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  • टाटा संस में फिर बोर्डरूम टकराव: चंद्रशेखरन को 5 साल और, नोएल टाटा ने किया विरोध

    टाटा संस में फिर बोर्डरूम टकराव: चंद्रशेखरन को 5 साल और, नोएल टाटा ने किया विरोध


    नई दिल्ली। टाटा संस में एक बार फिर नेतृत्व और कंपनी की भविष्य की दिशा को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। गुरुवार को बोर्ड ने एन. चंद्रशेखरन को पांच साल के एक और कार्यकाल के लिए चेयरमैन बनाए रखने को मंजूरी दे दी, जबकि टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इसका विरोध किया। इसी बैठक में टाटा संस को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की दिशा में आगे बढ़ने पर भी फैसला हुआ। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब आरबीआई ने टाटा संस की NBFC पंजीकरण खत्म करने की अर्जी खारिज कर दी है।

    चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म होना है। उन्होंने अगस्त में बोर्ड को बताया था कि वह मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद दोबारा पद पर बने रहने के इच्छुक नहीं हैं। इसके बावजूद बोर्ड ने उन्हें पांच साल और देने का प्रस्ताव मंजूर कर दिया। प्रस्ताव पर नोएल टाटा ने विरोध में वोट दिया। रिपोर्टों के मुताबिक बोर्ड में प्रस्ताव 4-1 से पारित हुआ।

    नोएल टाटा ने क्यों किया विरोध?

    इस पूरे विवाद की सबसे अहम कड़ी चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति है। नोएल टाटा का तर्क है कि जब चंद्रशेखरन पहले ही 2027 के बाद पद छोड़ने की इच्छा बोर्ड को बता चुके थे, तो कंपनी को उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए थी। टाटा ट्रस्ट्स ने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को “कानूनी रूप से अमान्य” बताया है और कंपनी के Articles of Association से जुड़े प्रावधानों का हवाला दिया है।

    यही वजह है कि यह मामला केवल चेयरमैन के कार्यकाल तक सीमित नहीं रह गया है। इसके साथ टाटा संस के बोर्ड अधिकार, टाटा ट्रस्ट्स की भूमिका और कंपनी की लिस्टिंग का सवाल भी जुड़ गया है।

    टाटा ट्रस्ट्स के पास 66% हिस्सेदारी

    टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब 66% हिस्सेदारी है। इसलिए बोर्ड के फैसले के बाद अगली महत्वपूर्ण परीक्षा शेयरधारकों की मंजूरी होगी। चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति और लिस्टिंग से जुड़े फैसलों पर आगे की प्रक्रिया में टाटा ट्रस्ट्स की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। ताजा रिपोर्टों में दोनों मुद्दों पर ट्रस्ट्स और बोर्ड के बीच मतभेद सामने आए हैं।

    टाटा संस में शापूरजी पालोनजी समूह की हिस्सेदारी करीब 18.37% है। वह लंबे समय से लिस्टिंग के पक्ष में रहा है। लिस्टिंग से उसे अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचकर कर्ज घटाने का रास्ता मिल सकता है।

    IPO का रास्ता क्यों खुला?

    टाटा संस के लिए IPO का मुद्दा अचानक नहीं आया है। सितंबर 2022 में RBI ने कंपनी को अपर-लेयर NBFC के रूप में वर्गीकृत किया था। इस श्रेणी की कंपनियों के लिए नियामकीय नियमों के तहत शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना जरूरी है।

    टाटा संस ने इस व्यवस्था से बाहर निकलने के लिए मार्च 2024 में अपना NBFC/CIC पंजीकरण सरेंडर करने का आवेदन दिया था। कंपनी ने करीब 21-22 हजार करोड़ रुपए का कर्ज चुकाकर खुद को नियामकीय ढांचे से बाहर करने की कोशिश की थी। लेकिन 11 सितंबर 2026 को RBI ने आवेदन खारिज कर दिया। इसके बाद कंपनी के सामने लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता प्रमुख विकल्प बन गया।

    गुरुवार को बोर्ड ने RBI के फैसले को चुनौती देने के बजाय लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया। हालांकि, टाटा संस ने अभी IPO की तारीख, आकार या शेयर बिक्री का औपचारिक ऐलान नहीं किया है।

    चंद्रशेखरन का तीसरा कार्यकाल क्यों अहम?

    एन. चंद्रशेखरन करीब चार दशक से टाटा समूह से जुड़े हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत TCS से की और आगे चलकर कंपनी के CEO और MD बने। फरवरी 2017 में उन्हें पहली बार टाटा संस का चेयरमैन बनाया गया था। 2022 में उन्हें दूसरा कार्यकाल मिला।

    उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने पारंपरिक कारोबार के साथ एयरलाइन, डिजिटल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और बैटरी जैसे क्षेत्रों में विस्तार किया। एयर इंडिया का अधिग्रहण भी इसी दौर की बड़ी घटनाओं में शामिल रहा।

    आपकी दी गई जानकारी के अनुसार वित्त वर्ष 2020 में टाटा समूह का रेवेन्यू 7.89 लाख करोड़ रुपए था, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 16.24 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया। इसी तरह लिस्टेड कंपनियों का संयुक्त मार्केट कैप 2020 में करीब 9.31 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 2026 में 24 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया।

    असली मतभेद सिर्फ चेयरमैन पद पर नहीं

    चंद्रशेखरन और नोएल टाटा के बीच मतभेदों की चर्चा पिछले कुछ महीनों से होती रही है। रिपोर्टों के अनुसार दोनों के बीच नए कारोबारों में निवेश, पूंजी आवंटन और कुछ कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन को लेकर अलग-अलग राय रही है। खासकर एयर इंडिया और टाटा डिजिटल जैसे नए कारोबारों में भारी निवेश और घाटे को लेकर निगरानी बढ़ाने की मांग का मुद्दा सामने आया है।

    यानी मौजूदा विवाद को केवल इस सवाल से नहीं समझा जा सकता कि चंद्रशेखरन चेयरमैन रहेंगे या नहीं। इसके पीछे टाटा संस की रणनीति, पूंजी का इस्तेमाल, लिस्टिंग और टाटा ट्रस्ट्स की भूमिका जैसे कई बड़े सवाल जुड़े हैं।

    टाटा संस की वैल्यू कितनी?

    मार्च 2026 तक टाटा संस का एसेट बेस करीब 2.01 लाख करोड़ रुपए बताया गया है। RBI के नियामकीय ढांचे में कंपनी का आकार भी महत्वपूर्ण है। संभावित लिस्टिंग के चलते बाजार में इसके वैल्यूएशन को लेकर कई अनुमान लगाए जा रहे हैं। कुछ विशेषज्ञ अनुमानों में यह 7 लाख करोड़ से 11 लाख करोड़ रुपए के बीच बताया गया है, हालांकि वास्तविक मूल्यांकन IPO प्रक्रिया, बाजार परिस्थितियों और कंपनी के अंतिम स्ट्रक्चर पर निर्भर करेगा।

    टाटा संस की बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी के कारण इसकी लिस्टिंग भारतीय पूंजी बाजार में महत्वपूर्ण घटनाक्रम हो सकती है। हालांकि अभी IPO का अंतिम आकार और समयसीमा तय नहीं हुई है।

    टाटा संस में किसकी कितनी हिस्सेदारी?

    टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की करीब 66% हिस्सेदारी है। शापूरजी पालोनजी समूह के पास करीब 18.37% हिस्सा है। इसके अलावा टाटा समूह की कंपनियों—TCS, टाटा मोटर्स और टाटा स्टील—की हिस्सेदारी भी है।

    लिस्टिंग होने की स्थिति में शेयरधारकों के लिए अपनी हिस्सेदारी का मूल्य तय करने और जरूरत के मुताबिक हिस्सेदारी बेचने का रास्ता खुल सकता है। दूसरी तरफ टाटा समूह के लिए बाजार से पूंजी जुटाने का विकल्प भी बढ़ेगा।

    टाटा ट्रस्ट्स, टाटा संस और टाटा ग्रुप में अंतर

    टाटा ग्रुप: टाटा ब्रांड के तहत काम करने वाली 30 से अधिक प्रमुख सार्वजनिक और निजी कंपनियों का व्यापक कारोबारी समूह है। इसमें TCS, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टाटा पावर, टाइटन, एयर इंडिया और ट्रेंट जैसी कंपनियां शामिल हैं।

    टाटा संस: यह टाटा ग्रुप की प्रमुख होल्डिंग और प्रमोटर कंपनी है। समूह की बड़ी कंपनियों में इसकी हिस्सेदारी है और ‘टाटा’ ब्रांड के इस्तेमाल से जुड़े अधिकार भी इसी के पास हैं। फिलहाल यह अनलिस्टेड कंपनी है।

    टाटा ट्रस्ट्स: सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट समेत विभिन्न परोपकारी ट्रस्टों का समूह है। टाटा संस में करीब 66% हिस्सेदारी होने के कारण इसकी भूमिका कारोबारी फैसलों में भी महत्वपूर्ण है। इसके संसाधनों का बड़ा हिस्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़े कामों में लगाया जाता है।

    फिलहाल चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति और टाटा संस की लिस्टिंग दोनों ही अगले चरण की मंजूरियों और नियामकीय प्रक्रिया पर निर्भर हैं। बोर्ड के फैसले के बाद अब निगाह इस बात पर है कि टाटा ट्रस्ट्स और कंपनी के बीच यह मतभेद किस तरह आगे बढ़ता है।

  • 18 सितंबर राशिफल: मेष से मीन तक जानें किसकी चमकेगी किस्मत नौकरी कारोबार और धन के मामले में दिन खास

    18 सितंबर राशिफल: मेष से मीन तक जानें किसकी चमकेगी किस्मत नौकरी कारोबार और धन के मामले में दिन खास


    नई दिल्ली। 18 सितंबर 2026 का दिन कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज ग्रहों की स्थिति के प्रभाव से कुछ लोगों को कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं जबकि कुछ राशि वालों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। लंबे समय से अटका हुआ कोई काम पूरा होने से मन प्रसन्न हो सकता है। नौकरी और कारोबार करने वालों के लिए दिन नई योजनाओं पर काम करने का संकेत दे रहा है। परिवार में किसी सदस्य से जुड़ी अच्छी खबर भी मिल सकती है। हालांकि किसी भी बड़े फैसले में जल्दबाजी करने से बचना जरूरी होगा।

    मेष राशि वालों के लिए आज मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारी बढ़ सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। कारोबार में नए संपर्क भविष्य में लाभ दे सकते हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रह सकती है लेकिन अचानक आने वाले खर्चों के लिए तैयार रहें। परिवार के साथ समय बिताने से रिश्तों में मधुरता आएगी।

    वृषभ राशि के जातकों के लिए दिन आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण रह सकता है। किसी पुराने निवेश या काम से लाभ मिलने की संभावना है। नौकरी में आपकी कार्यशैली की प्रशंसा हो सकती है। व्यापार में कोई नया सौदा तय करने से पहले सभी जरूरी जानकारी हासिल कर लें। घर परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है।

    मिथुन राशि वालों को आज अपनी योजनाओं को पूरा करने पर ध्यान देना होगा। कामकाज में व्यस्तता बढ़ सकती है लेकिन इसका फायदा भी मिलेगा। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। धन के मामले में अनावश्यक खर्च से बचें। विद्यार्थियों के लिए दिन मेहनत करने का है और एकाग्रता बढ़ाने से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

    कर्क राशि के लिए आज का दिन पारिवारिक और व्यावसायिक जिम्मेदारियों से भरा रह सकता है। कार्यस्थल पर किसी पुराने मामले का समाधान निकल सकता है। धन संबंधी लेनदेन में सावधानी रखें। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। घर के किसी सदस्य की उपलब्धि से खुशी मिल सकती है।

    सिंह राशि वालों के लिए आज आत्मविश्वास से आगे बढ़ने का दिन है। कार्यक्षेत्र में नेतृत्व करने का मौका मिल सकता है। कारोबार में नए अवसर सामने आएंगे। रुका हुआ धन मिलने की संभावना बन सकती है। किसी पुराने मित्र से संपर्क होने से पुरानी यादें ताजा होंगी। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा।

    कन्या राशि के जातकों के लिए आज व्यवस्थित तरीके से काम करना लाभकारी रहेगा। नौकरी में लंबित काम पूरे होंगे और अधिकारी आपकी मेहनत पर ध्यान दे सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए बनाई गई योजना पर आगे बढ़ सकते हैं। घर में किसी बात को लेकर तनाव हो तो बातचीत से समाधान निकालने की कोशिश करें।

    तुला राशि वालों के लिए दिन मिलाजुला रहने वाला है। काम में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कारोबारियों को किसी पुराने ग्राहक से लाभ मिल सकता है। खर्च और आमदनी के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। परिवार में किसी शुभ कार्य की तैयारी शुरू हो सकती है। प्रेम संबंधों में विश्वास और संवाद बनाए रखें।

    वृश्चिक राशि वालों के लिए आज धैर्य के साथ आगे बढ़ने का दिन है। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं लेकिन समझदारी से उन्हें दूर किया जा सकता है। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचें। किसी करीबी व्यक्ति की सलाह काम आ सकती है। स्वास्थ्य के लिहाज से आराम और दिनचर्या पर ध्यान देना जरूरी होगा।

    धनु राशि के लोगों के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी को लेकर बातचीत हो सकती है। कारोबार में काम बढ़ने से आय के रास्ते मजबूत होंगे। यात्रा की योजना बन सकती है। परिवार के साथ किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा होगी और आपका पक्ष सुना जाएगा।

    मकर राशि वालों को आज अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखना होगा। मेहनत का फल देर से मिलने के बावजूद सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। नौकरी में अधिकारियों से संबंध बेहतर होंगे। धन से जुड़े मामलों में सोच समझकर फैसला लें। परिवार के बड़े सदस्य की सलाह आपके लिए फायदेमंद हो सकती है।

    कुंभ राशि के लिए आज का दिन संपर्क और सहयोग के लिहाज से अच्छा रह सकता है। नए लोगों से मुलाकात होगी और काम से जुड़ा कोई अवसर मिल सकता है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। किसी पुराने विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने का मौका मिलेगा। परिवार में सकारात्मक माहौल बना रहेगा।

    मीन राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का है। नौकरी में आपकी मेहनत का परिणाम मिल सकता है। कारोबार में लाभ के अवसर बनेंगे। रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। कुल मिलाकर आज का दिन योजनाओं को सही दिशा में आगे बढ़ाने और धैर्य के साथ फैसले लेने का संकेत दे रहा है।

  • MP में मानसून विदाई की ओर, फिर भी सक्रियता बरकरार, 21 सितंबर तक बारिश का रहेगा दौर

    MP में मानसून विदाई की ओर, फिर भी सक्रियता बरकरार, 21 सितंबर तक बारिश का रहेगा दौर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है, लेकिन इसकी सक्रियता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक 18 से 21 सितंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और आंधी का दौर बना रह सकता है। इसके बाद 22 सितंबर से गतिविधियां सीमित होने के संकेत हैं। इस दौरान कम बारिश वाले जिलों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

    मानसून की विदाई की शुरुआत पश्चिमी राजस्थान से होने का अनुमान है। मध्य प्रदेश में इसकी सक्रियता सितंबर के अंतिम सप्ताह तक बनी रह सकती है। मौसम विभाग के मौजूदा पूर्वानुमान में भी 21 सितंबर तक पश्चिमी मध्य प्रदेश में गरज-चमक और आंधी की गतिविधियों का संकेत है, जबकि फिलहाल भारी बारिश की कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं है।

    18 से 21 सितंबर तक बन सकता है बारिश का दौर

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार अगले कुछ दिनों में प्रदेश के मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। सात दिन के पूर्वानुमान के मुताबिक 18 से 21 सितंबर के बीच वर्षा गतिविधियां बनी रह सकती हैं। 22 सितंबर से इसमें कमी आने लगेगी।

    मानसून की विदाई के पहले होने वाली यह गतिविधि उन जिलों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां इस सीजन में बारिश सामान्य से कम हुई है। प्रदेश के 18 जिलों में सामान्य या उससे ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया शामिल हैं।

    इसके उलट इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में बारिश सामान्य से कम है। आलीराजपुर में सामान्य बारिश की आधी ही बारिश हुई है, जबकि निवाड़ी में सामान्य से 54% ज्यादा पानी गिर चुका है।

    भोपाल, सीहोर और देवास में तेज बारिश

    गुरुवार दोपहर भोपाल, सीहोर और देवास जिलों में तेज बारिश हुई। भोपाल-इंदौर रोड पर सोनकच्छ में बारिश के दौरान कुछ देर के लिए दिन में ही अंधेरा छा गया। वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा।

    ग्वालियर में दिनभर उमस और गर्मी के बाद शाम को झमाझम बारिश हुई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया।

    अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र

    शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक इस समय सौराष्ट्र और उससे लगे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। मानसून ट्रफ भी इस निम्न दबाव क्षेत्र से होते हुए राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।

    इन मौसमी प्रणालियों से मध्य भारत में नमी और बारिश की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। इसी वजह से 18 और 19 सितंबर के दौरान मध्य प्रदेश में अलग-अलग चरणों में बारिश हो सकती है।

    19 सितंबर के बाद बन सकता है नया सिस्टम

    मौसम विशेषज्ञ के अनुसार उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम तक उत्तर अंडमान सागर के आसपास पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम के आसपास उत्तर अंडमान सागर में नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।

    इसके बाद इसके दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के संकेत हैं। यह सिस्टम मध्य प्रदेश के मौसम में एक और बदलाव का आधार बन सकता है। IMD ने भी 19 सितंबर के आसपास अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना जताई है।

    अब तक 33.1 इंच बारिश, सामान्य से 2.5 इंच कम

    मध्य प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में अब तक 842.1 मिमी यानी 33.1 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। यह सामान्य बारिश 35.6 इंच (905.3 मिमी) से करीब 2.5 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 7% कम बारिश दर्ज हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में कमी 2% और पश्चिमी हिस्से में 11% है।

    32 जिलों में 4 से 50% तक कम बारिश

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसतन 1% तक बारिश कम हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 4% से 25% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में इन जिलों की स्थिति में सुधार आया है।

    पश्चिमी हिस्से में आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 4% से 50% तक कम पानी गिरा है।

    ऐसे में सितंबर के अंतिम दौर में होने वाली बारिश इन जिलों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी। हालांकि, अभी उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान में 21 सितंबर तक भारी बारिश का व्यापक अलर्ट नहीं है; बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी की गतिविधियां अधिक प्रमुख रहने की संभावना है।

  • नाइजीरिया में जहरीली शराब का कहर, 48 लोगों की मौत; 100 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती, कई की हालत गंभीर

    नाइजीरिया में जहरीली शराब का कहर, 48 लोगों की मौत; 100 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती, कई की हालत गंभीर

    नई दिल्ली ।नाइजीरिया के दक्षिणी राज्य ओंडो में जहरीली शराब पीने से 48 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 100 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए हैं। प्रभावित लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और कई मरीजों की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अभियान शुरू कर दिया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

    अधिकारियों के मुताबिक, ओंडो राज्य के ओडिगबो और झरेले इलाकों में पिछले कुछ दिनों के दौरान यह घटना सामने आई। बताया गया कि शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। शुरुआती लक्षणों में आंखों के सामने अंधेरा छाना, उल्टी और सिरदर्द जैसी परेशानियां शामिल थीं। इसके बाद कई लोगों की हालत तेजी से गंभीर हो गई।

    राज्य के स्वास्थ्य आयुक्त बंजी अजाका के अनुसार, जहरीली शराब पीने के बाद 100 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें कई मरीजों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मरीजों को बचाने के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीमें लगातार उपचार में जुटी हैं। प्रभावित इलाकों में विशेष मेडिकल टीमों की तैनाती भी की गई है, ताकि नए मामलों की पहचान जल्द की जा सके और मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।

    घटना के बाद पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक व्यक्ति पर जहरीली शराब तैयार करने का आरोप भी लगाया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि शराब तैयार करने और उसकी आपूर्ति से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा सके।

    जांच में शराब में मेथनॉल मिलाए जाने की आशंका सामने आई है। मेथनॉल एक जहरीला रसायन है और इसके सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। अधिकारियों की जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि कथित तौर पर तैयार की गई जहरीली शराब किन-किन इलाकों में पहुंचाई गई और इसके सेवन से कितने लोग प्रभावित हुए हैं।

    स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मेडिकल टीमों को संभावित नए मरीजों की पहचान करने और उन्हें उपचार उपलब्ध कराने के लिए लगाया गया है। वहीं, पुलिस शराब की आपूर्ति और इसे तैयार करने से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

    प्रशासन की ओर से घटना के कारणों और जहरीली शराब की आपूर्ति के दायरे का पता लगाने के लिए कार्रवाई जारी है। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का प्रयास है कि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए और जहरीली शराब की आगे की आपूर्ति को रोका जा सके।

    ओंडो राज्य में हुई इस घटना ने शराब की गुणवत्ता और अवैध रूप से तैयार की जाने वाली शराब से जुड़े जोखिमों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मामले की जांच के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हुई हैं।

  • सरकारी बिक्री में 35 रुपये किलो प्याज, खुले बाजार में 60 से 70 रुपये तक पहुंची कीमत..

    सरकारी बिक्री में 35 रुपये किलो प्याज, खुले बाजार में 60 से 70 रुपये तक पहुंची कीमत..

    नई दिल्ली । प्याज की बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा दिया है। देश के कई खुदरा बाजारों में प्याज 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। दूसरी ओर सरकारी बफर स्टॉक से प्याज 35 रुपये प्रति किलो की दर पर उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। दोनों कीमतों के बीच बड़ा अंतर होने के बावजूद सरकारी प्याज हर बाजार और हर उपभोक्ता तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रही है।

    16 सितंबर को देशभर में प्याज का औसत खुदरा भाव 53.84 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया। एक साल पहले इसी दिन औसत खुदरा कीमत 27.71 रुपये प्रति किलो थी। इस तरह एक साल के दौरान औसत खुदरा भाव में करीब 94 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। थोक बाजार में भी कीमतों पर दबाव बना हुआ है। 16 सितंबर को प्याज का औसत थोक भाव 45.65 रुपये प्रति किलो रहा।

    बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 24 अगस्त से बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारना शुरू किया है। प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड के तहत रखे गए इस स्टॉक की बिक्री 35 रुपये प्रति किलो की दर से की जा रही है। इसके लिए नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर फेडरेशन, नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन, केंद्रीय भंडार और मोबाइल वैन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

    हालांकि, सरकारी बिक्री के बावजूद प्याज की उपलब्धता को लेकर चुनौती बनी हुई है। उत्पादक राज्यों से बड़े खपत केंद्रों तक बफर स्टॉक पहुंचाना आसान नहीं है। यही वजह है कि सरकारी बिक्री में प्याज अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध है, जबकि खुले बाजार में उपभोक्ताओं को काफी अधिक रकम चुकानी पड़ रही है।

    कीमतों पर नियंत्रण के लिए बफर स्टॉक की आपूर्ति को 19 शहरों तक बढ़ाया गया है। उत्पादक क्षेत्रों से बड़े शहरों तक प्याज पहुंचाने के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’, रेलवे रैक और 30 से अधिक ट्रकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकारी स्तर पर माना गया है कि कुछ बाजारों में बफर प्याज की बिक्री का असर दिखाई देने लगा है। हालांकि, खुदरा कीमतों में व्यापक राहत के लिए सरकारी स्टॉक की पहुंच और उपलब्धता महत्वपूर्ण बनी हुई है।

    प्याज की कीमतों में मौसमी उतार-चढ़ाव का भी असर पड़ता है। रबी सीजन की प्याज का स्टॉक धीरे-धीरे कम होने के बाद अगली खरीफ फसल की आवक का इंतजार रहता है। रबी और खरीफ फसल के बीच का समय प्याज के लिए अपेक्षाकृत कम आपूर्ति वाला दौर माना जाता है। इसी अवधि में बाजार में बफर स्टॉक से प्याज उतारकर आपूर्ति बढ़ाने की व्यवस्था की जाती है।

    इस बार खरीफ प्याज की बुआई में देरी ने भी चिंता बढ़ाई है। महाराष्ट्र के नासिक में बुआई करीब 15 दिन पीछे चलने की जानकारी सामने आई थी। कर्नाटक के चित्रदुर्गा-चलकेरे क्षेत्र में भी बुआई सामान्य स्तर की करीब 60 प्रतिशत बताई गई थी। इससे नई फसल की मंडियों में आवक प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

    मौसम की स्थिति और बाजार की गतिविधियों का असर भी कीमतों पर पड़ता है। मॉनसून में देरी और उससे जुड़े हालात को प्याज की स्थिति से जोड़ा गया है। कुछ कारोबारियों की सट्टा खरीदारी का असर बाजार की धारणा पर पड़ने की बात भी सामने आई है। हालांकि, देश में कुल उत्पादन के स्तर पर बड़ी कमी नहीं बताई गई है।

    2025-26 में प्याज का उत्पादन 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 307.67 लाख टन था। सरकार ने 2026-27 के लिए 2 लाख टन रबी प्याज बफर के रूप में खरीदने का लक्ष्य रखा है। इसमें करीब 1.21 लाख टन की खरीद हो चुकी थी। बफर खरीद का भाव भी बढ़ाकर 2,125 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। इसका उद्देश्य कम आपूर्ति वाले समय में बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाकर कीमतों पर नियंत्रण रखना है।

  • एनएसई आईपीओ की ग्रे मार्केट चमक फीकी, एक हफ्ते में जीएमपी करीब 32 प्रतिशत गिरा, निवेशकों की नजर वित्तीय प्रदर्शन पर

    एनएसई आईपीओ की ग्रे मार्केट चमक फीकी, एक हफ्ते में जीएमपी करीब 32 प्रतिशत गिरा, निवेशकों की नजर वित्तीय प्रदर्शन पर


    नई दिल्ली ।लंबे समय से प्रतीक्षित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई का आईपीओ गुरुवार से आम निवेशकों के लिए खुल गया। हालांकि, आईपीओ के बाजार में आने के साथ ही इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी जीएमपी में लगातार कमजोरी देखने को मिल रही है। पिछले एक सप्ताह के दौरान एनएसई के जीएमपी में करीब 32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इससे आईपीओ को लेकर निवेशकों की नजर अब केवल संभावित लिस्टिंग पर ही नहीं, बल्कि कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर भी बनी हुई है।

    उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 11 सितंबर को एनएसई के आईपीओ का जीएमपी 218 रुपये प्रति शेयर था। इसके बाद 12 सितंबर को यह 208 रुपये, 13 सितंबर को 210 रुपये और 14 सितंबर को 208 रुपये रहा। 15 सितंबर को जीएमपी घटकर 160 रुपये और 16 सितंबर को 145 रुपये पर आ गया। 17 सितंबर को यह 125 रुपये बताया गया, जबकि दोपहर तीन बजे के आसपास यह 148 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर पहुंच गया। एक सप्ताह के दौरान इस स्तर पर कुल मिलाकर करीब 32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

    ग्रे मार्केट प्रीमियम किसी आईपीओ के शेयरों के लिए अनौपचारिक बाजार में इश्यू प्राइस के ऊपर चल रहे प्रीमियम को दर्शाता है। हालांकि, जीएमपी आधिकारिक बाजार मूल्य नहीं होता और इसके आधार पर शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं दी जा सकती। आईपीओ की लिस्टिंग के समय बाजार की परिस्थितियां, निवेशकों की मांग और अन्य कारक वास्तविक कीमत को प्रभावित कर सकते हैं।

    एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर से 21 सितंबर तक आम निवेशकों के लिए खुला रहेगा। कंपनी ने इसके लिए 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ऊपरी मूल्य सीमा के आधार पर इश्यू का आकार 22,561.57 करोड़ रुपये है। आईपीओ में कुल 12.64 करोड़ शेयर पेश किए जा रहे हैं।

    यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस के रूप में है। इसका मतलब है कि आईपीओ के तहत पेश किए जा रहे शेयर मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी से संबंधित हैं। इसलिए इश्यू से मिलने वाली राशि कंपनी के कारोबार में नई पूंजी के रूप में सीधे नहीं जाएगी, बल्कि मौजूदा निवेशकों को प्राप्त होगी।

    एनएसई के आईपीओ को लेकर निवेशकों के लिए कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की ऑपरेशन से आय 16,601.31 करोड़ रुपये रही। यह वित्त वर्ष 2025 में दर्ज 17,140.67 करोड़ रुपये की आय से कम है। इस तरह सालाना आधार पर ऑपरेशन से आय में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई।

    कंपनी की आय के प्रमुख स्रोतों में शामिल ट्रांजैक्शन चार्जेज में भी कमी आई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार समीक्षा अवधि में यह आय 13,635.76 करोड़ रुपये से घटकर 13,057.01 करोड़ रुपये रह गई। यानी इसमें सालाना आधार पर करीब चार प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।

    आईपीओ खुलने के साथ अब निवेशकों के सामने कंपनी के मूल्यांकन, वित्तीय प्रदर्शन, इश्यू प्राइस और बाजार में संभावित मांग जैसे कई पहलू हैं। वहीं जीएमपी में आई हालिया गिरावट ने संभावित लिस्टिंग प्रीमियम को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव का संकेत दिया है। हालांकि अंतिम लिस्टिंग कीमत का निर्धारण आधिकारिक बाजार में कारोबार शुरू होने के बाद ही होगा।

  • भारतीय शेयर बाजार में मिला-जुला कारोबार, सेंसेक्स 22 अंक फिसला जबकि निफ्टी 53 अंक चढ़कर 23,270 पर बंद हुआ

    भारतीय शेयर बाजार में मिला-जुला कारोबार, सेंसेक्स 22 अंक फिसला जबकि निफ्टी 53 अंक चढ़कर 23,270 पर बंद हुआ

    नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार मिला-जुला रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक के नतीजों और उसके संकेतों का आकलन करने के बीच घरेलू बाजार में पूरे सत्र के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी50 में हल्की बढ़त दर्ज की गई। व्यापक बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने प्रमुख सूचकांकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।

    बीएसई सेंसेक्स 21.86 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,314.59 पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 74,336.45 के स्तर पर बंद हुआ था। गुरुवार को सूचकांक 153.83 अंक यानी 0.20 प्रतिशत नीचे 74,182.62 पर खुला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 74,677.56 का ऊपरी स्तर छुआ, जो पिछले बंद स्तर से 341.11 अंक यानी 0.45 प्रतिशत अधिक था। दिन के दौरान इसका निचला स्तर 74,163.95 रहा।

    निफ्टी50 में इसके विपरीत बढ़त दर्ज की गई। सूचकांक 53 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,270.60 पर बंद हुआ। पिछले सत्र में निफ्टी 23,217.60 पर बंद हुआ था। गुरुवार को यह 22.34 अंक की गिरावट के साथ 23,195.25 पर खुला। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 23,363.55 का इंट्रा-डे हाई बनाया, जो 145.95 अंक यानी 0.62 प्रतिशत की बढ़त थी। इसका निचला स्तर 23,193.65 रहा।

    व्यापक बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.92 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.76 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिला कि प्रमुख सूचकांकों में सीमित उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों की रुचि चुनिंदा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बनी रही।

    सेक्टरवार कारोबार में रियल्टी, ऑटो और मेटल सूचकांकों का प्रदर्शन बेहतर रहा। दूसरी ओर बैंकिंग से जुड़े सूचकांकों पर दबाव दिखाई दिया। निफ्टी बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक में गिरावट दर्ज की गई।

    निफ्टी50 में एचडीएफसी लाइफ का शेयर 5.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ प्रमुख लाभ वाले शेयरों में रहा। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एसबीआई लाइफ, डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज, बीईएल, इंडिगो और टाटा स्टील भी बढ़त वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे। दूसरी ओर ओएनजीसी, टाइटन, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, कोल इंडिया और नेस्ले इंडिया में गिरावट रही।

    बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच हालिया गिरावट के बाद कुछ शेयरों में वैल्यू बाइंग भी देखने को मिली। निवेशकों ने मजबूत कमाई की संभावना, अच्छे ऑर्डर बुक और बेहतर बैलेंस शीट वाली कंपनियों पर ध्यान बनाए रखा। कैपिटल गुड्स, इंडस्ट्रियल, डिफेंस, पावर और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में चुनिंदा कंपनियों के प्रति रुचि बनी रही।

    वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड से जुड़े संकेतों का असर भी बाजार के रुख पर रहा। वहीं मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अमेरिकी टैरिफ से जुड़े जोखिमों के कारण निवेशकों के बीच सतर्कता बनी रहने की बात कही गई। आने वाले सत्रों में वैश्विक आर्थिक संकेतक और केंद्रीय बैंकों के फैसले बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।

  • शाहरुख खान ने अंबानी परिवार की गणपति पूजा में की आरती, कैमरों से बनाई दूरी, सामने आया समारोह का वीडियो

    शाहरुख खान ने अंबानी परिवार की गणपति पूजा में की आरती, कैमरों से बनाई दूरी, सामने आया समारोह का वीडियो

    नई दिल्ली ।गणेश चतुर्थी के अवसर पर अंबानी परिवार के घर एंटीलिया में आयोजित गणपति पूजा में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गणपति बप्पा की पूजा और आरती की। हालांकि, समारोह में पहुंचने के दौरान शाहरुख खान ने कैमरों से दूरी बनाए रखी और अन्य सितारों की तरह बाहर फोटोग्राफरों के सामने तस्वीरें नहीं खिंचवाईं। अब समारोह के अंदर की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद उनके शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

    सामने आए वीडियो में शाहरुख खान गणपति बप्पा की आरती करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वह हाथ में आरती की थाली लिए भगवान गणेश के सामने खड़े नजर आए। इस दौरान अभिनेता सफेद शर्ट और काली पैंट में दिखाई दिए। उनका सादगी भरा अंदाज वीडियो में साफ नजर आ रहा है। गणपति पूजा में उनके साथ अभिनेता रणवीर सिंह भी मौजूद थे।

    एक तस्वीर में रणवीर सिंह आरती करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि शाहरुख खान उनके पास खड़े नजर आ रहे हैं। रणवीर सिंह ने सफेद कुर्ता-पायजामा के साथ जैकेट पहनी थी। समारोह की सामने आई तस्वीरों और वीडियो में दोनों कलाकारों की मौजूदगी देखने को मिली है।

    गणपति उत्सव में बॉलीवुड के कई सितारे पहुंचे थे। इनमें से ज्यादातर कलाकारों ने बाहर मौजूद फोटोग्राफरों के सामने तस्वीरें खिंचवाईं, लेकिन शाहरुख खान ने ऐसा नहीं किया। वह बिना ज्यादा चर्चा के समारोह में पहुंचे और कैमरों से दूरी बनाए रखी। इसी वजह से शुरुआत में उनके आयोजन में शामिल होने को लेकर कोई तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आया था।

    बाद में समारोह के अंदर की तस्वीरें और वीडियो सामने आए तो शाहरुख खान की मौजूदगी की जानकारी सामने आई। एक तस्वीर में वह मुकेश अंबानी और नीता अंबानी के साथ भी दिखाई दिए। इससे पता चला कि अभिनेता अंबानी परिवार के गणपति उत्सव में शामिल हुए थे और उन्होंने पूजा में हिस्सा लिया।

    शाहरुख खान के आरती करते हुए वीडियो के सामने आने के बाद उनका यह अंदाज चर्चा में है। वीडियो में वह गणपति बप्पा के सामने आरती की थाली लिए दिखाई दे रहे हैं। समारोह के दौरान उन्होंने कैमरों से दूरी बनाए रखी, लेकिन अंदर की तस्वीरों में उनकी मौजूदगी दर्ज हुई।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो शाहरुख खान जल्द फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगे। इस फिल्म का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद कर रहे हैं। फिल्म में शाहरुख खान के साथ उनकी बेटी सुहाना खान और अभिषेक बच्चन भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। फिल्म की रिलीज 24 दिसंबर 2026 बताई जा रही है। ऐसे में गणपति उत्सव में शाहरुख की मौजूदगी के साथ उनकी आने वाली फिल्म ‘किंग’ भी चर्चा में बनी हुई है।

  • तमन्ना भाटिया से अलगाव के बाद आलिया कुरैशी संग नजर आए विजय वर्मा, ‘लस्ट स्टोरीज 3’ स्क्रीनिंग से फिर बढ़ीं डेटिंग चर्चाएं

    तमन्ना भाटिया से अलगाव के बाद आलिया कुरैशी संग नजर आए विजय वर्मा, ‘लस्ट स्टोरीज 3’ स्क्रीनिंग से फिर बढ़ीं डेटिंग चर्चाएं


    नई दिल्ली ।बॉलीवुड अभिनेता विजय वर्मा इन दिनों अपनी फिल्मों के साथ निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा में हैं। तमन्ना भाटिया से रिश्ता खत्म होने के बाद अब उनका नाम अभिनेत्री और सिंगर आलिया कुरैशी के साथ जोड़ा जा रहा है। हाल ही में मुंबई में ‘लस्ट स्टोरीज 3’ की स्क्रीनिंग के दौरान दोनों को साथ देखा गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके रिश्ते को लेकर चर्चाएं फिर तेज हो गईं।

    विजय वर्मा और आलिया कुरैशी की साथ मौजूदगी ने स्क्रीनिंग के दौरान लोगों का ध्यान खींचा। दोनों इससे पहले भी मुंबई में एक साथ नजर आ चुके हैं। उनकी लगातार सामने आ रही तस्वीरों और वीडियो के बाद विजय और आलिया की डेटिंग को लेकर चर्चाएं होने लगी हैं। हालांकि, दोनों में से किसी ने भी अपने रिश्ते को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की है।

    आलिया कुरैशी मनोरंजन जगत में अभिनेत्री, सिंगर और गीतकार के तौर पर काम कर रही हैं। सोशल मीडिया पर उन्हें ‘झल्ली’ नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने अभिनय के साथ संगीत के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाने की कोशिश की है और कई चर्चित प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं।

    आलिया ने शाहरुख खान की फिल्म ‘जवान’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। एटली के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उन्होंने आजाद की टीम की सदस्य जानवी का किरदार निभाया था। फिल्म में काम करने के बाद उन्हें अन्य प्रोजेक्ट्स में भी देखा गया। वह ‘बंदिश बैंडिट्स’ के दूसरे सीजन में अनन्या के किरदार में नजर आई थीं।

    इसके अलावा आलिया कुरैशी खुशी कपूर और इब्राहिम अली खान की फिल्म ‘नादानियां’ में भी काम कर चुकी हैं। इस फिल्म में उन्होंने साहिरा की भूमिका निभाई थी। अभिनय के अलावा संगीत से जुड़े उनके काम ने भी उन्हें मनोरंजन जगत में अलग पहचान दी है।

    आलिया ने एक पुराने इंटरव्यू में ‘जवान’ के सेट पर शाहरुख खान के साथ काम करने के अनुभव के बारे में भी बात की थी। उन्होंने बताया था कि सेट पर दोनों मॉनिटर के पास बैठकर अभिनय, जिंदगी और अलग-अलग विषयों पर बातचीत करते थे। उन्होंने शाहरुख की समझ और उनके ह्यूमर की भी तारीफ की थी।

    आलिया के मुताबिक, एटली की बर्थडे पार्टी में उन्होंने शाहरुख खान के साथ पूल गेम खेला था और ‘छैयां छैयां’ गाने पर डांस भी किया था। उन्होंने ‘जवान’ के सेट पर बिताए समय को अपने लिए खास अनुभव बताया था।

    विजय वर्मा इससे पहले तमन्ना भाटिया के साथ रिश्ते को लेकर लंबे समय तक सुर्खियों में रहे थे। दोनों की नजदीकियां ‘लस्ट स्टोरीज 2’ के दौरान बढ़ी थीं। फिल्म से जुड़ी उनकी मुलाकात के बाद दोनों के रिश्ते की चर्चाएं शुरू हुईं और करीब दो साल तक दोनों का नाम साथ जोड़ा जाता रहा।

    विजय और तमन्ना को कई मौकों पर साथ देखा गया था और दोनों ने सार्वजनिक रूप से अपने रिश्ते को लेकर बातचीत भी की थी। हालांकि, 2025 में दोनों के अलग होने की खबरें सामने आईं। इसके बाद विजय ने अपनी निजी जिंदगी के बारे में ज्यादा चर्चा नहीं की। तमन्ना से अलगाव के बाद अब आलिया कुरैशी के साथ उनकी लगातार सामने आ रही तस्वीरों और वीडियो ने एक बार फिर उनके निजी जीवन को चर्चा में ला दिया है। दोनों की ओर से रिश्ते की कोई आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

  • लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे अनंत अंबानी, लाल कुर्ते में दिखे और गणपति बप्पा का लिया आशीर्वाद

    लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे अनंत अंबानी, लाल कुर्ते में दिखे और गणपति बप्पा का लिया आशीर्वाद

    नई दिल्ली । गणपति विसर्जन के बाद अनंत अंबानी एक बार फिर भगवान गणेश के दर्शन के लिए पहुंचे। अनंत अंबानी मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दरबार में पहुंचे और बप्पा के सामने शीश झुकाकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आए, जिनमें वह कड़ी सुरक्षा के बीच गणपति पंडाल की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं।

    अनंत अंबानी अपने काफिले के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने लाल रंग का कुर्ता पहना हुआ था। पंडाल में पहुंचने के बाद उन्होंने भगवान गणेश के चरणों में सिर झुकाया और आशीर्वाद लिया। दर्शन के दौरान उनकी भक्ति का अंदाज कैमरे में कैद हुआ। इसके बाद उनकी झलकियां सोशल मीडिया पर सामने आईं और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गईं।

    अनंत अंबानी की भगवान गणेश के प्रति आस्था पहले भी कई मौकों पर देखने को मिली है। गणेश उत्सव के दौरान अंबानी परिवार हर साल धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लेता है। इस वर्ष भी अनंत अंबानी ने पत्नी राधिका मर्चेंट और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गणपति उत्सव में हिस्सा लिया था। परिवार ने घर पर गणपति बप्पा का स्वागत किया और पूजा-अर्चना के साथ उत्सव मनाया।

    गणपति उत्सव के बाद परिवार के सदस्यों ने बप्पा का विसर्जन भी किया था। इस दौरान परिवार के लोग उत्साह के साथ गणपति विसर्जन के लिए पहुंचे थे। अनंत अंबानी भी इस मौके पर नजर आए थे। विसर्जन के कुछ समय बाद उनका लालबागचा राजा के दर्शन के लिए पहुंचना सामने आया है।

    लालबागचा राजा मुंबई के प्रसिद्ध गणपति पंडालों में शामिल है और गणेश उत्सव के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। अनंत अंबानी का इस गणपति मंडल से जुड़ाव भी रहा है। वर्ष 2024 में उन्हें लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की ओर से बोर्ड का मानद सलाहकार सदस्य नियुक्त किए जाने की घोषणा की गई थी।

    इसके बाद से अनंत अंबानी लालबागचा राजा के दर्शन के लिए नियमित रूप से पहुंचते रहे हैं। पिछले वर्ष भी उन्होंने यहां पहुंचकर भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया था। अंबानी परिवार के अन्य सदस्य भी अलग-अलग मौकों पर लालबागचा राजा के दर्शन करते रहे हैं।

    इस बार भी अनंत अंबानी के दर्शन से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद उनकी धार्मिक आस्था को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। वीडियो में वह सुरक्षा घेरे के बीच पंडाल में प्रवेश करते और भगवान गणेश के सामने श्रद्धा से सिर झुकाते दिखाई दे रहे हैं।

    अनंत अंबानी के लिए गणेश उत्सव केवल पारिवारिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा है। वह अलग-अलग मौकों पर भगवान गणेश के दर्शन और पूजा में शामिल होते रहे हैं। लालबागचा राजा के दर्शन के दौरान सामने आई उनकी ताजा झलकियों में भी यही धार्मिक जुड़ाव दिखाई दिया। गणपति विसर्जन के बाद उनका बप्पा के दरबार में पहुंचना इस साल के गणेश उत्सव से जुड़ी उनकी गतिविधियों में एक और प्रमुख अवसर रहा।