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  • एशियन गेम्स में ऐन वक्त पर बड़ा बदलाव: तूर की किट नहीं पहुंची तो पवन सहरावत को मिली फ्लैग बियरर की जिम्मेदारी

    एशियन गेम्स में ऐन वक्त पर बड़ा बदलाव: तूर की किट नहीं पहुंची तो पवन सहरावत को मिली फ्लैग बियरर की जिम्मेदारी


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी से ठीक पहले भारतीय दल के फ्लैग बियरर को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। पहले शॉटपुट स्टार तजिंदरपाल सिंह तूर को महिला स्टार शूटर मनु भाकर के साथ भारत का फ्लैग बियरर चुना गया था लेकिन अब तूर ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं हो पाएंगे। उनकी जगह कबड्डी स्टार पवन सहरावत को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब पवन सहरावत मनु भाकर के साथ भारतीय दल की अगुवाई करते हुए तिरंगा थामेंगे।

    फ्लैग बियरर बदलने की वजह तजिंदरपाल सिंह तूर की आधिकारिक किट का समय पर नागोया नहीं पहुंच पाना बताया गया है। तूर के मुताबिक उनकी आधिकारिक किट अभी भारत में ही थी और उन्हें जानकारी दी गई कि यह किट 19 सितंबर की दोपहर करीब 3 बजे नागोया एयरपोर्ट पहुंचेगी। इसके बाद एयरपोर्ट से ओपनिंग सेरेमनी के आयोजन स्थल तक पहुंचने में लगने वाला समय इतना कम होगा कि उनके लिए समारोह में समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। इसी वजह से तूर ने भारतीय ओलंपिक संघ को बता दिया कि वह ओपनिंग सेरेमनी में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।

    तूर ने यह भी बताया कि अगर उन्हें फ्लैग बियरर बनाए जाने की जानकारी कुछ दिन पहले मिल जाती तो उनके कोच जरूरी इंतजाम कर सकते थे। उनके कोच एक दिन पहले ही नागोया पहुंच चुके थे और संभवत उनके लिए किट लेकर आ सकते थे। लेकिन आखिरी समय में मिली जानकारी और किट की देरी के कारण यह व्यवस्था नहीं हो सकी। तूर ने यह भी कहा कि एथलेटिक्स टीम के किसी खिलाड़ी को अब तक आधिकारिक किट नहीं मिली है।

    अब यह जिम्मेदारी 30 वर्षीय पवन सहरावत को दी गई है। पवन भारतीय कबड्डी टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं और पिछली एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का हिस्सा थे। मैदान पर अपने आक्रामक खेल के लिए पहचान बनाने वाले सहरावत के लिए फ्लैग बियरर बनना भी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। चीफ-डे-मिशन सहदेव यादव ने भी पवन सहरावत को फ्लैग बियरर बनाए जाने की पुष्टि की है।

    ओपनिंग सेरेमनी में अब पवन सहरावत और मनु भाकर भारत की ओर से तिरंगा थामेंगे। मनु भाकर निशानेबाजी में भारत की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं और उनके साथ पवन की मौजूदगी भारतीय दल के लिए खास तस्वीर पेश करेगी। एक तरफ शूटिंग की स्टार खिलाड़ी और दूसरी तरफ कबड्डी के चर्चित खिलाड़ी भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करेंगे।

    वहीं भारतीय एथलेटिक्स टीम फिलहाल नागोया में नहीं है। टीम 13 सितंबर से टोक्यो के पास यूनिवर्सिटी ऑफ त्सुकुबा में अनुकूलन शिविर में हिस्सा ले रही है। एथलेटिक्स टीम के 21 सितंबर को नागोया पहुंचने की योजना है जबकि एथलेटिक्स की प्रतियोगिताएं 23 सितंबर से शुरू होनी हैं। ऐसे में तजिंदरपाल सिंह तूर का ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं होना उनकी प्रतियोगिता से जुड़ी तैयारियों को प्रभावित करने वाला मामला नहीं है।

    फ्लैग बियरर में हुआ यह बदलाव एशियन गेम्स की शुरुआत से ठीक पहले सामने आया है। तूर की जगह अब पवन सहरावत को मौका मिला है और वह मनु भाकर के साथ भारतीय दल की अगुवाई करेंगे। भारतीय टीम की नजर इस बार एशियन गेम्स में मजबूत प्रदर्शन और अधिक से अधिक पदक हासिल करने पर है।

  • अमेरिका-सऊदी अरब के बीच सबसे बड़ा रक्षा सौदा… दो लाख करोड़ की विदेशी सैन्य बिक्री को मंजूरी

    अमेरिका-सऊदी अरब के बीच सबसे बड़ा रक्षा सौदा… दो लाख करोड़ की विदेशी सैन्य बिक्री को मंजूरी


    वॉशिंगटन।
    हूतियों के बढ़ते हमलों (Escalating Houthi attacks) के बीच अमेरिका (America) ने सऊदी अरब (Saudi Arabia) को 48 एफ-35 लड़ाकू विमान बेचने का रास्ता साफ कर दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने 24.3 अरब डॉलर (लगभग 2 लाख करोड़ रुपये) की संभावित विदेशी सैन्य बिक्री (Foreign Military Sales) को मंजूरी दी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब रियाद हूतियों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए वॉशिंगटन से सैन्य मदद मांग रहा था।

    अमेरिका ने हालांकि, सऊदी अरब के आग्रह के बावजूद हूतियों के खिलाफ सीधे सैन्य कार्रवाई से इन्कार किया। इसके बजाय वॉशिंगटन ने रियाद को खुफिया जानकारी और टारगेटिंग सहायता देने की बात कही। इसी बीच हूतियों ने सऊदी शहरों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर दबाव बढ़ाया। ऐसे माहौल में सऊदी अरब की अपनी हवाई रक्षा क्षमता मजबूत करने की जरूरत और बढ़ी। इसी क्रम में एफ-35 सौदा सामने आया है।


    अमेरिका से क्या-क्या खरीदेगा सऊदी अरब

    अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक प्रस्तावित पैकेज में 48 एफ-35 विमान, 49 प्रैट एंड व्हिटनी एफ135 इंजन, सुरक्षित संचार और नेविगेशन उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध सहायता, स्पेयर पार्ट्स, प्रशिक्षण, सिम्युलेटर, सॉफ्टवेयर और लॉजिस्टिक सपोर्ट शामिल हैं।


    संकट सऊदी का, फायदा अमेरिकी रक्षा उद्योग का?

    घटनाक्रम को एक साथ देखें तो हूतियों के खिलाफ प्रत्यक्ष सैन्य हस्तक्षेप से पीछे हटने के बाद अमेरिका ने सऊदी को अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक अमेरिकी हथियारों का विकल्प दिया है। 24.3 अरब डॉलर का सौदा वॉशिंगटन की रणनीति से मेल खाता है। 


    होर्मुज में तेल टैंकर पर ईरान का हमला

    ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे टोगो के झंडे वाले एक तेल टैंकर को निशाना बनाया है। ईरानी सरकारी प्रसारक ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के हवाले से बताया कि ‘ट्रेंड’ नाम के टैंकर ने जलडमरूमध्य से गुजरने का अवैध प्रयास किया था। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने चेतावनी दी है कि होर्मुज से बिना अनुमति गुजरने वाले जहाजों को नष्ट किया जा सकता है। इस बीच, ब्रिटेन के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने ओमान के खासाब से करीब 16 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में एक जहाज से जुड़े सुरक्षा घटनाक्रम की जानकारी दी।


    लाल सागर में तनाव और सऊदी पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य : भारत

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने लाल सागर क्षेत्र और सऊदी अरब में आर्थिक और नागरिक संपत्तियों पर हूती विद्रोहियों की ओर से किए जा रहे हमले क्षेत्रीय शांति को कमजोर कर रहे हैं। ये हमले बाब अल-मंदब जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक मार्गों पर नौवहन की स्वतंत्रता को बाधित करते हैं। उन्होंने क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होने की उम्मीद जताई।भारत ने लाल सागर क्षेत्र में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर चिंता व्यक्त की है।

  • सुप्रीम कोर्ट ने शराबबंदी पर उठाए सवाल….600 से ज्यादा मौतों का जिक्र कर गिनाए 5 बड़े नुकसान

    सुप्रीम कोर्ट ने शराबबंदी पर उठाए सवाल….600 से ज्यादा मौतों का जिक्र कर गिनाए 5 बड़े नुकसान


    नई दिल्ली।
    शराबबंदी (Alcohol Prohibition) के असर पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इससे जुड़ी पांच प्रमुख ‘बुराइयां’ गिनाई हैं। कोर्ट ने कहा कि शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने से राजस्व का नुकसान, प्रतिबंध लागू कराने पर खर्च, पुलिस में भ्रष्टाचार, अवैध शराब बनाने और नशीली दवाओं (Narcotic drugs) से जुड़ी समस्या जैसे खतरे पैदा हो सकते हैं।

    जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने यह टिप्पणी महाराष्ट्र पॉइजन्स रूल्स के नियम 18A और 18B को रद्द करते हुए की। इन नियमों के तहत मेथनॉल की खरीद को नियंत्रित किया गया था और गैर-दवा निर्माताओं को इसकी बिक्री से पहले उसमें कड़वा पदार्थ और रंग मिलाना अनिवार्य किया गया था।


    कोर्ट ने शराबबंदी से जुड़े 5 ‘नुकसान’ गिनाए

    सुप्रीम कोर्ट ने शराबबंदी से जुड़े जिन पांच पहलुओं की ओर इशारा किया, वे हैं-
    – राजस्व का नुकसान
    – शराबबंदी लागू कराने पर होने वाला खर्च
    – पुलिस में भ्रष्टाचार
    – अवैध तरीके से शराब बनाने का बढ़ता कारोबार
    – नशीली दवाओं से जुड़ी समस्या
    पीठ ने गुजरात और दूसरे राज्यों में जहरीली शराब से हुई घटनाओं का भी जिक्र किया।


    गुजरात में 600 से ज्यादा लोगों की मौत का जिक्र

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने कहा कि हाल में गुजरात के भावनगर और मध्य प्रदेश के सागर में हुई जहरीली शराब की घटनाएं अधिकारियों के लिए चेतावनी हैं। इन दोनों घटनाओं में क्रमशः 13 और 15 लोगों की जान गई थी। पीठ ने कहा कि इतिहास बताता है कि पूरी तरह शराबबंदी कई बार शराब के कारोबार को भूमिगत कर देती है। इससे बिना नियमन वाली और जानलेवा शराब के चलन का खतरा बढ़ जाता है।

    कोर्ट ने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में सख्त शराबबंदी नीति है। पीठ के मुताबिक, राज्य के गठन और देश की आजादी के बाद से वहां कम से कम 10 बड़ी जहरीली शराब त्रासदियां हो चुकी हैं, जिनमें 600 से अधिक लोगों की मौत हुई है।


    1991 में मेथनॉल वाली जहरीली शराब से 93 मौतें

    सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में बनाए गए नियमों की पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया। ये नियम 1991 में मुंबई में मेथनॉल मिली नकली शराब पीने से 93 लोगों की मौत के बाद बनाए गए थे। इन नियमों में मेथनॉल की खरीद पर रोक-टोक और गैर-दवा निर्माताओं को इसकी बिक्री से पहले उसमें कड़वा पदार्थ और रंग मिलाने की शर्त रखी गई थी।

    महाराष्ट्र सरकार की दलील खारिज
    सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की याचिका को स्वीकार नहीं किया और कहा कि संबंधित नियमों का जहरीली शराब की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से कोई तार्किक संबंध दिखाई नहीं देता। पीठ ने स्पष्ट किया कि वह राज्य की मंशा पर सवाल नहीं उठा रही है। हालांकि, केवल अच्छी मंशा किसी नियम को मनमानेपन की कसौटी पर सही साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

    कोर्ट ने कहा कि राज्य यह बताने में असफल रहा कि मेथनॉल में कड़वा पदार्थ और रंग मिलाने की प्रक्रिया लगातार उसके इस्तेमाल को रोकने या हतोत्साहित करने में कैसे प्रभावी होगी।


    ‘दूसरे मिलावटी पदार्थों से नकली शराब बनाने से कैसे रोकेंगे?’

    पीठ ने यह सवाल भी उठाया कि इन पदार्थों को मिलाने से जहरीली शराब पीने से होने वाली मौतों को निश्चित तौर पर कैसे रोका जा सकेगा। कोर्ट के मुताबिक, एक और अहम सवाल का जवाब भी नहीं दिया गया है- अगर मेथनॉल में कुछ पदार्थ मिलाए जाते हैं, तो दूसरे मिलावटी पदार्थों का इस्तेमाल करके नकली शराब बनाने पर रोक कैसे लगेगी। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के संबंधित नियमों को रद्द कर दिया।

  • मणिपुर में उग्रवादियों की गतिविधियों पर एजेंसियों की कड़ी नजर…. हो सकती है बड़ी कार्रवाई

    मणिपुर में उग्रवादियों की गतिविधियों पर एजेंसियों की कड़ी नजर…. हो सकती है बड़ी कार्रवाई


    इम्फाल।
    मणिपुर (Manipur) में हिंसा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं के बीच उग्रवादी संगठनों (Militant Organizations) की गतिविधियां लगातार केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी के दायरे में हैं। सुरक्षा एवं प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न उग्रवादी समूहों व उनके कैडरों की गतिविधियों को लेकर केंद्रीय एजेंसियां (Central agencies) स्थानीय खुफिया तंत्र के साथ लगातार सूचनाएं जुटा रही हैं। इसके आधार पर संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बलों के अभियान तेज किए जा सकते हैं।

    अफसरों के मुताबिक, एनएससीएन (आईएम) समेत अन्य उग्रवादी संगठनों से जुड़े कैडरों की भूमिका को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के पास लगातार सूचनाएं पहुंच रही हैं। जमीनी स्तर पर तैनात सुरक्षा बलों के कमांडरों को हिंसक समूहों के खिलाफ पहले की तुलना में अधिक आक्रामक रणनीति अपनाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। पहले सुरक्षा बलों का जोर मुख्य रूप से निवारक कार्रवाई और क्षेत्र में तनाव को नियंत्रित करने पर रहा था, पर मौजूदा परिस्थितियों में रणनीति में बदलाव किया जा रहा है।


    कोबरा कमांडो भी तैनात

    अभियान को मजबूत करने के लिए कोबरा कमांडो बल के जवानों को भी लगाया गया है। इनकी तैनाती का उद्देश्य संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई को मजबूत करना तथा उग्रवादी नेटवर्क की गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। केंद्रीय और स्थानीय खुफिया एजेंसियों से उग्रवादी संगठनों की गतिविधियों, संभावित ठिकानों और हिंसा में कथित भूमिका को लेकर अधिक से अधिक सूचनाएं जुटाने को कहा गया है। इस का विश्लेषण कर यह तय किया जा रहा है कि किन इलाकों में लक्षित अभियान चलाने की जरूरत है।


    कुकी-नगा तनाव की आशंका

    अधिकारियों का कहना है कि मणिपुर की सुरक्षा स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। लंबे समय से जारी कुकी-मैतेई संघर्ष के बीच अब कुकी-नगा तनाव की आशंका भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बन रही है। विभिन्न संगठनों से जुड़े कुछ कैडरों की हिंसा और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों में कथित संलिप्तता की जानकारी सामने आई है।


    सीमावर्ती इलाकों में अभियान तेज किए गए

    हाल के दिनों में इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, बिष्णुपुर, थौबल और काकचिंग जिलों के संवेदनशील एवं सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा अभियान तेज किए गए हैं। अभियान के दौरान अलग-अलग इलाकों से हथियार, विस्फोटक बरामद किए जाने की जानकारी अधिकारियों ने दी है। अधिकारियों के मुताबिक, एनएससीएन (आईएम) से जुड़े लोग पकड़ में आए हैं।

  • उत्तर कोरिया में 2000 साल से शांत पड़ा सीस्मिक जोन…. परमाणु परीक्षणों की वजह से अब लगातार आ रहे भूकंप

    उत्तर कोरिया में 2000 साल से शांत पड़ा सीस्मिक जोन…. परमाणु परीक्षणों की वजह से अब लगातार आ रहे भूकंप


    प्योंगयांग।
    उत्तर कोरिया (North Korea) ने साल पिछले कुछ सालों में कई बार परमाणु परीक्षण (Nuclear test) किया है। इसकी ही वजह से ऐसे इलाके में भी भूकंप (Earthquake) के झटके आ रहे हैं जहां पिछले 2000 सालों से एकदम शांति थी। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया ने आखिरी बार 2017 में परमाणु परीक्षण किया था। एक स्टडी में पता चला है कि मंताप की पहाड़ियों के आसपास 2008 से 2025 के बीच 1399 भूकंप के झटके आ चुके हैं। जबकि 2013 से पहले यहां कभी भूकंप नहीं आया। 2006 से 2017 तक उत्तर कोरिया ने यहां कम से कम 6 बार परमाणु परीक्षण किया है।


    2013 में पहली बार आया बड़ा भूकंप

    रिपोर्ट के मुताबिक इस इलाके में पहली बार 2013 में बड़ा भूकंप आया। उस समय यहां तीसरा परमाणु परीक्षण किया गया था। 2017 में आखिरी परमाणु परीक्षण के बाद भूकंप की तीव्रता और फ्रेक्वेंसी दोनों बढ़ गईं। 2017 में इस इलाके में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। एक जानकार ने बातया कि उत्तर कोरिया की मंताप पहाड़ियों में आए भूकंप ज्यादा ताकतवर नहीं थे। इनकी तीव्रता 2 से 3 के बीच ही रही। वहीं इनका केंद्र भी धरती के ज्यादा नीचे नहीं होता था।


    ऐक्टिव हो गया पुराना सीस्मिक जोन

    यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर ने बताया, हमारे पास 2000 सालों का रिकॉर्ड है। यह तो नहीं कहा जा सकता कि यहां कभी भूकंप नहीं आया लेकन इस बात से इनकार भी नहीं किया जा सकता कि सीस्मिक गतिविधियां इस इलाके में बहुत कम थीं जो कि अचानक तेजी से बढ़ी हैं। कई जानकारों का कहना है कि 2017 के बाद मंताप की पहाड़ियां अपने पुराने रूप में वापस आ गई हैं। जानकारों का कहना है कि स्टडी से पता चला है 2000 साल से पहले इस इलाके में अकसर भूकंप आते थे। हो सकता है कि बार-बार होने वाले परमाणु परीक्षण की वजह से फाल्ट फिर से ऐक्टिव हो गए हों।

    उत्तर कोरिया ने सोमवार को कहा कि उसने मिसाइलों, तोप और ड्रोन का संयुक्त युद्धाभ्यास किया जिसमें ”गोलाबारी की भीषण विनाशकारी क्षमता” का प्रदर्शन किया गया। सरकारी समाचार एजेंसी ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (केसीएनए) ने बताया कि शनिवार को किए गए इस युद्धाभ्यास का उद्देश्य एकीकृत मारक क्षमता नियंत्रण प्रणाली के संचालन की प्रक्रिया का अभ्यास करना था। इससे पहले दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा था कि उसे शनिवार सुबह उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय वोनसान क्षेत्र से कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने का पता चला।

  • सऊदी अरब का बड़ा फैसला… बदला तेल निर्यात का रास्ता, बढ़ सकती है यूरोप की परेशानी

    सऊदी अरब का बड़ा फैसला… बदला तेल निर्यात का रास्ता, बढ़ सकती है यूरोप की परेशानी


    दुबई।
    सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने तेल निर्यात (Oil Export) को लेकर बड़ा फैसला किया है। इसका बहुत बड़ा असर यूरोप (Europe) पर पड़ने वाला है। जानकारी के मुताबिक सऊदी ने रास्ता बदलते हुए करीब 60 मिलियन बैरल क्रूड ऑयल अपने गल्फ पोर्ट रास तयनूरा (Ras Tanura Port) से ओमान के सोहार पोर्ट भेज दिया है। इसे जहाज के जरिए ट्रांसफर किया जाएगा। यह फैसला इस महीने और अगले महीने के लिए किया गया है। लाल सागर (Red Sea) में सऊदी अरब के रास्ते में रुकावटें आने के बाद उसने यह फैसला लिया है। अब उसे नए रास्तों की तलाश करके अपने अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों तक तेल पहुंचाना पड़ रहा है।

    इसके साथ ही सऊदी आरामको ने कम से कम दो यूरोपियन रिफाइनिंग ग्राहकों को बोल दिया है कि उन्हें अगले महीने सऊदी से कच्चा तेल (Crude Oil) नहीं मिलेगा। इसकी वजह, लाल सागर में उस पाइपलाइन पर हमला है, जिससे सऊदी तेल निर्यात करता है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, खाड़ी से सऊदी के एक्सपोर्ट में आंशिक सुधार ने भी वैश्विक तेल की कीमतों को थोड़ा कम करने में मदद की है। अब व्यापारी यह आकलन कर रहे हैं कि क्या अतिरिक्त मात्रा यानबु में मंदी के कारण प्रभावित कुछ क्रूड की भरपाई कर सकती है। चीनी और दक्षिण कोरियाई रिफाइनरी प्रमुख खरीदारों में हैं जो ओमान के जरिए स्पॉट कार्गो ले जा रही हैं, जबकि कुछ सप्लाई भारत और जापान की ओर जाने की उम्मीद है।

    गौरतलब है कि सऊदी अरब की एक महत्वपूर्ण तेल पाइपलाइन को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत को लेकर यह पाइपलाइन कई हफ्तों तक लगभग बंद रहेगी। क्षेत्र के दो अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के समुद्री मार्गों के पास और द्वीपों पर कब्जा कर लिया है, जिससे सऊदी अरब के तेल निर्यात को एक और झटका लगा है। दुनिया भर में पेट्रोलियम की आपूर्ति और नयी घटनाओं के कारण उपजे अंतरराष्ट्रीय तेल संकट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच तेल की कीमतों में दो प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई।

    इस बीच ईरान के साथ तनाव के कारण सऊदी अरब ने अपना निर्यात फारस की खाड़ी से हटाकर दूसरी तरफ कर दिया है क्योंकि ईरान के हमलों के कारण खाड़ी से बाहर निकलने वाले एकमात्र मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री आवाजाही प्रभावित हुई है। सऊदी अरब देश में 1,200 किलोमीटर तक फैली अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के माध्यम से ही तेल की आपूर्ति कर रहा था। यह पाइपलाइन खाड़ी के बंदरगाहों से उसके कच्चे तेल को लाल सागर स्थित यानबू बंदरगाह तक पहुंचाती है। लेकिन बृहस्पतिवार के हमले के बाद अधिकारियों को पाइपलाइन बंद करनी पड़ी। सऊदी अरब ने इस हमले के लिए इरान समर्थित इराकी मिलिशिया के ड्रोन को जिम्मेदार ठहराया है।

    मामले से अवगत अधिकारियों ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) को बताया कि एक प्रमुख पंपिंग केंद्र समेत पाइपलाइन को हुए नुकसान की मरम्मत में तीन से पांच सप्ताह लग सकते हैं। एक अधिकारी ने कहा कि मरम्मत के दौरान पाइपलाइन आंशिक रूप से काम कर सकती है, लेकिन वे यह नहीं बता सके कि इसके जरिए कितना तेल भेजा जा सकेगा।

    नॉर्वे की शोध फर्म ‘रिस्टैड एनर्जी’ के सोमवार को जारी विश्लेषण के अनुसार, अगस्त के अंत से पाइपलाइन के जरिए प्रतिदिन औसतन 26 लाख से 40 लाख बैरल तेल भेजा जा रहा था। यदि पाइपलाइन से तेल की आपूर्ति पूरी तरह रुक जाती है तो इतनी मात्रा में तेल बाजार में नहीं पहुंच पाएगा।

    कंपनी ने कहा कि ब्रेंट क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमत बढ़कर 109 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पहुंचना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बाजार में आपूर्ति में बड़ी कमी की आशंका बढ़ रही है। पाइपलाइन का संचालन करने वाली सऊदी अरब की तेल कंपनी ‘अरामको’ ने टिप्पणी के अनुरोध पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।

  • हनुमान अंश की दहाड़ के आगे धीमी पड़ी मिर्जापुर और इरुमुडी: दायरा पहले दिन ही लाखों में सिमटी

    हनुमान अंश की दहाड़ के आगे धीमी पड़ी मिर्जापुर और इरुमुडी: दायरा पहले दिन ही लाखों में सिमटी


    नई दिल्ली। शुक्रवार का दिन फिल्मों के लिए बेहद अहम माना जाता है क्योंकि इस दिन सिनेमाघरों में नई फिल्मों की एंट्री होती है और पहले से चल रही फिल्मों के सामने अपनी पकड़ बनाए रखने की चुनौती होती है। 18 सितंबर 2026 को भी बॉक्स ऑफिस पर दायरा और वाइब जैसी नई फिल्मों ने दस्तक दी। दूसरी तरफ पहले से सिनेमाघरों में मौजूद हनुमान अंश मिर्जापुर द मूवी हैवान और इरुमुडी के बीच भी कमाई को लेकर मुकाबला जारी है। शुरुआती आंकड़ों पर नजर डालें तो इन फिल्मों के प्रदर्शन में काफी अंतर दिखाई दे रहा है।

    करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन की फिल्म दायरा से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं। फिल्म 18 सितंबर को रिलीज हुई लेकिन शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक पहले दिन इसकी कमाई बेहद कम रही। भारत में फिल्म ने करीब 0.90 लाख रुपये का कलेक्शन किया जबकि वर्ल्डवाइड इसका ग्रॉस कलेक्शन करीब 1.2 करोड़ रुपये बताया गया है। फिल्म की शुरुआत को देखते हुए अब आने वाले दिनों का प्रदर्शन काफी महत्वपूर्ण हो गया है।

    वहीं कुणाल खेमू के निर्देशन में बनी वाइब ने पहले दिन दायरा की तुलना में बेहतर शुरुआत की। 18 सितंबर को रिलीज हुई इस फिल्म में प्रीति जिंटा स्पर्श श्रीवास्तव और वंशिका धीर जैसे कलाकार नजर आ रहे हैं। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार वाइब ने ओपनिंग डे पर करीब 1.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। कुणाल खेमू की पिछली निर्देशित फिल्म मडगांव एक्सप्रेस को दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी इसलिए वाइब के प्रदर्शन पर भी नजर बनी हुई है।

    दूसरी ओर अक्षय कुमार और सैफ अली खान की हैवान की कमाई अब काफी धीमी पड़ गई है। प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी यह फिल्म 11 सितंबर को रिलीज हुई थी। फिल्म ने पहले दिन करीब 3 करोड़ रुपये कमाए थे लेकिन इसके बाद कलेक्शन में लगातार गिरावट देखने को मिली। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को फिल्म ने करीब 0.50 लाख रुपये का कारोबार किया। भारत में इसका कुल नेट कलेक्शन करीब 11.11 करोड़ रुपये और वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन करीब 14.36 करोड़ रुपये बताया गया है।

    इन फिल्मों के बीच हनुमान अंश का प्रदर्शन अलग नजर आ रहा है। 7 अगस्त को रिलीज हुई यह फिल्म लंबे समय से बॉक्स ऑफिस पर बनी हुई है। फिल्म में शोभिनव सत्य ने नीम करोली बाबा की भूमिका निभाई है। करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी फिल्म ने शुरुआती दौर के बाद अपनी कमाई में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की। Sacnilk के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार रिलीज के 43वें दिन फिल्म ने करीब 5 करोड़ रुपये कमाए। भारत में इसका कुल नेट कलेक्शन 248.38 करोड़ रुपये जबकि वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन करीब 309 करोड़ रुपये बताया गया है।

    मिर्जापुर द मूवी भी बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। 4 सितंबर को रिलीज हुई फिल्म ने पहले दिन 25.75 करोड़ रुपये की कमाई की थी। दूसरे हफ्ते में फिल्म ने करीब 55 करोड़ रुपये का कारोबार किया। 15वें दिन शुरुआती आंकड़ों के अनुसार फिल्म ने करीब 2.75 करोड़ रुपये कमाए। भारत में इसका कुल नेट कलेक्शन करीब 206.20 करोड़ रुपये और वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन करीब 296.14 करोड़ रुपये बताया गया है।

    रवि तेजा की इरुमुडी की रफ्तार भी अब धीमी होती दिखाई दे रही है। फिल्म ने पहले दिन 15.30 करोड़ रुपये से शुरुआत की थी और पहले चार हफ्तों में क्रमशः 92.15 करोड़ 57.60 करोड़ 24.70 करोड़ और 11.65 करोड़ रुपये कमाए। 29वें दिन इसका कलेक्शन करीब 0.60 लाख रुपये रहा। भारत में फिल्म की कुल नेट कमाई करीब 186.70 करोड़ रुपये और वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन करीब 238.65 करोड़ रुपये बताया गया है।

  • CM विजय और तृषा की दोस्ती पर अंबिका का बयान: कहा करीबी दोस्त को आलोचना से बचाना भी जरूरी

    CM विजय और तृषा की दोस्ती पर अंबिका का बयान: कहा करीबी दोस्त को आलोचना से बचाना भी जरूरी


    नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता से नेता बने विजय तथा अभिनेत्री तृषा कृष्णन की दोस्ती एक बार फिर चर्चा में है। दोनों की लंबे समय से चली आ रही दोस्ती और साथ में सार्वजनिक मौकों पर नजर आने को लेकर सोशल मीडिया पर तरह तरह की चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि दोनों के निजी रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। अब दक्षिण भारतीय सिनेमा की अभिनेत्री अंबिका ने इस पूरे मामले पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि अगर दो लोगों के बीच दोस्ती है तो उसे बिना वजह किसी दूसरे रिश्ते का नाम देना सही नहीं है।

    अंबिका ने रेडपिक्स को दिए एक इंटरव्यू में तृषा और विजय की दोस्ती पर बात करते हुए कहा कि किसी दोस्त का कद या सामाजिक स्थिति बदल जाने से दोस्ती का मतलब नहीं बदल जाना चाहिए। उनके मुताबिक अगर दोस्ती के रिश्ते को लोग अपनी तरफ से कोई दूसरा नाम देने लगें तो यह उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि दोस्ती को महत्व देना जरूरी है लेकिन ऐसी परिस्थितियों से भी बचना चाहिए जिनकी वजह से किसी करीबी व्यक्ति को सार्वजनिक आलोचना का सामना करना पड़े।

    अंबिका ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर वह तृषा की जगह होतीं तो ऐसी परिस्थिति से बचने की कोशिश करतीं जहां उनके कारण उनके करीबी दोस्त को आलोचना झेलनी पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनकी व्यक्तिगत सोच है और उनका उद्देश्य किसी के रिश्ते पर टिप्पणी करना नहीं है। उनके इस बयान के बाद एक बार फिर विजय और तृषा की दोस्ती को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

    विजय और तृषा की दोस्ती की चर्चा का एक कारण दोनों की लंबी फिल्मी साझेदारी भी है। दोनों ने साल 2004 में रिलीज हुई फिल्म घिल्ली में साथ काम किया था। इसके बाद थिरुपाची अथी कुरुवी और लियो जैसी फिल्मों में भी दोनों की जोड़ी दिखाई दी। फिल्मों में उनकी जोड़ी को दर्शकों ने पसंद किया और दोनों लंबे समय से एक दूसरे के संपर्क में बताए जाते हैं।

    हाल के वर्षों में दोनों की ऑफस्क्रीन मौजूदगी ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। विजय के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कार्यक्रम में तृषा को देखा गया था। रिपोर्ट के अनुसार वह विजय के माता पिता के साथ बैठी नजर आई थीं। इसके अलावा 15 अगस्त 2026 को चेन्नई के फोर्ट सेंट जॉर्ज में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी तृषा की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी थी।

    इसी तरह ब्रिटेन के सिल्वरस्टोन में अजित कुमार से जुड़े ली मैन्स कप रेसिंग इवेंट के दौरान भी विजय और तृषा के नजर आने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में रहे। एक वायरल वीडियो में दोनों की मौजूदगी को लेकर यूजर्स ने अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। हालांकि सोशल मीडिया पर होने वाली अटकलों को दोनों के निजी रिश्ते की आधिकारिक पुष्टि नहीं माना जा सकता।

  • राहुल गांधी को प्रपोज करने के लिए दिल्ली से इंदौर पहुंची युवती, जताई शादी करने की इच्छा

    राहुल गांधी को प्रपोज करने के लिए दिल्ली से इंदौर पहुंची युवती, जताई शादी करने की इच्छा


    इंदौर।
    कांग्रेस (Congress) के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम (‘Students’ Resonance’ Programme) में शामिल होने के लिए दिल्ली से इंदौर पहुंची एक युवती उस समय चर्चा में आ गई, जब उसने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) से शादी करने की इच्छा जताई। युवती ने कहा कि यदि अभिनेत्री करीना कपूर राहुल गांधी को डेट करना चाहती थीं, तो एक आम लड़की भी उनसे शादी करने की इच्छा रख सकती है।

    युवती ने कहा कि वह चाहती है कि राहुल गांधी की शादी उससे हो। उसके मुताबिक, राहुल गांधी युवाओं से जुड़े मुद्दों पर जिस तरह बात करते हैं, उसका युवाओं पर प्रभाव पड़ता है। इसी वजह से वह राहुल गांधी को सुनने के लिए दिल्ली से इंदौर पहुंची है।


    ‘कई लड़कियां खुले मंच से करेंगी प्रपोज’

    युवती ने दावा किया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल होंगे। उसने यह भी कहा कि कई लड़कियां राहुल गांधी को खुले मंच से प्रपोज करने की इच्छा रखती हैं। हालांकि, मंच से प्रपोज करने को लेकर युवती की बात उसकी व्यक्तिगत इच्छा और दावे के रूप में सामने आई है। कार्यक्रम के दौरान वास्तव में ऐसा कोई घटनाक्रम होता है या नहीं, यह आयोजन के समय ही स्पष्ट होगा।


    राघव चैतन्य की प्रस्तुति भी आकर्षण

    ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी के संवाद के साथ सिंगर राघव चैतन्य भी प्रस्तुति देंगे। उनकी प्रस्तुति को लेकर भी युवाओं में उत्साह है। कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-युवाओं के पहुंचने की तैयारी की गई है।


    ‘भारत जोड़ो ग्राउंड’ में होगा आयोजन

    इंदौर के रीजनल पार्क स्थित मैदान को कांग्रेस ने ‘भारत जोड़ो ग्राउंड’ नाम दिया है। इसी मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यहां राहुल गांधी छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ ही बड़ी संख्या में युवाओं के पहुंचने की तैयारियां जारी हैं।


    अबतक चार एडिशन आयोजित किए जा चुके हैं

    आपको बता दें कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में अब तक कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के चार एडिशन आयोजित किए गए हैं।17 जून को राजस्थान के कोटा से इसकी शुरुआत की गई थी। 17 जुलाई को देहरादून और 8 अगस्त को प्रयागराज जबकि 22 अगस्त को पुणे में कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। यह स्टूडेंट्स से संवाद का कार्यक्रम है, जिसके जरिए राहुल गांधी प्रश्नपत्र लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को घेरने का प्रयास कर रहे हैं।

  • MP: गुना में अधिकारियों पर भड़के केन्द्रीय मंत्री सिंधिया, बोले – कलेक्टर कहां है .. बुलाओ जल्दी

    MP: गुना में अधिकारियों पर भड़के केन्द्रीय मंत्री सिंधिया, बोले – कलेक्टर कहां है .. बुलाओ जल्दी


    गुना।
    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) का एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है. वायरल वीडियो (Viral Video) में सिंधिया प्रशासनिक अधिकारियों से नाराजगी जताते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में वह कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल (Collector Kishore Kumar Kanyal) को फटकारते नजर आते हैं. इसके साथ ही महिला पुलिस अधीक्षक हितिका वासल (Hitika Vasal) से भी उनकी नाराजगी दिखाई दे रही है. यह पूरा मामला एक आदिवासी गांव का बताया जा रहा है, जहां सिंधिया बीजेपी के मंडल अध्यक्ष मोहन बारेला के घर उनके छोटे भाई ताराचंद की मृत्यु पर शोक संवेदना प्रकट करने पहुंचे थे।

    बताया गया कि सिंधिया जब मोहन बारेला के घर पहुंचे तो उन्होंने अपने छोटे भाई ताराचंद की मौत को लेकर अपनी बात रखी. मोहन बारेला ने सिंधिया को बताया कि उनके भाई की मौत सामान्य नहीं थी, बल्कि उनकी हत्या की गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायत और मामले को गंभीरता से नहीं लिया. उनके मुताबिक, हत्या के मामले को सामान्य दुर्घटना की धाराओं में दर्ज कर लिया गया. उन्होंने सिंधिया से कहा कि उनके छोटे भाई की मौत के मामले में उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है।


    बीजेपी नेता ने बताई भाई की मौत की दूसरी कहानी

    मोहन बारेला की बात सुनने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया नाराज हो गए. उन्होंने तत्काल कलेक्टर और एसपी को तलब किया. वायरल वीडियो में सिंधिया अधिकारियों से इस मामले को लेकर सवाल करते दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने कलेक्टर को फटकार लगाई और मामले का निराकरण करने के निर्देश दिए. सिंधिया के सामने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई इस बातचीत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    वायरल वीडियो में केंद्रीय मंत्री का अधिकारियों के प्रति नाराजगी भरा रवैया दिखाई दे रहा है. वह कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल से मामले को लेकर जवाब मांगते नजर आते हैं. वहीं महिला एसपी हितिका वासल भी मौके पर मौजूद दिखाई देती हैं. मोहन बारेला की ओर से भाई की मौत के मामले में न्याय नहीं मिलने की बात कहे जाने के बाद सिंधिया ने अधिकारियों को मामले को गंभीरता से लेने और इसका निराकरण करने के निर्देश दिए।


    कलेक्टर और एसपी के सामने जताई नाराजगी

    ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई इस बातचीत का वीडियो अब वायरल हो रहा है. वीडियो में सिंधिया की नाराजगी और अधिकारियों को दिए गए निर्देश चर्चा का विषय बने हुए हैं. फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक, सिंधिया ने बीजेपी मंडल अध्यक्ष के भाई ताराचंद की मौत के मामले में अधिकारियों से कार्रवाई और मामले के निराकरण के निर्देश दिए हैं।