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  • भारतीय रिफाइनिंरियों ने तेल संकट के बीच किया इस देश का रुख… आयात के सारे रिकॉर्ड तोड़े

    भारतीय रिफाइनिंरियों ने तेल संकट के बीच किया इस देश का रुख… आयात के सारे रिकॉर्ड तोड़े


    काराकास।
    भारतीय रिफाइनिंग कंपनियां (Indian Refining Companies) अब वेनेजुएला (Venezuela) के कच्चे तेल की सबसे बड़ी खरीदार बनकर उभर रही हैं। अमेरिका द्वारा इस लैटिन अमेरिकी देश की तेल बिक्री पर नियंत्रण लगाने के बाद, अब तक के सबसे बड़े आयातक चीन ने अपनी खरीदारी कम कर दी है। चीन के पीछे हटने से जो खाली जगह बनी उसे अब भारत तेजी से भर रहा है।

    मार्च के आंकड़ों में भारी उछाल
    ब्लूमबर्ग और समुद्री खुफिया फर्म ‘केप्लर लिमिटेड’ (Kpler Ltd) द्वारा जुटाए गए शिपिंग डेटा के अनुसार, मार्च महीने में भारत को भेजे गए तेल के शिपमेंट में चार गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। इस भारी उछाल के साथ भारत ने अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया है। वर्तमान में वेनेजुएला का देशव्यापी तेल निर्यात 890,000 बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया है, जो दिसंबर 2019 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है।


    उत्पादन बढ़ने का मुख्य कारण: ‘डाइल्यूएंट्स’ का आयात

    वेनेजुएला के कच्चे तेल के उत्पादन और प्रवाह में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसका मुख्य श्रेय आयातित ‘डाइल्यूएंट्स’ (Diluents) को जाता है। डाइल्यूएंट्स क्या हैं? ये खास तरह के रासायनिक योजक होते हैं जिनका इस्तेमाल वेनेजुएला के भारी और गाढ़े (तारकोल जैसे) कच्चे तेल को पतला करने के लिए किया जाता है, ताकि इसे पाइपलाइनों के माध्यम से आसानी से बहाया जा सके। मार्च में डाइल्यूएंट्स के आयात में वृद्धि देखी गई। फरवरी के 7 कार्गो के मुकाबले मार्च में 9 कार्गो आयात किए गए।


    प्रमुख कंपनियां

    इन डाइल्यूएंट्स का आयात मुख्य रूप से कमोडिटी ट्रेडिंग कंपनियों विटोल ग्रुप और ट्राफिगुरा ग्रुप द्वारा किया गया। ध्यान रहे, ट्रंप प्रशासन ने इन कंपनियों को देश का तेल बेचने में मदद करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके अलावा, शेवरॉन कॉर्प भी इसमें शामिल है, जिसके पास वेनेजुएला के कच्चे तेल का उत्पादन और बिक्री करने का विशेष लाइसेंस है।


    भारतीय तेल कंपनियों की खरीदारी और रणनीति

    भारत की प्रमुख सरकारी और निजी तेल रिफाइनरियों ने मिलकर मार्च लोडिंग के लिए 343,000 बैरल प्रतिदिन की दर से तेल खरीदा है। इनमें शामिल प्रमुख भारतीय कंपनियां हैं-
    – रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड
    – हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL)
    – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL)

    मध्य पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक संघर्षों के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा बना हुआ है। इस व्यवधान से बचने और अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय कंपनियां वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति का यह विकल्प आगे भी जारी रख सकती हैं। ट्रेडिंग कंपनियों ने वेनेजुएला के तेल को सुरक्षित रखने के लिए कैरेबियन क्षेत्र के स्टोरेज टैंकों में भेजना जारी रखा है। इस साल अब तक लगभग 1.8 करोड़ बैरल कच्चा तेल बहामास, कुराकाओ और सेंट लूसिया ले जाया गया है। अब इन भंडारों से तेल धीरे-धीरे बाहर आना शुरू हो गया है। हाल ही में ‘पीबीएफ एनर्जी’ ने बहामास से एक कार्गो उठाया है। मार्च में, ‘एसएफएल टाइगर’ नामक एक समुद्री जहाज ने कुराकाओ से तेल लोड किया है और ट्रैकिंग सिग्नल्स के अनुसार इसका अंतिम गंतव्य इटली है।

  • पांच साल में विदशी धरती पर 37,740 भारतीय मजदूरों की मौत… सबसे ज्यादा खाड़ी देशों में

    पांच साल में विदशी धरती पर 37,740 भारतीय मजदूरों की मौत… सबसे ज्यादा खाड़ी देशों में


    नई दिल्ली।
    सरकार (Government) ने विदेश में भारतीय कामगारों (Indian workers) की स्थिति को लेकर जो आंकड़े सामने रखे हैं, वे परेशान करने वाले हैं। पिछले पांच वर्षों में विदेशी धरती (Foreign land) पर हर दिन औसतन 20 से अधिक भारतीय श्रमिकों की मौत हुई है। इनमें 86 फीसदी से अधिक मौतें खाड़ी देशों में हुईं हैं। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह (Kirti Vardhan Singh) की ओर से राज्यसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, विदेश में 2021 से 2025 के बीच कुल 37,740 भारतीय कामगारों की जान गई। हालांकि इन मौतों की वजहों का ब्योरा नहीं दिया गया। हालांकि तुलनात्मक रूप से देखें तो खाड़ी देशों में मौतों का औसत 2012-2018 के मुकाबले लगभग दोगुना होकर रोजाना 18 तक पहुंच गया है।


    सबसे ज्यादा खाड़ी देशों में भारतीय की मौतें

    खाड़ी देशों में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में सबसे ज्यादा 12,380 मौतें हुईं। इसके बाद सऊदी अरब, कुवैत, ओमान और कतर का नंबर आता है।

    पांच साल में मौतों के आंकड़े
    वर्ष – मौतें

    2021- 8,234
    2022- 6,614
    2023- 7,291
    2024- 7,747
    2025- 7,854
    कुल – 37,740
    खाड़ी देशों में स्थिति
    यूएई – 12,380
    सऊदी अरब – 11,757
    कुवैत – 3,890
    ओमान – 2,821
    मलयेशिया – 1,915
    कतर – 1,760


    अन्य देशों में

    देश – मौतें
    अमेरिका – 454
    सिंगापुर – 451
    नाइजीरिया – 210
    यूके – 188


    उत्पीड़न की भी 80,985 शिकायतें

    पांच साल में विदेश में भारतीय मिशनों को भारतीय नागरिकों से गलत व्यवहार, शोषण और काम की जगह से जुड़ी 80,985 शिकायतें मिलीं। इनमें वेतन न मिलना, पासपोर्ट जब्त करना, ज्यादा काम, छुट्टी न मिलना और नौकरी छूटना जैसी शिकायतें रहीं। यूएई में सबसे अधिक 16,965 शिकायतें दर्ज की गईं। कुवैत (15,234), ओमान (13,295), और सऊदी अरब (12,988) का स्थान रहा।


    बढ़ा मौतों का आंकड़ा

    सिर्फ खाड़ी देशों की बात करें तो रोजाना करीब 18 मौतें हो रही हैं। आरटीआई जवाबों और संसदीय रिकॉर्डों के विश्लेषण पर आधारित 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक 2012 और 2018 के मध्य के बीच खाड़ी क्षेत्र में लगभग 10 भारतीय मजदूरों की हर दिन मौत हुई। वही, दक्षिण-पूर्व एशिया में मौतें कम, लेकिन शिकायतें ज्यादा हैं। म्यांमार में शून्य मौत हुई, लेकिन 2,548 शिकायतें दर्ज हुईं। कुल शिकायतें 2021 के 11,632 से बढ़कर 2025 में 22,479 हो गईं। सरकार ने कहा कि भारतीय मिशन तुरंत मदद करते हैं और कई देशों के साथ श्रमिक सुरक्षा के लिए समझौते किए गए हैं।

  • भारत में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं…. सरकार का दावा – देश में दो माह का भंडार मौजूद

    भारत में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं…. सरकार का दावा – देश में दो माह का भंडार मौजूद


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया संकट (West Asia crisis) से ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बढ़ी आशंकाओं के बीच सरकार रणनीतिक तेल भंडार बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस बीच, सरकार का कहना है कि देश में कच्चे तेल (Crude oil) की कोई कमी नहीं है। रिफाइनरी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। सरकार का दावा है कि करीब दो माह का कच्चा तेल मौजूद है। पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत (India) के पास कुल 5.33 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल का रणनीतिक भंडार है।

    उन्होंने कहा कि सभी घरों को ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पिछले एक माह में तीन लाख 33 हजार पीएनजी कनेक्शन दिए गए। इनमें से दो लाख नब्बे हजार पीएनजी कनेक्शन घरेलू हैं। वहीं, करीब साढ़े तीन लाख से अधिक लोगों ने घरेलू पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।

    पीएनजी कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं से एलपीजी कनेक्शन छोड़ने की अपील पर 14 हजार चार सौ उपभोक्ताओं ने अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किया है। सुजाता शर्मा ने अपील करते हुए कहा कि पीएनजी कनेक्शन इस्तेमाल करने वाले दूसरे उपभोक्ता भी अपना एलपीजी कनेक्शन को वापस कर दे।

    पेट्रोलियम मंत्रालय ने व्यवसायिक गतिविधियों व औद्योगिक मांग को सुचारू बनाए रखने के लिए आठ राज्यों के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के कोटे में दस फीसदी अतिरिक्त बढ़ोतरी की भी घोषणा की। सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत के पास अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल का भंडार है।


    भारत समुद्र में प्रतिबंधों के खिलाफ

    होर्मुज जलमार्ग के मुद्दे पर ब्रिटेन द्वारा आहूत बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जल मार्ग में बिना किसी रुकावट के आवागहन की नीति पर भारत का पक्ष रखा। भारत ने स्पष्ट तौर पर इस संकट से निकलने के लिए तनाव कम करने और कूटनीति रास्ता निकालने पर जोर दिया। ब्रिटेन द्वारा गुरुवार को बुलाई गई इस बैठक में 60 देशों ने हिस्सा लिया। बैठक वर्चुअल तरीके से हुई जिसमें होर्मुज को खोलने के लिए एक गठबंधन बनाने की दिशा में प्रगति होती हुई दिखी।

    विदेश मंत्रालय की तरफ से इस बैठक को लेकर जारी बयान में कहा गया है कि बैठक में विदेश सचिव मिसरी ने समुद्री परिवहन की आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में बिना किसी रुकावट के आने जाने के सिद्धांत के महत्व को रेखांकित किया।


    ईरान जलमार्ग को हाईजैक करने में सफल रहा

    बैठक में ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर ने कहा कि ईरान वैश्विक अर्थव्यवस्था को बंधक बनाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को हाईजैक करने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि हार्मुज को खोलने के लिए सैन्य आपरेशन के बजाय कूटनीतिक तरीके खोजने होंगे। बैठक को होर्मुज पोतों की सुरक्षित निकासी के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की शुरुआती पहल के रूप में देखा जा रहा है। इसमें 28 देशों के भाग लेने की उम्मीद थी लेकिन कहीं ज्यादा 48 देशों ने हिस्सा लिया है।

  • राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, मौजूदा हालात में पड़ोसी न करे कोई दुस्साहस…

    राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, मौजूदा हालात में पड़ोसी न करे कोई दुस्साहस…


    नई दिल्ली।
    भारत (India) के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने पाकिस्तान (Pakistan) को कड़े शब्दों में चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा है कि ‘अभी के हालात’ में अगर पड़ोसी कोई दुस्साहस करता है, तो भारत मुंहतोड़ जवाब देगा। वह जाहिर तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के संदर्भ में बात कर रहे थे। भारत ने बीते साल मई में पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर किया था।

    राजनाथ सिंह केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में आयोजित सैनिक सम्मान सम्मेलन में पहुंचे थे। उन्होंने कहा, ‘मौजूदा हालात में हमारा पड़ोसी कोई भी दुस्साहस कर सकता है। अगर वह ऐसा करता है, तो भारत की कार्रवाई अभूतपूर्व और निर्णायक होगी।’ हालांकि, इस दौरान उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया है। रक्षा मंत्री ने आगे यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है।


    ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र

    सिंह ने कहा, ‘हमने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हर मुद्दे पर सरकार के एटीट्यूड और ऐक्शन के तरीके, दोनों को बदला है। ये बदलाव पूरी दुनिया को हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखने को भी मिला है। पहलगाम में हुए आतंकी हमलों में आतंकियों ने जिस तरह धर्म पूछकर लोगों को निशाना बनाया, उसने पूरे देश को ही झकझोर डाला था। वह हमला भारत की सोशल यूनिटी और सोशल फैब्रिक पर किया गया बड़ा हमला था।’

    उन्होंने आगे कहा, ‘इसके खिलाफ भारत ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में मौजूद आतंकी अड्डों और उससे जुडे़ इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर दिया था…।’


    सरहद पार भी कार्रवाई के लिए तैयार भारतीय सेना

    रक्षा मंत्री ने कहा, ‘आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रखता है। वह इसके खिलाफ सरहद के इस पास और जरूरत पड़ी तो सरहद के उस पार भी कार्रवाई करने में पीछे नहीं रहेगा।’

    उन्होंने कहा, ‘पहलगाम में हुई आतंकी घटना के बाद भारतीय सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को महज 22 मिनटों में ही घुटनों पर लाकर खड़ा कर दिया था। और भारतीय सैन्य इतिहास में आतंकवाद के खिलाफ किया गया अब तक का यह सबसे बड़ा आपरेशन था। मैं आपको बताना चाहता हूं कि यह आपरेशन अभी बंद नहीं हुआ है। यदि किसी प्रकार की नापाक हरकत पाकिस्तान की तरफ से हुई, तो हमारे सैनिक ऐसा जवाब देंगे कि वो भूल नहीं पाएंगे।’


    दे दी चेतावनी

    सिंह ने पाकिस्तान को बड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दे दी है। उन्होंने कहा, ‘इस बार जो होगा वह अभूतपूर्व होगा हमारी सेना की तरफ से। ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि हमारा पड़ोसी आजकल जो हालात हैं, उसमें कोई भी दुस्साहस कर सकता है। अगर उसने ऐसा किया, तो भारत का ऐक्शन निर्णायक और अभूतपूर्व होगा।’

  • कभी दिखाते थे आंखें… अब ईंधन के लिए भारत के आगे फैला रहे हाथ…

    कभी दिखाते थे आंखें… अब ईंधन के लिए भारत के आगे फैला रहे हाथ…


    नई दिल्ली।
    ईरान और अमेरिका युद्ध (Iran and America war) के कारण आए ईंधन संकट (Fuel Crisis) का असर भारत के पड़ोसियों पर भी पड़ा है। खबर है कि श्रीलंका, नेपाल समेत कई देशों ने भारत से सप्लाई की गुहार लगाई है। वहीं, इनमें मालदीव (Maldives) भी शामिल है। खास बात है कि मालदीव सरकार कभी भारत के खिलाफ खुलकर बात कर रही थी। बहरहाल, भारत में इन अनुरोधों पर विचार किया जा रहा है। हाल ही में ईरान ने कहा था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz.) से निकलने को लेकर भारत में हमारे दोस्तों को परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है।


    किसने मांगा ईंधन

    भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल मालदीव भारत से ईंधन मांग रहा है। भारत अपने पड़ोसी देशों को लगातार ईंधन भेज रहा है। उन्होंने बताया कि भारत कॉमर्शियल समझौतों के तहत बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और श्रीलंका को ईंधन की सप्लाई कर रहा है। खास बात है कि भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर है।


    मालदीव की मांग

    उन्होंने जानकारी दी कि मालदीव सरकार ने भी हमसे शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म दोनों आधार पर पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की सप्लाई के लिए संपर्क किया है। मालदीव के इस अनुरोध पर हमारी अपनी उपलब्धता और हमारी अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विचार किया जा रहा है। विश्व बैंक के डाटा के अनुसार मालदीव आमतौर पर अपने ज्यादातर ईंधन की सप्लाई ओमान से लेता है।

    फिलहाल, मालदीव में राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू की सरकार है। वह चुनाव में जीतने से पहले ‘India Out’ का नारा लगा रहे थे। साथ ही उन्होंने भारतीय सैनिकों को वापस जाने के आदेश भी जारी कर दिए थे। हालांकि, अब मुइज्जू ने हाल में ही भारत को अपना भरोसेमंद साझेदार करार दे दिया है। खबर है कि पर्यटन पर बड़े स्तर पर निर्भर देश उड़ानों पर पड़े प्रभाव के कारण भी मुश्किलों का सामना कर रहा है।


    बड़ी बैठक में शामिल हुआ भारत

    विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ब्रिटेन में आयोजित 60 से अधिक देशों की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की आंशिक नाकेबंदी को लेकर भारत के रुख पर बात की। मंत्रालय ने बताया कि मिसरी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर संकट के प्रभाव और इस तथ्य पर बल दिया कि खाड़ी में व्यापारिक जहाजों पर हमलों में नाविकों को खोने वाला भारत एकमात्र देश है।

    विदेश मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में बताया, ‘उन्होंने (मिसरी ने) इस बात पर भी जोर दिया कि संकट से निकलने का एकमात्र रास्ता तनाव कम करना और सभी संबंधित पक्षों के बीच कूटनीति और संवाद के मार्ग पर लौटना है।’ ईरान की तरफ से फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित संकरे होर्मुज जलमार्ग को लगभग रोक दिए जाने के बाद वैश्विक तेल व गैस की कीमतों में उछाल आया है। इस जलमार्ग से वैश्विक तेल और एलएनजी का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा होकर गुजरता है। पश्चिम एशिया भारत की ऊर्जा खरीद का एक प्रमुख स्रोत रहा है।

  • जीतू पटवारी आधी रात को विधानसभा पहुंचे, बोले-BJP के इशारे पर हो रही MLA की सदस्यता खत्म करने की साजिश

    जीतू पटवारी आधी रात को विधानसभा पहुंचे, बोले-BJP के इशारे पर हो रही MLA की सदस्यता खत्म करने की साजिश


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी (Madhya Pradesh Congress President Jitu Patwari) गुरुवार देर रात करीब 10 बजे अचानक विधानसभा सचिवालय (Assembly Secretariat) पहुंच गए. उनके यहां पहुंचने से हड़कंप मच गया. जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती (Congress MLA Rajendra Bharti) की सदस्यता समाप्त करने के लिए साजिशन रात में विधानसभा सचिवालय खोला गया है।

    दरअसल जीतू पटवारी ने एक वीडियो जारी किया है. जिसमें वो रात करीब 10 बजे मध्य प्रदेश विधानसभा पहुंचे और विधानसभा के मुख्य सचिव के कमरे में चले गए. कमरे में विधानसभा के मुख्य सचिव के सामने पूर्व विधायक पीसी शर्मा (PC Sharma) पहले से ही बैठे हुए थे. जाते ही जीतू पटवारी विधानसभा के मुख्य सचिव से पूछते नज़र आ रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी के विधायक के पास तो कोर्ट का स्टे है और इस वक्त रात में विधानसभा सचिवालय खोलने का क्या औचित्य है?

    हालांकि यह बातचीत ज़्यादा लंबी नहीं चली क्योंकि विधानसभा के मुख्य सचिव थोड़ी देर बाद ही कार से रवाना हो गए. इसके बाद जीतू पटवारी विधानसभा से बाहर निकले और आरोप लगाया कि ‘कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए बीजेपी के इशारे पर रात को विधानसभा सचिवालय खोला गया।


    जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर लगाया ये आरोप

    जीतू पटवारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि ‘ मोहन सरकार की हठधर्मिता एवं अलोकतांत्रिक रवैये पर जब प्रदेश कांग्रेस ने आपत्ति उठाई तो पूरा तंत्र निरुत्तर हो गया. स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के रूप में कार्यरत विधानसभा सचिवालय के कर्मचारियों और अधिकारियों का यह रवैया अस्वीकार्य है. हम बीजेपी की इस राजनीतिक गुंडागर्दी और विधानसभा सचिवालय के दुरुपयोग की कड़ी निंदा करते हैं. कांग्रेस राजनीतिक दुर्भावना की इस लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ेगी।

  • MP: भोपाल में बंसल वन मॉल के बाहर नशे में धुत युवकों ने मचाया उत्पात…

    MP: भोपाल में बंसल वन मॉल के बाहर नशे में धुत युवकों ने मचाया उत्पात…


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में देर रात की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर कटघरे में है. बुधवार रात करीब 1:30 बजे बंसल वन मॉल (Bansal One Mall) के बाहर नशे में धुत कुछ युवकों ने जमकर उत्पात मचाया. सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो रहे एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे 4-5 लड़के एक लाल रंग की कार को घेरते हैं और उसमें बैठे दो युवकों को कॉलर पकड़कर बाहर घसीट लेते हैं.

    चश्मदीदों के अनुसार, यह हाई-वोल्टेज ड्रामा करीब 10 मिनट तक चलता रहा. हमलावर युवकों ने कार सवारों को जमीन पर पटककर लात, घूंसों और थप्पड़ों से जमकर पीटा. इस दौरान मौके पर मौजूद कुछ लड़कियां बीच-बचाव करने की कोशिश करती रहीं, लेकिन हमलावर पूरी तरह बेकाबू थे. इस हंगामे की वजह से रात के समय भी सड़क पर 20 मिनट तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।


    विवाद की वजह

    शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत पार्किंग को लेकर हुई कहासुनी से हुई थी, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया. हमलावरों ने कार सवार युवकों पर छेड़खानी का भी आरोप लगाया है. हालांकि, मारपीट का तरीका इतना बर्बर था कि घायल युवकों को गंभीर चोटें आई हैं।

    हैरान करने वाली बात यह है कि जहां यह वारदात हुई, वहां से जीआरपी थाना महज कुछ मीटर की दूरी पर है, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार होने में कामयाब रहे.


    पुलिस का पक्ष

    स्थानीय पुलिस प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR दर्ज कर ली है. पुलिस का कहना है कि वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है.

    भोपाल में बढ़ता ‘पब कल्चर’
    बता दें कि हाल ही में एमपी नगर जोन-1 में एक पब के बाहर नशे में धुत युवतियों के बीच मारपीट का वीडियो भी वायरल हुआ था. बार-बार सामने आ रही ऐसी तस्वीरें राजधानी की रात्रिकालीन सुरक्षा और युवाओं में बढ़ते नशे के चलन की ओर इशारा कर रही हैं.

  • केन्द्र सरकार महत्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी में…. इसी माह फिर बुलाया जाएगा संसद का विशेष सत्र

    केन्द्र सरकार महत्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी में…. इसी माह फिर बुलाया जाएगा संसद का विशेष सत्र


    नई दिल्ली।
    संसद (Parliament) के मौजूदा बजट सत्र (Current Budget Session) के समापन पर चल रही अटकलों के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू (Kiren Rijiju) ने स्पष्ट किया है कि बजट सत्र को अनिश्चित काल के लिए आज स्थगित नहीं किया जाएगा बल्कि इसे कुछ दिनों के लिए स्थगित किया जाएगा और बहुत जल्द ही संसद के सदस्य फिर से मिलेंगे। राज्यसभा में उन्होंने कहा, ”हमारे पास कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, यह विपक्ष के साथ भी साझा किया गया है। अगले 2-3 हफ्तों में हम एक बहुत महत्वपूर्ण विधेयक (Very Important Bill) लाने वाले हैं। आज सरकार सदन को स्थगित करने का प्रस्ताव रखेगी और हम जल्द ही फिर मिलेंगे; उद्देश्य सदस्यों को ज्ञात है।”

    उनका यह बयान उन अटकलों और मीडिया रिपोर्ट्स के बीच आया, जिनमें कहा जा रहा था कि सरकार संसद के मौजूदा बजट सत्र को अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित नहीं करेगी और कुछ दिनों के अंतराल पर फिर से दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू करेगी ताकि महिला आरक्षण में संशोधन करने वाले बिल को पेश और पारित कराया जा सके। संसद के बजट सत्र के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बजट सत्र के दूसरे चरण का आज अंतिम दिन है।


    हम जल्दी ही दो-तीन सप्ताह के अंदर फिर मिलेंगे

    यह मुद्दा राज्य सभा में अपराह्न दो बजे गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के आंध प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2026 को चर्चा और पारित कराने का प्रस्ताव रखने के लिए खड़े होते ही उठा। कांग्रेस के जयराम रमेश ने सभापति सीपी राधाकृष्णन के माध्यम से जानना चाहा कि सरकार सदन की कार्यवाही के विषयों के बारे में क्या सोचती है। क्या सदन को कल भी चलाया जाएया या इसे अनिश्चित काल के लिए स्थगित किया जाएगा। आसन के निर्देश पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि हम जल्दी ही दो-तीन सप्ताह के अंदर फिर मिलेंगे। इसका एक विशेष उद्येश्य है।


    कांग्रेस को क्या आपत्ति, क्यों कर रही विरोध?

    इस पर कांग्रेस अध्यक्ष और सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और जयराम रमेश ने कहा कि सरकार विधान सभा चुनावों का लाभ लेने के लिए महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने की यह चाल चल रही है। उन्होंने मांग की कि इस के बारे में अब कोई भी बैठक 29 अप्रैल को विधान सभा चुनावों के आखिरी चरण का मतदान हो जाने के बाद ही बुलाया जाना चाहिए। दरअसल, विपक्ष चाहता है कि इस मुद्दे पर काई कार्यवाही अब कुछ राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों में चल रहे विधान सभा चुनाव के बाद ही की जानी ठीक रहेगी क्योंकि भाजपा इसका आगामी चुनावों में लाभ उठा सकती है।

    16 से 18 अप्रैल के बीच तीन दिनों का संसद का विशेष सत्र
    इस पर रिजिजू ने कहा कि उन्होंने इस बारे में कांग्रेस सहित विपक्ष के सभी दलों के साथ पत्र लिखा है और चर्चा की है। विपक्ष के नेता ने पत्र का जवाब दिया है। उन्होंने विपक्ष से राजनीति में न पड़ कर सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि ‘ सरकार ने देश और महिलाओं के प्रति एक प्रतिबद्धता व्यक्त कर रखी है। उन्होंने कोई व्याख्या प्रस्तुत किए बिना कहा कि -सरकार समय से बंधी हुई है। समय बहुत कम है। इसका चुनावी राजनीति से कोई संबंध नहीं है।’NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार 16 से 18 अप्रैल के बीच तीन दिनों का संसद का विशेष सत्र बुलाने की योजना बना रही है। इस दौरान संविधान संशोधन विधेयक पेश किये जाने की संभावना है जिसके जरिये नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन किया जाएगा।

  • हम इकलौते देश, जिसने अपने नाविक खोये…. होर्मुज खुलवाने के लिए जुटे दुनियाभर के देश, भारत की दो टूक

    हम इकलौते देश, जिसने अपने नाविक खोये…. होर्मुज खुलवाने के लिए जुटे दुनियाभर के देश, भारत की दो टूक


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया (West Asia.) में तनाव की वजह से लंबे समय बंद होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने को लेकर गुरुवार को अहम बैठक हुई। ब्रिटेन की अगुवाई में हुई इस बैठक में भारत (India) समेत कई देशों को न्योता दिया गया था। भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी (Foreign Secretary Vikram Misri) वर्चुअल मीटिंग में शामिल हुए। इस दौरान, भारत ने दो टूक कहा कि हम इकलौते देश हैं, जिसने अपने नाविक खोए हैं। भारत ने इस बैठक में होर्मुज को खोलने की वकालत की।

    मिसरी गुरुवार को ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर की अध्यक्षता में हुई बैठक में वर्चुअली शामिल हुए। इस बैठक में फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। अमेरिका को इस बैठक में शामिल नहीं होना था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया, “ब्रिटेन ने होर्मुज पर बातचीत के लिए कई देशों को आमंत्रित किया था, जिसमें भारत भी शामिल है।”

    उन्होंने दोहराया कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप, मुक्त और खुले समुद्री सुरक्षा का समर्थन करता है। जायसवाल ने कहा, “हम होर्मुज से सुरक्षित और मुक्त आवागमन सुनिश्चित करने की मांग को प्राथमिकता के तौर पर लगातार उठाते रहे हैं।” ब्रिटेन की अगुवाई में हुई इस बैठक के नतीजों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस टीवी संबोधन के कुछ ही घंटों बाद हुई थी, जिसमें उन्होंने ईरान के साथ अपने युद्ध के संदर्भ में कहा था कि इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा करना अन्य देशों की जिम्मेदारी है।

    इस मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि ब्रिटेन द्वारा बुलाई गई बैठक से तुरंत कोई बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद कम ही है। उन्होंने कहा कि इस स्ट्रेट से भारत के जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता पक्का करना अभी भी एक पेचीदा मामला बना हुआ है, और यह पक्का करने के लिए कि जहाज बारूदी सुरंगों वाले इस जलमार्ग से सुरक्षित रूप से गुजर सकें, ईरान की तरफ से करीबी तालमेल की जरूरत है।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “जहां तक भारत की बात है, आप अच्छी तरह जानते हैं कि हम स्वतंत्र और खुले कमर्शियल शिपिंग के पक्ष में हैं, और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार समुद्री सुरक्षा के पक्ष में हैं।” उन्होंने कहा, “हम प्राथमिकता के तौर पर होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और स्वतंत्र आवागमन सुनिश्चित करने की लगातार अपील कर रहे हैं।” ईरान द्वारा होर्मुज को लगभग बंद कर देने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं। यह स्ट्रेट फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक संकरा शिपिंग मार्ग है, जिससे दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) का परिवहन होता है। पश्चिम एशिया भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का एक प्रमुख स्रोत रहा है।

  • आज का राशिफल: सभी 12 राशियों के लिए 3 अप्रैल 2026 की खास भविष्यवाणी

    आज का राशिफल: सभी 12 राशियों के लिए 3 अप्रैल 2026 की खास भविष्यवाणी


    नई दिल्ली।  3 अप्रैल 2026 का आज का राशिफल दैनिक जागरण शैली में रोचक, विस्तारपूर्ण और समझने में आसान तरीके से लिखा गया है।
    मेष राशि:
    मेष राशि वालों के लिए 3 अप्रैल का दिन मिला-जुला रहेगा। नए अवसर आपके सामने आएंगे, लेकिन मन में हल्की बेचैनी और तनाव बना रह सकता है। नौकरी करने वाले लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। सरकारी नौकरी वालों के लिए ट्रांसफर की संभावना भी है। वित्तीय मामलों में सावधानी बरतें और बड़े फैसले लेने से पहले स्थिति का सही आंकलन करें। धैर्य बनाए रखना आपके लिए लाभकारी रहेगा।

    वृषभ राशि:
    आज वृषभ राशि वालों का आत्मविश्वास थोड़ा कमजोर रह सकता है। नया प्रोजेक्ट या बिजनेस आइडिया फिलहाल शुरू करने से बचें। ऑफिस में बदलाव या ट्रांसफर के अवसर मिल सकते हैं, लेकिन जल्दबाजी नुकसानदेह हो सकती है। आपका संवाद कौशल अच्छा रहेगा, जिससे लोगों के साथ संबंध मजबूत रहेंगे। सोच-समझकर कदम उठाना आपके दिन को सकारात्मक बना सकता है।

    मिथुन राशि:
    मिथुन राशि वाले आज खुश और उत्साहित रहेंगे। आत्मविश्वास और ऊर्जा अच्छी रहेगी। बिजनेस में नए प्लान सफल होंगे और नौकरी में भी प्रोन्नति या प्रमोशन के मौके बन सकते हैं। सुबह का समय विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा और आपके प्रयासों को सराहना भी मिलेगी।

    कर्क राशि:
    कर्क राशि वालों की आज आय में वृद्धि होगी और मन प्रसन्न रहेगा। दांपत्य जीवन में खुशियां बढ़ेंगी और पार्टनर का सहयोग मिलेगा। किसी दोस्त या जानकार के सहयोग से विदेश यात्रा या बिजनेस के अवसर भी बन सकते हैं। सकारात्मक सोच और संतुलित व्यवहार से दिन अच्छा बीतेगा।

    सिंह राशि:
    सिंह राशि वालों को आज कोई बड़ा फैसला लेने से पहले अनुभवी व्यक्ति से सलाह लेना लाभकारी रहेगा। मन में निराशा या असंतोष का भाव रह सकता है, लेकिन धीरे-धीरे परिस्थितियाँ आपके पक्ष में आएंगी। धैर्य और संयम से काम लें, सफलता अवश्य मिलेगी।

    तुला राशि:
    तुला राशि वालों के लिए नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जिससे प्रमोशन या नई जिम्मेदारी के अवसर बनेंगे। इनकम में वृद्धि होगी और पढ़ाई-लिखाई या नई चीजें सीखने में मन लगेगा। ऑफिस की राजनीति से दूर रहना और संतुलित व्यवहार रखना लाभकारी रहेगा।

    धनु राशि:
    धनु राशि वाले व्यस्त रहेंगे। जरूरी काम समय पर पूरे करें। लव लाइफ में धैर्य रखें और छोटी बातों को बढ़ावा न दें। खानपान का ध्यान रखें और रिश्तों में समझदारी दिखाएं।

    मकर राशि:
    मकर राशि वालों के लिए बिजनेस में नए प्रोजेक्ट के मौके हैं और आय में वृद्धि होगी। सेहत पर ध्यान दें और तनाव से बचें। सकारात्मक खबरें मन को खुश करेंगी और काम में सफलता के संकेत मिलेंगे।

    कुंभ राशि:
    कुंभ राशि वालों को शांत और संयमित रहने की सलाह है। विवाद और गुस्से से दूर रहें। निवेश करने से पहले अच्छे से योजना बनाएं। कारोबार में लाभ के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। माता-पिता की सेहत पर ध्यान दें।

    कन्या राशि:
    कन्या राशि वालों का आत्मविश्वास आज उच्च रहेगा। काम पर पूरी एकाग्रता जरूरी है। बिजनेस और नौकरी में लाभ के मौके मिलेंगे। मेहनत का परिणाम सकारात्मक रहेगा।

    वृश्चिक राशि:
    वृश्चिक राशि वालों के मन में उतार-चढ़ाव और कभी-कभी नेगेटिव विचार हो सकते हैं। अपने लक्ष्य पर ध्यान रखें। धार्मिक या भक्ति संगीत में रुचि बढ़ सकती है, जिससे मानसिक शांति मिलेगी।

    मीन राशि:
    मीन राशि वालों की प्रोफेशनल लाइफ में उतार-चढ़ाव रह सकता है। परिवार में छोटी-मोटी अनबन हो सकती है। शांत रहकर समझदारी से काम लें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तो काम भी बेहतर होंगे।