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  • हिंदू देवी-देवताओं पर टिप्पणी करने वाले यूट्यूबर अन्वेश के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी

    हिंदू देवी-देवताओं पर टिप्पणी करने वाले यूट्यूबर अन्वेश के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी


    हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी में धार्मिक भावनाओं से जुड़े विवादित बयान के मामले में पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। पंजागुट्टा थाना पुलिस ने यूट्यूबर अन्वेश के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई हिंदू देवी-देवताओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़े मामले में की गई है।
    पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2025 में अभिनेत्री और भाजपा नेता कराटे कल्याणी की शिकायत पर अन्वेश के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उन्होंने हिंदू समाज, धार्मिक मान्यताओं, पूजनीय देवी-देवताओं, संस्कृति और परंपराओं के खिलाफ अपमानजनक और भड़काऊ टिप्पणियां कीं, जिससे सांप्रदायिक तनाव फैलने की आशंका बनी।

    जांच अधिकारियों का कहना है कि यह विवाद एक वीडियो के बाद शुरू हुआ। वीडियो में अन्वेश ने अभिनेत्रियों के पहनावे को लेकर तेलुगु अभिनेता शिवाजी की आलोचना की थी।

    इसी दौरान उन्होंने पौराणिक पात्रों सीता और द्रौपदी को लेकर भी टिप्पणी की, जिस पर विभिन्न संगठनों ने विरोध-प्रदर्शन किया।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। फिलहाल अन्वेश के देश से बाहर होने की जानकारी मिली है, जिसके चलते उनकी लोकेशन ट्रैक करने और भारत लौटने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए लुकआउट नोटिस जारी किया गया है।

    पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • संजय राउत को राहत, मानहानि मामले में कोर्ट ने किया बरी

    संजय राउत को राहत, मानहानि मामले में कोर्ट ने किया बरी

    मुंबई। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत को मानहानि के एक मामले में बड़ी राहत मिली है। मुंबई की सत्र अदालत ने उनकी पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए भाजपा नेता किरिट सोमैया की पत्नी मेधा सोमैया द्वारा दायर शिकायत में उन्हें बरी कर दिया।

    इससे पहले पिछले वर्ष मजिस्ट्रेट अदालत ने राउत को भारतीय दंड संहिता की मानहानि से जुड़ी धारा के तहत दोषी ठहराते हुए 15 दिन के कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। हालांकि, सजा पर रोक लगा दी गई थी ताकि वे उच्च अदालत में आदेश को चुनौती दे सकें। इसके बाद राउत ने सत्र अदालत में अपील दायर की थी।

    मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनी गईं। सुनवाई कर रहे न्यायाधीश महेश जाधव ने इस महीने की शुरुआत में अंतिम बहस पूरी होने के बाद राउत की याचिका मंजूर कर ली।

    राउत की ओर से अधिवक्ता मनोज पिंगले ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल ने किसी व्यक्ति विशेष की मानहानि करने का उद्देश्य नहीं रखा था। वहीं, मेधा सोमैया की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता लक्ष्मण कनाल ने कहा कि जिस कथित घोटाले का आरोप लगाया गया, जांच में उसका कोई आधार नहीं मिला, इसलिए सार्वजनिक आरोप मानहानिकारक थे।
    दरअसल, विवाद उस समय शुरू हुआ जब राउत ने मीडिया से बातचीत में मीरा-भायंदर नगर निगम क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय निर्माण परियोजना में 100 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया था और इसमें सोमैया दंपत्ति के जुड़े होने की बात कही थी।

    शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, वर्ष 2007 में निविदा प्रक्रिया के जरिए यह काम पांच गैर-सरकारी संगठनों को सौंपा गया था, जिनमें से एक संस्था सोमैया परिवार से संबंधित थी।

    परियोजना की कुल लागत लगभग 22 करोड़ रुपये बताई गई, जिससे 100 करोड़ रुपये के घोटाले का दावा तथ्यात्मक रूप से संभव नहीं बताया गया।

    मजिस्ट्रेट अदालत ने अपने पूर्व आदेश में कहा था कि मेधा सोमैया एक शिक्षित और प्रतिष्ठित व्यक्तित्व हैं तथा आरोपों से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा और मानसिक पीड़ा हुई। साथ ही यह भी टिप्पणी की गई थी कि एक सांसद होने के नाते सार्वजनिक बयान देते समय राउत पर उच्च स्तर की जिम्मेदारी होती है।
    अब सत्र अदालत के फैसले के बाद राउत को इस मामले में राहत मिल गई है।

  • ऑपरेशन ‘सिंदूर 2.0’ पर सख्त संदेश: जमीन, समुद्र और हवा-हर मोर्चे पर जवाब को तैयार सेना

    ऑपरेशन ‘सिंदूर 2.0’ पर सख्त संदेश: जमीन, समुद्र और हवा-हर मोर्चे पर जवाब को तैयार सेना

    नई दिल्ली। भारत ने सीमा पार से किसी भी उकसावे की स्थिति में पहले से अधिक कठोर प्रतिक्रिया देने के संकेत दिए हैं। भारतीय सेना की पश्चिमी कमान ने स्पष्ट किया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ के तहत सैन्य तैयारियों को व्यापक रूप से मजबूत किया गया है और भविष्य की कार्रवाई बहु-आयामी हो सकती है।

    यह बयान पठानकोट में आयोजित एक ऑपरेशनल क्षमता प्रदर्शन के दौरान सामने आया, जहां वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने सेना की तैयारी और रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया।

    2 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग राजेश पुष्कर ने कहा कि पिछले वर्ष चलाया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ केवल भारतीय सैन्य क्षमता का सीमित उदाहरण था। उनका कहना था कि चार दिनों के भीतर ही पाकिस्तान को संघर्षविराम की अपील करनी पड़ी थी, जबकि मौजूदा चरण में कहीं अधिक बड़े स्तर की तैयारी की गई है।

    किसी भी मोर्चे पर जवाब की तैयारी

    अधिकारियों ने संकेत दिया कि भविष्य की सैन्य प्रतिक्रिया परिस्थितियों पर निर्भर करेगी, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई जमीन, समुद्र या हवा—तीनों क्षेत्रों में एक साथ की जा सकती है।

    सेना का उद्देश्य अब केवल जवाब देना नहीं, बल्कि प्रतिरोध क्षमता को निर्णायक स्तर तक ले जाना है।

    “न्यूक्लियर ब्लफ” पर भी सख्त रुख

    पश्चिमी कमान के प्रमुख मनोज कुमार कटियार ने पाकिस्तान की ओर से बार-बार दिए जाने वाले परमाणु संकेतों को “न्यूक्लियर ब्लफ” करार देते हुए कहा कि भारत अब ऐसे दबावों में आने वाला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहबाज शरीफ भारत को कड़ी कार्रवाई से रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारतीय सेना हर परिस्थिति के लिए तैयार है।

    पिछले साल हमले के बाद शुरू हुआ था ऑपरेशन

    जानकारी के अनुसार, मई 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी, के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सटीक सैन्य कार्रवाई की गई थी।

    रणनीति अब और आक्रामक

    सेना के ताजा संकेतों से स्पष्ट है कि भारत ने अपनी सैन्य रणनीति, समन्वित युद्धक क्षमता और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को पहले से अधिक सशक्त बनाया है। किसी भी संभावित उकसावे की स्थिति में इस बार जवाब अधिक तीव्र, व्यापक और बहु-क्षेत्रीय हो सकता है।

  • असम विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, NDA में सीट बंटवारे पर 10 मार्च तक अंतिम मुहर

    असम विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, NDA में सीट बंटवारे पर 10 मार्च तक अंतिम मुहर

    गुवाहाटी। असम में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गठबंधन के फार्मूले को अंतिम रूप देने के लिए नई तारीख 10 मार्च तय की है।
    मुख्यमंत्री ने बताया कि सहयोगी दलों के साथ चर्चा जारी है और कुछ बिंदुओं पर सहमति बननी बाकी है। उन्होंने कहा कि बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के साथ बातचीत एक-दो दिन में पूरी होने की उम्मीद है, जबकि असम गण परिषद के साथ 9–10 मार्च तक सभी मुद्दों पर सहमति बन जाएगी। इसके बाद गठबंधन औपचारिक रूप से सीट बंटवारे की घोषणा करेगा।

    कुछ दलों से सहमति, कुछ से बातचीत जारी
    सरमा के अनुसार, राभा हासोंग जौथा संग्राम समिति के साथ सीटों को लेकर समझौता पहले ही हो चुका है। देरी की एक वजह हाल में हुए राज्यसभा चुनाव भी बताए गए, जिनके कारण सहयोगी दल रणनीतिक रूप से सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

    असम में एनडीए के प्रमुख घटक दलों में
    भारतीय जनता पार्टी
    असम गण परिषद
    यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल
    बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट शामिल हैं।
    इसके अलावा जनशक्ति पार्टी भी गठबंधन का हिस्सा है, हालांकि वर्तमान विधानसभा में उसका प्रतिनिधित्व नहीं है।

    पहले कई बार बदली समयसीमा
    मुख्यमंत्री इससे पहले भी सीट बंटवारे को लेकर अलग-अलग समयसीमाएं घोषित कर चुके थे। फरवरी और जनवरी में भी समझौते की बात कही गई थी, लेकिन अंतिम सहमति टलती रही। अब 10 मार्च को निर्णायक तारीख माना जा रहा है।

    परिसीमन के बाद बदला चुनावी गणित
    2023 के परिसीमन के बाद राज्य के कई निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं बदली हैं। कुछ सीटें सामान्य से आरक्षित श्रेणी में गई हैं, जबकि कुछ आरक्षित सीटों को सामान्य श्रेणी में परिवर्तित किया गया है। इससे दलों के बीच सीट समायोजन और अधिक जटिल हो गया है।

    वर्तमान विधानसभा की स्थिति
    126 सदस्यीय असम विधानसभा में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि उसके सहयोगी दल भी सत्ता संतुलन में अहम भूमिका निभाते हैं। विपक्षी खेमे में

    भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
    ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट
    भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)
    शामिल हैं, जिनके पास सीमित संख्या में विधायक हैं।

    चुनाव से पहले ताकत का संतुलन साधने की कवायद
    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि परिसीमन के बाद बदले सामाजिक और भौगोलिक समीकरणों को देखते हुए एनडीए सहयोगियों के बीच सीटों का संतुलन साधना रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। 10 मार्च की प्रस्तावित घोषणा को राज्य की चुनावी राजनीति का निर्णायक पड़ाव माना जा रहा है।

  • भाजपा में युवाओं को बढ़ावा, राष्ट्रीय संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी

    भाजपा में युवाओं को बढ़ावा, राष्ट्रीय संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी



    नई दिल्ली। संगठन को भी युवा आकार देने की तैयारी शुरू हो गई है। महासचिव और सचिव स्तर पर 60 साल से कम उम्र वाले नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि उपाध्यक्ष स्तर पर अनुभवी वरिष्ठ नेताओं को भी जगह मिलने की संभावना है। पार्टी में आधे से ज्यादा नए पदाधिकारियों को शामिल करने का अनुमान है, जिनमें से कई विभिन्न राज्यों से केंद्रीय संगठन में लाए जाएंगे।

    राष्ट्रीय नेतृत्व में नए चेहरे
    सूत्रों के अनुसार, भाजपा की भविष्य की टीम तैयार करने के लिए अध्यक्ष समेत 40 राष्ट्रीय पदाधिकारियों में लगभग 60 फीसदी नए चेहरे होंगे। महासचिव और सचिव स्तर पर 60 साल से कम उम्र के नेताओं को नियुक्त किया जाएगा, जबकि उपाध्यक्ष स्तर पर आयु को लेकर कुछ लचीलापन रखा जाएगा ताकि अनुभवी नेताओं को संगठन में समायोजित किया जा सके। मौजूदा टीम के आधे से ज्यादा चेहरों को बदलने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है।

    वरिष्ठ नेताओं की नई भूमिकाएं
    60 साल से अधिक उम्र वाले मौजूदा महासचिव और सचिवों को नई भूमिका दी जा सकती है। संगठन महासचिव के पद को लेकर अभी चर्चा जारी है और संभावना है कि वहां भी बदलाव होंगे। मौजूदा टीम के पांच महासचिवों की जगह नए चेहरे लाए जाने की तैयारी है। राष्ट्रीय पदाधिकारियों में अध्यक्ष के अलावा 13 उपाध्यक्ष, 10 महासचिव, 15 सचिव और एक कोषाध्यक्ष होता है।

    महिलाओं और क्षेत्रीय संतुलन
    सूत्रों के अनुसार, नई टीम में महिलाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी। भाजपा के संविधान में एक तिहाई यानी लगभग 13 महिला पदाधिकारी होना चाहिए, लेकिन ऐसा केवल राजनाथ सिंह के अध्यक्षीय कार्यकाल में संभव हो पाया था। नई राष्ट्रीय टीम में देश के सभी हिस्सों को प्रतिनिधित्व मिलेगा और जातीय व सामाजिक समीकरणों का संतुलन रखा जाएगा।

    समय और प्रक्रिया
    भाजपा की नई टीम को लेकर तैयारी शुरू हो गई है, लेकिन इसकी घोषणा में अभी समय लग सकता है। संसद सत्र और आगामी चुनावों के कारण पार्टी का ध्यान मुख्य रूप से चुनावी रणनीतियों पर है। चूंकि बदलाव व्यापक स्तर पर होंगे, इसलिए कई स्तरों पर व्यापक चर्चाएं और समीक्षाएं अभी बाकी हैं।

  • Holi Skin Care: होली की मस्ती में ऐसे रखें अपनी खूबसूरत स्किन का ख्याल, एलर्जी भी रहेगी दूर

    Holi Skin Care: होली की मस्ती में ऐसे रखें अपनी खूबसूरत स्किन का ख्याल, एलर्जी भी रहेगी दूर


    नई दिल्ली । होली का त्योहार खुशियों और रंगों का पर्व है लेकिन सावधानी न बरती जाए तो यही रंग आपकी त्वचा के लिए घातक साबित हो सकते हैं. बाजार में मिलने वाले केमिकल वाले रंग और गुलाल त्वचा पर जलन खुजली और एलर्जी पैदा कर सकते हैं. इसी विषय पर लोकल-18 की टीम ने लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के चर्म एवं गुप्त रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमरजीत सिंह से विशेष बातचीत की और जाना कि होली के दौरान त्वचा का ख्याल कैसे रखें.

    होली खेलने से पहले अपनाएं यह सुरक्षा कवच
    डॉ. अमरजीत सिंह ने सलाह दी है कि होली खेलने घर से बाहर निकलने से पहले अपनी त्वचा की सुरक्षा की तैयारी कर लेनी चाहिए. उन्होंने बताया कि केमिकल आधारित रंगों के असर को कम करने के लिए चेहरे और शरीर के खुले हिस्सों पर गोले का तेल नारियल तेल या कोई अच्छा मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं. ऐसा करने से त्वचा पर एक सुरक्षा परत बन जाती है जिससे रंगों का हानिकारक प्रभाव त्वचा के रोमछिद्रों के अंदर नहीं समा पाता और बाद में रंग छुड़ाना भी आसान हो जाता है.

    बदलते मौसम और त्वचा का ध्यान
    चूंकि होली के समय मौसम में भी बदलाव हो रहा होता है इसलिए त्वचा अधिक संवेदनशील हो जाती है. डॉ. सिंह के अनुसार इस समय हल्की सी लापरवाही भी लंबे समय तक त्वचा की परेशानी बढ़ा सकती है. उन्होंने कहा कि जितना संभव हो सके प्राकृतिक और हर्बल रंगों का ही उपयोग करें. कुछ सस्ते गुलाल में भी कांच के कण या हानिकारक रसायन हो सकते हैं जो चेहरे पर रगड़ने से घाव या गंभीर इन्फेक्शन दे सकते हैं.

    अगर लग जाए पक्का रंग तो क्या करें?

    अक्सर लोग पक्का रंग छुड़ाने के लिए त्वचा पर कठोर साबुन या अन्य केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने लगते हैं. डॉ. अमरजीत सिंह ने बताया कि यदि चेहरे पर पक्का रंग लग गया है तो उसे सबसे पहले सादे पानी से धोएं और अपने नियमित साबुन का उपयोग करें. यदि रंग नहीं छूट रहा है तो उसे बार-बार न रगड़ें. ज्यादा रगड़ने से त्वचा छिल सकती है और घाव हो सकते हैं. ऐसे में धैर्य रखें और धीरे-धीरे प्राकृतिक तरीके से रंग को निकलने दें.
    लापरवाही पड़ सकती है भारी
    विशेषज्ञ ने चेतावनी दी है कि अगर होली खेलने के बाद त्वचा पर खुजली जलन या दाने उभरने लगें तो घर पर खुद से इलाज करने के बजाय तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं. अक्सर देखा जाता है कि होली के बाद अस्पतालों में आंखों और त्वचा से जुड़ी समस्याओं के मरीज बढ़ जाते हैं. यदि लोग पहले से ही सावधानी रखें और बचाव के तरीके अपनाएं तो उन्हें अस्पताल जाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी.

  • रंगभरी एकादशी 2026 : 27 या 28 फरवरी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पारण समय

    रंगभरी एकादशी 2026 : 27 या 28 फरवरी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पारण समय


    नई दिल्ली । 2026 में रंगभरी एकादशी जिसे अमलकी एकादशी भी कहा जाता है का व्रत फाल्गुन महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर मनाया जाएगा। यह पवित्र व्रत होली के उत्सव से कुछ दिनों पहले आता है और विशेष रूप से भगवान विष्णु साथ ही भगवान शिव पार्वती के पूजन के लिए प्रसिद्ध है।

    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव माता पार्वती के साथ काशी वाराणसी आए थे जहां नगरवासियों ने उनका रंगों और गुलाल से स्वागत किया था। तब से इस दिवस को रंगभरी एकादशी के रूप में मनाया जाता है और काशी में होली उत्सव की शुभ शुरुआत भी इसी दिन मानी जाती है।

    रंगभरी एकादशी 2026 की तिथि  वेदिक पंचांग के अनुसार:

    फाल्गुन शुक्ल एकादशी तिथि 27 फरवरी 2026 की रात 12:33 बजे से प्रारंभ होकर 10:32 बजे तक रहेगी।  उदय तिथि के नियम के अनुसार सुबह के समय पर यह तिथि मौजूद रहने के कारण 27 फरवरी शुक्रवार को ही रंगभरी एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

    रंगभरी एकादशी पर पूजा का शुभ मुहूर्त

    पूजा और उपवास के दौरान शुभ मुहूर्त निम्नलिखित हैं: ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:09 बजे से सुबह 05:59 बजे तक अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:11 बजे से 12:57 बजे तक  विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 बजे से 03:15 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग: लगभग सुबह 10:48 बजे से रात तक शुभ रहता है

    व्रत पारण कब करें?

    रंगभरी एकादशी का व्रत पारण 28 फरवरी 2026 को सुबह 06:47 बजे से 09:06 बजे के बीच किया जा सकता है जो पारण के लिए विशेष शुभ समय माना जाता है।  इस दिन व्रत में निर्जला उपवास या फलाहारी व्रत रखा जा सकता है जैसा श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार करते हैं।

    पूजा का महत्व और विधि

    रंगभरी एकादशी के दिन श्रद्धालु स्नान के बाद भगवान विष्णु की भक्ति में लीन होकर पूजा करते हैं। मुख्य पूजन में आमलकी आंवला का फल दान निवेद्य के रूप में चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ तुलसी दीप धूप और नारियल का भी प्रयोग किया जाता है।  धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से जीवन में शांति सौहार्द सुख समृद्धि और भक्ति भाव की प्राप्ति होती है। साथ ही इस व्रत से भगवान विष्णु के आशीर्वाद से मानसिक उन्नति भी होती है।

    धार्मिक एवं सांस्कृतिक संदर्भ

    वाराणसी में रंगभरी एकादशी को होली का शुभ शुभारंभ माना जाता है। मंदिरों एवं घाटों पर भक्त रंग गुलाल के साथ पूजा करते हैं और काशी में होली खेल के प्रचलन की शुरुआत इसी दिन से होती है।

  • T20 World Cup : भारत ने जिम्बाब्वे को 72 रन से हराया, अब वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘करो या मरो’ का मुकाबला

    T20 World Cup : भारत ने जिम्बाब्वे को 72 रन से हराया, अब वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘करो या मरो’ का मुकाबला


    चेन्नई।
    आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 (ICC T20 World Cup 2026) के सुपर-8 मुकाबले में भारत (India) ने जिम्बाब्वे (Zimbabwe) को 72 रन से हराकर टूर्नामेंट में दमदार वापसी की। एमए चिदंबरम स्टेडियम खेले गए इस मैच में भारत की जीत के साथ ही जिम्बाब्वे टूर्नामेंट से बाहर हो गया, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 184/6 तक ही पहुंच सकी।


    अर्शदीप का घातक स्पेल

    तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने 4 ओवर में 24 रन देकर 3 विकेट झटके और जिम्बाब्वे की पारी की कमर तोड़ दी। उन्होंने सिकंदर रज़ा, रयान बर्ल और टोनी मुन्योंगा को आउट कर मैच भारत की झोली में डाल दिया।


    ब्रायन बेनेट की जुझारू पारी

    जिम्बाब्वे के लिए ब्रायन बेनेट ने 59 गेंदों में नाबाद 97 रन बनाकर संघर्ष किया। उनकी पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल थे। हालांकि, वह शतक से तीन रन दूर रह गए। भारत की ओर से स्थानीय खिलाड़ी वरुण चक्रवर्ती ने भी कसी हुई गेंदबाजी की, जबकि अक्षर पटेल ने तादिवानाशे मारुमानी का अहम विकेट लिया।

    बल्लेबाजी में भी दम

    संजू सैमसन को इस बार प्लेइंग इलेवन में मौका मिला था, जो 24 रन बनाकर आउट हो गए। संजू ने लगातार फ्लॉप चल रहे अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 22 गेंदों पर 48 रन जोड़े। इसके बाद अभिषेक शर्मा (55 रन) ने ईशान किशन के साथ न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि तेजी से रन भी बटोरे। दोनों के बीच अगले 7 ओवर में 72 रन की साझेदारी हुई। ईशान किशन ने 38 रन की पारी खेली।

    कप्तान सूर्यकुमार ने भी अच्छे हाथ दिखाए और 3 चौके और 2 छक्कों की मददसे 13 गेंदों में 33 रन जड़ दिए। हालांकि मैच का आनंद तब आया जब हार्दिक पंड्या (23 गेंदों पर 50 रन) और तिलक वर्मा (16 गेंद में 44 रन) 31 गेंदों पर 84 रन जोड़ डाले। इस बल्लेबाजी वर्चस्व से भारत ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा और टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर भी बनाया।

    अब वेस्टइंडीज से निर्णायक भिड़ंत
    इस जीत से भारत का नेट रन रेट बेहतर हुआ और टीम की अभियान पटरी पर लौट आया। अब 1 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला ‘वर्चुअल नॉकआउट’ होगा। इस मैच का विजेता सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ाएगा। भारत के लिए जीत का अंतर भले ही बड़ा रहा हो, लेकिन गेंदबाजी संयोजन में सुधार की जरूरत स्पष्ट दिखी। वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मुकाबले से पहले टीम प्रबंधन इन पहलुओं पर खास ध्यान देगा।

  • इंदौर में जहरीली गैस के रिसाव के बाद लोगों सांस लेने में हुई परेशानी, घरों से निकले बाहर

    इंदौर में जहरीली गैस के रिसाव के बाद लोगों सांस लेने में हुई परेशानी, घरों से निकले बाहर


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र में गुरुवार रात जहरीली गैस के रिसाव से इलाके में हड़कंप मच गया। गैस के असर से कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके बाद लोग घरों से बाहर निकल आए।

    बताया जा रहा है कि एक कबाड़ी की दुकान पर गैस से भरा सिलेंडर लाया गया था। कबाड़ी सिलेंडर को काट रहा था, उसी दौरान उसमें भरी गैस रिसने लगी। गैस फैलते ही आसपास के लोगों को घबराहट और सांस लेने में परेशानी होने लगी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कबाड़ी को हिरासत में ले लिया। दमकल विभाग की टीम ने सिलेंडर को अपने कब्जे में लेकर मौके से हटाया। क्षेत्र में पानी का छिड़काव भी किया गया, जिसके बाद हालात कुछ हद तक काबू में आए।

    जहरीली गैस रिसाव से सांस लेने में तकलीफ होने के बाद दो महिलाओं समेत पांच लोगों को एहतियातन अस्पताल भेजा गया। प्रशासन के मुताबिक सभी की हालत स्थिर है और कोई भी गंभीर नहीं है। सीएमएचओ डॉक्टर माधव हसनी ने बताया कि पांचों की हालत ठीक है।

    डीसीपी आनंद कालादगी ने बताया कि ककतपुरा पुल के नीचे शहजाद नाम के एक कबाड़ी द्वारा सिलेंडर काटा जा रहा था। इसी दौरान उसमें से अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस फैलते ही आसपास मौजूद लोगों को घबराहट और सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगी। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति गंभीर रूप से प्रभावित नहीं हुआ है। सभी लोग सुरक्षित हैं। पुलिस ने कबाड़ी शहजाद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।

  • मध्य प्रदेश ने लगातार दूसरे वर्ष एसएटीटीई 2026 में जीता ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म’ अवॉर्ड

    मध्य प्रदेश ने लगातार दूसरे वर्ष एसएटीटीई 2026 में जीता ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म’ अवॉर्ड


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश को दक्षिण एशिया के प्रमुख ट्रैवल एवं टूरिज्म प्रदर्शनी एसएटीटीई 2026 में प्रतिष्ठित “बेस्ट स्टेट टूरिज्म” अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। लगातार दूसरे वर्ष यह सम्मान प्राप्त कर राज्य ने भारत के प्रमुख और पसंदीदा पर्यटन स्थलों में अपनी मजबूत पहचान को और सुदृढ़ किया है।

    नई दिल्ली में गुरुवार को आयोजित एसएटीटीई अवॉर्ड्स समारोह के दौरान यह पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसे मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने प्राप्त किया। विजेताओं का चयन प्रतिष्ठित विशेषज्ञों और उद्योग जगत के वरिष्ठ नेताओं की जूरी द्वारा किया गया।

    पर्यटन सचिव एवं मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने बताया कि एसएटीटीई 2026 में लगातार दूसरे वर्ष ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म’ अवॉर्ड मिलना मध्य प्रदेश के पर्यटन इको सिस्टम को मजबूत करने के हमारे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ सतत, जिम्मेदार और अनुभव-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये सरकार निरंतर प्रयासरत है। बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, पर्यटक सुविधाओं और नवाचारपूर्ण पहलों में लगातार सुधार ने मध्य प्रदेश को विरासत, वन्यजीव, आध्यात्मिक और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में अग्रणी गंतव्य बना दिया है।

    प्रबंध संचालक डॉ. इलैया ने कहा कि मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड राज्य की विविधता को व्यापक रूप से प्रस्तुत कर रहा है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों जैसे खजुराहो समूह स्मारक, सांची स्तूप और भीमबेटका रॉक शेल्टर्स से लेकर प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व, पवित्र आध्यात्मिक केंद्र जैसे उज्जैन और ओंकारेश्वर, जीवंत जनजातीय एवं लोक परंपराएं, ग्रामीण पर्यटन अनुभव, एडवेंचर सर्किट और उभरते हुए अनुभवात्मक गंतव्य तक सतत विकास, सामुदायिक भागीदारी और बेहतर पर्यटक अनुभव पर विशेष ध्यान देते हुए मध्यप्रदेश एक ऐसे गंतव्य के रूप में विकसित हो रहा है, जो देश और दुनिया भर के यात्रियों को गहराई, प्रामाणिकता और वर्षभर आकर्षण प्रदान करता है।

    उन्होंने कहा कि एसएटीटीई 2026 में मिला यह सम्मान इस बात की पुष्टि करता है कि मध्य प्रदेश घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के पर्यटकों को आकर्षित करने में सफल रहा है और भारत में एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में अपनी स्थिति को निरंतर मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।