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  • क्रिकेट खेलते समय गहरे गड्ढे में गिरा मासूम, ग्रेटर नोएडा हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में.

    क्रिकेट खेलते समय गहरे गड्ढे में गिरा मासूम, ग्रेटर नोएडा हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में.

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों के दौरान बरती जा रही सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नॉलेज पार्क क्षेत्र स्थित कलाधाम सोसायटी के पास बोरिंग कार्य के लिए खोदे गए खुले और पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिरने से छह वर्षीय अव्यान सूर्या की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब मासूम अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है, वहीं प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।

    बताया गया कि अव्यान अपने साथियों के साथ सोसायटी के बाहर खेल रहा था। खेल के दौरान वह करीब 15 फीट गहरे गड्ढे के पास पहुंच गया और अचानक उसमें गिर गया। गड्ढे में बारिश का पानी भरा हुआ था, जिससे बच्चे को तुरंत बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। अन्य बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और काफी प्रयास के बाद उसे बाहर निकाला। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    घटना के बाद सड़क पर पड़े क्रिकेट बैट और विकेट उस दर्दनाक पल की गवाही देते नजर आए, जब खेलते-खेलते एक मासूम की जिंदगी हमेशा के लिए थम गई। अव्यान के पिता सीवान यादव, जो केंद्रीय विद्यालय में उपप्रधानाचार्य हैं, ने बेटे की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यदि संबंधित अधिकारियों ने समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि उनका बेटा अभी दुनिया को ठीक से देख भी नहीं पाया था और अन्य बच्चों की तरह उसे भी बाहर खेलना बेहद पसंद था।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि बोरिंग कार्य के लिए यह गड्ढा कई दिन पहले खोदा गया था। लगातार बारिश के कारण उसमें पानी भर गया, लेकिन उसके चारों ओर न तो बैरिकेडिंग की गई और न ही किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड लगाया गया। लोगों का कहना है कि खुले गड्ढे के आसपास सुरक्षा घेरा बनाना और लोगों को सतर्क करना संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी थी, लेकिन इस दिशा में आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई।

    हादसे के बाद पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बोरिंग कार्य से जुड़े ठेकेदार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सुपरवाइजर और तकनीकी सुपरवाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। ठेकेदार मनोज जैन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

    यह घटना सार्वजनिक स्थलों पर निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लेकर आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि खुले गड्ढों, निर्माण स्थलों और अन्य जोखिम वाले क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा घेरा, चेतावनी संकेत और नियमित निगरानी अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में किसी भी निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • UP: हरदोई में हाई-प्रोफाइल चोरी… खाने में नींद की दवा मिलाकर घर में रखे 1.29 करोड़ कैश उड़ा ले गए नौकर, 16 पकड़ाए

    UP: हरदोई में हाई-प्रोफाइल चोरी… खाने में नींद की दवा मिलाकर घर में रखे 1.29 करोड़ कैश उड़ा ले गए नौकर, 16 पकड़ाए


    हरदोई।
    17 जुलाई की रात… घर के लोग गहरी नींद (Deep sleep) में सो रहे थे. अलमारी की चाबी तकिए के नीचे रखी थी. घर के अंदर आने-जाने वाले लोगों को सब पता था. कुछ घंटों बाद अलमारी खाली थी और नोटों से भरे 8 बैग गायब. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हरदोई (Hardoi) में हुई करोड़ों की इस चोरी ने पुलिस के भी होश उड़ा दिए थे. लेकिन अब पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल चोरी (High-profile theft) की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है।

    हरदोई पुलिस ने दो बाल अपचारियों समेत 16 लोगों को पकड़ लिया है और उनके कब्जे से करीब 1 करोड़ 29 लाख रुपये की नकदी बरामद की है. पुलिस का कहना है कि अभी कुछ आरोपी फरार हैं. यह वारदात शहर कोतवाली के रेलवेगंज इलाके में रहने वाले थोक परचून कारोबारी पंकज अग्रवाल के घर हुई थी. शुरुआत में शक घर में काम करने वाले तीन नौकरों पर गया और पुलिस की जांच भी वहीं से शुरू हुई।

    जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि घर में काम करने वाले दो नाबालिग नौकर और एक कर्मचारी शोभित ही पूरी साजिश की पहली कड़ी थे. उन्हें मालूम था कि घर में कितनी नकदी रहती है, अलमारी की चाबी कहां रखी जाती है और परिवार की दिनचर्या क्या है. यही जानकारी उन्होंने बाहर बैठे अपने साथियों तक पहुंचाई।

    पुलिस के मुताबिक, प्लानिंग के तहत परिवार के खाने में कथित तौर पर नींद की गोलियां मिला दी गईं. जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो गया तो आरोपी छत के रास्ते घर में दाखिल हुए. पंकज अग्रवाल के कमरे में जाकर तकिए के नीचे रखी अलमारी की चाबी निकाली गई, अलमारी खोली गई और नोटों से भरे आठ बैग बाहर खड़े वाहन में लाद दिए गए. कुछ ही मिनटों में करोड़ों रुपये लेकर पूरा गिरोह फरार हो गया।


    चोरी के बाद कैसे खुलती गईं परतें?

    पुलिस ने एसओजी, स्वाट और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर जांच शुरू की. सर्विलांस और पूछताछ के दौरान एक-एक कर आरोपियों की कड़ियां जुड़ती चली गईं. जांच में सामने आया कि चोरी की रकम इतनी ज्यादा थी कि उसे छिपाने के लिए कई और लोगों को भी शामिल किया गया।

    पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि दो बाल अपचारियों को हिरासत में लिया. इनके पास से 1 करोड़ 28 लाख 99 हजार 310 रुपये बरामद किए गए. पुलिस का कहना है कि गिरोह के कुछ सदस्य अभी भी फरार हैं. उनकी तलाश जारी है और उम्मीद है कि पूछताछ के बाद बाकी नकदी भी बरामद हो सकती है।

    इस पूरे मामले में एक और पहलू चर्चा में है. जिस घर से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिली, उसने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि डिजिटल लेनदेन के दौर में आखिर इतना कैश घर में क्यों रखा गया था? इतनी बड़ी नकदी सामने आने के बाद अब आयकर विभाग और जीएसटी विभाग की नजर भी इस मामले पर टिक सकती है।

    व्यापारी ने केस दर्ज कराते समय चोरी की रकम नहीं दर्ज कराई थी. बाद में पुलिस की जांच में पूरी कहानी सामने गई गई. पुलिस का कहना है कि घर में काम करने वाले दो नाबालिग और शोभित को यह जानकारी थी कि घर में कितना पैसा रहता है. चाबी कहां रखी जाती है, जबकि टडियांवा थाने के बेलाहा गांव का रहने वाला अजय शुक्ला, शिवम और बदन जो शहर कोतवाली का रहने वाले है और उसी इलाके में मजदूरी करते हैं. इन लोगों ने घर में चोरी की प्लानिंग की और घरेलू नौकरों से दोस्ती कर पूरी रेकी कराई।

    घरेलू नौकरों ने खाने में कथित तौर पर नींद की गोलियां मिलाईं. जब पूरा परिवार सो गया तो अजय शुक्ला और बदन तीनों नौकरों के साथ मकान में दाखिल हुआ. शिवम् बाहर खड़ा रहा. इसके बाद नोटों से भरे बैग वाहन में लादे और फरार हो गए. रकम छिपाने और ठिकाने लगाने के लिए गैंग ने कई अन्य लोगों को भी शामिल कर लिया. इनमें लखनऊ के मड़ियावा का दीपक साहू, सनी गुप्ता, अमान, हरदोई जिले के परम किशोर, केशव, शिवम, सनी बाल्मीकि, नीरज, प्रिंस और महफूज को कैश दे दिया था।

    एएसपी पूर्वी हरदोई सुबोध गौतम ने कहा कि 16-17 जुलाई की रात को रेलवेगंज के व्यवसायी पंकज अग्रवाल के घर में चोरी हुई थी. उन्होंने नामजद तहरीर दी कि उनके तीन नौकरों ने अलमारी में रखे पैसों के बैग चोरी कर लिए हैं. इस मामले की तफ्तीश करते हुए पुलिस ने लगभग 1 करोड़ 29 लाख रुपये बरामद किए हैं. 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. दो बाल अपचारी हिरासत में हैं. कुछ आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

  • मैदानों से लेकर पहाड़ों तक झमाझम बारिश…. कई क्षेत्रों में बाढ़ के हालात, आज इन राज्यों में अलर्ट

    मैदानों से लेकर पहाड़ों तक झमाझम बारिश…. कई क्षेत्रों में बाढ़ के हालात, आज इन राज्यों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    देशभर में मानसून (Monsoon) अब पूरी तरह से एक्टिव हो चुका है. मैदानों से लेकर पहाड़ों तक में बरसात जमकर (Heavy rainfall) हो रही है. पहाड़ों में भूस्खलन (Landslide) से कई जगहें रास्ते ठप पड़े हैं. मैदानी इलाकों में कई जगह बाढ़ के हालात भी बन रहे हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में आज भी हल्की से मध्यम और कुछ राज्यों में भारी बारिश का अनुमान है. जहां दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर बौछारें पड़ने से मौसम सुहावना रहेगा. वहीं पहाड़ी राज्यों और तटीय इलाकों में मानसूनी हवाओं की वजह से अलर्ट जारी किया गया है।

    दिल्ली-एनसीआर में आज कैसा रहेगा मौसम?
    सबसे पहले बात दिल्ली-एनसीआर की कर लेते हैं. मौसम विभाग के मुताबिक, इस क्षेत्र में बादलों का डेरा बना रहेगा और हल्की बारिश की संभावना है. दिन भर में एक या दो बार हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं. इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. आज बारिश के साथ-साथ 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल सकती हैं. हालांकि, बारिश के बीच के उमस ज्यादा रहने की वजह से लोगों को हल्की चिपचिपाहट का सामना करना पड़ सकता है।


    पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा

    उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों खासकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मानसून की रफ्तार तेज बनी हुई है. मौसम विभाग ने इन राज्यों के कई संवेदनशील इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है. साथ ही, पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन होने और नदियां उफान पर रहने का खतरा जताया गया है. ऐसे में यात्रियों और स्थानीय निवासियों को पहाड़ों की अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

    मुंबई में रुक-रुक होती रहेगी तेज बारिश
    देश के मध्य, पश्चिम और पूर्वी भारत की बात की जाए तो यहां पर मानसून पूरी तरह मेहरबान है. कोंकण, गोवा और गुजरात के तटीय क्षेत्रों में मानसूनी बारिश पूरी तरह जारी है. अनुमान है कि मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में आज भी रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है. गुजरात क्षेत्र में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के आसार जताए गए हैं. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार और झारखंड में भी तेज बारिश की उम्मीद है. बिहार और ओडिशा में बारिश के साथ गर्जन के साथ तेज हवाएं चलने की भी उम्मीद है।


    पूर्वोत्तर भारत झमाझम बरसेंगे बादल

    दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक और केरल में मध्यम से व्यापक बारिश की संभावना है. वहीं तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पूर्वोत्तर भारत में आने वाले असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में भी मानसूनी बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर झमाझम बारिश होगी. तेज बरसात की वजह से कई जगहों पर बिजली गिरने और भूस्खलन होने का खतरा बना रहेगा।

  • भारत और यूक्रेन के गृहप्रवेश में कितना अंतर? महिला ने बताया दोनों देशों की परंपराओं का फर्क, वीडियो देख गदगद हुए लोग

    भारत और यूक्रेन के गृहप्रवेश में कितना अंतर? महिला ने बताया दोनों देशों की परंपराओं का फर्क, वीडियो देख गदगद हुए लोग

    कीव। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यूक्रेन की कंटेंट क्रिएटर सैंड्रा ऑन की पोस्ट ने भारतीय परंपराओं की तारीफ बटोरी. उन्होंने बताया कि यूरोप में जहां नए घर की खुशी दोस्तों के साथ खाने-पीने और बातचीत से शुरू होती है, वहीं भारत में हाउसवार्मिंग से पहले पूजा-पाठ और घर की खुशहाली की कामना की जाती है. सैंड्रा ने भारतीय गृह प्रवेश समारोह को परंपरा, आस्था और परिवार से जुड़ा खूबसूरत अनुभव बताया.

    नई जगह जाना और अपना घर खरीदना हर किसी के लिए खास पल होता है. दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लोग इस खुशी को अपने-अपने तरीके से मनाते हैं. लेकिन भारत की हाउसवार्मिंग यानी गृह प्रवेश की परंपरा ने एक यूक्रेनी महिला का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.

    यूक्रेन की रहने वाली कंटेंट क्रिएटर सैंड्रा ऑन ने सोशल मीडिया पर भारत और यूरोप के हाउसवार्मिंग समारोह (गृह प्रवेश समारोह) के बीच का अंतर बताया. उन्होंने कहा कि भारत आने से पहले उन्हें लगता था कि दुनिया के हर देश में नए घर की पार्टी लगभग एक जैसी ही होती होगी. लेकिन जब उन्होंने भारत में एक गृह प्रवेश कार्यक्रम देखा तो उनका नजरिया पूरी तरह बदल गया. सैंड्रा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्हें लगा था कि नया घर खरीदने के बाद लोग परिवार और दोस्तों को बुलाते हैं, खाना खाते हैं, घर दिखाते हैं और फिर पार्टी खत्म हो जाती है. लेकिन भारत में उन्होंने जो देखा, वह उनके लिए बिल्कुल नया अनुभव था.
    यूरोप में शाम की पार्टी, भारत में सुबह से शुरू होती है तैयारी
    सैंड्रा ने बताया कि यूरोप में आमतौर पर गृह प्रवेश पार्टी शाम के समय शुरू होती है. लोग शाम को नए घर पहुंचते हैं, साथ बैठते हैं, खाना खाते हैं, बातचीत करते हैं और घर की तारीफ करते हैं. कई जगह लोग ड्रिंक और म्यूजिक के साथ इस खास दिन को सेलिब्रेट करते हैं. लेकिन भारत में उन्होंने देखा कि गृह प्रवेश का कार्यक्रम सुबह बहुत जल्दी शुरू हो जाता है. उन्होंने बताया कि यहां कई परिवार सुबह 6 बजे से ही पूजा और धार्मिक रस्मों की तैयारी शुरू कर देते हैं. सैंड्रा के मुताबिक, भारत में सबसे पहले नए घर को शुभ बनाने और भगवान का आशीर्वाद लेने पर ध्यान दिया जाता है. परिवार पंडितों को बुलाते हैं, पूजा कराते हैं और घर में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं.
    पूजा के बाद शुरू होता है असली जश्न

    सैंड्रा ने बताया कि भारत में गृह प्रवेश का मुख्य मकसद सिर्फ पार्टी करना नहीं होता, बल्कि नए घर के लिए आभार जताना होता है. पूजा खत्म होने के बाद ही बाकी कार्यक्रम शुरू होते हैं. उन्होंने बताया कि कई जगहों पर पूजा के बाद भजन, मंत्र और धार्मिक गीतों का आयोजन होता है. इसके बाद परिवार और रिश्तेदार साथ बैठकर खाना खाते हैं. धीरे-धीरे माहौल एक पारंपरिक समारोह से बदलकर खुशी भरी पार्टी जैसा हो जाता है. सैंड्रा को सबसे ज्यादा यह बात पसंद आई कि भारत में घर को सिर्फ एक बिल्डिंग नहीं माना जाता. लोगों के लिए घर एक ऐसी जगह होती है, जहां परिवार अपने भविष्य की यादें बनाता है.

  • अनाहत सिंह ने रचा इतिहास…. जीता वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैम्पियन का खिताब

    अनाहत सिंह ने रचा इतिहास…. जीता वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैम्पियन का खिताब


    नियाग्रा-ऑन-द-लेक।
    भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी (Indian squash player) अनाहत सिंह (Anahat Singh) ने इतिहास रच दिया है. 18 वर्षीय अनाहत ने कनाडा के नियाग्रा-ऑन-द-लेक में आयोजित वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 (World Junior Squash Championships 2026) में गर्ल्स सिंगल्स का खिताब जीत लिया. 25 जुलाई (शनिवार) को आयोजित फाइनल में टॉप सीड अनाहत ने दूसरे वरीयता प्राप्त मिस्र की रुकय्या सलेम को लगातार गेमों में 11-3, 11-7, 11-9 से हराया।

    अनाहत सिंह की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि जूनियर विश्व स्क्वैश चैम्पियनशिप के इतिहास में इससे पहले कोई भी भारतीय खिलाड़ी चैम्पियन नहीं बन सका था. अनाहत ने 2005 में फाइनल तक पहुंचने वाली जोशना चिनप्पा से भी एक कदम आगे बढ़ते हुए ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

    खिताबी मुकाबले में अनाहत सिंह शुरू से ही पूरी तरह हावी रहीं. पहले गेम में उन्होंने आक्रामक खेल दिखाते हुए सलेम को सिर्फ तीन अंक लेने दिए. दूसरे गेम में मिस्र की खिलाड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय स्टार ने संयम बनाए रखा और बढ़त को बरकरार रखा. तीसरे गेम में भी सलेम ने कड़ी चुनौती दी, लेकिन निर्णायक क्षणों में अनाहत ने शानदार शॉट्स खेलते हुए मुकाबला सीधे गेमों में खत्म कर दिया।

    अनाहत सिंह का प्रदर्शन सिर्फ फाइनल तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपने खेल से दबदबा बनाए रखा. छह मुकाबलों के दौरान उन्होंने केवल दो गेम गंवाए, जबकि शुरुआती तीन मैच बिना एक भी गेम हारे जीत लिए. अपने अभियान की शुरुआत उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की लिली विल्सन को 3-0 से हराकर की. इसके बाद हॉन्ग कॉन्ग की क्लोई लो और मलेशिया की डॉयस ये सान ली को भी सीधे गेमों में हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।

    नॉकआउट स्टेज में अनाहत ,सिंह का सामना लगातार मिस्र की तीन खिलाड़ियों से हुआ. क्वार्टर फाइनल में उन्होंने हबीबा रिज्क को 3-1, सेमीफाइनल में बार्ब सामेह को 3-1 और फाइनल में रुकय्या सलेम को 3-0 से हराकर साबित कर दिया कि वह इस खिताब की सबसे मजबूत दावेदार थीं।


    मिस्त्र का दबदबा हुआ खत्म

    अनाहत सिंह की जीत ने जूनियर स्क्वैश में मिस्र के लंबे वर्चस्व को भी समाप्त कर दिया. 2011 से लगातार 13 संस्करणों तक गर्ल्स सिंगल्स का खिताब मिस्र की खिलाड़ियों के नाम रहा था. अब अनाहत ने इस सिलसिले को तोड़ते हुए नया इतिहास लिखा. इतना ही नहीं, वह 2010 में अमेरिका की अमांडा सोभी के बाद जूनियर विश्व चैम्पियन बनने वाली पहली गैर-मिस्री खिलाड़ी भी बन गई हैं।

    अनाहत सिंह की यह सफलता अचानक नहीं आई. पिछले साल काहिरा में आयोजित जूनियर विश्व चैम्पियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीतकर भारत का 15 साल का इंतजार खत्म किया था. उस प्रदर्शन ने उनके उज्ज्वल भविष्य के संकेत दिए थे और इस बार उन्होंने उससे भी आगे बढ़ते हुए विश्व चैम्पियन बनने का सपना साकार कर दिखाया. 18 साल की उम्र में सीनियर PSA टूर रैंकिंग में 20वें नंबर पर पहुंच चुकीं अनाहत सिंह अब भारतीय स्क्वैश की सबसे बड़ी उम्मीदों में शामिल हैं।

  • UP: टीचर ने पेंट में पेशाब करने पर बच्चे को दी खौफनाक सजा…. चाकू से दागा प्राइवेट पार्ट

    UP: टीचर ने पेंट में पेशाब करने पर बच्चे को दी खौफनाक सजा…. चाकू से दागा प्राइवेट पार्ट


    वाराणसी।
    यूपी (UP) के वाराणसी (Varanasi) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक बच्चे के पैंट में पेशाब (Peeing in Pants) करने पर टीचर (Teacher) ने खौफनाक सजा दे डाली। टीचर ने मासूम के प्राइवेट पार्ट को गर्म चाकू से दाग दिया। उधर, बच्चे के परिजन ने अब इस घटना की शिकायत थाने में की है। वहीं, ये घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। उधर, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

    ये मामला अकथा के जेडी नगर कॉलोनी का है। यहां रहने वाले अधिवक्ता केशरी जायसवाल ने शनिवार को शिक्षिका, प्रधानाचार्य और प्रबंधक के खिलाफ लालपुर पांडेयपुर थाने में तहरीर दी। आरोप है कि उनके पांच साल के बेटे ने पैंट में पेशाब कर दिया। इससे गुस्साई शिक्षिका ने चाकू गरम कर प्राइवेट पार्ट दाग दिया। तहरीर में बताया है कि बेटा नर्सरी का छात्र हैं। वह अकथा स्थित एक स्कूल में पढ़ता है। शनिवार को स्कूल में उसने अपनी शिक्षिका से बाथरूम जाने के लिए कहा। टीचर ने मना किया तो बच्चे ने पैंट में ही पेशाब कर दिया। जिससे टीचर नाराज हो गई।

    आरोप है कि बच्चे को दूसरे कमरे में ले जाकर गैस जलाकर चाकू लाल करके उसके प्राइवेट पार्ट को दाग दिया। मारपीट कर धमकी दी कि दोबारा पैंट में पेशाब की तो इससे भी बुरा हाल करेगी। घर आने के बच्चे ने सारी बात बताई। शिकायत करने पर प्रधानाचार्य हेमलता सिंह और प्रबंधक ने भी धमकी दी। पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराते हुए केस दर्ज कर लिया है। घटना को लेकर दर्जनों अधिवक्ता थाने पर जुट गए थे।

    छात्र के बाल न कटवाने पर केवीएस ने नाम काटा
    उधर, कानपुर में बाल न कटवाने पर एक छात्र का नाम स्कूल से ही काट दिया गया। जब परिजन की शिकायत लेकर स्कूल पहुंचे तो प्रिंसिपल ने टीसी काटकर थमा दिया। जिसके बाद परिजन बच्चे को लेकर डीएम ऑफिस पहुंचे और जिलाधिकारी से इस बात की शिकायत की। वहीं, ये मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

    पहले पढ़ाई के दौरान लंबे बालों को लेकर स्कूल की टीचर और प्रबंधन काफी नाराज हुआ करते थे। बदलते दौर में ऐसी शिकायतें होना बंद हो गई लेकिन फिर भी कुछ स्कूल ऐसे हैं जो आज भी बच्चों को अनुशासन में रखना पसंद करते हैं। ऐसे ही एक मामले में स्कूल ने छात्र को लंबे बाल काटने को कहा। छात्र ने चेतावनी के बाद भी ऐसा नहीं किया तो स्कूल ने छात्र का नाम ही काट दिया। अब छात्र के परिजन कानपुर प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। शुक्रवार को डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह का जनता दर्शन चल रहा था। उसी दौरान मीरपुर कैंट की रहने वाली एक महिला अपने बेटे के साथ पहुंची।

  • US ने 13 दिन बाद रोके हमले…, जहाज पर अटैक को लेकर अब यूक्रेन-ईरान के बीच ठनी

    US ने 13 दिन बाद रोके हमले…, जहाज पर अटैक को लेकर अब यूक्रेन-ईरान के बीच ठनी


    तेहरान।
    पश्चिम एशिया (West Asia) में पिछले दो हफ्तों से लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच अचानक बड़ा मोड़ आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने शुक्रवार को अमेरिकी सेना को ईरान पर नए हवाई हमले नहीं करने का निर्देश दिया. इससे पहले ट्रंप लगातार 13 दिनों तक हर दिन सैन्य हमलों की मंजूरी दे रहे थे. वहीं दूसरी तरफ अब ईरान और यूक्रेन में एक जहाज पर हमले को लेकर ठनी हुई है. लेकिन पहले ईरान और अमेरिका की खबर समझ लेते हैं।

    भारतीय समय के मुताबक हर सुबह 5 बजे से पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड एक्स पर पोस्ट करके बताता था कि वह हमले कर रहा है. लेकिन 25 जुलाई को ऐसा कोई भी पोस्ट नहीं आया. हालांकि ट्रंप ने साफ किया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका दोबारा हमले शुरू कर सकता है, लेकिन फिलहाल उनकी प्राथमिकता बातचीत के जरिए समाधान निकालना है।

    व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चाहे तो हमले जारी रख सकता है या उन्हें और तेज कर सकता है. लेकिन उन्होंने इसे ‘समझौते का सही समय’ बताते हुए कहा कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और उन्हें लगता है कि तेहरान अब पहले से ज्यादा गंभीर नजर आ रहा है. एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी दौरान ओमान का एक प्रतिनिधिमंडल ईरान पहुंचा, जहां होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने से जुड़े संभावित समझौते पर बातचीत हुई. रिपोर्ट का दावा है कि इस बातचीत में कुछ प्रगति हुई है।


    इजरायल भी था बड़े हमले की तैयारी में

    रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के सुरक्षा तंत्र को उम्मीद थी कि शुक्रवार को अमेरिका ईरान पर एक और बड़ा हमला करेगा. इसी आशंका के चलते इजरायली सेना और सुरक्षा कैबिनेट हाई अलर्ट पर थे. बाद में उन्हें जानकारी दी गई कि ट्रंप ने नए हमलों की मंजूरी नहीं दी।


    यूक्रेन पर भड़का ईरान

    इसी बीच ईरान ने एक अलग मोर्चे पर यूक्रेन के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि कैस्पियन सागर जो रूस और ईरान को जोड़ता है वहां एक वाणिज्यिक जहाज पर यूक्रेन ने हमला किया. इस हमले में एक नाविक की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया. ईरान ने इस घटना को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताते हुए तेहरान में यूक्रेन के प्रभारी राजनयिक को तलब किया. विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख से बातचीत में भी इस घटना की निंदा करने और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कार्रवाई की मांग की. वहीं ईरान से जुड़े कई टेलीग्राम चैनलों ने ईरानी मिसाइलों की रेंज दिखाते हुए धमकी दे रहे हैं कि कि वह यूक्रेन तक हमला कर सकते हैं।


    यूक्रेन का क्या कहना है?

    यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने इससे पहले कहा था कि उनकी सेना ने कैस्पियन सागर में एक रूसी युद्धपोत और ईरान से जुड़े सैन्य सामान ले जा रहे जहाजों को निशाना बनाया है. जेलेंस्की ने यह आरोप भी लगाया कि रूस खाड़ी देशों और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सैटेलाइट तस्वीरें ईरान को उपलब्ध करा रहा है, ताकि ईरान हमलों की योजना बना सके. इन आरोपों पर रूस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

  • होर्मुज के बाद लाल सागर में भी बढ़ा तनाव….. फिर भी Crude Oil की कीमतों में बड़ी गिरावट

    होर्मुज के बाद लाल सागर में भी बढ़ा तनाव….. फिर भी Crude Oil की कीमतों में बड़ी गिरावट


    नई दिल्ली।
    ग्लोबल ऑयल सप्लाई के दो अहम रास्ते तनाव में फंसे हुए हैं. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी कर रखी है. जबकि हूती विद्रोहियों ने लाल सागर का टेंशन बढ़ा दिया है. तनाव के बीच भी कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई है. जो तेल 101 डॉ लर प्रति बैरल के आंकड़े को फिर से छू चुका था,वो गिरकर 98.38 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुका है।

    26 जुलाई को कच्चे तेल की कीमत (Crude Oil Price) में बड़ी गिरावट देखने को मिली. कच्चा तेल 2.29 डॉलर तक गिर गया. इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 2.29 फीसदी की गिरावट के साथ 98.38 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. इसी तरह से WTI 1.87 फीसदी फिसलकर 90.47 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

    क्यों गिरा कच्चे तेल का भाव ?
    अमेरिका-ईरान युद्ध (America-Iran War) की वजह से होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता बंद है. इस रास्ते से दुनिया के 20 फीसदी तेल सप्लाई का आयात-निर्यात होता है. होर्मुज पर पहरा जारी ही है, इस बीच लाल सागर में भी टेंशन बढ़ गई है.यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच सीधा टकराव बढ़ गया है. हूतियों ने लाल सागर में सऊदी के कार्गों को निशाना बनाया, जिसके बाद से बदले की कार्रवाई करते हुए सऊदी अरब ने हूतियों के नियंत्रण वाले यमन के हुदैदाह शहर में हवाई हमले किए. दूसरी ओर अमेरिका की ओर से हूती विद्रोहियों और ईरान दोनों को चेतावनी दी जा रही है. इस टेंशन ने कच्चे तेल की सप्लाई पर खतरा पैदा कर दिया है।


    क्यों गिरा कच्चा तेल?

    दरअसल 13 दिन की बमबारी के बाद ट्रंप ने ईरान (Iran) में अचानक हमला रोक दिया है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक बड़ा फैसला लेते हुए ईरान पर नए सैन्य हमलों को फिलहाल रोक दिया है. ओमान की ओर से मध्यस्थता किए जाने के बाद ये फैसला लिया गया है. होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और तनाव कम करने को लेकर बातचीत फिर से शुरू हुई है. माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म करने पर सहमति बन सकती है. अगर ऐसा होता है, तो तेल सप्लाई फिर से जारी हो सकेगी और कच्चे तेल के दाम गिरेंगे. इस खबर ने तेल की कीमतों में तेजी पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है।


    भारत में पेट्रोल-डीजल की आज की कीमत क्या है ?

    भारत में पेट्रोल डीजल के दाम में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी तेल कंपनियों के घाटे को बढ़ा रही है. पहले ही पेट्रोल-डीजल (Petrol and Diesel) के दाम बढ़ाए जा चुके हैं. देश के 4 महानगरों में पेट्रोल-डीजल की कीमत कुछ इस तरह से है…
    – नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12, डीजल ₹95.20
    – मुंबई: पेट्रोल ₹111.21, डीजल ₹97.83
    – कोलकाता: पेट्रोल ₹113.51, डीजल ₹99.82
    – चेन्नई: पेट्रोल ₹108.01, डीजल ₹99.55

  • केचप से लेकर ब्रेकफास्ट सीरियल तक इन पैक्ड फूड्स में छिपी होती है भरपूर चीनी जानिए कैसे बचें

    केचप से लेकर ब्रेकफास्ट सीरियल तक इन पैक्ड फूड्स में छिपी होती है भरपूर चीनी जानिए कैसे बचें


    नई दिल्ली। जब भी चीनी की बात होती है तो ज्यादातर लोगों के दिमाग में मिठाई केक चॉकलेट आइसक्रीम या सॉफ्ट ड्रिंक का ख्याल आता है। लेकिन सच यह है कि आजकल बाजार में मिलने वाले कई पैक्ड और प्रोसेस्ड फूड्स ऐसे हैं जिनका स्वाद मीठा नहीं होता फिर भी उनमें बड़ी मात्रा में ऐडेड शुगर मौजूद रहती है। यही छिपी हुई चीनी धीरे धीरे शरीर पर असर डालती है और लंबे समय में मोटापा डायबिटीज हृदय रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती है। इसलिए केवल मीठी चीजों से दूरी बनाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि रोजाना इस्तेमाल होने वाले पैक्ड फूड्स को भी समझदारी से चुनना जरूरी है।

    विशेषज्ञों के अनुसार प्राकृतिक और ऐडेड शुगर में अंतर समझना बेहद जरूरी है। फलों दूध और दही जैसी प्राकृतिक चीजों में मौजूद शुगर के साथ फाइबर विटामिन और मिनरल भी मिलते हैं जो शरीर के लिए लाभदायक होते हैं। दूसरी ओर पैक्ड और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में स्वाद बढ़ाने बनावट सुधारने और लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए अलग से मिलाई गई चीनी को ऐडेड शुगर कहा जाता है। यही अतिरिक्त चीनी स्वास्थ्य के लिए सबसे अधिक चिंता का कारण बनती है।

    अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि नमकीन चीजों में चीनी नहीं होती लेकिन यह धारणा पूरी तरह गलत है। केचप बारबेक्यू सॉस पास्ता सॉस सलाद ड्रेसिंग और कई रेडी टू ईट उत्पादों में स्वाद संतुलित करने के लिए अच्छी मात्रा में चीनी मिलाई जाती है। इसके अलावा फ्लेवर्ड योगर्ट प्रोटीन बार इंस्टेंट ओटमील ग्रेनोला ब्रेकफास्ट सीरियल और कई तरह के नट बटर में भी अतिरिक्त शुगर मौजूद हो सकती है। इसलिए किसी भी पैक्ड फूड को खरीदने से पहले उसका न्यूट्रिशन लेबल पढ़ना एक अच्छी आदत होनी चाहिए।

    न्यूट्रिशन लेबल पर टोटल शुगर और ऐडेड शुगर दोनों की जानकारी दी जाती है। यदि किसी उत्पाद में टोटल शुगर अधिक है और उसमें ऐडेड शुगर की मात्रा भी ज्यादा लिखी है तो इसका मतलब है कि उसमें अलग से काफी चीनी मिलाई गई है। साथ ही इंग्रीडिएंट्स की सूची भी ध्यान से पढ़नी चाहिए। यदि शुरुआत में ही चीनी या उससे जुड़े नाम लिखे हों तो समझना चाहिए कि उस उत्पाद में चीनी की मात्रा अधिक है।

    ध्यान देने वाली बात यह भी है कि कंपनियां हमेशा शुगर शब्द का उपयोग नहीं करतीं। कई बार केन शुगर कॉर्न सिरप हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप राइस सिरप मोलासेस कैरेमल हनी अगावे ग्लूकोज फ्रक्टोज सुक्रोज डेक्सट्रोज और माल्टोज जैसे नामों से भी चीनी को लिखा जाता है। ऐसे शब्द देखकर उपभोक्ता आसानी से भ्रमित हो सकते हैं इसलिए लेबल को समझना बेहद जरूरी है।

    आजकल बाजार में शुगर फ्री और जीरो शुगर उत्पाद भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इनमें सुक्रालोज एस्पार्टेम सैकरीन या स्टीविया जैसे स्वीटनर का उपयोग किया जाता है। हालांकि केवल शुगर फ्री लिखा होना किसी उत्पाद को पूरी तरह हेल्दी नहीं बनाता क्योंकि इनमें कई बार दूसरी प्रोसेस्ड सामग्री भी अधिक मात्रा में मौजूद होती है। इसलिए ऐसे उत्पादों का भी सीमित मात्रा में सेवन करना ही बेहतर माना जाता है।

    स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए सबसे अच्छा तरीका यही है कि पैक्ड और प्रोसेस्ड फूड्स की जगह ताजे फल सब्जियां साबुत अनाज और घर का बना भोजन अधिक खाया जाए। प्यास बुझाने के लिए सादा पानी बिना चीनी वाली चाय या कॉफी बेहतर विकल्प हैं। यदि कभी पैक्ड फूड खरीदना ही पड़े तो उसका लेबल जरूर पढ़ें और कम ऐडेड शुगर वाले विकल्प चुनें। छोटी सी सावधानी भविष्य में कई गंभीर बीमारियों से बचाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

  • गजकेसरी राजयोग में मनेगी आषाढ़ पूर्णिमा 2026….इन 4 राशि वालों पर होगा धन लाभ

    गजकेसरी राजयोग में मनेगी आषाढ़ पूर्णिमा 2026….इन 4 राशि वालों पर होगा धन लाभ


    नई दिल्ली।
    आषाढ़ पूर्णिमा (Ashadha Purnima) यानी 29 जुलाई 2026 को चंद्रमा मकर राशि में और गुरु बृहस्तपति (Guru Brihaspati) ग्रह का संचरण कर्क राशि में होगा. इस तरह गुरु-चंद्र के बीच समसप्तक योग के निर्माण होने से गजकेसरी राजयोग (Gajakesari Rajyoga 2026) बनेगा. यह योग 48 से 54 घंटे तक सक्रिय रह सकता है. गजकेसरी राजयोग (Gajakesari Rajyoga 2026) 4 राशि के लोगों के लिए अति शुभ सिद्ध हो सकता है।

    ध्यान दें ज्ञान के कारक गुरु और मन के कारक चंद्रमा के बीच जब एक युति होती है या एक-दूसरे से ये दोनों ग्रह सप्तम भाव में होते हैं तो गजकेसरी राजयोग का निर्माण होता है. आइए जानें किन 4 राशि के लोगों को इस राजयोग से सुख, सम्मान और धन की प्राप्ति होगी।

    कर्क राशि

    गजकेसरी योग कर्क राशि को अति शुभ परिणाम दे सकता है. आर्थिक लाभ के रास्ते खुलेंगे. आध्यात्मिक और धार्मिक विषयों में रुचि बढ़ेगी. पुरानी मनोकामना पूरी हो सकती है. सुख और मन की शांति में बढ़ोतरी होगी. बिजनेस में मनचाही सफलता मिल सकती है।


    कन्या राशि

    गजकेसरी योग कन्या राशि के लिए शुभ सिद्ध होगा. आर्थिक पक्ष में सुधार होगा. हर ओर से सफलता प्राप्त हो सकेगी. समाज में सम्मान और कार्यस्थल पर पद बढ़ेगा. छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में मनचाहे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. सोच में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।


    धनु राशि

    गजकेसरी योग धनु राशि के जातकों के लिए सफलता के रास्ते खोलेगा. कार्यक्षेत्र में बड़ा पद प्राप्त होने के योग बनेंगे. पहले की मेहनत का शुभ परिणाम मिलेगा. बड़ी खुशखबरी प्राप्त हो सकती है. वैवाहिक जीवन में सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं. आय में वृद्धि होगी।


    मीन राशि

    गजकेसरी योग मीन राशि के लोगों के लिए लाभ के रास्ते खोलेगा. पुराने निवेश से बड़े धन से लाभ के योग हैं. अटकी हुई योजनाओं पर काम शुरू हो सकेगा. मानसिक शांति मिलेगी. परिवार के साथ लंबे समय से चल रहा मनमुटाव दूर होगा. नौकरी की तलाश पूरी होगी।