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  • रेलवे में महिलाओं की सुरक्षा को बड़ा बढ़ावा, महिला दिवस पर लॉन्च हुआ 'SHINE' फीचर, यौन उत्पीड़न की शिकायत अब सीधे ऑनलाइन दर्ज होगी

    रेलवे में महिलाओं की सुरक्षा को बड़ा बढ़ावा, महिला दिवस पर लॉन्च हुआ 'SHINE' फीचर, यौन उत्पीड़न की शिकायत अब सीधे ऑनलाइन दर्ज होगी



    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रेलवे ने अपनी महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। अब रेलवे में कार्यरत महिलाएं कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) की शिकायत सीधे HRMS (Human Resource Management System) एप्लिकेशन के माध्यम से दर्ज कर सकेंगी। इस नई पहल का नाम SHINE (Sexual Harassment Incident Notification for Empowerment) रखा गया है।

    रेल मंत्रालय ने इस पहल के जरिए शिकायत प्रक्रिया को अधिक गोपनीय (Confidential) और त्वरित बनाने का उद्देश्य रखा है। अब महिला कर्मचारी बिना किसी मध्यस्थ के सीधे अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकती हैं, जो संबंधित नॉमिनेटेड कमेटी तक पहुंचेगी। यह सुविधा सिर्फ नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉन्ट्रैक्ट वर्कर, स्टूडेंट्स और बाहरी विजिटर्स भी इसे इस्तेमाल कर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

    रेलवे के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी जोनों में इंटरनल कंप्लेंट (IC) कमिटी और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द नॉमिनेट करें, ताकि शिकायतों का समाधान समय पर हो। कर्मचारी इस मॉड्यूल तक Employee Self Service (ESS) के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं।

    रेल मंत्रालय ने बताया कि SHINE मॉड्यूल की सबसे बड़ी खासियत इसकी केंद्रीकृत निगरानी और त्वरित एक्सेस है। इससे न केवल शिकायत दर्ज करने वाली महिला कर्मचारी की गोपनीयता सुनिश्चित होगी, बल्कि निवारण प्रक्रिया में तेजी भी आएगी।

    इस पहल के माध्यम से रेलवे महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षित कार्यस्थल और डिजिटल शिकायत समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। मंत्रालय का कहना है कि SHINE मॉड्यूल आने वाले समय में महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक बनेगा।

    रेलवे में यह पहल ऐसे समय में आई है जब कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। महिला कर्मचारियों ने भी इस कदम को सराहा है और इसे कार्यस्थल को सुरक्षित और आत्मविश्वासपूर्ण बनाने वाला कदम बताया है।

  • CA रिजल्ट 2026 घोषित: भोपाल का प्रदर्शन देश से बेहतर, फाउंडेशन में स्वास्तिक और इंटरमीडिएट में मुस्कान टॉपर

    CA रिजल्ट 2026 घोषित: भोपाल का प्रदर्शन देश से बेहतर, फाउंडेशन में स्वास्तिक और इंटरमीडिएट में मुस्कान टॉपर


    नई दिल्ली। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने जनवरी 2026 में आयोजित सीए फाउंडेशन और सीए इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस बार भोपाल के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

    सीए इंटरमीडिएट परीक्षा में भोपाल सेंटर से मुस्कान डांगी ने 447 अंक (74.50%) के साथ पहला स्थान हासिल किया, वहीं सीए फाउंडेशन में स्वास्तिक गुप्ता 330 अंक (82.50%) के साथ भोपाल टॉपर रहे। भोपाल ब्रांच ऑफ CIRC ऑफ ICAI ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की और बताया कि इस बार भोपाल का परिणाम देश से बेहतर रहा।

    मुस्कान डांगी ने बताया कि उन्होंने बीते 10 महीनों तक रोज 10 घंटे पढ़ाई की और सेल्फ स्टडी के लिए लाइब्रेरी जॉइन की। दिन में पढ़ाई और रात को रिविजन करने की तकनीक ने उन्हें सफलता दिलाई। उनका ऑल इंडिया रैंक (AIR) 25 आया।

    सीए इंटरमीडिएट में मुस्कान डांगी के बाद दूसरे स्थान पर सृष्टि धाकड़ (382 अंक, 63.57%) और तीसरे स्थान पर राशि चौरिवार (366 अंक, 61%) रही।

    सीए फाउंडेशन में भोपाल सेंटर से स्वास्तिक गुप्ता पहले, दूसरे स्थान पर माही गुप्ता (325 अंक, 81.25%) और तीसरे स्थान पर नयन जैन (322 अंक, 80.50%) रहे।

    देशभर में सीए इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 2,16,801 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें से 29,455 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए। पास प्रतिशत 13.59% रहा। ग्रुप-I में पास प्रतिशत 13.96 और ग्रुप-II में 15.54% रहा। दोनों ग्रुप पास करने वाले छात्रों की संख्या 3,924 रही।

    सीए फाउंडेशन परीक्षा में भोपाल सेंटर पर 976 छात्रों में से 191 सफल हुए, पास प्रतिशत 19.57% रहा। देशभर में कुल परिणाम 19.23% दर्ज हुआ। पुरुष अभ्यर्थियों का पास प्रतिशत 20.13 और महिला अभ्यर्थियों का 18.26% रहा।

    ऑल इंडिया टॉपर्स की सूची में कनहैया लाल (508 अंक, 84.67%) पहले, फातिमा शेहजा (504 अंक, 84%) दूसरे और तान्या बंसल (498 अंक, 83%) तीसरे स्थान पर रहीं।

    भोपाल शाखा ने घोषणा की है कि आने वाले सत्र में नए नवाचार-आधारित डिजिटल ट्रेनिंग मॉडल और स्कूल-कलज स्तर पर फाइनेंशियल लिटरेसी मिशन भी शुरू किया जाएगा, ताकि युवाओं को करियर ओरिएंटेशन और अकाउंटिंग अवेयरनेस प्रदान की जा सके।

  • Papmochani Ekadashi 2026: 16 मार्च को व्रत, शिवलिंग पर चढ़ाएं ये 5 चीजें, पापों और कष्टों से मिले मुक्ति

    Papmochani Ekadashi 2026: 16 मार्च को व्रत, शिवलिंग पर चढ़ाएं ये 5 चीजें, पापों और कष्टों से मिले मुक्ति


    नई दिल्ली। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पावन तिथि पापमोचनी एकादशी इस वर्ष 16 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। यह दिन भगवान विष्णु और महादेव की शक्ति के संगम का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन विशेष साधना और शिवलिंग पर कुछ सामग्रियों का अर्पण जीवन के जटिल कष्टों, शनि दोष और पुराने पापों से मुक्ति दिलाने में अत्यंत प्रभावशाली है।

    पापमोचनी एकादशी पर शिवलिंग साधना का विशेष महत्व है। इस दिन भक्त शिवलिंग पर पांच महत्वपूर्ण चीजें अर्पित करके महादेव को प्रसन्न कर सकते हैं।

    1. शमी के पुष्प – रोग और दोषों से मुक्ति:
    नीलकंठेश्वर महादेव का स्मरण करते हुए शिवलिंग पर शमी के फूल चढ़ाएं। यह उपाय शरीर के रोगों और कुंडली में उपस्थित दोषों को दूर करने में मदद करता है।

    2. बिल्वपत्र और शहद – उत्तम स्वास्थ्य का वरदान:
    शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय बिल्वपत्र पर थोड़ा शहद लगाकर अर्पित करें। शास्त्रों के अनुसार इससे समस्त पाप नष्ट होते हैं और भक्त को उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

    3. चावल और काले तिल – शनि दोष से राहत:
    शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से परेशान लोग इस दिन कच्चे चावल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। पूजन के बाद इसे जरूरतमंद को दान करने से शनि देव की पीड़ा शांत होती है।

    4. गाय का शुद्ध घी – संकटों का नाश:
    शुद्ध गाय के घी से शिवलिंग का अभिषेक करना अत्यंत कल्याणकारी माना गया है। यह उपाय घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर करता है और जीवन में आने वाले आकस्मिक संकटों से सुरक्षा देता है।

    5. महामृत्युंजय मंत्र – संकट टालने की शक्ति:
    पूजा के अंत में महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप अवश्य करें। एकादशी की पवित्र ऊर्जा और मंत्र का प्रभाव मिलकर जीवन के बड़े संकटों और कष्टों को टालने की क्षमता रखता है।

    पापमोचनी एकादशी का व्रत 16 मार्च 2026 को रखा जाएगा और इसका पारण अगले दिन शुभ मुहूर्त में करना श्रेष्ठ माना गया है। इस दिन की साधना से न केवल जीवन के कष्ट दूर होते हैं, बल्कि जन्मों के पापों से भी मुक्ति पाने का अद्वितीय अवसर मिलता है।

  • पंजाब सरकार ने पेश किया 2.60 करोड़ का बजट, महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 1,000 रुपये

    पंजाब सरकार ने पेश किया 2.60 करोड़ का बजट, महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 1,000 रुपये


    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2,36,080 करोड़ रुपये का बजट विधानसभा में पेश किया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है और इसे महिलाओं की शक्ति, उपलब्धियों और आकांक्षाओं को समर्पित दिन पर प्रस्तुत किया गया है। बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, उद्योग, कृषि, खेल और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    पंजाब की अर्थव्यवस्था और जीएसडीपी का अनुमान

    वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था ने पिछले वर्ष में लचीलापन और संरचनात्मक स्थिरता दिखाई है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 28,91,487 करोड़ रुपये अनुमानित है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 में यह 9,80,635 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसकी वृद्धि दर लगभग 10 प्रतिशत रहने की संभावना है, जिसे बेहतर कृषि उत्पादकता, सेवा क्षेत्र की बढ़ती गतिविधियों और मजबूत औद्योगिक गति से समर्थन प्राप्त है।

    12,60,437 करोड़ का बजट व्यय प्रस्तावित

    वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 12,60,437 करोड़ रुपये के बजट व्यय का प्रस्ताव विधानसभा में पेश किया गया। अनुमानित प्रभावी राजस्व घाटा जीएसडीपी का 2.06 प्रतिशत और राजकोषीय घाटा 4.08 प्रतिशत है। यह अनुमान जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन और निरंतर आर्थिक विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    शिक्षा सुधार और निवेश

    वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में पंजाब में शिक्षा सुधार में विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे का उन्नयन, आधारभूत शिक्षा को मजबूत करना और उत्कृष्टता केंद्र बनाने पर जोर शामिल है। वित्त वर्ष 2026-27 में शिक्षा क्षेत्र के लिए 19,279 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में सात प्रतिशत अधिक है। सरकार ने लगभग 20,000 सरकारी स्कूलों में बुनियादी और उन्नत मानक सुनिश्चित किए हैं। इनमें से 99 प्रतिशत स्कूलों में चारदीवारी है और 10,095 नए शौचालय बनाए गए हैं। एक लाख से अधिक डेस्क खरीदे गए हैं ताकि कोई बच्चा फर्श पर न बैठे। 8,286 सफाई कर्मचारी रोजाना सफाई सुनिश्चित कर रहे हैं, 3,000 से अधिक सुरक्षा कर्मी स्कूल परिसरों की सुरक्षा के लिए तैनात हैं और 1,798 कैंपस मैनेजर प्रशासन में मदद कर रहे हैं। 6,200 कक्षाओं का नवनिर्माण किया गया और 4,700 कक्षाओं का जीर्णोद्धार किया गया। इस वर्ष स्कूल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सौंदर्यीकरण के लिए 690 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

    महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता

    बजट में महिलाओं के लिए ऐतिहासिक घोषणा की गई है। पंजाब की सभी महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये दिए जाएंगे, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह राशि ‘मुख्यमंत्री माताएं-बेटियां सत्कार योजना’ के तहत सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।

    नशा नियंत्रण और सुरक्षा

    सरकार ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को तेज करने का निर्णय लिया है। सीमा क्षेत्रों में 5,000 होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे और सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से होने वाली तस्करी रोकने के लिए अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके लिए बजट में 110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही “ड्रग सेंसस” कराने की भी घोषणा की गई है, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

    आपातकालीन सेवाओं का सुधार

    मोहाली में आधुनिक डायल-112 मुख्यालय बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। आपातकालीन सेवा ‘112’ को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 758 चार-पहिया और 916 दो-पहिया आपातकालीन वाहन खरीदे जाएंगे। आपातकालीन कॉल पर प्रतिक्रिया समय को 30 मिनट से घटाकर लगभग आठ मिनट करने का लक्ष्य है। इसके लिए 125 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

    खेल और युवाओं के लिए पहल

    युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए “खेड्दा पंजाब, बदलदा पंजाब” पहल शुरू की जाएगी। इसके तहत गांवों में खेल मैदान बनाए जाएंगे और लगभग 3,000 इंडोर जिम स्थापित किए जाएंगे। खेल विभाग के लिए 979 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

    स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण

    प्रत्येक परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज मिलेगा, जिसके लिए 778 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के लिए कुल 5,598 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए 2,873 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि शहरी बुनियादी सेवाओं के सुधार के लिए 225 करोड़ रुपये और 347 ई-बसें खरीदी जाएंगी। सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना जारी रखेगी, जिसके लिए 7,614 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की जाएगी और इसके लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 14,524 करोड़ रुपये और सामाजिक न्याय एवं कल्याण योजनाओं के लिए 9,340 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

  • झारखंड में हैवानियत: 15 वर्षीय नाबालिग को अगवा कर तीन दिनों तक बंधक बनाकर गैंगरेप, तीन आरोपी गिरफ्तार

    झारखंड में हैवानियत: 15 वर्षीय नाबालिग को अगवा कर तीन दिनों तक बंधक बनाकर गैंगरेप, तीन आरोपी गिरफ्तार


    पाकुड़ झारखंड । झारखंड के पाकुड़ जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को अगवा कर छह दरिंदों ने तीन दिनों तक बंधक बनाए रखा और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म गैंगरेप जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के प्रकाश में आते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों सहित तीन लोगों को दबोच लिया है जबकि अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है।

    दुकान से सामान लेने गई थी पीड़िता हाईवा में किया अगवा

    जानकारी के अनुसार यह खौफनाक वारदात 17 फरवरी को घटित हुई थी। पीड़िता अपने गांव की एक दुकान से सामान लेने निकली थी तभी वहां पहले से घात लगाए बैठे छह युवकों ने उसे जबरन एक हाईवा ट्रक में खींच लिया। आरोपी उसे किसी सुनसान स्थान पर ले गए जहाँ उसे तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दहशत के कारण पीड़िता काफी समय तक चुप रही लेकिन अंततः 6 मार्च को उसने साहस जुटाकर थाने में आवेदन दिया।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई: तीन गिरफ्तार हाईवा जब्त

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पाकुड़ एसपी निधि द्विवेदी ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी ने बताया कि पुलिस ने दबिश देकर तीन आरोपियों दशरथ किस्कू सकल टुडू दोनों मालपहाड़ी निवासी और प्रधान मरांडी महेशपुर निवासी को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल किए गए हाईवा ट्रक को भी पुलिस ने साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है। पकड़े गए तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

    फरार आरोपियों की तलाश तेज

    एसपी निधि द्विवेदी ने आश्वस्त किया है कि घटना में शामिल शेष तीन आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की मेडिकल जांच करा ली गई है और उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर है। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि फरार आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा ताकि पीड़िता को उचित न्याय मिल सके। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की है।

  • जबलपुर में चर्च में हंगामा: महिला दिवस कार्यक्रम में निलंबित प्राचार्य ने किया उत्पात, ईसाई समुदाय ने FIR की मांग की

    जबलपुर में चर्च में हंगामा: महिला दिवस कार्यक्रम में निलंबित प्राचार्य ने किया उत्पात, ईसाई समुदाय ने FIR की मांग की


    जबलपुर जबलपुर के क्राइस्टचर्च गर्ल्स स्कूल परिसर में स्थित चर्च में रविवार सुबह आराधना के दौरान हंगामा हो गया। महिला दिवस के अवसर पर आयोजित महिला सम्मान कार्यक्रम में अचानक व्यवधान उत्पन्न होने से ईसाई समुदाय में नाराजगी फैल गई। समाज और चर्च के पदाधिकारियों ने तुरंत ओमती थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और हंगामा करने वाले के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।

    ओमती पुलिस के अनुसार, शिकायत में बताया गया कि क्राइस्टचर्च बॉयज स्कूल से निलंबित प्राचार्य लेडली मैथ्यूज सुबह आराधना के दौरान चर्च में घुस आए। उन्होंने पवित्र स्थान में पहुंचकर माइक छीन लिया और बेवजह की बातें करने लगे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    चर्च पदाधिकारियों के विरोध करने पर मैथ्यूज ने वहां मौजूद लोगों को धमकाया और पदाधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की। इस घटना से उपस्थित लोग आहत हुए और महिलाओं के सम्मान के लिए आयोजित कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न हुआ। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं के साथ भी अभद्रता की शिकायत की गई है।

    पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और बताया कि जल्द ही दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चर्च और समाज के पदाधिकारी पूरे मामले में सतर्क हैं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।

    इस घटना ने न केवल चर्च परिसर में सुरक्षा की चिंता बढ़ाई है, बल्कि समुदाय के बीच तनाव भी पैदा किया है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील की है।

  • उज्जैन में रंग पंचमी के गेर में पटाखा फटने से 5 घायल, भगदड़ जैसी स्थिति

    उज्जैन में रंग पंचमी के गेर में पटाखा फटने से 5 घायल, भगदड़ जैसी स्थिति

    उज्जैन।  उज्जैन में रंग पंचमी के मौके पर आयोजित गेर के दौरान अचानक एक रंगीन पटाखा फट गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। धमाके के कारण कई लोग डर के मारे इधर-उधर भागे और कुछ महिलाएं जमीन पर गिर गईं, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि, आसपास के लोगों और आयोजकों ने समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया।

    इस हादसे में पांच लोग घायल हुए, जिनमें कुछ लोग नीचे गिरने और पटाखे के धमाके के कारण चोटिल हुए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को सुरक्षित घर भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि कोई गंभीर चोट या जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।

    स्थानीय प्रशासन और आयोजकों ने कहा कि गेर के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे, लेकिन भीड़ और अचानक हुए धमाके के कारण यह छोटा हादसा हुआ। पुलिस ने आगे से पर्व और उत्सव के दौरान और अधिक सतर्कता बरतने की हिदायत दी है।

    स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भीड़ वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें, बच्चों और बुजुर्गों पर नजर रखें और आतिशबाजी या रंगीन पटाखों के दौरान नियमों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा उपायों के कारण बड़े हादसे से बचाव संभव हो सका।

    गेर और रंग पंचमी के अवसर पर उज्जैन में उत्सव का माहौल बना रहा, लेकिन यह घटना लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी भी दे गई। प्रशासन और आयोजकों ने भविष्य में ऐसे आयोजनों में सुरक्षा और आपातकालीन इंतजाम और मजबूत करने का भरोसा दिया।

  • महिलाओं की स्थिति से तय होती है राष्ट्र की प्रगति: न्यायाधीश दिलीप गुप्ता

    महिलाओं की स्थिति से तय होती है राष्ट्र की प्रगति: न्यायाधीश दिलीप गुप्ता


    भिण्ड। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय अस्मिता खेल कार्यक्रम का आयोजन राजीव गांधी स्टेडियम में किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से आई महिलाओं और छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और खेल गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन में ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास का माहौल देखने को मिला।

    कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुटुम्ब न्यायालय के न्यायाधीश दिलीप गुप्ता द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित महिलाओं और छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति का वास्तविक आकलन वहां की महिलाओं की स्थिति से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी समाज में महिलाएं शिक्षित, सुरक्षित और सशक्त हैं तो वह समाज निश्चित रूप से विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ता है।

    न्यायाधीश दिलीप गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के संघर्ष, साहस और उनकी असीम क्षमताओं को सम्मान देने का दिन है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी महिलाओं को अवसर मिला है, उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा से हर क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल की हैं।

    उन्होंने आगे कहा कि समाज की धुरी नारी है और उसके बिना किसी भी परिवार, समाज या राष्ट्र की कल्पना अधूरी है। आज महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि न्यायपालिका, प्रशासन, शिक्षा, विज्ञान, खेल और रक्षा सहित हर क्षेत्र में अपनी योग्यता और क्षमता का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने छात्राओं और महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर जीवन में आगे बढ़ें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की भागीदार बनें।

    कार्यक्रम के दौरान विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिनमें छात्राओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी खेल प्रतिभा और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं में खेल भावना को बढ़ावा देना, आत्मविश्वास विकसित करना और उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त बनाना था।

    इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारी, खेल विभाग के प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्राएं और महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।

    आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं और समाज में उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को मजबूत करते हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम महिलाओं के सम्मान, समानता और सशक्तिकरण के संदेश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

  • Weather Update: दिल्ली में मार्च की गर्मी 35.7°C पार, 50 साल का रिकॉर्ड टूटा, इन राज्यों में बारिश की संभावना

    Weather Update: दिल्ली में मार्च की गर्मी 35.7°C पार, 50 साल का रिकॉर्ड टूटा, इन राज्यों में बारिश की संभावना



    नई दिल्ली । मार्च की शुरुआत होते ही देश के कई हिस्सों में गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। कई राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ते हुए 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। राजस्थान के अकोला में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी तेज गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी मार्च की गर्मी ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले करीब 50 वर्षों में मार्च के पहले ही सप्ताह में दर्ज सबसे अधिक तापमान है। दिन के समय तेज धूप के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश में हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, मैदानी इलाकों में जब तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक पहुंच जाता है और सामान्य से 4-6 डिग्री अधिक होता है, तब हीटवेव की स्थिति मानी जाती है। ऐसे समय लोगों को लू लगने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

    हालांकि, आने वाले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के प्रभाव से पहाड़ी क्षेत्रों में राहत मिल सकती है। 8 से 12 मार्च के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। कश्मीर घाटी के कुपवाड़ा, गांदरबल, बांदीपोरा और अनंतनाग में भी हल्की बर्फबारी हो सकती है।

    इसके अलावा सिक्किम, ओडिशा और केरल में बारिश के आसार हैं। पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    मौसम विभाग ने लोगों से आगाह किया है कि तेज धूप में घर से बाहर निकलते समय सुरक्षा उपाय अपनाएं, पर्याप्त पानी पीएं और बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें। इस मार्च की गर्मी ने देशभर में गर्मी की शुरुआती चेतावनी दे दी है और आने वाले दिनों में मौसम पर नजर रखना जरूरी है।

  • मुरैना में एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित, छात्राओं और महिलाओं ने दिखाई शानदार भागीदारी

    मुरैना में एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित, छात्राओं और महिलाओं ने दिखाई शानदार भागीदारी

    मुरैना मुरैना में हाल ही में आयोजित एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में छात्राओं और महिलाओं ने अपनी दौड़ क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं और महिलाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना और उनकी फिटनेस को बढ़ावा देना था।
    प्रतिभागियों ने विभिन्न रेसों में अपनी मेहनत और प्रशिक्षण का परिणाम दिखाया। 100 मीटर और 200 मीटर रेस में छात्राओं ने तेजी और चुस्ती का प्रदर्शन किया, वहीं 400 मीटर दौड़ में धैर्य और स्थिरता की परीक्षा ली गई। आयोजकों ने कहा कि प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली छात्राओं और महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि नियमित प्रशिक्षण और खेलों में भागीदारी से न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ती है, बल्कि मानसिक ताकत और आत्मविश्वास भी मजबूत होता है।

    इस अवसर पर एसडीओपी रविंद्र वास्कले, महिला एवं बाल विकास अधिकारी अंजू तोमर, रामबाबू कुशवाहा सहित अन्य अधिकारी और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया और कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं और महिलाओं को बड़े स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करते हैं। अधिकारीयों ने विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाणपत्र भी प्रदान किए।

    प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्रों और महिलाओं ने आयोजकों की सराहना की और भविष्य में और भी प्रतियोगिताओं की उम्मीद जताई। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में ऐसे खेल कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्राओं और महिलाओं में खेलों के प्रति लगाव बढ़े और वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें।

    कार्यक्रम का सकारात्मक प्रभाव स्थानीय समुदाय पर भी देखने को मिला। छात्राओं और महिलाओं की भागीदारी ने युवा पीढ़ी को खेलों की ओर आकर्षित किया। इस आयोजन ने साबित किया कि छोटे स्तर पर भी ऐसे प्रतियोगिताओं से खेल प्रतिभाओं का विकास और समाज में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ सकती है।

    इस तरह के आयोजन न केवल खेलों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि युवा और महिला प्रतिभाओं को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धात्मक बनाने में मदद करते हैं। मुरैना में आयोजित यह प्रतियोगिता युवा और महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी।