रहा। वे स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर मैदान में थे और छात्र सुविधाओं तथा कैंपस से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रचार कर रहे थे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उनका संबंध दिल्ली यूनिवर्सिटी के बुद्धिस्ट स्टडीज विभाग से है। उनके उपाध्यक्ष पद जीतने से इस बार DUSU के केंद्रीय पैनल में एक निर्दलीय उम्मीदवार की भी जगह बनी है।

    इस बार DUSU चुनाव में मतदान प्रतिशत को लेकर भी खास चर्चा रही। अलग अलग रिपोर्टों में अंतिम मतदान प्रतिशत के आंकड़े में अंतर बताया गया है जबकि शुरुआती आधिकारिक रिपोर्टों में करीब 40 फीसदी मतदान दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। मतगणना के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और दो हजार से अधिक पुलिस तथा पैरामिलिट्री जवानों की तैनाती की गई थी।

    चुनाव परिणाम से पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने विजय जुलूसों पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। अदालत ने चुनाव प्रचार के दौरान नियमों के उल्लंघन और सुरक्षा से जुड़े मामलों पर भी सख्त रुख अपनाया था। परिणाम के बाद भी यह रोक लागू रही।

  • सोने का भाव 1.54 लाख के पार चांदी 2.37 लाख रुपए पहुंची दिसंबर तक और बढ़ सकते हैं दाम

    सोने का भाव 1.54 लाख के पार चांदी 2.37 लाख रुपए पहुंची दिसंबर तक और बढ़ सकते हैं दाम


    नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह तेजी देखने को मिली है। कीमती धातुओं में बढ़त के चलते निवेशकों और खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों की नजर अब बाजार के अगले रुझान पर है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA के आंकड़ों के अनुसार इस सप्ताह चांदी की कीमत करीब 7988 रुपए बढ़ी है और इसका भाव लगभग 2.37 लाख रुपए प्रति किलो पहुंच गया है। पिछले सप्ताह 11 सितंबर को चांदी करीब 2.29 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर थी। यानी कुछ ही दिनों में इसकी कीमत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    सोने की कीमत में भी इसी दौरान तेजी रही। 24 कैरेट सोने का भाव पिछले सप्ताह करीब 1.52 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था जो अब बढ़कर लगभग 1.54 लाख रुपए हो गया है। आंकड़ों के अनुसार इस दौरान सोने की कीमत में करीब 1789 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। बाजार में सोने और चांदी की कीमतें कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों से प्रभावित होती हैं। इनमें वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां डॉलर की स्थिति निवेश मांग और केंद्रीय बैंकों की खरीद जैसे प्रमुख कारण शामिल हैं।

    कोटक सिक्योरिटीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनिंद्य बनर्जी के अनुसार दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लगातार सोने की खरीद कर रहे हैं। उनका मानना है कि अगर वैश्विक स्तर पर आर्थिक और भू राजनीतिक अनिश्चितता बनी रहती है तो सोने की कीमतों को आगे भी सहारा मिल सकता है। उन्होंने मौजूदा रुझान जारी रहने की स्थिति में दिसंबर तक सोने के करीब 1.70 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी के करीब 3 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंचने का अनुमान जताया है। हालांकि यह बाजार का अनुमान है और वास्तविक कीमत इससे अलग हो सकती है।

    देश के अलग अलग शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखा जा रहा है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.53 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट सोने की कीमत करीब 1.40 लाख रुपए जबकि 18 कैरेट सोना करीब 1.15 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास है। 14 कैरेट सोने का भाव करीब 89930 रुपए प्रति 10 ग्राम बताया गया है।

    बड़े शहरों की बात करें तो दिल्ली और जयपुर में 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.54 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम है। मुंबई और कोलकाता में यह करीब 1.54 लाख रुपए के आसपास है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1.54 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम बताई गई है। पटना लखनऊ रायपुर और अहमदाबाद में भी भाव इसी दायरे में हैं। स्थानीय बाजार में वास्तविक कीमत टैक्स ज्वेलरी की गुणवत्ता और मेकिंग चार्ज के कारण अलग हो सकती है।

    साल 2026 की शुरुआत से सोने में कुल मिलाकर मजबूत बढ़त दर्ज हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना करीब 1.33 लाख रुपए के स्तर पर था जबकि अब यह लगभग 1.54 लाख रुपए पहुंच चुका है। इस तरह साल की शुरुआत से इसमें करीब 21 हजार रुपए की बढ़ोतरी हुई है। चांदी भी साल के दौरान कई बार तेज उतार चढ़ाव से गुजरी है। 31 दिसंबर 2025 के करीब 2.30 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर से यह अब लगभग 2.37 लाख रुपए पर पहुंच गई है।

    IBJA के भाव आम तौर पर GST और मेकिंग चार्ज के बिना होते हैं। इसलिए आभूषण खरीदते समय ग्राहक को अंतिम बिल की कीमत अलग मिल सकती है। सोने और चांदी में निवेश या खरीदारी से पहले ताजा स्थानीय भाव और संबंधित शुल्क की जानकारी लेना जरूरी है।

  • भोपाल संभाग के युवाओं की रीवा यात्रा शुरू मुकुंदपुर सफारी से पुरवा प्रपात तक देखेंगे पर्यटन की खूबसूरती

    भोपाल संभाग के युवाओं की रीवा यात्रा शुरू मुकुंदपुर सफारी से पुरवा प्रपात तक देखेंगे पर्यटन की खूबसूरती


    भोपाल । भोपाल से रीवा की यात्रा पर निकले युवाओं के दल को उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा मध्यप्रदेश सरकार की मां तुझे सलाम योजना के तहत आयोजित की गई है। दो दिवसीय इस भ्रमण के दौरान भोपाल संभाग के युवा रीवा जिले के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों को करीब से जानेंगे। इस यात्रा का आयोजन खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से किया गया है। दल में भोपाल के साथ सीहोर रायसेन विदिशा और राजगढ़ जिले के युवा शामिल हैं। यात्रा का उद्देश्य युवाओं को प्रदेश के महत्वपूर्ण स्थलों और उनकी सांस्कृतिक तथा प्राकृतिक विशेषताओं से परिचित कराना है।

    युवाओं को रीवा भ्रमण के दौरान महामृत्युंजय मंदिर संग्रहालय मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी पुरवा प्रपात और बसामन मामा गौ अभ्यारण्य जैसे स्थानों पर ले जाया जाएगा। इन स्थलों के माध्यम से युवाओं को रीवा की धार्मिक परंपरा प्राकृतिक संपदा वन्यजीव और स्थानीय पर्यटन की विविधता को समझने का अवसर मिलेगा। रीवा संभाग लंबे समय से अपने जलप्रपात जंगलों और ऐतिहासिक तथा धार्मिक स्थलों के लिए जाना जाता है। इसी वजह से क्षेत्र में पर्यटन को आर्थिक गतिविधियों और रोजगार से जोड़ने की संभावनाओं पर भी जोर दिया जा रहा है।

    यात्रा को रवाना करते हुए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश और विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र में पर्यटन के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। रीवा संभाग प्राकृतिक सुंदरता से समृद्ध है। यहां मौजूद वन जलप्रपात धार्मिक स्थल और वन्यजीव क्षेत्र पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने मैहर चित्रकूट और अमरकंटक जैसे धार्मिक स्थलों के साथ मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी पन्ना नेशनल पार्क संजय टाइगर रिजर्व बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और संजय दुबरी अभ्यारण्य का भी उल्लेख किया। ऐसे पर्यटन स्थलों को बेहतर सुविधाओं और कनेक्टिविटी के जरिए ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर क्षेत्रीय विकास को गति मिल सकती है।

    रीवा में पर्यटन को बढ़ावा देने में बेहतर कनेक्टिविटी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा सड़क और रेल नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। इसके साथ ही हवाई संपर्क में भी सुधार हुआ है। कनेक्टिविटी बेहतर होने से पर्यटकों के लिए रीवा पहुंचना आसान हो रहा है और आसपास के पर्यटन स्थलों को भी एक साथ देखने की संभावना बढ़ रही है। सप्ताहांत में आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह सुविधा उपयोगी हो सकती है।

    उप मुख्यमंत्री ने रीवा के 750 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांट का भी जिक्र किया। उन्होंने बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में बड़ी संख्या में गौवंश के संरक्षण और प्राकृतिक खेती से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी। उनके मुताबिक ऐसे प्रयास पर्यटन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़े हैं।

    कार्यक्रम में युवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विकास में युवा पीढ़ी की भागीदारी महत्वपूर्ण है। यात्रा के माध्यम से युवाओं को मध्यप्रदेश की प्राकृतिक सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। संभागीय खेल अधिकारी एमके धौलपुरी के अनुसार दो दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में युवाओं को रीवा के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी भी रही।

  • भारत चीन पर ट्रंप का बड़ा दांव रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ की तलवार

    भारत चीन पर ट्रंप का बड़ा दांव रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ की तलवार


    नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान पर प्रतिबंधों से जुड़े Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026 पर हस्ताक्षर कर इसे कानून बना दिया है। इस कानून के बाद अमेरिका के पास रूस से तेल और गैस खरीदने वाले कुछ देशों के सामान पर 100 फीसदी तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार होगा। भारत और चीन उन प्रमुख देशों में शामिल हैं जिन पर इस प्रावधान का असर पड़ सकता है। हालांकि अभी यह समझना जरूरी है कि कानून लागू होने के साथ ही भारत पर 100 फीसदी टैरिफ नहीं लगा है। कानून राष्ट्रपति को ऐसा शुल्क लगाने का अधिकार देता है और वास्तविक दर तथा किन देशों या उत्पादों को इसके दायरे में रखा जाएगा इसका फैसला आगे किया जा सकता है।

    इस कानून का मुख्य उद्देश्य रूस की ऊर्जा और अन्य आर्थिक गतिविधियों से होने वाली आय पर दबाव बढ़ाना है। रूस यूक्रेन युद्ध के कारण लंबे समय से अमेरिकी और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। नए कानून में रूस के अधिकारियों और वित्तीय संस्थानों के अलावा ऊर्जा क्षेत्र तथा प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल होने वाले तेल टैंकरों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इसका मकसद रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है ताकि उसकी युद्ध संबंधी वित्तीय क्षमता को सीमित किया जा सके।

    भारत के लिए इस कानून का महत्व इसलिए ज्यादा है क्योंकि रूस लंबे समय से भारत के प्रमुख कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदा है। इसी वजह से भारत उन देशों की सूची में आता है जिन पर नए अमेरिकी टैरिफ अधिकार का इस्तेमाल किया जा सकता है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की ओर से जारी जानकारी में भारत और चीन समेत कई देशों को संभावित 100 फीसदी शुल्क वाले प्रावधान के तहत शामिल किया गया था।

    अगर अमेरिका भारत के खिलाफ अतिरिक्त टैरिफ लागू करता है तो इसका सीधा असर अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान की कीमत पर पड़ सकता है। भारत से अमेरिका को निर्यात होने वाले कपड़ा उत्पाद जेम्स एंड ज्वेलरी इंजीनियरिंग सामान लेदर समुद्री उत्पाद और कुछ औद्योगिक वस्तुओं पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका कितना शुल्क लगाता है और किन उत्पादों को इसके दायरे में शामिल करता है। भारतीय निर्यातकों के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चिंता इसी अनिश्चितता को लेकर है।

    भारत के सामने दूसरा विकल्प रूस से कच्चे तेल की खरीद घटाकर दूसरे देशों से आयात बढ़ाने का हो सकता है। भारत पहले से मध्य पूर्व अमेरिका और अन्य तेल उत्पादक देशों से कच्चा तेल खरीदता है। लेकिन सप्लायर बदलने की स्थिति में कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और परिवहन लागत जैसे कई कारक भारत के आयात बिल को प्रभावित कर सकते हैं। इसका असर ऊर्जा लागत पर भी पड़ सकता है हालांकि घरेलू ईंधन कीमतों पर इसका प्रभाव सीधे तौर पर तय नहीं माना जा सकता।

    इस कानून का असर केवल भारत और अमेरिका के व्यापार तक सीमित नहीं रह सकता। चीन भी रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा खरीदता है और इसलिए वह भी अमेरिकी टैरिफ अधिकार के संभावित दायरे में है। इससे रूस की ऊर्जा बिक्री अमेरिका की व्यापार नीति और एशियाई देशों की ऊर्जा जरूरतों के बीच नया दबाव बन सकता है।

    सबसे अहम बात यह है कि फिलहाल 100 फीसदी टैरिफ की बात को संभावित अधिकार के तौर पर देखना चाहिए न कि भारत पर लागू हो चुके शुल्क के रूप में। ट्रंप प्रशासन के पास कानून के तहत टैरिफ की दर और उसके इस्तेमाल को लेकर व्यापक अधिकार हैं। इसलिए आने वाले समय में अमेरिकी सरकार की ओर से जारी होने वाले फैसले यह तय करेंगे कि भारत के निर्यात और दोनों देशों के व्यापार पर इसका वास्तविक असर कितना पड़ता है।

  • शिवपुरी में हरियाणा जा रहा लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा गया डामरौन में वन विभाग ने घेराबंदी कर की कार्रवाई

    शिवपुरी में हरियाणा जा रहा लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा गया डामरौन में वन विभाग ने घेराबंदी कर की कार्रवाई


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में वन विभाग ने लकड़ी के अवैध परिवहन की आशंका के मामले में कार्रवाई करते हुए एक ट्रक को जब्त किया है। यह ट्रक लकड़ी लेकर हरियाणा की ओर जा रहा था। वन विभाग की टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दिनारा पिछोर मार्ग पर डामरौन के पास घेराबंदी की और संदिग्ध ट्रक को रोक लिया। तलाशी के दौरान ट्रक में लकड़ी भरी हुई मिली जिसके बाद विभाग ने वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। मामले में अब लकड़ी के स्रोत और उसके परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार वन विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि करैरा क्षेत्र से लकड़ी से भरा एक ट्रक हरियाणा की तरफ रवाना होने वाला है। सूचना मिलने के बाद रेंजर लक्ष्मण मीणा और डिप्टी रेंजर कुलदीप गौर के नेतृत्व में टीम ने डामरौन के आसपास निगरानी शुरू की। टीम ट्रक के आने का इंतजार कर रही थी। जैसे ही बताए गए हुलिए और नंबर का ट्रक वहां पहुंचा वन विभाग के कर्मचारियों ने उसे रोक लिया।

    ट्रक की जांच की गई तो उसमें लकड़ी लदी हुई मिली। इसके बाद वाहन को जब्त कर लिया गया। वन विभाग की ओर से अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ट्रक में लदी लकड़ी आखिर कहां से लाई गई थी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि लकड़ी के परिवहन के लिए चालक के पास आवश्यक अनुमति और दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।

    शुरुआती जानकारी में यह बात सामने आई है कि ट्रक बालाघाट से करैरा पहुंचा था। बताया जा रहा है कि वहां ट्रक में पहले प्लाईबोर्ड से जुड़ा सामान छोड़ा गया था। इसके बाद ट्रक करैरा क्षेत्र में पहुंचा जहां उसमें लकड़ी लोड की गई। लकड़ी भरने के बाद वाहन को हरियाणा की ओर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान वन विभाग की टीम ने उसे डामरौन के पास रोक लिया।

    लकड़ी के इस्तेमाल को लेकर भी वन विभाग जांच कर रहा है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि जब्त की गई लकड़ी का इस्तेमाल प्लाईबोर्ड तैयार करने में किया जा सकता है। इसी वजह से विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि लकड़ी करैरा क्षेत्र की किसी आरा मशीन से तो नहीं लाई गई थी। अधिकारियों की जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि यदि लकड़ी स्थानीय स्तर पर लोड की गई थी तो इसके लिए किस स्थान का इस्तेमाल किया गया और उसके परिवहन की वैध अनुमति थी या नहीं।

    करैरा क्षेत्र में इससे पहले भी वन विभाग की ओर से आरा मशीनों को लेकर कार्रवाई की जा चुकी है। ऐसे में जब्त ट्रक में मिली लकड़ी और क्षेत्र की आरा मशीनों के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं इसकी भी पड़ताल की जा रही है। वन विभाग दस्तावेजों और लकड़ी के स्रोत की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय करेगा। फिलहाल ट्रक विभाग के कब्जे में है और मामले की जांच जारी है।

  • न्यूड सीन के ऑफर से लेकर अजीब डिमांड तक राधिका आप्टे ने खोले फिल्म सेट के कई राज

    न्यूड सीन के ऑफर से लेकर अजीब डिमांड तक राधिका आप्टे ने खोले फिल्म सेट के कई राज


    नई दिल्ली। राधिका आप्टे अपने बेबाक अंदाज और अलग तरह के किरदारों के लिए जानी जाती हैं। अभिनेत्री ने अपने करियर में कई ऐसी फिल्मों में काम किया है जिनमें उन्होंने चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। अब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के दौरान सामने आए कुछ अनुभवों के बारे में खुलकर बात की है। बातचीत के दौरान राधिका ने बताया कि उनके शुरुआती काम को देखकर कई लोग यह मानने लगे थे कि वह बोल्ड या न्यूड सीन करने के लिए आसानी से तैयार हो जाएंगी। इसके बाद उन्हें कई बार ऐसे प्रस्ताव भी मिले जिनसे वह खुद हैरान रह गईं।

    राधिका ने बताया कि करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने कुछ फिल्मों में न्यूड सीन किए थे। इसके बाद इंडस्ट्री में उनके बारे में एक धारणा बन गई कि वह इस तरह के सीन करने में सहज हैं। अभिनेत्री के मुताबिक कई लोग बाद में उनसे ऐसे सीन करने की उम्मीद करने लगे। उन्हें बार बार यह समझाना पड़ा कि किसी पुराने काम का मतलब यह नहीं है कि वह हर प्रोजेक्ट में अपनी सीमाओं को बदल देंगी।

    अभिनेत्री ने बताया कि जब उन्हें ऐसे प्रस्ताव दिए जाते थे तो वह सामने वाले से सवाल करती थीं कि आखिर उस सीन की जरूरत क्या है। कई बार उन्हें जवाब मिलता था कि थोड़ा सा कर लीजिए या कुछ सेकेंड के लिए ऐसा कर दीजिए। राधिका ने कहा कि उनके लिए यह समझना जरूरी था कि किसी सीन का कहानी में क्या महत्व है और उसे किस उद्देश्य से रखा जा रहा है।

    इसी बातचीत में राधिका ने एक एक्शन सीक्वेंस से जुड़ा अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि एक शूटिंग सेट पर उनसे एक्शन सीन करने को कहा गया। जब वह इसके लिए तैयार हुईं तो उनसे कहा गया कि इस दौरान उनकी शर्ट के बटन बंद नहीं होने चाहिए। राधिका ने सवाल किया कि अगर वह एक्शन कर रही हैं तो स्वाभाविक रूप से कपड़े अपनी जगह से हिल सकते हैं। लेकिन इसके बाद उनसे कहा गया कि वह यह पूरा एक्शन सीक्वेंस केवल ब्रा और इनरवियर में करें।

    राधिका ने बताया कि यह सुनकर उन्होंने सामने वाले से सवाल किया कि आखिर उनसे क्या करवाने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक एक्शन सीन और कपड़ों को लेकर की गई इस तरह की मांग ने उन्हें असहज कर दिया था। अभिनेत्री ने इस अनुभव को साझा करते हुए यह भी बताया कि शूटिंग के दौरान कलाकारों के सामने कई बार ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं जहां उन्हें अपनी सीमाओं को स्पष्ट करना पड़ता है।

    राधिका आप्टे इससे पहले भी बोल्ड भूमिकाओं और अंतरंग दृश्यों को लेकर अपनी राय खुलकर रख चुकी हैं। साल 2016 में उनकी फिल्म पार्च्ड के एक न्यूड सीन की तस्वीर और वीडियो चर्चा में आए थे। उस समय अभिनेत्री ने कहा था कि उन्हें इस सीन को लेकर मिलने वाली मीडिया अटेंशन से खास परेशानी नहीं थी। उनका कहना था कि फिल्म में उस दृश्य का एक संदर्भ था और पूरी फिल्म को केवल उस सीन तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए।

    राधिका के वर्कफ्रंट की बात करें तो वह हाल में लस्ट स्टोरीज 3 में नजर आई हैं। अपने अलग तरह के किरदारों और फिल्मों के चयन के कारण राधिका लगातार दर्शकों के बीच चर्चा में रहती हैं। उनकी बेबाक बातचीत भी अक्सर फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के अनुभवों को लेकर नई चर्चा शुरू कर देती है।

  • बेटियों से डरते हैं महेश भट्ट लेकिन बेटों से नहीं! सोनी राजदान ने बताया परिवार का अनोखा राज

    बेटियों से डरते हैं महेश भट्ट लेकिन बेटों से नहीं! सोनी राजदान ने बताया परिवार का अनोखा राज


    नई दिल्ली। अभिनेत्री सोनी राजदान ने अपने परिवार से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि फिल्ममेकर महेश भट्ट अपनी तीनों बेटियों आलिया भट्ट पूजा भट्ट और शाहीन भट्ट से एक खास तरह से डरते हैं। सोनी ने यह बात किसी गंभीर विवाद के संदर्भ में नहीं बल्कि परिवार के रोजमर्रा के रिश्तों और पिता बेटियों के बीच की बॉन्डिंग को लेकर कही। उनके मुताबिक महेश भट्ट अपनी बेटियों के सामने कई बार खुद बातचीत करने के बजाय सोनी को आगे कर देते हैं। सोनी ने इस पूरे किस्से को हल्के फुल्के अंदाज में साझा किया।

    सोनी राजदान इन दिनों फिल्म ओम का हरी को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में उन्होंने एक मां की भूमिका निभाई है जो पति और बेटे के बीच चल रहे मतभेद को सुलझाने की कोशिश करती दिखाई देती हैं। सोनी का कहना है कि फिल्म में उनका किरदार वास्तविक जीवन में उनके व्यक्तित्व से काफी अलग है। हालांकि परिवार में मां की भूमिका को लेकर उन्होंने जो बातें कहीं उससे उन्हें अपने वास्तविक जीवन के कई अनुभव भी याद आए।

    सोनी के मुताबिक किसी भी परिवार में मां अक्सर ऐसी भूमिका निभाती है जिसमें उसे अलग अलग लोगों के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। कभी वह बातचीत सुलझाने वाली बनती है तो कभी परिवार के सदस्यों की परेशानियां सुनती है। जरूरत पड़ने पर वही सलाह देने वाली और समझाने वाली भी बन जाती है। सोनी ने कहा कि मां परिवार में कई भूमिकाएं निभाती है और कई बार उसे खुद पता भी नहीं चलता कि वह कब किस भूमिका में आ गई।

    उन्होंने फिल्म की कहानी से जुड़े पिता और बेटे के रिश्ते पर भी बात की। सोनी ने कहा कि पिता और बेटे के बीच मतभेद होना कोई असामान्य बात नहीं है। कई परिवारों में पीढ़ियों के बीच सोच का अंतर दिखाई देता है। हालांकि उनका मानना है कि आज की नई पीढ़ी ऐसे रिश्तों और पारिवारिक परिस्थितियों को पहले की तुलना में अलग तरीके से समझने लगी है।

    इसी बातचीत के दौरान सोनी ने अपने परिवार का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि कई बार महेश भट्ट उनसे कहते हैं कि बेटी को फोन कर दो। इस पर सोनी का जवाब होता है कि अगर बात करनी है तो वह खुद फोन कर सकते हैं क्योंकि उनके पास भी फोन है। सोनी ने मजाकिया अंदाज में बताया कि बेटियों के साथ उनकी अपनी अलग तरह की बातचीत और नोकझोंक होती है। ऐसे में वह महेश की ओर से बेटियों से बात करने की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं होतीं।

    सोनी ने इसी संदर्भ में कहा कि उनके पति तीनों बेटियों से डरते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह डर किसी गंभीर अर्थ में नहीं है बल्कि एक प्यारे और मजेदार पारिवारिक रिश्ते का हिस्सा है। उनके मुताबिक पिता अक्सर बेटियों को लेकर ज्यादा सावधान रहते हैं जबकि बेटों के साथ उनका व्यवहार कुछ अलग हो सकता है। महेश भट्ट के मामले में भी उन्हें यही चीज दिखाई देती है क्योंकि उनकी तीन बेटियां हैं और वह तीनों के सामने एक अलग तरह की झिझक दिखाते हैं।

    सोनी राजदान की यह बात परिवार में पिता और बेटियों के रिश्ते की एक हल्की फुल्की तस्वीर सामने लाती है। वहीं उनके फिल्मी काम की बात करें तो ओम का हरी में वह एक ऐसे किरदार में नजर आ रही हैं जो परिवार के भीतर पैदा हुए मतभेदों को संभालने की कोशिश करता है। उनकी बातचीत से यह भी पता चलता है कि पर्दे पर निभाए गए पारिवारिक किरदारों के पीछे कलाकारों के अपने जीवन के अनुभव भी कई बार प्रेरणा बनते हैं।