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  • केंद्र सरकार के निर्देश पर देश की तेल रिफाइनरियों ने एलपीजी का उत्पादन 10 फीसदी बढ़ाया

    केंद्र सरकार के निर्देश पर देश की तेल रिफाइनरियों ने एलपीजी का उत्पादन 10 फीसदी बढ़ाया


    नई दिल्ली।
    घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस (एलपीजी) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद देश की तेल रिफाइनरियों ने एलपीजी का उत्पादन करीब 10 फीसदी बढ़ा दिया है। सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते एलएनजी आपूर्ति में आई बाधा के बीच एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए देश की तेल रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए थे। उत्पादन बढ़ाने के बाद सभी रिफाइनरियां 100 फीसदी क्षमता पर काम कर रही हैं।


    एलपीजी की आपूर्ति को लेकर पीएम ने की उच्च स्तरीय बैठक

    एलपीजी की आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में रसोई गैस की संभावित कमी से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई।


    रसोई गैस सिलिंडर की बुकिंग का प्रतीक्षा समय बढ़ा

    केंद्र सरकार के निर्देश के बाद उत्पादन बढ़ाने के इस कदम से संभावित आपूर्ति बाधित होने को लेकर उठ रही चिंताओं को कम करने में मदद मिली है। सरकार ने घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग और अनियमितताओं को रोकने के लिए नए गैस सिलिंडर की बुकिंग के बीच प्रतीक्षा की अवधि भी 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी है।


    वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की किल्लत पर मंत्रालय ने बनाई समिति

    वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की अचानक किल्लत होने से होटल और रेस्तरां उद्योग में चिंता बढ़ने के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने आपूर्ति से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक रेस्तरां, होटलों और अन्य उद्योगों को एलपीजी आपूर्ति से संबंधित मांगों की समीक्षा के लिए तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक समिति बनाई गई है।


    एलपीजी उत्पादन करने वाली इकाइयों को गैस आवंटन में मिलेगी प्राथमिकता

    पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण आयात प्रभावित होने के बीच सरकार की एक अधिसूचना में कहा गया है कि अब घरेलू रूप से उत्पादित प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर उन इकाइयों को की जाएगी, जो इसका उपयोग एलपीजी उत्पादन के लिए करती हैं। अभी तक संपीडित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) और घरों में पाइप के जरिये पहुंचाई जाने वाली रसोई गैस (पीएनजी) ही ऐसे दो प्राथमिकता वाले क्षेत्र थे जिन्हें कच्चे माल के रूप में घरेलू प्राकृतिक गैस मिलती थी।

    भारत में सालाना लगभग 3.13 करोड़ टन एलपीजी की खपत होती है, इसमें लगभग 87 फीसदी हिस्सा घरेलू रसोई गैस का है, जबकि बाकी का उपयोग होटल, रेस्तरां और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में होता है। देश की कुल एलपीजी जरूरत का करीब 62 प्रतिशत आयात से पूरा होता है। भारत को सऊदी अरब जैसे देशों से एलपीजी आयात का 85 से 90 फीसदी हिस्सा मिलता है।

  • भारत में घरेलू उपभोक्ताओं को ईंधन की कोई कमी नहीं होगी : हरदीप सिंह पुरी

    भारत में घरेलू उपभोक्ताओं को ईंधन की कोई कमी नहीं होगी : हरदीप सिंह पुरी


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को भरोसा दिलाया कि भारत में घरेलू उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम पदार्थों (पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और पीएनजी) की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

    केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री ने ‘एक्स’ पोस्ट पर जारी एक बयान में ये भरोसा दिलाया कि भारत में घरेलू उपभोक्ताओं को ईंधन की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और वैश्विक तनाव के बावजूद निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। हरदीप सिंह पुरी ने भरोसा दिलाया कि भारत में घरेलू कंज्यूमर्स के लिए एनर्जी की कोई कमी नहीं है और घबराने की कोई बात नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत का ऊर्जा आयात अलग-अलग सोर्स और रास्तों से लगातार हो रहा है।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने यह पक्का करने के लिए कई कदम उठाए हैं कि घरेलू उपभोक्ताओं को सीएनजी और पीएनजी की 100 फीसदी सप्लाई हो, और पश्चिम एशिया के मौजदा हालात के बावजूद दूसरी इंडस्ट्रीज़ को उनकी सप्लाई का 70 से 80 फीसदी मिलता रहे। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि सरकार देश के घरेलू उपभोक्तओं को सस्ती एनर्जी की बिना रुकावट सप्लाई पक्का करने के लिए कमिटेड है।

    हरदीप सिंह पुरी ने जारी बयान में कहा कि आज मीडिया के लोगों के साथ इनफॉर्मल बातचीत में हमने इस बात पर चर्चा की कि भारत में एनर्जी का इंपोर्ट अलग-अलग सोर्स और रास्तों से लगातार हो रहा है। उन्होंने कहा कि घरेलू कंज्यूमर्स के लिए कोई कमी नहीं है और घबराने की कोई बात नहीं है।

  • अमेरिका बोला- ईरान के मिसाइल उत्पादन ढांचे को करेंगे तबाह, तेहरान का हाइफा की रिफाइनरी पर हमले का दावा

    अमेरिका बोला- ईरान के मिसाइल उत्पादन ढांचे को करेंगे तबाह, तेहरान का हाइफा की रिफाइनरी पर हमले का दावा


    वॉशिंगटन/तेहरान।
    पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका ने कहा है कि उसकी सेना ईरान के मिसाइल उत्पादन से जुड़े बुनियादी ढांचे को खत्म करने के लिए अभियान चला रही है।

    व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि पिछले 10 दिनों में चलाया गया अमेरिकी सैन्य अभियान काफी सफल रहा है और सैनिक उम्मीद से भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने अब तक ईरान की नौसेना के 50 से अधिक जहाजों को नष्ट कर दिया है, जिनमें एक बड़ा ड्रोन कैरियर जहाज भी शामिल है। लेविट ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैन्य अभियान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत की जा रही है और इसका उद्देश्य ईरान की मिसाइल तथा सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को विश्वास है कि अभियान के लक्ष्य जल्द ही हासिल कर लिए जाएंगे।

    दूसरी ओर, ईरान ने दावा किया है कि उसने इजराइल के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया है। ईरान के खातम अल-अंबिया सशस्त्र बल मुख्यालय के प्रवक्ता के अनुसार ड्रोन हमलों के जरिए हाइफामें स्थित तेल रिफाइनरी और ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। ईरान का कहना है कि यह हमला उसके जवाबी सैन्य अभियान की 33वीं लहर का हिस्सा है और इसे ईरान के तेल डिपो तथा ऊर्जा ठिकानों पर हुए हालिया हमलों के जवाब में अंजाम दिया गया है।

  • टी20 विश्व कप फाइनल में आचार संहिता उल्लंघन पर अर्शदीप सिंह पर जुर्माना

    टी20 विश्व कप फाइनल में आचार संहिता उल्लंघन पर अर्शदीप सिंह पर जुर्माना

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    अहमदाबाद। भारत के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ हुए मुकाबले के दौरान की घटना को लेकर की गई है।

    आईसीसी के अनुसार अर्शदीप ने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए निर्धारित आचार संहिता के अनुच्छेद 2.9 का उल्लंघन किया, जो अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी खिलाड़ी की ओर अनुचित या खतरनाक तरीके से गेंद या अन्य उपकरण फेंकने से संबंधित है। यह घटना न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर में हुई, जब अर्शदीप ने अपनी गेंदबाजी के फॉलो-थ्रू के दौरान गेंद को तेजी से फेंका, जो बल्लेबाज डेरिल मिशेल के पैड से जा टकराई। इसे अनुचित आचरण मानते हुए अंपायरों ने मामला दर्ज किया।

    इस उल्लंघन के चलते अर्शदीप के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया है। पिछले 24 महीनों में यह उनका पहला अपराध है। अर्शदीप ने आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी एंडी पाईक्राफ्ट द्वारा प्रस्तावित सजा को स्वीकार कर लिया, जिसके कारण औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।

    मैदान पर मौजूद अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ के साथ तीसरे अंपायर अल्लाहुद्दीन पालेकर और चौथे अंपायर एड्रियन होल्डस्टॉक ने यह आरोप लगाया था। आईसीसी नियमों के अनुसार लेवल-1 के उल्लंघन पर आधिकारिक चेतावनी से लेकर मैच फीस का अधिकतम 50 प्रतिशत तक जुर्माना और एक या दो डिमेरिट अंक दिए जा सकते हैं।

  • एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने हवाई टिकट पर बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, हवाई यात्रा होगी महंगी

    एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने हवाई टिकट पर बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, हवाई यात्रा होगी महंगी


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में तेजी आने पर एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस घरेलू उड़ानों के टिकट पर 399 रुपये का ईंधन अधिभार 12 मार्च से लागू करेंगी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी ईंधन अधिभार को बढ़ाया जाएगा। इससे हवाई यात्रा महंगी हो जाएगी।

    कंपनी ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है। एयरलाइन ने कहा कि 12 मार्च से घरेलू उड़ानों के टिकट पर 399 रुपये का ईंधन अधिभार और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकटों पर ईंधन अधिभार बढ़ाया जाएगा।


    जानें कितना लगेगा सरचार्ज

    एयरलाइन की ओर से जारी बयान के अनुसार 12 मार्च से घरेलू उड़ानों के हर टिकट पर 399 रुपये का फ्यूल सरचार्ज लगाया जाएगा। ये शुल्क सार्क देशों की उड़ानों पर भी लागू होगा। अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी सरचार्ज बढ़ाया गया है। पश्चिम एशिया के लिए उड़ानों पर 10 डॉलर का फ्यूल सरचार्ज लिया जाएगा। वहीं, अफ्रीका के लिए यह शुल्क 30 डॉलर से बढ़ाकर 90 डॉलर कर दिया गया है। दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए यह 20 डॉलर बढ़ाकर 60 डॉलर कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि ये सभी बदलाव 12 मार्च से लागू होंगे। सिंगापुर के लिए उड़ानों पर भी अब फ्यूल सरचार्ज लिया जाएगा, जबकि अभी तक इस रूट पर ऐसा कोई शुल्क नहीं था।

  • बुलेट ट्रेन से जुड़ेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, 20 मिनट में पहुंचेंगे दिल्ली

    बुलेट ट्रेन से जुड़ेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, 20 मिनट में पहुंचेंगे दिल्ली


    नोएडा।
    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बुलेट ट्रेन परियोजना से भी जोड़ने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मंगलवार को नेशनल हाई-स्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के अधिकारी यमुना विकास प्राधिकरण के मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान एयरपोर्ट के पास स्टेशन बनाने के लिए जमीन की उपलब्धता, यात्री क्षमता और डिजाइन पर चर्चा हुई। अधिकारियों के मुताबिक, बुलेट ट्रेन के लिए एयरपोर्ट के पास भूमिगत स्टेशन बनाए जाने को उपयुक्त पाया गया है।

    अधिकारियों ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली से वाराणसी तक प्रस्तावित हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन से लिंक किया जाना है। इसकी डीपीआर बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके एलाइनमेंट को तय करने के लिए मंगलवार को एनएचएसआरसीएल की टीम यमुना प्राधिकरण पहुंची।

    एनएचएसआरसीएल के प्रिंसिपल चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर सुधीर कुमार गुप्ता ने इस दौरान यमुना विकास प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह और एसीईओ शैलेंद्र भाटिया से मुलाकात की। प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ उनकी तकनीकी टीम ने भी बुलेट ट्रेन के इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए अपनी जरूरत को साझा किया।

    एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर में दो स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इसमें एक नोएडा के सेक्टर-148 में होगा जोकि ग्रेटर नोएडा के भी नजदीक रहेगा। दूसरा स्टेशन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास जेवर में बनाया जाना प्रस्तावित है। इस स्टेशन को नोएडा एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर (जीटीसी) में भूमिगत बनाने की योजना पर सहमति बनी है। एयरपोर्ट के जीटीसी पर पहले से ही मेट्रो व नमो भारत का भूमिगत स्टेशन प्रस्तावित है। रेलवे की ओर से इसी जगह से चोला और रुंधी तक रेलवे ट्रैक से नोएडा एयरपोर्ट को जोड़ा जाना है। इस पूरी योजना की जानकारी भी साझा कर दी गई है जिससे डिजाइन में सुविधा मिल सके। इसका फायदा यह होगा कि जब बुलेट ट्रेन का भूमिगत स्टेशन बनाया जाए, तो पहले से प्रस्तावित या निर्माणाधीन परियोजनाएं प्रभावित नहीं होंगीं।

    दिल्ली-वाराणसी रूट को पिछले महीने ही केंद्रीय बजट में मंजूरी मिली है। इसके बाद इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने में तेजी आई है। डीपीआर बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हुई है जिससे रूट में शामिल स्टेशन तय कर जल्दी निर्माण शुरू हो सके।अधिकारियों का कहना है कि बुलेट ट्रेन परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली के सराय काले खां से नोएडा एयरपोर्ट का 70 किलोमीटर का सफर करीब 20 मिनट में पूरा हो जाएगा। अधिकांश भाग इसका एलिवेटेड रहेगा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच इसे एक्सप्रेसवे के सेंट्रल वर्ज पर बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके बाद यमुना एक्सप्रेसवे होते हुए एयरपोर्ट तक एलाइनमेंट बनाया जाएगा। इससे नोएडा एयरपोर्ट हाईस्पीड ट्रेन से सीधे जुड़ने वाला पहला अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन जाएगा।

  • मप्र कैबिनेट ने दी मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम को मंजूरी, विकास कार्यों के लिए 33,240 करोड़ रुपये स्वीकृत

    मप्र कैबिनेट ने दी मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम को मंजूरी, विकास कार्यों के लिए 33,240 करोड़ रुपये स्वीकृत


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही मंत्रि-परिषद ने कल्याणकारी योजनाओं सहित विभिन्न सात विभागों की महत्वपूर्ण योजनाओं की आगामी 5 वर्षों तक निरंतरता के लिए लगभग 33 हजार 240 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।

    प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री यंग इंटनर्स फॉर गुड-गवर्नेंस प्रोगाम को भी मंजूरी दी है। सिंगरौली के चितरंगी में कनिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश सहित कुल 7 नवीन पदों के सृजन की भी मंत्रि-परिषद द्वारा स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने मैहर, कैमोर जिला कटनी और निमरानी जिला खरगोन में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के 3 औषधालय खोलने सहित चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ के 51 पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है।

    उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा “मुख्यमंत्री यंग इंटर्नस फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम” को 3 वर्ष के लिए क्रियान्वयन के लिए लगभग 190 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। लोक सेवा प्रबंधन विभाग को अग्रिम कार्यवाही तथा प्रक्रिया निर्धारण कर नियमों एवं निर्देशों को जारी कर क्रियान्वयन के लिए अधिकृत किया गया है।

    निःशक्त जन को वृत्तिकर से छूट की निरंतरता की स्वीकृति
    काश्यप ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा मध्य प्रदेश वृत्तिकर अधिनियम, 1995 के अंतर्गत निःशक्त जन को वृत्तिकर से छूट को 31 मार्च, 2030 तक निरंतर किये जाने की स्वीकृति दी गयी गई है।


    7 जिलों के लिए “एक जिला-एक उत्पाद” परियोजना का अनुमोदन

    उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा “एक जिला-एक उत्पाद” परियोजना अंतर्गत चयनित 07 जिलों में पारंपरिक व विशिष्ट उत्पाद के सरंक्षण, विकास और विपणन हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आगामी 5 वर्षों में 37.50 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस परियोजना में चयनित 07 जिलों में सीधी जिले में दरी एवं कारपेट, दतिया में गुड़, अशोकनगर में चंदेरी, हाथकरघा वस्त्र, भोपाल मे जरी-जरदोजी एवं जूट उत्पाद (जैसे पर्स आदि), धार में बाग प्रिंट, सीहोर में लकड़ी के खिलौने तथा उज्जैन में बटिक प्रिंट में आगामी 5 वर्षों के लिए 37.50 करोड़ रूपये की डी.पी.आर, तैयार की गयी है।इस परियोजना से स्थानीय शिल्पकारों, बुनकरों और कारीगरों को प्रशिक्षण, डिजिटलीकरण, ब्रांडिंग, विपणन तथा बाजार उपलब्धता जैसी सुविधायें प्रदान की जाएगी। यह परियोजना प्रदेश में स्थानीय उद्यमिता को बढावा, रोजगार सृजन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।


    सिंगरौली में कनिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश सहित 7 पदों की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने चितरंगी जिला सिंगरौली में व्यवहार न्यायालय की स्थापना के लिए व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड का एक नवीन पद और उनके कार्यालयीन अमले के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 6 नवीन पद सहित कुल 7 नवीन पदों का सृजन किये जाने की स्वीकृत प्रदान की है।


    मैहर, कैमोर और निमरानी में 3 नये औषधालयों को मंजूरी

    मंत्रि-परिषद ने भारत सरकार के कर्मचारी राज्य बीमा निगम (इएसआईसी) द्वारा मैहर (जिला-मैहर), कैमोर (जिला कटनी), तथा निमरानी (जिला खरगौन) में 3 नये औषधालयों को खोलने एवं चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ के 51 पदों का सृजन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। मैहर, कैमोर तथा निमरानी में नये कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय खोलने एवं नये पद सृजित करने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इससे रजिस्टर्ड 15,686 श्रमिकों एवं उन पर आश्रित लगभग 62,744 परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी।

    इसके साथ ही मंत्रि-परिषद् द्वारा निर्णय लिया गया कि रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के अंतर्गत वितरण अधोसंरचना के उन्नयन, यथा वितरण हानियों में कमीं तथा वितरण प्रणाली सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण से संबंधित बुनियादी अधोसंरचना के निर्माण और विकास कार्यों के लिए प्राप्त केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि राज्य की वितरण कंपनियों को राज्य शासन द्वारा अनुदान के स्थान पर अंशपूंजी के रूप में उपलब्ध कराई जायेगी।स्कीम के अंतर्गत माह नवम्बर 2024 तक ऋण के रूप में प्रदत्त राशि 887 करोड़ 91 लाख रुपये को राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंशपूंजी के रूप में प्रदान किए जाने का अनुमोदन किया गया।

    वहीं, मंत्रि-परिषद् द्वारावित्त विभाग की लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया के अन्तर्गत 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि (01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक) के लिए निरंतरता के लिए कुल 63 करोड़ 76 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। मंत्रि-परिषद द्वारा खनिज साधन विभाग के अंतर्गत “खनिज अधिभार का रक्षित निधि में अतंरण” योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर रखे जाने के लिए 6090 करोड़ 12 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

    मंत्रि परिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की 31 मार्च 2031 तक निरंरता एवं सुचारू संचालन के लिये 7,127 करोड़ 38 लाख रूपये और योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय अंतर्गत संचालित 10 योजनाओं की 31 मार्च, 2031 तक निरंतरता के लिए 2,064 करोड़ 62 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। वहीं, जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के विकास और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति सहित अन्य कार्यों से संबंधित योजनाओं की वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता के लिए कुल राशि 1,645 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गयी है।

    मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता के लिए 3,773 करोड़ रुपये और एमएसएमई विभाग के अंतर्गत प्रोत्साहन व्यवसाय निवेश सवंर्धन/सुविधा प्रदाय योजना और स्टार्ट-अप पॉलिसी का क्रियान्वयन योजना सहित अन्य कार्यों की आगामी 5 वर्षों तक निरंतरता के लिए 11,361 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

  • रानी दुर्गावती अभयारण्य बनेगा चीतों का तीसरा घर : मोहन यादव

    रानी दुर्गावती अभयारण्य बनेगा चीतों का तीसरा घर : मोहन यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नौरादेही का रानी दुर्गावती अभयारण्य चीतों का तीसरा घर बनने जा रहा है। जल्द ही वहां भी चीते छोड़े जाएंगे।

    मुख्यमंत्री यादव ने मंगलवार को मंत्रिपरिषद् की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में चीते तेजी से फल-फूल रहे हैं। हाल ही में पांच नये शावकों की आमद से चीतों का परिवार और भी समृद्ध हुआ है। सरकार करीब दो महीने बाद रानी दुर्गावती अभयारण्य में भी चीते छोड़ने जा रही है। इससे मध्य प्रदेश में चीतों के तीन घर तैयार हो जाएंगे। हम मगर/घड़ियाल और कछुए भी विभिन्न जल क्षेत्रों में मुक्त करेंगे, ताकि हमारी जैव सम्पदा और भी समृद्ध हो सके।

    यादव ने कहा कि टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतकर भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर सफलता का परचम लहराया है। खेलने वाले कुल 20 देश, 55 मैच और विजेता- भारत, यह आंकड़े बताते हैं कि भारतीय क्रिकेट टीम ने दृढ़ संकल्प, साहस और पराक्रम से यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाड़ियों ने पूरे विश्व में देश का मान-सम्मान बढ़ाया है।

    मुख्यमंत्री ने संघ लोक सेवा आयोग-2026 के हालिया घोषित रिजल्ट में मध्य प्रदेश के दो होनहार अभ्यर्थियों द्वारा टॉप टेन अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त करने पर दोनों ही अभ्यर्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के कई विद्यार्थियों का यूपीएससी की परीक्षा में आईएएस, आईपीएस, आईआरएस इत्यादि कई पदों पर चयन हुआ है। हमारे विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में चयनित होकर प्रदेश का नाम रौशन कर रहे हैं।

    उन्होंने मंत्रियों से कहा कि मध्य प्रदेश में जल संचयन के लिए चलाए गए जल गंगा संवर्धन अभियान की केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल द्वारा सराहना की गई है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने गत 05 मार्च को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा था कि मध्य प्रदेश सामुदायिक सहभागिता से जल संरक्षण और सतत् जल प्रबंधन देश के सामने श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। मध्य प्रदेश में 250 से अधिक नदियां हैं। मध्य प्रदेश बांधों की संख्या के मामले में देश में दूसरे स्थान पर है। जल संचयन के प्रोत्साहन के लिए भारत सरकार भी जल इस दिशा में जनभागीदारी से ऐसा ही कदम बढ़ाने जा रही है।

    यादव ने बताया कि इस अभियान के प्रथम चरण में 2.79 लाख से अधिक जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण कर महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। दूसरे चरण में भी मध्यप्रदेश में 72 हजार 647 जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं और 64 हजार 395 जल संरचना निर्माण कार्य फिलहाल प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस साल 19 मार्च 2026 से जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में दस्तावेजों के डिजिटल पंजीयन का काम शुरू हो गया है। मध्य प्रदेश में प्रति वर्ष करीब 16 लाख से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन किया जाता है। यह एक बड़ा काम है पर हम इसे समय-सीमा में ही पूरा करेंगे। संपदा 2.0 प्रणाली से दस्तावेजों का पूर्णत: पेपरलेस ई- पंजीयन शुरु कर दिया है। यह व्यवस्था नागरिकों को त्वरित सेवाएं देने के साथ-साथ प्रशासन में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करेगी। संपदा प्रणाली से ई-पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग की सुविधा प्रदान कर पूरी प्रक्रिया को इलेक्ट्रॉनिक बनाया गया है। इस प्रणाली में कोई भी व्यक्ति कहीं से भी ई-स्टॉम्प तैयार कर सकता है। यह व्यवस्था लागू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं उपार्जन पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने जा रही है। साथ ही दलहन उत्पादन को प्रोत्साहन के लिए उड़द की खरीद पर भी 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने जा रही है। उड़द की खरीद पर बोनस देने के मामले में मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है, जिसने यह कदम उठाया है। गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन की अवधि 10 मार्च 2026 रखी गई थी। मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


    खाड़ी देशों में वर्तमान स्थिति के मद्देनजर हेल्पलाइन-कंट्रोल रूम स्थापित

    पश्चिम एशिया के हालात का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे मध्य प्रदेश के निवासियों की सहायता के लिए मध्य प्रदेश भवन नई दिल्ली में एवं भोपाल के वल्लभ भवन (मंत्रालय) में 24×7 हेल्पलाइन/कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी गई है। मध्य प्रदेश के निवासी जो खाड़ी देशों में अध्ययन, नौकरी, व्यवसाय, पर्यटन, इत्यादि के लिए गए और वर्तमान परिस्थतियों में किसी प्रकार की सहायता की अपेक्षा करते हों तो वे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। मध्यप्रदेश के लोगों की सकुशल स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए हम सभी कदम उठा रहे हैं। अब तक हजारों लोगों की सकुशल स्वदेश वापसी हो चुकी है।

  • मप्र में कमर्शियल गैस का संकट गहराया, कई शहरों में बुकिंग बंद, होटल-रेस्टोरेंट पर असर

    मप्र में कमर्शियल गैस का संकट गहराया, कई शहरों में बुकिंग बंद, होटल-रेस्टोरेंट पर असर


    भोपाल।
    ईरान पर जारी अमेरिकी-इजराइल सैन्य कार्रवाई के बीच वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई प्रभावित होने लगी है। इसका असर अब मध्य प्रदेश में भी दिखने लगा है। प्रदेश के कई शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी गई है, जबकि घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है।

    एलपीजी एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके गुप्ता के मुताबिक भोपाल में सोमवार से कमर्शियल सिलेंडर जारी नहीं किए गए हैं। हालांकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को इस रोक से छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए कुछ परेशानी होना सामान्य है और प्रशासन इस बात पर नजर रख रहा है कि कमर्शियल सप्लाई बंद होने के बाद घरेलू सिलेंडरों का दुरुपयोग व्यावसायिक कामों में न हो। वहीं प्रदेश सरकार का कहना है कि घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।


    अब 25 दिन बाद ही बुक होगा अगला सिलेंडर

    घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब उपभोक्ता पिछली डिलीवरी की तारीख से 25 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक कर सकेंगे, जबकि पहले यह अवधि 21 दिन थी। तेल कंपनियों का दावा है कि घरेलू गैस की सप्लाई में कोई कमी नहीं है और स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है।


    गैस एजेंसियों पर लंबी लाइनें, लोगों की परेशानी बढ़ी

    हालांकि अधिकारियों के दावों के बीच गैस एजेंसियों पर घरेलू सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने सिलेंडर मिलने में देरी की शिकायत की है। एक उपभोक्ता अंजू विश्वकर्मा ने बताया कि स्लिप मिलने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिला। वहीं जयपाल बागड़े ने कहा कि एजेंसी से गैस लेने का समय दिया गया था, लेकिन बाद में अगले दिन आने को कहा गया।


    कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से व्यापारियों में चिंता

    कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रुकने से होटल-रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। दुकानदार राजकुमार जैन ने बताया कि व्यापारियों के पास केवल एक-दो दिन का ही स्टॉक बचा है। यदि जल्द सप्लाई शुरू नहीं हुई तो कारोबार प्रभावित हो सकता है। व्यापारिक संगठनों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।


    भोपाल: 2000 से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट संकट में

    भोपाल में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकने से होटल-रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार प्रभावित होने की आशंका है। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गोविंद गोयल और मंत्री अजय देवनानी के अनुसार शहर के करीब 2000 होटल-रेस्टोरेंट कमर्शियल गैस पर निर्भर हैं। शादी-समारोह के सीजन में बड़े होटल एक बार में 10-15 सिलेंडर तक और छोटे होटल 2-4 सिलेंडर तक इस्तेमाल करते हैं। फिलहाल कुछ जगह स्टॉक बचा है, लेकिन दो-तीन दिन में खत्म होने की आशंका है।

    सराफा एसोसिएशन के मुताबिक गैस संकट का असर सोना-चांदी के करीब 3000 कारीगरों पर भी पड़ सकता है, जिन्हें रोज करीब 300 सिलेंडर की जरूरत होती है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने ऑयल कंपनियों, गैस एजेंसियों और व्यापार संगठनों की बैठक बुलाकर जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


    ग्वालियर: कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग बंद

    ग्वालियर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की बुकिंग पूरी तरह बंद कर दी गई है। ग्वालियर-चंबल LPG फेडरेशन के अनुसार फिलहाल केवल अस्पताल और इमरजेंसी सेवाओं को ही सिलेंडर दिए जा रहे हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी में 5-6 दिन का समय लग रहा है। होटल संचालकों का कहना है कि गैस नहीं मिलने पर कारोबार प्रभावित होगा और कई लोग इंडक्शन चूल्हे जैसे विकल्प तलाश रहे हैं।

    इंदौर: फिलहाल राहत, लेकिन बढ़ सकती है परेशानी
    इंदौर में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद है। घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी 4-5 दिन में हो रही है। इंदौर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी के अनुसार अभी होटल इंडस्ट्री को बड़ा संकट नहीं आया है, लेकिन आने वाले दिनों में स्थिति गंभीर हो सकती है। होटल संचालकों ने इस मुद्दे पर बैठक बुलाने और मुख्यमंत्री से मुलाकात की तैयारी की है।


    जबलपुर: होटल व्यवसाय पर असर शुरू

    जबलपुर में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने गैस सप्लाई कम होने की शिकायत की है। होटल व्यवसायियों का कहना है कि इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सेक्टर में गैस सप्लाई सीमित कर दी गई है, जिससे कारोबार प्रभावित हो सकता है।


    उज्जैन: रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर

    उज्जैन में दो दिन से कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। कलेक्टर रोशन सिंह के अनुसार फिलहाल कमर्शियल गैस केवल अस्पताल और स्कूलों को दी जा रही है। घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग अब 25 दिन बाद होगी और डिलीवरी में 5-7 दिन लग सकते हैं। एजेंसियों के अनुसार घबराहट में लोग बड़ी संख्या में बुकिंग करा रहे हैं।


    प्रदेश में रोज इतनी गैस सप्लाई

    भोपाल: करीब 15 हजार सिलेंडर
    इंदौर: करीब 25 हजार
    जबलपुर: 20-25 हजार
    ग्वालियर: करीब 20 हजार
    सागर: 6-8 हजार
    छोटे जिलों में: करीब 2 हजार सिलेंडर रोज
    एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अनुसार मध्यप्रदेश में सवा करोड़ से ज्यादा उपभोक्ता हैं।

    सरकार का दावा: सप्लाई सामान्य

    कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पेट्रोल-डीजल और गैस की उपलब्धता की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक है और घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य है। सरकार ने लोगों से अफवाहों से बचने और अधिकृत जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।


    जमाखोरी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू

    केंद्र सरकार ने गैस समेत जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी रोकने के लिए देशभर में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू किया है। इसके तहत गैस को चार श्रेणियों में बांटा गया है—
    घरेलू रसोई गैस और सीएनजी को पूरी सप्लाई
    खाद कारखानों को लगभग 70% गैस
    बड़े उद्योगों को लगभग 80% गैस
    छोटे उद्योग, होटल और रेस्टोरेंट को भी पुरानी खपत के आधार पर करीब 80% गैस

  • आखिर क्यों महादेव ने काटा ब्रह्मा जी का पांचवां सिर? सृष्टि के रचयिता की एक भूल और पौराणिक कथा का रहस्य

    आखिर क्यों महादेव ने काटा ब्रह्मा जी का पांचवां सिर? सृष्टि के रचयिता की एक भूल और पौराणिक कथा का रहस्य


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में त्रिदेवों ब्रह्मा, विष्णु और शिव का विशेष महत्व माना जाता है। इनमें ब्रह्मा जी को सृष्टि का रचयिता कहा जाता है। आम तौर पर हम उन्हें चार मुखों वाले चतुर्मुख रूप में देखते हैं, लेकिन पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शुरुआत में ब्रह्मा जी के पांच मुख हुआ करते थे। एक पौराणिक कथा के अनुसार उनकी एक भूल के कारण भगवान शिव ने उनका पांचवां सिर कटवा दिया, जिसके बाद वे चतुर्मुख रूप में ही पूजे जाने लगे।

    इस कथा का उल्लेख Shiva Purana में मिलता है। इसके अनुसार सृष्टि की रचना करते समय ब्रह्मा जी ने Satarupa नाम की एक अत्यंत सुंदर स्त्री की रचना की। सतरूपा अत्यंत तेजस्वी और मनमोहक रूप वाली थीं। कथा के अनुसार उनके सौंदर्य को देखकर स्वयं ब्रह्मा जी भी आकर्षित हो गए।

    बताया जाता है कि जब सतरूपा को यह आभास हुआ कि ब्रह्मा जी की दृष्टि उन पर है, तो उन्होंने उनसे बचने के लिए अलग-अलग दिशाओं में जाना शुरू कर दिया। सतरूपा जब जिस दिशा में जातीं, ब्रह्मा जी उन्हें देखने के लिए उसी दिशा में अपना एक मुख प्रकट कर लेते। इस तरह उन्होंने चारों दिशाओं में देखने के लिए चार मुख बना लिए। लेकिन जब सतरूपा आकाश की ओर बढ़ीं, तब ब्रह्मा जी ने ऊपर की ओर देखने के लिए अपना पांचवां मुख भी प्रकट कर लिया।

    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह आचरण मर्यादा के विरुद्ध माना गया, क्योंकि सतरूपा उनकी ही रचना थीं और उन्हें मानस पुत्री के समान माना जाता था। यह सब देखकर Shiva अत्यंत क्रोधित हो गए। धर्म और मर्यादा की रक्षा के लिए उन्होंने अपने उग्र स्वरूप Kala Bhairava को प्रकट किया और ब्रह्मा जी को दंड देने का आदेश दिया।

    महादेव के आदेश पर काल भैरव ने तुरंत ब्रह्मा जी के उस पांचवें सिर को काट दिया, जो ऊपर की ओर था। इसी घटना के बाद से ब्रह्मा जी के केवल चार मुख ही रह गए और वे चतुर्मुख रूप में ही जाने जाने लगे। बाद में ब्रह्मा जी को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने भगवान शिव से क्षमा मांगी।

    पौराणिक कथाओं के अनुसार इस घटना का एक और प्रभाव यह भी माना जाता है कि ब्रह्मा जी की पूजा अन्य देवताओं की तुलना में बहुत कम होती है। कहा जाता है कि बाद में Saraswati के श्राप के कारण भी उनकी व्यापक पूजा नहीं हो पाई।

    हालांकि भारत में एक ऐसा स्थान है जहां ब्रह्मा जी का प्रमुख और प्राचीन मंदिर स्थित है। यह मंदिर ब्रह्मा मंदिर में है, जो पुष्कर, राजस्थान में स्थित है। यह मंदिर ब्रह्मा जी के सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक माना जाता है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस तरह यह पौराणिक कथा केवल एक धार्मिक प्रसंग ही नहीं, बल्कि मर्यादा, संयम और धर्म के महत्व का संदेश भी देती है।