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  • उज्जैन में रंगपंचमी पर महाकाल को चढ़ेगा केवल एक लोटा केसर जल, सुरक्षा व्यवस्था सख्त, मंदिर में प्रवेश से पहले होगी जांच

    उज्जैन में रंगपंचमी पर महाकाल को चढ़ेगा केवल एक लोटा केसर जल, सुरक्षा व्यवस्था सख्त, मंदिर में प्रवेश से पहले होगी जांच


    उज्जैन। रंगपंचमी के मौके पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में इस बार भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को केवल एक लोटा केसर युक्त जल अर्पित किया जाएगा। दो साल पहले धुलेंडी के दिन गर्भगृह में लगी आग की घटना को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह नया नियम लागू किया है।

    मंदिर प्रशासन ने बताया कि रंगपंचमी की शुरुआत सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती से होगी, जिसमें महाकालेश्वर को सिर्फ एक लोटा केसर जल अर्पित किया जाएगा। संध्या आरती के दौरान भी एक लोटा केसर जल और 500 ग्राम गुलाल अर्पित किया जाएगा। यह रंग और जल मंदिर की कोठार शाखा से पुजारियों और शासकीय पुजारियों को उपलब्ध कराया जाएगा।

    महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए इस बार भी मंदिर परिसर में रंग लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भक्तों को विशेष चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। पंडे-पुजारी और अन्य मंदिर कर्मी भी जांच के बाद ही परिसर में प्रवेश कर सकेंगे।

    समिति ने भक्तों से अनुरोध किया है कि वे मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का रंग या गुलाल न लाएं। प्रशासन ने यह व्यवस्था इसलिए की है ताकि भस्म आरती और रंगपंचमी का पर्व सुरक्षित और श्रद्धा के साथ संपन्न हो।

    मंदिर में इस बार श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश व्यवस्था भी कड़ी की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर केवल विशेष चेकिंग के बाद ही भक्तों को दर्शन के लिए प्रवेश दिया जाएगा। इस कदम से मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और पूजा-अर्चना दोनों सुनिश्चित होंगी।

  • उज्जैन में ससुराल में घुसकर हंगामा, मारपीट के बाद बहू और बच्चे को ले गए मायके पक्ष के लोग

    उज्जैन में ससुराल में घुसकर हंगामा, मारपीट के बाद बहू और बच्चे को ले गए मायके पक्ष के लोग


    उज्जैन। शहर के नाका सम्राट नगर क्षेत्र में पारिवारिक विवाद ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब बहू के मायके पक्ष के 12 से अधिक लोग देर रात ससुराल पहुंच गए। आरोप है कि सभी लोग घर में घुस आए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करते हुए बहू और उसके बच्चे को जबरन अपने साथ ले गए। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे पीड़ित परिवार ने पुलिस को सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की है।

    पीड़ित पक्ष के अनुसार शुक्रवार देर रात करीब 12 से 15 लोग अचानक उनके घर में घुस आए। पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और फिर विवाद बढ़ने पर मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि इसके बाद मायके पक्ष के लोग बहू और बच्चे को अपने साथ ले गए।

    घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। वीडियो में एक युवक यह कहते हुए सुनाई देता है कि “थाने से ले जाना”, लेकिन इसके बाद माहौल और ज्यादा गर्म हो जाता है और मारपीट शुरू हो जाती है।

    ससुर शाहबुद्दीन ने बताया कि उनके बेटे की शादी 27 नवंबर 2024 को हुई थी। शुरुआती कुछ महीनों तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन बाद में बहू का व्यवहार बदल गया और वह मायके जाने की जिद करने लगी। परिवार के अनुसार 5 जून को वह घर से मायके चली गई और लंबे समय तक वापस नहीं लौटी।

    बताया गया कि 2 मार्च 2026 को दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई गई थी, जिसके बाद समझाइश के साथ एक लिखित समझौता भी हुआ था। इसके बावजूद कुछ दिनों बाद ही मायके पक्ष के लोग फिर ससुराल पहुंच गए और विवाद बढ़ गया।

    पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की है और मारपीट का वीडियो भी सौंपा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है।

  • जबलपुर में अंधविश्वास का 'खूनी' खेल: जादू-टोना के शक में सगे भांजे ने कुल्हाड़ी से अलग किया मामा का सिर

    जबलपुर में अंधविश्वास का 'खूनी' खेल: जादू-टोना के शक में सगे भांजे ने कुल्हाड़ी से अलग किया मामा का सिर


    जबलपुर । रिश्तों की मर्यादा और मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखकर जबलपुर के ग्राम बिसनपुरा में एक ऐसा हत्याकांड हुआ, जिसने मध्य प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। 50 वर्षीय भूरालाल यादव की महज इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि उनके सगे भांजे को शक था कि मामा ‘जादू-टोना’ कर उसके परिवार को बर्बाद कर रहे हैं। बदमाशों ने कुल्हाड़ी से वार कर भूरालाल का सिर धड़ से अलग कर दिया और लाश को जंगल में फेंक दिया।

    लापता होने से ‘सरकटी लाश’ मिलने तक का सफर
    घटना की शुरुआत 4 मार्च 2026 को हुई, जब भूरालाल दोपहर का खाना खाकर घर से निकले थे। वे पेशे से खेती के साथ-साथ झाड़-फूंक का काम भी करते थे। जब वे शाम तक नहीं लौटे, तो परिजनों ने तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

    6 मार्च की शाम गांव के बाहर टहलने निकले ग्रामीणों की नजर एक क्षत-विक्षत शव पर पड़ी। मौके का मंजर भयावह था; मृतक का सिर धड़ से कई फीट दूर पड़ा था।सूचना मिलते ही कुंडम थाना प्रभारी सतीश अंधवान टीम के साथ पहुँचे और शव की शिनाख्त भूरालाल के रूप में की गई।

    वजह: ‘मामा का जादू और भांजे का प्रतिशोध’
    पुलिस जांच और मृतक के भाई नन्हेंलाल के बयानों ने हत्या की कड़ियों को जोड़ दिया भूरालाल का सगा भांजा पिट्टी उर्फ संत कुमार लंबे समय से अपने परिवार की बीमारियों और घरेलू कलह के लिए मामा के ‘जादू-टोना’ को जिम्मेदार मानता था।4 मार्च की शाम को संत कुमार और उसके साथी मधु शाह का भूरालाल से विवाद हुआ था।जब भूरालाल अपना सामान लेकर दूसरे गांव जा रहे थे, तभी रास्ते में घात लगाकर बैठे आरोपियों ने कुल्हाड़ी से उनके गले पर दो जोरदार वार किए। हमला इतना घातक था कि एक झटके में सिर अलग हो गया।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई: बांध के पास से दबोचे गए हत्यारे
    जबलपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्य जुटाए और शनिवार सुबह घेराबंदी कर दोनों मुख्य आरोपियों संत कुमार और मधु शाह को एक बांध (डेम) के पास से गिरफ्तार कर लिया।आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उन्हें यकीन था कि भूरालाल की झाड़-फूंक की वजह से ही उनका घर बर्बाद हो रहा है, इसलिए उन्होंने ‘खेल खत्म’ करने का फैसला किया।

  • सोशल मीडिया से ब्लैकमेलिंग का खेल: कंटेंट क्रिएटर बनकर अधिकारी-नेताओं से मांगता था लाखों की रंगदारी

    सोशल मीडिया से ब्लैकमेलिंग का खेल: कंटेंट क्रिएटर बनकर अधिकारी-नेताओं से मांगता था लाखों की रंगदारी


    मुरैना मुरैना जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को कंटेंट क्रिएटर बताने वाले युवक पर सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेल कर लाखों रुपये की रंगदारी मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। परिवहन अधिकारी अर्चना परिहार और सबलगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष सोनाराम धाकड़ की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी सपन जादौन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं उसके कुछ साथी अभी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

    परिवहन अधिकारी अर्चना परिहार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि आरोपी सपन जादौन ने उनके फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें भ्रष्ट अधिकारी बताते हुए बदनाम करने की कोशिश की। इसके साथ ही भ्रष्टाचार का कथित खुलासा करने की धमकी देकर पैसों की मांग की जाने लगी। अर्चना परिहार के मुताबिक, पिछले तीन महीने उनके जीवन के सबसे तनावपूर्ण रहे। उन्होंने बताया कि वह गर्भावस्था के अंतिम चरण में हैं और इस दौरान लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक दबाव ने उन्हें काफी परेशान कर दिया।

    अर्चना परिहार का आरोप है कि आरोपी और उसके साथी उनकी गतिविधियों पर नजर रखते थे और उनकी लोकेशन तक की जानकारी देते थे। कई बार ऑफिस में आकर कर्मचारियों से पूछा जाता था कि मैडम कहां गई हैं और कब लौटेंगी। उन्होंने बताया कि एक बार उन्हें संदेश भेजकर कहा गया कि अगर चार लाख रुपये दे दिए जाएं और बाबू की तरफ से दो लाख रुपये मिल जाएं तो मामला खत्म कर दिया जाएगा। लगातार मिल रही धमकियों के बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।

    इसी तरह सबलगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष सोनाराम धाकड़ ने भी आरोपी के खिलाफ रंगदारी मांगने का केस दर्ज कराया है। धाकड़ का कहना है कि सपन जादौन ने सोशल मीडिया पर उन्हें भ्रष्टाचार में लिप्त बताते हुए कई पोस्ट डालीं और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की। इसके बाद उनके बेटे के मोबाइल नंबर पर एक लिंक और क्यूआर कोड भेजकर 10 लाख रुपये की मांग की गई। जांच के लिए बेटे ने 10 हजार रुपये ट्रांसफर भी किए, लेकिन इसके बाद भी दबाव बनाया जाता रहा।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसके साथियों का तरीका लगभग एक जैसा था। वे पहले किसी अधिकारी या नेता को टारगेट बनाते, फिर उसके फोटो और अधूरी जानकारी के आधार पर सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर दबाव बनाते थे। इसके बाद संपर्क कर पैसों की मांग की जाती थी और पैसे नहीं देने पर भ्रष्टाचार का खुलासा करने की धमकी दी जाती थी।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी सपन जादौन मुरैना के कोलिया गांव का रहने वाला है और जयपुर में मार्बल का काम करता था। सोशल मीडिया के जरिए उसकी पहचान कुछ अन्य लोगों से हुई और उन्होंने मिलकर एक ग्रुप बना लिया। इस ग्रुप का मकसद कथित तौर पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर लोगों को ब्लैकमेल कर पैसा कमाना था।

    मुरैना पुलिस ने आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उसके सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • CM ने 'क्वींस ऑन द व्हील्स' को दिखाई हरी झंडी: 25 महिला सुपर बाइकर्स सात दिन में 1,400km का रोमांचक सफर करेंगी

    CM ने 'क्वींस ऑन द व्हील्स' को दिखाई हरी झंडी: 25 महिला सुपर बाइकर्स सात दिन में 1,400km का रोमांचक सफर करेंगी


    भोपाल। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास से ‘क्वींस ऑन द व्हील्स’ के तीसरे संस्करण को हरी झंडी दिखाकर फ्लैग ऑफ किया। इस कार्यक्रम के तहत देशभर से आए 25 महिला सुपर बाइकर्स मध्य प्रदेश के समृद्ध और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों की सात दिवसीय यात्रा पर रवाना हुईं।

    यह यात्रा केवल बाइकिंग का रोमांच नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, स्वतंत्रता और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। महिलाओं की इस अनूठी ट्रेल में भोपाल से खजुराहो तक लगभग 1,400 किलोमीटर का सफर शामिल है, जिसमें सांची, उदयगिरि, चंदेरी, शिवपुरी, कूनो, ग्वालियर, दतिया, ओरछा और खजुराहो जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल शामिल हैं।

    मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के एमडी डॉ. इलैया राजा टी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य प्रदेश को एक सुरक्षित, रोमांचक और विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। इसके साथ ही यह अभियान कम-ज्ञात पर्यटन स्थलों और ग्रामीण टूरिज्म सर्किट्स को प्रमुखता देगा और रिस्पॉन्सिबल ट्रैवल को बढ़ावा देगा।

    यात्रा का समापन 13 मार्च को भोपाल में होगा, जहां महिला राइडर्स अपनी साहसिक यात्रा का फाइनल उत्सव मनाएंगी।

    सफर में शामिल महिला बाइकर्स:
    महाराष्ट्र की कविता जाधव, डॉ. प्रियंका, हेतल उपाध्याय, रुकमणी, माधुरी नायक, मधु हेलचेल, कल्याणी पोटकर, डॉ. नीता, तनुप्रिया, रिद्धी, रुचिका मेघे, मैथीली सिंह, एकता खाटे, पल्लवी देशमुख, उत्तरप्रदेश से डॉ. सुमित, मध्यप्रदेश की राज नंदनी, दिव्या रमन, मयूरी सोनी, दीक्षा राकेसिया, उन्नति चौरसिया, सेजल कुशवाहा, महक बाथम, शबनम बानो, सारा खान, कर्नाटक की सोना प्रियदर्शनी, पश्चिम बंगाल की शांति घोस।

    इस तरह के आयोजन से न सिर्फ महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर देश-दुनिया में पहचान पाएगी।

  • भोपाल में भव्य ध्वज महोत्सव: श्रद्धालुओं ने किया अभिषेक और ध्वज वरघोड़ा में भक्ति का झूमता उत्सव

    भोपाल में भव्य ध्वज महोत्सव: श्रद्धालुओं ने किया अभिषेक और ध्वज वरघोड़ा में भक्ति का झूमता उत्सव


    भोपाल भोपाल के एयरपोर्ट रोड स्थित श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ श्वेतांबर जैन मंदिर में शनिवार को ध्वजा महोत्सव का आयोजन भव्य रूप से हुआ। मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास और भक्ति का माहौल नजर आया।

    मंदिर समिति के अध्यक्ष आई.एल. मेहता ने बताया कि आचार्य मुक्ति सागर सूरीश्वर महाराज और आचार्य अचल मुक्ति सागर महाराज के सानिध्य में मूलनायक शंखेश्वर पार्श्वनाथ जिन प्रतिमाओं का विधिपूर्वक अभिषेक और पूजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर नमोकार मंत्र का सामूहिक जाप किया और धार्मिक लाभ प्राप्त किया।

    पूजन के बाद भव्य ध्वज वरघोड़ा निकाला गया। इस दौरान श्रद्धालु प्रभु भक्ति में झूमते और नृत्य करते हुए आगे बढ़े, जिससे पूरे इलाके में धार्मिक उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास का माहौल बन गया।

    कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिसमें भक्तिमय गीत और जैन धर्म से जुड़ी कथाएं प्रस्तुत की गईं। मंदिर समिति ने पूरे आयोजन को आकर्षक साज-सज्जा और सुरक्षा इंतजाम के साथ संपन्न कराया।

    इस अवसर पर चेंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री ललित तातेड, श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ के अध्यक्ष राजेश तातेड, श्री आदिनाथ संघ तुलसी नगर के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र कोठारी, महिला मंडल की शिल्पा कोठारी सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

    महोत्सव में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजन धर्म, संस्कृति और भक्ति को जीवंत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और यह नए युवाओं को धार्मिक मूल्यों और सामाजिक एकता से जोड़ते हैं।

  • चैत्र नवरात्रि 2026: 19 मार्च से शुरू, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और देवी आगमन की खास बातें

    चैत्र नवरात्रि 2026: 19 मार्च से शुरू, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और देवी आगमन की खास बातें

    नई दिल्ली । साल में चार नवरात्रि आती हैं लेकिन चैत्र और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026 को पड़ेगी जिसे हिंदू नव वर्ष की शुरुआत के रूप में भी माना जाता है। इस साल चैत्र नवरात्रि गुरुवार 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक रामनवमी के साथ समाप्त होंगे। यह नौ दिन का पर्व भक्तों के लिए मां भगवती के नौ स्वरूपों की पूजा और आराधना का अवसर लेकर आता है जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आती है।

    चैत्र नवरात्रि की शुरुआत प्रतिपदा तिथि से होती है। 19 मार्च गुरुवार सुबह 6.52 बजे से प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी और 20 मार्च शुक्रवार सुबह 4.52 बजे समाप्त होगी। धार्मिक मान्यता अनुसार उदया तिथि के आधार पर नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से मानी जाएगी। इस दिन से भक्त मां दुर्गा के नौ रूपों की नौ दिनों तक पूजा अर्चना करेंगे।

    नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना का विशेष महत्व है। इस दिन देवी के आवाहन के लिए घर या मंदिर में कलश स्थापित किया जाता है। साल 2026 में कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। पहला मुहूर्त सुबह 6.52 बजे से 7.43 बजे तक रहेगा जबकि दूसरा मुहूर्त दोपहर 12.5 बजे से 12.53 बजे तक रहेगा। इन दोनों समयों में श्रद्धालु अपनी विधिपूर्वक पूजा और कलश स्थापना कर सकते हैं।

    नवरात्रि से पहले देवी आगमन का तरीका भी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस साल मां दुर्गा का आगमन डोली पर नहीं होगा क्योंकि गुरुवार से नवरात्रि प्रारंभ होने के कारण इसे अशुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता अनुसार डोली पर देवी का आगमन अस्थिरता और समाज तथा राजनीति में उथल पुथल का संकेत माना जाता है। इसके विपरीत इस वर्ष मां दुर्गा का गमन हाथी पर होगा जिसे शुभ और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। हाथी पर गमन सुख समृद्धि और अच्छी वर्षा का संकेत देता है जिससे पूरे देश में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है।

    इस बार की विशेषता यह है कि चैत्र नवरात्रि में किसी भी तिथि का क्षय या वृद्धि नहीं होगी। यानी पूरे नौ दिनों तक श्रद्धालु बिना किसी बाधा के मां दुर्गा के नौ अलग अलग रूपों की पूजा कर सकेंगे। 19 मार्च से 27 मार्च तक चलने वाले इन नवरात्रियों में भक्तों को मां के पूरे नौ दिन की आराधना करने का अवसर मिलेगा।

    चैत्र नवरात्रि 2026 श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक शांति समृद्धि और घर में खुशहाली का संदेश लेकर आ रहा है। कलश स्थापना से लेकर देवी आगमन तक हर चरण में धार्मिक मान्यताओं का पालन करना शुभ फलदायी माना गया है। इसलिए इस नवरात्रि पर भक्त अपने घर या मंदिर में विधिपूर्वक पूजा कर घर में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य की प्राप्ति कर सकते हैं।

  • मध्य प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना में बड़ा ड्रॉप आउट, केवल 20% बेटियां ही बन पाएंगी लखपति

    मध्य प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना में बड़ा ड्रॉप आउट, केवल 20% बेटियां ही बन पाएंगी लखपति


    भोपाल । मध्य प्रदेश में बेटियों के सशक्तिकरण और लिंगानुपात सुधारने के उद्देश्य से वर्ष 2007 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई लाड़ली लक्ष्मी योजना अब गंभीर समीक्षा के दौर में है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि योजना में शामिल बेटियों का सफर आधे रास्ते में ही रुक जाता है।

    कक्षा 5वीं उत्तीर्ण करने के बाद लगभग 52% बेटियां पढ़ाई छोड़ देती हैं। कक्षा 6वीं में छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाली कुल 13 67 897 बालिकाओं में से कक्षा 9वीं तक पहुंचने पर संख्या घटकर 7 06 123 रह जाती है। यानी करीब 48% बेटियां मध्य विद्यालय में ही सिस्टम से बाहर हो जाती हैं। यह गिरावट हायर सेकेंडरी में और तेज हो जाती है। कक्षा 11वीं में केवल 2 72 443 और 12वीं में 1 56 378 बेटियां ही छात्रवृत्ति की पात्र बचती हैं।

    स्नातक स्तर तक पहुंचने वाली बेटियों की संख्या और भी कम है। कुल पंजीकृत लाड़लियों में से केवल 22 022 छात्राएं कॉलेज तक पहुंच पाई हैं और यही वो संख्या है जिन्हें योजना के तहत निर्धारित 1 लाख 43 हजार रुपए की पूरी राशि मिलने की संभावना है। यानी लगभग 80% बेटियां लखपति बनने की दौड़ में पीछे रह जाती हैं।

    पढ़ाई छोड़ने का मुख्य कारण योजना की पात्रता नियमों में बताया गया है। विभाग के अनुसार केवल वही बालिकाएं छात्रवृत्ति की पात्र होती हैं जो कक्षा 5वीं पास कर कक्षा 6वीं में प्रवेश लेती हैं और अन्य सभी शर्तें पूरी करती हैं। वर्तमान स्थिति के अनुसार दिसंबर 2025 तक योजना के तहत कुल 813.20 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा उन लाड़लियों का डेटा भी विभाग एकत्रित कर रहा है जिन्हें पंजीकरण के बावजूद छात्रवृत्ति नहीं मिली।

    योजना के तहत आर्थिक सहायता इस प्रकार दी जाती है: कक्षा 6वीं में प्रवेश पर 2 000 रुपए कक्षा 9वीं में 4 000 रुपए कक्षा 11वीं में 6 000 रुपए कक्षा 12वीं में 6 000 रुपए और ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन/व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश पर 25 000 रुपए। इसके अलावा बालिका की उम्र 21 वर्ष पूरी होने 12वीं उत्तीर्ण करने और निर्धारित आयु में विवाह होने पर 1 लाख रुपए की अंतिम किश्त सरकार द्वारा दी जाती है।

    योजना के इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि शुरुआती उत्साह के बावजूद बेटियों का लखपति बनने का सपना आधे रास्ते में ही टूट रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि dropout रोकने के लिए स्कूल स्तर पर निरंतर निगरानी परिवारों को जागरूक करना और समय पर छात्रवृत्ति वितरण जरूरी है ताकि लाड़लियों का शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा सके।

  • घरेलू गैस सिलेंडर महंगे, ईरान-इजराइल जंग के चलते सप्लाई संकट का खतरा; सरकार ने LPG उत्पादन बढ़ाने का इमरजेंसी आदेश दिया

    घरेलू गैस सिलेंडर महंगे, ईरान-इजराइल जंग के चलते सप्लाई संकट का खतरा; सरकार ने LPG उत्पादन बढ़ाने का इमरजेंसी आदेश दिया



    नई दिल्ली। देश में घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में अचानक बढ़ोतरी हुई है। 14.2 किग्रा वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 913 रुपए हो गई है, जो पहले 853 रुपए में मिलती थी। वहीं, 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम 1883 रुपए हो गए हैं, यानी 115 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी 7 मार्च से लागू हो गई है।

    अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का असर
    सरकार ने गैस के दामों में इजाफा ऐसे वक्त में किया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ रहा है और देश में रसोई गैस की किल्लत की आशंका जताई जा रही है।

    एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश
    इस खतरे को देखते हुए 5 मार्च को सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया। अब रिफाइनरियां प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी। सभी कंपनियों को सप्लाई सरकारी तेल कंपनियोंIOC, HPCL और BPCLको करनी होगी। इसका मकसद आम जनता को बिना रुकावट सिलेंडर उपलब्ध कराना है।

    सप्लाई संकट की दो बड़ी वजहें
    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का लगभग बंद होना
    भारत अपनी जरूरत का लगभग 50% कच्चा तेल और 54% LNG स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए आयात करता है। यह 167 किमी लंबा जलमार्ग फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के चलते यह रूट अब सुरक्षित नहीं है, जिससे तेल टैंकर नहीं गुजर रहे।

    कतर के LNG प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद प्रोडक्शन रुका
    अमेरिका-इजराइल के स्ट्राइक के जवाब में ईरान ने UAE, कतर, कुवैत और सऊदी में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। इसके बाद कतर ने अपने LNG प्लांट का प्रोडक्शन रोक दिया। भारत अपनी सालाना LNG जरूरत का लगभग 40% हिस्सा कतर से ही मंगाता है।सरकार अब इस संकट को देखते हुए एलपीजी उत्पादन बढ़ाकर घरेलू आपूर्ति को सुरक्षित बनाने में जुट गई है।

  • यूपी डिप्टी CM केशव मौर्य के हेलिकॉप्टर में हड़कंप: 2000 फीट की ऊंचाई पर डिस्प्ले बंद, अंदर धुआं भरते ही की इमरजेंसी लैंडिंग

    यूपी डिप्टी CM केशव मौर्य के हेलिकॉप्टर में हड़कंप: 2000 फीट की ऊंचाई पर डिस्प्ले बंद, अंदर धुआं भरते ही की इमरजेंसी लैंडिंग


    नई दिल्ली। लखनऊ से कौशांबी के लिए उड़ान भर रहे यूपी के डिप्टी CM केशव मौर्य का हेलिकॉप्टर शनिवार सुबह संकट में फंस गया। उड़ान शुरू होने के 15 मिनट बाद ही हेलिकॉप्टर का डिस्प्ले अचानक बंद हो गया और अंदर धुआं भरने लगा।

    पायलट ने तुरंत लखनऊ एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचित किया और इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी। हेलिकॉप्टर उस समय 50 किलोमीटर दूर बछरावां तक पहुंच चुका था। अनुमति मिलते ही पायलट ने विमान को वापस लखनऊ की ओर मोड़ा।

    सुरक्षित लैंडिंग के लिए फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस तैनात
    सुबह 11.15 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर हेलिकॉप्टर को सुरक्षित उतारा गया। हेलिकॉप्टर में केशव मौर्य समेत कुल 6 लोग सवार थे—दो पायलट, एक एडवाइजर, एक क्लास फोर स्टाफ और सुरक्षा गार्ड।

    2000 फीट की ऊंचाई पर तकनीकी खराबी
    लखनऊ के ला मार्टिनियर स्कूल ग्राउंड से उड़ान भरते ही हेलिकॉप्टर ने 2000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा। तभी पायलट को तकनीकी खराबी का पता चला। एयरपोर्ट से अनुमति लेकर हेलिकॉप्टर को लौटाया गया।

    केशव मौर्य अब दूसरे हेलिकॉप्टर से कौशांबी रवाना हुए, जहां वे दो दिवसीय सरस महोत्सव का उद्घाटन करेंगे।

    यूपी सरकार का हेलिकॉप्टर, नागरिक उड्डयन विभाग जिम्मेदार
    हेलिकॉप्टर यूपी सरकार का है और इसकी जिम्मेदारी नागरिक उड्डयन विभाग के पास है। इस विभाग के निदेशक ईशान प्रताप सिंह हैं, जो सीएम के विशेष सचिव भी हैं।

    पहले भी हो चुकी हैं इमरजेंसी लैंडिंग
    केशव मौर्य के हेलिकॉप्टर में पहले भी तीन बार तकनीकी खराबी आ चुकी है:

    28 फरवरी 2022: कुशीनगर में ईंधन की कमी के कारण इमरजेंसी लैंडिंग।
    14 फरवरी 2019: आजमगढ़ दौरे पर उड़ान भरते ही खराबी, सुरक्षित लखनऊ लैंडिंग।
    30 मार्च 2018: आजमगढ़ से लखनऊ लौटते समय फुरसतगंज में इमरजेंसी लैंडिंग।
    इस घटना ने एक बार फिर सरकारी उड़ानों और तकनीकी जांच की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।