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  • जब पीरियड्स की वजह से शूटिंग सेट पर बदली स्थिति श्रुति हासन ने बताया क्यों करती हैं ऐसी प्रार्थना

    जब पीरियड्स की वजह से शूटिंग सेट पर बदली स्थिति श्रुति हासन ने बताया क्यों करती हैं ऐसी प्रार्थना


    नई दिल्ली। अभिनेत्री श्रुति हासन अपनी फिल्मों के साथ साथ सामाजिक मुद्दों पर बेबाक राय रखने के लिए भी जानी जाती हैं। हाल ही में उन्होंने पीरियड्स और उससे जुड़े अनुभवों को लेकर खुलकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को होने वाले पीरियड्स के दर्द और शूटिंग के दौरान आने वाली परेशानियों का जिक्र किया। श्रुति ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह प्रार्थना करती हैं कि पुरुषों को भी पीरियड्स हों। उनका मानना है कि अगर पुरुष भी इस अनुभव से गुजरें तो शायद महिलाओं की तकलीफ को ज्यादा बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।

    श्रुति ने पीरियड्स और हार्मोन्स से जुड़े भ्रम पर बातचीत के दौरान कहा कि इसका एक समाधान यह हो सकता है कि पुरुषों को भी पीरियड्स का अनुभव हो। उन्होंने यहां तक कहा कि कामकाजी महिलाओं के लिए पीरियड्स के दौरान छुट्टी का प्रावधान होना चाहिए। उनकी यह बात सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा होने लगी है क्योंकि उन्होंने एक ऐसे विषय पर खुलकर बात की है जिसे लंबे समय तक निजी और संकोच का विषय माना जाता रहा है।

    श्रुति ने अपने करियर के शुरुआती दिनों का एक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उस समय शूटिंग सेट पर पीरियड्स के बारे में बात करना आसान नहीं था। कई बार वह दर्द में होती थीं लेकिन इसके बारे में खुलकर बता नहीं पाती थीं। दूसरी तरफ सेट पर मौजूद लोग यह समझ नहीं पाते थे कि किसी दिन उनकी ऊर्जा या व्यवहार में बदलाव क्यों दिखाई दे रहा है। श्रुति के मुताबिक यह केवल एक सामाजिक टैबू नहीं था बल्कि कई लोग इस विषय पर बातचीत करने से भी बचते थे।

    अभिनेत्री ने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब उनके एक को स्टार ने अपनी घुटने की सर्जरी के बारे में बताया। इसके बाद शूटिंग का काम उनकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए किया गया। इसी तरह श्रुति ने एक निर्देशक से अपने पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को लेकर बात की। उस निर्देशक की बेटी भी पीरियड्स के दौरान गंभीर क्रैम्प्स से गुजरती थी। श्रुति के मुताबिक इसके बाद उस स्थिति को समझने का नजरिया बदला और उनके साथ भी उसी तरह संवेदनशीलता दिखाई गई।

    सोहा अली खान के साथ हुई बातचीत में पीरियड्स को लेकर पुरुषों के अनुभव पर भी हल्के फुल्के अंदाज में चर्चा हुई। इस दौरान यह बात सामने आई कि अगर पुरुष भी पीरियड्स से गुजरते तो शायद उनके बीच ब्लीडिंग या दूसरे अनुभवों को लेकर अलग तरह की प्रतिस्पर्धा होती। बातचीत का मकसद इस विषय से जुड़े सामाजिक संकोच को हल्के अंदाज में सामने लाना था।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो श्रुति हासन को पिछली बार 2025 में रिलीज हुई फिल्म कूली में देखा गया था। इस फिल्म में रजनीकांत के साथ नागार्जुन अक्किनेनी सौबिन शाहीर उपेंद्र सत्यराज और रचिता राम जैसे कलाकार नजर आए थे। आमिर खान ने फिल्म में कैमियो किया था जबकि पूजा हेगड़े स्पेशल नंबर में दिखाई दी थीं। श्रुति इसके अलावा पेद्दी के हेलालो गाने में भी नजर आई थीं। अब वह तमिल फिल्म ट्रेन में दिखाई देंगी। इस फिल्म का निर्देशन मिस्किन ने किया है और इसमें विजय सेतुपति भी अहम भूमिका में हैं। इसके अलावा वह दुलकर सलमान के साथ एक तेलुगु फिल्म में भी नजर आने वाली हैं।

  • 9 एपिसोड की इस क्राइम सीरीज में है बदले की खतरनाक कहानी क्लाइमेक्स तक नहीं हटेगी नजर

    9 एपिसोड की इस क्राइम सीरीज में है बदले की खतरनाक कहानी क्लाइमेक्स तक नहीं हटेगी नजर


    नई दिल्ली। ओटीटी पर क्राइम और थ्रिलर कंटेंट पसंद करने वालों के लिए ऐसी कई सीरीज मौजूद हैं जिनकी कहानी धीरे धीरे आगे बढ़ते हुए दर्शकों को लगातार बांधे रखती है। अगर आपको अपराध रहस्य बदला और सस्पेंस से भरपूर कहानियां पसंद हैं तो जी5 की बिच्छू का खेल आपके लिए एक विकल्प हो सकती है। साल 2020 में रिलीज हुई इस क्राइम थ्रिलर सीरीज में कहानी एक ऐसे युवक के इर्द गिर्द घूमती है जो अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए अपराध की दुनिया में कदम रखता है।

    सीरीज की कहानी अखिल श्रीवास्तव नाम के युवक से शुरू होती है। बनारस का रहने वाला अखिल एक उभरता हुआ लेखक है लेकिन उसकी जिंदगी उस समय पूरी तरह बदल जाती है जब उसके पिता पर गंभीर आरोप लगाए जाते हैं। इसके बाद उनके साथ ऐसी घटना होती है जो अखिल को भीतर तक झकझोर देती है। पिता की मौत के पीछे जिम्मेदार लोगों को तलाशना और उन्हें सजा दिलाना ही उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा मकसद बन जाता है।

    अखिल का किरदार दिव्येंदु शर्मा ने निभाया है। कहानी की शुरुआत ही एक दिलचस्प स्थिति से होती है जहां अखिल पुलिस के सामने अपना अपराध कबूल करता दिखाई देता है। इसके बाद कहानी फ्लैशबैक में जाती है और दर्शकों को धीरे धीरे पता चलता है कि आखिर वह इस स्थिति तक कैसे पहुंचा। यही तरीका सीरीज के रहस्य को बनाए रखता है और दर्शकों को अगले एपिसोड तक पहुंचने के लिए उत्सुक करता है।

    बिच्छू का खेल में बदले की कहानी के साथ अपराध की दुनिया के कई पहलू देखने को मिलते हैं। कहानी में ऐसे मोड़ आते हैं जहां दर्शक यह समझने की कोशिश करते रहते हैं कि कौन सही है और कौन गलत। जैसे जैसे अखिल अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ता है वैसे वैसे उसके सामने नई मुश्किलें भी खड़ी होती जाती हैं। सीरीज की कहानी में सस्पेंस और क्राइम के साथ बनारस का माहौल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    इस सीरीज का पहला पार्ट कुल 9 एपिसोड का है। इसे जी5 पर देखा जा सकता है। सीरीज के रिलीज होने के बाद इसके दूसरे सीजन को लेकर दर्शकों के बीच दिलचस्पी बनी रही है। हालांकि इसकी अगली कहानी को लेकर दर्शकों को लंबे समय से इंतजार है।

    सीरीज का निर्देशन आशीष शुक्ला ने किया है जबकि बलजीत सिंह चड्ढा और सौरभ अरोड़ा ने भी निर्देशन में योगदान दिया है। कलाकारों की बात करें तो दिव्येंदु शर्मा के साथ अंशुल चौहान और सैयद जीशान कादरी अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। दिव्येंदु को इससे पहले अलग तरह के किरदारों में देखा गया है लेकिन इस सीरीज में उनका अंदाज दर्शकों को अलग अनुभव देता है।

    बिच्छू का खेल को IMDb पर करीब 7 की रेटिंग मिली हुई है। सीरीज की कहानी लोकप्रिय हिंदी क्राइम फिक्शन की परंपरा से प्रभावित नजर आती है और इसमें बदले के साथ लगातार आने वाले ट्विस्ट कहानी को आगे बढ़ाते हैं। खासतौर पर उन दर्शकों को इसका फॉर्मेट पसंद आ सकता है जो तेज घटनाक्रम के बजाय धीरे धीरे खुलने वाले रहस्य और अपराध की कहानियां देखना पसंद करते हैं।

    अगर आप ओटीटी पर ऐसी क्राइम थ्रिलर तलाश रहे हैं जिसमें मुख्य किरदार के सामने निजी बदला सबसे बड़ी चुनौती बन जाए और कहानी फ्लैशबैक के जरिए धीरे धीरे रहस्य खोलती जाए तो बिच्छू का खेल आपकी वॉचलिस्ट में शामिल हो सकती है। इसके 9 एपिसोड एक साथ देखने पर कहानी का पूरा घटनाक्रम ज्यादा आसानी से समझ में आता है और क्लाइमेक्स तक पहुंचते पहुंचते कई सवालों के जवाब सामने आते हैं।

  • बिग बॉस 20 में पहली बार गूंजेगा एविक्शन का अलार्म सलमान लगाएंगे घरवालों की क्लास जानिए कौन होगा बाहर

    बिग बॉस 20 में पहली बार गूंजेगा एविक्शन का अलार्म सलमान लगाएंगे घरवालों की क्लास जानिए कौन होगा बाहर


    नई दिल्ली। बिग बॉस 20 का दूसरा वीकेंड का वार इस बार कई बड़े ट्विस्ट और विवादों के साथ नजर आने वाला है। शो में दो हफ्ते पूरे होने के बाद अब पहला एविक्शन होने जा रहा है। इसके साथ ही सलमान खान घरवालों के व्यवहार और उनके बीच चल रहे विवादों पर खुलकर बात करते दिखाई देंगे। नए प्रोमो में सलमान का अंदाज काफी सख्त नजर आ रहा है। वह घरवालों को उनके व्यवहार का रिपोर्ट कार्ड देने के साथ उन मुद्दों पर भी सवाल उठाते दिखेंगे जिनकी वजह से शो को लेकर बायस्ड होने की बात कही गई थी।

    वीकेंड का वार की शुरुआत में सलमान खान अपने खास अंदाज में घर में एंट्री करते हैं। प्रोमो में वह संकेत देते हैं कि घर में अब तक कंटेस्टेंट एक दूसरे को काफी कुछ सुना चुके हैं और अब उनकी बारी है जवाब देने की। किसी की सफाई सुनी जाएगी तो किसी को अपने व्यवहार पर सोचने के लिए मजबूर किया जाएगा। इस बार सलमान नीले रंग के ब्लेजर के साथ ब्लैक टीशर्ट और हैट में नजर आ रहे हैं।

    एपिसोड में सच की टोपी भी चर्चा का केंद्र रहने वाली है। सलमान इस टोपी के जरिए कंटेस्टेंट से उनके बयानों और व्यवहार को लेकर सवाल करते नजर आएंगे। सबसे पहले माही विज को यह टोपी पहनाई जाती है। उनसे यंग को गाली देने के आरोप को लेकर सवाल किया जाता है। माही अपने बचाव में कहती हैं कि उन्होंने यंग को गाली नहीं दी थी। इसके बाद बातचीत का रुख घर के दूसरे विवादों की ओर बढ़ता है।

    सलमान खान स्काउट के व्यवहार पर भी सवाल उठाते दिखाई देंगे। प्रोमो में वह उनके सामने सोशल मीडिया कम्युनिटी और शो से जुड़े बयानों को लेकर सवाल रखते हैं। इसके बाद आसिफ का मुद्दा सामने आता है। आसिफ ने शो को बायस्ड कहने वाली बात कही थी। सलमान इसी मुद्दे को उठाते हुए पूछते हैं कि जब घर में कंटेस्टेंट से गलती होती है तो वह बिग बॉस को बायस्ड क्यों बताने लगते हैं। इस दौरान सलमान का अंदाज काफी सख्त नजर आता है और आसिफ को अपनी बात पर सफाई देने का मौका मिलता है।

    वीकेंड का वार का सबसे बड़ा आकर्षण इस सीजन का पहला एविक्शन होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सप्ताह कम वोट पाने वाले कंटेस्टेंट की चर्चा में स्काउट आसिफ और रोहैद के नाम सामने आए थे। अब सामने आई जानकारी के मुताबिक रोहैद को घर से बाहर होना पड़ सकता है। अगर रविवार के एपिसोड में यह पुष्टि होती है तो वह बिग बॉस 20 से बाहर होने वाले पहले कंटेस्टेंट बन जाएंगे। हालांकि आधिकारिक पुष्टि एपिसोड के प्रसारण के बाद ही होगी।

    शनिवार के एपिसोड के बाद रविवार का एपिसोड भी मनोरंजन से भरपूर रहने वाला है। अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे और मुनव्वर फारुकी अपने शो पति पत्नी और पंगा के दूसरे सीजन के प्रमोशन के लिए बिग बॉस के मंच पर पहुंचेंगे। इस शो में कई नई सेलिब्रिटी जोड़ियां नजर आने वाली हैं। ऐसे में वीकेंड का वार में घर के विवादों के साथ बाहर के मनोरंजन का तड़का भी देखने को मिलेगा।

    इस बीच बिग बॉस 20 में काजी तौकीर भी चर्चा में बने हुए हैं। सोशल मीडिया पर उनके पुराने वीडियो वायरल होने के बाद उनकी लोकप्रियता को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। अरिजीत के साथ उनके रिश्ते को लेकर भी दर्शकों के बीच दिलचस्पी दिखाई दे रही है। अब देखना होगा कि वीकेंड का वार के बाद शो में समीकरण किस तरह बदलते हैं और पहले एविक्शन के बाद घर के अंदर मुकाबला किस दिशा में जाता है।

  • भारत के हमले का असर अब भी दिख रहा सरगोधा एयरबेस का रनवे महीनों बाद भी पूरी तरह तैयार नहीं

    भारत के हमले का असर अब भी दिख रहा सरगोधा एयरबेस का रनवे महीनों बाद भी पूरी तरह तैयार नहीं


    नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों का असर लंबे समय बाद भी दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। ताजा हाई रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर पाकिस्तान के सरगोधा स्थित मुसहफ एयरबेस के रनवे पर अब भी मरम्मत और निर्माण का काम जारी बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक हमले के करीब 16 महीने बाद भी रनवे और टैक्सी ट्रैक के एक महत्वपूर्ण हिस्से पर दोबारा काम किया जा रहा है। तस्वीरों में रनवे के जंक्शन पर खुदाई और नई सतह तैयार करने की गतिविधियां नजर आने की बात कही गई है।

    सरगोधा का मुसहफ एयरबेस पाकिस्तान की वायुसेना के प्रमुख ठिकानों में शामिल माना जाता है। यह लाहौर से लगभग 172 किलोमीटर उत्तर पश्चिम दिशा में और भारत पाकिस्तान सीमा के पास अमृतसर से करीब 200 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। इसकी भौगोलिक स्थिति और सैन्य महत्व के कारण ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यह भारत के निशाने पर रहे प्रमुख एयरबेस में शामिल था।

    रिपोर्ट के अनुसार 12 सितंबर 2026 की सैटेलाइट तस्वीरों में रनवे और टैक्सी ट्रैक के मिलन वाले हिस्से में अलग रंग का क्षेत्र दिखाई देता है। यह हिस्सा आसपास की डामर वाली सतह से अलग नजर आ रहा है। तस्वीरों के विश्लेषण के आधार पर यहां दोबारा खुदाई और रीसरफेसिंग का काम किए जाने की संभावना जताई गई है। एयरबेस के उत्तरी हिस्से में पहले हुए हमले से बने गड्ढे के क्षेत्र में भी जमीन की ऊपरी परत हटाकर नीचे के स्तर तक काम किए जाने की बात सामने आई है।

    विशेषज्ञों के अनुसार किसी रनवे की मरम्मत केवल ऊपर से नई परत बिछाने तक सीमित नहीं होती। यदि हमले के बाद की गई अस्थायी मरम्मत के नीचे की जमीन कमजोर हो गई हो या सतह में असमानता अथवा धंसने जैसी समस्या सामने आई हो तो पूरे प्रभावित हिस्से को दोबारा तैयार करना पड़ सकता है। यही वजह है कि सैटेलाइट तस्वीरों में अलग अलग हिस्सों में अलग स्तर का निर्माण कार्य दिखाई देने की बात कही गई है।

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मुसहफ एयरबेस पर हुए हमले की पुरानी सैटेलाइट तस्वीरों में मुख्य रनवे पर नुकसान के निशान दिखाई देने का दावा किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 3200 मीटर लंबे रनवे पर दो स्थानों को निशाना बनाया गया था। इनमें एक जगह लगभग 8 से 9 मीटर चौड़ा और 4 से 5 मीटर गहरा गड्ढा बनने की बात सामने आई थी। दूसरा निशाना पहले स्थान से करीब 660 मीटर की दूरी पर था।

    10 मई 2025 को भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के दौरान पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों और वायु रक्षा से जुड़े प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई थी। भारतीय पक्ष ने ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के एयरबेस और अन्य सैन्य ढांचे को निशाना बनाने की बात कही थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर बातचीत हुई और युद्धविराम की स्थिति बनी।

    अब करीब 16 महीने बाद सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों में सरगोधा एयरबेस के प्रभावित हिस्सों में निर्माण गतिविधियां दिखाई देने का दावा इस बात की ओर संकेत करता है कि हमले से प्रभावित बुनियादी ढांचे की बहाली में लंबा समय लग रहा है। हालांकि सैटेलाइट तस्वीरों से किसी सैन्य ठिकाने की पूरी परिचालन स्थिति का आकलन करना संभव नहीं होता। इसलिए यह कहना अलग विषय है कि एयरबेस पूरी तरह परिचालन में है या नहीं। इतना जरूर है कि रनवे के कुछ हिस्सों में निर्माण और सतह सुधार का काम अभी भी जारी दिखाई दे रहा है।

  • सिलहट-लंदन फ्लाइट में यात्रियों के बीच मारपीट, हवा में चले मुक्के; वीडियो वायरल

    सिलहट-लंदन फ्लाइट में यात्रियों के बीच मारपीट, हवा में चले मुक्के; वीडियो वायरल


    ढाका।
    बांग्लादेश की बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की सिलहट से लंदन जा रही उड़ान में दो यात्रियों के बीच हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। दोनों यात्रियों ने एक-दूसरे पर मुक्के बरसाए। इस दौरान एक यात्री की टी-शर्ट तक फट गई। केबिन क्रू और आसपास मौजूद यात्रियों ने हस्तक्षेप कर दोनों को अलग किया। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    घटना 16 सितंबर की बताई जा रही है। बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस के जनरल मैनेजर फॉर पब्लिक रिलेशंस मोहिउद्दीन अहमद ने बताया कि उड़ान के दौरान दो यात्री आपस में भिड़ गए थे। स्थिति बिगड़ने पर क्रू ने हस्तक्षेप किया और दोनों को अलग कर मामला शांत कराया।

    पहले हुई कहासुनी, फिर शुरू हुई हाथापाई

    घटना के वीडियो में दोनों यात्रियों को पहले बहस करते और उसके बाद एक-दूसरे पर हाथ उठाते देखा जा सकता है। कुछ ही देर में विवाद मारपीट में बदल गया। आसपास बैठे यात्रियों में हलचल मच गई और कुछ लोग दोनों को अलग करने के लिए आगे आए।

    मारपीट के दौरान एक यात्री की टी-शर्ट फट गई। हालांकि, दोनों के बीच विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई, इसकी आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में सीट को लेकर विवाद का उल्लेख किया गया है, लेकिन एयरलाइन ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

    विमान में उपद्रव पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई

    उड़ान के दौरान यात्रियों का हिंसक व्यवहार केवल आपसी विवाद तक सीमित नहीं माना जाता। विमान में किसी यात्री का आक्रामक आचरण दूसरे यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित देश के कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

    ब्रिटेन की सिविल एविएशन अथॉरिटी के अनुसार, गंभीर रूप से बाधा डालने वाले यात्रियों को गिरफ्तार किया जा सकता है। परिस्थितियों के आधार पर उन पर आपराधिक कार्रवाई, जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है। एयरलाइन भविष्य की उड़ानों के लिए ऐसे यात्री पर प्रतिबंध भी लगा सकती है। कुछ मामलों में यात्री के उपद्रव के कारण विमान का मार्ग बदलने पर होने वाला खर्च भी उससे वसूला जा सकता है।

    भारत में भी हैं उपद्रवी यात्रियों के खिलाफ नियम

    भारत में भी अनियंत्रित या उपद्रवी यात्रियों से निपटने के लिए नागरिक उड्डयन नियमों के तहत नो-फ्लाई प्रतिबंध का प्रावधान है। वर्ष 2023 में सरकार ने बताया था कि 2020 से उस समय तक 149 यात्रियों को अलग-अलग अवधि के लिए नो-फ्लाई सूची में रखा गया था।

    नियमों के तहत एयरलाइन की आंतरिक समिति घटना की जांच कर प्रतिबंध की अवधि तय कर सकती है। गंभीर मामलों में मामला कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी सौंपा जा सकता है।

    फिलहाल सिलहट-लंदन उड़ान में हुई इस घटना में संबंधित यात्रियों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

  • होमगार्ड बनने का सपना अधूरा रह गया 4800 मीटर दौड़ के आखिरी दौर में अभ्यर्थी की हार्ट अटैक से मौत

    होमगार्ड बनने का सपना अधूरा रह गया 4800 मीटर दौड़ के आखिरी दौर में अभ्यर्थी की हार्ट अटैक से मौत


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया। बरेली से भर्ती परीक्षा देने पहुंचे 24 वर्षीय शिवम यादव की दौड़ के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह ट्रैक पर गिर पड़े। शिवम ने 4800 मीटर की दौड़ के 11 राउंड पूरे कर लिए थे और अंतिम राउंड में अपने लक्ष्य से करीब 60 से 70 मीटर की दूरी पर थे। इसी दौरान वह अचानक गश खाकर गिर गए। मौके पर मौजूद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    शिवम बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र के नई बस्ती वंशीनगला बेनीपुर चौधरी के रहने वाले थे। उनके पिता विनोद कुमार पेशे से अधिवक्ता हैं और बरेली बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष भी रह चुके हैं। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अस्पताल में शिवम का शव देखकर उनके पिता की भी हालत बिगड़ गई और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घटना की जानकारी मिलने के बाद मुरादाबाद के एसएसपी सतपाल अंतिल भी जिला अस्पताल पहुंचे।

    शिवम ने होमगार्ड भर्ती की लिखित परीक्षा और दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। शुक्रवार को उन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होना था। इसके लिए वह गुरुवार रात करीब 11 बजे अपने पिता के साथ बरेली से मुरादाबाद के लिए रवाना हुए थे। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे वह भर्ती स्थल पर पहुंच गए। जांच और बायोमेट्रिक उपस्थिति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें 9वीं वाहिनी पीएसी के मैदान में दौड़ के लिए भेजा गया। शिवम के रिश्ते का भाई हिमांशु भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने मुरादाबाद पहुंचा था।

    हिमांशु के मुताबिक शिवम पांचवीं शिफ्ट में दौड़ रहे थे। अभ्यर्थियों को 28 मिनट के भीतर 4800 मीटर की दूरी पूरी करनी थी। शिवम ने शुरुआती 11 राउंड पूरे कर लिए थे और अब केवल आखिरी राउंड बाकी था। सुबह करीब 8 बजकर 16 मिनट पर वह अंतिम राउंड में दौड़ रहे थे। मंजिल करीब नजर आ रही थी लेकिन अचानक उनकी रफ्तार थम गई और वह ट्रैक पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की कोशिश की और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

    पोस्टमार्टम करने वाली टीम में शामिल डॉक्टर राहुल चौधरी के अनुसार प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हार्ट अटैक सामने आया है। डॉक्टर के मुताबिक अचानक बहुत तेज गति से दौड़ने के कारण दिल पर अत्यधिक दबाव पड़ने की आशंका है। उनका कहना है कि ऐसी शारीरिक परीक्षा की तैयारी के दौरान शरीर और दिल को धीरे धीरे बढ़ते अभ्यास के जरिए लंबे समय तक तेज दौड़ के लिए तैयार करना जरूरी है।

    शिवम की शादी वर्ष 2023 में कोमल से हुई थी। उनकी दो साल की बेटी शैली है। पति की मौत की खबर के बाद पत्नी कोमल समेत परिवार के अन्य लोग अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे। शव देखते ही पत्नी बेसुध हो गई। जिस नौकरी के जरिए शिवम अपने परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने का सपना लेकर दौड़ रहे थे वह सपना अंतिम राउंड में ही हमेशा के लिए टूट गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

  • स्पैम कॉल करने वालों पर कसेगा शिकंजा, TRAI ने AI आधारित निगरानी और सख्त कार्रवाई का ढांचा किया मजबूत

    स्पैम कॉल करने वालों पर कसेगा शिकंजा, TRAI ने AI आधारित निगरानी और सख्त कार्रवाई का ढांचा किया मजबूत


    नई दिल्ली।
    लगातार आने वाली अनचाही और स्पैम कॉल से परेशान मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए दूरसंचार नियामक ट्राई (TRAI) ने कार्रवाई का दायरा और मजबूत किया है। ट्राई ने 18 सितंबर 2026 को अनचाही वाणिज्यिक संचार (UCC) पर अंकुश लगाने के लिए तकनीक आधारित प्रवर्तन और उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़ा नया ढांचा जारी किया। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित व्यवस्था के जरिए संदिग्ध स्पैम गतिविधियों की पहचान तथा अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों के बीच सूचना साझा करने का प्रावधान शामिल है।

    AI से संदिग्ध नंबरों की पहचान

    TRAI की व्यवस्था में AI/ML आधारित UCC_Detect प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे नंबरों और प्रेषकों की पहचान करना है जिनसे बड़े पैमाने पर अनचारा व्यावसायिक संचार किए जाने की आशंका हो। फरवरी 2026 में ट्राई ने इसी तकनीक आधारित व्यवस्था के जरिए इंटर-ऑपरेटर सूचना साझा करने और नियामकीय कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे।

    यदि किसी एक प्रेषक से जुड़े कई मोबाइल नंबर लगातार स्पैम गतिविधि में सामने आते हैं तो संबंधित टेलीकॉम कंपनी उस प्रेषक की अतिरिक्त जांच कर सकती है। उपलब्ध ढांचे में जरूरत पड़ने पर KYC की दोबारा जांच और भौतिक सत्यापन जैसे कदमों का भी प्रावधान है।

    10 दिन में पांच नंबर मिलने पर बढ़ सकती है जांच

    नए प्रावधानों के तहत यदि किसी प्रेषक से जुड़े पांच या उससे अधिक नंबर 10 दिनों के भीतर स्पैम गतिविधि के लिए चिन्हित होते हैं, तो उसके कनेक्शन और KYC की समीक्षा की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर संबंधित नंबरों से आउटगोइंग कॉल या अन्य दूरसंचार सेवाओं को प्रतिबंधित किया जा सकता है। लगातार नियमों का उल्लंघन होने पर कनेक्शन समाप्त करने की कार्रवाई भी संभव है।

    ऑटो डायलर और रोबोकॉल पर भी निगरानी

    TRAI ने Application-to-Person (A2P) वॉयस कॉल के इस्तेमाल को लेकर भी नियम तय किए हैं। इनमें ऑटो डायलर, रोबोकॉल, पहले से रिकॉर्ड किए गए संदेश और स्वचालित या रिकॉर्डेड आवाज वाली कॉल शामिल हैं।

    ऐसी कॉल करने वाली कंपनियों और संस्थाओं को अपने टेलीकॉम ऑपरेटर को पहले से जानकारी देनी होगी कि वे A2P कॉलिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर रही हैं और किन नंबरों से कॉल की जाएगी। ट्राई के नियमों के तहत ऑटो डायलर या रोबोकॉल के इस्तेमाल और उनके उद्देश्य की पूर्व सूचना देना जरूरी है।

    1600 और 1601 सीरीज से पहचान आसान

    TRAI ने सेवा और ट्रांजैक्शन संबंधी कॉल को पहचानने के लिए 1600 और 1601 नंबरिंग सीरीज के इस्तेमाल को भी आगे बढ़ाया है। अगस्त 2026 में यूटिलिटी, कूरियर और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की संस्थाओं के लिए 1601 सीरीज के चरणबद्ध कार्यान्वयन की शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य वास्तविक सेवा संबंधी कॉल और संदिग्ध या फर्जी कॉल के बीच अंतर करना है।

    BFSI और सरकारी संस्थाओं के लिए 1600 सीरीज को पहले ही लागू करने की दिशा में नियम बनाए जा चुके हैं, ताकि उपभोक्ता ऐसी संस्थाओं की वास्तविक सेवा एवं ट्रांजैक्शन कॉल को आसानी से पहचान सकें।

    कॉल मैनेजमेंट ऐप्स के लिए भी नियम

    TRAI ने कॉल मैनेजमेंट ऐप्स के कामकाज को लेकर भी प्रावधान किए हैं। 140 और 1600 सीरीज से आने वाली वैध कॉल को केवल नंबर सीरीज के आधार पर स्पैम के रूप में टैग या ब्लॉक करने की अनुमति नहीं है। इसका उद्देश्य वैध सेवा और ट्रांजैक्शन संबंधी कॉल को अनावश्यक रूप से स्पैम फिल्टर में जाने से रोकना है। इसके अलावा कमर्शियल हेडर और कंटेंट टेम्पलेट के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए भी निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

    उपभोक्ताओं को मिलेगी शिकायत और अपील की सुविधा

    TRAI के नए ढांचे में उपभोक्ता संरक्षण पर भी जोर दिया गया है। संदिग्ध और अनचाहे व्यावसायिक संचार की पहचान के साथ शिकायतों के निपटारे और नियामकीय कार्रवाई की प्रक्रिया को मजबूत किया गया है। ट्राई का यह कदम स्पैम कॉल के साथ-साथ ऐसे संचार के जरिए होने वाले संभावित वित्तीय धोखाधड़ी के जोखिम को कम करने की दिशा में है।

    इस तरह आने वाले समय में टेलीकॉम नेटवर्क पर स्पैम गतिविधियों की पहचान केवल शिकायतों के आधार पर नहीं, बल्कि AI/ML आधारित विश्लेषण, नंबरिंग सीरीज और टेलीकॉम कंपनियों के बीच साझा की जाने वाली सूचनाओं के आधार पर भी की जा सकेगी।

  • दिल्ली में घूमने का बना रहे हैं प्लान तो जरूर जाएं चिड़ियाघर जंगल जैसा माहौल और वन्यजीवों का रोमांच मिलेगा एक ही जगह

    दिल्ली में घूमने का बना रहे हैं प्लान तो जरूर जाएं चिड़ियाघर जंगल जैसा माहौल और वन्यजीवों का रोमांच मिलेगा एक ही जगह


    नई दिल्ली। दिल्ली घूमने की योजना बना रहे लोगों के लिए राष्ट्रीय प्राणी उद्यान यानी दिल्ली चिड़ियाघर एक ऐसी जगह है जहां मनोरंजन के साथ वन्यजीवों को करीब से देखने का अनुभव भी मिलता है। राजधानी के बीचोंबीच स्थित यह जगह बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रहती है। अगर आप शहर की भीड़भाड़ और रोजमर्रा की भागदौड़ से कुछ समय दूर प्रकृति और वन्यजीवों के बीच बिताना चाहते हैं तो चिड़ियाघर की सैर एक अच्छा विकल्प हो सकती है।

    दिल्ली चिड़ियाघर का परिसर काफी बड़ा है और यहां अलग अलग तरह के वन्यजीवों को देखने का मौका मिलता है। यहां घूमते समय पर्यटक कई तरह के पक्षियों और जानवरों को उनके प्राकृतिक व्यवहार के करीब देख सकते हैं। चिड़ियाघर की सैर बच्चों के लिए खास तौर पर सीखने का अनुभव बन सकती है क्योंकि किताबों और तस्वीरों में देखे गए वन्यजीवों को सामने देखकर उनके बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ती है।

    चिड़ियाघर में घूमने का मजा तभी ज्यादा आता है जब आप पर्याप्त समय लेकर जाएं। परिसर में पैदल घूमते हुए अलग अलग हिस्सों को देखने में समय लग सकता है। इसलिए जल्दबाजी के बजाय आराम से घूमना बेहतर रहता है। गर्मी के मौसम में सुबह का समय ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है जबकि मौसम सुहावना होने पर परिवार के साथ लंबे समय तक घूमने का आनंद लिया जा सकता है। यात्रा से पहले प्रवेश समय और टिकट से जुड़ी ताजा जानकारी आधिकारिक स्रोत से जांच लेना उचित रहेगा।

    यहां घूमने के दौरान वन्यजीवों के साथ सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है। जानवरों को किसी तरह का भोजन नहीं देना चाहिए और उनके बाड़े के पास शोर करने से भी बचना चाहिए। चिड़ियाघर में लगे निर्देशों का पालन करना पर्यटकों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। बच्चों के साथ आने वाले परिवारों को खास तौर पर उनका ध्यान रखना चाहिए।

    दिल्ली चिड़ियाघर केवल घूमने और तस्वीरें लेने की जगह नहीं है बल्कि वन्यजीवों और जैव विविधता को समझने का अवसर भी देता है। यहां आने वाले बच्चों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि अलग अलग प्रजातियों का संरक्षण क्यों जरूरी है। वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिहाज से ऐसी जगहों की यात्रा उपयोगी हो सकती है।

    परिवार के साथ घूमने वालों के लिए चिड़ियाघर की सैर को एक छोटे दिनभर के आउटिंग प्लान में शामिल किया जा सकता है। दिल्ली के दूसरे पर्यटन स्थलों के साथ इसे जोड़कर यात्रा का कार्यक्रम बनाया जा सकता है। हालांकि एक ही दिन में बहुत ज्यादा जगह देखने के बजाय अपनी सुविधा और मौसम के अनुसार कार्यक्रम बनाना ज्यादा आरामदायक रहेगा।

    अगर आप दिल्ली में ऐसी जगह तलाश रहे हैं जहां मनोरंजन के साथ बच्चों को कुछ नया सीखने का मौका भी मिले तो दिल्ली चिड़ियाघर आपकी यात्रा सूची में शामिल हो सकता है। वन्यजीवों को देखकर बच्चों की जिज्ञासा बढ़ सकती है और परिवार के साथ बिताया समय यादगार बन सकता है। बस इतना ध्यान रखें कि चिड़ियाघर की सैर के दौरान नियमों का पालन करें और वन्यजीवों के प्रति जिम्मेदार व्यवहार रखें।

  • एशियन गेम्स मिस करने का दर्द छलका नीरज चोपड़ा का भावुक पोस्ट बोले दोस्त टखने के बारे में नहीं पूछते

    एशियन गेम्स मिस करने का दर्द छलका नीरज चोपड़ा का भावुक पोस्ट बोले दोस्त टखने के बारे में नहीं पूछते


    नई दिल्ली। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा इस समय एशियन गेम्स 2026 में मैदान पर उतरने के बजाय बाहर से भारतीय खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा रहे हैं। टखने की लिगामेंट इंजरी के कारण नीरज को इस प्रतियोगिता से हटना पड़ा है। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता और एशियन गेम्स के दो बार के चैंपियन नीरज के लिए यह फैसला आसान नहीं रहा। अब उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए बताया है कि भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका गंवाना उन्हें कितना परेशान कर रहा है।

    नीरज ने LinkedIn पर लिखा कि एशियन गेम्स उनके करियर के सबसे खास आयोजनों में से एक रहे हैं। उन्होंने 2018 जकार्ता और 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में जैवलिन थ्रो का गोल्ड मेडल जीता था। ऐसे में इस बार प्रतियोगिता से बाहर रहना उनके लिए भावनात्मक रूप से काफी मुश्किल है। उन्होंने नागोया पहुंची भारतीय टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह खिलाड़ियों के साथ चलना और प्रतियोगिता का हिस्सा बनना मिस करेंगे लेकिन बाहर से टीम को अपना समर्थन देते रहेंगे।

    नीरज ने बताया कि वह टखने की लिगामेंट चोट से जूझ रहे हैं। काफी विचार करने के बाद उन्हें एशियन गेम्स में नहीं उतरने का फैसला स्वीकार करना पड़ा। उनके मुताबिक किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में देश की उम्मीदों के साथ मैदान पर उतरना सम्मान की बात है लेकिन उस मौके से दूर रहना उन्हें तकलीफ देता है। चोट के कारण वह डायमंड लीग फाइनल से भी बाहर हो चुके हैं। उनकी हालिया बड़ी प्रतियोगिता लॉजेन डायमंड लीग रही थी जहां वह श्रीलंका के रुमेश पथिरागे के बाद दूसरे स्थान पर रहे थे।

    नीरज के करियर में चोटों के कारण पहले भी ब्रेक आया है। 2019 में उन्हें दाएं हाथ की कोहनी की सर्जरी करानी पड़ी थी। 2022 में ग्रोइन इंजरी के कारण वह कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके थे। 2023 में मसल स्ट्रेन ने उनकी तैयारियों को प्रभावित किया जबकि 2024 में एडडक्टर की परेशानी के कारण उन्होंने एक प्रतियोगिता से नाम वापस लिया था। अब टखने की चोट ने उनके 2026 सीजन को प्रभावित किया है।

    इस पूरे दौर में नीरज ने दोस्तों के साथ को खास महत्व दिया है। उन्होंने बताया कि खिलाड़ी लंबे समय तक ट्रेनिंग यात्रा और प्रतियोगिताओं के कारण घर से दूर रहते हैं। ऐसे में आसपास के लोगों का साथ उन्हें सकारात्मक और जमीन से जुड़ा रखने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में हमेशा सलाह की जरूरत नहीं होती। कई बार किसी दोस्त का फोन करना और खेल या चोट से अलग किसी विषय पर बातचीत करना ही काफी होता है।

    नीरज ने बताया कि उनके कुछ दोस्त जानते हैं कि वह इस समय अच्छी जगह पर नहीं हैं लेकिन फोन करने पर वे उनसे टखने के बारे में सवाल नहीं करते। वे सामान्य बातें करते हैं हंसते हैं पुरानी यादें साझा करते हैं और मिलने की योजनाएं बनाते हैं। नीरज के मुताबिक ऐसी बातचीत उन्हें याद दिलाती है कि जिंदगी सिर्फ अगली प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है। उनका यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारतीय दल एशियन गेम्स में अपनी चुनौती पेश कर रहा है और नीरज मैदान से दूर रहकर टीम का समर्थन कर रहे हैं।

  • MP हाईकोर्ट के जज अवनिंद्र सिंह की अनोखी मिसाल: GPF के पूरे 1.1 करोड़ रुपये PM CARES Fund को देंगे

    MP हाईकोर्ट के जज अवनिंद्र सिंह की अनोखी मिसाल: GPF के पूरे 1.1 करोड़ रुपये PM CARES Fund को देंगे


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह ने अपने रिटायरमेंट के मौके पर ऐसा संकल्प लिया है जिसकी चर्चा हो रही है। 18 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त हुए जस्टिस सिंह ने 17 सितंबर को आयोजित अपने विदाई समारोह में घोषणा की कि उन्हें रिटायरमेंट के बाद जनरल प्रोविडेंट फंड यानी GPF से मिलने वाली पूरी राशि करीब 1.1 करोड़ रुपये वह PM CARES Fund में दान करेंगे। उन्होंने कहा कि यह राशि राष्ट्र निर्माण के काम में उपयोग हो सके इसलिए वह इसे अपने पास रखने के बजाय दान करने का फैसला कर रहे हैं।

    जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह ने विदाई समारोह में अपने जीवन और न्यायिक सेवा के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि रिटायरमेंट उनके लिए जीवन का अंत नहीं बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत है। उनके मुताबिक व्यक्ति केवल पूजा करके ही ईश्वर की सेवा नहीं करता बल्कि समाज और धरती पर मौजूद जीवन तथा अन्य संसाधनों की देखभाल करके भी अपनी जिम्मेदारी निभा सकता है। इसी सोच के तहत उन्होंने अपनी पत्नी के साथ एक और महत्वपूर्ण संकल्प लिया है।

    जस्टिस सिंह और उनकी पत्नी ने मृत्यु के बाद अपने शरीर को मेडिकल स्टडी और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए दान करने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए दोनों ने मेडिकल कॉलेज में संकल्प लिया है। उनका कहना है कि मृत्यु के बाद भी शरीर का उपयोग अगर चिकित्सा शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए हो सके तो इससे आने वाली पीढ़ियों को लाभ मिल सकता है। उनके इस निर्णय को विदाई समारोह में मौजूद लोगों ने भी महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा।

    अपने भाषण के दौरान जस्टिस सिंह ने अपने बचपन की यादों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उनकी मां के निधन के बाद उनकी मौसी ने उन्हें अपने बेटे की तरह पाला। उन्होंने अपने पिता अपनी मौसी और मौसी के पति के प्रभाव का भी उल्लेख किया। जस्टिस सिंह ने बताया कि उनकी मौसी हमेशा उन्हें मेहनत और ईमानदार प्रयास के महत्व की सीख देती थीं। उनके अनुसार जीवन में सफलता का कोई आसान रास्ता नहीं होता और मेहनत तथा सच्ची कोशिश के बिना हासिल की गई सफलता लंबे समय तक कायम नहीं रहती।

    जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह का न्यायिक करियर भी लंबा रहा है। उन्होंने 31 मई 1990 को सिविल जज क्लास-2 के तौर पर न्यायिक सेवा में प्रवेश किया था। इसके बाद उन्होंने न्यायिक सेवा में अलग अलग जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 2018 में उन्हें छतरपुर में प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज के पद पर नियुक्त किया गया। इसके बाद 2022 में उन्होंने धार में प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज के तौर पर जिम्मेदारी संभाली।

    इसके बाद 1 मई 2023 को जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज के रूप में शपथ ली। करीब तीन साल तक हाईकोर्ट में न्यायिक जिम्मेदारी निभाने के बाद वह 18 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त हुए। अपने विदाई भाषण के अंत में उन्होंने रिटायरमेंट को किसी यात्रा का अंतिम पड़ाव मानने के बजाय एक नए मंच से समाज के लिए काम करने की शुरुआत बताया।

    करीब 1.1 करोड़ रुपये की GPF राशि दान करने और पत्नी के साथ देहदान का संकल्प लेने की घोषणा ने उनके विदाई समारोह को खास बना दिया। उनका यह फैसला न्यायिक सेवा से विदाई के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को आगे भी जारी रखने की उनकी सोच को सामने रखता है।