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  • उत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, 32 सड़कें बंद, नदियां उफान पर

    उत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, 32 सड़कें बंद, नदियां उफान पर


    नई दिल्ली। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाओं के कारण पहाड़ों से चट्टानें और मलबा सड़क पर आ गया है, जिससे आवागमन बाधित हो गया है। वहीं, लगातार बारिश से अलकनंदा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और वे उफान पर बह रही हैं।

    राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, भूस्खलन और मलबा आने की वजह से प्रदेश में फिलहाल 32 सड़कें बंद हैं। प्रशासन ने बताया कि प्रभावित मार्गों से चट्टानें और मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके। इसके लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार मौके पर जुटी हुई हैं।

    मंगलवार को राज्य के कई इलाकों में भारी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के मुताबिक सबसे अधिक 107 मिमी बारिश पंतनगर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा चोरगलिया में 79.5 मिमी, रुद्रपुर में 43.5 मिमी, यमकेश्वर में 38 मिमी और किच्छा में 32.5 मिमी वर्षा हुई। खानपुर में 27 मिमी, जबकि देहरादून और लक्सर में 19-19 मिमी बारिश दर्ज की गई। अन्य क्षेत्रों में हाथीबड़कला में 15 मिमी, पिथौरागढ़ में 8.9 मिमी और लोहाघाट में 8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

    मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। साथ ही देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया गया है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।

  • पंजाब कांग्रेस में बढ़ी सियासी खींचतान: भूपेश बघेल की बैठकों से दूर रहा चन्नी खेमा, संगठन में मतभेद हुए उजागर

    पंजाब कांग्रेस में बढ़ी सियासी खींचतान: भूपेश बघेल की बैठकों से दूर रहा चन्नी खेमा, संगठन में मतभेद हुए उजागर


    नई दिल्ली। पंजाब में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर जारी गुटबाजी अब खुलकर सामने आने लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नेतृत्व को लेकर असहमति जताई है। इसी बीच पार्टी के पंजाब प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल संगठनात्मक हालात संभालने के लिए चंडीगढ़ पहुंचे, लेकिन उनकी अब तक चन्नी गुट के नेताओं से मुलाकात नहीं हो सकी है।

    मंगलवार को भूपेश बघेल ने पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों के साथ बैठकें कीं, हालांकि चन्नी समर्थक नेताओं ने इन बैठकों से दूरी बनाए रखी। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चन्नी का समर्थन कर रहे नेताओं की बघेल से मुलाकात नहीं होने के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

    इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अगले एक-दो दिनों में भूपेश बघेल से मुलाकात करेंगे। उन्होंने बताया कि बघेल अधिकांश समितियों के अध्यक्षों से चर्चा कर चुके हैं और अब केवल चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष चरणजीत सिंह चन्नी तथा कोर कमेटी के प्रमुख सुखजिंदर सिंह रंधावा से बैठक बाकी है।

    राजा वडिंग के अनुसार, चन्नी ने पहले ही बघेल को सूचित कर दिया था कि वे एक-दो दिन के लिए शहर से बाहर रहेंगे। हालांकि चन्नी के करीबी नेताओं ने भी अब तक बघेल से मुलाकात नहीं की है। चन्नी के निकट माने जाने वाले भारत भूषण आशु भी बैठकों से दूर रहे।

    गौरतलब है कि भूपेश बघेल 6 जुलाई को पंजाब के पांच दिवसीय दौरे पर चंडीगढ़ पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने किया। चंडीगढ़ पहुंचने के बाद बघेल ने सबसे पहले प्रताप सिंह बाजवा के साथ बंद कमरे में बैठक की।

    मंगलवार सुबह बघेल ने पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार वेरका के साथ नाश्ते पर मुलाकात की। इसके बाद वेरका सीधे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से मिलने पहुंचे। इसे कांग्रेस नेतृत्व की ओर से असंतुष्ट नेताओं के साथ संवाद बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

    उधर, प्रताप सिंह बाजवा ने भरोसा जताया कि पार्टी के भीतर मौजूद सभी मतभेद जल्द दूर कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता को अपनी शिकायतों के बावजूद पार्टी की मर्यादा नहीं लांघनी चाहिए। बाजवा ने दावा किया कि पंजाब की जनता बदलाव चाहती है और कांग्रेस उसके लिए सबसे मजबूत विकल्प है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़ती है तो जनता का विश्वास जरूर मिलेगा। मुख्यमंत्री पद को लेकर उन्होंने कहा कि इस पर फैसला चुनाव परिणाम आने और सरकार बनने की स्थिति में किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि महत्वाकांक्षा रखना गलत नहीं है, लेकिन ऐसे कदमों से बचना चाहिए जो पार्टी के लिए अनावश्यक विवाद का कारण बनें।

  • 16 जुलाई से शुक्र बदलेंगे नक्षत्र, 4 राशियों पर होगी धन और भाग्य की बरसात, जानें किसे मिलेगा लाभ

    16 जुलाई से शुक्र बदलेंगे नक्षत्र, 4 राशियों पर होगी धन और भाग्य की बरसात, जानें किसे मिलेगा लाभ


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार धन, वैभव, प्रेम और सुख-संपन्नता के कारक शुक्र देव 16 जुलाई 2026 को सिंह राशि में मघा नक्षत्र से निकलकर पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी स्वयं शुक्र हैं। ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक जब कोई ग्रह अपने ही नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो उसका प्रभाव और अधिक मजबूत हो जाता है तथा वह शुभ परिणाम देने की स्थिति में माना जाता है। इस नक्षत्र परिवर्तन का विशेष लाभ चार राशियों के जातकों को मिलने की संभावना जताई जा रही है।

    मेष राशि
    मेष राशि के जातकों के लिए यह गोचर आर्थिक और पारिवारिक दृष्टि से लाभकारी माना जा रहा है। लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बन सकती है। आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारियां या पदोन्नति मिलने के संकेत हैं, जबकि कारोबारियों को लाभ मिलने की संभावना है। अविवाहित लोगों के जीवन में नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है और प्रेम संबंधों में भी मधुरता बढ़ सकती है।

    सिंह राशि
    सिंह राशि वालों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन व्यक्तित्व और आकर्षण में वृद्धि का संकेत दे सकता है। कार्यस्थल और सामाजिक जीवन में सम्मान बढ़ने की संभावना है। लोग आपके विचारों और निर्णयों से प्रभावित हो सकते हैं। इस दौरान वाहन, आभूषण या अन्य सुख-सुविधाओं से जुड़ी वस्तुओं पर खर्च हो सकता है। साझेदारी में व्यापार करने वालों को आर्थिक लाभ मिलने के योग बताए गए हैं।

    तुला राशि
    तुला राशि के जातकों के लिए यह समय कई इच्छाओं की पूर्ति कराने वाला माना जा रहा है। निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है, वहीं पैतृक संपत्ति से भी फायदा मिल सकता है। कला, मीडिया, डिजाइनिंग और ग्लैमर से जुड़े लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से अनुकूल रह सकता है। प्रभावशाली लोगों से संपर्क बढ़ने के साथ करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर भी मिल सकते हैं।

    धनु राशि
    धनु राशि वालों के लिए शुक्र का यह नक्षत्र परिवर्तन भाग्य का साथ दिलाने वाला माना जा रहा है। इस दौरान व्यापारिक और धार्मिक यात्राएं सफल रह सकती हैं। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है और कई योजनाओं को गति मिल सकती है। विदेश में उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को भी सकारात्मक समाचार मिलने के संकेत हैं।

    शुक्र को मजबूत करने के लिए करें ये उपाय
    – प्रत्येक शुक्रवार सफेद रंग के वस्त्र पहनें या अपने पास सफेद रुमाल रखें।
    – छोटी कन्याओं को खीर या सफेद मिठाई का प्रसाद वितरित करें।
    – माता लक्ष्मी की नियमित पूजा करें और ‘ॐ शुं शुक्राय नमः’ मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।

  • एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अगले 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात

    एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अगले 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। पन्ना, छतरपुर और खंडवा समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मंगलवार को तेज बारिश के कारण कई सड़क मार्ग बंद हो गए, जबकि नदियां उफान पर रहीं।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र के अनुसार, प्रदेश में अगले चार दिनों तक भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक वर्षा हो सकती है।

    बुधवार के लिए श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर और टीकमगढ़ जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, दमोह, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, धार, झाबुआ, नीमच और मंदसौर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    इसके अलावा आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, भोपाल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर और सिंगरौली जिलों में हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है।

    कई जिलों में बारिश से बढ़ी परेशानी
    मंगलवार को हुई तेज बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले। इंदौर के खुड़ैल रोड स्थित जेतकारण गांव में सड़क धंस जाने से स्कूली बच्चों की आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं, खजुराहो में कई मार्ग बंद हो गए और पन्ना में जलभराव की स्थिति बनी रही।

    मंगलवार को प्रदेश के 29 जिलों में वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक पौने दो इंच बारिश छतरपुर के खजुराहो में हुई। धार में डेढ़ इंच से अधिक, राजगढ़ में सवा इंच, रतलाम और उज्जैन में पौन इंच, जबकि भोपाल, सागर और खरगोन में करीब आधा इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई।

    बारिश से तापमान में आई गिरावट
    लगातार बारिश के चलते प्रदेशभर में मौसम सुहावना हो गया है और दिन के तापमान में भी कमी दर्ज की गई। पांच प्रमुख शहरों में इंदौर का अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर 30.6 डिग्री, भोपाल 31 डिग्री, उज्जैन 31.5 डिग्री और ग्वालियर 33.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    सबसे अधिक तापमान श्योपुर में 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि मलाजखंड सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सिवनी, धार, नौगांव, दमोह, खंडवा, सागर, बैतूल, छिंदवाड़ा, खरगोन, टीकमगढ़ और सतना में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

    सामान्य से 5 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
    प्रदेश में जून महीने से ही आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। 6 जुलाई तक हुई वर्षा के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 200.5 मिमी (करीब 8 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य 191.3 मिमी (7.7 इंच) वर्षा की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। हालांकि प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

  • राशिफल 8 जुलाई 2026: तुला राशि वालों को आर्थिक फायदा, पढ़ें सभी राशियों का भविष्यफल

    राशिफल 8 जुलाई 2026: तुला राशि वालों को आर्थिक फायदा, पढ़ें सभी राशियों का भविष्यफल


    नई दिल्ली । 8 जुलाई 2026 का दैनिक राशिफल लेकर आए हैं। जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए करियर, कारोबार, धन, प्रेम और स्वास्थ्य के लिहाज से कैसा रहेगा आज का दिन।

    मेष:
    आज कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें।

    वृषभ:
    व्यापार में लाभ के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। यात्रा का योग बन सकता है।

    मिथुन:
    रुके हुए काम पूरे होंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। निवेश सोच-समझकर करें।

    कर्क:
    आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय न लें। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। सेहत का ध्यान रखें।

    सिंह:
    करियर में प्रगति के नए अवसर मिलेंगे। आत्मविश्वास बढ़ेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। धन संबंधी मामलों में सफलता मिलेगी।

    कन्या:
    कारोबार में नई योजनाओं से लाभ मिल सकता है। नौकरी में पदोन्नति के संकेत हैं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। अनावश्यक विवाद से बचें।

    तुला:
    आज का दिन आर्थिक दृष्टि से बेहद शुभ रहेगा। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है या आय के नए स्रोत बन सकते हैं। व्यापार में लाभ होगा और निवेश से भी फायदा मिलने के योग हैं। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।

    वृश्चिक:
    कामकाज में व्यस्तता रहेगी। धैर्य और संयम बनाए रखें। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह लाभदायक साबित होगी। सेहत पर ध्यान दें।

    धनु:
    भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। नौकरी और व्यवसाय में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। यात्रा शुभ रहेगी।

    मकर:
    कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। निवेश के लिए दिन अच्छा है।

    कुंभ:
    नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। खर्चों में संतुलन बनाए रखें।

    मीन:
    आज मानसिक शांति बनी रहेगी। नौकरी और व्यापार में सामान्य लाभ मिलेगा। परिवार के साथ संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

    शुभ रंग: सफेद, हरा, गुलाबी
    शुभ अंक: 3, 6, 9

  • रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस केस में सीबीआई का बड़ा एक्शन पहली चार्जशीट में दो कंपनियां और पांच पूर्व अधिकारी नामजद

    रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस केस में सीबीआई का बड़ा एक्शन पहली चार्जशीट में दो कंपनियां और पांच पूर्व अधिकारी नामजद

    नई दिल्ली । देश के चर्चित बैंक धोखाधड़ी मामलों में शामिल रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े 4097 करोड़ रुपए के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। विशेष सीबीआई अदालत में पेश किए गए आरोप पत्र में रिलायंस समूह की दो कंपनियों सहित कुल सात आरोपियों को नामजद किया गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि सुनियोजित साजिश के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को हजारों करोड़ रुपए का वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया जबकि संबंधित कंपनियों और आरोपियों को अनुचित लाभ मिला।

    सीबीआई की चार्जशीट में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड के अलावा रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड के पांच पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं। इनमें तत्कालीन निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवांग प्रवीण मोदी निदेशक रविंद्र सोमयाजुला राव धनंजय भगवानप्रसाद तिवारी एग्जीक्यूटिव रिस्क ऑफिसर राजेश कृष्णमूर्ति और चीफ रिस्क ऑफिसर लव चतुर्वेदी शामिल हैं। सभी पर आपराधिक साजिश रचने धोखाधड़ी करने और सरकारी बैंकों को भारी नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं।

    जांच एजेंसी के अनुसार रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड ने बैंकों से प्राप्त ऋण राशि का उपयोग निर्धारित शर्तों के अनुरूप नहीं किया। आरोप है कि यह धनराशि विभिन्न मध्यस्थ और शेल कंपनियों के माध्यम से रिलायंस एडीए समूह की अन्य कंपनियों में स्थानांतरित कर दी गई। इस पूरी प्रक्रिया से बैंकिंग नियमों का उल्लंघन हुआ और सरकारी बैंकों को 4097 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा।

    सीबीआई ने बताया कि यह मामला बैंक ऑफ महाराष्ट्र सहित अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शिकायतों के आधार पर दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि कुल 13 सरकारी बैंकों के बैंकिंग कंसोर्टियम को इस कथित वित्तीय अनियमितता के कारण भारी नुकसान हुआ। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कथित साजिश में और कौन कौन शामिल था।

    मामले की जांच के दौरान सीबीआई अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। इनमें रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व उपाध्यक्ष अमिताभ झुनझुनवाला रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवांग मोदी तथा रिलायंस कैपिटल के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी अमित बापना शामिल हैं। वर्तमान में अमिताभ झुनझुनवाला और देवांग मोदी न्यायिक हिरासत में हैं जबकि अमित बापना सीबीआई की हिरासत में हैं।

    जांच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह केवल पहली चार्जशीट है और जांच अभी जारी है। आने वाले समय में अन्य निदेशकों कंपनियों और संभावित सार्वजनिक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। यदि नए साक्ष्य सामने आते हैं तो पूरक चार्जशीट भी दाखिल की जाएगी।

    सीबीआई के अनुसार रिलायंस कम्युनिकेशंस रिलायंस होम फाइनेंस रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड से जुड़े मामलों में विभिन्न सरकारी बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम की शिकायतों पर कुल सात एफआईआर दर्ज की गई हैं। इससे पहले मई महीने में रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े मामले में भी पहली चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। एजेंसी का कहना है कि इन सभी मामलों की निष्पक्ष व्यापक और त्वरित जांच की जा रही है तथा पूरी प्रक्रिया पर सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी बनी हुई है।

  • Beetroot For Skin: चुकंदर से पाएं गुलाबी निखार, जानें त्वचा की देखभाल के आसान और असरदार तरीके

    Beetroot For Skin: चुकंदर से पाएं गुलाबी निखार, जानें त्वचा की देखभाल के आसान और असरदार तरीके

    नई दिल्ली । अगर आप बिना महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स के अपनी त्वचा को प्राकृतिक निखार देना चाहते हैं तो चुकंदर आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। विटामिन सी फोलेट आयरन पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर चुकंदर शरीर के साथ साथ त्वचा के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है। नियमित रूप से इसका सेवन और सही तरीके से त्वचा पर उपयोग करने से चेहरे की चमक बढ़ सकती है और त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ बनी रह सकती है।

    चुकंदर में मौजूद विटामिन सी त्वचा में कोलेजन बनने में मदद करता है जिससे त्वचा की कसावट बनी रहती है और समय से पहले झुर्रियां आने का खतरा कम हो सकता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करते हैं जिससे त्वचा अधिक स्वस्थ और चमकदार दिखाई देती है।

    यदि त्वचा बेजान और रूखी हो गई है तो चुकंदर का रस उपयोगी हो सकता है। चुकंदर के ताजे रस में थोड़ा शहद मिलाकर चेहरे पर 15 से 20 मिनट तक लगाएं और फिर साफ पानी से धो लें। इससे त्वचा को नमी मिल सकती है और चेहरा ताजा महसूस होता है।

    दाग धब्बों और टैनिंग को कम करने के लिए चुकंदर के रस में दही या एलोवेरा जेल मिलाकर फेस पैक तैयार किया जा सकता है। इसे सप्ताह में एक या दो बार लगाने से त्वचा की रंगत में सुधार आने में मदद मिल सकती है। हालांकि इसका असर हर व्यक्ति की त्वचा के अनुसार अलग हो सकता है।

    फटे और रूखे होंठों के लिए भी चुकंदर एक लोकप्रिय घरेलू उपाय माना जाता है। रात में चुकंदर का थोड़ा सा रस होंठों पर लगाने से होंठ मुलायम दिखाई दे सकते हैं और उनमें हल्का प्राकृतिक गुलाबीपन भी आ सकता है।

    त्वचा की खूबसूरती केवल बाहरी देखभाल से नहीं बल्कि अंदरूनी पोषण से भी जुड़ी होती है। चुकंदर का जूस या सलाद नियमित रूप से संतुलित मात्रा में लेने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं जिससे त्वचा की प्राकृतिक चमक बनाए रखने में मदद मिल सकती है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और अच्छी नींद लेना भी उतना ही जरूरी है।

    ध्यान रखें कि किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले त्वचा के एक छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर करें। यदि जलन खुजली या एलर्जी जैसी समस्या महसूस हो तो उसका उपयोग बंद कर दें। किसी गंभीर त्वचा समस्या में त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प होता है।

    सही खानपान नियमित देखभाल और चुकंदर जैसे प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को दिनचर्या में शामिल करके आप त्वचा को स्वस्थ चमकदार और तरोताजा बनाए रखने की दिशा में अच्छा कदम उठा सकते हैं।

  • ई-25 पेट्रोल पर अटकलों पर केंद्र का विराम, सरकार ने कहा- फिलहाल ई-20 से आगे बढ़ाने का कोई फैसला नहीं; वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही होगा अगला कदम

    ई-25 पेट्रोल पर अटकलों पर केंद्र का विराम, सरकार ने कहा- फिलहाल ई-20 से आगे बढ़ाने का कोई फैसला नहीं; वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही होगा अगला कदम

    नई दिल्ली । देश में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने ई-25 पेट्रोल को जल्द लागू किए जाने संबंधी खबरों का खंडन किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल ई-20 से अधिक एथेनॉल मिश्रण लागू करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार भविष्य में यदि इस दिशा में कोई कदम उठाया जाता है तो वह केवल व्यापक वैज्ञानिक परीक्षण, तकनीकी मूल्यांकन और सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद ही किया जाएगा।

    सरकार का यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन को लेकर कई तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं। इनमें वाहनों के प्रदर्शन, इंजन की कार्यक्षमता और माइलेज पर संभावित प्रभाव को लेकर कई दावे सामने आए थे। सरकार ने कहा कि वर्तमान में उपयोग किया जा रहा ई-20 पेट्रोल लंबे समय तक परीक्षण और मूल्यांकन के बाद ही चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है, इसलिए उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

    सरकारी जानकारी के अनुसार देश में करोड़ों दोपहिया और लाखों पेट्रोल आधारित चारपहिया वाहन पहले से एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग कर रहे हैं। एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को धीरे-धीरे लागू किया गया ताकि वाहन निर्माता कंपनियां, ईंधन आपूर्ति व्यवस्था और उपभोक्ता सभी इसके अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें। सरकार का कहना है कि यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय अनुभवों और वैज्ञानिक मानकों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाया गया है।

    हाल ही में सरकार ने एथेनॉल मिश्रण से जुड़े कई प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत स्पष्टीकरण भी जारी किया था। इसमें कहा गया कि ई-20 पेट्रोल किसी प्रयोगात्मक ईंधन की श्रेणी में नहीं आता, बल्कि इसके पीछे व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन, सुरक्षा परीक्षण और नियामकीय मानकों का पालन किया गया है। सरकार के अनुसार दुनिया के अनेक देशों में दशकों से एथेनॉल मिश्रित ईंधन का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है और भारत ने भी उसी अनुभव के आधार पर अपनी नीति तैयार की है।

    सरकार ने एथेनॉल उत्पादन में अत्यधिक पानी की खपत संबंधी दावों को भी भ्रामक बताया है। अधिकारियों के अनुसार आधुनिक एथेनॉल डिस्टिलरी में एक लीटर एथेनॉल तैयार करने के लिए सीमित मात्रा में प्रोसेस्ड पानी की आवश्यकता होती है तथा अधिकांश इकाइयों में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज जैसी आधुनिक तकनीक अपनाई जा रही है। इससे पानी का पुनर्चक्रण संभव हो रहा है और जल संसाधनों पर दबाव कम पड़ता है।

    सरकार का यह भी कहना है कि एथेनॉल उत्पादन के लिए अब केवल अतिरिक्त खाद्यान्न पर निर्भरता नहीं है। मक्का आधारित एथेनॉल उत्पादन में लगातार वृद्धि हुई है और वर्तमान आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी स्रोत से आ रहा है। मक्का की खेती में अपेक्षाकृत कम सिंचाई की आवश्यकता होती है, जिससे जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। किसानों को इस दिशा में प्रोत्साहित करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य सहित अन्य नीतिगत कदम भी उठाए गए हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करना ही नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, किसानों की आय बढ़ाना और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना भी है। सरकार ने दोहराया है कि ईंधन नीति से जुड़ा हर अगला निर्णय वैज्ञानिक प्रमाण, तकनीकी परीक्षण और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए ही लिया जाएगा। फिलहाल देश में ई-20 कार्यक्रम निर्धारित नीति के अनुसार जारी रहेगा और ई-25 को लेकर कोई तत्काल योजना नहीं है।

  • रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, पहली चार्जशीट दाखिल; दो कंपनियों समेत सात आरोपी नामजद

    रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, पहली चार्जशीट दाखिल; दो कंपनियों समेत सात आरोपी नामजद

    नई दिल्ली । रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने जांच को आगे बढ़ाते हुए पहली चार्जशीट विशेष अदालत में दाखिल कर दी है। इस आरोपपत्र में दो रिलायंस समूह की कंपनियों सहित कुल सात आरोपियों को नामजद किया गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस मामले में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को हजारों करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ, जबकि संबंधित कंपनियों और कुछ अधिकारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। मामले की जांच अभी भी जारी है और आगे पूरक आरोपपत्र दाखिल किए जाने की संभावना जताई गई है।

    जांच एजेंसी के अनुसार आरोपपत्र में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड तथा रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड के पांच पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं। इनमें तत्कालीन निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, निदेशक तथा जोखिम प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ पदों पर कार्यरत अधिकारी शामिल हैं। सीबीआई ने सभी आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को वित्तीय नुकसान पहुंचाने से संबंधित आरोप लगाए हैं।

    जांच में यह आरोप सामने आया है कि बैंकों से प्राप्त ऋण राशि का उपयोग निर्धारित शर्तों के अनुरूप नहीं किया गया। एजेंसी का दावा है कि ऋण की राशि को विभिन्न मध्यस्थ और शेल कंपनियों के माध्यम से समूह की अन्य कंपनियों में स्थानांतरित किया गया। जांच के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया के कारण ऋण देने वाले सरकारी बैंकों को भारी वित्तीय क्षति हुई और संबंधित पक्षों को अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ।

    यह मामला बैंक ऑफ महाराष्ट्र सहित सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंकों की शिकायतों के आधार पर दर्ज किया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार बैंकिंग कंसोर्टियम से जुड़े 13 सरकारी बैंकों को कुल 4,097 करोड़ रुपये का कथित नुकसान हुआ है। इसी आधार पर विस्तृत जांच शुरू की गई, जिसके बाद पहली चार्जशीट अदालत में प्रस्तुत की गई है।

    सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि जांच केवल वर्तमान आरोपियों तक सीमित नहीं है। एजेंसी अन्य निदेशकों, कंपनियों तथा संभावित रूप से जुड़े सार्वजनिक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की जाएगी। एजेंसी का कहना है कि पूरे मामले की हर कड़ी की गहन जांच की जा रही है।

    इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व उपाध्यक्ष अमिताभ झुनझुनवाला, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवांग मोदी तथा रिलायंस कैपिटल के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी अमित बापना शामिल हैं। वर्तमान में दो आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि एक आरोपी जांच एजेंसी की हिरासत में है।

    सीबीआई के अनुसार रिलायंस समूह की विभिन्न कंपनियों से जुड़े मामलों में अब तक कई प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस होम फाइनेंस, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस और रिलायंस टेलीकॉम से संबंधित मामले शामिल हैं। इन मामलों में विभिन्न सरकारी बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम की शिकायतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि इससे पहले रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े मामले में भी आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। मौजूदा कार्रवाई उसी श्रृंखला का अगला महत्वपूर्ण चरण मानी जा रही है। एजेंसी का कहना है कि सभी मामलों की निष्पक्ष, व्यापक और समयबद्ध जांच जारी है तथा आगे मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • वैश्विक सप्लाई चेन के नए दौर में भारत की मजबूत छलांग, मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में तेज हुई रफ्तार; निवेश और उत्पादन में बढ़त के संकेत

    वैश्विक सप्लाई चेन के नए दौर में भारत की मजबूत छलांग, मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में तेज हुई रफ्तार; निवेश और उत्पादन में बढ़त के संकेत

    नई दिल्ली । वैश्विक सप्लाई चेन में लगातार हो रहे बदलाव के बीच भारत दुनिया के प्रमुख विनिर्माण केंद्रों में अपनी स्थिति तेजी से मजबूत करता दिखाई दे रहा है। महामारी के बाद बदले अंतरराष्ट्रीय कारोबारी माहौल ने वैश्विक कंपनियों को उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था में विविधता लाने के लिए प्रेरित किया है। इसका सबसे बड़ा लाभ भारत को मिलता दिखाई दे रहा है, जहां निवेश, उत्पादन क्षमता और औद्योगिक गतिविधियों में लगातार विस्तार दर्ज किया जा रहा है। उद्योग जगत का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क का और भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।

    हालिया आकलन के अनुसार कोविड-19 के बाद दुनिया भर की कंपनियों ने केवल एक देश पर निर्भर रहने की रणनीति से दूरी बनानी शुरू की है। इसके स्थान पर चीन+1, फ्रेंडशोरिंग और नियरशोरिंग जैसी रणनीतियों को अपनाया जा रहा है, जिससे सप्लाई चेन अधिक सुरक्षित, लचीली और जोखिमों से कम प्रभावित रहे। इस वैश्विक बदलाव ने भारत को नए निवेश और उत्पादन अवसर उपलब्ध कराए हैं।

    रिपोर्ट में दुनिया की प्रमुख विनिर्माण अर्थव्यवस्थाओं का विश्लेषण करते हुए बताया गया है कि महामारी के बाद भारत ने अपनी औसत विनिर्माण वृद्धि दर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। महामारी-पूर्व अवधि की तुलना में हाल के वर्षों में उत्पादन वृद्धि तेज हुई है और भारत वैश्विक औसत से बेहतर प्रदर्शन करने वाले देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि भारतीय विनिर्माण क्षेत्र लगातार प्रतिस्पर्धी बन रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की सफलता के पीछे कई संरचनात्मक कारण हैं। देश का विशाल घरेलू बाजार, तेजी से विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में सुधार, डिजिटल परिवर्तन और निवेश के अनुकूल नीतियों ने उद्योगों का भरोसा बढ़ाया है। इसके साथ ही वैश्विक कंपनियां उत्पादन इकाइयों के विस्तार के लिए भारत को एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में देख रही हैं।

    औद्योगिक क्षेत्र को गति देने में सरकार की विभिन्न योजनाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजना, औद्योगिक कॉरिडोर, पीएम गति शक्ति जैसी पहलों ने विनिर्माण क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के साथ उत्पादन क्षमता बढ़ाने का रास्ता तैयार किया है। इन पहलों के कारण कई क्षेत्रों में नई परियोजनाएं शुरू हुई हैं और रोजगार सृजन की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।

    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बने रहने के लिए भारत को लॉजिस्टिक्स लागत कम करने, औद्योगिक आधारभूत ढांचे को और मजबूत बनाने तथा घरेलू सप्लायर नेटवर्क का विस्तार करने पर लगातार काम करना होगा। कारोबार करने में आसानी को बेहतर बनाना, नई तकनीकों को उद्योगों में तेजी से अपनाना और मुक्त व्यापार समझौतों का प्रभावी उपयोग भी भविष्य की विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है।

    विश्लेषकों के अनुसार यदि वर्तमान सुधारों की गति बनी रहती है और वैश्विक निवेश का प्रवाह इसी तरह जारी रहता है, तो भारत आने वाले वर्षों में दुनिया के अग्रणी विनिर्माण केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है। इससे न केवल निर्यात क्षमता बढ़ेगी, बल्कि रोजगार, औद्योगिक विकास और आर्थिक वृद्धि को भी नई गति मिलेगी। बदलती वैश्विक सप्लाई चेन के इस दौर में भारत के सामने एक दीर्घकालिक अवसर मौजूद है, जिसे प्रभावी नीतियों और मजबूत औद्योगिक ढांचे के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।