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  • रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने से पहले रणबीर कपूर ने किया ध्यान योग और शास्त्रों का गहन अध्ययन

    रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने से पहले रणबीर कपूर ने किया ध्यान योग और शास्त्रों का गहन अध्ययन


    नई दिल्ली। नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण को लेकर दर्शकों का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। फिल्म का ट्रेलर सैन डिएगो कॉमिक कॉन में प्रदर्शित किया गया जहां अभिनेता रणबीर कपूर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि भगवान श्रीराम के किरदार को निभाने के लिए उन्होंने करीब दो वर्षों तक विशेष तैयारी की। उन्होंने कहा कि किसी भी पौराणिक चरित्र को निभाना केवल अभिनय का विषय नहीं होता बल्कि उसके विचारों आदर्शों और जीवन दर्शन को आत्मसात करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।

    रणबीर कपूर ने कहा कि किसी एक्शन फिल्म या सामान्य किरदार के लिए शरीर बनाना डांस सीखना या नई तकनीक अपनाना अपेक्षाकृत आसान होता है लेकिन भगवान श्रीराम जैसा चरित्र निभाने के लिए मन और विचारों को भी उसी दिशा में ढालना जरूरी था। उन्होंने महसूस किया कि यदि श्रीराम के आदर्शों को समझे बिना केवल बाहरी रूप अपनाया जाए तो यह किरदार अधूरा रह जाएगा।

    अभिनेता ने बताया कि उन्होंने इस भूमिका के लिए नियमित योग और ध्यान का अभ्यास किया। उनके साथ एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक भी रहे जिन्होंने घंटों तक उन्हें ध्यान कराया और श्रीराम के जीवन मूल्यों तथा शिक्षाओं को विस्तार से समझाया। रणबीर ने कहा कि इन सत्रों ने उन्हें केवल अभिनय के स्तर पर नहीं बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी काफी बदल दिया। उन्होंने धैर्य संयम करुणा और कर्तव्य जैसे मूल्यों को गहराई से समझने की कोशिश की।

    रणबीर कपूर ने यह भी बताया कि उन्होंने इस दौरान अनेक धार्मिक ग्रंथों और विभिन्न विद्वानों की व्याख्याओं का अध्ययन किया। उन्होंने कई विशेषज्ञों से मुलाकात कर भगवान श्रीराम के व्यक्तित्व को अलग अलग दृष्टिकोण से समझा ताकि पर्दे पर उनका अभिनय स्वाभाविक और प्रभावशाली दिखाई दे। उनके अनुसार भगवान श्रीराम का चरित्र केवल एक राजा या योद्धा का नहीं बल्कि आदर्श पुत्र आदर्श भाई आदर्श पति और आदर्श शासक का भी प्रतीक है।

    उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी कोशिश यही रही कि आठ साल के बच्चे से लेकर अस्सी वर्ष के बुजुर्ग तक हर दर्शक उनके अभिनय में भगवान श्रीराम की सहजता और मर्यादा महसूस कर सके। यही कारण है कि उन्होंने इस भूमिका के लिए मानसिक और आध्यात्मिक तैयारी को सबसे अधिक महत्व दिया। रणबीर का मानना है कि ऐसे किरदार निभाने वाले कलाकार के भीतर भी विनम्रता और सादगी होना आवश्यक है।

    सैन डिएगो कॉमिक कॉन में फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया पर भी ट्रेलर की खूब चर्चा हो रही है और प्रशंसक फिल्म के रिलीज होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस मौके पर फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा निर्देशक नितेश तिवारी और अभिनेता यश भी मौजूद रहे।

    रामायण दो भागों में रिलीज होगी। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा सनी देओल हनुमान रवि दुबे लक्ष्मण और अरुण गोविल राजा दशरथ के किरदार में दिखाई देंगे। भव्य विजुअल इफेक्ट्स विशाल सेट और दमदार स्टारकास्ट के कारण यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जा रही है। दर्शकों को उम्मीद है कि यह फिल्म केवल मनोरंजन ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।

  • EU पर ट्रंप का बड़ा वार, व्यापारिक नीतियों की जांच के आदेश, बोले- 'अमेरिका यूरोप की गुल्लक नहीं'

    EU पर ट्रंप का बड़ा वार, व्यापारिक नीतियों की जांच के आदेश, बोले- 'अमेरिका यूरोप की गुल्लक नहीं'


    वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय संघ (EU) की व्यापारिक नीतियों की औपचारिक जांच शुरू करने का ऐलान किया है। ट्रंप का आरोप है कि यूरोपीय संघ ने गूगल, एप्पल, मेटा और अमेजन जैसी अमेरिकी टेक कंपनियों पर अरबों डॉलर के जुर्माने लगाकर उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया है।

    यह फैसला ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले ही यूरोपीय संघ ने डिजिटल प्रतिस्पर्धा (एंटीट्रस्ट) नियमों के उल्लंघन के मामले में गूगल पर 89 करोड़ यूरो (करीब एक अरब डॉलर) का जुर्माना लगाया था। ईयू का आरोप है कि गूगल ने अपने प्ले स्टोर और सर्च इंजन के जरिए अपनी सेवाओं और ऐप्स को प्राथमिकता देकर निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को प्रभावित किया।

    ‘अमेरिका किसी का गुल्लक नहीं’
    डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने पहले भी यूरोपीय संघ को अमेरिकी कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा, “अमेरिका यूरोप की गुल्लक नहीं है। हम अपनी कंपनियों को लूटने नहीं देंगे।”

    ट्रंप ने आरोप लगाया कि यूरोपीय संघ का रवैया “अवैध और अनैतिक” है और इसके लिए उसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी कंपनियों से वसूले गए जुर्माने अंततः वापस लिए जाएंगे।

    टैरिफ बढ़ाने के भी दिए संकेत
    अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिए कि उनकी सरकार जल्द ही यूरोपीय संघ से आयात होने वाले उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाने की दिशा में भी कदम उठा सकती है। उनका कहना है कि अमेरिकी कारोबारों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक सभी विकल्पों पर विचार किया जाएगा।

    पहले भी बढ़ाए जा चुके हैं आयात शुल्क
    ट्रंप की यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब व्हाइट हाउस हाल ही में 60 से अधिक देशों से आने वाले आयातित उत्पादों पर दोहरे अंकों वाले नए टैरिफ लागू करने का ऐलान कर चुका है। अमेरिका का आरोप है कि कई देश जबरन श्रम (Forced Labour) से बने उत्पादों पर प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर रहे हैं।

    ये नए शुल्क पहले से लागू अस्थायी 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ की जगह लेंगे। ट्रंप प्रशासन इन कदमों को ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत आगे बढ़ा रहा है, जो अमेरिका को किसी देश की कथित अनुचित या भेदभावपूर्ण व्यापारिक नीतियों के जवाब में आयात शुल्क और अन्य व्यापारिक प्रतिबंध लगाने का अधिकार देती है।

  • MP में 20 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर…. ASC मंडलोई को 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की जिम्मेदारी

    MP में 20 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर…. ASC मंडलोई को 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की जिम्मेदारी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 20 आईएएस अधिकारियों (20 IAS officers) का तबादला किया गया है। राज्य के मुख्य सचिव का पद संभालने के बाद अशोक बरनवाल (Ashok Barnwal) ने मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) से सलाह-मशविरा के बाद यह फैसला लिया।

    एक अधिकारी ने बताया कि इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) नीरज मंडलोई को ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027’ के आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारी ने शुक्रवार देर रात हुए इस बदलाव के बारे में बताया कि मुख्यमंत्री के ACS होने के साथ-साथ मंडलोई उद्योग और MSME विभागों की भी कमान संभालेंगे। वे राघवेंद्र सिंह की जगह लेंगे, जिनका तबादला वन विभाग के प्रधान सचिव के पद पर कर दिया गया है।

    अधिकारी के अनुसार, राघवेंद्र सिंह ने संदीप यादव की जगह ली है। संदीप यादव को जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव के तौर पर अहम ‘केन-बेतवा’ और ‘पार्वती-कालीसिंध’ प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण और राजस्व विभाग की कमान ई. रमेश कुमार को सौंपी गई है। यादव और कुमार दोनों ही सबसे सीनियर आईएएस अधिकारी डॉ. राजेश राजोरा की जगह ले रहे हैं, जिन्हें RCPV नरोन्हा एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट का डायरेक्टर जनरल नियुक्त किया गया है।

    लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुखवीर सिंह को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन विभागों का काम पहले बरनवाल देखते थे, जिन्हें बाद में मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव अजय कटेसरिया को उनकी कड़ी मेहनत के लिए पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में आठ साल के अंतराल के बाद प्रमोशन नियमों को सफलतापूर्वक लागू करने में अहम भूमिका निभाई और रतलाम के कलेक्टर के तौर पर यूनिफॉर्म सिविल कोड को भी लागू किया।

    अधिकारी ने बताया कि इंदौर डिवीजन के कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे सीनियर आईएएस अधिकारी सुदाम खाड़े को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव के पद पर तैनात किया गया है। कुमार पुरुषोत्तम को मंडी बोर्ड की जिम्मेदारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री कार्यालय में उप-सचिव नियुक्त किया गया है। भास्कर लक्ष्यकार अब इंदौर के नए डिविजनल कमिश्नर होंगे।

    केसी गुप्ता को कृषि उत्पादन आयुक्त के साथ-साथ बागवानी विभाग का प्रभार भी सौंपा गया है, जबकि प्रधान सचिव मनीष सिंह अब ऊर्जा विभाग का कार्यभार संभालेंगे। सचिन सिन्हा को लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में ACS के पद पर तैनात किया गया है। वह RCPV नरोन्हा एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट के महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे।

    जॉन किंग्सले एआर को औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें MSME विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वह बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के सचिव थे। अधिकारी ने बताया कि उज्जैन के एडिशनल कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे रत्नाकर झा को अनूपपुर का कलेक्टर बनाया गया है। वह हर्षल पंचोली की जगह लेंगे, जिनका तबादला भोपाल में एनवायरनमेंट प्लानिंग एंड कोऑर्डिनेशन ऑर्गनाइजेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर किया गया है।

    शहडोल के कलेक्टर के तौर पर काम कर रहे केदार सिंह को भोपाल में पीडब्ल्यूडी का एडिशनल सेक्रेटरी बनाया गया है। सिंह की जगह मिशा सिंह लेंगी जो अभी रतलाम की कलेक्टर हैं। मंदसौर की कलेक्टर रहीं अदिति गर्ग को भोपाल में खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग का कमिश्नर बनाया गया है। गर्ग की जगह दिव्यांक सिंह लेंगे, जो अभी भोपाल नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर हैं।

    अधिकारी ने बताया कि मुख्य सचिव के ऑफिस में डिप्टी सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रहे गुरु प्रसाद को खरगोन का कलेक्टर बनाया गया है। सतना नगर निगम के कमिश्नर शेर सिंह मीणा को आगर-मालवा का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। उनकी जगह प्रीति यादव को भेजा गया है, जिन्हें एमपी औद्योगिक विकास निगम इंदौर का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया है।

    इंदौर जिला पंचायत के सीईओ सिद्धार्थ जैन को भोपाल में मुख्य सचिव के कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। अधिकारी ने बताया कि जैन की जगह एमपी औद्योगिक विकास निगम के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिमांशु प्रजापति को इंदौर जिला पंचायत का सीईओ बनाया गया है।

  • मानसून की सक्रियता से देशभर में हो रही झमाझम बारिश, 29 जुलाई तक कई राज्यों में अलर्ट

    मानसून की सक्रियता से देशभर में हो रही झमाझम बारिश, 29 जुलाई तक कई राज्यों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    देश में मानसून (Monsoon) की सक्रियता बढ़ने से बारिश की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 16 से 22 जुलाई के दौरान देश में लगभग सामान्य बारिश (Normal Rainfall) दर्ज की गई, जिससे 1 जून से शुरू हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) सीजन में वर्षा की कुल कमी घटकर 17 प्रतिशत रह गई है। हालांकि, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो (El Niño) के लगातार मजबूत होने से मानसून के शेष सीजन को लेकर चिंता बरकरार है।


    देश के किन हिस्सों में कितनी बारिश हुई?

    आईएमडी के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम, मध्य तथा पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में वर्षा सामान्य के आसपास रही, जबकि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से 26 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। 1 जून से 23 जुलाई तक देश में सामान्य 370.9 मिलीमीटर के मुकाबले 306.9 मिलीमीटर वर्षा हुई है। इस तरह मानसून सीजन में अब भी 17 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। क्षेत्रवार देखें तो पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है, जहां अब तक सामान्य से 32 प्रतिशत कम बारिश हुई है। दक्षिण भारत में यह कमी 26 प्रतिशत है। इसके मुकाबले उत्तर-पश्चिम भारत में 10 प्रतिशत और मध्य भारत में केवल 6 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।


    किन राज्यों में सामान्य से ज्यादा और किनमें कम बारिश हुई?

    लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं पंजाब, हरियाणा, गुजरात, गोवा, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में सामान्य से 20 से 58 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।


    अल नीनो को लेकर मौसम विभाग की चिंता क्यों बढ़ी हुई है?

    आईएमडी के अनुसार, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और अल नीनो लगातार मजबूत हो रहा है। मौसम संबंधी विभिन्न मॉडल इसके आगे और प्रभावी होने के संकेत दे रहे हैं। अल नीनो का असर आमतौर पर भारतीय मानसून को कमजोर करने और बारिश के क्षेत्रीय वितरण में असंतुलन पैदा करने के रूप में देखा जाता है। इसलिए मानसून के बाकी सीजन में इसकी स्थिति बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


    24 से 29 जुलाई के बीच मौसम का मिजाज कैसा रहेगा?

    24 से 29 जुलाई के दौरान देशभर में एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय रहने का अनुमान है। इसके कारण पश्चिम भारत में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। दक्षिण-पूर्व राजस्थान, गुजरात, उत्तर कोंकण और उत्तर मध्य महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। वहीं पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के साथ-साथ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भी व्यापक वर्षा होने का अनुमान है।


    गुजरात में बारिश ने कितनी तबाही मचाई?

    गुजरात में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण 38 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा 352 से अधिक लोगों का सुरक्षित बचाव किया गया है। राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों गांवों का संपर्क बाकी क्षेत्रों से टूट गया है।


    असम में बाढ़ की स्थिति कितनी गंभीर है?

    असम में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है। राज्य में सात लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव कार्य जारी है।


    जम्मू-कश्मीर में यात्रा व्यवस्था पर क्या असर पड़ा है?

    जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा बालटाल मार्ग से फिर शुरू कर दी गई है। हालांकि, भूस्खलन के कारण श्री मचैल माता यात्रा फिलहाल बंद है। वहीं वैष्णो देवी यात्रा भी शनिवार से दोबारा बहाल किए जाने की तैयारी की जा रही है।

  • Twisha Sharma Case: गिरिबाला सिंह की जमानत पर हुई सुनवाई, कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

    Twisha Sharma Case: गिरिबाला सिंह की जमानत पर हुई सुनवाई, कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला


    भोपाल।
    राजधानी भोपाल (Bhopal) के बहुचर्चित त्विषा शर्मा संदिग्ध मृत्यु मामले (Twisha Sharma case) में जेल में बंद सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह (Giribala Singh) की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को जिला न्यायालय में तीखी बहस हुई। सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत और परिजनों के अधिवक्ताओं का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।

    शनिवार को इस पर फैसला आने की संभावना है। मामले की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इससे पहले तीन न्यायाधीश अलग-अलग व्यक्तिगत कारणों से इस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर चुके हैं। शुक्रवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ने भी यह कहते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया कि उन्होंने आरोपी गिरिबाला सिंह के अधीन न्यायिक प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके पश्चात मामला प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामप्रताप मिश्र की अदालत में स्थानांतरित किया गया, जहां विस्तृत सुनवाई हुई।


    बचाव पक्ष ने दिया बुजुर्ग मां का हवाला

    बचाव पक्ष के वक्ताओं ने तर्क दिया कि गिरिबाला सिंह की मां लगभग 100 वर्ष की हैं और वे पूरी तरह अपनी बेटी की देखभाल पर निर्भर हैं। याचिकाकर्ता स्वयं भी कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं और जेल में उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इसके अलावा, आरोपी को नियमित पेंशन एवं युद्ध वीरांगना पेंशन मिलती है। आर्थिक रूप से पूरी तरह सक्षम होने के कारण उन पर दहेज प्रताड़ना का आरोप स्वाभाविक प्रतीत नहीं होता। बचाव पक्ष ने दावा किया कि आरोपी जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं और उनके जेल में रहने के दौरान उनके घर पर चोरी भी हो चुकी है।


    सीबीआई और त्विषा के परिजनों ने किया विरोध

    सीबीआई की ओर से उपस्थित अधिवक्ता अंकुर पांडेय ने जमानत याचिका का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि केवल महिला होना या आर्थिक रूप से संपन्न होना जमानत का आधार नहीं बन सकता। सीबीआई ने अदालत में जेल प्रशासन की मेडिकल रिपोर्ट पेश कर आरोपी के स्वास्थ्य को सामान्य बताया। साथ ही ध्यान दिलाया कि उच्च न्यायालय पहले ही उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुका है और जांच के दौरान आरोपी ने अपना वॉइस सैंपल देने से भी साफ इनकार कर दिया था।

    सीबीआई ने खुलासा किया कि आरोपी ने सीसीटीवी तकनीशियन और एक सैलून संचालक से संपर्क कर निजी प्रतिनिधि के माध्यम से फुटेज हासिल करने का प्रयास किया था। जमानत मिलने पर गवाहों और साक्ष्यों को प्रभावित करने की प्रबल संभावना है। त्विषा शर्मा के परिजनों के अधिवक्ता ने मां की देखभाल वाले तर्क को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी की बुजुर्ग मां कभी उनके साथ नहीं रही हैं। वे केवल जेल से बाहर निकलने के लिए मां का सहारा ले रही हैं ताकि बाहर आकर मामले की निष्पक्ष जांच को प्रभावित कर सकें। अदालत ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के उपरांत अदालत ने मामले का फैसला सुरक्षित रख लिया है। संभावना है कि शनिवार को जमानत याचिका पर अदालत अपना फैसला सुनाएगी।

  • देवशयनी एकादशी आज, इन 3 राशियों को अगले 4 महीने रहना होगा सावधान

    देवशयनी एकादशी आज, इन 3 राशियों को अगले 4 महीने रहना होगा सावधान


    नई दिल्‍ली । आज 25 जुलाई 2026, शनिवार को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पावन देवशयनी एकादशी मनाई जा रही है. इसी के साथ चार महीनों के लिए चातुर्मास का आरंभ हो गया है और सृष्टि के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु योग निद्रा में लीन हो गए हैं. धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यह दिन बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इस दिन बनने वाले कुछ खास योग और ग्रहों की स्थिति का प्रभाव सभी 12 राशियों पर देखने को मिलता है.

    जहां एक ओर यह एकादशी कई राशियों के लिए शुभ फल लेकर आई है, वहीं ज्योतिषीय गणना के अनुसार कुछ ऐसी राशियां भी हैं जिन्हें आज और चातुर्मास के इन चार महीनों के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. आज उदया तिथि, ब्रह्म योग और ज्येष्ठा नक्षत्र का संयोग है. इसकी वजह से तीन राशियों के लिए अगले चार महीने थोड़े चुनौती भरे हो सकते हैं.

    आइए जानते हैं कि आज देवशयनी एकादशी से अवसर पर किन राशियों को संभलकर चलने की आवश्यकता है:

    1. कर्क राशि (Cancer)
    कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय मानसिक उथल-पुथल और संभलकर चलने वाला हो सकता है. चातुर्मास के दौरान आपको अपने पेशेवर और पारिवारिक जीवन में तालमेल बिठाने में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.

    चुनौतियां: आर्थिक मामलों में किसी भी तरह का बड़ा जोखिम लेने से बचें. निवेश करने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें अन्यथा नुकसान उठाना पड़ सकता है. परिवार में किसी बात को लेकर अनबन या गलतफहमी पैदा हो सकती है, इसलिए अपनी वाणी पर संयम रखें.

    बचाव और उपाय: मानसिक शांति बनाए रखने के लिए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करें, उन्हें माखन-मिश्री का भोग लगाएं.

    2. वृश्चिक राशि (Scorpio)
    वृश्चिक राशि के जातकों को इस अवधि में स्वास्थ्य और पैतृक मामलों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है. ग्रहों की स्थिति आपके पक्ष में थोड़ी प्रतिकूल हो सकती है, जिससे बनते हुए कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं.

    चुनौतियां: गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें और दफ्तर में किसी भी प्रकार के वाद-विवाद या बहस में पड़ने से बचें. पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद लंबा खींच सकते हैं. इसके अलावा, खानपान में लापरवाही के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं परेशान कर सकती हैं.

    बचाव और उपाय: नकारात्मकता से दूर रहने के लिए भगवान विष्णु के मंदिर जाएं और पीली मिठाई या केसर का दान करें.

    3. धनु राशि (Sagittarius)
    धनु राशि के जातकों के लिए आज से शुरू हो रहा चातुर्मास खर्चों में बढ़ोतरी लेकर आ सकता है. आर्थिक संतुलन बनाए रखना इस दौरान आपके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी.

    चुनौतियां: आमदनी के मुकाबले फिजूलखर्ची और अनावश्यक खर्चे बढ़ सकते हैं, जिससे आपका बजट बिगड़ सकता है. पेशेवर जीवन में सहकर्मियों या वरिष्ठों के साथ वैचारिक मतभेद होने की संभावना है. जल्दबाजी में लिया गया कोई भी निर्णय आपको भारी पड़ सकता है.

    बचाव और उपाय: आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखने और बाधाओं को दूर करने के लिए केले के वृक्ष की पूजा करें . उसमें जल व चना दाल अर्पित करें.

  • इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी का जलवा रिकॉर्ड व्यूज के बाद युवाओं के लिए जारी किया खास धन्यवाद संदेश

    इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी का जलवा रिकॉर्ड व्यूज के बाद युवाओं के लिए जारी किया खास धन्यवाद संदेश


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए देश के युवाओं और नागरिकों से संवाद स्थापित किया है। हाल ही में जारी उनके वीडियो संदेश को मिली अभूतपूर्व प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने नया वीडियो साझा कर सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। खास तौर पर युवाओं और जेन जी का धन्यवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों का स्नेह और सकारात्मक सुझाव उन्हें लगातार प्रेरित करते हैं तथा भविष्य में भी यह संवाद और अधिक मजबूती के साथ जारी रहेगा।

    अपने नए वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली रात देशवासियों से संवाद का अवसर मिला और जिस तरह लोगों ने वीडियो को देखा उस पर अपनी प्रतिक्रिया दी तथा सकारात्मक सुझाव साझा किए उसके लिए वह सभी के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास और स्नेह उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है और आने वाले समय में भी यह रिश्ता लगातार मजबूत होता रहेगा। वीडियो के साथ साझा किए गए संदेश में भी प्रधानमंत्री ने युवाओं को विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए लिखा कि जिन्होंने उनका वीडियो देखा और उस पर अपनी प्रतिक्रिया दी उनके प्रति वह आभार व्यक्त करते हैं।

    प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है जब उनका पिछला इंस्टाग्राम वीडियो सोशल मीडिया पर रिकॉर्ड व्यूज हासिल कर सुर्खियों में बना हुआ है। बताया जा रहा है कि वीडियो को पहले चौबीस घंटे के भीतर 30 करोड़ से अधिक बार देखा गया। इस असाधारण प्रतिक्रिया ने इसे इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले वीडियो में शामिल कर दिया। बड़ी संख्या में लोगों ने वीडियो पर अपनी राय और सुझाव भी साझा किए जिससे यह सोशल मीडिया पर चर्चा का प्रमुख विषय बन गया।

    वीडियो की लोकप्रियता का असर प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी दिखाई दिया। रिकॉर्ड व्यूज के साथ उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर बड़ी संख्या में नए फॉलोअर्स जुड़े। इससे यह साफ हो गया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री की पहुंच लगातार मजबूत बनी हुई है और युवाओं के बीच उनकी सक्रिय मौजूदगी पहले की तरह प्रभावी है।

    आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ऐसे वैश्विक राजनेता हैं जिन्होंने इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स का आंकड़ा पार किया है। सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता लंबे समय से चर्चा का विषय रही है और विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उनके वीडियो और संदेशों को बड़ी संख्या में लोग देखते और साझा करते हैं।

    सोशल मीडिया विश्लेषकों का मानना है कि डिजिटल माध्यम अब नेताओं और नागरिकों के बीच सीधे संवाद का सबसे प्रभावी मंच बन चुका है। प्रधानमंत्री का ताजा वीडियो भी इसी बदलते दौर की एक मिसाल माना जा रहा है जहां कुछ ही घंटों में करोड़ों लोगों तक संदेश पहुंच गया। बड़ी संख्या में युवाओं ने वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कर यह संकेत दिया कि सोशल मीडिया अब केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि जनसंवाद का भी महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन चुका है।

    प्रधानमंत्री के नए धन्यवाद संदेश को भी लोगों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उनके समर्थकों का कहना है कि जनता से सीधे संवाद की यह शैली लोकतांत्रिक सहभागिता को मजबूत बनाती है जबकि बड़ी संख्या में युवाओं ने इसे प्रेरणादायक पहल बताया है। रिकॉर्ड व्यूज और लगातार बढ़ती डिजिटल पहुंच के बीच प्रधानमंत्री का यह नया संदेश सोशल मीडिया पर एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है।

  • इंस्टाग्राम पर फिर आए पीएम मोदी, युवाओं का जताया आभार, कहा- 'थैंक यू फ्रेंड्स'

    इंस्टाग्राम पर फिर आए पीएम मोदी, युवाओं का जताया आभार, कहा- 'थैंक यू फ्रेंड्स'


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार देर रात इंस्टाग्राम पर एक और वीडियो साझा कर युवाओं और सोशल मीडिया यूजर्स का आभार जताया। उन्होंने एक दिन पहले पोस्ट किए गए अपने वीडियो पर मिले सकारात्मक सुझावों और समर्थन के लिए लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनका यह स्नेह और जुड़ाव आगे भी बना रहेगा।

    वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा, “थैंक यू फ्रेंड्स। कल देर रात आपसे जुड़ने का मौका मिला। मैंने जो वीडियो साझा किया था, उस पर आपने जिस तरह प्रतिक्रिया दी और सकारात्मक सुझाव दिए, उसके लिए आप सभी का धन्यवाद। आपका यह प्यार आगे भी बना रहेगा और हमारा संवाद लगातार मजबूत होता रहेगा। थैंक यू, थैंक यू दोस्तों।”

    वीडियो पोस्ट होने के महज 20 मिनट के भीतर इसे 10 लाख से अधिक बार देखा गया, जिससे सोशल मीडिया पर इसकी तेजी से चर्चा होने लगी।

    मंत्रियों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने की सलाह
    हाल ही में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रिपरिषद के सदस्यों को सोशल मीडिया, विशेष रूप से इंस्टाग्राम पर अधिक सक्रिय रहने की सलाह दी थी। सूत्रों के अनुसार उन्होंने बैठक में यह भी पूछा कि कितने मंत्री नियमित रूप से इंस्टाग्राम का उपयोग करते हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा इस प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं, इसलिए सरकार को उनसे सीधे संवाद स्थापित करने और सरकारी योजनाओं व संदेशों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का अधिक उपयोग करना चाहिए।

    NEET मुद्दे पर भी दिया था संदेश
    इससे पहले गुरुवार रात करीब 11:52 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने एक सेल्फी वीडियो जारी कर छात्रों से सीधा संवाद किया था। उन्होंने NEET पेपर लीक विवाद का जिक्र करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है और पेपर लीक जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    उन्होंने कहा था कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में सरकार फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था और परीक्षा संबंधी अपराधों पर कड़ी सजा के प्रावधान वाले प्रस्तावित कानून पर भी विचार कर रही है।

  • क्या सच में तेल और काले तिल चढ़ाने से शांत होते हैं शनि देव जानिए इस परंपरा का धार्मिक महत्व और मान्यताएं

    क्या सच में तेल और काले तिल चढ़ाने से शांत होते हैं शनि देव जानिए इस परंपरा का धार्मिक महत्व और मान्यताएं


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता और कर्मफलदाता भगवान शनि को समर्पित माना जाता है। इस दिन देशभर के शनि मंदिरों में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या दर्शन के लिए पहुंचती है और श्रद्धा भाव से शनि देव को सरसों का तेल तथा काले तिल अर्पित करती है। वर्षों से चली आ रही यह परंपरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे गहरी आध्यात्मिक मान्यताएं और जीवन को सही दिशा देने वाला संदेश भी छिपा हुआ है।

    धार्मिक ग्रंथों और लोकमान्यताओं के अनुसार शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। वे किसी के साथ पक्षपात नहीं करते बल्कि अच्छे कर्म करने वालों को सम्मान और सफलता तथा गलत कार्य करने वालों को उनके कर्मों के अनुसार परिणाम देते हैं। यही कारण है कि उन्हें न्याय का देवता कहा जाता है। शनिवार के दिन उनकी पूजा कर लोग अपने जीवन में सुख शांति और संतुलन की कामना करते हैं।

    शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करने की परंपरा के पीछे एक प्रसिद्ध धार्मिक कथा भी प्रचलित है। मान्यता है कि जब भगवान हनुमान और शनि देव के बीच युद्ध हुआ तब शनि देव को गंभीर चोटें आई थीं। उस समय भगवान हनुमान ने उनके शरीर पर तेल लगाया जिससे उन्हें राहत मिली। तभी से शनि देव को तेल अर्पित करने की परंपरा शुरू हुई और माना जाने लगा कि श्रद्धा से तेल चढ़ाने पर शनि देव प्रसन्न होते हैं तथा जीवन की कठिनाइयों को कम करने का आशीर्वाद देते हैं।

    इसी प्रकार काले तिल भी शनि देव को अत्यंत प्रिय माने जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र में काले तिल को शनि ग्रह का प्रतीक माना गया है। शनिवार को पूजा के दौरान काले तिल अर्पित करना नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने आत्मविश्वास बढ़ाने और मन को स्थिर रखने का प्रतीक माना जाता है। कई लोग काले तिल का दान भी करते हैं जिसे जरूरतमंदों की सहायता और पुण्य प्राप्ति का माध्यम माना गया है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार के दिन केवल पूजा करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता बल्कि अपने व्यवहार और कर्मों को भी बेहतर बनाना आवश्यक बताया गया है। जरूरतमंदों की सहायता करना गरीबों को भोजन कराना बुजुर्गों का सम्मान करना और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना शनि देव की कृपा प्राप्त करने का सबसे प्रभावी मार्ग माना गया है। ऐसा माना जाता है कि केवल बाहरी पूजा नहीं बल्कि अच्छे कर्म ही वास्तविक उपासना हैं।

    आध्यात्मिक दृष्टि से भी शनि देव का संदेश बेहद महत्वपूर्ण है। उनका स्वरूप मनुष्य को यह सिखाता है कि जीवन में धैर्य अनुशासन परिश्रम और सत्य का मार्ग अपनाने वाला व्यक्ति अंततः सफलता प्राप्त करता है। कठिन समय भी व्यक्ति को मजबूत बनाने का माध्यम बनता है और वही अनुभव भविष्य में उसकी सबसे बड़ी ताकत बन जाते हैं।

    धार्मिक विशेषज्ञों का कहना है कि तेल और काले तिल अर्पित करने की परंपरा को अंधविश्वास के रूप में नहीं बल्कि आस्था और आत्मचिंतन के प्रतीक के रूप में देखना चाहिए। पूजा के साथ यदि व्यक्ति अपने विचारों और कर्मों में सकारात्मक बदलाव लाता है तो उसका जीवन अधिक संतुलित और सफल बन सकता है। शनिवार की पूजा हमें यह याद दिलाती है कि भाग्य से अधिक महत्व हमारे कर्मों का है और न्याय अंततः उसी के पक्ष में होता है जो सत्य और ईमानदारी के मार्ग पर चलता है।

  • शनि देव की पूजा का सही तरीका क्या है जानिए शनिवार की संपूर्ण पूजा विधि धार्मिक महत्व और जरूरी नियम

    शनि देव की पूजा का सही तरीका क्या है जानिए शनिवार की संपूर्ण पूजा विधि धार्मिक महत्व और जरूरी नियम


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में शनिवार का दिन कर्मफलदाता और न्याय के देवता भगवान शनि को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि विधान से शनि देव की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति को अपने अच्छे कर्मों का शुभ फल प्राप्त होता है। शनि देव को अनुशासन सत्य परिश्रम और न्याय का प्रतीक माना गया है। इसलिए उनकी पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि जीवन में अच्छे आचरण और जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी देती है।

    शनिवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ और गहरे रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। इसके बाद घर के मंदिर या शनि मंदिर में भगवान शनि का स्मरण करते हुए पूजा आरंभ की जाती है। पूजा स्थल को साफ रखने के बाद एक दीपक जलाएं। परंपरा के अनुसार सरसों के तेल का दीपक शनि देव के समक्ष प्रज्वलित किया जाता है। इसके बाद काले तिल नीले या काले पुष्प और यदि उपलब्ध हो तो शमी के पत्ते श्रद्धापूर्वक अर्पित किए जाते हैं। कई स्थानों पर पीपल के वृक्ष के नीचे भी दीपक जलाने की परंपरा प्रचलित है।

    पूजा के दौरान शनि देव का ध्यान करते हुए शनि स्तोत्र शनि चालीसा अथवा शनि मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि नियमित रूप से मंत्र जाप करने से मन को शांति मिलती है और व्यक्ति में धैर्य तथा आत्मविश्वास का विकास होता है। पूजा के बाद भगवान से अपने और परिवार के सुख शांति तथा सद्बुद्धि की प्रार्थना की जाती है। यह भी माना जाता है कि पूजा करते समय मन में किसी के प्रति द्वेष या छल का भाव नहीं होना चाहिए क्योंकि शनि देव कर्म और नीयत दोनों को महत्व देते हैं।

    शनिवार के दिन दान का भी विशेष महत्व बताया गया है। जरूरतमंद लोगों को काले तिल उड़द की दाल काला वस्त्र लोहे का पात्र या भोजन दान करना पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता करना शनि देव को प्रसन्न करने का सबसे श्रेष्ठ उपाय माना गया है। इसके साथ ही गौ सेवा पक्षियों को दाना खिलाना और श्रमिकों तथा बुजुर्गों का सम्मान करना भी शुभ माना जाता है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं में शनिवार के दिन संयम और सादगी से जीवन बिताने की सलाह दी जाती है। इस दिन झूठ बोलने किसी का अपमान करने अन्याय करने या क्रोध में गलत निर्णय लेने से बचने की बात कही गई है। माना जाता है कि शनि देव व्यक्ति के कर्मों के अनुसार ही फल प्रदान करते हैं इसलिए केवल पूजा करने से अधिक महत्वपूर्ण अच्छे आचरण और ईमानदारी को माना गया है।

    धार्मिक विशेषज्ञों का कहना है कि शनि पूजा का वास्तविक उद्देश्य भय पैदा करना नहीं बल्कि व्यक्ति को अपने जीवन और कर्मों के प्रति जागरूक बनाना है। जब इंसान सत्य पर चलता है मेहनत करता है दूसरों के अधिकारों का सम्मान करता है और जरूरतमंदों की सहायता करता है तब वही सबसे बड़ी पूजा बन जाती है। शनिवार का दिन आत्ममंथन का अवसर भी माना जाता है जहां व्यक्ति अपने व्यवहार और कार्यों का मूल्यांकन कर उन्हें बेहतर बनाने का संकल्प ले सकता है।

    इस प्रकार यदि श्रद्धा विश्वास और सकारात्मक सोच के साथ शनिवार को शनि देव की पूजा की जाए तथा जीवन में सत्य अनुशासन और सेवा का मार्ग अपनाया जाए तो यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मिक उन्नति और बेहतर जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बन सकता है।