Blog

  • कृषि कैबिनेट बैठक में दूरी दिखी, विजयवर्गीय इंदौर में त्रिपुरा सीएम से मिले, प्रहलाद भोपाल में रहे

    कृषि कैबिनेट बैठक में दूरी दिखी, विजयवर्गीय इंदौर में त्रिपुरा सीएम से मिले, प्रहलाद भोपाल में रहे


    नई दिल्ली। बड़वानी में आयोजित मध्य प्रदेश की कृषि कैबिनेट बैठक में मंत्रियों की अनुपस्थिति ने राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल बैठक में शामिल नहीं हुए। इस दौरान प्रहलाद पटेल दिनभर भोपाल में मौजूद रहे, जबकि कैलाश विजयवर्गीय आलीराजपुर के भगोरिया मेले में भाग लेने के बाद इंदौर में पहुंचे और वहां त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा से मुलाकात की।

    सोमवार को बड़वानी में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शारीरिक रूप से बैठक में हिस्सा नहीं लिया। वे सुबह आलीराजपुर में भगोरिया उत्सव में मौजूद रहे, जहां उन्होंने नागर सिंह चौहान और सांसद अनीता चौहान के साथ आदिवासी परंपराओं का सम्मान किया। दोपहर में इंदौर पहुंचे विजयवर्गीय ने त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा से मुलाकात की और रात को इंदौर के फाग उत्सव में भाग लिया।

    वहीं, मंत्री प्रहलाद पटेल भोपाल में रहे और वहां बीजेपी किसान मोर्चा के नए प्रदेश महामंत्री कप्तान सिंह यादव से मिले। इस दौरान कप्तान सिंह ने पटेल से आशीर्वाद लिया और फोटो सोशल मीडिया पर साझा की। प्रहलाद पटेल ने दमोह की जरारूधाम गौ अभ्यारण्य के कोषाध्यक्ष सुशील गुप्ता से भी मुलाकात की और शाम को विदिशा के लिए रवाना हुए।

    शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल ने अलग-अलग मुलाकातें की थीं। माना जा रहा है कि विधानसभा बजट सत्र के दौरान विजयवर्गीय के बयानों से मंत्री और मुख्यमंत्री के बीच अंदरूनी खींचतान चल रही है।

    सोमवार को आलीराजपुर भगोरिया मेले में विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कैलाश विजयवर्गीय के बीच वाक विवाद भी देखने को मिला। सिंघार ने “औकात” वाले बयान को लेकर विजयवर्गीय से सवाल किए, जबकि विजयवर्गीय ने कहा कि वे राजनीति करने नहीं, बल्कि भगोरिया उत्सव और आदिवासी समाज को सम्मान देने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से हर आदिवासी परिवार को सालाना 30–50 हजार रुपए का लाभ मिल रहा है।

    इससे स्पष्ट है कि कृषि कैबिनेट की बैठक के दौरान मंत्री दोनों अलग-अलग कार्यों और स्थानों में व्यस्त रहे, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से दूरी का संदेश गया। वहीं, भगोरिया मेले और त्रिपुरा सीएम से मुलाकात से विजयवर्गीय की सक्रियता और संपर्क भी दिखा।

  • ग्वालियर में चंद्र ग्रहण: मंदिर बंद, सुबह 6:20 से शाम 6:46 तक सूतक काल, दर्शन और पूजा वर्जित

    ग्वालियर में चंद्र ग्रहण: मंदिर बंद, सुबह 6:20 से शाम 6:46 तक सूतक काल, दर्शन और पूजा वर्जित


    ग्वालियर। ग्वालियर में पहला खग्रास चंद्र ग्रहण 2026: मंदिर बंद, दर्शन वर्जित, सूतक काल जारी
    ग्वालियर में 3 मार्च 2026 को साल का पहला खग्रास चंद्र ग्रहण देखने को मिलेगा। ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:46 बजे समाप्त होगा। ग्रहण के प्रभाव से जुड़े सूतक काल की शुरुआत सुबह 6:20 बजे से हो चुकी है, जिसके दौरान धार्मिक मान्यता के अनुसार पूजा, आरती और मूर्तियों का स्पर्श वर्जित माना गया है। इस अवधि में मंदिरों के पट बंद रहेंगे और श्रद्धालु केवल घर पर या सुरक्षित स्थानों से मंत्र जाप कर सकते हैं।

    ग्वालियर के प्रमुख मंदिरों जैसे राम मंदिर फालका बाजार, अचलेश्वर मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, गुरुद्वारा महादेव और संकट मोचन हनुमान मंदिर में सुबह की आरती के बाद पट बंद कर दिए गए। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में होगा और लगभग 28 मिनट तक दिखाई देगा। इस दौरान गर्भवती महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और रोगी विशेष सावधानी बरतें और नुकीली या धारदार वस्तुओं का प्रयोग न करें।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, ग्रहण के दौरान खाना बनाना और भोजन करना वर्जित होता है क्योंकि इस समय भोजन के दूषित होने की संभावना मानी जाती है। लोग पहले से बना भोजन तुलसी के पत्तों के साथ सुरक्षित रखते हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों में विधिपूर्वक शुद्धिकरण किया जाएगा। गंगाजल से साफ-सफाई के बाद आरती और भोग का आयोजन किया जाएगा। इस समय स्नान, दान और मंत्र जाप करने का विशेष महत्व है।

    वैज्ञानिक दृष्टि से चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। खग्रास स्थिति में चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आ जाता है, जिससे वह लालिमा लिए दिखाई देता है। इस समय सूर्य की किरणें पृथ्वी द्वारा रोकी जाती हैं और चंद्रमा के सतह पर केवल पृथ्वी की छाया पड़ती है।

    ग्वालियर में इस ग्रहण को लेकर प्रशासन और मंदिर समिति ने भी श्रद्धालुओं को सतर्क किया है। लोगों से कहा गया है कि वे ग्रहण काल में मंदिरों में जाने से बचें और घर पर रहकर सुरक्षित पूजा-अर्चना करें। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि ग्रहण के दौरान संयम और सावधानी बनाए रखने से नकारात्मक प्रभाव कम होता है।

    इस प्रकार, ग्वालियर में 12 घंटे तक चलने वाला सूतक काल और खग्रास चंद्र ग्रहण श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण है। ग्रहण के बाद शुद्धिकरण, दान, मंत्र जाप और स्नान के माध्यम से पुण्य और सकारात्मक ऊर्जा अर्जित करने की परंपरा है।

  • बाजार की गिरावट में छिपा है कमाई का मौका? एक्सपर्ट्स ने बताया क्यों नहीं घबराना चाहिए और क्या हो अगली रणनीति

    बाजार की गिरावट में छिपा है कमाई का मौका? एक्सपर्ट्स ने बताया क्यों नहीं घबराना चाहिए और क्या हो अगली रणनीति


    नई दिल्ली :भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला कुछ समय काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला। पिछले मात्र दो सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी में 2.5 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की करीब 11 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति पलक झपकते ही साफ हो गई। सोमवार को सेंसेक्स जहाँ 1,000 अंकों से ज्यादा टूटा, वहीं निफ्टी में भी 300 अंकों की बड़ी गिरावट आई। बाजार में घबराहट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ‘इंडिया विक्स’ (India VIX) इंडेक्स 25 फीसदी से ज्यादा उछलकर 17.13 पर पहुंच गया, जो निकट भविष्य में तेज उतार-चढ़ाव का स्पष्ट संकेत है।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट टर्म में गिरावट की आशंका बनी हुई है, लेकिन भारत की बुनियादी स्थिति यानी ‘मैक्रो स्टोरी’ अभी भी बहुत मजबूत है। आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर की तन्वी कंचन और पीएल कैपिटल के विक्रम कसाट जैसे जानकारों का कहना है कि जनवरी में 1.71 लाख करोड़ रुपये का शानदार जीएसटी कलेक्शन और सरकारी बैंकों के मजबूत तिमाही नतीजे इस बात के सबूत हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था सही दिशा में है। श्रीराम वेल्थ के नवल कगलवाला के अनुसार, पश्चिम एशिया का संकट भारत के लिए एक अवसर भी बन सकता है। जब वैश्विक बाजार असुरक्षित महसूस करते हैं, तो भारत जैसे मजबूत घरेलू मांग वाले देश ‘सेफ हेवन’ बनकर उभरते हैं। पिछले शुक्रवार के आंकड़े बताते हैं कि जहाँ विदेशी निवेशकों ने बिकवाली की, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 12,293 करोड़ रुपये की बड़ी खरीदारी करके बाजार को सहारा देने की कोशिश की।

    मौजूदा हालातों में एक्सपर्ट्स निवेशकों को संयम और अनुशासन बरतने की सलाह दे रहे हैं। विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि यह घबराहट में आकर अपनी होल्डिंग्स बेचने का समय नहीं है। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करें, कर्ज लेकर निवेश (लेवरेज पोजीशन) करने से बचें और अपने रिस्क मैनेजमेंट पर ध्यान केंद्रित करें। एसआईपी SIP के माध्यम से निवेश करने वालों के लिए यह संदेश है कि वे अपना निवेश जारी रखें, क्योंकि ऐतिहासिक रूप से ऐसी ही गिरावटें लंबी अवधि में संपत्ति निर्माण Wealth Creation का आधार बनती हैं। रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजित मिश्रा ने भी निवेशकों को सावधानी बरतने और फिलहाल अपनी पोजीशन को हल्का रखने की सलाह दी है।

  • मध्य प्रदेश में नया आदेश: मंत्री खुद लिखेंगे अपने स्टाफ की गोपनीय वार्षिक रिपोर्ट, सिर्फ 7 दिन में जमा करना अनिवार्य

    मध्य प्रदेश में नया आदेश: मंत्री खुद लिखेंगे अपने स्टाफ की गोपनीय वार्षिक रिपोर्ट, सिर्फ 7 दिन में जमा करना अनिवार्य


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने मंत्रालयीन कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (सीआर) को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। अब मंत्री स्थापना में पदस्थ कर्मचारियों की सीआर सीधे संबंधित मंत्री द्वारा लिखी जाएगी, जिससे उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन सीधे जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा हो सके।

    इस आदेश के अनुसार 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए सीआर रिपोर्ट सिर्फ एक हफ्ते में तैयार कर जमा करनी होगी। यह रिपोर्ट 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि को कवर करेगी।

    सीआर तैयार करने वाले कर्मचारी और प्रक्रिया:

    सहायक अनुभाग अधिकारी: रिपोर्ट अनुभाग अधिकारी लिखेंगे, अवर सचिव और उप सचिव जांच करेंगे, अपर सचिव अंतिम मंजूरी देंगे।

    सहायक ग्रेड-1: अनुभाग अधिकारी लिखेंगे, अवर सचिव और उप सचिव जांच करेंगे, अपर सचिव मंजूरी देंगे।

    सहायक ग्रेड-2, ग्रेड-3 और स्टेनोटायपिस्ट: अनुभाग अधिकारी लिखेंगे, अवर सचिव जांच करेंगे, उप सचिव फाइनल करेंगे।

    निज सहायक: जिन अधिकारी के साथ पदस्थ हैं, वही उनकी सीआर लिखेंगे और फाइनल मंजूरी देंगे।

    मंत्री स्थापना में पदस्थ कर्मचारी: संबंधित मंत्री खुद रिपोर्ट लिखेंगे और फाइनल मंजूरी भी देंगे।

    लक्ष्य और महत्व:
    इस नए आदेश का मकसद सीआर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और मंत्रालयीन कर्मचारियों के प्रदर्शन और कार्यकुशलता का सीधे मूल्यांकन करना है। यह कदम मंत्री स्तर पर निगरानी बढ़ाने और कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

  • तिहाड़ में मैं हर पल मौत मांगती थी': एक्ट्रेस संदीपा विर्क का छलका दर्द, जेल की गंदी दीवारों के पीछे बिताए वो 4 भयानक महीने

    तिहाड़ में मैं हर पल मौत मांगती थी': एक्ट्रेस संदीपा विर्क का छलका दर्द, जेल की गंदी दीवारों के पीछे बिताए वो 4 भयानक महीने


    नई दिल्ली :ग्लेमर की चकाचौंध और लाखों फॉलोअर्स की लोकप्रियता के पीछे कभी-कभी ऐसे काले अध्याय छिपे होते हैं, जो किसी की भी रूह कंपा दें। ‘हनी ट्रैप स्क्वाड’ और साउथ की बड़ी फिल्मों में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस, इन्फ्लुएंसर और कॉस्मेटिक एक्सपर्ट संदीपा विर्क ने हाल ही में अपने जीवन के सबसे अंधकारमय समय का खुलासा किया है। पिछले साल अगस्त में प्रवर्तन निदेशालय ईडी द्वारा 6 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार होने के बाद, संदीपा को देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली ‘तिहाड़ जेल’ में चार महीने बिताने पड़े। सिमरन जोत मक्कर के साथ एक भावुक बातचीत में संदीपा ने जेल के उन दिनों को याद किया, जहाँ वे मानसिक और शारीरिक रूप से इस कदर टूट गई थीं कि खुद के लिए मौत की दुआ मांगने लगी थीं।

    संदीपा ने भरे गले से बताया कि तिहाड़ जेल का अनुभव किसी नरक से कम नहीं था। उन्होंने जेल के अमानवीय हालातों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के वॉशरूम इस कदर गंदे थे कि उन्हें देखकर ही उनकी हिम्मत जवाब दे जाती थी। कैदियों को जमीन पर सोना पड़ता था और खाने की गुणवत्ता बेहद खराब थी। संदीपा के अनुसार, वहां बिताए वक्त ने उनके स्वास्थ्य पर इतना बुरा असर डाला कि वे बिना किसी सहारे के खड़ी होने में भी असमर्थ हो गई थीं। उन्होंने बताया कि जेल में कुछ महिला पुलिसकर्मी तो दयालु थीं, लेकिन कुछ का व्यवहार कैदियों के प्रति बेहद क्रूर था। संदीपा ने कहा, “मैं भगवान से पूछती थी कि मैंने ऐसा क्या किया है जो मुझे ये दिन देखने पड़ रहे हैं, तिहाड़ ऐसी जगह है जहाँ मैं अपने दुश्मनों को भी कभी न भेजूं।”

    इस पूरे मामले में सबसे अधिक भावनात्मक क्षण वह होता था जब उनके वृद्ध माता-पिता उनसे मिलने जेल आते थे। संदीपा ने रोते हुए कहा कि उन्हें उस समय सबसे ज्यादा ग्लानि महसूस होती थी कि उनकी वजह से उनके परिवार को जेल की दहलीज लांघनी पड़ रही है। उन्होंने अपने भाई-बहन और माता-पिता के प्रति आभार व्यक्त किया जो इस कठिन दौर में उनके साथ चट्टान की तरह खड़े रहे। संदीपा का दावा है कि वे पूरी तरह निर्दोष हैं और उन्हें धोखाधड़ी के एक ऐसे मामले में फंसाया गया है जिससे उनका सीधा लेना-देना नहीं था।

    एक्ट्रेस ने यह भी साझा किया कि जेल जाने के बाद फिल्म इंडस्ट्री का असली चेहरा उनके सामने आ गया। कई करीबी दोस्तों और बड़े प्रोड्यूसर्स ने उन्हें अनफॉलो कर दिया और उनसे दूरी बना ली। बता दें कि ईडी ने संदीपा को 14 अगस्त, 2025 को गिरफ्तार किया था और करीब चार महीने हिरासत में रहने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने 27 दिसंबर, 2025 को उन्हें जमानत दी। कोर्ट ने माना कि मुकदमा लंबा चल सकता है और वे पहले ही काफी समय जेल में बिता चुकी हैं। फिलहाल संदीपा खुद को निर्दोष साबित करने की जंग लड़ रही हैं और अपने ‘कर्मा’ पर विश्वास रखते हुए जीवन की नई शुरुआत करने की कोशिश कर रही हैं।

  • RTO ई-चालान बनकर आया साइबर ठगों का जाल: युवक के खाते से उड़ाए 2.12 लाख, मोबाइल हुआ हैंग

    RTO ई-चालान बनकर आया साइबर ठगों का जाल: युवक के खाते से उड़ाए 2.12 लाख, मोबाइल हुआ हैंग


    नई दिल्ली। ग्वालियर के थाटीपुर क्षेत्र में 27 फरवरी को हुई साइबर ठगी ने लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया। निजी कंपनी में कर्मचारी शशांक गुप्ता को वॉट्सऐप पर एक अनजान नंबर से ‘RTO ई-चालान कॉपी’ नाम की APK फाइल भेजी गई। शशांक ने फाइल खोलते ही मोबाइल हैंग हो गया, और कुछ ही समय बाद उनके बैंक खाते से कुल 2.12 लाख रुपए गायब हो गए।

    घटना का क्रम
    शशांक ने फाइल खोलते ही मोबाइल लगभग 7-8 मिनट तक हैंग हो गया।

    एक घंटे बाद मोबाइल पर संदेश आया कि कैश निकासी हुई-89 हजार, 60 हजार और 63 हजार रुपए ट्रांसफर।

    शशांक तुरंत बैंक पहुंचे, जहां उन्हें पता चला कि उनके खाते से रकम साइबर ठगी के माध्यम से निकाली गई।

    पहले थाने में शिकायत का समाधान नहीं हुआ, लेकिन साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद थाटीपुर थाना ने ई-जीरो FIR दर्ज की।

    पुलिस की जांच और चेतावनी
    थाटीपुर थाना पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने बताया कि ठगों ने APK फाइल में मैलवेयर इंस्टॉल किया। इसके जरिए बैंक खातों से रकम चुराई गई।
    पुलिस ने आम जनता से चेतावनी दी कि:

    वॉट्सऐप या SMS में आने वाली APK फाइल न खोलें।

    RTO चालान की जानकारी केवल सरकारी वेबसाइट या अधिकृत ऐप से ही जांचें।

    सीख और सुरक्षा
    यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि साइबर ठगी के लिए झूठे ई-चालान और फाइलें कितनी खतरनाक हो सकती हैं। सावधानी और अधिकारिक चैनल का इस्तेमाल ही सुरक्षा की कुंजी है।

  • मिडिल ईस्ट वॉर का खौफनाक असर: ओमान में दो जहाजों पर हमला, 3 भारतीय क्रू मेंबर्स की जान गई; तेल की कीमतों में लगी आग

    मिडिल ईस्ट वॉर का खौफनाक असर: ओमान में दो जहाजों पर हमला, 3 भारतीय क्रू मेंबर्स की जान गई; तेल की कीमतों में लगी आग


    नई दिल्ली :पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष अब समुद्री व्यापारिक मार्गों के लिए काल बनता जा रहा है। इजरायल-अमेरिका के हमलों और ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मृत्यु के बाद प्रतिशोध की आग में जल रहे ईरान ने ओमान की समुद्री सीमा में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया है। इस दुखद घटना में कम से कम तीन भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने इस त्रासदी की पुष्टि करते हुए बताया कि ‘एमकेडी व्योम’ MKD VYOM नामक जहाज पर सवार तीन भारतीयों ने अपनी जान गंवा दी है। दूतावास अब ओमान प्रशासन के साथ मिलकर फंसे हुए अन्य भारतीयों को सुरक्षित निकालने के अभियान में जुटा है।

    जानकारी के मुताबिक, ‘एमकेडी व्योम’ पर मार्शल आइलैंड्स का झंडा लगा था और यह मस्कट तट से लगभग 52 नॉटिकल माइल्स की दूरी पर था, जब इस पर हमला हुआ। टक्कर के बाद जहाज के मुख्य इंजन कक्ष में जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे भीषण आग लग गई। ओमान न्यूज एजेंसी के अनुसार, समुद्री सुरक्षा केंद्र के समन्वय से चलाए गए बचाव अभियान में पनामा के टैंकर ‘एमवी सैंड’ की मदद से चालक दल के 21 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इन बचाए गए सदस्यों में 16 भारतीय, चार बांग्लादेशी और एक यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। वर्तमान में ओमान की ‘रॉयल नेवी’ का पोत क्षतिग्रस्त टैंकर की निगरानी कर रहा है ताकि उस क्षेत्र से गुजरने वाले अन्य जहाजों को किसी भी संभावित खतरे से बचाया जा सके।

    यह हमला पिछले दो दिनों में हुई दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में ‘एमवी स्काईलाइट’ नामक तेल टैंकर को भी निशाना बनाया गया था, जिसमें भारत और ईरान के चार चालक सदस्य घायल हुए थे। भारतीय मिशन वर्तमान में उन दो सदस्यों की तलाश के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है जो इस हमले के बाद से लापता हैं, जिनमें से एक भारतीय बताया जा रहा है। समंदर में बढ़ते इस खतरे का सीधा असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण मार्ग के प्रभावित होने से कच्चे तेल की कीमतों में 7.6% से 8.6% तक का उछाल आया है, वहीं कतर द्वारा उत्पादन रोके जाने से यूरोप में प्राकृतिक गैस की कीमतें 40% तक बढ़ गई हैं।

  • भोपाल का हड़कंप: पूर्व रेलकर्मी राजेश तिवारी का हिडन कैमरा वीडियो वायरल, मंत्री विश्वास सारंग और RSS पर लगाए गंभीर आरोप

    भोपाल का हड़कंप: पूर्व रेलकर्मी राजेश तिवारी का हिडन कैमरा वीडियो वायरल, मंत्री विश्वास सारंग और RSS पर लगाए गंभीर आरोप


    भोपाल। भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में गिरफ्तार बर्खास्त रेलकर्मी राजेश तिवारी का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। गिरफ्तारी के बाद सामने आए हिडन कैमरा वीडियो में राजेश कथित तौर पर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग के खिलाफ बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह यह कहता दिख रहा है कि किसी भी धरना-प्रदर्शन में असलम का नाम न आए, बल्कि मामला सीधे सारंग की तरफ डायवर्ट किया जाए। इसके अलावा वह बताता है कि अगर मंत्री पद से हटाया गया तो उसका नाम बदल देना। जब उससे पूछा गया कि क्या मंत्री से व्यक्तिगत दुश्मनी है, तो उसने जवाब दिया, “नहीं, पूरे RSS की है। वीडियो में यह भी दावा किया गया कि मंत्री पद से हटाने की तैयारी है और विस्तार के दौरान बदलाव होंगे।

    पुलिस ने राजेश का मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया है। जांच का नया एंगल अब वायरल वीडियो और मोबाइल डेटा की पुष्टि पर केंद्रित है, यह पता लगाने के लिए कि वीडियो कब रिकॉर्ड हुआ, किसने रिकॉर्ड किया और क्या इसे एडिट किया गया।

    राजेश तिवारी पहले ही ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार है। उसके पास से एमडी ड्रग और अवैध हथियार भी जब्त किए गए हैं। इसके अलावा उसके खिलाफ रेप और हत्या के प्रयास के मामले भी दर्ज हैं। 27 फरवरी को निशातपुरा पुलिस ने उसे 3 लाख रुपए की गैरकानूनी मांग के आरोप में पकड़ा था।

    राजनीतिक और साइबर जांच दोनों ही एंगल से यह मामला अब अहम बन गया है। वायरल हिडन कैमरा वीडियो और फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट भविष्य में इसकी गुत्थी सुलझाने में निर्णायक साबित हो सकती है।

  • सऊदी में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला, यूएस एंबेसी ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरी

    सऊदी में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला, यूएस एंबेसी ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरी


    नई दिल्ली ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष के चौथे दिन सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया गया। Ministry of Defense Saudi Arabia ने मंगलवार सुबह बताया कि दूतावास परिसर पर दो ड्रोन से हमला हुआ, जिससे आग लग गई और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। राहत की बात यह रही कि घटना के समय इमारत खाली थी, इसलिए किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

    ट्रंप की चेतावनी
    हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने तेहरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा,
    “तुम्हें जल्द ही पता चल जाएगा कि जवाबी कार्रवाई क्या होगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली सैन्य ठिकानों पर हमलों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

    एंबेसी की ‘शेल्टर-इन-प्लेस’ एडवाइजरी
    हमले के तुरंत बाद अमेरिकी दूतावास ने एक्स (पूर्व ट्विटर) के जरिए रियाद, जेद्दा और धाहरान में मौजूद अमेरिकी नागरिकों के लिए ‘शेल्टर-इन-प्लेस’ एडवाइजरी जारी की।

    एडवाइजरी में कहा गया:

    गैर-जरूरी यात्रा से बचें, खासकर सैन्य ठिकानों के आसपास।

    नवीनतम सुरक्षा अलर्ट पर नजर रखें।

    व्यक्तिगत सुरक्षा योजना (Personal Safety Plan) तैयार रखें।

    किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थान पर शरण लें।

    दूतावास ने कहा कि क्षेत्रीय हालात तेजी से बदल रहे हैं और अचानक संकट की स्थिति बन सकती है।

    वीडियो वायरल, एयरपोर्ट संचालन जारी
    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दूतावास परिसर से धुएं का गुबार उठता दिख रहा है, जबकि फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर आग बुझाती नजर आ रही हैं। हालांकि रियाद का King Khalid International Airport फिलहाल चालू है, लेकिन खाड़ी देशों के कुछ हिस्सों में एयरस्पेस बंद होने और क्षेत्रीय हमलों के कारण सैकड़ों उड़ानें प्रभावित हुई हैं।

    क्षेत्र में बढ़ता तनाव
    यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान पर अमेरिका और इजरायल की एयरस्ट्राइक के बाद जवाबी हमलों का सिलसिला जारी है। ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत के बाद क्षेत्रीय हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं। सऊदी अधिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि ड्रोन को रोका गया था या वे राजधानी की एयर डिफेंस को भेदकर दूतावास तक पहुंचे।

    स्थिति पर नजर
    मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस टकराव के बीच कूटनीतिक मिशनों की सुरक्षा, हवाई यातायात और क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अमेरिकी मिशन ने संकेत दिया है कि हालात के अनुसार आगे और सुरक्षा कदम उठाए जा सकते हैं।

  • अमेरिका-ईरान में जुबानी जंग तेज, अराघची ने मार्को रुबियो पर साधा निशाना

    अमेरिका-ईरान में जुबानी जंग तेज, अराघची ने मार्को रुबियो पर साधा निशाना


    नई दिल्ली ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच मंगलवार को जुबानी जंग तेज हो गई। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “ईरान से कभी कोई खतरा था ही नहीं” और अमेरिकी कार्रवाई महज एक बहाना थी। अराघची ने दोनों देशों के नागरिकों के खून-खराबे के लिए सीधे तौर पर इजरायल को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अमेरिका ने इजरायल की ओर से अपनी मर्जी से युद्ध लड़ा है।

    क्या कहा था रुबियो ने?
    सोमवार को मीडिया से बातचीत में मार्को रुबियो ने कहा था कि अमेरिका ने ईरान पर हमला तब किया जब उसे जानकारी मिली कि उसका सहयोगी इजरायल सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

    रुबियो के मुताबिक, वॉशिंगटन को आशंका थी कि इजरायल की कार्रवाई के बाद तेहरान क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सेना के खिलाफ जवाबी हमला कर सकता है। उन्होंने कहा,
    “हमें पता था कि इजरायल कार्रवाई करने वाला है। यदि हम पहले कदम नहीं उठाते, तो हमें ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता था। रुबियो ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन का मानना था कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई आवश्यक थी, भले ही इसका घोषित उद्देश्य ईरानी शासन का अंत नहीं था।

    अराघची का तीखा जवाब
    रुबियो के बयान के बाद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा,
    “मिस्टर रुबियो ने वह माना जो हम सब जानते थे। अमेरिका ने इजरायल की तरफ से अपनी मर्जी से जंग लड़ी है। ईरान से कभी कोई खतरा था ही नहीं।”

    उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिकी और ईरानी दोनों नागरिकों का खून बहा है, जिसकी जिम्मेदारी इजरायल पर है। अराघची ने लिखा,
    “अमेरिकी लोग इससे बेहतर के हकदार हैं।”

    ईरान का यह बयान साफ संकेत देता है कि तेहरान अमेरिकी कार्रवाई को आत्मरक्षा नहीं, बल्कि पूर्व-नियोजित आक्रामक कदम मान रहा है।

    तेहरान हमले पर नया खुलासा
    इससे पहले अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने कहा था कि शनिवार को तेहरान में हुआ हमला इजरायल द्वारा किया गया था। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मारे जाने की खबर सामने आई थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, खुफिया जानकारी से संकेत मिला था कि खामेनेई उस समय एक अहम बैठक में मौजूद थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हुई है।

    बढ़ता कूटनीतिक टकराव
    रुबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका “खामेनेई प्रतिष्ठान के अंत” को देखना पसंद करेगा, लेकिन मौजूदा सैन्य अभियान का घोषित लक्ष्य शासन परिवर्तन नहीं है। दूसरी ओर, ईरान इस पूरी कार्रवाई को क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण बता रहा है और अमेरिका-इजरायल पर संयुक्त साजिश का आरोप लगा रहा है।

    मानना है कि दोनों देशों के बीच बयानबाजी का यह दौर आगे और तीखा हो सकता है। पश्चिम एशिया पहले ही अस्थिर हालात से गुजर रहा है, ऐसे में कूटनीतिक संवाद के बजाय आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती है।