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  • महात्मा गांधी की तस्वीर वाले फर्जी नोटों से मचा बवाल, कलेक्टर से कार्रवाई की मांग

    महात्मा गांधी की तस्वीर वाले फर्जी नोटों से मचा बवाल, कलेक्टर से कार्रवाई की मांग


    कटनी । कटनी शहर में मंगलवार रात माईजी की नदी क्षेत्र से गुजर रही एक बारात उस समय विवादों में आ गई, जब बारात में शामिल कुछ युवक मनोरंजन के तौर पर नकली नोट हवा में उड़ा रहे थे। इन नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर छपी हुई थी, जिसे लेकर मौके पर मौजूद एक युवक ने आपत्ति जताई। शिकायतकर्ता बाबू उर्फ अविनाश नामदेव के अनुसार, ये नोट जमीन पर गिर रहे थे और लोगों के पैरों के नीचे आ रहे थे, जिसे उन्होंने राष्ट्रपिता का अपमान मानते हुए विरोध किया।

     विरोध करने पर युवक से मारपीट, नाली में धकेला
    अविनाश का आरोप है कि जब उन्होंने बारातियों को ऐसा करने से रोका और समझाने की कोशिश की, तो बारात में शामिल लोग भड़क गए। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और गाली-गलौज के बाद मारपीट शुरू हो गई। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें धक्का देकर नाली में गिरा दिया और जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    कलेक्टर को दी शिकायत, कार्रवाई की मांग
    घटना के बाद अविनाश ने कलेक्टर आशीष तिवारी से लिखित शिकायत की है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि मारपीट करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी केस दर्ज किया जाए। साथ ही, उन्होंने जिले में “मनोरंजन बैंक” जैसे नकली नोटों की बिक्री और सार्वजनिक उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की अपील भी की है।

     जागरूकता बनाम हंगामा: मामला बना चर्चा का विषय
    इस घटना के बाद शहर में लोगों के बीच नाराजगी और बहस का माहौल है। जहां एक ओर लोग इसे राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान से जोड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बारात में हुए हंगामे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

  • मानसिक तनाव से बचाव: ओवरथिंकिंग को कंट्रोल करने के असरदार तरीके

    मानसिक तनाव से बचाव: ओवरथिंकिंग को कंट्रोल करने के असरदार तरीके


    नई दिल्ली । मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ओवरथिंकिंग यानी किसी बात को जरूरत से ज्यादा सोचना आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तेजी से बढ़ रहा है। कई लोग एक ही घटना या बातचीत को बार-बार सोचकर मानसिक दबाव महसूस करने लगते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य सोचना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन जब यह आदत बन जाती है और व्यक्ति हर स्थिति को जरूरत से ज्यादा विश्लेषण करने लगता है, तो यह मानसिक तनाव का रूप ले सकती है।

    दिमाग पर बढ़ता दबाव और तनाव का असर
    लगातार नकारात्मक विचारों में उलझे रहने से दिमाग पर दबाव बढ़ता है और शरीर में तनाव हार्मोन का स्तर भी बढ़ सकता है। इससे व्यक्ति मानसिक रूप से थका हुआ महसूस करता है और उसकी सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है। रिसर्च में यह भी पाया गया है कि ओवरथिंकिंग करने वाले लोग अक्सर चिंता, बेचैनी और तनाव का अधिक सामना करते हैं, जिसका असर उनके व्यवहार और रिश्तों पर भी पड़ता है।

    दिमाग को व्यस्त रखना है सबसे आसान उपाय
    विशेषज्ञों के अनुसार, खाली दिमाग ओवरथिंकिंग को बढ़ावा देता है। जब व्यक्ति के पास कोई काम नहीं होता, तो दिमाग खुद ही पुरानी बातों और नकारात्मक विचारों में उलझने लगता है। इसलिए खुद को व्यस्त रखना बेहद जरूरी है। किताब पढ़ना, संगीत सुनना, टहलना, एक्सरसाइज करना या नई स्किल सीखना मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है।

    वर्तमान में जीना सीखना है सबसे बड़ा समाधान
    डॉक्टरों का मानना है कि ओवरथिंकिंग की एक बड़ी वजह अतीत या भविष्य की चिंता होती है। जो लोग पुरानी गलतियों को बार-बार याद करते हैं या भविष्य को लेकर अत्यधिक सोचते हैं, वे वर्तमान का आनंद नहीं ले पाते। जो लोग वर्तमान में जीने की आदत डालते हैं, उनका तनाव स्तर काफी कम पाया गया है और वे अधिक मानसिक रूप से संतुलित रहते हैं।

    बात साझा करने से मिलता है मानसिक आराम
    विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मन की बातों को दबाकर रखने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करना चाहिए। इससे मानसिक दबाव कम होता है और व्यक्ति को भावनात्मक राहत मिलती है।

    योग और मेडिटेशन से मिलती है शांति
    योग और ध्यान (मेडिटेशन) को मानसिक शांति के लिए सबसे प्रभावी उपायों में से एक माना गया है। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि नियमित रूप से गहरी सांस लेने और ध्यान करने से दिमाग की गतिविधियां संतुलित होती हैं, जिससे तनाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है।

    ओवरथिंकिंग एक आदत है जिसे समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है। सही दिनचर्या, सकारात्मक सोच और मानसिक व्यस्तता अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है और जीवन को अधिक शांत व संतुलित बनाया जा सकता है।

  • टीकमगढ़ में अवैध रेत खनन पर बड़ी कार्रवाई: धसान नदी में दो पनडुब्बियां जलाई गईं

    टीकमगढ़ में अवैध रेत खनन पर बड़ी कार्रवाई: धसान नदी में दो पनडुब्बियां जलाई गईं


    टीकमगढ़ । टीकमगढ़ जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। पलेरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत धसान नदी में चल रहे अवैध खनन पर छापेमारी कर दो पनडुब्बियों को मौके पर ही आग लगाकर नष्ट कर दिया गया। इसके साथ ही, रेत खनन में इस्तेमाल की जा रही एक पोकलेन मशीन को प्रशासन ने जब्त कर लिया। इस कार्रवाई से अवैध खनन में लगे लोगों में हड़कंप मच गया और वे मौके से फरार हो गए।

     कलेक्टर के निर्देश पर हुई त्वरित कार्रवाई
    कलेक्टर विवेक श्रोतिय को धसान नदी में अवैध रेत उत्खनन की सूचना मिली थी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जतारा एसडीएम और पलेरा तहसीलदार की टीम को मौके पर रवाना किया गया। टीम के पहुंचते ही अवैध खनन में शामिल लोग वहां से भाग निकले, लेकिन प्रशासन ने मौके पर मौजूद मशीनरी को जब्त और नष्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी।

    दो पनडुब्बियां जलाई गईं, मशीन जब्त
    राजस्व विभाग की टीम ने पलेरा तहसील के मजरा कूटिन क्षेत्र में धसान नदी पर चल रहे अवैध खनन को रोका। यहां मौजूद दो पनडुब्बियों को आग लगाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। वहीं एक पोकलेन मशीन को जब्त कर लिया गया है, जिसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सुरक्षित रखा गया है।

     प्रशासन का सख्त संदेश: अवैध खनन पर लगातार कार्रवाई जारी
    कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में किसी भी हालत में अवैध रेत खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की टीम लगातार निगरानी कर रही है और सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम जतारा निशांत भूरिया, तहसीलदार पलेरा कुलदीप सिंह, तहसीलदार जतारा नितिन गौड़ और नायब तहसीलदार श्रीपत अहीरवार ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की।

     रेत माफिया पर शिकंजा कसने की तैयारी
    लगातार मिल रही शिकायतों और कार्रवाई के बावजूद जिले में अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासन का कहना है कि आगे भी इसी तरह सख्त अभियान चलाकर रेत माफिया पर शिकंजा कसा जाएगा।

  • मायावती के घर पहुंचे कांग्रेस नेताओं को लगा झटका, BSP ने नहीं दी एंट्री; कांग्रेस ने जारी किया नोटिस

    मायावती के घर पहुंचे कांग्रेस नेताओं को लगा झटका, BSP ने नहीं दी एंट्री; कांग्रेस ने जारी किया नोटिस


    नई दिल्ली। Mayawati के लखनऊ स्थित आवास पर कांग्रेस के कुछ दलित नेताओं के पहुंचने से उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। बिना किसी तय कार्यक्रम के पहुंचे प्रतिनिधिमंडल को मायावती से मुलाकात नहीं मिल सकी, क्योंकि उनके आवास पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।

    यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब यूपी की राजनीति में विपक्षी दलों के बीच संभावित गठबंधन और समीकरणों को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं। इसी बीच कांग्रेस पार्टी ने अपने नेताओं के इस अचानक दौरे को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें नोटिस जारी कर दिया है।

    क्या हुआ था पूरा मामला?
    कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के कुछ नेता लखनऊ में बैठक के बाद अचानक Mayawati से शिष्टाचार मुलाकात के लिए उनके आवास पहुंचे थे। हालांकि, यह मुलाकात पहले से तय नहीं थी, जिसके चलते उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली।

    प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं ने दावा किया कि यह केवल एक शिष्टाचार भेंट थी और इसका कोई राजनीतिक संदेश नहीं था। लेकिन पार्टी नेतृत्व ने इस पूरे घटनाक्रम को अनुशासनहीनता मानते हुए नोटिस जारी कर दिया।

    राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे
    यह घटना ऐसे समय में हुई है जब यूपी में विपक्षी दलों के बीच गठबंधन की चर्चाएं तेज हैं। कुछ ही घंटों पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने 2027 चुनाव को लेकर कांग्रेस के साथ सहयोग के संकेत दिए थे। ऐसे में इस घटना ने राजनीतिक हलचल और बढ़ा दी है।

    कांग्रेस की सफाई
    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ एक अचानक लिया गया शिष्टाचार निर्णय था और इसका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राहुल गांधी को लेकर कोई संदेश देने जैसी बात पूरी तरह गलत है।

  • नवजात की मौत से सनसनी: शरीर पर चींटियां, डॉक्टरों ने बताई 1 हफ्ते पुरानी डिलीवरी

    नवजात की मौत से सनसनी: शरीर पर चींटियां, डॉक्टरों ने बताई 1 हफ्ते पुरानी डिलीवरी


    टीकमगढ़ । टीकमगढ़ शहर के सिविल लाइन रोड स्थित नगर पालिका की ‘नेकी की दीवार’ परिसर में बुधवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब कपड़ों के ढेर के बीच एक नवजात शिशु का शव मिला। यह वही जगह है, जहां लोग जरूरतमंदों के लिए कपड़े दान करते हैं और मानवता की मिसाल पेश करते हैं, लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।

    सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और हर कोई इस अमानवीय कृत्य पर हैरान नजर आया।

    डॉक्टरों का अनुमान: करीब एक सप्ताह पहले हुआ था जन्
    जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि नवजात की उम्र लगभग एक सप्ताह के आसपास हो सकती है। ड्यूटी डॉक्टर विजय जैन के अनुसार बच्चे के शरीर पर चींटियां लगी हुई थीं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि शव काफी समय से वहां पड़ा हुआ था।

    डॉक्टरों का यह भी कहना है कि बच्चे के हाथ पर मिले निशानों से संभावना जताई जा रही है कि उसका जन्म किसी निजी अस्पताल में हुआ हो सकता है। हालांकि, मौत के सही समय और कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

     पुलिस जांच में जुटी, सीसीटीवी खंगाले जा रहे
    कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर नवजात को इस तरह ‘नेकी की दीवार’ परिसर में कौन और कब छोड़कर गया। इसके लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी।

    इलाके में गुस्सा और चिंता का माहौल
    इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और दुख का माहौल पैदा कर दिया है। जिस जगह को जरूरतमंदों की मदद और इंसानियत की मिसाल माना जाता है, वहीं इस तरह की घटना सामने आने से लोग स्तब्ध हैं।

  • महोबा में महाफर्जीवाड़ा: जिंदा दिव्यांग को कागजों में मृत दिखाकर 4.5 बीघा जमीन हड़पी, राजस्व विभाग पर गंभीर सवाल

    महोबा में महाफर्जीवाड़ा: जिंदा दिव्यांग को कागजों में मृत दिखाकर 4.5 बीघा जमीन हड़पी, राजस्व विभाग पर गंभीर सवाल


    नई दिल्ली। Mahoba में एक चौंकाने वाला जमीन घोटाला सामने आया है, जहां एक जीवित दिव्यांग युवक को कागजों में मृत घोषित कर उसकी 4.5 बीघा जमीन फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़प ली गई। मामला चरखारी कोतवाली क्षेत्र के सूपा गांव का बताया जा रहा है।

    पीड़ित जहीर अहमद, जो मानसिक रूप से दिव्यांग हैं, के नाम दर्ज जमीन को कथित तौर पर राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से दूसरे व्यक्ति के नाम कर दिया गया। आरोप है कि इसी गांव के कुछ लोगों ने समान नाम वाले एक मृत व्यक्ति के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर यह पूरा फर्जीवाड़ा किया।

    कैसे हुआ पूरा फर्जीवाड़ा?
    जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने मृत जहीर अहमद उर्फ जहीर खान के मृत्यु प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करते हुए जीवित जहीर अहमद की जमीन को अपने नाम ट्रांसफर करा लिया। इस प्रक्रिया में लेखपाल और कानूनगो की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि रिकॉर्ड में पीड़ित की पत्नी और तीन बेटों का भी जिक्र कर दिया गया, जबकि वह अविवाहित हैं।

    खुलासा कैसे हुआ?
    पूरा मामला तब सामने आया जब पीड़ित के परिजन जमीन की खतौनी निकलवाने पहुंचे। दस्तावेजों में अलग नाम देखकर परिवार के होश उड़ गए। शिकायत और विरोध के बाद प्रशासन ने जल्दबाजी में रिकॉर्ड सुधार कर जमीन दोबारा जहीर अहमद के नाम दर्ज कर दी।

    जांच के आदेश
    मामले की शिकायत जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से की गई है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और संबंधित एसडीएम को जांच सौंपी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगाा। 

  • इंदौर में बैंक कर्मचारी पर धोखाधड़ी का आरोप: खातों से लाखों रुपये गायब

    इंदौर में बैंक कर्मचारी पर धोखाधड़ी का आरोप: खातों से लाखों रुपये गायब


    इंदौर । इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में स्थित बीजलपुर की आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा में कार्यरत एक कर्मचारी पर बड़ा वित्तीय घोटाले का आरोप सामने आया है। शिकायत के अनुसार बैंक कर्मचारी विष्णु शर्मा ने एक महिला और उसके देवर के खातों से बिना अनुमति लाखों रुपए निकाल लिए। पीड़िता द्रोपती बाई पति हीरालाल वर्मा ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उनके देवर सत्यनारायण के बैंक खाते से लगातार अवैध लेन-देन किया और उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई।

    एटीएम जारी कर खुद ही रख लिया, फिर निकाली रकम
    आरोपों के मुताबिक, बैंक कर्मचारी ने पहले सत्यनारायण के नाम पर एटीएम कार्ड जारी कराया और उसे अपने पास ही रख लिया। इसके बाद 3 अगस्त से 14 अगस्त 2025 के बीच एटीएम ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए खाते से लाखों रुपए निकाल लिए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि खाताधारक को इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं थी कि उसके नाम से एटीएम कार्ड जारी हो चुका है।

    ओटीपी लेकर महिला के खाते से भी उड़ाए पैसे
    शिकायत में यह भी सामने आया है कि 16 सितंबर 2025 को आरोपी द्रोपती बाई के घर पहुंचा और कहा कि बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है। इसी बहाने उसने ओटीपी हासिल कर लिया और उनके खाते से करीब 4 लाख 85 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसी तरह देवर सत्यनारायण के खाते से भी करीब 4 लाख 89 हजार रुपए निकाले जाने का आरोप है, जिससे कुल धोखाधड़ी की रकम लाखों में पहुंच गई है।

     खाता खुलवाने के बहाने शुरू हुई धोखाधड़ी
    पीड़िता के अनुसार आरोपी पहले सत्यनारायण की दुकान पर खाता खुलवाने के लिए पहुंचा था। वहीं से उसके संपर्क में आया और धीरे-धीरे बैंकिंग प्रक्रिया के नाम पर पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। आरोप यह भी है कि कुछ रकम भूपेंद्र नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर की गई, जिससे मामले की जटिलता और बढ़ गई है।

     पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी
    राजेंद्र नगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी बैंक कर्मचारी से पूछताछ शुरू कर दी गई है। पुलिस अब पूरे ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड और बैंकिंग प्रक्रिया की गहन जांच कर रही है। फिलहाल यह मामला बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और ग्राहक डेटा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

  • इंदौर में हड़कंप: ऑफिस में भीषण आग से लाखों का नुकसान, जांच शुरू

    इंदौर में हड़कंप: ऑफिस में भीषण आग से लाखों का नुकसान, जांच शुरू


    नई दिल्ली । इंदौर के लसूडिया क्षेत्र स्थित बेलमोर्ट पार्क के मेंटेनेंस ऑफिस में बुधवार तड़के अचानक आग लग गई। सुबह करीब 5 बजे गार्ड ने ऑफिस से धुआं निकलते देखा, जिसके बाद तुरंत आसपास के लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैल गई।

    सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कई दमकल वाहनों की मदद से आग पर काबू पाया गया। फायर ब्रिगेड के एएसआई सुशील कुमार दुबे के अनुसार आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट इसकी वजह हो सकता है। इस हादसे में ऑफिस में रखे सभी दस्तावेज, फर्नीचर और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    खंडवा रोड पर सब्जी दुकान जलकर राख
    इसी दिन सुबह खंडवा रोड स्थित अनुराधा नगर में भी एक सब्जी की दुकान में आग लग गई। दुकान बबली पति प्रीतम सिंह की बताई जा रही है। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा सामान जल गया। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर करीब 1000 लीटर पानी डालकर आग पर काबू पाया। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।

    रेडिसन चौराहे के पास फर्नीचर बिल्डिंग में आग
    तीसरी घटना इंदौर के रेडिसन चौराहे के पास स्थित महिदपुर वाला फर्नीचर की बिल्डिंग में हुई, जहां सातवें माले पर आग लग गई। यह घटना सुबह करीब 10:30 बजे की है। सूचना मिलते ही दमकल की टीमें मात्र 15 मिनट में मौके पर पहुंच गईं और कर्मचारियों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि आग के दौरान पूरे भवन में घना धुआं फैल गया, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस के अनुसार विजयनगर और खजराना थाना क्षेत्र की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रित किया गया।

    लगातार आग की घटनाओं से बढ़ी चिंता
    इंदौर में एक ही दिन में तीन अलग-अलग जगहों पर आग लगने की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में अधिकतर मामलों में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, जिससे बिजली व्यवस्था और वायरिंग की जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

  • यूपी में सपा सरकार बनी तो पहले 90 दिन में ये करेंगे: अखिलेश यादव का बड़ा प्लान

    यूपी में सपा सरकार बनी तो पहले 90 दिन में ये करेंगे: अखिलेश यादव का बड़ा प्लान



    नई दिल्ली। अखिलेश यादव ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अगर राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो पहले 90 दिनों के भीतर कई अहम फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने यह बात PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) ऑडिट को लेकर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।इस बैठक में Dimple Yadav और Shivpal Singh Yadav समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

    90 दिन में क्या होगा प्लान?
    अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार बनने पर सबसे पहले 69,000 शिक्षक भर्ती मामले में “न्याय” दिलाने का काम किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि 90 दिनों के भीतर जातिगत जनगणना कराने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।

    आरक्षण और भर्ती को लेकर आरोप
    प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार आरक्षण व्यवस्था में गड़बड़ी कर रही है और भर्तियों में PDA वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने 69,000 शिक्षक भर्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें आरक्षण नियमों का सही पालन नहीं हुआ।

    बीजेपी पर तीखा हमला
    सपा प्रमुख ने कहा कि आरक्षण को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और इसे उन्होंने “संवैधानिक अधिकारों पर हमला” बताया। उन्होंने दावा किया कि PDA समाज को नौकरियों से वंचित किया जा रहा है और इसे लेकर सपा सरकार बनने पर सख्त कदम उठाएगी।

    सपा का दावा: नई नीति का रोडमैप तैयार
    अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी ने PDA आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर एक विस्तृत डॉक्यूमेंट तैयार किया है, जिसे भविष्य की सरकार में लागू किया जाएगा

  • सरकारी नौकरी का सुनहरा अवसर: बीईएल में प्रोजेक्ट इंजीनियर और एफओई पदों पर वैकेंसी

    सरकारी नौकरी का सुनहरा अवसर: बीईएल में प्रोजेक्ट इंजीनियर और एफओई पदों पर वैकेंसी


    नई दिल्ली ।  सरकारी क्षेत्र में नौकरी की तैयारी कर रहे इंजीनियरिंग युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर सामने आया है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने विभिन्न परियोजना स्थलों के लिए प्रोजेक्ट इंजीनियर और फील्ड ऑपरेशन इंजीनियर सहित कुल 56 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के जरिए तकनीकी क्षेत्र से जुड़े योग्य उम्मीदवारों को देश की प्रतिष्ठित कंपनी में काम करने का मौका मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से शुरू हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित अंतिम तिथि तक आवेदन कर सकते हैं।

    जारी अधिसूचना के अनुसार कुल रिक्त पदों में फील्ड ऑपरेशन इंजीनियर के 25 और प्रोजेक्ट इंजीनियर-I के 31 पद शामिल हैं। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में स्थित विभिन्न परियोजना स्थलों पर की जाएगी। यह भर्ती अस्थायी आधार पर की जा रही है, लेकिन इसमें मिलने वाला अनुभव और तकनीकी एक्सपोजर उम्मीदवारों के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास संबंधित इंजीनियरिंग शाखाओं में डिग्री होना अनिवार्य है। इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर साइंस, सूचना प्रौद्योगिकी सहित कई तकनीकी विषयों के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ पदों के लिए एमसीए और उच्च तकनीकी योग्यता रखने वाले उम्मीदवार भी पात्र माने गए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों के पास संबंधित क्षेत्र में दो से पांच वर्षों तक का अनुभव होना भी जरूरी होगा।

    आयु सीमा की बात करें तो प्रोजेक्ट इंजीनियर पद के लिए अधिकतम आयु 32 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि फील्ड ऑपरेशन इंजीनियर पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष रखी गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी। आयु की गणना निर्धारित तिथि के आधार पर की जाएगी।

    भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों का चयन शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। सबसे पहले आवेदन पत्रों की जांच कर योग्य उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, जिसके बाद आगे की चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अंतिम चयन मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा।

    सैलरी की बात करें तो चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन के साथ अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी। फील्ड ऑपरेशन इंजीनियर पद पर चयनित अभ्यर्थियों को शुरुआती वेतन लगभग 60 हजार रुपये प्रतिमाह तक मिल सकता है, जबकि प्रोजेक्ट इंजीनियर पद के लिए शुरुआती सैलरी करीब 40 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित की गई है। इसके अलावा अन्य भत्ते और सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

    आवेदन शुल्क ऑनलाइन माध्यम से जमा करना होगा। अलग-अलग पदों के अनुसार शुल्क तय किया गया है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग वर्ग के उम्मीदवारों को शुल्क में छूट प्रदान की गई है। तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए यह भर्ती एक बेहतरीन अवसर मानी जा रही है।