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  • कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त, पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को समझाई जिम्मेदारी

    कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त, पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को समझाई जिम्मेदारी

    नई दिल्ली ।भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार सोमवार को लखनऊ स्थित अपने पुराने विद्यालय कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज पहुंचे। कभी जिस संस्थान में उन्होंने विद्यार्थी के रूप में शिक्षा हासिल की थी, वहीं लौटकर उन्होंने कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान उनका अंदाज शिक्षक जैसा रहा और उन्होंने छात्रों को लोकतंत्र, चुनाव, मताधिकार तथा जिम्मेदार नागरिकता से जुड़े विषयों की जानकारी दी।

    अपने छात्र जीवन को याद करते हुए ज्ञानेश कुमार ने कहा कि विद्यालय केवल किताबी ज्ञान हासिल करने की जगह नहीं होता, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र भी है। उनके अनुसार, अच्छे शिक्षक, अनुशासन और विद्यालय का वातावरण विद्यार्थियों के सोचने और आगे बढ़ने के तरीके को प्रभावित करते हैं। उन्होंने अपने जीवन में विद्यालय से मिली सीख को भी याद किया।

    उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि स्कूल और कॉलेज का समय जीवन के सबसे महत्वपूर्ण दौर में शामिल होता है। इसी दौरान व्यक्ति के विचार, व्यवहार और भविष्य की दिशा तय होने लगती है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने शिक्षकों की बातों और विद्यालय में मिलने वाले अनुभवों को गंभीरता से लें और उनसे सीखने की प्रवृत्ति बनाए रखें।

    विद्यार्थियों के साथ बातचीत में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि मतदान केवल संवैधानिक अधिकार नहीं है, बल्कि देश के भविष्य के निर्माण में नागरिकों की भागीदारी का माध्यम भी है। जागरूक और जिम्मेदार मतदाता लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    ज्ञानेश कुमार ने विद्यार्थियों को मताधिकार से जुड़ी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि कक्षा 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाले कई विद्यार्थी आने वाले वर्षों में पहली बार मतदान करने की उम्र में पहुंचेंगे। ऐसे में उनके लिए अभी से चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित करना उपयोगी होगा।

    संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने चुनाव प्रक्रिया, मतदाता बनने की पात्रता, मतदान और निष्पक्ष चुनाव से जुड़े सवाल पूछे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने उनकी जिज्ञासाओं का जवाब देते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं में युवाओं की सक्रिय भागीदारी के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों का जागरूक होना आवश्यक है।

    कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज पहुंचने पर ज्ञानेश कुमार ने अपने पुराने दिनों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ से उनका पुराना और गहरा संबंध रहा है। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा की दिशा में कदम बढ़ाया और अब लंबे अंतराल के बाद उसी विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच लौटना उनके लिए विशेष अनुभव रहा।

    उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि जीवन के अलग-अलग चरण व्यक्ति को अलग-अलग अनुभव देते हैं। वर्तमान समय उनके लिए सीखने और अपने भविष्य की नींव मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि विद्यालय से मिलने वाली शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन, चुनौतियों का सामना करने का साहस और सही विचारों को अपनाने की क्षमता भी विकसित करती है।

    इस मुलाकात को ज्ञानेश कुमार ने अतीत और वर्तमान के बीच संवाद जैसा अनुभव बताया। एक समय वह स्वयं इसी विद्यालय के विद्यार्थी थे और अब उसी परिसर में विद्यार्थियों को लोकतंत्र और नागरिक जिम्मेदारियों के बारे में बता रहे थे। कार्यक्रम में चुनावी साक्षरता और जागरूक मतदाता बनने का संदेश प्रमुख रहा। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को देखते हुए युवा विद्यार्थियों के बीच लोकतांत्रिक जागरूकता बढ़ाने की यह पहल विशेष महत्व रखती है।

  • मंगलवार की जगह सोमवार को होगी महाराष्ट्र कैबिनेट बैठक, वर्षा बंगले पर महायुति नेताओं के डिनर ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चाएं

    मंगलवार की जगह सोमवार को होगी महाराष्ट्र कैबिनेट बैठक, वर्षा बंगले पर महायुति नेताओं के डिनर ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चाएं


    नई दिल्ली ।
    महाराष्ट्र में साप्ताहिक कैबिनेट बैठक के कार्यक्रम में अचानक बदलाव ने राज्य की राजनीति में चर्चाओं को तेज कर दिया है। नियमित रूप से मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक अब सोमवार दोपहर सह्याद्री गेस्ट हाउस में आयोजित की जाएगी। बैठक के कार्यक्रम में हुए इस बदलाव की आधिकारिक वजह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का मंगलवार को मुंबई से बाहर धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना बताई गई है।

    कैबिनेट बैठक के दिन में बदलाव अपने आप में प्रशासनिक कारणों से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन इसके तुरंत बाद होने वाली महायुति के प्रमुख नेताओं की बैठक ने राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास वर्षा बंगले पर सोमवार को गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के लिए डिनर का कार्यक्रम रखा गया है।

    इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से जुड़े प्रमुख नेताओं की मौजूदगी रहने की संभावना है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के बीच भी चर्चा प्रस्तावित है। ऐसे में कैबिनेट बैठक और उसके बाद होने वाली राजनीतिक बैठक को लेकर गठबंधन के भीतर समन्वय और रणनीति से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की संभावना जताई जा रही है।

    मुख्यमंत्री फडणवीस का हालिया दिल्ली दौरा भी इस पूरे घटनाक्रम के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। दिल्ली दौरे के बाद राज्य में राजनीतिक गतिविधियों के बढ़ने और अब कैबिनेट बैठक के कार्यक्रम में बदलाव के कारण सत्ता के गलियारों में संभावित बदलावों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।

    हालांकि, अभी तक सरकार या महायुति की ओर से किसी बड़े राजनीतिक बदलाव, मंत्रिमंडल फेरबदल या गठबंधन के समीकरण में परिवर्तन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए मौजूदा परिस्थितियों को फिलहाल राजनीतिक गतिविधियों और आपसी समन्वय के संदर्भ में ही देखा जा रहा है।

    सरकारी स्तर पर कैबिनेट बैठक और गठबंधन नेताओं की बातचीत का उद्देश्य सरकार के कामकाज में बेहतर तालमेल, आपसी मतभेदों को दूर करना और प्रशासनिक फैसलों में तेजी लाना बताया जा रहा है। महायुति सरकार के सामने विभिन्न राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर समन्वय बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

    सोमवार को होने वाली बैठक में सरकार से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय लिए जाने की संभावना है। इसके बाद वर्षा बंगले पर होने वाली बैठक में गठबंधन के नेताओं के बीच राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर विचार-विमर्श हो सकता है।

    महाराष्ट्र की राजनीति में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के बीच समन्वय सत्ता के संचालन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में शीर्ष नेताओं का एक साथ बैठना राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। हालांकि, बैठक के एजेंडे को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    फिलहाल कैबिनेट बैठक को एक दिन पहले करने का कारण प्रशासनिक कार्यक्रम बताया गया है, जबकि उसके बाद होने वाली महायुति नेताओं की बैठक ने संभावित राजनीतिक फैसलों को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में इस बैठक के बाद सामने आने वाले फैसलों और नेताओं के बयानों से तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकती है।

  • चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट पर विजय सरकार का बड़ा फैसला, DMK ने विधानसभा में जानकारी को लेकर उठाए गंभीर सवाल

    चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट पर विजय सरकार का बड़ा फैसला, DMK ने विधानसभा में जानकारी को लेकर उठाए गंभीर सवाल

    नई दिल्ली ।तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में चेन्नई के पास परंदूर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को रद्द करने की घोषणा की। इस फैसले के साथ चेन्नई में दूसरे हवाई अड्डे के निर्माण की योजना फिलहाल रोक दी गई है। सरकार के निर्णय के बाद राज्य की राजनीति में इस परियोजना को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दल डीएमके ने विजय सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए परियोजना से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करने की मांग की है।

    मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में कहा कि चेन्नई का मौजूदा मीनमबक्कम हवाई अड्डा वर्तमान में यात्रियों की जरूरतों को संभालने की क्षमता रखता है। उनके मुताबिक शहर की मौजूदा जरूरतों को देखते हुए अभी नए हवाई अड्डे की तत्काल आवश्यकता नहीं है। उन्होंने औद्योगिक विकास और कार्गो परिवहन से जुड़ी भविष्य की जरूरतों का भी उल्लेख किया।

    विजय ने कहा कि यदि आने वाले समय में चेन्नई के लिए नए हवाई अड्डे की जरूरत महसूस होती है तो उसके लिए ऐसी जगह का चयन किया जाना चाहिए, जहां कृषि भूमि और रिहायशी इलाकों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। सरकार के इस रुख को परंदूर परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों से जोड़कर देखा जा रहा है।

    चेन्नई से करीब 70 किलोमीटर दूर परंदूर में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजना का स्थानीय स्तर पर लंबे समय से विरोध होता रहा था। स्थानीय लोगों और किसानों की ओर से बहुफसली उपजाऊ कृषि भूमि के संभावित नुकसान को लेकर चिंता जताई गई थी। इसके अलावा पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव और परियोजना के कारण प्रभावित होने वाले इलाकों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।

    मुख्यमंत्री विजय विधानसभा चुनाव से पहले भी परंदूर एयरपोर्ट परियोजना के विरोध में स्थानीय लोगों और किसानों के साथ खड़े दिखाई दिए थे। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर अभियान चलाया था। अब सत्ता में आने के बाद परियोजना को रद्द करने की घोषणा को उनके पहले के राजनीतिक रुख से जोड़कर देखा जा रहा है।

    हालांकि, परियोजना रद्द किए जाने के बाद विवाद खत्म होने के बजाय राजनीतिक रूप से और तेज हो गया है। डीएमके ने विजय सरकार से मांग की है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई परंदूर एयरपोर्ट परियोजना से संबंधित सभी फाइलें सार्वजनिक की जाएं। विपक्ष का कहना है कि दस्तावेज सामने आने से परियोजना की पूरी प्रक्रिया और उससे जुड़े निर्णयों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    डीएमके ने सरकार को इसके लिए एक सप्ताह का समय देने की बात कही है। विपक्ष के अनुसार यदि निर्धारित अवधि में फाइलें सार्वजनिक नहीं की गईं तो विधानसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने पर विचार किया जाएगा। डीएमके ने यह भी आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में परियोजना से संबंधित जानकारी सही तरीके से प्रस्तुत नहीं की।

    इस बीच, चेन्नई की भविष्य की हवाई परिवहन जरूरतों को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। सरकार का कहना है कि मौजूदा हवाई अड्डे की क्षमता फिलहाल पर्याप्त है, जबकि भविष्य में आवश्यकता बढ़ने पर कम प्रभावित क्षेत्र में नई परियोजना पर विचार किया जा सकता है।

    परंदूर परियोजना को रद्द करने का फैसला विकास, पर्यावरण और कृषि भूमि के संरक्षण के बीच संतुलन से जुड़े सवालों को भी सामने लाता है। अब इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच आगे की राजनीतिक बहस विधानसभा में देखने को मिल सकती है। डीएमके की ओर से दिए गए एक सप्ताह के अल्टीमेटम के बाद परियोजना की फाइलें सार्वजनिक करने और सरकार के फैसले पर स्पष्टीकरण देने को लेकर विजय सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया है।

  • Miss Universe India 2026 का खिताब केरल की केजिया लिज मेजो ने जीता, वैष्णवी गणेश और अनुश्री सातवलेकर बनीं रनर-अप

    Miss Universe India 2026 का खिताब केरल की केजिया लिज मेजो ने जीता, वैष्णवी गणेश और अनुश्री सातवलेकर बनीं रनर-अप

    नई दिल्ली ।केरल की 19 वर्षीय केजिया लिज मेजो ने मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर लिया है। जयपुर में आयोजित ग्रैंड फिनाले में देशभर से आईं प्रतिभागियों के बीच मुकाबले के बाद केजिया को विजेता घोषित किया गया। मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 की विजेता मनिका विश्वकर्मा ने उन्हें ताज पहनाया। खिताब जीतने के बाद केजिया भावुक नजर आईं और उन्होंने इस उपलब्धि को अपने लिए बड़ी जिम्मेदारी बताया।

    जयपुर के जी-स्टूडियो में रविवार देर रात आयोजित फिनाले में प्रतिभागियों ने टैलेंट, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और मंच पर अपनी प्रस्तुति के जरिए निर्णायकों को प्रभावित किया। प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंची सुंदरियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। अंतिम दौर में पहुंचीं प्रतिभागियों में केजिया लिज मेजो, वैष्णवी गणेश, तेजस्विनी श्रीवास्तव, अनुश्री सातवलेकर और अनुभा वशिष्ठ शामिल थीं।

    अंतिम परिणाम में तमिलनाडु की वैष्णवी गणेश ने फर्स्ट रनर-अप का स्थान हासिल किया। गुजरात की अनुश्री सातवलेकर सेकंड रनर-अप रहीं। इसके साथ ही केरल की केजिया लिज मेजो ने प्रतियोगिता का विजेता खिताब हासिल किया। इस जीत के साथ अब केजिया इस साल होने वाली 75वीं मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

    खिताब जीतने के बाद केजिया ने कहा कि यह ताज उनके लिए केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने को गर्व और सम्मान का अवसर बताया। केजिया का कहना है कि वह इस मंच के माध्यम से भारत की विविधता, संस्कृति, प्रतिभा और नई पीढ़ी की शक्ति को दुनिया के सामने प्रस्तुत करना चाहती हैं।

    केजिया लिज मेजो की पहचान सिर्फ ब्यूटी पेजेंट तक सीमित नहीं है। वह कानून की छात्रा हैं और मॉडलिंग के साथ क्लासिकल डांस से भी जुड़ी हुई हैं। वह फिलहाल बेंगलुरु में कानून की पढ़ाई कर रही हैं और उनका संबंध कोच्चि से है। उनके माता-पिता के नाम मेजो अब्राहम और सुजा मेजो बताए गए हैं।

    केजिया ने वर्ष 2026 में मिस यूनिवर्स केरल का खिताब भी जीता था। इससे पहले वह मिस टीन इंटरनेशनल 2025 में फर्स्ट रनर-अप रह चुकी हैं। उन्होंने मिस टीन इंडिया का खिताब भी अपने नाम किया था और अंतरराष्ट्रीय टीन ब्यूटी पेजेंट में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। कम उम्र में लगातार मिल रही सफलताओं ने उन्हें ब्यूटी पेजेंट की दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई है।

    केजिया सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं। वह इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीरें और वीडियो साझा करती हैं। इसके अलावा वह मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत विकास जैसे विषयों पर भी अपनी बात रखती हैं। सोशल मीडिया पर उनके हजारों फॉलोअर्स हैं और उनकी ऑनलाइन मौजूदगी लगातार चर्चा में रहती है।

    मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 का ताज मिलने के बाद केजिया के सामने अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की चुनौती है। राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता के बाद वह भारत की ओर से मिस यूनिवर्स के वैश्विक मंच पर उतरेंगी। देशभर में अब उनके अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।

  • मुख्यमंत्री विजय के बड़े ऐलान से राहत की उम्मीद, मुफ्त सिलेंडर योजना के साथ महिलाओं के लिए विस्तृत बस यात्रा सुविधा

    मुख्यमंत्री विजय के बड़े ऐलान से राहत की उम्मीद, मुफ्त सिलेंडर योजना के साथ महिलाओं के लिए विस्तृत बस यात्रा सुविधा

    नई दिल्ली ।तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय ने राज्य के गरीब परिवारों, महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार के मुताबिक इन फैसलों का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने के साथ महिलाओं की सार्वजनिक परिवहन तक पहुंच आसान बनाना है। इसके तहत गरीब परिवारों को हर साल तीन मुफ्त LPG सिलेंडर देने की योजना शुरू करने का ऐलान किया गया है। साथ ही महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का दायरा बढ़ाने की बात कही गई है।

    सरकार की ओर से घोषित ‘अन्नपूर्णानी सुपर सिक्स’ योजना पोंगल 2027 से शुरू होने की बात कही गई है। इस योजना के तहत ऐसे परिवारों को लाभ देने का प्रस्ताव है, जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है। पात्र परिवारों को एक साल में तीन LPG सिलेंडर मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार के अनुमान के अनुसार इस योजना से करीब 1.30 करोड़ परिवार लाभान्वित हो सकते हैं।

    इस योजना पर राज्य सरकार के खजाने से हर साल करीब 4 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। लाभार्थियों को पहले LPG सिलेंडर खरीदना होगा और इसके बाद सिलेंडर की कीमत सीधे उनके बैंक खाते में जमा किए जाने की व्यवस्था बताई गई है। इस तरह सरकार ने योजना को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता से जोड़ने की तैयारी की है।

    मुख्यमंत्री विजय ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा को लेकर भी बड़ा ऐलान किया है। प्रस्तावित सुविधा केवल सामान्य बसों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि एक्सप्रेस, एलएसएस और डीलक्स बसों में भी महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की बात कही गई है। इसके अलावा अंतर-जिला बस सेवाओं में भी महिलाओं को इस सुविधा का लाभ दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

    महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की यह सुविधा ‘वेट्री पयाना थिट्टम’ के तहत 2 अक्टूबर से शुरू करने की घोषणा की गई है। इसके दायरे में ट्रांसजेंडर यात्रियों को भी शामिल किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल अधिक सुगम हो सकता है।

    इन कल्याणकारी घोषणाओं के साथ चेन्नई के प्रस्तावित नए एयरपोर्ट को लेकर भी सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है। परंदूर में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजना का स्थानीय लोगों की ओर से विरोध किए जाने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि सरकार ऐसे वैकल्पिक स्थानों की तलाश कर रही है, जहां एयरपोर्ट निर्माण से परिवार प्रभावित न हों।

    सरकार ने नए एयरपोर्ट के लिए कुछ वैकल्पिक स्थानों की पहचान किए जाने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि मौजूदा परिस्थितियों में सरकार परंदूर में एयरपोर्ट बनाने के पक्ष में नहीं है। इसके साथ ही चेन्नई के मौजूदा मीनांबक्कम एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल-5 बनाने की योजना का भी ऐलान किया गया है।

    मुख्यमंत्री विजय ने किसानों के हितों को भी प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने किसानों को देश की रीढ़ बताते हुए कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर उनके हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। ऐसे में सरकार के हालिया फैसलों में एक ओर गरीब परिवारों को घरेलू ईंधन पर राहत देने का प्रयास दिखाई देता है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाने पर जोर दिया गया है। इन घोषणाओं के लागू होने के बाद इनके वास्तविक लाभ और वित्तीय प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।

  • जवायदा और नुसेइरात में इजरायली कार्रवाई से गाजा में फिर बिगड़े हालात, नागरिकों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

    जवायदा और नुसेइरात में इजरायली कार्रवाई से गाजा में फिर बिगड़े हालात, नागरिकों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल


    नई दिल्ली ।गाजा में इजरायल और हमास के बीच जारी तनाव के बीच ताजा इजरायली सैन्य हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत होने की खबर है। मृतकों में चार साल का एक बच्चा भी शामिल बताया गया है। हमलों में सात अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, घायलों का इलाज अस्पतालों में कराया जा रहा है।

    ताजा घटनाक्रम ने गाजा में लागू युद्धविराम की स्थिति को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, मध्य गाजा के जवायदा शहर में एक इमारत को निशाना बनाया गया, जिससे उसे काफी नुकसान पहुंचा। हमले से पहले इलाके के नागरिकों को अपनी संपत्ति और क्षेत्र खाली करने की चेतावनी दिए जाने की बात भी सामने आई है।

    स्वास्थ्यकर्मियों के मुताबिक, हमले के बाद घटनास्थल से मलबा और छर्रे काफी दूरी तक फैल गए। इस घटना में कई लोग घायल हुए। घायलों में चार वर्षीय मोहम्मद अब्देल सलाम ताहा भी शामिल था। बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना में अन्य घायल लोगों का उपचार जारी रहने की जानकारी है।

    गाजा के स्थानीय निवासी अबू अहमद ने मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि जमीन पर हालात युद्धविराम जैसे दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनके मुताबिक, क्षेत्र के लोग ऐसा स्थायी समाधान चाहते हैं जिससे उन्हें लगातार हिंसा और असुरक्षा के बीच जीवन न बिताना पड़े। लंबे समय से जारी संघर्ष के कारण गाजा में बड़ी संख्या में लोग विस्थापन और मानवीय संकट का सामना कर रहे हैं।

    स्वास्थ्य अधिकारियों ने एक अन्य हमले की जानकारी नुसेइरात शरणार्थी शिविर से भी दी है। बताया गया कि यहां भी हवाई हमला हुआ। नुसेइरात शिविर गाजा में लंबे समय से विस्थापित लोगों की आबादी का प्रमुख क्षेत्र रहा है। ऐसे में वहां किसी भी सैन्य कार्रवाई का असर आम नागरिकों पर पड़ने की आशंका रहती है।

    ताजा हमलों से पहले भी इजरायली सेना और हमास के बीच युद्धविराम के उल्लंघन को लेकर आरोप लगते रहे हैं। इजरायली पक्ष की ओर से कहा गया है कि हमास से जुड़े लोग सैन्य गतिविधियां जारी रख रहे हैं। दूसरी ओर, फिलिस्तीनी क्षेत्रों में नागरिकों की मौत और विस्थापन को लेकर लगातार चिंता जताई जाती रही है।

    इजरायली सेना ने इससे पहले देर अल-बलाह में हमास के एक वरिष्ठ सशस्त्र सदस्य शरीफ अल हसनत को मार गिराने का दावा किया था। सेना के मुताबिक, वह हमास के भूमिगत बुनियादी ढांचे को दोबारा तैयार करने के प्रयासों का नेतृत्व कर रहा था। इजरायली पक्ष ने उस पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था।

    गाजा में ताजा हिंसा ऐसे समय सामने आई है जब क्षेत्र में संघर्ष को नियंत्रित करने और युद्धविराम को बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं। आम नागरिकों की मौत और घायल होने की घटनाओं ने मानवीय स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लगातार सामने आ रही हिंसा के बीच स्थायी शांति और सुरक्षित माहौल स्थापित करना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।

  • सर्विस सेक्टर में कीमतों का मिला-जुला रुख, टेलीकॉम महंगाई 0.72 प्रतिशत रही, बैंकिंग सेवाओं के सूचकांक में गिरावट आई

    सर्विस सेक्टर में कीमतों का मिला-जुला रुख, टेलीकॉम महंगाई 0.72 प्रतिशत रही, बैंकिंग सेवाओं के सूचकांक में गिरावट आई

    नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून की अवधि के लिए सर्विस प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स का प्रोविजनल डेटा जारी किया है। आंकड़ों में अलग-अलग सेवा क्षेत्रों में कीमतों के रुझान में अंतर देखने को मिला। इंश्योरेंस और टेलीकॉम सेवाओं की कीमतों में सालाना आधार पर मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि बैंकिंग और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन सेवाओं के मूल्य सूचकांक में गिरावट आई। हवाई यात्री सेवाओं में सबसे तेज वार्षिक बढ़ोतरी दर्ज की गई।

    वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 की जून तिमाही में इंश्योरेंस सर्विस प्राइस इंडेक्स 102.9 रहा। इसमें सालाना आधार पर 0.98 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसका मतलब है कि बीमा सेवाओं की कीमतों में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में मामूली बढ़ोतरी हुई। टेलीकॉम सर्विसेज प्राइस इंडेक्स 112.2 रहा और इसमें सालाना आधार पर 0.72 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

    सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन सर्विस प्राइस इंडेक्स में इसके विपरीत गिरावट देखने को मिली। जून तिमाही में यह सूचकांक 89.9 रहा, जो सालाना आधार पर 1.32 प्रतिशत कम है। बैंकिंग सर्विस प्राइस इंडेक्स भी 100.9 पर रहा और इसमें सालाना आधार पर 3.35 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई। हालांकि, बैंकिंग सर्विस कॉन्ट्रिब्यूशन इंडेक्स 134.8 रहा और इसमें सालाना आधार पर 6.90 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

    पेंशन क्षेत्र से जुड़ी सेवाओं में भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज हुई। मैनेजमेंट ऑफ पेंशन फंड्स सर्विस प्राइस इंडेक्स 113.3 रहा और इसमें सालाना आधार पर 5.20 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इससे संकेत मिलता है कि इस क्षेत्र से जुड़ी सेवाओं की कीमतों में पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले वृद्धि हुई है।

    हवाई यात्री सेवाओं में सबसे उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। जून तिमाही में एयर पैसेंजर सर्विस प्राइस इंडेक्स 126.4 रहा, जो सालाना आधार पर 31.94 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि अन्य प्रमुख सेवा क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक रही। इससे हवाई यात्री सेवाओं की कीमतों में सालाना आधार पर तेज बदलाव का पता चलता है।

    रेलवे सेवाओं के सूचकांक में भी सीमित बढ़ोतरी दर्ज हुई। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में रेलवे सर्विस प्राइस इंडेक्स 103.4 रहा और इसमें सालाना आधार पर 1.27 प्रतिशत की वृद्धि हुई। रेलवे फ्रेट सर्विस प्राइस इंडेक्स 103.3 रहा, जो सालाना आधार पर 0.10 प्रतिशत बढ़ा। वहीं रेलवे पैसेंजर सर्विस प्राइस इंडेक्स 103.5 रहा और इसमें 3.50 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।

    सरकार के अनुसार सर्विस पीपीआई में सात प्रकार की सेवाओं को शामिल किया जाता है और इसका बेस ईयर 2022-23 निर्धारित है। हालांकि, इन सूचकांकों में सेवाओं के भारांक को शामिल नहीं किया जाता, क्योंकि यह पूरे सर्विस सेक्टर को कवर नहीं करते हैं। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के लिए सर्विस पीपीआई का अगला प्रोविजनल डेटा 25 नवंबर 2026 को जारी किया जाएगा।

  • पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में ईरान को शामिल होने का आधिकारिक प्रस्ताव मिला है।

    पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में ईरान को शामिल होने का आधिकारिक प्रस्ताव मिला है।

    नई दिल्ली । अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच पश्चिम एशिया में मुस्लिम देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में मक्का एग्रीमेंट में ईरान को शामिल करने की संभावना ने क्षेत्रीय राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। तेहरान को इस समझौते में शामिल होने के लिए आधिकारिक न्योता दिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि ईरान ने अभी इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है और बताया जा रहा है कि इस पर विचार किया जा रहा है।

    मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की पहले ही हस्ताक्षर कर चुके हैं। समझौते का प्रमुख प्रावधान यह है कि तीनों में से किसी एक देश पर हमला होने की स्थिति में इसे सभी संबंधित देशों पर हमला माना जाएगा। ऐसे में यह समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा और सामूहिक रक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ईरान के संभावित जुड़ाव से इस व्यवस्था का दायरा और राजनीतिक महत्व दोनों बढ़ सकते हैं।

    ईरानी मीडिया में सामने आई जानकारी के अनुसार, ईरान को मक्का एग्रीमेंट में शामिल होने का प्रस्ताव मिला है। ईरानी संसद से जुड़ी समाचार एजेंसी के प्रमुख मेहदी रहीमी के हवाले से बताया गया कि तेहरान के सामने रखे गए प्रस्ताव पर फिलहाल विचार-विमर्श चल रहा है। अभी तक ईरानी पक्ष की ओर से समझौते में शामिल होने को लेकर अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।

    इस बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के तेहरान दौरे को लेकर भी क्षेत्रीय स्तर पर नजरें टिकी हुई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उनका ईरान दौरा क्षेत्र में शांति स्थापित करने और मौजूदा तनाव को कम करने की कोशिशों से जुड़ा बताया जा रहा है। ऐसे समय में यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।

    मक्का समझौते को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के समझौते में शामिल होने का स्वागत करते हुए इसे साहसिक और ऐतिहासिक कदम बताया। हालांकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर उनके दावों ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है।

    ईरान के संभावित जुड़ाव का असर केवल रक्षा सहयोग तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। यदि तेहरान इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है तो पश्चिम एशिया में सुरक्षा समीकरणों पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के साथ ईरान का एक साझा रक्षा ढांचे में आना क्षेत्रीय शक्ति संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण बदलाव माना जा सकता है।

    वहीं बांग्लादेश ने भी इस घटनाक्रम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बांग्लादेश के नवनियुक्त विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने समझौते को लेकर बयान दिया है। साथ ही बांग्लादेशी पक्ष ने पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बातचीत के माध्यम से मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ने के संकेत दिए हैं। ऐसे में मक्का एग्रीमेंट अब केवल तीन देशों के बीच रक्षा सहयोग का विषय नहीं रह गया है, बल्कि पश्चिम एशिया और मुस्लिम देशों की व्यापक रणनीतिक राजनीति से भी जुड़ता दिखाई दे रहा है।

  • ग्रहों का उग्र खेल शुरू! शनि-मंगल के केंद्र योग से 3 राशियों पर संकट, धन और कामकाज में बढ़ सकती है परेशानी

    ग्रहों का उग्र खेल शुरू! शनि-मंगल के केंद्र योग से 3 राशियों पर संकट, धन और कामकाज में बढ़ सकती है परेशानी


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शनि और मंगल दोनों को प्रभावशाली ग्रह माना जाता है लेकिन दोनों की प्रकृति एक दूसरे से काफी अलग बताई जाती है। मंगल जहां ऊर्जा साहस और आक्रामकता का प्रतीक माने जाते हैं वहीं शनि कर्म न्याय धैर्य और देरी से जुड़े ग्रह माने जाते हैं। अब सितंबर की शुरुआत में इन दोनों ग्रहों की ऐसी स्थिति बनने जा रही है जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जा रहा है। द्रिक पंचांग के अनुसार 1 सितंबर 2026 से शनि और मंगल एक दूसरे से 90 डिग्री के कोण पर होंगे और इससे केंद्र योग बनने की बात कही गई है। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक इस स्थिति का असर सभी राशियों पर एक जैसा नहीं होगा लेकिन वृषभ कन्या और मीन राशि के जातकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि के जातकों के लिए यह ग्रह स्थिति कार्यस्थल और पारिवारिक जीवन में तनाव बढ़ाने वाली हो सकती है। मेहनत करने के बावजूद परिणाम मिलने में देरी का अनुभव हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अपने अधिकारियों और सहकर्मियों से बातचीत करते समय संयम रखना होगा क्योंकि छोटी सी बहस भी बड़ा विवाद पैदा कर सकती है। पैसों से जुड़े मामलों में भी जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    कन्या राशि
    कन्या राशि वालों के लिए शनि मंगल का केंद्र योग मानसिक तनाव और कामकाज में रुकावट की स्थिति पैदा कर सकता है। कोई ऐसा काम जो लगभग पूरा हो चुका हो वह अंतिम समय में अटक सकता है। कारोबार करने वाले जातकों को इस अवधि में बिना पूरी जांच पड़ताल के बड़ा निवेश करने से बचना चाहिए। किसी नए प्रोजेक्ट या बड़े वित्तीय समझौते को लेकर जल्दबाजी नुकसानदायक साबित हो सकती है। स्वास्थ्य और खानपान को लेकर भी लापरवाही न करने की सलाह दी गई है।

    मीन राशि
    मीन राशि के जातकों के लिए यह समय कारोबार और आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी वाला हो सकता है। बिजनेस पार्टनर के साथ गलतफहमी या मतभेद पैदा होने की आशंका जताई गई है। संपत्ति खरीदने बेचने या किसी बड़े लेनदेन से जुड़े मामलों में दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करना जरूरी होगा। छोटी सी लापरवाही आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है इसलिए किसी भी निर्णय को जल्दबाजी में लेने से बचना बेहतर रहेगा।

    क्या करें सावधानी
    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि मंगल के इस उग्र प्रभाव को शांत करने के लिए मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की आराधना तथा हनुमान चालीसा का पाठ करने की सलाह दी गई है। रोज सुबह सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करना भी उपाय के तौर पर बताया गया है। इसके अलावा वाहन चलाते समय सावधानी बरतना क्रोध पर नियंत्रण रखना और कानूनी या जमीन से जुड़े विवादों से दूर रहना लाभकारी माना गया है।

  • सीएम योगी ने जनता दर्शन में सुनीं लोगों की समस्याएं, गोपालन के लिए महिला को मदद और दिव्यांग को न्याय का भरोसा

    सीएम योगी ने जनता दर्शन में सुनीं लोगों की समस्याएं, गोपालन के लिए महिला को मदद और दिव्यांग को न्याय का भरोसा

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित जनता दर्शन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान सीतापुर की रहने वाली पूनम देवी ने मुख्यमंत्री के सामने गोपालन के जरिए आत्मनिर्भर बनने की इच्छा जताई। उनकी मांग पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    सीतापुर के गुरुदेव नगर हरगांव की निवासी पूनम देवी ने जनता दर्शन में मुख्यमंत्री को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह गोपालन के माध्यम से अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत करना चाहती हैं। उनके पास पहले से पांच गाय हैं और उन्होंने बताया कि अन्य गोवंश रखने के लिए उनके पास पर्याप्त स्थान भी उपलब्ध है। उन्होंने सरकार से अतिरिक्त गाय उपलब्ध कराने की मांग रखी, ताकि दूध और उससे जुड़े उत्पादों की बिक्री के माध्यम से परिवार की आय बढ़ाई जा सके।

    पूनम देवी की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपर मुख्य सचिव पशुधन को निर्देश दिया कि उन्हें नियमानुसार निराश्रित गाय उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। साथ ही मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गोवंश की देखभाल के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ भी दिलाने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने महिला की गोपालन के प्रति रुचि और आत्मनिर्भर बनने की इच्छा की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।

    जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से एक-एक करके उनकी समस्याएं पूछीं और प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। पूनम देवी से बातचीत के दौरान उन्होंने गोसेवा के महत्व का उल्लेख किया और कहा कि सरकार की ओर से उन्हें नियमानुसार योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। महिला ने अपनी मांग पर तत्काल संज्ञान लिए जाने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी जताया।

    इसी दौरान जनता दर्शन में पहुंचे एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपनी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत मुख्यमंत्री के सामने रखी। पीड़ित ने बताया कि उसकी जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है, जिसके कारण उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जमीन की जांच कराने और नियमानुसार समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता दर्शन में आने वाले लोगों की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों की समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनता दर्शन में सामने आए मामलों में सरकारी योजनाओं का लाभ, भूमि विवाद और अन्य स्थानीय समस्याएं शामिल रहीं।

    इस दौरान मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर रहा कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में अनावश्यक देरी न हो और शिकायतों का समाधान संबंधित विभागों के स्तर पर प्रभावी ढंग से किया जाए। महिला की गोपालन संबंधी मांग और दिव्यांग की भूमि से जुड़े मामले में तत्काल निर्देश दिए जाने से जनता दर्शन में शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया पर प्रशासनिक सक्रियता का संदेश गया।