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  • धनतेरस-दिवाली से पहले सोने-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव, जानिए 24 से 14 कैरेट तक के ताजा रेट..

    धनतेरस-दिवाली से पहले सोने-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव, जानिए 24 से 14 कैरेट तक के ताजा रेट..

    नई दिल्ली ।धनतेरस और दिवाली से पहले सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव अहम बना हुआ है। घरेलू सर्राफा बाजार से लेकर वायदा कारोबार तक दोनों कीमती धातुओं के भाव में बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में त्योहारों के लिए आभूषण खरीदने या सोने-चांदी में निवेश करने की योजना बना रहे लोगों की नजर ताजा दरों पर है। बाजार में कीमतों की दिशा अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, डॉलर की मजबूती और रुपये की स्थिति से प्रभावित हो रही है।

    गुरुवार, 29 अक्टूबर को कारोबार शुरू होने से पहले मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 24 कैरेट सोने का वायदा भाव 105 रुपये यानी 0.07 प्रतिशत गिरकर 1,43,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,43,705 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, बुलियन बाजार के उपलब्ध आंकड़ों में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,44,000 रुपये प्रति 10 ग्राम बताई गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,054 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

    दिल्ली के सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतों में 700 रुपये की तेजी दर्ज की गई। इसके बाद 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला 24 कैरेट सोना सभी करों सहित 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। खुदरा बाजार के एक अन्य मूल्य आकलन के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव 1,44,100 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट का 1,32,100 रुपये और 18 कैरेट का 1,08,110 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

    इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन के 28 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, 999 शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने की दर 1,42,707 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 916 शुद्धता वाले 22 कैरेट सोने का भाव 1,30,720 रुपये और 750 शुद्धता वाले 18 कैरेट सोने की कीमत 1,07,030 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। वहीं, 585 शुद्धता वाले 14 कैरेट सोने का भाव 83,484 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। इन दरों में अलग-अलग बाजारों, करों और आभूषणों पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क के कारण अंतर हो सकता है।

    चांदी की कीमतों में भी मिला-जुला रुख दिखाई दिया। गुरुवार को बाजार खुलने से पहले एमसीएक्स पर चांदी का वायदा भाव 125 रुपये यानी 0.06 प्रतिशत बढ़कर 1,94,450 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। पिछले सत्र में यह 1,94,325 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। बुलियन बाजार के आंकड़ों में चांदी की कीमत 1,94,990 रुपये प्रति किलोग्राम बताई गई। वहीं, 28 अक्टूबर तक के उपलब्ध आंकड़ों में 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव 1,93,442 रुपये प्रति किलोग्राम था।

    दिल्ली के सर्राफा बाजार में बुधवार को चांदी 1.98 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। दूसरी ओर, खुदरा बाजार के कुछ आकलनों में इसका भाव 2.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक बताया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी में गिरावट दर्ज की गई और यह 1.23 प्रतिशत टूटकर 53.75 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती नजर आई। अलग-अलग समय और बाजारों के आंकड़ों के कारण चांदी की कीमतों में अंतर दिखाई दे रहा है।

    घरेलू बाजार पर रुपये की कमजोरी का भी असर पड़ रहा है। बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 21 पैसे गिरकर 95.28 प्रति डॉलर पर आ गया। डॉलर की मजबूती और सऊदी अरब की रास तनुरा तेल रिफाइनरी पर हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने रुपये पर दबाव बढ़ाया। रुपये के कमजोर होने से सोने का आयात महंगा पड़ सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी के बावजूद घरेलू कीमतों को सहारा मिल सकता है।

    बाजार विशेषज्ञों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व और फेडरल ओपन मार्केट कमेटी के नीतिगत फैसलों पर भी है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के जिंस मामलों के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले से पहले वैश्विक बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। मिराए एसेट शेयरखान के प्रवीण सिंह ने कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को बाजार के लिए महत्वपूर्ण बताया है।

    मांग के मामले में भी भारत और चीन के खरीदारों का रुख अलग दिखाई दे रहा है। उपलब्ध बाजार आकलन के अनुसार, चीन में कुछ परिवार कीमतों में नरमी का लाभ उठाकर खरीदारी कर रहे हैं, जबकि भारत में कई खरीदार त्योहारों से पहले और गिरावट की उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं। धनतेरस और दिवाली पर खरीदारी करने वालों के लिए कैरेट, शुद्धता और स्थानीय भाव की तुलना करना महत्वपूर्ण है। आभूषण खरीदते समय सोने की कीमत के साथ मेकिंग चार्ज और लागू करों को भी ध्यान में रखना चाहिए।

  • ग्वालियर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर हाईकोर्ट सख्त, चीफ इंजीनियर और सब-इंजीनियर को अवमानना नोटिस

    ग्वालियर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर हाईकोर्ट सख्त, चीफ इंजीनियर और सब-इंजीनियर को अवमानना नोटिस

    मध्य प्रदेश। के ग्वालियर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और उससे जुड़े सरकारी रिकॉर्ड को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान सड़क निर्माण की मूल फाइल उपलब्ध नहीं होने और अधिकारियों की ओर से दिए गए जवाबों पर अदालत ने नाराजगी जताई। मामले में चीफ इंजीनियर और सब-इंजीनियर को अवमानना का नोटिस जारी करते हुए दो दिन के भीतर जवाब पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सड़क निर्माण से संबंधित मूल रिकॉर्ड फाइल को सील कर सरकारी वकील की निगरानी में सौंप दिया गया है।

    यह मामला सड़क निर्माण की गुणवत्ता से संबंधित है, जिसमें अदालत के सामने मूल रिकॉर्ड पेश किया जाना था। सुनवाई के दौरान जब संबंधित फाइल उपलब्ध नहीं कराई जा सकी, तो हाईकोर्ट ने अधिकारियों से इसकी स्थिति स्पष्ट करने को कहा। इस पर चीफ इंजीनियर ने बताया कि मूल फाइल कार्यालय में रखी हुई है। अदालत ने उन्हें निर्देश दिया कि वे तत्काल कार्यालय जाकर फाइल लेकर आएं और उसे कोर्ट में प्रस्तुत करें।

    हालांकि, कार्यालय से लौटने के बाद चीफ इंजीनियर ने अदालत को बताया कि सड़क निर्माण की मूल फाइल सब-इंजीनियर के घर पर रखी हुई है। जवाब में आए इस बदलाव से अदालत की नाराजगी बढ़ गई। सरकारी रिकॉर्ड की उपलब्धता और उसे सुरक्षित रखने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठे। अदालत ने अधिकारियों के बीच समन्वय और उनकी कार्यप्रणाली पर भी गंभीर टिप्पणी की। सुनवाई के दौरान अदालत ने आशंका जताई कि संबंधित अधिकारी आपस में मिले हुए हैं।

    मूल फाइल को लेकर सामने आई इस स्थिति के बाद हाईकोर्ट ने चीफ इंजीनियर और सब-इंजीनियर को अवमानना का नोटिस जारी किया। दोनों अधिकारियों को दो दिन के भीतर अपना जवाब देने के लिए कहा गया है। अब उन्हें अदालत के सामने यह स्पष्ट करना होगा कि सड़क निर्माण से जुड़ा महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड निर्धारित स्थान पर उपलब्ध क्यों नहीं था और उसे पेश करने में परेशानी क्यों हुई। हालांकि, अधिकारियों के जवाब और मामले में आगे होने वाली सुनवाई के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होगी।

    अदालत ने मामले से संबंधित मूल रिकॉर्ड फाइल को सील कराने का निर्देश भी दिया है। इसके बाद फाइल सरकारी वकील की निगरानी में रखी गई है। इस कदम का उद्देश्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना और मामले की सुनवाई के दौरान उससे संबंधित दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। सड़क निर्माण के रिकॉर्ड को लेकर पैदा हुई स्थिति ने सरकारी विभागों में दस्तावेजों के रखरखाव और जवाबदेही के मुद्दे को भी महत्वपूर्ण बना दिया है।

    मामले में सड़क की गुणवत्ता की जांच करने वाली एजेंसी की भूमिका भी सवालों के घेरे में आई है। सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष पेश रिपोर्ट में बताया गया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई की सड़कों की जांच की प्रक्रिया करीब डेढ़ साल से जारी है। जांच में लग रहे लंबे समय और रिपोर्ट से संबंधित तथ्यों पर हाईकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की। अदालत ने जांच की प्रक्रिया और रिपोर्ट में सामने आए बिंदुओं पर सवाल उठाए हैं।

    इस मामले में अब दो प्रमुख पहलुओं पर ध्यान रहेगा। पहला, सड़क निर्माण की मूल फाइल उपलब्ध नहीं होने के संबंध में दोनों अधिकारियों की ओर से दिया जाने वाला जवाब और दूसरा, सड़क की गुणवत्ता की जांच तथा उससे संबंधित रिपोर्ट की स्थिति। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा में अपना पक्ष रखना होगा। सड़क निर्माण की गुणवत्ता, सरकारी रिकॉर्ड का रखरखाव और जांच प्रक्रिया की जवाबदेही इस मामले की सुनवाई के अहम बिंदु बने हुए हैं।

  • शेयर बाजार में तेजी के साथ कारोबार शुरू, सेंसेक्स 156 अंक चढ़ा, मीडिया और आईटी शेयरों में खरीदारी

    शेयर बाजार में तेजी के साथ कारोबार शुरू, सेंसेक्स 156 अंक चढ़ा, मीडिया और आईटी शेयरों में खरीदारी


    नई दिल्ली ।
    भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 29 अक्टूबर को कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। सुबह 9:25 बजे सेंसेक्स 156 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की तेजी के साथ 73,401 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 36 अंक यानी 0.16 प्रतिशत चढ़कर 22,743 पर कारोबार कर रहा था। बाजार में शुरुआती तेजी को मीडिया और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों से समर्थन मिला।

    शुरुआती कारोबार के दौरान कई क्षेत्रीय सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी मीडिया और निफ्टी आईटी के अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी इंफ्रा और निफ्टी पीएसई भी हरे निशान में रहे। इसके साथ ही निफ्टी एनर्जी, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर में भी मजबूती देखने को मिली। हालांकि, बाजार के सभी क्षेत्रों में एक जैसी तेजी नहीं रही।

    कुछ क्षेत्रीय सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। निफ्टी ऑटो, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग शुरुआती कारोबार में नुकसान में रहे। इससे संकेत मिला कि बाजार में तेजी के बावजूद कुछ क्षेत्रों में बिकवाली का दबाव बना हुआ था।

    बाजार में खरीदारी का रुझान केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती दर्ज की गई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक 60 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,695 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 167 अंक यानी 0.29 प्रतिशत चढ़कर 57,441 पर कारोबार कर रहा था। इन आंकड़ों से शुरुआती सत्र में व्यापक बाजार में खरीदारी का संकेत मिला।

    सेंसेक्स में शामिल कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो अदाणी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, टीसीएस, टाइटन और कोटक महिंद्रा बैंक बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे। एनटीपीसी, इन्फोसिस, एचयूएल, बीईएल और टेक महिंद्रा में भी मजबूती रही। इसके अलावा एसबीआई, सन फार्मा, इंडिगो, भारती एयरटेल और एक्सिस बैंक के शेयर भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।

    दूसरी ओर, कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। ट्रेंट, एलएंडटी, एशियन पेंट्स और मारुति सुजुकी नुकसान में रहे। बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट और इटरनल के शेयरों में भी कमजोरी दर्ज की गई। इस तरह प्रमुख सूचकांकों में तेजी के बावजूद कई बड़े शेयरों पर दबाव बना रहा।

    वैश्विक बाजारों से भी मिले-जुले संकेत मिले। एशियाई बाजारों में शंघाई, हांगकांग, सोल और जकार्ता गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि टोक्यो का बाजार बढ़त में था। इससे पहले बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे।

    कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। उपलब्ध कारोबारी आंकड़ों के अनुसार, डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.30 प्रतिशत गिरकर 101 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 1.23 प्रतिशत कमजोर होकर 110.28 डॉलर प्रति बैरल पर था। सोने और चांदी की कीमतों में भी नरमी रही। कॉमेक्स पर सोना 0.10 प्रतिशत गिरकर 4,047 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.86 प्रतिशत फिसलकर 53.20 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

    शुरुआती कारोबार में घरेलू बाजार की तेजी के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी भी प्रमुख घटनाक्रम रही। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और कंपनियों के प्रदर्शन में अंतर के कारण बाजार की चाल एकसमान नहीं रही।

  • गौतम गुलाटी की हरकत पर भड़के वीरेंद्र सहवाग, मंच छोड़कर गए होस्ट, बोले- मुझे चुनौती देना स्वीकार नहीं

    गौतम गुलाटी की हरकत पर भड़के वीरेंद्र सहवाग, मंच छोड़कर गए होस्ट, बोले- मुझे चुनौती देना स्वीकार नहीं

    नई दिल्ली । रियलिटी शो राइज एंड फॉल 2 के हालिया एपिसोड में गौतम गुलाटी और वीरेंद्र सहवाग के बीच तनाव देखने को मिला। शो में मनीष कश्यप के साथ गौतम की बहस के दौरान सहवाग नाराज हो गए और गुस्से में मंच छोड़कर चले गए। कुछ देर बाद लौटे सहवाग ने गौतम के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी को होस्ट करने के लिए बुलाया गया हो, तो उसके सामने इस तरह का बर्ताव करना सही नहीं है। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

    दरअसल, मनीष कश्यप के साथ बहस के दौरान गौतम गुलाटी ने सोफे पर पैर रख दिया था। सहवाग को उनका यह व्यवहार पसंद नहीं आया और वह मंच से उठकर चले गए। उस समय शो में मौजूद निहारिका तिवारी ने भी इस घटनाक्रम पर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि सहवाग सर मंच से चले गए हैं, लेकिन गौतम रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसके बाद शो का माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

    कुछ समय बाद सहवाग वापस आए और उन्होंने कंटेस्टेंट्स के व्यवहार पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह की बातें सुनने की आदत नहीं है। प्रतियोगियों के रवैये पर टिप्पणी करते हुए सहवाग ने कहा कि उन्हें लगा था कि यह सेलिब्रिटी वाला शो है, लेकिन अब उन्हें ऐसा लग रहा है कि यह ‘क्रिमिनल’ वाला शो बन गया है। उनके इस बयान से साफ था कि वह शो में हो रहे व्यवहार से असहज थे।

    सहवाग ने गौतम गुलाटी को सीधे संबोधित करते हुए पूछा कि यह कैसा तरीका है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति शो में होस्ट करने आया है, तो उसके सामने पैर रखकर इस तरह खड़े होना उचित नहीं है। सहवाग ने यह भी कहा कि गौतम उन्हें चुनौती दे रहे हैं, जबकि ऐसा व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी दौरान ऋषभ ने भी बीच में अपनी बात रखी, तो सहवाग ने उन्हें भी टोकते हुए कहा कि वह उनकी जगह आ जाएं और सहवाग दूसरी जगह बैठ जाते हैं।

    इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर गौतम गुलाटी के व्यवहार को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने उनके रवैये की आलोचना की और कहा कि खुद को जेंटलमैन बताने वाले गौतम को होस्ट के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। कुछ अन्य प्रतिक्रियाओं में भी उनके व्यवहार और दूसरों को सलाह देने के तरीके पर सवाल उठाए गए। हालांकि, ये प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया यूजर्स की व्यक्तिगत राय हैं।

    एपिसोड के दौरान सहवाग ने अपने क्रिकेट करियर से जुड़ा एक पुराना अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 में एक मैच के दौरान पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने उन्हें गाली दी थी। सहवाग के अनुसार, उस समय उन्होंने तत्काल जवाब देने के बजाय अपने खेल पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि बाद में 309 रन बनाकर उन्होंने मैदान पर अपने प्रदर्शन से जवाब दिया।

    सहवाग ने इस किस्से के जरिए प्रतियोगियों के व्यवहार और सीमाओं को लेकर अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, राइज एंड फॉल 2 के कंटेस्टेंट्स ने कई सीमाएं पार कर दी हैं। शो में गौतम और मनीष के बीच बहस से शुरू हुआ विवाद सहवाग की नाराजगी तक पहुंच गया। अब इस घटनाक्रम को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा हो रही है, खासकर गौतम के व्यवहार और सहवाग की प्रतिक्रिया को लेकर।

  • नसीरुद्दीन शाह के ‘दिमागी नक्सल’ बयान पर भड़के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, बोले- अभिनेता का यह रूप नहीं जानते थे…

    नसीरुद्दीन शाह के ‘दिमागी नक्सल’ बयान पर भड़के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, बोले- अभिनेता का यह रूप नहीं जानते थे…

    नई दिल्ली । अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के एक वीडियो में खुद को ‘दिमागी नक्सल’ कहने और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अभिनेता के बयान पर हैरानी जताते हुए उनकी सोच को लोकतंत्र के लिए नुकसानदेह बताया। वहीं, महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नीतीश राणे ने भी शाह पर निशाना साधा और उन पर पाकिस्तान के पक्ष में बात करने का आरोप लगाया। यह विवाद शिक्षा संस्थानों में छात्रों के साथ कथित कार्रवाई और सरकार की भूमिका को लेकर शाह की टिप्पणियों के बाद सामने आया है।

    किरेन रिजिजू ने नसीरुद्दीन शाह का वीडियो साझा करते हुए कहा कि वह अभिनेता का सम्मान करते थे और उन्हें पसंद भी करते थे, लेकिन उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि उनकी सोच इस तरह की हो सकती है। रिजिजू ने अपनी प्रतिक्रिया में शाह को ‘खतरनाक दिमागी नक्सल’ बताया और कहा कि ऐसी सोच भारत के लोकतंत्र के लिए अत्यंत हानिकारक है। जिस वीडियो पर उन्होंने प्रतिक्रिया दी, उसमें शाह कहते सुनाई देते हैं कि वह गर्व के साथ खुद को ‘दिमागी नक्सल’ कहते हैं।

    महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नीतीश राणे ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि नसीरुद्दीन शाह पाकिस्तान की स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं और इसके लिए उन्हें भुगतान किया जाता है। राणे ने अभिनेता की आलोचना करते हुए उनकी बातों को गंभीरता से लेने पर भी सवाल उठाए। ये आरोप राणे की ओर से लगाए गए हैं; इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण खबर में नहीं दिया गया है।

    नसीरुद्दीन शाह ने अपने वीडियो में सरकार की आलोचना करते हुए कहा था कि उन्हें राष्ट्रविरोधी और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ जैसे नामों से पुकारा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र और शिक्षा संस्थानों को खतरे में डाला जा रहा है। शाह ने सरकार से सवाल किया कि युवाओं का हौसला तोड़ने और शैक्षणिक संस्थानों को प्रभावित करने के लिए और क्या किया जाएगा। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट और जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रों से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं को याद रखा जाएगा।

    शाह ने 24 अक्टूबर को जारी एक अन्य वीडियो में सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एसआरएफटीआई) के छात्रों का मुद्दा उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद भाजपा उन लोगों से बदला लेने की कोशिश कर रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। उनके मुताबिक, संस्थान के छात्रों और भविष्य के फिल्म निर्माताओं को प्रशासन से जवाबदेही मांगने के बदले कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया, धमकियां दी गईं और छात्रावास खाली करने को कहा गया।

    अभिनेता ने यह भी कहा कि सरकार छात्रों को डराने या उनका विचार बदलने की कोशिश कर सकती है, लेकिन ऐसा सफल नहीं होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को देश और समाज की वास्तविक स्थिति सामने लाने वाले भावी फिल्मकार बताया। शाह का कहना था कि युवा भविष्य में अपने काम के जरिए देश के बारे में सच्चाई सामने रखेंगे।

    एसआरएफटीआई से जुड़े मामले को लेकर पहले भी राजनीतिक और सार्वजनिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। शाह ने संस्थान के छात्रों के साथ कथित व्यवहार पर सवाल उठाए हैं, जबकि केंद्र सरकार के मंत्री ने उनके बयान की आलोचना की है। इस तरह मामला अब शिक्षा संस्थानों में छात्रों के अधिकार, सरकार की नीतियों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर चल रही बहस से भी जुड़ गया है।

  • अन्नू कपूर के ‘दूधिया बदन’ वाले कमेंट पर तमन्ना भाटिया ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं ऐसी बातों को तवज्जो देने से नहीं बढ़ेंगे आगे

    अन्नू कपूर के ‘दूधिया बदन’ वाले कमेंट पर तमन्ना भाटिया ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं ऐसी बातों को तवज्जो देने से नहीं बढ़ेंगे आगे

    नई दिल्ली । अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ने अन्नू कपूर की ओर से उनके लिए इस्तेमाल किए गए ‘दूधिया बदन’ शब्द पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस टिप्पणी को लेकर पहले सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई थी और अन्नू कपूर को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। अब तमन्ना ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा है कि ऐसी टिप्पणियों को जरूरत से ज्यादा महत्व देने से आगे बढ़ना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस तरह की बातों पर ध्यान देने के बजाय अपने काम और अभिनय पर केंद्रित रहना पसंद करती हैं।

    तमन्ना से एक बातचीत के दौरान उनके रंग-रूप को लेकर की गई टिप्पणी के बारे में सवाल पूछा गया। उनसे जानना चाहा गया कि क्या वह चाहती हैं कि करियर के इस पड़ाव पर लोग उन्हें किसी अलग नजरिए से देखें। इसके जवाब में अभिनेत्री ने अपने काम के प्रति दृष्टिकोण साझा किया और बताया कि एक रचनात्मक व्यक्ति के लिए यह समझना जरूरी है कि उसे दूसरों की कही बातों में से क्या सुनना चाहिए और किन बातों को नजरअंदाज करना चाहिए।

    तमन्ना ने कहा कि किसी भी रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति के लिए सुनने की क्षमता महत्वपूर्ण होती है। लेकिन केवल सुनना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह पहचानना भी जरूरी है कि किस बात को महत्व देना है और किसे अपने ऊपर हावी नहीं होने देना है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी टिप्पणियों को जरूरत से ज्यादा तवज्जो दी जाए, तो आगे बढ़ने में मुश्किल हो सकती है। इसी वजह से वह इन बातों को देखना भी पसंद नहीं करतीं।

    अभिनेत्री के मुताबिक, उनका ध्यान अपने काम, अपनी रचनात्मकता और अभिनय करियर पर रहता है। वह अपने काम को एक सेवा की तरह करना चाहती हैं। उनका मानना है कि जब कोई काम सही भावना और उद्देश्य के साथ किया जाता है, तो वह लोगों तक पहुंचता है। तमन्ना ने इस बातचीत में अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि वह बाहरी टिप्पणियों के बजाय अपने काम की गुणवत्ता पर ध्यान देती हैं।

    यह विवाद वर्ष 2025 में शुरू हुआ था, जब एक पॉडकास्ट में अन्नू कपूर से तमन्ना भाटिया के बारे में सवाल किया गया। उनसे पूछा गया था कि क्या उन्हें अभिनेत्री पसंद हैं। इसके जवाब में अन्नू कपूर ने ‘दूधिया बदन’ शब्द का इस्तेमाल किया था। उनका यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने प्रतिक्रिया दी और उनकी टिप्पणी की आलोचना भी हुई।

    बाद में अन्नू कपूर ने अपने बयान पर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि भाषा को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग हो सकती हैं। उन्होंने अंग्रेजी और हिंदी में इस्तेमाल किए जाने वाले शब्दों पर समाज की प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए अपनी बात रखी थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि यदि उनकी टिप्पणी से तमन्ना को बुरा लगा हो, तो वह माफी मांगने के लिए तैयार हैं। उनके इस स्पष्टीकरण के बावजूद यह मामला चर्चा में बना रहा।

    तमन्ना भाटिया ने वर्ष 2005 में आई फिल्म ‘चांद सा रोशन चेहरा’ से हिंदी सिनेमा में अपने करियर की शुरुआत की थी। उस फिल्म में उनके साथ समीर अफताब नजर आए थे। फिल्म में काम करने के समय तमन्ना की उम्र करीब 15 साल थी। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में काम किया और अभिनय के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई।

    अन्नू कपूर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए तमन्ना ने किसी तरह के विवाद को बढ़ाने के बजाय अपने काम को प्राथमिकता देने की बात कही है। उनका जवाब इस बात पर केंद्रित रहा कि सार्वजनिक जीवन में लोगों की राय से अधिक जरूरी अपने लक्ष्य और काम पर ध्यान बनाए रखना है।

  • वरुण धवन ने अर्जुन कपूर की डेटिंग लाइफ को लेकर किया दावा, अलीबाग जाने की वजह पर करण जौहर भी हुए शामिल

    वरुण धवन ने अर्जुन कपूर की डेटिंग लाइफ को लेकर किया दावा, अलीबाग जाने की वजह पर करण जौहर भी हुए शामिल


    नई दिल्ली । अभिनेता अर्जुन कपूर की निजी जिंदगी को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। कॉफी विद करण के हालिया एपिसोड में वरुण धवन ने दावा किया कि अर्जुन कपूर सिंगल नहीं हैं और किसी को डेट कर रहे हैं। बातचीत के दौरान वरुण ने अर्जुन के अलीबाग जाने का जिक्र करते हुए अपनी बात रखी। हालांकि, अर्जुन ने इस दावे को सही मानने से इनकार किया और कहा कि वरुण को इस बारे में कुछ पता नहीं है।

    शो के तीसरे एपिसोड में वरुण धवन और जाह्नवी कपूर मेहमान के रूप में पहुंचे थे। इस दौरान दोनों ने अपने करियर और निजी जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की। एपिसोड में अर्जुन कपूर भी विशेष रूप से शामिल हुए। कॉफी काउच पर अर्जुन और वरुण के बीच दोस्ताना बातचीत देखने को मिली। इसी बातचीत के दौरान अर्जुन की डेटिंग लाइफ का मुद्दा उठा और शो का माहौल दिलचस्प हो गया।

    एपिसोड के अंतिम हिस्से में वरुण ने कहा कि अर्जुन किसी को डेट कर रहे हैं। उनकी इस बात पर करण जौहर और जाह्नवी कपूर हैरान नजर आए। जाह्नवी ने भी अर्जुन से सवाल किया कि क्या वह वास्तव में किसी को डेट कर रहे हैं। वरुण ने अपने दावे के समर्थन में अर्जुन के अलीबाग जाने का उल्लेख किया और कहा कि वह वहां दो से तीन दिनों के लिए जाते हैं।

    वरुण की बात सुनकर अर्जुन कपूर ने उनसे ही पूछ लिया कि वह किसे डेट कर रहे हैं। इस पर वरुण ने उन्हें खुद ही बताने के लिए कहा। अर्जुन ने जवाब में एक तस्वीर का जिक्र किया और कहा कि वरुण किसी व्यक्ति से मिले थे और उसके साथ तस्वीर भी खिंचवाई थी। उनकी इस टिप्पणी से बातचीत में नया मोड़ आया, लेकिन किसी व्यक्ति का नाम सामने नहीं आया।

    जाह्नवी कपूर ने भी इस विषय पर अर्जुन से सवाल किया। उन्होंने कहा कि पिछली बार भी उन्हें अर्जुन की डेटिंग को लेकर जानकारी वरुण की वजह से ही मिली थी। इसके जवाब में अर्जुन ने वरुण के दावे को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें कुछ पता नहीं है और वह केवल अनुमान लगा रहे हैं। इस तरह बातचीत के दौरान अर्जुन ने किसी रिश्ते की पुष्टि नहीं की।

    अलीबाग जाने की वजह पर भी शो में चर्चा हुई। वरुण ने सवाल उठाया कि अर्जुन वहां दो से तीन दिनों के लिए क्यों जाते हैं। इस पर करण जौहर ने अर्जुन का पक्ष लेते हुए कहा कि उनके वहां दोस्त भी हो सकते हैं और वह उनसे मिलने के लिए भी जा सकते हैं। करण की इस प्रतिक्रिया ने बातचीत को आगे बढ़ाया, लेकिन अर्जुन की यात्रा के पीछे की कोई निश्चित वजह सामने नहीं आई।

    अर्जुन ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्हें अलीबाग जाने की जरूरत नहीं है और वह अपने घर पर अकेले रहते हैं। इसके बाद वरुण ने जुहू-विले पार्ले डेवलपमेंट क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वह जगह काफी करीब है। हालांकि, इस बातचीत में भी अर्जुन की कथित गर्लफ्रेंड के नाम का खुलासा नहीं हुआ।

    शो में हुई इस चर्चा के बाद अर्जुन कपूर की निजी जिंदगी को लेकर अटकलें जरूर बढ़ सकती हैं, लेकिन फिलहाल किसी रिश्ते की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वरुण धवन ने डेटिंग का दावा किया, जबकि अर्जुन कपूर ने इसे अनुमान बताया। ऐसे में बातचीत को किसी निश्चित रिश्ते या गर्लफ्रेंड के नाम के खुलासे के रूप में देखना सही नहीं होगा।

  • रवीना टंडन ने एक साल में दीं 8 हिट फिल्में, श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित भी नहीं तोड़ पाईं यह रिकॉर्ड

    रवीना टंडन ने एक साल में दीं 8 हिट फिल्में, श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित भी नहीं तोड़ पाईं यह रिकॉर्ड

    नई दिल्ली । हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में रवीना टंडन उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने अपने करियर में कई सफल फिल्मों के जरिए दर्शकों के बीच खास जगह बनाई। 1990 के दशक में उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और उन्होंने अलग-अलग तरह की भूमिकाओं से अपनी पहचान मजबूत की। उनके करियर से जुड़ा एक खास रिकॉर्ड भी चर्चा में रहा है। बताया जाता है कि 1994 में रवीना की कई सफल फिल्में रिलीज हुई थीं और एक ही साल में आठ ब्लॉकबस्टर फिल्में देने का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हुआ।

    रवीना टंडन ने हिंदी सिनेमा में अपने सफर की शुरुआत 1991 में आई फिल्म ‘पत्थर के फूल’ से की थी। इस फिल्म में सलमान खान उनके साथ नजर आए थे। फिल्म को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिला और रवीना को पहली ही फिल्म से पहचान मिल गई। अपने डेब्यू के लिए उन्होंने फिल्मफेयर पुरस्कार भी जीता। शुरुआती सफलता ने उनके फिल्मी करियर को आगे बढ़ने का अवसर दिया और वह जल्द ही प्रमुख अभिनेत्रियों में गिनी जाने लगीं।

    रवीना के करियर में 1994 का साल विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान उनकी ‘मोहरा’, ‘लाडला’, ‘दिलवाले’, ‘आतिश’ और ‘अंदाज अपना अपना’ जैसी फिल्में रिलीज हुईं। इन फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग अंदाज के किरदार निभाए। कुछ फिल्मों में वह रोमांटिक भूमिकाओं में दिखाई दीं, तो कुछ में उनका अंदाज अधिक चुलबुला और प्रभावशाली रहा। लगातार फिल्मों के रिलीज होने और दर्शकों के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ने से उस दौर में रवीना की मौजूदगी हिंदी सिनेमा में मजबूत हुई।

    उनकी उपलब्धियों की चर्चा करते समय श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित जैसी दिग्गज अभिनेत्रियों का भी उल्लेख किया जाता है। दोनों अभिनेत्रियों ने अपने लंबे करियर में कई यादगार और सफल फिल्में दीं। हालांकि, रवीना के नाम एक साल में आठ ब्लॉकबस्टर फिल्में देने का रिकॉर्ड होने का दावा किया जाता है। इस उपलब्धि ने उनके करियर को एक अलग पहचान दी। यह ध्यान रखना जरूरी है कि अलग-अलग फिल्मों की व्यावसायिक सफलता का आकलन समय, बाजार और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर अलग हो सकता है।

    रवीना ने अपने करियर की शुरुआत में फिल्मों को लेकर कई फैसले भी किए थे। वर्ष 2023 में एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने बताया था कि मॉडलिंग करते समय उन्हें लगातार फिल्मों के प्रस्ताव मिल रहे थे, लेकिन उस समय अभिनय को लेकर उनकी विशेष रुचि नहीं थी। उन्होंने कुछ फिल्मों को करने से इनकार भी किया था।

    रवीना के मुताबिक, यश चोपड़ा की फिल्म ‘डर’ के लिए भी उनसे संपर्क किया गया था। बाद में इस फिल्म में शाहरुख खान, सनी देओल और जूही चावला ने काम किया। रवीना ने बताया था कि कुछ दृश्यों को लेकर सहज महसूस नहीं करने के कारण उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसके अलावा, करिश्मा कपूर की पहली फिल्म ‘प्रेम कैदी’ का प्रस्ताव भी उन्हें मिला था, लेकिन उन्होंने इसे नहीं किया।

    अभिनेत्री ने अजय देवगन की पहली फिल्म ‘फूल और कांटे’ में काम करने से भी इनकार कर दिया था। बाद में यह फिल्म सफल रही और अजय देवगन को इससे पहचान मिली। रवीना के इन फैसलों से पता चलता है कि करियर की शुरुआत में उन्होंने अपनी सहजता और पसंद को महत्व दिया। समय के साथ उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया और हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में अपनी जगह बनाई।

  • रणबीर कपूर ने अमिताभ बच्चन को सुनाई आलिया भट्ट को प्रपोज करने की कहानी, बोले- मेरी शेरनी सामने थी और मैं चूहा बन गया

    रणबीर कपूर ने अमिताभ बच्चन को सुनाई आलिया भट्ट को प्रपोज करने की कहानी, बोले- मेरी शेरनी सामने थी और मैं चूहा बन गया

    नई दिल्ली । अभिनेता रणबीर कपूर ने अभिनेत्री आलिया भट्ट को शादी के लिए प्रपोज करने से जुड़ा एक खास किस्सा साझा किया है। अमिताभ बच्चन के लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति में पहुंचे रणबीर ने बताया कि उन्होंने आलिया को प्रपोज करने के लिए पहले से पूरी योजना बनाई थी। इस दौरान उन्होंने उस पल को याद किया, जब केन्या के मसाई मारा में उन्होंने आलिया के सामने शादी का प्रस्ताव रखा था। रणबीर के मुताबिक, यह उनकी जिंदगी के सबसे यादगार पलों में से एक है, जिसे वह कभी नहीं भूल सकते।

    रणबीर कपूर इन दिनों अपनी आगामी फिल्म रामायण को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म के प्रचार के सिलसिले में वह कौन बनेगा करोड़पति के सेट पर पहुंचे थे। उनके साथ अभिनेत्री साई पल्लवी और अभिनेता रवि दुबे भी मौजूद थे। शो के दौरान बातचीत में रणबीर ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा यह किस्सा सुनाया और बताया कि आलिया को प्रपोज करने के लिए उन्होंने किस तरह तैयारी की थी।

    रणबीर ने बताया कि उन्होंने पहले ही अपने गाइड और ड्राइवर को इस योजना के बारे में बता दिया था। उन्होंने उन्हें निर्देश दिया था कि यात्रा के दौरान किसी उपयुक्त जगह पर गाड़ी रोक दें। रणबीर अपने साथ अंगूठी लेकर गए थे और चाहते थे कि वह घुटनों पर बैठकर आलिया को शादी के लिए पूछें। उन्होंने गाइड से यह भी कहा था कि वह कुछ दूरी से इस पल की तस्वीरें खींच लें, क्योंकि लड़कियों को तस्वीरें खिंचवाना और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करना पसंद होता है।

    प्रपोज करने के दौरान आसपास मौजूद शेरों का जिक्र भी रणबीर ने किया। उन्होंने बताया कि उस जगह से कुछ दूरी पर तीन बब्बर शेर मौजूद थे। उनकी बात सुनकर अमिताभ बच्चन ने मजाकिया अंदाज में कहा कि इस खास पल का प्रमाण भी होना चाहिए। रणबीर ने इसके बाद आलिया और खुद की तुलना करते हुए कहा कि उनकी शेरनी उनके सामने खड़ी थी और वह चूहे की तरह घुटनों पर बैठकर उनसे पूछ रहे थे कि क्या वह उनसे शादी करेंगी।

    रणबीर ने इस पूरे अनुभव को अपनी जिंदगी का अद्भुत पल बताया। उनके अनुसार, आलिया को प्रपोज करने का यह क्षण उनके लिए बेहद खास था और इसकी याद हमेशा उनके साथ रहेगी। मसाई मारा की यात्रा के दौरान हुआ यह प्रस्ताव दोनों के रिश्ते की महत्वपूर्ण यादों में शामिल है।

    रणबीर और आलिया ने केन्या के मसाई मारा में सगाई की थी। दोनों वहां छुट्टियां बिताने गए थे, जहां रणबीर ने आलिया को सरप्राइज देते हुए शादी का प्रस्ताव रखा। इसके बाद दोनों ने 14 अप्रैल 2022 को मुंबई स्थित अपने घर पर शादी की। समारोह में परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों ने हिस्सा लिया था। उसी साल 6 नवंबर को दोनों की बेटी का जन्म हुआ।

    इस बीच रणबीर की फिल्म रामायण भी चर्चा में है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणबीर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि साई पल्लवी सीता और यश रावण के किरदार में नजर आएंगे। रवि दुबे लक्ष्मण और सनी देओल हनुमान की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म में अरुण गोविल, रकुल प्रीत सिंह, लारा दत्ता, काजल अग्रवाल और कुणाल कपूर सहित अन्य कलाकार भी शामिल हैं। फिल्म की रिलीज तारीख 5 नवंबर बताई गई है।

    फिल्म के बजट को लेकर भी चर्चा है। निर्माता नमित मल्होत्रा ने एक पॉडकास्ट में बताया था कि रामायण के दोनों भागों का कुल बजट 4,000 करोड़ रुपये है। इस बड़े बजट के कारण फिल्म को भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी परियोजनाओं में गिना जा रहा है। रणबीर जहां फिल्म को लेकर सुर्खियों में हैं, वहीं शो में सुनाया गया उनका निजी किस्सा उनके और आलिया के रिश्ते के एक यादगार पल को फिर सामने लाया है।

  • ट्रेन के टॉयलेट में पानी नहीं मिलने से बीच सफर उतर गया परिवार, उपभोक्ता आयोग ने रेलवे पर लगाया 16 हजार रुपये का भुगतान

    ट्रेन के टॉयलेट में पानी नहीं मिलने से बीच सफर उतर गया परिवार, उपभोक्ता आयोग ने रेलवे पर लगाया 16 हजार रुपये का भुगतान

    नई दिल्ली । ट्रेन में बुनियादी सुविधाओं की कमी यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। कर्नाटक में एक परिवार को यात्रा के दौरान शौचालयों में पानी नहीं मिलने के कारण अपना सफर बीच में ही छोड़ना पड़ा। परिवार का आरोप था कि तुमकुरु रेलवे स्टेशन पर मदद मांगने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। इसके बाद यात्रियों को दूसरी ट्रेन से आगे की यात्रा करनी पड़ी, जिसके लिए उन्हें अतिरिक्त टिकट खरीदने पड़े। अब जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने इस मामले में रेलवे को मूल किराया ब्याज सहित लौटाने और मुआवजे के साथ मुकदमे का खर्च देने का आदेश दिया है।

    यह मामला ट्रेन नंबर 66575 से जुड़ा है। शिवमोगा के बसवनगुडी स्थित पीडब्ल्यूडी क्वार्टर्स में रहने वाले नागेंद्र अपने 23 परिवारजनों और रिश्तेदारों के साथ यशवंतपुर से शिवमोगा जा रहे थे। समूह में कुल 24 लोग शामिल थे। सभी यात्रियों ने यात्रा के लिए कुल 1,000 रुपये के जनरल टिकट खरीदे थे।

    यात्रा के दौरान परिवार के सदस्यों ने शिकायत की कि ट्रेन के शौचालयों में पानी उपलब्ध नहीं था। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिवार ने तुमकुरु रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर से संपर्क कर सहायता मांगी, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। समस्या दूर नहीं होने पर परिवार ने ट्रेन से उतरकर दूसरी ट्रेन पकड़ने का फैसला किया।

    दूसरी ट्रेन से आगे जाने के लिए परिवार को नए टिकट खरीदने पड़े। इस वजह से उन्हें 1,760 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़े। यात्रियों का कहना था कि यदि ट्रेन में जरूरी सुविधा उपलब्ध होती और समय पर सहायता मिल जाती, तो उन्हें बीच रास्ते में यात्रा बदलने की जरूरत नहीं पड़ती।

    इस घटना के बाद नागेंद्र ने रेलवे अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा। हालांकि, नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने शिवमोगा जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में ट्रेन के शौचालयों में पानी नहीं होने, स्टेशन पर मदद नहीं मिलने और दूसरी ट्रेन से यात्रा करने के कारण हुए अतिरिक्त खर्च का मुद्दा उठाया गया।

    मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने 23 अक्टूबर को अपना आदेश सुनाया। आयोग के अध्यक्ष टी. शिवन्ना और सदस्य बीडी योगानंद भंड्या की पीठ ने दक्षिण पश्चिम रेलवे के बेंगलुरु और तुमकुरु स्टेशन मास्टरों को मूल टिकट किराया लौटाने का निर्देश दिया। आदेश के अनुसार, रेलवे को नागेंद्र को 1,000 रुपये का मूल किराया 15 अप्रैल 2025 से छह प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ वापस करना होगा।

    इसके अतिरिक्त, परिवार को हुई परेशानी के लिए 10,000 रुपये मुआवजा और मुकदमे पर हुए खर्च के लिए 5,000 रुपये देने होंगे। इस प्रकार मूल किराये की वापसी, मुआवजे और कानूनी खर्च को मिलाकर रेलवे को कुल 16,000 रुपये का भुगतान करना होगा। मूल किराये पर निर्धारित ब्याज की राशि इसके अतिरिक्त होगी।

    आयोग ने भुगतान के लिए रेलवे को 45 दिन का समय दिया है। निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं होने पर देय राशि पर 10 प्रतिशत सालाना ब्याज देना होगा, जो पूरा भुगतान होने तक लागू रहेगा। इस मामले में आयोग ने ट्रेन में पानी जैसी बुनियादी सुविधा की कमी और स्टेशन पर सहायता नहीं मिलने से यात्रियों को हुई परेशानी को सेवा में कमी के रूप में देखा।