

गुरुवार सुबह 10:47 बजे शुभ मुहूर्त में घट स्थापना और ज्योति स्थापना के साथ नौ दिवसीय नवरात्रि का शुभारंभ होगा। यह पर्व 27 मार्च को राम नवमी के दिन समाप्त होगा। भक्तों की आस्था उत्साह और भक्ति का संगम इस दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ दिखाई देगा।
मंदिर समिति ने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पानी छांव और परिक्रमा मार्ग में कारपेट बिछाने जैसी व्यवस्थाओं का खास इंतजाम किया है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए समिति हर संभव प्रयास कर रही है। मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्त लगभग 1400 सीढ़ियों का रास्ता तय कर सकते हैं। इसके अलावा रोपवे और सड़क मार्ग की सुविधा भी उपलब्ध है जिससे बुजुर्ग और छोटे बच्चों वाले परिवार भी आसानी से दर्शन कर सकते हैं।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं। नवरात्रि के दौरान सैकड़ों पुलिस जवान और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहेंगे ताकि भक्तों के लिए व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी भी तरह की असुविधा न हो। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
मंदिर का वातावरण नवरात्रि की शुरुआत से ही भक्तिमय हो जाएगा। श्रद्धालु सुबह शाम पूजन हवन और आरती में भाग लेंगे। इस दौरान देवी मां के विभिन्न स्वरूपों की पूजा और भजन कीर्तन का आयोजन भी होगा। मंदिर के आसपास स्थानीय बाजार भी सज धज कर उत्सव का रंग बिखेरेंगे जहां भक्त पूजा सामग्री और नवरात्रि से जुड़े अन्य सामान खरीद सकते हैं।
भक्ति श्रद्धा और उत्साह के इस महापर्व में सलकनपुर एक बार फिर आस्था के रंग में रंगने को तैयार है। हर उम्र के भक्त इस अवसर पर माता के दर्शन के लिए दूर दूर से यहां पहुंचते हैं। नौ दिन तक चलने वाले इस पर्व में भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए देवी की उपासना करेंगे और मंदिर परिसर में चारों ओर भक्तों की भीड़ भजन और आरती का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा।
सलकनपुर और मां विजयासन देवी मंदिर इस बार भी श्रद्धालुओं को यादगार अनुभव देने के लिए पूरी तरह सज धज कर तैयार हैं। नवरात्रि के इस महापर्व में हर कोई आस्था उल्लास और भक्तिभाव में डूबकर माता के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करेगा।

मराठा आंदोलन के प्रमुख चेहरा मनोज जरांगे पाटिल ने साफ कहा है कि समुदाय अब दोबारा मुंबई की ओर कूच करने के लिए तैयार है उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वादे पूरे नहीं किए गए तो इसके गंभीर परिणाम होंगे उनका कहना है कि अगर सरकार आरक्षण देने के पक्ष में नहीं थी तो पहले ही संबंधित आदेश जारी नहीं किए जाने चाहिए थे
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मराठा समाज अब पूरी तरह संगठित और जागरूक है और अपने अधिकारों के लिए पीछे हटने वाला नहीं है इससे साफ संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में राज्य में एक बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है
इसी बीच महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के मालाड इलाके में प्रोजेक्ट प्रभावित व्यक्तियों के लिए जमीन आवंटन में कथित अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए हैं यह मामला तब सामने आया जब विधानसभा में इसे लेकर गंभीर सवाल उठाए गए
राज्य की शहरी विकास मंत्री माधुरी मिसाल ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच अतिरिक्त मुख्य सचिव के नेतृत्व में की जाएगी और जब तक जांच पूरी नहीं होती तब तक किसी भी तरह की आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी
यह मुद्दा कांग्रेस नेता असलम शेख द्वारा उठाया गया था जिसके बाद भाजपा के योगेश सागर और मुर्जी पटेल ने भी इस पर सवाल खड़े किए
विधानसभा में आरोप लगाया गया कि जमीन आवंटन के दौरान डेवलपर को ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स और प्रीमियम सामान्य दर से कहीं अधिक दिया गया जिससे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है

बीएसई इंडेक्स 0.83 प्रतिशत या 633.29 अंक की तेजी के साथ 76,704.13 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई इंडेक्स 50 0.83 प्रतिशत या 196.65 अंक की तेजी के साथ 23,777.80 पर बंद हुआ। दिन के दौरान इंडेक्स ने 76,367.55 पर तेजी से 77,000.22 का उच्चतम स्तर हासिल किया, जबकि इंडेक्स ने 23,632.90 पर तेजी से 23,862.25 का सर्वोच्च स्तर हासिल किया।
व्यापक बाजार और मध्यम-छोटे कैप में बढ़ोतरी
बुधवार के सत्र में समग्र बाजार में तेजी से बनी रही। व्यापक बाजार ने मुख्य सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप में 2.02 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.67 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टरवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो निफ्टी मीडिया इंडेक्स में 3.35 प्रतिशत की उछाल, निफ्टी आईटी में 2.78 प्रतिशत, और निफ्टी रियल्टी में 2.75 प्रतिशत की तेजी से सबसे ज्यादा रही। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो में 1.92 प्रतिशत, निफ्टी बैंक में 0.82 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंस सर्विसेज में 0.79 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी एफएमसीजी में मामूली गिरावट देखी गई।
टॉप जेनर्स और लॉसर्स
सेंसेक्स में इंटरनल, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इंफोसिस, अदाणी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस, एक्सिस बैंक, इंडिगो, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस और अदाणी इंटरप्राइजेज के शेयर सबसे ज्यादा तेजी से देखने को मिले। वहीं सिप्ला, एचयूएल, कोल इंडिया, एनटीपीस, सनफार्मा, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, अपोलो हॉस्पिटल्स और हिंडाल्को के शेयर सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वालों में शामिल रहे।
बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी
इस तेजी से चलते बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 5 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 438 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया, जो पहले 433 लाख करोड़ रुपये था। आंकड़ों के अनुसार, आईटी और रियल्टी सेक्टर में बढ़ी खरीदारी, भारतीयों का पॉजिटिव सेंटीमेंट और वैश्विक बाजारों में स्थिरता इस तेजी के प्रमुख कारण रहे।

2024-25 में करीब 1,250 नए जनरल कोच जुड़े और 2025-26 में करीब 860 और कोच जुड़ने की योजना है। कुल कोच में अब करीब 70 फीसदी जनरल और स्लीपर क्लास के हैं। रेलवे हर साल यात्रियों को करीब 60,000 करोड़ रुपये की छूट देता है, जबकि उपनगरीय क्षेत्र की तरह मुंबई को 3,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त छूट मिलती है।
मालदीव में फास्ट ग्रोथ, रेलवे ने दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फ्रेट कैरियर बनाया
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि रेलवे की माल ढुलाई (फ्रेट) क्षमता में भी बढ़ोतरी हुई है। 2013-14 में फ्रेट की मात्रा 1,055 मिलियन टन थी, जो अब 1,650 मिलियन टन तक पहुंच गई है। यह वृद्धि से भारतीय रेलवे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फ्रेट कैरियर बन गया है।
विद्युतीकरण के क्षेत्र में भी तेजी आई है। अब लगभग 47,000 किमी ट्रैक इलेक्ट्रिफाई का भुगतान किया जा चुका है, यानी नेटवर्क का 99 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बिजली से संचालित हो रहा है। ट्रैक निर्माण में तेजी के साथ कुल ट्रैक की लंबाई पहले 15,000 किलोमीटर थी, जो अब 35,000 किलोमीटर हो गई है।
सुरक्षा और प्रौद्योगिकी में बड़ा सुधार
रेलवे ने सुरक्षा के दावे से भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रोड ब्रिज (आरओबी) और रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) की संख्या 4,000 से 14,000 हो गई है। इसके अलावा, अब तक 1,500 किमी से लेकर अब तक 4,000 किमी से अधिक के संकेत संकेत मिल चुके हैं।
रेल मंत्री ने कहा कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अंतर्गत ट्रैक और ट्रेन के मेंटेनेंस, नई तकनीक का इस्तेमाल और कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एलएचबीआई कोच की संख्या भी तेजी से बढ़ी है, और हाल के वर्षों में करीब 48,000 कोच जुड़े हैं।
रोलिंग स्टॉक और फ्रेट गैलरी में हवेली
रेलवे में लोकोमोटिवा (इंजन) की संख्या अब करीब 12,000 और वैगन (माल टेक्सटाइल्स) की संख्या 2 लाख से अधिक हो गई है। सरकार ने नीति आयोग और वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर मजबूत प्रणाली तैयार की है। डेडिकेटेड फ्रेट क्लास (DFC) प्रोजेक्ट में भी तेजी आई है। अब तक करीब 2,800 किमी 2,800 मालगा फ़्लोरिडा तैयार हो चुकी है, और हर रोज़ लगभग 480 मालगा फ़्लोरिडा इस रास्ते पर चल रही हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए। दोनों संस्थानों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया और एहतियातन छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। अभी तक किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक का पता नहीं चला है।
पिछले दो दिनों का पैटर्न भी चिंताजनक रहा। 17 मार्च को नापतोल विभाग को इसी तरह की धमकी मिली थी जिसमें सायनाइड गैस वाले सिलेंडरों का जिक्र था। इससे पहले एम्स भोपाल और पीपल्स यूनिवर्सिटी को भी बार बार धमकी वाले ई मेल प्राप्त हुए थे।
पुलिस और जांच एजेंसियों के अनुसार पिछले एक महीने में भोपाल में पांचवीं बार विभिन्न संस्थानों को बम धमकी मिली है। अब तक सभी धमकियां फर्जी साबित हुई हैं। कोई भी विस्फोटक नहीं मिला लेकिन हर बार सर्च ऑपरेशन इमारतें खाली कराना और आम जनता में दहशत फैलाना जैसी परेशानियां उत्पन्न होती हैं।

क्या बदला है?
अब तक ALMM फ्रेमवर्क मुख्य रूप से सोलर मॉड्यूल और सेल्स पर लागू था, लेकिन नए फैसले के तहत इसे पूरी वैल्यू चेन में ऊपर (अपस्ट्रीम) तक ले जाया गया है। नई ALMM सूची-III इनगोट्स और वेफर्स के लिए लागू होगी इससे घरेलू सोर्सिंग (लोकल सोर्सिंग) को और बढ़ावा मिलेगा
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी के अनुसार, इस कदम के तीन बड़े लक्ष्य हैं:
आयात पर निर्भरता कम करना
घरेलू कंस्ट्रक्शन को बढ़ावा देना
सप्लाई चेन को मजबूत और सुरक्षित बनाना
उन्होंने इसे “आत्मनिर्भर सोलर इकोसिस्टम” की दिशा में ठोस कदम बताया।
परियोजनाओं पर क्या असर पड़ेगा?
नेट मीटरिंग और ओपन एक्सेस सहित सभी नई परियोजनाओं को ALMM-सूचीबद्ध वेफर्स का इस्तेमाल करना होगा
ग्रैंडफादरिंग प्रावधान लागू होंगे, यानी पहले से चल रही परियोजनाओं को राहत दी जाएगी
विद्युत अधिनियम 2003 के तहत नई बोलियों में ALMM-अनुरूप वेफर्स का उल्लेख जरूरी होगा
2028 के बाद क्या होगा?
जून 2028 से ALMM सूची-I (मॉड्यूल) में सिर्फ वही मॉड्यूल शामिल होंगे, जो ALMM-अनुमोदित सेल और वेफर्स से बने होंगे मौजूदा DCR (Domestic Content Requirement) नियमों पर इसका असर नहीं पड़ेगा
क्यों है यह फैसला अहम?
सोलर वेफर्स पूरी सोलर मैन्युफैक्चरिंग चेन का एक अहम हिस्सा हैं, और भारत अभी इस क्षेत्र में काफी हद तक इंपोर्ट पर निर्भर है।
यह फैसला:
घरेलू प्रोडक्शन को बढ़ाएगा
रोजगार सृजन में मदद करेगा
भारत को ग्लोबल सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में आगे ले जाएगा

इस अवसर पर कई कांग्रेस नेता भी मौजूद थे जिनमें राजेंद्र वशिष्ठ और भरत पोरवाल शामिल थे। जयवर्धन सिंह भस्म आरती के दौरान पूरी तरह से भक्ति में लीन दिखाई दिए।
आरती के बाद उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित भगवान वीरभद्र के दर्शन भी किए। यह धार्मिक आयोजन स्थानीय लोगों और भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है और जयवर्धन सिंह की उपस्थिति ने इसे और भी यादगार बना दिया।

कुक का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब कंपनी ने अपने 50वें सालगिरह के दीक्षांत समारोह में शामिल किया है। यह खास बात यह है कि ऐपल के साथ अपने लंबे समय तक चलने वाले पोर्टफोलियो और भविष्य की परिभाषा पर भी फ्रैंक की बात। उन्होंने कहा कि उनका “स्लोडाउन” करने का कोई मतलब नहीं है और वह पूरी तरह से ऊर्जा के साथ कंपनी का नेतृत्व करेंगे। उनका यह रुख उद्यमियों और कर्मचारियों के लिए भरोसेमंद संवर्द्धन वाला माना जा रहा है।
600 अरब डॉलर निवेश की योजना, अमेरिका में विनिर्माण विनिर्माण फोकस
कंपनी के भविष्य को लेकर बात करते हुए टिम कुक ने एक बड़ी निवेश योजना का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अगले चार वर्षों में संयुक्त राज्य अमेरिका में 600 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बनाई जा रही है। इस निवेश का फोकस एलसीडी ग्लास, सेमीकंडक्टर और अन्य महत्वपूर्ण कंपनियों के घरेलू उत्पादन में वृद्धि पर रहेगा। ईसा मसीह का मकसद वैश्विट मसूद चेन पर प्रॉडक्ट को कम करना और प्रोडक्शन को और अधिक स्थिर बनाना है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कुक ने कहा कि कंपनी ने इस पूरी घटना पर नजर रखी है और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे कदम बढ़ाया है। साथ ही, उन्होंने विधायी के साथ अपने आवेदन को लेकर उठती आलोचनाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। कुक ने कहा कि उनका ध्यान राजनीति पर नहीं, बल्कि नीतिगत लक्ष्यों पर है और व्यापार से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए संवाद जरूरी है।
एआई पर ऑनलाइन नजरिया, प्राइवेट पर रहेंगे जोर
आर्टिस्टिक सासायटी (एआई) को लेकर कुक ने स्टुअर्ट स्टूडियो कहा। उन्होंने कहा कि एआई आपके अंदर सांस्कृतिक है और इसका प्रभाव इस बात पर प्रतिबंध लगाता है कि इसका उपयोग कैसे किया जाता है। ऐपल की रणनीति पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि कंपनी कॉम्प्लेक्स वर्क के लिए अपने निजी क्लाउड सिस्टम का इस्तेमाल करती है, लेकिन डेटा मार्केटप्लेस को ही प्राथमिकता दी जाती है, जिससे बिल्डर की निजी सुरक्षा बनी रहती है।
अपने संदेश में कुक ने कहा, “50 साल पहले एक छोटे से लड़के ने एक बड़ा विचार पैदा किया था-तकनीक को व्यक्तिगत बनाने का।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यही सोच आज भी कंपनी को आगे बढ़ा रही है।

एनआईए द्वारा विशेष अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार, ये सभी आरोपी वैध वीजा पर भारत आए थे, लेकिन इनका असली मकसद बेहद खतरनाक था। जांच में सामने आया है कि ये आरोपी मिजोरम के रास्ते म्यांमार पहुंचे, जहाँ उन्होंने उन जातीय संघर्ष समूहों से संपर्क साधा जो भारत में सक्रिय प्रतिबंधित विद्रोही संगठनों से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने यूरोप से भारत के रास्ते ड्रोन की एक बड़ी खेप म्यांमार पहुंचाई और वहां विद्रोहियों को एके-47 राइफलों जैसे घातक हथियारों का प्रशिक्षण दिया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए माना कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं है और प्रथम दृष्टया गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा-18 के तहत आतंकी साजिश का मामला बनता है, जिसके बाद सातों आरोपियों को 11 दिन की एनआईए रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद कूटनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। यूक्रेन सरकार ने अपने नागरिकों की गिरफ्तारी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए भारत को आधिकारिक विरोध पत्र (Note Verbale) सौंपा है। भारत में यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्सांद्र पोलिशचुक ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर अपने नागरिकों की तत्काल रिहाई और उनसे मिलने की अनुमति मांगी है। वहीं, गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक का प्रोफाइल बेहद संदिग्ध बताया जा रहा है; वह पूर्व में लीबिया, सीरिया और यूक्रेन जैसे युद्धग्रस्त क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियों में शामिल रह चुका है। एनआईए अब इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरी साजिश के पीछे किन अंतरराष्ट्रीय ताकतों का हाथ है और भारत की सुरक्षा को इससे कितना बड़ा खतरा हो सकता था।