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  • नर्मदापुरम में भीषण सड़क हादसा: IIIT नागपुर के छात्र की मौत, चार गंभीर रूप से घायल

    नर्मदापुरम में भीषण सड़क हादसा: IIIT नागपुर के छात्र की मौत, चार गंभीर रूप से घायल


    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में रविवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने लोगों को हिला कर रख दिया। पिपरिया-छिंदवाड़ा स्टेट हाईवे पर मटकुली के पास भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान IIIT नागपुर के छात्र नयन मंडल की कार पलटने से दर्दनाक मौत हो गई। छात्र सवार कार अनियंत्रित होकर पलटी जिससे नयन मंडल काल के गाल में समा गया।

    हादसा मटकुली से लगभग 1 किलोमीटर आगे छिंदवाड़ा रोड पर हुआ। कार में चालक अनय गौर और छात्र सुमेद शबाने अनुज सिंह सुमेद भामरे भी सवार थे। ये सभी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जानकारी के अनुसार एक घायल की हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण उसे नर्मदापुरम रेफर किया गया। अन्य घायलों को पिपरिया अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया।

    सूचना मिलते ही स्टेशन रोड थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह हादसा कार के नियंत्रण खो देने के कारण हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    घायकों में महाराष्ट्र के नांदेड़ मुंबई नासिक और मध्य प्रदेश के इंदौर के छात्र शामिल हैं। सभी छात्र वर्तमान में IIIT नागपुर के हॉस्टल में रह रहे थे और अध्ययन तथा परियोजना कार्य के सिलसिले में यात्रा पर थे।

    यह हादसा न केवल छात्रों के परिवारों के लिए चिंता का विषय बन गया है बल्कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए भी तत्काल कार्रवाई की स्थिति पैदा कर गया है। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

  • प्रधानमंत्री ने नागपुर फैक्टरी विस्फोट पीड़ितों के लिए पीएमएनआरएफ से अनुग्रह राशि की घोषणा की

    प्रधानमंत्री ने नागपुर फैक्टरी विस्फोट पीड़ितों के लिए पीएमएनआरएफ से अनुग्रह राशि की घोषणा की

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के नागपुर में एक फैक्टरी में हुए दुखद विस्फोट पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई और कई घायल हुए। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता में पूरी तत्परता से लगा हुआ है।

    प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजन के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा विस्फोट में घायल हुए लोगों को 50, 000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

    प्रधानमंत्री ने अपने एक्‍स संदेश में कहा महाराष्ट्र के नागपुर में फैक्टरी में हुआ विस्फोट अत्यंत दुखद है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। प्रत्येक मृतक के परिजन को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50 000 रुपये दिए जाएंगे।

    यह राहत राशि पीड़ित परिवारों को तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान करने और उन्हें इस मुश्किल समय में सहारा देने का उद्देश्य रखती है। स्थानीय प्रशासन भी प्रभावित परिवारों की मदद के लिए लगातार काम कर रहा है और राहत एवं बचाव कार्यों को गति दी गई है।

    प्रधानमंत्री की यह पहल न केवल पीड़ितों के लिए सहारा है बल्कि यह संकट में सरकार की तत्परता और संवेदनशीलता का प्रतीक भी है। राहत राशि के अलावा प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों द्वारा प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुरक्षा और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    इस प्रकार नागपुर फैक्टरी विस्फोट पर केंद्र और राज्य सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया और पीएमएनआरएफ से अनुग्रह राशि की घोषणा प्रभावित परिवारों के लिए राहत और समर्थन का महत्वपूर्ण कदम है।

  • इंदौर में गेर पर सुरक्षा का नया आयाम, बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाले वाहनों की एंट्री पर रोक

    इंदौर में गेर पर सुरक्षा का नया आयाम, बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाले वाहनों की एंट्री पर रोक


    इंदौर: 1 मार्च 2026। रंगपंचमी के अवसर पर निकलने वाली गेर को लेकर नगर निगम, पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। शनिवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव, कलेक्टर शिवम वर्मा, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह और अन्य अधिकारियों ने गेर मार्ग का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और बुनियादी ढाँचे पर विशेष ध्यान दिया।

    दौरे के दौरान तय किया गया कि पूरे गेर मार्ग पर पर्याप्त पुलिसबल तैनात किया जाएगा। ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा गेर मार्ग में आने वाली ऊंची इमारतों पर वॉच टावर बनाए जाएंगे ताकि किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि असामाजिक तत्वों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी। हुड़दंग करने वाले, महिलाओं के साथ अभद्रता करने वाले या सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। महिलाओं के विशेष दस्ते और सादी वर्दी में पुलिसबल भीड़ के बीच तैनात रहेंगे, जिससे नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    सुरक्षा के साथ-साथ वाहन नियमों का भी कड़ाई से पालन होगा। गेर मार्ग में बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाले वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। यह कदम आयोजनों में होने वाले दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम को रोकने के लिए उठाया गया है।

    महापौर ने नगर निगम की तैयारियों का जायजा लेते हुए स्वच्छता और बुनियादी ढांचे पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गेर के तुरंत बाद शहर की सफाई और स्वच्छता बनाए रखना प्राथमिकता होगी। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को विशेष संसाधनों के साथ सक्रिय स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आयोजन समाप्त होने के तुरंत बाद मार्गों की सफाई और कचरा प्रबंधन पर कोई कमी न रह जाए।

    निरीक्षण की शुरुआत मल्हारगंज चौराहे से हुई और पूरे मार्ग का दौरा किया गया। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन और पुलिस मिलकर गेर को सुरक्षित, व्यवस्थित और आनंददायक बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन के इन उपायों के साथ इंदौर की गेर इस साल भी नागरिकों के लिए आनंद और उत्साह का प्रतीक बनेगी।

  • वन विभाग में बड़ा फेरबदल: शुभरंजन सेन बने नए पीसीसीएफ हॉफ

    वन विभाग में बड़ा फेरबदल: शुभरंजन सेन बने नए पीसीसीएफ हॉफ


    भोपाल: 1 मार्च 2026। मध्यप्रदेश सरकार ने वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 1991 बैच के आईएफएस अधिकारी शुभरंजन सेन को नया पीसीसीएफ हॉफ नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल आज से शुरू होगा और वे लगभग दो वर्षों तक इस पद पर रहेंगे। वन भवन से जारी आदेश के अनुसार सेन इससे पहले पीसीसीएफ पद पर कार्यरत थे और अब अप्रैल 2028 तक अपनी सेवानिवृत्ति से पहले विभाग की कमान संभालेंगे।

    इस नियुक्ति के पहले इस पद पर विजय कुमार अंबाड़े तैनात थे, जिनका कार्यकाल फरवरी 2026 में समाप्त हुआ और वे अब सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके सेवानिवृत्ति से पहले ही सरकार ने शुभरंजन सेन को पीसीसीएफ हॉफ बनाने का आदेश जारी कर दिया था। सेन मूल रूप से भुवनेश्वर, उड़ीसा के रहने वाले हैं और उन्होंने लंबे समय तक वाइल्डलाइफ विभाग में सेवाएं दी हैं।

    इस नियुक्ति को खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि शुभरंजन सेन ने विभागीय वरिष्ठता क्रम को पीछे छोड़ते हुए दो वरिष्ठ अफसरों को पीछे छोड़कर यह पद हासिल किया है। वन विभाग में परंपरा रही है कि पीसीसीएफ हॉफ की कमान ग्रेडेशन लिस्ट के अनुसार दी जाती है। पहले चर्चा थी कि इस पद के लिए अंबाड़े के ठीक नीचे मौजूद एचयू खान को चुना जाएगा, जिनकी सेवानिवृत्ति जुलाई 2026 में थी। उनके ठीक नीचे 1990 बैच के आईएफएस अधिकारी विभाष कुमार ठाकुर का नाम था। लेकिन इस बार शुभरंजन सेन ने दोनों को पीछे छोड़ते हुए पद प्राप्त किया।

    वन विभाग में यह नियुक्ति वरिष्ठता के पारंपरिक क्रम को तोड़ने वाली मानी जा रही है। लंबे समय से आईएफएस लॉबी इतनी मजबूत थी कि पीसीसीएफ हॉफ की कमान किसी अधिकारी को सिर्फ एक दिन या एक महीने के लिए मिलती थी। उदाहरण के तौर पर कुछ समय पहले पीसीसीएफ एके जैन को महज एक दिन के लिए यह पद संभालना पड़ा और आदेश उसी दिन दोपहर में जारी हुआ और शाम को वे सेवानिवृत्त हो गए। इस बार शुभरंजन सेन ने सभी को पीछे छोड़कर पद हासिल कर विभाग में अपनी पकड़ और प्रशासनिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया है।

    विशेषज्ञ मानते हैं कि इस नियुक्ति से वन विभाग में रणनीतिक बदलाव की संभावना बढ़ सकती है। शुभरंजन सेन के नेतृत्व में वन्यजीव संरक्षण, प्रशासनिक नीतियों और विभागीय सुधारों में नए आयाम देखने को मिल सकते हैं। उनकी विशेषज्ञता और अनुभव विभाग के लिए लंबे समय तक लाभकारी साबित हो सकते हैं।

  • आईएनएस तरंगिनी ने श्रीलंका के त्रिंकोमाली पत्तन पर किया स्वागत

    आईएनएस तरंगिनी ने श्रीलंका के त्रिंकोमाली पत्तन पर किया स्वागत


    नई दिल्ली । भारतीय नौसेना का प्रतिष्ठित प्रशिक्षण पोत आईएनएस तरंगिनी 27 फरवरी 2026 को श्रीलंका के त्रिंकोमाली पत्तन पर पहुंचा। श्रीलंका नौसेना के पूर्वी नौसेना क्षेत्र के अधिकारियों ने पोत का स्वागत करते हुए इस दौरे को दोनों देशों के बीच समुद्री संबंधों और सहयोग को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। यह दौरा विशेष रूप से उस समय आया जब आईएनएस तरंगिनी ने हाल ही में विशाखापत्तनम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा 2026 में भाग लेकर अपनी दक्षता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया था।

    पत्तन पर रुकने के दौरान तरंगिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने श्रीलंका नौसेना के पूर्वी क्षेत्र के डिप्टी कमांडर कमोडोर हरिथा जयदेवथे से भेंट की। दोनों पक्षों ने नौकायन प्रशिक्षण और पेशेवर कौशल आदान-प्रदान के क्षेत्र में संभावित सहयोग के अवसरों पर चर्चा की। इस अवसर पर पोत ने श्रीलंकाई रक्षा कर्मियों उनके परिवारों और प्रशिक्षु अधिकारियों को पोत पर परिचयात्मक दौरे के लिए आमंत्रित किया ताकि वे पोत के संचालन प्रशिक्षण गतिविधियों और तकनीकी क्षमताओं से परिचित हो सकें।

    आईएनएस तरंगिनी का पत्तन पर ठहराव केवल औपचारिक स्वागत तक सीमित नहीं रहा। इस दौरान सामुदायिक सहभागिता गतिविधियों की योजना बनाई गई और विभिन्न प्रशिक्षण आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित किए गए। ये पहल द्विपक्षीय समुद्री सहयोग को और गहरा करने और भविष्य में साझा नौकायन प्रशिक्षण के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई।

    विशेष रूप से श्रीलंका नौसेना और श्रीलंका समुद्री अकादमी से चयनित प्रशिक्षु अधिकारी इस दौरे के दौरान तरंगिनी पोत से कोलंबो की यात्रा पर रवाना होंगे। इस यात्रा के दौरान उन्हें नौकायन प्रशिक्षण के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया जाएगा। प्रशिक्षु अधिकारी पोत पर रहने के दौरान समुद्री सुरक्षा नाव संचालन टीम वर्क और अन्य पेशेवर कौशल सीखेंगे जो उनके करियर विकास और द्विपक्षीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण हैं।

    आईएनएस तरंगिनी का यह दौरा भारतीय नौसेना और श्रीलंका नौसेना के बीच लंबे समय से चले आ रहे समन्वित समुद्री संबंधों और सहयोग को उजागर करता है। दोनों नौसेनाओं के बीच नियमित प्रशिक्षण तकनीकी सहयोग और सामुदायिक सहभागिता की पहल न केवल पेशेवर क्षमताओं को बढ़ाती है बल्कि क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और आपसी समझ को भी मजबूत करती है।

    इस प्रकार तरंगिनी का त्रिंकोमाली दौरा द्विपक्षीय मित्रता नौकायन प्रशिक्षण और सामुदायिक सहभागिता का एक प्रतीक बनकर उभरा है जो भारतीय और श्रीलंकाई नौसेना के साझा भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रखता है।

  • बड़ी राहत: सीएम मोहन यादव के आश्वासन के बाद मध्यप्रदेश में टली बस हड़ताल.

    बड़ी राहत: सीएम मोहन यादव के आश्वासन के बाद मध्यप्रदेश में टली बस हड़ताल.


    भोपाल:1 मार्च 2026। मध्यप्रदेश में 2 मार्च से प्रस्तावित बस हड़ताल अब टल गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आश्वासन और मध्यस्थता के बाद बस संचालकों ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश के लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य प्रदेश के हर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र तक सुगम, सुरक्षित और निर्बाध परिवहन सेवा सुनिश्चित करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बस ऑपरेटर्स की समस्याओं का समाधान आपसी संवाद और सहयोग से किया जाएगा।

    समत्व भवन में सीएम निवास पर हुई बैठक में मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने विभिन्न मुद्दों और आपत्तियों को सामने रखा। बस संचालकों ने कहा कि हालिया अधिसूचनाओं और निर्देशों से उनके व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और तुरंत संबंधित सूचना और अधिसूचना को होल्ड करने के निर्देश दिए। अब आगे की कार्रवाई केवल दोनों पक्षों के सहमति से ही की जाएगी।

    सीएम ने परिवहन मंत्री को भी निर्देश दिए कि वे बस ऑपरेटर्स के साथ मिलकर व्यावहारिक समस्याओं का समाधान निकालें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार और परिवहन व्यवसायी विरोधी नहीं हैं, बल्कि जनता को बेहतर सेवा देने के लिए सहयोगी हैं। इसलिए निर्णय इस तरह लिए जाएं कि यात्रियों की सुविधा बनी रहे और बस संचालकों का व्यवसाय भी प्रभावित न हो।

    सीएम के आश्वासन और प्रशासनिक समझौते के बाद बस ऑनर्स एसोसिएशन ने घोषणा की कि प्रस्तावित 2 मार्च की हड़ताल अब नहीं होगी। इस कदम से प्रदेश भर में यात्रियों, स्कूल-विश्वविद्यालयों और वाणिज्यिक क्षेत्रों में यात्रा पर कोई व्यवधान नहीं आएगा। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में इसी तरह के मुद्दों पर दोनों पक्ष समय पर चर्चा करेंगे और समाधान निकालेंगे।

    इस निर्णय से न केवल यात्री राहत महसूस कर रहे हैं, बल्कि बस संचालकों को भी उम्मीद है कि उनकी व्यावसायिक समस्याओं का समाधान आपसी संवाद और सहयोग से होगा। सरकार ने यह स्पष्ट किया कि जनता को सुविधा देने के साथ-साथ व्यवसायियों की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाएगा।

    प्रदेश के परिवहन तंत्र के लिए यह बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे यह संदेश गया कि मध्यप्रदेश सरकार और परिवहन व्यवसायी मिलकर संतुलित और व्यवस्थित परिवहन सेवा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं। इस समझौते से यात्रियों और बस संचालकों के बीच विश्वास और सहयोग की स्थिति मजबूत होगी।

  • इस सप्ताह का राशिफल: 1 मार्च – 7 मार्च 2026, मौका और सतर्कता दोनों साथ

    साप्ताहिक राशिफल 1 मार्च से 7 मार्च 2026
    यह सप्ताह मिश्रित परिणाम लेकर आया है। आर्थिक और करियर के मामलों में कुछ जातकों के लिए सफलता के योग हैं, जबकि स्वास्थ्य और पारिवारिक संबंधों में सतर्कता जरूरी है। धैर्य और समझदारी से उठाए गए कदम लाभकारी रहेंगे।

    मेष (Aries)
    स्वास्थ्य में गिरावट संभव है, सतर्क रहें। आर्थिक दृष्टि से लाभ के योग हैं और व्यापार या नौकरी में सफलता मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में नई साझेदारियों और अवसरों के संकेत हैं। लव लाइफ में संवाद पर ध्यान दें, मतभेद को बिगड़ने न दें।

    वृषभ (Taurus)
    स्वास्थ्य में गिरावट और मानसिक तनाव संभव है। आर्थिक उतार-चढ़ाव रहेंगे, खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है। कार्य में बदलाव और अधिक परिश्रम आवश्यक है। लव लाइफ में मतभेद हो सकते हैं, समझदारी से समाधान करें।

    मिथुन (Gemini)
    स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आर्थिक लाभ और प्रॉपर्टी या शेयर निवेश में फायदा हो सकता है। करियर में नई जिम्मेदारियां और पदोन्नति के योग हैं। लव लाइफ में पार्टनर का सहयोग मिलेगा, यात्रा और सरप्राइज की संभावना है।

    कर्क (Cancer)
    स्वास्थ्य अच्छा है, योग और व्यायाम लाभकारी रहेंगे। आर्थिक दृष्टि से लाभ और व्यापार में वृद्धि संभव है। करियर में नए अवसर और विस्तार मिल सकते हैं। लव लाइफ और पारिवारिक तालमेल अच्छा रहेगा।

    सिंह (Leo)
    मानसिक तनाव और शारीरिक कष्ट के योग हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य, बड़े रिस्क न लें। करियर में विरोधियों के बावजूद मेहनत जरूरी है। लव लाइफ में झगड़े से बचें और धैर्य रखें।

    कन्या (Virgo)
    स्वास्थ्य पर सतर्क रहें, बड़ी बीमारी का जोखिम है। आर्थिक लाभ कम है, व्यर्थ खर्चों पर नियंत्रण रखें। करियर में प्रतीक्षा आवश्यक, परिश्रम जारी रखें। लव लाइफ में मतभेद हो सकते हैं, व्यवहार सुधारें।

    तुला (Libra)
    स्वास्थ्य पर यात्रा और काम के दबाव से सतर्क रहें। निवेश में सोच-समझकर निर्णय लें। करियर में स्थिरता से लाभ और बड़ी सफलता संभव है। लव लाइफ में पार्टनर का सहयोग मिलेगा, समय आनंदमय रहेगा।

    वृश्चिक (Scorpio)
    स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, पुरानी बीमारियों में राहत मिलेगी। आर्थिक लाभ और निवेश में वृद्धि संभव है। कार्यक्षेत्र में प्रदर्शन और सम्मान प्राप्त होगा। लव लाइफ में पार्टनर के साथ समय व्यतीत करें और निर्णय साझा करें।

    धनु (Sagittarius)
    स्वास्थ्य अच्छा, परिवार का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। व्यापार और अन्य क्षेत्रों से लाभ संभव है। करियर में नई सफलता और अवसर मिल सकते हैं। लव लाइफ में मतभेद हैं, समझदारी से संभालें।

    मकर (Capricorn)
    मानसिक तनाव के योग हैं, सतर्क रहें। आर्थिक गिरावट संभव, खर्चों पर नियंत्रण रखें। करियर में अधिक परिश्रम की आवश्यकता है, सफलता धीरे मिलेगी। लव लाइफ में मतभेद खत्म होंगे, समय व्यतीत करें।

    कुंभ (Aquarius)
    स्वास्थ्य में सुधार और अच्छा समय। आर्थिक लाभ और बड़े निर्णय सफल होंगे। करियर में नई शुरुआत और सफलता संभव है। लव लाइफ में तालमेल अच्छा रहेगा, यात्रा और आनंद के योग हैं।

    मीन (Pisces)
    स्वास्थ्य सतर्कता मांगता है, तनाव से स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। आर्थिक चुनौतियों से सावधान रहें। करियर में समर्थन मिलेगा, सफलता संभव है। लव लाइफ में मतभेद बढ़ सकते हैं, संवाद से समाधान करें। यह सप्ताह संतुलन, समझदारी और धैर्य से कदम उठाने का है। आर्थिक और करियर के क्षेत्र में अवसर हैं, पर स्वास्थ्य और पारिवारिक संबंधों में सतर्कता जरूरी है।

  • ग्वालियर बाजार में होली की धूम, स्मोक शॉट और इलेक्ट्रिक पिचकारियों ने बच्चों और युवाओं को किया मंत्रमुग्ध

    ग्वालियर बाजार में होली की धूम, स्मोक शॉट और इलेक्ट्रिक पिचकारियों ने बच्चों और युवाओं को किया मंत्रमुग्ध



    ग्वालियर ग्वालियर में होली का त्योहार करीब आते ही बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है। हर्बल रंग, अबीर-गुलाल और नई डिज़ाइन की पिचकारियों की लंबी रेंज दुकानों पर सज चुकी है। ग्राहक परिवार के साथ खरीदारी करने पहुंच रहे हैं और दुकानों पर भीड़ लगातार बढ़ रही है।

    दुकानदार विकास गुप्ता के मुताबिक इस बार बाजार में कई नए और आकर्षक आइटम आए हैं। ग्राहक इन नए कलेक्शन को काफी पसंद कर रहे हैं।

    स्मोक शॉट और इलेक्ट्रिक पिचकारियां इस बार सबसे बड़ा आकर्षण हैं। स्मोक शॉट से रंग आसमान में फैलते हैं, वहीं इलेक्ट्रिक शॉट गन पानी में डालते ही रंगीन पानी भर देती है। इसके अलावा हनुमान जी की गदा, परशुराम का फरसा और भगवान राम के धनुष-बाण की डिजाइन वाली पिचकारियां भी बच्चों और युवाओं में खास लोकप्रिय हो रही हैं।

    बाजार में रंग-बिरंगी ड्रेस की भी मांग बढ़ी है। सफेद शर्ट, कुर्ती, कुर्ता-पायजामा, जयपुरी जूती, पगड़ी और ब्लैक गॉगल की बिक्री में इजाफा हुआ है। छोटे बच्चे रंग-बिरंगे कपड़ों और एक्सेसरीज़ के साथ खरीदारी कर रहे हैं।

    शहर की कई कॉलोनियों और सोसायटियों में होली के दिन सामूहिक कार्यक्रम होंगे। लोग निर्धारित समय पर डीजे और पारंपरिक पकवानों के साथ त्योहार का आनंद लेंगे।

    कलेक्टर रुचिका चौहान ने होली के अवसर पर 4 मार्च को जिले में शासकीय अवकाश घोषित किया है। सभी सरकारी कार्यालय 5 मार्च से फिर से खुलेंगे।

  • ईरान संकट: खामेनेई की मौत के बीच भोपाल में शिया समुदाय ने दी श्रद्धांजलि, जोहर नमाज़ के बाद विशेष कार्यक्रम

    ईरान संकट: खामेनेई की मौत के बीच भोपाल में शिया समुदाय ने दी श्रद्धांजलि, जोहर नमाज़ के बाद विशेष कार्यक्रम


    भोपाल। भोपाल के शिया समुदाय ने आज शिया मस्जिद में जोहर की नमाज़ के बाद सम्मान और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़े पैमाने पर लोगों ने भाग लिया। इस सभा में ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके जीवन, संघर्ष और योगदान पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम शांतिपूर्वक आयोजित किया गया और आयोजकों ने समुदाय के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।

    क्या हुआ — घटना और पुष्टि:
    28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों और राज्य‑स्तरीय घोषणाओं में आ चुकी है। संयुक्त आक्रमण में कई वरिष्ठ अधिकारियों व सैन्य नेतृत्व को भी निशाना बनाया गया था। ईरानी सरकारी मीडिया ने खामेनेई की मौत की पुष्टि की और 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।

    खामेनेई का राजनीतिक व धार्मिक सफर
    खामेनेई ने 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद तेजी से राजनीतिक उभरते हुए नेतृत्व में खुद को स्थापित किया।
    1981‑88 के दौरान उन्होंने राजनीतिक भूमिकाएँ निभाईं और 1989 में ईरान के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) बने।
    इस पद पर रहते हुए उन्होंने देश की राजनीतिक, सैन्य और धार्मिक नीतियों को 35 से अधिक वर्षों तक नियंत्रित किया।
    ईरानी शासन व्यवस्था के मुताबिक सुप्रीम लीडर के पद के लिए ‘अयातुल्ला’ का धार्मिक दर्जा आवश्यक है, जो बताता है कि यह पद सिर्फ एक उच्च धार्मिक नेता को ही मिल सकता है।

    अमेरिका और इजरायल का संघर्ष
    अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर पिछले कुछ महीनों से लगातार दबाव बनाया था, विशेष रूप से परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल विकास और मध्य पूर्व में प्रभाव विस्तार के मद्देनजर। ईरान पर यह हमला उस तनाव का हिस्सा माना जा रहा है जिसने क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

    क्या आगे हो सकता है?
    खामेनेई की मौत न केवल ईरान की आंतरिक राजनीति में विघटन का संकेत है, बल्कि इससे मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन में बड़ा बदलाव भी आने की आशंका जताई जा रही है। संभावित नेतृत्व संकट और विद्रोही आंदोलन दोनों ही इस क्षेत्र में बढ़ सकती हैं।

  • भोपाल में होली मेला: ऑर्गेनिक गुलाल, महुआ के लड्डू और रोजगार का रंगीन संगम

    भोपाल में होली मेला: ऑर्गेनिक गुलाल, महुआ के लड्डू और रोजगार का रंगीन संगम

    नई दिल्ली। भोपाल में होली के अवसर पर डीबी मॉल के पास भोपाल हाट में 21 फरवरी से 2 मार्च तक आयोजित होली मेला अपने आप में खास रहा। इस मेले का उद्देश्य आजिविका समूहों की महिलाओं को बाजार उपलब्ध कराना, उनके हाथों से बने उत्पादों को पहचान दिलाना और लोगों को शुद्ध, घरेलू सामान उपलब्ध कराना है।

    15 से 20 जिलों की दीदियां आईं
    भोपाल, भिंड, मुरैना, इंदौर, सीहोर, सागर, सीधी, बालाघाट, शहडोल, अनूपपुर, सिंगरौली, सतना, दमोह, छतरपुर, निवाड़ी, धार, झाबुआ, मंदसौर, खरगोन, बैतूल, विदिशा और बुरहानपुर से आजीविका दीदियां अपने उत्पाद बेचने आईं।

    ऑर्गेनिक गुलाल और पारंपरिक व्यंजन

    बालाघाट की दीदियों ने ऑर्गेनिक गुलाल बनाया: अरारोट और पलाश के फूल सुखाकर, हल्दी, बेसन और चुकंदर जैसी प्राकृतिक सामग्री से रंग तैयार किया गया।
    सीधी से महुआ के लड्डू: जोड़ों के दर्द, कमजोरी और सांस की तकलीफ में मददगार।
    अनूपपुर के कोदो बिस्किट: किसानों से सीधे लेकर, बिना मिलावट के हाथों से तैयार।
    शुद्ध मसाले, खोया और पारंपरिक गुजिया भी उपलब्ध।

    रंगों के साथ रोजगार का उत्सव
    यह मेला केवल खरीद-बिक्री का केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता और हुनर का प्रदर्शन है। आजीविका मार्ट के माध्यम से महिलाओं को अपनी कला और मेहनत दिखाने का मंच मिला।धर्मेंद्र सेठ ने बताया कि मेला इस लिहाज से खास है कि घर का बना शुद्ध सामान लोगों को मिल रहा है, जिससे भरोसे के साथ खरीदारी संभव हो रही है।होली के रंगों के साथ यह मेला आजीविका का संगम न केवल त्योहार को खास बना रहा है, बल्कि ग्रामीण बहनों की आय बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।