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  • होली स्पेशल टिप्स: केमिकल रंगों से बचें और स्किन को सुरक्षित रखें

    होली स्पेशल टिप्स: केमिकल रंगों से बचें और स्किन को सुरक्षित रखें


    नई दिल्ली। होली रंगों और खुशियों का त्योहार है लेकिन आजकल बाजार में मिलने वाले रासायनिक Chemical युक्त रंग, गुलाल और पेंट हमारी त्वचा के लिए खतरा बन सकते हैं इससे त्वचा पर खुजली, रैशेज, जलन और रूखापन जैसी समस्याएं होना आम बात है इसलिए अगर आप चाहते हैं कि होली का मज़ा भी बना रहे और आपकी स्किन भी सुरक्षित रहे तो कुछ आसान और प्रभावी उपायों को अपनाना बेहद जरूरी है सबसे पहला कदम है तेल लगाना होली खेलने से कम से कम 20-30 मिनट पहले नारियल तेल, सरसों के तेल या ऑलिव ऑयल से पूरे शरीर पर अच्छी तरह मसाज करें यह तेल स्किन पर एक प्रोटेक्टिव बैरियर का काम करता है जिससे रंग पोर्स में नहीं जा पाते और बाद में उन्हें हटाना आसान हो जाता है

    इसके बाद जरूरी है सनस्क्रीन का इस्तेमाल होली अक्सर बाहर खेली जाती है धूप और रंगों के कॉम्बिनेशन से फोटोटॉक्सिक रिएक्शन हो सकता है जिससे स्किन जल सकती है या टैनिंग हो सकती है इसलिए तेल लगाने के बाद अच्छी मात्रा में वॉटरप्रूफ सनस्क्रीन लगाना न भूलें यह स्किन को सूरज की हानिकारक किरणों से भी बचाता है और रंग खेलने का आनंद बिना नुकसान के मिलता है

    होली पर हल्के और नैचुरल रंगों का चुनाव भी आपकी स्किन को सुरक्षित रखने का एक और तरीका है बाजार में मिलने वाले केमिकल रंगों के बजाय फूलों से बने रंग, हल्दी, चंदन या बेसन के रंग इस्तेमाल करें ये त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाते और स्किन को आराम देते हैं इसके अलावा होली के दिन पानी का प्रॉपर इस्तेमाल करें अत्यधिक पानी से बचें और रंग लगाने के बाद तुरंत स्नान करें स्नान के लिए हल्के और माइल्ड साबुन या शॉवर जेल का उपयोग करें ताकि त्वचा को नुकसान न पहुंचे

    होली के बाद स्किन की देखभाल करना भी जरूरी है स्नान के बाद मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें यह स्किन को हाइड्रेट रखता है और रंगों के कारण होने वाले नुकसान को कम करता है इसके साथ ही अगर त्वचा पर कोई एलर्जी या जलन महसूस हो तो ठंडे पानी से कमप्रेस करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें

    इस तरह से होली के दिन कुछ सावधानियों और घरेलू उपायों को अपनाकर आप रंगों का मज़ा भी ले सकते हैं और अपनी त्वचा को भी सुरक्षित रख सकते हैं होली सिर्फ एक त्योहार नहीं है यह खुशियों का उत्सव है और इसे सही तरीके से मनाना सबसे महत्वपूर्ण है ताकि त्योहार के बाद कोई परेशानी न हो

  • मौसमी थकान का सच: सर्दियों से वसंत में बदलाव पर शरीर क्यों महसूस करता है कमजोरी

    मौसमी थकान का सच: सर्दियों से वसंत में बदलाव पर शरीर क्यों महसूस करता है कमजोरी


    नई दिल्ली। जैसे ही सर्दियों का मौसम धीरे-धीरे खत्म होता है और वसंत की हल्की गर्मी शुरू होती है, कई लोग सामान्य से अधिक थकान महसूस करने लगते हैं। सुबह और रात में हल्की ठंड होती है और दिन में धूप निकलने से गर्मी लगती है। ऐसे में शरीर में सुस्ती, आलस और ऊर्जा की कमी महसूस होना आम बात हो गई है। इस स्थिति को सीजनल फटीग या मौसमी थकान कहते हैं।

    सीजनल फटीग तब होती है जब मौसम बदलता है और शरीर को नए तापमान और रोशनी के अनुसार एडजस्ट होना मुश्किल लगता है। सर्दियों में दिन छोटे और रातें लंबी होती हैं, जिससे प्राकृतिक प्रकाश कम मिलता है। इससे शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन का संतुलन प्रभावित होता है, जो नींद, ऊर्जा और मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालता है। जैसे ही वसंत आता है, दिन लंबे और उजाले बढ़ते हैं। शरीर को इस बदलाव के अनुसार अपनी दिनचर्या और ऊर्जा स्तर एडजस्ट करने में समय लगता है, और इसी दौरान अधिक थकान, सुस्ती और मानसिक कमजोरी महसूस हो सकती है।

    सीजनल फटीग से ग्रस्त व्यक्ति को कई बार पर्याप्त नींद के बावजूद थकान बनी रहती है। दिनचर्या प्रभावित हो सकती है और काम या पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो सकता है। व्यक्ति को मानसिक थकान, सुस्ती, आलस्य, एकाग्रता में कमी और कभी-कभी नींद न आने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

    इसका मुख्य कारण मौसम में बदलाव के कारण शरीर की ऊर्जा और हार्मोनल प्रतिक्रिया है। सर्दियों में ठंड के कारण शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, और वसंत में अचानक गर्मी और रोशनी बढ़ने पर शरीर को फिर से ऊर्जा स्तर संतुलित करने में समय लगता है। इसके अलावा विटामिन डी की कमी भी थकान में योगदान कर सकती है क्योंकि सर्दियों में धूप कम मिलती है।

    सीजनल फटीग से बचने के लिए कुछ उपाय बेहद मददगार साबित होते हैं। रोजाना हल्की एक्सरसाइज या योग करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म सक्रिय रहता है। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना और प्राकृतिक प्रकाश में समय बिताना भी मदद करता है। नींद पूरी करना, स्ट्रेस कम करना और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।

    यदि थकान लंबे समय तक बनी रहे, मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो, नींद न आए या सामान्य गतिविधियों में कठिनाई हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। कभी-कभी ये लक्षण अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकते हैं।

    इस प्रकार सर्दियों से वसंत के मौसम में शरीर का एडजस्ट होना और ऊर्जा स्तर में बदलाव सामान्य है, लेकिन समझदारी और सावधानी से आप सीजनल फटीग को कम कर सकते हैं और स्वस्थ दिनचर्या बनाए रख सकते हैं।

  • टी-20 विश्वकप में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की जीत पर मध्य प्रदेश में जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी

    टी-20 विश्वकप में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की जीत पर मध्य प्रदेश में जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी


    भोपाल।
    टी-20 विश्वकप के सुपर 8 मैच में वेस्ट इंडीज के खिलाफ भारत की शानदार जीत पर मध्य प्रदेश में क्रिकेट प्रेमियों ने जमकर जश्न मनाया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और गुना समेत कई दूसरे शहरों में क्रिकेट फैंस ने बड़ी स्क्रीन पर मैच देखा और भारतीय टीम की जीत का जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतर आए। इस दौरान जमकर आतिशबाजी की गई।

    भारतीय क्रिकेट टीम ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर खेले गए टी-20 विश्व कप में सुपर-8 के आखिरी मुकाबले में वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत के हीरो रहे संजू सैमसन ने नाबाद 97 रन की मैच विनिंग पारी खेली। इस जीत के बाद मध्य प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और गुना समेत कई शहरों में भारत की जीत का जश्न मनाया। प्रमुख चौराहों पर देर रात तक सड़कों पर उत्सव का माहौल बना रहा।

    क्रिकेट प्रेमी डीजे की धुनों पर थिरकते नजर आए, कई जगह आतिशबाजी की गई। भोपाल के बड़वाले महादेव मंदिर में देशभक्ति गीतों के बीच जीत का उत्सव मनाया गया। क्रिकेट प्रेमी एक-दूसरे को बधाई देते दिखे, तिरंगा लहराया गया और ‘भारत माता की जय’ के नारों से माहौल गूंज उठा। अब सभी की नजरें सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं।

    भारत की जीत का जश्न इंदौर में भी देखने को मिल रहा है। इंदौर में बच्चे भी जश्न मना रहे हैं। हालांकि, इंदौर के राजवाड़ा पर माहौल नॉर्मल है। पिछली बार भारत की जीत के बाद भीड़ को कंट्रोल करना मुश्किल हो गया था। लाइट बंद करके हालात को कंट्रोल किया गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए आज पुलिस यहां किसी को रुकने नहीं दे रही है। युवा भी माहौल देखकर सीधे निकलते जा रहे हैं।

    भोपाल में युवा तिरंगा लेकर सड़कों पर जश्न मनाते नजर आए। भारत माता की जय के नारे लगाते हुए बड़ी स्क्रीन, पटाखे, ढोल-नगाड़े बजाकर डांस कर रहे हैं। देशभक्ति के गाने गाकर और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर जश्न मना रहे हैं। प्रमुख चौराहों पर देर रात तक उत्साह का माहौल नजर आ रहा है। वहीं, उज्जैन के टावर चौक पर क्रिकेट फैंस देर रात तक भारत की जीत का जश्न मना रहे हैं। सड़क पर आतिशबाजी कर रहे हैं।

  • आपसी सौहार्द और प्रेम पूर्वक त्यौहार मनाएं सभी नागिरक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    आपसी सौहार्द और प्रेम पूर्वक त्यौहार मनाएं सभी नागिरक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि त्यौहार सामाजिक सद्भाव का प्रतीक हैं। प्रदेश के सभी नागरिक आपसी सौहार्द और प्रेम पूर्वक त्यौहार मनाएं, इसके लिए मैदानी पुलिस अधिकारी और अमले को अतिरिक्त सजगता, सतर्कता और मुस्तैदी के साथ ड्यूटी निभानी होगी, ताकि कहीं भी, किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार शाम को आगामी सभी त्यौहारों से पहले प्रदेश में शांति और सुव्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस कमिश्नर ऑफिस, भोपाल में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने निर्देश दिए कि त्यौहारों के चलते विशेष निगरानी और ऐहतियात बरती जाए। पुलिस सूचना-तंत्र को और भी अधिक सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी से अपने कर्तव्यों का पालन करें, जिससे किसी भी नागरिक को असुविधा न हो।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से विस्तृत समीक्षा की। इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, डीजीपी कैलाश मकवाना, एडीजी इंटेलीजेंस ए. साईं मनोहर सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। प्रदेश के सभी रेंज आईजी, डीआईजी, पुलिस कमिश्नर्स और पुलिस अधीक्षकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़कर अपने-अपने क्षेत्रों की व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्राधिकार में कानून-व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखें और इस संबंध में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नागरिक बिना किसी बाधा के अपने-अपने पर्व आनंदपूर्वक मनाएं। शासन-प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ उनकी सुरक्षा में तत्पर होकर तैनात है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के समय बेहद सतर्क रहें। हर घटना-दुर्घटना पर बारीक नजर बनाएं रखें। जनता में सुरक्षा का विश्वास कायम करें। समाज के अच्छे और प्रभावशाली लोगों को शांति समिति में लेकर आए। उन्होंने कहा कि सभी एसपी अपने पुलिस कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग सिस्टम को और भी अधिक बेहतर बनाएं। हर हाल में सुव्यवस्था बनी रहे, यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी दिनों में वे प्रदेश के पुलिस थानों और कार्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे। पुलिस थानों के कार्य-व्यवहार और पब्लिक फीडबैक के आधार पर उनकी ग्रेडिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षकों को अतिरिक्त सजगता और सतर्कता बरतने की हिदायत देते हुए कहा कि कानून- व्यवस्था के संबंध में जो भी कार्रवाई हो, वह पूरी तरह से पारदर्शी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में परीक्षाएं चल रही हैं। इसलिए सभी परीक्षा केन्द्रों और हॉस्टल्स पर निगरानी रखें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस विभाग को प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह सब पुलिस की समर्पित कार्यवाही और निष्ठा से ही संभव हो सका है। उन्होंने कहा की पुलिस अधिकारी सुनिश्चितकरें कि होलिका दहन गैर विवादित स्थलों पर ही हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि त्योहारों के चलते अधिक संख्या में यात्रियों के आवागमन के कारण बस ऑपरेटर्स द्वारा यात्रियों से अधिक किराया वसूल करने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसी स्थिति पर रोक लगाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि त्यौहारों के दौरान विशेष संवेदनशीलता का परिचय दिया जाना चाहिए। किसी भी जगह किसी भी प्रकार की घटना या दुर्घटना पर पुलिस का क्विक रिस्पांस होना चाहिए। छोटी से छोटी घटना को संज्ञान में लें। शुष्क दिवस के प्रावधान का पूरी कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाये। सभी पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में व्यवस्थाओं में और अधिक कसावट लायें। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में सभी मैदानी पुलिस अधिकारियों ने त्यौहारों के मद्देनजर की गई तैयारियों की जानकारी दी। सभी ने कहा कि शांति समिति की बैठकें कर सभी से लगातार बातचीत की जा रही है।

  • मध्य प्रदेश में होली पर तीन मार्च के साथ चार मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश

    मध्य प्रदेश में होली पर तीन मार्च के साथ चार मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में इस वर्ष होली के त्यौहार पर दो दिन अवकाश रहेगा। खग्रास चंद्रग्रहण के कारण रंगों का उत्सव 3 मार्च की बजाय 4 मार्च को मनाया जाएगा। राज्य सरकार ने 3 मार्च के साथ 4 मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

    सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा रविवार को जारी आदेश में कहा गया है कि होली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में 4 मार्च को भी निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेंट्स एक्ट-1881 के अधीन सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया गया है। राज्य शासन द्वारा होली के पावन पर्व पर पूर्व में 3 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जा चुका है।

    इधर प्रदेश में होली की तैयारियां जोरों पर हैं। प्रदेश के हजारों स्थानों पर सोमवार को होलिका दहन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस बार होली का मुख्य दिन कुछ अलग रहेगा, क्योंकि तीन मार्च को खग्रास चंद्रग्रहण है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान सूतक काल लागू रहता है और इस अवधि में उत्सव नहीं मनाया जाता है, इसलिए इस साल होली का रंगोत्सव दहन के दूसरे दिन के बजाए चार मार्च बुधवार को तीसरे दिन मनाया जाएगा।

    इस बार होली उत्सव की शुरुआत दो मार्च की रात से होगी, जब पूरे राज्य में होलिका दहन का आयोजन किया जाएगा। उसके बाद रंग उत्सव चार मार्च को मनाया जाएगा। प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी जिलों में होली समारोह को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

    होली का पर्व धार्मिक रीति-रिवाज और खगोलीय स्थितियों को ध्यान में रखते हुए मनाया जाता है। जनता को रंगों और खुशियों के साथ-साथ सावधानी और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है। यह बदलाव इस पर्व को सुरक्षित और आनंददायक बनाने के लिए किया गया है।

  • फरवरी में जीएसटी राजस्व संग्रह 8.1 फीसदी बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये

    फरवरी में जीएसटी राजस्व संग्रह 8.1 फीसदी बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये


    नई दिल्ली।
    देश का सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व संग्रह फरवरी में सालाना आधार पर 8.1 फीसदी बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। इससे पिछले महीने जनवरी में जीएसटी राजस्व संग्रह 1.71 लाख करोड़ रुपये रहा था। बीते वर्ष की समान अवधि में यह 1.69 लाख करोड़ रुपये था।

    जीएसटी महानिदेशालय ने रविवार को जारी आंकड़ों में बताया कि फरवरी महीने में सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) जीएसटी राजस्व संग्रह में आयात से प्राप्त राजस्व में हुई उच्च वृद्धि का मुख्य योगदान रहा है। आंकड़ों के अनुसार फरवरी के कुल जीएसटी राजस्व संग्रह में केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) 37,473 करोड़ रुपये रहा है, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) 45,900 करोड़ रुपये रहा है। इस दौरान एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) 1,00,236 करोड़ रुपये रहा।

    आंकड़ों के मुताबिक फरवरी महीने में शुद्ध जीएसटी राजस्व संग्रह 1.61 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 7.9 फीसदी अधिक है। शुद्ध उपकर राजस्व 5,063 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल फरवरी में 13,481 करोड़ रुपये रहा था। फरवरी में 22,595 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया, जो सलाना आधार पर 10.2 फीसदी की वृद्धि है।

    वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत से लेकर अब तक (1 अप्रैल, 2025 से 1 फरवरी, 2026 तक) जीएसटी राजस्व संग्रह 20,27,033 करोड़ रुपये रहा है। इसमें सालाना आधार पर 8.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में जीएसटी राजस्व संग्रह 18,71,670 करोड़ रुपये था। फरवरी में महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक में सबसे अधिक जीएसटी राजस्व संग्रह दर्ज किया गया है। लद्दाख, मिजोरम, नागालैंड और मणिपुर उन राज्यों में शामिल थे जहां सबसे कम जीएसटी राजस्व संग्रह हुआ है।

  • मदुरै की जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी का विपक्ष पर हमला, विकसित तमिलनाडु का रखा लक्ष्य

    मदुरै की जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी का विपक्ष पर हमला, विकसित तमिलनाडु का रखा लक्ष्य


    मदुरै।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के मदुरै में राज्य के विकास, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और केंद्र की योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे मुद्दों पर जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने तिरुप्परनकुंद्रम स्थित अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में दर्शन के अनुभव से की।

    प्रधानमंत्री ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जनसभा से पहले वे तिरुप्परनकुंद्रम जाकर भगवान मुरुगन के दर्शन कर चुके हैं और यह उनके लिए अत्यंत आध्यात्मिक क्षण था। उन्होंने कहा कि उन्होंने तमिलनाडु और देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्हें एक युवा भक्त थिरु पूर्णा चंद्रन की याद आई, जिनका हाल ही में निधन हो गया था। वे उनकी पत्नी थिरुमति इंदुमति पूर्णा चंद्रन और उनके दो छोटे बच्चों से मिले तथा परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में कोई किसी से भयभीत नहीं होता और मतभेद होना स्वाभाविक है। वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में महिलाओं की सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है। उनके अनुसार, अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं और नशे तथा अवैध गतिविधियों के कारण अनेक परिवार प्रभावित हो रहे हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य ‘विकसित तमिलनाडु’ के बिना अधूरा है। उन्होंने राज्य को देश की प्रगति में निर्णायक भूमिका निभाने वाला प्रदेश बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बंदरगाह, कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स से जुड़े कई प्रोजेक्ट पूर्व में लंबित रहे, लेकिन केंद्र सरकार ने उन्हें गति देने का प्रयास किया है। उन्होंने चेन्नई और कामराजा बंदरगाह के एकीकरण तथा मदुरवॉयल एलिवेटेड कॉरिडोर जैसे कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे राज्य की आर्थिक गतिविधियों को बल मिला है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र की ग्रामीण आवास योजना के तहत लाखों परिवारों को पक्का घर मिला है। हालांकि कुछ परियोजनाएं राज्य स्तर पर समन्वय के अभाव में अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि शहर को बेहतर शहरी सुविधाओं, स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था की आवश्यकता है। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शहरी ढांचे को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि दुनिया भर में तमिल संस्कृति के प्रति सम्मान है। मलाया विश्वविद्यालय में तिरुवल्लुवर चेयर की स्थापना को उन्होंने तमिल भाषा और संस्कृति के वैश्विक प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प पूरे देश का है और इसमें तमिलनाडु की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

  • अपने पहले राष्ट्र के नाम संबोधन में राष्ट्रपति पेजेश्कियान बोले- ‘प्रतिशोध हमारा अधिकार’

    अपने पहले राष्ट्र के नाम संबोधन में राष्ट्रपति पेजेश्कियान बोले- ‘प्रतिशोध हमारा अधिकार’


    तेहरान।
    ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद पहली बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए तीखी चेतावनी दी। उन्होंने इसे “मुसलमानों के खिलाफ युद्ध की घोषणा” बताया और कहा कि जिम्मेदार लोगों से बदला लेना ईरान का “वैध कर्तव्य और अधिकार” है।

    राष्ट्र के नाम अपने पहले संदेश में पेजेश्कियान ने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल दुश्मनों के ठिकानों पर “शक्तिशाली हमले” जारी रखेंगे। उन्होंने खामेनेई को “शहीद” घोषित करते हुए कहा कि देश उनके पदचिह्नों पर आगे बढ़ेगा।

    नई नेतृत्व परिषद की घोषणा
    राष्ट्रपति ने यह भी पुष्टि की कि एक “नई नेतृत्व परिषद” ने कामकाज संभाल लिया है, जो संक्रमण काल में शासन व्यवस्था की देखरेख करेगी। उन्होंने जनता से अपील की कि वे मस्जिदों और सड़कों पर एकजुट होकर दुश्मनों की “साजिशों” को नाकाम करें।

    इस बीच ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इराकी कुर्दिस्तान के कुछ इलाकों पर नए हमलों की घोषणा की। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख अली लारिजानी ने कहा कि सशस्त्र बल हमले के जिम्मेदार पक्षों को “अविस्मरणीय सबक” सिखाएंगे।

    उल्लेखनीय है कि पेजेश्कियान 2024 में सुधारवादी उम्मीदवार के रूप में चुने गए थे। उन्होंने सितंबर 2024 में यूएन आम सभा में अपने पहले संबोधन में “राष्ट्रीय एकता” और “विश्व के साथ रचनात्मक संवाद” पर जोर दिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि ईरान परमाणु हथियार नहीं चाहता और पश्चिमी देशों के साथ तनाव कम करने के लिए तैयार है।

    हालांकि, अपने पहले संबोधन में नवविर्वाचित ईरानी राष्ट्रपति का रुख पूरी तरह से रक्षात्मक और प्रतिशोधी दिखाई दिया। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और सर्वोच्च नेता की मौत की खबरों के बीच ईरान ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा

  • मध्य प्रदेश पुलिस को डिजिटल गवर्नेंस में मिला राष्ट्रीय सम्मान

    मध्य प्रदेश पुलिस को डिजिटल गवर्नेंस में मिला राष्ट्रीय सम्मान


    भोपाल।
    डिजिटल गवर्नेंस, तकनीक आधारित पुलिसिंग एवं नागरिक सेवा वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए मध्य प्रदेश पुलिस को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित ‘आईटी इंप्लीमेंटेशन फार गवर्नेंस एंड पब्लिक सर्विस डिलेवरी’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

    यह सम्मान रविवार को आयोजित प्रौद्योगिकी सभा पुरस्कार समारोह में सूचना प्रौद्योगिकी के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार आधारित प्रशासनिक सुधार तथा नागरिक-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा देने हेतु प्रदान किया गया। मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (एससीआरबी) जयदीप प्रसाद ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। समारोह में यह सम्मान एक्सप्रेस कंप्यूटर के एडिटर आरपी श्रीकांत द्वारा प्रदान किया गया।

    डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के माध्यम से सेवा वितरण में सुधार

    पुलिस मुख्यालय द्वारा जानकारी दी गई कि मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी को पुलिस कार्यप्रणाली के विभिन्न आयामों में समाहित करते हुए नागरिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ, जवाबदेह एवं समयबद्ध बनाया गया है। राज्य में विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को पुलिस सेवाओं तक आसान एवं त्वरित पहुंच सुनिश्चित की गई है। ऑनलाइन नागरिक पोर्टल, डिजिटल शिकायत पंजीकरण प्रणाली, विभिन्न सत्यापन सेवाएं तथा अन्य नागरिक उन्मुख सुविधाओं के माध्यम से सेवा वितरण प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाया गया है, जिससे आमजन को त्वरित एवं विश्वसनीय सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।

    तकनीक आधारित प्रशासनिक दक्षता एवं पारदर्शिता

    बताया गया कि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, डेटा इंटीग्रेशन एवं तकनीक आधारित मॉनिटरिंग तंत्र के माध्यम से पुलिस प्रशासन की कार्यकुशलता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। डेटा आधारित विश्लेषण प्रणाली ने अपराध विश्लेषण, सूचना प्रबंधन तथा निर्णय प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक एवं परिणामोन्मुख बनाया है। इन पहलों से सेवा प्रदाय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है, जवाबदेही सुनिश्चित हुई है तथा नागरिकों एवं पुलिस के बीच विश्वास और सहभागिता को मजबूती मिली है।

    सुशासन एवं नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग की दिशा में पहल

    मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा अपनाया गया डिजिटल गवर्नेंस मॉडल प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण, सेवा वितरण की गति में वृद्धि तथा नागरिक सुविधा को प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। तकनीक आधारित समाधान न केवल पुलिस सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार कर रहे हैं, बल्कि शासन प्रणाली को अधिक उत्तरदायी एवं पारदर्शी बनाने में भी सहायक सिद्ध हो रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ संसाधनों के बेहतर प्रबंधन एवं कार्यप्रणाली के मानकीकरण को भी बढ़ावा मिला है।

    राष्ट्रीय स्तर पर नवाचारों की मान्यता

    Technology Sabha Awards देशभर में शासन एवं सार्वजनिक सेवा वितरण में सूचना प्रौद्योगिकी के उत्कृष्ट उपयोग को सम्मानित करने वाला प्रतिष्ठित मंच है। इस मंच पर मध्यप्रदेश पुलिस को प्राप्त यह सम्मान राज्य में लागू डिजिटल पहलों की प्रभावशीलता, नवाचार क्षमता एवं सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता का राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाण है।

    स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में निरंतर प्रयास

    मध्य प्रदेश पुलिस तकनीकी नवाचारों के माध्यम से “स्मार्ट पुलिसिंग”, ई-गवर्नेंस तथा नागरिक-केंद्रित सेवा मॉडल को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। डिजिटल नवाचारों के माध्यम से पुलिस सेवाओं को आधुनिक, पारदर्शी एवं जनोन्मुख बनाते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप पुलिसिंग प्रणाली विकसित की जा रही है। यह सम्मान सम्पूर्ण मध्य प्रदेश पुलिस परिवार के सामूहिक प्रयास, नवाचार भावना एवं जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। मध्य प्रदेश पुलिस भविष्य में भी तकनीकी उत्कृष्टता एवं नागरिक हित सर्वोपरि के सिद्धांतों के साथ सेवा प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध रहेगी।

  • WI को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में भारत, ईडन गार्डन्स में रचा सबसे बड़े रन चेज का विश्व रिकॉर्ड

    WI को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में भारत, ईडन गार्डन्स में रचा सबसे बड़े रन चेज का विश्व रिकॉर्ड


    कोलकाता।
    भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) ने टी-20 विश्वकप 2026 (T20 World Cup 2026) के सुपर आठ के रोमांचक मुकाबले में वेस्टइंडीज (West Indies) को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बाद भारत अंतिम चार में पहुंचने वाली चौथी और आखिरी टीम बन गया। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में छठी बार है जब भारत ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया है।

    कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में खेले गए इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 195 रन बनाए। जवाब में भारत ने 4 गेंद शेष रहते 196 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। इसके साथ ही टीम इंडिया ने ईडन गार्डन्स में टी20 में सबसे बड़े सफल रन चेज का विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले यहां 158 रन का सबसे बड़ा चेज दर्ज था, जो भारत ने ही वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाया था।

    सैमसन की ऐतिहासिक पारी
    जब कप्तान सूर्यकुमार यादव, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन सस्ते में आउट हो गए, तब संजू सैमसन ने जिम्मेदारी संभाली। सैमसन ने 97 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 12 चौके और 4 छक्के शामिल थे। उन्होंने शुरुआत से अंत तक क्रीज पर टिके रहकर टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाया। कप्तान सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा ने छोटी लेकिन उपयोगी पारियां खेलकर सहयोग दिया, मगर असली हीरो सैमसन ही रहे।

    शिवम दुबे के दो चौकों ने पलटा मैच
    आखिरी दो ओवरों में भारत को 17 रन की जरूरत थी। 19वें ओवर की दूसरी गेंद पर हार्दिक पांड्या 17 रन बनाकर आउट हो गए, जिससे दबाव बढ़ गया। इसी बीच शिवम दुबे ने क्रीज पर आते ही तीन गेंदों के भीतर दो चौके जड़ दिए। इन दो शॉट्स ने मैच का रुख बदल दिया और सैमसन पर से दबाव कम कर दिया। आखिरकार भारत ने लक्ष्य हासिल कर न सिर्फ सेमीफाइनल में जगह बनाई, बल्कि ईडन गार्डन्स में टी20 इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज भी दर्ज कर लिया।