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  • 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान को मिली रफ्तार: देवास में मैराथन निकालकर पुलिस ने लोगों को किया साइबर अपराधों के प्रति जागरूक

    'सेफ क्लिक 2.0' अभियान को मिली रफ्तार: देवास में मैराथन निकालकर पुलिस ने लोगों को किया साइबर अपराधों के प्रति जागरूक


    इंदौर । बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी की घटनाओं के बीच देवास पुलिस लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में मंगलवार सुबह ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान के तहत शहर में एक जागरूकता मैराथन का आयोजन किया गया। इस मैराथन में पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी, पुलिसकर्मी और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लेकर साइबर सुरक्षा का संदेश दिया।

    सुबह छह बजे भोपाल चौराहे से शुरू हुई मैराथन को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए औद्योगिक क्षेत्र थाना परिसर तक पहुंची। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने साइबर अपराधों से बचाव से जुड़े संदेश दिए और नागरिकों से सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने की अपील की। अभियान का उद्देश्य लोगों को इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सतर्क रहने के लिए प्रेरित करना था।

    मैराथन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को बताया कि साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। मोबाइल पर आने वाले संदिग्ध संदेश, फर्जी कॉल या ईमेल पर भरोसा नहीं करना चाहिए। साथ ही बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।

    पुलिस ने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो उसे बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए या नजदीकी पुलिस थाने अथवा साइबर सेल से तुरंत संपर्क करना चाहिए। समय पर शिकायत दर्ज कराने से कई मामलों में ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

    देवास पुलिस का ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान पिछले चौदह दिनों से लगातार चल रहा है। इस अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और विभिन्न संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस टीम लोगों को डिजिटल फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाओं, सोशल मीडिया ठगी, फिशिंग लिंक, केवाईसी अपडेट के नाम पर होने वाले धोखाधड़ी के मामलों और ऑनलाइन बैंकिंग सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दे रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण तभी संभव है जब आम नागरिक भी जागरूक और सतर्क रहें। तकनीक जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, साइबर अपराधी भी उतनी ही तेजी से नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। देवास पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तुरंत सूचना दें और सुरक्षित डिजिटल आदतों को अपनाकर स्वयं के साथ अपने परिवार को भी साइबर अपराधों से सुरक्षित रखें।

  • इंदौर हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा: प्रेमी नहीं, मां और भाई पर हत्या का केस, ऑडियो रिकॉर्डिंग से पलटी जांच

    इंदौर हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा: प्रेमी नहीं, मां और भाई पर हत्या का केस, ऑडियो रिकॉर्डिंग से पलटी जांच


    इंदौर । इंदौर के हीरानगर क्षेत्र में रहने वाली युवती ज्योति अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस जांच ने बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जिस मामले में शुरुआत में युवती के प्रेमी को मुख्य आरोपी बताया गया था, उसी मामले में अब पुलिस ने मृतका की मां शीतल अग्रवाल और भाई प्रकाश के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान मिले ऑडियो रिकॉर्डिंग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने पूरी कहानी बदल दी।

    पुलिस के अनुसार तीन अप्रैल को ज्योति की मौत हुई थी, जबकि उससे एक दिन पहले घर में उसकी मां और भाई के साथ विवाद हुआ था। जांच में सामने आया कि दोनों ने उसके साथ मारपीट की थी। बाद में घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल की स्थिति बदली गई और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी डिलीट कर दी गई ताकि सच्चाई सामने न आ सके। हालांकि पुलिस अभी तक डिलीट फुटेज को रिकवर करने का प्रयास कर रही है।

    मामले की शुरुआत में मृतका की मां और भाई ने पुलिस को बताया था कि ज्योति के प्रेमी मयंक साहू के पास उसका निजी वीडियो था और वह उसी के आधार पर ब्लैकमेल कर रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मयंक उससे लाखों रुपये ले चुका था। लेकिन पूछताछ के दौरान मयंक ने इन आरोपों से इनकार करते हुए बताया कि पैसों का संबंध व्यापारिक लेनदेन से था और बाद में उसने ज्योति को सोना खरीदकर भी दिया था।

    जांच की दिशा उस समय पूरी तरह बदल गई जब मयंक ने पुलिस को दो अप्रैल की रात की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंपी। रिकॉर्डिंग में ज्योति अपने मित्र से बातचीत के दौरान बता रही थी कि उसकी मां और भाई उसके साथ मारपीट कर रहे हैं तथा पुलिस को सूचना देने की बात कह रही है। हालांकि उस समय पुलिस को सूचना नहीं दी गई, लेकिन अगले ही दिन ज्योति की मौत की खबर सामने आ गई। इसी रिकॉर्डिंग ने पुलिस को नए सिरे से पूरे मामले की जांच करने के लिए मजबूर कर दिया।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस का शक और गहरा गया। रिपोर्ट में युवती के सिर पर गंभीर चोटों के साथ शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान मिले। जब इन चोटों के बारे में मां और भाई से पूछताछ की गई तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। वहीं सीसीटीवी फुटेज डिलीट होने की वजह भी स्पष्ट नहीं कर पाए। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों से यह भी संकेत मिले हैं कि मारपीट के बाद युवती की तबीयत बिगड़ने पर उसे जबरन जहरीला पदार्थ पिलाया गया।

    जांच में यह भी सामने आया कि ज्योति और मयंक एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे और शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। दोनों ने भविष्य के लिए आर्थिक तैयारी भी कर रखी थी। फिलहाल पुलिस ने मां और भाई के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और आगे और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

  • एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, जिला अस्पताल में भरा पानी, दुल्हन को गोद में उठाकर ले गया दूल्हा

    एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, जिला अस्पताल में भरा पानी, दुल्हन को गोद में उठाकर ले गया दूल्हा


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और लगातार हो रही बारिश अब जनजीवन पर भारी पड़ने लगी है। पिछले चौबीस घंटे के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में सड़कें धंस गईं, नदी-नाले उफान पर आ गए, अस्पतालों और धार्मिक स्थलों में पानी भर गया, जबकि कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया। बारिश के बीच इंदौर में एक शादी समारोह का अनोखा दृश्य भी सामने आया, जहां पानी से लबालब मैरिज गार्डन में दूल्हे ने अपनी दुल्हन को गोद में उठाकर विवाह स्थल तक पहुंचाया।

    इंदौर से करीब तीस किलोमीटर दूर जेतकारण गांव में तेज बारिश के कारण सड़क धंस गई। सड़क टूटने से स्कूली बच्चों का रास्ता बंद हो गया। ग्रामीणों ने मानव शृंखला बनाकर उफनते नाले के बीच से बच्चों को सुरक्षित पार कराया। वहीं शहर के कैट रोड स्थित एक मैरिज गार्डन में पानी भर जाने से शादी समारोह प्रभावित हुआ। पानी से भरे रास्ते को पार कराने के लिए दूल्हे ने दुल्हन को गोद में उठाया। इस दौरान गार्डन में जूते और चप्पल पानी में तैरते नजर आए, जिसका वीडियो भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना।

    पन्ना जिले में लगातार बारिश के चलते जिला अस्पताल के सर्जिकल और डिलीवरी वार्ड की गैलरी में घुटनों तक पानी भर गया। मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं हरसा-बागोहा नाला उफान पर होने के बावजूद लोग पुल के ऊपर बहते पानी के बीच जान जोखिम में डालकर आवागमन करते रहे। खजुराहो में चौबीस घंटे के दौरान सबसे अधिक 4.4 इंच बारिश दर्ज की गई। लगातार वर्षा से खूडर नदी का जलस्तर बढ़ने पर खजुराहो-जटकरा मार्ग एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया, जबकि बमीठा स्थित नेशनल हाईवे पर करीब तीन फीट तक पानी भरने से यातायात प्रभावित रहा।

    रायसेन जिले के बापौली धाम आश्रम में एक घंटे की तेज बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए। आश्रम परिसर, संस्कृत पाठशाला, शिव मंदिर और गोशाला में पानी घुस गया। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से वहां रह रहे करीब साठ छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उधर प्रदेश के एक अन्य इलाके में निदान वॉटरफॉल पर पिकनिक मनाने गए दो युवक अचानक जलस्तर बढ़ने से बीच धारा में फंस गए। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला।

    लगातार बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला। सुक्ता नदी उफान पर आने से हापला और दीपला गांव का संपर्क टूट गया तथा तेज बहाव में दो भैंसें बह गईं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और कमजोर पुलों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

  • विराट संग क्रिकेट खेलना चाहते हैं नोवाक जोकोविच: बोले- भारत आकर कोहली से सीखूंगा बैटिंग तकनीक

    विराट संग क्रिकेट खेलना चाहते हैं नोवाक जोकोविच: बोले- भारत आकर कोहली से सीखूंगा बैटिंग तकनीक


    नई दिल्ली । दुनिया के महान टेनिस खिलाड़ियों में शामिल नोवाक जोकोविच ने भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली की जमकर तारीफ करते हुए कहा है कि वह जल्द भारत आने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर की कि भारत दौरे के दौरान वह विराट कोहली के साथ क्रिकेट और टेनिस दोनों खेलना चाहेंगे। जोकोविच ने कहा कि उनके मन में विराट और भारतीय क्रिकेट के प्रति बेहद सम्मान है और वह भारत आकर इस दोस्ती को और मजबूत बनाना चाहते हैं।

    एक बातचीत के दौरान जोकोविच ने कहा कि वह लंबे समय से भारत आने की योजना बना रहे हैं और इस संबंध में विराट कोहली से भी चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि विराट केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के सबसे बड़े खेल सितारों में शामिल हैं। यदि उन्हें भारत आने का अवसर मिला तो वह चाहेंगे कि विराट उनके मेजबान बनें और उन्हें देश की संस्कृति तथा प्रमुख स्थानों से परिचित कराएं।

    सर्बिया के रहने वाले जोकोविच ने बताया कि उनके देश में क्रिकेट लोकप्रिय खेल नहीं है, लेकिन उनकी टीम के कुछ सदस्य ब्रिटेन से हैं और उन्हें क्रिकेट का काफी शौक है। इसी वजह से पिछले कई वर्षों में उन्होंने क्रिकेट को समझने और उसके नियम सीखने की कोशिश की है। हालांकि उन्होंने मुस्कुराते हुए स्वीकार किया कि उनकी क्रिकेट तकनीक अभी भी बहुत बेहतर नहीं है और उन्हें उम्मीद है कि विराट कोहली उनकी बैटिंग तकनीक और बैट स्विंग सुधारने में मदद करेंगे।

    जोकोविच ने कहा कि विराट कोहली की खेल भावना, अनुशासन और मैदान पर समर्पण उन्हें हमेशा प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट ने विश्व खेल जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है और उसके लिए उनके मन में विशेष सम्मान है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत आकर विराट के साथ समय बिताना उनके लिए यादगार अनुभव होगा।

    इस बीच जोकोविच ने विंबलडन में भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। उन्होंने चौथे दौर के मुकाबले में रोमन सफीउलिन को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ उन्होंने विंबलडन पुरुष एकल में सबसे अधिक जीत दर्ज करने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। लगातार नौवीं बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले जोकोविच ने अपनी इस उपलब्धि को बेहद खास बताया।

    उन्होंने कहा कि विंबलडन उनके लिए केवल एक टूर्नामेंट नहीं बल्कि बचपन का सपना है। बचपन से ही वह यहां चैंपियन बनने और दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी बनने का सपना देखते थे। सात बार विंबलडन का खिताब जीतना और इतने वर्षों तक लगातार शीर्ष स्तर पर खेलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सेंटर कोर्ट पर खेलने का अनुभव हमेशा उन्हें अतिरिक्त ऊर्जा और आत्मविश्वास देता है तथा वह इस वर्ष भी खिताब जीतने की पूरी कोशिश करेंगे।

    अब क्वार्टर फाइनल में जोकोविच का मुकाबला फेलिक्स ऑगर अलियासिमे और एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना के बीच होने वाले विजेता से होगा। टेनिस प्रेमियों की नजर एक बार फिर इस दिग्गज खिलाड़ी के अगले मुकाबले पर टिकी हुई है।

  • 'मुख्यमंत्री के कामकाज में अदालत दखल नहीं दे सकती', करूर हादसे पर विजय के दौरे के खिलाफ डीएमके की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

    'मुख्यमंत्री के कामकाज में अदालत दखल नहीं दे सकती', करूर हादसे पर विजय के दौरे के खिलाफ डीएमके की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

    नई दिल्ली । तमिलनाडु के करूर भगदड़ मामले से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री विजय को पीड़ित परिवारों से मिलने तथा मुआवजा और नियुक्ति पत्र वितरित करने से रोकने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी मुख्यमंत्री के प्रशासनिक या सार्वजनिक कार्यक्रमों का निर्धारण करना न्यायालय का कार्य नहीं है। इसके साथ ही न्यायालय ने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेदों को अदालत के माध्यम से नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक और राजनीतिक मंचों पर सुलझाया जाना चाहिए।

    सुनवाई के दौरान न्यायालय ने याचिकाकर्ता पक्ष से कहा कि अदालत को राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए। पीठ ने टिप्पणी की कि यदि किसी राजनीतिक दल या सरकार के नेता किसी मुद्दे पर सार्वजनिक बयान देते हैं, तो विपक्ष भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी प्रतिक्रिया दे सकता है। न्यायालय ने इस प्रकार के विवादों में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका को स्वीकार करने से मना कर दिया।

    यह मामला पिछले वर्ष करूर में आयोजित एक राजनीतिक रैली के दौरान हुई भगदड़ से जुड़ा है, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई थी। घटना के बाद राज्य में व्यापक चर्चा हुई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठी। प्रारंभिक स्तर पर जांच विशेष जांच दल को सौंपी गई थी, लेकिन बाद में जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी गई। मामले की निगरानी भी न्यायिक व्यवस्था के तहत गठित समिति द्वारा की जा रही है, जिससे जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।

    मुख्यमंत्री विजय ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात करने और प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इसके अलावा पात्र परिवारों को सरकारी नौकरी से संबंधित नियुक्ति पत्र भी दिए जाने की योजना है। इसी प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर याचिका दायर की गई थी, जिसमें दावा किया गया कि इससे चल रही जांच प्रभावित हो सकती है।

    याचिका में यह भी कहा गया था कि पीड़ित परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया जांच पर असर डाल सकती है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और कहा कि अदालत किसी निर्वाचित मुख्यमंत्री के सार्वजनिक कार्यक्रमों या प्रशासनिक निर्णयों पर इस प्रकार का निर्देश जारी नहीं कर सकती। न्यायालय का मानना था कि जब जांच पहले से स्वतंत्र एजेंसी की निगरानी में चल रही है, तब केवल आशंका के आधार पर किसी कार्यक्रम पर रोक लगाने का औचित्य नहीं बनता।

    इस फैसले को राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि करूर हादसा लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। एक ओर सरकार पीड़ित परिवारों को राहत और सहायता उपलब्ध कराने की बात कह रही है, वहीं विपक्ष जांच की निष्पक्षता को लेकर लगातार सवाल उठाता रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब मुख्यमंत्री विजय के निर्धारित कार्यक्रम का रास्ता साफ हो गया है और वे पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर सहायता राशि तथा अन्य घोषित लाभ प्रदान कर सकेंगे। वहीं, हादसे की जांच अपनी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ती रहेगी और संबंधित एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी रखेंगी।

  • फेक बयान पर सूर्यकुमार यादव की सफाई: भारतीय टीम के साथ खड़ा हूं, अफवाहों पर न करें भरोसा

    फेक बयान पर सूर्यकुमार यादव की सफाई: भारतीय टीम के साथ खड़ा हूं, अफवाहों पर न करें भरोसा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज और पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने सोशल मीडिया पर उनके नाम से वायरल हो रहे कथित बयानों को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंटरनेट पर प्रसारित किए जा रहे कई बयान पूरी तरह भ्रामक हैं और उनका उन बयानों से कोई संबंध नहीं है। सूर्यकुमार ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि किसी भी जानकारी पर भरोसा न करें और न ही उसे आगे साझा करें।

    सूर्यकुमार यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि वह भारतीय टीम के प्रदर्शन से बेहद खुश हैं और हमेशा टीम की सफलता की कामना करते हैं। उन्होंने कहा कि टीम के खिलाड़ी देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास कर रहे हैं और उन्हें हमेशा उनका पूरा समर्थन मिलेगा। उन्होंने भारतीय टीम के उज्ज्वल भविष्य पर भरोसा जताते हुए सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।

    अपने संदेश में सूर्यकुमार यादव ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के लिए भी विशेष शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वैभव अपने क्रिकेट करियर के बेहद रोमांचक दौर की शुरुआत कर रहे हैं और उन्हें हर पल का आनंद लेते हुए देश का नाम रोशन करना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि युवा खिलाड़ी आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे।

    सूर्यकुमार यादव ने अपने नाम से प्रसारित किए जा रहे कथित बयानों पर नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर जो बयान उनके नाम से साझा किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने ऐसा कोई बयान न तो दिया है और न ही किसी को इसकी अनुमति दी है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी खबर या पोस्ट को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें ताकि गलत सूचनाओं के प्रसार पर रोक लगाई जा सके।

    उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय क्रिकेट, अपने साथी खिलाड़ियों और खेल के प्रति उनका समर्पण किसी भी अफवाह या झूठे बयान से कहीं अधिक मजबूत है। उनके लिए देश और टीम सर्वोपरि है तथा वह हमेशा भारतीय क्रिकेट के हित में खड़े रहेंगे। उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्रिकेट प्रेमी इसे जिम्मेदार और सकारात्मक पहल मान रहे हैं।

    हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में दावा किया गया था कि सूर्यकुमार यादव ने भारतीय टी20 टीम की कप्तानी, अपने चयन और युवा खिलाड़ियों को लेकर कुछ विवादित टिप्पणियां की हैं। हालांकि अब स्वयं सूर्यकुमार यादव ने इन दावों का खंडन कर दिया है। उनकी इस स्पष्ट प्रतिक्रिया के बाद उनके नाम से फैलाए जा रहे भ्रामक बयानों पर विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • एमएस धोनी के 45वें जन्मदिन का जश्न: कोलकाता और ओडिशा से रांची पहुंचे फैंस, माही की एक झलक पाने का इंतजार

    एमएस धोनी के 45वें जन्मदिन का जश्न: कोलकाता और ओडिशा से रांची पहुंचे फैंस, माही की एक झलक पाने का इंतजार


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी ने मंगलवार को अपना 45वां जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर देश और विदेश से उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं मिलीं। रांची स्थित उनके आवास के बाहर सुबह से ही प्रशंसकों का जमावड़ा लगा रहा। कई फैंस सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके केवल अपने पसंदीदा क्रिकेटर की एक झलक पाने और उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देने पहुंचे।

    धोनी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ओडिशा और कोलकाता सहित कई राज्यों से प्रशंसक रांची पहुंचे। कुछ फैंस कई दिनों से वहीं ठहरे हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि धोनी बाहर आकर उनसे मुलाकात करेंगे। उनके हाथों में पोस्टर, बैनर और जन्मदिन की शुभकामनाओं वाले संदेश नजर आए। कई प्रशंसकों ने केक काटने की भी तैयारी की थी।

    ओडिशा से पहुंचे एक प्रशंसक ने बताया कि वह पिछले छह दिनों से रांची में हैं और केवल एक बार अपने पसंदीदा खिलाड़ी से मिलने का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना था कि धोनी ने अपने खेल और नेतृत्व से करोड़ों लोगों को प्रेरित किया है और वह उनके स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन की कामना करते हैं।

    कोलकाता से पहुंचे एक अन्य प्रशंसक ने बताया कि वह हर साल धोनी का जन्मदिन मनाने रांची आते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी टीम हर वर्ष धोनी के जन्मदिन और उनके एकदिवसीय क्रिकेट में पदार्पण दिवस पर सामाजिक सेवा के कार्यक्रम भी आयोजित करती है। उनके अनुसार धोनी केवल एक महान क्रिकेटर ही नहीं बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं।

    युवा प्रशंसकों में भी धोनी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई फैंस ने उम्मीद जताई कि माही बाहर आकर उनसे मुलाकात करेंगे, उनके साथ केक काटेंगे और कुछ समय बिताएंगे। प्रशंसकों ने उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबे जीवन की कामना करते हुए यह इच्छा भी जताई कि वह आने वाले वर्षों में भी इंडियन प्रीमियर लीग में खेलते रहें।

    महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाते हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने टी20 विश्व कप, वनडे विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े आईसीसी खिताब अपने नाम किए। शांत स्वभाव, बेहतरीन नेतृत्व क्षमता और मैच फिनिश करने की कला के कारण उन्हें दुनिया भर में कैप्टन कूल के नाम से जाना जाता है। यही वजह है कि क्रिकेट से जुड़े उनके हर खास दिन पर प्रशंसकों का उत्साह देखते ही बनता है।

  • अभिषेक शर्मा के पर्सनैलिटी राइट्स केस पर 9 जुलाई को होगी अगली सुनवाई, दिल्ली हाई कोर्ट ने मांगे अतिरिक्त सबूत

    अभिषेक शर्मा के पर्सनैलिटी राइट्स केस पर 9 जुलाई को होगी अगली सुनवाई, दिल्ली हाई कोर्ट ने मांगे अतिरिक्त सबूत


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा की पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा से जुड़ी याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई तय करते हुए याचिकाकर्ता को विवादित ऑनलाइन सामग्री से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और स्क्रीनशॉट पेश करने के निर्देश दिए हैं। अदालत का कहना है कि संबंधित सामग्री की जांच किए बिना कोई आदेश पारित करना उचित नहीं होगा।

    मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने कहा कि मानहानि और पर्सनैलिटी राइट्स के बीच बहुत बारीक अंतर होता है। कई मामलों में मानहानि से जुड़े विवादों में व्यक्तित्व अधिकारों का पहलू भी शामिल हो सकता है। इसलिए अदालत को किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों और रिकॉर्ड का सावधानीपूर्वक परीक्षण करना आवश्यक है।

    सुनवाई के दौरान अदालत के संज्ञान में आया कि याचिका के साथ उन यूआरएल के स्क्रीनशॉट संलग्न नहीं किए गए थे जिनके माध्यम से कथित आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित होने का दावा किया गया है। इस पर अदालत ने अभिषेक शर्मा की ओर से पेश अधिवक्ता को निर्देश दिया कि वे एक अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करें जिसमें सभी विवादित पोस्ट और यूआरएल से संबंधित स्क्रीनशॉट शामिल हों तथा वे याचिका में दी गई सूची से मेल खाते हों।

    सुनवाई के दौरान मेटा की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि याचिका में दिए गए आठ यूआरएल में से दो उपलब्ध नहीं थे और उन तक पहुंच संभव नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी कहा कि एक यूआरएल पर मौजूद सामग्री पैपराजी द्वारा अपलोड की गई प्रतीत होती है और प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट नहीं है कि वह पर्सनैलिटी राइट्स के दायरे में आती है या नहीं। इस पर अभिषेक शर्मा की ओर से दलील दी गई कि संबंधित सामग्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के माध्यम से तैयार की गई थी। साथ ही यह भी कहा गया कि एक पोस्ट में उनकी मैनेजर को उनकी गर्लफ्रेंड के रूप में प्रस्तुत किया गया है जो गलत और भ्रामक है।

    याचिका में अभिषेक शर्मा ने अदालत से अनुरोध किया है कि उनके व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की जाए और सोशल मीडिया तथा अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कथित रूप से भ्रामक, मानहानिकारक और एआई से तैयार सामग्री को हटाने के निर्देश दिए जाएं। उनका कहना है कि ऐसी सामग्री उनकी प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा सकती है।

    फिलहाल अभिषेक शर्मा भारतीय क्रिकेट टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर हैं और पांच मैचों की टी20 श्रृंखला का हिस्सा हैं। अब इस मामले में सभी की नजर 9 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर रहेगी, जब अदालत अतिरिक्त दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्यवाही करेगी।

  • एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, पन्ना जिला अस्पताल में घुसा पानी, रायसेन का आश्रम जलमग्न

    एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, पन्ना जिला अस्पताल में घुसा पानी, रायसेन का आश्रम जलमग्न


    इंदौर । मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। कहीं सड़कें धंस गईं तो कहीं अस्पताल और आश्रम जलमग्न हो गए। कई स्थानों पर नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।

    इंदौर जिले के जेतकारण गांव में भारी बारिश के कारण सड़क धंस गई। सड़क टूटने से स्कूली बच्चों का रास्ता बंद हो गया। ऐसे में ग्रामीणों ने मानव शृंखला बनाकर बच्चों को उफनते नाले से सुरक्षित पार कराया। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में मानसून के दौरान बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को एक बार फिर उजागर कर दिया।

    पन्ना जिले में बारिश का असर जिला अस्पताल तक पहुंच गया। अस्पताल के सर्जिकल वार्ड और डिलीवरी वार्ड की गैलरी में घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के कारण मरीजों और अस्पताल स्टाफ को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल परिसर में पानी भरने की तस्वीरों ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    रायसेन जिले के बरेली क्षेत्र स्थित बापौली धाम आश्रम में भी भारी बारिश के बाद पानी भर गया। आश्रम परिसर में मौजूद संस्कृत पाठशाला के करीब 60 छात्रों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। शिव मंदिर, गुरुदेव की कुटी और गोशाला में भी पानी घुस गया। समय रहते छात्रों को सुरक्षित निकाल लेने से बड़ा हादसा टल गया।

    खजुराहो में बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक 4.4 इंच बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण खूडर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। एहतियात के तौर पर खजुराहो-जटकरा मार्ग बंद कर दिया गया, हालांकि इसके बावजूद कुछ लोग नदी पार करने की कोशिश करते नजर आए, जिससे प्रशासन ने लोगों से जोखिम नहीं उठाने की अपील की।

    पन्ना जिले का हरसा-बागोहा नाला भी तेज बारिश के बाद उफान पर आ गया। पुल के ऊपर से पानी बहने के बावजूद कई लोग जान जोखिम में डालकर नाला पार करते दिखाई दिए। प्रशासन ने लोगों से ऐसे स्थानों से दूर रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

    इसी बीच प्रदेश के एक जलप्रपात क्षेत्र में पिकनिक मनाने गए दो युवक अचानक जलस्तर बढ़ने से बीच धारा में फंस गए। सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते किए गए इस अभियान से बड़ा हादसा टल गया।

    मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों, जलभराव वाले इलाकों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।

  • NEET पेपर लीक के विरोध में इंदौर में सातवें दिन भी धरना जारी: कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

    NEET पेपर लीक के विरोध में इंदौर में सातवें दिन भी धरना जारी: कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी


    इंदौर । इंदौर में NEET पेपर लीक मामले और छात्रों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। टंट्याभील चौराहे पर छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि बारिश के बावजूद धरनास्थल पर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने टेंट लगाकर अपना आंदोलन जारी रखा और नारेबाजी, कैंडल मार्च, हवन तथा क्रांतिकारी गीतों के माध्यम से अपनी मांगों को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया।

    आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र संगठनों का कहना है कि देशभर में सामने आए NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के संबंध में कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।

    धरने में केवल NEET परीक्षा का मुद्दा ही नहीं बल्कि प्रदेश के छात्रों से जुड़े कई अन्य विषय भी शामिल किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने छात्रवृत्ति का समय पर भुगतान, छात्रावास की बेहतर सुविधाएं, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कुल 23 मांगों को लेकर अपना आंदोलन जारी रखा है। उनका कहना है कि छात्रों की समस्याओं का लंबे समय से समाधान नहीं हो रहा है, इसलिए उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।

    धरनास्थल पर पिछले सात दिनों के दौरान कई प्रतीकात्मक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। प्रदर्शनकारियों ने दिवंगत छात्रों की स्मृति में कैंडल मार्च निकाला, हवन किया और थाली बजाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। उनका कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य छात्रों की आवाज शासन तक पहुंचाना है।

    प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारियों के सामने सभी मांगें रखी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में आगामी दिनों में विरोध प्रदर्शन का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

    छात्र संगठनों का कहना है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। उनका आग्रह है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में भी शीघ्र कदम उठाए जाएं।