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  • मरीब की ओर बढ़े बनी हशीश के हथियारबंद लड़ाके, हूतियों की ताकत बढ़ने से सऊदी की बढ़ी चिंता

    मरीब की ओर बढ़े बनी हशीश के हथियारबंद लड़ाके, हूतियों की ताकत बढ़ने से सऊदी की बढ़ी चिंता


    नई दिल्ली। यमन में कबीलाई ताकत और आधुनिक हथियारों का गठजोड़ एक बार फिर क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला है। राजधानी सना के पूर्वी पहाड़ी इलाकों से बनी हशीश कबीले के हथियारबंद लड़ाकों की बड़ी लामबंदी मरीब की दिशा में हुई है। लड़ाकों के हाथों में AK-47, रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड और अन्य आधुनिक हथियार दिखाई दे रहे हैं। इस काफिले में युवा और अधेड़ लड़ाकों के साथ 8-10 साल के बच्चे भी नजर आ रहे हैं। हूतियों के समर्थन में हुई यह लामबंदी सऊदी अरब के लिए इसलिए अहम है, क्योंकि मरीब लंबे समय से हूती विरोधी ताकतों का प्रमुख गढ़ रहा है।

    सदियों पुरानी कबीलाई ताकत का नया चेहरा

    यमन के पहाड़ी इलाकों से निकल रहे इस काफिले में परंपरागत पोशाक और जाम्बिया पहने लड़ाके भी दिखाई दे रहे हैं। फर्क इतना है कि पुराने दौर के घोड़ों और तलवारों की जगह अब पिकअप ट्रक, मशीनगन और रॉकेट लॉन्चर हैं।

    बनी हशीश कबीले का क्षेत्र सना के पूर्व में पहाड़ों में फैला है। राजधानी के बेहद करीब होने के कारण इसका रणनीतिक महत्व काफी बड़ा है। यहां प्रभाव रखने वाली ताकतें सना के पूर्वी रास्तों और आसपास के इलाकों पर असर डाल सकती हैं।

    यमन में जनजातियां केवल सामाजिक इकाइयां नहीं रही हैं। दशकों से उनका राजनीतिक और सैन्य प्रभाव भी रहा है। बनी हशीश इसी कबीलाई शक्ति का उदाहरण है।

    कभी हूतियों से हुई थी खूनी लड़ाई

    हूतियों और बनी हशीश के रिश्ते हमेशा से एक जैसे नहीं रहे। 2000 के दशक में हुसैन बद्र अल-दीन अल-हूती के नेतृत्व में आंदोलन उभरने और 2004 के बाद हूती विद्रोह शुरू होने के दौरान उत्तरी यमन की कई जनजातियां बदलते सत्ता समीकरणों में उलझी थीं।

    2008-09 के आसपास बनी हशीश के कुछ हिस्सों और हूती लड़ाकों के बीच गंभीर संघर्ष हुआ था। उस समय दोनों पक्ष एक-दूसरे के विरोध में खड़े थे।

    हालात 2014 में बदले, जब हूतियों ने सना पर कब्जा कर लिया। इसके बाद राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में उनका सैन्य प्रभाव तेजी से बढ़ा। कई स्थानीय जनजातियां या तो हूतियों के साथ आ गईं या उनके नियंत्रण में चली गईं। बनी हशीश भी इसी बदलाव का हिस्सा बना।

    आज कबीले के कई प्रभावशाली लोग और लड़ाके हूती नेटवर्क से जुड़े बताए जाते हैं। इसलिए बनी हशीश की लामबंदी हूती नेतृत्व के लिए स्थानीय समर्थन के साथ-साथ सैन्य क्षमता बढ़ाने का जरिया भी मानी जाती है।

    मरीब ही क्यों बना निशाना?

    मरीब सना से करीब 175 किलोमीटर पूर्व में उत्तर-मध्य यमन में स्थित है। इसके पश्चिम में सना, उत्तर में अल-जौफ, दक्षिण में अल-बैदा और शबवा तथा पूर्व में हद्रमौत है। भौगोलिक स्थिति के कारण यह राजधानी और यमन के पूर्वी रेगिस्तानी इलाकों के बीच महत्वपूर्ण संपर्क क्षेत्र है।

    मरीब की अहमियत केवल उसके स्थान तक सीमित नहीं है। यह यमन के प्रमुख तेल और गैस क्षेत्रों में शामिल है। 1980 के दशक में यहां बड़े व्यावसायिक तेल भंडार मिले थे। तेल और गैस के अलावा यहां देश का एक महत्वपूर्ण बिजली संयंत्र भी है। मरीब, शबवा और हद्रमौत को मिलाकर यमन का प्रमुख तेल-गैस बेल्ट बनता है।

    यही वजह है कि मरीब पर नियंत्रण की लड़ाई में सत्ता के साथ ऊर्जा संसाधनों का सवाल भी जुड़ा हुआ है।

    हूतियों के लिए मरीब पर कब्जा क्यों अहम

    मरीब लंबे समय से हूती विरोधी यमनी सरकार और स्थानीय कबीलों का मजबूत गढ़ रहा है। ऐसे में यहां अपनी पकड़ बनाना हूतियों के लिए कई मोर्चों पर फायदा दे सकता है।

    मरीब पर दबाव बढ़ने से सना के पूर्व में हूतियों की स्थिति मजबूत होगी। साथ ही उन्हें यमन के ऊर्जा संसाधनों के करीब पहुंच और पूर्वी इलाकों की ओर रणनीतिक रास्तों पर प्रभाव हासिल करने का मौका मिल सकता है।

    2021 में भी हूती सेना ने मरीब पर कब्जे के लिए बड़ा अभियान चलाया था। हालांकि स्थानीय कबीलों और सरकार समर्थक बलों ने उनका मुकाबला किया और हूतियों को सफलता नहीं मिली।

    अब 2026 में फिर बदलते क्षेत्रीय समीकरणों के बीच मरीब महत्वपूर्ण हो गया है। पश्चिमी यमन में हूतियों ने बड़े इलाकों और रणनीतिक बंदरगाहों पर बढ़त बनाई है, जबकि दूसरी ओर सऊदी समर्थित यमनी बल उनके खिलाफ दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

    सऊदी अरब की चिंता सिर्फ मरीब तक सीमित नहीं

    बनी हशीश की यह लामबंदी सीधे सऊदी अरब की सुरक्षा चिंता से भी जुड़ती है। मरीब फिलहाल सऊदी समर्थित यमनी सरकारी सेना के नियंत्रण में है और यह इलाका सना से सऊदी सीमा की ओर जाने वाले रणनीतिक क्षेत्र का हिस्सा है।

    यदि हूती मरीब पर कब्जा करने में सफल होते हैं तो सना के पूर्व में उनकी पकड़ मजबूत हो सकती है। इसके साथ ही तेल-गैस संसाधनों और रणनीतिक मार्गों तक उनकी पहुंच बढ़ने की आशंका है।

    सऊदी अरब के लिए सबसे बड़ी चिंता यह होगी कि मरीब में हूतियों की स्थिति मजबूत होने पर उन्हें सऊदी सीमा की दिशा में रणनीतिक दबाव बढ़ाने के लिए बेहतर भौगोलिक स्थिति मिल सकती है। इससे मिसाइल और ड्रोन हमलों के लिए उनका ऑपरेशनल स्पेस और संसाधन भी बढ़ सकता है।

    यानी बनी हशीश की पहाड़ों से हुई यह लामबंदी सिर्फ एक कबीले के लड़ाकों की आवाजाही नहीं है। इसके पीछे मरीब की सत्ता, यमन के तेल-गैस संसाधन और सऊदी अरब की सुरक्षा—तीनों के समीकरण जुड़े हुए हैं।

  • सोमवार का व्रत क्यों माना जाता है बेहद खास भगवान शिव की कृपा पाने के लिए जानें पूजा विधि और जरूरी नियम

    सोमवार का व्रत क्यों माना जाता है बेहद खास भगवान शिव की कृपा पाने के लिए जानें पूजा विधि और जरूरी नियम


    नई दिल्ली। सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार को श्रद्धा और विधि विधान से व्रत रखने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त हो सकती है। विशेष रूप से अविवाहित लोग अच्छे जीवनसाथी की कामना से सोमवार का व्रत रखते हैं। वहीं विवाहित लोग परिवार में सुख शांति और समृद्धि की कामना के लिए महादेव की पूजा करते हैं। मान्यता है कि भगवान शिव अपने भक्तों से जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता हैं और सच्ची श्रद्धा से की गई पूजा का विशेष महत्व होता है।

    सोमवार के दिन व्रत रखने वाले भक्तों को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर भगवान शिव का ध्यान करना शुभ माना जाता है। पूजा के स्थान को साफ करने के बाद भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित कर पूजा शुरू की जा सकती है। सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करने के बाद महादेव को जल अर्पित किया जाता है। इसके बाद दूध दही शहद और गंगाजल से अभिषेक करने की परंपरा है। भगवान शिव को बेलपत्र धतूरा और आक के फूल अर्पित किए जाते हैं।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने का विशेष महत्व है। बेलपत्र चढ़ाते समय उसके तीनों पत्ते पूरे होने चाहिए। भक्त अपनी मनोकामना के साथ भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित कर सकते हैं। पूजा के दौरान महामृत्युंजय मंत्र या भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना भी शुभ माना जाता है। इसके साथ ही शिव चालीसा का पाठ और शिव आरती की जा सकती है।

    सोमवार व्रत में खानपान का भी विशेष ध्यान रखा जाता है। कई भक्त पूरे दिन निराहार रहते हैं जबकि कुछ लोग फलाहार करते हैं। फल दूध दही मखाने और व्रत में खाए जाने वाले अन्य सात्विक भोजन का सेवन किया जाता है। व्रत रखने वाले व्यक्ति को अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार ही उपवास करना चाहिए। किसी बीमारी या विशेष स्वास्थ्य स्थिति में लंबे समय तक बिना भोजन के रहने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर होता है।

    मान्यता है कि सोमवार के व्रत में मन को शांत रखना बेहद जरूरी है। व्रत केवल भोजन का त्याग नहीं बल्कि मन और विचारों को संयमित रखने का भी माध्यम माना जाता है। इसलिए इस दिन किसी के प्रति गलत भावना रखने से बचना चाहिए और जरूरतमंद लोगों की सहायता करनी चाहिए। शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव का दर्शन करना भी शुभ माना जाता है।

    सोमवार के दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जा सकता है। इसके अलावा शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय ओम नमः शिवाय का जाप करना भी धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है। शाम के समय भगवान शिव की आरती करने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। अलग अलग परंपराओं में व्रत खोलने का समय और नियम अलग हो सकते हैं इसलिए अपने परिवार की परंपरा और धार्मिक विधि का पालन करना उचित माना जाता है।

    सोमवार का व्रत श्रद्धा विश्वास और संयम से जुड़ा धार्मिक अनुष्ठान है। मान्यता के अनुसार सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने से भक्त को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। महादेव की पूजा करते समय दिखावे के बजाय श्रद्धा को महत्व देना सबसे जरूरी माना जाता है।

  • MP में फिर सक्रिय मानसून: उज्जैन समेत 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 15 से कमजोर होगा सिस्टम

    MP में फिर सक्रिय मानसून: उज्जैन समेत 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 15 से कमजोर होगा सिस्टम


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। पश्चिमी हिस्से में सक्रिय तीन मौसमी सिस्टम के असर से रविवार को कई जिलों में तेज बारिश हुई। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में बारिश का असर ज्यादा रहा। बड़वानी में नदी-नाले और तालाब उफान पर आ गए, जबकि मुरैना में चंबल नदी में नहाते समय पिता-पुत्र डूब गए। सोमवार को उज्जैन समेत 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। हालांकि 15 सितंबर के बाद बारिश की तीव्रता और दायरा घटने का अनुमान है।

    मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के अनुसार, प्रदेश में लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) के साथ ट्रफ समेत तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से अब तक अपेक्षाकृत कम बारिश वाले इंदौर और उज्जैन संभाग में भी अच्छी बारिश हुई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 14 सितंबर को भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

    बड़वानी में तालाब ओवरफ्लो, बांध के गेट खोले

    रविवार को भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। बड़वानी के सेंधवा क्षेत्र में नदी-नाले और तालाब उफान पर रहे। रलावती में जिले का सबसे बड़ा तालाब ओवरफ्लो हो गया।

    टीकमगढ़ में तेज बारिश के बाद बान सुजारा बांध के चार गेट खोलने पड़े। हरदा के वन क्षेत्र में लाखादेह की पहाड़ी नदी भी उफान पर रही। इंदौर के महू, ओंकारेश्वर, रतलाम समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई। शाजापुर के मक्सी, झाबुआ के पेटलावद, खरगोन के कसरावद और खंडवा में भी मूसलधार बारिश हुई।

    चंबल में पिता-पुत्र डूबे

    मुरैना में रविवार को चंबल नदी में नहाने के दौरान पिता और पुत्र डूब गए। दोनों बाबू महाराज मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। हादसे के बाद उनकी तलाश की गई।

    सोमवार को इन 7 जिलों में भारी बारिश

    मौसम विभाग ने सोमवार को उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, गुना और श्योपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने का अनुमान है।

    14 सितंबर को भी पश्चिमी MP में असर

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, 14 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। निम्न दबाव क्षेत्र के राजस्थान-गुजरात की ओर बढ़ने के दौरान पश्चिमी जिलों में इसका असर बना रह सकता है।

    हालांकि 15 सितंबर के बाद प्रदेश में बारिश की तीव्रता और इसका प्रसार धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। अगले सात दिनों के पूर्वानुमान में पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।

    32 जिलों में 2% से 52% तक बारिश कम

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा 1% तक कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2% से 25% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    पिछले एक सप्ताह में पूर्वी मध्य प्रदेश की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बनने से बारिश का आंकड़ा तेजी से सुधरा था। इसके चलते सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्से की स्थिति बेहतर हुई थी, लेकिन रविवार तक यह आंकड़ा फिर 1% कम पर पहुंच गया।

    पश्चिमी हिस्से में आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 7% से 52% तक कम बारिश हुई है।

    इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    IMD के आंकड़ों के अनुसार अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • गणेश चतुर्थी पर क्यों खास मानी जाती है गणपति पूजा जानिए बप्पा की स्थापना से लेकर विसर्जन तक की पूरी जानकारी

    गणेश चतुर्थी पर क्यों खास मानी जाती है गणपति पूजा जानिए बप्पा की स्थापना से लेकर विसर्जन तक की पूरी जानकारी


    नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है जिसे भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। भगवान गणेश को बुद्धि विवेक सुख समृद्धि और शुभता का देवता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले गणपति का स्मरण करने की परंपरा है। यही वजह है कि गणेश चतुर्थी के अवसर पर घरों और सार्वजनिक स्थानों पर गणपति की प्रतिमा स्थापित करके विधि विधान से पूजा की जाती है। इस पर्व के दौरान भक्त भगवान गणेश से परिवार की सुख शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
    गणेश चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद घर और पूजा स्थल की साफ सफाई करनी चाहिए। पूजा के स्थान को स्वच्छ करके वहां गणपति की प्रतिमा स्थापित की जाती है। मान्यता के अनुसार भगवान गणेश की प्रतिमा को स्थापित करते समय श्रद्धा और शुद्ध भावना का विशेष महत्व होता है। पूजा के दौरान गणेश जी को दूर्वा अर्पित की जाती है। दूर्वा को भगवान गणेश का प्रिय माना जाता है। इसके साथ ही मोदक और अन्य मिठाइयों का भोग लगाया जाता है।

    गणपति पूजा में सिंदूर और लाल फूल अर्पित करने की भी परंपरा है। भक्त भगवान गणेश का ध्यान करते हुए मंत्रों का जाप करते हैं और आरती करते हैं। पूजा के दौरान परिवार के सभी सदस्य एक साथ शामिल होकर भगवान गणेश से अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की प्रार्थना कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में गणेश जी को विघ्नहर्ता कहा गया है इसलिए भक्त उनसे जीवन में आने वाली परेशानियों को दूर करने की कामना करते हैं।

    गणेश चतुर्थी केवल पूजा का पर्व नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव भी है। कई स्थानों पर बड़े पंडाल लगाए जाते हैं जहां श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। घरों में भी कई परिवार अपनी सुविधा और परंपरा के अनुसार गणपति की स्थापना करते हैं। गणेश उत्सव के दौरान भजन कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस दौरान पर्यावरण का ध्यान रखना भी जरूरी है। गणपति की प्रतिमा और सजावट के लिए पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प माना जाता है।

    गणेश प्रतिमा का विसर्जन भी इस पर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अलग अलग परिवार और परंपराएं अपनी मान्यता के अनुसार गणपति विसर्जन का दिन तय करती हैं। विसर्जन से पहले भगवान गणेश की विधिवत पूजा और आरती की जाती है। भक्त गणपति से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हुए श्रद्धा के साथ प्रतिमा का विसर्जन करते हैं। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों और कृत्रिम विसर्जन कुंडों का इस्तेमाल करना बेहतर होता है।

    गणेश चतुर्थी का संदेश केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है बल्कि यह जीवन में बुद्धि विवेक अनुशासन और सकारात्मक सोच को अपनाने की प्रेरणा भी देता है। भगवान गणेश की पूजा करते समय दिखावे से अधिक श्रद्धा और स्वच्छ भावना को महत्व देना चाहिए। यही इस पावन पर्व की सबसे बड़ी भावना मानी जाती है।

  • आज का राशिफल 14 सितंबर: ग्रहों की चाल बदलेगी 12 राशियों का हाल किसी को लाभ तो किसी को रहना होगा सावधान

    आज का राशिफल 14 सितंबर: ग्रहों की चाल बदलेगी 12 राशियों का हाल किसी को लाभ तो किसी को रहना होगा सावधान


    नई दिल्ली। 14 सितंबर का दिन ग्रहों की स्थिति के लिहाज से कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज कुछ राशि वालों को कामकाज में सफलता मिलने के संकेत हैं तो कुछ लोगों को जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना होगा। नौकरी और व्यापार करने वालों के लिए दिन नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। वहीं आर्थिक मामलों में सोच समझकर कदम उठाना बेहतर रहेगा। परिवार और रिश्तों के मामले में भी आज का दिन कुछ लोगों के लिए खास रह सकता है। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक सभी 12 राशियों के लिए 14 सितंबर का दिन कैसा रहने वाला है।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह से भरा रह सकता है। कामकाज में आपकी सक्रियता का लाभ मिल सकता है। किसी महत्वपूर्ण काम को पूरा करने में सफलता मिलने के योग हैं। नौकरी करने वालों को अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। व्यापार में भी लाभ के अवसर सामने आ सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा।

    वृषभ राशि के जातकों को आज अपने खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा। अचानक कोई जरूरी खर्च सामने आ सकता है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन आप उन्हें बेहतर तरीके से संभाल पाएंगे। किसी पुराने परिचित से मुलाकात आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।

    मिथुन राशि के लिए आज का दिन नई शुरुआत के संकेत दे रहा है। करियर से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है। आपकी बातचीत करने की क्षमता लोगों को प्रभावित करेगी। व्यापार में नई योजना पर काम शुरू हो सकता है। हालांकि किसी पर आंख बंद करके भरोसा करने से बचें।

    कर्क राशि वालों को आज परिवार का पूरा सहयोग मिल सकता है। घर में खुशी का माहौल रहेगा। नौकरी में आपकी मेहनत की तारीफ हो सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। किसी पुराने विवाद को बातचीत के जरिए खत्म करने का मौका मिल सकता है। विद्यार्थियों के लिए भी दिन सकारात्मक रह सकता है।

    सिंह राशि के जातकों के लिए आज आत्मविश्वास बढ़ाने वाला दिन रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता सामने आएगी। कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापारियों को नए ग्राहक या कारोबार से जुड़ा अवसर मिल सकता है। निवेश से जुड़े फैसले सोच समझकर लेना बेहतर होगा।

    कन्या राशि वालों को आज योजनाबद्ध तरीके से काम करने का फायदा मिलेगा। रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। नौकरी में बदलाव की सोच रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार के किसी सदस्य से मतभेद हो तो शांत रहकर बातचीत करें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

    तुला राशि के लिए आज का दिन रिश्तों के लिहाज से खास रह सकता है। जीवनसाथी के साथ संबंध बेहतर होंगे। कामकाज में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। धन से जुड़ा कोई फैसला आपके पक्ष में जा सकता है। हालांकि अनावश्यक खर्च से बचना जरूरी होगा।

    वृश्चिक राशि वालों को आज मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत होगी। किसी पुराने संपर्क से लाभ मिल सकता है। व्यापार में लाभ के अवसर आएंगे। परिवार में किसी सदस्य की उपलब्धि से खुशी मिल सकती है।

    धनु राशि के जातकों को आज यात्रा या काम के सिलसिले में बाहर जाना पड़ सकता है। करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। आर्थिक मामलों में दिन सामान्य रहेगा। किसी बड़े फैसले को लेने से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा।

    मकर राशि वालों के लिए आज का दिन मेहनत और जिम्मेदारी वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में दबाव बढ़ सकता है लेकिन आपकी मेहनत रंग लाएगी। धन कमाने के नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार के साथ किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है। अपनी सेहत का ध्यान रखें।

    कुंभ राशि के लिए आज का दिन मिलाजुला रह सकता है। कुछ पुराने काम पूरे होंगे तो कुछ नए काम शुरू करने पड़ सकते हैं। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में सावधानी से आगे बढ़ना जरूरी है। किसी करीबी व्यक्ति से मन की बात साझा करने से तनाव कम हो सकता है।

    मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक रहने के संकेत हैं। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। नौकरी और व्यापार में प्रगति के अवसर मिलेंगे। परिवार में सुख शांति बनी रहेगी। प्रेम संबंधों में भी मधुरता बढ़ सकती है। आज अपनी मेहनत और सकारात्मक सोच पर भरोसा रखना आपके लिए लाभकारी रहेगा।

  • हरतालिका तीज 2026 की तारीख को लेकर खत्म हुआ भ्रम 14 सितंबर को रखेंगी महिलाएं व्रत जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

    हरतालिका तीज 2026 की तारीख को लेकर खत्म हुआ भ्रम 14 सितंबर को रखेंगी महिलाएं व्रत जानें पूजा का शुभ मुहूर्त


    नई दिल्ली। हरतालिका तीज हिंदू धर्म में महिलाओं के लिए बेहद खास और महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज मनाई जाती है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना से कठिन व्रत रखती हैं। वहीं अविवाहित कन्याएं भी मनचाहा जीवनसाथी पाने की इच्छा से इस व्रत को करती हैं। साल 2026 में हरतालिका तीज की तारीख को लेकर लोगों के बीच काफी भ्रम है लेकिन पंचांग के अनुसार इस बार यह व्रत 14 सितंबर सोमवार को रखा जाएगा।

    हरतालिका तीज की तृतीया तिथि 13 सितंबर की सुबह शुरू होकर 14 सितंबर की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के नियम के अनुसार 14 सितंबर को ही हरतालिका तीज का व्रत मान्य होगा। इस दिन महिलाएं सुबह स्नान करने के बाद नए वस्त्र धारण करती हैं और भगवान शिव तथा माता पार्वती की पूजा की तैयारी करती हैं। कई स्थानों पर महिलाएं मिट्टी या बालू से भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा बनाकर उनका पूजन करती हैं। पूजा के दौरान शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाया जाता है और माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित की जाती है।

    हरतालिका तीज की पूजा के लिए सुबह का समय विशेष शुभ माना जाता है। दिल्ली के पंचांग के अनुसार 14 सितंबर को पूजा का प्रातःकालीन मुहूर्त सुबह 6 बजकर 05 मिनट से 7 बजकर 06 मिनट तक रहेगा। हालांकि अलग अलग शहरों में सूर्योदय के समय में अंतर होने के कारण पूजा के मुहूर्त में थोड़ा बदलाव हो सकता है। ऐसे में व्रत रखने वाली महिलाओं को अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा का समय देखना चाहिए।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार हरतालिका तीज का संबंध माता पार्वती और भगवान शिव से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए लंबे समय तक कठोर तपस्या की थी। माता पार्वती के पिता उनका विवाह भगवान विष्णु से करना चाहते थे लेकिन पार्वती भगवान शिव को ही अपना पति बनाना चाहती थीं। उनकी सखी उन्हें वन में ले गईं ताकि उनका विवाह उनकी इच्छा के विरुद्ध न हो। वन में माता पार्वती ने कठोर तपस्या की और उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। इसी वजह से हरतालिका तीज को पति पत्नी के प्रेम और वैवाहिक सुख से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है।

    इस व्रत की सबसे बड़ी विशेषता इसका कठिन स्वरूप है। परंपरागत रूप से कई महिलाएं हरतालिका तीज पर निर्जला व्रत रखती हैं। पूरे दिन अन्न और जल का त्याग करके भगवान शिव और माता पार्वती का स्मरण किया जाता है। शाम के समय पूजा और व्रत कथा के बाद आरती की जाती है। हालांकि स्वास्थ्य को देखते हुए व्रत रखने का तरीका तय करना जरूरी है। किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर निर्जला व्रत रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना उचित माना जाता है।

    साल 2026 में हरतालिका तीज के साथ 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का पर्व भी पड़ रहा है। एक ही दिन दो प्रमुख धार्मिक पर्व होने से इस दिन का महत्व और बढ़ गया है। हालांकि दोनों पर्वों की पूजा विधि और मुहूर्त अलग होते हैं। इसलिए स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा का समय देखना बेहतर रहेगा। इस तरह हरतालिका तीज 2026 का व्रत 14 सितंबर को रखा जाएगा और महिलाएं भगवान शिव तथा माता पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की समृद्धि की कामना करेंगी।

  • जमीन का काम कर लौट रहे थे तीन युवक तभी पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर एक की गई जान

    जमीन का काम कर लौट रहे थे तीन युवक तभी पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर एक की गई जान


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के लुकवासा चौकी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर शनिवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। लुकवासा बायपास पर जगन्नाथ होटल के पास तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार तीन लोगों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घटनास्थल से मिली कार की टूटी हुई नंबर प्लेट के आधार पर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक बदरवास थाना क्षेत्र के सांडर गांव निवासी भूरा उर्फ चंद्रभान यादव अपने साथियों मुकेश शर्मा और रामकुमार शर्मा के साथ बाइक से कोलारस तहसील गए थे। तीनों जमीन से जुड़े काम के सिलसिले में कोलारस पहुंचे थे। जरूरी काम पूरा करने के बाद तीनों बाइक से वापस अपने गांव बदरवास लौट रहे थे। इसी दौरान शनिवार शाम जब वे लुकवासा बायपास पर जगन्नाथ होटल के पास पहुंचे तभी पीछे से तेज रफ्तार कार आई और उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार तीनों लोग सड़क पर जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को संभाला और घटना की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल शिवपुरी भेजा गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने चंद्रभान यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं मुकेश शर्मा और रामकुमार शर्मा को हादसे में फ्रैक्चर हुआ है। दोनों का अस्पताल में इलाज जारी है।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस को कार की टूटी हुई नंबर प्लेट मिली। पुलिस के लिए यह नंबर प्लेट अब फरार कार और उसके चालक तक पहुंचने में अहम सुराग बन गई है। पुलिस नंबर प्लेट के आधार पर कार की पहचान करने में जुटी है। साथ ही आसपास के इलाके में कार के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

    पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद से मृतक चंद्रभान यादव के परिवार में मातम पसरा हुआ है। रविवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के समय कार की रफ्तार कितनी थी और टक्कर के बाद चालक मौके से फरार होकर किस दिशा में गया। टूटी नंबर प्लेट के आधार पर पुलिस जल्द ही कार चालक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

  • 9 कमरों वाले स्पा सेंटर में पुलिस की दबिश 5 कमरों में मिले युवक युवतियां ग्राहक बनकर पहुंची थी पुलिस टीम

    9 कमरों वाले स्पा सेंटर में पुलिस की दबिश 5 कमरों में मिले युवक युवतियां ग्राहक बनकर पहुंची थी पुलिस टीम


    भोपाल । भोपाल में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे कथित अनैतिक देह व्यापार का पुलिस ने खुलासा किया है। पिपलानी थाना क्षेत्र के इंद्रपुरी स्थित Pink Vibes Spa में पुलिस ने शनिवार रात छापा मारकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की थी। कार्रवाई के दौरान स्पा सेंटर के पांच कमरों में युवक युवतियां आपत्तिजनक परिस्थितियों में मिले। पुलिस ने मौके से 8800 रुपये नकद मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की है।

    पुलिस के मुताबिक इंद्रपुरी इलाके में संचालित स्पा सेंटर को लेकर लगातार जानकारी मिल रही थी कि वहां मसाज सेंटर की आड़ में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पहले अपने स्तर पर इसकी पुष्टि करने की योजना बनाई। इसके लिए पुलिस टीम ने एक व्यक्ति को ग्राहक बनाकर स्पा सेंटर के अंदर भेजा। अंदर पहुंचने के बाद जब संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि हुई तो पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्पा सेंटर पर दबिश दी।

    पुलिस की तलाशी के दौरान स्पा सेंटर के कुल नौ कमरों में से पांच कमरों में युवक और युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में मिले। मौके पर मौजूद महिलाओं से महिला पुलिसकर्मियों की मदद से पूछताछ की गई। पूछताछ और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को स्पा सेंटर में अनैतिक देह व्यापार संचालित किए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने वहां मौजूद संदिग्ध लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।

    पुलिस जांच में स्पा सेंटर से होने वाली कथित अवैध कमाई के बंटवारे को लेकर भी जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों को अलग अलग प्रतिशत के हिसाब से कमीशन दिया जाता था। जांच में भुवन सिंह चंदेल को 20 प्रतिशत दीपक ठाकुर को 10 प्रतिशत पंकज त्रिपाठी को 15 प्रतिशत और देवीसिंह रजक को 5 प्रतिशत कमीशन मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

    कार्रवाई के बाद पुलिस ने भुवन सिंह चंदेल दीपक ठाकुर पंकज त्रिपाठी और देवीसिंह रजक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की धारा 3 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि स्पा सेंटर का संचालन कब से किया जा रहा था और इसमें अन्य कौन कौन लोग शामिल थे।

    इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब स्पा सेंटर से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर भी है कि सेंटर पर आने वाले ग्राहकों और वहां काम करने वाले लोगों के बीच किस तरह संपर्क होता था तथा कथित अवैध गतिविधियों से होने वाली कमाई का नेटवर्क किस तरह संचालित किया जा रहा था। पुलिस जब्त मोबाइल फोन और अन्य सामान की भी जांच कर सकती है ताकि मामले से जुड़े दूसरे लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।

    पिपलानी थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई ने स्पा सेंटरों की गतिविधियों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिलने पर आगे भी इसी तरह कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जता रही है।

  • शिवपुरी में वन भूमि पर चला प्रशासन का बुलडोजर 8 से 10 झोपड़ियां हटाईं मौके से मिली कच्ची शराब

    शिवपुरी में वन भूमि पर चला प्रशासन का बुलडोजर 8 से 10 झोपड़ियां हटाईं मौके से मिली कच्ची शराब


    शिवपुरी। शिवपुरी शहर के देहात थाना क्षेत्र में वन भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कब्रिस्तान के पास वन भूमि पर बनी करीब 8 से 10 झोपड़ियों को संयुक्त टीम ने जेसीबी की मदद से हटाया। कार्रवाई के दौरान मौके पर कच्ची शराब भी मिली जिसे आबकारी विभाग की टीम ने जब्त कर लिया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद इलाके में काफी देर तक हलचल बनी रही।

    जानकारी के अनुसार वन भूमि पर कुछ परिवारों ने झोपड़ियां बनाकर रहना शुरू कर दिया था। प्रशासन को इन लोगों के खिलाफ शिकायतें मिली थीं। शिकायतों में वन भूमि पर अतिक्रमण करने के साथ ही बाहर से कच्ची शराब लाकर बेचने और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल होने की बात कही गई थी। शिकायतों के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग वन विभाग आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम बनाई।

    संयुक्त टीम जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर मौके पर पहुंची। अधिकारियों की मौजूदगी में वन भूमि पर बनी झोपड़ियों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। जेसीबी की मदद से करीब 8 से 10 झोपड़ियों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। प्रशासन की टीम ने मौके पर मौजूद सामान और आसपास के क्षेत्र की भी जांच की।

    इसी दौरान आबकारी विभाग की टीम को मौके से बड़ी मात्रा में कच्ची शराब मिली। शराब बरामद होने के बाद उसे जब्त कर लिया गया। आबकारी विभाग ने मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि बरामद शराब किसकी थी और इसे कहां से लाकर यहां रखा या बेचा जा रहा था।

    प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के बाद वन भूमि से अतिक्रमण पूरी तरह हटाने का दावा किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं अवैध शराब से जुड़े मामलों में आबकारी विभाग भी जांच कर रहा है।

    इस पूरी कार्रवाई में राजस्व विभाग वन विभाग आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त भूमिका रही। जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ पहुंची टीम ने पहले मौके का निरीक्षण किया और इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। झोपड़ियां हटाए जाने के बाद क्षेत्र को खाली कराया गया।

    वन भूमि पर अतिक्रमण और अवैध शराब की शिकायतों को लेकर हुई इस कार्रवाई से प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जे और अवैध गतिविधियों को लेकर सख्ती बरती जाएगी। फिलहाल आबकारी विभाग द्वारा दर्ज मामले की जांच जारी है। पुलिस और संबंधित विभाग यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि इस पूरे मामले में कौन लोग शामिल थे।

  • फेसबुक कमेंट पर भड़का विवाद करैरा थाने का घेराव कई घंटे चला प्रदर्शन FIR के बाद शांत हुआ मामला

    फेसबुक कमेंट पर भड़का विवाद करैरा थाने का घेराव कई घंटे चला प्रदर्शन FIR के बाद शांत हुआ मामला


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के करैरा कस्बे में सोशल मीडिया पर किए गए एक कथित आपत्तिजनक कमेंट को लेकर रविवार को विवाद बढ़ गया। धार्मिक यात्रा से जुड़ी एक पोस्ट पर किए गए कमेंट से नाराज लोग बड़ी संख्या में करैरा थाने पहुंच गए और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। थाने के बाहर करीब डेढ़ घंटे तक लोगों की भीड़ जमा रही। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल थीं। लोगों का कहना था कि धार्मिक यात्रा से जुड़ी पोस्ट पर इस तरह की टिप्पणी से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं इसलिए पुलिस को मामले में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

    बताया गया है कि कुछ दिन पहले करैरा कस्बे से मां कैलादेवी करौली के लिए धार्मिक यात्रा निकाली गई थी। इस यात्रा से संबंधित एक पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर की गई थी। आरोप है कि करैरा निवासी आशीष गोयल ने इस पोस्ट पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। कमेंट सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई। इसके बाद लोगों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एकजुट होकर थाने का रुख किया।

    प्रदर्शनकारी पुलिस से आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि सोशल मीडिया पर धार्मिक यात्रा से संबंधित पोस्ट पर की गई टिप्पणी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने और शांत कराने की कोशिश की लेकिन प्रदर्शनकारी एफआईआर दर्ज होने तक अपनी मांग पर अड़े रहे। इस दौरान थाने के बाहर काफी देर तक लोगों की भीड़ बनी रही।

    मामले में नरेंद्र साहू पुत्र स्वरूप नारायण साहू की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आशीष गोयल निवासी करैरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब सोशल मीडिया पर किए गए कमेंट और उससे जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने की जानकारी मिलने के बाद थाने के बाहर चल रहा प्रदर्शन समाप्त हो गया। इसके बाद लोगों की भीड़ वहां से हट गई और स्थिति सामान्य हो गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी से जुड़े तथ्यों को सामने लाने का प्रयास कर रही है। पुलिस की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर किसी भी धार्मिक या संवेदनशील विषय से जुड़ी टिप्पणी को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत को सामने रखा है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर की गई किसी भी टिप्पणी को लेकर कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल करैरा में मामला दर्ज होने के बाद स्थिति शांत है।