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  • जहां इंसानी अदालतें हार मान जाती हैं वहां न्याय करती हैं मां कोटगाड़ी देवी मन्नत पूरी होने पर चढ़ता है लोहे का हथौड़ा

    जहां इंसानी अदालतें हार मान जाती हैं वहां न्याय करती हैं मां कोटगाड़ी देवी मन्नत पूरी होने पर चढ़ता है लोहे का हथौड़ा


    नई दिल्ली। देवभूमि उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ साथ अद्भुत धार्मिक आस्था और चमत्कारी मंदिरों के लिए भी पूरे देश में प्रसिद्ध है। इन्हीं पवित्र स्थलों में कुमाऊं क्षेत्र का मां कोटगाड़ी देवी मंदिर एक ऐसा अनोखा धाम है जहां भक्त फूल माला या नारियल नहीं बल्कि लोहे का हथौड़ा चढ़ाते हैं। यह परंपरा वर्षों पुरानी है और आज भी हजारों श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ इसका पालन करते हैं।

    स्थानीय लोगों की मान्यता है कि मां कोटगाड़ी देवी का यह दरबार न्याय का अंतिम स्थान है। जब किसी व्यक्ति को अदालत पुलिस या समाज से न्याय नहीं मिलता तब वह पूरी आस्था के साथ माता के दरबार में अपनी फरियाद लेकर पहुंचता है। श्रद्धालु अपनी समस्या को लिखकर माता के चरणों में अर्पित करते हैं और विश्वास रखते हैं कि मां स्वयं उनके साथ हुए अन्याय का समाधान करती हैं।

    इस मंदिर की सबसे अनोखी परंपरा लोहे का हथौड़ा चढ़ाने की है। माना जाता है कि हथौड़ा न्याय शक्ति और कठोर निर्णय का प्रतीक है। जिस प्रकार अदालत में न्याय का प्रतीक हथौड़ा माना जाता है उसी तरह यहां भक्त न्याय मिलने के बाद माता का आभार व्यक्त करने के लिए लोहे का हथौड़ा अर्पित करते हैं। कई श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार तांबे का त्रिशूल या पीतल की घंटी भी भेंट करते हैं। मंदिर परिसर में लगे हजारों हथौड़े इस अनूठी परंपरा और भक्तों की अटूट आस्था की गवाही देते हैं।

    ग्रामीणों का विश्वास है कि मां कोटगाड़ी देवी के दरबार में झूठ और छल की कोई जगह नहीं है। यदि कोई व्यक्ति झूठी शपथ लेकर किसी निर्दोष को फंसाने का प्रयास करता है तो उसे अपने कर्मों का दंड अवश्य मिलता है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में लोग माता के दरबार में असत्य बोलने से भी डरते हैं और न्याय के प्रति गहरी आस्था रखते हैं।

    हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश के अलग अलग हिस्सों से यहां पहुंचते हैं। कोई पारिवारिक विवाद लेकर आता है तो कोई जमीन के मामले में न्याय की उम्मीद करता है। कई लोग वर्षों बाद अपनी मनोकामना पूरी होने पर फिर मंदिर पहुंचकर माता के चरणों में हथौड़ा अर्पित करते हैं और धन्यवाद देते हैं। यही विश्वास इस मंदिर को देश के सबसे अनोखे धार्मिक स्थलों में शामिल करता है।

    चारों ओर फैले शांत पहाड़ और आध्यात्मिक वातावरण इस मंदिर की दिव्यता को और भी विशेष बना देते हैं। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु केवल दर्शन ही नहीं करते बल्कि मानसिक शांति और आत्मविश्वास का भी अनुभव करते हैं। मां कोटगाड़ी देवी का यह पवित्र धाम आज भी आस्था न्याय और विश्वास का अद्भुत संगम बना हुआ है। यदि कभी उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की यात्रा करें तो इस अनोखे मंदिर के दर्शन अवश्य करें जहां लोगों का विश्वास है कि सच्ची श्रद्धा और निष्कलंक मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती।

  • चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका, तीन महीने की जेल की सजा बरकरार

    चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका, तीन महीने की जेल की सजा बरकरार

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के प्रसिद्ध हास्य अभिनेता राजपाल यादव एक बार फिर गंभीर कानूनी संकट में घिर गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने सालों पुराने एक चेक बाउंस और ऋण भुगतान से जुड़े आपराधिक मामले में अभिनेता की तीन महीने की जेल की सजा को बरकरार रखने का फैसला सुनाया है। अदालत के इस कड़े रुख के बाद अभिनेता को एक बार फिर जेल की हवा खानी पड़ेगी। इस अदालती फैसले के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर राजपाल यादव का एक नया पोस्ट भी सामने आया है, जो इंटरनेट पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।

    न्यायालय का यह आदेश शुक्रवार को आया, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव के पिछले आचरण और वित्तीय प्रतिबद्धताओं को पूरा न करने के रवैये को ‘संदिग्ध’ करार दिया। इस मामले में न केवल अभिनेता बल्कि उनकी पत्नी राधा यादव को भी अदालत ने दोषी पाया है। अदालत ने राधा यादव को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता कंपनी को मुआवजे के रूप में 5,51,380 रुपये की राशि का अविलंब भुगतान सुनिश्चित करें।

    यह पूरा विवाद साल 2010 से जुड़ा हुआ है, जब राजपाल यादव ने अपने निजी प्रोडक्शन बैनर तले ‘अता पता लापता’ नामक एक फिल्म का निर्माण और निर्देशन किया था। इस महत्वाकांक्षी सिनेमाई परियोजना को पूरा करने के लिए अभिनेता ने दिल्ली की एक वित्तीय कंपनी ‘एम/एस मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ से 5 करोड़ रुपये का मोटा कर्ज लिया था। हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म बुरी तरह असफल साबित हुई, जिसके कारण राजपाल यादव लिया गया कर्ज चुकाने में असमर्थ रहे। समय के साथ इस मूल रकम पर ब्याज बढ़ता गया और यह देनदारी लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

    ऋण की अदायगी न होने और अभिनेता द्वारा दिए गए चेक के बैंक में बाउंस हो जाने के बाद वित्तीय कंपनी ने अदालत का रुख किया था। इस कानूनी लड़ाई के दौरान राजपाल यादव को पहले भी जेल जाना पड़ा था। इसी साल फरवरी 2026 में भी वह जेल की सजा काट रहे थे, जिसके बाद उन्हें कुछ समय के लिए जमानत पर रिहा किया गया था। तब फिल्म जगत के कई सितारों और सहयोगियों ने राजपाल यादव के समर्थन में आकर उनकी आर्थिक रूप से मदद भी की थी, लेकिन इसके बावजूद वह अपना पूरा कर्ज चुकता करने में विफल रहे, जिसके परिणामस्वरूप अब उन्हें दोबारा तीन महीने जेल में बिताने होंगे।

    दिलचस्प बात यह है कि जेल की सजा बहाल होने के इस बड़े घटनाक्रम के बीच राजपाल यादव के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल से एक नया व्यावसायिक विज्ञापन वीडियो पोस्ट किया गया है। इस मसाले के विज्ञापन में वह अभिनेता अक्षय कुमार के साथ अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में अभिनय करते नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट के कैप्शन में अभिनेता ने लिखा कि खाना सिर्फ खाना नहीं होता, बल्कि महफिल में रंग जमाना भी होता है।

    अदालती फैसले और इस नए वीडियो के एक साथ सामने आने के बाद प्रशंसकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जहां कई प्रशंसक उनके अभिनय और अक्षय कुमार के साथ उनकी पुरानी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री की सराहना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग उनके चेक बाउंस मामले और जेल की सजा पर अपनी चिंताएं जाहिर कर रहे हैं। कई शुभचिंतकों ने अभिनेता को इस कठिन कानूनी समय में मजबूत रहने की सलाह दी है। फिलहाल, उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अभिनेता को आत्मसमर्पण कर अपनी तय सजा काटनी होगी।

  • सुपरहिट डेब्यू के बाद भी क्यों पीछे रह गए जावेद जाफरी अभिनेता ने बताया करियर में क्या बनी सबसे बड़ी रुकावट

    सुपरहिट डेब्यू के बाद भी क्यों पीछे रह गए जावेद जाफरी अभिनेता ने बताया करियर में क्या बनी सबसे बड़ी रुकावट


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेता डांसर और कॉमेडियन जावेद जाफरी ने अपने लंबे फिल्मी सफर को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रतिभा और मेहनत होने के बावजूद वह कभी बॉलीवुड के ए लिस्ट सितारों में अपनी जगह नहीं बना सके। जावेद का मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में केवल अभिनय ही सफलता की गारंटी नहीं होता बल्कि मजबूत पीआर सही नेटवर्क और लगातार मिलने वाली बड़ी सफलताएं भी कलाकार की पहचान तय करती हैं।

    एक बातचीत के दौरान जावेद जाफरी ने कहा कि किसी भी कलाकार का करियर इस बात पर निर्भर करता है कि उसे किस तरह पेश किया जाता है। उनके अनुसार इंडस्ट्री का अपना एक तंत्र होता है जहां पीआर और ग्रुप का हिस्सा होना कई बार आगे बढ़ने में मदद करता है। अगर किसी कलाकार के बारे में लगातार सकारात्मक माहौल बनाया जाए तो उसके लिए नए अवसर बढ़ जाते हैं जबकि नकारात्मक छवि करियर की रफ्तार धीमी कर सकती है।

    जावेद ने स्वीकार किया कि वह इस व्यवस्था का हिस्सा कभी नहीं बन पाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो किसी ग्रुप का सहारा लिया और न ही अपने लिए अलग से प्रचार अभियान चलाया। यही वजह रही कि उन्हें वैसी पहचान और मौके नहीं मिले जिनके वह हकदार थे। उनके मुताबिक इंडस्ट्री में सफलता मिलने के बाद ही लोगों का नजरिया तेजी से बदलता है और फिर वही कलाकार सबकी पहली पसंद बन जाता है।

    अपने तर्क को समझाने के लिए जावेद ने सलमान खान का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि सलमान की शुरुआती फिल्म को वह सफलता नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी और उस समय उनके बारे में ज्यादा सकारात्मक बातें नहीं हुईं। लेकिन जब एक बड़ी हिट फिल्म आई तो पूरा माहौल बदल गया और वही सलमान इंडस्ट्री के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो गए। जावेद का कहना है कि कलाकार वही रहता है लेकिन एक बड़ी सफलता उसकी पूरी छवि बदल देती है।

    जावेद ने अपनी पहली फिल्म मेरी जंग का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस फिल्म में उन्हें खलनायक के रूप में पेश किया गया था। फिल्म सफल रही लेकिन दर्शकों और फिल्म निर्माताओं ने उन्हें उसी छवि में देखना शुरू कर दिया। उनके अनुसार अगर उस समय किसी निर्देशक ने उन्हें हल्की फुल्की मनोरंजक या संगीत प्रधान फिल्म में मौका दिया होता तो उनकी छवि बदल सकती थी और करियर नई दिशा पकड़ सकता था।

    उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी खुद को अलग तरह के किरदारों के लिए आगे बढ़कर पेश नहीं किया। हालांकि उन्हें इस बात का कोई पछतावा नहीं है। उनका मानना है कि हर कलाकार का सफर अलग होता है और उन्होंने अपने हिस्से के काम को पूरी ईमानदारी से निभाया है। अभिनय डांस कॉमेडी और वॉयस ओवर जैसे कई क्षेत्रों में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो जावेद जाफरी इन दिनों फिल्म धमाल 4 को लेकर चर्चा में हैं। कॉमेडी से भरपूर इस फिल्म में उनके साथ अजय देवगन रितेश देशमुख अरशद वारसी समेत कई लोकप्रिय कलाकार नजर आ रहे हैं। दर्शकों को उम्मीद है कि एक बार फिर जावेद अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से सभी का मनोरंजन करेंगे।

  • शुद्ध पेट्रोल से सस्ता क्यों नहीं है E20 ईंधन? केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने भ्रांतियों को दूर कर तार्किक और आर्थिक कारणों से उठाया पर्दा

    शुद्ध पेट्रोल से सस्ता क्यों नहीं है E20 ईंधन? केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने भ्रांतियों को दूर कर तार्किक और आर्थिक कारणों से उठाया पर्दा

    नई दिल्ली । देश के ईंधन बाजार में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) की अनिवार्य उपलब्धता और इससे जुड़े उपभोक्ताओं के विभिन्न सवालों पर केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आम जनता और वाहन मालिकों के बीच व्याप्त चिंताओं तथा भ्रामक सूचनाओं का खंडन करते हुए तथ्यों पर आधारित विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने तार्किक, आर्थिक और परिचालन संबंधी कारणों का हवाला देते हुए बताया है कि क्यों पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को E10 या शुद्ध पेट्रोल चुनने का अलग से विकल्प नहीं दिया जा सकता है।

    मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, देश भर के फ्यूल स्टेशनों पर पेट्रोल के कई अलग-अलग ग्रेड्स को एक साथ बनाए रखना तार्किक और परिचालन के दृष्टिकोण से एक बेहद जटिल और बड़ी चुनौती होगी। भारत का E20 ईंधन की ओर बढ़ना कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि यह वाहन निर्माताओं, ऑटोमोबाइल क्षेत्र की विभिन्न परीक्षण एजेंसियों और तेल विपणन कंपनियों के साथ लंबे समय तक किए गए व्यापक विचार-विमर्श का परिणाम है। इस सुनियोजित रणनीति के तहत ही बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया गया है।

    सरकार ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें यह कहा जा रहा था कि भारत ने इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को लागू करने में जल्दबाजी दिखाई है। मंत्रालय ने याद दिलाया कि देश में इथेनॉल मिश्रण की शुरुआत वर्ष 2001 में ही हो चुकी थी और यह कार्यक्रम पिछले दो दशकों से निरंतर विकास के दौर से गुजर रहा है। ब्राजील और अमेरिका जैसे वैश्विक उदाहरणों का अध्ययन करने के बाद ही भारतीय उद्योगों को इस परिवर्तन के हर चरण में शामिल किया गया। ऐसे में इतनी बड़ी क्षमता के निर्माण के बाद दोबारा E10 पर वापस लौटने से भारी-भरकम औद्योगिक निवेश को नुकसान पहुंचेगा।

    उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल भी प्रमुखता से उठ रहा था कि जब E20 में बीस फीसदी इथेनॉल मिलाया जाता है, तो यह शुद्ध पेट्रोल की तुलना में सस्ता क्यों नहीं बिक रहा है। इसके आर्थिक पहलू को स्पष्ट करते हुए मंत्रालय ने बताया कि सरकार किसानों को उचित मुआवजा देने के लिए लाभकारी कीमतों पर इथेनॉल की खरीद करती है। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय बाजार परिदृश्य में जब कच्चा तेल लगभग 70 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है, तब E20 का उत्पादन शुद्ध पेट्रोल से अधिक महंगा पड़ता है। यदि कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें 120 से 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचती हैं, तब इथेनॉल का मिश्रण आर्थिक रूप से अधिक सस्ता साबित होता है।

    मंत्रालय ने साफ किया कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य किसी विशेष दिन ईंधन की कीमतों को कम करना नहीं है, बल्कि भारत की विदेशी तेल आयात पर निर्भरता को कम करना और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इस दूरदर्शी नीति के चलते अब तक देश की 1.97 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हो चुकी है। इसके अलावा, पर्यावरण के मोर्चे पर 952 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी दर्ज की गई है, जबकि देश के किसानों के बैंक खातों में 1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे स्थानांतरित की गई है।

    पुराने वाहनों के इंजनों पर E20 पेट्रोल के पड़ने वाले प्रभाव को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक सूचनाओं पर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा है कि भारत की इथेनॉल आपूर्ति श्रृंखला देश की सबसे कड़ाई से विनियमित और वैज्ञानिक रूप से परीक्षित ईंधन प्रणालियों में से एक है। वाहनों को नुकसान पहुंचने के दावे किसी भी वैज्ञानिक कसौटी पर खरे नहीं उतरते हैं, इसलिए नागरिकों को बिना किसी प्रामाणिक आधार के फैलाए जा रहे अनावश्यक भय और अफवाहों से गुमराह नहीं होना चाहिए। E20 ईंधन न केवल स्वच्छ है बल्कि यह इंजन के दहन को बेहतर कर कार्बन फुटप्रिंट को 40 प्रतिशत तक कम करता है।

  • दिल्ली के पहले घर पर फिर शाहरुख का नाम शादी के बाद जहां शुरू हुई थी नई जिंदगी अब पूरी इमारत के बने मालिक

    दिल्ली के पहले घर पर फिर शाहरुख का नाम शादी के बाद जहां शुरू हुई थी नई जिंदगी अब पूरी इमारत के बने मालिक


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान ने एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा ऐसा फैसला लिया है जिसने उनके प्रशंसकों का दिल जीत लिया है। दिल्ली के पंचशील पार्क स्थित वह घर जहां शादी के बाद उन्होंने पत्नी गौरी खान के साथ अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की थी अब पूरी तरह उनके नाम हो गया है। लंबे समय से इस इमारत के बेसमेंट और पहली मंजिल के मालिक रहे शाहरुख खान ने अब दूसरी और तीसरी मंजिल भी खरीद ली है। इसके साथ ही पूरी बिल्डिंग के एकमात्र मालिक बनने का गौरव उन्हें मिल गया है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक इस डील की कीमत करीब 37 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह प्रॉपर्टी दक्षिण दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित और महंगे इलाकों में शामिल पंचशील पार्क में स्थित है और लगभग 1200 वर्ग गज क्षेत्र में फैली हुई है। आर्थिक दृष्टि से यह सौदा भले ही बड़ा हो लेकिन शाहरुख और गौरी के लिए इसकी सबसे बड़ी अहमियत इससे जुड़ी भावनात्मक यादें हैं।

    साल 1991 में विवाह के बाद शाहरुख और गौरी ने अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत इसी घर से की थी। उस समय शाहरुख अपने अभिनय करियर की शुरुआती राह पर थे और बाद में फिल्मों में किस्मत आजमाने के लिए मुंबई चले गए। सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचने के बाद भी इस घर से जुड़ी यादें उनके दिल में हमेशा जीवित रहीं। यही वजह है कि उन्होंने अब पूरी इमारत अपने नाम कर ली।

    गौरी खान भी कई बार इस घर के प्रति अपना भावनात्मक लगाव जाहिर कर चुकी हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि दिल्ली उनका मायका है और इस घर से उनकी अनगिनत यादें जुड़ी हैं। उन्होंने कहा था कि परिवार के साथ बिताए गए खूबसूरत पल बच्चों की यादें शाहरुख की दी हुई कलाकृतियां पोस्टकार्ड और एंटीक उपहार इस घर को बेहद खास बनाते हैं। घर की एक दीवार पर परिवार से जुड़ी इन यादों को फ्रेम कर सजाया गया है जो उनका सबसे पसंदीदा कोना है।

    शाहरुख और गौरी की प्रेम कहानी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। दोनों ने वर्ष 1991 में विवाह किया था और उनकी शादी कोर्ट मैरिज पारंपरिक हिंदू रीति रिवाज और निकाह तीनों तरीकों से संपन्न हुई थी। वर्षों बाद भी दोनों की जोड़ी बॉलीवुड की सबसे मजबूत और प्रेरणादायक जोड़ियों में गिनी जाती है।

    दिल्ली के इस घर के अलावा मुंबई स्थित शाहरुख खान का प्रतिष्ठित बंगला मन्नत भी हमेशा चर्चा में रहता है। लगभग 27000 वर्ग फुट में फैले इस आलीशान बंगले को देश के सबसे चर्चित सेलिब्रिटी घरों में गिना जाता है और इसे देखने के लिए हर दिन हजारों प्रशंसक पहुंचते हैं। हालांकि दिल्ली का यह घर उनके लिए सिर्फ एक संपत्ति नहीं बल्कि संघर्ष प्रेम और सफलता की शुरुआती यादों का प्रतीक है।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो शाहरुख खान जल्द ही अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म किंग में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में उनके साथ दीपिका पादुकोण और बेटी सुहाना खान भी अहम भूमिका निभा रही हैं। प्रशंसकों को इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार है और उम्मीद की जा रही है कि यह भी शाहरुख के करियर की एक बड़ी फिल्म साबित होगी।

  • एकाधिक वोटर आईडी मामले में अभिनेता प्रकाश राज को बड़ी राहत, बेंगलुरु कोर्ट में पेशी के बाद मिली सशर्त जमानत

    एकाधिक वोटर आईडी मामले में अभिनेता प्रकाश राज को बड़ी राहत, बेंगलुरु कोर्ट में पेशी के बाद मिली सशर्त जमानत

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के जाने-माने अभिनेता प्रकाश राज को कई वोटर आईडी कार्ड रखने के आरोपों से जुड़े एक आपराधिक मामले में बेंगलुरु की एक अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने मामले की गंभीरता और कानूनी दलीलों पर विचार करने के बाद अभिनेता को सशर्त जमानत दे दी है। इस फैसले के बाद पिछले कुछ समय से कानूनी मुश्किलों का सामना कर रहे अभिनेता को बड़ी राहत मिली है, जिनके खिलाफ अदालत में पेश न होने के कारण गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।

    यह पूरा मामला बेंगलुरु की एक मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष चल रहा है। शुक्रवार को अभिनेता प्रकाश राज खुद जज के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। उनके वकील के माध्यम से अदालत में एक विशेष याचिका दायर की गई, जिसमें पूर्व में जारी किए गए गैर-जमानती वारंट को वापस लेने और जमानत देने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद प्रकाश राज को 4000 रुपये की नकद सिक्योरिटी जमा करने के निर्देश के साथ सशर्त जमानत मंजूर कर ली।

    अदालती कार्यवाही के दौरान प्रकाश राज के कानूनी सलाहकार ने स्पष्ट किया कि उनके मुवक्किल को पूर्व में जारी किया गया कोई भी आधिकारिक वारंट प्राप्त नहीं हुआ था। अभिनेता किसी कानूनी अवहेलना के इरादे से नहीं, बल्कि मीडिया में इस संबंध में प्रकाशित खबरों को देखने के बाद स्वतः ही जिम्मेदारी लेते हुए अदालत के समक्ष उपस्थित हुए हैं। इससे पहले, बेंगलुरु के एक स्थानीय वकील के. दिलीप कुमार द्वारा दायर की गई निजी शिकायत के आधार पर अदालत ने गत 12 जून को अभिनेता के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया था।

    अभिनेता पर लगाए गए आरोपों के अनुसार, उन पर कर्नाटक समेत देश के तीन अलग-अलग राज्यों की चार विभिन्न मतदाता सूचियों में नाम दर्ज कराने का गंभीर आरोप है। शिकायतकर्ता ने अपनी 2023 की याचिका में विस्तार से बताया था कि प्रकाश राज का नाम बेंगलुरु के शांतिनगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल होने के साथ-साथ तमिलनाडु के चेन्नई स्थित वेलाचेरी विधानसभा क्षेत्र और तेलंगाना के सेरिलिंगमपल्ली विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में भी दर्ज पाया गया था।

    इस मामले के इतिहास पर नजर डालें तो शिकायतकर्ता ने सबसे पहले अप्रैल 2019 में इस विसंगति को लेकर संबंधित पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस स्तर पर कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई न होने के कारण उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। मजिस्ट्रेट अदालत ने साल 2023 में इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मामले की नियमित सुनवाई शुरू की और अभिनेता को समन जारी करने के आदेश दिए। समन तामील होने के बावजूद जब प्रकाश राज अदालत में उपस्थित नहीं हुए, तब न्यायालय को उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का कड़ा कदम उठाना पड़ा था। फिलहाल जमानत मिलने से उन्हें इस मामले में फौरी तौर पर राहत मिल गई है।

  • ग्रीस से जर्मनी जा रही फ्लाइट में बड़ा हादसा: उड़ते विमान की खिड़की टूटने से बाहर की ओर खिंचा पर्यटक, आपातकालीन लैंडिंग सफल

    ग्रीस से जर्मनी जा रही फ्लाइट में बड़ा हादसा: उड़ते विमान की खिड़की टूटने से बाहर की ओर खिंचा पर्यटक, आपातकालीन लैंडिंग सफल


    नई दिल्ली ।
    अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां ग्रीस से जर्मनी जा रहे एक यात्री विमान में उड़ान के दौरान अचानक बड़ा तकनीकी हादसा हो गया। सफर के दौरान विमान की एक खिड़की टूटकर पूरी तरह बाहर गिर गई, जिसके कारण वहां बैठे एक यात्री का आधा शरीर आसमान में बाहर की तरफ लटक गया। इस भयावह स्थिति के बाद भी यात्री की जान बेहद चमत्कारिक ढंग से बच गई, जिसने विमानन सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों को लेकर एक बार फिर नई बहस छेड़ दी है।

    यह सनसनीखेज वाकया ग्रीस के थेसालॉनिकी शहर से जर्मनी के मेम्मिनजेन जा रही रेयानएयरलाइंस की एक नियमित उड़ान के दौरान पेश आया। उड़ान भरने के कुछ समय बाद जब विमान हवा में था, तभी अचानक एक तेज धमाके जैसी आवाज हुई। ग्रीक मीडिया और तकनीकी रिपोर्टों के अनुसार, विमान के इंजन का एक हिस्सा अचानक टूट गया और हवा के भारी दबाव के कारण वह सीधे जाकर पैसेंजर केबिन की एक खिड़की से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान की मजबूत खिड़की उखड़कर हवा में विलीन हो गई।

    खिड़की के टूटते ही विमान के भीतर हवा का दबाव तेजी से कम होने लगा, जिसके कारण वहां बैठे सर्बियाई मूल के एक पर्यटक का सिर और कंधा खिड़की से बाहर की तरफ खिंच गए। इस बेहद गंभीर और जानलेवा स्थिति में यात्री के लिए सबसे बड़ा जीवनरक्षक उसकी सीट बेल्ट साबित हुई। यात्री ने अपनी सुरक्षा बेल्ट को कसकर बांध रखा था, जिसके कारण वह विमान से पूरी तरह बाहर गिरने से बच गया। चीख-पुकार के बीच आसपास बैठे अन्य सहयात्रियों ने तुरंत तत्परता दिखाई और सूझबूझ का परिचय देते हुए उस यात्री को पूरी ताकत से अंदर की तरफ खींच लिया।

    विमान में सवार चश्मदीद यात्रियों ने इस खौफनाक मंजर का अनुभव साझा करते हुए बताया कि घटना के वक्त अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। अचानक टायर फटने जैसी एक भीषण आवाज सुनाई दी और केबिन के भीतर तेज बदबू फैल गई। एक महिला यात्री के अनुसार, शुरुआत में ऐसा प्रतीत हुआ जैसे किसी ने विमान का आपातकालीन द्वार खोल दिया हो, लेकिन जब उन्होंने बगल की सीट पर देखा तो वहां एक यात्री हवा में आधा बाहर लटका हुआ था। इस अप्रत्याशित घटना से पूरे विमान में चीख-पुकार मच गई और यात्री बुरी तरह सहम गए।

    हादसे के शिकार हुए सर्बियाई पर्यटक को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। विमान के भीतर हवा के घर्षण और मलबे के कारण वह मामूली रूप से झुलस गया है, हालांकि उसकी स्थिति पूरी तरह स्थिर और खतरे से बाहर बताई गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए विमान के पायलटों ने तुरंत नियंत्रण संभाला और आपातकालीन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विमान को वापस ग्रीस के थेसालॉनिकी हवाई अड्डे की तरफ मोड़ दिया, जहां सुरक्षित परिस्थितियों में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

    विमानन कंपनी रेयानएयर ने इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए स्थिति को स्पष्ट किया है। कंपनी के प्रवक्ता के मुताबिक, सुरक्षित लैंडिंग के तुरंत बाद सभी यात्रियों को विमान से उतारकर सुरक्षित टर्मिनल में वापस लाया गया। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए एयरलाइंस द्वारा अविलंब एक वैकल्पिक विमान का प्रबंध किया गया, जिसके माध्यम से सभी मुसाफिरों को जर्मनी के लिए रवाना किया गया।

    इस गंभीर घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित तकनीकी टीमों ने मामले को अपने हाथ में ले लिया है। प्रारंभिक जांच का मुख्य बिंदु इस बात पर केंद्रित है कि आखिर उड़ान के दौरान इंजन का वह हिस्सा किस तकनीकी खराबी या धातु की थकावट के कारण टूटा, जिसने इतनी बड़ी दुर्घटना का रूप ले लिया। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत और गहन जांच जारी है।

  • होर्मुज को लेकर फिर बढ़ा तनाव….. ईरान ने दूसरा रास्ता बनाया, ट्रंप ने दिया 24 घंटे का अल्टिमेटम

    होर्मुज को लेकर फिर बढ़ा तनाव….. ईरान ने दूसरा रास्ता बनाया, ट्रंप ने दिया 24 घंटे का अल्टिमेटम


    वाशिंगटन।
    होर्मुज (Hormuz) को लेकर अमेरिका और ईरान (America and Iran) में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। पिछले चार दिनों से दक्षिणी तटीय इलाकों में धमाके हो रहे हैं। वहीं ईरान ने भी अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बंदर अब्बास, केश्म, मूसा और चाबहार जैसी पोर्ट सिटी में भी धमाके की आवाजें सुनी जा रही हैं। दो सप्ताह पहले किया गया समझौता और सीजफायर एक तरह से खटाई में पड़ गया है।

    इस बार लड़ाई होर्मुज को लेकर है। ईरान ने होर्मुज के अंदर एक अलग रास्ता बना दिया है और उसका कहना है कि इसी रास्ते से जहाजों को उसके नियंत्रण में गुजरना है। जबकि अमेरिका एक अलग कॉरिडोर चलाने के प्रयास में है। ऐसे में लड़ाई होर्मुज के अंदर अलग-अलगर रास्तों को लेकर है।

    अमेरिका ने दिया 24 घंटे का अल्टिमेटम
    अमेरिका के सुझाए रास्ते से जब जहाज गुजरते हैं तो ईरान उनपर हमला कर देता है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि होर्मुज को सार्वजनिक तौर पर खुला हुआ डिक्लेयर कर दिया जाए। अगर 24 घंटे के अंदर ऐसा नहीं किया गया तो बहुत बुरा होने वाला है। बता दें कि होर्मुज के रास्ते से ही दुनियाभर के तेल का पांचवां हिस्सा सप्लाई होता है। 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद समझौता होने तक इस रास्ते में हजारों जहाज फंसे रहे और पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा हो गया।

    अमेरिका ने कहा कि ईरान को यह संदेश क्षेत्रीय मध्यस्थों के जरिए भेज दिया गया है। ऐक्सियस की रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन चाहता है कि ईरान सार्वजनिक तौर पर ऐलान करे कि होर्मुज सबके लिए खुला है। इसके अलावा ईरान कसम खा ले कि वह किसी भी कमर्शियल शिप को निशाना नहीं बनाएगा। अमेरिका अधिकारियों ने कहा, ट्रंप यही चाहते हैं कि होर्मुज के सारे शिपिंग चैनल बिना किसी शुल्क के खोल दिए जाएं।

    अमेरिका ने कहा कि ईरान पिछले सप्ताह हुए समझौते का उल्लंघन कर रहा है। शनिवार को ओमान और ईरान के अधिकारी मस्कट में मुलाकात कर सकते हैं। अमेरिका के अधिकारी भी बैठक में शामिल हो सकते हैं। एक दिन पहले डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान ने उनसे बात करने का अनुरोध किया था और वह बात करने के लिए सहमत हो गए हैं।

    ट्रंप का यह बयान अमेरिकी वायुसेना के ईरान के प्रमुख ठिकानों पर कुछ दिन पहले की गई भीषण बमबारी के बाद आया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने ईरान के पश्चिमी हिस्से में स्थित महत्वपूर्ण बिजली उपकरण निर्माण संयंत्रों, बड़े बिजली घरों और खारे पानी को मीठा बनाने वाले तटीय बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। तब अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया था कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की उस आर्थिक और तकनीकी क्षमता को पंगु बनाना है जिसका उपयोग सैन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है।

  • राजपाल यादव से लेकर शिल्पा शेट्टी तक पैसों के विवादों में घिरे बॉलीवुड के ये चर्चित सितारे

    राजपाल यादव से लेकर शिल्पा शेट्टी तक पैसों के विवादों में घिरे बॉलीवुड के ये चर्चित सितारे


    नई दिल्ली। बॉलीवुड की चमक दमक के पीछे कई बार ऐसे विवाद भी सामने आते हैं जो लंबे समय तक सुर्खियों में बने रहते हैं। अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में तीन महीने की जेल की सजा सुनाए जाने के बाद एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री में आर्थिक विवादों की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि राजपाल यादव ऐसे पहले अभिनेता नहीं हैं जिनका नाम पैसों से जुड़े मामलों में सामने आया हो। पिछले कुछ वर्षों में कई चर्चित अभिनेता और अभिनेत्रियां भी अलग अलग वित्तीय विवादों और जांच का सामना कर चुके हैं।

    राजपाल यादव का मामला उनकी फिल्म अता पता लापता से जुड़ा है। फिल्म के निर्माण के लिए उन्होंने एक कंपनी से पांच करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी और समय पर भुगतान नहीं होने के कारण ब्याज के साथ राशि काफी बढ़ गई। इसके बाद चेक बाउंस और कर्ज अदायगी से जुड़ा मामला अदालत तक पहुंचा और अब इस मामले में उन्हें सजा सुनाई गई है।

    अभिनेता सोनू सूद का नाम भी आर्थिक मामलों में चर्चा में रह चुका है। प्रवर्तन निदेशालय ने एक कथित सट्टेबाजी ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनसे पूछताछ की थी। जांच के दौरान उनकी कुछ संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच भी किया गया था। हालांकि मामले की जांच आगे भी जारी रही।

    दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती का नाम भी शारदा चिट फंड मामले में सामने आया था। इस विवाद के बाद उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने जांच एजेंसियों के साथ सहयोग किया और अपना पक्ष भी रखा।

    अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस का नाम कथित 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कई बार सुर्खियों में रहा। उन पर आरोप है कि उन्हें आरोपी सुकेश चंद्रशेखर से महंगे उपहार और आर्थिक लाभ मिले। इसी मामले में अभिनेत्री नोरा फतेही से भी पूछताछ की जा चुकी है और उनका नाम भी जांच के दौरान सामने आया था।

    अमीषा पटेल भी एक पुराने चेक बाउंस विवाद को लेकर चर्चा में रही हैं। उन पर एक कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के बाद भुगतान से जुड़े विवाद का आरोप लगा था। इस मामले में अदालत की ओर से कार्रवाई भी हुई थी जबकि अभिनेत्री का कहना रहा कि यह मामला काफी पहले सुलझाया जा चुका है।

    अभिनेता डिनो मोरिया का नाम मीठी नदी सफाई परियोजना से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले की जांच के दौरान सामने आया। जांच एजेंसी ने उनसे पूछताछ की और मामले की जांच अभी भी विभिन्न स्तरों पर जारी है।

    श्रेयस तलपड़े भी एक कथित निवेश योजना से जुड़े विवाद में कानूनी प्रक्रिया का सामना कर चुके हैं। निवेशकों की शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। वहीं फिल्म निर्माता और निर्देशक राजकुमार संतोषी का नाम भी अलग अलग चेक बाउंस मामलों में सामने आता रहा है।

    अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा का नाम भी बिटकॉइन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में चर्चा में रहा। प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के दौरान उनकी कुछ संपत्तियों पर कार्रवाई भी की थी। हालांकि इन मामलों में कानूनी प्रक्रिया अलग अलग चरणों में चलती रही है।

    गौर करने वाली बात यह है कि किसी भी आर्थिक या वित्तीय विवाद में नाम सामने आने का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं होता। कई मामलों की जांच अभी भी जारी है जबकि कुछ मामलों में अदालतों में सुनवाई चल रही है। अंतिम निर्णय संबंधित न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माना जाता है।

  • देशभर में हो रही झमाझम बारिश….कई राज्यों में भूस्खलन और बाढ़ ने मचाई तबाही

    देशभर में हो रही झमाझम बारिश….कई राज्यों में भूस्खलन और बाढ़ ने मचाई तबाही


    नई दिल्ली।
    पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) के पहुंचने के बाद झमाझम बारिश (Heavy downpour) हो रही है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, विशेषतौर पर हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) और उत्तराखंड (Uttarakhand) में तो बारिश प्रचंड चरण में है। शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश में वर्षा जनित घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। दोनों राज्यों में मूसलाधार बारिश से नदियां और पहाड़ी नाले उफान पर हैं, बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही मचा रखी है।

    उत्तराखंड के यमुनोत्री हाईवे के साथ दोनों राज्यों में सैकड़ों सड़के बंद हैं, संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार को मूसलाधार बारिश से स्थिति इतनी भयावह हुई कि कई क्षेत्रों में स्कूलों को बंद करना पड़ा। मौसम विभाग ने इन दोनों राज्यों समेत उत्तर-पश्चिम भारत और देश के कई अन्य हिस्सों में तीन-चार दिन भार बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    हिमाचल प्रदेश में खराब मौसम की सबसे भारी मार सिरमौर और सोलन जिलों में पड़ी है। कुल्लू जिले में पहाड़ी से गिरे बड़े पत्थर की चपेट में आने से 70 वर्ष के एक व्यक्ति की जान चली गई। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर भी कई जगह भूस्खलन में लोगों के घायल होने की खबर है। त्रिपुरा में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। राज्य के उनकोटी, खोवाई और धलाई जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। बाढ़ और बारिश के कारण करीब 11 हजार लोग बेघर हो गए हैं, जबकि 4,027 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।


    देहरादून समेत सात जिलों में स्कूल बंद

    मूसलाधार बारिश के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन से उत्तराखंड में भी जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 118 सड़कें बंद हैं। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग को बारिश और बार-बार हो रहे भूस्खलन के चलते अभी तक खोला नहीं जा सका है। भारी बारिश के चलते देहरादून समेत सात जिलों में शुक्रवार को 12वीं तक के स्कूल बंद रहे। हरिद्वार जिले के भगवानपुर में उफनती नदी में डूबने से 18 साल के एक लड़के की मौत हो गई है।


    हरियाणा, पंजाब व यूपी में भारी बारिश

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान कई राज्यों में मूसलाधार बारिश हुई। हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी व पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार और पूर्वोत्तर के लगभग सभी राज्यों में भारी से बहुत बारिश (7-20 सेमी) दर्ज की गई। इन राज्यों के साथ ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा, राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात क्षेत्र, कच्छ, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, केरल, रायलसीमा, तेलंगाना और कर्नाटक के अंदरूनी इलाकों में कुछ जगहों पर 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलीं।


    वायनाड में मृतक संख्या सात हुई

    केरल के वायनाड जिले में भूस्खलन वाली जगह से शुक्रवार को एक और शव मिला, जिससे इस आपदा में मरने वालों की संख्या 7 हो गई है। बरामद शव की पहचान पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर निवासी सर्वेयर राकेश गुचैत के रूप में हुई है। उनका शव यहां मीनाक्षी पुल के पास से निकाला गया। हिमाचल प्रदेश के कंस्ट्रक्शन मैनेजर विक्रम राणा अभी भी लापता हैं। गुरुवार तक, भूस्खलन वाली जगह से छह शव बरामद किए गए थे। बता दें कि सात जुलाई को अनाक्कोम्पोयिल-मेप्पाडी टनल प्रोजेक्ट वाली जगह पर भूस्खलन हुआ था। यह टनल वायनाड और कोझिकोड जिलों को जोड़ने के लिए बनाई जा रही है।


    पुणे में इमारत में अभी भी दबे हैं आठ लोग, 30 ट्रेनों को किया गया रद्द

    मुंबई में शुक्रवार को तो बारिश से राहत मिली, लेकिन पुणे में कूड़े के पहाड़ के नीचे गिरने से दबी इमारत में अभी भी 8 लोग फंसे हुए हैं। हादसे के तीन दिन बाद भी उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका है। अधिकारियों ने बताया कि लोगों को बाहर निकालने के लिए मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। इमारत के सामने वाला हिस्सा पूरी तरह मलबे में दबा है, इसलिए लोगों को पीछे से रास्ता बनाकर निकालने की कोशिशें की जा रही हैं। भोर घाट खंड में भारी भूस्खलन के चलते मुंबई-पुणे कॉरिडोर पर रेल सेवा बाधित हुई, जिसके 17 जुलाई से पहले सुचारू होने की संभावना नहीं है। इसके चलते लंबी दूरी की 30 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।