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  • केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़, कथित सीक्रेट शादी और व्हाट्सऐप चैट की जांच तेज; पुलिस अदालत में पेश करेगी डिजिटल साक्ष्य

    केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़, कथित सीक्रेट शादी और व्हाट्सऐप चैट की जांच तेज; पुलिस अदालत में पेश करेगी डिजिटल साक्ष्य


    नई दिल्ली ।
    पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में एक नया पहलू सामने आया है। जांच एजेंसियां अब इस दावे की भी पड़ताल कर रही हैं कि मामले के दो प्रमुख आरोपियों ने कथित रूप से कुछ महीने पहले गुप्त रूप से विवाह किया था। पुलिस को मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की जांच के दौरान कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामग्री मिली है, जिसके आधार पर इस दावे की सत्यता की जांच की जा रही है। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच अभी जारी है।

    जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन से प्राप्त व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर मिले इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गुप्त विवाह हुआ था या नहीं तथा यदि हुआ था तो उसका इस हत्या के मामले से कोई संबंध था या नहीं। जांच अधिकारी सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने की बात कह रहे हैं।

    पुलिस ने इस मामले में कुछ ऐसे लोगों से भी पूछताछ शुरू की है जो कथित तौर पर आरोपियों के परिचित रहे हैं। जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि कथित विवाह से जुड़े दावों में कितनी सच्चाई है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या किसी आधिकारिक दस्तावेज या अन्य रिकॉर्ड से इन दावों की पुष्टि होती है। अधिकारियों ने अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम बयान जारी नहीं किया है।

    जांच एजेंसियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाई गई तस्वीरों और डिजिटल डेटा को भी पुनः प्राप्त करने का प्रयास कर रही हैं। तकनीकी विशेषज्ञ विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और ऑनलाइन खातों से संभावित साक्ष्य एकत्र कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त बैंक लेनदेन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके।

    पुलिस के अनुसार, जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि हत्या के पीछे संभावित कारण क्या थे और क्या विभिन्न डिजिटल साक्ष्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसी क्रम में इलेक्ट्रॉनिक चैट, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही इन साक्ष्यों की कानूनी प्रासंगिकता स्पष्ट होगी।

    इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी पर रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या का आरोप है। आरोप है कि 18 जून को पुणे के लोहागढ़ क्षेत्र में केतन अग्रवाल की हत्या की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। पुलिस इस प्रकरण में लगातार नए साक्ष्य एकत्र कर रही है और जांच को विभिन्न पहलुओं से आगे बढ़ा रही है।

    जांच के दौरान एक सोशल मीडिया चैट भी पुलिस के संज्ञान में आई है, जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी डिजिटल सामग्री को अंतिम साक्ष्य मानने से पहले उसकी फोरेंसिक जांच और कानूनी सत्यापन आवश्यक है। इसलिए जांच एजेंसियां प्रत्येक डिजिटल दस्तावेज और संदेश की प्रामाणिकता की पुष्टि करने में जुटी हैं।

    पुलिस ने संकेत दिया है कि मामले से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों को आगामी सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जांच अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी संभावित उद्देश्य, संबंध और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि जांच पूरी होने और न्यायालय में साक्ष्यों की जांच होने तक किसी भी दावे को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।

    फिलहाल यह मामला जांच के महत्वपूर्ण चरण में है और पुलिस डिजिटल, दस्तावेजी तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरी घटना की क्रमबद्ध तस्वीर तैयार करने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए सभी तथ्यों का वैज्ञानिक और कानूनी परीक्षण किया जा रहा है तथा अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप ही सामने आएगा।

  • मुंबई से बेंगलुरु के बीच दौड़ेगी दूसरी वंदे भारत स्लीपर, 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ लंबी दूरी की यात्रा होगी और अधिक आरामदायक

    मुंबई से बेंगलुरु के बीच दौड़ेगी दूसरी वंदे भारत स्लीपर, 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ लंबी दूरी की यात्रा होगी और अधिक आरामदायक

    नई दिल्ली । भारतीय रेलवे लंबी दूरी की रेल यात्रा को आधुनिक और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। मुंबई और बेंगलुरु के बीच दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द ही यात्रियों की सेवा में शामिल हो सकती है। अंतिम चरण के तकनीकी और सुरक्षा परीक्षण पूरे होने के बाद इस ट्रेन के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। यह हाईस्पीड स्लीपर ट्रेन देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक विकल्प उपलब्ध कराएगी।

    यह ट्रेन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई और केएसआर बेंगलुरु रेलवे स्टेशन के बीच संचालित की जाएगी। लगभग 1100 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर यात्रा का समय मौजूदा पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में कम होने की उम्मीद है। प्रस्तावित समय-सारिणी के अनुसार ट्रेन शाम के समय मुंबई से रवाना होकर अगले दिन सुबह बेंगलुरु पहुंचेगी, जिससे व्यावसायिक यात्रियों और नियमित रेल यात्रियों को विशेष सुविधा मिलेगी।

    16 कोच वाली इस आधुनिक ट्रेन में कुल 823 यात्रियों के बैठने और सोने की व्यवस्था की गई है। इसमें 11 एसी थर्ड टियर कोच, चार एसी सेकेंड क्लास कोच तथा एक फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा। विभिन्न श्रेणियों के यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सीटों और बर्थ की डिजाइन को पहले की तुलना में अधिक आरामदायक बनाया गया है ताकि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान थकान कम महसूस हो।

    वंदे भारत स्लीपर के अंदरूनी ढांचे में आधुनिक सुविधाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। बेहतर कुशनिंग वाली बर्थ, अतिरिक्त साइड सपोर्ट, चौड़े गलियारे, स्वचालित दरवाजे, हर बर्थ पर रीडिंग लाइट, आधुनिक और स्वच्छ शौचालय तथा उन्नत वेंटिलेशन प्रणाली यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगी। फर्स्ट एसी श्रेणी में निजी केबिन और कूपे की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे रात के सफर में अधिक गोपनीयता और आराम सुनिश्चित किया जा सकेगा।

    सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी इस ट्रेन को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है। इसमें कवच एंटी-कोलिजन प्रणाली का उपयोग किया गया है, जो संभावित रेल दुर्घटनाओं और ट्रेनों की टक्कर को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके साथ ही प्रत्येक कोच में आपातकालीन संचार प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी और यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल सूचना प्रदर्शन प्रणाली भी उपलब्ध होगी।

    ट्रेन की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक निर्धारित की गई है। हालांकि वास्तविक परिचालन गति रेल मार्ग और परिचालन परिस्थितियों के अनुसार तय होगी। आधुनिक सस्पेंशन और उन्नत कोच डिजाइन के कारण यात्रा के दौरान झटके और शोर पहले की तुलना में काफी कम रहने की संभावना है, जिससे रातभर का सफर अधिक शांत और आरामदायक बनेगा।

    इस नई सेवा से मुंबई, पुणे, सतारा, बेलगावी, हुबली, धारवाड़, दावणगेरे और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। भारतीय रेलवे चरणबद्ध तरीके से विभिन्न प्रमुख मार्गों पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का विस्तार करने की योजना पर कार्य कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य लंबी दूरी की रेल यात्रा को विश्वस्तरीय सुविधाओं, बेहतर सुरक्षा और तेज गति के साथ नई पहचान देना है, जिससे यात्रियों को समय की बचत के साथ अधिक आरामदायक यात्रा अनुभव मिल सके।

  • केरल के वायनाड में भारी बारिश बनी बड़ी आफत, मुख्यमंत्री ने बुलाई आपात बैठक; राहत-बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी

    केरल के वायनाड में भारी बारिश बनी बड़ी आफत, मुख्यमंत्री ने बुलाई आपात बैठक; राहत-बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी

    नई दिल्ली । केरल के वायनाड जिले में एक बार फिर भारी बारिश के बीच भूस्खलन की गंभीर घटना सामने आई है। सुरंग सड़क परियोजना के निर्माण स्थल के पास हुए इस हादसे के बाद कई श्रमिकों और पर्यटकों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही राज्य सरकार ने हालात की समीक्षा के लिए आपात बैठक बुलाई और राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित क्षेत्र में व्यापक स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

    यह घटना वायनाड के अनाक्कम्पॉयिल-कल्लाडी सुरंग सड़क परियोजना के वायनाड छोर पर मीनाक्षी पुल के समीप कलाड़ी क्षेत्र में हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान निकाली गई मिट्टी का बड़ा ढेर लगातार बारिश के कारण अचानक ढह गया। पिछले 24 घंटों में क्षेत्र में हुई अत्यधिक वर्षा से जमीन की पकड़ कमजोर हो गई, जिसके चलते मिट्टी खिसककर निर्माण स्थल के हिस्से पर आ गिरी और वहां मौजूद लोगों के फंसने की आशंका पैदा हो गई।

    राज्य सरकार ने घटना को गंभीर मानते हुए वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित मंत्रियों को तत्काल प्रभावित क्षेत्र में पहुंचने के निर्देश दिए हैं। राहत एवं बचाव अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ तेज गति से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

    घटनास्थल से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि निर्माण कार्य में लगे कई श्रमिक और आसपास मौजूद कुछ पर्यटक अब भी मलबे में फंसे हो सकते हैं। प्रभावित क्षेत्र पर्यटकों के बीच लोकप्रिय माना जाता है और घटना के समय वहां कई निजी वाहन भी खड़े थे। श्रमिकों को परियोजना स्थल तक पहुंचाने वाली एक बस के मलबे में दबने की आशंका भी व्यक्त की गई है, जिसके कारण खोज अभियान और अधिक सतर्कता के साथ चलाया जा रहा है।

    राहत कार्य में स्थानीय प्रशासन, पुलिस, दमकल विभाग और अन्य आपातकालीन एजेंसियां संयुक्त रूप से लगी हुई हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीम भी मौके पर पहुंचकर अभियान में शामिल हो चुकी है। आधुनिक मशीनों और विशेष उपकरणों की सहायता से मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी है। लगातार बारिश और अस्थिर पहाड़ी ढलानों के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, फिर भी टीमें पूरी सावधानी के साथ अभियान को आगे बढ़ा रही हैं।

    स्थानीय अधिकारियों के अनुसार मेप्पडी क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान लगभग 226 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से कहीं अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक वर्षा के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी की पकड़ कमजोर होने से भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसी कारण प्रशासन ने आसपास के संवेदनशील इलाकों की भी निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से अनावश्यक रूप से प्रभावित क्षेत्र में जाने से बचने की अपील की है।

    वायनाड पहले भी भारी वर्षा और भूस्खलन की घटनाओं का सामना कर चुका है। ऐसे में इस बार प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है और राहत अभियान को लगातार मजबूत किया जा रहा है। फिलहाल बचाव कार्य जारी है तथा फंसे हुए लोगों की वास्तविक संख्या और नुकसान का आकलन अभियान पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

  • अमरनाथ यात्रा शुरू होते ही पिघला प्राकृतिक हिमलिंग, पांचवें दिन बाबा बर्फानी के अंतर्ध्यान होने से उठे पर्यावरण और व्यवस्थाओं पर सवाल

    अमरनाथ यात्रा शुरू होते ही पिघला प्राकृतिक हिमलिंग, पांचवें दिन बाबा बर्फानी के अंतर्ध्यान होने से उठे पर्यावरण और व्यवस्थाओं पर सवाल

    नई दिल्ली । इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। यात्रा शुरू होने के महज पांच दिन बाद ही अमरनाथ गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिमलिंग पूरी तरह पिघल जाने की जानकारी सामने आई है। इस घटनाक्रम ने जहां श्रद्धालुओं में निराशा पैदा की है, वहीं पर्यावरणीय परिस्थितियों और यात्रा प्रबंधन को लेकर नई चर्चा भी शुरू हो गई है। अमरनाथ यात्रा इस वर्ष 3 जुलाई से आरंभ हुई थी और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इसका समापन रक्षाबंधन के अवसर पर होना है।

    प्राकृतिक रूप से बनने वाला हिमलिंग हर वर्ष मौसम, तापमान और गुफा के भीतर मौजूद प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुसार आकार लेता है। सामान्य तौर पर यात्रा के दौरान इसका आकार धीरे-धीरे बदलता रहता है, लेकिन इस बार शुरुआती दिनों में ही इसके पूरी तरह पिघल जाने की सूचना ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है। यात्रा के पहले चरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुफा तक पहुंचकर दर्शन कर चुके हैं, जबकि आने वाले दिनों में भी हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

    यात्रा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि हिमलिंग का बनना और पिघलना पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिस पर मानव का प्रत्यक्ष नियंत्रण संभव नहीं है। उनका मानना है कि ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में तापमान, आर्द्रता और मौसम में होने वाले बदलाव का सीधा प्रभाव हिमलिंग के स्वरूप पर पड़ता है। हालांकि इस घटनाक्रम के बाद यात्रा की व्यवस्थाओं और संरक्षण संबंधी उपायों को लेकर भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं।

    पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ते तापमान का असर हिमालयी क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार पिछले कुछ वर्षों में गर्मी का प्रभाव बढ़ने से ग्लेशियरों और प्राकृतिक बर्फ संरचनाओं के पिघलने की गति तेज हुई है। कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की एक साथ मौजूदगी से स्थानीय तापमान और वातावरण पर सीमित स्तर पर प्रभाव पड़ सकता है, हालांकि इस विषय पर वैज्ञानिक अध्ययन और विस्तृत विश्लेषण की आवश्यकता बनी हुई है।

    उपलब्ध जानकारी के अनुसार मई के अंतिम सप्ताह में हिमलिंग का आकार लगभग सात फीट बताया गया था, जो जून के अंतिम दिनों तक घटकर लगभग पांच फीट रह गया। जुलाई के पहले सप्ताह तक इसके पूरी तरह पिघल जाने की स्थिति सामने आई। इससे पहले भी वर्ष 2013 और 2016 में यात्रा समाप्त होने से पहले हिमलिंग के शीघ्र पिघलने जैसी घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं अब पहले की तुलना में अधिक बार देखने को मिल रही हैं, जो बदलती जलवायु परिस्थितियों की ओर संकेत करती हैं।

    अमरनाथ यात्रा हिंदू धर्म की सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ यात्राओं में शामिल मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इसी पवित्र गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था। इसी कारण हर वर्ष देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु कठिन पर्वतीय मार्ग पार कर यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार भी यात्रा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी। प्रशासन और संबंधित प्रबंधन संस्थाएं श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधाओं और यात्रा संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं जारी रखे हुए हैं, जबकि पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण पर भी व्यापक चर्चा तेज हो गई है।

  • शिवपुरी में आत्मदाह की कोशिश से मचा हड़कंप, महिला ने ससुराल पर लगाए गंभीर आरोप

    शिवपुरी में आत्मदाह की कोशिश से मचा हड़कंप, महिला ने ससुराल पर लगाए गंभीर आरोप


    शिवपुरी   शिवपुरी में मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम के बाहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला अपने पति के साथ हाथ में पेट्रोल से भरी बोतल लेकर पहुंची और आत्मदाह की चेतावनी देने लगी। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए उसके हाथ से बोतल छीन ली और काफी देर तक समझाइश देकर उसे शांत कराया। समय रहते पुलिस की सक्रियता से एक बड़ा हादसा टल गया।

    महिला ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उसे दहेज को लेकर लगातार प्रताड़ित किया गया। ससुराल पक्ष मायके से पैसे लाने का दबाव बनाता था और विरोध करने पर मानसिक तथा शारीरिक रूप से परेशान करता था। महिला का कहना है कि उसके एक लाख रुपए और सोने-चांदी के जेवर भी ससुराल वालों ने अपने कब्जे में रख लिए हैं और अब उन्हें लौटाने से इनकार कर रहे हैं।

    महिला के अनुसार, उसे और उसके पति को जिस मकान में रहने का अधिकार है, उसी मकान से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। उसने दावा किया कि मकान का निर्माण उसके पति और ससुर की कमाई से हुआ था, लेकिन रजिस्ट्री सास के नाम कराई गई। अब परिवार के लोग उन्हें घर से निकालना चाहते हैं। इतना ही नहीं, उनके उपयोग में आने वाले कॉमन शौचालय पर भी ताला लगा दिया गया है, जिससे उन्हें रोजमर्रा की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    महिला ने बताया कि 13 अप्रैल 2026 को उसके साथ मारपीट की घटना हुई थी। उसने पहले फिजिकल थाना और बाद में महिला थाना में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उसके अनुसार पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। न्याय नहीं मिलने से निराश होकर वह पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंची, लेकिन वहां भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया।

    महिला के पति ने भी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि वे पिछले दो दिनों से पुलिस अधीक्षक कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका दावा है कि जिस मकान से उन्हें निकाला जा रहा है, उसके निर्माण में उनकी मेहनत और कमाई का बड़ा योगदान है। लगातार अनदेखी से परेशान होकर उनकी पत्नी ने आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने महिला और उसके पति से बातचीत की। महिला को समझाकर शांत कराया गया और उसका आवेदन लेकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस का कहना है कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना एक बार फिर घरेलू विवादों, दहेज प्रताड़ना और शिकायतों के समय पर निराकरण की आवश्यकता को उजागर करती है। यदि पारिवारिक विवादों और शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई हो, तो ऐसे गंभीर और आत्मघाती कदम उठाने की नौबत आने से रोका जा सकता है।

  • इंडोनेशिया में भारत की कूटनीतिक ताकत का बड़ा प्रदर्शन, 20 अहम समझौतों के साथ रक्षा, व्यापार और समुद्री सहयोग को मिली नई दिशा

    इंडोनेशिया में भारत की कूटनीतिक ताकत का बड़ा प्रदर्शन, 20 अहम समझौतों के साथ रक्षा, व्यापार और समुद्री सहयोग को मिली नई दिशा

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय इंडोनेशिया यात्रा भारत की कूटनीतिक और रणनीतिक प्राथमिकताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हुई है। जकार्ता में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ हुई उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान दोनों देशों ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, कृषि, अंतरिक्ष, चुनाव प्रबंधन, निवेश और महत्वपूर्ण खनिजों सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच अनेक महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिन्हें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।

    यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उन्हें इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा’ से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री ने इस सम्मान को भारत के 140 करोड़ नागरिकों का सम्मान बताते हुए इंडोनेशिया की सरकार और वहां की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक संबंध समय के साथ और अधिक मजबूत हुए हैं तथा भविष्य में यह साझेदारी नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।

    द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा सहयोग सबसे प्रमुख विषय रहा। दोनों देशों के बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण समझौता हुआ, जिसे भारत के रक्षा निर्यात और स्वदेशी रक्षा उद्योग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इसके साथ ही समुद्री सुरक्षा, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग और सामरिक समन्वय को भी आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन समझौतों से क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग और आपसी विश्वास को नई मजबूती मिलेगी।

    बैठक के दौरान चुनाव प्रबंधन और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग प्रणाली में सहयोग, कृषि अनुसंधान, खाद्य सुरक्षा, अंतरिक्ष विज्ञान, तकनीकी साझेदारी तथा क्रिटिकल मिनरल्स में निवेश जैसे विषयों पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। दोनों देशों ने विज्ञान, नवाचार और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। इससे आर्थिक संबंधों के साथ-साथ तकनीकी साझेदारी के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

    इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया मिलकर दुनिया में मानवता को नई ऊर्जा प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत विस्तारवाद नहीं बल्कि विकासवाद की नीति में विश्वास रखता है। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों की समुद्री निकटता का उल्लेख करते हुए कहा कि भौगोलिक दूरी भले अधिक दिखाई देती हो, लेकिन समुद्र दोनों देशों के बीच सहयोग और विश्वास का मजबूत सेतु है। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों, शांति और साझा विकास को दोनों देशों की साझेदारी का आधार बताया।

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और इंडोनेशिया का संबंध केवल सरकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों की जनता, संस्कृति, इतिहास और सभ्यताओं के बीच गहरे जुड़ाव पर आधारित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देश वैश्विक चुनौतियों का समाधान सहयोग, संवाद और परस्पर सम्मान के माध्यम से तलाशने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का भी उल्लेख करते हुए दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास को रेखांकित किया।

    यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी जकार्ता में भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत की विकास यात्रा, वैश्विक भूमिका और प्रवासी भारतीयों के योगदान पर विशेष जोर दिए जाने की उम्मीद है। कुल मिलाकर यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग, आर्थिक संबंधों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा दृष्टिकोण को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखी जा रही है।

  • कांग्रेस में कलह, BJP की '2D' और '2T' रणनीति पर नजर, पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले बदलते राजनीतिक समीकरणों का विश्लेषण

    कांग्रेस में कलह, BJP की '2D' और '2T' रणनीति पर नजर, पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले बदलते राजनीतिक समीकरणों का विश्लेषण


    नई दिल्ली ।
    पंजाब विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी जहां अपने शासन के प्रदर्शन के आधार पर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है, वहीं कांग्रेस संगठनात्मक चुनौतियों और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों से जूझती दिखाई दे रही है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी राज्य में अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने के उद्देश्य से लगातार सक्रिय नजर आ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में विभिन्न दलों की रणनीति और संगठनात्मक क्षमता चुनावी मुकाबले की दिशा तय कर सकती है।

    पिछले कुछ वर्षों में भाजपा ने देश के कई राज्यों में अपना जनाधार बढ़ाया है, लेकिन पंजाब अब भी उन राज्यों में शामिल है जहां पार्टी को अपेक्षित चुनावी सफलता नहीं मिली है। लंबे समय तक शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने के कारण पार्टी का स्वतंत्र संगठन राज्य के सभी क्षेत्रों में समान रूप से विकसित नहीं हो सका। यही वजह है कि अब भाजपा अपने संगठन और जनसंपर्क अभियान को नए सिरे से मजबूत करने में जुटी हुई है।

    राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेताओं के लगातार पंजाब दौरे राज्य को लेकर भाजपा की बढ़ती सक्रियता का संकेत हैं। पार्टी विभिन्न सामाजिक वर्गों, धार्मिक संगठनों और स्थानीय नेतृत्व के साथ संवाद बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि आगामी चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत की जा सके।

    दूसरी ओर कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और संगठन से जुड़े मतभेद समय-समय पर सार्वजनिक होते रहे हैं। प्रदेश स्तर पर अलग-अलग नेताओं के बीच समन्वय की कमी और संगठनात्मक असहमति को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कांग्रेस इन चुनौतियों का समाधान समय रहते नहीं कर पाती, तो विपक्षी मतों के बंटवारे की संभावना बढ़ सकती है, जिसका लाभ अन्य राजनीतिक दलों को मिल सकता है।

    भाजपा की रणनीति में सामाजिक और धार्मिक प्रभाव वाले समूहों तक पहुंच बनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। विभिन्न धार्मिक स्थलों और सामाजिक संगठनों के साथ संवाद बढ़ाने की कोशिश को पार्टी की व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इसके साथ ही अन्य दलों के प्रभावशाली नेताओं को अपने साथ जोड़कर संगठनात्मक विस्तार की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। हाल के वर्षों में कई प्रमुख राजनीतिक नेता भाजपा में शामिल हुए हैं, जिससे पार्टी अपने स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करने का प्रयास कर रही है।

    राजनीतिक विश्लेषण में भाजपा की तथाकथित ‘2T’ रणनीति की भी चर्चा हो रही है। इसके तहत सिख समाज से संवाद और सांस्कृतिक जुड़ाव को प्राथमिकता देने के साथ-साथ प्रमुख सिख चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दिए जाने को राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से इसे सामाजिक संपर्क और व्यापक जनभागीदारी का हिस्सा बताया जाता है।

    इसी दौरान भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के संबंधों को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं। दोनों दलों के बीच भविष्य में संभावित सहयोग को लेकर विभिन्न स्तरों पर अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यदि भविष्य में कोई नया राजनीतिक समीकरण बनता है तो इसका असर चुनावी मुकाबले पर पड़ सकता है।

    इसके बावजूद भाजपा के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां भी बनी हुई हैं। राज्य में किसान आंदोलन के बाद बने राजनीतिक माहौल, स्थानीय संगठन को और मजबूत करने की आवश्यकता तथा पारंपरिक दलों के मजबूत जनाधार जैसी परिस्थितियां पार्टी के लिए आसान नहीं मानी जा रही हैं। साथ ही अन्य दलों से आए नेताओं के भरोसे संगठन का विस्तार करना भी एक चुनौती बना हुआ है।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंजाब का आगामी विधानसभा चुनाव बहुकोणीय मुकाबला हो सकता है, जहां संगठनात्मक मजबूती, स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवारों की स्वीकार्यता और चुनावी रणनीति निर्णायक भूमिका निभाएंगे। फिलहाल सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हैं और आने वाले महीनों में राजनीतिक घटनाक्रम के अनुसार चुनावी समीकरणों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

  • महाकाल दरबार में अलौकिक छटा: पंचामृत अभिषेक के बाद राजा स्वरूप शृंगार, भस्म आरती में भावविभोर हुए श्रद्धालु

    महाकाल दरबार में अलौकिक छटा: पंचामृत अभिषेक के बाद राजा स्वरूप शृंगार, भस्म आरती में भावविभोर हुए श्रद्धालु


    इंदौर । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के आयोजित होने वाली भस्म आरती के दौरान आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के कपाट खुलते ही भगवान महाकाल के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।

    प्रातः चार बजे मंदिर के कपाट खुलने के बाद सबसे पहले भगवान महाकाल का विधि-विधान से हरी ओम जल द्वारा अभिषेक किया गया। इसके पश्चात दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और विभिन्न फलों के रस से तैयार पंचामृत से विशेष पूजन संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं के बीच संपन्न इस अनुष्ठान ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

    अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का अत्यंत आकर्षक राजा स्वरूप शृंगार किया गया। इस दौरान रजत चंद्र, रजत त्रिशूल, त्रिपुण्ड और ड्रायफ्रूट से अलंकरण किया गया। भगवान को रजत का मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की मालाएं तथा सुगंधित पुष्पों से बनी विशेष मालाएं पहनाई गईं। दिव्य शृंगार के बाद बाबा महाकाल का स्वरूप अत्यंत मनोहारी और आकर्षक दिखाई दिया, जिसके दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

    नंदी हाल में विराजमान नंदी महाराज का भी विधिवत स्नान, ध्यान और पूजन किया गया। भगवान महाकाल को फल, मिष्ठान और अन्य नैवेद्य अर्पित किए गए। मंदिर परिसर में शंख, घंटा, झांझ, मंजीरा और डमरू की गूंज के बीच वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया। भक्ति संगीत और वैदिक मंत्रों के साथ संपन्न हुई भस्म आरती ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया।

    भस्म आरती के दौरान महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को पवित्र भस्म अर्पित की गई। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल अपने निराकार स्वरूप से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। यही कारण है कि प्रतिदिन तड़के होने वाली इस अनूठी आरती के दर्शन के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।

    मंगलवार की भस्म आरती में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक दर्शन कर भगवान महाकाल से सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। सावन से पहले बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए आने वाले दिनों में मंदिर में और अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है।

  • भारत की स्वदेशी Astra Mk1 मिसाइल को मिला पहला विदेशी खरीदार, इंडोनेशिया सौदे से वैश्विक रक्षा बाजार में बढ़ी भारतीय तकनीक की ताकत

    भारत की स्वदेशी Astra Mk1 मिसाइल को मिला पहला विदेशी खरीदार, इंडोनेशिया सौदे से वैश्विक रक्षा बाजार में बढ़ी भारतीय तकनीक की ताकत


    नई दिल्ली ।
    भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। इंडोनेशिया भारत द्वारा विकसित Astra Mk1 मिसाइल खरीदने वाला पहला विदेशी देश बनने जा रहा है। इस संभावित रक्षा सौदे को केवल हथियार निर्यात के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय रक्षा अनुसंधान और स्वदेशी सैन्य तकनीक पर बढ़ते वैश्विक विश्वास के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इससे भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता और निर्यात संभावनाओं को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    Astra Mk1 एक आधुनिक बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल है, जिसे ऐसे हवाई मुकाबलों के लिए विकसित किया गया है जहां पायलट को दुश्मन का विमान आंखों से दिखाई भी नहीं देता। यह मिसाइल रडार और उन्नत सेंसर प्रणाली की सहायता से लंबी दूरी पर लक्ष्य की पहचान कर उसे सटीक रूप से नष्ट करने में सक्षम है। आधुनिक वायु युद्ध में ऐसी मिसाइलों को निर्णायक बढ़त देने वाली तकनीक माना जाता है।

    इस प्रकार की मिसाइल का संचालन पूरी तरह अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों पर आधारित होता है। लड़ाकू विमान पहले अपने रडार से लक्ष्य की पहचान करता है और उसके बाद मिसाइल को निर्धारित दिशा में प्रक्षेपित किया जाता है। उड़ान के अंतिम चरण में मिसाइल का सक्रिय रडार सीकर स्वयं लक्ष्य का पीछा करते हुए उसे भेदता है। यही कारण है कि वर्तमान समय के हवाई संघर्षों में पायलट कई बार एक-दूसरे को देखे बिना ही मुकाबला पूरा कर लेते हैं।

    रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा विकसित Astra Mk1 भारत की पहली स्वदेशी बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल है। इसकी मारक क्षमता लगभग 110 किलोमीटर तक मानी जाती है, हालांकि यह दूरी प्रक्षेपण की स्थिति और ऊंचाई पर निर्भर करती है। यह ध्वनि की गति से चार गुना अधिक रफ्तार से उड़ सकती है तथा इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी लक्ष्य को सटीक रूप से भेदने की क्षमता रखती है। दिन और रात के साथ विभिन्न मौसम परिस्थितियों में भी इसका प्रभावी संचालन संभव है।

    भारतीय वायुसेना ने Astra Mk1 को अपने प्रमुख लड़ाकू विमानों के साथ एकीकृत किया है। भविष्य में इसे नए स्वदेशी और उन्नत लड़ाकू विमानों के साथ भी उपयोग में लाने की योजना है। इससे भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी की हवाई मारक क्षमता और अधिक मजबूत होगी तथा स्वदेशी हथियार प्रणालियों पर निर्भरता भी बढ़ेगी।

    दुनिया के कुछ ही देशों के पास इस श्रेणी की अत्याधुनिक एयर-टू-एयर मिसाइल विकसित करने की क्षमता है। ऐसे में Astra Mk1 का निर्यात भारत को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में स्थापित करता है जो न केवल उन्नत रक्षा तकनीक विकसित करते हैं, बल्कि वैश्विक बाजार में उसका सफल निर्यात भी कर सकते हैं। यह उपलब्धि भारतीय रक्षा उद्योग की तकनीकी परिपक्वता और आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।

    इंडोनेशिया के लिए यह मिसाइल उसकी हवाई सुरक्षा क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विशाल समुद्री क्षेत्र और विस्तृत हवाई सीमाओं वाले देश के रूप में उसे लंबी दूरी से संभावित खतरों का मुकाबला करने वाली आधुनिक हथियार प्रणाली की आवश्यकता है। वहीं भारत के लिए यह सौदा रक्षा निर्यात बढ़ाने, स्वदेशी तकनीक को वैश्विक पहचान दिलाने और रणनीतिक साझेदार देशों के साथ रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकता है।

  • देवास पुलिस की बड़ी कामयाबी: 50 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर तीन दिन में सुलझाई राम मंदिर दानपेटी चोरी, तीन आरोपी गिरफ्तार

    देवास पुलिस की बड़ी कामयाबी: 50 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर तीन दिन में सुलझाई राम मंदिर दानपेटी चोरी, तीन आरोपी गिरफ्तार


    देवास । देवास पुलिस ने रामचंद्र नगर स्थित राम मंदिर की दानपेटी चोरी के मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए महज तीन दिन के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के तहत की गई तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गई पूरी नकदी भी बरामद कर ली। इस कार्रवाई को पुलिस की त्वरित और प्रभावी जांच का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

    मामला तब सामने आया जब मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश जोशी ने औद्योगिक क्षेत्र थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि एक और दो जुलाई की दरमियानी रात अज्ञात बदमाश मंदिर परिसर से दानपेटी उठाकर ले गए। दानपेटी में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई करीब दो हजार रुपए की नकदी रखी हुई थी। धार्मिक स्थल पर हुई इस चोरी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की।

    पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू हुई। इसी दौरान आईटीआई ग्राउंड में दानपेटी टूटी हुई अवस्था में मिली, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि आरोपी नकदी निकालने के बाद उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के तहत क्षेत्र में लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर तीन युवकों की पहचान की गई।

    मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने मोहित उर्फ लक्की रघुवंशी, खुशाल उर्फ खुशी मुकुन्दे और तोषिफ खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान तीनों ने चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से दानपेटी से चोरी की गई पूरी नकदी बरामद कर ली। इसके बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

    पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पहले भी चोरी की घटनाओं में शामिल रह चुके हैं और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी नेटवर्क की मदद से अपराधियों तक तेजी से पहुंचना संभव हो रहा है। इसी वजह से इस मामले का खुलासा बेहद कम समय में हो सका।

    देवास पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद नागरिकों से अपील की है कि धार्मिक स्थलों, दुकानों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगवाएं। साथ ही किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। पुलिस ने बताया कि इस पूरे अभियान में थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत चौरसिया सहित जांच टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।