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  • मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत नाबालिग की शादी की दलील इलाहाबाद HC ने की रद्द, कहा- कानून सबसे ऊपर

    मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत नाबालिग की शादी की दलील इलाहाबाद HC ने की रद्द, कहा- कानून सबसे ऊपर


    नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिगों के विवाह से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ की व्यवस्थाएं बाल विवाह निषेध अधिनियम (PCMA) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम जैसे केंद्रीय कानूनों से ऊपर नहीं हो सकतीं। अदालत ने कहा कि देश में विवाह की न्यूनतम आयु से संबंधित कानून सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होते हैं, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।

    जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस अचल सचदेव की खंडपीठ ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ में भले ही यौवन (प्यूबर्टी) को विवाह योग्य आयु माना गया हो, लेकिन यह प्रावधान बाल विवाह निषेध अधिनियम और पॉक्सो कानून के प्रभाव को समाप्त नहीं कर सकता। अदालत ने यह भी कहा कि पॉक्सो अधिनियम बच्चों के साथ यौन संबंधों को अपराध की श्रेणी में रखता है और किसी भी व्यक्तिगत कानून के आधार पर इससे छूट नहीं दी जा सकती।

    बुलंदशहर की घटना से जुड़ा मामला
    यह टिप्पणी अदालत ने रूबी और अन्य 18 लोगों की उस याचिका को खारिज करते हुए की, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का है, जहां 16 वर्षीय मुस्लिम किशोरी का बाल विवाह रुकवाने पहुंची पुलिस और चाइल्डलाइन की रेस्क्यू टीम पर हमला करने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप याचिकाकर्ताओं पर है।

    याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी थी कि शरिया कानून के अनुसार लड़की के यौवन प्राप्त करने के बाद, जिसे सामान्यतः 15 वर्ष माना जाता है, उसका विवाह कराया जा सकता है। उनका कहना था कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 उनके व्यक्तिगत कानून पर लागू नहीं होता।

    हाईकोर्ट ने दलील को किया खारिज
    अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि यदि 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति के विवाह को वैध माना जाए, तो वैवाहिक संबंधों के चलते पॉक्सो अधिनियम का सीधा उल्लंघन होगा। इसलिए किसी भी व्यक्तिगत कानून के आधार पर बाल विवाह को वैध नहीं ठहराया जा सकता।

    खंडपीठ ने माना कि इस विषय पर विभिन्न उच्च न्यायालयों के अलग-अलग दृष्टिकोण रहे हैं, लेकिन उसने केरल हाईकोर्ट के उस मत से सहमति जताई, जिसमें कहा गया है कि कोई भी पर्सनल लॉ बाल विवाह पर लगे कानूनी प्रतिबंध को समाप्त नहीं कर सकता।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी किया उल्लेख
    हाईकोर्ट ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2025 के एक आदेश का भी उल्लेख किया। अदालत ने कहा कि बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक, 2021 संसद में लंबित रहने के दौरान इस विषय पर कुछ कानूनी प्रश्न उठे थे। हालांकि, 17वीं लोकसभा के भंग होने के साथ ही यह विधेयक स्वतः समाप्त हो गया और इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है।

    एफआईआर रद्द करने से किया इनकार
    अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि मामले में नाबालिग के परिजनों और अन्य लोगों द्वारा कानून का उल्लंघन किया गया है। साथ ही पुलिस और चाइल्डलाइन की टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी अधिकारियों के कार्य में बाधा डालने, उनके साथ अभद्रता और हमला करने के आरोपों की विस्तृत जांच आवश्यक है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने 1 जुलाई को दिए अपने आदेश में एफआईआर रद्द करने से इनकार करते हुए सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।

  • गुरुवार पूजा विधि से मिलेगा भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति का आशीर्वाद सुख समृद्धि और तरक्की के खुलेंगे नए द्वार

    गुरुवार पूजा विधि से मिलेगा भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति का आशीर्वाद सुख समृद्धि और तरक्की के खुलेंगे नए द्वार


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी देवता को समर्पित माना गया है। गुरुवार का विशेष महत्व भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की आराधना के लिए माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करने से जीवन में आर्थिक उन्नति वैवाहिक सुख संतान का कल्याण और ज्ञान की प्राप्ति होती है। जिन लोगों की कुंडली में बृहस्पति कमजोर होता है या विवाह शिक्षा और करियर में लगातार बाधाएं आती हैं उनके लिए गुरुवार का व्रत और पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।

    गुरुवार की शुरुआत प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करने से करें। स्नान के बाद साफ और संभव हो तो पीले रंग के वस्त्र धारण करें क्योंकि पीला रंग देवगुरु बृहस्पति का प्रिय माना जाता है। इसके बाद घर के मंदिर की साफ सफाई करें और भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं। पूजा में पीले फूल हल्दी चंदन केले चने की दाल पीले फल और बेसन या बूंदी के लड्डू का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है।

    पूजा के दौरान भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए विष्णु सहस्रनाम विष्णु चालीसा या श्री हरि के मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करें। देवगुरु बृहस्पति की कृपा प्राप्त करने के लिए बृहस्पति मंत्र का जप भी किया जा सकता है। पूजा के अंत में आरती करें और परिवार के सभी सदस्यों को प्रसाद वितरित करें। यदि संभव हो तो इस दिन केले के वृक्ष की पूजा भी करें और उसके पास दीपक जलाकर जल अर्पित करें। धार्मिक मान्यताओं में इसे अत्यंत शुभ माना गया है।

    गुरुवार के व्रत में सात्विक भोजन करने का विशेष महत्व बताया गया है। कई श्रद्धालु दिनभर उपवास रखकर केवल एक समय भोजन ग्रहण करते हैं। इस दिन पीले रंग के भोजन जैसे चने की दाल बेसन से बने व्यंजन केसर युक्त खीर या केला खाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि गुरुवार के दिन तामसिक भोजन और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए ताकि पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो सके।

    धार्मिक परंपराओं के अनुसार इस दिन जरूरतमंद लोगों को पीले वस्त्र हल्दी चने की दाल केला या पीले रंग की मिठाई का दान करना भी शुभ माना जाता है। दान और सेवा के कार्यों से भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति दोनों प्रसन्न होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    गुरुवार के दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी जाती है। कई धार्मिक मान्यताओं में इस दिन बाल और नाखून नहीं कटवाने तथा अनावश्यक क्रोध और कटु वचन से बचने की बात कही गई है। परिवार में प्रेम और सौहार्द बनाए रखना भी इस दिन की पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

    यदि श्रद्धा विश्वास और नियम के साथ प्रत्येक गुरुवार भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा की जाए तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जीवन में सुख समृद्धि सम्मान ज्ञान और सफलता के नए अवसर प्राप्त होते हैं। पूजा का सबसे महत्वपूर्ण आधार सच्ची आस्था सकारात्मक सोच और अच्छे कर्म हैं क्योंकि यही जीवन में स्थायी खुशहाली और शांति का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

  • शरद पवार की शिंदे से मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल, महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज

    शरद पवार की शिंदे से मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल, महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज


    मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा परिसर में मंगलवार को हुई एक मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से विधान भवन में मुलाकात की। औपचारिक तौर पर इसे शिष्टाचार भेंट माना जा रहा है, लेकिन इसके समय और परिस्थितियों को देखते हुए इसे राजनीतिक नजरिए से भी अहम माना जा रहा है।

    शरद पवार महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद के मुद्दे पर महाराष्ट्र एकीकरण समिति की बैठक में शामिल होने के लिए विधान भवन पहुंचे थे। बैठक के बाद वे सीधे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटील, जितेंद्र आव्हाड और शशिकांत शिंदे भी मौजूद थे।

    उस समय एकनाथ शिंदे कैबिनेट बैठक में व्यस्त थे, लेकिन पवार के पहुंचने की जानकारी मिलते ही उन्होंने बैठक बीच में रोककर उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच करीब 15 मिनट तक बातचीत हुई। राजनीतिक हलकों में इसे शिंदे की ओर से शरद पवार के प्रति सम्मान और संवाद की पहल के रूप में देखा जा रहा है।

    मुलाकात के बाद शिंदे दोबारा कैबिनेट बैठक में लौट गए, जबकि शरद पवार कुछ देर तक उनके कार्यालय में रुककर अपने विधायकों के साथ चर्चा करते रहे।

    हाल के दिनों में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह सांसद एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हुए थे। इसके बाद यह अटकलें भी लगाई जा रही थीं कि शिंदे की नजर अब शरद पवार गुट के जनप्रतिनिधियों पर भी हो सकती है। ऐसे माहौल में पवार का स्वयं शिंदे के कार्यालय पहुंचना कई राजनीतिक संदेशों से जोड़कर देखा जा रहा है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुलाकात से शरद पवार ने अपने विधायकों और नेताओं को यह संकेत देने की कोशिश की कि पार्टी नेतृत्व हर राजनीतिक गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। इससे संभावित टूट-फूट की अटकलों के बीच पार्टी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों का मनोबल बनाए रखने का प्रयास भी माना जा रहा है।

    इस मुलाकात को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए भी एक अप्रत्यक्ष राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। फडणवीस के बजाय सीधे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात कर पवार ने यह संकेत दिया कि वे सत्ता पक्ष के सभी प्रमुख नेताओं के साथ संवाद बनाए रखने की क्षमता रखते हैं। राजनीतिक मामलों में बातचीत के रास्ते खुले रखने की रणनीति शरद पवार की पहचान मानी जाती है।

    हालांकि, इस 15 मिनट की बातचीत में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसका खुलासा अब तक किसी भी पक्ष ने नहीं किया है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषक इस मुलाकात को आगामी राजनीतिक समीकरणों और रणनीतियों से जोड़कर देख रहे हैं। आने वाले दिनों में ही इस मुलाकात के वास्तविक राजनीतिक मायने स्पष्ट हो सकेंगे।

  • राजस्थान: सरकारी नौकरी के लिए आयुषी ने रची साजिश, भाई को जमीन का दिया लालच, बोलीं- बस..मां को मरवा दे

    राजस्थान: सरकारी नौकरी के लिए आयुषी ने रची साजिश, भाई को जमीन का दिया लालच, बोलीं- बस..मां को मरवा दे


    जयपुर । राजस्थान में जयपुर के एयरपोर्ट कॉलोनी में ढाई साल पहले कोर्ट में एलडीसी विजय वशिष्ठ उर्फ विजय शर्मा ने घर बनाया था जिसमें पत्नी निरज शर्मा, बेटी आयुषी शर्मा और मानसिक रूप से कमज़ोर बेटे के साथ रहता था. एक साल पहले विजय शर्मा की मौत हो जाती है. तब बेटी आयुषी शर्मा ने 12 th पास किया था. जब पिता की जगह अनुकंपा पर नौकरी करने की बारी आई तो बेटी ने कहा कि मुझे नौकरी दे दो. मां तैयार भी हो गई. लेकिन निरज शर्मा का भाई और आयुषी का मामा भी अपने जीजा जी के साथ लोअर कोर्ट में एलडीसी था उसने बहन को कहा कि तुम भी पढ़ी लिखी हो. तुम्हारी जिंदगी पड़ी है और 16 साल का बेटा मानसिक दिव्यांग है उसकी देख भाल कौन करेगा. बेटी को पढ़ा लिखा कर लायक बना देंगे. मां ने दिव्यांग बेटे के खातिर पति की जगह नौकरी कर ली.

    चचेरे भाई के साथ रहने लगी आयुषी
    इससे नाराज होकर 24 साल की बेटी आयुषी पिता के कल्याण कॉलोनी स्थित पुराने घर में जाकर रहने लगी और अपने ताऊ मोहन स्वरूप शर्मा के बेटे बलराम के साथ एलएलबी में एडमिशन ले लिया. दोनों चचेरे भाई बहन साथ रहने लगे. उसी दौरान आयुषी ने कहा कि मुझे अपनी मां को मारना है. अगर तुम मेरी मदद करोगे तो आगरा रोड की पांच करोड़ की पांच बीघा जमीन और भरतपुर के पांच करोड़ की चार बीघा जमीन तुझे दे दूंगी. मुझे मां के मरने के बाद नौकरी मिल जाएगी और जयपुर का दोनों घर मेरे पास हैं. डील तय होने के बाद दोनों ने निरज शर्मा के जेठ और बलराम के पिता मोहन को यह बात बताई.

    मां को घर से बाहर लाने के लिए टोटके
    आयुषी ने प्लान बनाया कि मां को गाड़ी से कुचलकर मार देंगे और हादसे का रूप दे देंगे. इसके बाद निरज शर्मा के जेठ मोहन शर्मा ने भरतपुर में हेमंत शर्मा से संपर्क साधा. एक महीने पहले हेमंत ने थार गाड़ी से निरज को घर के बाहर कुचलने की कोशिश की मगर निरज बच गई. मगर उसे शक हो गया था. उसने यह बात अपने भाई को बताई और घर से निकलना बंद कर दिया. उसके बाद मां को घर से निकालने के लिए आयुषी ने नए नए टोना टोटके के तरीके अपनाना शुरू किया. निंबू – मिर्चा और लाल रंग फेंकना शुरू कर दिया. निरज समझ गई थी खतरा है तो उसने पूरे घर में जाली लगाकर बाहर चार सीसीटीवी कैमरे लगा दिए थे.

    सुपारी किलर को दिए 7 लाख
    आयुषी को मां को मारने की जल्दी थी उसने फिर से अपने ताऊ को कहा प्लान बनाओ. ताउ मोहन शर्मा ने भरतपुर के रूपावास के हेमंत शर्मा से संपर्क किया. हेमंत ने उनको प्लान दिया और उसके बदले 7 लाख रूपए मांगे. फिर हेमंत ने हरियाणा नंबर का स्कॉर्पियो भरतपुर से 35 हजार में किराए पर ली और निरजा को कुचलने के लिए आकाश शर्मा और अरविंद शर्मा को हायर किया. निरज के रैकी के लिए रोहित और मोहित को हायर किया गया.

    मामा से रोते हुए बोली- मां मर गई है
    4 जुलाई को जब निरज अपने बेटे को लेकर फिजियोथैरेपिस्ट के यहां गई थी तो बेटी ने उसे जरूरी काम से घर आने के लिए कहा. निरज जब घर लौट रही थी तो 60 फीट पर रोड पर मोटरसाइकिल पर बैठे मोहित और रोहित ने इंतज़ार कर रहे स्कॉर्पियो में बैठे आकाश को इशारा किया. आकाश ने गाड़ी को सौ से ज्यादा की स्पीड से किनारे चल रही निरजा को टक्कर मारी जिससे वो 100 मीटर उछल कर गिरी और मौत हो गई. मां के मरने के बाद बेटी ने मामा को रोते हुए फोन किया कि मां का एक्सीडेंट हो गया और वो मर गई. ताउ तुरंत घर पहुंचा और शव को लेकर गांव रूपावास चले गए. मगर मामा को भांजी के हाव भाव को देखकर शक हुआ तो पुलिस से केवल इतना ही कहा कि एक्सीडेंट की जांच कर लो.

    पुलिस ने जब सीसीटीवी को खंगालना शुरू किया तो देखा निरज शर्मा तो सड़क पर बिल्कुल हीं किनारे चल रही थी और 60 फीट की चौड़ी सड़क पूरी खाली थी. पुलिस को शक गहराया तो आसपास के दूसरे सीसीटीवी खँगालना शुरू किया तो देख कि कुछ दूरी पर स्कॉर्पियो काफी पहले से खड़ी थी. दो लड़के दो सड़कों पर खड़े थे.

    …रुके भी नहीं पास में मौजूद लड़के?
    हादसे के बाद दोनों लड़के निरजा के शव को देखे बिना सीधे निकल जाते हैं और आगे जाकर एक मोटरसाइकिल सवार के साथ बैठकर निकल जाते है. पुलिस सीसीटीवी तलाशती आगे बढ़ी तो क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो मिला. जब स्कॉर्पियो के मालिक को पकड़ा तो उसने हेमंत शर्मा को किराये पर देना बताया. फिर हेमंत शर्मा को पकड़ा तो उसने आयुषी के ताउ मोहन शर्मा का नाम बताया. इस बीच चचेरा भाई बलराम भाग गया. पुलिस जब गांव रूपावास पहुंची तो कानून के छात्र आयुषी ने पुलिस को धमकाना शुरू कर दिया. फिर पुलिस ने भरतपुर के सेवर थाने के पुलिसकर्मियों और गांव वालों की मदद से आयुषी को उसके ताई के साथ थाने तक ये कहकर लाए कि बयान लेकर छोड़ देंगे. फिर ताई को घर भेजकर सीधे जयपुर लेकर आए जहाँ आरोपियों के सामने देख आयुषी ने सब क़ुबूल कर लिया.आयुषी को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है . पुलिस को उल्टे सीधे जवाब देती है. आजतक के कैमरे पर हमने उससे बहुत पूछना चाहा लेकिन बेहद शातिर आयुषी ने कुछ नहीं बोला.

  • खून की कमी से बचने के लिए बदलें खानपान की आदतें, आयरन युक्त सुपरफूड्स और विटामिन C से मिल सकता है बेहतर पोषण

    खून की कमी से बचने के लिए बदलें खानपान की आदतें, आयरन युक्त सुपरफूड्स और विटामिन C से मिल सकता है बेहतर पोषण

    नई दिल्ली । शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य बनाए रखना अच्छे स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हीमोग्लोबिन रक्त का वह प्रमुख घटक है जो शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य करता है। जब इसका स्तर कम होने लगता है तो व्यक्ति को लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सांस फूलना और दैनिक कार्यों में ऊर्जा की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। महिलाओं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं में यह समस्या अपेक्षाकृत अधिक देखने को मिलती है। ऐसे में संतुलित और पोषणयुक्त आहार अपनाना स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, केवल आयरन ही नहीं बल्कि फोलेट, विटामिन बी12 और विटामिन सी भी शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण और आयरन के बेहतर अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए भोजन में ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए जो इन सभी आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर हों। यदि लंबे समय तक हीमोग्लोबिन का स्तर कम बना रहे तो चिकित्सकीय जांच और उचित उपचार भी आवश्यक होता है।

    पालक को आयरन, फोलेट और विटामिन ए का अच्छा स्रोत माना जाता है। नियमित रूप से पालक की सब्जी, सूप या अन्य रूपों में इसका सेवन शरीर को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है। इसके साथ विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ लेने से आयरन के अवशोषण में भी सहायता मिल सकती है। इसी तरह चुकंदर में आयरन, फोलेट और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांकि केवल चुकंदर के सेवन से ही हीमोग्लोबिन बढ़ने का दावा वैज्ञानिक रूप से पर्याप्त नहीं माना जाता, इसलिए संतुलित आहार सबसे महत्वपूर्ण है।

    अनार भी पोषण से भरपूर फलों में शामिल है। इसमें आयरन के साथ विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को आवश्यक पोषण देने में सहायक हो सकते हैं। वहीं गुड़ और भुना चना पारंपरिक रूप से लोकप्रिय संयोजन हैं। गुड़ में सीमित मात्रा में आयरन होता है जबकि भुना चना प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है। हालांकि मधुमेह के मरीजों को गुड़ का सेवन चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।

    दालें, राजमा, लोबिया और चना जैसे खाद्य पदार्थ आयरन तथा प्रोटीन से भरपूर होते हैं। इन्हें नियमित भोजन का हिस्सा बनाने से शरीर को आवश्यक पोषण मिल सकता है। अंकुरित अनाज और दालें भी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी मानी जाती हैं। इसके अलावा खजूर और किशमिश जैसे सूखे मेवों में आयरन सहित कई महत्वपूर्ण खनिज पाए जाते हैं, जो सीमित मात्रा में सेवन करने पर ऊर्जा और पोषण प्रदान कर सकते हैं।

    आयरन युक्त भोजन के साथ संतरा, मौसमी, आंवला, नींबू और अमरूद जैसे विटामिन सी से भरपूर फलों का सेवन भी लाभकारी माना जाता है क्योंकि ये शरीर में आयरन के अवशोषण को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना आवश्यक है। यदि लगातार कमजोरी, चक्कर आना या हीमोग्लोबिन कम रहने की शिकायत बनी रहे तो स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेकर उचित जांच और उपचार कराना सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय माना जाता है।

  • Skin Care Tips: महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट छोड़िए दही से करें प्राकृतिक स्किन केयर हर मौसम में मिलेगा ग्लोइंग और हेल्दी चेहरा

    Skin Care Tips: महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट छोड़िए दही से करें प्राकृतिक स्किन केयर हर मौसम में मिलेगा ग्लोइंग और हेल्दी चेहरा


    नई दिल्ली । दही भारतीय रसोई का ऐसा खाद्य पदार्थ है जो स्वाद और सेहत दोनों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह त्वचा की देखभाल के लिए भी किसी प्राकृतिक ब्यूटी ट्रीटमेंट से कम नहीं है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड प्रोटीन कैल्शियम विटामिन बी और प्राकृतिक प्रोबायोटिक्स त्वचा को पोषण देने के साथ उसे साफ मुलायम और चमकदार बनाने में मदद करते हैं। नियमित और सही तरीके से दही का उपयोग करने से त्वचा की कई सामान्य समस्याओं से राहत मिल सकती है और महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर निर्भरता भी कम हो सकती है।

    दही का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह त्वचा को गहराई से मॉइस्चराइज करता है। जिन लोगों की त्वचा रूखी और बेजान रहती है उनके लिए दही एक बेहतरीन प्राकृतिक मॉइस्चराइजर का काम करता है। चेहरे पर दही की पतली परत लगाकर लगभग पंद्रह से बीस मिनट तक छोड़ने के बाद सादे पानी से धोने पर त्वचा पहले से अधिक मुलायम और ताजगी भरी महसूस होती है।

    गर्मी और धूप के कारण होने वाली टैनिंग को कम करने में भी दही काफी असरदार माना जाता है। इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है जिससे चेहरा साफ और चमकदार दिखाई देता है। यदि दही में थोड़ा सा बेसन या चावल का आटा मिलाकर फेस पैक बनाया जाए तो त्वचा की गहराई से सफाई होती है और प्राकृतिक निखार बढ़ता है।

    मुंहासों और ऑयली स्किन से परेशान लोगों के लिए भी दही लाभकारी हो सकता है। दही में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया त्वचा का संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं जबकि इसका हल्का एक्सफोलिएटिंग प्रभाव रोमछिद्रों की सफाई करने में सहायक होता है। हालांकि जिन लोगों की त्वचा बहुत अधिक संवेदनशील है उन्हें पहले त्वचा के एक छोटे हिस्से पर इसका परीक्षण कर लेना चाहिए।

    अगर चेहरे पर हल्के दाग धब्बे या पिगमेंटेशन की समस्या है तो दही में थोड़ा सा शहद या हल्दी मिलाकर लगाया जा सकता है। यह मिश्रण त्वचा को पोषण देने के साथ रंगत को निखारने में मदद कर सकता है। नियमित उपयोग से त्वचा अधिक स्वस्थ और समान रंग की दिखाई देने लगती है। आंखों के नीचे की थकान कम करने के लिए भी ठंडे दही का हल्का प्रयोग किया जा सकता है जिससे त्वचा को ठंडक और ताजगी मिलती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक उपाय तभी प्रभावी होते हैं जब उनका नियमित और संतुलित उपयोग किया जाए। दही का इस्तेमाल सप्ताह में दो से तीन बार करना पर्याप्त माना जाता है। चेहरे पर लगाने से पहले त्वचा को अच्छी तरह साफ कर लें और उपयोग के बाद हल्के गुनगुने या सामान्य पानी से चेहरा धो लें। यदि किसी प्रकार की एलर्जी जलन या त्वचा संबंधी गंभीर समस्या हो तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है।

    स्वस्थ और चमकदार त्वचा केवल बाहरी देखभाल से नहीं बल्कि संतुलित आहार पर्याप्त पानी नियमित नींद और स्वस्थ जीवनशैली से भी जुड़ी होती है। दही को अपने भोजन और स्किन केयर रूटीन दोनों में शामिल करके त्वचा को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ और दमकता हुआ बनाए रखा जा सकता है।

  • एमपी में मानसूनी गतिविधियां जारी, आज ग्वालियर-चंबल समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    एमपी में मानसूनी गतिविधियां जारी, आज ग्वालियर-चंबल समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और प्रदेशभर में लगातार बारिश का दौर जारी है। कहीं तेज तो कहीं रुक-रुककर हो रही वर्षा के कारण कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। बुधवार को 20 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे कई सड़कें और संपर्क मार्ग बाधित हो गए।

    मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भिंड जिले में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, आगर-मालवा और रतलाम में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

    इसके अलावा नीमच, उज्जैन, शाजापुर, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना जिलों में भी भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में प्रदेश के उत्तरी हिस्से में तेज बारिश का असर सबसे अधिक देखने को मिल सकता है।

    भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में बारिश के आसार
    गुरुवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में भी बारिश होने का अनुमान है।

    कई जिलों में उफान पर रहे नदी-नाले
    बुधवार को लगातार हुई बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में नदी-नाले उफान पर रहे। सेंधवा के ग्रामीण इलाकों में जलभराव और तेज बहाव के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ।

    मौसम विभाग के अनुसार दमोह में पौने दो इंच, नर्मदापुरम में 1.1 इंच तथा खजुराहो और टीकमगढ़ में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। जबलपुर, खरगोन और बैतूल में करीब आधा इंच वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा दतिया, धार, ग्वालियर, खंडवा, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, सागर, सतना, सिवनी, बालाघाट, मंदसौर, शाजापुर, पन्ना, बड़वानी, देवास और सीहोर में भी अच्छी बारिश हुई।

    तापमान में आई गिरावट
    लगातार बारिश के कारण प्रदेशभर में अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई। पांच प्रमुख शहरों में इंदौर का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर 28.5 डिग्री, उज्जैन 29.2 डिग्री, ग्वालियर 29.7 डिग्री और भोपाल 30.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान सीधी में 33.6 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम छिंदवाड़ा में 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

    सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
    इस बार जून महीने में प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने के बावजूद सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। हालांकि जुलाई के शुरुआती आठ दिनों में हुई तेज बारिश ने यह कमी पूरी कर दी है।

    अब तक मध्य प्रदेश में कुल 223.7 मिमी (करीब 9 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य 202.5 मिमी (8.1 इंच) वर्षा से 10 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अब भी सामान्य से 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में औसत से 30 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

  • Aaj Ka Rashifal 9 July 2026: कुंभ राशि वालों की बढ़ेगी आय और मजबूत होगा बजट, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

    Aaj Ka Rashifal 9 July 2026: कुंभ राशि वालों की बढ़ेगी आय और मजबूत होगा बजट, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल


    नई दिल्ली । 9 जुलाई 2026 का दैनिक राशिफल। जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए करियर, कारोबार, धन, परिवार, स्वास्थ्य और प्रेम जीवन के लिहाज से कैसा रहेगा गुरुवार का दिन।
    मेष
    आज आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक मामलों में सोच समझकर निर्णय लें। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

    वृषभ
    नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। पुराने रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। खर्चों पर नियंत्रण रखें। जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे।

    मिथुन
    आज दिन व्यस्त रहेगा लेकिन मेहनत का पूरा लाभ मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह आपके लिए फायदेमंद साबित होगी।

    कर्क
    पारिवारिक मामलों में धैर्य बनाए रखें। भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला न लें। कार्यक्षेत्र में सहयोगियों का साथ मिलेगा। सेहत को लेकर लापरवाही न करें।

    सिंह
    भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में पद और प्रतिष्ठा बढ़ने के योग हैं। व्यापार में लाभ की स्थिति बनेगी। किसी शुभ समाचार से परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।

    कन्या
    आज आर्थिक मामलों में सतर्कता जरूरी है। निवेश करने से पहले अच्छी तरह विचार करें। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी। यात्रा के योग बन सकते हैं।

    तुला
    साझेदारी के कार्यों में सफलता मिल सकती है। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। नए लोगों से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित होगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

    वृश्चिक
    आज धैर्य और संयम से काम लेना होगा। अनावश्यक विवादों से बचें। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

    धनु
    करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। विद्यार्थियों को सफलता मिलने के संकेत हैं। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।

    मकर
    आज संपत्ति और निवेश से जुड़े मामलों में लाभ मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। परिवार में सुख शांति बनी रहेगी।

    कुंभ
    आज का दिन आर्थिक दृष्टि से बेहद शुभ रहने वाला है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और आपका बजट पहले की तुलना में अधिक मजबूत होगा। नौकरी और व्यापार में लाभ मिलेगा। लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिलने के योग हैं। परिवार में खुशियां रहेंगी और भविष्य की योजनाओं पर काम आगे बढ़ेगा।

    मीन
    आज सोच समझकर फैसले लेने की आवश्यकता है। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य और खानपान का विशेष ध्यान रखें। शाम का समय परिवार के साथ आनंदपूर्वक बीतेगा।

    आज का शुभ रंग: आसमानी
    आज का शुभ अंक: 7

  • पूजा घर में भूलकर भी न रखें ये चीजें, ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा पर पड़ सकता है असर

    पूजा घर में भूलकर भी न रखें ये चीजें, ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा पर पड़ सकता है असर

    नई दिल्ली । भारतीय परंपरा में घर का मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं माना जाता, बल्कि इसे आस्था, आध्यात्मिकता और सकारात्मक वातावरण का केंद्र भी समझा जाता है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार पूजा स्थल की स्वच्छता, व्यवस्था और पवित्रता का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि यदि मंदिर में अनावश्यक या अशुभ मानी जाने वाली वस्तुएं जमा हो जाएं तो उसका प्रभाव घर के वातावरण पर पड़ सकता है। हालांकि इन मान्यताओं का वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है और इन्हें धार्मिक एवं सांस्कृतिक विश्वासों के रूप में ही देखा जाता है।

    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार भगवान को अर्पित किए गए फूल और मालाएं श्रद्धा का प्रतीक होती हैं, लेकिन जब वे पूरी तरह सूख जाएं या मुरझा जाएं तो उन्हें लंबे समय तक मंदिर में रखना उचित नहीं माना जाता। ऐसी वस्तुओं को समय-समय पर हटाकर ताजे फूल अर्पित करने की परंपरा कई परिवारों में आज भी निभाई जाती है। इससे पूजा स्थल स्वच्छ और व्यवस्थित बना रहता है।

    पूजा घर में कैंची, चाकू, सुई, पिन या अन्य नुकीली वस्तुएं रखने से भी बचने की सलाह दी जाती है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन वस्तुओं को पूजा स्थल की सात्विकता के अनुकूल नहीं माना जाता। इसलिए सुविधा के लिए भी इन्हें मंदिर में रखने के बजाय अलग स्थान पर रखना बेहतर समझा जाता है।

    शंख को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी से जुड़ा पवित्र प्रतीक माना जाता है। कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सामान्य पूजा के लिए एक शंख पर्याप्त माना जाता है। बिना किसी विशेष धार्मिक परंपरा या अनुष्ठान के एक से अधिक शंख रखने की सलाह नहीं दी जाती। हालांकि विभिन्न संप्रदायों और धार्मिक परंपराओं में इस विषय पर अलग-अलग मान्यताएं भी देखने को मिलती हैं।

    दीपक या अगरबत्ती जलाने के बाद बची हुई जली माचिस की तीलियां, राख या अन्य अवशेषों को भी पूजा स्थल में छोड़ना उचित नहीं माना जाता। नियमित सफाई करने और इन वस्तुओं को तुरंत हटाने की परंपरा का उद्देश्य मंदिर की स्वच्छता बनाए रखना माना जाता है। स्वच्छ वातावरण न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, बल्कि सामान्य स्वास्थ्य और साफ-सफाई के लिए भी लाभकारी होता है।

    इसी प्रकार खंडित मूर्तियों या फटी हुई धार्मिक तस्वीरों को भी पूजा घर में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि किसी कारणवश मूर्ति खंडित हो जाए तो अनेक धार्मिक परंपराओं में उसका सम्मानपूर्वक विसर्जन या उचित धार्मिक विधि से स्थानांतरण करने की बात कही जाती है। इसे आस्था और श्रद्धा के सम्मान से जोड़कर देखा जाता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि पूजा स्थल को प्रतिदिन साफ रखना, नियमित रूप से दीप प्रज्वलित करना, ताजे फूल अर्पित करना और अनावश्यक वस्तुओं को हटाना अच्छी धार्मिक परंपरा मानी जाती है। साथ ही यह भी समझना आवश्यक है कि जीवन में आर्थिक प्रगति, मानसिक शांति और पारिवारिक सुख केवल वास्तु या ज्योतिषीय मान्यताओं पर निर्भर नहीं होते। मेहनत, अनुशासित जीवनशैली, सही निर्णय और सकारात्मक सोच भी सफलता तथा समृद्धि के महत्वपूर्ण आधार माने जाते हैं।

  • रीढ़ को मजबूत और मन को शांत रखने का आसान मंत्र है सरल धनुरासन जानिए सही तरीका और जबरदस्त फायदे

    रीढ़ को मजबूत और मन को शांत रखने का आसान मंत्र है सरल धनुरासन जानिए सही तरीका और जबरदस्त फायदे


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करना मोबाइल और लैपटॉप का लगातार उपयोग तथा शारीरिक गतिविधियों की कमी लोगों को कम उम्र में ही पीठ दर्द गर्दन की अकड़न और रीढ़ से जुड़ी समस्याओं की ओर धकेल रही है। ऐसे समय में योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन जीने का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। योग विशेषज्ञों के अनुसार सरल धनुरासन ऐसा योगासन है जो पूरे शरीर को सक्रिय करने के साथ रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही कारण है कि आयुष मंत्रालय भी लोगों को नियमित रूप से इस योगासन का अभ्यास करने के लिए प्रेरित कर रहा है।

    सरल धनुरासन शरीर को धनुष के आकार में लाने वाला आसन है। यह पीठ कंधों कमर और पैरों की मांसपेशियों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। नियमित अभ्यास से शरीर की जकड़न धीरे धीरे कम होने लगती है और रीढ़ में लचीलापन बढ़ता है। यह आसन केवल शारीरिक मजबूती ही नहीं देता बल्कि मानसिक तनाव को कम करने और मन को शांत रखने में भी सहायक माना जाता है। दिनभर की थकान और तनाव के बाद इसका अभ्यास शरीर में नई ऊर्जा का संचार करता है।

    योग विशेषज्ञ बताते हैं कि सरल धनुरासन करने के लिए सबसे पहले समतल स्थान पर योगा मैट बिछाकर पेट के बल लेट जाएं। इसके बाद दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ें और हाथों से टखनों को पकड़ लें। अब गहरी सांस लेते हुए धीरे धीरे सिर छाती और घुटनों को ऊपर उठाएं। पैरों को पीछे की ओर खींचते हुए शरीर को धनुष जैसी आकृति में लाएं। इस स्थिति में कुछ सेकंड तक सामान्य सांस लेते हुए बने रहें। इसके बाद धीरे धीरे सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में लौट आएं और शरीर को आराम दें। शुरुआत में इस आसन को कम समय तक करें और धीरे धीरे अभ्यास की अवधि बढ़ाएं।

    इस योगासन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है शरीर का लचीलापन बढ़ता है पीठ और कंधों की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं तथा रक्त संचार बेहतर होता है। यह पाचन तंत्र को सक्रिय करने में भी मदद करता है और शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ाता है। मानसिक रूप से भी यह आसन तनाव चिंता और थकान को कम करने में उपयोगी माना जाता है जिससे व्यक्ति अधिक शांत और सकारात्मक महसूस करता है।

    हालांकि किसी भी योगासन की तरह सरल धनुरासन करते समय सावधानी रखना भी जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को गंभीर कमर दर्द रीढ़ की गंभीर समस्या हर्निया उच्च रक्तचाप हाल ही में हुई सर्जरी या गर्भावस्था जैसी स्थिति हो तो बिना विशेषज्ञ की सलाह के इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए। अभ्यास के दौरान शरीर पर अनावश्यक दबाव डालने या झटके से ऊपर उठने की कोशिश नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे चोट लगने का खतरा बढ़ सकता है।

    योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरल धनुरासन को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए और संतुलित खानपान तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाई जाए तो यह शरीर और मन दोनों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। रोजाना कुछ मिनट का यह अभ्यास न केवल रीढ़ को मजबूत बनाता है बल्कि व्यक्ति को तनावमुक्त ऊर्जावान और अधिक सक्रिय जीवन जीने में भी मदद करता है।