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  • नोरंजन जगत का काला सच: 'समझौते' से इनकार पर संदीपा विर्क को फिल्म से निकाला, आधी रात को कमरे में घुसा था डायरेक्टर

    नोरंजन जगत का काला सच: 'समझौते' से इनकार पर संदीपा विर्क को फिल्म से निकाला, आधी रात को कमरे में घुसा था डायरेक्टर

    नई दिल्ली । मनोरंजन जगत की चकाचौंध के पीछे छिपा एक बेहद कड़वा और स्याह सच एक बार फिर सामने आया है। मशहूर अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर संदीपा विर्क ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में फिल्म उद्योग के भीतर व्याप्त कास्टिंग काउच और यौन उत्पीड़न की गंभीर समस्याओं पर खुलकर बात की है। अभिनेत्री ने अपने करियर के दौरान झेले गए अपमानजनक अनुभवों का खुलासा करते हुए बताया कि किस तरह काम के बदले उनसे अनुचित मांगें की गईं और इनकार करने पर उन्हें फिल्मों से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

    संदीपा विर्क पिछले कुछ समय से एक कथित वित्तीय विवाद के चलते कानूनी मुश्किलों का सामना कर रही थीं। छह करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली तिहाड़ जेल में साढ़े चार महीने का समय बिताना पड़ा था। वर्तमान में अदालत से जमानत मिलने के बाद वे सलाखों से बाहर हैं। जेल से रिहा होने के बाद ‘द शेरोज टीवी’ (TheSheroesTV) पॉडकास्ट के साथ विशेष बातचीत में अभिनेत्री का दर्द छलक पड़ा, जहां उन्होंने जेल के भीतर कटे अपने भयावह दिनों और फिल्म उद्योग की विसंगतियों को बेबाकी से उजागर किया।

    जेल के दिनों को याद करते हुए संदीपा ने भावुक होकर बताया कि तिहाड़ जेल के भीतर गुजारा गया हर एक दिन और हर एक सेकंड उनके लिए अत्यधिक मानसिक और शारीरिक स्ट्रगल से भरा था। उन्होंने कहा कि वहां की परिस्थितियां इतनी कठिन थीं कि वे हर दिन ईश्वर से केवल मौत की दुआ मांगती थीं। हालांकि, अब वह समय बीत चुका है, लेकिन उस दौर ने उनकी मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाला है। जेल की इन यादों के अलावा उन्होंने अपने फिल्मी करियर के दौरान झेले गए शोषण पर भी विस्तार से बात की।

    फिल्म इंडस्ट्री में काम के बदले होने वाले शारीरिक और मानसिक शोषण यानी कास्टिंग काउच पर बात करते हुए संदीपा ने कहा कि इस उद्योग में सीधा अपराध या जबरदस्ती भले ही न दिखती हो, लेकिन परोक्ष रूप से दबाव बनाने की प्रथा बेहद आम है। उनके अनुसार, अलग-अलग फिल्म उद्योगों में अभिनेत्रियों को अप्रोच करने और उनसे अनुचित मांगें रखने का तरीका अलग होता है। जहां बॉलीवुड में ‘डिनर’ या ‘कॉफी’ के बहाने अनौपचारिक तौर पर बात शुरू की जाती है, जो देखने में सामान्य लगती है, वहीं क्षेत्रीय सिनेमा में यह दबाव अधिक सीधा और आक्रामक होता है।

    अपने साथ घटी एक अत्यंत विचलित करने वाली घटना का जिक्र करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि एक पंजाबी फिल्म की सात दिनों की शूटिंग पूरी होने के बाद, फिल्म के निर्देशक आधी रात को जबरन उनके होटल के कमरे के भीतर दाखिल हो गए। निर्देशक ने उनके सामने सीधे तौर पर शारीरिक समझौता (कॉम्प्रोमाइज) करने की शर्त रख दी और कहा कि वे आगे की शूटिंग तभी करेंगे जब संदीपा उनकी मांग मान लेंगी। जब संदीपा ने पूरी दृढ़ता के साथ इस अनैतिक मांग को ठुकरा दिया, तो उन्हें तुरंत उस फिल्म से निष्कासित कर दिया गया।

    इस घटना के बाद भी संदीपा की मुश्किलें कम नहीं हुईं। उन्होंने बताया कि एक अन्य पंजाबी फिल्म की शूटिंग के दौरान फिल्म के मुख्य अभिनेता (हीरो) ने उनके साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया। उस अभिनेता की यह अनुचित मांग थी कि संदीपा होटल में उसके बगल वाले कमरे में ही ठहरें, अन्यथा वह शूटिंग शुरू नहीं करेगा। इन लगातार हो रहे खराब अनुभवों और गरिमा से समझौता न करने की अपनी जिद के कारण संदीपा ने दोनों ही फिल्में बीच में ही छोड़ दी थीं।

    अपने इस पूरे अनुभव को साझा करते हुए संदीपा विर्क ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की विसंगतियां केवल फिल्म उद्योग तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि लगभग हर कार्यक्षेत्र और प्रोफेशन में महिलाओं को इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कास्टिंग काउच एक कड़वी हकीकत है, लेकिन अंततः यह हर महिला का अपना व्यक्तिगत फैसला होता है कि वह इसके आगे झुकती है या नहीं। उन्होंने इस व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा कि योग्यता और काम को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए, न कि काम के बदले किसी से अनुचित मांगें की जानी चाहिए।

  • शेयर बाजार आउटलुक 11 जुलाई जानिए किन फैक्टर्स से तय होगी अगले सप्ताह बाजार की दिशा

    शेयर बाजार आउटलुक 11 जुलाई जानिए किन फैक्टर्स से तय होगी अगले सप्ताह बाजार की दिशा


    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में कारोबार नहीं होगा क्योंकि बीएसई और एनएसई दोनों एक्सचेंज साप्ताहिक अवकाश के चलते बंद रहेंगे। हालांकि निवेशकों के लिए यह दिन अगले सप्ताह की रणनीति तैयार करने का अच्छा अवसर हो सकता है। बाजार भले ही बंद रहे लेकिन वैश्विक बाजारों की गतिविधियां कच्चे तेल की कीमतें डॉलर इंडेक्स विदेशी निवेशकों की खरीद बिक्री और कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले कारोबारी सत्र की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

    बीते कुछ कारोबारी सत्रों में भारतीय बाजार में उतार चढ़ाव देखने को मिला है। एक ओर घरेलू अर्थव्यवस्था के मजबूत संकेत निवेशकों का भरोसा बढ़ा रहे हैं तो दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम बाजार की चाल पर असर डाल रहे हैं। ऐसे में अगले सप्ताह निवेशकों की नजर सबसे पहले वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेतों पर रहेगी। यदि अमेरिका और एशियाई बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो भारतीय बाजार में भी अच्छी शुरुआत देखने को मिल सकती है।

    आईटी बैंकिंग ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों पर विशेष नजर बनी रहेगी। इन सेक्टरों की कई बड़ी कंपनियां तिमाही नतीजे जारी करने वाली हैं। यदि कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं तो संबंधित शेयरों में खरीदारी बढ़ सकती है। वहीं कमजोर नतीजों की स्थिति में मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगी। यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी या गिरावट का असर भी भारतीय बाजार पर देखने को मिलेगा क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर काफी निर्भर है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचना चाहिए और केवल मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ही ध्यान देना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बाजार में आने वाली गिरावट अच्छे शेयरों में निवेश का अवसर बन सकती है। वहीं छोटे निवेशकों को किसी भी अफवाह के आधार पर निवेश करने से बचना चाहिए और अपने पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखनी चाहिए।

    अगले कारोबारी सप्ताह में वैश्विक आर्थिक आंकड़े केंद्रीय बैंकों से जुड़े संकेत और कॉरपोरेट नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को धैर्य के साथ बाजार पर नजर रखने और सोच समझकर निवेश का फैसला लेने की सलाह दी जा रही है। सही रणनीति और मजबूत कंपनियों का चयन लंबे समय में बेहतर रिटर्न दिलाने में मददगार साबित हो सकता है।

  • टी20 की निराशा मिटाने मैदान में उतरेंगे रोहित और विराट वनडे सीरीज में इंग्लैंड को कड़ी चुनौती देने को तैयार भारत

    टी20 की निराशा मिटाने मैदान में उतरेंगे रोहित और विराट वनडे सीरीज में इंग्लैंड को कड़ी चुनौती देने को तैयार भारत


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली हार ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को जरूर निराश किया है लेकिन अब उम्मीदों का नया अध्याय वनडे सीरीज के साथ शुरू होने जा रहा है। तीन मैचों की इस अहम सीरीज में टीम इंडिया अपने सबसे अनुभवी खिलाड़ियों रोहित शर्मा और विराट कोहली के साथ मैदान में उतरेगी। दोनों दिग्गजों की वापसी ने भारतीय टीम के हौसले को नई ऊर्जा दी है और फैंस को भरोसा है कि भारत इस बार दमदार पलटवार करेगा।

    हाल के दिनों में भारतीय टीम का टी20 प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। आयरलैंड के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद इंग्लैंड ने भी भारतीय टीम को लगातार मुकाबलों में मात देकर सीरीज अपने नाम कर ली। युवा खिलाड़ियों से सजी टीम दबाव के क्षणों में प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रही। ऐसे में अब वनडे प्रारूप में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।

    रोहित शर्मा और विराट कोहली अब केवल वनडे क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है लेकिन सीमित ओवरों के इस प्रारूप में उनका अनुभव और निरंतरता आज भी भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इन दोनों बल्लेबाजों का अनुभव टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

    रोहित शर्मा से उम्मीद होगी कि वह शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी कर टीम को मजबूत आधार दें। वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले रोहित किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं। दूसरी ओर विराट कोहली कठिन परिस्थितियों में पारी संभालने और लक्ष्य का पीछा करने की अपनी शानदार क्षमता के लिए दुनिया भर में पहचाने जाते हैं। उनका अनुभव युवा बल्लेबाजों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।

    भारतीय टीम को एक और बड़ी मजबूती जसप्रीत बुमराह की वापसी से मिली है। तेज गेंदबाजी आक्रमण में उनकी मौजूदगी विरोधी बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती होगी। कप्तान शुभमन गिल उपकप्तान श्रेयस अय्यर और विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल पर भी बड़ी जिम्मेदारी रहेगी कि वे बल्ले से महत्वपूर्ण योगदान दें और टीम को संतुलित प्रदर्शन दिलाएं।

    भारत के लिए यह वनडे सीरीज सिर्फ एक ट्रॉफी जीतने का मौका नहीं बल्कि आत्मविश्वास और लय हासिल करने की भी परीक्षा है। लगातार मिली हार के बाद टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की नजर भी इस सीरीज पर रहेगी। यदि अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलन सही बैठा तो भारत एक बार फिर जीत की राह पर लौट सकता है।

    भारत और इंग्लैंड के बीच पहला वनडे 14 जुलाई को बर्मिंघम में खेला जाएगा। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ में जबकि तीसरा और अंतिम मैच 19 जुलाई को ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर होगा। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या रोहित शर्मा और विराट कोहली अपनी शानदार बल्लेबाजी से टीम इंडिया को जीत दिलाकर टी20 की निराशा भुला पाएंगे।

  • जहां इंसानी अदालतें हार मान जाती हैं वहां न्याय करती हैं मां कोटगाड़ी देवी मन्नत पूरी होने पर चढ़ता है लोहे का हथौड़ा

    जहां इंसानी अदालतें हार मान जाती हैं वहां न्याय करती हैं मां कोटगाड़ी देवी मन्नत पूरी होने पर चढ़ता है लोहे का हथौड़ा


    नई दिल्ली। देवभूमि उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ साथ अद्भुत धार्मिक आस्था और चमत्कारी मंदिरों के लिए भी पूरे देश में प्रसिद्ध है। इन्हीं पवित्र स्थलों में कुमाऊं क्षेत्र का मां कोटगाड़ी देवी मंदिर एक ऐसा अनोखा धाम है जहां भक्त फूल माला या नारियल नहीं बल्कि लोहे का हथौड़ा चढ़ाते हैं। यह परंपरा वर्षों पुरानी है और आज भी हजारों श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ इसका पालन करते हैं।

    स्थानीय लोगों की मान्यता है कि मां कोटगाड़ी देवी का यह दरबार न्याय का अंतिम स्थान है। जब किसी व्यक्ति को अदालत पुलिस या समाज से न्याय नहीं मिलता तब वह पूरी आस्था के साथ माता के दरबार में अपनी फरियाद लेकर पहुंचता है। श्रद्धालु अपनी समस्या को लिखकर माता के चरणों में अर्पित करते हैं और विश्वास रखते हैं कि मां स्वयं उनके साथ हुए अन्याय का समाधान करती हैं।

    इस मंदिर की सबसे अनोखी परंपरा लोहे का हथौड़ा चढ़ाने की है। माना जाता है कि हथौड़ा न्याय शक्ति और कठोर निर्णय का प्रतीक है। जिस प्रकार अदालत में न्याय का प्रतीक हथौड़ा माना जाता है उसी तरह यहां भक्त न्याय मिलने के बाद माता का आभार व्यक्त करने के लिए लोहे का हथौड़ा अर्पित करते हैं। कई श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार तांबे का त्रिशूल या पीतल की घंटी भी भेंट करते हैं। मंदिर परिसर में लगे हजारों हथौड़े इस अनूठी परंपरा और भक्तों की अटूट आस्था की गवाही देते हैं।

    ग्रामीणों का विश्वास है कि मां कोटगाड़ी देवी के दरबार में झूठ और छल की कोई जगह नहीं है। यदि कोई व्यक्ति झूठी शपथ लेकर किसी निर्दोष को फंसाने का प्रयास करता है तो उसे अपने कर्मों का दंड अवश्य मिलता है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में लोग माता के दरबार में असत्य बोलने से भी डरते हैं और न्याय के प्रति गहरी आस्था रखते हैं।

    हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश के अलग अलग हिस्सों से यहां पहुंचते हैं। कोई पारिवारिक विवाद लेकर आता है तो कोई जमीन के मामले में न्याय की उम्मीद करता है। कई लोग वर्षों बाद अपनी मनोकामना पूरी होने पर फिर मंदिर पहुंचकर माता के चरणों में हथौड़ा अर्पित करते हैं और धन्यवाद देते हैं। यही विश्वास इस मंदिर को देश के सबसे अनोखे धार्मिक स्थलों में शामिल करता है।

    चारों ओर फैले शांत पहाड़ और आध्यात्मिक वातावरण इस मंदिर की दिव्यता को और भी विशेष बना देते हैं। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु केवल दर्शन ही नहीं करते बल्कि मानसिक शांति और आत्मविश्वास का भी अनुभव करते हैं। मां कोटगाड़ी देवी का यह पवित्र धाम आज भी आस्था न्याय और विश्वास का अद्भुत संगम बना हुआ है। यदि कभी उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की यात्रा करें तो इस अनोखे मंदिर के दर्शन अवश्य करें जहां लोगों का विश्वास है कि सच्ची श्रद्धा और निष्कलंक मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती।

  • चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका, तीन महीने की जेल की सजा बरकरार

    चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका, तीन महीने की जेल की सजा बरकरार

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के प्रसिद्ध हास्य अभिनेता राजपाल यादव एक बार फिर गंभीर कानूनी संकट में घिर गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने सालों पुराने एक चेक बाउंस और ऋण भुगतान से जुड़े आपराधिक मामले में अभिनेता की तीन महीने की जेल की सजा को बरकरार रखने का फैसला सुनाया है। अदालत के इस कड़े रुख के बाद अभिनेता को एक बार फिर जेल की हवा खानी पड़ेगी। इस अदालती फैसले के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर राजपाल यादव का एक नया पोस्ट भी सामने आया है, जो इंटरनेट पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।

    न्यायालय का यह आदेश शुक्रवार को आया, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव के पिछले आचरण और वित्तीय प्रतिबद्धताओं को पूरा न करने के रवैये को ‘संदिग्ध’ करार दिया। इस मामले में न केवल अभिनेता बल्कि उनकी पत्नी राधा यादव को भी अदालत ने दोषी पाया है। अदालत ने राधा यादव को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता कंपनी को मुआवजे के रूप में 5,51,380 रुपये की राशि का अविलंब भुगतान सुनिश्चित करें।

    यह पूरा विवाद साल 2010 से जुड़ा हुआ है, जब राजपाल यादव ने अपने निजी प्रोडक्शन बैनर तले ‘अता पता लापता’ नामक एक फिल्म का निर्माण और निर्देशन किया था। इस महत्वाकांक्षी सिनेमाई परियोजना को पूरा करने के लिए अभिनेता ने दिल्ली की एक वित्तीय कंपनी ‘एम/एस मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ से 5 करोड़ रुपये का मोटा कर्ज लिया था। हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म बुरी तरह असफल साबित हुई, जिसके कारण राजपाल यादव लिया गया कर्ज चुकाने में असमर्थ रहे। समय के साथ इस मूल रकम पर ब्याज बढ़ता गया और यह देनदारी लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

    ऋण की अदायगी न होने और अभिनेता द्वारा दिए गए चेक के बैंक में बाउंस हो जाने के बाद वित्तीय कंपनी ने अदालत का रुख किया था। इस कानूनी लड़ाई के दौरान राजपाल यादव को पहले भी जेल जाना पड़ा था। इसी साल फरवरी 2026 में भी वह जेल की सजा काट रहे थे, जिसके बाद उन्हें कुछ समय के लिए जमानत पर रिहा किया गया था। तब फिल्म जगत के कई सितारों और सहयोगियों ने राजपाल यादव के समर्थन में आकर उनकी आर्थिक रूप से मदद भी की थी, लेकिन इसके बावजूद वह अपना पूरा कर्ज चुकता करने में विफल रहे, जिसके परिणामस्वरूप अब उन्हें दोबारा तीन महीने जेल में बिताने होंगे।

    दिलचस्प बात यह है कि जेल की सजा बहाल होने के इस बड़े घटनाक्रम के बीच राजपाल यादव के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल से एक नया व्यावसायिक विज्ञापन वीडियो पोस्ट किया गया है। इस मसाले के विज्ञापन में वह अभिनेता अक्षय कुमार के साथ अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में अभिनय करते नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट के कैप्शन में अभिनेता ने लिखा कि खाना सिर्फ खाना नहीं होता, बल्कि महफिल में रंग जमाना भी होता है।

    अदालती फैसले और इस नए वीडियो के एक साथ सामने आने के बाद प्रशंसकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जहां कई प्रशंसक उनके अभिनय और अक्षय कुमार के साथ उनकी पुरानी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री की सराहना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग उनके चेक बाउंस मामले और जेल की सजा पर अपनी चिंताएं जाहिर कर रहे हैं। कई शुभचिंतकों ने अभिनेता को इस कठिन कानूनी समय में मजबूत रहने की सलाह दी है। फिलहाल, उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अभिनेता को आत्मसमर्पण कर अपनी तय सजा काटनी होगी।

  • सुपरहिट डेब्यू के बाद भी क्यों पीछे रह गए जावेद जाफरी अभिनेता ने बताया करियर में क्या बनी सबसे बड़ी रुकावट

    सुपरहिट डेब्यू के बाद भी क्यों पीछे रह गए जावेद जाफरी अभिनेता ने बताया करियर में क्या बनी सबसे बड़ी रुकावट


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेता डांसर और कॉमेडियन जावेद जाफरी ने अपने लंबे फिल्मी सफर को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रतिभा और मेहनत होने के बावजूद वह कभी बॉलीवुड के ए लिस्ट सितारों में अपनी जगह नहीं बना सके। जावेद का मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में केवल अभिनय ही सफलता की गारंटी नहीं होता बल्कि मजबूत पीआर सही नेटवर्क और लगातार मिलने वाली बड़ी सफलताएं भी कलाकार की पहचान तय करती हैं।

    एक बातचीत के दौरान जावेद जाफरी ने कहा कि किसी भी कलाकार का करियर इस बात पर निर्भर करता है कि उसे किस तरह पेश किया जाता है। उनके अनुसार इंडस्ट्री का अपना एक तंत्र होता है जहां पीआर और ग्रुप का हिस्सा होना कई बार आगे बढ़ने में मदद करता है। अगर किसी कलाकार के बारे में लगातार सकारात्मक माहौल बनाया जाए तो उसके लिए नए अवसर बढ़ जाते हैं जबकि नकारात्मक छवि करियर की रफ्तार धीमी कर सकती है।

    जावेद ने स्वीकार किया कि वह इस व्यवस्था का हिस्सा कभी नहीं बन पाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो किसी ग्रुप का सहारा लिया और न ही अपने लिए अलग से प्रचार अभियान चलाया। यही वजह रही कि उन्हें वैसी पहचान और मौके नहीं मिले जिनके वह हकदार थे। उनके मुताबिक इंडस्ट्री में सफलता मिलने के बाद ही लोगों का नजरिया तेजी से बदलता है और फिर वही कलाकार सबकी पहली पसंद बन जाता है।

    अपने तर्क को समझाने के लिए जावेद ने सलमान खान का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि सलमान की शुरुआती फिल्म को वह सफलता नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी और उस समय उनके बारे में ज्यादा सकारात्मक बातें नहीं हुईं। लेकिन जब एक बड़ी हिट फिल्म आई तो पूरा माहौल बदल गया और वही सलमान इंडस्ट्री के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो गए। जावेद का कहना है कि कलाकार वही रहता है लेकिन एक बड़ी सफलता उसकी पूरी छवि बदल देती है।

    जावेद ने अपनी पहली फिल्म मेरी जंग का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस फिल्म में उन्हें खलनायक के रूप में पेश किया गया था। फिल्म सफल रही लेकिन दर्शकों और फिल्म निर्माताओं ने उन्हें उसी छवि में देखना शुरू कर दिया। उनके अनुसार अगर उस समय किसी निर्देशक ने उन्हें हल्की फुल्की मनोरंजक या संगीत प्रधान फिल्म में मौका दिया होता तो उनकी छवि बदल सकती थी और करियर नई दिशा पकड़ सकता था।

    उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी खुद को अलग तरह के किरदारों के लिए आगे बढ़कर पेश नहीं किया। हालांकि उन्हें इस बात का कोई पछतावा नहीं है। उनका मानना है कि हर कलाकार का सफर अलग होता है और उन्होंने अपने हिस्से के काम को पूरी ईमानदारी से निभाया है। अभिनय डांस कॉमेडी और वॉयस ओवर जैसे कई क्षेत्रों में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो जावेद जाफरी इन दिनों फिल्म धमाल 4 को लेकर चर्चा में हैं। कॉमेडी से भरपूर इस फिल्म में उनके साथ अजय देवगन रितेश देशमुख अरशद वारसी समेत कई लोकप्रिय कलाकार नजर आ रहे हैं। दर्शकों को उम्मीद है कि एक बार फिर जावेद अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से सभी का मनोरंजन करेंगे।

  • शुद्ध पेट्रोल से सस्ता क्यों नहीं है E20 ईंधन? केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने भ्रांतियों को दूर कर तार्किक और आर्थिक कारणों से उठाया पर्दा

    शुद्ध पेट्रोल से सस्ता क्यों नहीं है E20 ईंधन? केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने भ्रांतियों को दूर कर तार्किक और आर्थिक कारणों से उठाया पर्दा

    नई दिल्ली । देश के ईंधन बाजार में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) की अनिवार्य उपलब्धता और इससे जुड़े उपभोक्ताओं के विभिन्न सवालों पर केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आम जनता और वाहन मालिकों के बीच व्याप्त चिंताओं तथा भ्रामक सूचनाओं का खंडन करते हुए तथ्यों पर आधारित विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने तार्किक, आर्थिक और परिचालन संबंधी कारणों का हवाला देते हुए बताया है कि क्यों पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को E10 या शुद्ध पेट्रोल चुनने का अलग से विकल्प नहीं दिया जा सकता है।

    मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, देश भर के फ्यूल स्टेशनों पर पेट्रोल के कई अलग-अलग ग्रेड्स को एक साथ बनाए रखना तार्किक और परिचालन के दृष्टिकोण से एक बेहद जटिल और बड़ी चुनौती होगी। भारत का E20 ईंधन की ओर बढ़ना कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि यह वाहन निर्माताओं, ऑटोमोबाइल क्षेत्र की विभिन्न परीक्षण एजेंसियों और तेल विपणन कंपनियों के साथ लंबे समय तक किए गए व्यापक विचार-विमर्श का परिणाम है। इस सुनियोजित रणनीति के तहत ही बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया गया है।

    सरकार ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें यह कहा जा रहा था कि भारत ने इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को लागू करने में जल्दबाजी दिखाई है। मंत्रालय ने याद दिलाया कि देश में इथेनॉल मिश्रण की शुरुआत वर्ष 2001 में ही हो चुकी थी और यह कार्यक्रम पिछले दो दशकों से निरंतर विकास के दौर से गुजर रहा है। ब्राजील और अमेरिका जैसे वैश्विक उदाहरणों का अध्ययन करने के बाद ही भारतीय उद्योगों को इस परिवर्तन के हर चरण में शामिल किया गया। ऐसे में इतनी बड़ी क्षमता के निर्माण के बाद दोबारा E10 पर वापस लौटने से भारी-भरकम औद्योगिक निवेश को नुकसान पहुंचेगा।

    उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल भी प्रमुखता से उठ रहा था कि जब E20 में बीस फीसदी इथेनॉल मिलाया जाता है, तो यह शुद्ध पेट्रोल की तुलना में सस्ता क्यों नहीं बिक रहा है। इसके आर्थिक पहलू को स्पष्ट करते हुए मंत्रालय ने बताया कि सरकार किसानों को उचित मुआवजा देने के लिए लाभकारी कीमतों पर इथेनॉल की खरीद करती है। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय बाजार परिदृश्य में जब कच्चा तेल लगभग 70 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है, तब E20 का उत्पादन शुद्ध पेट्रोल से अधिक महंगा पड़ता है। यदि कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें 120 से 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचती हैं, तब इथेनॉल का मिश्रण आर्थिक रूप से अधिक सस्ता साबित होता है।

    मंत्रालय ने साफ किया कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य किसी विशेष दिन ईंधन की कीमतों को कम करना नहीं है, बल्कि भारत की विदेशी तेल आयात पर निर्भरता को कम करना और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इस दूरदर्शी नीति के चलते अब तक देश की 1.97 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हो चुकी है। इसके अलावा, पर्यावरण के मोर्चे पर 952 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी दर्ज की गई है, जबकि देश के किसानों के बैंक खातों में 1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे स्थानांतरित की गई है।

    पुराने वाहनों के इंजनों पर E20 पेट्रोल के पड़ने वाले प्रभाव को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक सूचनाओं पर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा है कि भारत की इथेनॉल आपूर्ति श्रृंखला देश की सबसे कड़ाई से विनियमित और वैज्ञानिक रूप से परीक्षित ईंधन प्रणालियों में से एक है। वाहनों को नुकसान पहुंचने के दावे किसी भी वैज्ञानिक कसौटी पर खरे नहीं उतरते हैं, इसलिए नागरिकों को बिना किसी प्रामाणिक आधार के फैलाए जा रहे अनावश्यक भय और अफवाहों से गुमराह नहीं होना चाहिए। E20 ईंधन न केवल स्वच्छ है बल्कि यह इंजन के दहन को बेहतर कर कार्बन फुटप्रिंट को 40 प्रतिशत तक कम करता है।

  • दिल्ली के पहले घर पर फिर शाहरुख का नाम शादी के बाद जहां शुरू हुई थी नई जिंदगी अब पूरी इमारत के बने मालिक

    दिल्ली के पहले घर पर फिर शाहरुख का नाम शादी के बाद जहां शुरू हुई थी नई जिंदगी अब पूरी इमारत के बने मालिक


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान ने एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा ऐसा फैसला लिया है जिसने उनके प्रशंसकों का दिल जीत लिया है। दिल्ली के पंचशील पार्क स्थित वह घर जहां शादी के बाद उन्होंने पत्नी गौरी खान के साथ अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की थी अब पूरी तरह उनके नाम हो गया है। लंबे समय से इस इमारत के बेसमेंट और पहली मंजिल के मालिक रहे शाहरुख खान ने अब दूसरी और तीसरी मंजिल भी खरीद ली है। इसके साथ ही पूरी बिल्डिंग के एकमात्र मालिक बनने का गौरव उन्हें मिल गया है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक इस डील की कीमत करीब 37 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह प्रॉपर्टी दक्षिण दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित और महंगे इलाकों में शामिल पंचशील पार्क में स्थित है और लगभग 1200 वर्ग गज क्षेत्र में फैली हुई है। आर्थिक दृष्टि से यह सौदा भले ही बड़ा हो लेकिन शाहरुख और गौरी के लिए इसकी सबसे बड़ी अहमियत इससे जुड़ी भावनात्मक यादें हैं।

    साल 1991 में विवाह के बाद शाहरुख और गौरी ने अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत इसी घर से की थी। उस समय शाहरुख अपने अभिनय करियर की शुरुआती राह पर थे और बाद में फिल्मों में किस्मत आजमाने के लिए मुंबई चले गए। सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचने के बाद भी इस घर से जुड़ी यादें उनके दिल में हमेशा जीवित रहीं। यही वजह है कि उन्होंने अब पूरी इमारत अपने नाम कर ली।

    गौरी खान भी कई बार इस घर के प्रति अपना भावनात्मक लगाव जाहिर कर चुकी हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि दिल्ली उनका मायका है और इस घर से उनकी अनगिनत यादें जुड़ी हैं। उन्होंने कहा था कि परिवार के साथ बिताए गए खूबसूरत पल बच्चों की यादें शाहरुख की दी हुई कलाकृतियां पोस्टकार्ड और एंटीक उपहार इस घर को बेहद खास बनाते हैं। घर की एक दीवार पर परिवार से जुड़ी इन यादों को फ्रेम कर सजाया गया है जो उनका सबसे पसंदीदा कोना है।

    शाहरुख और गौरी की प्रेम कहानी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। दोनों ने वर्ष 1991 में विवाह किया था और उनकी शादी कोर्ट मैरिज पारंपरिक हिंदू रीति रिवाज और निकाह तीनों तरीकों से संपन्न हुई थी। वर्षों बाद भी दोनों की जोड़ी बॉलीवुड की सबसे मजबूत और प्रेरणादायक जोड़ियों में गिनी जाती है।

    दिल्ली के इस घर के अलावा मुंबई स्थित शाहरुख खान का प्रतिष्ठित बंगला मन्नत भी हमेशा चर्चा में रहता है। लगभग 27000 वर्ग फुट में फैले इस आलीशान बंगले को देश के सबसे चर्चित सेलिब्रिटी घरों में गिना जाता है और इसे देखने के लिए हर दिन हजारों प्रशंसक पहुंचते हैं। हालांकि दिल्ली का यह घर उनके लिए सिर्फ एक संपत्ति नहीं बल्कि संघर्ष प्रेम और सफलता की शुरुआती यादों का प्रतीक है।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो शाहरुख खान जल्द ही अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म किंग में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में उनके साथ दीपिका पादुकोण और बेटी सुहाना खान भी अहम भूमिका निभा रही हैं। प्रशंसकों को इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार है और उम्मीद की जा रही है कि यह भी शाहरुख के करियर की एक बड़ी फिल्म साबित होगी।

  • एकाधिक वोटर आईडी मामले में अभिनेता प्रकाश राज को बड़ी राहत, बेंगलुरु कोर्ट में पेशी के बाद मिली सशर्त जमानत

    एकाधिक वोटर आईडी मामले में अभिनेता प्रकाश राज को बड़ी राहत, बेंगलुरु कोर्ट में पेशी के बाद मिली सशर्त जमानत

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के जाने-माने अभिनेता प्रकाश राज को कई वोटर आईडी कार्ड रखने के आरोपों से जुड़े एक आपराधिक मामले में बेंगलुरु की एक अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने मामले की गंभीरता और कानूनी दलीलों पर विचार करने के बाद अभिनेता को सशर्त जमानत दे दी है। इस फैसले के बाद पिछले कुछ समय से कानूनी मुश्किलों का सामना कर रहे अभिनेता को बड़ी राहत मिली है, जिनके खिलाफ अदालत में पेश न होने के कारण गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।

    यह पूरा मामला बेंगलुरु की एक मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष चल रहा है। शुक्रवार को अभिनेता प्रकाश राज खुद जज के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। उनके वकील के माध्यम से अदालत में एक विशेष याचिका दायर की गई, जिसमें पूर्व में जारी किए गए गैर-जमानती वारंट को वापस लेने और जमानत देने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद प्रकाश राज को 4000 रुपये की नकद सिक्योरिटी जमा करने के निर्देश के साथ सशर्त जमानत मंजूर कर ली।

    अदालती कार्यवाही के दौरान प्रकाश राज के कानूनी सलाहकार ने स्पष्ट किया कि उनके मुवक्किल को पूर्व में जारी किया गया कोई भी आधिकारिक वारंट प्राप्त नहीं हुआ था। अभिनेता किसी कानूनी अवहेलना के इरादे से नहीं, बल्कि मीडिया में इस संबंध में प्रकाशित खबरों को देखने के बाद स्वतः ही जिम्मेदारी लेते हुए अदालत के समक्ष उपस्थित हुए हैं। इससे पहले, बेंगलुरु के एक स्थानीय वकील के. दिलीप कुमार द्वारा दायर की गई निजी शिकायत के आधार पर अदालत ने गत 12 जून को अभिनेता के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया था।

    अभिनेता पर लगाए गए आरोपों के अनुसार, उन पर कर्नाटक समेत देश के तीन अलग-अलग राज्यों की चार विभिन्न मतदाता सूचियों में नाम दर्ज कराने का गंभीर आरोप है। शिकायतकर्ता ने अपनी 2023 की याचिका में विस्तार से बताया था कि प्रकाश राज का नाम बेंगलुरु के शांतिनगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल होने के साथ-साथ तमिलनाडु के चेन्नई स्थित वेलाचेरी विधानसभा क्षेत्र और तेलंगाना के सेरिलिंगमपल्ली विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में भी दर्ज पाया गया था।

    इस मामले के इतिहास पर नजर डालें तो शिकायतकर्ता ने सबसे पहले अप्रैल 2019 में इस विसंगति को लेकर संबंधित पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस स्तर पर कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई न होने के कारण उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। मजिस्ट्रेट अदालत ने साल 2023 में इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मामले की नियमित सुनवाई शुरू की और अभिनेता को समन जारी करने के आदेश दिए। समन तामील होने के बावजूद जब प्रकाश राज अदालत में उपस्थित नहीं हुए, तब न्यायालय को उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का कड़ा कदम उठाना पड़ा था। फिलहाल जमानत मिलने से उन्हें इस मामले में फौरी तौर पर राहत मिल गई है।

  • ग्रीस से जर्मनी जा रही फ्लाइट में बड़ा हादसा: उड़ते विमान की खिड़की टूटने से बाहर की ओर खिंचा पर्यटक, आपातकालीन लैंडिंग सफल

    ग्रीस से जर्मनी जा रही फ्लाइट में बड़ा हादसा: उड़ते विमान की खिड़की टूटने से बाहर की ओर खिंचा पर्यटक, आपातकालीन लैंडिंग सफल


    नई दिल्ली ।
    अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां ग्रीस से जर्मनी जा रहे एक यात्री विमान में उड़ान के दौरान अचानक बड़ा तकनीकी हादसा हो गया। सफर के दौरान विमान की एक खिड़की टूटकर पूरी तरह बाहर गिर गई, जिसके कारण वहां बैठे एक यात्री का आधा शरीर आसमान में बाहर की तरफ लटक गया। इस भयावह स्थिति के बाद भी यात्री की जान बेहद चमत्कारिक ढंग से बच गई, जिसने विमानन सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों को लेकर एक बार फिर नई बहस छेड़ दी है।

    यह सनसनीखेज वाकया ग्रीस के थेसालॉनिकी शहर से जर्मनी के मेम्मिनजेन जा रही रेयानएयरलाइंस की एक नियमित उड़ान के दौरान पेश आया। उड़ान भरने के कुछ समय बाद जब विमान हवा में था, तभी अचानक एक तेज धमाके जैसी आवाज हुई। ग्रीक मीडिया और तकनीकी रिपोर्टों के अनुसार, विमान के इंजन का एक हिस्सा अचानक टूट गया और हवा के भारी दबाव के कारण वह सीधे जाकर पैसेंजर केबिन की एक खिड़की से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान की मजबूत खिड़की उखड़कर हवा में विलीन हो गई।

    खिड़की के टूटते ही विमान के भीतर हवा का दबाव तेजी से कम होने लगा, जिसके कारण वहां बैठे सर्बियाई मूल के एक पर्यटक का सिर और कंधा खिड़की से बाहर की तरफ खिंच गए। इस बेहद गंभीर और जानलेवा स्थिति में यात्री के लिए सबसे बड़ा जीवनरक्षक उसकी सीट बेल्ट साबित हुई। यात्री ने अपनी सुरक्षा बेल्ट को कसकर बांध रखा था, जिसके कारण वह विमान से पूरी तरह बाहर गिरने से बच गया। चीख-पुकार के बीच आसपास बैठे अन्य सहयात्रियों ने तुरंत तत्परता दिखाई और सूझबूझ का परिचय देते हुए उस यात्री को पूरी ताकत से अंदर की तरफ खींच लिया।

    विमान में सवार चश्मदीद यात्रियों ने इस खौफनाक मंजर का अनुभव साझा करते हुए बताया कि घटना के वक्त अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। अचानक टायर फटने जैसी एक भीषण आवाज सुनाई दी और केबिन के भीतर तेज बदबू फैल गई। एक महिला यात्री के अनुसार, शुरुआत में ऐसा प्रतीत हुआ जैसे किसी ने विमान का आपातकालीन द्वार खोल दिया हो, लेकिन जब उन्होंने बगल की सीट पर देखा तो वहां एक यात्री हवा में आधा बाहर लटका हुआ था। इस अप्रत्याशित घटना से पूरे विमान में चीख-पुकार मच गई और यात्री बुरी तरह सहम गए।

    हादसे के शिकार हुए सर्बियाई पर्यटक को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। विमान के भीतर हवा के घर्षण और मलबे के कारण वह मामूली रूप से झुलस गया है, हालांकि उसकी स्थिति पूरी तरह स्थिर और खतरे से बाहर बताई गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए विमान के पायलटों ने तुरंत नियंत्रण संभाला और आपातकालीन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विमान को वापस ग्रीस के थेसालॉनिकी हवाई अड्डे की तरफ मोड़ दिया, जहां सुरक्षित परिस्थितियों में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

    विमानन कंपनी रेयानएयर ने इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए स्थिति को स्पष्ट किया है। कंपनी के प्रवक्ता के मुताबिक, सुरक्षित लैंडिंग के तुरंत बाद सभी यात्रियों को विमान से उतारकर सुरक्षित टर्मिनल में वापस लाया गया। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए एयरलाइंस द्वारा अविलंब एक वैकल्पिक विमान का प्रबंध किया गया, जिसके माध्यम से सभी मुसाफिरों को जर्मनी के लिए रवाना किया गया।

    इस गंभीर घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित तकनीकी टीमों ने मामले को अपने हाथ में ले लिया है। प्रारंभिक जांच का मुख्य बिंदु इस बात पर केंद्रित है कि आखिर उड़ान के दौरान इंजन का वह हिस्सा किस तकनीकी खराबी या धातु की थकावट के कारण टूटा, जिसने इतनी बड़ी दुर्घटना का रूप ले लिया। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत और गहन जांच जारी है।