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  • ओडिशा में एल्युमीनियम क्षेत्र की सबसे बड़ी औद्योगिक पहल, अदाणी ग्रुप और आईएचसी का 1.08 लाख करोड़ रुपये निवेश; हजारों रोजगार और वैश्विक विनिर्माण क्षमता को मिलेगा नया आधार

    ओडिशा में एल्युमीनियम क्षेत्र की सबसे बड़ी औद्योगिक पहल, अदाणी ग्रुप और आईएचसी का 1.08 लाख करोड़ रुपये निवेश; हजारों रोजगार और वैश्विक विनिर्माण क्षमता को मिलेगा नया आधार

    नई दिल्ली । भारत के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाली एक बड़ी पहल के तहत अदाणी ग्रुप ने अबु धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) के साथ मिलकर ओडिशा में अत्याधुनिक एल्युमीनियम परियोजना स्थापित करने की घोषणा की है। करीब 11.5 अरब डॉलर यानी लगभग 1.08 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाली यह परियोजना देश के धातु उद्योग के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक पहलों में शामिल मानी जा रही है। इसके माध्यम से भारत की एल्युमीनियम उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    भुवनेश्वर में आयोजित समझौता हस्ताक्षर कार्यक्रम के दौरान कंपनी की ओर से बताया गया कि यह परियोजना केवल एक औद्योगिक इकाई तक सीमित नहीं होगी, बल्कि पूरी एल्युमीनियम वैल्यू चेन को एकीकृत रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखेगी। इसके तहत कच्चे माल के प्रसंस्करण से लेकर तैयार उत्पादों के निर्माण तक की सभी प्रमुख गतिविधियां एक ही औद्योगिक परिसर में संचालित की जाएंगी। इससे उत्पादन लागत में कमी आने के साथ आपूर्ति श्रृंखला भी अधिक प्रभावी बन सकेगी।

    प्रस्तावित परियोजना में प्रतिवर्ष लगभग 40 लाख टन क्षमता वाली एल्युमिना रिफाइनरी स्थापित की जाएगी, जबकि करीब 20 लाख टन वार्षिक क्षमता वाला एल्युमीनियम स्मेल्टर भी विकसित होगा। इसके अलावा लगभग 10 लाख टन वार्षिक क्षमता वाला डाउनस्ट्रीम एल्युमीनियम पार्क तैयार किया जाएगा, जहां विभिन्न औद्योगिक और उपभोक्ता क्षेत्रों के लिए मूल्यवर्धित एल्युमीनियम उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। इससे देश में आयात पर निर्भरता कम होने और निर्यात क्षमता बढ़ने की संभावना है।

    परियोजना के सुचारु संचालन के लिए लगभग 4,000 मेगावाट क्षमता का कैप्टिव पावर सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही करीब 400 मेगावाट हरित ऊर्जा का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे उत्पादन प्रक्रिया में स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ेगी। यह पहल उद्योग और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    इस निवेश का सबसे बड़ा प्रभाव रोजगार के क्षेत्र में देखने को मिलेगा। निर्माण चरण के दौरान करीब 35 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। वहीं परियोजना के पूर्ण रूप से संचालित होने के बाद लगभग 18,500 स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इसके अतिरिक्त परिवहन, लॉजिस्टिक्स, लघु उद्योग, सेवा क्षेत्र और स्थानीय कारोबार से जुड़े हजारों लोगों को भी आर्थिक गतिविधियों का लाभ मिलने की संभावना है।

    कंपनी का मानना है कि इस परियोजना के माध्यम से केवल एक औद्योगिक संयंत्र का निर्माण नहीं होगा, बल्कि ओडिशा में व्यापक आर्थिक गतिविधियों का नया केंद्र विकसित होगा। इससे स्थानीय उद्यमों को नए बाजार, युवाओं को कौशल आधारित रोजगार और छोटे व्यवसायों को दीर्घकालिक अवसर प्राप्त होंगे। परियोजना के आसपास सहायक उद्योगों के विकसित होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी उल्लेखनीय गति मिलने की उम्मीद है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर एल्युमीनियम की बढ़ती मांग को देखते हुए यह निवेश भारत के धातु उद्योग को नई ऊंचाई प्रदान कर सकता है। एकीकृत उत्पादन मॉडल, आधुनिक तकनीक, ऊर्जा दक्षता और बड़े पैमाने की विनिर्माण क्षमता के कारण यह परियोजना आने वाले वर्षों में भारत को एल्युमीनियम क्षेत्र में वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। साथ ही यह औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और निवेश आकर्षित करने के क्षेत्र में ओडिशा के लिए भी एक नई पहचान बनाने का आधार बनेगी।

  • डेकेयर सेंटर में बच्चों से कथित दुर्व्यवहार का मामला, कैपजेमिनी ने उठाया बड़ा कदम, पांच केयरगिवर्स पर केस दर्ज

    डेकेयर सेंटर में बच्चों से कथित दुर्व्यवहार का मामला, कैपजेमिनी ने उठाया बड़ा कदम, पांच केयरगिवर्स पर केस दर्ज

    नई दिल्ली। बेंगलुरु स्थित एक कॉर्पोरेट डेकेयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप सामने आने के बाद आईटी क्षेत्र में गंभीर चिंता का माहौल बन गया है। मामले के सामने आने के बाद कैपजेमिनी ने अपने कैंपस में संचालित डेकेयर सुविधा को एहतियातन अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। कंपनी का कहना है कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा तथा बच्चों की भलाई उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वह पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों के साथ पूर्ण सहयोग कर रही है।

    बताया गया है कि यह डेकेयर सेंटर बेंगलुरु के ब्रुकफील्ड क्षेत्र स्थित कंपनी के कैंपस में संचालित किया जा रहा था। मामले ने तब तूल पकड़ा जब सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार के दृश्य दिखाई देने का दावा किया गया। वीडियो सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू की।

    जिला बाल संरक्षण इकाई की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान डेकेयर सेंटर में कार्यरत पांच महिला केयरगिवर्स के खिलाफ किशोर न्याय कानून की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस अब उपलब्ध वीडियो, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि आरोपों की सत्यता का पता लगाया जा सके।

    शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डेकेयर सेंटर में दो से तीन वर्ष की आयु के बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार किया जाता था। आरोपों के अनुसार बच्चों के रोने पर उन्हें डराया-धमकाया जाता था, उनके साथ मारपीट की जाती थी और कई बार उनके साथ अमानवीय व्यवहार भी किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कुछ बच्चों को बाथरूम में बंद करने, उनके साथ अनुचित शारीरिक व्यवहार करने और उन्हें भयभीत करने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। इन आरोपों की पुष्टि फिलहाल जांच के बाद ही हो सकेगी।

    कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है और संबंधित एजेंसियों को हर संभव सहयोग दिया जा रहा है। साथ ही, जांच पूरी होने तक डेकेयर सुविधा को बंद रखने का निर्णय एहतियाती कदम के रूप में लिया गया है। कंपनी ने यह भी भरोसा दिलाया है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला कॉर्पोरेट परिसरों में संचालित डेकेयर केंद्रों की निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के प्रशिक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। बच्चों की देखभाल से जुड़ी संस्थाओं में नियमित निरीक्षण, पारदर्शी निगरानी प्रणाली और शिकायत निवारण तंत्र को और मजबूत बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना ने अभिभावकों के बीच भी बच्चों की सुरक्षा और डेकेयर केंद्रों की कार्यप्रणाली को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

  • इंग्लैंड से हार के बाद डीआर कांगो के कोच पर टूटा दुखों का पहाड़, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मिली पिता के निधन की खबर

    इंग्लैंड से हार के बाद डीआर कांगो के कोच पर टूटा दुखों का पहाड़, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मिली पिता के निधन की खबर


    नई दिल्ली । DR Congo national football team के मुख्य कोच Sébastien Desabre के लिए फीफा विश्व कप 2026 का राउंड ऑफ 32 मुकाबला बेहद दर्दनाक साबित हुआ। इंग्लैंड से 2-1 की हार के कुछ घंटों बाद उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने पिता के निधन की सूचना मिली, जिसके बाद पूरा माहौल भावुक हो गया और मीडिया वार्ता तत्काल समाप्त कर दी गई।

    अटलांटा में खेले गए मुकाबले में डीआर कांगो ने दमदार शुरुआत की थी। सातवें मिनट में Bryan Sipeŋga ने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई। हालांकि, इंग्लैंड के कप्तान Harry Kane ने दो गोल कर मैच का रुख पलट दिया और इंग्लैंड को 2-1 से जीत दिलाकर अगले दौर में पहुंचा दिया।

    मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक अधिकारी ने फ्रेंच भाषा में देसाब्रे को उनके पिता के निधन की सूचना दी। यह खबर सुनते ही प्रेस कॉन्फ्रेंस का माहौल पूरी तरह बदल गया। अधिकारी ने संवेदना व्यक्त करते हुए बातचीत समाप्त करने की घोषणा की। कुछ क्षणों तक स्तब्ध रहने के बाद देसाब्रे ने सभी का धन्यवाद किया और प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर बाहर चले गए।

    हालांकि टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई, लेकिन डीआर कांगो ने अपने प्रदर्शन से इतिहास रचा। 1974 के बाद पहली बार विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने वाली टीम ने अपने पहले नॉकआउट चरण तक पहुंचकर दुनिया का ध्यान खींचा। ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम ने अंतिम 32 में जगह बनाई और मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ भी संघर्षपूर्ण खेल दिखाया।

    हार के बाद देसाब्रे ने कहा कि उनकी टीम ने पूरी मेहनत की, लेकिन अनुभव की कमी निर्णायक साबित हुई। उन्होंने स्वीकार किया कि खिलाड़ियों ने कई अच्छे मौके बनाए, लेकिन उनका फायदा नहीं उठा सके। उन्होंने कहा कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल हैरी केन ने मिले मौकों का पूरा लाभ उठाया।

    कोच ने अपने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें पूरी टीम पर गर्व है। उनके अनुसार यह विश्व कप डीआर कांगो फुटबॉल के लिए एक बड़ा सीखने का अनुभव है और इस स्तर पर खेलने से युवा खिलाड़ी भविष्य में और मजबूत होकर लौटेंगे।

  • नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों का विस्तार, इंडिगो ने 8 नए शहर जोड़े, अकासा एयर ने मुंबई के लिए शुरू की सेवा

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों का विस्तार, इंडिगो ने 8 नए शहर जोड़े, अकासा एयर ने मुंबई के लिए शुरू की सेवा


    नई दिल्ली। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हवाई कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है। देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) ने एयरपोर्ट से आठ नए शहरों के लिए उड़ानें शुरू कर अपने नेटवर्क का बड़ा विस्तार किया है। वहीं, अकासा एयर (Akasa Air) ने भी 2 जुलाई से मुंबई के लिए अपनी नियमित फ्लाइट सेवा शुरू कर दी है। इससे नोएडा एयरपोर्ट से यात्रियों के लिए हवाई सफर के विकल्प और बढ़ गए हैं।

    इंडिगो ने 8 नए शहरों को जोड़ा
    15 जून 2026 को शुरू हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगो ने शुरुआत में बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ, जम्मू और अमृतसर के लिए उड़ानें संचालित की थीं।

    अब 1 जुलाई से एयरलाइन ने जयपुर, जोधपुर, चंडीगढ़, देहरादून, धर्मशाला, भोपाल, बरेली और पंतनगर के लिए भी फ्लाइट सेवा शुरू कर दी है। इसके अलावा 2 जुलाई से किशनगढ़ को भी नेटवर्क में शामिल किया जा रहा है। इसके साथ ही नोएडा एयरपोर्ट से इंडिगो के गंतव्यों (डेस्टिनेशन) की संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी।

    मुंबई के लिए अकासा एयर की नई उड़ान
    अकासा एयर ने 2 जुलाई से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने वाली नई उड़ान सेवा शुरू कर दी है।

    एयरलाइन के बुकिंग पोर्टल के अनुसार, मुंबई रूट पर प्रतिदिन दो नई उड़ानें संचालित की जाएंगी। इससे पहले अकासा एयर देश की पहली एयरलाइन बनी थी, जिसने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे दो नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को आपस में जोड़ने की शुरुआत की थी।

    जुलाई में रोजाना 40 से अधिक उड़ानों का लक्ष्य
    इंडिगो और अकासा एयर ने 16 जून से नोएडा एयरपोर्ट पर अपना परिचालन शुरू किया था। उस समय दोनों एयरलाइंस मिलकर प्रतिदिन 12 उड़ानें संचालित कर रही थीं, जिनमें आठ इंडिगो और चार अकासा एयर की थीं।

    इंडिगो द्वारा शुरू किए गए नए रूटों में बरेली, जोधपुर और किशनगढ़ के लिए उड़ानें एक दिन छोड़कर संचालित होंगी, जबकि अन्य सभी शहरों के लिए दैनिक उड़ानें उपलब्ध रहेंगी।

    इसके अलावा इंडिगो 13 जुलाई से चंडीगढ़ रूट पर दो अतिरिक्त दैनिक उड़ानें भी शुरू करने जा रही है। इन नई सेवाओं के साथ जुलाई के दौरान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रतिदिन 40 से 42 उड़ानें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है।

  • महिला टी20 विश्व कप: सेमीफाइनल में इंग्लैंड का पलड़ा भारी, लेकिन साउथ अफ्रीका से मिलेगी कड़ी चुनौती

    महिला टी20 विश्व कप: सेमीफाइनल में इंग्लैंड का पलड़ा भारी, लेकिन साउथ अफ्रीका से मिलेगी कड़ी चुनौती


    नई दिल्ली । महिला ICC Women’s T20 World Cup 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में गुरुवार को England women’s cricket team और South Africa women’s national cricket team आमने-सामने होंगी। मुकाबला लंदन के केनिंग्टन ओवल में खेला जाएगा। रिकॉर्ड इंग्लैंड के पक्ष में जरूर है, लेकिन हाल के बड़े टूर्नामेंटों में दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लिश टीम को कड़ी चुनौती दी है।

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोनों टीमों के बीच अब तक 28 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें इंग्लैंड ने 23 मैच जीते हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका को केवल 5 जीत मिली हैं। यह आंकड़ा इंग्लैंड के स्पष्ट दबदबे को दर्शाता है।

    हालांकि, नॉकआउट मुकाबलों की कहानी अलग रही है। ICC Women’s T20 World Cup 2023 के सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड को हराया था। इसके बाद ICC Women’s Cricket World Cup 2025 के सेमीफाइनल में भी प्रोटियाज टीम ने इंग्लैंड का सफर रोक दिया था। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी।

    इंग्लैंड ने इस विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रुप चरण के सभी पांच मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है। बल्लेबाजी में Danni Wyatt-Hodge बेहतरीन फॉर्म में हैं। उन्होंने पांच मैचों में 94 की औसत और 153 के स्ट्राइक रेट से 282 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में Sophie Ecclestone विरोधी बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

    दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका ने कठिन ग्रुप से बाहर निकलकर अंतिम चार में जगह बनाई है। Marizanne Kapp ने गेंद और बल्ले दोनों से प्रभाव छोड़ा है, जबकि Tazmin Brits ने एक शतक सहित तीन मैचों में 174 रन बनाकर टीम की बल्लेबाजी संभाली है। तेज गेंदबाज Shabnim Ismail नई गेंद से लगातार असरदार साबित हुई हैं।

    हालांकि, दक्षिण अफ्रीका के लिए चिंता की बात कप्तान Laura Wolvaardt की फॉर्म है। उन्होंने पांच पारियों में 117 रन बनाए हैं और सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में टीम को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी।

    रिकॉर्ड इंग्लैंड के पक्ष में है, लेकिन हालिया नॉकआउट इतिहास और दक्षिण अफ्रीका की मौजूदा लय को देखते हुए यह मुकाबला बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर वाला होने की उम्मीद है।

  • पुर्तगाल नॉकआउट में बदलेगा खेल, क्रोएशिया पर रहेगा भारी: बाइचुंग भूटिया

    पुर्तगाल नॉकआउट में बदलेगा खेल, क्रोएशिया पर रहेगा भारी: बाइचुंग भूटिया


    नई दिल्ली ।  भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया का मानना है कि ग्रुप चरण में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने के बावजूद पुर्तगाल फीफा विश्व कप 2026 के खिताब का मजबूत दावेदार बना हुआ है। उनका कहना है कि नॉकआउट मुकाबलों में टीम का खेल पूरी तरह बदल सकता है और राउंड ऑफ 32 में वह क्रोएशिया को हराने में सफल रहेगी।

    जी5 के फीफा विश्व कप 2026 विशेषज्ञ पैनल का हिस्सा बने भूटिया ने कहा कि नॉकआउट चरण का दबाव और माहौल अलग होता है। उनके अनुसार पुर्तगाल के पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो बड़े मैचों में मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं और इसी वजह से वे क्रोएशिया के खिलाफ उसे मजबूत दावेदार मानते हैं।

    भूटिया ने कहा कि पुर्तगाल की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो नहीं बल्कि पूरी टीम की गहराई है। उनके अनुसार टीम में कई ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं जो अकेले दम पर मुकाबले का परिणाम बदल सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पुर्तगाल के लिए सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि उसका रचनात्मक मिडफील्ड रोनाल्डो के लिए लगातार गोल करने के मौके बना पाता है या नहीं।

    उन्होंने माना कि पुर्तगाल की आक्रामक शैली उसे बढ़त दिला सकती है, खासकर यदि टीम तेज काउंटर अटैक और ट्रांजिशन फुटबॉल खेलने में सफल रहती है। हालांकि टीम की एक कमजोरी की ओर भी उन्होंने इशारा किया। भूटिया के मुताबिक पुर्तगाल के पास ऐसा मजबूत रक्षात्मक मिडफील्डर नहीं है जो लगातार गेंद छीनकर खेल को तेजी से आक्रमण में बदल सके।

    पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि पुर्तगाल के पास पहले से ही बेहतरीन आक्रामक मिडफील्डर, मजबूत फॉरवर्ड लाइन और आगे बढ़कर खेलने वाले फुल बैक हैं। यदि टीम के पास बीच के हिस्से में संतुलन बनाने वाला खिलाड़ी होता तो वह और भी खतरनाक साबित होती।

    क्रोएशिया पर टिप्पणी करते हुए भूटिया ने कहा कि मौजूदा टीम में पिछली पीढ़ी जैसी गुणवत्ता नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि क्रोएशिया हमेशा संघर्ष करने वाली टीम रही है और मुश्किल परिस्थितियों में भी परिणाम निकालने का तरीका जानती है, लेकिन इस बार उसके पास पहले जैसी धार नहीं दिख रही।

    भूटिया का मानना है कि लुका मोड्रिक अब भी टीम के सबसे अहम खिलाड़ी हैं, लेकिन बढ़ती उम्र के कारण उनकी रफ्तार और प्रभाव पहले जैसा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि यदि क्रोएशिया को पुर्तगाल के खिलाफ जीत हासिल करनी है तो मोड्रिक को असाधारण प्रदर्शन करना होगा। दूसरी ओर पुर्तगाल केवल रोनाल्डो पर निर्भर नहीं है, क्योंकि उसके पास कई मैच विनर खिलाड़ी मौजूद हैं।

    शुक्रवार सुबह टोरंटो में होने वाला पुर्तगाल और क्रोएशिया का राउंड ऑफ 32 मुकाबला विश्व फुटबॉल के दो दिग्गज सितारों क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लुका मोड्रिक की संभावित आखिरी विश्व कप भिड़ंत के कारण भी खास माना जा रहा है। दोनों अनुभवी खिलाड़ी अपनी-अपनी टीम को अगले दौर में पहुंचाने के लिए पूरा दम लगाएंगे।

  • ईटीपीएल ड्राफ्ट में अलग रणनीति स्टीव वॉ ने बताया क्यों ऑलराउंडर्स को दी सबसे ज्यादा प्राथमिकता

    ईटीपीएल ड्राफ्ट में अलग रणनीति स्टीव वॉ ने बताया क्यों ऑलराउंडर्स को दी सबसे ज्यादा प्राथमिकता


    नई दिल्ली । यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग 2026 के पहले प्लेयर ड्राफ्ट के बाद एम्स्टर्डम फ्लेम्स के को ओनर और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने टीम की चयन रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि फ्रेंचाइजी का मुख्य फोकस ऐसे खिलाड़ियों को चुनना था जो एक से अधिक भूमिकाएं निभाने की क्षमता रखते हों। इसी सोच के तहत विशेषज्ञ बल्लेबाजों की तुलना में ऑलराउंडर्स को अधिक प्राथमिकता दी गई।

    एम्स्टर्डम फ्लेम्स ने ड्राफ्ट में पहले से ही मजबूत कोर टीम के साथ प्रवेश किया था। टीम में ऑस्ट्रेलिया के टी20 कप्तान मिचेल मार्श अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ विस्फोटक बल्लेबाज टिम डेविड और नीदरलैंड के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स जैसे खिलाड़ी पहले से शामिल थे। ऐसे में टीम प्रबंधन का ध्यान शेष टीम को संतुलित बनाने और हर परिस्थिति के लिए तैयार करने पर रहा।

    ड्राफ्ट के दौरान फ्रेंचाइजी ने अपने छह में से चार चयन ऑलराउंडर्स पर किए। इनमें आयरलैंड के कर्टिस कैंपर सबसे प्रमुख नाम रहे। इसके अलावा काइल क्लेन टिम प्रिंगल आर्यन दत्त जॉर्डन नील और मैक्स ओ डॉड को भी टीम में शामिल किया गया।

    ड्राफ्ट के बाद मीडिया से बातचीत में स्टीव वॉ ने कहा कि यह रणनीति मुख्य कोच रयान कुक के साथ मिलकर तैयार की गई थी। उनका मानना है कि टी20 क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों का महत्व अधिक है जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दे सकें और जरूरत पड़ने पर अपनी भूमिका बदल सकें। इससे टीम को हर परिस्थिति में बेहतर संतुलन मिलता है।

    वॉ ने कहा कि टीम के पास पहले से ही मिचेल मार्श स्टीव स्मिथ और टिम डेविड जैसे विश्वस्तरीय बल्लेबाज मौजूद हैं। ऐसे में अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाजों की बजाय उन खिलाड़ियों को चुनना अधिक उपयोगी था जो बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदल सकते हैं। उनके अनुसार आधुनिक टी20 क्रिकेट में बहु-प्रतिभाशाली खिलाड़ी किसी भी टीम की सबसे बड़ी ताकत बनते जा रहे हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग एक नया टूर्नामेंट है और पूरे यूरोप में अलग अलग परिस्थितियों में मुकाबले खेले जाएंगे। ऐसे में बहुमुखी खिलाड़ी टीम को परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदलने में मदद करेंगे। स्टीव वॉ ने नेपाल के दीपेंद्र सिंह ऐरी और कनाडा के युवराज समरा की भी सराहना करते हुए उनके प्रदर्शन और क्षमता की प्रशंसा की।

    एम्स्टर्डम फ्लेम्स को उम्मीद है कि संतुलित टीम संयोजन और ऑलराउंडर्स पर आधारित रणनीति उन्हें ईटीपीएल के पहले ही सीजन में मजबूत दावेदार बनाएगी।

  • सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट, चेन्नई में तेजी का रुख, चांदी के दाम में जोरदार उछाल

    सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट, चेन्नई में तेजी का रुख, चांदी के दाम में जोरदार उछाल


    नई दिल्ली। घरेलू सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने की कीमतों में मिलाजुला रुख देखने को मिला। चेन्नई को छोड़कर देश के अधिकांश प्रमुख बाजारों में सोने के दाम घटे, जबकि चेन्नई में सोना महंगा हुआ। वहीं चांदी की कीमतों में भी उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई।

    बाजार में आई गिरावट के चलते अधिकांश शहरों में सोना 1,170 से 1,280 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया। इसके विपरीत चेन्नई में 24 और 22 कैरेट सोने के दाम 520 से 570 रुपये प्रति 10 ग्राम तक बढ़ गए। चांदी की कीमत में भी उछाल आया और यह 5,200 रुपये प्रति किलोग्राम तक महंगी हो गई।

    कीमतों में बदलाव के बाद देश के अधिकांश सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना 1,40,770 रुपये से 1,44,560 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत 1,29,040 रुपये से 1,32,510 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच दर्ज की गई। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी का भाव बढ़कर 2,40,100 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया।

    राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,40,920 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,29,190 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर कारोबार कर रहा है। मुंबई में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,40,770 रुपये और 22 कैरेट सोने का भाव 1,29,040 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। अहमदाबाद में 24 कैरेट सोना 1,40,820 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,29,090 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है।

    चेन्नई में 24 कैरेट सोना 1,44,560 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,32,510 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं कोलकाता में 24 कैरेट सोने का भाव 1,40,770 रुपये और 22 कैरेट का भाव 1,29,040 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। भोपाल में 24 कैरेट सोना 1,40,820 रुपये तथा 22 कैरेट सोना 1,29,090 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

    जयपुर और लखनऊ में 24 कैरेट सोने का भाव 1,40,920 रुपये, जबकि 22 कैरेट सोना 1,29,190 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। पटना में 24 कैरेट सोना 1,40,820 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,29,090 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है।

    दक्षिण और पूर्वी भारत के प्रमुख बाजारों में भी सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली। बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,40,770 रुपये तथा 22 कैरेट सोना 1,29,040 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

  • हैरी केन बोले यह जीत मंजिल नहीं सिर्फ शुरुआत इंग्लैंड ने डीआर कांगो को हराकर बनाई राउंड ऑफ 16 में जगह

    हैरी केन बोले यह जीत मंजिल नहीं सिर्फ शुरुआत इंग्लैंड ने डीआर कांगो को हराकर बनाई राउंड ऑफ 16 में जगह


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में इंग्लैंड ने शानदार वापसी करते हुए डीआर कांगो को 2-1 से हराकर राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह पक्की कर ली। कप्तान हैरी केन ने मैच के अंतिम 15 मिनट में दो गोल दागकर टीम को यादगार जीत दिलाई। अब इंग्लैंड का अगला मुकाबला राउंड ऑफ 16 में मेक्सिको से होगा। हालांकि जीत के बाद केन ने साफ कहा कि यह सफलता टीम की अंतिम पहचान नहीं है और अभी लंबा सफर तय करना बाकी है।

    मैच में इंग्लैंड को पहले हाफ में झटका लगा और टीम ब्रेक तक पिछड़ रही थी। इसके बावजूद दूसरे हाफ में खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया और मुकाबले में दमदार वापसी की। विश्व कप इतिहास में यह पहला मौका है जब इंग्लैंड ने हाफ टाइम तक पिछड़ने के बाद कोई मुकाबला जीतने में सफलता हासिल की। इससे पहले ऐसे नौ मुकाबलों में टीम सात बार हार चुकी थी जबकि दो मैच ड्रॉ रहे थे।

    जीत के बाद टीम के विंगर एंथनी गॉर्डन ने हैरी केन के नेतृत्व और सोच की सराहना की। उन्होंने बताया कि मैच समाप्त होने के बाद केन ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह जीत टीम को परिभाषित नहीं करती और इससे विश्व कप नहीं जीता जाता लेकिन इस उपलब्धि का आनंद जरूर लेना चाहिए। इसके बाद पूरी टीम ने प्रशंसकों के साथ जीत का जश्न भी मनाया।

    गॉर्डन ने कहा कि कई बार बड़ी टीमों पर उम्मीदों का दबाव इतना अधिक होता है कि खिलाड़ी महत्वपूर्ण जीत का भी खुलकर जश्न नहीं मना पाते। लेकिन डीआर कांगो जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मिली यह जीत खास है और इसका आनंद लेना जरूरी है क्योंकि टीम ने कठिन परिस्थितियों में शानदार वापसी की है।

    इस मुकाबले में एंथनी गॉर्डन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूसरे हाफ में मैदान पर उतरने के बाद उन्होंने हैरी केन के दोनों गोल के लिए बेहतरीन मौके तैयार किए। हालांकि उन्होंने अपनी बजाय केन की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी ने ही उन्हें सही फैसला लेने का भरोसा दिया। गॉर्डन के अनुसार यदि केन मैदान पर नहीं होते तो शायद वह उन मौकों पर अलग निर्णय लेते लेकिन उन्हें पूरा विश्वास था कि केन गेंद को गोल में बदल देंगे।

    अब इंग्लैंड की नजर राउंड ऑफ 16 में मेक्सिको के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर है। टीम का लक्ष्य इस लय को बरकरार रखते हुए विश्व कप खिताब की ओर मजबूत कदम बढ़ाना होगा।

  • छात्रों की सुरक्षा से समझौता नहीं देवास में फायर सेफ्टी खामियों पर कोचिंग क्लास सील नगर निगम का अभियान तेज

    छात्रों की सुरक्षा से समझौता नहीं देवास में फायर सेफ्टी खामियों पर कोचिंग क्लास सील नगर निगम का अभियान तेज


    देवास । देवास में छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने कोचिंग संस्थानों की जांच का विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के दौरान रामनगर चौराहे के पास स्थित डीसी कोचिंग क्लासेस में गंभीर सुरक्षा खामियां मिलने पर नगर निगम ने संस्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। कार्रवाई के बाद शहर के अन्य कोचिंग संस्थानों में भी हड़कंप की स्थिति बन गई है।

    नगर निगम की टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि भवन में आपातकालीन निकास के लिए बनाई गई सीढ़ियां और रैंप बेहद खराब स्थिति में थे। ऐसी स्थिति में किसी भी आपातकाल के दौरान छात्रों के सुरक्षित बाहर निकलने में गंभीर खतरा हो सकता था। इसके अलावा कक्षाओं में भी कई आवश्यक सुरक्षा और मूलभूत व्यवस्थाओं का अभाव पाया गया।

    निरीक्षण में सबसे बड़ी लापरवाही फायर सेफ्टी को लेकर सामने आई। संस्थान में आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए न तो पर्याप्त अग्निशमन उपकरण उपलब्ध थे और न ही सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए थे। नगर निगम अधिकारियों ने इसे विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए कोचिंग संस्थान को सील करने की कार्रवाई की।

    कार्रवाई के दौरान नगर निगम के अधिकारी जितेंद्र सिसौदिया सहित निगम की टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा नियमों का पालन सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    डीसी कोचिंग क्लासेस के अलावा नगर निगम की टीम ने शहर के अन्य कोचिंग संस्थानों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान संचालकों को भवन सुरक्षा फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकास सहित सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन संस्थानों में खामियां पाई जाएंगी उनके खिलाफ भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    नगर निगम ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने सभी कोचिंग संचालकों से अपील की है कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दें और समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर लें ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।