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  • दोहा में अमेरिका-ईरान की अहम बातचीत, होर्मुज पर टकराव बरकरार; समुद्री मार्ग, प्रतिबंध और समझौते की शर्तों पर नहीं बनी सहमति

    दोहा में अमेरिका-ईरान की अहम बातचीत, होर्मुज पर टकराव बरकरार; समुद्री मार्ग, प्रतिबंध और समझौते की शर्तों पर नहीं बनी सहमति

    नई दिल्ली । कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच हुई ताजा वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ता तनाव चर्चा का सबसे अहम विषय रहा। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री व्यापार और प्रस्तावित व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया, हालांकि बातचीत के बाद किसी ठोस सहमति या औपचारिक प्रगति की घोषणा नहीं की गई। इसके बावजूद इस बैठक को दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    वार्ता के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधियों ने ईरानी पक्ष को स्पष्ट संदेश दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर टोल लगाने की किसी भी योजना से व्यापक समझौते की संभावनाओं को नुकसान पहुंच सकता है। अमेरिकी पक्ष का तर्क रहा कि यदि भविष्य में आर्थिक प्रतिबंधों में राहत मिलती है और ईरान वैश्विक बाजार में अपने तेल तथा अन्य संसाधनों का निर्बाध निर्यात कर पाता है, तो उससे होने वाली आय किसी भी संभावित टोल व्यवस्था से कहीं अधिक लाभदायक होगी। अमेरिका ने ईरान से दीर्घकालिक आर्थिक हितों को प्राथमिकता देने की अपील भी की।

    बैठक में पिछले महीने हुए समझौता ज्ञापन की शर्तों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच इस समझौते की व्याख्या और उसके क्रियान्वयन को लेकर मतभेद बने हुए हैं। अमेरिका का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसी रणनीतिक समुद्री धुरी से जुड़ी किसी भी नई व्यवस्था में खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों की सहमति और भागीदारी भी आवश्यक है। दूसरी ओर ईरान का कहना है कि संबंधित क्षेत्र उसके अधिकार क्षेत्र से जुड़ा विषय है और अंतिम निर्णय लेने का अधिकार उसी के पास होना चाहिए।

    वार्ता के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री गतिविधियों से जुड़े हालिया घटनाक्रम भी चर्चा का हिस्सा रहे। हाल के दिनों में होर्मुज के आसपास बढ़ी सैन्य गतिविधियों और व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी है। नए समुद्री मार्गों के संचालन और क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा को लेकर कई देशों की चिंता और बढ़ा दी है।

    समझौता ज्ञापन के तहत निर्धारित 60 दिन की अवधि भी वार्ता का महत्वपूर्ण विषय रही। इस अवधि के पूरा होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन और वहां से गुजरने वाले जहाजों के संचालन को लेकर दोनों पक्षों की अलग-अलग व्याख्याएं सामने आ रही हैं। इसी कारण भविष्य की व्यवस्था को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर व्यापक समझौते तक पहुंचना दोनों देशों के लिए एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती माना जा रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। दुनिया के ऊर्जा व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार का तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजार, तेल आपूर्ति और समुद्री परिवहन पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में दोहा में जारी संवाद को भविष्य के संभावित समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है, हालांकि कई संवेदनशील मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी कायम हैं।

  • मैटरनिटी परिसर की घटना के बाद एक्शन देवास जिला अस्पताल ने बदली व्यवस्था अब प्रसव से पहले होगी विशेष निगरानी

    मैटरनिटी परिसर की घटना के बाद एक्शन देवास जिला अस्पताल ने बदली व्यवस्था अब प्रसव से पहले होगी विशेष निगरानी


    देवास  देवास जिला अस्पताल ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को उनकी संभावित प्रसव तिथि से सात दिन पहले अस्पताल में भर्ती किया जाएगा ताकि प्रसव के दौरान किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। यह निर्णय हाल ही में मैटरनिटी परिसर में हुई एक प्रसव संबंधी घटना के बाद लिया गया है जिसमें महिला के अस्पताल देर से पहुंचने की बात सामने आई थी।

    गुरुवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजनी जेम्स बैक ने जिला अस्पताल की मैटरनिटी विंग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती गर्भवती महिलाओं से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कई हाई रिस्क गर्भवती महिलाएं प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद काफी देर से अस्पताल पहुंचती हैं जिससे मां और नवजात दोनों के लिए गंभीर जोखिम पैदा हो जाता है।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को संभावित प्रसव तिथि से सात दिन पहले अस्पताल में भर्ती कर उनकी नियमित चिकित्सकीय निगरानी की जाएगी। इससे किसी भी जटिल स्थिति का समय रहते उपचार संभव हो सकेगा और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सकेगा।

    सिर्फ हाई रिस्क गर्भवतियों के लिए ही नहीं बल्कि सामान्य गर्भवती महिलाओं के लिए भी नई पहल शुरू की गई है। अस्पताल प्रशासन अब संभावित प्रसव तिथि से चार दिन पहले गर्भवती महिलाओं से फोन पर संपर्क करेगा और उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचकर भर्ती होने के लिए प्रेरित करेगा। इसका उद्देश्य अंतिम समय की भागदौड़ और प्रसव के दौरान होने वाली संभावित जटिलताओं को कम करना है।

    निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने अस्पताल के सोनोग्राफी केंद्र और चिकित्सकों के कक्ष का भी निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और सरकार द्वारा संचालित मातृ स्वास्थ्य योजनाओं का पूरा लाभ उठाने की सलाह भी दी।

    अस्पताल प्रशासन का मानना है कि समय पर भर्ती और लगातार चिकित्सकीय निगरानी से मातृ मृत्यु और नवजात शिशुओं से जुड़े जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना और हर गर्भवती महिला को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

  • ईरान के राजकीय शोक समारोह में भारत की मौजूदगी, महबूबा मुफ्ती ने स्वीकार किया निमंत्रण, कई वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी तय

    ईरान के राजकीय शोक समारोह में भारत की मौजूदगी, महबूबा मुफ्ती ने स्वीकार किया निमंत्रण, कई वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी तय

    नई दिल्ली । ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनयिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने ईरान सरकार की ओर से भेजा गया आधिकारिक निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। उन्होंने पुष्टि की है कि वह अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ईरान जाएंगी और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी।

    ईरान में अंतिम संस्कार और शोक संबंधी कार्यक्रम 4 जुलाई से 9 जुलाई तक तेहरान, कोम और मशहद में आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में दुनिया के अनेक देशों के प्रतिनिधियों और राजनीतिक नेताओं के शामिल होने की संभावना है। ईरान ने भारत सहित कई देशों के प्रमुख नेताओं और प्रतिनिधियों को औपचारिक निमंत्रण भेजा है, ताकि वे राजकीय शोक समारोह में भाग लेकर संवेदना व्यक्त कर सकें।

    महबूबा मुफ्ती ने अपनी यात्रा की पुष्टि करते हुए कहा कि वह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ईरान जाएंगी। वहां वह ईरानी नेतृत्व और नागरिकों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करेंगी तथा दिवंगत नेता को अंतिम श्रद्धांजलि देंगी। उनके इस दौरे को भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    ईरान की ओर से केवल महबूबा मुफ्ती ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई प्रमुख नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। इनमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और शिया समुदाय से जुड़े प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक नेता शामिल हैं। इन नेताओं की संभावित भागीदारी को क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सांस्कृतिक जुड़ाव के दृष्टिकोण से भी अहम माना जा रहा है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ईरान की ओर से औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था। हालांकि, पूर्व निर्धारित विदेश यात्राओं के कारण उनके इस कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना नहीं है। ऐसे में भारत सरकार की ओर से एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल अंतिम संस्कार समारोह में भाग लेगा। यह प्रतिनिधिमंडल भारत की ओर से आधिकारिक संवेदना व्यक्त करेगा और राजनयिक स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करेगा।

    इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के कई वरिष्ठ नेताओं के भी ईरान जाने की संभावना जताई जा रही है। इनमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के प्रतिनिधियों के नाम सामने आए हैं। इससे स्पष्ट है कि यह कार्यक्रम केवल धार्मिक या औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक महत्व भी रखता है, जहां विभिन्न देशों के प्रतिनिधि एक मंच पर मौजूद रहेंगे।

    अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन के बाद ईरान में राष्ट्रीय शोक का माहौल है। अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा और राजनयिक व्यवस्थाओं को विशेष रूप से मजबूत किया गया है। दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बीच यह आयोजन वैश्विक राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत की भागीदारी को दोनों देशों के पारंपरिक संबंधों और आपसी सम्मान की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।

  • बड़वाह की बिजली लाइन में फॉल्ट का असर इंदौर की जलापूर्ति पर नर्मदा परियोजना के सभी पंप बंद

    बड़वाह की बिजली लाइन में फॉल्ट का असर इंदौर की जलापूर्ति पर नर्मदा परियोजना के सभी पंप बंद


    इंदौर । इंदौर में गुरुवार को कई क्षेत्रों के लोगों को पानी की सप्लाई में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बड़वाह जलूद क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण नर्मदा जल परियोजना के सभी प्रमुख पंप बंद हो गए हैं। इसका सीधा असर शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ा है और कई इलाकों में कम दबाव से पानी पहुंचने की संभावना जताई गई है।

    जानकारी के अनुसार 132 केवी बड़वाह विद्युत लाइन में तकनीकी खराबी आने के कारण नर्मदा परियोजना के फेज एक फेज दो और फेज तीन के सभी पंप अचानक बंद हो गए। इन पंपों के बंद होने से नर्मदा का पानी शहर की विभिन्न जल टंकियों तक नहीं पहुंच सका जिससे टंकियों का भराव प्रभावित हुआ है। इसी वजह से गुरुवार को होने वाली नियमित जलापूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है।

    नगर निगम प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया है। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बड़वाह क्षेत्र के मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के अधिकारियों से चर्चा कर बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल करने और तकनीकी खराबी दूर करने के निर्देश दिए हैं ताकि जलापूर्ति व्यवस्था सामान्य की जा सके।

    नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि पानी का उपयोग आवश्यकता के अनुसार ही करें और अनावश्यक रूप से पानी की बर्बादी से बचें। जब तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो जाती तब तक शहर के कुछ हिस्सों में पानी कम दबाव से पहुंच सकता है या निर्धारित समय से देरी भी हो सकती है।

    बिजली आपूर्ति सामान्य होते ही नर्मदा परियोजना के पंप दोबारा शुरू किए जाएंगे और जल टंकियों को भरने का कार्य तेजी से किया जाएगा। इसके बाद जल वितरण व्यवस्था भी धीरे धीरे सामान्य हो जाएगी। प्रशासन का कहना है कि तकनीकी समस्या दूर करने के लिए संबंधित विभाग लगातार काम कर रहा है ताकि लोगों को कम से कम असुविधा हो।

  • इंदौर में दर्दनाक सड़क हादसा पैदल युवक और बाइक सवार की गई जान तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह

    इंदौर में दर्दनाक सड़क हादसा पैदल युवक और बाइक सवार की गई जान तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में तेज रफ्तार एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। राऊ थाना क्षेत्र में बुधवार शाम हुए सड़क हादसे में सड़क पार कर रहे एक युवक और बाइक चालक दोनों की मौत हो गई। हादसे के बाद दोनों को गंभीर हालत में निजी अस्पताल पहुंचाया गया था लेकिन इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार हादसा सेज यूनिवर्सिटी के सामने हुआ। अलीराजपुर जिले के कदावली गांव निवासी 22 वर्षीय नरपत सिंह चौहान काम खत्म करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान वह सड़क पार कर रहे थे तभी राऊ की ओर से तेज गति से आ रही एक बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि नरपत सिंह और बाइक चालक दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने मानवता दिखाते हुए दोनों घायलों को नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने दोनों का इलाज शुरू किया लेकिन गंभीर चोटों के कारण रात के दौरान दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।

    मृतक नरपत सिंह चौहान इलेक्ट्रीशियन का काम करते थे। उनके परिवार में माता पिता और तीन भाई हैं जो अलीराजपुर जिले के कदावली गांव में रहते हैं। परिजनों के अनुसार उनकी शादी इसी वर्ष हुई थी और वे परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए इंदौर में काम कर रहे थे। उनकी असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है।

    दूसरे मृतक की पहचान 22 वर्षीय आयान पुत्र इमरान खान के रूप में हुई है जो सोनवाय क्षेत्र का रहने वाला था। वह एक कपड़ों की दुकान पर काम करता था जबकि उसके पिता छोटा व्यवसाय करते हैं। पुलिस के अनुसार हादसे के समय आयान अपनी नानी से मिलने मुंडला क्षेत्र जा रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बाइक की रफ्तार काफी अधिक थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका जिससे यह दर्दनाक हादसा हो गया।

    राऊ थाना पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें और सड़क पर विशेष सावधानी बरतें क्योंकि तेज रफ्तार की छोटी सी लापरवाही भी किसी परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन सकती है।

  • इंदौर में हरियाली का महाअभियान इस बार लगेंगे 21 लाख पौधे मंत्री विजयवर्गीय बोले पेड़ बचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी

    इंदौर में हरियाली का महाअभियान इस बार लगेंगे 21 लाख पौधे मंत्री विजयवर्गीय बोले पेड़ बचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी


    इंदौर । इंदौर में इस वर्ष बड़े स्तर पर हरियाली बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। शहर में 21 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य के साथ व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में नगर निगम विभिन्न सरकारी विभाग सामाजिक संगठनों औद्योगिक संस्थानों और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही नहीं बल्कि उन्हें जीवित रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी ताकि आने वाले वर्षों में इंदौर को देश का सबसे हराभरा शहर बनाया जा सके।

    बुधवार को एआईसीटीएसएल कार्यालय में आयोजित बैठक में अभियान की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों नगर निगम अधिकारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इस बार ऐसा मॉडल तैयार किया जा रहा है जिसमें लगाए गए प्रत्येक पौधे की देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि नगर निगम के साथ सभी सरकारी विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा ताकि अभियान जन आंदोलन का रूप ले सके।

    उन्होंने जानकारी दी कि देवगुराड़िया क्षेत्र के पास स्थित एक टेकरी को हराभरा बनाने की विशेष योजना तैयार की गई है। यहां एक से दो लाख पौधे लगाए जाएंगे। कोशिश होगी कि पांच फीट या उससे अधिक ऊंचाई वाले पौधे लगाए जाएं ताकि उनके जीवित रहने की संभावना अधिक रहे और कम समय में हरियाली विकसित हो सके।

    मंत्री ने कहा कि जल संरक्षण और वृक्षारोपण एक दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं। उन्होंने चिंता जताई कि पहले जहां एक सौ से डेढ़ सौ फीट की गहराई पर पानी मिल जाता था वहीं अब कई स्थानों पर सात सौ फीट तक बोरिंग करने के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। उनके अनुसार इसका प्रमुख कारण वर्षा जल का संरक्षण नहीं होना और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति लापरवाही है। उन्होंने कहा कि अब कृत्रिम जल पुनर्भरण की दिशा में गंभीर प्रयास करना समय की आवश्यकता है।

    उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि जिनके मकानों की छत लगभग पंद्रह सौ वर्गफीट है वे वर्षा जल को सीधे जमीन में पहुंचाने की व्यवस्था करें। उनके अनुसार पांच से सात हजार रुपये के खर्च से यह व्यवस्था आसानी से की जा सकती है जिससे भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि ऐसी व्यवस्था करने वाले लोगों को नगर निगम की ओर से संपत्ति कर में रियायत देने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। उनका कहना था कि यदि आने वाली पीढ़ियों के लिए इंदौर को सुरक्षित और रहने योग्य बनाना है तो जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना होगा।

    विजयवर्गीय ने बताया कि इस अभियान में औद्योगिक संस्थानों और स्वयंसेवी संगठनों से उनके सामाजिक दायित्व के तहत सहयोग मांगा गया है। उनसे बड़े आकार के पौधे उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है ताकि पौधारोपण के बेहतर परिणाम मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार वन विभाग ने अभियान में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है जबकि पिछले अभियान के दौरान अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया था।

    मुख्यमंत्री को लिखे गए कथित पत्र के संबंध में पूछे गए सवाल पर मंत्री ने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा कि वह मामला अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है और उस अध्याय को बंद समझा जाए। फिलहाल उनका पूरा ध्यान इंदौर को अधिक हराभरा बनाने और जल संरक्षण के व्यापक अभियान पर केंद्रित है।

  • यूक्रेन के ड्रोन हमलों के बाद रूस का बड़ा पलटवार, कीव समेत कई ठिकानों पर मिसाइलों की बरसात; युद्ध में बढ़ा नया तनाव

    यूक्रेन के ड्रोन हमलों के बाद रूस का बड़ा पलटवार, कीव समेत कई ठिकानों पर मिसाइलों की बरसात; युद्ध में बढ़ा नया तनाव

    नई दिल्ली । रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। हाल के दिनों में यूक्रेन द्वारा रूस के ऊर्जा और सैन्य प्रतिष्ठानों पर किए गए ड्रोन हमलों के बाद रूस ने राजधानी कीव सहित कई क्षेत्रों में व्यापक हवाई और मिसाइल हमले किए हैं। इन हमलों के बाद राजधानी में बड़े पैमाने पर नुकसान और जनहानि की खबरें सामने आई हैं, जबकि कई इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

    लगातार हो रहे हमलों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपना विदेश दौरा बीच में समाप्त कर तत्काल देश लौटने का निर्णय लिया। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के साथ हालात की समीक्षा की तथा नागरिकों से एयर अलर्ट का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं को भी सक्रिय कर दिया है ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके।

    रूसी सेना ने इस अभियान में लंबी दूरी की मिसाइलों और रणनीतिक हवाई क्षमता का इस्तेमाल किया। राजधानी के अलावा कई अन्य स्थानों पर भी हमलों की सूचना मिली है। कई इमारतों, सार्वजनिक ढांचों और बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। कुछ स्थानों पर आग लगने और मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं।

    रूस का कहना है कि हमलों का उद्देश्य यूक्रेन के सैन्य और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाना था। उसके अनुसार हाल के सप्ताहों में यूक्रेन ने रूसी क्षेत्र में स्थित ऊर्जा प्रतिष्ठानों, तेल भंडारण केंद्रों और सैन्य परिसरों पर ड्रोन हमले किए थे, जिनके जवाब में यह कार्रवाई की गई है। दूसरी ओर यूक्रेन का आरोप है कि हमलों का दायरा केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा और कई नागरिक क्षेत्रों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

    युद्ध के मौजूदा चरण में दोनों पक्ष लगातार नई सैन्य रणनीतियां अपना रहे हैं। यूक्रेन की ओर से ड्रोन हमलों की क्षमता में वृद्धि देखी गई है, जबकि रूस लंबी दूरी की मिसाइलों और हवाई हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई तेज कर रहा है। इससे संघर्ष का दायरा और अधिक व्यापक होता दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियां आने वाले समय में युद्ध को और जटिल बना सकती हैं।

    यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा है कि उनका देश संघर्ष समाप्त करने के प्रयासों के पक्ष में है, लेकिन लगातार हो रहे हमले शांति प्रक्रिया को कठिन बना रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यूक्रेन की सुरक्षा और पुनर्निर्माण में सहयोग जारी रखने की अपील की। वहीं रूस ने अपने सुरक्षा हितों और सैन्य लक्ष्यों को प्राथमिकता बताते हुए अभियान जारी रखने के संकेत दिए हैं।

    चार वर्ष से अधिक समय से जारी इस युद्ध ने यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर गहरा प्रभाव डाला है। मौजूदा घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी कम होने के संकेत नहीं हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं पर फिर से चर्चा तेज हो सकती है, हालांकि फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रणनीतिक रुख पर कायम दिखाई दे रहे हैं।

  • मूसलाधार बारिश के बाद इंदौर में दर्दनाक हादसा नाले में बहे युवक का शव बरामद अहीरखेड़ी का युवक अब भी लापता

    मूसलाधार बारिश के बाद इंदौर में दर्दनाक हादसा नाले में बहे युवक का शव बरामद अहीरखेड़ी का युवक अब भी लापता


    इंदौर । इंदौर में लगातार हो रही तेज बारिश के बीच हुए हादसों ने शहर को झकझोर दिया है। बुधवार शाम हुई मूसलाधार बारिश के दौरान अलग अलग स्थानों पर तेज बहाव में दो युवक बह गए थे। इनमें लसूड़िया क्षेत्र से लापता हुए युवक का शव गुरुवार सुबह बरामद कर लिया गया जबकि अहीरखेड़ी क्षेत्र से बहा युवक अब भी लापता है। पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही है।

    पुलिस के अनुसार लसूड़िया मोरी निवासी 34 वर्षीय गोलू पंवार बुधवार रात करीब नौ बजे अपने पिता के लिए खाना लेकर जा रहा था। रास्ते में वह नाले के किनारे से गुजर रहा था तभी तेज बारिश के कारण बढ़े पानी के बहाव में उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नाले में बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने रात में उसकी तलाश शुरू की लेकिन अंधेरा और तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी।

    गुरुवार सुबह एसडीईआरएफ की टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद गोलू का शव पुल के नीचे कचरे में फंसा मिला। टीम ने शव को बाहर निकालकर पुलिस को सौंप दिया जिसके बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया। गोलू ईंट निर्माण फैक्ट्री में काम करता था। उसके परिवार में माता पिता और छोटा भाई हैं। उसके पिता एक निजी कंपनी में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

    दूसरी ओर अहीरखेड़ी क्षेत्र में बुधवार को तेज बहाव में बहा युवक महेश चौहान अब भी लापता है। जानकारी के अनुसार महेश अपने दोस्त मनीष के साथ पुल की रपट पार कर रहा था। इसी दौरान दोनों पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। मनीष किसी तरह खुद को बचाने में सफल रहा लेकिन महेश बह गया और तब से उसका कोई पता नहीं चल सका है।

    पुलिस और राहत दल ने बुधवार रात से ही आसपास के इलाकों में खोज अभियान शुरू कर दिया था। गुरुवार सुबह भी एसडीईआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया लेकिन समाचार लिखे जाने तक महेश का कोई सुराग नहीं मिला था। अधिकारियों का कहना है कि पानी का बहाव कम होने के साथ खोज अभियान लगातार जारी रहेगा।

    लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई नाले और पुलिया उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों नालों और रपटों को पार करने का प्रयास न करें तथा मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी ऐसे मौसम में बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

  • दिल्ली में बड़े आतंकी हमले की साजिश नाकाम, ISI से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क का भंडाफोड़, चार आरोपी हथियारों समेत गिरफ्तार

    दिल्ली में बड़े आतंकी हमले की साजिश नाकाम, ISI से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क का भंडाफोड़, चार आरोपी हथियारों समेत गिरफ्तार


    नई दिल्ली।
    राजधानी दिल्ली में संभावित आतंकी साजिश को समय रहते विफल करते हुए पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से जुड़े बताए जा रहे एक संदिग्ध नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें तीन पंजाब और एक दिल्ली से पकड़ा गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में हिंसक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विदेशी हथियार, जिंदा कारतूस और कई मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।

    जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए संदिग्ध एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे, जो सीमा पार बैठे संचालकों के संपर्क में रहकर गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को राजधानी में संवेदनशील स्थानों की निगरानी करने और हमले की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। इस नेटवर्क की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद समन्वित कार्रवाई की गई।

    पूछताछ के दौरान सामने आया कि नेटवर्क का एक प्रमुख सदस्य पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी जाने वाली हथियारों और मादक पदार्थों की खेप प्राप्त करने में सक्रिय भूमिका निभाता था। जांच में यह भी पता चला कि विदेशी नंबरों के माध्यम से सीमा पार मौजूद संचालकों से लगातार संपर्क बनाए रखा जाता था। पुलिस अब इन संचार माध्यमों, डिजिटल रिकॉर्ड और कॉल डिटेल का विश्लेषण कर नेटवर्क की पूरी श्रृंखला तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

    जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपी पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में कानून के शिकंजे में आ चुके हैं। पुलिस का मानना है कि संगठित अपराध, हथियारों की तस्करी और आतंकी गतिविधियों के बीच संभावित संबंधों की भी जांच की जाएगी। इसी आधार पर विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया गया है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके।

    दिल्ली से गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, उसे राजधानी के धार्मिक स्थलों, पुलिस थानों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके अलावा उसे दिल्ली में फायरिंग जैसी वारदात को अंजाम देने के निर्देश मिलने के संकेत भी मिले हैं। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि साजिश कितनी व्यापक थी और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आतंक से संबंधित प्रावधानों, हथियार रखने और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि बरामद हथियारों की उत्पत्ति, वित्तीय लेनदेन, सीमा पार संपर्क और डिजिटल नेटवर्क की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे प्रकरण को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्प्रभावी बनाया जा सके।

  • क्रेडिट कार्ड का कर्ज नहीं चुका पाया डिलीवरी बॉय ने उठाया खौफनाक कदम इंदौर में दो युवकों की मौत से सनसनी

    क्रेडिट कार्ड का कर्ज नहीं चुका पाया डिलीवरी बॉय ने उठाया खौफनाक कदम इंदौर में दो युवकों की मौत से सनसनी


    इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज के दबाव के बीच एक युवा डिलीवरी बॉय की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चंदन नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले 25 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह लंबे समय से आर्थिक परेशानियों और क्रेडिट कार्ड के कर्ज को लेकर तनाव में था। वहीं शहर के आजाद नगर क्षेत्र में भी एक 21 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। दोनों मामलों की पुलिस जांच जारी है।

    पुलिस के अनुसार चंदन नगर के व्यास नगर निवासी लखन कोटे ने बुधवार को अपने घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसकी पत्नी ने परिवार के अन्य सदस्यों को सूचना दी जिसके बाद परिजन उसे तत्काल एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन गुरुवार तड़के उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

    परिजनों ने पुलिस को बताया कि लखन पार्सल डिलीवरी का काम करने के साथ साथ रेपिडो चलाकर भी परिवार का खर्च उठाता था। पिछले कुछ समय से आमदनी कम हो गई थी जबकि खर्च लगातार बढ़ रहे थे। आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उसने क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कर्ज लिया था। परिजनों के अनुसार वह समय पर भुगतान नहीं कर पा रहा था और इसी कारण मानसिक तनाव में रहने लगा था। हालांकि उसने कितना कर्ज लिया था इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

    लखन की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी। परिवार में उसके माता पिता पत्नी और बड़ा भाई हैं। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है इसलिए आत्महत्या के कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस आर्थिक लेनदेन और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

    इधर आजाद नगर थाना क्षेत्र के इदरीश नगर में रहने वाले 21 वर्षीय अनोज एड्रयू ने भी अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। उसका शव कुछ परिचित लोग अस्पताल लेकर पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि शव अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। फिलहाल इस मामले में भी जांच जारी है और आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव की गंभीरता की ओर संकेत करती हैं। पुलिस दोनों मामलों में सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।